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                <title>Agriculture Minister - Amrit Vichar</title>
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                <description>Agriculture Minister RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>31 मार्च तक फसलों का नुकसान सर्वे करो पूरा, वरना होगी सख्त कार्रवाई! कृषि मंत्री का बीमा कंपनियों को अल्टीमेटम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि हाल ही में हुई बेमौसम बारिश, आंधी और प्रतिकूल मौसम से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बीमा कंपनियों को कड़े निर्देश दिए कि वे आगामी 31 मार्च तक प्रभावित जिलों में मौके पर जाकर सर्वे का कार्य हर हाल में पूरा कर लें। इस मामले में ढिलाई बरतने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p><p>कृषि मंत्री ने मंगलवार को विधान भवन स्थित अपने कार्यालय में बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने बताया कि अप्रैल के पहले सप्ताह में बीमा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576361/complete-the-crop-damage-survey-by-march-31st--or-strict-action-will-be-taken--agriculture-minister-issues-ultimatum-to-insurance-companies"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(10)11.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि हाल ही में हुई बेमौसम बारिश, आंधी और प्रतिकूल मौसम से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बीमा कंपनियों को कड़े निर्देश दिए कि वे आगामी 31 मार्च तक प्रभावित जिलों में मौके पर जाकर सर्वे का कार्य हर हाल में पूरा कर लें। इस मामले में ढिलाई बरतने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p><p>कृषि मंत्री ने मंगलवार को विधान भवन स्थित अपने कार्यालय में बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने बताया कि अप्रैल के पहले सप्ताह में बीमा कंपनियों द्वारा किए गए सर्वे की समीक्षा की जाएगी, जिससे वास्तविक क्षति का आंकलन कर पीड़ित किसानों को राहत पहुंचाई जा सके।</p><p>उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अभी तक प्रदेश के 67.52 लाख किसानों को 5,660.33 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान की जा चुकी है। खरीफ 2025 में 20.68 लाख किसानों का बीमा किया गया है, जिसके तहत 5.39 लाख किसानों को 532.17 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति वितरित की गई है। इसी प्रकार रबी 2025-26 के लिए अब तक 18.78 लाख किसानों का बीमा किया जा चुका हैं। इस दौरान कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी, एमडी बीज निगम टीएम त्रिपाठी, निदेशक सांख्यिकी सुमिता सिंह तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।<br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 09:21:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों की मौसम जानकारी पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं: कृषि मंत्री ने स्काईमेट कंपनी को दी कड़ी फटकार, सिस्टम समय पर न लगने पर ब्लैक लिस्टेड करने की दी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span></strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार: </strong>किसानों को मौसम की सटीक जानकारी देने के लिए वेदर सिस्टम लगाने को अधिकृत की गई वेंडर कंपनी स्काईमेट वेदर सर्विसेज की लापरवाही पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही का पारा चढ़ गया। उन्होंने कंपनी के प्रतिनिधि को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में वेदर सिस्टम लगाने का कार्य पूरा नहीं किया तो कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने के साथ ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।</span></p><p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">प्रदेश के कृषि मंत्री सोमवार को विधानसभा कार्यालय में वेदर इंफॉर्मेशन एंड नेटवर्क डेटा सिस्टम (विंड्स) के तहत लगाए जा रहे स्काईमेट वेदर यंत्रों की समीक्षा</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575372/negligence-in-providing-weather-information-to-farmers-will-not-be-tolerated--agriculture-minister-reprimands-skymet--warns-of-blacklisting-if-system-is-not-installed-on-time"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(6)7.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span></strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार: </strong>किसानों को मौसम की सटीक जानकारी देने के लिए वेदर सिस्टम लगाने को अधिकृत की गई वेंडर कंपनी स्काईमेट वेदर सर्विसेज की लापरवाही पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही का पारा चढ़ गया। उन्होंने कंपनी के प्रतिनिधि को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में वेदर सिस्टम लगाने का कार्य पूरा नहीं किया तो कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने के साथ ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।</span></p><p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">प्रदेश के कृषि मंत्री सोमवार को विधानसभा कार्यालय में वेदर इंफॉर्मेशन एंड नेटवर्क डेटा सिस्टम (विंड्स) के तहत लगाए जा रहे स्काईमेट वेदर यंत्रों की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान कंपनी की काफी लापरवाही पाई गई। कृषि मंत्री ने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जिसका मुख्य उद्देश्य ब्लॉक स्तर पर ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन और ग्राम पंचायत स्तर पर ऑटोमैटिक रेन गेज की स्थापना करना है। इसके माध्यम से प्राप्त मौसम के सटीक आंकड़ों को केन्द्र सरकार के फसल बीमा पोर्टल से इंटीग्रेट किया जाना है। जिससे आपदा की स्थिति में किसानों को फसल क्षतिपूर्ति का भुगतान समय से किया जा सके।</span></p><p style="text-align:justify;"><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि प्रदेश में विंड्स कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 826 ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन और 57,702 ऑटोमैटिक रेन गेज सिस्टम की स्थापित किए जाने का लक्ष्य है। 2025-26 के लिए इस योजना के लिए 60 करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के विकास खंडों और ग्राम संभाओं के पंचायत भवनों में उपकरणों की स्थापना का कार्य युद्धस्तर पर पूरा किया जाए।</span></span><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 09:43:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों को मिली बड़ी राहतः फसल की 33% नुकसान पर भी मिलेगी पूरी राहत, पशु मौत पर 33,500 तक मदद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>केंद्र सरकार ने आपदा की स्थिति में किसानों को राहत देने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब 50 प्रतिशत के बजाय 33 प्रतिशत के नुकसान पर ही किसानों को राहत दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, यदि किसी किसान या उनके पशुओं की दुर्भाग्यवश कुछ तरह की आपदाओं में मृत्यु होती है, तो उस पर भी राहत देने की व्यवस्था की गई है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में एक पूरक प्रश्न के उत्तर में खाद्यान्न पैदावार में वृद्धि के लिए किसानों की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद देश में फसलों की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/562900/-span-class-%22t-red%22-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A4%83---span-%E0%A4%AB%E0%A4%B8%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%80-33--%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4--%E0%A4%AA%E0%A4%B6%E0%A5%81-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%A4-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-33-500-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%AE%E0%A4%A6%E0%A4%A6"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/muskan-dixit-(26)6.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>केंद्र सरकार ने आपदा की स्थिति में किसानों को राहत देने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब 50 प्रतिशत के बजाय 33 प्रतिशत के नुकसान पर ही किसानों को राहत दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, यदि किसी किसान या उनके पशुओं की दुर्भाग्यवश कुछ तरह की आपदाओं में मृत्यु होती है, तो उस पर भी राहत देने की व्यवस्था की गई है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में एक पूरक प्रश्न के उत्तर में खाद्यान्न पैदावार में वृद्धि के लिए किसानों की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद देश में फसलों की पैदावार पहले की तुलना में बहुत अधिक हुई है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित किसानों को सभी राज्यों में आवश्यक सुविधाएं दी जा रही हैं और केंद्र से राहत पैकेज दिए जा रहे हैं, ताकि राज्य सरकारें अपने यहाँ किसानों को पर्याप्त सहायता राशि दे सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले प्राकृतिक आपदा के संदर्भ में 50 प्रतिशत नुकसान पर ही राहत दी जाती थी, लेकिन अब सरकार ने यह व्यवस्था 33 प्रतिशत नुकसान पर राहत देने की कर दी है। </p>
<p>उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति की आपदा में मृत्यु होती है तो चार लाख रुपये की राशि दी जाती है। वहीं, यदि बैल या भैंस मारे जाते हैं तो 33 हज़ार 500 रुपये और मुर्गे आदि की मृत्यु होने पर भी राहत देने की व्यवस्था सरकार ने की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकारें इन योजनाओं को लागू करती हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि फ़सलों को होने वाले नुकसान का आकलन सरकार करती है और किसानों को राहत देती है। उन्होंने महाराष्ट्र में किसानों को राहत देने संबंधी एक सवाल पर कहा कि वहाँ भी फ़सलों के नुकसान का आकलन हो रहा है और उसके बाद राहत की व्यवस्था कर दी जाएगी।</p>
<p>चौहान ने किसानों की फ़सल को कीटनाशकों से नुकसान होने पर सरकार की सतर्कता दोहराई और कहा कि ऐसी कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि जंगली जानवरों से भी किसान को नुकसान होता है, तो प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना के तहत किसान के नुकसान की भरपाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Dec 2025 12:01:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीज प्रमाणीकरण न कराने वाले FPO से होगी अनुदान की वसूली, कृषि मंत्री ने लापरवाह अधिकारियों को लगाई फटकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>राज्य सरकार की जानकारी में आया है कि 24 कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) ने अब तक 80,960 क्विंटल बीज का उत्पादन और उसका विक्रय उप्र. बीज विकास निगम को कर दिया है। लेकिन तमाम ऐसे भी हैं, जो आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन नहीं कर रहे हैं, और साथ ही उन्हें सख्त निर्देश भी दिए गए।</p>
<p>इसी कड़ी में 27 एफपीओ ऐसे भी सामने आए, जिनके द्वारा अभी तक बीज प्रमाणीकरण संस्था में अपना पंजीकरण नहीं कराया गया है। कृषि मंत्री ने इसका संज्ञान लेते हुए इन एफपीओ को चेतावनी दी कि पंजीकरण न कराने की स्थिति में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/562877/subsidies-will-be-recovered-from-fpos-that-fail-to-conduct-seed-certification--the-agriculture-minister-also-reprimanded-officials-for-negligence"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/muskan-dixit-(13)7.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>राज्य सरकार की जानकारी में आया है कि 24 कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) ने अब तक 80,960 क्विंटल बीज का उत्पादन और उसका विक्रय उप्र. बीज विकास निगम को कर दिया है। लेकिन तमाम ऐसे भी हैं, जो आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन नहीं कर रहे हैं, और साथ ही उन्हें सख्त निर्देश भी दिए गए।</p>
<p>इसी कड़ी में 27 एफपीओ ऐसे भी सामने आए, जिनके द्वारा अभी तक बीज प्रमाणीकरण संस्था में अपना पंजीकरण नहीं कराया गया है। कृषि मंत्री ने इसका संज्ञान लेते हुए इन एफपीओ को चेतावनी दी कि पंजीकरण न कराने की स्थिति में सरकार द्वारा दिए गए अनुदान की वसूली की जाएगी। इसके अतिरिक्त, यह भी पाया गया कि 32 एफपीओ के उत्पादित बीज अब तक उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम द्वारा क्रय नहीं किए गए हैं, जिस पर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।</p>
<p>कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि एफपीओ केवल गेहूं और धान ही नहीं, बल्कि ढैंचा के बीज को भी नियामानुसार प्रमाणित कर उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम को विक्रय करेंगे, ताकि राज्य में प्रमाणित बीज की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने संबंधित योजना अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि कृषि उत्पादक संगठनों को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने किए जाने वाले आवश्यक कार्यों के प्रति किसी भी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सोमवार को कृषि निदेशालय सभागार में दृष्टि योजनान्तर्गत स्थापित 100 कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के कार्यों की समीक्षा करते हुए यह हिदायतें दी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Dec 2025 10:58:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसान पाठशालाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें किसान, सूर्य प्रताप शाही ने की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[जनप्रतिनिधियों और एफपीओ सदस्यों की रहेगी अनिवार्य सहभागिता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/562634/surya-pratap-shahi-appealed-to-farmers-to-participate-enthusiastically-in-kisan-pathshalas"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/muskan-dixit-(33)4.png" alt=""></a><br /><p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span></strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार :</strong> प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि किसानों को कृषि क्षेत्र में हो रहे नवीन नवाचारों को अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसके लिए उन्होंने रबी सत्र 2025-26 के लिए आयोजित होने वाली किसान पाठशालाओं में किसानों से अधिकाधिक भागीदारी करने की अपील की है।</span></p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">कृषि मंत्री ने बताया कि विभाग द्वारा रबी सत्र 2025-26 के तहत ग्राम पंचायत स्तरीय गोष्ठियों एवं किसान पाठशालाओं के आयोजन के लिए समस्त जिला उप कृषि निदेशकों को निर्देश जारी किए गए हैं। यह कार्यक्रम गत वर्ष की भांति योजनाओं के कन्वर्जेंस मॉडल पर आधारित होगा, जिसमें आरकेवीवाई (द मिलियन फार्मर्स स्कूल), दलहन विकास की नवीन योजना तथा तिलहन विकास की राज्य पोषित योजना का प्रभावी उपयोग किया जाएगा।</span></p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद जिला स्तरीय ट्रेनर्स प्रशिक्षण 9 से 10 दिसंबर के बीच आयोजित किया जाएगा। ट्रेनर्स का मूल्यांकन 11 दिसंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा किया जाएगा।</span></p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर दो दिवसीय किसान पाठशालाओं की शुरुआत 12 दिसंबर से 29 दिसंबर तक प्रतिदिन दोपहर में किया जाएगा। इसके लिए पैक्स सोसायटी, किसान कल्याण केंद्र, कृषि विज्ञान केंद्र एवं प्राथमिक विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत में 80 से 100 किसानों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि गोष्ठियों में स्थानीय परिस्थितियों एवं एग्रीक्लाइमेटिक जोन के अनुसार, प्रमुख विषयों के साथ दलहन, तिलहन, जायद, मक्का, उर्द, बाजरा एवं मूंग जैसी फसलों पर भी जागरूकता बढ़ाई जाएगी। कार्यक्रम में प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी, और विजेताओं को प्रति पाठशाला 500 रुपये की अनुमन्य धनराशि से जैव कीटनाशी, कवकनाशी एवं सब्जियों के बीज प्रदान किए जाएंगे।</span></p>
<p> </p>
<p><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">कार्यक्रम के उपरांत फोटोग्राफ्स, कृषकों की उपस्थिति तथा उद्बोधन देने वाले कृषकों का विवरण विभागीय पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाएगा, जिसके आधार पर वास्तविक प्रगति की समीक्षा की जाएगी। समापन के बाद प्रतिभागियों की सूचना निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध करानी होगी।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/562634/surya-pratap-shahi-appealed-to-farmers-to-participate-enthusiastically-in-kisan-pathshalas</link>
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                <pubDate>Sun, 07 Dec 2025 11:18:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों को अनुदानित दरों पर बीज दे रही सरकार, कृषि मंत्री ने की 30 तक खरीद की अपील </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>बीज विक्रय केंद्रों पर बुवाई के लिए बीज न मिलने की शिकायतों को खारिज करते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज अनुदानित दरों पर उपलब्ध करा रही है, ताकि गेहूं, चना, मसूर, मटर और सरसों जैसी प्रमुख फसलों की पैदावार बढ़ाई जा सके।</p>
<p>कृषि मंत्री शाही ने शनिवार को बीज उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश के सभी जिलों में प्रमाणित बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और किसी भी किसान को बीज के लिए इधर-उधर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/560856/the-government-is-providing-seeds-to-farmers-at-subsidized-rates--and-the-agriculture-minister-has-appealed-for-purchases-by-the-30th"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/muskan-dixit-(14)16.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>बीज विक्रय केंद्रों पर बुवाई के लिए बीज न मिलने की शिकायतों को खारिज करते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज अनुदानित दरों पर उपलब्ध करा रही है, ताकि गेहूं, चना, मसूर, मटर और सरसों जैसी प्रमुख फसलों की पैदावार बढ़ाई जा सके।</p>
<p>कृषि मंत्री शाही ने शनिवार को बीज उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश के सभी जिलों में प्रमाणित बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और किसी भी किसान को बीज के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े। इसके लिए कृषि विभाग लगातार निगरानी कर रहा है, जिससे प्रत्येक किसान तक समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज पहुंच सके। अन्नदाताओं से अपील करते हुए सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि किसान 30 नवंबर से पहले अपने नजदीकी बीज बिक्री केंद्रों से अनुदानित दरों पर प्रमाणित बीज प्राप्त कर बुवाई का कार्य पूरा करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Nov 2025 09:56:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीते वर्ष के मुकाबले 1.13 लाख मी. टन खाद ज्यादा उपलब्ध, कृषि मंत्री ने समय रहते किसानों तक खाद पहुंचाने की दी हिदायत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सोमवार को कृषि भवन के सभागार में विभागीय योजनाओं की वित्तीय और भौतिक प्रगति की समीक्षा की। साथ ही उन्होंने खाद की उपलब्धता व डिलॉइट के प्रतिनिधियों के साथ सीड पार्क और सीड पॉलिसी की भी समीक्षा की।</p>
<p>उन्होंने कहा कि रबी 2025-26 सीजन के लिए प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। एमएफएमएस पोर्टल के अनुसार 26 अक्टूबर 2025 तक कुल 32.68 लाख मीट्रिक टन उर्वरक प्राप्त हो चुका है, जिनमें से 7.36 लाख मीट्रिक टन की बिक्री की जा चुकी है। इस प्रकार राज्य में 25.32</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/557659/1-13-lakh-metric-tonnes-of-fertilizer-available-compared-to-last-year--agriculture-minister-instructed-to-ensure-timely-delivery-of-fertilizer-to-farmers"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/muskan-dixit-(4)22.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सोमवार को कृषि भवन के सभागार में विभागीय योजनाओं की वित्तीय और भौतिक प्रगति की समीक्षा की। साथ ही उन्होंने खाद की उपलब्धता व डिलॉइट के प्रतिनिधियों के साथ सीड पार्क और सीड पॉलिसी की भी समीक्षा की।</p>
<p>उन्होंने कहा कि रबी 2025-26 सीजन के लिए प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। एमएफएमएस पोर्टल के अनुसार 26 अक्टूबर 2025 तक कुल 32.68 लाख मीट्रिक टन उर्वरक प्राप्त हो चुका है, जिनमें से 7.36 लाख मीट्रिक टन की बिक्री की जा चुकी है। इस प्रकार राज्य में 25.32 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का स्टॉक किसानों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए उपलब्ध है। जो गत वर्ष की इसी अवधि में उपलब्ध 24.19 लाख मीट्रिक टन के सापेक्ष 1.13 लाख मीट्रिक टन अधिक है।</p>
<p>बैठक के दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बीज, खाद, कृषि यंत्र सहित अन्य सभी सुविधाएं किसानों तक समय पर पहुंचाई जायें। इस दौरान कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने कहा कि अधिकारियों को इस बात का खास ध्यान रखना होगा कि किसानों को सुविधा मिलने में एक दिन की देरी भी प्रदेश के कृषि उत्पादन और उत्पादकता में बहुत बड़ी कमी ला देता है।</p>
<p>प्रमुख सचिव कृषि रवींद्र ने कहा कि खेती और किसान सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए योजना अधिकारी किसान हित में आवंटित बजट को समय पर खर्च करना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या का त्वरित समाधान किया जाना भी आवश्यक है।</p>
<p>बैठक में सचिव कृषि इन्द्र विक्रम सिंह, विशेष सचिव ओपी वर्मा, निदेशक कृषि पंकज त्रिपाठी, उत्तर प्रदेश बीज निगम के निदेशक पीयूष शर्मा, उप्र. बीज प्रमाणीकरण के निदेशक टीपी चौधरी, निदेशक सांख्यिकी सुमिता सिंह सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/557658/a-new-voter-list-will-be-prepared-in-uttar-pradesh--following-the-example-of-bihar--eligible-citizens-will-be-included--while-ineligible-ones-will-be-excluded">बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी बनेगी नई वोटर लिस्ट... पात्र नागरिकों के नाम होंगे शामिल, अपात्र होंगे बाहर</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/557659/1-13-lakh-metric-tonnes-of-fertilizer-available-compared-to-last-year--agriculture-minister-instructed-to-ensure-timely-delivery-of-fertilizer-to-farmers</link>
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                <pubDate>Tue, 28 Oct 2025 08:57:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Ravi Naik: गोवा के मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री रवि नाइक का निधन, पीएम मोदी समेत तमाम नेताओं ने अर्पित की श्रद्धांजलि </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पणजी। </strong>गोवा के कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री रवि नाइक का मंगलवार देर रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि 79 वर्षीय नाइक को उनके गृहनगर पोंडा में दिल का दौरा पड़ा था। नाइक का गृहनगर पणजी से 30 किलोमीटर दूर है। उन्हें पोंडा शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर रात करीब एक बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उनके परिवार में पत्नी, दो बच्चे, एक बहू और तीन पोते-पोतियां हैं। उनका अंतिम संस्कार बुधवार अपराह्न तीन बजे किया जाएगा। नाइक का पार्थिव शरीर पोंडा के खड़पाबांध</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/556240/goa-minister-and-former-chief-minister-ravi-naik-passes-away"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/muskan-dixit-(45)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>पणजी। </strong>गोवा के कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री रवि नाइक का मंगलवार देर रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि 79 वर्षीय नाइक को उनके गृहनगर पोंडा में दिल का दौरा पड़ा था। नाइक का गृहनगर पणजी से 30 किलोमीटर दूर है। उन्हें पोंडा शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर रात करीब एक बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उनके परिवार में पत्नी, दो बच्चे, एक बहू और तीन पोते-पोतियां हैं। उनका अंतिम संस्कार बुधवार अपराह्न तीन बजे किया जाएगा। नाइक का पार्थिव शरीर पोंडा के खड़पाबांध स्थित उनके आवास पर लाया गया, जहां हजारों लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्रित हुए। </p>
<p>पीएम मोदी ने भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि गोवा सरकार में मंत्री श्री रवि नाइक जी के निधन से दुःख हुआ। उन्हें एक अनुभवी प्रशासक और समर्पित लोक सेवक के रूप में याद किया जाएगा जिन्होंने गोवा के विकास पथ को समृद्ध बनाया। वे विशेष रूप से वंचितों और हाशिए पर पड़े लोगों को सशक्त बनाने के लिए तत्पर थे। इस दुःख की घड़ी में मेरी संवेदनाएँ उनके परिवार और समर्थकों के साथ हैं। ॐ शांति।</p>
<p>नाइक को श्रद्धांजलि देते हुए गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि उनके नेतृत्व, विनम्रता और जन कल्याण में योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। सावंत ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘हमारे वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री रवि नाइक जी के निधन से गहरा दुख हुआ। गोवा की राजनीति के एक दिग्गज, मुख्यमंत्री और प्रमुख विभागों के मंत्री के रूप में उनकी दशकों की समर्पित सेवा ने राज्य के शासन और लोगों पर एक अमिट छाप छोड़ी है।’’ </p>
<p>उन्होंने लिखा, ‘‘उनके नेतृत्व, विनम्रता और जन कल्याण में योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। दुख की इस घड़ी में उनके परिवार, मित्रों और समर्थकों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। ओम शांति।’’</p>
<p>नाइक महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी), कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सहित कई दलों के उम्मीदवार के रूप में सात बार (छह बार पोंडा विधानसभा क्षेत्र से और एक बार मरकाइम विधानसभा क्षेत्र से) विधायक रहे। वह पहली बार 1984 में एमजीपी के टिकट पर पोंडा विधानसभा क्षेत्र से राज्य विधानसभा के लिए चुने गए और 1989 में उन्होंने मरकाइम विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा। नाइक 1999, 2002, 2007 और 2017 में कांग्रेस के टिकट पर और 2022 में भाजपा के टिकट पर पोंडा विधानसभा क्षेत्र से लगातार निर्वाचित हुए। नाइक दो बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे। </p>
<p>पहली बार उन्होंने जनवरी 1991 से मई 1993 तक प्रगतिशील लोकतांत्रिक मोर्चे की गठबंधन सरकार का नेतृत्व किया। वह 1994 में गोवा के सबसे कम समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्री बने। उनका कार्यकाल उस वर्ष दो अप्रैल से आठ अप्रैल तक केवल छह दिनों का रहा। नाइक 1998 में उत्तरी गोवा से संसद सदस्य भी थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/556240/goa-minister-and-former-chief-minister-ravi-naik-passes-away</link>
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                <pubDate>Wed, 15 Oct 2025 08:35:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूरिया को एमआरपी से अधिक पर बेचा तो होगी कार्रवाई... 10 जिलों के होलसेलरों और कंपनियों प्रतिनिधियों से कृषि मंत्री की बात</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>कृषि मंत्री ने चेतावनी दी है कि यूरिया व अन्य उर्वरकों की बिक्री केवल भारत सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर ही की जाए। इससे अधिक मूल्य वसूलने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी क्योंकि यह न केवल लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन है बल्कि किसानों के हितों के विपरीत भी है।</p>
<p>कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सोमवार को कृषि निदेशालय, लखनऊ में महत्वपूर्ण बैठकें कर उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण की स्थिति की समीक्षा की। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की कमी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/554113/action-will-be-taken-if-urea-is-sold-above-the-mrp----agriculture-minister-speaks-to-wholesalers-and-company-representatives-from-10-districts"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/muskan-dixit-(6)17.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>कृषि मंत्री ने चेतावनी दी है कि यूरिया व अन्य उर्वरकों की बिक्री केवल भारत सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर ही की जाए। इससे अधिक मूल्य वसूलने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी क्योंकि यह न केवल लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन है बल्कि किसानों के हितों के विपरीत भी है।</p>
<p>कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सोमवार को कृषि निदेशालय, लखनऊ में महत्वपूर्ण बैठकें कर उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण की स्थिति की समीक्षा की। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कंपनियों को दिए गए आपूर्ति लक्ष्य समय से पूरे कराए जाएं और प्राथमिकता के आधार पर वितरण व्यवस्था को गति दी जाए।</p>
<p>इसके बाद कृषि मंत्री ने लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, अयोध्या, कानपुर नगर व कानपुर देहात जनपदों के होलसेलरों और उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। मंत्री शाही ने बैठक में एक-एक कर होलसेलरों से वार्ता की और उनकी समस्याओं को सुना। कई बिंदुओं का समाधान बैठक में ही अधिकारियों के माध्यम से कराया गया। उन्होंने संबंधित जिलों के कृषि अधिकारियों से भी फीडबैक लिया और वितरण व्यवस्था पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।</p>
<p>कृषि मंत्री ने निर्देश दिया कि कंपनियां समयबद्ध तरीके से किसानों तक उर्वरक पहुंचाएं। किसानों को कतार में खड़ा न होना पड़े, इसके लिए आपूर्ति व्यवस्था तेज और पारदर्शी बनाई जाए। कृषि अधिकारी जिला स्तर पर नियमित निरीक्षण करें। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को समय पर उचित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।</p>
<p>यह भी पढ़ेंः </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>रायबरेली</category>
                                            <category>हरदोई</category>
                                            <category>कानपुर देहात </category>
                                    

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                <guid>https://www.amritvichar.com/article/554113/action-will-be-taken-if-urea-is-sold-above-the-mrp----agriculture-minister-speaks-to-wholesalers-and-company-representatives-from-10-districts</guid>
                <pubDate>Tue, 23 Sep 2025 10:07:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP के लिए केंद्र से मंगाई गई 268 रैक यूरिया: कृषि मंत्री बोले, नहीं होगी उर्वरकों की कमी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> उर्वरक की किल्लत को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश के लिए केंद्र से 268 रैक यूरिया मंगाई है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्रदेश में उर्वरकों की कमी नहीं होने दी जाएगी। कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कृषि मंत्री ने कहा है कि किसानों को खरीफ सीजन की बुवाई और रोपाई के बाद फसल संस्तुति के अनुसार पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। राज्य सरकार लगातार केंद्र सरकार से संपर्क में है। बीते दिन तक केंद्र सरकार की ओर से 268 यूरिया उर्वरक रैक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/551276/268-racks-of-urea-ordered-from-the-centre-for-up--agriculture-minister-said--there-will-be-no-shortage-of-fertilizers"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/untitled-design-(8)18.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> उर्वरक की किल्लत को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश के लिए केंद्र से 268 रैक यूरिया मंगाई है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्रदेश में उर्वरकों की कमी नहीं होने दी जाएगी। कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कृषि मंत्री ने कहा है कि किसानों को खरीफ सीजन की बुवाई और रोपाई के बाद फसल संस्तुति के अनुसार पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। राज्य सरकार लगातार केंद्र सरकार से संपर्क में है। बीते दिन तक केंद्र सरकार की ओर से 268 यूरिया उर्वरक रैक भेजी गई है, जिनमें से 223 रैक प्राप्त हो चुकी है। </p>
<p style="text-align:justify;">शेष 45 रैक रास्ते में हैं, जो अगले तीन से चार दिन में उपलब्ध हो जाएंगी। कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों की दैनिक खपत के अनुरूप प्रतिदिन 10 से 12 रैक प्रदेश में भेजी जा रही हैं। इनमें अयोध्या, जौनपुर, गोंडा, प्रयागराज, बाराबंकी, रायबरेली, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, बलरामपुर, संत कबीरनगर, सुल्तानपुर, लखीमपुर खीरी, अमेठी, मिर्जापुर व वाराणसी समेत अन्य जिले शामिल हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;">कृषि क्षेत्र में हो रहा तेजी से विकास</h5>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश में कृषि क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। राज्य सरकार की ओर से सोमवार को इस सिलसिले में आंकड़े जारी किए गए। कहा गया है कि वर्ष 2016-17 में कृषि क्षेत्र की विकास दर 8.8 प्रतिशत थी, जबकि वर्ष 2024-25 में विकास दर 15.7 प्रतिशत हो गई है। प्रदेश के 161 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर वर्ष 2024-25 में कुल 737.20 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का उत्पादन हुआ जो राष्ट्रीय स्तर पर 20.89 प्रतिशत का योगदान है। </p>
<p style="text-align:justify;">इसी प्रकार प्रदेश मे कृषि फसलों के आच्छादन, उत्पादन व उत्पादकता में भी अद्वितीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2016-17 में चावल का उत्पादन 144.70 लाख मीट्रक टन से बढ़कर अब वर्ष 2024-25 में कुल 212.25 मीट्रिक टन हुआ है। वर्ष 2016-17 में गेहूं का उत्पादन 349.71 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर अब वर्ष 2024-25 में कुल 414.39 मीट्रिक टन, वर्ष 2016-17 में दलहन का उत्पादन 23.90 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर अब कुल 36.30 लाख मीट्रिक टन व तिलहन का उत्पादन 12.40 लाख मीट्रिक टन से बढ़ कर अब वर्ष 2024-25 में कुल 30.80 मीट्रिक टन हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/551271/direct-scan-and-payment--farmers--smart-phones-will-stop-black-marketing-and-over-rating">सीधे स्कैन और भुगतान! किसानों के स्मार्ट फोन से रोकेंगे कालाबाजारी और ओवर रेटिंग</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Special Articles</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/551276/268-racks-of-urea-ordered-from-the-centre-for-up--agriculture-minister-said--there-will-be-no-shortage-of-fertilizers</link>
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                <pubDate>Tue, 26 Aug 2025 12:32:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों को अनुदान पर मिलेगा 10 लाख कुन्तल गेहूं और राई, सरसों व मसूर के बीज मुफ्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने विशेष कदम उठाए हैं। इस सत्र में किसानों को 10 लाख कुन्तल गेहूं बीज अनुदान पर दिया जाएगा। गन्ना उत्पादक किसानों को शीतकालीन गन्ने के साथ सहफसली खेती के लिए 7080 कुन्तल राई और सरसों तथा 12500 कुन्तल मसूर के बीज निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा 6.50 लाख दलहनी और तिलहनी बीज मिनीकिट तथा भारत सरकार के सहयोग से 5.41 लाख दलहनी बीज मिनीकिट भी निःशुल्क वितरित किए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/550673/farmers-will-get-10-lakh-quintals-of-wheat-and-mustard"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/गेहूं-की-फसल.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने विशेष कदम उठाए हैं। इस सत्र में किसानों को 10 लाख कुन्तल गेहूं बीज अनुदान पर दिया जाएगा। गन्ना उत्पादक किसानों को शीतकालीन गन्ने के साथ सहफसली खेती के लिए 7080 कुन्तल राई और सरसों तथा 12500 कुन्तल मसूर के बीज निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा 6.50 लाख दलहनी और तिलहनी बीज मिनीकिट तथा भारत सरकार के सहयोग से 5.41 लाख दलहनी बीज मिनीकिट भी निःशुल्क वितरित किए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ई-लॉटरी प्रणाली अपनाई जाएगी, जिससे वास्तविक किसानों को ही लाभ मिल सके। इसके लिए किसानों को पहले से पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। तोरिया बीज मिनीकिट के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 अगस्त तय की गई है। इसके बाद 1 सितम्बर से अन्य फसलों के बीज मिनीकिट के लिए पंजीकरण प्रारंभ होगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः </strong><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/550628/ruckus-in-lok-sabha--amit-shah-introduced-the-constitution-amendment-bill--opposition-threw-papers-at-the-home-minister">लोकसभा में हंगामा: अमित शाह ने पेश किया संविधान संशोधन विधेयक, विपक्ष ने गृह मंत्री पर फेंके कागज</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/550673/farmers-will-get-10-lakh-quintals-of-wheat-and-mustard</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/550673/farmers-will-get-10-lakh-quintals-of-wheat-and-mustard</guid>
                <pubDate>Wed, 20 Aug 2025 20:39:21 +0530</pubDate>
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                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-01/%E0%A4%97%E0%A5%87%E0%A4%B9%E0%A5%82%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AB%E0%A4%B8%E0%A4%B2.jpg"                         length="263484"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP News: प्रदेश में बारिश की कमी से चिंता, 29 जिलों में सूखे की आशंका, फसलों पर संकट; कृषि विभाग ने की सहायता की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचारः </strong>उत्तर प्रदेश के 29 जिलों में बारिश की कमी ने सूखे जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। खासकर पूर्वांचल के 13 जिले, जिनमें देवरिया सबसे अधिक प्रभावित है, इस स्थिति से जूझ रहे हैं। बारिश की कमी से खरीफ फसलों के उत्पादन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। इस स्थिति ने कृषि विभाग को चिंतित कर दिया है, जिसके चलते उसने सिंचाई और ऊर्जा विभाग से तत्काल सहायता मांगी है।  </p>
<h5><strong>खेती पर असर</strong></h5>
<p>प्रदेश में धान की नर्सरी 99% तैयार हो चुकी है, लेकिन खेतों में पानी की कमी की वजह से केवल 65 फीसदी रोपाई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/547160/up-news--concern-over-lack-of-rain-in-the-state--possibility-of-drought-in-29-districts--threat-to-crops--agriculture-department-demands-assistance"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/muskan-dixit-(25)6.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचारः </strong>उत्तर प्रदेश के 29 जिलों में बारिश की कमी ने सूखे जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। खासकर पूर्वांचल के 13 जिले, जिनमें देवरिया सबसे अधिक प्रभावित है, इस स्थिति से जूझ रहे हैं। बारिश की कमी से खरीफ फसलों के उत्पादन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। इस स्थिति ने कृषि विभाग को चिंतित कर दिया है, जिसके चलते उसने सिंचाई और ऊर्जा विभाग से तत्काल सहायता मांगी है।  </p>
<h5><strong>खेती पर असर</strong></h5>
<p>प्रदेश में धान की नर्सरी 99% तैयार हो चुकी है, लेकिन खेतों में पानी की कमी की वजह से केवल 65 फीसदी रोपाई हो पाई है। अन्य फसलों की स्थिति भी चिंताजनक है:  </p>
<p>- मक्का: 62 फीसदी  <br />- बाजरा: 32 फीसदी  <br />- अरहर: 52 फीसदी  <br />- मूंगफली: 31 फीसदी  <br />- तिल: 54 फीसदी  </p>
<p>जौनपुर के किसान जमुना प्रसाद बताते हैं कि बारिश की कमी होने से उनकी 10 बीघा जमीन में केवल 2 बीघा में ही धान की रोपाई हो पाई है। ट्रांसफार्मर खराब होने से भी परेशानी बढ़ गई है। आजमगढ़ के ढेमा गांव के किसान विश्व विजय सिंह का कहना है कि नहरों में पानी की कमी है। वहीं, देवरिया के मनीष सिंह बताते हैं कि उनके खेतों में धूल उड़ रही है और नहरों में पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे ज्यादातर खेत खाली पड़े हैं।  </p>
<h5><strong>प्रदेश में वर्षा की स्थिति</strong></h5>
<p>- 16 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश (120 फीसदी से ज्यादा)  <br />- 18 जिलों में सामान्य बारिश (80-120 फीसदी)  <br />- 12 जिलों में सामान्य से कम हुई बारिश (60-80 फीसदी)  <br />- 13 जिलों में बहुत कम हुई बारिश (40-60 फीसदी)  <br />- 16 जिलों में अत्यंत कम बारिश (40 फीसदी से कम)  </p>
<h5><strong>पूर्वांचल में बारिश की कमी</strong></h5>
<p>प्रदेश के 16 जिलों में 40 फीसदी से कम बारिश दर्ज की गई है, जिनमें 8 जिले पूर्वांचल के हैं। इन जिलों में सूखे जैसे हालात बन रहे हैं। यदि 31 जुलाई तक बारिश सामान्य स्तर तक नहीं पहुंची, तो इन जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।  </p>
<h5><strong>सबसे कम बारिश वाले जिले</strong></h5>
<p>- देवरिया: 6.5 फीसदी  <br />- गौतमबुद्ध नगर: 13.2 फीसदी  <br />- कुशीनगर: 20.4 फीसदी  <br />- शामली: 21.1 फीसदी  <br />- संत कबीरनगर: 23.2 फीसदी  </p>
<h5><strong>बुंदेलखंड में बेहतर स्थिति</strong></h5>
<p>बुंदेलखंड के कुछ जिलों में बारिश सामान्य से अधिक हुई है:  </p>
<p>- ललितपुर: 242 फीसदी  <br />- बांदा: 234 फीसदी  <br />- चित्रकूट: 201 फीसदी  <br />- हमीरपुर: 198 फीसदी  <br />- महोबा: 197 फीसदी  </p>
<h5><strong>वैज्ञानिकों की राय</strong></h5>
<p>मौसम विज्ञानी डॉ. अमर नाथ मिश्र के अनुसार, मानसून की गतिविधियां कमजोर हैं। इसके पीछे नमी की कमी और हवाओं की दिशा जैसे कई कारण हैं। जिन जिलों में 40 फीसदी से कम बारिश हुई है, वहां स्थिति सामान्य होने की संभावना कम है। हालांकि, अन्य जिलों में बारिश की स्थिति संतोषजनक है।  </p>
<h5><strong>किसानों के लिए राहत के प्रयास</strong></h5>
<p>कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि कम बारिश वाले क्षेत्रों में किसानों को राहत देने के लिए विभाग सक्रिय है। बाजरा जैसे कम पानी वाली फसलों के बीजों पर अनुदान की व्यवस्था की गई है। नहरों में नियमित पानी और बिजली की आपूर्ति के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं। 31 जुलाई तक स्थिति का आकलन कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।</p>
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                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बुलंदशहर</category>
                                            <category>देवरिया</category>
                                            <category>संत कबीर नगर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Jul 2025 08:44:16 +0530</pubDate>
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