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                <title>Meghalaya - Amrit Vichar</title>
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                <description>Meghalaya RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>21 जनवरी : पूर्वोत्तर राज्यों-मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा का स्थापना दिवस </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्लीः </strong>इतिहास में 21 जनवरी की तारीख बहुत सी घटनाओं के साथ दर्ज है। भारत के संघीय इतिहास में इस दिन का महत्व इसलिए भी है, क्योंकि इसी दिन मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा के रूप में तीन राज्यों का गठन हुआ था। पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा को अलग राज्य बने पांच दशक हो गए हैं। पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम 1971 के तहत मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा को 21 जनवरी 1972 को अलग राज्य का दर्जा दिया गया था। देश दुनिया के इतिहास में 21 जनवरी की महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-<strong> </strong></p>
<p><strong>1924 :</strong> ब्रिटेन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568500/january-21--foundation-day-of-north-eastern-states-%E2%80%93-manipur--meghalaya--tripura"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(40)11.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्लीः </strong>इतिहास में 21 जनवरी की तारीख बहुत सी घटनाओं के साथ दर्ज है। भारत के संघीय इतिहास में इस दिन का महत्व इसलिए भी है, क्योंकि इसी दिन मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा के रूप में तीन राज्यों का गठन हुआ था। पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा को अलग राज्य बने पांच दशक हो गए हैं। पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम 1971 के तहत मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा को 21 जनवरी 1972 को अलग राज्य का दर्जा दिया गया था। देश दुनिया के इतिहास में 21 जनवरी की महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-<strong> </strong></p>
<p><strong>1924 :</strong> ब्रिटेन में पहली बार लेबर पार्टी की सरकार बनी। पार्टी के नेता रैम्जे मैक्डोनाल्ड देश के प्रधानमंत्री बने।</p>
<p><strong>1924 :</strong> बोलशेविक क्रांति का नेतृत्व करने वाले और 1917 से 1924 के बीच सोवियत संघ के पहले प्रमुख व्लादिमीर लेनिन का निधन।</p>
<p><strong> 1945 :</strong> महान क्रांतिकारी रास बिहारी बोस का जापान के तोक्यो में निधन।</p>
<p><strong>1950 : </strong>तपेदिक से तीन साल की लंबी लड़ाई के बाद अंग्रेजी के चर्चित लेखक जॉर्ज ऑरवेल की मृत्यु।</p>
<p><strong>1958 :</strong> कॉपीराइट कानून प्रभाव में आया।</p>
<p><strong>1961 : </strong>महारानी एलिजाबेथ और ड्यूक ऑफ एडिनबरा नयी दिल्ली पहुंचे।</p>
<p><strong>1963 : </strong>हिंदी साहित्य के जाने-माने उपन्यासकार, कहानीकार, संपादक और पत्रकार शिवपूजन सहाय का निधन।</p>
<p><strong>1972 :</strong> मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा राज्य का गठन।</p>
<p><strong>1976 : </strong>फ्रांस और ब्रिटेन के आर्थिक सहयोग से तैयार सुपरसोनिक गति वाले वाणिज्यिक विमान कांकर्ड ने नियमित सेवा शुरू की। इसके बाद दुनिया में तेज रफ्तार विमानों के निर्माण की होड़ लग गई।</p>
<p><strong>1983 :</strong> प्रथम भारतीय एडमिरल आर डी कटारी का निधन।</p>
<p><strong>1996 : </strong>स्वायत्त फलस्तीन के पहले ऐतिहासिक आम चुनाव में फलस्तीनी मुक्ति संगठन के नेता यासर अराफात 85 प्रतिशत मत प्राप्त कर निर्वाचित।</p>
<p><strong>1</strong><strong>996 : </strong>इंडोनेशिया के सुमात्रा तट के पास यात्रियों से भरी नाव डूबने से लगभग 340 लोगों की मौत।</p>
<p><strong>2008 :</strong> भारत ने इजराइल के एक जासूसी सैटेलाइट का प्रक्षेपण कर इसे पोलर आर्बिट में सफलतापूर्वक स्थापित किया।<strong> </strong></p>
<p><strong>2009 :</strong> कर्नाटक के बीदर में वायुसेना के प्रशिक्षण विमान सूर्यकिरण के दुघर्टनाग्रस्त होने से एक पायलट की मौत।</p>
<p><strong>2024:</strong> यूक्रेन के एक बाजार में मिसाइल हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत। 2025: तुर्किये के 'स्की रिसॉर्ट' में होटल में आग लगने से 66 लोगों की मौत, 51 घायल।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>इतिहास</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 08:10:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मेघालय की मनोरम जयंतिया पहाड़ी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">मेघालय की राजधानी शिलांग से कोई 275 किलोमीटर दूर पश्चिम जयंतिया हिल्स जिले में बेहद ऊंची पहाड़ी पर विराजमान पर है शक्तिपीठ, जहां आम दिनों में तो सन्नाटा रहता है, लेकिन नवरात्र के दौरान यहां भक्तों का बड़ा सैलाब उमड़ता है और फिर रौनक देखते बनती है। पूजा-अर्चना, साधना, अराधना, भजन-कीर्तन और देवी मां के जयकारे के बीच बलि भी अर्पण की जाती है। चार दिन केले के पेड़ की पूजा कर उसे पास की नदी में विसर्जित कर दिया जाता है। वहां की सरकार सहयोग करती है। यहां आध्यात्मिक ऊर्जा महसूस की जा सकती है।--- शैलेश अवस्थी </p>
<h5 style="text-align:justify;">छह सौ</h5>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/561576/the-picturesque-jaintia-hills-of-meghalaya"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/untitled-design-(17)13.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मेघालय की राजधानी शिलांग से कोई 275 किलोमीटर दूर पश्चिम जयंतिया हिल्स जिले में बेहद ऊंची पहाड़ी पर विराजमान पर है शक्तिपीठ, जहां आम दिनों में तो सन्नाटा रहता है, लेकिन नवरात्र के दौरान यहां भक्तों का बड़ा सैलाब उमड़ता है और फिर रौनक देखते बनती है। पूजा-अर्चना, साधना, अराधना, भजन-कीर्तन और देवी मां के जयकारे के बीच बलि भी अर्पण की जाती है। चार दिन केले के पेड़ की पूजा कर उसे पास की नदी में विसर्जित कर दिया जाता है। वहां की सरकार सहयोग करती है। यहां आध्यात्मिक ऊर्जा महसूस की जा सकती है।--- शैलेश अवस्थी </p>
<h5 style="text-align:justify;">छह सौ साल पहले राजा ने बनवाया था मंदिर </h5>
<p style="text-align:justify;">पुजारी अनिल देशमुख के मुताबिक कोई छह सौ साल पहले यहां राजा धन मनिक का साम्राज्य था। कहा जाता है कि उन्हें सपने में देवी ने दर्शन दिया और बताया कि जयंतिया पहाड़ी पर वह विराजमान हैं, वहां भवन बनवा दें। राजा ने वहां भव्य दुर्गा मंदिर का निर्माण करवाया और पूजा-अर्चना शुरू हो गई। 1987 में केंद्र सरकार ने इसका जीर्णोद्धार करवाया। अथिति गृह, पेयजल और वहां तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क भी बनवाई। पहाड़ियों के बीच बने इस मंदिर के आसपास का दृश्य बेहद मनोरम है। हरियाली और झरने मनमोहक हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;">यहां गिरी थी देवी सती की बाईं जंघा</h5>
<p style="text-align:justify;">मान्यता है कि इस स्थान पर देवी सती की बाई जंघा गिरी थी। इसी कारण यह 51 शक्तिपीठ में से एक है। भगवान शंकर जब देवी सती का शव उठाकर ब्रह्मांड में दुखी होकर विचरण कर रहे थे, तो शव के अंग 51 स्थानों पर गिरे और वे स्थान शक्तिपीठ कहलाए। उनमें से एक यह भी है। अमूमन श्रद्धालु असम के गुहावटी में स्थित मां कामाख्या के दर्शन कर लौट जाते हैं, लेकिन इस शक्तिपीठ की जानकारी न होने से यहां तक नहीं पहुंच पाते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;">अखंड ज्योति, पूजा-अर्चना और बलि भी </h5>
<p style="text-align:justify;">इस मंदिर में नवरात्र में उत्सव के दौरान बलि भी दी जाती है और इसके लिए खासतौर पर स्थान बनाया गया है। भजन-कीर्तन, पूजा, साधना और भंडारा होता है। देवी को अर्पण करने के लिए शृंगार का सामान मिलता है। ताजे फूल तो अमूमन नवरात्र में मिलते हैं। यहां बंगाल और असम के श्रद्धालुओं का जमावड़ा खासतौर पर होता है। यहां देवी दुर्गा के अलावा हनुमान, राम और कृष्ण जी की भी प्रतिमाएं स्थापित हैं। बेहद शांत इस स्थान को ध्यान और अराधना के लिए खास माना जाता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">इस तरह पहुंच सकते हैं  </h5>
<p style="text-align:justify;">गुहावटी तक ट्रेन या हवाई जहाज तक पहुंच सकते हैं। फिर टैक्सी से 275 किलोमीटर दूर जयंतिया जिले में स्थित इस शक्तिपीठ तक पहुंचा जा सकता है। चाहें तो शिलांग ठहर कर वहां के नजारे देख सकते हैं और फिर वहां से चेरापूंजी भी जा सकते हैं। पहाड़ी तक पक्की सड़क है और वाहन वहां तक जाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>शब्द रंग</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Nov 2025 13:35:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मेघालय के उम्सनिंग बाजार में आईईडी बरामद, सुरक्षित रूप से किया गया निष्क्रिय</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>शिलांग। </strong>मेघालय में री-भोई जिले के उम्सनिंग बाजार में एक आईईडी बरामद किया गया और उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (एसपी) विवेकानंद सिंह ने बताया कि शनिवार शाम को बाजार में मेघालय ग्रामीण बैंक के सामने स्थित एक परिसर में संदिग्ध रूप से विस्फोटकों से भरा एक लावारिस बैग मिला। बम निरोधक दस्ते (बीडीडीएस) और के-9 टीम को बुलाया गया और उन्होंने जांच के बाद विस्फोटकों की मौजूदगी की पुष्टि की। बाद में बीडीडीएस टीम ने आईईडी को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया। </p>
<p>विवेकानंद सिंह ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/555861/ied-recovered-in-umsning-market--meghalaya--defused-safely"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/muskan-dixit-(14)8.png" alt=""></a><br /><p><strong>शिलांग। </strong>मेघालय में री-भोई जिले के उम्सनिंग बाजार में एक आईईडी बरामद किया गया और उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (एसपी) विवेकानंद सिंह ने बताया कि शनिवार शाम को बाजार में मेघालय ग्रामीण बैंक के सामने स्थित एक परिसर में संदिग्ध रूप से विस्फोटकों से भरा एक लावारिस बैग मिला। बम निरोधक दस्ते (बीडीडीएस) और के-9 टीम को बुलाया गया और उन्होंने जांच के बाद विस्फोटकों की मौजूदगी की पुष्टि की। बाद में बीडीडीएस टीम ने आईईडी को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया। </p>
<p>विवेकानंद सिंह ने कहा, ‘‘विश्लेषण करने पर पता चला कि आईईडी 4.7 किलोग्राम जिलेटिन, 10 डेटोनेटर और लोहे की लगभग 50 छड़ों के टुकड़ों का इस्तेमाल करके बनाया गया था।’’ </p>
<p>उन्होंने बताया कि मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार सभी आवश्यक सावधानियां बरतते हुए सभी सामग्रियों को मौके से जब्त कर लिया गया। इस दौरान किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। सिंह ने बताया कि एक संदिग्ध की पहचान हो गई है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Oct 2025 10:31:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रीय खेलों के लिए तैयारियां हुईं शुरू, संयुक्त मेजबानी के लिए पूर्वोत्तर के आठ राज्यों के प्रतिनिधियों ने की बैठक </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>शिलांग।</strong> केंद्र ने 39वें राष्ट्रीय खेलों के लिए एक अनूठा मॉडल प्रस्तावित किया है, जिसमें सभी आठ पूर्वोत्तर राज्यों को इस आयोजन की सह-मेजबानी करने के लिए कहा गया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शनिवार को शिलांग में खेल मंत्रियों, खेल सचिवों और राज्य ओलंपिक संघ के पदाधिकारियों की पहली क्षेत्रीय बैठक के दौरान इस प्रस्ताव को सर्वसम्मत समर्थन मिला। </p>
<p>मेघालय के खेल मंत्री शक्लियर वारजरी की अध्यक्षता और अरुणाचल प्रदेश के खेल मंत्री केंटो जिनी की सह-अध्यक्षता में इस बैठक का आयोजन बंद कमरे में हुआ। राष्ट्रीय खेलों का आयोजन इस क्षेत्र में 1999</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/547669/preparations-for-the-national-games-are-in-full-swing----representatives-of-eight-northeastern-states-held-a-meeting-for-joint-hosting"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/muskan-dixit-(77)1.png" alt=""></a><br /><p><strong>शिलांग।</strong> केंद्र ने 39वें राष्ट्रीय खेलों के लिए एक अनूठा मॉडल प्रस्तावित किया है, जिसमें सभी आठ पूर्वोत्तर राज्यों को इस आयोजन की सह-मेजबानी करने के लिए कहा गया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शनिवार को शिलांग में खेल मंत्रियों, खेल सचिवों और राज्य ओलंपिक संघ के पदाधिकारियों की पहली क्षेत्रीय बैठक के दौरान इस प्रस्ताव को सर्वसम्मत समर्थन मिला। </p>
<p>मेघालय के खेल मंत्री शक्लियर वारजरी की अध्यक्षता और अरुणाचल प्रदेश के खेल मंत्री केंटो जिनी की सह-अध्यक्षता में इस बैठक का आयोजन बंद कमरे में हुआ। राष्ट्रीय खेलों का आयोजन इस क्षेत्र में 1999 (मणिपुर) और 2007 में हुआ है। मेघालय राज्य ओलंपिक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष जॉन एफ. खारशिंग ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के प्रतिनिधियों ने इन सभी राज्यों की संयुक्त मेजबानी में लिए समन्यव पर अपने सुझाव पेश किये। राष्ट्रीय खेलों के 39वें सत्र की मेजबानी का अधिकार पहले मेघालय को मिला था।</p>
<p>यह पूछे जाने पर कि राज्य इसे अकेले क्यों आयोजित नहीं कर रहा है, खारशिंग ने बताया, ‘‘यह प्रस्ताव गृह मंत्रालय से आया था और मेघालय सरकार ने इसे स्वीकार कर लिया। हमारा मानना हैं कि इससे क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह उस समृद्ध खेल क्षमता का भी सम्मान करता है जिसे पूर्वोत्तर ने हमेशा प्रदर्शित किया है।’’ </p>
<p>वारजरी ने कहा कि यह आयोजन क्षेत्र में युवा के आपसी जुड़ाव और खेलों की आधारभूत संरचना को भी बढ़ावा देगा। खारशिंग ने बताया कि बैठक में उपस्थित प्रतिभागियों ने इस आयोजन के लॉजिस्टिक और परिचालन विवरण को अंतिम रूप देने के लिए जल्द ही फिर से मिलने पर सहमति व्यक्त की। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a class="post-title" href="https://www.amritvichar.com/article/547658/ib-jobs-2025--recruitment-for-4987-posts-in-intelligence-bureau--10th-pass-candidates-can-apply">IB Jobs 2025: इंटेलिजेंस ब्यूरो में 4987 पदों पर निकली भर्तियां, 10वीं पास अभ्यर्थी कर सकते हैं आवेदन</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/547669/preparations-for-the-national-games-are-in-full-swing----representatives-of-eight-northeastern-states-held-a-meeting-for-joint-hosting</link>
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                <pubDate>Sat, 26 Jul 2025 16:55:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मेघालय के मुख्यमंत्री ने कहा- इंदौर के पर्यटक की हत्या के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>शिलांग।</strong> मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने बुधवार को कहा कि इंदौर के पर्यटक राजा रघुवंशी की हत्या के दोषियों को कानून के दायरे में लाने के लिए उनकी सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। राजा (29) और उनकी पत्नी सोनम 23 मई को सोहरा इलाके के नोंगरियात गांव में एक होमस्टे से निकलने के कुछ घंटे बाद ही लापता हो गए थे। </p>
<p>सोमवार को राजा का शव गांव से 20 किलोमीटर दूर एक खाई में मिला, जबकि उनकी पत्नी की तलाश जारी है। मुख्यमंत्री संगमा ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम सुनिश्चित करेंगे कि इस घटना के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/540818/meghalaya-chief-minister-said--those-guilty-of-murdering-indore-tourist-will-not-be-spared"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-06/cats62.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>शिलांग।</strong> मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने बुधवार को कहा कि इंदौर के पर्यटक राजा रघुवंशी की हत्या के दोषियों को कानून के दायरे में लाने के लिए उनकी सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। राजा (29) और उनकी पत्नी सोनम 23 मई को सोहरा इलाके के नोंगरियात गांव में एक होमस्टे से निकलने के कुछ घंटे बाद ही लापता हो गए थे। </p>
<p>सोमवार को राजा का शव गांव से 20 किलोमीटर दूर एक खाई में मिला, जबकि उनकी पत्नी की तलाश जारी है। मुख्यमंत्री संगमा ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम सुनिश्चित करेंगे कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाया जाए।’’ परिवार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है जिस पर संगमा ने कहा कि सरकार इस संबंध में उचित निर्णय लेगी। </p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण है कि हम घटना से जुड़े सभी तथ्यों तक पहुंचें ताकि सच्चाई सामने आ सके। इसलिए जो भी आवश्यक कदम होंगे, हम उठाएंगे... फिर हम उचित निर्णय लेंगे। अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि क्या हुआ, घटना से संबंधित कितनी जानकारी हमारे पास है और कितनी नहीं, क्योंकि अभी भी बहुत सारी कड़ियां आपस में जुड़ नहीं पा रही हैं।’’ </p>
<p>मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि राज्य सरकार राजा की पत्नी की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इस घटना को ‘‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’’ बताते हुए संगमा ने कहा कि मेघालय में इससे पहले इस तरह की घटना कभी नहीं हुई। उन्होंने कहा, ‘‘यह हम सभी के लिए चौंकाने वाली और स्तब्ध करने वाली घटना है। स्थानीय लोग और पर्यटन उद्योग से जुड़े हितधारक बहुत व्यथित और चिंतित हैं। हमने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ होगा।’’ </p>
<p>संगमा ने कहा कि मेघालय हमेशा से एक पर्यटक-अनुकूल राज्य रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने हमेशा पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की है। पिछले कुछ वर्षों में लाखों पर्यटक राज्य में आए हैं। यह घटना हमारे लिए असामान्य और अप्रत्याशित है।’’</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं। मैं समझता हूं कि यह उनके लिए बहुत बड़ी क्षति है, लेकिन मैं उन्हें यह विश्वास दिलाना चाहता हूं कि इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए हम हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि घटनाक्रम क्या था, कैसे हुआ, कब हुआ।’’ </p>
<p>मध्य प्रदेश के इंदौर से आए दंपति 22 मई को किराये के स्कूटर से मावलखियात गांव पहुंचे थे। दोनों नोंगरियात गांव में पेड़ों की जड़ों से बने प्रसिद्ध पुलों को देखने के लिए घाटी से 3,000 से अधिक सीढ़ियां उतर कर नीचे पहुंचे थे। वे नोंगरियात गांव में रात भर रुके और अगली सुबह होमस्टे से निकल गए। चौबीस मई को, उनका स्कूटर शिलांग से सोहरा जाने वाली सड़क के किनारे एक कैफे के बाहर लावारिस मिला।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Jun 2025 10:38:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूर्वोत्तर में बारिश नहीं... तबाही, बाढ़ ने ली 36 लोगों की जान, लाखों बेघर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>Northeast Flood:</strong> पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ और भूस्खलन ने लाखों लोगों के जीवन को संकट में डाल दिया है। इन प्राकृतिक आपदाओं के कारण अब तक 36 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 5.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। असम में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जहां 11 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में 10, मेघालय में 6, सिक्किम में 3, मिजोरम में 5 और त्रिपुरा में 1 व्यक्ति की मृत्यु हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">असम में बाढ़ ने 22 जिलों को बुरी तरह से प्रभावित किया है, जिससे 5.35 लाख से ज्यादा लोगों का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/540543/no-rain-in-the-northeast----devastation--floods-took-the-lives-of-36-people--lakhs-homeless"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-06/2025-(4)2.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Northeast Flood:</strong> पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ और भूस्खलन ने लाखों लोगों के जीवन को संकट में डाल दिया है। इन प्राकृतिक आपदाओं के कारण अब तक 36 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 5.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। असम में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जहां 11 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में 10, मेघालय में 6, सिक्किम में 3, मिजोरम में 5 और त्रिपुरा में 1 व्यक्ति की मृत्यु हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">असम में बाढ़ ने 22 जिलों को बुरी तरह से प्रभावित किया है, जिससे 5.35 लाख से ज्यादा लोगों का जीवन संकट में हैं। बारिश की वजह से एक और व्यक्ति की मृत्यु के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 15 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सिक्किम के छतेन में एक सैन्य शिविर भूस्खलन की चपेट में आया। इसमें तीन सैनिकों की भी मौत हो गई और छह अन्य सौनिक लापता हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बाढ़ प्रभावित लखीमपुर जिले का दौरा किया और पीड़ितों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। मौसम विभाग ने असम में सामान्य बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, 22 जिलों के 65 राजस्व क्षेत्रों और 1,254 गांवों में 5,15,039 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित श्रीभूमि जिला है, जहां 1,94,172 लोग संकट में हैं, इसके बाद कछार में 77,961 और नगांव में 67,880 लोग प्रभावित हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मणिपुर में भी लगातार बारिश की वजह से बाढ़ ने तबाही मचाई हुई है। इस कुदर्ती आपदा से 3,365 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और 19,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाकर राहत शिविरों में ठहराया गया है, जो मुख्य रूप से इंफाल ईस्ट जिले में बनाए गए हैं। हेइगांग, वांगखेई और खुरई विधानसभा क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जबकि सेनापति जिला भी बाढ़ की चपेट में है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेः <a class="post-title" href="https://www.amritvichar.com/article/540537/s-400-missile--india-s-defense-shield-will-be-stronger--russia-will-send-the-remaining-s-400-missiles-by-2026">S-400 Missile: भारत का रक्षा कवच और होगा मजबूत, रूस 2026 तक भेज देगा बाकी S-400 मिसाइल </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/540543/no-rain-in-the-northeast----devastation--floods-took-the-lives-of-36-people--lakhs-homeless</link>
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                <pubDate>Tue, 03 Jun 2025 09:52:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय के स्थापना दिवस पर दी बधाई </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को तीन पूर्वोत्तर राज्यों मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय के स्थापना दिवस पर इन राज्यों के लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा ‘‘त्रिपुरा के स्थापना दिवस की त्रिपुरा वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! लोक-संस्कृतियों से समृद्ध यह राज्य विकास पथ पर सतत गतिमान रहे, मां त्रिपुर सुंदरी से यही प्रार्थना है।’’ </p>
<p>अपने श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में आदित्यनाथ ने कहा ‘‘ मणिपुर राज्य के स्थापना दिवस की मणिपुर वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! प्राकृतिक संपदाओं से परिपूर्ण यह राज्य प्रगति करे, उन्नति करे, प्रभु</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/517633/chief-minister-yogi-adityanath-congratulated-manipur--tripura-and-meghalaya-on-their-foundation-day"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/सीएम-योगी-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को तीन पूर्वोत्तर राज्यों मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय के स्थापना दिवस पर इन राज्यों के लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा ‘‘त्रिपुरा के स्थापना दिवस की त्रिपुरा वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! लोक-संस्कृतियों से समृद्ध यह राज्य विकास पथ पर सतत गतिमान रहे, मां त्रिपुर सुंदरी से यही प्रार्थना है।’’ </p>
<p>अपने श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में आदित्यनाथ ने कहा ‘‘ मणिपुर राज्य के स्थापना दिवस की मणिपुर वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! प्राकृतिक संपदाओं से परिपूर्ण यह राज्य प्रगति करे, उन्नति करे, प्रभु श्री राम से यही प्रार्थना है।’’ </p>
<p>योगी आदित्यनाथ ने अगले पोस्ट में कहा ‘‘मेघालय राज्य के स्थापना दिवस की सभी मेघालय वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य से अलंकृत, लोक-परंपराओं से समृद्ध यह राज्य प्रगति के नित नए प्रतिमान गढ़े, यही कामना है।’’  </p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः </strong><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/517614/cm-yogi-s-gift--government-will-give-additional-assistance-of-30-thousand-rupees-to-these-people-in-up">CM योगी का तोहफा: UP में इन लोगों को 30 हजार रुपए की अत‍िर‍िक्‍त सहायता देगी सरकार</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/517633/chief-minister-yogi-adityanath-congratulated-manipur--tripura-and-meghalaya-on-their-foundation-day</link>
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                <pubDate>Tue, 21 Jan 2025 10:58:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Foundation day: प्रधानमंत्री मोदी ने मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर लोगों को दी बधाई </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर इन राज्यों की जनता को बधाई दी और देश के विकास में उनके योगदान की प्रशंसा की। मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा आज अपना स्थापना दिवस मना रहे हैं। 21 जनवरी 1972 को इन्हें पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ था।</p>
<p>पीएम मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "मणिपुर के लोगों को राज्य के स्थापना दिवस पर बधाई। हमें भारत के विकास में मणिपुर के लोगों द्वारा निभाई गई भूमिका पर अविश्वसनीय रूप से गर्व है। मणिपुर की प्रगति के लिए मेरी शुभकामनाएं।"</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/517607/prime-minister-modi-congratulated-the-people-of-manipur--meghalaya-and-tripura-on-their-foundation-day"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-05/पीएम-मोदी1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर इन राज्यों की जनता को बधाई दी और देश के विकास में उनके योगदान की प्रशंसा की। मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा आज अपना स्थापना दिवस मना रहे हैं। 21 जनवरी 1972 को इन्हें पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ था।</p>
<p>पीएम मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "मणिपुर के लोगों को राज्य के स्थापना दिवस पर बधाई। हमें भारत के विकास में मणिपुर के लोगों द्वारा निभाई गई भूमिका पर अविश्वसनीय रूप से गर्व है। मणिपुर की प्रगति के लिए मेरी शुभकामनाएं।" त्रिपुरा के लोगों को राज्य स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए मोदी ने कहा कि यह राज्य राष्ट्रीय प्रगति में उल्लेखनीय योगदान दे रहा है। </p>
<p>उन्होंने कहा, "यह अपनी समृद्ध संस्कृति और विरासत के लिए भी जाना जाता है। त्रिपुरा विकास की नई ऊंचाइयों को छूता रहे।" मेघालय के स्थापना दिवस पर राज्य के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए मोदी ने कहा कि पूर्वोत्तर का यह राज्य अपनी प्राकृतिक सुंदरता और लोगों की मेहनती प्रवृत्ति के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा, "आने वाले समय में राज्य के निरंतर विकास के लिए प्रार्थना करता हूं।"</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/517600/meerut-encounter--stf-killed-arshad--who-was-carrying-a-bounty-of-rs-1-lakh--and-his-three-companions-in-an-encounter--one-policeman-also-injured#gsc.tab=0">शामली एनकाउंटर: STF ने एक लाख के इनामी अरशद व उसके तीन साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया, इंस्पेक्टर भी घायल</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/517607/prime-minister-modi-congratulated-the-people-of-manipur--meghalaya-and-tripura-on-their-foundation-day</link>
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                <pubDate>Tue, 21 Jan 2025 09:26:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>21 जनवरी का इतिहास: आज ही के दिन मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा का हुआ था उदय</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> इतिहास में 21 जनवरी की तारीख बहुत सी घटनाओं के साथ दर्ज है। भारत के संघीय इतिहास में इस दिन का महत्व इसलिए भी है, क्योंकि इस दिन मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा के रूप में तीन राज्यों का उदय हुआ था। पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा को अलग राज्य बने पांच दशक हो गए हैं। पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम 1971 के तहत मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा को 21 जनवरी 1972 को अलग राज्य का दर्जा दिया गया था। </p>
<p><strong>देश दुनिया के इतिहास में आज की तारीख में दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/517602/history-of-january-21--manipur--meghalaya-and-tripura-came-into-existence-on-this-day"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/इतिहास1.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> इतिहास में 21 जनवरी की तारीख बहुत सी घटनाओं के साथ दर्ज है। भारत के संघीय इतिहास में इस दिन का महत्व इसलिए भी है, क्योंकि इस दिन मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा के रूप में तीन राज्यों का उदय हुआ था। पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा को अलग राज्य बने पांच दशक हो गए हैं। पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम 1971 के तहत मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा को 21 जनवरी 1972 को अलग राज्य का दर्जा दिया गया था। </p>
<p><strong>देश दुनिया के इतिहास में आज की तारीख में दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:- </strong></p>
<p>1924 : ब्रिटेन में पहली बार लेबर पार्टी की सरकार बनी। पार्टी के नेता रैम्जे मैक्डोनाल्ड देश के प्रधानमंत्री बने। <br />1924 : बोलशेविक क्रांति का नेतृत्व करने वाले और 1917 से 1924 के बीच सोवियत संघ के पहले प्रमुख व्लादिमीर लेनिन का निधन। <br />1945 : महान क्रांतिकारी रास बिहारी बोस का जापान के तोक्यो में निधन। <br />1950 : तपेदिक से तीन साल की लंबी लड़ाई के बाद अंग्रेजी के चर्चित लेखक जॉर्ज ऑरवेल की मृत्यु।<br />1958 : कॉपीराइट कानून प्रभाव में आया।<br />1961 : क्वीन एलिजाबेथ और ड्यूक ऑफ एडिनबरा नयी दिल्ली पहुंचे। <br />1963 : हिंदी साहित्य के जाने माने उपन्यासकार, कहानीकार, संपादक और पत्रकार शिवपूजन सहाय का निधन। <br />1972 - मणिपुर और त्रिपुरा राज्य की स्थापना। <br />1976 : फ्रांस और ब्रिटेन के आर्थिक सहयोग से निर्मित सुपरसोनिक गति वाले वाणिज्यिक विमान कांकर्ड ने नियमित सेवा शुरू की। इसके बाद दुनिया में तेज रफ्तार विमानों के निर्माण की होड़ लग गई।<br />1983 : प्रथम भारतीय एडमिरल आर डी कटारी का निधन। <br />1996 - स्वायत्त फलस्तीन के पहले ऐतिहासिक आम चुनाव में फलस्तीनी मुक्ति संगठन के नेता यासर अराफात 85 प्रतिशत मत प्राप्त कर निर्वाचित। <br />1996 : इंडोनेशिया के सुमात्रा तट के पास यात्रियों से भरी नाव डूबने से लगभग 340 लोगों की मौत। <br />2008 : भारत ने इजराइल के एक जासूसी सैटेलाइट का प्रक्षेपण कर इसे पोलर आर्बिट में सफलतापूर्वक स्थापित किया।<br /> 2009 : कर्नाटक के बीदर में वायुसेना के प्रशिक्षण विमान सूर्यकिरण के दुघर्टनाग्रस्त होने से एक पायलट की मौत।<br /> 2023: जम्मू के बाहरी हिस्से के एक व्यस्त इलाके में हुए दो विस्फोट में नौ लोग घायल। <br />2024: रूस के कब्जे वाले यूक्रेन के एक बाजार में मिसाइल हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>इतिहास</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jan 2025 08:32:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मई के महीने में घूमने का है प्लान तो इन खूबसूरत जगहों की करें सैर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मई के महीने से उत्तर भारत में भीषण गर्मी की शुरूआत हो जाती है। इस दौरान ज्यादातर शहरों का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए लोग पहाड़ों का रूख करते हैं, जिससे इन जगहों पर ऐसी भीड़ हो जाती है कि कई बार तो ट्रैफिक की वजह से ही आधा सफर गुजारना पड़ जाता है। </p>
<p>अगर आप भी गर्मियों से राहत पाने के लिए किसी ऐसे ठिकाने की तलाश कर रहे हैं, जहां शांति हो साथ ही जमकर एन्जॉय भी कर पाएं, तो आज हम आपको कुछ जगहों के बारे बताने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/463619/if-you-plan-to-travel-in-the-month-of-may"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-05/तवांग.jpg" alt=""></a><br /><p>मई के महीने से उत्तर भारत में भीषण गर्मी की शुरूआत हो जाती है। इस दौरान ज्यादातर शहरों का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए लोग पहाड़ों का रूख करते हैं, जिससे इन जगहों पर ऐसी भीड़ हो जाती है कि कई बार तो ट्रैफिक की वजह से ही आधा सफर गुजारना पड़ जाता है। </p>
<p>अगर आप भी गर्मियों से राहत पाने के लिए किसी ऐसे ठिकाने की तलाश कर रहे हैं, जहां शांति हो साथ ही जमकर एन्जॉय भी कर पाएं, तो आज हम आपको कुछ जगहों के बारे बताने जा रहे हैं। </p>
<p><strong>तवांग</strong><br />तवांग, भारत का बहुत ही शानदार हिल स्टेशन है। तवांग के बौद्ध मठ तो भारत ही नहीं दुनिया में मशहूर हैं। एडवेंचर के शौकीनों के लिए तो यह बेहतरीन जगह हैं। जहां आप ट्रेकिंग से लेकर हाइकिंग, स्कीइंग और नेचर वॉक जैसी कई एक्टिविटीज का मजा ले सकते हैं। </p>
<p><strong>स्पीति</strong><br />मई में घूमने वाली जगहों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर आता है स्पीति वैली। हिमाचल के बाकी जगहों जितनी भीड़ यहां देखने को नहीं मिलती। स्पीति वैली देश की सबसे खूबसूरत और ठंडी जगहों में से एक है। यहां आकर आप दुनिया की सबसे पुरानी मोनैस्ट्री देख सकते हैं। पहाड़ों के साथ झील भी यहां रंग बदलते रहते हैं। मई महीने में यहां का औसत तापमान 18 से 25 डिग्री के बीच रहता है।</p>
<p><strong>मेघालय</strong><br />मेघालय यहां आकर आपको लगेगा ही नहीं, जैसे आप भारत में घूम रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ये शहर अपनी खूबसूरती के अलावा अपनी साफ-सफाई के लिए भी जाना जाता है। यहां आकर एशिया के सबसे साफ-सुथरे गांव को देखना मिस न करें। बता दें यहां हर थोड़ी दूर पर झरने हैं और हर एक झरना बेहद खूबसूरत। गर्मियों में मेघालय का प्लान एकदम परफेक्ट है। </p>
<p><strong>महाबलेश्वर</strong><br />महाराष्‍ट्र के सतारा जिले में महाबलेश्वर भी अच्छी जगह है जहां जाकर गर्मियों से राहत पा सकते हैं। बता दें ये महाराष्ट्र के सबसे मशहूर टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स है। हसीन वादियां, कल-कल बहते झरने, हरे भरे पेड़ और साफ-सुथरी झीलें महाबलेश्वर की खूबसूरती में चार चांद लगाने का काम करते हैं। मई महीने में इस जगह को एक्सप्लोर करने का आइडिया है बेस्ट। </p>
<p><strong>ये भी पढे़ं- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/456029/planning-to-visit-these-beautiful-places-of-arunachal-pradesh-during">समर वैकेशन में घूमने का बना रहे हैं प्लान, अरुणाचल प्रदेश की इन खूबसूरत जगहों की करें सैर</a></span></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                            <category>Tourism</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 May 2024 16:21:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Moazzam Beg]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दो घूंट पानी और बिस्कुट के सहारे गुजरे 2 दिन, मेघालय में उग्रवादियों के चंगुल से मुक्त अखिलेश ने बयां किया दर्द</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> मेघालय में उग्रवादियों के चंगुल से मुक्त अखिलेश सिंह चौहान ने खौफ में बीते दो दिनों का मंजर बयां किया। उग्रवादी आंखों पर पट्टी बांध उन्हें दो दिन जंगल में इधर-उधर टहलाते रहे। खाने के लिए बिस्कुट और दो-दो घूंट पानी दिया और फिरौती के लिए पीटते रहे। उनसे कहा, गरीब आदमी हूं, मेरे पास रुपये नहीं हैं, मुझे जाने दो लेकिन उन्हें हिंदी समझ में ही नहीं आती थी।</p>
<p>अखिलेश ने बताया कि मंगलवार देर रात टेंट में सोये थे। किसी ने दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खोलते ही देशी हथियारों से लैस दो लोग टूट पड़े। बाइक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/452517/akhilesh-expressed-his-pain-after-being-freed-from-the-clutches-of-militants-in-meghalaya"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-03/cats18.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> मेघालय में उग्रवादियों के चंगुल से मुक्त अखिलेश सिंह चौहान ने खौफ में बीते दो दिनों का मंजर बयां किया। उग्रवादी आंखों पर पट्टी बांध उन्हें दो दिन जंगल में इधर-उधर टहलाते रहे। खाने के लिए बिस्कुट और दो-दो घूंट पानी दिया और फिरौती के लिए पीटते रहे। उनसे कहा, गरीब आदमी हूं, मेरे पास रुपये नहीं हैं, मुझे जाने दो लेकिन उन्हें हिंदी समझ में ही नहीं आती थी।</p>
<p>अखिलेश ने बताया कि मंगलवार देर रात टेंट में सोये थे। किसी ने दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खोलते ही देशी हथियारों से लैस दो लोग टूट पड़े। बाइक की तरफ खींचा और अंधेर में बंदूक के बल पर जंगल ले गये। रास्ते में अपहरणकर्ताओं से कहा, मेरे पास रुपये नहीं हैं, लेकिन उनको हिंदी समझ नहीं आ रही थी। घने जंगल में ले जाकर पीट कर पेड़ से बांधकर ठेकेदार से 50 लाख रुपये फिरौती मांगने के लिए कहा। मांग पूरी नहीं होने पर जान से मारने की धमकी दी।</p>
<p>पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र बामनिया ने बताया कि बाघमारा की पुलिस ने जंगल में अभियान चलाकर अखिलेश को सकुशल छुड़ा लिया। अपहरण करने वाले दो उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है। उनकी पहचान विल्बन एम संगमा और विथमिल एस मराक के रूप में हुई है। दोनों पर अपहरण कर फिरौती मांगने की रिपोर्ट दर्ज की गई। अपहरण में शामिल दो अन्य आरोपियों की जंगल व आसपास के इलाके में तलाश मेकी जा रही है।</p>
<h5>पत्नी शीला ने मुख्यमंत्री का जताया आभार</h5>
<p>अखिलेश गुड़म्बा थाना अंतर्गत कुर्सी रोड के बेनीगंज मोहल्ले के निवासी हैं।उन्होंने बताया तीन वर्षों से मेघालय में रहकर विभिन्न निर्माण परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं। ऐसी वारदात पहली बार हुई। कहा कांट्रेक्टर आरके के साथ निजी कंपनी में पुल निर्माण का कार्य कर रहे थे। अखिलेश के सकुशल बरामदगी पर पत्नी शीला सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ और मेघालय पुलिस का आभार जताया है।</p>
<h5>जानिये क्या था मामला</h5>
<p>अखिलेश सिंह चौहान का मेघालय के बाघमारा इलाके में काम कर रहे थे।वहां से उनका अपहरण उग्रवादियों ने कर लिया था। पुलिस के अनुसार अपहरण में शामिल उग्रवादी पहले उग्रवादी संगठन के लिए काम करते थे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/452521/akhilesh-s-wife-and-son-met-cm-yogi-and-expressed-gratitude--know-the-whole-matter#gsc.tab=0">अखिलेश की पत्नी और बेटे ने CM योगी से मिलकर जताया आभार, जानें पूरा मामला</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Mar 2024 22:37:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ के इंजीनियर का मेघालय में अपहरण, पत्नी ने जताई यह आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>कुर्सी रोड स्थित बेनीगंज इलाके में रहने वाले भारी वाहन के मकैनिक और सुपरवाइजर 49 वर्षीय अखिलेश सिंह चौहान का मेघालय की दक्षिण गारो हिल्स में अपहरण हो गया। कांट्रेक्टर ने अखिलेश की पत्नी शीला सिंह को फोन कर घटना की जानकारी दी। पत्नी ने बताया कि कांट्रेक्टर के साथ करीब छह माह से वहां पुल निर्माण में कार्य कर रहे थे। पति के साथ अनहोनी की आशंका जताते हुए उ.प्र और मेघालय सरकार से मदद की गुहार लगाई है।</p>
<p>मूलत: गाजीपुर जिले के दुल्लापुर निवासी अखिलेश सिंह चौहान भारी वाहनों के मकैनिक के अलावा निर्माण के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/451959/lucknow-engineer-kidnapped-in-meghalaya--wife-expressed-this-fear"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-03/5210.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>कुर्सी रोड स्थित बेनीगंज इलाके में रहने वाले भारी वाहन के मकैनिक और सुपरवाइजर 49 वर्षीय अखिलेश सिंह चौहान का मेघालय की दक्षिण गारो हिल्स में अपहरण हो गया। कांट्रेक्टर ने अखिलेश की पत्नी शीला सिंह को फोन कर घटना की जानकारी दी। पत्नी ने बताया कि कांट्रेक्टर के साथ करीब छह माह से वहां पुल निर्माण में कार्य कर रहे थे। पति के साथ अनहोनी की आशंका जताते हुए उ.प्र और मेघालय सरकार से मदद की गुहार लगाई है।</p>
<p>मूलत: गाजीपुर जिले के दुल्लापुर निवासी अखिलेश सिंह चौहान भारी वाहनों के मकैनिक के अलावा निर्माण के दौरान टीम को मशीनों का सुपरवाइज भी करते हैं। करीब तीन वर्ष से उनका परिवार गुड़ंबा के बेनीगंज इलाके में किराए के मकान में रहता है। पत्नी शीला सिंह चौहान ने बताया कि पति जानकीपुरम के पंचवटी पार्क के पास रहने वाले कांट्रेक्टर आरके के साथ काम कर रहे हैं। आरके वर्तमान में मेघालय के भागमारा के खारोकल में रोंडिक पुल का निर्माण करा रहे हैं।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-03/8561.jpg" alt="856"></img></p>
<p>बताया कि मंगलवार रात 11:30 बजे पति से मोबाइल पर बात हुई थी। रात करीब तीन बजे आरके ने फोन कर पति के अपहरण की जानकारी दी। कांट्रेक्टर ने बताया कि पति के अपहरण की रिपोर्ट मेघायल के स्थानीय सिजु थाने में दर्ज करा दी है। सिजु पुलिस जंगलों में तलाश कर रही है। वहीं शीला ने कांट्रेक्टर पर रुपयों के लेन-देन को लेकर पति के साथ अनहोनी कराने की आशंका जताई है।</p>
<h5> दरवाजा खट खटाने पर पति ने अखिलेश को भेजा था बाहर</h5>
<p>पत्नी शीला ने बताया कि आरके ने उन्हें बताया रात दो बजे अपहरणकर्ताओं ने उनके कमरे का दरवाजा खट खटाया। उन्हें लगा की साइट पर काम करने वाले मजदूर डीजल आदि के लिए पूछने आए हैं। उन्होंने अखिलेश से जो कि बगल में बनी झुग्गी में थे, भेज दिया। कुछ देर बात आरके ने मामला जानने के लिए आवाज दी। कोई जवाब न मिलने पर बाहर निकले। आसपास तलाश की लेकिन को सफलता नहीं मिली। तब उन्होंने संबंधित थाने में पति के अपहरण की सूचना दे मामला दर्ज कराया।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-03/8310.jpg" alt="83"></img></p>
<h5>कांट्रेक्टर के साथ करीब 10 वर्ष से काम कर रहे हैं अखिलेश</h5>
<p>शीला चौहान ने बताया पति अखिलेश कांट्रेक्टर आरके के साथ 10 वर्ष से काम कर रहे हैं। छह माह पहले छठ पूजा के बाद वह काम पर मेघालय गए थे। शीला ने बताया कि कांट्रेक्टर रुपये देने में हीला हवाली करते हैं। उनके पास काफी रुपये बाकी हैं। कई बार कहने पर 18 मार्च को कुछ रुपये दिये थे। जो बच्चाें की फीस व घरेलू कार्यों में खर्च हो गए। घटना के बाद से परिवारजन काफी परेशान हैं। शीला का कहना है कि आरके से अपहरणकर्ताओं से फिरौती आदि की बात जानने के लिए फोन किया तो कोई जवाब नहीं दिया।</p>
<h5>मां के साथ गांव में छोटा भाई करता है खेती बाड़ी</h5>
<p>अखिलेश सिंह के परिवार में पत्नी शीला के अलावा दो बेटे सूरज, सूर्या व एक बेटी परी है। अखिलेश की मां कुसुम छोटे भाई विनोद के साथ गांव में रहती हैं। वह खेती किसानी करते हैं। शीला ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई के लिए पति ने बेनीगंज में किराये पर कमरा ले रखा है। कहा पति का अक्सर चार से छह माह बाद ही आना जाना हो पाता है।</p>
<h5>बांग्लादेश की सीमा से सटा है कार्यस्थल</h5>
<p>कांट्रेक्टर पुल निर्माण का स्थान बांग्लादेश की सीमा से सटा है। यहां से बांग्लादेश की दूरी महज पांच से 10 कि.मी. बताइ जा रही है। ऐसे में अपहरणकर्ताओं का ठिकाना बांग्लादेश में होने की भी आशंका है। यह भी चर्चा है कि अपहरणकर्ता कांट्रेक्टर का ही अपहरण करने आए हाें और उनके धोखे अखिलेश सिंह चौहान का अपहरण कर ले गए हों।</p>
<h5>क्या बोले बाघमारा के पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र बामनिया</h5>
<p>बाघमारा के पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र बामनिया ने कहा, "कंपनी प्रबंधक ने हमें लगभग 1:40 बजे सूचना दी कि अज्ञात लोग निर्माण स्थल पर अस्थायी तम्बू का दरवाजा खटखटाने लगे और डीजल की उपलब्धता के बारे में पूछा। जब अखिलेश जांच करने बाहर गए, कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया था। हमारे लोग जंगल में उसकी तलाश कर रहे हैं। जल्द ही बरामद कर अपहरणकर्ताओं को पकड़ लेंगे।" रिपोर्ट दर्ज कर ली है। अखिलेश को वापस लाने सिजू पुलिस सीमा के वन क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रही है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/451885/ambedkarnagar--woman-dies-during-treatment--health-department-team-seals-the-clinic#gsc.tab=0">अंबेडकरनगर: इलाज के दौरान महिला की मौत, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक को किया सील</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Mar 2024 22:55:13 +0530</pubDate>
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