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                <title>शनि - Amrit Vichar</title>
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                <description>शनि RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अप्रैल के अंतिम में शुक्र, शनि व बुध का होगा चंद्रमा से मिलन    </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नैनीताल, अमृत विचार: </strong>खगोल के प्रति रूचि रखने वालों के लिए अप्रैल का अंतिम सप्ताह खास रहने वाला है। शुक्र, शनि व बुध ग्रह चंद्रमा के बेहद करीब से गुजरने जा रहे हैं, जिस कारण इनको पहचान पाना आसान हो जाएगा। ग्रह नक्षत्रों के प्रति हमारा आकर्षण प्राचीनकाल से ही रहा है, मगर इनकी पहचान आसान नहीं है। स्याह रातों में चमकने वाले ग्रह भी तारों की भांति टिमटिमाते हैं, जिस कारण इन्हें पहचान पाना मुश्किल होता है। अब यह चंद्रमा के करीब पहुंच रहे हैं तो इन्हें आसानी से पहचाना जा सकेगा।</p>
<p>ग्रहों का एक-दूसरे के नजदीक पहुंचना या</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/532001/venus-saturn-and-mercury-will-meet-the-moon-in-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/1672658456-4513.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नैनीताल, अमृत विचार: </strong>खगोल के प्रति रूचि रखने वालों के लिए अप्रैल का अंतिम सप्ताह खास रहने वाला है। शुक्र, शनि व बुध ग्रह चंद्रमा के बेहद करीब से गुजरने जा रहे हैं, जिस कारण इनको पहचान पाना आसान हो जाएगा। ग्रह नक्षत्रों के प्रति हमारा आकर्षण प्राचीनकाल से ही रहा है, मगर इनकी पहचान आसान नहीं है। स्याह रातों में चमकने वाले ग्रह भी तारों की भांति टिमटिमाते हैं, जिस कारण इन्हें पहचान पाना मुश्किल होता है। अब यह चंद्रमा के करीब पहुंच रहे हैं तो इन्हें आसानी से पहचाना जा सकेगा।</p>
<p>ग्रहों का एक-दूसरे के नजदीक पहुंचना या फिर चंद्रमा के करीब से गुजरना सामान्य खगोलीय घटनाएं हैं, लेकिन खगोल प्रेमियों के लिए किसी रोमांच से कम नहीं जिस कारण खगोल प्रेमियों को ग्रहों के एक-दूसरे के करीब पहुंचने की खगोलीय घटना का इंतजार रहता है तो खगोल वैज्ञानिकों के लिए काल गणना को लेकर रहता है। इस घटना के दौरान वैज्ञानिक इनके एक-दूसरे के करीब पहुंचने पर बारीकी से अध्ययन करते हैं और इनके सफर की गति व दिशा का आंकलन करते हैं। </p>
<p><strong> दूरी मात्र 2.4 डिग्री रह जाएगी</strong> <br />बहरहाल इस माह के अंत में होने जा रही ये खगोलीय घटना 25 अप्रैल को होगी, जिसमें शनि ग्रह व चंद्रमा एक-दूसरे के काफी करीब होंगे। इन दोनों के बीच की दूरी मात्र 2.4 डिग्री रह जाएगी। ज्ञातव्य हो पूर्ण चंद्रमा को आधा डिग्री माना जाता है। 25 अप्रैल की रात को ही शनि ग्रह भी चंद्रमा के साथ में नजर आएगा, जो चंद्रमा से मात्र 2.3 डिग्री की दूरी पर होगा। इसी क्रम में 26 अप्रैल को बुध ग्रह, चंद्रमा के करीब होगा। नजदीक पहुंचने पर इनकी आपसी दूरी मात्र 4.4 डिग्री रह जाएगी। माह के अंत में होने जा रही इन खगोलीय घटनाओं में 29 अप्रैल को शुक्र व शनि ग्रह एक-दूसरे के करीब होंगे। तब इन दोनों की आपसी दूरी 3.7 डिग्री रह जाएगी। यह घटना भी खगोल प्रेमियों व वैज्ञानिकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी।</p>
<p> <br /><strong>दिलचस्प होगा चांद के साथ ग्रहों का सफर </strong><br />नैनीताल: आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ खगोल वैज्ञानिक डॉ. शशिभूषण पांडेय कहते हैं कि चंद्रमा के साथ ग्रहों को देखना बेहद दिलचस्प है। इस तरह की घटनाएं कुछ महीनों के अंतराल में देखने को मिलती रहती है। इन घटनाओं से खगोल वैज्ञानिकों को अध्ययन का अवसर मिलता है और वह ग्रहों की गति व दशा का सटीक आकलन कर पाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Apr 2025 10:38:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुरादाबाद : 29 को मीन राशि में प्रवेश करेंगे शनि, बदलेगी ग्रह दशा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>शनि 29 मार्च को रात्रि 22:07 बजे मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इससे मकर राशि के जातकों की साढ़ेसाती समाप्त हो जाएगी और मेष राशि के जातकों की साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी। शनि के मीन राशि में प्रवेश करने से कई राशियों के जातकों की ग्रह दशा बदल जाएगी। जिसका प्रभाव उनके जीवन पर पड़ेगा।</p>
<p>ज्योतिषाचार्य पं. केदार मुरारी ने बताया कि शनि ग्रह को न्यायाधीश और दंडनायक भी कहा जाता है। लंबे समय से यह अपनी राशि कुंभ राशि में विराजमान थे और अब शनि अपनी कुंभ राशि से निकल कर बृहस्पति के आधिपत्य वाली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/529018/saturn-will-enter-pisces-on-moradabad-29"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/मीन-राशि.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>शनि 29 मार्च को रात्रि 22:07 बजे मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इससे मकर राशि के जातकों की साढ़ेसाती समाप्त हो जाएगी और मेष राशि के जातकों की साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी। शनि के मीन राशि में प्रवेश करने से कई राशियों के जातकों की ग्रह दशा बदल जाएगी। जिसका प्रभाव उनके जीवन पर पड़ेगा।</p>
<p>ज्योतिषाचार्य पं. केदार मुरारी ने बताया कि शनि ग्रह को न्यायाधीश और दंडनायक भी कहा जाता है। लंबे समय से यह अपनी राशि कुंभ राशि में विराजमान थे और अब शनि अपनी कुंभ राशि से निकल कर बृहस्पति के आधिपत्य वाली मीन राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि शनि ग्रह का गोचर लगभग ढाई वर्ष तक एक राशि में होने के कारण यह सबसे अधिक लंबी अवधि तक एक राशि में गोचर करते हैं। जिसका प्रभाव सभी जीवधारियों पर पड़ता है। शनि के मीन राशि में गोचर करने से मेष राशि को प्रथम चरण की, मीन राशि को द्वितीय चरण की और कुंभ राशि को अंतिम चरण की साढ़ेसाती प्रभावित करेगी। जहां तक शनि की ढैया या पनौती का प्रश्न है तो वृश्चिक राशि की ढैया समाप्त हो जाएगी और धनु राशि की ढैया शुरू होगी। कर्क राशि के लिए कंटक शनि की दशा समाप्त हो जाएगी और सिंह राशि के लिए प्रारंभ होगी।</p>
<p>ज्योतिषाचार्य के अनुसार 29 मार्च को शनि के कुंभ राशि में से निकलकर मीन राशि में गोचर करने से पहले 22 फरवरी 2025 को प्रातः 11:23 बजे शनि महाराज अस्त अवस्था में हो गए थे। जब यह 29 मार्च को मीन राशि में प्रवेश करेंगे तो अस्त अवस्था में ही होंगें। वहीं इसी 31 मार्च को 00:43 बजे अस्त अवस्था से मीन राशि में ही उदित अवस्था में आ जाएंगे।</p>
<p><strong>29 मार्च को लगेगा साल का पहला सूर्यग्रहण, भारत में नहीं दिखेगा</strong><br />ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च, चैत्र अमावस्या के दिन लगेगा। हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। लेकिन इसका असर राशियों पर पड़ सकता है।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/528988/moradabad-50-bike-riders-licenses-and-vehicles-registered-suspended">मुरादाबाद : 50 बाइक सवारों के लाइसेंस व वाहनों के पंजीकरण हुए निलंबित</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Mar 2025 11:15:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: अक्षय तृतीया: चंद्रमा उच्च राशि वृषभ, सूर्य मेष व शनि कुंभ में रहकर देंगे फल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> चिरंजीवी तिथि अक्षय तृतीया का सनातन धर्म में बहुत महत्व है। इस तिथि में मांगलिक कार्य करना बहुत शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन भगवान परशुराम का जन्म और त्रेता, कल्पादि युगादि की शुरुआत हुई थी। साथ ही इसे धनतेरस के रूप में मनाये जाने की परंपरा भी है।</p>
<p>शुक्रवार को अक्षय तृतीया मनाई जाएगी। ज्योतिषी अशोक वार्ष्णेय ने बताया कि वैदिक पंचाग के अनुसार बैसाख शुक्ल पक्ष की तृतीया ही अक्षय तृतीया कहलाती है। तृतीया तिथि  10 मई शुक्रवार की प्रातः 4:57 बजे से शुरू होगी जो 11 मई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/464329/haldwani-akshaya-tritiya-moon-will-be-in-exalted-sign-taurus"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-05/akshaya-tritiya-2024-1715062144872.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> चिरंजीवी तिथि अक्षय तृतीया का सनातन धर्म में बहुत महत्व है। इस तिथि में मांगलिक कार्य करना बहुत शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन भगवान परशुराम का जन्म और त्रेता, कल्पादि युगादि की शुरुआत हुई थी। साथ ही इसे धनतेरस के रूप में मनाये जाने की परंपरा भी है।</p>
<p>शुक्रवार को अक्षय तृतीया मनाई जाएगी। ज्योतिषी अशोक वार्ष्णेय ने बताया कि वैदिक पंचाग के अनुसार बैसाख शुक्ल पक्ष की तृतीया ही अक्षय तृतीया कहलाती है। तृतीया तिथि  10 मई शुक्रवार की प्रातः 4:57 बजे से शुरू होगी जो 11 मई की रात्रि 2: 50 बजे तक विद्यमान रहेगी। इस दिन प्रातः काल 10:45 बजे तक रोहिणी नक्षत्र और इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र रहेगा।</p>
<p>बताया कि  चन्द्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में, सूर्य मेष राशि में और शनिदेव कुंभ राशि में रहते हुए फल प्रदान करेंगे। इन सभी संयोगों के अतिरिक्त सुकर्मा, गजकेसरी और शश योग बन रहे हैं। ताराप्रसाद दिव्य पंचागम् के रचनाकार व ज्योतिषाचार्य डॉ. रमेशचंद्र जोशी ने बताया कि अक्षय तृतीया के दिन वैवाहिक  कार्यक्रम के लिये ग्रह, नक्षत्र, नाड़ी आदि का दोष नहीं माना जाता है।</p>
<p>बताया कि इस तिथि को अबूझ मुहूर्त मानकर विवाह भी किये जाते हैं। इस दिन सोना-चांदी खरीदने के साथ ही पीतल के बर्तन, चने की दाल, जौ, मिट्टी का घड़ा और सेंधा नमक आदि खरीदना शुभ माना जाता है।  मत्स्य  पुराण के अनुसार लक्ष्मी पूजन के बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार अनाज, गन्ना, हाथ के पंखे, घड़ा, दही, सत्तू, खरबूजा, पानी आदि का दान करना अत्यंत लाभदायक रहता है।  </p>
<p><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>शुभ मूहुर्त</strong></span><br />प्रातःकाल 5:48 बजे दोपहर 12:24 बजे तक पूजा का मूहुर्त रहेगा। अभिजीति मुहूर्त में पूजा करना चाहें तो प्रातः 11:50 बजे से 12:44 बजे तक कर सकते हैं। दोनों शुभ नक्षत्रों में खरीदारी करना बहुत ही शुभ माना जाता है।  साथ ही चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में, सूर्य मेष राशि में और  शनिदेव कुंभ राशि में रहते हुये फल प्रदान करेंगे। ज्योतिषी अशोक वार्ष्णेय ने बताया कि अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु, माता महालक्ष्मी का पूजन श्रद्धा पूर्वक करने से उत्तम फल मिलता है। इसी दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम के पूजन का विधान है ।  </p>
<p><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>पूजा विधि</strong></span><br /> प्रातः काल घर में गंगाजल मिश्रित जल से स्नान कर पीले या सफेद वस्त्र पहनकर अपने मंदिर की सफाई  करें और एक चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर गंगा जल से पवित्र करें। इसके बाद भगवान विष्णु, माता महालक्ष्मी के चित्र या मूर्ति का शुद्धोपचार कर  इसके समक्ष घी का दीपक और धूप बत्ती जलाएं। भगवान गणेश का ध्यान करते हुये भगवान विष्णु, महालक्ष्मी को रोली, कुमकुम, फूल, नैवेद्य, मेवा, पान, सुपारी और  फल अर्पित करें और पूजन कर आरती करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Jyotish</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 May 2024 20:06:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शनिवार के दिन इन उपायों को करने से शनि देव खोल देंगे बंद किस्मत का ताला!</title>
                                    <description><![CDATA[Shanivar Upay: 15 अक्टूबर को कार्तिक कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि और शनिवार का दिन है। षष्ठी तिथि 15 अक्टूबर का पूरा दिन रहेगी। 15 अक्टूबर दोपहर 2 बजकर 25 मिनट तक वरीयान योग रहेगा। यदि कोई मंगलदायक कार्य करने जा रहे हैं तो वरियान योग में करें, निश्चित ही सफलता मिलेगी। हालांकि इस योग …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/299453/by-taking-these-measures-on-saturday-shani-dev-will-open-the-lock-of-luck"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-10/shani-dev-400x240-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Shanivar Upay:</strong> 15 अक्टूबर को कार्तिक कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि और शनिवार का दिन है। षष्ठी तिथि 15 अक्टूबर का पूरा दिन रहेगी। 15 अक्टूबर दोपहर 2 बजकर 25 मिनट तक वरीयान योग रहेगा। यदि कोई मंगलदायक कार्य करने जा रहे हैं तो वरियान योग में करें, निश्चित ही सफलता मिलेगी। हालांकि इस योग में किसी भी प्रकार से पितृ कर्म नहीं करते हैं। उसके बाद रात 11 बजकर 22 मिनट से रवि योग रहेगा। सूर्य जिस नक्षत्र में चौथे, छट्ठे, नौवें, दसवें, तेरहवें अथवा बीसवें नक्षत्र पर जब चन्द्रमा संचरण करता है तब रवि योग होता है। रवि योग बहुत ही शुभ माना जाता है। रवि योग में 13 प्रकार के कुयोगों का स्वतः ही विनाश होता है, अतः रवि योग में किसी भी प्रकार के शुभ कार्य संपन्न किए जा सकते हैं।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/mahaparv-chhath-is-starting-from-this-date-know-the-importance-of-nahay-khay-and-kharna/">Chhath 2022: इस तारीख से शुरू हो रहा है महापर्व छठ, जानें नहाय-खाय से लेकर पारण तक का महत्व</a></strong></p>
<p><strong>शनिवार के दिन करें ये उपाय</strong><br />
अगर आप अपने लवमेट के साथ अपने संबंधों में मधुरता बनाए रखना चाहते हैं, तो इस दिन सवा किलो मसूर की दाल लेकर आस-पास किसी मंदिर में दान कर दें। ऐसा करने से लवमेट के साथ आपके संबंधों में मधुरता आयेगी।</p>
<p>अगर आप समाज में अपना मान-सम्मान बढ़ाना चाहते हैं और एक अलग पहचान बनाना चाहते हैं, तो इस दिन आपको खैर के पेड़ की उपासना करनी चाहिए और उसके आगे हाथ जोड़कर प्रणाम करना चाहिए। ऐसा करने से समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा और आपकी एक अलग पहचान बनेगी।</p>
<p>अगर आप अपनी बातों को दूसरे लोगों के सामने स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं कर पाते हैं, तो इस दिन एक पान का पत्ता लेकर उस पर थोड़ा-सा कत्था लगाएं। अब उस पान के पत्ते को मोड़कर, एक सफेद रंग के कोरे कागज में लपेटकर हनुमान जी के मंदिर में चढ़ा दें। ऐसा करने से आप अपनी बातों को दूसरे लोगों के सामने स्पष्ट रूप से व्यक्त कर पायेंगे।</p>
<p>अगर आप अपने सभी काम में लाभ सुनिश्चित करना चाहते हैं, तो इस दिन आपको मंगल के इस मंत्र का 21 बार जप करना चाहिए। मंत्र है – ‘ॐ क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम:’ इस मंत्र का जप करने से आपके सभी कामों में लाभ सुनिश्चित होगा।</p>
<p>अगर आप जीवन में तरक्की के नए रास्ते खोलना चाहते हैं, तो इस दिन एक सूखा नारियल, यानी गोला लें। अब उस नारियल पर एक मौली बांधें और मौली पर थोड़ा- सा चमेली का तेल लगा दें। फिर उस नारियल या गोले को हनुमान जी के मंदिर में चढ़ा दें। ऐसा करने से आपके जीवन में तरक्की के नए रास्ते खुलने लगेंगे।</p>
<p>अगर भाई-बहनों के साथ आपके संबंधों में प्यार और लगाव कम हो गया है, तो इस दिन हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाएं। साथ ही भगवान के सामने हाथ जोड़कर विनती करें। ऐसा करने से भाई-बहनों के साथ आपके संबंधों में प्यार और लगाव बना रहेगा।</p>
<p>अगर आपको लगता है कि आप किसी नजर दोष के प्रभाव में हैं, तो इस दिन सात साबुत लाल मिर्च लें और उन लाल मिर्चों को अपने ऊपर से छः बार क्लॉक वाइज और एक बार एंटी क्लॉक वाइज वारकर अपने घर के दक्षिण कोने में जला दें। ऐसा करने से आपको नजर दोष के प्रभाव से जल्द ही छुटकारा मिलेगा और आप अच्छे से अपना काम कर पायेंगे।</p>
<p>अगर आप जीवन में आर्थिक रूप से मिलने वाले लाभ में बढ़ोतरी करना चाहते हैं, तो इस दिन आपको सात बार हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए और पाठ करने के बाद हनुमान जी के आगे हाथ जोड़कर प्रणाम करना चाहिए। ऐसा करने से आपको आर्थिक रूप से मिलने वाले लाभ में बहुत फायदा होगा।</p>
<p>अगर आप कर्ज से परेशान हैं और उससे मुक्ति पाना चाहते हैं, तो इस दिन किसी दर्जी को चॉकलेटी रंग का कपड़ा गिफ्ट करें। ऐसा करने से आपको जल्द ही कर्ज से मुक्ति मिलेगी।</p>
<p>अगर आप परिवार से जुड़ी किसी समस्या का हल जल्द से जल्द निकालना चाहते हैं, तो इस दिन स्नान आदि से निवृत्त होकर हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें। साथ ही उनके सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं। ऐसा करने से आपकी पारिवारिक समस्या का हल जल्द से जल्द निकल जायेगा। लिहाजा आपके परिवार में खुशहाली आयेगी।</p>
<p>अगर आप बेहतर स्वास्थ्य पाना चाहते हैं, तो इस दिन श्री हनुमान को लाल रंग का चोला चढ़ाएं। साथ ही हनुमान मंदिर में शहद की शीशी अर्पित करें। ऐसा करने से आपका स्वास्थ्य बेहतर बना रहेगा।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/why-is-vermilion-applied-on-the-idol-of-hanuman/">राम भक्त हनुमान की मूर्ति पर क्यों लगाया जाता है सिंदूर? जानें इसके पीछे की कथा और महत्व</a></strong></p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/299453/by-taking-these-measures-on-saturday-shani-dev-will-open-the-lock-of-luck</link>
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                <pubDate>Sat, 15 Oct 2022 09:59:57 +0530</pubDate>
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                <title>रहे सावधान, शनि वक्री हो रहे हैं, 141 दिनों तक आपकी राशि को प्रभावित करेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[Shani Vakri 2022, Saturn Retrograde 2022: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक जब भी कोई ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है। तो उसका सीधा असर मानव जीवन और पृथ्वी पर पड़ता है। आपको बता दें कि कर्मफल दाता शनि देव 5 जून को कुंभ राशि में वक्री होने जा रहे हैं। वक्री …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/225263/be-careful-saturn-is-retrograde-will-affect-your-zodiac-for-141-days"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-05/untitled-159.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Shani Vakri 2022, Saturn Retrograde 2022:</strong> वैदिक ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक जब भी कोई ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है। तो उसका सीधा असर मानव जीवन और पृथ्वी पर पड़ता है। आपको बता दें कि कर्मफल दाता शनि देव 5 जून को कुंभ राशि में वक्री होने जा रहे हैं। वक्री मतलब किसी भी ग्रह का उल्टी चाल से चलना है, जिसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा, बतादें कि शनि 141 दिनों के लिए वक्री हो रहे हैं। वक्री से अर्थ शनि की उल्टी चाल से हैं। शनि जब वक्री होते हैं तो कष्ट में होते हैं। इसलिए शनि को नाराज नहीं करना चाहिए। पंचांग के अनुसार 5 जून 2022, रविवार को प्रात: 3 बजकर 16 मिनट पर शनि वक्री होंगे। आपकी राशि पर इसका क्या प्रभाव होगा, जानते हैं राशिफल-</p>
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<ol>
<li><strong>मेष राशि (Aries)-</strong> गलत कामों को करने से बचें आपकी राशि पर राहु विराजमान हैं।इसलिए नकारात्मक विचारों से दूर रहने की जरूरत है. कमजोर व्यक्तियों की सेवा करें।</li>
<li><strong>वृषभ राशि (Taurus)-</strong> धन के मामले में सोच समझ कर निर्णय लेना होगा. बड़ी पूंजी का निवेश करने जा रहे हैं, तो जल्दबाजी न करें. ऑफिस में सभी से विनम्रता से बोलें।</li>
<li><strong>मिथुन राशि (Gemini)-</strong> मिथुन राशि वालों को शनि देव कर्म के महत्व को समझने के लिए कह रहे हैं।जिम्मेदारियों पर खरा उतरने का प्रयास करें. शनि इस दौरान काफी कुछ सीखाने वाले हैं। सीखने के लिए तैयार रहे।</li>
<li><strong>कर्क राशि (Cancer)-</strong> कर्क राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है. इसलिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। कर्ज लेने से बचें।</li>
<li><strong>सिंह राशि (Leo)-</strong> शनि आपकी जिम्मेदारियों में इजाफा करने जा रहे हैं। हर प्रकार के गलत कामों को करने से बचें. लोभ से दूर रहें।</li>
<li><strong>कन्या राशि (Virgo)-</strong> जॉब और बिजनेस में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। ऑफिस में आपके काम की सराहना होगी।आय में वृद्धि हो सकती है. परिश्रम में कमी न आने दें।</li>
<li><strong>तुला राशि (Libra)-</strong> धन से जुड़े कामों को सावधानी से करना होगा। बाधा और परेशानी आ सकती है. जीवनसाथी की सलाह काम आ सकती है।</li>
<li><strong>वृश्चिक राशि (Scorpio)-</strong> वृश्चिक राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है. सेहत और धन से जुड़ी चीजों पर विशेष ध्यान देना होगा। विवाह में देरी की स्थिति भी बन सकती है। शनि का दान करें।</li>
<li><strong>धनु राशि (Sagittarius)-</strong> धनु राशि वालों को शनि नियम और अनुशासन का कठोरता से पालन करने के लिए कह रहे हैं। विद्यार्थियों को अधिक मेहतन करने की जरूरत है।</li>
<li><strong>मकर राशि (Capricorn)-</strong> शनि की साढ़े साती आप पर चल रही है. क्रोध और अहंकार न करें। इससे बने बनाए काम भी बिगड़ सकते हैं. लव पार्टनर की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है।</li>
<li><strong>कुंभ राशि (Aquarius)-</strong> कुंभ राशि पर भी शनि की साढ़े साती चल रही है। इस दौरान की बचत करने में दिक्कत आ सकती है। अनावश्यक खर्चों में वृद्धि हो सकती है।</li>
<li><strong>मीन राशि (Pisces)-</strong> मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती आरंभ हो चुकी है। इस दौरान सेहत का विशेष ध्यान रखना होगा। कार्यों में भी बाधा का सामना करना पड़ सकता है। धैर्य बनाए रखना होगा।</li>
</ol>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 May 2022 14:20:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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                <title>हल्द्वानी: 397 साल बाद बृहस्पति और शनि होंगे सबसे नजदीक</title>
                                    <description><![CDATA[मुकुल चौहान, हल्द्वानी। अंतरिक्ष में होने वाली खगोलीय घटनाएं इंसान को हमेशा आकर्षित करती हैं। खासकर साल 2020 के अंत तक ऐसी खगोलीय घटनाएं हो रही हैं, जिसके हम लगातार गवाह बनते जा रहे हैं। 21 दिसंबर 2020 को यानी 397 साल बाद एक बार फिर बृहस्पति और शनि एक दूसरे के बेहद नजदीक होंगे। …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>मुकुल चौहान, हल्द्वानी।</strong> अंतरिक्ष में होने वाली खगोलीय घटनाएं इंसान को हमेशा आकर्षित करती हैं। खासकर साल 2020 के अंत तक ऐसी खगोलीय घटनाएं हो रही हैं, जिसके हम लगातार गवाह बनते जा रहे हैं। 21 दिसंबर 2020 को यानी 397 साल बाद एक बार फिर बृहस्पति और शनि एक दूसरे के बेहद नजदीक होंगे। जिसको धरती से खुली आंखों से भी देखा जा सकेगा। ग्रहों का यह अद्भुत मिलन 16 दिसंबर से दिखने लगा है, जो हमें एक संयुक्त तारे की तरह चमकता दिखाई दे रहा है। सितंबर माह से ही दोनों ग्रह एक दूसरे के नजदीक बढ़ रहे हैं। हालांकि 21 को दोनों ग्रहों की बीच की दूरी 75 करोड़ किलोमीटर होगी।</p>
<p>साल 2020 में इंसान बहुत सी खगोलीय घटनाओं का प्रत्यक्ष गवाह रहा है। इस पूरे साल दर्जन भर ऐस्टेरायड धरती के पास से निकल चुके हैं। पिछले दिनों उल्का पिंडों की बेहद सुंदर बरसात के भी लोगों को दीदार हुए। अब 397 साल बाद यानी मुगल काल के बाद दूसरी बार हम बृहस्पति और शनि को दूसरी बार इतना नजदीक देखेंगे, जो हमें एक चमकीले संयुक्त तारे की तरह नजर आयेगा।</p>
<p>नैनीताल स्थित आर्यभट्ट उपग्रह केंद्र के वैज्ञानिकों ने बताया कि पिछले दो-तीन माह से आकाश में क्षितिज के कुछ अंश ऊपर दो चमकीले पिंड दिखाई दे रहे हैं। आगे-आगे बृहस्पति और उसके पीछे शनि चल रहा है। 21 दिसंबर की रात इन दोनों का अनूठा मिलन दिखाई देगा।वैज्ञानिकों ने बताया कि दोनों बड़े ग्रहों का एक दूसरे के इतना नजदीक आना ग्रेट कंजंक्शन कहलाता है। इस तरह की घटनाएं हर 20 साल बाद होती हैं।</p>
<p>यह ग्रेट कंजंक्शन है। इसमें ग्रह एक दूसरे के बेहद करीब आ जाते हैं। बृहस्पति, शनि और धरती के एक सीध् में रहने से भी हमें ये नजदीक दिखाई देंगे। इसे खुली आंखों यो फिर साधारण दूरबीन से भी देखा जा सकता है। <strong>-शशि भूषण पांडेय, वैज्ञानिक, एरिज नैनीताल</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Dec 2020 18:49:30 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>400 साल बाद आएगा ये दुर्लभ मौका, 21 दिसंबर को आकाश में दिखेगा कुछ ऐसा&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[कोलकाता। करीब चार सौ साल बाद बृहस्पति और शनि के बहुत करीब आने तथा एक चमकदार तारे की तरह दिखने का दुर्लभ नजारा आगामी 21 दिसंबर को आसमान में देखा जा सकेगा। एम पी बिड़ला तारामंडल के निदेशक देबी प्रसाद दुआरी ने एक बयान में कहा कि दोनों ग्रहों को 1623 के बाद से कभी …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/54595/this-rare-opportunity-will-come-after-400-years-on-december-21-something-like-this-will-be-seen-in-the-sky"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2020-12/aakash.jpg" alt=""></a><br />
<p><strong>कोलकाता।</strong> करीब चार सौ साल बाद बृहस्पति और शनि के बहुत करीब आने तथा एक चमकदार तारे की तरह दिखने का दुर्लभ नजारा आगामी 21 दिसंबर को आसमान में देखा जा सकेगा। एम पी बिड़ला तारामंडल के निदेशक देबी प्रसाद दुआरी ने एक बयान में कहा कि दोनों ग्रहों को 1623 के बाद से कभी इतने करीब नहीं देखा गया।</p>



<p>उन्होंने कहा, ‘‘जब दो खगोलीय पिंड पृथ्वी से एक दूसरे के बहुत करीब नजर आते हैं तो इस घटनाक्रम को ‘कंजक्शन’ कहते हैं। और शनि तथा बृहस्पति के इस तरह के मिलन को ‘ग्रेट कंजक्शन’ कहते हैं।’’इसके बाद ये दोनों ग्रह 15 मार्च, 2080 को पुन: इतने करीब होंगे।</p>



<p>दुआरी ने बताया कि 21 दिसंबर को दोनों ग्रहों के बीच की दूरी करीब 73.5 करोड़ किलोमीटर होगी। हर दिन ये दोनों एक दूसरे के थोड़े करीब आते जाएंगे। भारत में अधिकतर शहरों में सूर्यास्त के पश्चात इस घटनाक्रम का दीदार किया जा सकता है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/54595/this-rare-opportunity-will-come-after-400-years-on-december-21-something-like-this-will-be-seen-in-the-sky</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/54595/this-rare-opportunity-will-come-after-400-years-on-december-21-something-like-this-will-be-seen-in-the-sky</guid>
                <pubDate>Sun, 06 Dec 2020 18:34:38 +0530</pubDate>
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