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                <title>Lok Sabha Speaker - Amrit Vichar</title>
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                <description>Lok Sabha Speaker RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>स्पीकर पर अविश्वास प्रस्ताव:  गृहमंत्री अमित शाह के बयान पर लोकसभा में जबरजस्त हंगामा, कहा -नहीं दबाई विपक्ष की आवाज </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ संकल्प लाने को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि विपक्षी दलों ने बिरला की निष्ठा पर सवाल खड़े किए हैं, जो बहुत अफसोसजनक है। उन्होंने सदन में विपक्ष के संकल्प पर चर्चा का जवाब देते हुए यह भी कहा कि किसी को भी नियम के विपरीत बोलने का अधिकार नहीं है। गृह मंत्री ने कहा कि विपक्ष द्वारा प्रस्ताव लाया जाना अफसोसजनक है।</p>
<p style="text-align:justify;">शाह ने कहा, ''अध्यक्ष के फैसले पर असहमति हो सकती है, लेकिन उनका निर्णय अंतिम होता है।'' उन्होंने कहा कि विपक्ष</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574624/no-confidence-motion-against-the-speaker--home-minister-amit-shah--replying-in-the-lok-sabha--said--%22no-one-can-speak-against-the-rules-%22"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/वायरल-तस्वीर-(36)3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ संकल्प लाने को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि विपक्षी दलों ने बिरला की निष्ठा पर सवाल खड़े किए हैं, जो बहुत अफसोसजनक है। उन्होंने सदन में विपक्ष के संकल्प पर चर्चा का जवाब देते हुए यह भी कहा कि किसी को भी नियम के विपरीत बोलने का अधिकार नहीं है। गृह मंत्री ने कहा कि विपक्ष द्वारा प्रस्ताव लाया जाना अफसोसजनक है।</p>
<p style="text-align:justify;">शाह ने कहा, ''अध्यक्ष के फैसले पर असहमति हो सकती है, लेकिन उनका निर्णय अंतिम होता है।'' उन्होंने कहा कि विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष की निष्ठा पर सवाल उठाया है। गृह मंत्री ने कहा, ''जब सदन के मुखिया की निष्ठा पर सवाल उठाया जाता है तो दुनिया में भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया की साख पर सवाल खड़े हो जाते हैं।''</p>
<p style="text-align:justify;">शाह ने कहा कि बजट सत्र के पिछले चरण में लोकसभा अध्यक्ष के चैम्बर में ऐसा माहौल खड़ा किया गया कि अध्यक्ष की सुरक्षा की चिंता पैदा हो गई थी। उन्होंने कहा कि अगर सदन के नियमों के खिलाफ कोई बोलता है तो लोकसभा अध्यक्ष को उसे रोकने और बाहर निकालने का अधिकार है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/574595/108-naxalites-surrender-in-chhattisgarh--security-forces-achieve-major-success--each-carried-a-bounty-of-%E2%82%B98-lakh"><span class="t-red">छत्तीसगढ़ में 108 नक्सलियों का आत्मसमर्पण: </span>सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता, हर एक पर था 8 लाख का इनाम </a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/574624/no-confidence-motion-against-the-speaker--home-minister-amit-shah--replying-in-the-lok-sabha--said--%22no-one-can-speak-against-the-rules-%22</link>
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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 17:35:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विपक्ष के कुछ सदस्य अप्रिय घटना को देना चाहते थे अंजाम : बिरला बोले- मेरे आग्रह पर सदन में नहीं आए प्रधानमंत्री </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बृहस्पतिवार को कहा कि कल सदन में विपक्ष के कई नेता नेता सदन के आसन के पास पहुंचकर किसी अप्रत्याशित घटना को अंजाम देना चाहते थे, इसलिए उनके अनुरोध पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सदन में नहीं आए। बिरला ने यह भी कहा कि बुधवार को विपक्ष के कुछ सदस्यों ने उनके चैंबर में आकर जिस तरह का व्यवहार किया, वैसा लोकसभा की शुरुआत से लेकर आज तक कभी नहीं हुआ और यह दृश्य एक 'काले धब्बे' की तरह था। </p>
<p style="text-align:justify;">लोकसभा की बैठक विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण तीन बार के स्थगन के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570166/some-members-of-the-opposition-wanted-to-create-an-unpleasant-incident--birla-said---the-pm-did-not-come-to-the-house-at-my-request"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/biral.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बृहस्पतिवार को कहा कि कल सदन में विपक्ष के कई नेता नेता सदन के आसन के पास पहुंचकर किसी अप्रत्याशित घटना को अंजाम देना चाहते थे, इसलिए उनके अनुरोध पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सदन में नहीं आए। बिरला ने यह भी कहा कि बुधवार को विपक्ष के कुछ सदस्यों ने उनके चैंबर में आकर जिस तरह का व्यवहार किया, वैसा लोकसभा की शुरुआत से लेकर आज तक कभी नहीं हुआ और यह दृश्य एक 'काले धब्बे' की तरह था। </p>
<p style="text-align:justify;">लोकसभा की बैठक विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण तीन बार के स्थगन के बाद अपराह्न तीन बजे पुन: शुरू हुई तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कल ''सदन के नेता (प्रधानमंत्री मोदी) को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देना था। मेरे पास ऐसी पुख्ता जानकारी आई कि कांग्रेस पार्टी के कई सदस्य नेता सदन के आसन पर पहुंचकर कोई भी अप्रत्याशित घटना को अंजाम दे सकते थे। मैंने यह दृश्य सदन में देखा भी। अगर ऐसी घटना हो जाती तो यह अत्यंत अप्रिय दृश्य देश की लोकतांत्रिक परंपराओं को तार-तार कर देता।'' </p>
<p style="text-align:justify;">अध्यक्ष ने कहा, ''इसे टालने के लिए मैंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया उन्हें सदन में नहीं आना चाहिए। अध्यक्ष होने के नाते मेरी जिम्मेदारी बनती थी कि सदन की उच्च परंपराओं और गरिमा को अक्षुण्ण बनाकर रखूं। सदन के नेता सदन में नहीं बोलें, यह सभा के लिए किसी प्रकार उचित नहीं है।'' बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को सदन में नहीं आकर उनके आग्रह को मानते हुए सदन को अप्रिय दृश्य से बचाया और इसके लिए वह प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी कहा, ''कल की घटना देश ने देखी है कि किस तरह महिला सदस्य वहां (प्रधानमंत्री के बैठने के स्थान) तक पहुंची हैं। यह किसी तरह उचित नहीं था। सदन की गरिमा के अनुकूल नहीं था। आप सदन की गरिमा को गिराना चाहते हैं। आप शब्दों से बात कह सकते हैं, आरोप लगा सकते हैं। लेकिन आप इधर (सत्तापक्ष की तरफ) आकर जिस तरह कर रहे हैं, यह उचित नहीं है।'' </p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब प्रधानमंत्री द्वारा बुधवार को सदन में दिए जाने की संभावना थी। बृहस्पतिवार को लोकसभा ने धन्यवाद प्रस्ताव को बिना प्रधानमंत्री के जवाब के पारित कर दिया। अध्यक्ष ने यह भी कहा कि कल कुछ लोकसभा सदस्यों ने उनके चैंबर में इस तरह का व्यवहार किया जो निम्न सदन की शुरुआत से लेकर आज तक कभी तक नहीं हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ''हमारी संसदीय प्रणाली में सदन के सभापति का गरिमामयी स्थान संविधान में सृजित किया गया है। आज तक इतिहास रहा है कि राजनीतिक मतभेदों को कभी भी अध्यक्ष के कार्यालय तक नहीं लाया गया। विपक्ष के सदस्यों ने अध्यक्ष के कार्यालय में जो व्यवहार किया, वह उचित नहीं था और मैं कहूंगा कि वह एक काले धब्बे की तरह था। हम सबको सदन के सुचारू संचालन में सहयोग करना चाहिए।''</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान बैनर और पोस्टर दिखा रहे कुछ विपक्षी सांसदों से नाराजगी जताते हुए बिरला ने कहा, ''अगर आप पोस्टर और पैम्पलेट लेकर यहां आएंगे तो सदन नहीं चलेगा। आज भी नहीं चलेगा, कल भी नहीं चलेगा।'' इसके बाद उन्होंने कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 16:00:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओम बिरला का राहुल गांधी पर पलटवार : कहा- बोलने की अनुमति देना, नहीं देना नियम प्रक्रिया से निर्धारित होता है</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर इशारों-इशारों में पलटवार करते हुए कहा कि सदन में बोलने की अनुमति देना या नहीं देना नियम-पक्रिया से निर्धारित होता है। राहुल गांधी ने मंगलवार को बिरला को पत्र लिखकर उन पर सरकार के इशारे पर खुद को सदन में बोलने से रोकने का आरोप लगाते हुए कहा था कि यह लोकतंत्र पर 'काला धब्बा' है। </p>
<p style="text-align:justify;">लोकसभा की कार्यवाही बुधवार को जब एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे शुरू हुई तो बिरला ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर वक्तव्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570023/om-birla-retaliates-against-rahul-gandhi--says-granting-or-denying-permission-to-speak-is-determined-by-rules-and-procedures"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/08.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर इशारों-इशारों में पलटवार करते हुए कहा कि सदन में बोलने की अनुमति देना या नहीं देना नियम-पक्रिया से निर्धारित होता है। राहुल गांधी ने मंगलवार को बिरला को पत्र लिखकर उन पर सरकार के इशारे पर खुद को सदन में बोलने से रोकने का आरोप लगाते हुए कहा था कि यह लोकतंत्र पर 'काला धब्बा' है। </p>
<p style="text-align:justify;">लोकसभा की कार्यवाही बुधवार को जब एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे शुरू हुई तो बिरला ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर वक्तव्य देने के लिए वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का नाम पुकारा। गोयल ने सदन में विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच वक्तव्य पढ़ा। </p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान विपक्षी सदस्य आसन के निकट पहुंचकर नारेबाजी कर रहे थे। गोयल के वक्तव्य देने के दौरान कुछ विपक्षी सदस्य सत्तापक्ष की अग्रिम पंक्तियों की तरफ भी पहुंच गए। बिरला ने विपक्षी सदस्यों से कहा, ''इस देश में अलग-अलग समय आप सरकार में रहे हैं। मेरा मत है कि इतने लंबे समय तक सरकार में रहने के बावजूद आप सदन की परंपराओं और मर्यादाओं को तोड़ रहे हैं। विरोध का तरीका और हो सकता है। लेकिन आप उस जगह (सत्तापक्ष की सीटों की तरफ) जाकर मर्यादाओं को तोड़ेंगे तो लोकतंत्र के प्रति लोगों को विश्वास कम होगा।'' </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा, ''आप चुनकर आते हैं। सदन के अंदर और बाहर विरोध का तरीका होता है। लेकिन आप इतने वरिष्ठ नेता हैं, आपने लंबे समय तक शासन किया है। बोलने की अनुमति देना या नहीं देना नियम प्रक्रिया से निर्धारित होता है। क्या आप मर्यादा तोड़ेंगे? आपके सदस्य इधर से उधर जाएंगे, क्या यह उचित है?'' लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, ''मंत्री बोल रहे हैं, आपके सदस्य उधर जाकर खड़े हो रहे हैं, यह उचित नहीं है।'' उनका कहना था, ''पहले भी विरोध हुआ है, लेकिन मर्यादा किसी ने नहीं तोड़ी। आप मर्यादाएं तोड़ रहे हैं। यह उचित नहीं है।'' </p>
<p style="text-align:justify;">बिरला ने कहा कि नारेबाजी और बैनर से विरोध नहीं होता, बल्कि बोलकर और तर्कों से होता है। राहुल गांधी ने सोमवार की तरह मंगलवार को भी लोकसभा में पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण पर आधारित लेख का हवाला देकर चीन का विषय उठाने का प्रयास किया था, लेकिन आसन से इसकी अनुमति नहीं मिली। हालांकि, उन्होंने मंगलवार को इस लेख को सत्यापित किया और सदन के पटल पर रखा। इस विषय और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर सदन में गतिरोध बना हुआ है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/570023/om-birla-retaliates-against-rahul-gandhi--says-granting-or-denying-permission-to-speak-is-determined-by-rules-and-procedures</link>
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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 13:25:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> राहुल गांधी ने बिरला को लिखा पत्र, कहा- विपक्ष के नेता को बोलने से रोकना लोकतंत्र की परंपरा पर आघात </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को मंगलवार को पत्र लिखकर कहा है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेने के दौरान उन्हें बोलने से रोका जाना चिंता का विषय है और यह लोकतंत्र की परंपरा के लिये गहरा आघात है।</p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सोमवार को जिस तथ्य को प्रमाणित करने के बहाने उन्हें बोलने से रोका गया है उसकी प्रमाणिकता के संदर्भ में उन्होंने सदन के पटल पर दस्तावेज पेश कर दिया है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569955/rahul-gandhi-wrote-a-letter-to-birla--saying-that-preventing-the-leader-of-the-opposition-from-speaking-is-an-attack-on-the-traditions-of-democracy"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/07.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को मंगलवार को पत्र लिखकर कहा है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेने के दौरान उन्हें बोलने से रोका जाना चिंता का विषय है और यह लोकतंत्र की परंपरा के लिये गहरा आघात है।</p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सोमवार को जिस तथ्य को प्रमाणित करने के बहाने उन्हें बोलने से रोका गया है उसकी प्रमाणिकता के संदर्भ में उन्होंने सदन के पटल पर दस्तावेज पेश कर दिया है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने लिखा "आपने जिस दस्तावेज को प्रमाणित करने का निर्देश दिया था आज मैंने अपनी बातचीत को पुनः शुरू करते हुए उस को प्रमाणित कर दिया। सदन की लंबी परंपरा में पूर्ववर्ती अध्यक्षों के ऐसे मामलों में समय समय पर दिए गये निर्णय भी शामिल हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">सदन में किसी दस्तावेज़ का उल्लेख करने वाला सदस्य प्रस्तुत तथ्यों को प्रमाणित करने के लिए बाध्य होता है और इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद अध्यक्ष उस सदस्य को दस्तावेज़ का उद्धरण देने या उसका उल्लेख करने की अनुमति देते हैं। इसके बाद उस दस्तावेज़ पर प्रतिक्रिया देने का काम सरकार का हो जाता है और अध्यक्ष की भूमिका समाप्त हो जाती है।" </p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने आगे लिखा "आज मुझे लोकसभा में बोलने से रोका जाना न केवल इस परंपरा का उल्लंघन है, बल्कि यह एक गंभीर चिंता भी पैदा करता है कि विपक्ष के नेता के रूप में राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मामलों पर मुझे जानबूझकर बोलने से रोका जा रहा है। यह दोहराना उचित होगा कि राष्ट्रीय सुरक्षा राष्ट्रपति के अभिभाषण का एक प्रमुख हिस्सा थी, जिस पर संसद में चर्चा आवश्यक है।" </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध करते हुए लिखा "सदन के निष्पक्ष संरक्षक के रूप में आपकी संवैधानिक और संसदीय जिम्मेदारी है कि आप प्रत्येक सदस्य के अधिकारों की, विशेषकर विपक्षी सदस्यों के अधिकारों की रक्षा करें। विपक्ष के नेता और प्रत्येक सदस्य को बोलने का अधिकार हमारे लोकतंत्र का आधार है और इन अधिकारों का पालन करने से रोकने के कारण अभूतपूर्व स्थिति उत्पन्न हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">संसदीय इतिहास में पहली बार, सरकार के इशारे पर अध्यक्ष को मजबूर किया गया है कि वे विपक्ष के नेता को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने से रोक दें। यह लोकतंत्र पर एक धब्बा लगाया गया है और इस पर मैं अपनी गहरी आपत्ति दर्ज करता हूं।"  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/569955/rahul-gandhi-wrote-a-letter-to-birla--saying-that-preventing-the-leader-of-the-opposition-from-speaking-is-an-attack-on-the-traditions-of-democracy</link>
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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 20:36:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को बड़ा झटका : सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका, संसदीय जांच समिति के गठन को दी थी चुनौती </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की ओर से दायर उस रिट याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के तहत जांच समिति गठित करने के लोकसभा अध्यक्ष के फैसले को चुनौती दी थी। यह निर्णय न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने सुनाया। </p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि न्यायमूर्ति वर्मा के आधिकारिक आवास पर कथित तौर पर बेहिसाब नकदी मिलने के बाद उनके खिलाफ शुरू किए गए महाभियोग प्रस्ताव के संबंध में यह समिति गठित की गई थी। न्यायमूर्ति वर्मा की ओर से पेश वरिष्ठ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567961/justice-yashwant-varma-suffers-a-major-setback--supreme-court-dismisses-his-petition-challenging-the-formation-of-the-parliamentary-inquiry-committee"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/cats162.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की ओर से दायर उस रिट याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के तहत जांच समिति गठित करने के लोकसभा अध्यक्ष के फैसले को चुनौती दी थी। यह निर्णय न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने सुनाया। </p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि न्यायमूर्ति वर्मा के आधिकारिक आवास पर कथित तौर पर बेहिसाब नकदी मिलने के बाद उनके खिलाफ शुरू किए गए महाभियोग प्रस्ताव के संबंध में यह समिति गठित की गई थी। न्यायमूर्ति वर्मा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी और लोकसभा सचिवालय का प्रतिनिधित्व कर रहे भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलें सुनने के बाद आठ जनवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। </p>
<p style="text-align:justify;">न्यायमूर्ति वर्मा ने जांच समिति के गठन को इस आधार पर चुनौती दी थी कि महाभियोग नोटिस लोकसभा और राज्यसभा दोनों में एक ही दिन (21 जुलाई) पेश किए गए थे, फिर भी लोकसभा अध्यक्ष ने राज्यसभा सभापति के निर्णय की प्रतीक्षा किए बिना या अनिवार्य संयुक्त परामर्श किए बिना एकतरफा रूप से समिति का गठन कर दिया। याचिका में तर्क दिया गया कि अपनाई गई प्रक्रिया न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 की धारा 3(2) के विपरीत थी। </p>
<p style="text-align:justify;">इसमें धारा 3(2) के प्रावधान का हवाला दिया गया, जो यह निर्धारित करता है कि जहाँ संसद के दोनों सदनों में एक ही दिन प्रस्ताव के नोटिस दिए जाते हैं, वहाँ कोई समिति तब तक गठित नहीं की जाएगी जब तक कि प्रस्ताव दोनों सदनों में स्वीकार न कर लिया जाए और यदि स्वीकार कर लिया जाता है, तो समिति का गठन लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति द्वारा संयुक्त रूप से किया जाना चाहिए। </p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि 21 जुलाई, 2025 को संसद के दोनों सदनों में न्यायमूर्ति वर्मा के महाभियोग की मांग करने वाले अलग-अलग प्रस्ताव पेश किए गए थे। उसी दिन, तत्कालीन राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने अपना इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद, 11 अगस्त को राज्यसभा के उपसभापति ने उच्च सदन में पेश किए गए प्रस्ताव को खारिज कर दिया। </p>
<p style="text-align:justify;">एक दिन बाद, 12 अगस्त को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति अरविंद कुमार, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मौजूदा मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एम.एम. श्रीवास्तव और वरिष्ठ अधिवक्ता बी.वी. आचार्य की सदस्यता वाली एक जांच समिति के गठन की घोषणा की। </p>
<p style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान रोहतगी ने तर्क दिया कि चूंकि प्रस्ताव दोनों सदनों में एक साथ पेश किए गए थे, इसलिए जांच समिति केवल अध्यक्ष और सभापति द्वारा संयुक्त रूप से गठित की जा सकती थी। उपसभापति के पास राज्यसभा के प्रस्ताव को खारिज करने का अधिकार नहीं था। सॉलिसिटर जनरल ने हालांकि दलील दी कि समिति का गठन राज्यसभा के प्रस्ताव के खारिज होने के बाद ही किया गया था। </p>
<p style="text-align:justify;">पीठ ने टिप्पणी की कि उपसभापति सभापति की अनुपस्थिति में उनके कार्यों का निर्वहन करने के लिए सक्षम थे। अदालत ने यह भी सवाल किया कि यदि समिति के गठन में कोई प्रक्रियात्मक कमी मान भी ली जाए, तो इससे न्यायमूर्ति वर्मा को किस तरह का नुकसान हुआ है। निर्णय के आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होने के बाद और अधिक जानकारी मिल सकेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 14:43:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Budget 2026-27 : वित्त मंत्री 1 फरवरी को ही पेश करेंगी बजट, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की पुष्टि </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को पुष्टि की कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। इस बार बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि वित्त मंत्री 1 फरवरी को सुबह 11 बजे निचले सदन में बजट पेश करना शुरू करेंगी। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा।</p>
<p>बजट पेश करने की सामान्य तारीख 1 फरवरी इस वर्ष रविवार को पड़ रही है। इसलिए सटीक तारीख को लेकर कुछ अनिश्चितता थी। लोकसभा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567463/budget-2026-27--the-finance-minister-will-present-the-budget-on-february-1st--lok-sabha-speaker-om-birla-confirms"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/cats129.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को पुष्टि की कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। इस बार बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि वित्त मंत्री 1 फरवरी को सुबह 11 बजे निचले सदन में बजट पेश करना शुरू करेंगी। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा।</p>
<p>बजट पेश करने की सामान्य तारीख 1 फरवरी इस वर्ष रविवार को पड़ रही है। इसलिए सटीक तारीख को लेकर कुछ अनिश्चितता थी। लोकसभा अध्यक्ष ने अब इस मुद्दे को स्पष्ट कर दिया है। इससे पहले, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि बजट सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से शुरू होगा और 13 फरवरी को समाप्त होगा। संसद दूसरे चरण के लिए 9 मार्च को पुन: एकत्रित होगी और 2 अप्रैल तक चलेगी।</p>
<p>मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों को 2026 के बजट सत्र के लिए बुलाने की मंजूरी दे दी है। बीटिंग रिट्रीट समारोह के कारण 29 जनवरी को संसद की बैठक नहीं होगी, जबकि दोनों सदनों की बैठक 30 जनवरी को होगी। इस दिन आर्थिक सर्वेक्षण पेश किए जाने की संभावना है।</p>
<p>केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश होने से एक दिन पहले, शनिवार 31 जनवरी को भी संसद की बैठक नहीं होगी।राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर विचार-विमर्श और बजट पर चर्चा के बाद संसद 13 फरवरी को लगभग एक महीने के अवकाश के लिए स्थगित हो जाएगी। सत्र 9 मार्च को फिर से शुरू होगा और 2 अप्रैल को समाप्त होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/567463/budget-2026-27--the-finance-minister-will-present-the-budget-on-february-1st--lok-sabha-speaker-om-birla-confirms</link>
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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 19:38:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> संसद पर हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि, शीर्ष नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का लिया संकल्प </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली।</strong> संसद पर वर्ष 2001 में आज ही के दिन किये गये आतंकवादी हमले की 24 वीं बरसी पर शनिवार को यहां देश के शीर्ष नेतृत्व ने इस हमले का मुकाबला करते हुए प्राण न्योच्छावर करने वाले सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संकल्प लिया। उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन परिसर में शहीदों को नमन किया। </p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, अनेक केन्द्रीय मंत्री, सांसद, पूर्व सांसद और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563372/tributes-paid-to-martyrs-of-parliament-attack--top-leaders-pledge-unity-against-terrorism"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/untitled-design-(30)4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली।</strong> संसद पर वर्ष 2001 में आज ही के दिन किये गये आतंकवादी हमले की 24 वीं बरसी पर शनिवार को यहां देश के शीर्ष नेतृत्व ने इस हमले का मुकाबला करते हुए प्राण न्योच्छावर करने वाले सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संकल्प लिया। उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन परिसर में शहीदों को नमन किया। </p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, अनेक केन्द्रीय मंत्री, सांसद, पूर्व सांसद और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह, राज्यसभा के महासचिव पी. सी. मोदी तथा शहीदों के परिजनों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री राधाकृष्णन ने अपने संदेश में कहा, "मैं देश के साथ मिलकर उन बहादुर सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूँ, जिन्होंने हमारी संसद की पवित्रता की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। </p>
<p style="text-align:justify;">उनका अटूट साहस और सर्वोच्च बलिदान आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर खड़े रहने के हमारे राष्ट्र के संकल्प की एक स्थायी याद दिलाता है।" श्री बिरला ने कहा, "देश की एकता, अखंडता, सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता मात्र औपचारिक घोषणा नहीं, बल्कि यह सशक्त संदेश है कि भारत किसी भी प्रकार की आतंकवादी मंशा के आगे कभी नहीं झुकेगा।" </p>
<p style="text-align:justify;">PM मोदी ने शहीद सुरक्षा कर्मियों के शौर्य को स्मरण करते हुए कहा , "आज के दिन हमारा देश 2001 में संसद पर हुए जघन्य हमले में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीरों को याद करता है। गंभीर खतरे के सामने उनका साहस, सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा अद्भुत थी। भारत उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए सदैव कृतज्ञ रहेगा।"  </p>
<p style="text-align:justify;">गांधी ने कहा, "देश के सम्मान की रक्षा करने वाले शहीद जवानों को कोटि कोटि नमन और विनम्र श्रद्धांजलि। भारत आपका यह बलिदान हमेशा याद रखेगा और इससे देश प्रेम की प्रेरणा लेता रहेगा। " गौरतलब है कि 13 दिसंबर 2001 को भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने संसद भवन पर हमला करने का प्रयास किया था। इस हमले को नाकाम करते हुए संसद भवन की ड्यूटी पर तैनात 9 वीर जवान शहीद हो गये थे। </p>
<p style="text-align:justify;">शहीद जवानों और कर्मचारियों में जगदीश प्रसाद यादव और मातबर सिंह नेगी (सुरक्षा सहायक, राज्यसभा सचिवालय), कमलेश कुमारी (कांस्टेबल, केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल), नानक चंद और रामपाल (सहायक उपनिरीक्षक, दिल्ली पुलिस) , ओम प्रकाश, बिजेंद्र सिंह और घनश्याम (हेड कांस्टेबल, दिल्ली पुलिस) देशराज (माली, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग) हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">जगदीश प्रसाद यादव, मातबर सिंह नेगी और कमलेश कुमारी को असाधारण वीरता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए मरणोपरांत अशोक चक्र प्रदान किया गया। वहीं नानक चंद, रामपाल, ओम प्रकाश, बिजेंद्र सिंह और घनश्याम को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। संसद के दोनों सदनों में भी शुक्रवार को शहीद सुरक्षाकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी थी।</p>
<h5 class="post-title"><span class="t-red">ये भी पढ़े : </span></h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/563355/snowfall-in-himachal----weather-takes-a-turn-in-the-mountains--imd-issues-alert-for-the-next-5-days"><span class="t-red">हिमाचल में बर्फबारी...</span> पहाड़ों पर मौसम ने ली करवट, अगले 5 दिनों के लिए IMD का अलर्ट</a></h5>
<p style="text-align:justify;"><strong>सोर्स : (वार्ता) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/563372/tributes-paid-to-martyrs-of-parliament-attack--top-leaders-pledge-unity-against-terrorism</link>
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                <pubDate>Sat, 13 Dec 2025 15:09:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मॉनसून सत्र का आखिरी दिन: भारी हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुई लोकसभा की कार्यवाही </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>लोकसभा की बैठक बृहस्पतिवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई जिसमें 12 विधेयकों को बिना चर्चा के या संक्षिप्त चर्चा के साथ पारित किया गया। लोकसभा अध्यक्ष ने मानसून सत्र में कार्यवाही में गतिरोध बनाए रखने पर विपक्षी दलों के प्रति निराशा प्रकट करते हुए कहा कि नियोजित तरीके से सदन के कामकाज में व्यवधान पैदा किया गया जो लोकतंत्र और सदन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">14 सरकारी विधेयक पेश किए गए और 12 विधेयक पारित </h5>
<p style="text-align:justify;">अठारहवीं लोकसभा के पांचवें सत्र की शुरुआत 21 जुलाई को हुई थी जिसमें 14 सरकारी विधेयक पेश किए गए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/550715/last-day-of-monsoon-session--lok-sabha-adjourned-indefinitely-amid-huge-uproar"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/untitled-design-(17)13.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>लोकसभा की बैठक बृहस्पतिवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई जिसमें 12 विधेयकों को बिना चर्चा के या संक्षिप्त चर्चा के साथ पारित किया गया। लोकसभा अध्यक्ष ने मानसून सत्र में कार्यवाही में गतिरोध बनाए रखने पर विपक्षी दलों के प्रति निराशा प्रकट करते हुए कहा कि नियोजित तरीके से सदन के कामकाज में व्यवधान पैदा किया गया जो लोकतंत्र और सदन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">14 सरकारी विधेयक पेश किए गए और 12 विधेयक पारित </h5>
<p style="text-align:justify;">अठारहवीं लोकसभा के पांचवें सत्र की शुरुआत 21 जुलाई को हुई थी जिसमें 14 सरकारी विधेयक पेश किए गए और 12 विधेयक पारित किए गए। इनमें अनुसूचित जनजातियों के विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्समायोजन से संबंधित गोवा विधेयक 2025, मर्चेंट शिपिंग विधेयक 2025, मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025, मणिपुर विनियोग (संख्या 2) विधेयक 2025, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2025 और राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग (संशोधन) विधेयक 2025 शामिल हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">इनके अलावा आयकर विधेयक 2025, कराधान कानून (संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय बंदरगाह विधेयक 2025, खनिज और खनिज विकास (विनियमन और संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक 2025 और ऑनलाइन खेल संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 भी हंगामे के बीच लोकसभा में पारित किए गए। </p>
<p style="text-align:justify;">लोकसभा ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार किए जाने और लगातार 30 दिन तक हिरासत में रहने पर पद से हटाए जाने के प्रावधान वाले ‘संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025’, ‘संघ राज्य क्षेत्र शासन (संशोधन) विधेयक, 2025’ और ‘जम्मू कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025’ को संसद की संयुक्त समिति को भेजने का निर्णय लिया। </p>
<h5 style="text-align:justify;">सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक</h5>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के काफी हंगामे के बीच इन्हें बुधवार को पेश किया था और दौरान सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक की स्थिति भी बनी। सत्र की शुरुआत से ही बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने सदन में लगातार नारेबाजी की जिससे कामकाज प्रभावित हुआ। </p>
<h5 style="text-align:justify;">कुछ विधेयक संक्षिप्त चर्चा के साथ और कुछ बिना चर्चा के ही पारित</h5>
<p style="text-align:justify;">विपक्ष के शोर-शराबे के कारण कुछ विधेयक संक्षिप्त चर्चा के साथ और कुछ बिना चर्चा के ही पारित कर दिए गए। सदन में 28 और 29 जुलाई को ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा बिना किसी व्यवधान के पूरी हुई जिसका जवाब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिया। गत 18 अगस्त को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की उपलब्धियों पर भी लोकसभा में एक विशेष चर्चा का आरंभ किया गया, लेकिन इस पर केवल विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ही अपने विचार रख सके और हंगामे के कारण यह आगे नहीं बढ़ सकी। </p>
<h5 style="text-align:justify;">सत्र के लिए 419 तारांकित प्रश्न शामिल</h5>
<p style="text-align:justify;">लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि इस सत्र के लिए 419 तारांकित प्रश्न शामिल किए गए थे किंतु लगातार ‘‘नियोजित व्यवधान के कारण’’ 55 प्रश्नों का ही मौखिक उत्तर दिया गया। उन्होंने कहा, ‘‘हम सबने प्रारंभ में तय किया था कि 120 घंटे चर्चा करेंगे। कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) में भी इस पर सहमति बनी थी, लेकिन (विपक्ष के) लगातार गतिरोध और नियोजित व्यवधान के कारण हम केवल 37 घंटे ही चर्चा कर पाए।’’ </p>
<h5 style="text-align:justify;">विपक्ष के प्रदर्शन से निराशा </h5>
<p style="text-align:justify;">बिरला ने विपक्ष के प्रदर्शन के तरीके पर निराशा प्रकट करते हुए कहा, ‘‘ जन प्रतिनिधि के रूप में हमारे आचरण, हमारी कार्यप्रणाली को पूरा देश देखता है। जनता हमें बहुत उम्मीदों के साथ चुनकर यहां भेजती है ताकि उनकी समस्याओं और व्यापक जनहित के मुद्दों, विधेयकों पर हम व्यापक चर्चा कर सकें।’’ </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन पिछले कुछ दिन से मैं देख रहा हूं कि सार्थक परंपरा के अनुरूप चर्चा नहीं हो रही। जिस तरह सदन के अंदर और संसद परिसर में नारेबाजी हो रही है, जिस तरह तख्तियां लेकर सदस्य आते हैं। वह परंपरा नहीं है। जिस तरह की भाषा का सदन में इस्तेमाल किया गया, वह सदन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है।’’ </p>
<p style="text-align:justify;">लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘हमें स्वस्थ परंपरा का पालन करना चाहिए, गरिमापूर्ण चर्चा करनी चाहिए। सहमति और असहमति स्वाभाविक प्रक्रिया है लेकिन सदन की गरिमा, मर्यादा और शालीनता को बनाए रखने का सामूहिक प्रयास होना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें प्रयास करना चाहिए कि अच्छी परपंराएं और परिपाटियों को लागू करें। </p>
<h5 style="text-align:justify;">राष्ट्रगीत की धुन बजने के बाद सदन की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित </h5>
<p style="text-align:justify;">इस पर हमें सामूहिक चिंतन करना चाहिए और सभी राजनीतिक दलों को आत्ममंथन करना चाहिए कि हम अपने आचरण को लेकर आदर्श स्थापित करें।’’ राष्ट्रगीत वंदे मातरम की धुन बजने के बाद सदन की बैठक को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। इस दौरान सदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्री उपस्थित थे। सदन में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, पार्टी नेता केसी वेणुगोपाल आदि उपस्थित थे। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/550699/b--sudarshan-reddy-is-filing-nomination-for-the-post-of-vice-president--all-the-big-leaders-of-india-alliance-are-present">उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने किया नामांकन, INDIA गठबंधन के तमाम बड़े नेता मौजूद</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/550715/last-day-of-monsoon-session--lok-sabha-adjourned-indefinitely-amid-huge-uproar</link>
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                <pubDate>Thu, 21 Aug 2025 13:19:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति किसी पार्टी के प्रवक्ता नहीं हो सकते: धनखड़ की टिप्पणी पर सिब्बल ने दी प्रतिक्रिया </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा न्यायपालिका को लेकर की गई टिप्पणियों की आलोचना करते हुए शुक्रवार को कहा कि यह ‘‘असंवैधानिक’’ है और राज्यसभा के किसी सभापति को कभी भी इस तरह का ‘‘राजनीतिक बयान’’ देते नहीं देखा गया था। सिब्बल ने यह भी कहा कि लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच समान दूरी बनाए रखते हैं और वे ‘‘पार्टी प्रवक्ता’’ नहीं हो सकते। </p>
<p>उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हर कोई जानता है कि लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी बीच में होती है। वह सदन के अध्यक्ष होते हैं, किसी एक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/534118/lok-sabha-speaker-and-rajya-sabha-chairman-cannot-be-spokespersons-of-any-party--sibal-reacts-to-dhankhar-s-remarks"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-04/कपिल-सिब्बल.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा न्यायपालिका को लेकर की गई टिप्पणियों की आलोचना करते हुए शुक्रवार को कहा कि यह ‘‘असंवैधानिक’’ है और राज्यसभा के किसी सभापति को कभी भी इस तरह का ‘‘राजनीतिक बयान’’ देते नहीं देखा गया था। सिब्बल ने यह भी कहा कि लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच समान दूरी बनाए रखते हैं और वे ‘‘पार्टी प्रवक्ता’’ नहीं हो सकते। </p>
<p>उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हर कोई जानता है कि लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी बीच में होती है। वह सदन के अध्यक्ष होते हैं, किसी एक पार्टी के अध्यक्ष नहीं। वे भी वोट नहीं करते हैं, वे केवल तब वोट करते हैं जब बराबरी होती है। उच्च सदन के साथ भी यही बात है। आप विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच समान दूरी पर हैं।’’ </p>
<p>सिब्बल का कहना था, ‘‘आप जो कुछ भी कहते हैं वह समान दूरी बनाए रखने वाली होनी चाहिए। कोई भी वक्ता किसी पार्टी का प्रवक्ता नहीं हो सकता। मैं यह नहीं कहता कि वह (धनखड़) हैं, लेकिन सैद्धांतिक रूप में कोई भी अध्यक्ष किसी भी पार्टी का प्रवक्ता नहीं हो सकता। अगर ऐसा लगता है तो आसन की गरिमा कम हो जाती है।’’ </p>
<p>राज्यसभा के सभापति धनखड़ ने राष्ट्रपति के निर्णय लेने के लिए न्यायपालिका द्वारा समयसीमा निर्धारित करने और ‘सुपर संसद’ के रूप में कार्य करने को लेकर बृहस्पतिवार को सवाल उठाते हुए कहा था कि उच्चतम न्यायालय लोकतांत्रिक ताकतों पर ‘परमाणु मिसाइल’ नहीं दाग सकता।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/534118/lok-sabha-speaker-and-rajya-sabha-chairman-cannot-be-spokespersons-of-any-party--sibal-reacts-to-dhankhar-s-remarks</link>
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                <pubDate>Fri, 18 Apr 2025 17:25:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सांसद एवं विधायक कोष से स्वीकृत कार्यों को जल्द करें पूरा- ओम बिरला </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोटा, अमृत विचारः </strong>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि सांसद एवं विधायक कोष से स्वीकृत कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाने चाहिए। बिरला कोटा जिले के विकास कार्यों की गुरुवार को कोटा जिला परिषद सभागार में समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक कार्य लम्बित रहने से आमजन को इसका पूरा फायदा नहीं मिल पाता है। </p>
<p>सिंचित क्षेत्र विकास विभाग के अधिकारियों को सीएडी की नहरों के समानांतर सर्विस रोड की मरम्मत, छोटी पुलिया एवं नालों की सफाई जैसे कार्यों के एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए। ओम बिरला ने श्रम अधिकारी को श्रमिकों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/523714/mp-and-mla-should-complete-the-works-sanctioned-from-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/untitled-design-(23)1.png" alt=""></a><br /><p><strong>कोटा, अमृत विचारः </strong>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि सांसद एवं विधायक कोष से स्वीकृत कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाने चाहिए। बिरला कोटा जिले के विकास कार्यों की गुरुवार को कोटा जिला परिषद सभागार में समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक कार्य लम्बित रहने से आमजन को इसका पूरा फायदा नहीं मिल पाता है। </p>
<p>सिंचित क्षेत्र विकास विभाग के अधिकारियों को सीएडी की नहरों के समानांतर सर्विस रोड की मरम्मत, छोटी पुलिया एवं नालों की सफाई जैसे कार्यों के एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए। ओम बिरला ने श्रम अधिकारी को श्रमिकों के ई-श्रम कार्ड समय पर बनाने के निर्देश दिए ताकि उन्हें योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने बूडादीत सूर्य मंदिर के विकास, डाढ़देवी एवं श्री मथुराधीश मंदिर से जुड़ी घोषणाओं की प्रगति की जानकारी ली। </p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि बूडादीत सूर्य मंदिर के विकास की डीपीआर बनाकर केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय को भेजी गई है। डाढ़देवी मंदिर के विकास कार्यों के लिए 12.49 करोड रुपए की डीपीआर एवं श्री मथुराधीश मंदिर के विकास कार्यों की 66.57 करोड़ रुपए की डीपीआर कोटा विकास प्राधिकरण द्वारा तैयार कर पर्यटन विभाग को भेजी जा चुकी है। श्री बिरला ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए किए गए प्रयासों के बारे में फीडबैक लिया। इस पर अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर वहां अंडरपास बनवाए जा रहे हैं। बिरला ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से परवन-अकावद पेयजल एवं नौनेरा वृहद परियोजना के बारे में जानकारी ली। उन्होंने खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत नाम जोड़ने में गति लाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जिला परिषद, जेवीवीएनएल, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, सार्वजनिक निर्माण, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, वन, खेल, पर्यटन, खनन सहित अन्य विभागों के कार्यों एवं बजट घोषणाओं की प्रगति के बारे में जानकारी ली।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/523713/patna-six-was-returning-after-bathing-in-a-car-mahakumbh">भोजपुर: ट्रक से टकराई कार, महाकुंभ से स्नान कर लौट रहे थे पटना, छह की मौत </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/523714/mp-and-mla-should-complete-the-works-sanctioned-from-the</link>
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                <pubDate>Fri, 21 Feb 2025 09:31:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> ओम बिरला ने संगम में लगाई डुबकी, कहा- भारत की आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक है महाकुंभ </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>महाकुम्भ नगर। </strong>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शनिवार को महाकुम्भ में पहुंचे और त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान कर आस्था की डुबकी लगाई। इस अवसर पर उन्होंने मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती का आशीर्वाद लिया और देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की।</p>
<p>लोकसभा अध्यक्ष ने पत्रकारों से कहा कि महाकुंभ भारत की आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक है। यह हमारी प्राचीन संस्कृति और धर्म का महोत्सव है। यहां संतों की वाणी, उनका प्रभाव और भक्तों की अपार श्रद्धा देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि मां गंगा की कृपा सभी पर बनी रहे और हर व्यक्ति के जीवन में खुशहाली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/522565/om-birla-took-a-dip-in-sangam--said--maha-kumbh-is-a-symbol-of-india-s-spiritual-faith"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/cats313.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>महाकुम्भ नगर। </strong>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शनिवार को महाकुम्भ में पहुंचे और त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान कर आस्था की डुबकी लगाई। इस अवसर पर उन्होंने मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती का आशीर्वाद लिया और देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की।</p>
<p>लोकसभा अध्यक्ष ने पत्रकारों से कहा कि महाकुंभ भारत की आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक है। यह हमारी प्राचीन संस्कृति और धर्म का महोत्सव है। यहां संतों की वाणी, उनका प्रभाव और भक्तों की अपार श्रद्धा देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि मां गंगा की कृपा सभी पर बनी रहे और हर व्यक्ति के जीवन में खुशहाली आए।</p>
<p>ओम बिरला ने महाकुम्भ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वेद-पुराणों में इसका विशेष उल्लेख है। यह आयोजन समभाव और समरसता का प्रतीक है, जहां जाति और धर्म से ऊपर उठकर सभी लोग एक साथ आस्था के संगम में डुबकी लगाते हैं। महाकुम्भ न केवल आंतरिक ऊर्जा और चेतना को जाग्रत करता है, बल्कि आत्मा और मन की शुद्धता भी प्रदान करता है।</p>
<p>लोकसभा अध्यक्ष ने आस्था को जीवन का सबसे बड़ा सामर्थ्य बताते हुए कहा कि यह पर्व राजनीति से परे, सामाजिक और आध्यात्मिक समरसता का अवसर है। उन्होंने कहा कि पूरे भारत से, गांव-गांव और शहर-शहर से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचे हैं, जो इस आयोजन की विशालता और पवित्रता को दर्शाता है।</p>
<p>महाकुम्भ के प्रति अपने विश्वास को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि यह पर्व न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है, बल्कि समाज को जोड़ने का भी कार्य करता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं और महाकुम्भ में उमड़ रही भक्तों की भीड़ को देखकर इसे भारत की सांस्कृतिक धरोहर का अद्भुत उदाहरण बताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/522565/om-birla-took-a-dip-in-sangam--said--maha-kumbh-is-a-symbol-of-india-s-spiritual-faith</link>
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                <pubDate>Sat, 15 Feb 2025 15:48:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोकसभा में हंगामा: कांग्रेस सांसदों पर भड़के बिरला, कहा- आपने इतने साल शासन किया... सदस्यों का अधिकार छीनना चाहते हैं </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बृहस्पतिवार को सदन में नारेबाजी कर रहे कांग्रेस सदस्यों से कहा कि उनकी पार्टी ने देश में लंबे समय शासन किया और अब वे ‘‘नियोजित तरीके से’’ हंगामा करके सदस्यों का अधिकार छीनना चाहते हैं। कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्य अदाणी समूह से संबंधित एक खबर को लेकर सदन में हंगामा कर रहे थे। सदन में प्रश्नकाल आरंभ होते ही कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के सदस्य नारेबाजी करने लगे। बिरला ने उनसे नारेबाजी बंद करने और सदन चलने देने की अपील की।</p>
<p>उन्होंने कांग्रेस का नाम लिए बगैर कहा,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/522135/birla-got-angry-at-congress-mps--said--you-ruled-for-so-many-years----want-to-snatch-the-rights-of-the-members"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2020-11/ओम-बिरला.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बृहस्पतिवार को सदन में नारेबाजी कर रहे कांग्रेस सदस्यों से कहा कि उनकी पार्टी ने देश में लंबे समय शासन किया और अब वे ‘‘नियोजित तरीके से’’ हंगामा करके सदस्यों का अधिकार छीनना चाहते हैं। कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्य अदाणी समूह से संबंधित एक खबर को लेकर सदन में हंगामा कर रहे थे। सदन में प्रश्नकाल आरंभ होते ही कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के सदस्य नारेबाजी करने लगे। बिरला ने उनसे नारेबाजी बंद करने और सदन चलने देने की अपील की।</p>
<p>उन्होंने कांग्रेस का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘आप प्रश्नकाल के दौरान नियोजित तरीके से गतिरोध करते हैं, यह अच्छी परंपरा नहीं है। आप (कांग्रेस) ने इतने साल शासन किया है....आप सदन में व्यवधान पैदा करना करते हैं।’’ बिरला का कहना था, ‘‘मैंने कहा है कि दोपहर 12 बजे विषय को रखने देंगे, लेकिन आप चर्चा नहीं चाहते। आप महत्वपूर्ण विषयों को सदन में नहीं लाना चाहते हैं।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘प्रश्नकाल में सरकार की जवाबदेही तय होती है। यह सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। आप सदस्यों का अधिकार छीनना चाहते हैं।’’ हंगामा नहीं थमने पर बिरला ने सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न करीब 11 बजकर पांच मिनट पर अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।</p>
<p>विपक्षी सदस्यों ने जिस खबर को लेकर हंगामा किया, उसमें दावा किया गया है कि सरकार ने गुजरात में अदाणी समूह के नवीकरणीय ऊर्जा पार्क के लिए मार्ग प्रशस्त करने के मकसद से पाकिस्तान सीमा पर राष्ट्रीय सुरक्षा प्रोटोकॉल में ढील दी है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने इस कारोबारी समूह को फायदा पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला है। अदाणी समूह की ओर से इस आरोप पर फिलहाल प्रतिक्रिया नहीं आई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Feb 2025 11:50:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
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