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                <title>Cornell University - Amrit Vichar</title>
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                <description>Cornell University RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>11 मई का इतिहास: 27 साल पहले भारत ने किया सफल पोखरण परमाणु परीक्षण का ऐलान </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>इतिहास में 11 मई के नाम पर बहुत सी घटनाएं दर्ज हैं। वर्ष 2000 में 11 मई के ही दिन भारत की आबादी ने एक अरब का आंकड़ा छू लिया, जब नई दिल्ली में जन्मी एक बच्ची को देश का एक अरबवां नागरिक घोषित किया गया। यह दिन देश के इतिहास में एक और खास घटना के साथ दर्ज है। भारत सरकार ने 11 मई 1998 को पोखरण में सफलतापूर्वक परमाणु परीक्षण करने का ऐलान किया था। </p>
<p>देश दुनिया के इतिहास में 11 मई की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:- </p>
<p><strong>1752: </strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/537598/history-of-may-11--27-years-ago-india-announced-successful-pokhran-nuclear-test"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/2025-(32)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>इतिहास में 11 मई के नाम पर बहुत सी घटनाएं दर्ज हैं। वर्ष 2000 में 11 मई के ही दिन भारत की आबादी ने एक अरब का आंकड़ा छू लिया, जब नई दिल्ली में जन्मी एक बच्ची को देश का एक अरबवां नागरिक घोषित किया गया। यह दिन देश के इतिहास में एक और खास घटना के साथ दर्ज है। भारत सरकार ने 11 मई 1998 को पोखरण में सफलतापूर्वक परमाणु परीक्षण करने का ऐलान किया था। </p>
<p>देश दुनिया के इतिहास में 11 मई की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:- </p>
<p><strong>1752: </strong>अमेरिका के फिलाडेल्फिया में अग्नि हानि बीमा पॉलिसी की शुरूआत की गई। </p>
<p><strong>1784 :</strong> अंग्रेजों और मैसूर के शासक टीपू सुल्तान के बीच संधि। </p>
<p><strong>1833 :</strong> अमेरिका से क्यूबेक जा रहे जहाज लेडी ऑफ द लेक के हिमखंड से टकराकर अटलांटिक महासागर में डूबने से 215 लोगों की मौत। </p>
<p><strong>1940 :</strong> ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग सर्विस (बीबीसी) ने अपनी हिंदी सेवा की शुरूआत की। </p>
<p><strong>1951 : </strong>राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद ने नवनिर्मित सोमनाथ मंदिर का उद्घाटन किया। </p>
<p><strong>1962 : </strong>सर्वपल्ली राधाकृष्णन को भारत का राष्ट्रपति चुना गया। उन्होंने डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का स्थान लिया। </p>
<p><strong>1965 : </strong>बांग्लादेश में चक्रवाती तूफान में 17 हजार लोगों की मौत। </p>
<p><strong>1988 : </strong>फ्रांस ने परमाणु परीक्षण किया।</p>
<p><strong>1995 : </strong>अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में 170 से अधिक देशों ने परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर किए। </p>
<p><strong>1998 : </strong>भारत ने राजस्थान के पोखरण में तीन परमाणु परीक्षण करने का ऐलान किया। </p>
<p><strong>1998 : </strong>यूरोप की एकल मुद्रा यूरो का पहला सिक्का बना।</p>
<p><strong>2000 : </strong>जनसंख्या घड़ी के मुताबिक भारत की जनसंख्या एक अरब पर पहुंची। </p>
<p><strong>2007 :</strong> उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी ने बहुमत हासिल किया और पार्टी नेता मायावती ने मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली। </p>
<p><strong>2008 : </strong>न्यूयॉर्क के कॉर्नेल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने देश का पहला जेनेटिकली मोडिफाइड मानव भ्रूण तैयार किया। </p>
<p><strong>2016 : </strong>इराक की राजधानी बगदाद में बम विस्फोट, दर्जनों लोगों की मौत। </p>
<p><strong>2022 : </strong>म्यांमा के सागाइंग में मोंग तेन पिंग नरसंहार के दौरान सेना ने कम से कम 37 ग्रामीणों को मौत के घाट उतारा। </p>
<p><strong>2024 : </strong>प्रख्यात पंजाबी कवि और लेखक सुरजीत पातर का निधन</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>इतिहास</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/537598/history-of-may-11--27-years-ago-india-announced-successful-pokhran-nuclear-test</link>
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                <pubDate>Sun, 11 May 2025 08:22:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>US: यहूदी विरोधी संदेश ऑनलाइन पोस्ट किए जाने के बाद कॉर्नेल विवि के यहूदी केंद्र में पुलिस तैनात </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>न्यूयॉर्क (अमेरिका)। </strong>न्यूयॉर्क स्थित कॉर्नेल विश्वविद्यालय ने रविवार को एक सार्वजनिक ऑनलाइन मंच पर विश्वविद्यालय के यहूदियों के खिलाफ संदेश साझा किए जाने के मद्देनजर संस्थान के एक यहूदी केंद्र में परिसर की पुलिस को तैनात किया है। कॉर्नेल विश्वविद्यालय की अध्यक्ष मार्था ई पोलाक ने एक बयान जारी कर बताया कि विश्वविद्यालय के यहूदी समुदाय के खिलाफ हिंसा की धमकी देने वाले ‘‘भयानक, यहूदी विरोधी संदेशों’’ की श्रृंखला में विश्वविद्यालय के ‘सेंटर फॉर यहूदी लिविंग’ की विशेष रूप से बात की गई है।</p>
<p>  उन्होंने कहा, ‘‘हिंसा की धमकियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और हम यह</p>
<p>पोलाक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/414577/us--police-deployed-at-cornell-university-s-jewish-center-after-anti-semitic-messages-were-posted-online"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-10/image-dddd1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>न्यूयॉर्क (अमेरिका)। </strong>न्यूयॉर्क स्थित कॉर्नेल विश्वविद्यालय ने रविवार को एक सार्वजनिक ऑनलाइन मंच पर विश्वविद्यालय के यहूदियों के खिलाफ संदेश साझा किए जाने के मद्देनजर संस्थान के एक यहूदी केंद्र में परिसर की पुलिस को तैनात किया है। कॉर्नेल विश्वविद्यालय की अध्यक्ष मार्था ई पोलाक ने एक बयान जारी कर बताया कि विश्वविद्यालय के यहूदी समुदाय के खिलाफ हिंसा की धमकी देने वाले ‘‘भयानक, यहूदी विरोधी संदेशों’’ की श्रृंखला में विश्वविद्यालय के ‘सेंटर फॉर यहूदी लिविंग’ की विशेष रूप से बात की गई है।</p>
<p> उन्होंने कहा, ‘‘हिंसा की धमकियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे कि इस प्रकार के संदेश साझा करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। इस समय हमारा ध्यान समुदाय को सुरक्षित रखने पर केंद्रित है।’’ उन्होंने कहा कि कॉर्नेल विश्वविद्यालय पुलिस विभाग मामले की जांच कर रहा है और उसने घृणा अपराध की आशंका के बारे में संघीय जांच ब्यूरो को सूचित कर दिया है। </p>
<p>पोलाक ने कहा, ‘‘यहूदी विरोधी भावना की उग्रता और विध्वंस वास्तविक है। यह हमारे यहूदी छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ-साथ पूरे कॉर्नेल समुदाय को गहराई से प्रभावित कर रही है।’’ उन्होंने कहा कि कॉर्नेल में यहूदी विरोधी भावना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसा प्रतीत होता है कि ऑनलाइन साझा किए गए संदेश इजराइल और हमास के बीच जारी युद्ध के मद्देनजर किए गए हैं। न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल और अटॉर्नी जनरल लेतितिया जेम्स ने इस घटना की कड़ी निंदा की है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:-<span style="color:rgb(224,62,45);"> <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/414550/russian-defense-minister-sergei-shoigu-accused-america-of-increasing-geopolitical-tension--know-the-reason">रूस के रक्षा मंत्री Sergei Shoigu ने अमेरिका पर भूराजनीतिक तनाव बढ़ाने का लगाया आरोप, जानिए वजह</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Oct 2023 13:58:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वैज्ञानिकों ने ढूंढ निकाला एलियंस का ग्रह!, मिल रहे रेडियो संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन। वैज्ञानिकों के अंतरराष्ट्रीय दल ने संभवत: पहली बार हमारे सौर मंडल के बाहर स्थित ग्रह से आ रहे रेडियो संकेतों का पता लगाया है। यह संकेत 51 प्रकाशवर्ष दूर स्थित ग्रह प्रणाली से आ रहे हैं। वैज्ञानिकों ने बताया कि नीदरलैंड स्थित रेडियो दूरबीन ने लो फ्रिक्वेंसी अर्रे (लोफर) का इस्तेमाल कर टाउ बूट्स …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/56685/scientists-discovered-planet-of-aliens"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2020-12/image-from-social-media-2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन।</strong> वैज्ञानिकों के अंतरराष्ट्रीय दल ने संभवत: पहली बार हमारे सौर मंडल के बाहर स्थित ग्रह से आ रहे रेडियो संकेतों का पता लगाया है। यह संकेत 51 प्रकाशवर्ष दूर स्थित ग्रह प्रणाली से आ रहे हैं। वैज्ञानिकों ने बताया कि नीदरलैंड स्थित रेडियो दूरबीन ने लो फ्रिक्वेंसी अर्रे (लोफर) का इस्तेमाल कर टाउ बूट्स तारे की प्रणाली से आ रहे रेडियों संकेतों का पता लागया है जिसके बहुत करीब गैस से बना ग्रह चक्कर लगा रहा है और जिसे कथित ‘गर्म बृहस्पति’ के नाम से भी जाना जाता है।</p>
<p>अमेरिका स्थित कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं के नेतृत्व में वैज्ञानिकों ने कर्क और अपसिलोन एंड्रोमेडे तारामंडल के संभावित ग्रहों से आ रहे रेडियो संकेतों का भी पता लगाया है। हालांकि, जर्नल ‘एस्ट्रोमी ऐंड एस्ट्रोफिजिक्स’ में प्रकाशित अनुसंधान पत्र में बताया गया कि केवल टाउ बूट्स ग्रह प्रणाली से ही निकल रहे रेडियो संकेत का पता चला है जो संभवत: ग्रह के विशेष चुंबकीय क्षेत्र की वजह से निकल रहे हैं।</p>
<p>कॉर्नेल में पोस्टडॉक्टरोल अनुसंधानकर्ता जेक डी टर्नर ने कहा, ” रेडियो संकेत के जरिये हमले पहली बार सौर मंडल के बाहर ग्रह का पहला संकेत पेश किया है।” उन्होंने कहा, ” ये संकेत टाउ बूट्स प्रणाली से आ रहे हैं जिसमें दो तारे और ग्रह है। हमने ने ग्रह द्वारा संकेत आने का मामला पेश किया है।”</p>
<p>अनुसंधानकर्ता ने कहा कि अगर इस ग्रह की पुष्टि बाद के अध्ययन से होती है तो रेडियो संकेतों के जरिये सौर मंडल के बाहर के ग्रहों का पता लगाने का एक नया मार्ग खुलेगा और सैकड़ों प्रकाशवर्ष दूर की दुनिया के बारे में जानने का नया तरीका मिलेगा। टर्नर ने कहा कि चुंबकीय क्षेत्र के आधार पर सौर मंडल के बाहर के ग्रह का पता लगाने से अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को उस ग्रह की बनावट और वायुमंडल के गुणों का पता लगाने में भी मदद मिलेगी, साथ ही तारे और उसका चक्कर लगा रहे ग्रहों के भौतिक संबंध भी समझने में सहूलियत होगी।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि पृथ्वी का चुंबीय क्षेत्र सौर तूफानों के खतरों से बचाता है और इस ग्रह को जीवन लायक बनाता है। टर्नर ने कहा, ”सौर मंडल के बाहर के ग्रह पर पृथ्वी जैसा चुंबकीय क्षेत्र संभावित जीवन योग्य अवस्था में योगदान दे सकता है क्योंकि यह उसके वायुमंडल को सौर तूफान और ब्रह्मांड के घातक किरणों से बचाता है और ग्रह के वायुमंडल को नष्ट होने से भी रोकता है।”</p>
<p>उल्लेखनीय कि दो साल पहले टर्नर और उनके साथियों ने बृहस्पति ग्रह से आ रहे रेडियो संकेतों का अध्ययन किया था और उसी तरह के संकेत सौर मंडल के बाहर के ग्रह से आने से अनुमान है कि वह भी सौर मंडल के बृहस्पति ग्रह जैसा होगा। बृहस्पति और अन्य ग्रहों से आने वाले रेडियो संकेत के नमूने ब्रह्मांड में पृथ्वी से 40 से 100 प्रकाशवर्ष दूर स्थित ग्रहों का पता लगाने में मददगार है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Dec 2020 17:18:40 +0530</pubDate>
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