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                <title>Prayagraj - Amrit Vichar</title>
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                <description>Prayagraj RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Ganga Expressway में स्पीड लिमिट तोड़ने का No Chance, मिलेगा हाई-टेक सिस्टम और वर्ल्ड क्लास सुविधाएं, देखें Video</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/ हरदोईः </strong>उत्तर प्रदेश में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। देश का सबसे अनोखा, हाईटेक और सुविधाओं से लैस 6 लेन ग्रीन फील्ड गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 29 अप्रैल को कर दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह सिर्फ एक एक्सप्रेसवे नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा की नई मिसाल है। इस रोड़ का निर्माण बड़े ही कम समय में किया जा गया। आइए जानते हैं इस गंगा एक्सप्रेसवे की कुछ खासियतें… महज 5 घंटे में पूरा होगा 600 किलोमीटर का सफर! यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों और 519 गांवों को जोड़ता है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580310/no-chance-of-breaking-the-speed-limit-on-ganga-expressway--will-get-high-tech-system-and-world-class-facilities"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(4)15.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/ हरदोईः </strong>उत्तर प्रदेश में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। देश का सबसे अनोखा, हाईटेक और सुविधाओं से लैस 6 लेन ग्रीन फील्ड गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 29 अप्रैल को कर दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह सिर्फ एक एक्सप्रेसवे नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा की नई मिसाल है। इस रोड़ का निर्माण बड़े ही कम समय में किया जा गया। आइए जानते हैं इस गंगा एक्सप्रेसवे की कुछ खासियतें… महज 5 घंटे में पूरा होगा 600 किलोमीटर का सफर! यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों और 519 गांवों को जोड़ता है। 30 अप्रैल से आम जनता इस पर गाड़ियां दौड़ाने लगेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे 600 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर बनाए गए हैं 9 वर्ल्ड क्लास फैसिलिटी सेंटर्स। इनमें 24 घंटे पेट्रोल, डीजल, CNG, इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, फूड कोर्ट, कैफेटेरिया, डॉर्मिटरी, स्पा, 200 कारों और 20 ट्रकों की पार्किंग जैसी तमाम सुविधाएं उपलब्ध होंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">देश में पहली बार किसी एक्सप्रेसवे पर ट्रॉमा सेंटर की सुविधा दी गई है। दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तुरंत मेडिकल सुविधा मिल सके, इसके लिए सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के साथ टाई-अप किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सुरक्षा के लिहाज से यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह हाईटेक है। 120 किमी प्रति घंटा की स्पीड के हिसाब से डिजाइन किए गए इस एक्सप्रेसवे पर हर 500 मीटर पर हाई-रेजोल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं। पूरे रूट पर 24×7 निगरानी रहेगी। कोहरे और नींद से बचाने के लिए रेडियम पट्टियां, लेन-एंड-स्ट्रिप्स और स्मार्ट अलर्ट सिस्टम भी लगाए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">एक्सप्रेसवे को उच्च गुणवत्ता वाले तारकोल से बनाया गया है, ताकि गर्मी में भी टायर फटने जैसी घटनाएं न हों। पूरे रूट पर 2 मीटर ऊंची सीमेंटेड दीवार बनाई गई है, जो अवैध एंट्री और जानवरों को रोकने में मदद करेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">यह सिर्फ ट्रांसपोर्ट का रास्ता नहीं है। गंगा एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, लॉजिस्टिक हब और मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर का भी केंद्र बनेगा। साथ ही यह आस्था का कॉरिडोर भी है, जो हरिद्वार से प्रयागराज और वाराणसी तक के तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा को और आसान बनाएगा। भविष्य में इसे 8 लेन तक विस्तारित करने की भी योजना है।</p>
<p style="text-align:justify;">गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश को न सिर्फ तेज गति देगा, बल्कि रोजगार, उद्योग और पर्यटन को भी नई उड़ान देगा। <br /><br /></p>
<div class="youtubeplayer-responsive-iframe-outer"><iframe class="youtubeplayer-responsive-iframe" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/eo3fWQ9v-Qc" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>मेरठ</category>
                                            <category>हरदोई</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 13:47:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: प्रदेश के टॉप फाइव गर्म जिलों में शामिल हुआ बरेली</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> जनपद में गर्मी के तीखे तेवर बने हुए हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को बरेली प्रदेश के उन शीर्ष पांच जनपदों में शामिल हो गया है जहां तापमान और सामान्य से अधिक रहा हैं। </p>
<p>जिले का अधिकतम तापमान 42.8° दर्ज किया गया है, जो सामान्य से 4.5° अधिक है। बांदा, प्रयागराज, आगरा और अलीगढ़ के साथ बरेली भी भीषण गर्मी की चपेट में बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सामान्य से साढ़े चार डिग्री अधिक तापमान होना गंभीर श्रेणी की ''हीट वेव'' की स्थिति को दर्शाता है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579988/bareilly-joins-the-ranks-of-the-state-s-top-five-hottest-districts"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/yt.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> जनपद में गर्मी के तीखे तेवर बने हुए हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को बरेली प्रदेश के उन शीर्ष पांच जनपदों में शामिल हो गया है जहां तापमान और सामान्य से अधिक रहा हैं। </p>
<p>जिले का अधिकतम तापमान 42.8° दर्ज किया गया है, जो सामान्य से 4.5° अधिक है। बांदा, प्रयागराज, आगरा और अलीगढ़ के साथ बरेली भी भीषण गर्मी की चपेट में बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सामान्य से साढ़े चार डिग्री अधिक तापमान होना गंभीर श्रेणी की ''हीट वेव'' की स्थिति को दर्शाता है। आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद कम है, इसलिए नागरिकों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर न निकलने और पर्याप्त जल संचयन की सलाह दी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 07:01:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Codeine Cough Syrup Case: कोडीन युक्त कफ सिरप मामले में पिता-पुत्र गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराजः</strong> उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध क्रय-विक्रय मामले में सोनभद्र पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में कारोबारी विनोद वर्मा और उनका पुत्र संस्कार वर्मा शामिल हैं।</p>
<p>पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी अतरसुइया थाना क्षेत्र के पजावा चौराहे से की गई। इनके खिलाफ कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार के आरोप में मुकदमा दर्ज था और सोनभद्र पुलिस को लंबे समय से उनकी तलाश थी।</p>
<p>रविवार देर रात सोनभद्र पुलिस ने प्रयागराज पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578573/codeine-cough-syrup-case--father-son-arrested-in-codeine-containing-cough-syrup-case"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(23)6.png" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराजः</strong> उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध क्रय-विक्रय मामले में सोनभद्र पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में कारोबारी विनोद वर्मा और उनका पुत्र संस्कार वर्मा शामिल हैं।</p>
<p>पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी अतरसुइया थाना क्षेत्र के पजावा चौराहे से की गई। इनके खिलाफ कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार के आरोप में मुकदमा दर्ज था और सोनभद्र पुलिस को लंबे समय से उनकी तलाश थी।</p>
<p>रविवार देर रात सोनभद्र पुलिस ने प्रयागराज पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर दोनों को दबोच लिया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद गिरफ्तार अभियुक्तों को सोनभद्र ले जाया गया। पुलिस के अनुसार खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से आरोपियों के खिलाफ सोनभद्र और मिर्जापुर में भी प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 12:47:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज में अपहृत नाबालिग बच्चा वाराणसी से बरामद, सगे मामा ने किया था अगवा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराजः</strong> प्रयागराज जिले के यमुना नगर के एक गांव से अपहृत पांच साल के बच्चे को पुलिस ने रविवार रात वाराणसी से सकुशल बरामद कर लिया। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस उपायुक्त (यमुना नगर) विवेक चंद्र यादव ने बताया कि शनिवार को मांडा थाना क्षेत्र के सराय कलां गांव में प्रतीक (पांच) अपने स्कूल से लौटकर घर के सामने पहुंचा ही था तभी एक वैन में कुछ लोग वहां आए और उसे उठा ले गए। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम ने रविवार रात बच्चे को सकुशल वाराणसी से बरामद कर लिया। उन्होंने बताया कि बच्चे से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574353/minor-boy-abducted-in-prayagraj-recovered-from-varanasi--he-was-abducted-by-his-maternal-uncle"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(66).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराजः</strong> प्रयागराज जिले के यमुना नगर के एक गांव से अपहृत पांच साल के बच्चे को पुलिस ने रविवार रात वाराणसी से सकुशल बरामद कर लिया। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस उपायुक्त (यमुना नगर) विवेक चंद्र यादव ने बताया कि शनिवार को मांडा थाना क्षेत्र के सराय कलां गांव में प्रतीक (पांच) अपने स्कूल से लौटकर घर के सामने पहुंचा ही था तभी एक वैन में कुछ लोग वहां आए और उसे उठा ले गए। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम ने रविवार रात बच्चे को सकुशल वाराणसी से बरामद कर लिया। उन्होंने बताया कि बच्चे से पूछताछ में पता चला कि उसका अपहरण उसके सगे मामा और एक रिश्ते में दूर के मामा ने किया था। पुलिस आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है जिसके बाद ही अपहरण का मकसद पता चल सकेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/574353/minor-boy-abducted-in-prayagraj-recovered-from-varanasi--he-was-abducted-by-his-maternal-uncle</link>
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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 13:06:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रेन में खौफनाक हमला: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर केस करने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी की नाक काटने की कोशिश, टॉयलेट में छिपकर बचाई जान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज: </strong>एक बार फिर धार्मिक विवाद ने हिंसक रूप लिया है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन उत्पीड़न का केस दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी (आशुतोष महाराज) पर रीवा एक्सप्रेस ट्रेन में जानलेवा हमला हुआ। हमलावर ने धारदार हथियार से उनकी नाक काटने की कोशिश की, लेकिन आशुतोष ने ट्रेन के टॉयलेट में खुद को बंद करके अपनी जान बचाई।</p>
<p style="text-align:justify;">हमला फतेहपुर और कौशांबी के बीच सिराथू रेलवे स्टेशन के पास हुआ। आशुतोष गाजियाबाद से रीवा एक्सप्रेस के H1 कोचमें सवार होकर प्रयागराज आ रहे थे, जहां 12 मार्च को मथुरा श्री कृष्ण जन्मभूमि मामले और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574248/horrific-train-attack--attempt-to-cut-off-the-nose-of-ashutosh-brahmachari--who-filed-a-case-against-swami-avimukteshwarananda--saved-his-life-by-hiding-in-the-toilet"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(38)1.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज: </strong>एक बार फिर धार्मिक विवाद ने हिंसक रूप लिया है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन उत्पीड़न का केस दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी (आशुतोष महाराज) पर रीवा एक्सप्रेस ट्रेन में जानलेवा हमला हुआ। हमलावर ने धारदार हथियार से उनकी नाक काटने की कोशिश की, लेकिन आशुतोष ने ट्रेन के टॉयलेट में खुद को बंद करके अपनी जान बचाई।</p>
<p style="text-align:justify;">हमला फतेहपुर और कौशांबी के बीच सिराथू रेलवे स्टेशन के पास हुआ। आशुतोष गाजियाबाद से रीवा एक्सप्रेस के H1 कोचमें सवार होकर प्रयागराज आ रहे थे, जहां 12 मार्च को मथुरा श्री कृष्ण जन्मभूमि मामले और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण के आरोपों से जुड़ी सुनवाई होनी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>हमले के दौरान क्या हुआ?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">आशुतोष के मुताबिक, हमलावर ने उन्हें सीधे कहा – “तुमने हमारे गुरु के खिलाफ केस लिखवाया, तुम्हें मार देंगे!” हमलावर ने उनकी नाक काटने की भरपूर कोशिश की। आशुतोष ने तुरंत टॉयलेट में घुसकर दरवाजा बंद कर लिया और जान बचाई। इस दौरान उन्हें चेहरे और शरीर पर कई जगह गहरी चोटें आईं। लहूलुहान हालत में वे प्रयागराज पहुंचे और इलाज के लिए कॉल्विन अस्पताल में भर्ती हुए। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>आशुतोष ने लगाया सीधा आरोप</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">प्रयागराज जंक्शन पर जीआरपी थाने में एफआईआर दर्ज कराते हुए आशुतोष ने हमले का जिम्मेदार स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को ठहराया। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में स्वामी के लोगों ने उनकी नाक काटने के लिए 21 लाख रुपये का इनाम रखा था और अब उस इनाम को अमल में लाने की कोशिश की गई।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>पुलिस जांच में जुटी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">जीआरपी की कई टीमें सिराथू स्टेशन के आसपास और ट्रेन में हमलावर की तलाश में जुटी हैं। आशुतोष से पूछताछ की जा रही है ताकि हमलावर की स्केच या पहचान बनाई जा सके। पुलिस को शक है कि हमलावर नशे की हालत में भी हो सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सुरक्षा की मांग</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">आशुतोष ब्रह्मचारी ने हमले के बाद तत्काल सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि जब नाक काटने पर 21 लाख का इनाम रखा जा सकता है, तो आगे भी उनका जीवन खतरे में रहेगा। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की गहन जांच और उचित सुरक्षा मुहैया कराने की अपील की है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 11:13:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> 99 प्रतिशत प्रोजेक्ट तैयार : प्रदेश के 10 जिलों में जल्द पूरा होगा स्मार्ट सिटी का काम </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश के लिए एक अच्छी बात यह है कि स्मार्ट सिटी स्कीम के तहत शुरू होने वाले 99% प्रोजेक्ट्स शुरू हो गए हैं। अधिकारियों के अनुसार 15 मार्च की डेडलाइन का पीछा करते हुए, शहरी विकास विभाग के किए गए नए रिव्यू में पाया गया कि शहरी निवासियों के जीवन को आसान बनाने के लिए मंजूर किए गए कुल 682 प्रोजेक्ट्स में से 677 पूरे हो गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि बाकी पांच प्रोजेक्ट्स में से तीन का उद्घाटन एक हफ़्ते के अंदर हो सकता है। जबकि बाकी भी 14 मार्च तक चालू हो जाएंगे।</p>
<p>जून</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/573883/smart-city-work-will-soon-be-completed-in-10-districts-of-the-state"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/smart-city.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश के लिए एक अच्छी बात यह है कि स्मार्ट सिटी स्कीम के तहत शुरू होने वाले 99% प्रोजेक्ट्स शुरू हो गए हैं। अधिकारियों के अनुसार 15 मार्च की डेडलाइन का पीछा करते हुए, शहरी विकास विभाग के किए गए नए रिव्यू में पाया गया कि शहरी निवासियों के जीवन को आसान बनाने के लिए मंजूर किए गए कुल 682 प्रोजेक्ट्स में से 677 पूरे हो गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि बाकी पांच प्रोजेक्ट्स में से तीन का उद्घाटन एक हफ़्ते के अंदर हो सकता है। जबकि बाकी भी 14 मार्च तक चालू हो जाएंगे।</p>
<p>जून 2015 में आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा शुरू की गई इस स्कीम में, यूपी में नगर निगमों द्वारा चलाए जाने वाले 10 शहरों को शामिल किया गया था। आगरा, अलीगढ़, बरेली, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर और वाराणसी उन शहरों में शामिल थे जिन्हें इस स्कीम के तहत शामिल किया गया था। हालांकि, शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय में तैनात एक अधिकारी ने कहा कि 15 मार्च तक, प्रोजेक्ट्स के लिए दिए गए पैसे का इस्तेमाल तय समय के अनुसार किया गया था।</p>
<p>एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य के अनुरोध पर, केंद्र सरकार ने पहले भी स्मार्ट सिटी स्कीम की डेडलाइन तीन बार बढ़ाई है। पिछले साल 31 मार्च के बाद, जो राज्य को दी गई आखिरी डेडलाइन थी, केंद्र ने स्कीम के लिए और फंड नहीं दिए। इस बीच, राज्य सरकार 2019-2020 में शुरू किए गए 'UP स्टेट स्मार्ट सिटी मिशन' के तहत नगर निगमों द्वारा चलाए जा रहे बाकी सात शहरों को भी अपग्रेड कर रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Mar 2026 14:41:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शाइन सिटी घोटाला: पांच वर्ष में अरबों समेट दुबई भागा था राशिद नसीम, जानें कैसे 2013 में प्रयागराज से शुरू हुआ था रियल एस्टेट का कारोबार</title>
                                    <description><![CDATA[ दुबई के बुर्ज खलीफा में बनाया ठिकाना, वहीं संचालित कर रहा था सिंडिकेट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/573610/shine-city-scam--rashid-naseem-fled-to-dubai-with-billions-in-five-years----learn-how-the-real-estate-business-started-in-prayagraj-in-2013"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/muskan-dixit-(21)10.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> प्रयागराज के करेली की गलियों से निकलकर रियल एस्टेट कंपनी शाइन सिटी संचालित करने वाला राशिद नसीम महज पांच वर्षों में अरबों रुपये का साम्राज्य खड़ा कर लिया। बिना भूखंड के हजारों लोगों से रुपये ठगे। जब वसूली व कब्जे के लिए दबाव बना तो पहले यूपी छोड़ दिल्ली गया। इसके बाद दुबई निकल गया। वहां बुर्ज खलीफा में ठिकाना बनाया। फिर सिंडिकेट का संचालन शुरू कर दिया। लगातार दर्ज हो रहे मामलों से पुलिस पर दबाव बढ़ा। शासन ने मामले की जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन को सुपुर्द कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस सूत्रों के मुताबिक प्रयागराज में करेली का रहने वाला राशिद नसीम शाइन सिटी की स्थापना 2013 में की। पहला कार्यालय प्रयागराज में खोला। इसके छह माह के अंदर ही उसने गोमतीनगर के एसआरएस मॉल के सामने लग्जरी कार्यालय खोला। जहां चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों की नजर व निजी सुरक्षाकर्मियों की निगरानी रहती थी। यहीं से पूरे सिंडिकेट को संचालित करना शुरू किया। महज तीन वर्ष में पूरे देश में अपने एजेंटों के जरिये नेटवर्क फैलाया। अरबों रुपये भूखंड पर निवेश कराये। पुलिस के मुताबिक 2016 में राशिद नसीम लखनऊ छोड़ दिया। उसके कार्यालय पर निवेशकों और भूखंड खरीदने वालों का प्रदर्शन शुरू हो गया। इसके बाद कुछ दिनों तक वह दिल्ली में रहा। लगातार एफआईआर दर्ज होने लगे। पूरे प्रदेश में ताबड़तोड़ पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। हालांकि किसी भी जिम्मेदारों को गिरफ्तार करने के बजाए पुलिस एजेंटों को भेजकर अपनी पीठ थपथपाती रही। दबाव बढ़ा तो राशीद ने दुबई का रुख कर लिया। इसके बाद कभी लखनऊ वापस ही नहीं आया।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ऑडियो वायरल कर दी थी सफाई</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पांच वर्ष पूर्व पुलिस ने कंपनी एमडी व राशिद नसीम के छोटे भाई आसिफ नसीम को एक नवंबर को गिरफ्तार किया। प्रयागराज में ईओडब्ल्यू व पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे दबोच लिया। इसके बाद राशिद ने एक ऑडियो वॉयरल किया। जिसमें बताया कि सरकारी एजेंसियों ने उसकी एक हजार करोड़ की संपत्तियां जब्त कर चुका है। हालांकि सरकारी दावे महज पांच सौ करोड़ के बताये गये। ऑडियो में कहा गया था कि करीब 300 करोड़ रुपए किसानों और दलालों के बीच फंसे हैं। जमीन दिलाने वाले कुछ दलालों के फरार होने और रजिस्ट्री विवादों के कारण कंपनी कानूनी उलझनों में फंसी हुई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>दोनों भाइयों पर पांच-पांच लाख रुपये था इनाम</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">2017 में प्रदेश की सत्ता में बदलाव हुआ। प्रदेश में योगी की सरकार बनी। इसके बाद राशिद नसीम व उसके सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू हुई। लगातार उसके करीबी लोगों को गिरफ्तार किया जाने लगा। इस कार्रवाई की जद में उसका भाई व दूसरी पत्नी भी आ गई। प्रदेश सरकार ने राशिद और उसके भाई आसिफ पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। इसके अलावा कंपनी के करीब एक दर्जन से अधिक सदस्यों पर एक-एक लाख और 30 से अधिक पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>2018 में नेपाल पुलिस ने किया था गिरफ्तार</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">जांच एजेंसियों के मुताबिक दुबई में बैठकर राशिद पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। बताया जा रहा है कि उसने वहां बड़ा निवेश किया। भारत में अपने सहयोगियों के जरिए गतिविधियां जारी रखीं। 2018 में नेपाल में उसे कुछ सदस्यों के साथ कैसिनो से गिरफ्तार किया गया। करीब 43 दिन बाद जमान पर रिहा होने के बाद दुबइ्र पहुंच गया। कई वर्षों तक गिरफ्तारी से बचते रहने के कारण उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी जांच की जा रही है। एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि ठगी की रकम किस-किस चैनल से विदेश भेजी गई। शाइन सिटी व राशिद नसीम के खिलाफ सबसे अधिक लखनऊ में मामले दर्ज है। कंपनी का यहीं मुख्यालय भी था। उसके खिलाफ गोमतीनगर, विकासनगर, बीकेटी, मोहनलालगंज और गोसाईगंज में मामले दर्ज हैं। इसके अलावा प्रयागराज, वाराणसी के अलावा कई अन्य जनपदो में मामला दर्ज कराया गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>पॉन्जी और पिरामिड स्कीम पर वसूले रुपये</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">शाइन सिटी ग्रुप ने पॉन्जी और पिरामिड स्कीम चलाया। इसके जरिये कंपनी ने रियल एस्टेट निवेश, प्लॉट, घर, फ्लैट व अन्य आकर्षक योजनाओं के नाम पर निवेशकों से अरबो रुपये निवेश कराये। निवेशकों को मोटे मुनाफे का लालच दिया। निवेशकों को न तो वादा किए गए प्लॉट या संपत्तियां दी गईं और न ही रिटर्न। कई मामलों में, प्लॉट के दस्तावेज फर्जी पाए गए थे। राशिद नसीम पर मनी लॉन्ड्रिंग का भी मामला दर्ज किया गया। उसने फर्जी कंपनियों, निदेशकों और सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर किया गया। इन रुपये का उपयोग जमीन, ऑफिस स्पेस, और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स खरीदने में किया गया। इन रुपये का निवेश गलत तरीके से पाया गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>अब तक 63 आरोपी जा चुके हैं जेल</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">शाइन सिटी ग्रुप से जुड़े फर्जीवाड़े में पुलिस और ईओडब्ल्यू ने अब तक 63 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें सीएमडी राशिद नसीम, उसका भाई एमडी आसिफ नसीम, मनीष जायसवाल (उपाध्यक्ष) की सितंबर 2024 में गिरफ्तारी की गई। ज्ञान प्रकाश उपाध्याय, मोहम्मद अकरम, शशि बाला, अभिषेक सिंह, दुर्गा प्रसाद, उद्धव सिंह, अमिताभ श्रीवास्तव, मीरा श्रीवास्तव समेत कई लोग शामिल हैं। जांच में सामने आया कि रेरा में सिर्फ 58 भूखंडों का रजिस्ट्रेशन था, लेकिन शाइन सिटी ने तीन हजार से अधिक की बुकिंग दिखाई थी। अब तक कुल 266.70 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गईं, जिनमें लखनऊ के मोहनलालगंज में 24 कृषि भूमि (47.80 करोड़), बाराबंकी में 6 आवासीय भूखंड (16.5 करोड़), हरियाणा के रेवाड़ी में स्प्रिंगडेल प्रोजेक्ट में कॉमर्शियल संपत्तियां (9.27 करोड़), बिहार के पटना में 20 करोड़ की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Feb 2026 11:09:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP: गवर्नमेंट प्रेस के ज्वाइंट डायरेक्टर का गंगा में शव मिला, हत्या की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रामपुर, अमृत विचार। </strong>रामपुर जजेज रोड स्थित गवर्नमेंट प्रेस के ज्वाइंट डायरेक्टर बच्चू सिंह (55) का शव बुधवार को हापुड़ के ब्रजघाट से एक नाव में बरामद किया गया। परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं। मंगलवार शाम तक वो अपनी ड्यूटी पर मौजूद थे। बुधवार सुबह वो अपने आवास से गंगा स्नान के लिए निकले थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।  </p>
<p>मूल रूप से प्रयागराज निवासी बच्चू सिंह बुधवार सुबह करीब पांच बजे वे अपने सरकारी आवास से गंगा स्नान के लिए निकले, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटे। कुछ घंटों बाद हापुड़ के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/573393/government-press-joint-director-s-body-found-in-ganga--murder-suspected"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/hj1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रामपुर, अमृत विचार। </strong>रामपुर जजेज रोड स्थित गवर्नमेंट प्रेस के ज्वाइंट डायरेक्टर बच्चू सिंह (55) का शव बुधवार को हापुड़ के ब्रजघाट से एक नाव में बरामद किया गया। परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं। मंगलवार शाम तक वो अपनी ड्यूटी पर मौजूद थे। बुधवार सुबह वो अपने आवास से गंगा स्नान के लिए निकले थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।  </p>
<p>मूल रूप से प्रयागराज निवासी बच्चू सिंह बुधवार सुबह करीब पांच बजे वे अपने सरकारी आवास से गंगा स्नान के लिए निकले, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटे। कुछ घंटों बाद हापुड़ के ब्रजघाट से उनके शव मिलने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस महकमे में हलचल मच गई। आवंटित सरकारी कमरा खुला मिला और ताला अलग कुंडे में लटका हुआ था। बच्चू सिंह के निधन की खबर से रामपुर गवर्नमेंट प्रेस में सन्नाटा पसरा हुआ है, स्टाफ चिंतित है। </p>
<p>गवर्नमेंट प्रेस के प्रशासनिक अधिकारी राजनाथ सिंह गोस्वामी ने बताया कि वे मंगलवार शाम तक ड्यूटी पर थे, लेकिन बुधवार सुबह कार्यालय नहीं पहुंचे। कुछ ही देर बाद उनके निधन की सूचना मिल गई। उन्होंने 1 नवंबर 2023 को रामपुर में ज्वाइन किया था। उनका बेटा शब्द, बेटी शिवानी और पत्नी प्रयागराज ही रहते हैं। बेटी शिवानी ने पिता की हत्या का आरोप लगाया है। उनका मानना है कि कैसे वा गंगा में पहुंच गए, इसकी विशेष जांच होनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>रामपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 11:05:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: डीएम कोर्ट ने 23 दिन में आठ अपराधियों पर लगाया गुंडा एक्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>जिले में अपराध का पर्याय बने आठ अपराधियों पर जिलाधिकारी अविनाश सिंह की कोर्ट ने बड़ी कार्रवाई की है। इन सभी पर फरवरी माह के 23 दिनों में गुंडा एक्ट की कार्रवाई की है। जिससे अपराधियों में भय का माहौल है। कार्रवाई में प्रयागराज के माफिया रहे पूर्व विधायक अशरफ के गुर्गे लल्ला गद्दी उर्फ मोहम्मद रजा और महिला अधिवक्ता के पति पर गोली चलाने वाले भाजपा नेता के करीबी सौरभ राठौर समेत अन्य अपराधी शामिल हैं। यह कार्रवाई पुलिस की रिपोर्ट के बाद कोर्ट ने की है।</p>
<p>डीएम कोर्ट ने फरवरी माह में अब तक आठ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/573232/in-23-days--the-dm-court-imposed-the-goonda-act-on-eight-criminals"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/ainash.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>जिले में अपराध का पर्याय बने आठ अपराधियों पर जिलाधिकारी अविनाश सिंह की कोर्ट ने बड़ी कार्रवाई की है। इन सभी पर फरवरी माह के 23 दिनों में गुंडा एक्ट की कार्रवाई की है। जिससे अपराधियों में भय का माहौल है। कार्रवाई में प्रयागराज के माफिया रहे पूर्व विधायक अशरफ के गुर्गे लल्ला गद्दी उर्फ मोहम्मद रजा और महिला अधिवक्ता के पति पर गोली चलाने वाले भाजपा नेता के करीबी सौरभ राठौर समेत अन्य अपराधी शामिल हैं। यह कार्रवाई पुलिस की रिपोर्ट के बाद कोर्ट ने की है।</p>
<p>डीएम कोर्ट ने फरवरी माह में अब तक आठ अपराधियों पर कानून का डंडा चला चुका है। इसमें सबसे खूंखार लल्ला गद्दी का भी नाम शामिल है। बारादरी थाना क्षेत्र के चक महमूद निवासी लल्ला गद्दी को कुछ दिन पहले ही जिला माफिया घोषित किया गया था। लल्ला गद्दी और उसके दोस्त सद्दाम (अशरफ के साले) ने प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड से पहले शूटरों की मुलाकात जिला जेल में बंद माफिया अशरफ से कराने में मदद की थी। इतना ही नहीं लल्ला अशरफ को जेल में चिकन बिरयानी पहुंचाने का भी काम करता था। उमेश पाल की हत्या के बाद मामले की जांच हुई थी तो चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। </p>
<p>इसके बाद जेल अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई थी। जांच में सामने आया था कि लल्ला गद्दी की दोस्ती अशरफ के साले सद्दाम से हो गई थी। लल्ला गद्दी ने सद्दाम के रुपये बरेली की जमीनों में निवेश कराए थे। पुलिस ने लल्ला गद्दी और उसके कई साथियों को अशरफ की मदद करने के आरोप में जेल भेजा था। इनमें से अधिकतर आरोपी जेल से रिहा हो चुके हैं। इसी तरह शहर के जोगी नवादा निवासी सौरभ राठौर और टिंकू राठौर ने महिला अधिवक्ता रीना सिंह के पति पर गोली चलाई थी। दोनों भाइयों का नाम एक भाजपा नेता से भी जुड़ता रहा है। इन दोनों के खिलाफ भी गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई है। इसी तरह विकास राठौर, इमरान, परवेज मलिक, जुनैद, विशाल पर भी गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/573232/in-23-days--the-dm-court-imposed-the-goonda-act-on-eight-criminals</link>
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                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 15:42:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>HC में बार एसोसिएशन का बड़ा विरोधः महीने के दो शनिवार को कोर्ट खोलने के प्रस्ताव पर सख्त रुख, कहा- &quot;न्याय की गुणवत्ता गिरेगी और...&quot;</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराजः </strong>इलाहाबाद उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन (एचसीबीए) ने देशभर के विभिन्न बार एसोसिएशनों को पत्र लिखकर उनसे प्रतिमाह दो शनिवार को उच्च न्यायालयों को खोलने के प्रस्ताव का सामूहिक रूप से विरोध करने का आग्रह किया है। इस पत्र में बार एसोसिएशन ने वकीलों, न्यायाधीशों और अदालत के कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यदिवसों के प्रभाव को लेकर गंभीर चिंता जताई है। साथ ही, इस धारणा पर भी सवाल उठाया है कि अदालतों के अधिक समय तक संचालित होने से लंबित मामलों में अपने आप कमी आ जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसने कहा कि यह प्रस्ताव सतही तौर पर आकर्षक लग सकता है, लेकिन इसके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570474/major-protest-by-the-bar-association-in-the-high-court--taking-a-strong-stance-against-the-proposal-to-open-the-court-on-two-saturdays-a-month--they-said--%22the-quality-of-justice-will-decline-and---%22"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-08/इलाहाबाद-hc.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराजः </strong>इलाहाबाद उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन (एचसीबीए) ने देशभर के विभिन्न बार एसोसिएशनों को पत्र लिखकर उनसे प्रतिमाह दो शनिवार को उच्च न्यायालयों को खोलने के प्रस्ताव का सामूहिक रूप से विरोध करने का आग्रह किया है। इस पत्र में बार एसोसिएशन ने वकीलों, न्यायाधीशों और अदालत के कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यदिवसों के प्रभाव को लेकर गंभीर चिंता जताई है। साथ ही, इस धारणा पर भी सवाल उठाया है कि अदालतों के अधिक समय तक संचालित होने से लंबित मामलों में अपने आप कमी आ जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसने कहा कि यह प्रस्ताव सतही तौर पर आकर्षक लग सकता है, लेकिन इसके दूरगामी परिणाम न्याय की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर डाल सकते हैं। पत्र में दलील दी गई है कि हर महीने दो शनिवार को अदालतें खोलने से अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों पर शारीरिक एवं मानसिक दबाव बढ़ेगा, क्योंकि अदालतों का समय सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक निर्धारित है, लेकिन अधिवक्ताओं का काम देर तक रहता है। पत्र में कहा गया है कि सप्ताहांत के दिन अक्सर अधिवक्ता जटिल मामलों की तैयारी, दलीलों का मसौदा तैयार करने और कानूनी अध्ययन में लगाते हैं। जटिल और समय-साध्य मामलों पर सामान्यतः शनिवार और रविवार को ही गहन रूप से काम किया जाता है। वास्तव में, ये दोनों दिन अधिवक्ताओं के लिए सबसे व्यस्त माने जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बार एसोसिएशन ने यह भी कहा कि न्यायाधीश सप्ताहांत का उपयोग निर्णय लिखने और आरक्षित मामलों का निपटारा करने में करते हैं, ऐसे में अतिरिक्त कार्यदिवस लागू होने से उन पर भी कार्यभार का दबाव बढ़ेगा। एसोसिएशन ने 27 जनवरी 2026 को भेजे गए पत्र में देशभर के बार एसोसिएशनों से अपील की है कि वे इसके विरोध में प्रस्ताव पारित करें और उसे उच्चतम न्यायालय, सभी उच्च न्यायालयों तथा केंद्रीय कानून मंत्री को भेजें। उच्च न्यायालयों में प्रतिमाह दो शनिवार को बैठने के प्रस्ताव ने हाल के महीनों में जोर पकड़ा है। भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने भी इसी तर्ज पर एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/570474/major-protest-by-the-bar-association-in-the-high-court--taking-a-strong-stance-against-the-proposal-to-open-the-court-on-two-saturdays-a-month--they-said--%22the-quality-of-justice-will-decline-and---%22</link>
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                <pubDate>Sun, 08 Feb 2026 14:47:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महोबा मंत्री-विधायक विवाद पर पंकज चौधरी बोले- पार्टी ने लिया है मामले का संज्ञान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>महोबा में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत के बीच हुई तीखी नोकझोंक को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पूरा मामला पार्टी के संज्ञान में है। इस मामले में दोनों नेताओं से बात कर ली गई है। प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को लखनऊ पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बातें कहीं। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>  यह बजट देश के भविष्य का स्पष्ट विजन</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">वहीं, केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए पंकज चौधरी ने कहा कि यह बजट केवल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569926/regarding-the-mahoba-minister-mla-dispute--pankaj-chaudhary-said-that-the-party-has-taken-cognizance-of-the-matter"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/pankaj-chaudhari.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>महोबा में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत के बीच हुई तीखी नोकझोंक को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पूरा मामला पार्टी के संज्ञान में है। इस मामले में दोनों नेताओं से बात कर ली गई है। प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को लखनऊ पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बातें कहीं। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong> यह बजट देश के भविष्य का स्पष्ट विजन</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">वहीं, केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए पंकज चौधरी ने कहा कि यह बजट केवल वित्तीय लेखा-जोखा नहीं, बल्कि देश के भविष्य का स्पष्ट विजन है। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस समावेशी विकास पर है और यह बजट विकास का एक मजबूत ब्लूप्रिंट प्रस्तुत करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसमें सात नई हाई-स्पीड कॉरिडोर की घोषणा की गई है, जिससे उत्तर प्रदेश को बड़ा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई अहम कदम उठाए गए हैं, जिनका सीधा फायदा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को होगा। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि सरकार 'मेक इन इंडिया' को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। ग्लोबल बायो-फार्मा, सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक और भविष्य उन्मुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर क्षेत्र में देश को आगे ले जाने की कवायद की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">पंकज चौधरी ने बताया कि एमएसएमई सेक्टर पर सरकार का विशेष फोकस है। युवाओं को स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से रोजगार के योग्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। कृषि क्षेत्र में भी पहले की तुलना में अधिक बजट आवंटन किया गया है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह बजट पुराने वर्षों से चली आ रही जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने के साथ-साथ नए विजन के साथ देश को विकास की नई दिशा देने वाला है। </p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उठाए गए सवालों पर पलटवार करते हुए पंकज चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव स्वयं अपने बयानों को लेकर भ्रम की स्थिति में हैं। उन्होंने पहले ही इस विषय पर बयान दे दिया है और अब बार-बार अलग-अलग बातें कर रहे हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>महोबा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/569926/regarding-the-mahoba-minister-mla-dispute--pankaj-chaudhary-said-that-the-party-has-taken-cognizance-of-the-matter</link>
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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 17:02:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट की रोक बावजूद यूपी में जारी है बुलडोजर कार्रवाई, हाईकोर्ट ने जताई कड़ी नाराजगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>उत्तर प्रदेश में ध्वस्तीकरण कार्रवाई को गंभीरता से लेते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि उच्चतम न्यायालय के नवंबर, 2024 के 'बुलडोजर न्याय' को अस्वीकार्य बताने वाले निर्णय के बावजूद प्रदेश में ढांचों के खिलाफ दंडात्मक ध्वस्तीकरण जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने प्रदेश के हमीरपुर जिले में उस शख्स के रिश्तेदारों की याचिका पर यह टिप्पणी की है जिसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोक्सो) एवं धर्मांतरण रोधी कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">याचिका में वादियों की संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई की आशंका जाहिर करते हुए अदालत से संरक्षण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569924/despite-the-supreme-court-s-stay-order--bulldozer-action-continues-in-uttar-pradesh--and-the-high-court-has-expressed-strong-displeasure"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/कोर्ट.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>उत्तर प्रदेश में ध्वस्तीकरण कार्रवाई को गंभीरता से लेते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि उच्चतम न्यायालय के नवंबर, 2024 के 'बुलडोजर न्याय' को अस्वीकार्य बताने वाले निर्णय के बावजूद प्रदेश में ढांचों के खिलाफ दंडात्मक ध्वस्तीकरण जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने प्रदेश के हमीरपुर जिले में उस शख्स के रिश्तेदारों की याचिका पर यह टिप्पणी की है जिसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोक्सो) एवं धर्मांतरण रोधी कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">याचिका में वादियों की संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई की आशंका जाहिर करते हुए अदालत से संरक्षण की गुहार लगाई गई है। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की पीठ ने राज्य सरकार से सवाल किया कि क्या किसी अपराध के घटित होने के तुरंत बाद किसी संरचना को ध्वस्त करना, कार्यकारी विवेकाधिकार का एक दिखावटी प्रयोग है।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने कहा कि उसके सामने ऐसे कई मामले आए हैं जिनमें अपराध घटित होने के तुरंत बाद संपत्ति के कब्जेदारों को ध्वस्तीकरण के नोटिस जारी किए गए और इसके बाद, वैधानिक आवश्यकताएं दिखावटी रूप से पूरी कर आवास स्थलों को ध्वस्त कर दिया गया। अदालत ने मामले की "व्यापक" प्रकृति को ध्यान में रखा है जिसमें किसी संरचना को ध्वस्त करने का राज्य का अधिकार और भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत उसमें रहने वाले लोगों के अधिकार शामिल हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए नौ फरवरी की अगली तारीख तय की। उच्च न्यायालय ने 21 जनवरी को पारित फैसले में कहा है कि दोनों पक्षों द्वारा प्रारंभिक दलीलें दी गई हैं और याचिकाकर्ताओं के मामले से यह प्रतीत होता है कि यद्यपि याचिकाकर्ता प्राथमिकी में सह-आरोपी नहीं है, फिर भी प्रतिवादी (प्रशासन) ने याचिकाकर्ता संख्या दो को प्राथमिकी दर्ज होने के तुरंत बाद उस आवासीय मकान को लेकर नोटिस जारी किया है जिसमें वे रहते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने कहा कि वहीं, याचिकाकर्ता संख्या तीन के नाम दर्ज एक वाणिज्यिक संपत्ति "इंडियन लॉज" को प्रशासन द्वारा सील कर दिया गया और याचिकाकर्ता संख्या दो के नाम दर्ज एक आरा मिल के लाइसेंस का नवीकरण नहीं किया गया और इसे भी सील कर दिया गया। याचिका में याचिकाकर्ताओं ने आशंका जताई है कि उनकी संपत्तियां बुलडोजर की कार्रवाई के लिए चिन्हित की गई हैं, इसलिए इन्हें ध्वस्त होने से बचाने के लिए न्यायिक हस्तक्षेप की उच्च न्यायालय से गुहार लगाई गई। </p>
<p style="text-align:justify;">तथ्यों के मुताबिक, फैमुद्दीन और अन्य ने यह कहते हुए एक रिट याचिका दायर की है कि उनके रिश्तेदार (अफान खान) के खिलाफ बीएनएस, पॉक्सो अधिनियम, सूचना एवं प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। </p>
<p style="text-align:justify;">याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि यद्यपि उक्त प्राथमिकी में वे सह आरोपी नहीं हैं, फिर भी पुलिस की मिलीभगत से भीड़ ने उन्हें निशाना बनाया और हमीरपुर में स्थित उनकी संपत्तियां अधिकारियों द्वारा ढहाई जा सकती हैं। हालांकि, राज्य सरकार ने प्रारंभिक आपत्ति जताते हुए कहा कि यह याचिका समय से पूर्व ही दाखिल कर दी गई और याचिकाकर्ताओं को नोटिस का जवाब देना आवश्यक है। </p>
<p style="text-align:justify;">अदालत को मौखिक आश्वासन दिया गया कि कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया का पालन किए बगैर कोई ध्वस्तीकरण नहीं किया जाएगा और याचिकाकर्ताओं को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिया जाएगा। हालांकि, यह देखते हुए कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के बावजूद राज्य में इस तरह के विध्वंस जारी हैं, पीठ ने 21 जनवरी को पारित आदेश में उठाए गए सवालों पर विचार करना उचित समझा। </p>
<p style="text-align:justify;">नवंबर 2024 में, तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने टिप्पणी की थी कि बुलडोजर के माध्यम से न्याय करना किसी भी सभ्य न्याय प्रणाली में स्वीकार्य नहीं है। शीर्ष अदालत ने कहा था कि राज्य को अवैध अतिक्रमणों या गैरकानूनी रूप से निर्मित संरचनाओं को हटाने के लिए कार्रवाई करने से पहले कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>हमीरपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 16:53:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
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