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                <title>Bareilly : वित्तमंत्री से उम्मीद... कृषि नीति के बजाय बने किसान नीति</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> आम बजट से किसान भी उम्मीदें लगाए बैठे हैं। किसान संगठनों का कहना है कि इस बार बजट में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गारंटी कानून बनाया जाना बेहद जरूरी है, ताकि किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम सुनिश्चित हो सके। </p>
<p>किसान नेताओं का तर्क है कि हरियाणा और पंजाब में जहां करीब 80 प्रतिशत फसल एमएसपी पर खरीदी जाती है, वहीं प्रदेश में यह आंकड़ा महज छह से सात प्रतिशत तक है, जो साफ तौर पर असमानता को दर्शाता है। कहा कि देश में कृषि नीति नहीं, बल्कि किसान केंद्रित नीति बनाने की जरूरत है। किसानों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569656/expectations-from-the-finance-minister----a-farmer-policy-should-be-formulated-instead-of-an-agricultural-policy"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/uy.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> आम बजट से किसान भी उम्मीदें लगाए बैठे हैं। किसान संगठनों का कहना है कि इस बार बजट में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गारंटी कानून बनाया जाना बेहद जरूरी है, ताकि किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम सुनिश्चित हो सके। </p>
<p>किसान नेताओं का तर्क है कि हरियाणा और पंजाब में जहां करीब 80 प्रतिशत फसल एमएसपी पर खरीदी जाती है, वहीं प्रदेश में यह आंकड़ा महज छह से सात प्रतिशत तक है, जो साफ तौर पर असमानता को दर्शाता है। कहा कि देश में कृषि नीति नहीं, बल्कि किसान केंद्रित नीति बनाने की जरूरत है। किसानों को उम्मीद है कि बजट में उनकी आय बढ़ाने, लागत घटाने और खरीद व्यवस्था मजबूत करने को लेकर ठोस प्रावधान किए जाएंगे।</p>
<p> मंडल अध्यक्ष, भाकियू (अराजनैतिक) अरुण राठी ने बताया कि आम बजट से किसानों को उम्मीदें हैं, लेकिन अब सिर्फ घोषणाओं से काम नहीं चलेगा। देश के किसान की सबसे बड़ी मांग है कि एमएसपी पर खरीद की गारंटी, जिससे उसे फसल का उचित मूल्य मिल सके। इसके अलावा स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू हों, जिसे पहले सालों में केंद्र सरकार ने माना भी था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया।</p>
<p>जिलाध्यक्ष भाकियू (महात्मा टिकैत) दुर्गेश मौर्य के मुताबिक हरियाणा और पंजाब में 80 प्रतिशत तक फसल एमएसपी पर खरीदी जाती है, जबकि यूपी जैसे बड़े कृषि राज्य में यह आंकड़ा बेहद कम है। यह भेदभाव क्यों ? किसान सिर्फ दया नहीं, अधिकार चाहता है। बजट में ऐसी नीति बननी चाहिए जिससे हर राज्य के किसान को बराबरी का लाभ मिले। एमएसपी की गारंटी से ही यह असमानता खत्म हो सकती है।</p>
<p>भाकियू (अराजनैतिक) जिलाध्यक्ष तेजपाल गंगवार ने बताया कि  बरेली देश को कृषि नीति की बजाय किसान नीति की जरूरत है, जिसमें किसानों के लिए पेंशन की व्यवस्था हो, जी राम जी योजना से भी किसानों को जोड़ा जाना चाहिए। हालांकि बजट से किसानों को कोई खास उम्मीदें नहीं हैं, क्योंकि सरकार का बजट केवल और केवल उद्यमी आधारित ही होता है। पिछले बजट में भी घोषणाएं खूब हुई थीं, लेकिन हासिल कुछ नहीं हुआ।</p>
<p>किसान एकता संघ राष्ट्रीय संगठन मंत्री -डॉ. रवि नागर ने बताया कि देश में आज भी कृषि नीति बनाई जाती है, लेकिन जरूरत किसान नीति की है। नीति ऐसी हो जो किसान की लागत, उसकी मेहनत और जोखिम को समझे। खाद, बीज, डीजल सब महंगा हो चुका है, लेकिन फसल के दाम वहीं के वहीं हैं। बजट में अगर किसानों की आय बढ़ाने और लागत घटाने के ठोस प्रावधान नहीं हुए तो हालात और बिगड़ेंगे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/569656/expectations-from-the-finance-minister----a-farmer-policy-should-be-formulated-instead-of-an-agricultural-policy</link>
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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 11:08:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP में 30 जून तक घर बैठे अपनी फसल बेच सकेंगे किसान, बस करना होगा ये काम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए राहत की खबर है क्योंकि अब वे मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत अपने घर बैठे सीधे सरकार को अपनी दालें और तिलहन बेच सकेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि 2 अप्रैल से 30 जून तक चलने वाली योगी सरकार की इस पहल के तहत किसान बिचौलियों या बाजार में उतार-चढ़ाव के बिना न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अपनी उपज बेच सकेंगे। </p>
<p>सूत्रों ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य उचित मूल्य सुनिश्चित करना और किसानों की आय बढ़ाना है, जिससे उन्हें निर्बाध और पारदर्शी बिक्री</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/531238/in-up--farmers-will-be-able-to-sell-their-crops-from-home-till-june-30-pss-price-support-scheme-up-government-farmer-crop-purchase-msp"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/demo-image-v---2025-04-02t191220.948.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए राहत की खबर है क्योंकि अब वे मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत अपने घर बैठे सीधे सरकार को अपनी दालें और तिलहन बेच सकेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि 2 अप्रैल से 30 जून तक चलने वाली योगी सरकार की इस पहल के तहत किसान बिचौलियों या बाजार में उतार-चढ़ाव के बिना न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अपनी उपज बेच सकेंगे। </p>
<p>सूत्रों ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य उचित मूल्य सुनिश्चित करना और किसानों की आय बढ़ाना है, जिससे उन्हें निर्बाध और पारदर्शी बिक्री प्रक्रिया प्रदान की जा सके। इस अवसर का लाभ उठाकर किसान अपनी फसलों के लिए बेहतर रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। पीएसएस के तहत, यूपी के विभिन्न जिलों को फसल खरीद के लिए दो प्रमुख एजेंसियों को सौंपा गया है, जिनमें नैफेड और एनसीसीएफ शामिल हैं। नैफेड के राज्य प्रमुख रोहित जैमन ने कहा कि किसानों को अपनी फसल बेचने के तीन कार्य दिवसों के भीतर सीधे उनके आधार से जुड़े बैंक खातों में भुगतान प्राप्त होगा। </p>
<p>उन्होंने कहा “ सुचारू खरीद की सुविधा के लिए, पीसीएफ, पीसीयू, जेएएफईडी और यूपीएसएस के माध्यम से फसल उत्पादक जिलों में खरीद केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।” अधिक जानकारी के लिए किसान हेल्पलाइन 18002101222 पर संपर्क कर सकते हैं। यह विशेष खरीद योजना केंद्र सरकार और यूपी सरकार द्वारा संयुक्त रूप से कार्यान्वित की जा रही है, जिसमें नैफेड के प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल व्यक्तिगत रूप से प्रक्रिया की देखरेख कर रहे हैं। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a class="post-title" href="https://www.amritvichar.com/article/531213/waqf-amendment-bill-akhilesh-said-tight-on-the-up-government">Waqf Amendment Bill : अखिलेश ने यूपी सरकार पर कसा तंज, कहा- 'योगी जी 30 की गिनती में उलझे हुए हैं, जैसे तीस मार खां हैं'</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/531238/in-up--farmers-will-be-able-to-sell-their-crops-from-home-till-june-30-pss-price-support-scheme-up-government-farmer-crop-purchase-msp</link>
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                <pubDate>Wed, 02 Apr 2025 19:14:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishal Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शंभू बॉर्डर पर यातायात बहाल, खनौरी में रास्ता खोलने की तैयारी...आक्रोशित किसानों ने किया प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>चंडीगढ़। </strong>पंजाब पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारी किसानों को हिरासत में लेने और विरोध स्थल पर उनकी ओर से बनाए गए अस्थायी ढांचों को ध्वस्त करने के एक दिन बाद बृहस्पतिवार को शंभू-अंबाला राजमार्ग पर यातायात एक साल से अधिक समय बाद फिर शुरू हो गया।</p><p>वहीं हरियाणा पुलिस द्वारा सड़क पर से अवरोधक हटाने के साथ खनौरी बॉर्डर से भी आवाजाही शुरू होने वाली है। प्रशसन द्वारा सड़क पर से अवरोधक हटाने का काम जारी रहा, जबकि नाराज किसानों ने बुधवार शाम प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई के खिलाफ मोगा, तरनतारन, मुक्तसर और फरीदकोट सहित पंजाब में कई स्थानों पर प्रदर्शन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/528742/angry-farmers-demonstrated-to-open-the-road-in-khanouri"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/20031-pti03_20_2025_000013b.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>चंडीगढ़। </strong>पंजाब पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारी किसानों को हिरासत में लेने और विरोध स्थल पर उनकी ओर से बनाए गए अस्थायी ढांचों को ध्वस्त करने के एक दिन बाद बृहस्पतिवार को शंभू-अंबाला राजमार्ग पर यातायात एक साल से अधिक समय बाद फिर शुरू हो गया।</p><p>वहीं हरियाणा पुलिस द्वारा सड़क पर से अवरोधक हटाने के साथ खनौरी बॉर्डर से भी आवाजाही शुरू होने वाली है। प्रशसन द्वारा सड़क पर से अवरोधक हटाने का काम जारी रहा, जबकि नाराज किसानों ने बुधवार शाम प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई के खिलाफ मोगा, तरनतारन, मुक्तसर और फरीदकोट सहित पंजाब में कई स्थानों पर प्रदर्शन किया। मोगा में जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने जा रहे किसानों की पुलिसकर्मियों के साथ झड़प भी हुई। प्रदर्शनकारियों में महिलाएं भी शामिल थीं।</p><p>इस बीच, दिल्ली में जारी एक बयान में आम आदमी पार्टी (आप) ने किसानों के प्रति अपना समर्थन दोहराया, लेकिन पंजाब की अर्थव्यवस्था की रक्षा के लिए प्रमुख सड़कों को यातायात के लिए खोलने की तत्काल आवश्यकता को भी रेखांकित किया। </p><p>प्रदर्शनकारी किसानों ने शंभू और खनौरी बॉर्डर से प्रदर्शनकारियों को हटाने और किसान नेताओं को हिरासत में लेने के लिए पंजाब की आप सरकार की आलोचना की। किसान फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने की कानूनी गांरटी सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर पिछले साल दिल्ली कूच कर रहे थे लेकिन शंभू और खनौरी चौकियों पर रोकने के बाद से वे पिछले साल 13 फरवरी से वहीं डेरा डाले हुए थे। </p><p>किसानों ने प्रदर्शनकारियों को समायोजित करने और अपने आंदोलन को जारी रखने के लिए राजमार्ग पर अस्थायी संरचनाएं बना ली थीं। हरियाणा के सुरक्षा अधिकारियों ने पंजाब से लगी सीमा पर सीमेंट के ब्लॉक, लोहे की कीलें और कंटीले तारों की मदद से अवरोधक लगाए थे ताकि ‘दिल्ली चलो’ कार्यक्रम के तहत पंजाब से किसानों के राजधानी की ओर बढ़ने के हर प्रयास को विफल किया जा सके। </p><p>हरियाणा के सुरक्षाकर्मियों ने बृहस्पतिवार को शंभू-अंबाला राजमार्ग पर लगाए गए सीमेंट के अवरोधक हटा दिए, जिससे सड़क यातायात बहाल हो गया जबकि खनौरी सीमा पर सड़क पर अवरोधक को हटाया जा रहा है। इससे पहले, पंजाब पुलिस ने भी शंभू और खनौरी बॉर्डर पर पंजाब की ओर स्थित शेष अस्थायी ढांचों को हटाने का अभियान बृहस्पतिवार को फिर शुरू कर दिया। </p><p>पुलिस ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को खुले मैदान में ले गई ताकि किसान अपना पहचान पत्र दिखाकर उन्हें ले जा सकें। इस बीच, किसानों ने दावा किया कि हिरासत में लिए गए लोगों ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इस बीच, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने पंजाब पुलिस की कार्रवाई के विरोध में बृहस्पतिवार को उपायुक्तों के कार्यालयों के बाहर धरना देने की घोषणा की। </p><p>दोनों संगठनों ने बुधवार को प्रदर्शनकारियों को हटाने और किसान नेताओं को हिरासत में लेने के लिए पंजाब सरकार की आलोचना की। पुलिस कार्रवाई की निंदा करने के लिए किसानों के एक समूह ने मुक्तसर जिले के गिद्दड़बाहा में प्रदर्शन किया। फरीदकोट, तरनतारन, फिरोजपुर और भवानीगढ़ में भी विरोध प्रदर्शन हुए। पंजाब पुलिस ने बुधवार को सरवन सिंह पंधेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल सहित कई किसान नेताओं को मोहाली में उस समय हिरासत में ले लिया जब वे चंडीगढ़ में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में एक केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक करने के बाद लौट रहे थे। </p><p>बैठक में किसानों की विभिन्न मांगों, खासकर फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने वाले कानून पर चर्चा की गई। बैठक के बाद जैसे ही किसान मोहाली में दाखिल हुए, उन्हें अवरोधकों का सामना करना पड़ा और उनके कुछ नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस कार्रवाई को लेकर कुछ वर्गों की आलोचना का सामना कर रहे पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘आप’ सरकार राज्य में उद्योगों को आकर्षित करके युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है। </p><p>चीमा ने कहा, ‘‘शंभू और खनौरी बॉर्डर पर दो प्रमुख राजमार्गों के एक साल से अधिक समय से बंद होने के कारण पंजाब का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम किसानों को बताना चाहते हैं कि हम उनके साथ खड़े हैं। उनकी मांगें केंद्र से संबंधित हैं। </p><p>आप (किसान) केंद्र के खिलाफ कोई भी प्रदर्शन करें, हम आपके साथ हैं लेकिन पंजाब को नष्ट न करें और राज्य के राजमार्गों को बंद न करें।’’ मंत्री ने यह भी कहा कि जब पंजाब नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है, तो ऐसे समय में युवाओं को रोजगार प्रदान करना यह लड़ाई जीतने के लिए आवश्यक है। </p><p>उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब में उद्योग आने पर ही रोजगार पैदा हो सकता है लेकिन शंभू और खनौरी बॉर्डर एक साल से भी अधिक समय से बंद हैं जिससे पंजाब को नुकसान हो रहा है।’’ चीमा ने कहा, ‘‘2003 में पंजाब ने देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में सबसे अधिक योगदान दिया था लेकिन आज पंजाब 19वें स्थान पर आ गया है क्योंकि राज्य में उद्योग नहीं आ रहे हैं।’’ </p><p>किसान मजदूर संघर्ष समिति (केएमएससी) के नेता सतनाम सिंह पन्नू ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की और पंजाब सरकार पर केंद्र की मिलीभगत से प्रदर्शनकारी किसानों पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया। पन्नू ने कहा, ‘‘यह लोकतांत्रिक अधिकारों की हत्या थी। किसान दिल्ली जाना चाहते थे लेकिन हरियाणा सरकार ने केंद्र के इशारे पर सड़कों पर अवरोधक लगा दिए।’’ </p><p>इस बीच, पिछले साल 26 नवंबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को जालंधर स्थित पंजाब आयुर्विज्ञान संस्थान ले जाया गया, बाद में जालंधर के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस ले जाया गया।</p><p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/528593/haryana--efforts-to-open-shambhu-border-which-has-been-closed-for-a-year-are-in-full-swing--barricades-are-being-removed">हरियाणा: एक साल से बंद पड़े शंभू बॉर्डर को खोलने की कवायद तेज, हटाए जा रहे बैरिकेड्स</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/528742/angry-farmers-demonstrated-to-open-the-road-in-khanouri</link>
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                <pubDate>Thu, 20 Mar 2025 21:14:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishal Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कच्चे जूट का एमएसपी बढ़ाने का निर्णय 'एक बड़ा कदम', लाखों किसानों को होगा लाभ: पीएम मोदी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णय को जूट उत्पादक किसानों के हित में एक बड़ा कदम करार देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इससे पश्चिम बंगाल सहित देश के कई राज्यों में इस क्षेत्र से जुड़े लाखों किसानों को लाभ होगा। </p>
<p>केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को विपणन सत्र 2025-26 के लिए कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने का निर्णय लिया और कच्चे जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाकर 5,650 रुपये प्रति क्विंटल करने की मंजूरी दे दी। जो पिछले विपणन सत्र 2024-25 की तुलना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/517978/decision-to-increase-msp-of-raw-jute-is-a--big-step---millions-of-farmers-will-benefit--pm-modi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-05/पीएम-मोदी1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णय को जूट उत्पादक किसानों के हित में एक बड़ा कदम करार देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इससे पश्चिम बंगाल सहित देश के कई राज्यों में इस क्षेत्र से जुड़े लाखों किसानों को लाभ होगा। </p>
<p>केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को विपणन सत्र 2025-26 के लिए कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने का निर्णय लिया और कच्चे जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाकर 5,650 रुपये प्रति क्विंटल करने की मंजूरी दे दी। जो पिछले विपणन सत्र 2024-25 की तुलना में 315 रुपये अधिक है। </p>
<p>मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ देशभर के जूट उत्पादक किसान भाई-बहनों के हित में हमारी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। वर्ष 2025-26 के लिए कच्चे जूट की एमएसपी में बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। इससे पश्चिम बंगाल सहित देश के कई राज्यों में इस क्षेत्र से जुड़े लाखों किसानों को लाभ होगा।"  </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/517976/death-toll-in-jalgaon-train-accident-rises-to-13--railway-safety-commissioner-to-investigate-the-accident#gsc.tab=0">जलगांव ट्रेन दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हुई, रेलवे सुरक्षा आयुक्त करेंगे हादसे की जांच</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/517978/decision-to-increase-msp-of-raw-jute-is-a--big-step---millions-of-farmers-will-benefit--pm-modi</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Jan 2025 10:20:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों के लिए मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, कैबिनेट ने 2025 सत्र के लिए नारियल की MSP बढ़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>सरकार ने शुक्रवार को 855 करोड़ रुपये के बजट के साथ 2025 सत्र के लिए खोपरा (नारियल गरी) के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 422 रुपये तक की वृद्धि कर इसे 12,100 रुपये प्रति क्विंटल करने की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में खोपरा का एमएसपी बढ़ाने का निर्णय लिया गया। </p>
<p>सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं को बताया कि वर्ष 2025 के लिए 'मिलिंग खोपरा' का एमएसपी 422 रुपये बढ़ाकर 11,582 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जबकि 'बॉल खोपरा' का एमएसपी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/512277/modi-governments-big-gift-for-farmers-cabinet-increased-msp-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-05/इटावा-में-मोदी.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>सरकार ने शुक्रवार को 855 करोड़ रुपये के बजट के साथ 2025 सत्र के लिए खोपरा (नारियल गरी) के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 422 रुपये तक की वृद्धि कर इसे 12,100 रुपये प्रति क्विंटल करने की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में खोपरा का एमएसपी बढ़ाने का निर्णय लिया गया। </p>
<p>सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं को बताया कि वर्ष 2025 के लिए 'मिलिंग खोपरा' का एमएसपी 422 रुपये बढ़ाकर 11,582 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जबकि 'बॉल खोपरा' का एमएसपी 100 रुपये बढ़ाकर 12,100 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों के आधार पर तय किया गया समर्थन मूल्य मिलिंग और बॉल खोपरा किस्मों की उचित और औसत गुणवत्ता के लिए है। </p>
<p>वैष्णव ने कहा कि एमएसपी उत्पादन लागत से 50 प्रतिशत अधिक तय किया गया है। इससे कुल वित्तीय बोझ 855 करोड़ रुपये का आयेगा। मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत खोपरा और छिलका रहित नारियल की खरीद के लिए राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (नेफेड) और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (एनसीसीएफ) केंद्रीय नोडल एजेंसियां ​​होंगी। देश के कुल उत्पादन में 32.7 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ कर्नाटक में खोपरा का उत्पादन सबसे अधिक है, इसके बाद तमिलनाडु 25.7 प्रतिशत, केरल 25.4 प्रतिशत और आंध्र प्रदेश 7.7 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है। </p>
<p>एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, ‘‘ऊंचा एमएसपी न केवल नारियल उत्पादकों को बेहतर पारिश्रमिक सुनिश्चित करेगा बल्कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नारियल उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए किसानों को खोपरा उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।’’ भारत में खोपरा का मौसम आमतौर पर जनवरी के आसपास शुरू होता है और अप्रैल तक चलता है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/512232/39-member-joint-parliamentary-committee-formed-for-one-country-one">एक देश, एक चुनाव के लिए 39 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति गठित, पीपी चौधरी JPC अध्यक्ष नियुक्त</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Dec 2024 21:25:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishal Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्यों अड़े किसान </title>
                                    <description><![CDATA[<p>फसल पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी के कानून व अन्य मांगों को लेकर किसान फिर से राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शन पर अड़े हुए हैं। हालांकि शुक्रवार को दर्जन भर किसान संगठनों के ‘दिल्ली कूच’ को हरियाणा पुलिस ने शंभू सीमा पर रोक लिया।</p>
<p>इसके बाद आंदोलन कर रहे किसान पीछे हट गए हैं। किसानों का कहना है कि वे शनिवार को फिर आकर बॉर्डर पर प्रदर्शन करेंगे। इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यसभा में कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार सभी कृषि उपजों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदेगी। मोदी सरकार पहले से ही किसानों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/509956/why-are-the-farmers-adamant"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/demo-image-v---2024-12-06t162413.7601.jpg" alt=""></a><br /><p>फसल पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी के कानून व अन्य मांगों को लेकर किसान फिर से राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शन पर अड़े हुए हैं। हालांकि शुक्रवार को दर्जन भर किसान संगठनों के ‘दिल्ली कूच’ को हरियाणा पुलिस ने शंभू सीमा पर रोक लिया।</p>
<p>इसके बाद आंदोलन कर रहे किसान पीछे हट गए हैं। किसानों का कहना है कि वे शनिवार को फिर आकर बॉर्डर पर प्रदर्शन करेंगे। इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यसभा में कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार सभी कृषि उपजों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदेगी। मोदी सरकार पहले से ही किसानों को लाभकारी मूल्य दे रही है।</p>
<p>चौहान ने कहा कि धान, गेहूं, ज्वार, सोयाबीन को तीन साल पहले से ही उत्पादन लागत से 50 प्रतिशत अधिक कीमत पर खरीदा जा रहा है। उन्होंने वस्तुओं की दरों में गिरावट होने पर निर्यात शुल्क और कीमतों को बदलने में हस्तक्षेप का भी हवाला दिया। बहरहाल भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि का 17 फीसदी से अधिक का योगदान है और देश के कार्यबल में करीब 47 फीसदी कृषि और किसान का योगदान है। देश की करीब दो-तिहाई आबादी कृषि के भरोसे है। किसान की आय से अधिक खर्च बढ़े हैं और प्रति किसान 91,000 रुपए से अधिक का कर्ज है। </p>
<p>उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भी किसानों को लेकर कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से सवाल किए हैं। यह पहली बार है कि उपराष्ट्रपति ने कृषि मंत्री से ऐसे सवाल किए हैं। उपराष्ट्रपति का सवाल है कि देश का किसान लगातार परेशान, पीड़ित और आंदोलित क्यों है? वास्तव में यदि एक बार फिर राजधानी दिल्ली या उसके आसपास के क्षेत्रों में किसान लामबंद होते हैं, तो चौतरफा जन-व्यवस्था अराजक हो जाएगी। दूसरी ओर कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि एमएसपी की कानूनी गारंटी कोई समाधान नहीं है। सिर्फ खुला बाजार देने से ही किसान के हालात बदल सकते हैं। सवाल है कि किसान फिर से आंदोलन पर उतारूं क्यों हैं।</p>
<p>आंदोलित किसानों की सबसे अहम मांग यही है कि एमएसपी की कानूनी गारंटी दी जाए। लेकिन सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक संकेत अभी तक नहीं आया है। जब पिछला किसान आंदोलन समाप्त कराया गया था, तो  एक समिति गठित की गई थी, जिसकी अध्यक्षता पूर्व कृषि सचिव संजय अग्रवाल को सौंपी गई थी। उन्हें तीन कथित काले कृषि कानूनों का प्रारूपकार माना जाता रहा है। उस समिति की बीते दो साल से अधिक अवधि के दौरान करीब 100 बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन समिति की रपट आज तक सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन क्यों। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/509956/why-are-the-farmers-adamant</link>
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                <pubDate>Sat, 07 Dec 2024 11:14:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishal Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शंभू बॉर्डर से दिल्ली के लिए कूच करेगा 101 किसानों का जत्था, प्रशासन की पाबंदियों को तोड़कर आगे बढ़ने को तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार, चंडीगढ़: </strong>पंजाब और हरियाणा सीमा के शंभू बॉर्डर से 101 किसानों का एक जत्था शुक्रवार को दोपहर एक बजे दिल्ली के लिए पैदल मार्च शुरू करेगा। किसान फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सहित कुछ मांगों को लेकर केंद्र पर दबाव बनाने के लिए मार्च कर रहे हैं। हरियाणा की सीमा पर भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। अंबाला जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत एक आदेश जारी किया है। इस धारा के तहत जिले में पांच या अधिक व्यक्तियों की किसी भी गैरकानूनी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/509800/a-group-of-101-farmers-will-march-from-shambhu-border"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/अयोध्या-की-भव्यता-आज-अलौकिक-है,-राम-दरबार-दृष्य-त्रेतायुगीन-है-(14).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार, चंडीगढ़: </strong>पंजाब और हरियाणा सीमा के शंभू बॉर्डर से 101 किसानों का एक जत्था शुक्रवार को दोपहर एक बजे दिल्ली के लिए पैदल मार्च शुरू करेगा। किसान फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सहित कुछ मांगों को लेकर केंद्र पर दबाव बनाने के लिए मार्च कर रहे हैं। हरियाणा की सीमा पर भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। अंबाला जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत एक आदेश जारी किया है। इस धारा के तहत जिले में पांच या अधिक व्यक्तियों की किसी भी गैरकानूनी सभा पर रोक है। </p>
<p>उपायुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पैदल, वाहन या अन्य साधनों से किसी भी प्रकार का मार्च निकालने पर रोक लगा दी गई है। इस बीच, अंबाला प्रशासन ने जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को शुक्रवार को बंद करने का आदेश दिया है। अंबाला के जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार ने कहा, शुक्रवार को सरकारी और निजी स्कूल बंद रहेंगे। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर बॉर्डर से सटे राजपुरा (पंजाब)-अंबाला (हरियाणा) पर पहले से ही बैरिकेडिंग की जा चुकी है। शंभू बॉर्डर पर पानी की बौछारें करने की भी व्यवस्था की गई है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने मार्च शुरू करने वाले 101 किसानों को ‘मरजीवड़ा’ (ऐसे लोग जो किसी मकसद के लिए जान भी देने को तैयार हों) कहा। पंधेर ने कहा कि मार्च शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जाएगा। उन्होंने हरियाणा प्रशासन द्वारा पैदल मार्च पर रोक लगाए जाने की आलोचना की। </p>
<p>सरवन सिंह पंधेर ने गुरुवार को कहा कि किसान अपने साथ कोई ट्रैक्टर-ट्रॉली नहीं ले जाएंगे। अंबाला के उपायुक्त और जिला मजिस्ट्रेट ने 30 नवंबर के एक आदेश में बीएनएसएस की धारा 163 को लागू करते हुए पांच या अधिक व्यक्तियों के गैरकानूनी रूप से एकत्र होने और पैदल, वाहनों या किसी अन्य माध्यम से जुलूस निकालने पर रोक लगा दी। आदेश में कहा गया है, ऐसी आशंका है कि बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी पंजाब और हरियाणा से आएंगे और दिल्ली की ओर बढ़ने के लिए शंभू बॉर्डर पर इकट्ठा होंगे, इसलिए बीएनएसएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करने समेत सीमा बिंदुओं पर और जिले में उचित कदम उठाए जाने की जरूरत है ताकि ऐसा कोई व्यक्ति आवागमन न कर सके जिसने पहले से इसके लिए स्वीकृति न ली हो। किसानों के अनुसार, उनके पहले जत्थे का नेतृत्व सतनाम सिंह पन्नू, सुरिंदर सिंह चौटाला, सुरजीत सिंह और बलजिंदर सिंह करेंगे। यह जत्था अपने साथ केवल जरुरत के सामान ही लेकर जाएगा। हरियाणा की सीमा पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया गया है। </p>
<p>अंबाला जिला प्रशासन ने बुधवार को किसानों से मार्च पर पुनर्विचार करने और दिल्ली पुलिस से अनुमति लेने के बाद ही कोई कार्रवाई करने का आग्रह किया था। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) एवं किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में इससे पहले पैदल दिल्ली कूच करने की घोषणा की थी। उनकी मांगों में फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी और कई अन्य मांग शामिल हैं। सुरक्षा बलों द्वारा दिल्ली की ओर मार्च करने से रोके जाने के बाद वे 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं। इस बीच, एसकेएम नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने खनौरी बॉर्डर बिंदु पर अपना आमरण अनशन जारी रखा। किसान एमएसपी के अलावा कर्ज माफी, किसानों एवं खेत मजदूरों के लिए पेंशन और बिजली दरों में बढ़ोतरी न करने की मांग कर रहे हैं। वे 2021 की लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों के लिए भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को बहाल करने और 2020-21 में पिछले आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा दिए जाने की भी मांग कर रहे हैं। </p>
<p>यह भी पढ़ें: <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/509801/parliament-session--congress-protests-in-lok-sabha-over-nishikant-dubey-s-allegations--proceedings-disrupted">Parliament Session: निशिकांत दुबे के आरोपों पर लोकसभा में कांग्रेस का विरोध, कार्यवाही बाधित</a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Dec 2024 11:32:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sunil Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>10 हाथों वाले नरेंद्र मोदी! प्रधानमंत्री मोदी का वाराणसी दौरा कल, काशी में लगे  500 से अधिक होर्डिंग  </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाराणसी। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रविवार को वाराणसी दौरे से पहले उनके संसदीय क्षेत्र में 500 से अधिक होर्डिंग लगाए गए हैं। इनमें से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अमन सोनकर द्वारा लगाए गए एक होर्डिंग में मोदी को 10 हाथों के साथ दिखाया गया है, जिनमें से प्रत्येक हाथ ‘स्वच्छ भारत मिशन’, ‘जन धन योजना’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी अलग-अलग सरकारी योजनाओं का प्रतिनिधित्व करता है।</p>
<p>शहर के लंका, चितईपुर और सारनाथ इलाकों में लगाया गया यह होर्डिंग लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। सोनकर ने कहा कि यह होर्डिंग विकास</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/500707/narendra-modi-with-10-hands--prime-minister-modi-s-varanasi-visit-tomorrow--more-than-500-hoardings-put-up-in-kashi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/625.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाराणसी। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रविवार को वाराणसी दौरे से पहले उनके संसदीय क्षेत्र में 500 से अधिक होर्डिंग लगाए गए हैं। इनमें से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अमन सोनकर द्वारा लगाए गए एक होर्डिंग में मोदी को 10 हाथों के साथ दिखाया गया है, जिनमें से प्रत्येक हाथ ‘स्वच्छ भारत मिशन’, ‘जन धन योजना’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी अलग-अलग सरकारी योजनाओं का प्रतिनिधित्व करता है।</p>
<p>शहर के लंका, चितईपुर और सारनाथ इलाकों में लगाया गया यह होर्डिंग लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। सोनकर ने कहा कि यह होर्डिंग विकास और लोगों के कल्याण के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया ने अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘युग पुरुष’ के रूप में स्वीकार कर लिया है। प्रधानमंत्री मोदी काशी से लगातार सांसद रहे हैं और काशी शिव की नगरी है। उन पर भगवान शिव का आशीर्वाद है।’’ </p>
<p>सोनकर ने कहा कि देश की जनता और काशी निवासियों को मोदी जैसा प्रतिनिधि मिलने पर गर्व है और यह होर्डिंग उसी प्रेम एवं कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है। इस बीच, भाजपा के काशी क्षेत्र के अध्यक्ष दिलीप पटेल ने कहा कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत और जम्मू-कश्मीर में इसके बेहतरीन प्रदर्शन से उत्साहित कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के स्वागत की व्यापक तैयारियां की हैं।</p>
<p>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाबतपुर हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री की अगवानी करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जब हवाई अड्डे से बाहर आएंगे तो पिंडरा से विधायक अवधेश सिंह के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ता पुष्प वर्षा करके और ढोल, डमरू एवं शंख बजाकर उनका भव्य स्वागत करेंगे। पटेल ने बताया कि अजगरा से भाजपा विधायक टी. राम के नेतृत्व में कार्यकर्ता वाजिदपुर तिराहे पर और शिवपुर विधानसभा के कार्यकर्ता अतुलानंद तिराहे पर प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत करेंगे। </p>
<p>उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के काशी आगमन से पहले उनके यात्रा मार्ग और प्रमुख चौराहों को पार्टी के झंडों और बैनरों से सजाया जा रहा है। प्रधानमंत्री के स्वागत और अभिनंदन के लिए 500 से अधिक छोटे-बड़े होर्डिंग लगाए जा रहे हैं। मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने बताया कि इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी और देश के अन्य शहरों के लिए नेत्र अस्पताल, हवाई अड्डे एवं छात्रावास समेत 6,600 करोड़ रुपये से अधिक की 20 से अधिक परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।  </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/500696/know-what-people-of-both-communities-said-about-bahraich-communal-violence--eyewitnesses-told-what-they-saw">बहराइच सांप्रदायिक हिंसा पर जानिए क्या बोले दोनों समुदाय के लोग, चश्मदीदों ने बताया आंखों-देखा हाल</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Oct 2024 16:02:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस ने मोदी सरकार को बताया किसान विरोधी, कहा- MSP की कानूनी गारंटी जरूरी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> कांग्रेस ने शनिवार को केंद्र सरकार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने के नाम पर रस्म अदायगी करने तथा किसानों के खिलाफ निर्णय लेने का आरोप लगाया और दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में स्पष्ट हो गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार किसान विरोधी है। कांग्रेस ने सरकार से यह आग्रह भी किया कि किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी दी जाए तथा महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के किसानों की सोयाबीन की फसलों पर समर्थन मूल्य कम से कम 6,000 रुपये निर्धारित किया जाए।</p>
<p>पार्टी नेता अभय दुबे ने यहां संवाददाताओं से कहा,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/500704/congress-called-modi-government-anti-farmer--said--legal-guarantee-of-msp-is-necessary"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-04/कांग्रेस-(3).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> कांग्रेस ने शनिवार को केंद्र सरकार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने के नाम पर रस्म अदायगी करने तथा किसानों के खिलाफ निर्णय लेने का आरोप लगाया और दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में स्पष्ट हो गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार किसान विरोधी है। कांग्रेस ने सरकार से यह आग्रह भी किया कि किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी दी जाए तथा महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के किसानों की सोयाबीन की फसलों पर समर्थन मूल्य कम से कम 6,000 रुपये निर्धारित किया जाए।</p>
<p>पार्टी नेता अभय दुबे ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘सत्ता में आते ही मोदी सरकार के एक के बाद एक किसान विरोधी निर्णयों ने इस बात को चरितार्थ कर दिया कि ‘किसान विरोधी नरेन्द्र मोदी’।’’ उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने केंद्र की सत्ता में आते ही जून, 2014 में किसानों को समर्थन मूल्य के ऊपर दिया जाने वाला 150 रुपये का बोनस बंद करा दिया। दिसंबर, 2014 से एक के बाद एक किसानों की जमीनों के उचित मुआवजा कानून को खत्म करने वाले तीन अध्यादेश लाए गए।</p>
<p>उच्चतम न्यायालय में 6 फरवरी, 2015 को शपथ पत्र दिया कि किसानों को लागत के 50 प्रतिशत ऊपर समर्थन मूल्य नहीं दिया जा सकता, नहीं तो बाजार खराब हो जाएगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि 28 फरवरी, 2016 को बरेली की रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि किसानों की आमदनी 2022 तक दोगुना कर दी जाएगी, लेकिन किसानों की औसत आमदनी 27 रुपये प्रतिदिन और औसत प्रति किसान कर्ज 74 हजार रुपये हो गया है।</p>
<p>उनके मुताबिक, फरवरी 2016 में मध्य प्रदेश के सीहोर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्रारंभ की गई थी और बताया था कि विश्व की सबसे अच्छी बीमा योजना है, लेकिन इस योजना में 2016 से जून 2024 तक निजी कंपनियों ने 64 हजार करोड़ रुपये मुनाफा कमाया। दुबे ने कहा, ‘‘ कोविड की आपदा में जून, 2020 में कृषि विरोधी काले कानून अध्यादेश के रूप में लाए गए। मीडिया रिपोर्ट से ज्ञात हुआ कि नीति आयोग को इन कानूनों का मसौदा भारतीय मूल के एक अमेरिकी उद्योगपति ने सुझाया था।’’</p>
<p>उन्होंने दावा किया, ‘‘ कृषि एवं किसान कल्याण से संबंधित संसद की स्थायी समिति की 69वीं रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि कृषि मंत्रालय 2017 से लगातार मोदी सरकार को कह रहा है कि खेती में उपयोग होने वाली मशीनों, कृषि यंत्रों, ट्रैक्टर, हॉर्वेस्टर इत्यादि पर से जीएसटी कम किया जाए या हटाया जाए। लेकिन मोदी सरकार ने आज तक नहीं सुनी।’’</p>
<p>दुबे ने दावा किया कि मोदी सरकार ने हाल ही में रबी की फसल के लिए फसलों के समर्थन मूल्य की घोषणा की, लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में यह वृद्धि सिर्फ 2.4 से 7 प्रतिशत तक है। उन्होंने कई फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य से जुड़ा चार्ट साझा किया और आरोप लगाया, ‘‘तथ्यों से स्पष्ट है कि मोदी सरकार किसान विरोधी सरकार है।’’ कांग्रेस नेता ने सरकार से आग्रह किया, ‘‘ किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी मिले।</p>
<p>महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के किसानों को सोयाबीन की फसलों पर समर्थन मूल्य कम से कम 6,000 रुपये निर्धारित किया जाए। यदि इस फसल पर समर्थन मूल्य 6,000 रुपये निर्धारित किए जाए, तो जिन किसानों ने अपनी फसल बेच दी है, उनके खातों में भी बची हुई राशि डाली जाए।’’ दुबे ने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है कि वह सड़क से संसद तक किसानों के समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी की लड़ाई लड़ेगी और किसानों को उनका हक दिला कर रहेगी।’’</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/500534/bulldozers-will-be-used-on-the-houses-of-the-accused-of-bahraich-violence--notices-have-been-pasted-on-the-houses-of-23-people-including-the-main-accused">बहराइच हिंसा के आरोपियों के घरों पर चलेगा बुलडोजर? मुख्य आरोपी समेत 23 के मकानों पर नोटिस चस्पा</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Oct 2024 15:52:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरियाणा चुनाव: अग्निवीरों को सरकारी नौकरी, MSP पर 24 फसलें खरीदने का वादा, BJP ने जारी किया घोषणापत्र </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>चंडीगढ़।</strong> भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने पांच अक्टूबर को होने वाले हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को पार्टी का घोषणापत्र जारी किया, जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 24 फसलें खरीदने और राज्य के प्रत्येक अग्निवीर को सरकारी नौकरी देने का वादा किया गया है।</p>
<p>नड्डा ने रोहतक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्रियों मनोहर लाल खट्टर, राव इंद्रजीत सिंह और कृष्णपाल गुर्जर की मौजूदगी में घोषणापत्र जारी किया। पार्टी ने देश भर के किसी भी सरकारी मेडिकल या इंजीनियरिंग कॉलेज में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अनुसूचित जाति (एससी) समुदायों से संबंधित हरियाणा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/493125/haryana-elections--government-jobs-for-agniwars--promise-to-buy-24-crops-at-msp--bjp-releases-manifesto"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-09/cats428.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>चंडीगढ़।</strong> भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने पांच अक्टूबर को होने वाले हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को पार्टी का घोषणापत्र जारी किया, जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 24 फसलें खरीदने और राज्य के प्रत्येक अग्निवीर को सरकारी नौकरी देने का वादा किया गया है।</p>
<p>नड्डा ने रोहतक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्रियों मनोहर लाल खट्टर, राव इंद्रजीत सिंह और कृष्णपाल गुर्जर की मौजूदगी में घोषणापत्र जारी किया। पार्टी ने देश भर के किसी भी सरकारी मेडिकल या इंजीनियरिंग कॉलेज में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अनुसूचित जाति (एससी) समुदायों से संबंधित हरियाणा के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति और ग्रामीण क्षेत्रों में कॉलेज जाने वाली लड़कियों को स्कूटर देने का भी वादा किया। </p>
<p>घोषणापत्र जारी होने से पहले सैनी ने कहा कि संकल्प पत्र में युवाओं, गरीबों, किसानों और महिलाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। नड्डा ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार में हरियाणा प्रगति के पथ पर आगे बढ़ा है। उन्होंने पिछली सरकारों के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार और घोटालों का जिक्र करते हुए कहा, "आप स्पष्ट रूप से देख सकते हैं हरियाणा बदल गया है और अंतर स्पष्ट है।" </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/493077/gonda-crime-news--student-murdered-in-love-affair--body-found-in-sugarcane-field#gsc.tab=0">Gonda Crime News: प्रेम प्रसंग में छात्र की हत्या, गन्ने के खेत में मिला शव</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Election</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Sep 2024 13:35:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शाहजहांपुर: एमएसपी सहित विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे किसान, पुलिस किसानों को मनाने में जुटी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>शाहजहांपुर, अमृत विचार। </strong>एमएसपी सहित विभिन्न मांगों को लेकर साझा किसान मजदूर मोर्चा से जुड़े किसान शनिवार को खिरनीबाग रामलीला मैदान में धरने पर बैठ गए। पुलिस किसानों और उच्च अधिकारियों से वार्ता कर किसानों को मनाने में जुटी है। </p>
<p>भाकियू जिलाध्यक्ष की अधिकारियों से वार्ता कराकर उन्हें धरना समाप्त करने के लिए कहा जा रहा है लेकिन धरना पर बैठे किसान मानने को तैयार नहीं है, बोले-अब नहीं सहेगें अत्याचार, हक हमारे दो सरकार।</p>
<p>इस दौरान भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रवादी के जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि किसान-मजदूर दिन रात सख्त से सख्त मेहनत करके अन्न उत्पादन कर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/452620/shahjahanpur-farmers-sitting-on-strike-for-various-demands-including-msp"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-03/whatsapp-image-2024-03-23-at-1.58.40-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>शाहजहांपुर, अमृत विचार। </strong>एमएसपी सहित विभिन्न मांगों को लेकर साझा किसान मजदूर मोर्चा से जुड़े किसान शनिवार को खिरनीबाग रामलीला मैदान में धरने पर बैठ गए। पुलिस किसानों और उच्च अधिकारियों से वार्ता कर किसानों को मनाने में जुटी है। </p>
<p>भाकियू जिलाध्यक्ष की अधिकारियों से वार्ता कराकर उन्हें धरना समाप्त करने के लिए कहा जा रहा है लेकिन धरना पर बैठे किसान मानने को तैयार नहीं है, बोले-अब नहीं सहेगें अत्याचार, हक हमारे दो सरकार।</p>
<p>इस दौरान भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रवादी के जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि किसान-मजदूर दिन रात सख्त से सख्त मेहनत करके अन्न उत्पादन कर देश को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते चले आ रहे हैं लेकिन किसानों को न तो उसकी उपज का उचित मूल्य मिल पा रहा है और न ही मजदूरों को मजदूरी मिल पा रही है। यह दोनों वर्ग तंगहाली जीवन जीने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों से किए गए वादे का पूरा करना होगा। </p>
<p>उन्होंने कहा कि एमएसपी खरीद पर सक्षम गारंटी कानून जल्द बनाया जाए और डॉ एम. स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट को पूर्ण रूप से लागू किया जाए, किसान व मजदूर को पूर्ण कर्ज से मुक्त किया जाए, मनरेगा स्कीम को कृषि के साथ जोड़ा जाए और 200 दिन का रोजगार व 700  रुपये मजदूरी प्रति दिन दी जाए, श्रम बोर्ड में जमा पड़ी करोडों की राशि मजदूर कार्ड धारक की भलाई के लिए खर्च की जाए, मजदूर कार्ड धारक की लड़की की शादी के लिए दो लाख रुपये व मौत हो जाने पर पांच लाख सहायता राशि तत्काल दी जाए, भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को लागू किया जाए। </p>
<p>भूमि अधिग्रण कानून 2021 को निरस्त किया जाए, जिन किसानों की भूमि सरकार ने 2021 के नए उक्त कानून से खरीदी है, उन सभी किसानों को 2013 के कानून अनुसार भूमि का मुआवजा दिया जाए, वन भूमि एकड़ 2023 को निरस्त किया जाए और वृक्षों पर भू-मालिक का हक बराकरार रखा जाए। 60 साल की आयु से ऊपर के किसान मजदूर को 10, 000  रुपये मासिक वृद्धा अवस्था पेंशन व पांच लाख रुपये मेडिकल इंश्योरेंस गांरटी दी जाए।</p>
<p><strong>ये भी पढे़ं- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/452599/shahjahanpur-candidates-will-be-able-to-file-nomination-from-home">शाहजहांपुर: प्रत्याशी घर बैठे App से कर सकेंगे नामांकन, चुनाव को पेपरलेस बनाने के लिए आयोग की पहल</a></span></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>शाहजहाँपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/452620/shahjahanpur-farmers-sitting-on-strike-for-various-demands-including-msp</link>
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                <pubDate>Sat, 23 Mar 2024 14:23:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Moazzam Beg]]></dc:creator>
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                <title>रुद्रपुर: पांच साल में 150 रुपये प्रति कुंतल बढ़ी गेहूं की एमएसपी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रुद्रपुर, अमृत विचार।</strong> पिछले पांच साल में पहली बार सरकार ने किसानों के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2275 रुपये प्रति कुंतल तय किया है। इससे किसानों को प्रति कुंतल 150 रुपये का लाभ होगा। वहीं इस बार बढ़े न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कई किसानों ने नाराजगी जताई है। <br /></p><p>बता दें कि ऊधमसिंह नगर में करीब एक लाख हेक्टेयर में गेहूं की खेती होती है। इस खेती से करीब एक लाख 29 हजार किसान जुड़े हुए हैं। वहीं किसानों को इस गेहूं खरीद सत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य 2275 रुपये प्रति कुंतल दिया जा रहा है, जो विगत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/451661/rudrapur-wheat-msp-increased-by-rs-150-per-quintal-in"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-02/यूपी-गेहूं-खरीद.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रुद्रपुर, अमृत विचार।</strong> पिछले पांच साल में पहली बार सरकार ने किसानों के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2275 रुपये प्रति कुंतल तय किया है। इससे किसानों को प्रति कुंतल 150 रुपये का लाभ होगा। वहीं इस बार बढ़े न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कई किसानों ने नाराजगी जताई है। <br /></p><p>बता दें कि ऊधमसिंह नगर में करीब एक लाख हेक्टेयर में गेहूं की खेती होती है। इस खेती से करीब एक लाख 29 हजार किसान जुड़े हुए हैं। वहीं किसानों को इस गेहूं खरीद सत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य 2275 रुपये प्रति कुंतल दिया जा रहा है, जो विगत वर्ष की तुलना में 150 रुपये प्रति कुंतल अधिक है। विगत वर्षों की बात करें तो किसानों को वर्ष 2019 में न्यूनतम समर्थन मूल्य 1840 रुपये प्रति कुंतल, वर्ष 2020 में 1860 रुपया, 2021 में 1925 रुपया, वर्ष 2022 में 2015 रुपये और 2023 में न्यूनतम समर्थन मूल्य 2125 रुपया प्रति कुंतल मिला था।</p><p>हालांकि इस न्यूनतम समर्थन मूल्य से किसानों में नाराजगी है। किसान नेता विक्रमजीत सिंह विर्क का कहना कि मध्य प्रदेश में सरकार किसानों को 2700 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य दे रही है। जो यहां के न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि कम से कम किसानों को 2400 रुपया न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाना चाहिए। तभी किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।</p><p><em><strong>इस बार किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन 2275 रुपया प्रति कुंतल रखा गया है। यह विगत वर्ष की तुलना में 150 रुपये अधिक है। इस बार सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य में जो वृद्धि की है उससे किसानों को काफी फायदा होगा।</strong></em><br /><em><strong>- अशोक कुमार, डिप्टी आरएमओ, कुमाऊं</strong></em></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>रुद्रपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Mar 2024 19:36:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
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