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                <title>advocate - Amrit Vichar</title>
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                <description>advocate RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मेरी लाश को मेरे पापा छू भी न पाएं... सुसाइड नोट लिखा अधिवक्ता ने कचहरी की 5वीं मंजिल से कूदकर दी जान </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> कचहरी में गुरुवार दोपहर अधिवक्ता ने पांचवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। अधिवक्ता के गिरने व तेज चींख सुनकर वकीलों की भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस तत्काल अधिवक्ता को उर्सला पहुंचाया, जहां जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। खबर पाकर डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता, एडीसीपी अंजलि विश्वकर्मा, एसीपी आशुतोष कुमार पहुंचे और कचहरी परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज चेक किया। </p>
<p style="text-align:justify;">जिसमें अधिवक्ता पांचवें खंड पर टूटी खिड़की की बाउंड्री पर बैठा दिखा। करीब 15 मिनट बाद वह कूद गया। अधिवक्ता के दो पेज के सुसाइड नोट में पिता के प्रति गहरी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579756/%22may-my-father-not-even-be-able-to-touch-my-corpse---%22-%E2%80%94-wrote-the-advocate--commits-suicide-by-jumping-from-the-5th-floor-of-the-courthouse"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/cats189.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> कचहरी में गुरुवार दोपहर अधिवक्ता ने पांचवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। अधिवक्ता के गिरने व तेज चींख सुनकर वकीलों की भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस तत्काल अधिवक्ता को उर्सला पहुंचाया, जहां जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। खबर पाकर डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता, एडीसीपी अंजलि विश्वकर्मा, एसीपी आशुतोष कुमार पहुंचे और कचहरी परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज चेक किया। </p>
<p style="text-align:justify;">जिसमें अधिवक्ता पांचवें खंड पर टूटी खिड़की की बाउंड्री पर बैठा दिखा। करीब 15 मिनट बाद वह कूद गया। अधिवक्ता के दो पेज के सुसाइड नोट में पिता के प्रति गहरी नाराजगी व नफरत दिखी। सुसाइड नोट में आखिरी में निवेदन के साथ लिखा कि मेरी लाश को मेरे पापा छू भी न पाएं। मैं उन पर कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता, ताकि मेरा परिवार बर्बाद न हो।</p>
<p style="text-align:justify;">बर्रा आठ वरुण विहार निवासी अधिवक्ता राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव का 23 वर्षीय बेटा प्रियांशु पिता के साथ प्रेक्टिस करता था। गुरुवार दोपहर प्रियांशु कचहरी की पांचवी मंजिल पर पहुंचा, जहां टूटी खिड़की की बाउंड्री पर बैठ गया। करीब 15 मिनट तक खिड़की के पास बैठा रहा और फिर कूदकर जान दे दी। आवाज सुनकर अधिवक्ताओं की भीड़ लग गई। साथी अधिवक्ता पुलिस के साथ उसे उर्सला ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रियांशु के मोबाइल में दो पेज का सुसाइड नोट पुलिस को मिला।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच-पड़ताल के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस जांच में सामने आया कि सुसाइड से पहले करीब 12 बजे उसने दो पेज का सुसाइड नोट लिखा। आत्महत्या से 21 मिनट पहले व्हाट्सएप स्टेटस पर सुसाइड नोट लगाया। जिसे अपने पिता व दोस्तों को भी फारवर्ड किया। जब तक परिजन व दोस्त सुसाइड नोट पढ़ते उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने मोबाइल कब्जे में लिया है। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>लिखा, मेरी अंतिम इच्छा है सब लोग सुसाइड नोट अंत तक पढ़े</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">मैं प्रियांशु श्रीवास्तव पुत्र राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव उम्र 23 वर्ष 11 माह 7 दिन। निवासी वरूण विहार का हूं। 23-4-2026 समय दोपहर 12.05 बजे अपने पूरे होशो हवास में बिना किसी जोर-दबाव अपनी पूर्ण सहमति से सुसाइड नोट लिख कर अपनी जान दे रहा हूं। मैने अपनी लॉ की पढ़ाई 2025 में पूरी की है। </p>
<p style="text-align:justify;">कहानी शुरू होती है मेरे बचपन से, करीब 5 या 6 वर्ष की उम्र से ही मुझे मानसिक यातनाएं मिलनी शुरू हो गई। भविष्य में ऐसी नौबत किसी को न आए। इसके बाद प्रियांशु ने अपनी अब तक की कहानी लिखी। जिसमें उसने जिक्र किया कि पिता हर बार निर्वस्त्र करके घर से भगा देने की धमकी देते थे। पढ़ाई के लिए जरूरत से ज्यादा प्रेशर बनाना, शक की नजरों से देखना, एक-एक मिनट का हिसाब लेना, कहां जा रहे हो, कब आओगे, किसका फोन आया है, क्या बातें की आदि मानसिक टॉर्चर ही है। </p>
<p style="text-align:justify;">धमकी दी गई, कि अगर हाईस्कूल में नंबर कम आए तो पूरा निर्वस्त्र कर घर से भगा देंगे। रोज घुट-घुट कर मरने से लाख गुना बेहतर है कि एक दिन मरके खत्म होना। आखिर में अभिभावकों से अपील किया कि अपने बच्चों को उतना ही टॉर्चर करें, जितना वो बर्दाश्त कर सकें। लिखा निवेदन है कि मेरी लाश को मेरे पापा छू भी न पाएं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 22:00:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP: अधिवक्ता ने किया आत्मदाह का प्रयास, साथियों ने बचाया</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बदायूं, अमृत विचार। </strong>तहसीलदार के व्यवहार से परेशान होकर एक अधिवक्ता ने आत्महाद का प्रयास किया। आसपास मौजूद अधिवक्ताओं ने उनके हाथ से पेट्रोल भरी बोतल छीन ली। बार वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रभारी निरीक्षक को ज्ञापन देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है। </p>
<p>अधिवक्ता आशा दीक्षित ने बताया कि वह और उनके जूनियर व अन्य अधिवक्ता तहसीलदार के चैंबर में काम से गए थे। आरोप है कि वहां तहसीलदार ने उनके साथ अभद्रता की। उनके ऊपर हाथ भी चलाया। जिसको लेकर उन्होंने 28 फरवरी को प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। </p>
<p>जिसके चलते अधिवक्ता लगातार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576276/advocate-attempts-self-immolation--colleagues-save-him"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/atm2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बदायूं, अमृत विचार। </strong>तहसीलदार के व्यवहार से परेशान होकर एक अधिवक्ता ने आत्महाद का प्रयास किया। आसपास मौजूद अधिवक्ताओं ने उनके हाथ से पेट्रोल भरी बोतल छीन ली। बार वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रभारी निरीक्षक को ज्ञापन देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है। </p>
<p>अधिवक्ता आशा दीक्षित ने बताया कि वह और उनके जूनियर व अन्य अधिवक्ता तहसीलदार के चैंबर में काम से गए थे। आरोप है कि वहां तहसीलदार ने उनके साथ अभद्रता की। उनके ऊपर हाथ भी चलाया। जिसको लेकर उन्होंने 28 फरवरी को प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। </p>
<p>जिसके चलते अधिवक्ता लगातार बहिष्कार कर रहे हैं। किसी भी अधिकारी ने उनसे बात तक नहीं की। जिसके चलते वह आत्मदाह करने की चेतावनी भी दी थी। जिसके चलते वह सोमवार को आत्मदाह करने तहसील पहुंची थीं। उन्होंने कहा कि वह अगर तहसीलदार का स्थानांतरण नहीं हुआ तो जान दे देंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>बदायूं</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 07:01:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाराबंकी क्राइम न्यूज : अधिवक्ता पर धारदार हथियार से हमला, कई घायल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>रामसनेहीघाट/बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> कोतवाली दरियाबाद क्षेत्र में खेत में आलू खोदने को लेकर हुए विवाद में एक अधिवक्ता पर धारदार हथियार से हमला किया गया। घटना में अधिवक्ता को बचाने आए पिता समेत कई लोग घायल हो गए। क्षेत्र के ग्राम भारतपुर निवासी वीरेन्द्र कुमार वर्मा ने कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 14 मार्च की सुबह वह अपने खेत में आलू खोदने की मशीन लेकर जा रहे थे। </p>
<p style="text-align:justify;">इसी दौरान मशीन का पहिया पड़ोसी खेत में चला गया, जिसको लेकर पहले से चली आ रही रंजिश के कारण गांव के ही शिवकुमार, आशीष कुमार और कुलदीप</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575239/barabanki-crime-news--advocate-attacked-with-sharp-edged-weapon--several-injured"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/crime-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रामसनेहीघाट/बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> कोतवाली दरियाबाद क्षेत्र में खेत में आलू खोदने को लेकर हुए विवाद में एक अधिवक्ता पर धारदार हथियार से हमला किया गया। घटना में अधिवक्ता को बचाने आए पिता समेत कई लोग घायल हो गए। क्षेत्र के ग्राम भारतपुर निवासी वीरेन्द्र कुमार वर्मा ने कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 14 मार्च की सुबह वह अपने खेत में आलू खोदने की मशीन लेकर जा रहे थे। </p>
<p style="text-align:justify;">इसी दौरान मशीन का पहिया पड़ोसी खेत में चला गया, जिसको लेकर पहले से चली आ रही रंजिश के कारण गांव के ही शिवकुमार, आशीष कुमार और कुलदीप कुमार समेत उनके परिवार के लोगों ने हमला कर दिया। आरोप है कि महिलाओं के उकसाने पर शिवकुमार ने धारदार बांके से वीरेन्द्र कुमार के सिर पर जानलेवा वार किया। बचाव करते समय उनके हाथ में गंभीर चोट आ गई। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद आशीष कुमार ने हंसिया से सिर, कान और कंधे पर वार कर दिया, जिससे वह मौके पर गिरकर बेहोश हो गए। शोर सुनकर बचाने पहुंचे उनके पिता जगन्नाथ और अन्य परिजनों पर भी आरोपियों ने हमला कर दिया, जिससे जगन्नाथ के सीने और हाथ में चोटें आईं। घटना के दौरान ग्रामीणों के पहुंचने पर आरोपी धमकी देते हुए फरार हो गए। पीड़ित की तहरीर पर कोतवाली दरियाबाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>नाबालिग का वीडियो वायरल करने की धमकी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">हैदरगढ़: कोतवाली क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी का कथित अश्लील वीडियो वायरल करने व अपहरण की धमकी पिता को दी गई है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। क्षेत्र अंतर्गत एक गांव में रहने वाले व्यक्ति ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि रविवार सुबह अक्षय प्रताप सिंह पुत्र महराज बक्श सिंह ने उसके मोबाइल पर फोन कर धमकी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोपी ने कहा कि उसकी नाबालिग पुत्री का अश्लील वीडियो उसके पास है और यदि उसके खिलाफ पहले दर्ज कराई गई एफआईआर वापस नहीं ली गई तो वह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी ने मोबाइल पर मैसेज भेजकर भी गाली-गलौज की और परिवार के सदस्यों के बारे में अभद्र बातें लिखीं। यह सभी मैसेज उसके मोबाइल में सुरक्षित हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोपी को उसके चाचा अवधेश सिंह और भाई पंकज का संरक्षण प्राप्त है। इससे पहले भी आरोपी पर घर में घुसकर मारपीट और गाली-गलौज करने का आरोप है, जिसके संबंध में कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। 9 मार्च को भी आरोपी ने उसकी मां को जबरन गाड़ी में बैठाने का प्रयास किया तथा भतीजे के साथ मारपीट की थी, जिस पर पुलिस चौकी पोखरा द्वारा शांति भंग की धाराओं में कार्रवाई की गई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 18:40:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ में राहत: आश्वासन पर मानें अधिवक्ता, फिर से खुले सदर-सरोजनी नगर रजिस्ट्री कार्यालय </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>लखनऊ बार एसोसिएशन के आह्वान पर कार्य से विरत उपनिबंधक सदर और सरोजनी नगर कार्यालय के अधिवक्ता अधिकारियों के आश्वासन पर मंगलवार को काम पर लौट आए। दोनों तहसीलों पर निबंधक कार्यालय खुले और रजिस्ट्री कराई गई। एसोसिएशन ने रजिस्ट्री की प्रक्रिया में सुधार करने के लिए 15 दिन का समय दिया और समाधान न होने पर आगे हड़ताल की चेतावनी दी है।</p>
<p>सदर और सरोजनी नगर तहसील के उपनिबंधक कार्यालय के अधिवक्ता सोमवार को कार्य से विरत रहे। इस कारण रजिस्ट्री नहीं हुई और कार्यालय बंद रहे। अध्यक्ष रमेश प्रसाद तिवारी व महामंत्री ब्रजभान सिंह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/573300/relief-in-lucknow--advocates-agree-to-assurances--sadar-sarojini-nagar-registry-offices-reopen"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/muskan-dixit-(37)5.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>लखनऊ बार एसोसिएशन के आह्वान पर कार्य से विरत उपनिबंधक सदर और सरोजनी नगर कार्यालय के अधिवक्ता अधिकारियों के आश्वासन पर मंगलवार को काम पर लौट आए। दोनों तहसीलों पर निबंधक कार्यालय खुले और रजिस्ट्री कराई गई। एसोसिएशन ने रजिस्ट्री की प्रक्रिया में सुधार करने के लिए 15 दिन का समय दिया और समाधान न होने पर आगे हड़ताल की चेतावनी दी है।</p>
<p>सदर और सरोजनी नगर तहसील के उपनिबंधक कार्यालय के अधिवक्ता सोमवार को कार्य से विरत रहे। इस कारण रजिस्ट्री नहीं हुई और कार्यालय बंद रहे। अध्यक्ष रमेश प्रसाद तिवारी व महामंत्री ब्रजभान सिंह भानू ने कार्यकारिणी बैठक करके सरोजनी नगर तहसील में कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाया था। साथ ही रजिस्ट्री की ऑनलाइन प्रक्रिया को जटिल बताकर पक्षकार के पास बार-बार ओटीपी आने से परेशान होना, पंजीयन में पहले से काफी समय लगना और रजिस्ट्री न होने पर दूर-दराज से आए क्रेता-विक्रेता को वापस लौटने संबंधित समस्या रखी थी। इसमें सुधार की मांग को लेकर सोमवार को कार्य नहीं किया था। मंगलवार को भी कार्य से विरत का प्रस्ताव था। हालांकि सोमवार रात निबंधन विभाग के अफसरों की एसोसिएशन के साथ वार्ता हुई। सुधार का आश्वासन मिलने पर मंगलवार को रजिस्ट्री शुरू हो गई। सोमवार को बंदी की वजह से काफी भीड़ रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 10:38:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP: संभल जिला न्यायालय के 25 अधिवक्ताओं को नोटिस, पूर्व सीजेएम के तबादले पर प्रदर्शन का मामला</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>संभल, अमृत विचार।</strong> संभल जिला न्यायालय के 25 अधिवक्ताओं को पूर्व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के तबादले के विरोध में प्रदर्शन करने के मामले में नोटिस जारी किए गए हैं।</p>
<p>9 जनवरी 2026 को पूर्व सीजीएम विभांशु सुधीर ने संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नई सराय निवासी आलम के पिता यमन की याचिका पर सुनवाई करते हुए चर्चित अनुज चौधरी और इंस्पेक्टर अनुज तोमर सहित 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। </p>
<p>एफआईआर के आदेश के बाद 20 जनवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व सीजीएम विभांशु सुधीर का तबादला सुल्तानपुर कर दिया। इसके अगले दिन 21 जनवरी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/571327/notice-issued-to-25-advocates-of-sambhal-district-court-over-protest-over-transfer-of-former-cjm"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/ad.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>संभल, अमृत विचार।</strong> संभल जिला न्यायालय के 25 अधिवक्ताओं को पूर्व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के तबादले के विरोध में प्रदर्शन करने के मामले में नोटिस जारी किए गए हैं।</p>
<p>9 जनवरी 2026 को पूर्व सीजीएम विभांशु सुधीर ने संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नई सराय निवासी आलम के पिता यमन की याचिका पर सुनवाई करते हुए चर्चित अनुज चौधरी और इंस्पेक्टर अनुज तोमर सहित 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। </p>
<p>एफआईआर के आदेश के बाद 20 जनवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व सीजीएम विभांशु सुधीर का तबादला सुल्तानपुर कर दिया। इसके अगले दिन 21 जनवरी को तबादले के विरोध में बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजेश यादव के नेतृत्व में दर्जनों अधिवक्ताओं ने जिला न्यायालय परिसर में प्रदर्शन किया और तबादला रद्द करने की मांग की। इस प्रदर्शन को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया और प्रदर्शन में शामिल अधिवक्ताओं को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। </p>
<p>शुक्रवार को जिला जज की ओर से सभी संबंधित अधिवक्ताओं को नोटिस तामील करा दिए गए। राजेश यादव एडवोकेट ने बताया कि कुछ अधिवक्ताओं को नोटिस मिल चुके हैं, जबकि कुछ को मिलना बाकी है। सभी को नोटिस मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन-किन अधिवक्ताओं को नोटिस जारी किए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>संभल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 09:01:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरदोई : प्रधान प्रतिनिधि के इशारे पर अधिवक्ता के पति को कार से खिंचकर पीटा, लखनऊ ट्रामा सेंटर में भर्ती</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हरदोई। </strong>प्रधान प्रतिनिधि के इशारे पर उसके घर वालों ने अधिवक्ता के पति की कार से खींच कर बड़ी बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसकी आवाज़ चली गई, साथ ही बचाने पहुंचे कई लोगों के सिर फोड़ दिए, जिन्हे लखनऊ ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। पिटाई के दौरान बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेज़ी से वायरल हो गया है,जिसमें की जा रही पिटाई देख कर अच्छे-अच्छों के होश उड़ गए। पुलिस ने अधिवक्ता की तहरीर पर प्रधान प्रतिनिधि,उसके प्रधान भाई के अलावा 10 नामज़द और 50-60 अज्ञात के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज किया है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569357/hardoi--on-the-instructions-of-the-village-head-s-representative--a-lawyer-s-husband-was-dragged-out-of-his-car-and-beaten--he-has-been-admitted-to-the-trauma-center-in-lucknow"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/cats350.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हरदोई। </strong>प्रधान प्रतिनिधि के इशारे पर उसके घर वालों ने अधिवक्ता के पति की कार से खींच कर बड़ी बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसकी आवाज़ चली गई, साथ ही बचाने पहुंचे कई लोगों के सिर फोड़ दिए, जिन्हे लखनऊ ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। पिटाई के दौरान बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेज़ी से वायरल हो गया है,जिसमें की जा रही पिटाई देख कर अच्छे-अच्छों के होश उड़ गए। पुलिस ने अधिवक्ता की तहरीर पर प्रधान प्रतिनिधि,उसके प्रधान भाई के अलावा 10 नामज़द और 50-60 अज्ञात के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज किया है।</p>
<p>बताया गया है कि कछौना कोतवाली के तकिया की फिरदौस जहां जोकि पेशे से अधिवक्ता है और कछौना में गौसगंज रोड इस्लाम नगर में नया मकान बना कर रह रहीं हैं, ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि रविवार को तकिया निवासी वहाब पुत्र सुल्तान और रफीक पुत्र गफूरे के बीच झगड़ा हुआ था, शाम को उनके पति सलीम उसी मामले में तहरीर ले कर कोतवाली जा रहे थे, तभी रास्तें में प्रधान प्रतिनिधि नसीम पुत्र नन्हे बाबा ने रोका और उसके प्रधान भाई मुख्तार, शरीफ, इरशाद, पुत्र अमीर, जमाल पुत्र हसनैन, शकील पुत्र पुत्तन, अकील पुत्र पुत्तन, इरफान पुत्र शरीफ, इकबाल पुत्र शरीफ, रफीक पुत्र गफूरे व सुफील पुत्र रफीक ने अपने 50-60 अज्ञात साथियों के पति सलीम को बाहर खींचते हुए लाठी-डंडों से बुरी तरह से पीटने लगे, बचाने पहुंचे अली जान, जान मोहम्मद, शान, वहीद, मोहम्मद जान और साहिल का हमला कर सिर फोड़ दिया।</p>
<p>इतना ही नहीं अधिवक्ता फिरदौस जहां के साथ बदसुलूकी करते हुए प्राइवेट पार्ट पर चोंट पहुंचाई। तहरीर में आगे कहा गया है कि हमलावर 20 हज़ार रुपये और सोने की चैन भी लूट ले गए। हमलें के शिकार हुए सभी को लखनऊ ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है,अधिवक्ता का कहना है कि उनके पति सलीम की आवाज़ चली गई। पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ बीएनएस की धारा 191(2)/115(2)/352/351(3)/117(2)/126(1)/75(1)/309(4) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।</p>
<h5><strong>जांच में पकड़ा गया था घोटाला!छीन लिए गए थे वित्तीय अधिकार</strong></h5>
<p>अधिवक्ता के पति पर हुए जानलेवा हमले की स्क्रिप्ट उसी दिन लिखी गई थी जब उन्होनें कछौना देहात में कराए गए विकास कार्यों में किए गए घोटाले की शिकायत की,जांच में लाखो का घोटाला पकड़ा गया और उसी आरोप में प्रधान के वित्तीय अधिकार छीन लिए गए थे। ऐसा कहा जा रहा है कि उसके बाद से ही प्रधान प्रतिनिधि नसीम और उसके भाई व पतसेनी के प्रधान मुख्तार के अंदर बदले की आग धधक रही थी।</p>
<h5><strong>हमलावरो की हमदर्द बन सामने आई कछौना पुलिस!</strong></h5>
<p>कछौना पुलिस पूरी तरह से अधिवक्ता फिरदौस जहां और उनके पति सलीम के ऊपर जानलेवा हमला करने वाले हमलावरों की हमदर्द साबित हुई ही नहीं बल्कि पुलिस अफसरों ने भी उसकी इस हरकत को पकड़ा भी है। अधिवक्ता फिरदौस जहां अपने पति को उठा कर लखनऊ ट्रामा सेंटर पहुंची और इधर पुलिस ने पेश बंदी करते हुए दी गई प्रधान  प्रतिनिधि की तहरीर पर जांच के बिना अधिवक्ता,उनके पति समेत कई लोगों पर केस दर्ज कर लिया। नसीम की तहरीर में शाम 4 बजे हमला होना बताया गया है,जबकि फिरदौस जहां की तहरीर में शाम 5 बजे हमला होना दर्ज है।</p>
<h5><strong>एसएचओ कछौना निर्भय सिंह निलंबित</strong></h5>
<p>अधिवक्ता के पति की बेरहमी से पिटाई करने वाले हमलावरों की तरफदारी करने वाले एसएचओ कछौना निर्भय सिंह को निलंबित कर दिया है। एसपी अशोक कुमार मीणा ने पाया कि एसएचओ निर्भय सिंह ने अपने सच्चाई जानते हुए भी अधिवक्ता की तहरीर पर केस दर्ज न करते हुए अपने कर्तव्यों और दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>हरदोई</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/569357/hardoi--on-the-instructions-of-the-village-head-s-representative--a-lawyer-s-husband-was-dragged-out-of-his-car-and-beaten--he-has-been-admitted-to-the-trauma-center-in-lucknow</link>
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                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 13:53:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेठी : SDM मुसाफिरखाना के खिलाफ लामबंद हुए अधिवक्ता, सैकड़ों की संख्या में सड़क पर उतरे, लगाया भ्रष्टाचार का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मुसाफिरखाना/अमेठी, अमृत विचार।</strong> एसडीएम अभिनव कनौजिया के खिलाफ बड़ी संख्या में अधिवक्ता आज सड़क पर उतर आए हैं और एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। सुरक्षा को लेकर कई थानों की फोर्स के अलावा पीएसी बल और फायर ब्रिगेड गाड़ी के मौके पर तैनात किया गया है। अधिवक्ताओं की मांग है कि एसडीएम अभिनव कनौजिया को तत्काल यहां से हटाया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">दरसअल अमेठी के मुसाफिरखाना एसडीएम अभिनव कनौजिया पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर उन्हें हटाने की मांग को लेकर अधिवक्ता पिछले कई दिनों से लामबंद है। आज तहसील के साथ ही अन्य तहसीलों के भी बड़ी संख्या में अधिवक्ता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566371/amethi--lawyers-have-rallied-against-the-sdm-of-musafirkhana--with-hundreds-taking-to-the-streets--alleging-corruption"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/84.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुसाफिरखाना/अमेठी, अमृत विचार।</strong> एसडीएम अभिनव कनौजिया के खिलाफ बड़ी संख्या में अधिवक्ता आज सड़क पर उतर आए हैं और एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। सुरक्षा को लेकर कई थानों की फोर्स के अलावा पीएसी बल और फायर ब्रिगेड गाड़ी के मौके पर तैनात किया गया है। अधिवक्ताओं की मांग है कि एसडीएम अभिनव कनौजिया को तत्काल यहां से हटाया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">दरसअल अमेठी के मुसाफिरखाना एसडीएम अभिनव कनौजिया पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर उन्हें हटाने की मांग को लेकर अधिवक्ता पिछले कई दिनों से लामबंद है। आज तहसील के साथ ही अन्य तहसीलों के भी बड़ी संख्या में अधिवक्ता मुसाफिरखाना पहुंचे इसके बाद जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। वकीलों ने अपने हाथों में एसडीएम के खिलाफ हाथों में पोस्टर बैनर ले रखी थे।</p>
<p style="text-align:justify;"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/video-2026--.mp4" controls=""></video>
<p style="text-align:justify;">वहीं अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे और कई थानों की फोर्स के अलावा पीएसी बल को और फायर ब्रिगेड की गाड़ी को भी तैनात किया गया था। अधिवक्ताओं का आरोप था कि एसडीएम द्वारा वकीलों से अभद्रता की जाती है, इसके साथ ही उन पर भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया।</p>
<p style="text-align:justify;">फिलहाल मुसाफिरखाना तहसील में तनाव की स्थिति बनी हुई है। अधिवक्ताओं की मांग है कि जब तक एसडीएम को मुसाफिरखाना से नहीं हटाया जाएगा तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। मुसाफिरखाना तहसील की दीवारों पर भी एसडीएम के खिलाफ पोस्टर लगाए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                            <category>अमेठी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 13:29:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : जस्टिस भनोट बोले-मुवक्किल की पीड़ा समझना और न्याय दिलाना अधिवक्ता का कर्तव्य</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>विधि संवाददाता, बरेली।</strong> अधिवक्ताओं को अपने दायित्व का निर्वहन संवेदनशीलता के साथ करना है, आप बहुत बड़ा काम कर रहे हैं। न्यायिक कार्य में बार का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। मुवक्किल की पीड़ा को समझना और उसे न्याय दिलाना अधिवक्ता का कर्तव्य है। अधिवक्ताओं की समस्याओं के निराकरण का भी हम अपने स्तर से हरसंभव प्रयास करेंगे। यह बातें प्रशासनिक जज उच्च न्यायालय इलाहाबाद जस्टिस अजय भनोट ने शुक्रवार को बार एसोसिएशन पदाधिकारियों से मुलाकात के दौरान कहीं।</p>
<p>प्रशासनिक जज उच्च न्यायालय इलाहाबाद जस्टिस अजय भनोट जनपद एवं सत्र न्यायालय के निरीक्षण के लिए दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/561541/justice-bhanot-said-that-it-is-the-duty-of-the-lawyer-to-understand-the-suffering-of-the-client-and-provide-justice"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/bhanot.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>विधि संवाददाता, बरेली।</strong> अधिवक्ताओं को अपने दायित्व का निर्वहन संवेदनशीलता के साथ करना है, आप बहुत बड़ा काम कर रहे हैं। न्यायिक कार्य में बार का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। मुवक्किल की पीड़ा को समझना और उसे न्याय दिलाना अधिवक्ता का कर्तव्य है। अधिवक्ताओं की समस्याओं के निराकरण का भी हम अपने स्तर से हरसंभव प्रयास करेंगे। यह बातें प्रशासनिक जज उच्च न्यायालय इलाहाबाद जस्टिस अजय भनोट ने शुक्रवार को बार एसोसिएशन पदाधिकारियों से मुलाकात के दौरान कहीं।</p>
<p>प्रशासनिक जज उच्च न्यायालय इलाहाबाद जस्टिस अजय भनोट जनपद एवं सत्र न्यायालय के निरीक्षण के लिए दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को पहुंचे। वह शनिवार को बिशप कॉनराॅड स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। वह इस स्कूल के पूर्व छात्र रहे हैं। इससे पूर्व जिला जज प्रदीप कुमार सिंह ने उन्हें पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। न्यायालय परिसर में पुलिस बल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद जजी परिसर में पौधरोपण किया। न्यायिक कामकाज का भी निरीक्षण किया। बार एसोसिएशन पदाधिकारियों ने भी उनसे मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया।</p>
<p>न्यायालय परिसर स्थित सभागार में शुक्रवार शाम 5 बजे आयोजित कार्यक्रम में बार एसोसिएशन अध्यक्ष मनोज कुमार हरित और सचिव दीपक पाण्डेय ने पदाधिकारियों के साथ प्रशासनिक जज अजय भनोट का बुके देकर स्वागत किया। इस दौरान बार पदाधिकारियों व वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने वकालत के दौरान आ रहीं समस्याओं से अवगत कराया, भनोट व जिला जज ने शीघ्र ही समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया।</p>
<p>इस दौरान बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष मौजूदा सदस्य शिरीष मेहरोत्रा, वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल भटनागर, पूर्व डीजीसी राजेश यादव, कमिश्नरी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष केसी पाराशरी, फरीदपुर, नवाबगंज, बहेड़ी बार के पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किये। वरिष्ठ अधिवक्ता शशी कान्त शर्मा, नन्द किशोर भगत, शीलम कन्नौजिया, इस्लाम, विपिन शर्मा, राहुल देवराज, अब्दुल इमरान, एमआर मलिक, चमन आरा, क्षितिज यादव, धर्मवीर सिंह, अनुपम अग्रवाल, मोबीन अंसारी, शमा, विवेक, नितिन मिश्रा, विशाल यादव, अभिनव शील समेत काफी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/561541/justice-bhanot-said-that-it-is-the-duty-of-the-lawyer-to-understand-the-suffering-of-the-client-and-provide-justice</link>
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                <pubDate>Sat, 29 Nov 2025 09:09:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : अधिवक्ताओं ने बनाई मानव श्रृंखला, पुलिस के खिलाफ नारेबाजी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>विधि संवाददाता, बरेली।</strong> कचहरी पर पिछले दिनों हुए विवाद के बाद अधिवक्ताओं पर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। इसके बाद से ही अधिवक्ता कोतवाली पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अधिवक्ताओं ने मंगलवार को भी न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। उसके बाद अधिवक्ताओं ने चौकी चौराहे पर जमा होकर मानव श्रंखला बनाकर विरोध जताया। विरोध प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं को समझाने के लिए सीओ तृतीय पहुंचे, लेकिन अधिवक्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी।</p>
<p>कोतवाली क्षेत्र के कचहरी परिसर में 18 नवंबर को गाड़ी पर टक्कर लगने को लेकर विवाद हो</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/561197/advocates-formed-a-human-chain-and-raised-slogans-against-the-police"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/protest.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>विधि संवाददाता, बरेली।</strong> कचहरी पर पिछले दिनों हुए विवाद के बाद अधिवक्ताओं पर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। इसके बाद से ही अधिवक्ता कोतवाली पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अधिवक्ताओं ने मंगलवार को भी न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। उसके बाद अधिवक्ताओं ने चौकी चौराहे पर जमा होकर मानव श्रंखला बनाकर विरोध जताया। विरोध प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं को समझाने के लिए सीओ तृतीय पहुंचे, लेकिन अधिवक्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी।</p>
<p>कोतवाली क्षेत्र के कचहरी परिसर में 18 नवंबर को गाड़ी पर टक्कर लगने को लेकर विवाद हो गया था। आरोप था कि विरोध करने पर अधिवक्ताओं के साथ मारपीट की गई। अधिवक्ता शकील हुसैन ने प्रगतिनगर निवासी आशीष सिंह और उसके साथियों पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया था। वहीं दूसरी ओर, आशीष ने भी तहरीर देकर आरोप लगाया कि उसके दोस्त से गलती से बाइक का इंडिकेटर टूट गया था, माफी भी मांगी, लेकिन अधिवक्ता शकील ने साथियों के साथ मिलकर मारपीट कर दी और जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने क्रास रिपोर्ट दर्ज की थी।</p>
<p>अधिवक्ता आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। अपनी मांग को लेकर लगातार आंदोलित हैं। अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को डीआईजी ऑफिस का घेराव करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। अधिवक्ताओं का आरोप है कि अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आक्रोशित अधिवक्ताओं का गुस्सा मंगलवार को फिर भड़क गया। अधिवक्ताओं ने बार एसोसिएशन अध्यक्ष मनोज हरित व सचिव दीपक पाण्डेय के नेतृत्व में कचहरी पर एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट होते हुए चौकी चौराहा तक पैदल मार्च निकाला। चौकी चौराहा पर मानव श्रृंखला बनाकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान काफी देर यातायात अवरुद्ध रहा। वहीं बुधवार को भी हड़ताल जारी रहेगी।</p>
<p>बार एसोसिएशन सचिव दीपक पाण्डेय ने बताया कि मंगलवार को भी सुबह से ही अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे, बार सभागार में हुई बैठक में अधिवक्ताओं ने तय किया है कि वकीलों पर हमलावरों की जब तक गिरफ्तारी नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा। इसी श्रृंखला में मंगलवार को अधिवक्ताओं ने कचहरी से कलेक्ट्रेट होते हुए पैदल मार्च निकाला और चौकी चौराहा पहुंचकर मानव श्रृंखला बनाकर विरोध व्यक्त किया। इस दौरान राहुल उपाध्याय, धर्मवीर सिंह, शशिकांत तिवारी, हरीश आजाद, गौरव सिंह राठौर, अमित सिंह, शीलम कन्नौजिया, क्षितिज यादव, विपिन शर्मा, शांतनु शर्मा, सचिन दिनकर, राहुल देवराज, नितिन मिश्रा, शमा समेत काफी संख्या में अधिवक्तागण मौजूद रहे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Nov 2025 06:08:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Good News: इलाज के लिए अधिवक्ता को बार देगा दो लाख रुपए... बार के कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने के लिए कमेटी गठित</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अयोध्या, अमृत विचार: </strong>हृदय के ऑपरेशन के लिए अधिवक्ता को बार एसोसिएशन दो लाख रुपए देगा। इसके अलावा बार के कर्मचारियों को महंगाई भत्ता दिए जाने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी इस पर अपनी रिपोर्ट तैयार करके कार्यकारिणी को 21 नवंबर तक सौंपेगी। इसके बाद इस पर 22 नवंबर को होने वाली बैठक में निर्णय लिया जाएगा। शनिवार को अधिवक्ता संघ की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में दो मुद्दों पर चर्चा कराई गई। इसमें पहला मुद्दा यह था कि संघ के सदस्य अधिवक्ता अखिलेश पांडे के हृदय का ऑपरेशन होना है। वह दिल्ली के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/560037/good-news--the-bar-will-provide-two-lakh-rupees-to-an-advocate-for-medical-treatment----a-committee-has-been-formed-to-provide-dearness-allowance-to-bar-employees"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/muskan-dixit-(5)12.png" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या, अमृत विचार: </strong>हृदय के ऑपरेशन के लिए अधिवक्ता को बार एसोसिएशन दो लाख रुपए देगा। इसके अलावा बार के कर्मचारियों को महंगाई भत्ता दिए जाने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी इस पर अपनी रिपोर्ट तैयार करके कार्यकारिणी को 21 नवंबर तक सौंपेगी। इसके बाद इस पर 22 नवंबर को होने वाली बैठक में निर्णय लिया जाएगा। शनिवार को अधिवक्ता संघ की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में दो मुद्दों पर चर्चा कराई गई। इसमें पहला मुद्दा यह था कि संघ के सदस्य अधिवक्ता अखिलेश पांडे के हृदय का ऑपरेशन होना है। वह दिल्ली के किसी संस्थान में अपना इलाज करा रहे हैं। इसके लिए उन्हें रुपए की आवश्यकता थी। बैठक में इस पर चर्चा कराई गई। </p>
<p>संघ के कर्मचारी की वेतन में वृद्धि के लिए भी प्रस्ताव दिया गया था, जिस पर चर्चा कराई गई। काफी चर्चा के बाद मामले में छह अधिवक्ताओं की कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी वेतन वृद्धि के मामले में अपनी रिपोर्ट तैयार कर कार्यालय को सौंपेगी। मंत्री गिरीश चंद्र तिवारी ने बताया कि प्रकरण पर 22 नवंबर को बैठक में फिर से चर्चा कराई जाएगी। </p>
<p>कमेटी में संघ के पूर्व अध्यक्ष संजीव दुबे, विजय बहादुर सिंह, पूर्व मंत्री हिमांशु वर्मा, त्रिलोकी नाथ दुबे, दूधनाथ मिश्रा हैं। बैठक को अधिवक्ता अरविंद सिंह, राज कपूर सिंह, विपिन कुमार मिश्रा, सोमनाथ तिवारी समेत अन्य ने संबोधित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/560037/good-news--the-bar-will-provide-two-lakh-rupees-to-an-advocate-for-medical-treatment----a-committee-has-been-formed-to-provide-dearness-allowance-to-bar-employees</link>
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                <pubDate>Sun, 16 Nov 2025 09:08:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बदायूं : छोड़कर चली गई पत्नी, अधिवक्ता ने फंदा लगाकर दी जान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>दातागंज, अमृत विचार।</strong> कोतवाली दातागंज क्षेत्र के गांव बेहटा माधव निवासी अधिवक्ता ने पत्नी के वियोग में फंदा लगाकर जा दे दी। मृतक की जेब से सुसाइड नोट मिला है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। </p>
<p>गांव निवासी अधिवक्ता दुर्विजय सिंह (40) पुत्र चेतराम अधिवक्ता था। कुछ समय पर उनका पत्नी से विवाद हो गया था। जिसके बाद पत्नी उन्हें छोड़कर अपने एक बच्चे को लेकर कहीं चली गई थीं। अधिवक्ता ने पुलिस को जानकारी दी थी लेकिन उनकी पत्नी वापस नहीं आई। जिसके बाद से दुर्विजय सिंह सदमे में आ गए थे। शनिवार सुबह साढ़े</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/559104/advocates-wife-left-badaun-and-committed-suicide-by-hanging-herself"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/suicide-n.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>दातागंज, अमृत विचार।</strong> कोतवाली दातागंज क्षेत्र के गांव बेहटा माधव निवासी अधिवक्ता ने पत्नी के वियोग में फंदा लगाकर जा दे दी। मृतक की जेब से सुसाइड नोट मिला है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। </p>
<p>गांव निवासी अधिवक्ता दुर्विजय सिंह (40) पुत्र चेतराम अधिवक्ता था। कुछ समय पर उनका पत्नी से विवाद हो गया था। जिसके बाद पत्नी उन्हें छोड़कर अपने एक बच्चे को लेकर कहीं चली गई थीं। अधिवक्ता ने पुलिस को जानकारी दी थी लेकिन उनकी पत्नी वापस नहीं आई। जिसके बाद से दुर्विजय सिंह सदमे में आ गए थे। शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे घर में साड़ी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। </p>
<p>काफी देर तक बाहर न आने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़ा तो उनका शव फंदे पर लटका देखा तो परिजनों को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची। दुर्विजय सिंह की जेब से सुसाइड नोट मिला। जिसमें अधिवक्ता ने पत्नी को मौत का जिम्मेदार बताते हुए उसके चरित्र पर सवाल उठाया है। </p>
<p>मृतक के भाई कृपाल सिंह ने बताया कि अधिवक्ता की पत्नी 15 दिन पहले उसे छोड़कर किसी और के पास चली गई थी। जिसके बाद से वह अवसाद में आ गए थे। दातागंज कोतवाल वीपी सिंह ने बताया कि अधिवक्ता ने आत्महत्या की थी। मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें पत्नी के चरित्र को लेकर  जिक्र है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। मामले की जांच की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बदायूं</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Nov 2025 18:41:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भाषा बाधा के बीच न्याय का संदेश : इलाहाबाद हाईकोर्ट से विदा होते हुए भावुक हुए न्यायमूर्ति डोनाडी रमेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज।</strong> इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्थानांतरण के बाद आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय लौट रहे न्यायमूर्ति डोनाडी रमेश ने अपने विदाई भाषण में भाषा संबंधी चुनौतियों और उनसे मिली सीख को भावुक शब्दों में साझा किया। जुलाई 2023 से इलाहाबाद हाईकोर्ट में कार्यरत रहे न्यायमूर्ति रमेश ने कहा कि हिंदी में प्रवाह की कमी उनके लिए सबसे बड़ी व्यक्तिगत सीमा थी।</p>
<p>अधिवक्ताओं द्वारा तेज़ और बारीक हिंदी में बहस करने पर उन्हें कई बार तर्क समझने के लिए अधिक प्रयास करना पड़ा या दोहराने का अनुरोध करना पड़ा। उन्होंने स्वीकार किया कि भाषा की इस बाधा के कारण कई फैसलों के मसौदे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/556448/a-message-of-justice-across-a-language-barrier--justice-donadi-ramesh-breaks-down-as-he-departs-the-allahabad-high-court"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/इलाहाबाद-हाईकोर्ट-प्रयागराज-(1)1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज।</strong> इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्थानांतरण के बाद आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय लौट रहे न्यायमूर्ति डोनाडी रमेश ने अपने विदाई भाषण में भाषा संबंधी चुनौतियों और उनसे मिली सीख को भावुक शब्दों में साझा किया। जुलाई 2023 से इलाहाबाद हाईकोर्ट में कार्यरत रहे न्यायमूर्ति रमेश ने कहा कि हिंदी में प्रवाह की कमी उनके लिए सबसे बड़ी व्यक्तिगत सीमा थी।</p>
<p>अधिवक्ताओं द्वारा तेज़ और बारीक हिंदी में बहस करने पर उन्हें कई बार तर्क समझने के लिए अधिक प्रयास करना पड़ा या दोहराने का अनुरोध करना पड़ा। उन्होंने स्वीकार किया कि भाषा की इस बाधा के कारण कई फैसलों के मसौदे तैयार करने में देरी भी होती थी, फिर भी उन्होंने अधिवक्ताओं के धैर्य और शिष्टाचार की सराहना करते हुए कहा कि बार ने सुनिश्चित किया कि तर्क स्पष्ट हों। </p>
<p>यही सहयोग मेरी सबसे बड़ी ताकत बना। उन्होंने बताया कि अदालत के रिकॉर्ड और संवाद मुख्यतः हिंदी में होते थे, जबकि फैसले अंग्रेज़ी में लिखे जाते थे। ऐसे में अनुवाद के दौरान किसी कानूनी बारीकी के छूटने से बचना उनके लिए जिम्मेदारी थी, बोझ नहीं। न्यायालय के कर्मचारियों के सहयोग को याद करते हुए उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री और स्टाफ ने भाषा की दूरी को पाटने में हर संभव मदद की। </p>
<p>न्यायमूर्ति रमेश ने यह भी स्वीकार किया कि भाषा की यह बाधा सामाजिक जीवन में भी महसूस होती थी, लेकिन साथी न्यायाधीशों ने कभी अलगाव का अनुभव नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि एक वादी किसी खास भाषा में निर्णय नहीं चाहता, वह निष्पक्षता और राहत चाहता है। भाषा माध्यम है, न्याय संदेश है।</p>
<p>उन्होंने भारतीय न्याय प्रणाली की विविधता और एकता को अपनी सबसे बड़ी सीख बताया। हर उच्च न्यायालय की भाषा और संस्कृति अलग है, लेकिन सभी मिलकर संविधान के तहत एक प्रणाली बनाते हैं। न्याय की कोई भाषा नहीं, उसका सार सार्वभौमिक है। अंत में न्यायमूर्ति रमेश की यह साफगोई न केवल व्यक्तिगत अनुभव का बयान थी, बल्कि न्यायपालिका में भाषा और न्याय के गहरे संबंध पर एक महत्वपूर्ण विचार भी प्रस्तुत करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/556448/a-message-of-justice-across-a-language-barrier--justice-donadi-ramesh-breaks-down-as-he-departs-the-allahabad-high-court</link>
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                <pubDate>Thu, 16 Oct 2025 21:13:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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