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                <title>District Women's Hospital - Amrit Vichar</title>
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                <description>District Women's Hospital RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Bareilly: घर में लिया तीसरी बेटी ने जन्म...पीछा छुड़ाने को रची बच्चा चोरी की कहानी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> जिला महिला अस्पताल से नवजात के चोरी होने की घटना जांच में पूरी तरह फर्जी साबित हुई है। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि न तो महिला और न ही उसका पति घटना के दिन अस्पताल पहुंचे थे। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पूरा सच सामने आया।</p>
<p>पुलिस ने जब अस्पताल में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी तो कथित पीड़िता और उसके पति की मौजूदगी कहीं नहीं मिली। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया तो पूरा मामला संदिग्ध हो गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि महिला की पहले से तीन बेटियां हैं। तीसरी बेटी के जन्म</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576779/third-daughter-born-at-home----fabricated-story-of-child-theft-to-get-rid-of-her"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/bachcha-chori.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> जिला महिला अस्पताल से नवजात के चोरी होने की घटना जांच में पूरी तरह फर्जी साबित हुई है। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि न तो महिला और न ही उसका पति घटना के दिन अस्पताल पहुंचे थे। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पूरा सच सामने आया।</p>
<p>पुलिस ने जब अस्पताल में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी तो कथित पीड़िता और उसके पति की मौजूदगी कहीं नहीं मिली। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया तो पूरा मामला संदिग्ध हो गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि महिला की पहले से तीन बेटियां हैं। तीसरी बेटी के जन्म के बाद उसने उसे बहेड़ी निवासी अपनी परिचित महिला को दे दिया था। समाज के डर और लोगों के सवालों से बचने के लिए महिला ने नवजात चोरी की झूठी कहानी गढ़ दी।</p>
<p>पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में गुमराह करने और झूठी सूचना देने के आरोप में महिला और उसके पति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। वहीं इस खुलासे के बाद अस्पताल प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 17:12:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad: मुफ्त पैड का दावा बेदम, बाहर से खरीदना बना मजबूरी, सरकारी अस्पतालों से बुनियादी सुविधाएं नदारद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>शुभम शर्मा, मुरादाबाद। </strong>सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं को मुफ्त इलाज व जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत इन दावों से मेल नहीं खा रही। जिला महिला अस्पताल में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को डिलीवरी के बाद सेनेटरी पैड तक उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। हालात यह हैं कि तीमारदारों को मजबूरी में बाहर मेडिकल स्टोर से महंगे पैड खरीदकर लाने पड़ रहे हैं।</p>
<p>सरकारी व्यवस्था के अनुसार अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं को मुफ्त पैड और हाइजीन किट दी जानी चाहिए, ताकि संक्रमण का खतरा कम हो और महिलाओं को स्वच्छता संबंधी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570923/the-claim-of-free-pads-is-baseless--buying-from-outside-has-become-a-compulsion--basic-facilities-are-missing-from-government-hospitals"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/pad.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>शुभम शर्मा, मुरादाबाद। </strong>सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं को मुफ्त इलाज व जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत इन दावों से मेल नहीं खा रही। जिला महिला अस्पताल में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को डिलीवरी के बाद सेनेटरी पैड तक उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। हालात यह हैं कि तीमारदारों को मजबूरी में बाहर मेडिकल स्टोर से महंगे पैड खरीदकर लाने पड़ रहे हैं।</p>
<p>सरकारी व्यवस्था के अनुसार अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं को मुफ्त पैड और हाइजीन किट दी जानी चाहिए, ताकि संक्रमण का खतरा कम हो और महिलाओं को स्वच्छता संबंधी दिक्कत न झेलनी पड़े। लेकिन वार्डों में तैनात स्टाफ द्वारा स्टॉक खत्म है कहकर मरीजों को लौटा दिया जा रहा है। बुधवार को अमृत विचार की टीम ने जिला महिला अस्पताल में पड़ताल की तो कई प्रसूताओं और उनके परिजनों ने पैड न मिलने की बात कही। प्रसूता अनम, खुशी, प्रवेश और गुंजन ने बताया कि उन्हें डिलीवरी के बाद एक बार भी पैड उपलब्ध नहीं कराया गया।</p>
<p>बंगला गांव निवासी पूनम के पति प्रेम शंकर ने बताया कि स्टाफ से कई बार कहने के बावजूद पैड नहीं दिए गए। चौरासी घंटा निवासी आशा ने कहा कि उनकी बहू की डिलीवरी के बाद केवल एक बार पैड दिया गया, उसके बाद दोबारा मांगने पर स्टॉक खत्म होने की बात कह दी गई। गोविंदनगर निवासी प्रीति के पति रवि ने भी यही आरोप लगाया कि एक बार पैड देने के बाद दोबारा मांगने पर मना कर दिया गया। वहीं, तीमारदार अनीता देवी ने बताया कि उन्हें भी बाहर से पैड खरीदकर लाने पड़े।</p>
<p> प्रसूताओं और उनके परिजन का कहना है कि सरकारी अस्पताल में इलाज कराने के बावजूद छोटी-छोटी जरूरतों के लिए बाहर पैसा खर्च करना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। इस संबंध में सीएमएस डॉ. रणवीर सिंह ने कहा कि अस्पताल में महिलाओं को पैड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यदि किसी को पैड नहीं मिले हैं तो मामले की जांच कराई जाएगी और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>कपड़े का इस्तेमाल करने को मजबूर प्रसूताएं</strong><br />अस्पताल में प्रसव के लिए आ रहीं आर्थिक रूप से कमजोर प्रसूताएं कपड़े का इस्तेमाल करने पर मजबूर हैं। डॉक्टरों का कहना है कि प्रसूताओं का शरीर बेहद संवेदनशील होता है। ऐसे में घटिया स्तर की रूई या कपड़े से सर्जिकल इंफेक्शन और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इससे भविष्य में बांझपन जैसी दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 16:52:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad: गर्भाशय की टीबी बन रही मातृत्व में बाधा, 25 से 40 वर्ष की महिलाएं ज्यादा प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> महिलाओं में फैलने वाली गर्भाशय की टीबी (जेनिटल टीबी) मातृत्व के लिए एक गंभीर खतरे के रूप में सामने आ रही है। खासतौर पर 25 से 40 वर्ष की उम्र की महिलाओं में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि इस बीमारी के शुरुआती लक्षण सामान्य और हल्के होने के कारण अधिकांश महिलाएं इसे नजरअंदाज कर देती हैं। नतीजतन, समय रहते इलाज न मिलने से आगे चलकर गर्भधारण में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है।</p>
<p>इस संबंध में जिला महिला अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सुजाता ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567223/uterine-tuberculosis-is-becoming-a-barrier-to-motherhood--with-women-aged-25-to-40-being-most-affected"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/ut.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> महिलाओं में फैलने वाली गर्भाशय की टीबी (जेनिटल टीबी) मातृत्व के लिए एक गंभीर खतरे के रूप में सामने आ रही है। खासतौर पर 25 से 40 वर्ष की उम्र की महिलाओं में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि इस बीमारी के शुरुआती लक्षण सामान्य और हल्के होने के कारण अधिकांश महिलाएं इसे नजरअंदाज कर देती हैं। नतीजतन, समय रहते इलाज न मिलने से आगे चलकर गर्भधारण में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है।</p>
<p>इस संबंध में जिला महिला अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सुजाता ने बताया कि यदि शादी के कई वर्षों बाद भी महिला गर्भधारण नहीं कर पा रही है, तो इसे सामान्य समस्या मानकर टालना नहीं चाहिए। बांझपन के पीछे गर्भाशय की टीबी एक बड़ी वजह हो सकती है। यह बीमारी ट्यूबरकुलोसिस बैक्टीरिया के कारण होती है, जो धीरे-धीरे गर्भाशय, फैलोपियन ट्यूब और अन्य जननांगों को प्रभावित करता है।</p>
<p>डॉ. सुजाता के अनुसार, अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन तीन से चार महिलाएं ऐसी पहुंच रही हैं, जिनमें शुरुआती स्तर पर गर्भाशय की टीबी के लक्षण पाए जा रहे हैं। कई मामलों में महिलाएं लंबे समय तक इलाज के लिए नहीं आतीं, जिससे बीमारी गंभीर रूप ले लेती है और मां बनने की संभावना कम हो जाती है। उन्होंने बताया कि गर्भाशय की टीबी को खामोश बीमारी भी कहा जाता है, क्योंकि यह बिना स्पष्ट लक्षणों के शरीर में धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती रहती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि समय रहते जांच कर ली जाए और पूरा इलाज कराया जाए तो महिला पूरी तरह स्वस्थ होकर मातृत्व सुख प्राप्त कर सकती है। इसके लिए धैर्य के साथ डॉक्टर की सलाह पर नियमित दवाएं लेना जरूरी है।</p>
<p><strong>हल्का लेकिन लंबे समय तक रहने वाला बुखार</strong><br />डॉ. सुजाता ने महिलाओं से अपील की कि वे अपने शरीर में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को हल्के में न लें। संदेह होने पर तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें, ताकि समय पर जांच और इलाज से मातृत्व की राह आसान बनाई जा सके।</p>
<p><strong>ये हैं प्रमुख लक्षण</strong><br />- अधिक पसीना आना<br />- लगातार थकान महसूस होना<br />- पेट के निचले हिस्से में दर्द<br />- अनियमित रक्तस्त्राव<br />- वजन का तेजी से कम होना</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 11:04:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad: सर्दी में नवजातों की पहली सांस पर खतरा, पेरिनेटल एस्फिक्सिया से जंग</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>कड़ाके की सर्दी और शीतलहर के बीच जिला महिला अस्पताल में जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं के सामने पेरिनेटल एस्फिक्सिया गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। ठंड के मौसम में प्रसव के बाद बच्चों को पर्याप्त ऑक्सीजन न मिल पाना उनकी जान के लिए खतरा बन रहा है। महिला अस्पताल में होने वाले औसत प्रसवों में से लगभग 25 से 30 प्रतिशत यानी हर 10 में से करीब तीन नवजात जन्म के तुरंत बाद ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे हैं।</p>
<p>अस्पताल के डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ अंबू बैग मशीन के माध्यम से कृत्रिम सांस देकर बच्चे के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565582/the-threat-to-newborns--first-breaths-in-winter--the-fight-against-perinatal-asphyxia"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/nawjat1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>कड़ाके की सर्दी और शीतलहर के बीच जिला महिला अस्पताल में जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं के सामने पेरिनेटल एस्फिक्सिया गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। ठंड के मौसम में प्रसव के बाद बच्चों को पर्याप्त ऑक्सीजन न मिल पाना उनकी जान के लिए खतरा बन रहा है। महिला अस्पताल में होने वाले औसत प्रसवों में से लगभग 25 से 30 प्रतिशत यानी हर 10 में से करीब तीन नवजात जन्म के तुरंत बाद ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे हैं।</p>
<p>अस्पताल के डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ अंबू बैग मशीन के माध्यम से कृत्रिम सांस देकर बच्चे के फेफड़ों को सक्रिय करते हैं, ताकि शरीर और मस्तिष्क तक ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू हो सके। जिला महिला अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. किरन पांडे ने बताया कि पेरिनेटल एस्फिक्सिया वह स्थिति है, जब जन्म के समय या उसके तुरंत बाद बच्चे के मस्तिष्क और अन्य अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इसके प्रमुख लक्षणों में जन्म के समय बच्चे का न रोना, सांस लेने में कठिनाई, शरीर में सुस्ती या नीला पड़ना शामिल है। यदि समय रहते उपचार न मिले तो यह स्थिति नवजात के लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है। समय से पहले जन्म लेने वाले यानी प्री-मैच्योर बच्चों में इसका खतरा और अधिक होता है।</p>
<p>महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सुजाता ने बताया कि ऐसे बच्चों के अंग पूरी तरह विकसित नहीं होते, जिसके कारण उनमें संक्रमण (सेप्सिस) और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा दोगुना हो जाता है। ठंड के मौसम में यह जोखिम और बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच, संतुलित आहार और सुरक्षित प्रसव से इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान मां को समय-समय पर अल्ट्रासाउंड और जरूरी ब्लड टेस्ट कराते रहना चाहिए, ताकि किसी भी जटिलता का समय रहते पता चल सके। साथ ही सर्दी के मौसम में नवजात को संक्रमण से बचाना बेहद जरूरी है। बच्चे को गर्म कपड़ों में लपेटकर रखें, साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें और भीड़भाड़ से दूर रखें। यदि जन्म के बाद बच्चा सुस्त दिखाई दे, ठीक से सांस न ले रहा हो या दूध न पी रहा हो, तो बिना देर किए तुरंत अस्पताल या विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/565582/the-threat-to-newborns--first-breaths-in-winter--the-fight-against-perinatal-asphyxia</link>
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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 09:08:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट की जांच के बाद अब सेंटर पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> भुता के बरेली अल्ट्रासाउंड सेंटर में गर्भवती महिला राजेश्वरी की 3 सितंबर को हुई जांच विवादों में घिर गई है। सेंटर के संचालक डॉक्टर आफताब का दावा है कि यह सेंटर उन्होंने चार-पांच महीने पहले ही बंद कर दिया गया था, फिर भी कैसे महिला की जांच वहां हुई।</p>
<p>  यह सवाल खड़ा कर रहा है। रिपोर्ट में जुड़वां बच्चे होने का उल्लेख था, जबकि जिला महिला चिकित्सालय में प्रसव के दौरान केवल एक बच्ची का जन्म हुआ। वहीं, रिपोर्ट पर जिस डॉक्टर का नाम दर्ज है, वह गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड के लिए मान्य नहीं हैं।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563454/after-examining-the-ultrasound-report--questions-are-now-being-raised-about-the-center"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/hos.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> भुता के बरेली अल्ट्रासाउंड सेंटर में गर्भवती महिला राजेश्वरी की 3 सितंबर को हुई जांच विवादों में घिर गई है। सेंटर के संचालक डॉक्टर आफताब का दावा है कि यह सेंटर उन्होंने चार-पांच महीने पहले ही बंद कर दिया गया था, फिर भी कैसे महिला की जांच वहां हुई।</p>
<p> यह सवाल खड़ा कर रहा है। रिपोर्ट में जुड़वां बच्चे होने का उल्लेख था, जबकि जिला महिला चिकित्सालय में प्रसव के दौरान केवल एक बच्ची का जन्म हुआ। वहीं, रिपोर्ट पर जिस डॉक्टर का नाम दर्ज है, वह गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड के लिए मान्य नहीं हैं। इस पूरे मामले ने अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटरों का खेल उजागर कर दिया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/563454/after-examining-the-ultrasound-report--questions-are-now-being-raised-about-the-center</link>
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                <pubDate>Sun, 14 Dec 2025 12:04:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : फिर अल्ट्रासाउंड जांच पर सवाल, रिपोर्ट में एक शिशु, जन्मे जुड़वां</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> जिला महिला अस्पताल में हाल ही में दो अलग-अलग अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच रिपोर्ट में मरीज के गर्भ में जुड़वां शिशु दर्ज होने और प्रसव के दौरान एक बच्ची के जन्म का मामला सामने आया था। इस मामले की जांच अभी पूरी भी नहीं हुई थी कि शुक्रवार को एक और मामला सामने आया, जिसने अल्ट्रासाउंड जांच रिपोर्ट पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।</p>
<p>निजी अल्ट्रासाउंड में जांच कराने पर मरीज के गर्भ में एक शिशु होने की रिपोर्ट दी थी लेकिन जिला महिला अस्पताल में हुए प्रसव के दौरान मरीज ने जुड़वां बच्चों (बेटों) को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563313/then-questions-were-raised-on-ultrasound-examination-report-revealed-that"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/101.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> जिला महिला अस्पताल में हाल ही में दो अलग-अलग अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच रिपोर्ट में मरीज के गर्भ में जुड़वां शिशु दर्ज होने और प्रसव के दौरान एक बच्ची के जन्म का मामला सामने आया था। इस मामले की जांच अभी पूरी भी नहीं हुई थी कि शुक्रवार को एक और मामला सामने आया, जिसने अल्ट्रासाउंड जांच रिपोर्ट पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।</p>
<p>निजी अल्ट्रासाउंड में जांच कराने पर मरीज के गर्भ में एक शिशु होने की रिपोर्ट दी थी लेकिन जिला महिला अस्पताल में हुए प्रसव के दौरान मरीज ने जुड़वां बच्चों (बेटों) को जन्म दिया। दो नवजात होने की सूचना मिलते ही मरीज के परिजन भी सकते में पड़ गए, हालांकि जच्चा-बच्चा दोनों की हालत स्थिर है।</p>
<p>इज्जतनगर के आंबेडकर नगर निवासी आकाश ने प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी आरती को शुक्रवार सुबह करीब साढ़े छह बजे जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया। स्टाफ ने भर्ती प्रक्रिया के दौरान परिजन से पूर्व में हुई जांच संबंधी दस्तावेज मांगे तो आकाश ने स्टाफ को बताया कि उसने सुभाष नगर के तिलक कॉलोनी स्थित अल्ट्रासाउंड सेंटर पर 11 अक्टूबर को जांच कराई थी। इस दौरान स्टाफ ने रिपोर्ट देखी तो इसमें एक शिशु होना दर्ज था। मरीज को गंभीर प्रसव पीड़ा हुई तो स्टाफ ने फौरन लेबर कक्ष में प्रसव कराया तो मरीज ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। स्टाफ ने फौरन इसकी सूचना सीएमएस को दी।</p>
<p><strong>पेट में महसूस हुई गांठ, स्टाफ भी चकराया</strong><br />स्टाफ के अनुसार जब मरीज का प्रसव किया जा रहा था तो जहन में मरीज के गर्भ में एक शिशु होने की बात थी लेकिन जब एक शिशु के जन्म के बाद मरीज के पेट में लगातार हलचल और गांठ घूमने जैसी हरकत हो रही थी इस पर स्टाफ ने सूझबूझ दिखाई और दूसरे बच्चे का भी सुरक्षित प्रसव कराया।</p>
<p>निजी सेंटर पर हुई जांच रिपोर्ट में एक शिशु होना दर्ज था, लेकिन मरीज ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया है। स्टाफ की सूचना के बाद निजी सेंटर की जांच रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ को मामले से अवगत कराकर जांच के लिए कहा जाएगा। <strong>-डॉ. त्रिभुवन प्रसाद, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Dec 2025 09:03:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: कहा गयां दूसरा शिशु ? अल्ट्रासाउंड की जांच में जुड़वा...मगर जिला अस्पताल में जन्मा एक ही बच्चा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> जिला महिला अस्पताल में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। दो अलग-अगल अल्ट्रासाउंड जांच सेंटरों की रिपोर्ट में महिला मरीज के गर्भ में जुड़वा शिशु होने की पुष्टि हुई थी लेकिन जब प्रसव हुआ तो सिर्फ एक शिशु (बेटी) का जन्म हुआ। इसे देख डॉक्टरों और मरीज के परिजन परेशान हो गए। मामला सीएमएस के पास पहुंचने पर जांच शुरू कर दी गई है। सीएमएस ने लैबर रूम के बाहर लगे बाहर सीसीटीवी कैमरों की भी जांच कराने की बात कही है।</p>
<p>भुता के गांव गजनैरा निवासी सुरेश बाबू ने बताया कि उन्होंने 3 सितंबर को डॉक्टर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563191/where-is-the-second-baby--the-ultrasound-showed-twins----but-only-one-baby-was-born-at-the-district-hospital"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/judwa.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> जिला महिला अस्पताल में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। दो अलग-अगल अल्ट्रासाउंड जांच सेंटरों की रिपोर्ट में महिला मरीज के गर्भ में जुड़वा शिशु होने की पुष्टि हुई थी लेकिन जब प्रसव हुआ तो सिर्फ एक शिशु (बेटी) का जन्म हुआ। इसे देख डॉक्टरों और मरीज के परिजन परेशान हो गए। मामला सीएमएस के पास पहुंचने पर जांच शुरू कर दी गई है। सीएमएस ने लैबर रूम के बाहर लगे बाहर सीसीटीवी कैमरों की भी जांच कराने की बात कही है।</p>
<p>भुता के गांव गजनैरा निवासी सुरेश बाबू ने बताया कि उन्होंने 3 सितंबर को डॉक्टर की सलाह पर पत्नी राजेश्वरी की भुता स्थित निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जांच कराई थी। जांच के बाद डॉक्टर ने गर्भ में जुड़वा शिशु होने की बात कही। इसके बाद प्रसव से पहले पत्नी को 14 नवंबर को जिला महिला अस्पताल स्थित ओपीडी में दिखाया और डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। यहां भी अल्ट्रासाउंड की जांच रिपोर्ट में जुड़वा शिशु होने की बात डॉक्टर ने कही थी।</p>
<p>जब 8 दिसंबर को राजेश्वरी को प्रसव पीड़ा हुई तो उसे जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया तो सिर्फ एक ही शिशु का जन्म हुआ। स्टाफ ने जब परिजनों को इसकी जानकारी दी तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने कहा कि अल्ट्रासाउंड जांच रिपोर्ट में जुड़वा बच्चे होने की बात कही गई थी। इस पर स्टाफ भी कोई संतोष जनक जवाब नहीं दे सका, हालांकि परिजनों ने इस बाबत कोई लिखित शिकायत नहीं की है।</p>
<p><strong>रिपोर्ट पर उठ रहे सवाल</strong><br />एक निजी वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दोनों की रिपोर्ट प्रथम दृष्टया सटीक लग रही हैं। ऐसा इसलिए कि दोनों ही रिपोर्ट में दोनों ही शिशुओं के सिर, पैर और धड़कन सभी का स्तर दर्ज है। हालांकि इस तरह का यह पहला ही मामला सामने आया है कि दोनों ही रिपोर्ट गलत साबित हो रहीं हैं। हालांकि गर्भधारण के आरंभ में की गई अल्ट्रासाउंड जांच में चूक वश दो भ्रूण सामने आ जाते हैं लेकिन कुछ माह गुजरने के बाद जांच के बाद यह स्वत: ही सामने नहीं आते हैं।</p>
<p>जिला महिला अस्पताल सीएमएस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में हैं। मैंने खुद दोनों ही रिपोर्ट का अवलोकन किया। परिजनों ने इसकी कोई लिखित शिकायत नहीं की है लेकिन एहतियातन मामले की जांच कराई जाएगी। लैबर रूम के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच कराई जाएगी। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Dec 2025 16:52:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखीमपुर खीरी: बारात देखने पहुंची ढाई साल की बच्ची से रेप...हालत बिगड़ी तो अस्पताल में भर्ती</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मितौली, अमृत विचार।</strong> थाना क्षेत्र के एक गांव में ढाई साल की बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। गांव में आई बारात देखने पहुंची एक ढाई साल की बच्ची को युवक उठा ले गया और दुष्कर्म किया। इससे बच्ची का हालत बिगड़ गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। बच्ची को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है। थाना क्षेत्र के एक गांव में शुक्रवार की देर रात बारात आई थी। </p>
<p>बच्ची भी अपने परिवार वालों के साथ बारात देखने गई थी। जहां से एक 35 वर्षीय युवक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/560822/lakhimpur-two-and-a-half-year-old-girl-who-had"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/rape2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मितौली, अमृत विचार।</strong> थाना क्षेत्र के एक गांव में ढाई साल की बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। गांव में आई बारात देखने पहुंची एक ढाई साल की बच्ची को युवक उठा ले गया और दुष्कर्म किया। इससे बच्ची का हालत बिगड़ गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। बच्ची को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है। थाना क्षेत्र के एक गांव में शुक्रवार की देर रात बारात आई थी। </p>
<p>बच्ची भी अपने परिवार वालों के साथ बारात देखने गई थी। जहां से एक 35 वर्षीय युवक मौका पाकर बच्ची को उठा ले गया और कुछ दूर एकांत में उसके साथ दुष्कर्म  किया। इससे बच्ची की हालत बिगड़ गई। इधर बच्ची जब परिजनों को दिखाई नहीं पड़ी तो उसकी तलाश शुरू हुई। तलाश के दौरान बच्ची बदहवास हालत में आते हुए रास्ते में मिली। बच्ची की हालत देख परिवार के लोगों के होश उड़ गए। परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।</p>
<p>बच्ची की हालत गंभीर होने पर आनन-फानन में उसे सीएचसी लाया गया, जहां से हालत में कोई सुधार न होने पर डॉक्टर ने उसे जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया। सूचना पाकर सीओ यादवेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए।  हरकत में आई पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसकी तलाश शुरू की। करीब सात घंटे बाद पुलिस ने गांव के ही आरोपी श्यामपाल उर्फ पालू को गिरफ्तार कर लिया। </p>
<p>हालांकि सीओ यादवेंद्र सिंह का कहना है कि बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है। बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ साफ होगा। पीड़ित बच्ची का अस्पताल में इलाज चल रहा है। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज की गई है। एससीएसटी एक्ट भी लगाया गया है। उन्होंने बताया कि पीड़िता के परिजनों को हर संभव मदद मुहैया कराई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखीमपुर खीरी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/560822/lakhimpur-two-and-a-half-year-old-girl-who-had</link>
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                <pubDate>Sat, 22 Nov 2025 18:34:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: जांच के लिए अगले दिन की तारीख देने पर मरीजों ने काटा हंगामा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> जांच के लिए अगले दिन की तारीख देने पर जिला महिला अस्पताल में शनिवार को अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर मरीजों ने हंगामा किया। उनकी सुरक्षा गार्ड से तीखी नोकझोंक हुई। स्टाफ ने समझाकर उन्हें शांत कराया।</p>
<p>दरअसल, जिला महिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष में एक मशीन से ही मरीजों की जांचें हो रही हैं। शनिवार को 90 से अधिक मरीज जांच कराने के लिए लाइन में लगे हुए थे। लेकिन 60 मरीजों की ही जांचें हो सकीं। </p>
<p>ऐसे में अन्य मरीजों को अगले दिन की तिथि पर्चे पर लिखकर जांच कराने के लिए आने को कहा। इसपर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/557324/patients-created-ruckus-when-given-next-day-s-date-for-examination"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/hospital1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> जांच के लिए अगले दिन की तारीख देने पर जिला महिला अस्पताल में शनिवार को अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर मरीजों ने हंगामा किया। उनकी सुरक्षा गार्ड से तीखी नोकझोंक हुई। स्टाफ ने समझाकर उन्हें शांत कराया।</p>
<p>दरअसल, जिला महिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष में एक मशीन से ही मरीजों की जांचें हो रही हैं। शनिवार को 90 से अधिक मरीज जांच कराने के लिए लाइन में लगे हुए थे। लेकिन 60 मरीजों की ही जांचें हो सकीं। </p>
<p>ऐसे में अन्य मरीजों को अगले दिन की तिथि पर्चे पर लिखकर जांच कराने के लिए आने को कहा। इसपर मरीज बिफर गए। मरीजों की तर्क था कि हालत गंभीर होने पर कौन जिम्मेदार होगा। इसी बात को लेकर मरीजों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। सुरक्षा गार्ड के समझाने पर भी मरीज नहीं माने। स्टाफ ने जांचें प्रभावित होने का तर्क दिया, तब मरीज शांत हुए।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/557324/patients-created-ruckus-when-given-next-day-s-date-for-examination</link>
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                <pubDate>Sat, 25 Oct 2025 18:10:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीलीभीत : मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में हंगामा, हिंदू संगठन से सीएमएस और सुरक्षा गार्डों की बहस </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पीलीभीत, अमृत विचार। </strong>जिला महिला अस्पताल के सामने स्थित पार्क से नवजात का शव कुत्ते द्वारा उठाकर ले जाने का मामला तूल पकड़ गया। विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कार्यकर्ता मेडिकल कॉलेज पहुंचे और सीएमएस से सवाल किए। लापरवाही पर की गई कार्रवाई का जवाब मांगा।</p>
<p>सीएमएस महिला अस्पताल के जवाब संतोषजनक न मिलने पर माहौल गरमा गया और फिर हंगामा हो गया। सुरक्षा गार्ड भीड़ कम कराने पहुंचे और कुछ कार्यकर्ताओं को बाहर जाने के लिए कहा तो उनसे भी तीखी झड़प हो गई। करीब दो घंटे तक हंगामा चला। सीएमओ, सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी मौके पर पहुंचे और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/553182/uproar-in-emergency-of-pilibhit-medical-college-cms-and-security"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/हंगामा.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पीलीभीत, अमृत विचार। </strong>जिला महिला अस्पताल के सामने स्थित पार्क से नवजात का शव कुत्ते द्वारा उठाकर ले जाने का मामला तूल पकड़ गया। विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कार्यकर्ता मेडिकल कॉलेज पहुंचे और सीएमएस से सवाल किए। लापरवाही पर की गई कार्रवाई का जवाब मांगा।</p>
<p>सीएमएस महिला अस्पताल के जवाब संतोषजनक न मिलने पर माहौल गरमा गया और फिर हंगामा हो गया। सुरक्षा गार्ड भीड़ कम कराने पहुंचे और कुछ कार्यकर्ताओं को बाहर जाने के लिए कहा तो उनसे भी तीखी झड़प हो गई। करीब दो घंटे तक हंगामा चला। सीएमओ, सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी मौके पर पहुंचे और वार्ता कर लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर हंगामा शांत हो सका।</p>
<p>बता दें कि मरौरी ब्लॉक क्षेत्र की एक प्रसूता ने जिला महिला अस्पताल में प्रसव के बाद मृत बच्चे को जन्म दिया था। शव लेकर परिजन पार्क में बैठे और झपकी आ गई और परिसर में घूम रहा कुत्ता नवजात के शव को उठाकर ले गया। जब लोग दौड़े तो 200 मीटर आगे छोड़कर भाग गया था।  महिला अस्पताल के जिम्मेदार इसे परिवार की  जिम्मेदारी बता टाल गए थे। शनिवार सुबह इस मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज में हंगामा हो गया। विश्व हिंदू रक्षा परिषद के जिलाध्यक्ष यशवंत सिंह कार्यकर्ताओं के साथ मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचे। सीएमएस महिला और पुरुष अस्पताल दोनों को बुला  लिया गया। </p>
<p>सीएमओ और मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को भी बुलाया गया, हालांकि दोनों नहीं आए। नवजात के शव को कुत्ते उठाकर ले जाने की घटना में लापरवाही को लेकर सवाल किए।  मामला महिला अस्पताल से जुड़ा था तो पुरुष अस्पताल के सीएमएस डॉ.रमाकांत सागर चले गए। इधर, महिला अस्पताल सीएमएस डॉ.राजेश कुमार से वार्ता चलती रही। सीएमस ने उसी रात दस बजे तक राउंड पर होने और घटना से अनभिज्ञता जताई।  दोनों के बीच बहस होने लगी। फिर सीएमएस ने ये कह दिया कि ज्नयादा है तो उनका तबादला करा दिया जाए। इसके बाद कार्यकर्ता गुस्साए गए और इमरजेंसी कक्ष में ही दोनों के बीच कहासुनी होती रही। </p>
<p>लापरवाही को लेकर जिम्मेदार कोई जवाब नहीं दे सके। इसके बाद सिक्योरिटी गार्ड ने कुछ कार्यकर्ताओं को कक्ष से बाहर निकालने का प्रयास किया तो सिक्योरिटी गार्ड से भी झड़प हुई। फिर इमरजेंसी में ही चिकित्सक कक्ष में दोनों पक्ष बैठे और बेनतीजा वार्ता चलती रही। सूचना मिलने पर  कोतवाली और सुनगढ़ी पुलिस भी पहुंच गई। इसी बीच सीएमएस महिला अस्पताल निकल गए। सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर, सीएमओ डॉ.आलोक कुमार, सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी पुलिस बल के साथ पहुंचे। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद अंत में प्रशासनिक स्तर से चल रही कार्रवाई से अवगत कराते हुए मामला शांत कराया जा सका। सिक्योरिटी गार्ड के रवैये की भी अधिकारियों से शिकायत की गई।</p>
<p><strong>प्रशासन ने लिया संज्ञान, डीएम ने मांगी रिपोर्ट</strong><br />नवजात के शव को कुत्ते द्वारा उठाकर ले जाने के मामले में प्रशासन ने भी संज्ञान लिया है। डीएम ने इस मामले में सीएमएस जिला महिला अस्पताल से रिपोर्ट तलब की है। सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही प्रशासन नियमानुसार प्रक्रिया अपना रहा है। पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मांगी गई है। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>पीलीभीत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Sep 2025 16:51:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad : पानी की कमी से बढ़ रहीं गर्भवती महिलाओं की परेशानियां</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> गर्भावस्था के दौरान पानी की कमी गर्भवती महिलाओं और शिशु दोनों के लिए गंभीर खतरा बन रही है। चिकित्सकों का कहना है कि पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने के कारण महिलाओं को प्रसव के समय परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में पोषण तत्वों के साथ-साथ पानी की कमी भी आम समस्या है। जिला अस्पताल में आने वाली महिलाओं में से औसतन 10-12 महिलाओं में ये समस्या देखने को मिल रही है।</p>
<p>जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. निर्मला पाठक ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को रोज 3-4 लीटर पानी पीना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/552873/the-problems-of-pregnant-women-are-increasing-due-to-lack-of-water"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/गर्भवती.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> गर्भावस्था के दौरान पानी की कमी गर्भवती महिलाओं और शिशु दोनों के लिए गंभीर खतरा बन रही है। चिकित्सकों का कहना है कि पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने के कारण महिलाओं को प्रसव के समय परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में पोषण तत्वों के साथ-साथ पानी की कमी भी आम समस्या है। जिला अस्पताल में आने वाली महिलाओं में से औसतन 10-12 महिलाओं में ये समस्या देखने को मिल रही है।</p>
<p>जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. निर्मला पाठक ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को रोज 3-4 लीटर पानी पीना चाहिए। पानी की कमी से गर्भस्थ शिशु का सामान्य रूप से वजन नहीं बढ़ पाता। इसका असर सीधे शिशु के अंगों के विकास पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि इससे ब्लड प्रेशर, डिहाइड्रेशन, मांसपेशियों में खिंचाव जैसी दिक्कतें सामने आती हैं और समय से पहले प्रसव का खतरा भी बढ़ जाता है। गर्भावस्था में पानी की कमी मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। शरीर में पानी की मात्रा कम होने पर खून गाढ़ा हो जाता है, जिससे भ्रूण तक पर्याप्त पोषण और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती।</p>
<p>कई मामलों में शिशु का वजन सामान्य से कम रह जाता है और प्रसव के दौरान जटिलताएं बढ़ जाती हैं। बताया कि गर्मी के मौसम में या अधिक शारीरिक श्रम करने पर यह मात्रा और बढ़ाई जानी चाहिए। पर्याप्त पानी का सेवन न केवल शरीर को हाइड्रेट रखता है बल्कि विषैले तत्वों को बाहर निकालने में भी मदद करता है। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अक्सर घरेलू और खेतों के कार्य में व्यस्त रहती हैं, जिससे वे पानी पीने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पातीं। साथ ही उनमें पोषण की कमी भी अधिक पाई जाती है। ऐसे में गर्भस्थ शिशु का विकास प्रभावित होता है।</p>
<p><strong>चलाया जा रहा जागरूकता अभियान</strong><br />उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर गर्भवती महिलाओं को पोषक तत्व लेने के साथ ही शरीर में पानी की कमी न होने के लिए लगातार जागरूकर कर रही हैं। इसके बावजूद महिलाएं अपने खानपीन में सुधार नहीं कर रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Sep 2025 07:14:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी की दूसरी मदर स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट का बाराबंकी में शुरू, जिला पंचायत अध्यक्ष ने किया शुभारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी: अमृत विचार।</strong> जनपद की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नया आयाम देते हुए जिला महिला चिकित्सालय में उत्तर प्रदेश की दूसरी मदर स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट का शुभारंभ मंगलवार को ज़िला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत, मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन एवं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अवधेश कुमार यादव द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-09/untitled-design-(36).jpg" alt="Untitled design (36)" width="1200" height="1080" /></p>
<p style="text-align:justify;">यह यूनिट विशेष रूप से समय से पहले जन्मे व कम वजन वाले नवजात शिशुओं के लिए तैयार की गई है, जहां उन्हें जन्म के तुरंत बाद कंगारू मदर केयर के तहत उनकी माँओं के साथ रखा जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">यह यूनिट भारत सरकार और विश्व स्वास्थ्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/552020/up-s-second-mother-special-newborn-care-unit-started-in-barabanki--inaugurated-by-district-panchayat-president"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/untitled-design-(35).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी: अमृत विचार।</strong> जनपद की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नया आयाम देते हुए जिला महिला चिकित्सालय में उत्तर प्रदेश की दूसरी मदर स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट का शुभारंभ मंगलवार को ज़िला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत, मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन एवं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अवधेश कुमार यादव द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-09/untitled-design-(36).jpg" alt="Untitled design (36)" width="1920" height="1080"></img></p>
<p style="text-align:justify;">यह यूनिट विशेष रूप से समय से पहले जन्मे व कम वजन वाले नवजात शिशुओं के लिए तैयार की गई है, जहां उन्हें जन्म के तुरंत बाद कंगारू मदर केयर के तहत उनकी माँओं के साथ रखा जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">यह यूनिट भारत सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन के ज़ीरो सेपरेशन नीति के अंतर्गत स्थापित की गई है, जिससे नवजात को मां के सान्निध्य में रखकर संक्रमण और मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में ज़िला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत ने इसे मातृ-शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में मील का पत्थर बताया। </p>
<p style="text-align:justify;">सीडीओ अन्ना सुदन ने कहा कि प्रदेश में दूसरी ऐसी यूनिट का बाराबंकी में खुलना जिले के लिए गौरव का विषय है। सीएमओ ने कहा कि यह यूनिट न केवल माँ और नवजात की जान बचाने में मददगार होगी, बल्कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के नए मानक भी स्थापित करेगी। </p>
<p style="text-align:justify;">वहीं जिला महिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. प्रदीप कुमार ने कहा कि इस यूनिट की स्थापना और संचालन में कम्युनिटी इम्पावरमेंट लैब का तकनीकी और वैज्ञानिक सहयोग रहेगा। यह यूनिट प्रदेश में एक आदर्श मॉडल बनकर उभरने की पूरी क्षमता रखती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/552016/gold-and-silver-created-a-sensation-in-the-bullion-market--record-rise">सोना-चांदी ने मचाई सराफा बाज़ार में सनसनी, रिकार्ड तेज़ी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/552020/up-s-second-mother-special-newborn-care-unit-started-in-barabanki--inaugurated-by-district-panchayat-president</link>
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                <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 18:06:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
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