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                <title>Ayushman Yojana - Amrit Vichar</title>
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                <description>Ayushman Yojana RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>उरई मेडिकल कॉलेज में बुजुर्ग मरीज का सफल हिप रिप्लेसमेंट, आयुष्मान योजना से मिला लाभ </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>जालौन। </strong>उत्तर प्रदेश के जालौन में मंगलवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में चिकित्सकों की टीम ने एक जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए 66 वर्षीय अली हसन को राहत प्रदान की है। प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि ग्राम काकसीस, जनपद जालौन निवासी अली हसन पिछले करीब छह महीनों से कूल्हे के गठिया (आर्थराइटिस) और 'नेक फीमर' में पुराने फ्रैक्चर से पीड़ित थे, जिससे उन्हें चलने-फिरने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। </p>
<p style="text-align:justify;">मरीज की स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ टीम ने 'सीमेंटेड टोटल हिप रिप्लेसमेंट' (कूल्हे का पूर्ण प्रत्यारोपण) सर्जरी करने का निर्णय लिया।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579502/successful-hip-replacement-for-elderly-patient-at-orai-medical-college--benefited-from-ayushman-scheme"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/cats157.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जालौन। </strong>उत्तर प्रदेश के जालौन में मंगलवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में चिकित्सकों की टीम ने एक जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए 66 वर्षीय अली हसन को राहत प्रदान की है। प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि ग्राम काकसीस, जनपद जालौन निवासी अली हसन पिछले करीब छह महीनों से कूल्हे के गठिया (आर्थराइटिस) और 'नेक फीमर' में पुराने फ्रैक्चर से पीड़ित थे, जिससे उन्हें चलने-फिरने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। </p>
<p style="text-align:justify;">मरीज की स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ टीम ने 'सीमेंटेड टोटल हिप रिप्लेसमेंट' (कूल्हे का पूर्ण प्रत्यारोपण) सर्जरी करने का निर्णय लिया। यह ऑपरेशन आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत किया गया, जिससे मरीज को निःशुल्क उपचार का लाभ मिला। इस जटिल ऑपरेशन को सहायक प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। उनके साथ डॉ. प्रांशु और डॉ. सलीम (जूनियर रेजिडेंट) ने सहयोग किया। </p>
<p style="text-align:justify;">एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी डॉ. सुनीत और उनकी टीम ने संभाली, जबकि नर्सिंग स्टाफ में सिस्टर वर्षा की अहम भूमिका रही। प्रधानाचार्य डॉ. त्रिवेदी ने बताया कि ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा है और मरीज की हालत अब स्थिर है। चिकित्सकों के अनुसार, उचित देखभाल और फिजियोथेरेपी के बाद मरीज जल्द ही सामान्य रूप से चलने-फिरने में सक्षम हो सकेगा। इस सफलता से मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाओं में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>जालौन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 14:47:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वास्थ्य सेवाओं में उत्तर प्रदेश बना देश में अग्रणी, 5.76 करोड़ इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड, डिजिटल हेल्थ में किया टॉप</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए देश में अग्रणी स्थान हासिल किया है। बीते नौ वर्षों में प्रदेश ने स्वास्थ्य ढांचे के साथ डिजिटल हेल्थ, आपात सेवाओं और मातृ-शिशु देखभाल में बड़े बदलाव किए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश में अब तक 5.76 करोड़ से अधिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किए जा चुके हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। माइक्रोसाइट प्रोजेक्ट के तहत 35 केंद्र संचालित हो रहे हैं, जहां 4.4 लाख से अधिक रिकॉर्ड पंजीकृत किए गए हैं। यूनिफाइड डिजीज सर्विलांस पोर्टल के जरिए रोगों की निगरानी और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576372/uttar-pradesh-leads-the-country-in-healthcare-services-with-57-6-million-electronic-health-records--leading-the-digital-health-sector"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(22)11.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए देश में अग्रणी स्थान हासिल किया है। बीते नौ वर्षों में प्रदेश ने स्वास्थ्य ढांचे के साथ डिजिटल हेल्थ, आपात सेवाओं और मातृ-शिशु देखभाल में बड़े बदलाव किए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश में अब तक 5.76 करोड़ से अधिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किए जा चुके हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। माइक्रोसाइट प्रोजेक्ट के तहत 35 केंद्र संचालित हो रहे हैं, जहां 4.4 लाख से अधिक रिकॉर्ड पंजीकृत किए गए हैं। यूनिफाइड डिजीज सर्विलांस पोर्टल के जरिए रोगों की निगरानी और नियंत्रण को भी मजबूत किया गया है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सुधार देखने को मिला है। गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा दी जा रही है, जबकि जननी सुरक्षा योजना से 13.5 लाख से अधिक लाभार्थी लाभान्वित हुए हैं। बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 8.79 लाख बच्चों का उपचार किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">आयुष्मान भारत योजना के तहत 9 करोड़ से अधिक लोगों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश में 6,213 अस्पतालों का नेटवर्क इस योजना से जुड़ा है, जो देश में सबसे बड़ा है। अब तक 13,353 करोड़ रुपये खर्च कर 81.55 लाख मरीजों का इलाज किया जा चुका है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और एम्बुलेंस सेवाओं ने भी अहम भूमिका निभाई है। 108 एम्बुलेंस सेवा से 4 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिला है, जबकि मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के जरिए 1.80 करोड़ मरीजों का उपचार किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश के सभी 75 जिलों में निःशुल्क डायलिसिस और सीटी स्कैन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। टेलीमेडिसिन के जरिए दूरदराज क्षेत्रों में भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं पहुंच रही हैं। इन प्रयासों से उत्तर प्रदेश न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में आत्मनिर्भर बना है, बल्कि देश के लिए एक मॉडल के रूप में उभरा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 10:26:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Hardoi News : हरदोई मेडिकल कॉलेज में पहली सफल नी-रिप्लेसमेंट सर्जरी, आयुष्मान योजना से मिला नया जीवन </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>हरदोई।</strong> उत्तर प्रदेश के हरदोई स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में आजादी के बाद पहली बार सफल घुटना प्रत्यारोपण (नी-रिप्लेसमेंट) सर्जरी की गई। यह जटिल ऑपरेशन आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क किया गया। जिस सर्जरी के लिए निजी अस्पतालों में करीब चार लाख रुपये का खर्च बताया जा रहा था, वही उपचार सरकारी मेडिकल कॉलेज में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। </p>
<p style="text-align:justify;">सुरसा थाना क्षेत्र के सर्रा गांव निवासी 68 वर्षीय धर्मवीर पिछले दो वर्षों से दोनों घुटनों के असहनीय दर्द से परेशान थे। घुटने पूरी तरह घिस जाने के कारण उनका चलना-फिरना लगभग असंभव हो गया था। परिजन उन्हें कई निजी अस्पतालों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/571751/hardoi-news--first-successful-knee-replacement-surgery-at-hardoi-medical-college--new-life-found-through-ayushman-yojana"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/cats168.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हरदोई।</strong> उत्तर प्रदेश के हरदोई स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में आजादी के बाद पहली बार सफल घुटना प्रत्यारोपण (नी-रिप्लेसमेंट) सर्जरी की गई। यह जटिल ऑपरेशन आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क किया गया। जिस सर्जरी के लिए निजी अस्पतालों में करीब चार लाख रुपये का खर्च बताया जा रहा था, वही उपचार सरकारी मेडिकल कॉलेज में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। </p>
<p style="text-align:justify;">सुरसा थाना क्षेत्र के सर्रा गांव निवासी 68 वर्षीय धर्मवीर पिछले दो वर्षों से दोनों घुटनों के असहनीय दर्द से परेशान थे। घुटने पूरी तरह घिस जाने के कारण उनका चलना-फिरना लगभग असंभव हो गया था। परिजन उन्हें कई निजी अस्पतालों में ले गए, जहां भारी खर्च बताए जाने के कारण उपचार संभव नहीं हो पा रहा था। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद परिजन हरदोई मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां ऑर्थोपेडिक विभाग के विशेषज्ञ डॉ. अविक राय और डॉ. विनीश वर्मा ने जांच के बाद घुटना प्रत्यारोपण को ही एकमात्र विकल्प बताया। मरीज को आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत भर्ती कर विशेषज्ञ टीम ने कई घंटे तक चली जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। यह मेडिकल कॉलेज और जिले-दोनों के इतिहास में पहला नी-रिप्लेसमेंट ऑपरेशन है। </p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. विनीश वर्मा ने बताया कि अब जिले के मरीजों को महंगे निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। सरकारी मेडिकल कॉलेज में आधुनिक तकनीक के साथ इस तरह की सर्जरी संभव है। सफल ऑपरेशन के बाद मरीज और उनके परिजनों ने डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ का आभार व्यक्त किया। यह उपलब्धि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>हरदोई</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 17:58:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Ayushman Yojana Scam: पुलिस ने मांगा अस्पतालों, अधिकारियों और कर्मचारी की सूची,  9.94 करोड़ के घोटाले की जांच शुरू </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span><span style="font-family:NewswrapWeb;">अमृत विचार: </span></strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">आयुष्मान योजना में 9.94 करोड़ के घोटाले की जांच हजरतगंज पुलिस ने शुरू कर दी है। इस मामले में स्टेट एजेंसी साचीज के तीन अधिकारियों के आईडी का दुरुपयोग किया गया। इसके माध्यम से 39 अस्पतालों को फर्जी तरीके से यह भुगतान किया गया। सारे भुगतान रात में किये गये। पुलिस ने जांच के लिए स्टेट एजेंसी साचीज से अस्पतालों की सूची मांगी है। ताकि उनके खातों की जांच कर लाभार्थियों को रुपये भेजे गये है कि नहीं इसका पता लगा सके। वहीं, साचीज के नोडल डॉ. ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव से ट्रांजेक्शन से संबंधित दस्तावेज, जिन तीन</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/541651/ayushman-yojana-scam--police-asked-for-the-list-of-hospitals--officers-and-employees--investigation-of-rs-9-94-crore-scam-started"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-06/2025-(5)9.png" alt=""></a><br /><p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span><span style="font-family:NewswrapWeb;">अमृत विचार: </span></strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">आयुष्मान योजना में 9.94 करोड़ के घोटाले की जांच हजरतगंज पुलिस ने शुरू कर दी है। इस मामले में स्टेट एजेंसी साचीज के तीन अधिकारियों के आईडी का दुरुपयोग किया गया। इसके माध्यम से 39 अस्पतालों को फर्जी तरीके से यह भुगतान किया गया। सारे भुगतान रात में किये गये। पुलिस ने जांच के लिए स्टेट एजेंसी साचीज से अस्पतालों की सूची मांगी है। ताकि उनके खातों की जांच कर लाभार्थियों को रुपये भेजे गये है कि नहीं इसका पता लगा सके। वहीं, साचीज के नोडल डॉ. ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव से ट्रांजेक्शन से संबंधित दस्तावेज, जिन तीन अफसरों की मेल आईडी प्रयोग रुपये ट्रांसफर करने में किया गया उनका ब्योरा, इसके अलावा एजेंसी में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची भी मांगी है।</span></p>
<p><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">पुलिस ने स्टेट एजेंसी द्वारा की गई जांच का भी डिटेल अफसरों से मांगी है। इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह के मुताबिक जल्द ही इस मामले में वादी और एजेंसी से जुड़े कई अन्य अफसरों के बयान दर्ज किए जाएंगे। इस संबंध में उन्हें नोटिस जारी की गई है। इस मामले में साचीज के नोडल अधिकारी डॉ. ब्रजेश श्रीवास्तव ने रिपोर्ट दर्ज कराया था। उन्होंने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान में नौ करोड़ 94 लाख रुपये के घोटाले की जानकारी देते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। एजेंसी के लेखाधिकारी, मैनेजर और सीईओ की आईडी का इसमें इस्तेमाल किया गया। किसी व्यक्ति ने तीनों की आईडी का दुरुपयोग करके 6239 लाभार्थियों के नाम से 39 चिकित्सालयों को भुगतान कर 9.94 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है।</span></span></p>
<p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">यह भी पढ़ेः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/541646/-sonam-is-the-mastermind-of-raja-raghuvanshi-murder-case--all-four-accused-confessed-their-crime---indore-police-made-a-big-revelation">'राजा रघुवंशी हत्याकांड की मास्टरमाइंड सोनम, चारों आरोपियों ने कबूला जुर्म', इंदौर पुलिस ने किया बड़ा खुलासा</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/541651/ayushman-yojana-scam--police-asked-for-the-list-of-hospitals--officers-and-employees--investigation-of-rs-9-94-crore-scam-started</link>
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                <pubDate>Wed, 11 Jun 2025 09:52:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ED Raid: झारखंड में ईडी की बड़ी कार्रवाई, आयुष्मान योजना में घोटाले को लेकर 21 जगहों पर की छापेमारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रांची।</strong> झारखंड में ईडी की टीम शुक्रवार की सुबह से राजधानी रांची में कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है। यह छापेमारी आयुष्मान भारत योजना में हुई गड़बड़ी मामले में की गयी है। ईडी की टीम सुबह से ही रांची के अशोक नगर, पीपी कंपाउंड, एदलहातू, बरियातू, लालपुर और चिरौंदी में छापेमारी कर रही है। </p>
<p>ज्ञातव्य है कि आयुष्मान भारत योजना में हुई गड़बड़ी के मामले में भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट (सीएजी) संसद में पेश की गयी थी। इसके बाद ईडी ने इसीआईआर दर्ज की थी। सीएजी की रिपोर्ट में झारखंड में आयुष्मान योजना में गड़बड़ी करने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/531489/ed-raid--big-action-by-ed-in-jharkhand--raids-conducted-at-21-places-regarding-scam-in-ayushman-yojana"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/ईडी-की-छापेमारी.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची।</strong> झारखंड में ईडी की टीम शुक्रवार की सुबह से राजधानी रांची में कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है। यह छापेमारी आयुष्मान भारत योजना में हुई गड़बड़ी मामले में की गयी है। ईडी की टीम सुबह से ही रांची के अशोक नगर, पीपी कंपाउंड, एदलहातू, बरियातू, लालपुर और चिरौंदी में छापेमारी कर रही है। </p>
<p>ज्ञातव्य है कि आयुष्मान भारत योजना में हुई गड़बड़ी के मामले में भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट (सीएजी) संसद में पेश की गयी थी। इसके बाद ईडी ने इसीआईआर दर्ज की थी। सीएजी की रिपोर्ट में झारखंड में आयुष्मान योजना में गड़बड़ी करने का उल्लेख किया गया था।</p>
<p>सीएजी की रिपोर्ट संसद में पेश होने और उसमें वर्णित तथ्यों के मद्देनजर ईडी ने स्वास्थ्य विभाग और झारखंड स्टेट हेल्थ सोसायटी से आयुष्मान योजना में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ की गयी कार्रवाई की जानकारी मांगी थी। जवाब में स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान योजना में हुई गड़बड़ी के मामले में कुछ अस्पतालों के खिलाफ दर्ज करायी गयी प्राथमिकी की सूचना ईडी को भेजी थी।ईडी ने इसी प्राथमिकी को इसीआईआर के रूप में दर्ज कर झारखंड में आयुष्मान घोटाले की जांच शुरू की थी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/531482/uproar-in-lok-sabha-over-sonia-gandhi-s-remarks-and-us--tariff---proceedings-adjourned-till-12-noon#gsc.tab=0">सोनिया गांधी की टिप्पणी और अमेरिकी ‘टैरिफ’ को लेकर लोकसभा में हंगामा, कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Apr 2025 11:52:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली: आयुष्मान योजना...कई महीनों से नहीं हुआ भुगतान, डॉक्टर और मरीज परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार:</strong> आयुष्मान योजना के तहत कई महीनों से भुगतान न होने से सिर्फ डॉक्टर परेशान नहीं हैं बल्कि सैकड़ों मरीजों को भी मुश्किल झेलनी पड़ रही है। पिछले चार महीनों में जिला अस्पताल स्थित आयुष्मान कार्यालय में तमाम ऐसे लोग पहुंचे हैं, जिनमें पात्र होने के बाद भी मरीजों को विभागीय प्रक्रिया पूरी न होने की वजह से गोल्डन कार्ड नहीं मिल पा रहा है।</p>
<p>आयुष्मान योजना के तहत डॉक्टरों को करीब छह महीने से भुगतान नहीं किया गया है। बरेली में ही डॉक्टरों का डेढ़ सौ करोड़ से ज्यादा का भुगतान लंबित बताया जा रहा है। काफी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/522131/bareilly-ayushmann-planner-has-not-paid-for-months-doctors-and"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/5645321231321.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार:</strong> आयुष्मान योजना के तहत कई महीनों से भुगतान न होने से सिर्फ डॉक्टर परेशान नहीं हैं बल्कि सैकड़ों मरीजों को भी मुश्किल झेलनी पड़ रही है। पिछले चार महीनों में जिला अस्पताल स्थित आयुष्मान कार्यालय में तमाम ऐसे लोग पहुंचे हैं, जिनमें पात्र होने के बाद भी मरीजों को विभागीय प्रक्रिया पूरी न होने की वजह से गोल्डन कार्ड नहीं मिल पा रहा है।</p>
<p>आयुष्मान योजना के तहत डॉक्टरों को करीब छह महीने से भुगतान नहीं किया गया है। बरेली में ही डॉक्टरों का डेढ़ सौ करोड़ से ज्यादा का भुगतान लंबित बताया जा रहा है। काफी समय से डॉक्टर भुगतान के लिए अलग-अलग माध्यम से शासन में अपनी आवाज पहुंचाने में जुटे हुए हैं। मंगलवार को आईएमए के बैनर तले शहर में मार्च निकालकर मुख्यमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन भी दे चुके हैं। प्रदेश के दूसरे जिलों में भी इसी तरह के प्रदर्शन किए जा रहे हैं।</p>
<p>अब तमाम मरीजों के लिए आयुष्मान योजना का लाभ मिलने पर ब्रेक लगने की नौबत है। दरअसल करीब साल भर पहले तक शासन के जिस पोर्टल पर पात्र लाभार्थी का ब्योरा अपलोड कर आयुष्मान कार्ड जारी किया जाता था, उसे अब शासन के स्तर पर ही अपडेट कर दिया गया है।</p>
<p>इस वजह से तमाम मामलों में शासन की ओर से जारी सूची से लाभार्थी की ओर से दी गई निजी जानकारी का मिलान नहीं हो पा रहा है। नतीजा यह है कि कार्ड जारी होने से पहले ही आपत्ति लगा दी जा रही है। जिले में ऐसे लाभार्थियों की संख्या अच्छी-खासी बताई जा रही है जो पात्र होने के बाद भी योजना के लाभ के लिए भटक रहे हैं।</p>
<p>आयुष्मान योजना के जिला समन्वयक डॉ. अनुराग गौतम ने बताया कि अगर किसी लाभार्थी को आपात स्थिति में कार्ड की आवश्यकता होती है या मरीज अस्पताल में भर्ती होता तो विभाग अपने स्तर से शासन से संपर्क कर आपत्तियां दूर करने के साथ तत्काल कार्ड निर्गत करने का प्रयास करता है। लेकिन जिस लाभार्थी के ब्योरे का 80 फीसदी से कम मिलान होता है, उसे इंतजार करना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/522121/this-colony-of-bareilly-became-a-seal-notice-know-the">बरेली की ये कॉलोनी हो गई सील, नोटिस किया चस्पा, जानें वजह</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Feb 2025 11:42:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vikas Babu]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शाहजहांपुर: आयुष्मान योजना से इलाज बंद करने की राह पर यूपी- डॉ. अग्रवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>शाहजहांपुर, अमृत विचार: </strong>आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पीके अग्रवाल ने कहा कि आयुष्मान योजना गरीबों के लिए बहुत अच्छी है, लेकिन अब इस योजना पर कुठारघात हो गया है। योजना के तहत गरीबों का इलाज करने वाले चिकित्सकों का करोड़ों रुपया सरकार पर बकाया चल रहा है। तरह-तरह की रिपोर्ट आदि मांगकर भुगतान लंबित किया जा रहा है। </p>
<p>भुगतान न होने की वजह कई अन्य प्रदेश आयुष्मान योजना से इलाज बंद कर चुके हैं। अब उत्तर प्रदेश भी इसी राह पर हैं। ऐसे तो यूपी में भी आयुष्मान योजना से इलाज बंद हो जाएगा। उन्होंने डिग्रीधारक चिकित्सकों के नाम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/510192/up-on-the-way-to-stop-treatment-from-shahjahanpur-ayushman"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/whatsapp-image-2024-12-08-at-15.39.19.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>शाहजहांपुर, अमृत विचार: </strong>आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पीके अग्रवाल ने कहा कि आयुष्मान योजना गरीबों के लिए बहुत अच्छी है, लेकिन अब इस योजना पर कुठारघात हो गया है। योजना के तहत गरीबों का इलाज करने वाले चिकित्सकों का करोड़ों रुपया सरकार पर बकाया चल रहा है। तरह-तरह की रिपोर्ट आदि मांगकर भुगतान लंबित किया जा रहा है। </p>
<p>भुगतान न होने की वजह कई अन्य प्रदेश आयुष्मान योजना से इलाज बंद कर चुके हैं। अब उत्तर प्रदेश भी इसी राह पर हैं। ऐसे तो यूपी में भी आयुष्मान योजना से इलाज बंद हो जाएगा। उन्होंने डिग्रीधारक चिकित्सकों के नाम पर वार्ड बॉय व अन्य अप्रशिक्षित लोगों की ओर से अस्पताल चलाने पर चिंता जताई और जनता से सावधान रहने का आह्वान किया।         </p>
<p>जिले से पहली बार डॉ. पीके अग्रवाल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष चुने गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने के बाद आईएमए ने रविवार को शाहजहांपुर क्लब में पत्रकार वार्ता व चिकित्सकों को पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया। शुभारंभ वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दीपा सक्सेना ने आईएमए की ईश प्रार्थना के साथ कराया। वरिष्ठ चिकित्सकों ने डॉ. पीके अग्रवाल को शाल ओढ़ाकर व माल्यार्पण कर सम्मानित किया। </p>
<p>आईएमए शाहजहांपुर के अध्यक्ष डॉ. एसके जैन की ओर से कार्यक्रम का विषय प्रवेश कराया गया। इसके बाद डॉ. यूडी कपूर, डॉ. बृजेंद्र सक्सेना, डॉ. विजय पाठक, डॉ. दीपा सक्सेना, डॉ. हिकमत उल्ला सिद्धिकी, डॉ. आनंद अग्रवाल, डॉ. विकास टंडन, डॉ. कल्पना अग्रवाल, डॉ. सीमा अग्रवाल, डॉ. मोहित मोहन व डॉ. सिद्धार्थ शुक्ला आदि ने अभिनंदन किया। डॉ. पीके अग्रवाल ने प्रदेश आईएमए के वरिष्ठ अधिवेशन में दिए गए पुरुस्कारों से सदस्यों को सम्मानित किया। शाखा शाहजहांपुर को मिला गोल्ड मेडल तालियों की गड़गड़ाहट के साथ अध्यक्ष डॉ. एसके जैन ने प्राप्त किया। ब्रांच को उत्कृष्ट कार्यों के लिये मिले पुरुस्कार सचिव डॉ. मोहित मोहन ने प्राप्त किया। </p>
<p><strong>मरीज-चिकित्सकों के बीच बढ़ता अविश्वास चिंता का विषय</strong><br />अपनी प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष ने चिकित्सकों व रोगियों के मध्य वढ़ते अविश्वास पर चिंता प्रकट की और कहा वह इसको समाप्त करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने बढ़ती हिंसात्मक घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की और कहा इसको रोकने के लिए भारत सरकार की कलम से कानून बनना चाहिये। उन्होंने चिकित्सकों का आह्वान किया कि वह पूरी निष्ठा व पारदर्शिता से अपने चिकित्सा धर्म का पालन करें और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने पर उसको जितना संभव हो सके वीडियोग्राफी करने की कोशिश करें, यही वीडियो न केवल समाज को सत्य बताएंगे बल्कि न्यायालय में भी सत्य का काम करेंगे। </p>
<p>चिकित्सकों ने कहा कि डॉ. पीके अग्रवाल इस जनपद से प्रदेश की जिम्मेदारी पाने वाले प्रथम अध्यक्ष हैं। फिर भी उनका प्रयास रहेगा कि भविष्य में चिकित्सा क्षेत्र में और प्रगति हो तथा लोगों को आसानी व्यवहारिक दरों पर प्राइवेट केंद्रों पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके। अंत में पूर्व अध्यक्ष डॉ. विजय पाठक ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए सभा का विसर्जन किया।</p>
<p><strong>अपने अस्पताल में गरीबों को निशुल्क दे रहे इलाज</strong><br />डॉ. पीके अग्रवाल ने कहा कि चिकित्सकों को समाज सेवा के कार्य भी करना चाहिए। उन्होंने अपने अस्पताल में कुछ बेड गरीबों के लिए आरक्षित कर दिए हैं। यहां इलाज कराने वाले मरीजों से अस्पताल का चार्ज नहीं लिया जाता है। उनसे सिर्फ दवाओं का पैसा लिया जाता है। वह 30 साल ने महानगर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके अपने अस्पताल में कोई विवाद नहीं हुआ। उन्होंने चिकित्सा को सेवा समझ कर कार्य किया। पैसे को महत्व कभी नहीं दिया। उन्होंने कहा कि आईएमए रिमोट एरिया के गांवों को गोद लेकर वहां के ग्रामीणों को निशुल्क बेहतर इलाज देने पर विचार कर रहा है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/510176/thieves-targeted-shahjahanpur-wedding-house-and-took-away-cash-and">शाहजहांपुर: शादी के घर को चोरों ने बनाया निशाना, साढ़े तीन लाख नकद व लाखों के जेवर लेकर चंपत</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>शाहजहाँपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/510192/up-on-the-way-to-stop-treatment-from-shahjahanpur-ayushman</link>
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                <pubDate>Sun, 08 Dec 2024 15:51:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vikas Babu]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देहरादून: आयुष्मान योजना: मरीजों की सुविधा के लिए अस्पतालों में बढ़ाए जाएंगे आयुष्मान मित्र, 10 मरीजों पर एक मित्र होगा नियुक्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार। </strong>प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने वाले मरीजों के लिए सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। अब, हर सूचीबद्ध अस्पताल में 10 मरीजों पर एक आयुष्मान मित्र नियुक्त किया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधा प्रदान करना और उन्हें आयुष्मान कार्ड के तहत इलाज कराने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करने देना है। </p>
<p>यह योजना 23 सितंबर 2018 से लागू हुई थी, जिसमें राज्य के सभी लोगों को पांच लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी गई है। अब तक, आयुष्मान कार्ड के लाभार्थियों का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/505388/dehradun-ayushman-yojana-ayushman-mitras-will-be-increased-in-hospitals"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/capture22.png" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार। </strong>प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने वाले मरीजों के लिए सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। अब, हर सूचीबद्ध अस्पताल में 10 मरीजों पर एक आयुष्मान मित्र नियुक्त किया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधा प्रदान करना और उन्हें आयुष्मान कार्ड के तहत इलाज कराने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करने देना है। </p>
<p>यह योजना 23 सितंबर 2018 से लागू हुई थी, जिसमें राज्य के सभी लोगों को पांच लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी गई है। अब तक, आयुष्मान कार्ड के लाभार्थियों का इलाज कराने के लिए अस्पतालों में एक ही आयुष्मान मित्र तैनात किया जाता था, लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने प्रत्येक अस्पताल में मरीजों की संख्या के हिसाब से आयुष्मान मित्रों की नियुक्ति बढ़ाने का निर्णय लिया है।</p>
<p><strong>आयुष्मान मित्र की भूमिका और ड्रेस कोड</strong><br />आयुष्मान मित्र अस्पतालों में इलाज कराने आए मरीजों की सहायता करेंगे। उनका मुख्य काम होगा कार्डधारक मरीजों को मार्गदर्शन देना और इलाज, दवाइयों या जांच से संबंधित प्रक्रियाओं में सहयोग करना। यदि किसी लाभार्थी का आयुष्मान कार्ड नहीं है, तो आयुष्मान मित्र उसे कार्ड बनवाने में भी मदद करेंगे। इसके साथ ही, यदि अस्पताल में आयुष्मान कार्ड धारकों के इलाज में कोई समस्या होती है या अस्पताल प्रबंधन मरीजों से पैसे मांगता है, तो आयुष्मान मित्र इसकी शिकायत भी कर सकते हैं। </p>
<p>इसके अलावा, आयुष्मान मित्रों के लिए एक ड्रेस कोड भी लागू किया जाएगा, ताकि वे आसानी से पहचान में आ सकें और मरीजों को उनकी सेवा का लाभ मिल सके।</p>
<p><strong>बड़े अस्पतालों में बेड आरक्षण</strong><br />अब तक, प्रदेश में आयुष्मान कार्ड के तहत **58 लाख लाभार्थियों** के कार्ड बनाए जा चुके हैं, और 12.5 लाख से अधिक मरीजों को मुफ्त इलाज मिल चुका है। इसके अलावा, बड़े अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों के इलाज के लिए 10 बेड आरक्षित किए जाएंगे**। इससे मरीजों को किसी आपातकालीन स्थिति में बेड की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। </p>
<p><strong>स्वास्थ्य मंत्री का बयान</strong><br />स्वास्थ्य मंत्री **डॉ. धन सिंह रावत** ने कहा कि आयुष्मान मित्र अस्पतालों में मरीजों का मार्गदर्शन और सहयोग करेंगे, ताकि मरीजों को इधर-उधर भटकने की जरूरत न पड़े। उन्होंने कहा कि 10 मरीजों पर एक आयुष्मान मित्र की नियुक्ति का निर्णय अस्पतालों में इलाज के बेहतर प्रबंधन के लिए लिया गया है।</p>
<p><strong>आयुष्मान योजना पर खर्च</strong><br />आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश सरकार अब तक **2542 करोड़ रुपये** खर्च कर चुकी है। इसके जरिए, राज्य के लाखों लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है, जिससे प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। </p>
<p>यह पहल आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल इलाज की प्रक्रिया को सरल बनाएगी, बल्कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराएगी।</p>
<p>यह भी पढ़ें - <a href="https://www.amritvichar.com/article/505380/dehradun-uttarakhands-preparations-for-the-38th-national-games-continue-in#gsc.tab=0">देहरादून: 38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए उत्तराखंड की तैयारियाँ जोर-शोर से जारी, 25 दिसंबर तक टेंडर की डेडलाइन</a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/505388/dehradun-ayushman-yojana-ayushman-mitras-will-be-increased-in-hospitals</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/505388/dehradun-ayushman-yojana-ayushman-mitras-will-be-increased-in-hospitals</guid>
                <pubDate>Mon, 11 Nov 2024 14:05:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: कुमाऊं के ये 13 अस्पताल हुए आयुष्मान योजना से बाहर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> आयुष्मान योजना से सम्बद्ध कुमाऊं के 13 अस्पतालों के पास फायर एनओसी नहीं होने की वजह से उन्हें सूची से हटा दिया गया है। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के रेडियोलॉजी यूनिट स्टोर में लगी आग के बाद स्वास्थ्य प्राधिकरण ने यह कार्रवाई की है। </p>
<p>राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के निदेशक डॉ. वीएस टोलिया ने इन सभी अस्पतालों को नोटिस जारी कर आयुष्मान कार्ड पर नए मरीजों के इलाज पर रोक लगा दी है। आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को निशुल्क स्वास्थ्य लाभ के लिए इस योजना में 293 सरकारी और निजी अस्पताल रजिस्टर्ड हैं, लेकिन इन सभी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/486070/these-13-hospitals-of-haldwani-kumaon-were-out-of-ayushman"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/images-10.webp" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> आयुष्मान योजना से सम्बद्ध कुमाऊं के 13 अस्पतालों के पास फायर एनओसी नहीं होने की वजह से उन्हें सूची से हटा दिया गया है। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के रेडियोलॉजी यूनिट स्टोर में लगी आग के बाद स्वास्थ्य प्राधिकरण ने यह कार्रवाई की है। </p>
<p>राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के निदेशक डॉ. वीएस टोलिया ने इन सभी अस्पतालों को नोटिस जारी कर आयुष्मान कार्ड पर नए मरीजों के इलाज पर रोक लगा दी है। आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को निशुल्क स्वास्थ्य लाभ के लिए इस योजना में 293 सरकारी और निजी अस्पताल रजिस्टर्ड हैं, लेकिन इन सभी अस्पतालों में से कई अस्पताल ऐसे हैं जिनके पास अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं है। ऐसे में इन सभी अस्पतालों को स्वास्थ्य प्राधिकरण में नोटिस जारी करते हुए इन अस्पतालों के सूचीबद्धता को अस्थायी रूप से निरस्त कर दिया है।<br /><br /><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>कुमाऊं के इन अस्पतालों की सूचीबद्धता हुई निरस्त</strong></span></p>
<p><br /><span style="color:rgb(248,6,6);background-color:rgb(251,238,184);"><em>1-कृष्णा हास्पिटल एंड क्रिटिकल केयर सेंटर, यूएसनगर</em></span><br /><span style="color:rgb(248,6,6);background-color:rgb(251,238,184);"><em>2-महाजन हास्पिटल, रुद्रपुर</em></span><br /><span style="color:rgb(248,6,6);background-color:rgb(251,238,184);"><em>3-महाराजा अग्रसेन चेरिटेबल हास्पिटल, रुद्रपुर</em></span><br /><span style="color:rgb(248,6,6);background-color:rgb(251,238,184);"><em>4-श्रीराम आईकेयर एंड नर्सिंग होम, रुद्रपुर</em></span><br /><span style="color:rgb(248,6,6);background-color:rgb(251,238,184);"><em>5-स्पर्श हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, खटीमा</em></span><br /><span style="color:rgb(248,6,6);background-color:rgb(251,238,184);"><em>6-देवकीनंद हास्पिटल, काशीपुर</em></span><br /><span style="color:rgb(248,6,6);background-color:rgb(251,238,184);"><em>7-पैगिया हास्पिटल, काशीपुर</em></span><br /><span style="color:rgb(248,6,6);background-color:rgb(251,238,184);"><em>8-प्रयास हास्पिटल, खटीमा</em></span><br /><span style="color:rgb(248,6,6);background-color:rgb(251,238,184);"><em>9-सहोता सुपरस्पेशियलिटी एंड न्यूरो ट्रामा सेंटर, यूएसनगर</em></span><br /><span style="color:rgb(248,6,6);background-color:rgb(251,238,184);"><em>10-आनंद हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, खटीमा</em></span><br /><span style="color:rgb(248,6,6);background-color:rgb(251,238,184);"><em>11-डॉ. टूरना सर्जिकल हास्पिटल, सितारगंज</em></span><br /><span style="color:rgb(248,6,6);background-color:rgb(251,238,184);"><em>12-स्वास्तिक हास्पिटल , काशीपुर</em></span><br /><span style="color:rgb(248,6,6);background-color:rgb(251,238,184);"><em>13-तपन हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर खटीमा</em></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Aug 2024 17:17:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली: 225 से ज्यादा अस्पताल होंगे आयुष्मान योजना से बाहर, आईएमए ने कहा- इस आदेश से...</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> आयुष्मान योजना में सरकार के छोटे अस्पतालों पर बड़े अस्पतालों को तरजीह देने से जिले के ऐसे करीब सवा दो सौ अस्पतालों के योजना के दायरे से बाहर निकलना तय हो गया है, जिनमें सौ से कम बेड हैं। आईएमए ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।</p>
<p>सरकार के नए आदेश के बाद आठ फरवरी को उन्हीं अस्पतालों को इस योजना से संबद्ध रखा जाएगा जिनमें सौ से ज्यादा बेड होंगे और स्वास्थ्य विभाग में जिनका पंजीकरण तीन साल या उससे ज्यादा समय से होगा।जिले में फिलहाल आयुष्मान योजना में 240 अस्पताल सूचीबद्ध हैं, इनमें 180 निजी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/447942/more-than-225-hospitals-in-bareilly-will-be-out-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-03/image-demo---2024-03-03t191445.193.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> आयुष्मान योजना में सरकार के छोटे अस्पतालों पर बड़े अस्पतालों को तरजीह देने से जिले के ऐसे करीब सवा दो सौ अस्पतालों के योजना के दायरे से बाहर निकलना तय हो गया है, जिनमें सौ से कम बेड हैं। आईएमए ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।</p>
<p>सरकार के नए आदेश के बाद आठ फरवरी को उन्हीं अस्पतालों को इस योजना से संबद्ध रखा जाएगा जिनमें सौ से ज्यादा बेड होंगे और स्वास्थ्य विभाग में जिनका पंजीकरण तीन साल या उससे ज्यादा समय से होगा।जिले में फिलहाल आयुष्मान योजना में 240 अस्पताल सूचीबद्ध हैं, इनमें 180 निजी और 60 सरकारी अस्पताल हैं। इनमें सौ बेड से ज्यादा वाले अस्पतालों की संख्या बमुश्किल 15 ही है। इससे साफ है कि नया आदेश लागू होने के बाद सवा दो सौ से ज्यादा अस्पताल योजना से बाहर हो जाएंगे।</p>
<p>आईएमए सचिव डॉ. गौरव गर्ग का कहना है कि इस आदेश से छोटे अस्पतालों के साथ मरीज भी प्रभावित होंगे। नाक, कान गला या आंख जैसे कुछ अस्पताल एक डॉक्टर ही चलाता है और उनमें सौ बेड नहीं होते। नए आदेश से बड़े अस्पतालों को ही फायदा होगा। इसलिए इसे बदला जाना चाहिए।</p>
<p>जिले में अब तक आयुष्मान योजना से संबद्ध रहे सौ से ज्यादा बेड वाले अस्पताल दस से ज्यादा हैं। नए आदेश के तहत अब सौ से कम बेड और तीन साल से कम पंजीकरण वाले अस्पतालों को योजना से नहीं जोड़ा जाएगा <strong>- डॉ. अनुराग गौतम, जिला समन्यवक आयुष्मान योजना।</strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <span style="color:rgb(186,55,42);"><a class="post-title" style="color:rgb(186,55,42);" href="https://www.amritvichar.com/article/447860/bareilly-news-two-cars-collide-head-on-former-student-union">Bareilly News: दो कारों की आमने सामने से भिड़ंत...पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष 'नीटू' और माल बाबू गंभीर रूप से घायल</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 Mar 2024 20:47:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishal Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ : आयुष्मान योजना के पांच साल पूरे होने पर बोले डिप्टी सीएम, कहा- इलाज के लिए गरीबों को अब नहीं बेचना पड़ता खेत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> एक समय था जब गरीबों को इलाज नहीं मिलता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों के बेहतर इलाज के लिए आयुष्मान भारत योजना की शुरूआत कर जरूरतमंदों को बड़ी राहत पहुंचाई है। पांच साल पहले शुरू हुई इस योजना से गरीबों और जरूरतमंदों को इलाज मिल रहा है। यह कहना है उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का। वह शुक्रवार को हजरतगंज स्थित एक निजी होटल में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आयोजित आयुष्मान संवाद उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा उत्कृष्टता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">डिप्टी सीएम ने कहा कि इलाज के लिए गरीबों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/398150/on-completion-of-five-years-of-lucknow-ayushman-yojana-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-08/डॉ.-राजेश-हर्षवर्घन.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> एक समय था जब गरीबों को इलाज नहीं मिलता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों के बेहतर इलाज के लिए आयुष्मान भारत योजना की शुरूआत कर जरूरतमंदों को बड़ी राहत पहुंचाई है। पांच साल पहले शुरू हुई इस योजना से गरीबों और जरूरतमंदों को इलाज मिल रहा है। यह कहना है उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का। वह शुक्रवार को हजरतगंज स्थित एक निजी होटल में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आयोजित आयुष्मान संवाद उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा उत्कृष्टता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">डिप्टी सीएम ने कहा कि इलाज के लिए गरीबों को अब खेत और गहने नहीं बेचने पड़ते। बल्कि आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख रूपये का कवर गरीबों को गुणवत्तापूर्ण इलाज के लिए राह आसान कर रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरे देश में अभी तक 10.74 करोड़ से अधिक जो कमजोर पात्र परिवार (लगभग 50 करोड़ लाभार्थी) इस योजना से लाभान्वित हुए है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने एसजीपीजीआई स्थित अस्पताल प्रशासन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश हर्षवर्धन को सम्मानित किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>एसजीपीजीआई में आयुष्मान योजना के सफल संचालन के लिए मिला सम्मान</strong></p>
<p style="text-align:justify;">संजय गाँधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई ) में यह कार्यक्रम साल 2019 में शुरू हुआ था, लेकिन उस समय में आयुष्मान योजना को एसजीपीजीआई में शुरू कराना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन उस चुनौती को स्वीकार करने का निश्चय एसजीपीजीआई स्थित अस्पताल प्रशासन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.राजेश हर्षवर्धन ने किया। दरअसल, एसजीपीजीआई जैसे बड़े संस्थान में आयुष्मान योजना को लागू कराना चुनौतीपूर्ण इसलिए भी था कि यहां पर कैशलेश इलाज की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। पैसा जमा करने के बाद ही इलाज शुरू होता था, लेकिन आयुष्मान योजना के तहत मरीज का कोई भी शुल्क जमा नहीं होना था, बल्कि पांच लाख रुपये तक का इलाज कैशलेश होना था। उसके बाद इलाज में लगे खर्च के भुगतान के लिए संबंधित विभाग को पूरा ब्यौरा भेजना और खर्च प्राप्त करना शामिल था।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके लिए एबीपीएमजेएवाई के नोडल अधिकारी डॉ.राजेश हर्षवर्धन ने एसजीपीजीआई में वर्चुअल सिस्टम की एक ऐसी व्यवस्था दी। जिससे आयुष्मान योजना का लाभ मरीजों को मिलना शुरू हुआ है। पहले मरीज को लाभ दिलाने के लिए पूरी रात प्रो.राजेश हर्षवर्धन को जागना पड़ा था, कांउटर पर बैठकर उन्होंने आयुष्मान योजना के लिए काम किया। जिसका लाभ लगातार मरीजों को मिलता आ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम में एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो. आरके. धीमान समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.amritvichar.com/article/398104/van-driver-attacked-with-an-ax-in-lucknow-nagram-died#gsc.tab=0">लखनऊ : नगराम में वैन ड्राइवर पर कुल्हाड़ी से हमला, मौत</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/398150/on-completion-of-five-years-of-lucknow-ayushman-yojana-the</link>
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                <pubDate>Fri, 25 Aug 2023 19:21:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली: लाभार्थियों को नए पीवीसी आयुष्मान कार्ड वितरण शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> शासन ने आयुष्मान कार्ड का स्वरूप बदल दिया है। अब लाभार्थियों को नए पीवीसी कार्ड जारी किए गए हैं। प्रथम चरण में 1.61 लाख लाभार्थियों को नए कार्ड दिए जाएंगे। इसके बाद सभी लाभार्थियों को जारी किए जाएंगे।</p>
<p>आयुष्मान योजना के जिला समन्वयक डॉ. अनुराग अग्रवाल के मुताबिक योजना के तहत इलाज देने में प्रदेश में बरेली पहले स्थान पर है। अब गोल्डन कार्ड बनाने में भी प्रदेश में 15वां स्थान मिला है। वहीं नये पीवीसी कार्ड भी लाभार्थियों को वितरित किए जा रहे हैं। ये डेबिट कार्ड की तरह दिखने वाले कार्ड हैं। पहले लाभार्थियों को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/394436/new-pvc-ayushman-card-distribution-started-to-bareilly-beneficiaries"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-08/image-demo---2023-08-10t195538.929.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> शासन ने आयुष्मान कार्ड का स्वरूप बदल दिया है। अब लाभार्थियों को नए पीवीसी कार्ड जारी किए गए हैं। प्रथम चरण में 1.61 लाख लाभार्थियों को नए कार्ड दिए जाएंगे। इसके बाद सभी लाभार्थियों को जारी किए जाएंगे।</p>
<p>आयुष्मान योजना के जिला समन्वयक डॉ. अनुराग अग्रवाल के मुताबिक योजना के तहत इलाज देने में प्रदेश में बरेली पहले स्थान पर है। अब गोल्डन कार्ड बनाने में भी प्रदेश में 15वां स्थान मिला है। वहीं नये पीवीसी कार्ड भी लाभार्थियों को वितरित किए जा रहे हैं। ये डेबिट कार्ड की तरह दिखने वाले कार्ड हैं। पहले लाभार्थियों को कागज के कार्ड जारी किए जाते थे।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <span style="color:rgb(186,55,42);"><a class="post-title" style="color:rgb(186,55,42);" href="https://www.amritvichar.com/article/394393/nurses-are-the-backbone-of-our-health-system-%E2%80%93-dr">नर्सेज हमारे स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ की हड्डी हैं- डॉ. केशव अग्रवाल</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/394436/new-pvc-ayushman-card-distribution-started-to-bareilly-beneficiaries</link>
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                <pubDate>Fri, 11 Aug 2023 01:18:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishal Singh]]></dc:creator>
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