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                <title>illegal construction - Amrit Vichar</title>
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                <description>illegal construction RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>UP: सौंधन किले से अतिक्रमण हटाने को गरजा बुलडोजर, चार मकान ध्वस्त, 35 और जद में</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>संभल/सौंधन।</strong> ऐतिहासिक महत्व के सौंधन किले को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने अब सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। रविवार को डीएम राजेंद्र पैंसिया के निर्देश पर बुलडोजर कार्रवाई कर किले परिसर में अवैध रूप से बनाए गए चार मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया, जबकि कई अन्य मकान मालिकों ने खुद ही अपने निर्माण हटाने शुरू कर दिए। कुल 35 मकान कार्रवाई की जद में हैं। किले का कुल क्षेत्रफल लगभग 3600 वर्ग मीटर है।</p>
<p>रविवार सुबह हल्का लेखपाल नीरज कुमार और कानूनगो राजस्व टीम के साथ सौंधन किला परिसर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580081/bulldozer-roars-to-clear-encroachments-at-saundhan-fort--four-houses-demolished--35-more-in-the-crosshairs"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/bul4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>संभल/सौंधन।</strong> ऐतिहासिक महत्व के सौंधन किले को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने अब सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। रविवार को डीएम राजेंद्र पैंसिया के निर्देश पर बुलडोजर कार्रवाई कर किले परिसर में अवैध रूप से बनाए गए चार मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया, जबकि कई अन्य मकान मालिकों ने खुद ही अपने निर्माण हटाने शुरू कर दिए। कुल 35 मकान कार्रवाई की जद में हैं। किले का कुल क्षेत्रफल लगभग 3600 वर्ग मीटर है।</p>
<p>रविवार सुबह हल्का लेखपाल नीरज कुमार और कानूनगो राजस्व टीम के साथ सौंधन किला परिसर पहुंचे। टीम ने किले के अंदर अवैध रूप से मकान बनाकर रहे लोगों को मकान खाली करने के निर्देश दिए। कुछ ही देर में बुलडोजर भी पहुंच गया। बुलडोजर को देख कई लोग सामान निकालने लगे और कुछ ने स्वयं ही निर्माण तोड़ना शुरू कर दिया। वहीं चार मकानों को प्रशासन ने बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान कुछ मकान स्वामियों ने विरोध जताया। उनका कहना था कि यदि उन्हें पहले से कार्रवाई के बारे में सूचना दी जाती तो वे खुद ही अतिक्रमण हटा लेते। </p>
<p>हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि पूर्व में कई बार मौखिक और लिखित रूप से चेतावनी दी जा चुकी थी। सूचना मिलने पर सौंधन चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई। राजस्व अधिकारियों का कहना है कि किले के भीतर लगभग 35 मकान बने हुए हैं, जो अतिक्रमण की जद में हैं। इन सभी को चिन्हित कर लिया गया है और चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना तैयार की गई है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्थिति में किले परिसर में अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</p>
<p>गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को डीएम और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने किले का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उसी क्रम में रविवार को अभियान की शुरुआत की गई।</p>
<p><strong>प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी</strong><br />सौंधन किले का सौंदर्यीकरण कार्य पहले ही पूर्ण हो चुका है। प्रशासन अब इसे पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कर भव्य स्वरूप देना चाहता है। योजना के तहत किले को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी है, जिससे न केवल क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान मजबूत होगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। प्रशासन का मानना है कि अतिक्रमण हटने के बाद किले की वास्तविक भव्यता सामने आएगी और यहां पर्यटकों का आकर्षण भी बढ़ेगा।</p>
<p><strong>सौंधन किले के सौंदर्यीकरण को लेकर कब क्या हुआ</strong><br />5 जनवरी 2025 को डीएम राजेंद्र पैंसिया ने सौंधन किले का पहली बार निरीक्षण किया। उस समय किला जर्जर अवस्था में मिला, जिसके बाद संरक्षण और मरम्मत के निर्देश दिए गए। जून 2025 में एएसआई द्वारा सौंधन किले के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू कराया गया। कार्य के लिए राजस्थान और झांसी से कारीगर बुलाए गए, जिन्होंने किले की संरचना को नया रूप दिया।. 16 फरवरी 2026 में किले का मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण कार्य पूर्ण कर लिया गया। इस पर करीब 29 लाख रुपये की लागत आई।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>संभल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 10:09:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: बड़ा खुलासा...100 साल पुराने नक्शों ने बिगाड़ा कई रसूखदारों का खेल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> सीएम ग्रिड योजना के तहत कोहाड़ापीर से जीआरएम स्कूल तक सड़क चौड़ीकरण ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। अतिक्रमण की गुत्थी सुलझाने के लिए जब नगर निगम ने 1920 के शहरी रिकॉर्ड और 1936 के राजस्व मानचित्रों के पन्ने पलटे, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दशकों पुराने इन दस्तावेजों से मिलान करने पर पता चला कि वर्तमान में सड़क पर खड़ी कई आलीशान इमारतें और दुकानें असल में सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाई गई हैं।</p>
<p>अधिकारियों के मुताबिक सर्वे में सबसे हैरान करने वाली बात यह निकलकर सामने आई है कि जीआरएम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579472/major-revelation----100-year-old-maps-upset-the-game-for-several-influential-figures"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/bul3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> सीएम ग्रिड योजना के तहत कोहाड़ापीर से जीआरएम स्कूल तक सड़क चौड़ीकरण ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। अतिक्रमण की गुत्थी सुलझाने के लिए जब नगर निगम ने 1920 के शहरी रिकॉर्ड और 1936 के राजस्व मानचित्रों के पन्ने पलटे, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दशकों पुराने इन दस्तावेजों से मिलान करने पर पता चला कि वर्तमान में सड़क पर खड़ी कई आलीशान इमारतें और दुकानें असल में सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाई गई हैं।</p>
<p>अधिकारियों के मुताबिक सर्वे में सबसे हैरान करने वाली बात यह निकलकर सामने आई है कि जीआरएम के सामने बीडीए से विधिवत नक्शा पास करा चुके भवन भी अवैध निर्माण की जद में हैं। कई भवनों का निर्माण स्वीकृत मानचित्र के दायरे से बाहर सड़क क्षेत्र तक फैल गया है। इतना ही नहीं, विकास प्राधिकरण की ओर से खुद बेचे गए कुछ प्लॉट और दुकानों के हिस्से भी पुराने रिकॉर्ड के आधार पर अतिक्रमण की श्रेणी में पाए गए हैं, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, इस विसंगति ने प्रशासन और संपत्ति स्वामियों के बीच असमंज की स्थिति पैदा कर दी है।</p>
<p>इस प्रोजेक्ट में जीआरएम स्कूल का हिस्सा भी बाधा बना हुआ है। इसको लेकर सभी की निगाहें आज यानी मंगलवार शाम चार बजे होनी वाली बैठक पर टिकी हैं। यह बैठक अपर नगर आयुक्त कार्यालय में बुलाई गई है। इस बैठक में तय होगा कि शहर के विकास के लिए सड़क को चौड़ा करने और मौजूदा निर्माणों के बीच कैसे तालमेल बिठाया जाए, ताकि सीएम ग्रिड योजना परवान चढ़ सके। अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार राठी के अनुसार, सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को साक्ष्यों और रिकॉर्ड के साथ तलब किया गया है। इस बैठक में तय होगा कि अवैध निर्माण को ढहाने के लिए बुलडोजर कब चलेगा और प्रोजेक्ट को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए क्या रणनीति अपनाई जाएगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 14:16:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP: मस्जिद का 25 प्रतिशत हिस्सा टूटना बाकी...सरकारी भूमि पर किया था अवैध निर्माण</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>संभल, अमृत विचार।</strong> जनपद के असमोली थाना क्षेत्र के मुबारकपुर बंद गांव में सरकारी भूमि पर किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। शनिवार को डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी की मौजूदगी में मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार को गिराने के बाद मस्जिद भवन को तोड़ने का काम देर शाम तक चलता रहा।</p>
<p>अब तक मस्जिद परिसर का बड़ा हिस्सा ध्वस्त कर दिया गया है। हालांकि अभी करीब 25 प्रतिशत निर्माण शेष है, जिसे रविवार या सोमवार तक हटाए जाने की संभावना है। 28 मार्च को राजस्व विभाग द्वारा भूमि की पैमाइश के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579225/25-percent-of-mosque-yet-to-be-demolished----illegal-construction-had-been-erected-on-government-land"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/tyu.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>संभल, अमृत विचार।</strong> जनपद के असमोली थाना क्षेत्र के मुबारकपुर बंद गांव में सरकारी भूमि पर किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। शनिवार को डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी की मौजूदगी में मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार को गिराने के बाद मस्जिद भवन को तोड़ने का काम देर शाम तक चलता रहा।</p>
<p>अब तक मस्जिद परिसर का बड़ा हिस्सा ध्वस्त कर दिया गया है। हालांकि अभी करीब 25 प्रतिशत निर्माण शेष है, जिसे रविवार या सोमवार तक हटाए जाने की संभावना है। 28 मार्च को राजस्व विभाग द्वारा भूमि की पैमाइश के बाद यह स्पष्ट हुआ था कि गांव में गाटा संख्या 630, जो खेल के मैदान के लिए दर्ज है, उसके 0.126 हेक्टेयर हिस्से पर मदरसा और मस्जिद का निर्माण किया गया था। </p>
<p>इसके अलावा गाटा संख्या 623, जो खाद के गड्ढे के रूप में दर्ज है, उसके करीब 540 वर्ग मीटर क्षेत्र में मदरसा, मस्जिद और पांच दुकानों का निर्माण पाया गया। पैमाइश के बाद 31 मार्च से ही मुस्लिम समुदाय द्वारा निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। इसके बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए शुक्रवार को हाइड्रा मशीनों की मदद से मस्जिद की मीनार को गिरा दिया और फिर बुलडोजर से अन्य निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कराई। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि पूरे अवैध निर्माण को हटाकर जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाएगा और बाद में इसे लैंड बैंक में शामिल किया जाएगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>संभल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 10:07:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP: सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद-मदरसा जमींदोज, संभल के मुबारकपुर बंद चला बुलडोजर </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>संभल/ओबरी। </strong>संभल जनपद में सरकारी जमीनों पर अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन का अभियान लगातार तेज हो रहा है। बिछौली गांव में इमामबाड़ा और ईदगाह पर कार्रवाई के बाद शुक्रवार को असमोली थाना क्षेत्र के मुबारकपुर बंद गांव में मदरसे और मस्जिद पर ताबड़तोड़ बुलडोजर एक्शन किया गया। कार्रवाई के दौरान करीब 40 फीट ऊंची मीनार को गिरा दिया गया, जबकि मस्जिद के शेष ढांचे को भी ध्वस्त कर दिया गया।</p>
<p>राजस्व प्रशासन की टीम सुबह करीब 8:30 बजे नायब तहसीलदार और राजस्व कर्मियों के साथ भारी पुलिस बल लेकर गांव पहुंची। सबसे पहले सरकारी भूमि पर बने मदरसे को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579189/mosque-and-madrasa-built-on-government-land-demolished--bulldozer-action-taken-in-sambhal-s-mubarakpur"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/buld.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>संभल/ओबरी। </strong>संभल जनपद में सरकारी जमीनों पर अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन का अभियान लगातार तेज हो रहा है। बिछौली गांव में इमामबाड़ा और ईदगाह पर कार्रवाई के बाद शुक्रवार को असमोली थाना क्षेत्र के मुबारकपुर बंद गांव में मदरसे और मस्जिद पर ताबड़तोड़ बुलडोजर एक्शन किया गया। कार्रवाई के दौरान करीब 40 फीट ऊंची मीनार को गिरा दिया गया, जबकि मस्जिद के शेष ढांचे को भी ध्वस्त कर दिया गया।</p>
<p>राजस्व प्रशासन की टीम सुबह करीब 8:30 बजे नायब तहसीलदार और राजस्व कर्मियों के साथ भारी पुलिस बल लेकर गांव पहुंची। सबसे पहले सरकारी भूमि पर बने मदरसे को बुलडोजर से ढहाया गया। इसके बाद मस्जिद परिसर को खाली कराया गया और अंदर रखे धार्मिक सामान को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया पूरी कराई गई। इसके पश्चात मस्जिद पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया, पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसडीएम निधि पटेल और तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरे अभियान की निगरानी करते रहे।</p>
<p>मस्जिद की मीनार को गिराने के लिए प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती। पहले एक व्यक्ति को मीनार पर चढ़ाकर रस्सी बांधी गई, जिसके बाद दो बुलडोजर और दो हाइड्रा मशीनों की मदद से मीनार को नियंत्रित तरीके से गिराया गया। दूसरी ओर दो बुलडोजर मस्जिद के मुख्य ढांचे को तोड़ने में लगाए गए। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के मकानों को एहतियातन खाली कराया गया। गांव में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पीएसी, रैपिड रिएक्शन फोर्स और दो थानों की पुलिस तैनात की गई। इसके अलावा पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरों से भी की गई।<br />पैमाइश में खुला था सरकारी जमीन पर मस्जिद-मदरसा बनाने का खेल</p>
<p>संभल। 28 मार्च को प्रशासन द्वारा 1150 वर्ग मीटर सरकारी भूमि की पैमाइश कराई गई थी, जिसमें करीब 700 वर्ग मीटर क्षेत्र में मदरसा, मस्जिद, पांच दुकानें और एक मकान बना पाया गया था। इसके बाद संबंधित पक्ष को 15 दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया गया था।</p>
<p>नोटिस के बाद मदरसे और दुकानों के कुछ हिस्सों को संबंधित लोगों द्वारा स्वयं ही हटाया गया, लेकिन शेष निर्माण को हटाने के लिए प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी पड़ी। ग्रामीणों की ओर से भी अवैध निर्माण हटाने के लिए अपने स्तर से मशीन लगाने की मांग की गई थी। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई राजस्व अभिलेखों और न्यायालयीय आदेशों के आधार पर की जा रही है। जिलाधिकारी राजेंद्र पैंसिया ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी इसी प्रकार अभियान जारी रहेगा।</p>
<p><strong>कड़ी सुरक्षा में चला ध्वस्तीकरण, तीन थानों की फोर्स तैनात</strong></p>
<p>जनपद संभल के मुबारकपुर बंद गांव में सरकारी जमीन पर बने मस्जिद, मदरसा, दुकानों और मकान को हटाने की कार्रवाई से पहले प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। कार्रवाई शुरू होने से पहले ही गांव में तीन थानों की पुलिस के साथ पीएसी और रैपिड रिएक्शन फोर्स के जवानों की तैनाती कर दी गई थी। जिस स्थान पर बुलडोजर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही थी, वहां आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई, ताकि कोई दुर्घटना या अव्यवस्था न हो। </p>
<p>प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के मकानों की छतों पर भी पुलिसकर्मियों को तैनात किया था, जिससे पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जा सके। इसके साथ ही संवेदनशील बिंदुओं पर अतिरिक्त फोर्स लगाकर स्थिति को नियंत्रण में रखा गया। अधिकारियों का कहना है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए यह एहतियाती कदम उठाए गए। प्रशासन पूरे समय हालात पर नजर बनाए रहा और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होने दी।</p>
<p><strong>स्कूल की छुट्टी कर दी, बिजली आपूर्ति भी कराई गई बंद</strong><br />मुबारकपुर बंद गांव में मस्जिद पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आसपास के स्कूलों की छुट्टी कराई गई और बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी गई, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। बताया गया कि जिस स्थान पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होनी थी, उसके दोनों ओर सरकारी स्कूल स्थित हैं। सुबह के समय स्कूलों में नियमित रूप से कक्षाएं चल रही थीं और बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। </p>
<p>ऐसे में प्रशासन ने स्थिति का आकलन करते हुए दोपहर में कार्रवाई शुरू होने से पहले ही स्कूलों की छुट्टी कराकर सभी बच्चों को सुरक्षित घर भेज दिया। इसके साथ ही क्षेत्र से गुजर रही बिजली लाइन की आपूर्ति भी अस्थायी रूप से बंद करा दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि हाईटेंशन लाइन चालू रहती तो बुलडोजर कार्रवाई के दौरान किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रह सकती थी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाए गए, ताकि कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि या दुर्घटना से बचा जा सके ।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>संभल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579189/mosque-and-madrasa-built-on-government-land-demolished--bulldozer-action-taken-in-sambhal-s-mubarakpur</link>
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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 08:39:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: बरेली विकास प्राधिकरण ने तुलाशेरपुर में अवैध बरातघर किया सील</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने बुधवार को तुलाशेरपुर में अवैध निर्माण पर रमा पैलेस बरातघर को सील कर दिया।</p><p>बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकन्डन ए के निर्देश पर सहायक अभियंता गजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में अवर अभियंता अजीत कुमार साहनी ने अवैध निर्माण को सील करने की कार्रवाई की। पीलीभीत रोड स्थित तुलाशेरपुर में रमा गंगवार पत्नी कामता प्रसाद गंगवार ने करीब 670 वर्गमीटर क्षेत्रफल में रमा पैलेस बरातघर का निर्माण कराया। </p><p>आरोप है कि उपरोक्त स्थल पर बिना बीडीए की स्वीकृति के अनधिकृत निर्माण कराया गया। इस पर बरातघर सील करने की कार्रवाई की गयी। बीडीए ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578850/the-bareilly-development-authority-has-sealed-a-wedding-hall-in-tulasherpur-for-illegal-construction"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/barat.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने बुधवार को तुलाशेरपुर में अवैध निर्माण पर रमा पैलेस बरातघर को सील कर दिया।</p><p>बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकन्डन ए के निर्देश पर सहायक अभियंता गजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में अवर अभियंता अजीत कुमार साहनी ने अवैध निर्माण को सील करने की कार्रवाई की। पीलीभीत रोड स्थित तुलाशेरपुर में रमा गंगवार पत्नी कामता प्रसाद गंगवार ने करीब 670 वर्गमीटर क्षेत्रफल में रमा पैलेस बरातघर का निर्माण कराया। </p><p>आरोप है कि उपरोक्त स्थल पर बिना बीडीए की स्वीकृति के अनधिकृत निर्माण कराया गया। इस पर बरातघर सील करने की कार्रवाई की गयी। बीडीए ने आम जन को सचेत किया है कि संपत्ति खरीदते समय विक्रेता से मानचित्र स्वीकृति संबंधी अभिलेख मांग कर यह संतुष्टि कर लें कि संपत्ति नियमानुसार प्राधिकरण से स्वीकृत है या नहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 06:09:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी से खलबली, सरकारी जमीन पर निर्माण करने वालों की सांसें अटकीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> मेरठ के शास्त्री नगर में 859 अवैध निर्माणों को ढहाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने बरेली प्रशासन को भी आइना दिखा दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सेटबैक में हुए निर्माणों को किसी भी कीमत पर नियमित नहीं किया जा सकता। बरेली में भी ऐसी ही स्थिति कई प्रमुख इलाकों में बनी हुई है। हालांकि नगर निगम और बीडीए ने तमाम जगहों पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाकर ध्वस्तीकरण किया है।</p>
<p>शहर के बीचो-बीच नावल्टी प्लाजा के सामने पहलवान साहब की मजार के आसपास का क्षेत्र इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। यहां</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578283/supreme-court-s-warning-sparks-turmoil--those-building-on-government-land-hold-their-breath"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/uit.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> मेरठ के शास्त्री नगर में 859 अवैध निर्माणों को ढहाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने बरेली प्रशासन को भी आइना दिखा दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सेटबैक में हुए निर्माणों को किसी भी कीमत पर नियमित नहीं किया जा सकता। बरेली में भी ऐसी ही स्थिति कई प्रमुख इलाकों में बनी हुई है। हालांकि नगर निगम और बीडीए ने तमाम जगहों पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाकर ध्वस्तीकरण किया है।</p>
<p>शहर के बीचो-बीच नावल्टी प्लाजा के सामने पहलवान साहब की मजार के आसपास का क्षेत्र इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। यहां नगर निगम की बेशकीमती जमीन पर अवैध तरीके से तमाम दुकानें बनी हैं। इसके अलावा भी शहर के कई प्रमुख इलाकों में अवैध अतिक्रमण कर पक्के निर्माण करा लिए गए हैं। पीलीभीत रोड पर कई होटल मालिकों ने अवैध निर्माण करा रखा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यहां भी कड़े कदम उठाने की दरकार है।</p>
<p> नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य का कहना है कि शहरी सीमा में लगातार अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई जारी है। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश प्राधिकरणों को लेकर है। इधर, बीडीए वीसी डा. मनिकंडन.ए का कहना है कि अवैध निर्माण को लेकर प्राधिकार लगातार कार्रवाई कर रहा है। लोगों को सचेत किया गया है निर्माण कराने से पहले बीडीए से नक्शा अवश्य पास करा लें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 14:02:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्रेटर नोएडा में गरजा बुलडोजर:  अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई, कब्जा मुक्त कराई गई करोड़ों की जमीन</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ग्रेटर नोएडा।</strong> उत्तर प्रदेश में जिला गौतमबुद्धनगर क्षेत्र ग्रेटर नोएडा में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा बुलडोजर अभियान चलाया। इस दौरान भनौता गांव में बीस करोड़ रूपये कीमत की करीब दस हजार वर्ग मीटर सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया। प्राधिकरण के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया लंबे समय से कुछ लोगों द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण किया जा रहा था। कई बार नोटिस जारी करने और चेतावनी देने के बावजूद जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577032/bulldozers-roar-in-greater-noida--strict-action-against-encroachment--land-worth-crores-reclaimed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/वायरल-तस्वीर-(16)18.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ग्रेटर नोएडा।</strong> उत्तर प्रदेश में जिला गौतमबुद्धनगर क्षेत्र ग्रेटर नोएडा में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा बुलडोजर अभियान चलाया। इस दौरान भनौता गांव में बीस करोड़ रूपये कीमत की करीब दस हजार वर्ग मीटर सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया। प्राधिकरण के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया लंबे समय से कुछ लोगों द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण किया जा रहा था। कई बार नोटिस जारी करने और चेतावनी देने के बावजूद जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोजर चलाने का फैसला लिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल और प्राधिकरण की टीम मौके पर मौजूद रही, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। </p>
<p style="text-align:justify;">बुलडोजर की मदद से अवैध दीवारों, पक्के निर्माण और अन्य संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि कब्जा मुक्त कराई गई जमीन की बाजार कीमत करोड़ों रुपये में आंकी जा रही है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि आगे भी अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/577022/lpg-raids-strict-monitoring-by-the-government-more-than-17">यूपी में पेट्रोल-डीजल-एलपीजी पर योगी सरकार सख्त, अब तक 17 हजार से ज्यादा छापे </a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>गौतम बुद्ध नगर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/577032/bulldozers-roar-in-greater-noida--strict-action-against-encroachment--land-worth-crores-reclaimed</link>
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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 13:52:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर में दो अवैध निर्माण सील, न्यू कानपुर सिटी के लिए भूमि क्रय</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने प्रवर्तन जोन-1बी के तहत शुक्रवार को दो अवैध निर्माण/विकास कार्यों के विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई की। यह कार्रवाई उपाध्यक्ष मदन सिंह गब्र्याल और सचिव अभय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में विशेष कार्याधिकारी/उपजिलाधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह के नेतृत्व में की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">प्राधिकरण द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, सिंहपुर कछार क्षेत्र में बिना मानचित्र स्वीकृति के लगभग 1000 वर्ग मीटर में की जा रही प्लाटिंग को सील किया गया। वहीं न्यू कानपुर सिटी योजना क्षेत्र में करीब 100 वर्ग मीटर में अवैध निर्माण के खिलाफ भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। दोनों परिसरों को थाना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575863/two-illegal-constructions-sealed-in-kanpur--land-purchased-for-new-kanpur-city"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/केडीए.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने प्रवर्तन जोन-1बी के तहत शुक्रवार को दो अवैध निर्माण/विकास कार्यों के विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई की। यह कार्रवाई उपाध्यक्ष मदन सिंह गब्र्याल और सचिव अभय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में विशेष कार्याधिकारी/उपजिलाधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह के नेतृत्व में की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">प्राधिकरण द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, सिंहपुर कछार क्षेत्र में बिना मानचित्र स्वीकृति के लगभग 1000 वर्ग मीटर में की जा रही प्लाटिंग को सील किया गया। वहीं न्यू कानपुर सिटी योजना क्षेत्र में करीब 100 वर्ग मीटर में अवैध निर्माण के खिलाफ भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। दोनों परिसरों को थाना बिठूर पुलिस की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। कार्रवाई के दौरान अवर अभियंता हिमांशु बर्नवाल सहित अन्य कर्मचारी और पुलिस बल मौजूद रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">एक अन्य मामले में पूर्व में सील की गई भूमि पर सील तोड़कर निर्माण किए जाने पर संबंधित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।  इसी क्रम में न्यू कानपुर सिटी योजना के तहत 18 काश्तकारों से लगभग 0.6491 हेक्टेयर भूमि प्राधिकरण के पक्ष में क्रय की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बदले सर्किल दर के चार गुना मूल्य के रूप में करीब 4.46 करोड़ रुपये का भुगतान डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से किया गया। प्राधिकरण ने विकासकर्ताओं से अपील की है कि स्वीकृत मानचित्र के अनुसार ही निर्माण कार्य कराएं। साथ ही अवैध निर्माण के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/575863/two-illegal-constructions-sealed-in-kanpur--land-purchased-for-new-kanpur-city</link>
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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 15:47:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> कानपुर में KDA का बड़ा एक्शन: अवैध प्लाटिंग के खिलाफ चला बुलडोजर, अधिकारी और पुलिस बल मौजूद</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>अवैध निर्माण और अनधिकृत विकास कार्यों के विरुद्ध कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) द्वारा प्रवर्तन जोन-1बी के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई की गई। उपाध्यक्ष मदन सिंह गब्र्याल के निर्देशन में मंगलवार को विशेष कार्याधिकारी एवं उपजिलाधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह के नेतृत्व में ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई सम्पन्न हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन टीम के अधिकारी, अभियंता और थाना बिठूर का पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहा। प्रवर्तन टीम ने मटका चौराहे से जंगल वाटर पार्क मोड़ पर, भगवान बुद्ध आश्रम के पीछे लगभग 4.5 बीघा क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया। </p>
<p style="text-align:justify;">बिना कानपुर विकास प्राधिकरण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569173/kdas-big-action-in-kanpur-against-illegal-plotting-bulldozer-officers"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(29)8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>अवैध निर्माण और अनधिकृत विकास कार्यों के विरुद्ध कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) द्वारा प्रवर्तन जोन-1बी के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई की गई। उपाध्यक्ष मदन सिंह गब्र्याल के निर्देशन में मंगलवार को विशेष कार्याधिकारी एवं उपजिलाधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह के नेतृत्व में ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई सम्पन्न हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन टीम के अधिकारी, अभियंता और थाना बिठूर का पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहा। प्रवर्तन टीम ने मटका चौराहे से जंगल वाटर पार्क मोड़ पर, भगवान बुद्ध आश्रम के पीछे लगभग 4.5 बीघा क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया। </p>
<p style="text-align:justify;">बिना कानपुर विकास प्राधिकरण से ले-आउट स्वीकृत कराए की जा रही इस प्लाटिंग में निर्मित सड़क, नाला, बाउंड्रीवाल, बिजली के खंभे, पिलर, एंट्री गेट सहित सभी संरचनाओं को तीन जेसीबी मशीनों की मदद से समाप्त कर दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा सिंहपुर कछार क्षेत्र में लगभग 5.5 बीघा भूमि पर बिना मानचित्र स्वीकृति एवं अनुमति के किए गए निर्माण को उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा 28(क) के तहत सील कर दिया गया। यह परिसर अभिषेक कटियार, सुशील कटियार एवं अन्य के स्वामित्व का बताया गया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/569160/four-constables-posted-at-rupaidiha-police-station-in-bahraich-face-disciplinary-action--action-likely-in-corruption-case"><span class="t-red">बहराइच रूपईडीहा थाने में तैनात 4 सिपाहियों पर गिरी गाज,</span> भ्रष्टाचार मामले में कार्रवाई की आशंका</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/569173/kdas-big-action-in-kanpur-against-illegal-plotting-bulldozer-officers</link>
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                <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 17:54:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : बवाल के दिन तौकीर ने जिस मकान को बनाया ठिकाना, वह होगा ध्वस्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>राकेश शर्मा, बरेली अमृत विचार।</strong> शहर में 26 सितंबर को हुए बवाल के मुख्य आरोपी आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के करीबी फरहत अली खां का फाइक एन्क्लेव स्थित सील 120 वर्ग मीटर का मकान ध्वस्त होगा। बवाल वाले दिन मौलाना ने इसी मकान में शरण ली थी। बेटे ने मकान बचाने के लिए बीडीए की ओर से जारी ध्वस्तीकरण के आदेश के विरुद्ध मंडलायुक्त कोर्ट में अपील की, लेकिन अपील खारिज हो गयी। जेल में बंद फरहत अली खां का बेटा मकान का नक्शा नहीं दिखा सका। प्रकरण में मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने सुनवाई करते हुए बीडीए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568809/the-house-where-tauqeer-made-his-hideout-on-the-day"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/243.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>राकेश शर्मा, बरेली अमृत विचार।</strong> शहर में 26 सितंबर को हुए बवाल के मुख्य आरोपी आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के करीबी फरहत अली खां का फाइक एन्क्लेव स्थित सील 120 वर्ग मीटर का मकान ध्वस्त होगा। बवाल वाले दिन मौलाना ने इसी मकान में शरण ली थी। बेटे ने मकान बचाने के लिए बीडीए की ओर से जारी ध्वस्तीकरण के आदेश के विरुद्ध मंडलायुक्त कोर्ट में अपील की, लेकिन अपील खारिज हो गयी। जेल में बंद फरहत अली खां का बेटा मकान का नक्शा नहीं दिखा सका। प्रकरण में मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने सुनवाई करते हुए बीडीए की ओर से जारी हुए ध्वस्तीकरण आदेश में कोई अनियमितता नहीं मिलने पर अपील के साथ प्रस्तुत स्थगन प्रार्थना पत्र भी निरस्त कर दिया।</p>
<p>मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने अपील पर सुनवाई पूरी कर आदेश सुनाया। इसमें कहा कि उप्र नगर योजना एवं विकास अधिनियम के अंतर्गत बीडीए के संयुक्त सचिव/सक्षम प्राधिकारी ने 7 नवंबर 2025 को ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया। आदेश के विरुद्ध फरहत खां के बेटे मजहर अली ने अपील दाखिल की। मंडलायुक्त ने सुनवाई करते हुए अधिवक्ता के तर्कों को सुना। अपील पत्रावली देखी। वहीं, बीडीए के अधिवक्ता ने प्रार्थना पत्र के साथ बीडीए के समक्ष अपीलकर्ता की ओर से दिए प्रार्थना पत्र के माध्यम से प्रस्तुत साक्ष्यों की छायाप्रतियां एवं नोटिस की प्रति एवं अवैध निर्माण पर लगी सील की अभिरक्षा के संबंध में थानाध्यक्ष बारादरी को भेजे पत्र की प्रतिलिपि दाखिल कर तर्क दिया कि अपीलकर्ता ने फाइक एन्क्लेव कालोनी में बीडीए की स्वीकृति के बिना लगभग 120 वर्ग मीटर में भूतल, प्रथम तल व द्वितीय तल का निर्माण किया है। निर्माण का स्वीकृत मानचित्र बीडीए को न दिखाने पर 30 सितंबर 2025 को नोटिस जारी किया। 4 अक्टूबर को अनधिकृत भवन उप्र नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के अन्तर्गत सील किया।</p>
<p>बीडीए के अधिवक्ता ने कहा कि वाद में सुनवाई के लिए 14 अक्टूबर एवं 28 अक्टूबर की तिथियां नियत कीं। नियत तिथि 28 अक्टूबर को मजहर अली प्राधिकरण के समक्ष उपस्थित हुए। बैनामे एवं बिजली बिल की छायाप्रति प्रार्थना पत्र के माध्यम से दाखिल की। प्रार्थना पत्र में कहा कि नोटिस फरहत अली खां के नाम से है, जबकि मालिकाना हक अपीलकर्ता मजहर अली के पास है। इस पर क्षेत्रीय अभियंता ने 1 नवंबर को आख्या प्रस्तुत कर बताया कि मजहर अली ने प्रार्थना पत्र संग भवन की स्वीकृति संबंधी कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया है। बैनामे की छायाप्रति प्रस्तुत की है, जिससे यह सिद्ध हुआ है कि भवन फरहत खां का न होकर उसके बेटे मजहर अली और मोईन अली खां का है। क्षेत्रीय अभियंता ने वाद में फरहत खां के स्थान पर मजहर अली व मोईन अली खान का नाम दर्ज करते हुए ध्वस्तीकरण आदेश पारित करने की संस्तुति की। बीडीए ने क्षेत्रीय अभियंता की आख्या के आधार पर बिना मानचित्र स्वीकृत कराए अनधिकृत निर्माण को उप्र नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा 27(1) के तहत ध्वस्त करने का आदेश पारित किया।</p>
<p><strong>फरहत के बेटे का यह तर्क भी नहीं आया काम</strong><br />फरहत खां के बेटे मजहर अली के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि बीडीए ने सुनवाई का अवसर दिए बिना 7 नवंबर 2025 को आदेश जारी किया। मकान बीडीए ने 30 सितंबर 2025 को सील किया, जबकि नोटिस में अपीलकर्ता के नाम के स्थान पर फरहत अली खां का नाम लिखा है। बीडीए को इस तथ्य से अवगत कराया कि मकान के स्वामी वह एवं उसका सगा भाई है। बीडीए ने जिस नाम से नोटिस जारी की, वह मकान के स्वामी नहीं हैं। मकान पर बीडीए की सील हटाने का अनुरोध किया। मकान के वास्तविक स्वामियों को न कोई नोटिस जारी किया और न ही सुनवाई एवं साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/568809/the-house-where-tauqeer-made-his-hideout-on-the-day</link>
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                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 11:40:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अपनों पर भरोसा नहीं अब ''थर्ड पार्टी'' से करा रहे अवैध निर्माणों का सत्यापन, निर्माण कितना पुराना और कितने तल का है तैयार कर रहे रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>लाख कोशिशों के बाद भी शहर में अवैध निर्माणों पर अंकुश नहीं लग रहा है। लखनऊ विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन जोन में तैनात जोनल अधिकारियों से लेकर प्रवर्तन के अभियंताओं की तैनाती के बाद भी अवैध निर्माण की शिकायतें थम नहीं रही हैं। इसे देखते हुए मंडलायुक्त एवं उपाध्यक्ष लखनऊ विकास प्राधिकरण विजय विश्वास पन्त के निर्देश पर शहर में अवैध निर्माणों का गुपचुप थर्ड पार्टी सत्यापन शुरू हो गया है। अपनों पर भरोसा न जताते हुए उन्होंने अवैध निर्माण जांचने की जिम्मेदारी आवास विकास तहसील प्रशासन को दी है। अभियंता और तहसील के कर्मचारी मौके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568766/no-longer-trusting-their-own-people--they-are-now-getting-illegal-constructions-verified-by-a-%22third-party-%22-preparing-reports-on-how-old-the-construction-is-and-how-many-floors-it-has"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(21)12.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>लाख कोशिशों के बाद भी शहर में अवैध निर्माणों पर अंकुश नहीं लग रहा है। लखनऊ विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन जोन में तैनात जोनल अधिकारियों से लेकर प्रवर्तन के अभियंताओं की तैनाती के बाद भी अवैध निर्माण की शिकायतें थम नहीं रही हैं। इसे देखते हुए मंडलायुक्त एवं उपाध्यक्ष लखनऊ विकास प्राधिकरण विजय विश्वास पन्त के निर्देश पर शहर में अवैध निर्माणों का गुपचुप थर्ड पार्टी सत्यापन शुरू हो गया है। अपनों पर भरोसा न जताते हुए उन्होंने अवैध निर्माण जांचने की जिम्मेदारी आवास विकास तहसील प्रशासन को दी है। अभियंता और तहसील के कर्मचारी मौके पर जाकर यह देख रहे हैं कि निर्माण आवासीय या व्यावसायिक, कितने तल का और कितना पुराना है। इसकी रिपोर्ट गुपचुप तरीके से तैयार की जा रही है। इस बात की जानकारी प्राधिकरण के अधिकारियों को तक नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">शहर में हो रहे अवैध निर्माण में प्राधिकरण के अभियंताओं की मिलीभगत की शिकायतें मंडलायुक्त को मिल रही हैं। एलडीए के सभी प्रवर्तन जोन में अवैध निर्माण खुलेआम चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि निर्माणकर्ताओं से प्रवर्तन के कर्मचारियों व अभियंताओं द्वारा स्लैब वाइज अवैध वसूली के आरोप लगे हैं। जिसे देखते हुए मंडलायुक्त ने अवैध निर्माणों की जांच कराने का फैसला लिया है। जोन में जिस अभियंता और कर्मचारी की तैनाती के दौरान अवैध निर्माण पाया जाएगा उसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">आवास विकास के अभियंताओं को भवनों, अपार्टमेंट और कॉम्प्लेक्स की सूची दी जा रही है। इस सूची में विहित प्राधिकारी न्यायालय में चल रहे वाद संख्या और पता दिया है। अभियंता मौके पर जाकर आस-पास के लोगों से भवन का निर्माण कब हुआ यह पूछ रहे हैं। साथ ही गूगल ऐप का भी सहारा ले रहे हैं। 2010 के बाद बने भवनों के निर्माण का गूगल से रिकार्ड मिल जा रहा है। वहीं इससे पुराने भवनों के निर्माण की जानकारी पूछताछ करके दर्ज की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/568766/no-longer-trusting-their-own-people--they-are-now-getting-illegal-constructions-verified-by-a-%22third-party-%22-preparing-reports-on-how-old-the-construction-is-and-how-many-floors-it-has</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/568766/no-longer-trusting-their-own-people--they-are-now-getting-illegal-constructions-verified-by-a-%22third-party-%22-preparing-reports-on-how-old-the-construction-is-and-how-many-floors-it-has</guid>
                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 11:33:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : नगर निगम की बुलडोजर कार्रवाई को लेकर नोक-झोंक</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> नगर निगम की टीम ने बुधवार को शहर के व्यस्त मोहल्लों में शामिल कटरा चांद खां, सिंधुनगर और मौर्य मंदिर के आसपास अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने दुकानों के आगे अवैध निर्माण को लेकर जैसे ही बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर तो लोग विरोध जताने लगे। घरों और दुकानों के आगे पक्के चबूतरे ढहाए जाने के दौरान कई लोगों की टीम से नोकझोंक भी हुई, लेकिन प्रवर्तन दल ने किसी की नहीं सुनी और एक-एक कर बुलडोजर से सभी अतिक्रमण ध्वस्त कर दिए।</p>
<p>दरअसल, कटरा चांद खां में प्रस्तावित सीसी सड़क निर्माण से पहले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567802/a-heated-argument-erupted-over-the-municipal-corporation-s-demolition-drive"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/bul3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> नगर निगम की टीम ने बुधवार को शहर के व्यस्त मोहल्लों में शामिल कटरा चांद खां, सिंधुनगर और मौर्य मंदिर के आसपास अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने दुकानों के आगे अवैध निर्माण को लेकर जैसे ही बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर तो लोग विरोध जताने लगे। घरों और दुकानों के आगे पक्के चबूतरे ढहाए जाने के दौरान कई लोगों की टीम से नोकझोंक भी हुई, लेकिन प्रवर्तन दल ने किसी की नहीं सुनी और एक-एक कर बुलडोजर से सभी अतिक्रमण ध्वस्त कर दिए।</p>
<p>दरअसल, कटरा चांद खां में प्रस्तावित सीसी सड़क निर्माण से पहले मौर्य मंदिर से सीताराम मंदिर और सैलानी मार्ग तक लोगों ने जगह-जगह अतिक्रमण कर रखा है। कहीं दुकानों तो कहीं घरों के आगे पक्के चबूतरे बना दिए गए हैं। तमाम लोगों ने नाले के स्लैब पर तक अवैध तरह से अतिक्रमण कर रखा है। इसको पहले ही चिन्हित किया जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक काम शुरू होने से पहले निर्माण विभाग की ओर से अतिक्रमण हटाने के लिए लोगों को नोटिस भेजे गए। उनको एक निर्धारित समय देते हुए चेतावनी जारी की गई, लेकिन इसे लोगों ने नजरअंदाज कर दिया। टीम बुधवार दोपहर को जैसे ही बुलडोजर लेकर कटरा चांद खां पहुंची तो अफरा-तफरी का माहौल हो गया।</p>
<p>टीम ने स्थानीय लोगों से कहासुनी और भारी विरोध के बीच सड़क और नाली के मार्ग में पानी की निकासी और आम आवागमन में बाधा पैदा करने वाले सभी निर्माण तोड़ दिए गए। एक्सईएन राजीव कुमार राठी ने बताया कि सड़क व नाली निर्माण कार्य को बिना किसी बाधा के समय पर पूरा करना प्राथमिकता है। स्पष्ट कहा नाले और सड़क के किनारे किए गए अतिक्रमण को आगे भी नगर निगम ऐसे ही अभियान जारी रखेगा, ताकि किसी भी निर्माण कार्य में अतिक्रमण बाधा न बने। नगर आयुक्त संजीव कुमार ने चेतावनी दी कि सार्वजनिक स्थानों पर अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी और सभी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी कठोरता के साथ की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/567802/a-heated-argument-erupted-over-the-municipal-corporation-s-demolition-drive</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/567802/a-heated-argument-erupted-over-the-municipal-corporation-s-demolition-drive</guid>
                <pubDate>Thu, 15 Jan 2026 07:07:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
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