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                <title>राष्ट्रपति जो बाइडेन - Amrit Vichar</title>
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                <description>राष्ट्रपति जो बाइडेन RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>PM मोदी ने जिल बाइडेन को दिया सबसे महंगा तोहफा, 20 हजार डॉलर का हीरा बना व्हाइट हाउस की शान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और उनके परिवार को 2023 में विदेशी नेताओं से लाखों डॉलर के तोहफे मिले, जिनमें सबसे कीमती तोहफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिल बाइडेन को दिया 20 हजार अमेरिकी डॉलर का हीरा है। </p>
<p>विदेश मंत्रालय की ओर से बृहस्पतिवार को जारी किए गए वार्षिक लेखा-जोखा के अनुसार, मोदी की ओर से दिया गया 7.5 कैरेट का हीरा 2023 में राष्ट्रपति के परिवार के किसी भी सदस्य को मिला सबसे महंगा उपहार है। इसके अलावा बाइडेन परिवार को अमेरिका में यूक्रेन के राजदूत से 14,063 अमेरिकी डॉलर का एक ‘ब्रोच’ और मिस्र के राष्ट्रपति तथा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/514544/jill-biden-received-the-most-expensive-gift-from-prime-minister"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/pm-modi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और उनके परिवार को 2023 में विदेशी नेताओं से लाखों डॉलर के तोहफे मिले, जिनमें सबसे कीमती तोहफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिल बाइडेन को दिया 20 हजार अमेरिकी डॉलर का हीरा है। </p>
<p>विदेश मंत्रालय की ओर से बृहस्पतिवार को जारी किए गए वार्षिक लेखा-जोखा के अनुसार, मोदी की ओर से दिया गया 7.5 कैरेट का हीरा 2023 में राष्ट्रपति के परिवार के किसी भी सदस्य को मिला सबसे महंगा उपहार है। इसके अलावा बाइडेन परिवार को अमेरिका में यूक्रेन के राजदूत से 14,063 अमेरिकी डॉलर का एक ‘ब्रोच’ और मिस्र के राष्ट्रपति तथा प्रथम महिला से 4,510 अमेरिकी डॉलर का एक ‘ब्रेसलेट’, ब्रोच और फोटो एल्बम भी मिली। </p>
<p>मंत्रालय के दस्तावेज के अनुसार, मोदी द्वारा भेंट किया गया 20 हजार अमेरिकी डॉलर का हीरा ‘व्हाइट हाउस’ के ईस्ट विंग में रखा गया है जबकि राष्ट्रपति तथा प्रथम महिला को मिले अन्य उपहार अभिलेखागार में भेज दिए गए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडन को स्वयं कई महंगे उपहार मिले। इनमें दक्षिण कोरिया के वर्तमान में महाभियोग का सामना कर रहे राष्ट्रपति यून सुक येओल से 7,100 अमेरिकी डॉलर का एक फोटो एल्बम, मंगोलियाई प्रधानमंत्री से 3,495 अमेरिकी डॉलर की मंगोल योद्धाओं की मूर्ति, ब्रुनेई के सुल्तान से 3,300 अमेरिकी डॉलर का चांदी का कटोरा, इज़राइल के राष्ट्रपति से 3,160 अमेरिकी डॉलर की चांदी की ट्रे और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से 2,400 अमेरिकी डॉलर का कोलाज शामिल हैं। </p>
<p>संघीय कानून के अनुसार कार्यकारी शाखा के अधिकारियों को विदेशी नेताओं और समकक्षों से प्राप्त उन उपहारों की घोषणा करनी होती है, जिनकी अनुमानित कीमत 480 अमेरिकी डॉलर से अधिक है। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें  : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/514464/indian-youth-arrested-for-coming-to-pakistan-to-marry-friend">Pakistan : फेसबुक पर हुई दोस्ती, शादी करने के लिए पाकिस्तान पहुंचा भारतीय युवक...जानिए फिर क्या हुआ?</a></strong></span></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jan 2025 10:37:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जो बाइडेन छह जनवरी के कांग्रेस पैनल के नेताओं को देंगे दूसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन लिज़ चेनी और बेनी थॉम्पसन को दूसरा सर्वोच्च नागरिक पदक प्रदान कर रहे हैं। ये वे सांसद हैं जिन्होंने छह जनवरी 2021 को डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों द्वारा यूएस कैपिटल (संसद भवन परिसर) में हुए हिंसक दंगे की सरकार की जांच का नेतृत्व किया था। </p>
<p>वहीं ट्रंप ने कहा है कि इन सांसदों को जेल भेजा जाना चाहिए। बाइडेन बृहस्पतिवार को व्हाइट हाउस में एक समारोह में 20 लोगों को राष्ट्रपति का नागरिक पदक प्रदान करेंगे, जिनमें विवाह समानता के लिए लड़ने वाले अमेरिकी, घायल सैनिकों के इलाज में अग्रणी भूमिका निभाने वाले और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/514409/biden-will-give-second-highest-civilian-award-to-leaders-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/जो-बाइडेन.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन लिज़ चेनी और बेनी थॉम्पसन को दूसरा सर्वोच्च नागरिक पदक प्रदान कर रहे हैं। ये वे सांसद हैं जिन्होंने छह जनवरी 2021 को डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों द्वारा यूएस कैपिटल (संसद भवन परिसर) में हुए हिंसक दंगे की सरकार की जांच का नेतृत्व किया था। </p>
<p>वहीं ट्रंप ने कहा है कि इन सांसदों को जेल भेजा जाना चाहिए। बाइडेन बृहस्पतिवार को व्हाइट हाउस में एक समारोह में 20 लोगों को राष्ट्रपति का नागरिक पदक प्रदान करेंगे, जिनमें विवाह समानता के लिए लड़ने वाले अमेरिकी, घायल सैनिकों के इलाज में अग्रणी भूमिका निभाने वाले और राष्ट्रपति के दोस्त टेड कॉफमैन, डी-डेल और क्रिस डोड, डी-कॉन शामिल हैं।</p>
<p>व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा, राष्ट्रपति बाइडेन का मानना ​​है कि उनके समर्पण और बलिदान के कारण देश बेहतर है। पिछले साल बाइडेन ने उन लोगों को सम्मानित किया था जो दंगाइयों से संसद भवन की रक्षा करने में शामिल थे। राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन द्वारा 1969 में स्थापित राष्ट्रपति नागरिक पदक, राष्ट्रपति पदक के बाद देश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने अपने देश या अपने साथी नागरिकों की सेवा के अनुकरणीय कार्य किए हैं।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/514405/who-is-shamsud-din-jabbar-crushed-15-people-with-a">कौन है शमसुद्दीन जबर? अमेरिका में नए साल का जश्न मना रहे 15 लोगों को कुचला...ISIS से भी कनेक्शन</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jan 2025 12:51:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>America : बच्चों की ट्रांसजेंडर स्वास्थ्य देखभाल पाबंदी पर आपत्ति, जो बाइडेन ने विधेयक पर किए हस्ताक्षर </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन। </strong>राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सोमवार को एक रक्षा विधेयक पर हस्ताक्षर करके उसे कानून का स्वरूप प्रदान किया, जिसमें सेना के जूनियर सूचीबद्ध सदस्यों के लिए वेतन में काफी बढ़ोतरी का प्रावधान है। यह कानून चीन की बढ़ती शक्ति के मद्देनजर और समग्र सैन्य खर्च बढ़ाकर 895 अरब डॉलर करने के उद्देश्य से लाया गया है। </p>
<p>हालांकि जो बाइडेन ने सैन्य परिवारों में बच्चों के लिए ट्रांसजेंडर चिकित्सा उपचार कवरेज को विधेयक की भाषा से हटाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन इसका कड़ा विरोध करता है क्योंकि यह लैंगिक पहचान के आधार पर एक समूह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/512903/joe-biden-signs-bill-objecting-to-transgender-health-care-ban"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/जो-बाइडेन3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन। </strong>राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सोमवार को एक रक्षा विधेयक पर हस्ताक्षर करके उसे कानून का स्वरूप प्रदान किया, जिसमें सेना के जूनियर सूचीबद्ध सदस्यों के लिए वेतन में काफी बढ़ोतरी का प्रावधान है। यह कानून चीन की बढ़ती शक्ति के मद्देनजर और समग्र सैन्य खर्च बढ़ाकर 895 अरब डॉलर करने के उद्देश्य से लाया गया है। </p>
<p>हालांकि जो बाइडेन ने सैन्य परिवारों में बच्चों के लिए ट्रांसजेंडर चिकित्सा उपचार कवरेज को विधेयक की भाषा से हटाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन इसका कड़ा विरोध करता है क्योंकि यह लैंगिक पहचान के आधार पर एक समूह को निशाना बनाता है और बच्चों की सर्वश्रेष्ठ देखभाल में माता-पिता की भूमिका में हस्तक्षेप करता है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि यह सेना की प्रतिभाओं की भर्ती करने और उन्हें रखने की सर्व-स्वयंसेवी सेना की क्षमता को भी कमजोर करता है। राष्ट्रपति ने एक बयान में कहा, किसी भी सैन्य सदस्य को उसके परिवार की स्वास्थ्य देखभाल पहुंच और हमारे राष्ट्र की सेवा के सेना के आह्वान के बीच फैसला करने की नौबत नहीं आनी चाहिए।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/512773/joe-biden-commuted-the-sentences-of-37-out-of-40">अमेरिका : जो बाइडेन ने 40 में से 37 लोगों की मृत्युदंड की सजा आजीवन कारावास में बदली, कही ये बात </a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Dec 2024 12:33:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका : जो बाइडेन ने 40 में से 37 लोगों की मृत्युदंड की सजा आजीवन कारावास में बदली, कही ये बात </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सोमवार को घोषणा की कि वह संघीय मृत्युदंड की सजा का सामना कर रहे 40 में से 37 लोगों की सजा को आजीवन कारावास में बदल रहे हैं। यह घोषणा अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पदभार ग्रहण करने से महज कुछ सप्ताह पहले की गई है, जो मृत्युदंड के मुखर समर्थक हैं।</p>
<p>यह कदम पुलिस और सैन्य अधिकारियों, संघीय भूमि पर रहने वाले लोगों की हत्या और घातक बैंक डकैतियों या नशीले पदार्थों के सौदों में शामिल लोगों के साथ-साथ संघीय इकाइयों में सुरक्षा गार्ड या कैदियों की हत्याओं में दोषी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/512773/joe-biden-commuted-the-sentences-of-37-out-of-40"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/जो-बाइडेन2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सोमवार को घोषणा की कि वह संघीय मृत्युदंड की सजा का सामना कर रहे 40 में से 37 लोगों की सजा को आजीवन कारावास में बदल रहे हैं। यह घोषणा अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पदभार ग्रहण करने से महज कुछ सप्ताह पहले की गई है, जो मृत्युदंड के मुखर समर्थक हैं।</p>
<p>यह कदम पुलिस और सैन्य अधिकारियों, संघीय भूमि पर रहने वाले लोगों की हत्या और घातक बैंक डकैतियों या नशीले पदार्थों के सौदों में शामिल लोगों के साथ-साथ संघीय इकाइयों में सुरक्षा गार्ड या कैदियों की हत्याओं में दोषी पाए गए लोगों को जीवन दान प्रदान करता है। इसका मतलब है कि अब केवल तीन संघीय कैदियों को फांसी की सजा दी जाएगी। वे हैं डायलन रूफ, जिसने 2015 में साउथ कैरोलाइना के चार्ल्सटन में मदर इमैनुएल एएमई चर्च के नौ अश्वेत सदस्यों की नस्ली हत्या की थी, 2013 में बोस्टन मैराथन में बम विस्फोट करने वाला जोखर त्सरनेव और वर्ष 2018 में पिट्सबर्ग के ट्री ऑफ लाइफ सिनेगॉग में 11 लोगों की गोली मारकर हत्या करने वाला रॉबर्ट बॉवर्स, जो अमेरिकी इतिहास का सबसे घातक यहूदी विरोधी हमला था। </p>
<p>बाइडेन ने एक बयान में कहा, मैंने अपना करियर हिंसक अपराध को कमतर करने और निष्पक्ष और प्रभावी न्याय प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए समर्पित किया है। आज, मैं संघीय मृत्युदंड की सजा पाये 40 व्यक्तियों में से 37 की सजा को पैरोल की संभावना के बिना आजीवन कारावास में बदल रहा हूं। ये आतंकवाद और घृणा से प्रेरित सामूहिक हत्या से इतर अन्य मामलों में मौत की सजा पर मेरे प्रशासन द्वारा लगाई रोक के अनुरूप हैं।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/512758/india-will-send-sheikh-hasina-back-to-dhaka-mohammad-yunus">शेख हसीना को वापस ढाका भेजेगा भारत, मोहम्मद यूनुस सरकार ने भेजा राजनयिक संदेश </a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/512773/joe-biden-commuted-the-sentences-of-37-out-of-40</link>
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                <pubDate>Mon, 23 Dec 2024 17:11:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रपति जो बाइडेन 150 साल पुरानी 'नेटिव अमेरिकन' बोर्डिंग स्कूल नीति के लिए मांगेंगे माफी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नॉर्मन (अमेरिका)। </strong>राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि वह शुक्रवार को मूल जातीय समुदायों के ‘नेटिव अमेरिकी’ या ‘अमेरिकन इंडियन’ बच्चों को जबरन बोर्डिंग स्कूलों में भेजने में देश की भूमिका के लिए औपचारिक रूप से माफी मांगेंगे, जहां कई बच्चों का शारीरिक, भावनात्मक और यौन शोषण किया गया और लगभग 1,000 बच्चों की मौत हो गई। </p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय एवं आधिकारिक आवास व्हाइट हाउस से बृहस्पतिवार को एरिजोना के लिए रवाना हुए बाइडेन ने कहा, ‘‘मैं कुछ ऐसा कर रहा हूं जो मुझे बहुत पहले कर लेना चाहिए था। हमें ‘अमेरिकन इंडियन’ समुदाय से बहुत पहले ही औपचारिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/502066/president-joe-biden-will-apologize-for-150-year-old-native"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/जो-बाइडेन1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नॉर्मन (अमेरिका)। </strong>राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि वह शुक्रवार को मूल जातीय समुदायों के ‘नेटिव अमेरिकी’ या ‘अमेरिकन इंडियन’ बच्चों को जबरन बोर्डिंग स्कूलों में भेजने में देश की भूमिका के लिए औपचारिक रूप से माफी मांगेंगे, जहां कई बच्चों का शारीरिक, भावनात्मक और यौन शोषण किया गया और लगभग 1,000 बच्चों की मौत हो गई। </p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय एवं आधिकारिक आवास व्हाइट हाउस से बृहस्पतिवार को एरिजोना के लिए रवाना हुए बाइडेन ने कहा, ‘‘मैं कुछ ऐसा कर रहा हूं जो मुझे बहुत पहले कर लेना चाहिए था। हमें ‘अमेरिकन इंडियन’ समुदाय से बहुत पहले ही औपचारिक माफी मांग लेनी चाहिए थी कि हमने इतने सालों तक उनके बच्चों के साथ कैसा व्यवहार किया।’’ न्यू मैक्सिको में ‘पुएब्लो ऑफ लगुना’ जनजाति की सदस्य गृह मंत्री डेब हालैंड ने कहा, ‘‘मैंने इतने वर्षों में यह कभी नहीं सोचा था कि इस तरह का कुछ होगा।’’ </p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। मुझे पूरा भरोसा है कि यह ‘अमेरिकन इंडियन’ समुदाय के सभी लोगों के लिए बहुत बड़ी बात है।’’ हालैंड गृह विभाग की प्रमुख बनने वाली पहली ‘नेटिव इंडियन’ हैं। जातीय मूल की सदस्य हालैंड ने गृह मंत्री बनने के तुरंत बाद बोर्डिंग स्कूल प्रणाली मामले में जांच शुरू की थी। जांच में पता चला था कि करीब 18,000 बच्चों को उनके माता पिता से लेकर जबरन स्कूलों में भेजा गया ताकि वे श्वेत समाज के भीतर रचने बसने के काबिल बन सकें। इन बच्चों में चार साल तक की उम्र के बच्चे भी शामिल थे। </p>
<p>इतना ही नहीं संघीय और राज्य के प्राधिकारियों ने जनजातीय मूल के लोगों को उनकी भूमि से बेदखल करने का प्रयास किया। जांच में 500 से अधिक स्कूलों में लगभग 1,000 बच्चों की मौत और 74 कब्र स्थलों का भी जिक्र किया गया है। अब तक किसी भी राष्ट्रपति ने इन बच्चों को जबरन उनके माता पिता से अलग किए जाने के लिए कभी औपचारिक रूप से माफी नहीं मांगी है। इसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा परिभाषित नरसंहार का ही एक तत्व माना गया है। अमेरिका में 150 से अधिक वर्ष पूर्व अमेरिकी सरकार ने जनजातीय समुदाय से आने वाले ‘नेटिव अमेरिकन’, ‘अलास्का नेटिव’ और ‘नेटिव हवाइयन’ मूल के निवासियों का खात्मा करने का काम किया था। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/502012/trump-will-treat-harris-like-a-%22child%22-while-chinas-leader">US Election 2024 : डोनाल्ड ट्रंप ने कहा-चीन के नेता दबंगई दिखाते हुए कमला हैरिस के साथ 'बच्चे' की तरह बर्ताव करेंगे</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Oct 2024 14:48:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विवादित समुद्र में चीन की 'खतरनाक' कार्रवाइयों से अमेरिका चिंतित, आसियान से बोले एंटनी ब्लिंकन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>विएंतियान (लाओस)। </strong>अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने शुक्रवार को दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के नेताओं से कहा कि अमेरिका विवादित दक्षिण चीन सागर में बीजिंग की 'बढ़ती खतरनाक और गैरकानूनी' गतिविधियों को लेकर चिंतित है। ब्लिंकन ने आसियान की वार्षिक शिखर बैठक के दौरान संकल्प व्यक्त किया कि अमेरिका महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग में नौवहन की स्वतंत्रता को बनाए रखना जारी रखेगा। दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) के 10 सदस्य देशों के नेताओं की ब्लिंकन के साथ बैठक, चीन और आसियान सदस्यों फिलीपीन और वियतनाम के बीच समुद्र में हिंसक टकरावों की एक शृंखला के बाद हुई है,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/498275/america-worried-about-chinas-dangerous-actions-in-disputed-waters-antony"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/एंटनी-ब्लिंकन.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>विएंतियान (लाओस)। </strong>अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने शुक्रवार को दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के नेताओं से कहा कि अमेरिका विवादित दक्षिण चीन सागर में बीजिंग की 'बढ़ती खतरनाक और गैरकानूनी' गतिविधियों को लेकर चिंतित है। ब्लिंकन ने आसियान की वार्षिक शिखर बैठक के दौरान संकल्प व्यक्त किया कि अमेरिका महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग में नौवहन की स्वतंत्रता को बनाए रखना जारी रखेगा। दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) के 10 सदस्य देशों के नेताओं की ब्लिंकन के साथ बैठक, चीन और आसियान सदस्यों फिलीपीन और वियतनाम के बीच समुद्र में हिंसक टकरावों की एक शृंखला के बाद हुई है, जिससे यह चिंता बढ़ गई है कि जलमार्गों में चीन की बढ़ती आक्रामक कार्रवाइयां पूर्ण पैमाने पर संघर्ष में बदल सकती हैं।</p>
<p> चीन लगभग पूरे समुद्र पर अपना दावा करता है, जबकि आसियान के सदस्य वियतनाम, फिलीपीन, मलेशिया और ब्रुनेई के साथ-साथ ताइवान के भी इसे लेकर अपने-अपने दावे हैं। वैश्विक व्यापार का लगभग एक तिहाई हिस्सा समुद्र से होकर गुजरता है, जो मछलियों, गैस और तेल से भी समृद्ध है। बीजिंग ने हेग स्थित संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध अदालत के 2016 के उस अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता फैसले को मंजूर करने से इनकार कर दिया है, जिसके तहत अदालत ने चीन के व्यापक दावों को अमान्य कर दिया था। इतना ही नहीं, बल्कि चीन ने अपने नियंत्रण वाले द्वीपों पर निर्माण कार्य और सैन्यीकरण कर दिया है। </p>
<p>राष्ट्रपति जो बाइडेन की तरफ से सम्मेलन में भाग ले रहे ब्लिंकन ने अमेरिका-आसियान शिखर सम्मेलन में अपने शुरुआती संबोधन में कहा, “हम दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती खतरनाक और गैर-कानूनी गतिविधियों को लेकर बहुत चिंतित हैं, जिनकी वजह से लोग घायल हुए हैं, आसियान देशों के जहाजों को नुकसान पहुंचा है और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान से जुड़ी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने कहा, अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता तथा उड़ान की स्वतंत्रता का समर्थन करना जारी रखेगा। दक्षिण चीन सागर पर अमेरिका का कोई दावा नहीं है, लेकिन उसने चीन के दावों को चुनौती देने के लिए इस क्षेत्र में गश्त के वास्ते नौसेना के जहाज और लड़ाकू विमान तैनात कर दिए हैं। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/498267/22-people-killed-in-central-beirut-israel-also-fired-on">Israel Attack : इजराइल के हवाई हमलों में 22 लोगों की मौत, बच निकला हिज्बुल्लाह लीडर वफीक सफा</a></strong></span></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Oct 2024 13:00:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Israel Iran War : इजराइल पर ईरान का हमला विफल, US राष्ट्रपति जो बाइडेन बोले- अमेरिका की हर घटना पर नजर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि इजराइल पर ईरान का मिसाल हमला विफल और निष्प्रभावी प्रतीत होता है। ईरान ने मंगलवार रात को इजराइल को निशाना बनाकर करीब 200 मिसाइलें दागी थीं। इजराइल की सेना ने कहा कि हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यालय एवं आवास में जो बाइडेन ने कहा, मेरे निर्देश पर अमेरिका की सेना ने इजराइल की रक्षा में सक्रिय रूप से सहयोग किया। हम अभी प्रभाव का आकलन कर रहे हैं, लेकिन प्राप्त सूचना के आधार पर हमला विफल और निष्प्रभावी प्रतीत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/495723/israel-iran-war-irans-attack-on-israel-failed-us-president"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/जो-बाइडेन.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि इजराइल पर ईरान का मिसाल हमला विफल और निष्प्रभावी प्रतीत होता है। ईरान ने मंगलवार रात को इजराइल को निशाना बनाकर करीब 200 मिसाइलें दागी थीं। इजराइल की सेना ने कहा कि हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यालय एवं आवास में जो बाइडेन ने कहा, मेरे निर्देश पर अमेरिका की सेना ने इजराइल की रक्षा में सक्रिय रूप से सहयोग किया। हम अभी प्रभाव का आकलन कर रहे हैं, लेकिन प्राप्त सूचना के आधार पर हमला विफल और निष्प्रभावी प्रतीत होता है और यह इजराइल की सैन्य क्षमता... और इस तरह के हमलों को रोकने के संबंध में अमेरिका एवं इजराइल के बीच गहन योजना का भी प्रमाण है।</p>
<p> उन्होंने कहा, इसमें कोई संदेह नहीं कि अमेरिका इजराइल का पूर्ण समर्थन करता है। मैंने सुबह और दोपहर में कुछ समय ‘सिचुएशन रूम’ में बिताया, अपनी पूरी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बैठक की... जैसा कि मैंने बताया, राष्ट्रीय सुरक्षा टीम इजराइली अधिकारियों और समकक्षों के साथ लगातार संपर्क में है...।’’ व्हाइट हाउस ने कहा कि बाइडेन ने अमेरिकी सेना को ईरानी हमलों के खिलाफ इजराइल की रक्षा में सहायता करने और देश को निशाना बनाने वाली मिसाइलों को मार गिराने का निर्देश दिया। </p>
<p>अमेरिका के रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन में प्रेस सचिव मेजर जनरल पैट्रिक एस. राइडर ने कहा कि अधिकांश मिसाइलों को उनके लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही नष्ट कर दिया गया, हालांकि कुछ मिसाइलें लक्ष्य तक पहुंचीं और उनसे न्यूनतम क्षति पहुंची। इस हमले की निंदा करते हुए उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा, ‘‘मैं इस हमले की स्पष्ट तौर पर निंदा करती हूं। मेरा स्पष्ट मानना ​​है कि ईरान पश्चिम एशिया में अस्थिरता पैदा करने वाली, खतरनाक ताकत है और आज इजराइल पर हुआ हमला इस तथ्य को और भी पुख्ता करता है।’’ </p>
<p>अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भी कहा कि पिछले पांच महीने में यह इजराइल पर सीधे तौर पर किया गया ईरान का दूसरा हमला है। उन्होंने कहा, ‘‘यह बिल्कुल अस्वीकार्य है और पूरी दुनिया को इसकी निंदा करनी चाहिए।’’ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने संवाददाताओं को बताया कि अमेरिकी सेना इस हमले से इजराइल की रक्षा करने के लिए इजराइल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) के साथ मिलकर काम कर रही है। राइडर ने बताया कि हमले से पहले और इस दौरान अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने अपने इजराइली समकक्ष योव गैलेंट से बात की। </p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ऑस्टिन ने इजराइल की रक्षा के लिए अमेरिका की दृढ़ प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया और इस बात पर बल दिया कि ईरान तथा ईरान समर्थित आतंकवादी संगठनों से खतरों के मद्देनजर अमेरिका पश्चिम एशिया के क्षेत्र में अमेरिकी सेना तथा इजराइल की रक्षा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। वहीं, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले के लिए बाइडन प्रशासन को दोषी ठहराया।</p>
<p>उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘दुनिया जल रही है और हालात काबू से बाहर हो रहे हैं। हमारे पास कोई नेतृत्व नहीं है, कोई भी देश को चलाने वाला नहीं है। हमारे पास जो बाइडन के रूप में बगैर वजूद वाला राष्ट्रपति है और कमला हैरिस के रूप में एक ऐसी बेखबर उपराष्ट्रपति हैं, जो सैन फ्रांसिस्को में धन जुटाने में बेहद व्यस्त हैं... कोई भी प्रभारी नहीं है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि कौन अधिक भ्रमित है : बाइडन या कमला। दोनों में से किसी को भी पता नहीं है कि क्या हो रहा है।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/495717/israel-iran-war-iran-fired-180-ballistic-missiles-israel-said">Israel Iran War : ईरान ने दागीं 180 बैलिस्टिक मिसाइल, इजराइल ने कहा- हमले के नतीजे भोगने होंगे</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Oct 2024 12:29:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>US Election 2024 : विवेक रामास्वामी ने कहा- हम किसी उम्मीदवार के खिलाफ नहीं हैं  </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन।</strong> रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी ने कहा है कि देश एक उम्मीदवार के खिलाफ नहीं बल्कि एक अनिर्वाचित प्रबंधक वर्ग रूपी मशीन के खिलाफ चुनाव लड़ रहा है। रामास्वामी ने पूर्व में कहा था कि नवंबर में होने जा रहे चुनाव के लिए राष्ट्रपति जो बाइडेन डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार नहीं होंगे। भारतीय-अमेरिकी व्यवसायी से राजनेता बने रामास्वामी ने सोमवार को कहा कि पांच नवंबर को चुनावों के लिए सत्ताधारी डेमोक्रेटिक पार्टी के संभावित उम्मीदवार के रूप में मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन की जगह एकदम से उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को लाने से कई सवाल उठते</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/481759/we-are-not-against-any-candidate-vivek-ramaswamy"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/विवेक-रामास्वामी.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन।</strong> रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी ने कहा है कि देश एक उम्मीदवार के खिलाफ नहीं बल्कि एक अनिर्वाचित प्रबंधक वर्ग रूपी मशीन के खिलाफ चुनाव लड़ रहा है। रामास्वामी ने पूर्व में कहा था कि नवंबर में होने जा रहे चुनाव के लिए राष्ट्रपति जो बाइडेन डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार नहीं होंगे। भारतीय-अमेरिकी व्यवसायी से राजनेता बने रामास्वामी ने सोमवार को कहा कि पांच नवंबर को चुनावों के लिए सत्ताधारी डेमोक्रेटिक पार्टी के संभावित उम्मीदवार के रूप में मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन की जगह एकदम से उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को लाने से कई सवाल उठते हैं। </p>
<p>रामास्वामी ने विभिन्न सोशल मीडिया मंच पर पोस्ट किए गए 15 मिनट के वीडियो में कहा, हम वास्तव में यहां किसी उम्मीदवार के खिलाफ नहीं लड़ रहे हैं। हम एक मशीन के खिलाफ लड़ रहे हैं। यह इस बात की गहरी समझ है कि क्या हो रहा है, जिसके लिए उन चीजों को अस्वीकार करना आवश्यक है जो आप अन्यथा सोच सकते हैं।। पिछले नवंबर माह में रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद की बहस के दौरान 38 वर्षीय रामास्वामी ने भविष्यवाणी की थी कि बाइडन डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार नहीं होंगे, उस समय मुख्यधारा की अधिकतर मीडिया ने इस दावे को ‘षड्यंत्र सिद्धांत’ के रूप में खारिज कर दिया था।</p>
<p>रविवार को बाइडेन ने राष्ट्रपति पद की दौड़ से पीछे हटने की घोषणा करते हुए सभी को चौंका दिया और उन्होंने उपराष्ट्रपति कमला हैरिस का समर्थन किया है, जो फिलहाल इस दौड़ में डेमोक्रेटिक पार्टी की एकमात्र नेता हैं। जनवरी में अपने रिपब्लिकन राष्ट्रपति अभियान को निलंबित कर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन करने वाले रामास्वामी ने कहा कि आज डोनाल्ड ट्रंप या रिपब्लिकन पार्टी जो कुछ भी कहती है, उससे डेमोक्रेट्स सहमत नहीं हो सकते हैं, और यह ठीक है। कोई भी दो अमेरिकी 100 प्रतिशत नीतियों पर सहमत नहीं होते हैं।</p>
<p> रामास्वामी ने आरोप लगाया कि डेमोक्रेट एक पार्टी है और यह उनका एक अभियान है जिसने पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप को पद से बाहर रखने को अपने अस्तित्व का मुख्य कारण बना लिया है। उन्होंने कानून व्यवस्था के भीतर और कानून के बाहर जाकर भी उन्हें रोकने की हरसंभव कोशिश की है। उन्होंने कहा कि उन्हें मतपत्र से दूर रखने के उनके सभी प्रयास न केवल विफल हो गए, बल्कि उलटा असर भी हुआ, जिससे ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी और अधिक लोकप्रिय हो गई। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/481753/myanmars-prime-minister-was-given-the-responsibility-of-acting-president%C2%A0">म्यांमार के प्रधानमंत्री Min Aung Hlaing को कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी सौंपी, बीमार हैं Myint Swe </a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jul 2024 12:59:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>US Elections 2024 : राष्ट्रपति पद के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी का उम्मीदवार बनने की दावेदारी में कमला हैरिस सबसे आगे </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन। </strong>राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा चुनाव मैदान से हटने की घोषणा करने के बाद राष्ट्रपति पद के चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बनने का दरवाजा कई दावेदारों के लिए खुल गया है। राष्ट्रपति बाइडेन ने पार्टी उम्मीदवार के तौर पर उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को अपना समर्थन दिया है तथा कई अन्य प्रमुख डेमोक्रेटिक नेता भी उनकी उम्मीदवारी के पक्ष में आगे आए हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि पार्टी में उनकी उम्मीदवारी का रास्ता कितना आसान होगा। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बनने के प्रमुख दावेदारों की सूची इस प्रकार है: </p>
<p><strong>कमला हैरिस</strong><br />कैलिफोर्निया के ऑकलैंड में जन्मी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस नागरिक अधिकार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/481583/harris-is-at-the-forefront-of-the-race-to-become"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/कमला-हैरिस.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन। </strong>राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा चुनाव मैदान से हटने की घोषणा करने के बाद राष्ट्रपति पद के चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बनने का दरवाजा कई दावेदारों के लिए खुल गया है। राष्ट्रपति बाइडेन ने पार्टी उम्मीदवार के तौर पर उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को अपना समर्थन दिया है तथा कई अन्य प्रमुख डेमोक्रेटिक नेता भी उनकी उम्मीदवारी के पक्ष में आगे आए हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि पार्टी में उनकी उम्मीदवारी का रास्ता कितना आसान होगा। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बनने के प्रमुख दावेदारों की सूची इस प्रकार है: </p>
<p><strong>कमला हैरिस</strong><br />कैलिफोर्निया के ऑकलैंड में जन्मी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस नागरिक अधिकार वकील एवं न्यायविद दिवंगत थरगुड मार्शल को प्रेरणास्रोत मानती हैं और अपने जीवन पर नागरिक अधिकार आंदोलन से जुड़े रहे अपने माता-पिता के प्रभाव का अकसर जिक्र करती हैं। लॉस एंजिलिस के वकील डगलस एमहॉफ कमला हैरिस के पति हैं। बाइडेन ने 2020 में हैरिस को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुनते हुए उन्हें ‘‘निडर योद्धा’’ कहा था। कमला जनवरी 2021 से उपराष्ट्रपति के रूप में सेवाएं दे रही हैं। वह अमेरिका की पहली महिला, पहली अश्वेत और दक्षिण एशियाई मूल की पहली ऐसी नागरिक हैं जो इस पद पर आसीन हुई हैं। हैरिस (59) ने दो बार कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल चुने जाने के बाद 2016 में अमेरिकी सीनेट में अपनी सीट जीती थी। </p>
<p><strong>जे.बी. प्रिट्जकर</strong><br />इलिनोइस के गवर्नर जे.बी. प्रिट्जकर अमेरिका में पद पर आसीन सबसे अमीर नेता हैं। वह ‘हयात होटल’ के उत्तराधिकारी, एक पूर्व निजी इक्विटी निवेशक और परोपकारी हैं। उनकी कुल संपत्ति 3.4 अरब अमेरिकी डॉलर है। उन्हें ‘फोर्ब्स 400’ की सबसे अमीर अमेरिकियों की सूची में 250वें स्थान पर रखा गया। </p>
<p><strong>ग्रेचेन व्हिटमर</strong><br />ग्रेचेन व्हिटमर मिशिगन की गवर्नर हैं। वह राज्य विधायिका में डेढ़ दशक तक सेवाएं देने के बाद 2018 में गवर्नर पद के चुनाव में पहली बार जीत हासिल कर डेमोक्रेटिक पार्टी में तेजी से उभरीं। </p>
<p><strong>गेविन न्यूजॉम</strong><br />कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूजॉम सैन फ्रांसिस्को के मूल निवासी हैं, जो 1995 में मेयर पद के लिए विली ब्राउन के प्रचार अभियान में स्वयंसेवक के तौर पर राजनीति में शामिल हुए थे। मेयर ब्राउन ने दो साल बाद न्यूजॉम को ‘सैन फ्रांसिस्को बोर्ड ऑफ सुपरवाइजर्स’ की एक खाली सीट पर नियुक्त किया और बाद में उन्हें इस सीट पर पुननिर्वाचित किया गया। न्यूजॉम ने बाद में मेयर पद का चुनाव जीता और 2004 में सैन फ्रांसिस्को क्लर्क को समलैंगिक जोड़ों को विवाह लाइसेंस जारी करने का निर्देश देकर वह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए। </p>
<p><strong>जोश शापिरो</strong><br />पेनसिल्वेनिया के गवर्नर जोश शापिरो को पार्टी का एक उभरता नेता माना जाता है। उन्होंने गर्वनर पद के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप द्वारा समर्थित उम्मीदवार को करारी शिकस्त दी थी। वह अटॉर्नी जनरल के तौर पर भी सेवाएं दे चुके हैं। इनके अलावा उत्तरी कैरोलाइना के गवर्नर रॉय कूपर, केंटकी के गवर्नर एंडी बेशर और पूर्व अंतरिक्ष यात्री एवं सीनेटर मार्क केली भी डेमोक्रेटिक पार्टी का उम्मीदवार बनने के दावेदारों में शामिल हैं।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/481577/joe-biden-drops-vice-president-kamala-harris-name-out-of">जो बाइडेन राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस का नाम आगे बढ़ाया</a></strong></span></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jul 2024 13:34:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>US Election 2024 : जो बाइडन का समर्थन करने वाले भारतीय-अमेरिकियों की संख्या में 19 प्रतिशत की गिरावट </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिका में साल 2020 में हुए चुनाव और 2024 में होने वाले चुनाव अंतराल के दौरान मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन का समर्थन करने वाले भारतीय-अमेरिकियों की संख्या में 19 प्रतिशत की गिरावट आई है। द्विवार्षिक एशियाई अमेरिकी मतदाता सर्वेक्षण (एएवीएस) ने बुधवार को यह जानकारी दी। एशियाई अमेरिकी मतदाता सर्वेक्षण दो साल में एक बार किया जाता है और यह एशियाई-अमेरिकी समुदाय का सबसे लंबे समय तक चलने वाला सर्वेक्षण है। </p>
<p>एशियन एंड पैसिफिक आइलैंडर अमेरिकन वोट (एपीआईएवोट), एएपीआई डेटा, एशियन अमेरिकन्स एडवांसिंग जस्टिस (एएजेसी) और एएआरपी द्वारा किए गए सर्वेक्षण से यह पता चला कि अमेरिका में इस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/479481/us-election-2024-19-percent-decline-in-the-number-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/जो-बाइडन.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिका में साल 2020 में हुए चुनाव और 2024 में होने वाले चुनाव अंतराल के दौरान मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन का समर्थन करने वाले भारतीय-अमेरिकियों की संख्या में 19 प्रतिशत की गिरावट आई है। द्विवार्षिक एशियाई अमेरिकी मतदाता सर्वेक्षण (एएवीएस) ने बुधवार को यह जानकारी दी। एशियाई अमेरिकी मतदाता सर्वेक्षण दो साल में एक बार किया जाता है और यह एशियाई-अमेरिकी समुदाय का सबसे लंबे समय तक चलने वाला सर्वेक्षण है। </p>
<p>एशियन एंड पैसिफिक आइलैंडर अमेरिकन वोट (एपीआईएवोट), एएपीआई डेटा, एशियन अमेरिकन्स एडवांसिंग जस्टिस (एएजेसी) और एएआरपी द्वारा किए गए सर्वेक्षण से यह पता चला कि अमेरिका में इस साल नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव में भारतीय मूल के 46 प्रतिशत अमेरिकी नागरिक जो बाइडेन को वोट दे सकते हैं, जबकि 2020 में यह आंकड़ा 65 प्रतिशत था। भारतीय-अमेरिकियों की संख्या में 19 प्रतिशत की गिरावट, सभी एशियाई-अमेरिकी जातीय समुदायों में सर्वाधिक है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और उनके प्रतिद्वंद्वी डोनाल्ड ट्रंप के बीच 27 जून को राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया के तहत हुई बहस से पहले यह सर्वेक्षण किया गया था। </p>
<p>सर्वेक्षण के अनुसार, 46 प्रतिशत एशियाई अमेरिकी बाइडन के पक्ष में मतदान कर सकते हैं, लेकिन 2020 के चुनाव की तुलना में यह आंकड़ा आठ प्रतिशत कम है। वहीं, 31 प्रतिशत लोग डोनाल्ड ट्रंप के लिए मतदान कर सकते है, जो 2020 के आंकड़ों की तुलना में एक प्रतिशत अधिक है। जो बाइडन का समर्थन करने वाले भारतीय-अमेरिकियों की संख्या में 19 प्रतिशत की गिरावट होने के बावजूद यह सर्वेक्षण ट्रंप की रेटिंग में केवल दो प्रतिशत (2020 में 28 प्रतिशत से 2024 में 30 प्रतिशत) का ही इजाफा दर्शाता है। </p>
<p><strong>अगर चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हुए तो ट्रंप जीत जाएंगे : सिख अमेरिकी नेता </strong><br />वाशिंगटन। ‘सिख अमेरिकन्स फॉर ट्रंप’ के प्रमुख जसदीप सिंह जस्सी का कहना है कि 27 जून को हुई राष्ट्रपति चुनाव की बहस का डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता पर असर पड़ा है और पूर्व राष्ट्रपति की जीत इस पर निर्भर करेगी कि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष या वैध तरीके से होते हैं या नहीं। मैरीलैंड में सिख समुदाय के नेता जस्सी ने अगले सप्ताह मिलवॉकी में रिपब्लिकन नेशनल कन्वेन्शन (आरएनसी) के मद्देनजर कहा, मुझे लगता है कि हमारा समुदाय ट्रंप के समर्थन में है। मैंने पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के पक्ष में काफी समर्थन देखा है। हम उनके लिए निधि एकत्रित कर रहे हैं। हम जल्द ही कन्वेन्शन में जाएंगे।</p>
<p>चार दिवसीय आरएनसी के दौरान देशभर से रिपब्लिकन प्रतिनिधि ट्रंप को पांच नवंबर को होने वाले आम चुनाव के लिए औपचारिक रूप से राष्ट्रपति पद का अपना उम्मीदवार नामित करेंगे। निवर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडन डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से संभावित उम्मीदवार हैं। जस्सी ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘हम सभी राष्ट्रपति बाइडन की समस्याओं के बारे में जानते हैं जो उन्हें पिछले चार साल से रही है लेकिन अमेरिकी जनता और मीडिया के लिए बहस के दौरान यह देखना दिलचस्प था कि राष्ट्रपति बाइडन की मानसिक क्षमता कमजोर हो गयी है जो कि साफ नजर आई। उन्होंने कहा, हमें लगता है कि इस बहस का ट्रंप की लोकप्रियता पर कुछ असर पड़ा है। अगर यह चुनाव निष्पक्ष, पारदर्शी या वैध तरीके से होता है तो ट्रंप जीत जाएंगे क्योंकि अमेरिकी जनता यही चाहती है।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/479427/unhcr-chief-spoke-to-pakistan-prime-minister-on-the-issue">यूएनएचसीआर के प्रमुख ने अफगान शरणार्थियों के मुद्दे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से की बात </a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/479481/us-election-2024-19-percent-decline-in-the-number-of</link>
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                <pubDate>Thu, 11 Jul 2024 11:56:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नाटो सदस्यों में सबसे कम योगदान देने वाला देश बना कनाडा, सामने आई रिपोर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन की मेजबानी में आयोजित हो रहे नाटो शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर सोमवार को एक प्रमुख अमेरिकी मीडिया संगठन ने कहा कि कनाडा 32 सदस्यीय इस सैन्य गठबंधन में सबसे कम योगदान देने वाले देशों में से एक बन गया है। प्रमुख अमेरिकी मीडिया संगठन 'पॉलिटिको' ने कहा, पिछले कई वर्षों में ओटावा 32 सदस्यीय गठबंधन में सबसे कम योगदान देने वाले देशों में से एक बन गया है। वह घरेलू सैन्य खर्च के लक्ष्यों को पूरा करने में नाकाम रहा है, नए उपकरण खरीदने के लिए वित्त पोषण देने में नाकाम रहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/479182/canada-becomes-the-least-contributing-country-among-nato-members-report"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/प्रधानमंत्री-जस्टिन-ट्रूडो.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन की मेजबानी में आयोजित हो रहे नाटो शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर सोमवार को एक प्रमुख अमेरिकी मीडिया संगठन ने कहा कि कनाडा 32 सदस्यीय इस सैन्य गठबंधन में सबसे कम योगदान देने वाले देशों में से एक बन गया है। प्रमुख अमेरिकी मीडिया संगठन 'पॉलिटिको' ने कहा, पिछले कई वर्षों में ओटावा 32 सदस्यीय गठबंधन में सबसे कम योगदान देने वाले देशों में से एक बन गया है। वह घरेलू सैन्य खर्च के लक्ष्यों को पूरा करने में नाकाम रहा है, नए उपकरण खरीदने के लिए वित्त पोषण देने में नाकाम रहा है और उसके पास इस संबंध में कोई योजना भी नहीं है। </p>
<p>कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो इस साल के उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए वाशिंगटन पहुंच गए हैं जिसकी औपचारिक शुरुआत मंगलवार को होगी। ट्रूडो के कार्यालय ने बताया कि यहां बैठकों के दौरान वह पूरे यूरोप में नाटो के सामूहिक रक्षा प्रयासों में कनाडा के योगदानों पर प्रकाश डालेंगे। ‘पॉलिटिको’ ने कहा कि नाटो के 12 संस्थापक सदस्यों में से एक कनाडा ने रक्षा पर दो प्रतिशत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) खर्च करने के संकल्प पर 2014 में हस्ताक्षर किए थे। </p>
<p>नाटो सदस्यों की इस लक्ष्य को हासिल करने में धीमी प्रगति रही है लेकिन इस साल 32 में से 23 नाटो सदस्य रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की योजनाओं को लेकर गठबंधन की पूर्वी सीमा पर बढ़ते खतरे के मद्देनजर इस लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। ‘पॉलिटिको’ के अनुसार, नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान उसके सदस्य कनाडा पर और अधिक नकदी जुटाने पर जोर दे सकते हैं। मीडिया संगठन ने विदेश विभाग के एक पूर्व अधिकारी मैक्स बर्गमैन के हवाले से कहा, ‘‘अब क्या हो रहा है कि हर कोई अधिक खर्च कर रहा है जबकि कनाडा कोशिश भी नहीं कर रहा है।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/479072/avinash-sable-broke-the-national-steeplechase-record-and-finished-sixth">Paris Diamond League 2024 : अविनाश साबले ने राष्ट्रीय स्टीपलचेज में अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा, पेरिस डायमंड लीग में रहे छठे स्थान पर </a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/479182/canada-becomes-the-least-contributing-country-among-nato-members-report</link>
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                <pubDate>Tue, 09 Jul 2024 11:59:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन बोले- मुझे चुनावी दौड़ से केवल 'सर्वशक्तिमान ईश्वर' ही बाहर कर सकता है  </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं और राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए हुई पहली बहस में खराब प्रदर्शन के बाद, उनके चुनावी दौड़ से बाहर होने को लेकर लगाई जा रही अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि केवल 'सर्वशक्तिमान ईश्वर' ही उन्हें मुकाबले से बाहर होने के लिए राजी कर सकते हैं। बाइडेन (81) ने यह बात एक टेलीविजन चैनल से साक्षात्कार के दौरान कही। राष्ट्रपति पद के चुनाव की प्रक्रिया के तहत अटलांटा में 27 जून को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बहस में खराब प्रदर्शन के बाद बाइडन की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/478631/us-president-joe-biden-said-only-almighty-god-can"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/जो-बाइडेन.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं और राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए हुई पहली बहस में खराब प्रदर्शन के बाद, उनके चुनावी दौड़ से बाहर होने को लेकर लगाई जा रही अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि केवल 'सर्वशक्तिमान ईश्वर' ही उन्हें मुकाबले से बाहर होने के लिए राजी कर सकते हैं। बाइडेन (81) ने यह बात एक टेलीविजन चैनल से साक्षात्कार के दौरान कही। राष्ट्रपति पद के चुनाव की प्रक्रिया के तहत अटलांटा में 27 जून को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बहस में खराब प्रदर्शन के बाद बाइडन की लोकप्रियता की ‘रेटिंग’ गिर गई है, जिसके बाद उन्हीं की पार्टी (डेमोक्रेटिक पार्टी) के कुछ नेताओं ने उनसे राष्ट्रपति पद के चुनाव की दौड़ से बाहर होने का आग्रह किया था। </p>
<p>बाइडेन ने कहा कि राष्ट्रपति पद के चुनाव की प्रक्रिया के तहत पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई अपनी पहली बहस से पहले वह थके हुए और बीमार थे। अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडन ने साथ ही कहा कि केवल ‘‘सर्वशक्तिमान ईश्वर’’ ही उन्हें पांच नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव की दौड़ से बाहर कर सकते हैं। बाइडन ने दावा किया कि वह ‘‘दुनिया को चला रहे हैं’’ और राष्ट्रपति बनने के लिए ‘‘उनसे ज्यादा योग्य’’ कोई नहीं है। दूसरी बार राष्ट्रपति बनने का लक्ष्य लिए चुनावी मैदान में उतरे बाइडन ने ट्रंप पर ‘‘आदतन झूठा’’ होने का आरोप लगाया। बाइडेन ने 'एबीसी न्यूज' से साक्षात्कार के दौरान राष्ट्रपति पद के चुनाव के तहत हुई अपनी पहली बहस में अपने खराब प्रदर्शन को लेकर कहा, ''मैं थक गया था। मैंने तैयारी के दौरान अपने मन की बात नहीं सुनी।’’ अपनी पहली बहस के बाद किसी टेलीविजन चैनल के साथ उनका पहला साक्षात्कार था। </p>
<p>उन्होंने कहा, ''मैं बीमार था। मैं बहुत अस्वस्थ महसूस कर रहा था। चिकित्सक मेरे साथ थे। मैंने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने मेरी कोविड-19 संबंधी जांच की है। वह यह पता लगाने की कोशिश कर रहे थे कि मेरे बीमार होने का कारण क्या है। उन्होंने मेरी कोविड जांच की लेकिन मुझे संक्रमण नहीं हुआ था। मुझे बस सर्दी लगी थी।'' बाइडन ने कहा कि बहस में उनके खराब प्रदर्शन में किसी और की नहीं ‘‘बल्कि मेरी गलती थी।’’ </p>
<p>बाइडेन ने कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी के किसी भी प्रमुख नेता ने उनसे चुनाव से हटने के लिए नहीं कहा है। उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ से तभी हटेंगे जब ‘‘सर्वशक्तिमान ईश्वर’’ उनसे ऐसा करने के लिए कहेंगे। उन्होंने कहा, अगर सर्वशक्तिमान ईश्वर धरती पर आकर कहेंगे कि ‘जो (बाइडन), दौड़ से बाहर हो जाओ’ तो मैं चुनावी दौड़ से बाहर हो जाऊंगा। सर्वशक्तिमान ईश्वर नीचे नहीं आ रहे हैं।’’ बाइडन ने इससे पहले विस्कॉन्सिन में एक रैली के दौरान कहा कि वह चुनावी दौड़ में हैं और वह फिर से चुनाव जीतेंगे। </p>
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                <pubDate>Sat, 06 Jul 2024 11:59:01 +0530</pubDate>
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