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                <title>IMF - Amrit Vichar</title>
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                <description>IMF RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ईंधन और उर्वरक की कीमतें लंबे समय तक रहेंगी ऊंची: IMF, World Bank और IEA का अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वॉशिंगटनः </strong>अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) का कहना है कि पश्चिम एशिया में युद्ध से स्थिति अनिश्चित बनी रहने के मद्देनजर ईंधन और उर्वरक की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक समूह के प्रमुखों ने पश्चिम एशिया में युद्ध के ऊर्जा एवं आर्थिक प्रभावों से निपटने के लिए इस महीने की शुरुआत में गठित समन्वय समूह के हिस्से के रूप में यहां मुलाकात की। संयुक्त बयान में तीनों संस्थानों ने कहा कि युद्ध के कारण लोगों का जबरन विस्थापन हुआ है, रोजगार प्रभावित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578714/fuel-and-fertilizer-prices-will-remain-high-for-a-long-time--imf--world-bank-and-iea-alert"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(12)7.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वॉशिंगटनः </strong>अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) का कहना है कि पश्चिम एशिया में युद्ध से स्थिति अनिश्चित बनी रहने के मद्देनजर ईंधन और उर्वरक की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक समूह के प्रमुखों ने पश्चिम एशिया में युद्ध के ऊर्जा एवं आर्थिक प्रभावों से निपटने के लिए इस महीने की शुरुआत में गठित समन्वय समूह के हिस्से के रूप में यहां मुलाकात की। संयुक्त बयान में तीनों संस्थानों ने कहा कि युद्ध के कारण लोगों का जबरन विस्थापन हुआ है, रोजगार प्रभावित हुए हैं और यात्रा व पर्यटन में गिरावट आई है जिसे सामान्य होने में समय लग सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">बयान में कहा गया, ''जैसा कि हमने इस महीने की शुरुआत में उल्लेख किया था कि युद्ध का प्रभाव व्यापक, वैश्विक और अत्यधिक असमान है। इसका असर खास तौर पर ऊर्जा आयात करने वाले देशों और निम्न-आय वाले देशों पर अधिक पड़ा है।'' इसमें कहा गया कि इस झटके के कारण तेल, गैस एवं उर्वरकों की कीमतें बढ़ी हैं जिससे खाद्य सुरक्षा तथा रोजगार को लेकर चिंताएं भी बढ़ी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बयान के अनुसार, ''पश्चिम एशिया के कुछ तेल एवं गैस उत्पादक देशों को निर्यात राजस्व में भी भारी नुकसान हुआ है।'' इसमें कहा गया कि पश्चिम एशिया की स्थिति अब भी बेहद अनिश्चित है और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों का आवागमन अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है। समन्वय समूहों ने कहा, ''भले ही होर्मुज जलडमरूमध्य से सामान्य आवाजाही बहाल हो जाए, फिर भी प्रमुख वस्तुओं की वैश्विक आपूर्ति को युद्ध के पूर्व स्तर पर लौटने में समय लगेगा और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के कारण ईंधन एवं उर्वरक की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं।''</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें कहा गया कि आपूर्ति में बाधाओं के कारण आवश्यक कच्चे माल की कमी से ऊर्जा, खाद्य एवं अन्य उद्योगों पर असर पड़ सकता है। युद्ध के कारण लोगों का विस्थापन, रोजगार पर असर और यात्रा व पर्यटन में कमी आई है जिसे सामान्य होने में समय लगेगा। इन तीनों संस्थानों के प्रमुखों ने ऊर्जा बाजार, वैश्विक अर्थव्यवस्था और विभिन्न देशों पर युद्ध के प्रभाव के अपने ताजा आकलन साझा किए। यह बैठक आईईए की मासिक 'ऑयल मार्केट रिपोर्ट' और आईएमएफ के 'वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक' जारी होने से पहले हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">बयान में कहा गया, ''हमने उन देशों की स्थिति पर भी चर्चा की जो इस झटके से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। साथ ही हमारी संस्थाओं की प्रतिक्रियाओं पर भी विचार किया। हमारे दल देशों के स्तर पर भी मिलकर काम कर रहे हैं ताकि अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए देशों को नीतिगत सलाह और जरूरत पड़ने पर वित्तीय सहायता प्रदान की जा सके।"</p>
<p style="text-align:justify;">इन तीनों संस्थानों के प्रमुखों ने कहा कि वे ऊर्जा बाजार, वैश्विक अर्थव्यवस्था और अलग-अलग देशों पर युद्ध के प्रभाव की निगरानी जारी रखेंगे तथा सदस्य देशों को समर्थन देने के लिए समन्वित प्रयास करते रहेंगे ताकि स्थिरता, विकास एवं रोजगार सुनिश्चित करने वाली मजबूत आर्थिक पुनर्बहाली की नींव रखी जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 15:21:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>foreign exchange reserves: विदेशी मुद्रा भंडार 1.02 अरब डॉलर घटकर 697.l9 अरब डॉलर पर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुंबई।</strong> विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति, स्वर्ण, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास आारक्षित निधि में भारी गिरावट होने से 20 जून को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 1.02 अरब डॉलर कम होकर 697.l9 अरब डॉलर पर आ गया। </p>
<p>वहीं, इसके पिछले सप्ताह देश का विदेशी मुद्रा भंडार 2.3 अरब डॉलर की बढ़ोतरी लेकर 698.9 अरब डॉलर पर रहा था। रिजर्व बैंक की ओर से जारी साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार, 20 जून को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 35.7 करोड़ डॉलर की गिरावट लेकर 589.1 अरब</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/544040/foreign-exchange-reserves--foreign-exchange-reserves-declined-by---1-02-billion-to---697-l9-billion"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-06/cats518.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई।</strong> विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति, स्वर्ण, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास आारक्षित निधि में भारी गिरावट होने से 20 जून को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 1.02 अरब डॉलर कम होकर 697.l9 अरब डॉलर पर आ गया। </p>
<p>वहीं, इसके पिछले सप्ताह देश का विदेशी मुद्रा भंडार 2.3 अरब डॉलर की बढ़ोतरी लेकर 698.9 अरब डॉलर पर रहा था। रिजर्व बैंक की ओर से जारी साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार, 20 जून को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 35.7 करोड़ डॉलर की गिरावट लेकर 589.1 अरब डॉलर पर आ गई। </p>
<p>इसी तरह इस अवधि में स्वर्ण भंडार में 57.3 करोड़ डॉलर की कमी हुई और यह घटकर 85.7 अरब डॉलर पर आ गया। आलोच्य सप्ताह एसडीआर 8.5 करोड़ डॉलर गिरकर 18.7 अरब डॉलर रह गया। इसी तरह इस अवधि में आईएमएफ के पास आरक्षित निधि में 10 लाख डॉलर की कमी हुई और यह पिछले सप्ताह के मुकाबले घटकर 4.5 अरब डॉलर रह गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Jun 2025 13:43:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान को कर्ज देने के बाद बढ़ीं IMF की टेंशन, अब लगाई ये 11 नई शर्तें, जानें क्या कहा...</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>इस्लामाबाद।</strong> अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने अपने राहत कार्यक्रम की अगली किस्त जारी करने के लिए पाकिस्तान पर 11 नई शर्तें लगाई हैं। इसके साथ ही आईएमएफ ने पाकिस्तान को चेताया है कि भारत के साथ तनाव से योजना के राजकोषीय, बाह्य और सुधार लक्ष्यों के लिए जोखिम बढ़ सकते हैं। रविवार को मीडिया की खबरों में यह जानकारी दी गई है। </p>
<p>पाकिस्तान पर लगाई गई नई शर्तों में 17,600 अरब रुपये के नए बजट को संसद की मंजूरी, बिजली बिलों पर ऋण भुगतान अधिभार में वृद्धि और तीन साल से अधिक पुरानी कारों के आयात पर प्रतिबंध को हटाना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/538657/imf-s-tension-increased-after-giving-loan-to-pakistan--now-it-imposed-these-11-new-conditions"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-06/पाकिस्तान--imf.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>इस्लामाबाद।</strong> अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने अपने राहत कार्यक्रम की अगली किस्त जारी करने के लिए पाकिस्तान पर 11 नई शर्तें लगाई हैं। इसके साथ ही आईएमएफ ने पाकिस्तान को चेताया है कि भारत के साथ तनाव से योजना के राजकोषीय, बाह्य और सुधार लक्ष्यों के लिए जोखिम बढ़ सकते हैं। रविवार को मीडिया की खबरों में यह जानकारी दी गई है। </p>
<p>पाकिस्तान पर लगाई गई नई शर्तों में 17,600 अरब रुपये के नए बजट को संसद की मंजूरी, बिजली बिलों पर ऋण भुगतान अधिभार में वृद्धि और तीन साल से अधिक पुरानी कारों के आयात पर प्रतिबंध को हटाना शामिल है। <br />‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि आईएमएफ द्वारा शनिवार को जारी कर्मचारी स्तर की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव से इस कार्यक्रम के राजकोषीय, बाह्य और सुधार लक्ष्यों के लिए जोखिम बढ़ सकते हैं।’’ </p>
<p>रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पिछले दो सप्ताह में पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव काफी बढ़ गया है, लेकिन अबतक, बाजार की प्रतिक्रिया मामूली रही है और शेयर बाजार ने अपने हाल के अधिकांश लाभ को बरकरार रखा है। आईएमएफ की रिपोर्ट में अगले वित्त वर्ष के लिए रक्षा बजट 2,414 अरब रुपये रुपये दिखाया गया है, जो 252 अरब रुपये या 12 प्रतिशत अधिक है। आईएमएफ के अनुमान की तुलना में सरकार ने इस महीने की शुरुआत में भारत के साथ टकराव बढ़ने के बाद रक्षा क्षेत्र के लिए 2,500 अरब रुपये या 18 प्रतिशत अधिक आवंटित करने का संकेत दिया है। </p>
<p>भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में छह और सात मई की दरमियानी रात को पाकिस्तान में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकी ठिकानों पर हमले किए। इसके बाद पाकिस्तान ने भी आठ, नौ और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया।</p>
<p>10 मई को दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई को रोकने पर सहमति बनी। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट में कहा गया है कि आईएमएफ ने पाकिस्तान पर अब 11 और शर्तें लगाई हैं। इस तरह पाकिस्तान पर अबतक 50 शर्तें लगाई जा चुकी हैं। नई शर्तों के तहत अगले वित्त वर्ष के बजट के लिए संसद की मंजूरी शामिल है। </p>
<p>आईएमएफ की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान का कुल बजट आकार 17,600 अरब रुपये का है। इसमें से 1,0700 अरब रुपये विकास कार्यों के लिए होंगे। प्रांतों पर भी एक नई शर्त लगाई गई है। इसमें चार संघीय इकाइयां एक व्यापक योजना के माध्यम से नए कृषि आयकर कानूनों को लागू करेंगी, जिसमें रिटर्न प्रसंस्करण, करदाता पहचान और पंजीकरण, संचार अभियान और अनुपालन सुधार योजना के लिए एक परिचालन मंच की स्थापना शामिल है। </p>
<p>इस शर्त के तहत प्रांतों के लिए समयसीमा जून तक है। एक और नई शर्त यह है कि सरकार आईएमएफ के संचालन में सुधार के आकलन की सिफारिशों के आधार पर कामकाज के संचालन की कार्रवाई योजना प्रकाशित करेगी। इसके अलावा एक और शर्त यह है कि सरकार 2027 के बाद की वित्तीय क्षेत्र की रणनीति की रूपरेखा तैयार करेगी और उसे प्रकाशित करेगी। आईएमएफ ने ऊर्जा क्षेत्र के लिए भी चार नई शर्तें लगाई हैं।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 May 2025 13:33:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस का आरोप- अमेरिका के दबाव में मोदी सरकार ने नहीं किया पाकिस्तान के खिलाफ मतदान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>कांग्रेस ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि भारत अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की बैठक में पाकिस्तान को ऋण देने से संबंधित प्रस्ताव पर अमेरिकी दबाव में आकर मतदान से अनुपस्थित रहा जबकि उसे इसका विरोध करते हुए ‘नहीं’ के पक्ष में वोट करना चाहिए था। </p>
<p>कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने शनिवार को यहां कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अब पाकिस्तान को 2 अरब डॉलर से अधिक के ऋण को मंजूरी देने के लिए आईएमएफ की आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पता चला है कि केवल भारत ने ही 9</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/538542/congress-s-allegation--modi-government-did-not-vote-against-pakistan-under-us-pressure"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-11/जयराम-रमेश.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>कांग्रेस ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि भारत अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की बैठक में पाकिस्तान को ऋण देने से संबंधित प्रस्ताव पर अमेरिकी दबाव में आकर मतदान से अनुपस्थित रहा जबकि उसे इसका विरोध करते हुए ‘नहीं’ के पक्ष में वोट करना चाहिए था। </p>
<p>कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने शनिवार को यहां कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अब पाकिस्तान को 2 अरब डॉलर से अधिक के ऋण को मंजूरी देने के लिए आईएमएफ की आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पता चला है कि केवल भारत ने ही 9 मई को इस प्रस्ताव से संबंधित मतदान में भाग नहीं लिया और बाद में मोदी सरकार के समर्थकों ने तर्क दिया कि भारत के पास यही एकमात्र विकल्प उपलब्ध था। </p>
<p>उन्होंने कहा कि यह गलत दावा है क्योंकि कार्यकारी बोर्ड में वास्तव में ‘नहीं’ वोट करने का प्रावधान है। रूस ने सितंबर 2016 में यूक्रेन को ऋण प्रस्ताव पर ‘नहीं’ वोट दिया था और भारत ने खुद 11 सितंबर 2005 को जिम्बाब्वे के निष्कासन के मुद्दे पर ‘नहीं’ वोट दिया था। रमेश ने कहा, “ जहां चाह होती है वहां राह निकल ही आती है। मोदी सरकार 9 मई को आईएमएफ कार्यकारी बोर्ड की बैठक में अमेरिकी दबाव के आगे झुक गई।” </p>
<p>उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मोदी सरकार के जागने से पहले ही उसे 29 अप्रैल को आगाह किया था कि आईएमएफ कार्यकारी बोर्ड इस मुद्दे पर विचार करने के लिए 9 मई को बैठक कर रहा है और भारत को इसका जोरदार विरोध करना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 May 2025 16:36:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IMF ने पाकिस्तान को दिया 1 बिलियन डॉलर का बेलआउट पैकेज, भारत ने जताया कड़ा विरोध... उठाए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>IMF Loan To Pakistan:</strong> अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान को 1 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज प्रदान करने की घोषणा की है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय (पीएमओ) ने इसकी पुष्टि की। पीएमओ ने बताया कि आईएमएफ ने शुक्रवार (9 मई, 2025) को मौजूदा विस्तारित निधि सुविधा के तहत पाकिस्तान को तत्काल लगभग 1 अरब डॉलर की राशि देने की मंजूरी दे दी है।</p>
<p>PMO के बयान के अनुसार, "प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने आईएमएफ द्वारा पाकिस्तान के लिए 1 अरब डॉलर की किस्त को मंजूरी देने और इसके खिलाफ भारत की मनमानी को विफल करने पर संतोष</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/537462/imf-gives-1-billion-bailout-package-to-pakistan-india"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/2025-(23)5.png" alt=""></a><br /><p><strong>IMF Loan To Pakistan:</strong> अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान को 1 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज प्रदान करने की घोषणा की है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय (पीएमओ) ने इसकी पुष्टि की। पीएमओ ने बताया कि आईएमएफ ने शुक्रवार (9 मई, 2025) को मौजूदा विस्तारित निधि सुविधा के तहत पाकिस्तान को तत्काल लगभग 1 अरब डॉलर की राशि देने की मंजूरी दे दी है।</p>
<p>PMO के बयान के अनुसार, "प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने आईएमएफ द्वारा पाकिस्तान के लिए 1 अरब डॉलर की किस्त को मंजूरी देने और इसके खिलाफ भारत की मनमानी को विफल करने पर संतोष व्यक्त किया है।" बयान में कहा गया कि पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और देश विकास के पथ पर अग्रसर है।</p>
<p><strong>भारत ने जताया कड़ा विरोध</strong></p>
<p>भारत ने शुक्रवार को आईएमएफ के पाकिस्तान को 2.3 अरब अमेरिकी डॉलर का नया ऋण देने के प्रस्ताव का विरोध किया और कहा कि इस धन का दुरुपयोग राज्य प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए हो सकता है। भारत ने इस मुद्दे पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की महत्वपूर्ण बैठक में मतदान से दूरी बनाए रखी।</p>
<p>मतदान के परिणाम पाकिस्तान के पक्ष में रहे और उसे आईएमएफ से ऋण प्राप्त हो गया। भारत ने एक जिम्मेदार सदस्य देश के रूप में पाकिस्तान के खराब पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए आईएमएफ कार्यक्रमों पर चिंता व्यक्त की। वित्त मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान को मिलने वाली इस धनराशि का उपयोग राज्य प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए किया जा सकता है।</p>
<p><strong>कैसे सोचता है अंतर्राष्ट्रीय समुदाय...</strong></p>
<p>जम्मू-कश्मीर के सीए उमर अब्दुल्लाह ने कहा कि मुझे यकीन नहीं है कि "अंतर्राष्ट्रीय समुदाय" कैसे सोचता है कि उपमहाद्वीप में मौजूदा तनाव कम हो जाएगा, जब आईएमएफ अनिवार्य रूप से पाकिस्तान को उन सभी आयुधों के लिए प्रतिपूर्ति करेगा, जिनका उपयोग वह पुंछ, राजौरी, उरी, तंगधार और कई अन्य स्थानों को तबाह करने के लिए कर रहा है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/OmarAbdullah/status/1921024713981063364">https://twitter.com/OmarAbdullah/status/1921024713981063364</a></blockquote>
<p>

</p>
<p><strong>वैश्विक समुदाय के लिए खतरनाक संदेश- बोला भारत</strong></p>
<p>गौरतलब है कि विस्तारित निधि सुविधा (ईएफएफ) ऋण कार्यक्रम की समीक्षा के लिए आईएमएफ बोर्ड की शुक्रवार को बैठक हुई, जिसमें भारत ने अपना विरोध दर्ज किया। इस बैठक में पाकिस्तान के लिए एक नए लचीलापन और स्थिरता सुविधा (आरएसएफ) ऋण कार्यक्रम (1.3 अरब डॉलर) पर भी चर्चा हुई।<br />भारत ने कहा कि सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले को बार-बार पुरस्कृत करने से वैश्विक समुदाय को एक खतरनाक संदेश जाता है। इससे वित्तपोषण करने वाली एजेंसियों और दाताओं की प्रतिष्ठा खतरे में पड़ती है तथा वैश्विक मूल्यों का उपहास होता है।</p>
<p><strong>खबर लगातार अपडेट की जा रही है...</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः  <a href="https://www.amritvichar.com/article/537460/india-pakistan-attack--pakistan-targeted-26-cities-of-india--in-retaliation-pak-posts--terrorist-launch-pads-were-destroyed--4-airbases-were-targeted">India-Pakistan Attack: पाकिस्तान की चौकियां, आतंकी लॉन्च पैड्स ध्वस्त, 4 एयरबेसों को बनाया निशाना</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/537462/imf-gives-1-billion-bailout-package-to-pakistan-india</link>
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                <pubDate>Sat, 10 May 2025 09:11:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान को कर्ज देने पर IMF की बैठक, भारत ने जताया विरोध, मतदान से रहा दूर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> भारत ने शुक्रवार को पाकिस्तान को 2.3 अरब अमेरिकी डॉलर का नया ऋण देने के आईएमएफ के प्रस्ताव का विरोध किया और कहा कि इस धन का दुरुपयोग राज्य प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए किया जा सकता है। भारत इस संबंध में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की महत्वपूर्ण बैठक में मतदान से दूर रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">  मतदान के नतीजे की जानकारी खबर लिखे जाने तक नहीं मिल सकी थी। भारत ने एक जिम्मेदार सदस्य देश के रूप में पाकिस्तान के पिछले खराब रिकॉर्ड को देखते हुए आईएमएफ कार्यक्रमों पर चिंता जताई। वित्त मंत्रालय ने एक बयान</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/537458/imf-meeting-on-giving-loans-to-pakistan-india-expressed-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/आईएमएफ.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> भारत ने शुक्रवार को पाकिस्तान को 2.3 अरब अमेरिकी डॉलर का नया ऋण देने के आईएमएफ के प्रस्ताव का विरोध किया और कहा कि इस धन का दुरुपयोग राज्य प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए किया जा सकता है। भारत इस संबंध में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की महत्वपूर्ण बैठक में मतदान से दूर रहा।</p>
<p style="text-align:justify;"> मतदान के नतीजे की जानकारी खबर लिखे जाने तक नहीं मिल सकी थी। भारत ने एक जिम्मेदार सदस्य देश के रूप में पाकिस्तान के पिछले खराब रिकॉर्ड को देखते हुए आईएमएफ कार्यक्रमों पर चिंता जताई। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान को मिलने वाली इस धनराशि का इस्तेमाल राज्य प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए किया जा सकता है। विस्तारित निधि सुविधा (ईएफएफ) ऋण कार्यक्रम की समीक्षा करने के लिए आईएमएफ बोर्ड की शुक्रवार को बैठक हुई, जिसमें भारत ने अपना विरोध दर्ज कराया। इस बैठक में पाकिस्तान के लिए एक नए लचीलेपन और स्थिरता सुविधा (आरएसएफ) ऋण कार्यक्रम (1.3 अरब डॉलर) पर भी विचार किया गया। भारत ने कहा कि सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले को लगातार पुरस्कृत करने से वैश्विक समुदाय को एक खतरनाक संदेश जाता है। इससे वित्तपोषण करने वाली एजेंसियों और दाताओं की प्रतिष्ठा भी जोखिम में पड़ती है और वैश्विक मूल्यों का मजाक उड़ता है। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://www.amritvichar.com/article/537338/india-pakistan-attack-live--india-is-giving-a-befitting-reply-to-every-nefarious-act-of-pakistan--siren-sounded-again-in-chandigarh--information-of-bomb-in-jaisalmer#gsc.tab=0">India-Pakistan Attack Live : पाक के कायराना हमलों का मुंहतोड़ जवाब दे रहा भारत</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/537458/imf-meeting-on-giving-loans-to-pakistan-india-expressed-the</link>
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                <pubDate>Fri, 09 May 2025 23:39:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 686.1 अरब डॉलर पर पहुंचा, पढ़ें रिजर्व बैंक की ये रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुंबई।</strong> विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति, स्वर्ण भंडार, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास आरक्षित निधि में जबरदस्त बढ़ोतरी होने से 18 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 8.3 अरब डॉलर के इजाफे के साथ 686.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया।</p>
<p>इसी तरह इसके पिछले सप्ताह देश का विदेशी मुद्रा भंडार 1.6 अरब डॉलर की बढ़ोतरी लेकर 677.8 अरब डॉलर पर रहा था। रिजर्व बैंक की ओर से जारी साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार, 18 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 3.52 अरब डॉलर की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/535447/foreign-exchange-reserves-increased-to---686-1-billion--read-this-report-of-the-reserve-bank"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/cats477.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई।</strong> विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति, स्वर्ण भंडार, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास आरक्षित निधि में जबरदस्त बढ़ोतरी होने से 18 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 8.3 अरब डॉलर के इजाफे के साथ 686.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया।</p>
<p>इसी तरह इसके पिछले सप्ताह देश का विदेशी मुद्रा भंडार 1.6 अरब डॉलर की बढ़ोतरी लेकर 677.8 अरब डॉलर पर रहा था। रिजर्व बैंक की ओर से जारी साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार, 18 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 3.52 अरब डॉलर की मजबूती के साथ 578.5 अरब डॉलर पर पहुंच गई।</p>
<p>इसी तरह इस अवधि में स्वर्ण भंडार 4.6 अरब डॉलर उछलकर 84.6 अरब डॉलर हो गया। आलोच्य सप्ताह एसडीआर 21.2 करोड़ डॉलर की तेजी लेकर 18.6 अरब डॉलर हो गया। इसी तरह इस अवधि में आईएमएफ के पास आरक्षित निधि में 70 लाख डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह पिछले सप्ताह के मुकाबले बढ़कर 4.5 अरब डॉलर पर पहुंच गई। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/535447/foreign-exchange-reserves-increased-to---686-1-billion--read-this-report-of-the-reserve-bank</link>
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                <pubDate>Sun, 27 Apr 2025 12:19:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी ने 51000 से अधिक युवाओं कों बांटे नियुक्ति पत्र, कहा- रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी सुनिश्चित कर रही सरकार </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठा रही है कि रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों में इजाफा हो। केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में चयनित 51,000 से अधिक लोगों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद रोजगार मेले के 15वें संस्करण को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह युवाओं के लिए अभूतपूर्व अवसरों का समय है। </p>
<p>उन्होंने डिजिटल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था वाला देश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/535286/prime-minister-modi-distributed-appointment-letters-to-more-than-51000-youth--said--government-is-ensuring-increase-in-employment-opportunities"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/cats447.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठा रही है कि रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों में इजाफा हो। केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में चयनित 51,000 से अधिक लोगों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद रोजगार मेले के 15वें संस्करण को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह युवाओं के लिए अभूतपूर्व अवसरों का समय है। </p>
<p>उन्होंने डिजिटल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था वाला देश बना रहेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि हर क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मोदी ने कहा कि ऑटोमोबाइल और फुटवियर उद्योगों में उत्पादन व निर्यात ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं, जिससे बड़ी संख्या में रोजगार पैदा हुए हैं। </p>
<p>प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार द्वारा किए गए बदलाव का हवाला देते हुए बताया कि अंतर्देशीय जलमार्ग के माध्यम से माल प्रबंधन की मात्रा 2014 में 1.8 करोड़ टन थी, जो बढ़कर 14.5 करोड़ टन हो गई है, जबकि राष्ट्रीय जलमार्गों की संख्या पांच से बढ़कर 110 हो गई है और उनकी लंबाई 2,700 किलोमीटर से बढ़कर 5,000 किलोमीटर से अधिक हो गई है। मोदी ने कहा कि सबसे बड़ी बात यह रही है कि विकास समावेशी रहा है। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। </p>
<p>मोदी ने कहा कि इस साल संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में शीर्ष पांच में से तीन ‘टॉपर’ महिलाएं हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि 90 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों में 10 करोड़ से अधिक महिलाएं काम कर रही हैं। मोदी ने कहा कि इस दशक में युवाओं ने प्रौद्योगिकी, डेटा और नवाचार के क्षेत्र में भारत के उत्थान को गति दी है। उन्होंने कहा कि देश ‘रियल टाइम’ डिजिटल लेनदेन में अग्रणी है। </p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि मुंबई में आयोजित होने वाला विश्व दृश्य-श्रव्य एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) भी युवाओं के लिए वैश्विक मंच पर अपने कौशल दिखाने का एक बड़ा अवसर होगा। उन्होंने कहा कि उन्हें कृत्रिम मेधा (एआई) और ‘इमर्सिव मीडिया’ को समझने का भी मौका मिलेगा तथा यह कार्यक्रम डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में एक नयी ऊर्जा का संचार करेगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/535255/unsc-strongly-condemned-the-pahalgam-terrorist-attack--said---the-culprits-need-to-be-brought-to-justice">UNSC ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की, कहा-'दोषियों को न्याय के कटघरे में पेश करने की जरूरत'</a></strong> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/535286/prime-minister-modi-distributed-appointment-letters-to-more-than-51000-youth--said--government-is-ensuring-increase-in-employment-opportunities</link>
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                <pubDate>Sat, 26 Apr 2025 12:43:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विदेशी मुद्रा भंडार में जोरदार इजाफा, 1.6 अरब डॉलर के इजाफे के साथ 677.8 अरब डॉलर पर पहुंचा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुंबई।</strong> विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति, स्वर्ण भंडार और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास आरक्षित निधि में जबरदस्त बढ़ोतरी होने से 11 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 1.6 अरब डॉलर के इजाफे के साथ 677.8 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इसी तरह इसके पिछले सप्ताह देश का विदेशी मुद्रा भंडार 10.9 अरब डॉलर उछलकर 676.3 अरब डॉलर पर रहा था।</p>
<p>रिजर्व बैंक की ओर से साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार, 11 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 89.2 करोड़ डॉलर की मजबूती के साथ 574.9 अरब डॉलर पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/534371/foreign-currency-reserves-strongly-increased-by-16-billion-to"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/cats356.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई।</strong> विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति, स्वर्ण भंडार और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास आरक्षित निधि में जबरदस्त बढ़ोतरी होने से 11 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 1.6 अरब डॉलर के इजाफे के साथ 677.8 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इसी तरह इसके पिछले सप्ताह देश का विदेशी मुद्रा भंडार 10.9 अरब डॉलर उछलकर 676.3 अरब डॉलर पर रहा था।</p>
<p>रिजर्व बैंक की ओर से साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार, 11 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 89.2 करोड़ डॉलर की मजबूती के साथ 574.9 अरब डॉलर पर पहुंच गई। इसी तरह इस अवधि में स्वर्ण भंडार 63.8 अरब डॉलर उछलकर 79.9 अरब डॉलर हो गया।</p>
<p>वहीं, आलोच्य सप्ताह विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 60 लाख डॉलर की गिरावट लेकर 18.4 अरब डॉलर रह गया। हालांकि इस अवधि में आईएमएफ के पास आरक्षित निधि 4.3 करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह पिछले सप्ताह के मुकाबले बढ़कर 4.5 अरब डॉलर पर पहुंच गई।  </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/534336/barabanki--accused-of-looting-from-gas-agency-injured-in-encounter--shot-in-leg#gsc.tab=0">Barabanki Encounter: गैस एजेंसी से लूट का आरोपी एनकाउंटर में घायल, पैर में लगी गोली</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 20 Apr 2025 10:46:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IMF का दावा-अमेरिकी शुल्क से कमजोर होगी वैश्विक अर्थव्यवस्था, मुद्रास्फीति बढ़ेगी लेकिन वैश्विक मंदी नहीं आएगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन। </strong>अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा का कहा कि अमेरिका में बढ़ते शुल्क से वैश्विक अर्थव्यवस्था कमजोर होगी और इस वर्ष मुद्रास्फीति बढ़ेगी लेकिन ये वैश्विक मंदी का कारण नहीं बनेंगे। आईएमएफ के अगले सप्ताह जारी किए जाने वाले अनुमानों के आधार पर उन्होंने यह बात कही। जॉर्जीवा ने बृहस्पतिवार को कहा कि अमेरिकी प्रशासन द्वारा शुल्क की दरों में की गई वृद्धि ने वैश्विक अनिश्चितता को बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा, आयात शुल्क वैश्विक वृद्धि को धीमा कर देंगे और मुद्रास्फीति बढ़ेगी लेकिन ये दुनिया भर में मंदी का कारण नहीं बनेंगे।</p>
<p>  जॉर्जीवा ने</p>
<p>व्यापार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/534047/imf-claim-american-fee-will-weaken-the-global-economy-inflation-will"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/अमेरिकी-शुल्क-से-कमजोर-होगी-वैश्विक-अर्थव्यवस्था.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन। </strong>अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा का कहा कि अमेरिका में बढ़ते शुल्क से वैश्विक अर्थव्यवस्था कमजोर होगी और इस वर्ष मुद्रास्फीति बढ़ेगी लेकिन ये वैश्विक मंदी का कारण नहीं बनेंगे। आईएमएफ के अगले सप्ताह जारी किए जाने वाले अनुमानों के आधार पर उन्होंने यह बात कही। जॉर्जीवा ने बृहस्पतिवार को कहा कि अमेरिकी प्रशासन द्वारा शुल्क की दरों में की गई वृद्धि ने वैश्विक अनिश्चितता को बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा, आयात शुल्क वैश्विक वृद्धि को धीमा कर देंगे और मुद्रास्फीति बढ़ेगी लेकिन ये दुनिया भर में मंदी का कारण नहीं बनेंगे।</p>
<p> जॉर्जीवा ने कहा कि वैश्विक व्यापार प्रणाली में बड़े बदलावों से विश्व अर्थव्यवस्था के जुझारूपन की परीक्षा ली जा रही है जिससे वित्तीय बाजारों में उथल-पुथल मचने का खतरा है। उन्होंने कहा कि शुल्क अनिश्चितता का कारण बनते हैं, जो महंगा पड़ सकता है। आपूर्ति श्रृंखलाओं की जटिलता से कई देशों में शुल्क के कारण एक-एक वस्तु की लागत प्रभावित हो सकती है।</p>
<p>व्यापार बाधाओं में वृद्धि से भी वृद्धि पर तत्काल प्रभाव पड़ता है, तथा यद्यपि इससे घरेलू उत्पादन में वृद्धि हो सकती है लेकिन इसे ऐसा होने में समय लगता है। हालांकि, आईएमएफ प्रमुख ने अमेरिकी प्रशासन की कुछ चिंताओं को भी दोहराया। उन्होंने देशों से शुल्क कम करने और व्यापार में अन्य बाधाओं को कम करने का आह्वान किया। आईएमएफ का पूर्ण आकलन अगले मंगलवार को जारी किया जाएगा। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/534040/us-yemen-air-strike--38-people-killed-in-us-air-strikes-on-yemen-s-oil-port----houthi-rebels-claim">US Yemen Air Strike : यमन के तेल बंदरगाह पर अमेरिकी हवाई हमलों में 38 लोग मारे गए...हूती विद्रोहियों का दावा</a></strong></span></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Apr 2025 12:52:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फिर शर्मसार हुआ पाकिस्तान, IMF ने फिर भेजा भ्रष्टाचार निरोधक दल, लगा अरबों रुपये का जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>इस्लामाबाद, अमृत विचारः </strong>अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भ्रष्टाचार, धन शोधन, व्यय का आकलन और सुधार की सिफारिश करने के लिए पाकिस्तान में दूसरा भ्रष्टाचार निरोधक दल भेजा है। ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के अनुसार दूसरे भ्रष्टाचार निरोधक दल की चार अप्रैल से 14 अप्रैल तक पाकिस्तान में रहेगा। इस दौरान दल की पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार और जवाबदेही अदालत सहित 30 से अधिक सरकारी विभागों और संस्थानों के साथ गहन बैठकें होंगी। </p>
<p>आईएमएफ टीम पाकिस्तान शुगर मिल्स एसोसिएशन (पीएसएमए) के साथ बैठक करेगी, ताकि मूल्यों में हेरफेर जैसे मामलों की चल रही जांच पर चर्चा की जा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/531759/pakistan-imf-sent-another-corruption-party-again-ashamed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/2025-(24)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>इस्लामाबाद, अमृत विचारः </strong>अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भ्रष्टाचार, धन शोधन, व्यय का आकलन और सुधार की सिफारिश करने के लिए पाकिस्तान में दूसरा भ्रष्टाचार निरोधक दल भेजा है। ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के अनुसार दूसरे भ्रष्टाचार निरोधक दल की चार अप्रैल से 14 अप्रैल तक पाकिस्तान में रहेगा। इस दौरान दल की पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार और जवाबदेही अदालत सहित 30 से अधिक सरकारी विभागों और संस्थानों के साथ गहन बैठकें होंगी। </p>
<p>आईएमएफ टीम पाकिस्तान शुगर मिल्स एसोसिएशन (पीएसएमए) के साथ बैठक करेगी, ताकि मूल्यों में हेरफेर जैसे मामलों की चल रही जांच पर चर्चा की जा सके। जिसके कारण पाकिस्तान के प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीपी) ने मूल्य हेरफेर और कार्टेलाइजेशन के लिए एसोसिएशन पर अरबों रुपये का जुर्माना लगाया है। अब तक मिशन ने कराची में स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) के साथ बैठकें की हैं, जिसमें बैंकिंग क्षेत्र के विनियमन, संदिग्ध लेनदेन और धन शोधन के मुद्दों पर चर्चा की गयी है। इससे पहले गत फरवरी में अपनी यात्रा के दौरान भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने न्यायिक नियुक्तियों और अन्य कानूनी मामलों पर चर्चा करने के लिए पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति याह्या अफरीदी से भी मुलाकात की थी। इस बार आईएमएफ मिशन न्यायिक दक्षता और न्यायाधीशों की जवाबदेही पर चर्चा करने के लिए एससीपी के रजिस्ट्रार से मुलाकात करेगा और इन मामलों के न्यायिक संचालन पर अपडेट प्राप्त कर सकता है। </p>
<p>मिशन पाकिस्तान सॉवरेन वेल्थ एक्ट में संशोधन पर भी चर्चा करेगा, जो पिछले आईएमएफ कार्यक्रम समीक्षा मिशन का हिस्सा था। आईएमएफ ने बजट निष्पादन, ट्रेजरी सिंगल अकाउंट और ऋण प्रबंधन से संबंधित मुद्दों को भी एक मिशन में शामिल किया है जो ज्यादातर आईएमएफ के भीतर कानूनी मामलों से निपटता है। मिशन का एक अन्य प्रमुख क्षेत्र पाकिस्तान का सूचना तक पहुंच का अधिकार है जो सरकार द्वारा करदाताओं से जानबूझकर जानकारी छिपाने के कारण बेहद कमजोर बना हुआ है।भ्रष्टाचार निरोधक दल इस क्षेत्र में सुधार की सिफारिश करेगा और अपने निष्कर्षों के आधार पर एक अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसे पाकिस्तान को जुलाई या अगस्त के अंत तक प्रकाशित करना होगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/531717/pa-modi-and-the-president-of-sri-lanka-agreed-in">पीएम मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति ने की द्विपक्षीय वार्ता, रक्षा सहयोग पर बनी दोनो देशों में सहमति</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Apr 2025 17:16:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कृष्णमूर्ति वी सुब्रमण्यम बोले-भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ आगे बढ़ रही, दुनिया भारत को लेकर आशावादी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन।</strong> देश के शीर्ष अर्थशास्त्री और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के कार्यकारी निदेशक कृष्णमूर्ति वी सुब्रमण्यम ने कहा कि दुनिया भारत को लेकर आशावादी है। उन्होंने कहा कि भारत के सार्वजनिक डिजिटल बुनियादी ढांचे और समावेशी वृद्धि के बारे में न सिर्फ चर्चा हो रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसकी सराहना भी रह रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था कुल मिलाकर बहुत अच्छी तरह से बढ़ रही है। कोविड के बाद, वृद्धि दर लगातार सात प्रतिशत रही है। बेशक, इस तिमाही में थोड़ी गिरावट आई है। आंशिक रूप से यह पूंजीगत व्यय में मंदी के कारण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/510023/imf-executive-director-krishnamurthy-v-subramaniam-said--india-s-inclusive-growth-has-been-appreciated-by-the-international-community"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/कृष्णमूर्ति-वी-सुब्रमण्यम.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन।</strong> देश के शीर्ष अर्थशास्त्री और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के कार्यकारी निदेशक कृष्णमूर्ति वी सुब्रमण्यम ने कहा कि दुनिया भारत को लेकर आशावादी है। उन्होंने कहा कि भारत के सार्वजनिक डिजिटल बुनियादी ढांचे और समावेशी वृद्धि के बारे में न सिर्फ चर्चा हो रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसकी सराहना भी रह रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था कुल मिलाकर बहुत अच्छी तरह से बढ़ रही है। कोविड के बाद, वृद्धि दर लगातार सात प्रतिशत रही है। बेशक, इस तिमाही में थोड़ी गिरावट आई है। आंशिक रूप से यह पूंजीगत व्यय में मंदी के कारण है। साथ ही, निर्यात पर भी कुछ प्रभाव पड़ा है। लेकिन मुझे लगता है कि यह गिरावट अस्थायी होगी।'' भारत के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार सुब्रमण्यन ने हाल में एक किताब 'इंडिया@100' लिखी है।</p>
<p>उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा, ''आईएमएफ बोर्ड में बैठने के बाद से मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि दुनिया भारत को लेकर आशावादी है। भारत ने जिस तरह का सार्वजनिक डिजिटल बुनियादी ढांचा बनाया है, उसका जिक्र मेरे बोर्ड के लगभग हर साथी अक्सर करते हैं। वे इसकी ईमानदारी से सराहना करते हैं।'' उन्होंने आगे कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने जिस तरह की समावेशी वृद्धि की है, उसकी भी सराहना की जानी चाहिए।</p>
<p>एक सवाल के जवाब में सुब्रमण्यन ने कहा कि कोविड के दौरान भारत ने ऐसी आर्थिक नीति लागू करने का विकल्प चुना, जो बाकी दुनिया से अलग थी। उन्होंने कहा कि बाकी दुनिया ने कोविड को पूरी तरह से मांग-पक्ष के झटके के रूप में पहचाना, जबकि भारत एकमात्र बड़ी अर्थव्यवस्था थी जिसने कोविड को मांग-पक्ष और आपूर्ति-पक्ष दोनों के झटके के रूप में पहचाना। उन्होंने कहा कि इसके चलते जब यूरोप में युद्ध शुरू हुआ और आपूर्ति पक्ष की समस्याएं पैदा हुईं, तो इसका भारत पर उतना प्रभाव नहीं पड़ा।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/510004/3-lakh-70-thousand-people-displaced-in-syria-war-conflict">Syria War : संघर्ष में तीन लाख 70 हजार लोग हुए विस्थापित, भारतीयों को सीरिया की यात्रा न करने के लिए परामर्श जारी  </a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/510023/imf-executive-director-krishnamurthy-v-subramaniam-said--india-s-inclusive-growth-has-been-appreciated-by-the-international-community</link>
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                <pubDate>Sat, 07 Dec 2024 15:18:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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