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                <title>Gotabaya Rajapaksa - Amrit Vichar</title>
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                <description>Gotabaya Rajapaksa RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बेटे को पुलिस ने भ्रष्टाचार के आरोप में किया गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोलंबो। </strong>श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बेटे योषिता राजपक्षे को पुलिस ने एक संपत्ति खरीद मामले में भ्रष्टाचार के आरोप में शनिवार को गिरफ्तार किया। नौसेना के पूर्व अधिकारी योषिता को उनके गृह क्षेत्र बेलिएट्टा से गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी 2015 से पहले उनके पिता के राष्ट्रपति रहने के दौरान संपत्ति की खरीद में कथित कदाचार की जांच के बाद की गयी है। योषिता, महिंदा राजपक्षे के तीन बेटों में दूसरे नंबर के हैं।</p>
<p>  योषिता के चाचा एवं पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे से भी पिछले सप्ताह पुलिस ने इसी मामले में पूछताछ की थी। यह गिरफ्तारी</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये</strong></span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/518372/sri-lanka-police-arrested-the-son-of-former-president-rajapaksa"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/mahinda-rajapaksa.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो। </strong>श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बेटे योषिता राजपक्षे को पुलिस ने एक संपत्ति खरीद मामले में भ्रष्टाचार के आरोप में शनिवार को गिरफ्तार किया। नौसेना के पूर्व अधिकारी योषिता को उनके गृह क्षेत्र बेलिएट्टा से गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी 2015 से पहले उनके पिता के राष्ट्रपति रहने के दौरान संपत्ति की खरीद में कथित कदाचार की जांच के बाद की गयी है। योषिता, महिंदा राजपक्षे के तीन बेटों में दूसरे नंबर के हैं।</p>
<p> योषिता के चाचा एवं पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे से भी पिछले सप्ताह पुलिस ने इसी मामले में पूछताछ की थी। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब महिंदा राजपक्षे ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय में मौलिक अधिकार संबंधी याचिका दायर की है जिसमें उनकी सुरक्षा बहाल करने के लिए अदालती हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया गया है। सरकार ने उनकी सुरक्षा में पिछले महीने काफी कटौती कर दी थी। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/518357/opec-should-cut-oil-prices-this-will-stop-russia-ukraine-war">डोनाल्ड ट्रंप ने सुझाया नया प्लान, बोले-तेल की कीमतों में कटौती करे ओपीईसी, इससे रूस-यूक्रेन युद्ध रुकेगा</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jan 2025 12:54:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Sri Lanka: श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति Gotabaya Rajapaksa को बड़ी राहत, हटाए गए भ्रष्टाचार के आरोप </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोलंबो। </strong>श्रीलंका के भ्रष्टाचार-निरोधक आयोग ने सबूतों की कमी का हवाला देते हुए पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के खिलाफ वह मामला हटा दिया है, जिसमें गत वर्ष जुलाई में राष्ट्रपति भवन से एक करोड़ 70 लाख रुपये से अधिक नगद राशि पाई गई थी। रिश्वत या भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने वाले आयोग (सीआईएबीओसी) ने बुधवार को कोलंबो फोर्ट मजिस्ट्रेट की अदालत के समक्ष सौंपी गयी रिपोर्ट में कहा कि सबूतों की कमी के कारण 74-वर्षीय राजपक्षे के खिलाफ आगे कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। </p>
<p>‘डेली मिरर’ ऑनलाइन की बृहस्पतिवार की रिपोर्ट के अनुसार, आयोग ने अदालत को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/412037/sri-lanka--big-relief-to-former-sri-lankan-president-gotabaya-rajapaksa--corruption-charges-removed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-10/gotabaya-rajapaksa.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो। </strong>श्रीलंका के भ्रष्टाचार-निरोधक आयोग ने सबूतों की कमी का हवाला देते हुए पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के खिलाफ वह मामला हटा दिया है, जिसमें गत वर्ष जुलाई में राष्ट्रपति भवन से एक करोड़ 70 लाख रुपये से अधिक नगद राशि पाई गई थी। रिश्वत या भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने वाले आयोग (सीआईएबीओसी) ने बुधवार को कोलंबो फोर्ट मजिस्ट्रेट की अदालत के समक्ष सौंपी गयी रिपोर्ट में कहा कि सबूतों की कमी के कारण 74-वर्षीय राजपक्षे के खिलाफ आगे कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। </p>
<p>‘डेली मिरर’ ऑनलाइन की बृहस्पतिवार की रिपोर्ट के अनुसार, आयोग ने अदालत को सूचित किया कि मामले को आगे बढ़ाने के लिए अपर्याप्त सबूतों के कारण इस घटना के संबंध में आगे की कानूनी कार्यवाही नहीं की जाएगी। पिछले साल राजपक्षे के खिलाफ हुए विद्रोह के कारण नौ जुलाई, 2022 को फोर्ट कोलंबो स्थित राष्ट्रपति भवन से उनके भाग जाने के बाद, उनके इस आधिकारिक आवास से एक करोड़ 70 लाख रुपये से अधिक नकद राशि पाई गई थी। </p>
<p>पिछले साल जुलाई में हजारों प्रदर्शनकारियों ने उनके इस्तीफे की मांग करते हुए राष्ट्रपति भवन पर धावा बोल दिया था। सरकार- विरोधी प्रदर्शनकारियों ने 1.78 करोड़ रुपये से अधिक नकदी बरामद की और इसे कोलंबो फोर्ट पुलिस को सौंप दिया था। पूर्व राष्ट्रपति पिछले साल 13 जुलाई को श्रीलंका से भागकर मालदीव चले गए थे।</p>
<p> वहां से, वह सिंगापुर गए और वहीं से उन्होंने 14 जुलाई को अपना इस्तीफा भेज दिया, जिससे रानिल विक्रमसिंघे के लिए राष्ट्रपति पद की बागडोर संभालने का मार्ग प्रशस्त हो गया। बाद में, राजपक्षे ने थाईलैंड के लिए उड़ान भरी और वह दो सितंबर, 2022 को श्रीलंका लौट आए। शक्तिशाली राजपक्षे परिवार का श्रीलंका की राजनीति पर दो दशकों से अधिक समय से दबदबा रहा है। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/412025/israel-gaza-war-footballer-mohamed-salah-calls-for-end-to-genocide">Israel–Gaza war : फुटबॉलर मोहम्मद सलाह ने किया ‘नरसंहार’ खत्म करने का आह्वान</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/412037/sri-lanka--big-relief-to-former-sri-lankan-president-gotabaya-rajapaksa--corruption-charges-removed</link>
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                <pubDate>Thu, 19 Oct 2023 19:00:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priya ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Sri Lanka: भारत की दो दिवसीय यात्रा करेंगे श्रीलंका के राष्ट्रपति विक्रमसिंघे, द्विपक्षीय संबंधों को लेकर PM MODI से होगी चर्चा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने तथा इसे और प्रगाढ़ करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत भारत के शीर्ष नेताओं से बातचीत के लिए बृहस्पतिवार को भारत की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा करेंगे। आर्थिक संकट से जूझ रहे देश में पिछले साल जुलाई में जनता के आंदोलन के बाद गोटबाया राजपक्षे के हटने पर राष्ट्रपति के तौर पर नियुक्ति के बाद विक्रमसिंघे की यह पहली भारत यात्रा होगी।</p>
<p>  श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने इस सप्ताह एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति विक्रमसिंघे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर भारत की</p>
<p>श्रीलंका</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/388411/sri-lankan-president-wickremesinghe-to-visit-india-to-further-deepen-bilateral-ties"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-07/ranil-wickremesinghe1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने तथा इसे और प्रगाढ़ करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत भारत के शीर्ष नेताओं से बातचीत के लिए बृहस्पतिवार को भारत की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा करेंगे। आर्थिक संकट से जूझ रहे देश में पिछले साल जुलाई में जनता के आंदोलन के बाद गोटबाया राजपक्षे के हटने पर राष्ट्रपति के तौर पर नियुक्ति के बाद विक्रमसिंघे की यह पहली भारत यात्रा होगी।</p>
<p> श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने इस सप्ताह एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति विक्रमसिंघे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर भारत की आधिकारिक यात्रा करने जा रहे हैं। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश इस साल राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। यात्रा के दौरान राष्ट्रपति विक्रमसिंघे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे और आपसी हित के कई मुद्दों पर प्रधानमंत्री मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और अन्य भारतीय गणमान्य व्यक्तियों के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे। </p>
<p>श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘यह यात्रा लंबे समय से जारी द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाएगी और मजबूत करेगी।’’ नयी दिल्ली में एक बयान में विदेश मंत्रालय ने कहा कि श्रीलंका भारत की ‘पड़ोस प्रथम नीति’ और ‘विजन सागर’ में एक महत्वपूर्ण भागीदार है। विक्रमसिंघे ने भारत के साथ अच्छे संबंधों पर जोर दिया है और इसे अपनी विदेश नीति का प्रमुख मुद्दा बनाया है। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/388390/russia-preparing-to-attack-civilian-ships-in-black-sea--us-warned">काला सागर में असैन्य पोतों पर हमले की तैयारी कर रहा रूस, अमेरिका ने किया सचेत</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Jul 2023 13:49:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priya ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गोटबाया राजपक्षे ने सामूहिक कब्र की जांच रोकने के लिए पुलिस रिकॉर्ड नष्ट करने का आदेश दिया : रिपोर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोलंबो।  </strong>श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे पर आरोप है कि उन्होंने एक इलाके में मिली सामूहिक कब्र की जांच को प्रभावित करने के लिए पुलिस रिकॉर्ड नष्ट करने का आदेश दिया था। यह सामूहिक कब्र उस जगह मिली थी जहां 1989 में हिंसक मार्क्सवादी विद्रोह के चरम पर रहने के दौरान वह एक सैन्य अधिकारी के तौर पर नियुक्त थे। बृहस्पतिवार को जारी एक रिपोर्ट में पूर्व राष्ट्रपति पर ये आरोप लगाए गए हैं।</p>
<p>  इंटरनेशनल ट्रूथ एंड जस्टिस प्रोजेक्ट, जर्नलिस्ट्स फॉर डेमोक्रेसी इन श्रीलंका और फैमिलीज ऑफ द डिसएपियर्ड सहित सामाजिक कार्यकर्ताओं के संगठनों द्वारा जारी रिपोर्ट में</p>
<p>रिपोर्ट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/380731/gotabaya-rajapaksa-orders-destruction-of-police-records-to-stop-investigation"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-06/gotabaya-rajapaksa.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो।  </strong>श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे पर आरोप है कि उन्होंने एक इलाके में मिली सामूहिक कब्र की जांच को प्रभावित करने के लिए पुलिस रिकॉर्ड नष्ट करने का आदेश दिया था। यह सामूहिक कब्र उस जगह मिली थी जहां 1989 में हिंसक मार्क्सवादी विद्रोह के चरम पर रहने के दौरान वह एक सैन्य अधिकारी के तौर पर नियुक्त थे। बृहस्पतिवार को जारी एक रिपोर्ट में पूर्व राष्ट्रपति पर ये आरोप लगाए गए हैं।</p>
<p> इंटरनेशनल ट्रूथ एंड जस्टिस प्रोजेक्ट, जर्नलिस्ट्स फॉर डेमोक्रेसी इन श्रीलंका और फैमिलीज ऑफ द डिसएपियर्ड सहित सामाजिक कार्यकर्ताओं के संगठनों द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले तीन दशक में इन सामूहिक कब्रों की खुदाई के बाद सैकड़ों अवशेष निकाले गए हैं लेकिन पीड़ितों की पहचान और उनके अवशेषों को उनके रिश्तेदारों को पहुंचाने का कोई प्रयास नहीं किया गया है।</p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि इन अज्ञात सामूहिक कब्र में अब भी हजारों शव दफन हो सकते हैं जिनका पता नहीं चला है। रिपोर्ट के अनुसार, श्रीलंकाई सरकारों द्वारा स्थापित कई जांच आयोगों में से किसी को भी सामूहिक कब्र की जांच करने का आदेश नहीं दिया गया। इसके बजाय, सच्चाई को उजागर करने के प्रयासों को अवरुद्ध किया गया। </p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, जब सामूहिक कब्र की खोज की गई और जांच शुरू हुई, तो न्यायाधीशों और फॉरेंसिक विशेषज्ञों को अचानक स्थानांतरित कर दिया गया, परिवारों के वकीलों को उन स्थानों तक पहुंच से वंचित कर दिया गया, जीवित गवाहों को खोजने का कोई प्रयास नहीं किया गया, कोई पोस्टमार्टम आंकड़ा एकत्र नहीं किया गया और बहुत ही दुर्लभ मामलों में जहां किसी को दोषी ठहराया गया, बाद में उसे माफ कर दिया गया।</p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि सामूहिक कब्र खोदने में राजपक्षे की कथित भूमिका राजनीतिक हस्तक्षेप का एक उदाहरण थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि राजपक्षे उस समय एक शक्तिशाली रक्षा अधिकारी थे। आरोप हैं कि उन्होंने 2013 में मध्य श्रीलंका के मटाले जिले में सामूहिक कब्र की खोज के बाद क्षेत्र के पुलिस थानों में पांच साल से अधिक पुराने सभी पुलिस रिकॉर्ड को नष्ट करने का आदेश दिया था। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/380707/dark-clouds-of-pressure-confrontation-over-the-indo-pacific">PM Modi US Visit : हिंद-प्रशांत पर दबाव, टकराव के काले बादल छाए...अमेरिका दौरे पर मोदी ने साधा चीन पर निशाना</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Jun 2023 13:06:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Sri Lanka: दुबई से स्वदेश लौटे श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोलंबो। </strong>श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे दुबई से स्वदेश लौट आए हैं। पिछले साल श्रीलंका में आर्थिक संकट के कारण उनकी सरकार के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसके चलते उन्हें सत्ता गंवानी पड़ी थी और फिर वह विदेश चले गए थे। गोटाबाया चार महीने पहले श्रीलंका से लौटे थे। इसके बाद यह उनकी पहली विदेश यात्रा थी।</p>
<p>  समाचार पत्र ‘डेली मिरर लंका’ ने हवाई अड्डा ड्यूटी प्रबंधक और हवाई अड्डा आव्रजन विभाग के प्रवक्ता के हवाले से बताया कि राजपक्षे और उनकी पत्नी आयोमा गुरुवार को दुबई से यहां भंडारनाइके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। खबर के अनुसार</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p><strong>ये</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/331288/sri-lanka-former-sri-lankan-president-gotabaya-rajapaksa-returned-home"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-01/image-62.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो। </strong>श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे दुबई से स्वदेश लौट आए हैं। पिछले साल श्रीलंका में आर्थिक संकट के कारण उनकी सरकार के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसके चलते उन्हें सत्ता गंवानी पड़ी थी और फिर वह विदेश चले गए थे। गोटाबाया चार महीने पहले श्रीलंका से लौटे थे। इसके बाद यह उनकी पहली विदेश यात्रा थी।</p>
<p> समाचार पत्र ‘डेली मिरर लंका’ ने हवाई अड्डा ड्यूटी प्रबंधक और हवाई अड्डा आव्रजन विभाग के प्रवक्ता के हवाले से बताया कि राजपक्षे और उनकी पत्नी आयोमा गुरुवार को दुबई से यहां भंडारनाइके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। खबर के अनुसार वे ‘एमिरेट्स’ की उड़ान संख्या ‘ईके-650’ से स्वदेश लौटे। समाचार पोर्टल ‘न्यूजफर्स्ट डॉट आईके’ के अनुसार, दुबई की अपनी यात्रा के दौरान, राजपक्षे “फेम पार्क” नामक विदेशी पशु फार्म गए थे।</p>
<p> गौरतलब है कि देश में विरोध प्रदर्शनों के बीच बेकाबू होते हालात के मध्य राजपक्षे (73)जुलाई को श्रीलंकाई वायुसेना के विमान से श्रीलंका से मालद्वीव चले गए थे। वहां से वह सिंगापुर चले गए थे और सिंगापुर से ही 14 जुलाई को उन्होंने राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। कुछ सप्ताह बाद वह वहां से थाईलैंड चले गए थे। तब थाईलैंड ने कहा था कि राजपक्षे देश में 90 दिन तक रह सकते हैं क्योंकि उनके पास राजनयिक पासपोर्ट है लेकिन उन्हें थाईलैंड में राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई थी।</p>
<p> वह एक होटल में थे और सुरक्षाकर्मियों से घिरे रहते थे। राजपक्षे को सितंबर 2022 में थाईलैंड से श्रीलंका लौटने पर विशेष सुरक्षा दी गई थी और एक राजकीय आवास दिया गया था। पूर्व में श्रीलंका और अमेरिका दोनों की नागरिकता रखने वाले राजपक्षे को 2019 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले अपनी अमेरिकी नागरिकता छोड़नी पड़ी थी।</p>
<p> श्रीलंका के संविधान के अनुसार, दोहरी नागरिकता रखने वालों के चुनाव लड़ने पर रोक है। राजपक्षे के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार का मामला 2019 में उनके राष्ट्रपति चुने जाने के तुरंत बाद वापस ले लिया गया था। शीर्ष रक्षा अधिकारी रहते हुए उनके खिलाफ यह मामला दर्ज किया गया था। ‘द संडे टाइम्स’ अखबार के अनुसार राजपक्षे ने किसी भी देश में शरण पाने में विफल रहने के बाद इस महीने की शुरुआत में अपनी अमेरिकी नागरिकता बहाल किए जाने के लिए आवेदन किया था। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/331270/the-woman-and-her-son-who-went-missing-in-november">असम : पाकिस्तान की जेल में बंद मिले मां- बेटे, दाे महीने से थे लापता</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Jan 2023 17:58:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priya ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गोटबाया राजपक्षे की कम नहीं हो रही मुश्किलें, चन्ना जयसुमना ने श्रीलंका के आर्थिक पतन के लिए ठहराया जिम्मेदार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोलंबो। </strong>श्रीलंका के सांसद चन्ना जयसुमना ने कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे सहित पूर्व सत्ताधारी दल के सभी सदस्य और स्वयं देश की अर्थव्यवस्था के पतन के लिए जिम्मेदार हैं और कोई भी सामूहिक जिम्मेदारी से बच नहीं सकता है। ‘डेली मिरर’ की मंगलवार की रिपोर्ट के अनुसार, परिवहन, राजमार्ग और जनसंचार माध्यम मंत्री डॉ बंडुला गुणावर्धना के एक बयान के संबंध में मीडिया द्वारा उठाए गए एक सवाल का जवाब देते हुए जयसुमना ने यह बात कही। </p>
<p>जयसुमना ने कहा,“हम यह भी जानना चाहते हैं कि पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को कुछ मुद्दों पर निर्देश किसने दिए।”</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/323566/gotabaya-rajapaksas-problems-are-not-reducing-channa-jayasumana-blamed-for"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-12/image-193.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो। </strong>श्रीलंका के सांसद चन्ना जयसुमना ने कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे सहित पूर्व सत्ताधारी दल के सभी सदस्य और स्वयं देश की अर्थव्यवस्था के पतन के लिए जिम्मेदार हैं और कोई भी सामूहिक जिम्मेदारी से बच नहीं सकता है। ‘डेली मिरर’ की मंगलवार की रिपोर्ट के अनुसार, परिवहन, राजमार्ग और जनसंचार माध्यम मंत्री डॉ बंडुला गुणावर्धना के एक बयान के संबंध में मीडिया द्वारा उठाए गए एक सवाल का जवाब देते हुए जयसुमना ने यह बात कही। </p>
<p>जयसुमना ने कहा,“हम यह भी जानना चाहते हैं कि पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को कुछ मुद्दों पर निर्देश किसने दिए।” उन्होंने कहा,“इस सच्चाई का खुलासा करना बेहतर है कि किसने पूर्व राष्ट्रपति को गलत सलाह दी। उन विवरणों का खुलासा करने से मुद्दों के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करने में देश को मदद मिलेगी।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि हमने चुनाव से पहले पूर्व राष्ट्रपति को अपने विचार दिए, और उन्होंने उन पर स्वतंत्र रूप से विचार किया तथा कहा कि उन विचारों को लागू किया जाएगा। लेकिन राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने हमारे विचारों को नहीं सुना। जयसुमना ने कहा कि मुझे लगता है कि उनकी असफलता का मुख्य कारण यही था। जैसा कि हमने देखा, उनके परिवार के कई सदस्यों और कई करीबी सहयोगियों ने उन्हें सलाह दी थी।</p>
<p> उन्होंने कहा कि हमने पूर्व राष्ट्रपति राजपक्षे की ओर से उर्वरक आयात बंद करने के लिये लिए गए फैसले का विरोध किया। मैंने उन्हें उन जोखिमों के बारे में बताया जो हमें सामना करना पड़ सकता है यदि हमने उर्वरक आयात बंद कर दिया और उल्लेख किया कि हमें 10 वर्षों के भीतर धीरे-धीरे उर्वरक का आयात बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा - इसलिए, राष्ट्रपति गोतबाया के अधीन आने वाली सरकार में सभी को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।  </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/323549/islamic-state-group-claims-responsibility-for-kabul-hotel-attack">Afghanistan: इस्लामिक स्टेट समूह ने ली काबुल में होटल पर हुए हमले की जिम्मेदारी</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Dec 2022 18:03:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priya ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Sri Lanka: उच्चतम न्यायालय ने दी गोटबाया और महिंदा राजपक्षे खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[कोलंबो। श्रीलंका उच्चतम न्यायालय ने पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे, पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और 37 अन्य के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं तथा अर्थव्यवस्था कुप्रबंधन के लिए कानूनी कार्रवाई संबंधी कई मौलिक अधिकारों की याचिकाओं पर कार्यवाही आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है। द आइलैंड अखबार ने शनिवार को बताया कि ये मामले ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल श्रीलंका …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/295901/approval-of-legal-action-against-gotabaya-mahindra"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-10/untitled-18-2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका उच्चतम न्यायालय ने पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे, पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और 37 अन्य के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं तथा अर्थव्यवस्था कुप्रबंधन के लिए कानूनी कार्रवाई संबंधी कई मौलिक अधिकारों की याचिकाओं पर कार्यवाही आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है। द आइलैंड अखबार ने शनिवार को बताया कि ये मामले ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल श्रीलंका (टीआईएसएल) और सीलोन चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष चंद्र जयरत्ने सहित अन्य लोगों द्वारा दायर किए गए थे। प्रतिवादी के रूप में नामित अन्य लोगों में पूर्व वित्त मंत्री बेसिल राजपक्षे के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारी हैं जो अब श्रीलंका मौद्रिक बोर्ड और सेंट्रल बैंक के साथ काम करते हैं या पहले इसका नेतृत्व करते थे।</p>
<p>महिंदा राजपक्षे इस साल मई तक प्रधानमंत्री थे और उनके भाई गोटबाया राजपक्षे जुलाई तक राष्ट्रपति थे। हिंसक प्रदर्शन होने के बाद गोटबाया श्रीलंका से भाग गए। देश की आर्थिक स्थिति खराब करने के लिए इनके एक अन्य भाई तुलसी राजपक्षे को भी जिम्मेदार माना जाता है। देश की अर्थव्यवस्था के ढहने से पहले तीनों भाइयों ने श्रीलंका पर शिकंजा जैसा बना रखा था। अदालत ने महालेखा परीक्षक को एक ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने और तीन नवंबर तक एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, जो कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले श्रीलंकाई रुपये के मूल्य को 203 रुपये पर निर्धारित करने के मौद्रिक बोर्ड की ओर से किए गए निर्णय के संबंध में आईएमएफ से सहायता मांगने में देरी पर आधारित होगा।</p>
<p>साथ ही 18 जनवरी को विदेशी भंडार का उपयोग करते हुए 50 करोड़ रुपये के सॉवरेन बांड के निपटान से संबंधित सभी मामले भी इस ऑडिट में शामिल होंगे। इसके अलावा उन्हें इस तरह के भुगतानों से सेंट्रल बैंक को हुए नुकसान का ऑडिट करने के लिए भी कहा गया है। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि सेंट्रल बैंक के गवर्नर डॉ नंदलाल वीरसिंघे, पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे, पूर्व वित्त मंत्रियों महिंदा राजपक्षे और बासिल राजपक्षे, कैबिनेट, मौद्रिक बोर्ड, सेंट्रल बैंक के पूर्व गवर्नरों एवं ट्रेजरी के पूर्व सचिव को दिए गए सभी संचार तथा सिफारिशों की प्रतियां पेश करें।</p>
<p>जनवरी 2023 में इस मुद्दे को फिर से अदालत की ओर से उठाया जाएगा। पीठ में मुख्य न्यायाधीश जयंत जयसूर्या और न्यायमूर्ति बुवानेका अलुविहारे, विजित मललगोडा तथा एल टी बी देहदेनिया शामिल थे। वर्ष 1948 में स्वतंत्रता के बाद से श्रीलंका अपने सबसे खराब आर्थिक संकट से जूझ रहा है, जिसके कारण अभूतपूर्व मुद्रास्फीति और आवश्यक वस्तुओं की भी भारी कमी हो गई है। इस संकट के लिए काफी हद तक राजपक्षे परिवार को जिम्मेदार ठहराया गया है।</p>
<p><strong>श्रीलंका में भ्रष्टाचार खत्म होना चाहिए</strong><br />
श्रीलंका के दो प्रमुख सांसदों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आह्वान करते हुए कहा है कि यह देश में कैंसर बन गया है। मुख्य विपक्षी दल एसएलपीपी पार्टी के प्रो जी एल पीरिस ने कहा कि श्रीलंका को अपने आर्थिक संकट से उबरने के लिए विदेशों से सार्थक सहायता प्राप्त करने से पहले ‘व्यापक भ्रष्टाचार’ को रोकने की जरूरत है। द आइलैंड अखबार ने संसद में कही गयी सांसद पीरिस की बातों के हवाले से कहा,“विश्व बैंक ने कहा है कि जब वह भविष्य में श्रीलंका को सहायता और ऋण देगा, तो वह खुद ऑडिट करेगा। हमें वास्तव में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को समाप्त करने की आवश्यकता है।”</p>
<p>समागी जाना बालवेगया (एसजेबी) के सदस्य और श्रीलंका के पूर्व सेना प्रमुख सरथ फोन्सेका ने कहा कि सरकार को पहले भ्रष्टाचार से लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा,“सबसे पहले, हमें देश में व्याप्त भ्रष्टाचार के बारे में कुछ करना चाहिए। नेता देश को लूट रहे हैं और चूस रहे हैं। इससे गरीबी में विस्फोट हुआ है।” श्री फोन्सेका के हवाले से कहा गया कि जब तक भ्रष्ट राजनेताओं को संसद से खदेड़ नहीं दिया जाता, कार्यकारी अध्यक्ष पद को समाप्त करने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा,“मान लीजिए कि हम इस सप्ताह कार्यकारी अध्यक्ष पद को समाप्त कर देते हैं। फिर किसे जिम्मेदारी सौंपी जायेगी? भ्रष्ट मोटी बिल्लियों का एक झुंड कार्यभार संभालेगा। सबसे पहले बदमाशों से छुटकारा पाएं। अगर राष्ट्रपति ऐसा करते हैं तो हम उनका समर्थन करेंगे।”</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <a class="post-title the-subtitle" href="https://amritvichar.com/emergency-imposed-in-new-york-amid-increasing-number-of-migrants/">प्रवासियों की बढ़ती संख्या के बीच न्यूयॉर्क में लगा आपातकाल</a></strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Oct 2022 19:32:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपित गोटबाया राजपक्षे ने खराब छवि को सुधारने के लिए चलाया शांति अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[कोलम्बो। श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने आर्थिक नीतियों के कारण अपनी खराब छवि को सुधारने के लिए एक शांति अभियान शुरू किया है। राजपक्षे के खराब आर्थिक नीतियों के कारण द्वीप राष्ट्र बर्बादी की कगार पर खड़ा हुआ है। पूर्व राष्ट्रपति जुलाई में देश छोड़कर भाग गये और पिछले महीने वह फिर से …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/293483/sri-lankas-former-president-gotabaya-rajapaksa-launched-peace-campaign"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-10/gotabaya-rajapaksa-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलम्बो।</strong> श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने आर्थिक नीतियों के कारण अपनी खराब छवि को सुधारने के लिए एक शांति अभियान शुरू किया है। राजपक्षे के खराब आर्थिक नीतियों के कारण द्वीप राष्ट्र बर्बादी की कगार पर खड़ा हुआ है। पूर्व राष्ट्रपति जुलाई में देश छोड़कर भाग गये और पिछले महीने वह फिर से स्वदेश लौटे हैं। द डेली मिरर ने मंगलवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>अखबार ने बताया कि राजपक्षे ने अपनी धूमिल छवि को सुधारने के लिए एक अभियान चलाया है। वह गत जुलाई फिर से स्वदेश लौटे हैं। द डेली मिरर के मुताबिक, मीडिया समूह और बिजनेस टाइकून की टीम गांव-गांव जाकर राजपक्षे के बारे में लोगों की प्रतिक्रिया लेने के लिए जनमत सर्वेक्षण करा रही है और सोशल मीडिया अकाउंट पर भी नजरें जमाए हुए हैं।</p>
<p>इस टीम द्वारा चलाए जा रहे सोशल मीडिया एकाउंट्स पर भी जनता की भावनाओं पर नजर रख रहे हैं ताकि यह देखा जा सके कि क्या विफल राष्ट्रपति भविष्य में जरूरत पड़ने पर राजनीति में दोबारा प्रवेश कर सकते हैं या नहीं। इस दौरान टीम गांव के निवासियों से मिलकर राजपक्षे के देश प्रेम, मानवीय गुणों से अवगत कराएंगे और साथ ही उन्हें गुमराह करने जैसे मुद्दों पर भी समझाने का प्रयास करेंगी। डेली मिरर के अनुसार पूर्व राष्ट्रपति ने अमेरिका में स्थायी निवास के लिए आवेदन किया है, लेकिन इस प्रक्रिया में लंबा समय लगने की उम्मीद है।</p>
<p>गौरतलब है कि यदि  राजपक्षे जनता का जनमत हासिल करने में कामयाब रहे, तो उनके श्रीलंका में रहने की उम्मीद जग सकती है। एसएलपीपी के वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने सुझाव दिया था कि पूर्व राष्ट्रपति राजपक्षे का नाम पूरी तरह से पार्टी से हटा दिया जाना चाहिए और पार्टी को उनसे दूरी बना लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि श्री राजपक्षे पार्टी के सदस्यों से सलाह किए बिना देश छोड़कर भाग गए और उन्हें इस तरह से भागना नहीं चाहिए था।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <a href="https://amritvichar.com/preparing-for-rescue-centers-under-threat-of-nuclear-attack-on-kyiv-city-council/">‘कीव पर परमाणु हमले की आशंका के तहत बचाव केंद्रों की तैयारी’</a></strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Oct 2022 18:52:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वदेश वापसी के बाद गोटबाया राजपक्षे से मिले भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी</title>
                                    <description><![CDATA[कोलंबो। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता डॉ सुब्रमण्यम स्वामी ने गुरुवार को यहां श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे से मुलाकात की। स्वामी ऐसे पहले विदेशी मेहमान बन गये हैं, जिन्होंने अपदस्थ श्रीलंकाई राष्ट्रपति राजपक्षे से उनकी स्वदेश वापसी के बाद मुलाकात की है। श्रीलंका में सबसे खराब आर्थिक संकट से निपटने में …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>कोलंबो।</strong> भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता डॉ सुब्रमण्यम स्वामी ने गुरुवार को यहां श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे से मुलाकात की। स्वामी ऐसे पहले विदेशी मेहमान बन गये हैं, जिन्होंने अपदस्थ श्रीलंकाई राष्ट्रपति राजपक्षे से उनकी स्वदेश वापसी के बाद मुलाकात की है। श्रीलंका में सबसे खराब आर्थिक संकट से निपटने में विफल रहने के चलते विरोध-प्रदर्शन का सामना कर रहे राजपक्षे देश छोड़कर चले गए थे।</p>
<p>राजपक्षे परिवार के करीबी मित्र सुब्रमण्यम स्वामी जनरल सर जॉन कोटेलावाला रक्षा विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सुरक्षा पर आयोजित होने वाले सम्मेलन में हिस्सा लेने श्रीलंका पहुंचे हैं। सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि स्वामी ने बुधवार को गोटबाया के भाई महिंदा राजपक्षे से मुलाकात की थी और उनके आवास पर नवरात्रि पूजा में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा, ‘‘स्वामी ने महिंदा राजपक्षे के आधिकारिक आवास पर बुधवार रात हुई नवरात्रि पूजा में भाग लिया और उन्होंने गुरुवार सुबह गोटबाया राजपक्षे से मुलाकात की।’’</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <a href="https://amritvichar.com/sri-lankan-parliament-will-discuss-the-22nd-constitutional-amendment-next-week-the-presidents-powers-will-be-reduced/">श्रीलंकाई संसद 22वें संविधान संशोधन पर अगले हफ्ते करेगी चर्चा, घट जाएंगी राष्ट्रपति की शक्तियां</a></strong></p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/290477/bjp-leader-subramanian-swamy-met-gotabaya-rajapaksa-after-his-return-home</link>
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                <pubDate>Thu, 29 Sep 2022 18:37:47 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने की 37 मंत्रियों की नियुक्ति, गोटाबाया राजपक्षे के रिश्तेदार भी शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[कोलंबो। श्रीलंका में गुरुवार को 37 कनिष्ठ मंत्री नियुक्त किये गए जिनमें पदच्युत राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे और महिंदा राजपक्षे का भतीजा भी शामिल है। राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे द्वारा उठाए गए इस कदम को आर्थिक संकटग्रस्त श्रीलंका में स्थायी सरकार देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। श्रीलंका वर्ष 1948 में ब्रिटेन से …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका में गुरुवार को 37 कनिष्ठ मंत्री नियुक्त किये गए जिनमें पदच्युत राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे और महिंदा राजपक्षे का भतीजा भी शामिल है। राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे द्वारा उठाए गए इस कदम को आर्थिक संकटग्रस्त श्रीलंका में स्थायी सरकार देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।</p>
<p>श्रीलंका वर्ष 1948 में ब्रिटेन से आजादी प्राप्त करने के बाद सबसे गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है और देश की 2.2 करोड़ आबादी के लिए जरूरी सामान आयात करने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार की कमी का सामना कर रहा है। राष्ट्रपति द्वारा जिन्हें कनिष्ठ मंत्री नियुक्त किया गया है या जिन सांसदों को मंत्री का दर्जा दिया गया है, उनमें से अधिकतर सत्तारूढ़ श्रीलंका पोदुजना पेरामुना (एसएलपीपी) पार्टी के हैं।</p>
<h4>मंत्रियों ने ली शपथ</h4>
<p>पूर्व राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना की श्रीलंका फ्रीडम पार्टी (एसएलएफपी) के कुछ सदस्यों को भी मंत्री बनाया गया है जिसने जुलाई में सरकार से अलग रहने का फैसला किया था। राष्ट्रपति के मीडिया प्रकोष्ठ ने बयान जारी कर बताया, ‘‘नए राज्यमंत्रियों ने राष्ट्रपति सचिवालय में राष्ट्रपति के समक्ष पद की शपथ ली।’’ रंजीत सियामबालापितिया और शिहन सेमासिंघे को वित्त मंत्रालय में राज्यमंत्री की शपथ दिलाई गई जबकि गोटाबाया और महिंदा राजपक्षे के भतीजे शशिंद्रा राजपक्षे को सिंचाई विभाग में नियुक्त किया गया है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <a href="https://amritvichar.com/south-africa-will-send-its-cheetahs-to-india-and-mozambique/">दक्षिण अफ्रीका अपने चीतों को भेजेगा भारत और मोजाम्बिक</a></strong></p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Sep 2022 17:03:23 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>श्रीलंका लौटे पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे, भारी प्रदर्शनों के बीच छोड़ना पड़ा था देश</title>
                                    <description><![CDATA[कोलंबो। श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे शुक्रवार को थाईलैंड से कोलंबो वापस लौटे और इस मौके पर भंडारनायके हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया गया। देश में अभूतपूर्व आर्थिक संकट के कारण उनके इस्तीफा की मांग को लेकर महीनों से चले विरोध-प्रदर्शन के बीच राजपक्षे विदेश भाग गए थे। वह 51 दिन तक देश …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे शुक्रवार को थाईलैंड से कोलंबो वापस लौटे और इस मौके पर भंडारनायके हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया गया। देश में अभूतपूर्व आर्थिक संकट के कारण उनके इस्तीफा की मांग को लेकर महीनों से चले विरोध-प्रदर्शन के बीच राजपक्षे विदेश भाग गए थे। वह 51 दिन तक देश से बाहर थे। राजपक्षे कड़ी सुरक्षा के बीच बैंकाक से सिंगापुर होते हुए कोलंबो पहुंचे। हवाई अड्डे पर पार्टी के नेताओं और मंत्रियों ने फूल देकर उनका स्वागत किया।</p>
<p>हवाई अड्डे के ड्यूटी प्रबंधक ने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति शुक्रवार रात साढ़े ग्यारह बजे सिंगापुर एयरलाइन की उड़ान से यहां पहुंचे। सत्तारूढ़ दल श्रीलंका पोदुजना पेरमुना (एसएलपीपी) के सांसदों की अगवानी में राजपक्षे (73) भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हवाई अड्डे से कारों के काफिले में निकल गए। एसएलपीपी के एक सूत्र ने ‘इकोनॉमी नेक्स्ट’ वेबसाइट को बताया, “पार्टी के कई लोग उन्हें राजनीति में फिर से देखना चाहते हैं, लेकिन वह अब राजनीतिक जीवन में सक्रिय नहीं होंगे।”</p>
<p>खबर के अनुसार, सूत्र ने हालांकि कहा, “पार्टी के कई कोर सदस्य राष्ट्रीय सूची का इस्तेमाल कर पूर्व राष्ट्रपति के संसद में आने के खिलाफ हैं। वे उन्हें फिर से नेतृत्व करते हुए नहीं देखना चाहते हैं। हालांकि, राजपक्षे ने कोई अपराध नहीं किया है। इसलिए उनके पास देश लौटने और पूर्व राष्ट्रपति के सभी लाभ उठाने का पूरा अधिकार है।”</p>
<p>राजपक्षे को विशेष सुरक्षा दी गई है। वह, उनकी पत्नी और दो अंगरक्षक 13 जुलाई को वायु सेना के विमान से मालदीव के लिए रवाना हो गए थे। इसके बाद वे सिंगापुर गए और एक दिन बाद पद से इस्तीफा दे दिया। दो सप्ताह बाद राजपक्षे थाईलैंड चले गए थे, जहां वह अस्थायी वीजा पर रह रहे थे। ‘डेली मिरर’ अखबार की खबर के मुताबिक, राजपक्षे कोलंबो में विजेरामा मवाथा के पास सरकारी बंगले में रहेंगे और उनके लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए जाएंगे।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/iran-once-again-seized-us-maritime-drones-for-some-time-us-navy/">अमेरिकी नौसेना का कहना, ईरान ने एक बार फिर जब्त किए अमेरिकी समुद्री ड्रोन</a></strong></p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 03 Sep 2022 10:51:46 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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                <title>Sri Lanka: शनिवार को थाईलैंड से स्वदेश वापस लौटे सकते हैं पूर्व राष्ट्रपति राजपक्षे</title>
                                    <description><![CDATA[कोलंबो। श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे शनिवार को स्वदेश लौट सकते हैं। वह जुलाई में आर्थिक संकट के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद देश छोड़कर भाग गए थे। एक मीडिया रिपोर्ट में शुक्रवार को यह जानकारी दी गयी। द आइलैंड अखबार ने बताया कि राजपक्षे अभी थाईलैंड में हैं। पूर्व राष्ट्रपति …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे शनिवार को स्वदेश लौट सकते हैं। वह जुलाई में आर्थिक संकट के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद देश छोड़कर भाग गए थे। एक मीडिया रिपोर्ट में शुक्रवार को यह जानकारी दी गयी। द आइलैंड अखबार ने बताया कि राजपक्षे अभी थाईलैंड में हैं। पूर्व राष्ट्रपति जिनकी देखरेख में 2009 में तमिल टाइगर्स को समाप्त किया गया था।</p>
<p>वह थाईलैंड जाने से पहले कुछ समय के लिए पहले मालदीव और फिर सिंगापुर रुके थे। श्री राजपक्षे (73) श्रीलंका में अब तक के सबसे बड़े आर्थिक संकट के बीच उनकी सरकार के खिलाफ भड़के विद्रोह के बाद देश छोड़कर चले गए थे।</p>
<p>उनके इस्तीफे की प्रदर्शनकारियों की मांग ने नौ जुलाई को उस समय जोर पकड़ लिया था, जब प्रदर्शनकारी कोलंबो में राष्ट्रपति के आवास और राजधानी में अन्य सरकारी इमारतों में घुस आए थे। राजपक्षे 13 जुलाई को देश छोड़कर चले गए थे। गोटबाया राजपक्षे के प्रभावशाली अन्य भाई पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और पूर्व मंत्री बासिल राजपक्षे श्रीलंका में रहते हैं और उन्हें अदालत ने देश छोड़ने से रोक लगाई थी।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <a class="post-title the-subtitle" href="https://amritvichar.com/french-prosecutor-warns-of-growing-threat-of-terrorist-attacks/">फ्रांसीसी अभियोजक ने आतंकवादी हमले के बढ़ते खतरे की दी चेतावनी</a></strong></p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Sep 2022 17:57:46 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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