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                <title>Kailash Mansarovar - Amrit Vichar</title>
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                <description>Kailash Mansarovar RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए शुरू आवेदन, जानें क्या है लास्ट डेट और कैसे होगा रजिस्ट्रेशन?</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊः </strong>करोड़ों हिंदुओं, जैन और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए आज एक बेहद सुखद और बड़ी खबर सामने आई है। महादेव के निवास स्थान यानी 'कैलाश मानसरोवर' की यात्रा का इंतजार अब खत्म हो गया है। विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी है कि इस साल जून से अगस्त के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा आयोजित की जाएगी। कोविड महामारी और सीमा पर उपजे तनाव के चलते लंबे समय तक बंद रही यह यात्रा अब पूरी तरह से बहाल हो रही है।</p>
<p>विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस साल की यात्रा दो पारंपरिक मार्गों से संचालित की जाएगी।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580558/apply-to-start-kailash-mansarovar-yatra--know-what-is-the-last-date-and-how-will-the-enrollment-happen"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊः </strong>करोड़ों हिंदुओं, जैन और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए आज एक बेहद सुखद और बड़ी खबर सामने आई है। महादेव के निवास स्थान यानी 'कैलाश मानसरोवर' की यात्रा का इंतजार अब खत्म हो गया है। विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी है कि इस साल जून से अगस्त के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा आयोजित की जाएगी। कोविड महामारी और सीमा पर उपजे तनाव के चलते लंबे समय तक बंद रही यह यात्रा अब पूरी तरह से बहाल हो रही है।</p>
<p>विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस साल की यात्रा दो पारंपरिक मार्गों से संचालित की जाएगी। पहला रास्ता उत्तराखंड का 'लिपुलेख दर्रा' होगा और दूसरा रास्ता सिक्किम का 'नाथू ला' दर्रा। सुरक्षा और व्यवस्था को देखते हुए यात्रियों की संख्या भी तय कर दी गई है। लिपुलेख दर्रे से 50-50 यात्रियों के 10 जत्थे रवाना होंगे, वहीं नाथू ला दर्रे से भी इतने ही जत्थे महादेव के दर्शन के लिए तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र जाएंगे।</p>
<p><strong>आवेदन की अंतिम तिथि: </strong>19 मई 2026<br /><strong>आधिकारिक वेबसाइट: </strong>kmy.gov.in<br /><strong>चयन प्रक्रिया: </strong>कंप्यूटर-जनित रैंडम सिलेक्शन (पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी)<br /><strong>योग्यता: </strong>शारीरिक फिटनेस का विशेष ध्यान</p>
<p>आपको बता दें कि भारत और चीन के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। साल 2020 में कोरोना महामारी और फिर पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर सैन्य गतिरोध के कारण इस यात्रा को स्थगित कर दिया गया था। पिछले साल इसे सीमित स्तर पर शुरू करने की कोशिश हुई थी, लेकिन इस साल यह यात्रा पूरे उत्साह के साथ अपने पुराने स्वरूप में लौट रही है।</p>
<p>जो श्रद्धालु इस पावन यात्रा पर जाना चाहते हैं, उन्हें अब किसी पत्र या फैक्स की जरूरत नहीं है। वे सीधे आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। महादेव के दर्शन की आस लगाए बैठे भक्तों के लिए 19 मई तक का समय है। तो जल्द करें और अपनी किस्मत आजमाएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 16:08:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CM योगी ने खोला खुशियों का पिटारा... कैलाश मानसरोवर यात्रियों को देंगे एक-एक लाख की सहायता</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में कैलाश मानसरोवर यात्रा करने वाले 555 श्रद्धालुओं को एक-एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेंगे।</p><p>पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य तीर्थ यात्रियों को प्रोत्साहित करना और उनकी यात्रा को सुगम बनाना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहेंगे। कैलाश मानसरोवर यात्रा को सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र माना जाता है, लेकिन यह यात्रा कठिन और खर्चीली होती है।</p><p>प्रदेश सरकार द्वारा कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी करने वाले राज्य के स्थायी निवासियों को एक लाख रुपये तक की सहायता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575364/cm-yogi-opens-the-box-of-happiness----kailash-mansarovar-pilgrims-will-get-assistance-of-rs-1-lakh-each"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(2)5.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में कैलाश मानसरोवर यात्रा करने वाले 555 श्रद्धालुओं को एक-एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेंगे।</p><p>पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य तीर्थ यात्रियों को प्रोत्साहित करना और उनकी यात्रा को सुगम बनाना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहेंगे। कैलाश मानसरोवर यात्रा को सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र माना जाता है, लेकिन यह यात्रा कठिन और खर्चीली होती है।</p><p>प्रदेश सरकार द्वारा कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी करने वाले राज्य के स्थायी निवासियों को एक लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। यात्रा पूर्ण करने के बाद आवेदन और दस्तावेजों के सत्यापन के उपरांत यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में अंतरित की जाती है। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए कैलाश मानसरोवर भवन का निर्माण भी कराया गया है, जहां देशभर से आने वाले तीर्थ यात्रियों को ठहरने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 09:08:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kailash Mansarovar : तिब्बत पहुंचा तीर्थयात्रियों का दूसरा जत्था, लिपुलेख के जरिए श्रद्धालु करेंगे कैलाश पर्वत और  मानसरोवर झील के दर्शन-परिक्रमा  </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>पिथौरागढ़। </strong>उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में 17,500 फुट की ऊंचाई पर स्थित लिपुलेख दर्रे के जरिये कैलाश मानसरोवर जाने वाले तीर्थयात्रियों का 48 सदस्यीय दूसरा जत्था सोमवार को तिब्बत में प्रवेश कर गया। अधिकारियों के मुताबिक यात्रा के लिए नोडल एजेंसी कुमांउ मंडल विकास निगम के धारचूला आधार शिविर पर मौजूद सूत्रों ने बताया कि श्रद्धालुओं ने लिपुलेख दर्रे को पार करते हुए सोमवार सुबह सवा नौ बजे तिब्बत में प्रवेश किया। </p>
<p style="text-align:justify;">तिब्बत में अपने प्रवास के दौरान श्रद्धालु तकलाकोट, दारचेन, डेरा फुक, जुंगघुई पू और कुगू नामक स्थानों पर विश्राम करेंगे और पवित्र कैलाश पर्वत तथा मानसरोवर झील के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/546119/kailash-mansarovar--second-batch-of-pilgrims-reached-tibet--devotees-will-visit-and-circumambulate-mount-kailash-and-mansarovar-lake-through-lipulekh"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/pm-shri---(37)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पिथौरागढ़। </strong>उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में 17,500 फुट की ऊंचाई पर स्थित लिपुलेख दर्रे के जरिये कैलाश मानसरोवर जाने वाले तीर्थयात्रियों का 48 सदस्यीय दूसरा जत्था सोमवार को तिब्बत में प्रवेश कर गया। अधिकारियों के मुताबिक यात्रा के लिए नोडल एजेंसी कुमांउ मंडल विकास निगम के धारचूला आधार शिविर पर मौजूद सूत्रों ने बताया कि श्रद्धालुओं ने लिपुलेख दर्रे को पार करते हुए सोमवार सुबह सवा नौ बजे तिब्बत में प्रवेश किया। </p>
<p style="text-align:justify;">तिब्बत में अपने प्रवास के दौरान श्रद्धालु तकलाकोट, दारचेन, डेरा फुक, जुंगघुई पू और कुगू नामक स्थानों पर विश्राम करेंगे और पवित्र कैलाश पर्वत तथा मानसरोवर झील के दर्शन और परिक्रमा करेंगे। सूत्रों ने बताया कि लिपुलेख दर्रे के जरिये तीर्थयात्रा पर जाने वाले 46 सदस्यों का तीसरा जत्था सोमवार सुबह धारचूला से गुंजी के लिए रवाना हुआ है। </p>
<p style="text-align:justify;">इस वर्ष लिपुलेख दर्रे के जरिये पांच जत्थों में करीब 250 श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाएंगे। पांच में से तीन जत्थे यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर हैं जबकि चौथे और पांचवें जत्थे क्रमश: पांच और नौ अगस्त को धारचूला आधार शिविर पर पहुंचेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/545992/more-than-200-corrupt-people-were-sent-to-jail-in-uttarakhand-in-last-three-years--cm-dhami">पिछले तीन वर्षों में उत्तराखंड में 200 से अधिक भ्रष्टाचारी जेल भेजे गए: सीएम धामी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>पिथौरागढ़</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/546119/kailash-mansarovar--second-batch-of-pilgrims-reached-tibet--devotees-will-visit-and-circumambulate-mount-kailash-and-mansarovar-lake-through-lipulekh</link>
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                <pubDate>Mon, 14 Jul 2025 18:45:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मन की बात में बोले PM मोदी- सेवा, समर्पण के अवसर का अनुष्ठान होती है तीर्थयात्राएं</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि तीर्थ यात्राएं‘ चलो बुलावा आया है ’का ही प्रवाह नहीं होता है बल्कि यह तीर्थयात्रियों और उनकी सेवा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए सेवा और समर्पण का एक अनुष्ठान भी होता है। पीएम मोदी ने रविवार को आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' की 123वीं कड़ी में कहा कि तीर्थ यात्री के मन में सबसे पहले भाव आता है, 'चलो, बुलावा आया है' और यही भाव धार्मिक यात्राओं की आत्मा है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि ये यात्राएं शरीर के अनुशासन का, मन की शुद्धि का, आपसी प्रेम और भाईचारे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/544024/pm-modi-said-in-mann-ki-baat--pilgrimages-are-a-ritual-of-service-and-dedication"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-09/मन-की-बात.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि तीर्थ यात्राएं‘ चलो बुलावा आया है ’का ही प्रवाह नहीं होता है बल्कि यह तीर्थयात्रियों और उनकी सेवा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए सेवा और समर्पण का एक अनुष्ठान भी होता है। पीएम मोदी ने रविवार को आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' की 123वीं कड़ी में कहा कि तीर्थ यात्री के मन में सबसे पहले भाव आता है, 'चलो, बुलावा आया है' और यही भाव धार्मिक यात्राओं की आत्मा है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि ये यात्राएं शरीर के अनुशासन का, मन की शुद्धि का, आपसी प्रेम और भाईचारे का, प्रभु से जुड़ने का माध्यम है। इनके अलावा, इन यात्राओं का एक और बड़ा पक्ष ये भी है कि यात्राएं सेवा के अवसरों का एक महाअनुष्ठान भी होती है। तीर्थ यात्रा होती हैं तो जितने लोग यात्रा पर जाते हैं उससे ज्यादा लोग तीर्थ यात्रियों की सेवा के काम में जुटते हैं। जगह-जगह भंडारे और लंगर और प्याऊ लगाये जाते हैं। </p>
<p>सेवा-भाव से ही मेडिकल कैम्प और सुविधाओं की व्यवस्था की जाती है। इस काम मे कितने ही लोग अपने खर्च से तीर्थयात्रियों के लिए धर्मशालाओं की और रहने खाने की व्यवस्था करते हैं। प्रधानमंत्री ने कैलाश मानसरोवर यात्रा का जिक्र करते हुए कहा ‘लंबे समय के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा का फिर से शुभारंभ हुआ है। कैलाश मानसरोवर यानी भगवान शिव का धाम। </p>
<p>हिन्दू, बौद्ध, जैन, हर परंपरा में कैलाश को श्रद्धा और भक्ति का केंद्र माना गया है। साथियों, तीन जुलाई से पवित्र अमरनाथ यात्रा शुरू होने जा रही है और सावन का पवित्र महीना भी कुछ ही दिन दूर है। अभी कुछ दिन पहले हमने भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा भी देखी है। ओडिशा हो, गुजरात हो, या देश का कोई और कोना, लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होते हैं। </p>
<p>उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम, ये यात्राएं ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के भाव का प्रतिबिंब है। जब हम श्रद्धा भाव से, पूरे समर्पण से और पूरे अनुशासन से अपनी धार्मिक यात्रा सम्पन्न करते हैं तो उसका फल भी मिलता है। मैं यात्राओं पर जा रहे सभी सौभाग्यशाली श्रद्धालुओं को अपनी शुभकामनाएँ देता हूँ।’ उन्होंने कहा कि जो लोग सेवा भावना से इन तीर्थयात्राओं को सफल और सुरक्षित बनाने में जुटे हैं, उन्हें भी साधुवाद देता हूँ।  </p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/543996/pakistan-suicide-attack--pakistan-blamed-india-for-waziristan-attack--centre-responded-saying---conspiracy-to-divert-attention">Pakistan Suicide Attack: वजीरिस्तान हमले में पाकिस्तान ने भारत को ठहराया जिम्मेदार, केंद्र ने दिया जवाब, कहा- 'ध्यान भटकाने की साजिश'</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/544024/pm-modi-said-in-mann-ki-baat--pilgrimages-are-a-ritual-of-service-and-dedication</link>
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                <pubDate>Sun, 29 Jun 2025 12:17:49 +0530</pubDate>
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                        url="https://www.amritvichar.com/media/2023-09/%E0%A4%AE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A4.jpg"                         length="91401"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू... भारत ने चीन के सहयोग की सराहना की, अब बीजिंग के लिए सीधी उड़ान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>भारत ने इस वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा के फिर से शुरू होने पर चीन के सहयोग की सराहना की है और सीमा पार नदियों के प्रवाह के डेटा और सीधी विमान सेवा बहाल करने के बारे में प्रगति पर चर्चा की । विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को यहां बताया कि गुरुवार को विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने चीन के उप विदेश मंत्री सन वेइदोंग से मुलाकात की जो 12-13 जून को भारत की दो दिवसीय यात्रा पर आए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">विदेश मंत्रालय के अनुसार बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने इस वर्ष 27 जनवरी को बीजिंग में अपनी पिछली बैठक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/541916/kailash-mansarovar-yatra-resumes----india-appreciates-china-s-cooperation--now-direct-flight-to-beijing"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-06/news-post--(4)9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>भारत ने इस वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा के फिर से शुरू होने पर चीन के सहयोग की सराहना की है और सीमा पार नदियों के प्रवाह के डेटा और सीधी विमान सेवा बहाल करने के बारे में प्रगति पर चर्चा की । विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को यहां बताया कि गुरुवार को विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने चीन के उप विदेश मंत्री सन वेइदोंग से मुलाकात की जो 12-13 जून को भारत की दो दिवसीय यात्रा पर आए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">विदेश मंत्रालय के अनुसार बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने इस वर्ष 27 जनवरी को बीजिंग में अपनी पिछली बैठक के बाद से भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों में विकास की समीक्षा की और जन-केंद्रित कार्यक्रमों पर प्राथमिकता के साथ संबंधों को स्थिर और पुनर्निर्माण जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। विदेश सचिव ने इस वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने के लिए चीनी पक्ष के सहयोग की सराहना की। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने हाइड्रोलॉजिकल डेटा और अन्य सहयोग के प्रावधान को फिर से शुरू करने के लिए सीमा पार नदियों में सहयोग के लिए विशेषज्ञ स्तर के तंत्र की अप्रैल 2025 की बैठक में चर्चा का उल्लेख किया और उन पर प्रगति की उम्मीद की। दोनों पक्ष दोनों देशों के बीच सीधी हवाई सेवाओं को फिर से शुरू करने के लिए जरूरी कदमों में तेजी लाने पर सहमत हुए। विदेश सचिव ने एक अद्यतन वायु सेवा समझौते पर शीघ्र हस्ताक्षर किये जाने पर बल दिया। </p>
<p style="text-align:justify;">दोनों पक्ष वीजा सुविधा और मीडिया और थिंक टैंकों के बीच आदान-प्रदान के लिए व्यावहारिक कदम उठाने पर भी सहमत हुए। दोनों पक्षों ने भारत और चीन के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ के दौरान नियोजित गतिविधियों का सकारात्मक मूल्यांकन किया और इसे सुविधाजनक बनाने पर सहमति व्यक्त की। दोनों पक्ष आर्थिक और व्यापारिक क्षेत्रों सहित कुछ कार्यात्मक संवाद आयोजित करने पर सहमत हुए ताकि चिंता के विशिष्ट मुद्दों पर चर्चा की जा सके और उनका समाधान किया जा सके। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/541906/the-first-batch-for-kailash-mansarovar-yatra-will-leave-on-june-15--up-government-has-made-extensive-arrangements--tourism-minister-will-flag-off-the-journey#gsc.tab=0">कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए पहला जत्था 15 जून को होगा रवाना, UP सरकार ने किए व्यापक इंतजाम, पर्यटनमंत्री दिखाएंगे हरी झंडी</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Jun 2025 11:34:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kailash Mansarovar Yatra: कितने किलोमीटर चलना होगा, आपका फिटनेस लेवल कैसा होना चाहिए? जानें</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार। </strong>कैलाश मानसरोवर यात्रा 30 जून से शुरू होने जा रहीं हैं और अगस्त तक जारी रहेगी। साल 2020 के बाद से ही चीन से तनाव के चलते यह यात्रा बंद थी। अब ऐसे में इस साल यात्रा के शुरू होने पर बड़ी संख्या शिव भक्तो के आने की उम्मीद जताई जा रहीं है। अगर आप भी इस यात्रा में जाने की तैयारी कर रहे है तो आपको ये जानना जरुरी हैं कि इस यात्रा के लिए कितना चलना पड़ता हैं और इसके लिए फिटनेस कितनी जरुरी हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;">यात्रा नहीं होती आसान </h5>
<p style="text-align:justify;">कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए कैलाश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/536280/kailash-mansarovar-yatra-how-much-your-fitness-level-should-be"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/news-post--(17).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार। </strong>कैलाश मानसरोवर यात्रा 30 जून से शुरू होने जा रहीं हैं और अगस्त तक जारी रहेगी। साल 2020 के बाद से ही चीन से तनाव के चलते यह यात्रा बंद थी। अब ऐसे में इस साल यात्रा के शुरू होने पर बड़ी संख्या शिव भक्तो के आने की उम्मीद जताई जा रहीं है। अगर आप भी इस यात्रा में जाने की तैयारी कर रहे है तो आपको ये जानना जरुरी हैं कि इस यात्रा के लिए कितना चलना पड़ता हैं और इसके लिए फिटनेस कितनी जरुरी हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;">यात्रा नहीं होती आसान </h5>
<p style="text-align:justify;">कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए कैलाश पर्वत की परिक्रमा 52 से 55  किमी की दूरी तय करनी पड़ती हैं। यात्रा 3 दिनों में पूरी की जाती हैं इसकी शुरुआत 4,600 मीटर ऊंची तारबोचे घाटी से होती हैं। इसके बाद मानसरोवर यात्रा में झील की परिक्रमा शामिल हैं जोकि 320 वर्ग किमी में फैली है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">यात्रा के लिए की जाने वाली प्रक्रिया </h5>
<p style="text-align:justify;">इस यात्रा के लिए पहले कई मेडिकल टेस्ट किये जाते हैं। इसके लिए Delhi Heart and Lung इंस्टिट्यूट में इस यात्रा में हिस्सा लेने वालों का फिटनेस स्तर को जांचने के लिए मेडिकल टेस्ट का प्रोग्राम चलाता हैं। BMI बॉडी मास इंडेक्स 27 या उससे कम होना जरुरी माना जाता हैं। इस टेस्ट में में हीमोग्लोबिन, कोलेस्ट्रॉल, इंसुलिन के टेस्ट किये जाते हैं। इस टेस्ट में अनफिट पाए जाने पर आप इस यात्रा में नहीं जा पाएंगे। </p>
<h5 style="text-align:justify;">कैलाश मानसरोवर के समय फिट रहना जरुरी हैं </h5>
<p style="text-align:justify;">-कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए कठिन दुर्गम उचाई से होकर गुजरना होता हैं ऐसे में शारीरिक रूप से फिट होना बेहद जरुरी हैं। इससे पहाड़ो में आपकी बॉडी Temp जगह के अनुसार ढल जाती हैं जिससे पहाड़ो से जुडी बीमारी और हाइपोक्सिया का खतरा कम होता हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">-यात्रा के दौरान फिट रहने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती हैं थकन कम होती हैं। आपका फिट शरीर यात्रा में ऊबड़-खाबड़ रास्तों और ख़राब मौसम में डटे रहने में मदद करता हैं। और यात्रा में गिरने और फिसलने का खतरा भी कम हो जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">- कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए जाने से पहले नियमित व्यायाम- जॉगिंग, साइकिलिंग और वाकिंग शामिल करना चाहिए। योग, प्राणायाम भी इसमें फायदेमंद होता हैं। यात्रा से पहले आप अपने उचाई पर जाने की तैयारी की प्रक्रिया की प्रैक्टिस की जनि चाहिए। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/535784/morning-walk-in-summer-will-be-costly-if-you-ignore-these-mistakes">गर्मियों की Morning Walk पड़ेगी भारी, अगर इन गलतियों को किया Ignore</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 May 2025 18:42:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या: चीन के कब्जे से कैलाश मानसरोवर को मुक्त कराने की उठी मांग, साधु-सन्तों ने लिया संकल्प</title>
                                    <description><![CDATA[अयोध्या। राम नगरी अयोध्या में रविवार को आयोजित प्रवासी भारतीय व सन्त समागम में पड़ोसी देश चीन के कब्जे से कैलाश मानसरोवर को मुक्त कराने की मांग की गई। इसके लिए आंदोलन को प्रवासी भारतीयों की ओर से मार्च माह में बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट की ओर से …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/63599/ayodhya-the-demand-for-the-liberation-of-kailash-mansarovar-from-the-occupation-of-china-the-saints-took-the-resolution"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-01/अयोध्या-6.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या।</strong> राम नगरी अयोध्या में रविवार को आयोजित प्रवासी भारतीय व सन्त समागम में पड़ोसी देश चीन के कब्जे से कैलाश मानसरोवर को मुक्त कराने की मांग की गई। इसके लिए आंदोलन को प्रवासी भारतीयों की ओर से मार्च माह में बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।</p>
<p>देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट की ओर से अयोध्या विवाद के जमीन के मालिकाना हक मामले में फैसला सुनाए जाने के बाद राम जन्म भूमि को मुक्त कराने का मामला अपने अंजाम को पहुंच गया है। राम जन्मभूमि मामले की तरह इस पुराने विवाद को भी अलग-अलग पक्षों की ओर से अदालत में उठाया गया है। वहीं रविवार को अयोध्या के जानकी घाट बड़ा स्थान में आयोजित प्रवासी भारतीयों के समागम में कैलाश मानसरोवर को मुक्त कराने की मांग उठी है।</p>
<p>जानकीघाट बड़ा स्थान में महंत जनमेजय शरण रसिकपीठाधीश्वर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में साधु- सन्तों ने चीन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कैलाश मानसरोवर को मुक्त कराने का संकल्प लिया। यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका के प्रवासी भारतीय रमन त्रिपाठी तथा कार्यक्रम के संयोजक काशी निवासी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि जैसे राममंदिर मुक्त हुआ है वैसे ही कैलाश मानसरोवर मुक्त हो।</p>
<p>इसके लिए लंबे समय से आंदोलन की जरूरत महसूस की जा रही है। इसके लिए प्रवासी भारतीय लम्बे समय से एक प्लेटफार्म की तलाश कर रहे थे।जिसको आज साधु संतों ने अपना आशीर्वाद दिया है। कैलाश मानसरोवर के मुक्त की मांग को बुलंद करने के लिए आगामी 6,7 मार्च को प्रवासी भारतीयों का एक बड़ा कार्यक्रम होगा। जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कई विशष्ट हस्तियों को आमंत्रित किया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 Jan 2021 20:50:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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