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                <title>Drinking Water - Amrit Vichar</title>
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                <description>Drinking Water RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>चारधाम यात्रा :दस दिन में चार लाख श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार। </strong>देवभूमि में उत्तराखंड चारधाम यात्रा-2026 में अपने आराध्य के दर्शन करने आने श्रद्धालुओं का आंकड़ा 10 दिन चार लाख पार कर गया है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि, प्रदेश में चारधाम यात्रा सुचारू रूप से संचालित हो रही है। राज्य सरकार द्वारा यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि श्रद्धालु निश्चिंत होकर सुरक्षित एवं सुगम रूप से दर्शन कर सकें।</p>
<p>चार धाम यात्रा के दौरान यात्रियों, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए चारधाम यात्रा मार्गों सहित प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580340/crossed-the-400-000-devotee-mark-in-ten-days"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/yatra1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार। </strong>देवभूमि में उत्तराखंड चारधाम यात्रा-2026 में अपने आराध्य के दर्शन करने आने श्रद्धालुओं का आंकड़ा 10 दिन चार लाख पार कर गया है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि, प्रदेश में चारधाम यात्रा सुचारू रूप से संचालित हो रही है। राज्य सरकार द्वारा यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि श्रद्धालु निश्चिंत होकर सुरक्षित एवं सुगम रूप से दर्शन कर सकें।</p>
<p>चार धाम यात्रा के दौरान यात्रियों, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए चारधाम यात्रा मार्गों सहित प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, पार्किंग एवं यातायात व्यवस्थाओं को सुदृढ़ एवं व्यवस्थित किया गया है। वहीं, राज्य सरकार ने यात्रा व्यवस्थाओं के संबंध में भ्रामक जानकारी प्रसारित करने वालों तथा गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, ताकि यात्रा की पवित्रता एवं व्यवस्थाएं बनी रहें।</p>
<p>राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार चारधाम कपाट खुलने से 28 अप्रैल की शाम 7:00 बजे तक मात्र दस दिनों में 4 लाख 8 हजार 401 श्रद्धालु चारधाम में दर्शन हेतु पहुंचे चुके थे। इसके अतिरिक्त गौमुख में अब तक 440 यात्री पहुंचे हैं। वर्तमान यात्रा सीजन में अब तक कुल 64,115 वाहन यात्रियों को लेकर चारधाम पहुंचे हैं। शासन के अधिकारियों का कहना है कि, राज्य सरकार द्वारा सभी संबंधित विभागों के समन्वय से यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>कहां कितने श्रद्धालु पहुंचे</strong><br />श्री बद्रीनाथ धाम:<br />कपाट उद्घाटन के छह दिनों में 84,942 श्रद्धालु पहुंचे<br />श्री केदारनाथ धाम:<br />सात दिनों में 2,07,452 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए</p>
<p><strong>यमुनोत्री धाम:</strong></p>
<p>दस दिनों में 57,794 श्रद्धालु पहुंचे<br />गंगोत्री धाम:<br />दस दिनों में 57,863 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/580340/crossed-the-400-000-devotee-mark-in-ten-days</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 10:03:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बढ़े तापमान में रखे स्वास्थ्य का ख्याल,  हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए पिएं अधिक से अधिक पानी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या, अमृत विचार।</strong> मौसम का तापमान बढ़ा है। ऐसे में लू (हीट स्ट्रोक) से बचने के लिए एहतियात बरतें। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) अमित कुमार भट्ट ने जनसामान्य से इससे सावधान रहने और स्वास्थ्य की देखभाल की अपील की है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">कब लगती है लू, लक्षण</h5>
<p style="text-align:justify;">-गर्मी में शरीर में पानी, नमक की कमी होने पर तू लगने का खतरा ज्यादा रहता है। शराब की लत, हृदय रोग, पुरानी बीमारियों, मोटापा, पार्किंसंस रोग, अधिक उम्र, अनियंत्रित मधुमेह में लू लगने का खतरा ज्यादा रहता है। गर्म लाल, शुष्क त्वचा का होना, पसीना न आना, तेज पल्स होना, उथले श्वास गति में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579480/take-care-of-your-health-amidst-rising-temperatures--drink-plenty-of-water-to-prevent-heatstroke"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/untitled-design-(31).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या, अमृत विचार।</strong> मौसम का तापमान बढ़ा है। ऐसे में लू (हीट स्ट्रोक) से बचने के लिए एहतियात बरतें। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) अमित कुमार भट्ट ने जनसामान्य से इससे सावधान रहने और स्वास्थ्य की देखभाल की अपील की है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">कब लगती है लू, लक्षण</h5>
<p style="text-align:justify;">-गर्मी में शरीर में पानी, नमक की कमी होने पर तू लगने का खतरा ज्यादा रहता है। शराब की लत, हृदय रोग, पुरानी बीमारियों, मोटापा, पार्किंसंस रोग, अधिक उम्र, अनियंत्रित मधुमेह में लू लगने का खतरा ज्यादा रहता है। गर्म लाल, शुष्क त्वचा का होना, पसीना न आना, तेज पल्स होना, उथले श्वास गति में तेजी, व्यवहार में परिवर्तन, भ्रम की स्थिति, सिरदर्द, मितली, थकान और कमजोरी होना चक्कर आना, मूत्र न होना अथवा इसमें कमी इसके लक्षण हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;">बचाव के तरीके</h5>
<p style="text-align:justify;">हीट स्ट्रोक से बचने के लिए प्रचार माध्यमों पर हीट वेव/लू की चेतावनी पर ध्यान दें, अधिक से अधिक पानी पिएं, यदि प्यास न लगी हो तब भी। </p>
<p style="text-align:justify;">हल्के रंग के पसीना सोखने वाले हल्के वस्त्र पहनें, धूप के चश्मे, छाता, टोपी, व चप्पल का प्रयोग करें, खुले में कार्य करते है तो सिर चेहरा, हाथ-पैरों को गीले कपड़े से ढके रहें। छाते का प्रयोग करें। </p>
<p style="text-align:justify;">लू से प्रभावित व्यक्ति को छाया में लिटाकर सूती गीले कपड़े से पोंछे अथवा नहलाएं और चिकित्सक से संपर्क करें। </p>
<p style="text-align:justify;">यात्रा करते समय पीने का पानी अपने साथ ले जाएं। ओआरएस, घर में बने हुए पेय पदार्थ जैसे लस्सी, चावल का पानी (माड), नीबू पानी, छाछ आदि का उपयोग करें। जिससे कि शरीर में पानी की कमी की भरपाई हो सके। </p>
<p style="text-align:justify;">बीमारी अनुभव होने पर तुरन्त चिकित्सीय सलाह लें।अधिक प्रोटीन, बासी एवं संक्रमित खाद्य एवं पेय पदार्थों का प्रयोग न करें। </p>
<p style="text-align:justify;">अल्कोहल, चाय व काफी पीने से परहेज करें।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/579477/administration-issues-advisory-for-fire-safety--directs-public-on-preventive-measures"><span class="t-red">आग से बचाव के लिए प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी, </span>बचाव को लेकर लोगों को दिए निदेश  </a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579480/take-care-of-your-health-amidst-rising-temperatures--drink-plenty-of-water-to-prevent-heatstroke</link>
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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 13:09:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी में ‘री-यूज वाटर’ नीति लागू, योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी, क्या है 'Re-Used Water' नीति ?</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश सरकार ने सेफ री-यूज ट्रीटेड वाटर पॉलिसी को मंजूरी देते हुए जल प्रबंधन के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है। इस नीति के तहत अब घरों और उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट जल को शोधन (ट्रीटमेंट) के बाद दोबारा उपयोग में लाया जाएगा, जिससे पेयजल संसाधनों पर बढ़ते दबाव को कम किया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश में सिंचाई, घरेलू, औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्रों में पानी की मांग लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए सरकार ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576206/-re-used-water--policy-implemented-in-up--yogi-cabinet-gives-approval%E2%80%94what-is-the--re-used-water--policy"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(9)8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश सरकार ने सेफ री-यूज ट्रीटेड वाटर पॉलिसी को मंजूरी देते हुए जल प्रबंधन के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है। इस नीति के तहत अब घरों और उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट जल को शोधन (ट्रीटमेंट) के बाद दोबारा उपयोग में लाया जाएगा, जिससे पेयजल संसाधनों पर बढ़ते दबाव को कम किया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश में सिंचाई, घरेलू, औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्रों में पानी की मांग लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए सरकार ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) के माध्यम से शोधित जल के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देने की योजना बनाई है। नीति के तहत पहले चरण में नगर निकायों के कार्य, निर्माण गतिविधियों, बागवानी और सिंचाई में इस पानी का उपयोग किया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">दूसरे चरण में इसे उद्योग, कृषि और रेलवे जैसे क्षेत्रों तक विस्तारित किया जाएगा। वहीं तीसरे चरण में ड्यूल पाइप सिस्टम के जरिए घरों तक गैर-पीने योग्य पानी की अलग आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल स्वच्छ पेयजल की बचत होगी, बल्कि नदियों और जलाशयों में प्रदूषण भी कम होगा। </p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और ऊर्जा की खपत में भी कमी आएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह नीति शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सतत जल प्रबंधन (सस्टेनेबल वाटर मैनेजमेंट) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य में जल संकट से निपटने में मददगार साबित होगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;">क्या है ‘री-यूज वाटर’ नीति</h5>
<p style="text-align:justify;">• अपशिष्ट जल को ट्रीट कर दोबारा उपयोग<br />• एसटीपी और एफएसटीपी के जरिए शोधन<br />• निर्माण, बागवानी और सिंचाई में उपयोग<br />• उद्योग और रेलवे तक विस्तार<br />• ड्यूल पाइप सिस्टम से घरों में अलग सप्लाई<br />• पेयजल की बचत और प्रदूषण में कमी<br />• जल संरक्षण और ऊर्जा बचत को बढ़ावा</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 20:42:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊः गर्मी में मिलेगी 8 लाख की आबादी को मिलेगी पेयजल समस्या से राहत, मंडलायुक्त ने किया निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> इस गर्मी में गोमती नगर और इन्दिरा नगर की लगभग 8 लाख की आबादी की पेयजल की समस्या से राहत मिलेगी। गोमती नगर स्थित कठौता झील की विशेष मशीनों से सिल्ट निकालने का काम सोमवार को जल निगम ने शुरू कर दिया। सिल्ट निकलने से झील की छमता तीन गुना बढ़ जाएगी। सिल्ट निकालने में लगभग 20 दिन का समय लगेगा। इस बीच जलापूर्ति पर असर नहीं पड़ेगा। सोमवार को मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने कठौता झील का निरीक्षण करके सिल्ट निकालने का कार्य देखा। उन्होंने जल्द से जल्द सिल्ट निकालने के निर्देश दिए।</p>
<p>निरीक्षण में नगर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/532169/lucknow-in-summer-a-population-of-8-lakh-will-get"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/2025-(43)1.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> इस गर्मी में गोमती नगर और इन्दिरा नगर की लगभग 8 लाख की आबादी की पेयजल की समस्या से राहत मिलेगी। गोमती नगर स्थित कठौता झील की विशेष मशीनों से सिल्ट निकालने का काम सोमवार को जल निगम ने शुरू कर दिया। सिल्ट निकलने से झील की छमता तीन गुना बढ़ जाएगी। सिल्ट निकालने में लगभग 20 दिन का समय लगेगा। इस बीच जलापूर्ति पर असर नहीं पड़ेगा। सोमवार को मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने कठौता झील का निरीक्षण करके सिल्ट निकालने का कार्य देखा। उन्होंने जल्द से जल्द सिल्ट निकालने के निर्देश दिए।</p>
<p>निरीक्षण में नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह, अपर नगर आयुक्त ललित कुमार, जीएम जलकल कुलदीप सिंह, चीफ इंजीनियर जलकल शमीम अखतर, अधिशासी अभियंता जलकल जोन 4 विकास शर्मा और नगर निगम व जलकल विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।</p>
<p><strong>20 से 25 दिन के लिए पानी स्टोर करने की है क्षमता</strong></p>
<p>कठौता झील की लंबाई लगभग 1200 मीटर और चौड़ाई 600 मीटर है। झील के इनलेट प्वाइंट (जहां से पानी अंदर आता है) पर करीब डेढ़ लाख क्यूबिक मीटर मिट्टी जमा हो गई थी। वर्तमान में कठौता झील मे 5 लाख क्यूबिक मीटर मिट्टी है। सिल्ट की सफाई काफी समय से न होने के कारण वर्तमान में केवल 20 से 25 दिन के लिए पानी स्टोर करने की क्षमता बची है। इस झील से गोमती नगर और इन्दिरा नगर की बड़ी आबादी को जलापूर्ति की जाती है। इससे गर्मी के समय क्षेत्र में लोगों को जलापूर्ति की समस्या का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>मनोरथा गौशाला और अकबरनगर में होगा सिल्ट का इस्तेमाल</strong></p>
<p>झील से सिल्ट निकालने में लगभग 9 करोड़ रुपये खर्च आएगा। नगर निगम झील से निकलने वाली सिल्ट का अकबरनगर और मनोरथा गौशाला के निर्माण में इस्तेमाल करेगा। जल निगम झील के बीच वाले हिस्से की सफाई के लिए ड्रेजिंग मशीन लगाएगा। सिल्ट निकालने के लिए जलकल विभाग 15 पोकलैंड मशीनें और डंपर की मदद से मिट्टी बाहर निकाल रहा है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/532115/chhattisgarh-got-a-new-278-digit-new-railway-line-at-a">छत्तीसगढ़ को मिली 278 अंकों की नई रेल लाइन, 8,741 करोड़ की लागत से बनकर तैयार होगा खरसिया-परमालकसा प्रोजेक्ट</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/532169/lucknow-in-summer-a-population-of-8-lakh-will-get</link>
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                <pubDate>Tue, 08 Apr 2025 10:15:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: 833.75 करोड़ रुपये से लगेंगे शहर के विकास को पंख</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>नगर निगम की कार्यकारिणी समिति ने सड़क-नाली, साफ-सफाई, पेयजल व पर्यावरण के लिए खजाना खोला है। विकास कार्यों के लिए पहली बार 833.75 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति दी है। समिति ने आय व व्यय के सभी बिंदुओं पर गहनता से चर्चा के बाद स्वीकृति दी है। मेयर डा. उमेश गौतम ने कर विभाग के बड़े बकायेदारों में शामिल आईवीआरआई और बरेली कॉलेज के खातों को सीज करने के लिए अलग से टीमों को गठन करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>मेयर डा. उमेश गौतम की अध्यक्षता में बुधवार को पूर्वाह्न 11 बजे कार्यकारिणी समिति की वित्तीय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/528343/bareilly-83375-crore-rupees-will-be-given-wings-to-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/नगर-निगम5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>नगर निगम की कार्यकारिणी समिति ने सड़क-नाली, साफ-सफाई, पेयजल व पर्यावरण के लिए खजाना खोला है। विकास कार्यों के लिए पहली बार 833.75 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति दी है। समिति ने आय व व्यय के सभी बिंदुओं पर गहनता से चर्चा के बाद स्वीकृति दी है। मेयर डा. उमेश गौतम ने कर विभाग के बड़े बकायेदारों में शामिल आईवीआरआई और बरेली कॉलेज के खातों को सीज करने के लिए अलग से टीमों को गठन करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>मेयर डा. उमेश गौतम की अध्यक्षता में बुधवार को पूर्वाह्न 11 बजे कार्यकारिणी समिति की वित्तीय वर्ष 2025-26 की बजट बैठक हुई। अधिकारियों की ओर से 833.75 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया। समिति ने सड़कों-नालियों के निर्माण के लिए बजट कम बताते हुए पिछले साल की अपेक्षा 100 करोड़ रुपये बढ़ा दिए। अब तक नगर निगम ने पार्कों के रखरखाव, डिवाइडर पर पानी व पौधे लगाने, टूटे पेड़ों को इकट्ठा करने आदि के लिए 42 माली लगाए थे। अब यह काम प्राइवेट एजेंसी को दिया जा रहा है। इसमें एक करोड़ रुपये का खर्च बढ़ाने पर सहमति दी।</p>
<p>वहीं, आमदनी के मद में साफ-सफाई व कूड़ा कलेक्शन पर बड़ा प्राविधान किया है। 30 वार्डों में सफाई का काम ठेके पर दिया है। सड़कों की सफाई व रात में सफाई कराने के लिए अतिरिक्त बजट रखा गया है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए भी प्रावधान किया है। डलावघर से कूड़ा उठाकर ट्रचिंग ग्राउंड तक पहुंचाने के लिए आउटसोर्स को जिम्मेदारी दी है। बैठक में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, अपर नगर आयुक्त सुनील कुमार यादव, लेखा अधिकारी अनुराग सिंह, मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी प्रदीप कुमार मिश्र समेत अन्य अधिकारी और कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे।<br /><br /></p>
<p><strong>आय व व्यय के सभी बिंदुओं पर की चर्चा</strong><br />कार्यकारिणी सीमित ने समिति ने आय व व्यय के सभी बिंदुओं पर गहनता से चर्चा की। बैठक में 2023-24 के वास्तविक आंकड़ों के साथ 2024-25 के पुनरीक्षित बजट की अनुमानित आय और दिसंबर 2024 तक हुई नगर निगम की आय का अवलोकन किया गया। इसके तहत 2024-25 के दिसंबर तक नगर निगम की आय 518.61 करोड़ बताई। इसी आधार पर नगर निगम ने 2025-26 में 833.75 करोड़ का बजट तैयार किया। इसमें विभागों को जुर्माना वसूली कर आय पूरा करने का टारगेट भी दिया गया है। कई बिलों को ठीक करने और निजी अस्पतालों के बिलों की गड़बड़ी ठीक करने के लिए भी कहा गया है। साथ ही साथ 2025-26 में व्यय को लेकर भी विचार किया गया है।</p>
<p><strong>इन कामों को मिलेगी रफ्तार</strong><br />पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त कराने के साथ ही सीवर लाइन की सफाई, निर्माण कार्य, पार्कों का सौंदर्यीकरण, कूड़ा निस्तारण, कूड़ा उठान, वाहन खरीद, नये उपकरण, मलिन बस्तियों के विकास समेत तालाबों के सौंदर्यीकरण, सीएम ग्रिड योजना फेज-2 समेत हर वार्ड को स्मार्ट बनाने के काम को रफ्तार मिलेगी।</p>
<p><strong>मेयर के सवालों से घिरे सीटीओ नहीं दे सके जवाब</strong><br />बैठक में मेयर के निशाने पर सबसे अधिक कर विभाग के अफसर रहे। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी प्रदीप मिश्रा से मेयर ने पूछा इस बार कितना लक्ष्य है तो बताया गया कि 70 करोड़ 31 मार्च तक वसूला जाना है। इसमें अभी तक 51 करोड़ ही वसूली हो पाई है। चंद दिनों में 19 करोड़ का लक्ष्य जुटाना चुनौती है। हर दिन सवा करोड़ वसूलने का आश्वासन दिया। इस पर मेयर ने कहा कि एक अस्पताल का एक साल का टैक्स दस लाख और कई अन्य बड़े अस्पतालों से सिर्फ पचास हजार वसूला जा रहा है ऐसा क्यों। इस पर सीटीओ जवाब देने से बचते रहे। मेयर ने कहा कि आईवीआरआई, बरेली कॉलेज के अलावा अन्य बड़े बकायादारों के खाते सीज किए जाएं।</p>
<p><strong>निगम के आमदनी के स्रोत</strong><br />गृहकर 70 करोड़, जलकर 38 करोड़, सीवर कर 15 करोड़, विज्ञापन से आय 5.50 करोड़, वधशालाओं से शुल्क 4.40 करोड, राज्य वित्त आयोग 21 करोड़, 15वां वित्त आयोग टाइड फंड 54 करोड़, 15वां वित्त आयोग अनटाइड फंड 47 करोड़, स्वच्छ भारत मिशन 5 करोड़, अमृत योजना 2 करोड़, कान्हा पशु आश्रय योजना 3 करोड़, कान्हा गोशाला एवं बेसहारा योजना 2 करोड़, सीएम ग्रिड 5 करोड़।</p>
<p><strong>इन पर होगा खर्च</strong><br />डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन टिपिंग फीस 5 करोड़, निर्माण कार्य पर 20 करोड़, भवनों की मरम्मत 3 करोड़, डीजल पर 13 करोड़, सार्वजनिक मार्गों की सफाई पर 7.50 करोड़, वार्ड में ठेके पर सफाई 18 करोड़, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन 12 करोड़, डलावघर से कूड़ा उठान 12 करोड़, पार्कों का रखरखाव 2 करोड़।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Mar 2025 09:50:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊः 40.39 अरब रुपए से चमकेगा यूपी, पुनरीक्षित बजट पास</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> शहर के विकास के लिए नगर निगम ने 485 करोड़ रुपये का बजट बढ़ा दिया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 35.55 अरब के मूल बजट को पुनरीक्षित बजट में बढ़ाकर 40.39 अरब रुपये कर दिया गया। इस बजट से आगामी 3 महीने में सीवर, पेयजल, सफाई, स्ट्रीट लाइट, सड़क निर्माण और औद्यानिक कार्यों को रफ्तार दी जाएगी। महापौर सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में नगर निगम मुख्यालय के राजकुमार हॉल में रविवार को आयोजित नगर निगम कार्यकारिणी की विशेष बैठक में पुनरीक्षित बजट पर मुहर लग गई। बैठक में कोई भी नया टैक्स नहीं लगाये जाने के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/512696/up-will-shine-with-rs-4039-billion"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/untitled-design-(67)1.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> शहर के विकास के लिए नगर निगम ने 485 करोड़ रुपये का बजट बढ़ा दिया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 35.55 अरब के मूल बजट को पुनरीक्षित बजट में बढ़ाकर 40.39 अरब रुपये कर दिया गया। इस बजट से आगामी 3 महीने में सीवर, पेयजल, सफाई, स्ट्रीट लाइट, सड़क निर्माण और औद्यानिक कार्यों को रफ्तार दी जाएगी। महापौर सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में नगर निगम मुख्यालय के राजकुमार हॉल में रविवार को आयोजित नगर निगम कार्यकारिणी की विशेष बैठक में पुनरीक्षित बजट पर मुहर लग गई। बैठक में कोई भी नया टैक्स नहीं लगाये जाने के फैसले से जनता को राहत मिली है। नगर आयुक्त इन्द्रजीत सिंह ने बताया कि गोमती नगर स्थित केंद्रीय कार्यशाला में नगर निगम की प्रस्तावित बिल्डिंग का कार्य 14 जनवरी से शुरू हो जाएगा। जोन 4 के गोमती नगर स्थित नगर निगम के पहले मॉडल वेंडिंग जोन का उद्घाटन 26 जनवरी को किया जाएगा।</p>
<p><strong>3.5 लाख घरों से वसूलेगा हाउस टैक्स, देगा नोटिस</strong><br />नगर निगम ने मूल बजट में हाउस टैक्स का निर्धारित लक्ष्य 621 करोड़ से बढ़ाकर 727 करोड़ रुपये कर दिया है। नगर आयुक्त इन्द्रजीत सिंह ने बताया कि इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए नगर निगम छूटे हुए 3.5 लाख घरों को 31 दिसंबर तक नोटिस भेजकर हाउस टैक्स की वसूली करेगा। उन्होंने बताया कि नगर निगम के गृहकर के दायरे में लगभग 6.78 भवन हैं। बिजली विभाग के भवनों से नगर निगम को 63 करोड़ रुपये मिलेंगे। रेलवे के भवनों पर नगर निगम का लगभग 216 करोड़ रुपये सर्विस चार्ज बकाया है। गोमती नगर विस्तार और जानकीपुरम विस्तार स्थित आरडब्ल्यूए भी हाउस टैक्स लिया जाएगा। हाउस टैक्स में गड़बड़ी पर महापौर ने सभी जोनल अधिकारियों को अपने जोन में बड़े होटलों की जांच कराके रिपोर्ट 3 सप्ताह में देने के निर्देश दिए।</p>
<p><strong>एक महीने में फिर शुरू होंगी खुले में पार्किंग</strong><br />जनता की सुविधा के लिए खुले में सुविधाओं के साथ पार्किंग फिर शुरू करने का फैसला लिया गया। महापौर ने बताया कि एक महीने के अंदर सभी जोन में बंद पड़ीं पार्किंग एक महीने के भीतर शुरू की जाएंगी। इससे शहर में जाम की समस्या कम होगी साथ ही पार्किंग की किल्लत दूर होगी। महापौर ने सभी जोन में पार्किंग के लिए स्थल चयनित करने के निर्देश दिए।</p>
<p><strong>वाल पेंटिंग करते पकड़े गए तो 10 हजार का जुर्माना</strong><br />शहर में वाल पेंटिंग करके गंदगी करने वालों पर नगर निगम सख्त कार्रवाई करेगा। पकड़े गए तो मुकदमा दर्ज कराने के साथ 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसकी शिकायत के लिए नगर निगम फोन नंबर भी जारी करेगा। निगरानी के लिए प्रत्येक वार्ड में सुपरवाइजर तैनात किये जाएंगे। इस प्रस्ताव को कार्यकारिणी ने पास कर दिया।</p>
<p><strong>सड़क पर गाड़ी रिपेयरिंग करने वालों की होगी वीडियोग्राफी, काटा जाएगा चालान</strong><br />लालबाग और कैसरबाग क्षेत्र में सड़क पर गाड़ी रिपेयरिंग करने वाले दुकानदारों का अतिक्रमण है। इससे जाम की गंभीर समस्या रहती है। ''अमृत विचार'' लगातार क्षेत्र में अतिक्रमण की समस्या को प्रकाशित करता रहा है। इसका संज्ञान लेते हुए नगर अब इन दुकानदारों का वीडियो बनाएगा और चालान की कार्रवाई करेगा। इसके लिए जोन 1 के जोनल अधिकारी ईटीएफ टीम के 15 कर्मचारी दिये जाएंगे। जो क्षेत्र में भ्रमण कर सड़क से अतिक्रमण हटवाएंगे।</p>
<p><strong>एक महीने में कूड़ा उठाने वाली प्राइवेट ठेलियां होंगी बंद</strong><br />नगर निगम शहर में कूड़ा उठाने वाली प्राइवेट ठेलियां बंद कराएगा। इसके लिए अभियान चलाएगा। महापौर ने अधिकारियों को इसके लिए 15 जनवरी तक समय दिया है। इस अवधि के बाद जिस क्षेत्र में अवैध ठेलिया संचालित मिलेंगी वहां के जोनल अधिकारी, जेडएसओ और एसफआई पर कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>31 मार्च तक शहर में पेयजल के लिए 29 नए नलकूप लगेंगे</strong><br />जल्द ही शहर में पेयजल की समस्या दूर हो जाएगी। इसके लिए महापौर ने बैठक में जलकल विभाग के अधिकारियों को 31 मार्च तक शहर में 29 नए नलकूप लगाने के निर्देश दिए हैं। 1 नलकूप रिबोर किया जाएगा। इसके अलावा 6 पुरानी टंकियां भी ध्वस्त करके नई बनाई जाएंगी। इससे शहर की बड़ी आबादी को गर्मी में पेयजल समस्या से राहत मिलेगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a title="Good News: नए साल से कानपुर और आगरा मेडिकल कॉलेज में शुरू होंगे गुर्दा प्रत्यारोपण, नोटो से मिली मंजूरी" href="https://www.amritvichar.com/article/512694/good-news-kidney-transplant-will-start-in-kanpur-and-agra#gsc.tab=0">Good News: नए साल से कानपुर और आगरा मेडिकल कॉलेज में शुरू होंगे गुर्दा प्रत्यारोपण, नोटो से मिली मंजूरी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Dec 2024 11:36:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देहरादून: पेयजल, बिजली और सड़क परियोजनाओं के लिए वन भूमि हस्तांतरण की अनुमति</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार। </strong>उत्तराखंड में तीन प्रमुख परियोजनाओं के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को गति मिल गई है। केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने सौंग बांध परियोजना, कोटेश्वर-ऋषिकेश बिजली लाइन और नरेंद्र नगर विधानसभा के अंतर्गत शिवपुरी-जाजलदेव परियोजना के लिए सैद्धांतिक अनुमति (स्टेज-1) प्रदान कर दी है।</p>
<p><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>सौंग बांध परियोजना </strong></span>के तहत सिंचाई विभाग ने 127.67 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण के लिए प्रस्ताव दिया था, जिसे मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। अब विभाग को अंतिम अनुमति (स्टेज-2) के लिए नेट प्रेजेंट वैल्यू और क्षतिपूरक वनीकरण जैसी शर्तें पूरी करनी होंगी।</p>
<p><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>कोटेश्वर-ऋषिकेश बिजली लाइन </strong></span>के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/503117/dehradun-permission-to-transfer-forest-land-for-drinking-water-power"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/capture63.png" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार। </strong>उत्तराखंड में तीन प्रमुख परियोजनाओं के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को गति मिल गई है। केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने सौंग बांध परियोजना, कोटेश्वर-ऋषिकेश बिजली लाइन और नरेंद्र नगर विधानसभा के अंतर्गत शिवपुरी-जाजलदेव परियोजना के लिए सैद्धांतिक अनुमति (स्टेज-1) प्रदान कर दी है।</p>
<p><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>सौंग बांध परियोजना </strong></span>के तहत सिंचाई विभाग ने 127.67 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण के लिए प्रस्ताव दिया था, जिसे मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। अब विभाग को अंतिम अनुमति (स्टेज-2) के लिए नेट प्रेजेंट वैल्यू और क्षतिपूरक वनीकरण जैसी शर्तें पूरी करनी होंगी।</p>
<p><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>कोटेश्वर-ऋषिकेश बिजली लाइन </strong></span>के लिए 103 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण की अनुमति भी मिल गई है। यह भूमि देहरादून, टिहरी और नरेंद्र वन प्रभाग के अंतर्गत आती है, जिससे 400 केवी बिजली आपूर्ति का रास्ता साफ हो गया है।</p>
<p><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>शिवपुरी-जाजलदेव परियोजना </strong></span>के लिए 4.69 हेक्टेयर वन भूमि के लिए भी स्टेज-1 की अनुमति प्राप्त हुई है। प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा ने बताया कि इन योजनाओं के लिए अनुमति मिलने से विकास कार्य में तेजी आएगी।</p>
<p>प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु ने कहा कि वन भूमि हस्तांतरण में समय लगने की धारणा गलत है। यदि प्रयोक्ता एजेंसी समय पर प्रक्रियाएं पूरी करती है, तो भूमि हस्तांतरण में कोई रुकावट नहीं आएगी। इस मंजूरी से विकास परियोजनाओं को नई दिशा मिलेगी और राज्य में अवसंरचना के विकास में तेजी आएगी।</p>
<p>यह भी पढ़ें - <a href="https://www.amritvichar.com/article/503113/haridwar-when-the-brother-in-law-got-angry-over-a-small-matter#gsc.tab=0">हरिद्वार: जरा सी बात पर साला हुआ नाराज तो जीजा को डंडे से पीटकर उतारा मौत के घाट</a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/503117/dehradun-permission-to-transfer-forest-land-for-drinking-water-power</link>
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                <pubDate>Wed, 30 Oct 2024 14:08:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Unnao News: शुद्ध पेयजल के लिए महीनों करना होगा इंतजार...लोग दूसरे गांवों से पानी लाने को मजबूर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>उन्नाव, अमृत विचार।</strong> विकासखंड सिकंदरपुर सरोसी के परियर गांव में बीते तीन माह से पेयजल आपूर्ति ठप है। ग्रामीणों ने कई बार संबंधित अधिकारी व डीएम को प्रार्थनापत्र देकर पेयजल समस्या से निजात दिलाने की मांग की। लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। </p>
<p>इस संबंध में एक्सईएन अजीत सिंह ने बताया कि केंद्र व प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन हर घर जल के फेज-4 के कलस्टर ए के अंतर्गत प्रस्तावित ओएचटी जोन के तहत 26 जनवरी 2025 के बाद पेयजल आपूर्ति चालू की जाएगी।</p>
<p>परियर गांव के अधिकांश भूभाग का जल इतना खारा है कि जानवर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/478660/unnao-news-will-have-to-wait-for-months-for-pure"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/water.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>उन्नाव, अमृत विचार।</strong> विकासखंड सिकंदरपुर सरोसी के परियर गांव में बीते तीन माह से पेयजल आपूर्ति ठप है। ग्रामीणों ने कई बार संबंधित अधिकारी व डीएम को प्रार्थनापत्र देकर पेयजल समस्या से निजात दिलाने की मांग की। लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। </p>
<p>इस संबंध में एक्सईएन अजीत सिंह ने बताया कि केंद्र व प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन हर घर जल के फेज-4 के कलस्टर ए के अंतर्गत प्रस्तावित ओएचटी जोन के तहत 26 जनवरी 2025 के बाद पेयजल आपूर्ति चालू की जाएगी।</p>
<p>परियर गांव के अधिकांश भूभाग का जल इतना खारा है कि जानवर भी इसे नहीं पीते हैं। गांव में एक मात्र पेयजल का साधन पानी की टंकी है। जो जरूरत को देखते हुए 1991 में 40 एलपीसीडी दर से बनी थी। जिसका डिजाइन वर्तमान समय में पूर्ण हो चुका है। जिससे अभी तक पानी की सप्लाई हो रही थी। कुछ माह पहले हर घर जल योजना के तहत नई पाइप लाइन डालने से पुरानी पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। </p>
<p>जिससे अब गावों के लोग मजबूरन पीने का पानी गांव से एक किमी दूर या दूसरे गांव से साइकिल, बाइक, टैंपो आदि साधनों से लाने को मजबूर हैं। दिलीप, अरुण, गोपाल, प्रयांशु, अलोक, बबलू, शिबू, दिनेश, अभय आदि ने बताया कि मुख्यमंत्री का आदेश है कि प्रदेश में कहीं भी पेयजल की समस्या न होने पाए। लेकिन इस आदेश पर जिले के अधिकारी गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/478658/kanpur-before-the-arrival-of-pm-modi-an-attempt-was#gsc.tab=0">Kanpur: PM मोदी के आगमन से पहले महिला से चेन लूट का किया था प्रयास...असफल होने पर हवाई फायर कर हुए थे फरार, एक गिरफ्तार</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>उन्नाव</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jul 2024 13:16:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitesh Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अल्मोड़ा में बारिश के बीच आधा नगर पेयजल को तरसा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार।</strong> अल्मोड़ा नगर की लाइफ लाइन माने जाने वाली कोसी नदी में गाद से बुधवार को अल्मोड़ा में जलापूर्ति बाधित रही। पंपिंग ठप होने से लोगों को पानी नहीं मिल सका। इससे नदी से 12 घंटे तक पंपिंग बंद रही। जिससे मुख्य बाजार समेत आधे से अधिक नगर में पेयजल आपूर्ति ठप रही। खराब मौसम के बीच पानी की आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।</p>
<p>कोसी समेत ऊपरी क्षेत्रों में मंगलवार से रुक-रुक वर्षा हो रही है। वहीं ऊपरी क्षेत्रों में हुई भारी वर्षा के बाद अल्मोड़ा नगर और आसपास के क्षेत्रों में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/478234/amidst-the-rain-in-almora-half-the-city-craves-drinking"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-01/पेयजल.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार।</strong> अल्मोड़ा नगर की लाइफ लाइन माने जाने वाली कोसी नदी में गाद से बुधवार को अल्मोड़ा में जलापूर्ति बाधित रही। पंपिंग ठप होने से लोगों को पानी नहीं मिल सका। इससे नदी से 12 घंटे तक पंपिंग बंद रही। जिससे मुख्य बाजार समेत आधे से अधिक नगर में पेयजल आपूर्ति ठप रही। खराब मौसम के बीच पानी की आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।</p>
<p>कोसी समेत ऊपरी क्षेत्रों में मंगलवार से रुक-रुक वर्षा हो रही है। वहीं ऊपरी क्षेत्रों में हुई भारी वर्षा के बाद अल्मोड़ा नगर और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति करने वाली कोसी नदी का पानी मटमैला हो गया। बैराज के समीप काफी मात्रा में सिल्ट जमा हो गई। सिल्ट जमा होने से नदी से मंगलवार देर रात करीब 12 बजे पंपिंग बंद करनी पड़ी।</p>
<p>नदी का पानी हल्का साफ होने के बाद बुधवार को 12 घंटे बाद पंपिंग सुचारू हो सकी। लेकिन 12 घंटे पंपिंग बंद होने से नगर में पेयजल आपूर्ति करने वाले टैंकों में पानी एकत्र नहीं हो सका। इससे मुख्य बाजार समेत आधे से अधिक नगर में पेयजल आपूर्ति ठप रही। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पेयजल के लिए नौलों और धारों की दौड़ लगानी पड़ी। पानी नहीं मिलने से करीब 80 हजार की आबादी प्रभावित रही।</p>
<p><br /><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>वर्षा के बाद कोसी नदी में अत्यधिक मात्रा में सिल्ट जमा हो गई। इससे मंगलवार देर रात से पंपिंग बंद करनी पड़ी। पंपिंग ठप होने से पेयजल आपूर्ति नहीं हो सकी।</strong></span><br /><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>-वीरेंद्र मेहता, एई जल संस्थान। </strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/478234/amidst-the-rain-in-almora-half-the-city-craves-drinking</link>
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                <pubDate>Thu, 04 Jul 2024 11:15:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: सिल्ट बनी मुसीबत काठगोदाम क्षेत्र में नहीं हुई पेयजल आपूर्ति</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> पहाड़ों पर हो रही बारिश से आमजनों को जहां भीषण गर्मी से राहत मिली है। लेकिन बारिश के चलते फिल्टर प्लांट में आने वाले सिल्ट से पेयजल आपूर्ति बाधित हो रही है।</p>
<p>शनिवार को शीतलाहाट फिल्टर प्लांट से सुबह की पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई जिसके चलते करीब 20 हजार की आबादी को पानी से वंचित होना पड़ा। बारिश के चलते शीतलाहाट फिल्टर प्लांट में सिल्ट आने से जल शोधन नहीं हो पाया इससे काठगोदाम, नई बस्त, वार्ड-1, 2, दो चांदमारी, नरीमन चौक और रानीबाग इलाकों के घरो में फिल्टर प्लांट से पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/477177/haldwani-silt-becomes-a-problem-drinking-water-not-supplied-in"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-01/पेयजल.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> पहाड़ों पर हो रही बारिश से आमजनों को जहां भीषण गर्मी से राहत मिली है। लेकिन बारिश के चलते फिल्टर प्लांट में आने वाले सिल्ट से पेयजल आपूर्ति बाधित हो रही है।</p>
<p>शनिवार को शीतलाहाट फिल्टर प्लांट से सुबह की पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई जिसके चलते करीब 20 हजार की आबादी को पानी से वंचित होना पड़ा। बारिश के चलते शीतलाहाट फिल्टर प्लांट में सिल्ट आने से जल शोधन नहीं हो पाया इससे काठगोदाम, नई बस्त, वार्ड-1, 2, दो चांदमारी, नरीमन चौक और रानीबाग इलाकों के घरो में फिल्टर प्लांट से पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई।</p>
<p>फिल्टर प्लांट में सिल्ट की सफाई कार्य के चलते पेयजल आपूर्ति बाधित रही। वहीं शीशमहल स्थित फिल्टर प्लांट से इंदिरानगर, लालडांठ, कुसुमखेड़ा, कठघरिया, नैनीताल रोड समेत अन्य इलाकों में पेयजल आपूर्ति सुबह के वक्त सुचारू रही। जलसंस्थान के कर्मचारी गौला के पानी में सिल्ट बढ़ने पर सफाई के लिए फिटकरी की मात्रा बढ़ा दी है।</p>
<p>पहले की अपेक्षा सिल्ट व गाद की सफाई के लिए 1 घंटे में फिटकरी की 2 सिल्लियां डाली जाती है, लेकिन बारिश से सिल्ट की मात्रा अधिक होने पर 1 घंटे में 6 सिल्लियां की खपत हो जा रही हैं। इधर जलसंस्थान के ईई आरएस लोशाली ने बताया कि शीतलाहाट फिल्टर प्लांट में सिल्ट आने के चलते सुबह की पेयजल आपूर्ति बाधित रही। सिल्ट की सफाई में कर्मचारी लगे हुए है, शाम तक आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी वहीं विभाग के 23 टैंकरों से पानी संकट वाले इलाकों में पानी वितरित कराया गया हैं।   </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/477177/haldwani-silt-becomes-a-problem-drinking-water-not-supplied-in</link>
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                <pubDate>Sat, 29 Jun 2024 19:01:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकारी कार्यालयों में पक्षियों के लिए हो पानी की व्यवस्था: डीएम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बाराबंकी, अमृत विचार। </strong>जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि भीषण गर्मी में पशु पक्षियों के लिए जल की उपलब्धता के भी उपाय किए जाने चाहिए। उन्होंने सारे सरकारी कार्यालयों के प्रमुखों को निर्देश दिये कि पक्षियों के पीने के लिए मिट्टी के प्याले आदि को पेड़ों पर लटकाएं और प्रतिदिन उसमें पानी भरवाएं। </p>
<p>जिलाधिकारी मंगलवार को लोक सभागार में जनपद में बाढ़ तथा सूखे की समस्या के समाधान के सम्बंध में अब तक हुए कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में सीडीओ अ. सुदन, अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह सहित समस्त सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
<p>जिलाधिकारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/460537/there-should-be-provision-of-water-for-birds-in-government-offices--dm"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-04/3168.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बाराबंकी, अमृत विचार। </strong>जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि भीषण गर्मी में पशु पक्षियों के लिए जल की उपलब्धता के भी उपाय किए जाने चाहिए। उन्होंने सारे सरकारी कार्यालयों के प्रमुखों को निर्देश दिये कि पक्षियों के पीने के लिए मिट्टी के प्याले आदि को पेड़ों पर लटकाएं और प्रतिदिन उसमें पानी भरवाएं। </p>
<p>जिलाधिकारी मंगलवार को लोक सभागार में जनपद में बाढ़ तथा सूखे की समस्या के समाधान के सम्बंध में अब तक हुए कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में सीडीओ अ. सुदन, अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह सहित समस्त सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
<p>जिलाधिकारी ने बैठक में कहा कि बाढ़ से बचाव के लिए नियत समय जो जून से शुरू होता है, जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगती है, उस कार्य को नियमानुसार किया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में जो गांव बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे हैं, उनकी सूची बना ली जाए और कितनी आबादी प्रभावित होती रही है, इसका डेटा भी ससमय अपडेट कर लिया जाए। </p>
<p>उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों के बाढ़ बचाव के कार्यों से सबक लेते हुए इस वर्ष की तैयारियों को समय पर पूरा कर लिया जाए। उन्होंने बाढ़ एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों से संयुक्त रूप से स्थानीय स्तर पर लगातार निरीक्षण करते रहने के निर्देश दिए और कहा कि इस सम्बंध में नियमानुसार कार्य करें। </p>
<p>डीएम ने सूखे की स्थिति की समीक्षा के लिए कहा कि पेयजल की उपलब्धता में किसी तरह की कमी न होने पाए। प्याऊ और पीने के पानी की अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। जो तालाब सूखे हैं उनमें पानी भरवाने के प्रयास करें और ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपम्पो की स्थिति पर लगातार निगाह रखें। पानी की समस्या नहीं होनी चाहिए। </p>
<p>उन्होंने गौशाला आदि में पानी की उपलब्धता के लिए भी सम्बंधित को निर्देश दिए कि भीषण गर्मी में पशुओं को समस्या न हो। जिलाधिकारी ने जल निगम और सिंचाई विभाग को निर्देश दिये कि दोनों विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त स्थलीय निरीक्षण करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि पेयजल योजनाओं से ग्रामवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/460481/gonda--three-youths-lost-their-real-lives-due-to-reel-scam--condition-of-one-is-critical#gsc.tab=0">गोंडा: रील के चक्कर में तीन युवकों गवां दी Real Life, एक की हालत गंभीर, परिजनों में कोहराम</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>गोंडा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/460537/there-should-be-provision-of-water-for-birds-in-government-offices--dm</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/460537/there-should-be-provision-of-water-for-birds-in-government-offices--dm</guid>
                <pubDate>Tue, 23 Apr 2024 20:25:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अल्मोड़ा: पीने के पानी के लिए गांव कस्बों में त्राहि-त्राहि </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार।</strong> गर्मी बढ़ने के साथ जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में पेयजल के लिए त्राहि त्राहि मचना शुरू हो गया है। पेयजल आपूर्ति ना होने का सबसे बड़ा खामियाजा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जिन्हें पानी की एक बूंद तक नसीब नहीं हो रही है। मजबूरी वह अपना पूरा दिन आसपास के नदी धारों से पेयजल की व्यवस्था करने की जुगत में बिता रहे हैं। </p>
<p>अल्मोड़ा जिला मुख्यालय समेत जिले के ग्रामीण इलाकों में पिछले एक महीने से पेयजल की किल्लत बनी हुई है। पानी की आपूर्ति करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/460514/there-is-panic-in-villages-and-towns-for-drinking-water"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-03/पानी-की-कमी.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार।</strong> गर्मी बढ़ने के साथ जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में पेयजल के लिए त्राहि त्राहि मचना शुरू हो गया है। पेयजल आपूर्ति ना होने का सबसे बड़ा खामियाजा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जिन्हें पानी की एक बूंद तक नसीब नहीं हो रही है। मजबूरी वह अपना पूरा दिन आसपास के नदी धारों से पेयजल की व्यवस्था करने की जुगत में बिता रहे हैं। </p>
<p>अल्मोड़ा जिला मुख्यालय समेत जिले के ग्रामीण इलाकों में पिछले एक महीने से पेयजल की किल्लत बनी हुई है। पानी की आपूर्ति करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई योजनाएं महज सफेद हाथी साबित हो रही है। इन योजनाओं से लोगों को प्रतिदिन एक बाल्टी पानी तक नसीब नहीं हो रहा है।</p>
<p>पेयजल की सबसे अधिक किल्लत का सामना जिले के ग्रामीण इलाकों के लोगों को करना पड़ रहा है। जिले के डोटियाल, रथखाल, सदरा, झिमार, पैंसिया, जालीखान, मौलेखाल, हिनौला, रींची, भतरौंजखान, लमगड़ा, चायखान, सकला, मेरगांव, बख, चौड़ा, डीनापानी, भैंसियाछाना, दन्या, हुना, उड़ियारी, चौखुटिया आदि क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से पेयजल की भारी किल्लत बनी हुई है। स्थानीय लोग आसपास के नदी धारों से जैसे तैसे बर्तन कंधों पर ढोकर पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।</p>
<p>जिसमें उनका पूरा दिन व्यतीत हो जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के बीच विवाह समारोहों का सीजन होने के कारण इन दिनों पानी की खपत अधिक है। लेकिन विभाग ग्रामीणों को जरूरत के मुताबिक पानी तक मुहैया नहीं करा पा रहा है। </p>
<p>जिससे उनकी मुश्किलें दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। लेकिन तमाम शिकायतों के बाद भी विभाग उन्हें राहत देने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। हालांकि पेयजल की समस्या को देखते हुए विभाग ने इन दिनों कुछ वाहन किराए पर लेकर टैंकरों के जरिए लोगों को पानी उपलब्ध कराने की कोशिश की है।</p>
<p>लेकिन इसका लाभ केवल सड़क मार्गों पर रह रहे कुछ ही परिवारों को मिल पा रहा है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की किल्लत बरकरार है। ग्रामीणों ने विभाग के अधिकारियाें से पेयजल आपूर्ति सुचारू करने की मांग की है। इधर विभाग के अधिशासी अभियंता अरूण सोनी ने कहा है कि पानी की आपूर्ति करने के लिए विभाग द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Apr 2024 19:26:29 +0530</pubDate>
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