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                <title>Myanmar - Amrit Vichar</title>
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                <description>Myanmar RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अमेरिका में प्रवेश अब और मुश्किल: नाइजीरिया, सीरिया सहित 20 देशों पर यात्रा प्रतिबंध, 1 जनवरी से होगा लागू</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने मंगलवार को घोषणा की कि उसने 20 और देशों पर यात्रा प्रतिबंध लगाए हैं जिसमें फलस्तीनी प्राधिकरण भी शामिल है। अमेरिका की यात्रा करने और वहां प्रवास करने को लेकर इस साल पहले घोषित व्यापक प्रतिबंधों से प्रभावित देशों की संख्या ट्रंप प्रशासन की इस घोषणा के बाद दोगुनी हो जाएगी। ट्रंप प्रशासन ने उन देशों की सूची में पांच अन्य देशों को शामिल किया है जो यात्रा संबंधी पूर्ण प्रतिबंध झेल रहे हैं।</p>
<p>इसके अलावा, फलस्तीनी प्राधिकरण द्वारा जारी दस्तावेजों पर यात्रा करने वाले लोगों को भी इस पूर्ण प्रतिबंध</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563800/entry-into-the-us-now-more-difficult--travel-ban-on-15-countries--including-nigeria-and-syria--will-come-into-effect-from-january-1"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/muskan-dixit-(1)11.png" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने मंगलवार को घोषणा की कि उसने 20 और देशों पर यात्रा प्रतिबंध लगाए हैं जिसमें फलस्तीनी प्राधिकरण भी शामिल है। अमेरिका की यात्रा करने और वहां प्रवास करने को लेकर इस साल पहले घोषित व्यापक प्रतिबंधों से प्रभावित देशों की संख्या ट्रंप प्रशासन की इस घोषणा के बाद दोगुनी हो जाएगी। ट्रंप प्रशासन ने उन देशों की सूची में पांच अन्य देशों को शामिल किया है जो यात्रा संबंधी पूर्ण प्रतिबंध झेल रहे हैं।</p>
<p>इसके अलावा, फलस्तीनी प्राधिकरण द्वारा जारी दस्तावेजों पर यात्रा करने वाले लोगों को भी इस पूर्ण प्रतिबंध के दायरे में लाया गया है, जबकि 15 अन्य देशों पर नयी पाबंदियां लगाई गई हैं। यह कदम यात्रा और आव्रजन के लिए अमेरिका में प्रवेश के मानकों को और सख्त करने के प्रशासन के जारी प्रयासों का हिस्सा है।</p>
<p>आलोचकों का कहना है कि इससे कई देशों के लोगों की यात्रा पर अनुचित रूप से रोक लग रही है। जिन लोगों के पास पहले से वीजा है, जो अमेरिका के वैध स्थायी निवासी हैं, जो राजनयिकों या खिलाड़ियों जैसी कुछ विशेष वीजा श्रेणियां के तहत अमेरिका आते हैं या जिनका अमेरिका में प्रवेश देश के हित में माना जाता है, उन्हें इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है। घोषणा में कहा गया है कि ये बदलाव एक जनवरी से प्रभावी होंगे।</p>
<p>जून में ट्रंप ने घोषणा की थी कि 12 देशों के नागरिकों को अमेरिका आने से पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा, जबकि सात अन्य देशों के नागरिकों पर यात्रा संबंधी पाबंदियां लगाई जाएंगी। उस समय प्रतिबंध की सूची में अफगानिस्तान, म्यांमा, चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन शामिल थे, जबकि बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला से आने वाले आगंतुकों पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे। ट्रंप प्रशासन ने मंगलवार घोषणा की कि अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध झेल रहे देशों की सूची का विस्तार करते हुए इसमें बुर्किना फासो, माली, नाइजर, दक्षिण सूडान और सीरिया को भी शामिल किया जा रहा है।</p>
<p>प्रशासन ने फलस्तीनी प्राधिकरण द्वारा जारी यात्रा दस्तावेजों के आधार पर यात्रा को भी पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। इसे फलस्तीनियों के खिलाफ अमेरिका के यात्रा प्रतिबंध के रूप में देखा जा रहा है। दक्षिण सूडान पहले से ही कड़े यात्रा प्रतिबंधों का सामना कर रहा था। इसके अलावा, आंशिक प्रतिबंधों का सामना करने वाले देशों की सूची में 15 और देशों को जोड़ा गया है। इनमें अंगोला, एंटीगुआ और बारबुडा, बेनिन, आइवरी कोस्ट, डोमिनिका, गैबॉन, गाम्बिया, मलावी, मॉरिटानिया, नाइजीरिया, सेनेगल, तंजानिया, टोंगा, जाम्बिया और जिम्बाब्वे शामिल हैं। ये प्रतिबंध अमेरिका की यात्रा करने वाले आगंतुकों के साथ-साथ वहां स्थायी रूप से बसने के इच्छुक लोगों पर भी लागू होंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Dec 2025 08:36:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी ने म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख से मुलाकात की, हरसंभव मदद का दिया आश्वासन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बैंकॉक। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की और कहा कि भारत भूकंप प्रभावित म्यांमार को हर संभव सहायता प्रदान करने का प्रयास कर रहा है। म्यांमार में आए भीषण भूकंप में अब तक हजारों लोगों की जान चली गई है। </p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने बिम्सटेक (बहु-क्षेत्रीय और तकनीकी सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल) के नेताओं की शिखर बैठक से इतर म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख से मुलाकात की। बिम्सटेक एक क्षेत्रीय पहल है जिसमें भारत के पड़ोसी देश थाईलैंड, म्यांमार, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/531491/prime-minister-modi-met-the-head-of-myanmar-s-military-government--said---ready-to-help"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/cats52.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बैंकॉक। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की और कहा कि भारत भूकंप प्रभावित म्यांमार को हर संभव सहायता प्रदान करने का प्रयास कर रहा है। म्यांमार में आए भीषण भूकंप में अब तक हजारों लोगों की जान चली गई है। </p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने बिम्सटेक (बहु-क्षेत्रीय और तकनीकी सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल) के नेताओं की शिखर बैठक से इतर म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख से मुलाकात की। बिम्सटेक एक क्षेत्रीय पहल है जिसमें भारत के पड़ोसी देश थाईलैंड, म्यांमार, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल और श्रीलंका शामिल हैं। </p>
<p>पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘बैंकॉक में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान म्यांमा के वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की। हाल में आए भूकंप के कारण हुई जान-माल की हानि पर एक बार फिर संवेदना व्यक्त की। भारत इस कठिन समय में म्यांमा के अपने भाइयों और बहनों की सहायता के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।’’ </p>
<p>फरवरी 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद सत्ता में आए सीनियर जनरल मिन के साथ यह प्रधानमंत्री की पहली बातचीत थी। उन्होंने कहा, ‘‘हमने भारत और म्यांमार के बीच द्विपक्षीय संबंधों, विशेषकर ‘कनेक्टिविटी’, क्षमता निर्माण, बुनियादी ढांचा विकास आदि क्षेत्रों पर भी चर्चा की।’’</p>
<p>सूत्रों ने बताया कि वरिष्ठ जनरल ने राहत सहायता के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने गुजरात के भुज में आए भूकंप के बाद वहां किए गए पुनर्निर्माण कार्य और नेतृत्व के लिए भी मोदी की सराहना की तथा म्यांमार एवं अन्य देशों को इससे मिली सीख का भी जिक्र किया। भारत ने भूकंप प्रभावित म्यांमा में राहत प्रयासों में मदद के लिए ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ शुरू किया है। फरवरी 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद वरिष्ठ जनरल मिन देश की सत्ता संभाल रहे हैं। </p>
<p>35 मिनट की इस बैठक के दौरान म्यांमार के शासक ने 28 मार्च को आए भूकंप के तुरंत बाद भारत द्वारा भेजी गई सहायता की सराहना की। बताया जाता है कि प्रधानमंत्री ने वरिष्ठ जनरल मिन से कहा, ‘‘हम मदद के लिए तैयार हैं।’’ भारत ने मांडले में ‘सैन्य फील्ड अस्पताल’ बनाए हैं। म्यांमार प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी मांडले में भारत द्वारा स्थापित अस्पताल का दौरा किया। </p>
<p>भारत ने अपने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के कर्मियों को भी तैनात किया है जो म्यांमा में राहत एवं बचाव कार्य में सहायता कर रहे हैं। म्यांमा को बिम्सटेक की सफलता के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है, सदस्य देशों को जोड़ने वाली सभी प्रमुख परियोजनाएं म्यांमार से होकर गुजरती हैं, जहां स्थानीय प्रशासन का देश के विभिन्न क्षेत्रों पर बहुत कम नियंत्रण है। </p>
<p>म्यांमार में आए भीषण भूकंप ने उसे अन्य राष्ट्रों के साथ जुड़ने का अवसर दिए है, क्योंकि वह भूकंप से उबरने के लिए मानवीय सहायता चाहता है। म्यांमार में भूकंप में 3,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, लगभग 5,000 लोग घायल हुए हैं और देशभर में 370 से ज्यादा लोग लापता हैं। वरिष्ठ जनरल मिन ने बिम्सटेक देशों के नेताओं के लिए आयोजित आधिकारिक रात्रिभोज में भी भाग लिया।</p>
<p>थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने कहा कि बिम्सटेक सदस्यों ने बृहस्पतिवार को मंत्रिस्तरीय बैठकों के दौरान आपदा प्रबंधन पर चर्चा की। चीन ने म्यांमार को भेजी गई सहायता की मात्रा का ब्योरा दिया है, जबकि भारत ने कहा है कि वह संकट के समय देशों को दी जाने वाली मानवीय सहायता के मौद्रिक मूल्य निर्धारण में विश्वास नहीं करता।  </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/531482/uproar-in-lok-sabha-over-sonia-gandhi-s-remarks-and-us--tariff---proceedings-adjourned-till-12-noon#gsc.tab=0">सोनिया गांधी की टिप्पणी और अमेरिकी ‘टैरिफ’ को लेकर लोकसभा में हंगामा, कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Apr 2025 12:02:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Myanmar Earthquake : म्यांमार को प्रारंभिक आपातकालीन सहायता के रूप में एक लाख अमेरिकी डॉलर देगा कंबोडिया </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नोम पेन्ह। </strong>कंबोडिया के विदेश मंत्री प्राक सोखोन ने रविवार को कहा कि उनका देश भूकंप से तबाह म्यांमार को प्रारंभिक आपातकालीन सहायता के रूप में एक लाख अमेरिकी डॉलर प्रदान करेगा। सोखोन जो कंबोडिया के उप प्रधानमंत्री भी हैं। सोखोनने म्यांमार में भूकंप के बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित आसियान विदेश मंत्रियों की विशेष आपातकालीन बैठक के दौरान यह टिप्पणी की। म्यांमार की राज्य प्रशासन परिषद के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, म्यांमार में आए भीषण भूकंप में लगभग 1,700 लोग मारे गए, 3,400 घायल हुए तथा 300 लोग लापता हैं। </p>
<p>सोखोन ने कहा, हम क्षेत्रीय राहत प्रयासों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/530697/myanmar-will-give-one-million-us-dollars-as-initial-emergency"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/myanmar-earthquake2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नोम पेन्ह। </strong>कंबोडिया के विदेश मंत्री प्राक सोखोन ने रविवार को कहा कि उनका देश भूकंप से तबाह म्यांमार को प्रारंभिक आपातकालीन सहायता के रूप में एक लाख अमेरिकी डॉलर प्रदान करेगा। सोखोन जो कंबोडिया के उप प्रधानमंत्री भी हैं। सोखोनने म्यांमार में भूकंप के बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित आसियान विदेश मंत्रियों की विशेष आपातकालीन बैठक के दौरान यह टिप्पणी की। म्यांमार की राज्य प्रशासन परिषद के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, म्यांमार में आए भीषण भूकंप में लगभग 1,700 लोग मारे गए, 3,400 घायल हुए तथा 300 लोग लापता हैं। </p>
<p>सोखोन ने कहा, हम क्षेत्रीय राहत प्रयासों में और अधिक योगदान देने की संभावना पर काम कर रहे हैं, जिसमें जहां भी संभव हो, चिकित्सा और अन्य आवश्यक आपूर्ति का प्रावधान शामिल है। उन्होंने कहा कि कंबोडिया शुक्रवार के भूकंप के बाद म्यांमार और थाईलैंड की सहायता के लिए अन्य आसियान सदस्य देशों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है।उन्होंने कहा, हम उनकी जो मदद करेंगे, वह हमारी एकता और एकजुटता का प्रमाण होगा तथा एक शक्तिशाली संदेश होगा कि म्यांमार और थाईलैंड इस संकट का सामना अकेले नहीं कर रहे हैं। चूंकि कई लोग अभी भी ढही हुई इमारतों के नीचे फंसे हुए हैं और उन्हें चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है, इसलिए हमें यथासंभव अधिक से अधिक लोगों की जान बचाने के लिए तेजी से काम करना जारी रखना चाहिए। हर मिनट महत्वपूर्ण है। </p>
<p>ऑनलाइन बैठक की शुरुआत मलेशिया के विदेश मंत्री मोहम्मद हसन ने की थी, जिसमें शुक्रवार के भूकंप के बाद म्यांमार और थाईलैंड को आसियान सदस्य देशों द्वारा दी जाने वाली सहायता पर चर्चा की गई थी। दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम शामिल हैं। मलेशिया ने जनवरी में वार्षिक रूप से आसियान की अध्यक्षता संभाली। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/530646/death-death-toll-in-myanmar-over-1600">Myanmar Earthquake : भूकंप प्रभावित म्यांमार में बचाव दल भेजेगा बांग्लादेश, अब तक 1700 मौतें...3400 से अधिक लोग घायल और 300 लापता</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/530697/myanmar-will-give-one-million-us-dollars-as-initial-emergency</link>
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                <pubDate>Sun, 30 Mar 2025 17:11:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ में फैला म्यांमार के साइबर ठगों का नेटवर्क, गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार, छह की तलाश जारी, जानें कैसे बना रहे लोगों को शिकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>म्यांमार में साइबर ठग गिरोह का नेटवर्क राजधानी के कई इलाकों में फैला है। मदेयगंज पुलिस ने इससे जुड़े एक गिरोह का खुलासा करते हुए दो सदस्यों को गिरफ्तार किया। जबकि छह की तलाश में टीम दबिश दे रही है। इस मामले में दो दिन पहले म्यांमार में बंधक बनाए गए लखनऊ छह पीड़ितों ने मदेयगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ितों के मुताबिक थाईलैंड में डाटा एंट्री आपरेटर की नौकरी दिलाने का झांसा दिया। थाईलैंड से म्यांमार ले जाकर साइबर ठग गिरोह ने बंधक बना लिया।</p>
<p>इंस्पेक्टर मदेयगंज राजेश सिंह के मुताबिक पकड़े गये आरोपियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/527686/myanmars-cyber-thugs-spread-in-lucknow-continue-searching-for-two"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/untitled-design---2025-03-16t103855.101.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>म्यांमार में साइबर ठग गिरोह का नेटवर्क राजधानी के कई इलाकों में फैला है। मदेयगंज पुलिस ने इससे जुड़े एक गिरोह का खुलासा करते हुए दो सदस्यों को गिरफ्तार किया। जबकि छह की तलाश में टीम दबिश दे रही है। इस मामले में दो दिन पहले म्यांमार में बंधक बनाए गए लखनऊ छह पीड़ितों ने मदेयगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ितों के मुताबिक थाईलैंड में डाटा एंट्री आपरेटर की नौकरी दिलाने का झांसा दिया। थाईलैंड से म्यांमार ले जाकर साइबर ठग गिरोह ने बंधक बना लिया।</p>
<p>इंस्पेक्टर मदेयगंज राजेश सिंह के मुताबिक पकड़े गये आरोपियों में जानकीपुरम सुलभ आवास का जावेद इकबाल और मदेयगंज खदरा का मो. अहमद खान उर्फ भैय्या शामिल है। जावेद इकबाल मूलत: बिहार के जहांनाबाद के खान टोला निचलकी का रहने वाला है। इस गिरोह के पांच अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। इस गिरोह के छह सदस्यों में जीशान खान, रफाक राही, अशरफ, समीर, नफीस और छोटू शामिल है। पुलिस के मुताबिक पीड़ितों ने बताया कि ये सभी बैंकॉक में रहते हैं। इंस्पेक्टर मदेयगंज राजेश सिंह के मुताबिक साइबर ठगी गिरोह के खिलाफ मदेयगंज के मशालचीटोला के सलाहहु्द्दीन रब्बानी, ठाकुरगंज हुसैनाबाद के मो. सलीम, राजाजीपुरम आलमनगर का साजिद मिर्जा, जिशान, तौसीफ व मो. अनस ने गुरुवार को रिपोर्ट दर्ज कराई है।</p>
<p><strong>डाटा एंट्री आपरेटर की नौकरी का झांसा</strong></p>
<p>पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि आरोपी उनको थाईलैंड में डाटा एंट्री आपरेटर की नौकरी दिलाने का झांसा दिया। थाईलैंड में नौकरी के लिए 30 हजार रुपये विदेशी मुद्रा हर माह वेतन दिलाने का वादा किया। पासपोर्ट, वीजा और एयरटिकट के लिए लाखों रुपये की वसूली की। पीड़ितों के मुताबिक 30 सितंबर 2024 को बैंकॉक पहुंचे थे। इसके बाद सभी को म्यांमार भेज दिया गया। जहां बंधक बनाकर साइबर ठगी का काम कराया जाने लगा। भारत सरकार ने पहल कर म्यांमार से 10 मार्च को पीड़ितों को मुक्त कराकर लखनऊ पहुंचाया । इंस्पेक्टर राजेश सिंह के मुताबित आरोपी जावेद इकबाल के खिलाफ विभूतिखंड, मदेयगंज, वजीरगंज थाने में पहले से कई रिपोर्ट दर्ज है। वहीं मो. अहमद खान के खिलाफ वजीरगंज व मदेयगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज है।</p>
<p><strong>विदेश में भी बैठे हैं एजेंट</strong></p>
<p>पुलिस के मुताबिक आरोपियों का नेटवर्क देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी है। पीड़िता ने जो जानकारी दी। उसकी पुष्टि के लिए आरोपियों से पूछताछ की। सामने आया कि उनके गिरोह के कुछ सदस्य थाइलैंड के प्रमुख शहरों में है। इसमें जीशान खान, रफाक राही, अशरफ, समीर, नफीस और छोटू शामिल है। सभी एक दूसरे के संपर्क में रहते हैं। गिरोह के कुछ सदस्य लखनऊ व प्रदेश के कई स्थानों से बेरोजगारों को फंसाकर बैंकॉक भेजते है। जहां पहुंचने पर वहां के साथी म्यांमार में नौकरी दिलाने का झांसा देकर साथ ले जाते। म्यांमार में बंधक बनाकर साइबर ठगी का काम कराया जाता। पुलिस के अनुसार आरोपित जावेद और पीड़ित सलाहहुद्दीन की मुलाकात मदेयगंज इलाके में स्थित ग्लोब कैफे में हुई थी। पीड़ित से 50 हजार रुपये लिए थे। वहीं, साजिद और जिशान ने तीन लाख और सलीम से एक लाख रुपये वसूले थे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः </strong><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/527683/gold-silver-rate-gold-gold-reached-91-thousand-silver-reached-beyond">Gold-Silver Rate: सोना 91 हजार पहुंचा, चांदी एक लाख के पार, जानें क्या बोले सर्राफा व्यापारी </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Crime</category>
                                            <category>Knowledge</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/527686/myanmars-cyber-thugs-spread-in-lucknow-continue-searching-for-two</link>
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                <pubDate>Sun, 16 Mar 2025 10:39:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>म्यांमार में हवाई हमला, 27 लोगों की मौत, 25 से ज्यादा घायल </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> म्यांमार की सेना द्वारा लोकतंत्र समर्थक प्रतिरोध समूह के नियंत्रण वाले एक गांव पर किए गए हवाई हमले में कम से कम 27 नागरिक मारे गए और 30 अन्य घायल हो गए। एक विपक्षी समूह और म्यांमार के ऑनलाइन मीडिया ने शनिवार को यह जानकारी दी। </p>
<p style="text-align:justify;">मांडले पीपुल्स डिफेंस फोर्स के प्रवक्ता ने बताया कि यह हमला शुक्रवार को अपराह्न तीन बजे सिंगू कस्बे के लेट पान हला गांव में हुआ, जो देश के दूसरे सबसे बड़े मांडले शहर से लगभग 65 किलोमीटर उत्तर में है। सेना ने शनिवार को कोई टिप्पणी नहीं की।</p>
<p style="text-align:justify;">म्यांमार में एक फरवरी,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/527663/aerial-attack-in-myanmar-27-people-killed-more-than-25"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/नई-फोटो-म्यांमार.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> म्यांमार की सेना द्वारा लोकतंत्र समर्थक प्रतिरोध समूह के नियंत्रण वाले एक गांव पर किए गए हवाई हमले में कम से कम 27 नागरिक मारे गए और 30 अन्य घायल हो गए। एक विपक्षी समूह और म्यांमार के ऑनलाइन मीडिया ने शनिवार को यह जानकारी दी। </p>
<p style="text-align:justify;">मांडले पीपुल्स डिफेंस फोर्स के प्रवक्ता ने बताया कि यह हमला शुक्रवार को अपराह्न तीन बजे सिंगू कस्बे के लेट पान हला गांव में हुआ, जो देश के दूसरे सबसे बड़े मांडले शहर से लगभग 65 किलोमीटर उत्तर में है। सेना ने शनिवार को कोई टिप्पणी नहीं की।</p>
<p style="text-align:justify;">म्यांमार में एक फरवरी, 2021 को सेना ने आंग सान सू ची की चुनी हुई सरकार को हटा दिया था, जिसके बाद देश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। सेना ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को बलपूर्वक दबाया और इसके बाद कई लोगों ने हथियार उठा लिए। अब देश के बड़े हिस्से में संघर्ष हो रहा है। शनिवार को अपने टेलीग्राम सोशल मीडिया चैनल पर जारी समूह के बयान में कहा गया कि लेट पैन हला गांव में भीड़भाड़ वाले बाजार की दुकानों को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले में मारे गए 27 लोगों में छह बच्चे भी शामिल हैं। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://www.amritvichar.com/article/527574/after-a-dispute-with-bahraich-wife-a-young-man-also#gsc.tab=0">बहराइच : पत्नी से विवाद के बाद युवक ने फंदा लगाकर दी जान, सदमें में पड़ोसी बुजुर्ग की भी मौत</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/527663/aerial-attack-in-myanmar-27-people-killed-more-than-25</link>
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                <pubDate>Sun, 16 Mar 2025 00:09:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>म्यांमार से लौटे युवाओं ने सुनाई आपबीती, कहा- कई महीनों बाद बाहर की दुनिया देखी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> चीनी अभिनेता की तलाश में चलाए गए अभियान के दौरान सेना के जवान म्यांमार में उस बिल्डिंग तक पहुंच गए जहां भारत और अन्य देशों के युवक बंधक बनाकर रखे गए थे। सेना ने बिल्डिंग से हजारों बंधकों को बाहर निकाला, जिसमें 540 भारतीय थे। दो दिन म्यांमार में चीन-म्यांमार-थाईलैंड सेना ने शिविर में रखने के बाद बंधकों को भारतीय दूतावास भेजा। वहां से वे अपने देश लौट सके।</p>
<p style="text-align:justify;">चाइना के अभिनेता वांग जिंग्यू म्यांमार में लापता हो गए। उनकी तलाश के लिए पिछले हफ्ते चीन-म्यांमार-थाईलैंड सेना ने ऑपरेशन शुरू किया। इसी ऑपरेशन के दौरान सेना म्यांमार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/527366/the-army-reached-the-army-in-search-of-chinese-actor"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/म्यांमार.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> चीनी अभिनेता की तलाश में चलाए गए अभियान के दौरान सेना के जवान म्यांमार में उस बिल्डिंग तक पहुंच गए जहां भारत और अन्य देशों के युवक बंधक बनाकर रखे गए थे। सेना ने बिल्डिंग से हजारों बंधकों को बाहर निकाला, जिसमें 540 भारतीय थे। दो दिन म्यांमार में चीन-म्यांमार-थाईलैंड सेना ने शिविर में रखने के बाद बंधकों को भारतीय दूतावास भेजा। वहां से वे अपने देश लौट सके।</p>
<p style="text-align:justify;">चाइना के अभिनेता वांग जिंग्यू म्यांमार में लापता हो गए। उनकी तलाश के लिए पिछले हफ्ते चीन-म्यांमार-थाईलैंड सेना ने ऑपरेशन शुरू किया। इसी ऑपरेशन के दौरान सेना म्यांमार के म्यावड्डी शहर में केके पार्क के पास एक बिल्डिंग में पहुंची थी। म्यांमार से बंधन मुक्त होकर लौटे राजाजीपुरम एफ-ब्लॉक निवासी सादिक मिर्जा ने बताया कि सेना के छापे के दौरान सभी डर गए थे। सेना ने ही पासपोर्ट और दस्तावेज दिलाए। सभी को दो दिन वहां की सेना के शिविर में रखा गया फिर भारतीय दूतावास भेज दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">आलमबाग के मो. तौसीफ ने बताया कि 11 महीने तक उसने बाहर की दुनिया नहीं देखी। उसी इमारत में एक से दूसरे कमरे तक जा सकते थे। पहले तल पर मेस थी। सशस्त्र बंदूकधारी पहरे पर थे और सीसी कैमरे से निगरानी की जाती थी। म्यांमार पहुंचने पर सबसे पहले शैक्षिक दस्तावेज और पासपोर्ट ले लिए गए थे। वापस लौटने के लिए दस्तावेज मांगने पर गिरोह के लोग 5000 यूएस डॉलर मांगते थे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>फेसबुक पर लिंक क्लिक करते ही अगले दिन आता था एजेंट का फोन</strong></p>
<p style="text-align:justify;">विदेशी कॉल सेंटर पर मोटी तनख्वाह पर नौकरी का एड जालसाज फेसबुक और इंस्टाग्राम पर देते थे। विज्ञापन पर क्लिक करते ही अगले दिन गिरोह से जुड़े एजेंट का फोन आता था। इसके बाद एजेंट लगातार बात करके विदेश में मोटे पैकेज पर नौकरी, खाना-पीना और रुकने का झांसा देता था। टारगेट को जाल में फंसाकर वीजा और एयर टिकट के नाम पर रुपये लेते थे। फिर 15-20 दिन के अंदर वीजा और एयर टिकट कोरियर से भेज देते थे। एजेंट के कहने पर दिल्ली से बैंकाक की फ्लाइट लेते थे। वहां से शिप से म्यांमार पहुंचते और फिर कार से म्यावड्डी शहर थाईलैंड बार्डर पहुंच जाते थे।</p>
<p style="text-align:justify;">साइबर सेल और एलआईयू की पूछताछ में रेस्क्यू कर लाए गए हुसैनाबाद के दौलतगंज निवासी मोहम्मद अनस ने बताया कि एमबीए पास करने के बाद भी नौकरी नहीं मिली थी। मई 2024 में उसने फेसबुक पर पढ़े-लिखे युवाओं का सुनहरा भविष्य नाम से विज्ञापन देखा। उसे क्लिक किया तो कॉल सेंटर की नौकरी, वेतन 50 हजार-1 लाख रुपये देने की बात लिखी थी। सर्चिंग करने पर उससे एक ऑप्शन पर मोबाइल नंबर मांगा गया, जो उसने अपलोड कर दिया। अगले दिन एजेंट ने कॉल कर फंसाया और खाते में 50 हजार रुपये कई मदों में ऑनलाइन ट्रांसफर कराए। म्यांमार-थाईलैंड बार्डर पर म्यावड्डी शहर में एक बिल्डिंग में उसे रखा गया। वहीं, मदेयगंज खदरा के सुल्तान सलाउद्दीन रब्बानी ने बताया कि वह अपने एक दोस्त के जरिए एजेंट के संपर्क में आया था। वह भी जून 2024 को म्यांमार गया था। साइबर क्राइम सेल और पुलिस अब गिरोह के एजेंटों का ब्योरा जुटा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>महिलाओं की फोटो लगाकर करते थे टारगेट</strong></p>
<p style="text-align:justify;">साइबर ठग लड़कियों के नाम से इंस्टाग्राम, फेसबुक, लिंकडिन पर आईडी बनवाते थे। उसके बाद लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर उन्हें फंसाया जाता था। व्हाट्सएप नंबर हासिल करने के बाद उन्हें फोन कर डिजिटल अरेस्ट, शेयर मार्केट में निवेश, पार्सल भेजने, केवाईसी अपडेट और मनचाही बात कराने के नाम पर ठगी करते थे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>7 दिन की होती थी ट्रेनिंग, नहीं दिखता था आका का चेहरा</strong></p>
<p style="text-align:justify;">बंधक बनाकर रखे गए भारतीय युवक और युवतियों को ठगी करने के लिए 7 दिन की ट्रेनिंग चाइना और पाकिस्तान में बैठे हैकर देते थे। 100-100 के बैच बनाकर प्रोजेक्टर पर प्रशिक्षण दिया जाता था। इसका खुलासा रेस्क्यू कर लाए गए लखनऊ के चार पीड़ितों ने साइबर क्राइम सेल और एलआईयू के सामने किया। बताया कि प्रशिक्षण के दौरान कम्बोडिया और चाइना में बैठे गिरोह के आका उनकी मानिटरिंग करते थे। कभी भी हैकर का चेहरा नहीं दिखता था। सिर्फ आवाज सुनाई देती थी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>चीन भेजा जाता था अमेरिकी और भारतीयों का डेटा</strong></p>
<p style="text-align:justify;">हैकर बोलते थे जिसका मन ट्रेनिंग में न लग रहा हो, उसके नाखून नोच डालो। ट्रेनिंग सेशन में झपकी आने पर नाखून नोच लिए जाते थे। ट्रेनिंग के बाद सभी को लैपटॉप, हेड फोन देकर डेटा कलेक्शन में लगाया जाता था। डेटा अमेरिकी और भारतीय नागरिकों का जुटाना होता था। सारा डेटा लेकर चाइना को भेजा जाता था। उसी डेटा के आधार पर भारतीय और अमेरिकी नागरिकों को फोन करके ठगी की जाती थी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>रात में पूछताछ, शाम को फिर किया तलब</strong></p>
<p style="text-align:justify;">म्यांमार से वापसी पर युवा परिवार से मिलकर एक तरफ जहां खुश हैं, वहीं पुलिस की पूछताछ से परेशान हो गए हैं। मंगलवार रात करीब 10 बजे रोडवेज बस से 21 लोग पहले लखनऊ पुलिस लाइन पहुंचे। करीब साढ़े चार घंटे पूछताछ की गई। देर रात पुलिस की सुरक्षा में रोडवेज बस से सभी को चारबाग बस अड्डे ले जाया गया। वहां उन्हें स्वतः घर जाने के लिए छोड़ दिया गया। बुधवार शाम 6 बजे सभी को फिर हजरतगंज स्थित साइबर क्राइम सेल में तलब कर लिया गया। इसके पहले दिल्ली में जांच एजेंसी एनआईए के अलावा सीबीआई और एसटीएफ भी उनसे पूछताछ कर सारी जानकारी ले चुकी थी। पीड़ितों का कहना है कि पुलिस को सारी जानकारी लिखित में और मौखिक रूप से मंगलवार रात ही दे दी गई थी। इसके बाद भी पुलिस उन्हें बार-बार पूछताछ के नाम पर बुला रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.amritvichar.com/article/527359/tcs-manager-suicide-case-nikitas-familys-bail-pleas-will-be#gsc.tab=0">TCS Manager Suicide Case : निकिता के परिवार वालों की जमानत याचिका खारिज, होंगे गिरफ्तार</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/527366/the-army-reached-the-army-in-search-of-chinese-actor</link>
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                <pubDate>Thu, 13 Mar 2025 00:13:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में नौकरी के झांसे में फंसे 283 भारतीयों को मिली बड़ी राहत, दूतावास ने कराई वतन वापसी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>रोजगार के फर्जी रैकेट में फंस कर म्यांमार सहित विभिन्न दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में फंसे 283 भारतीय नागरिकों को थाईलैंड से भारत लाया गया है। भारतीय वायु सेना के एक विमान ने थाईलैंड के माई सोत हवाई अड्डे से सोमवार रात 283 लोगों को लेकर उड़ान भरी। ये लोग मंगलवार तड़के यहां पहुंच गए। </p>
<p>विदेश मंत्रालय ने यहां बताया कि भारत सरकार म्यांमार सहित विभिन्न दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में रोजगार की फर्जी पेशकश के साथ लुभाने वाले रैकेट में फंसे भारतीय नागरिकों की रिहाई और प्रत्यावर्तन को सुरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/526987/283-indians-trapped-in-south-east-asian-countries-on-the-pretext-of-jobs-got-a-big-relief--the-embassy-helped-them-return-to-their-homeland"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/cats183.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>रोजगार के फर्जी रैकेट में फंस कर म्यांमार सहित विभिन्न दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में फंसे 283 भारतीय नागरिकों को थाईलैंड से भारत लाया गया है। भारतीय वायु सेना के एक विमान ने थाईलैंड के माई सोत हवाई अड्डे से सोमवार रात 283 लोगों को लेकर उड़ान भरी। ये लोग मंगलवार तड़के यहां पहुंच गए। </p>
<p>विदेश मंत्रालय ने यहां बताया कि भारत सरकार म्यांमार सहित विभिन्न दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में रोजगार की फर्जी पेशकश के साथ लुभाने वाले रैकेट में फंसे भारतीय नागरिकों की रिहाई और प्रत्यावर्तन को सुरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।</p>
<p>दरअसल इन व्यक्तियों को साइबर अपराध में शामिल होने और म्यांमार-थाईलैंड सीमा के साथ क्षेत्रों में संचालित घोटाले केंद्रों में अन्य धोखाधड़ी गतिविधियों में शामिल करने के लिए साजिशन फंसा कर ले जाया गया था।</p>
<p>म्यांमार और थाईलैंड में भारतीय दूतावासों ने स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करके थाईलैंड के माई सोत से भारतीय वायुसेना के एक विमान द्वारा कल रात 283 भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी सुनिश्चित की। ये लोग आज तड़के यहां पहुंच गए।</p>
<p>विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार ऐसे रैकेट के बारे में सलाह और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से समय-समय पर प्रसारित अपनी सावधानी दोहराती है। भारतीय नागरिकों को एक बार फिर सलाह दी जाती है कि वे विदेशों में मिशनों के माध्यम से विदेशी नियोक्ताओं की साख सत्यापित करें और नौकरी की पेशकश करने से पहले एजेंटों और कंपनियों की भर्ती के पूर्व के रिकॉर्ड की जांच करें।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/526973/large-sea-accident-in-britain-collided-between-oil-tankers-and#gsc.tab=0">ब्रिटेन में बड़ा समुद्री हादसा: ऑयल टैंकर और कार्गो शिप के बीच टक्कर, लगी भीषण आग, राहत एवं बचाव कार्य जारी</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/526987/283-indians-trapped-in-south-east-asian-countries-on-the-pretext-of-jobs-got-a-big-relief--the-embassy-helped-them-return-to-their-homeland</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/526987/283-indians-trapped-in-south-east-asian-countries-on-the-pretext-of-jobs-got-a-big-relief--the-embassy-helped-them-return-to-their-homeland</guid>
                <pubDate>Tue, 11 Mar 2025 08:16:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>म्यांमार ने 6,000 से अधिक कैदियों को किया रिहा, जेल में बंद सैकड़ों को माफी मिली</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बैंकॉक। </strong>म्यांमार की सैन्य सरकार ने शनिवार को ब्रिटेन से आजादी की 77वीं वर्षगांठ के अवसर पर सामूहिक माफी के तहत 6,000 से अधिक कैदियों को रिहा कर दिया है और अन्य कैदियों की सजा कम कर दी है। जेल में बंद सैकड़ों राजनीतिक बंदियों में से कुछ कैदियों को इसके तहत माफी मिली है। सैन्य शासन के विरोध पर इन लोगों को जेल भेजा गया था। फरवरी 2021 में आंग सान सू की की निर्वाचित सरकार को बेदखल कर सेना ने सत्ता पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद सैन्य शासन को बड़े पैमाने पर अहिंसक प्रतिरोध का सामना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/514809/myanmar-released-more-than-6000-prisoners-on-independence-day-hundreds"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/कैदियों-को-किया-रिहा.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बैंकॉक। </strong>म्यांमार की सैन्य सरकार ने शनिवार को ब्रिटेन से आजादी की 77वीं वर्षगांठ के अवसर पर सामूहिक माफी के तहत 6,000 से अधिक कैदियों को रिहा कर दिया है और अन्य कैदियों की सजा कम कर दी है। जेल में बंद सैकड़ों राजनीतिक बंदियों में से कुछ कैदियों को इसके तहत माफी मिली है। सैन्य शासन के विरोध पर इन लोगों को जेल भेजा गया था। फरवरी 2021 में आंग सान सू की की निर्वाचित सरकार को बेदखल कर सेना ने सत्ता पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद सैन्य शासन को बड़े पैमाने पर अहिंसक प्रतिरोध का सामना करना पड़ा जो इसके बाद एक व्यापक सशस्त्र संघर्ष बन गया है। </p>
<p>सरकारी एमआरटीवी टेलीविजन ने बताया कि सैन्य सरकार के प्रमुख (वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग) ने म्यामां के 5,864 कैदियों के साथ-साथ 180 विदेशियों को भी माफी दी है, जिन्हें निर्वासित किया जाएगा। म्यांमार में छुट्टियों और अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर बड़े पैमाने पर कैदियों की रिहाई आम बात है। रिहाई की शर्तों में चेतावनी दी गई है कि यदि मुक्त किए गए बंदी दोबारा कानून का उल्लंघन करते हैं, तो उन्हें किसी भी नई सजा के अलावा अपनी मूल सजा की शेष अवधि भी काटनी होगी। </p>
<p>एक अलग रिपोर्ट में कहा गया कि मिन आंग ह्लाइंग ने 144 कैदियों की आजीवन कारावास की सजा को 15 साल की कैद में तब्दील कर दिया। सैन्य सरकार के प्रवक्ता मेजर जनरल जॉ मिन टुन ने पत्रकारों को भेजे एक ऑडियो नोट में कहा कि रिहा किए जा रहे लोगों में लगभग 600 कैदी शामिल हैं, जिन पर म्यामां की दंड संहिता की धारा 505 (ए) के तहत मुकदमा चलाया गया था। </p>
<p>म्यांमार की दंड संहिता की धारा 505 (ए) के तहत सार्वजनिक अशांति या भय पैदा करने वाली टिप्पणियां प्रसारित करना या झूठी खबरें फैलाना अपराध है। उन्होंने कहा कि रिहा किये गये लोगों में दक्षिणी काचिन राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री खेत आंग भी शामिल हैं। इस बात का कोई संकेत नहीं है कि रिहा कैदियों में आंग सान सू ची को भी शामिल किया जाएगा, जिन्हें सत्ता पर कब्जा करने के बाद से सेना ने लगभग गुमनामी में रखा है। सू की (79) 27 साल के कारावास की सजा काट रही हैं। कैदियों की रिहाई शनिवार को शुरू हो गई लेकिन इसमें कुछ दिन लग सकते हैं। म्यामां 19वीं सदी के अंत में ब्रिटिश उपनिवेश बना और 4 जनवरी 1948 को उसे पुनः स्वतंत्रता प्राप्त हुई।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/514793/the-military-personnel-who-flew-teslas-cybertruck-outside-trump-hotel">Tesla Cybertruck Blast Case : ट्रंप होटल के बाहर टेस्ला के साइबरट्रक को उड़ाने वाले सैन्यकर्मी ने छोड़ा था पत्र </a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jan 2025 17:15:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>म्यांमा में नाव डूबने से सात की मौत, 30 लापता </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बैंकॉक, अमृत विचारः</strong> म्यांमा में सैनिकों और लोकतंत्र समर्थक छापामार लड़ाकों के बीच लड़ाई से बचकर जा रहे लोगों की नाव अंडमान सागर में पलट जाने से सात लोगों की मौत हो गई और 30 से अधिक लोग लापता हैं। एक बचावकर्मी और स्थानीय मीडिया ने सोमवार को यह जानकारी दी। बचाव कार्य में मदद कर रहे एक ग्रामीण ने बताया कि नाव से लगभग 30 लोगों को बचा लिया गया है। </p>
<p>बता दें कि पूरा मामला रविवार का है। जब क्यौक कार द्वीप से लगभग 70-75 लोग सवार होकर म्यांमा के दक्षिणी क्षेत्र तनिनथारी के निकटवर्ती तटीय शहर म्यीक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/501128/seven-dead-30-missing-as-boat-sinks-in-myanmar%C2%A0"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/_2024-(94).png" alt=""></a><br /><p><strong>बैंकॉक, अमृत विचारः</strong> म्यांमा में सैनिकों और लोकतंत्र समर्थक छापामार लड़ाकों के बीच लड़ाई से बचकर जा रहे लोगों की नाव अंडमान सागर में पलट जाने से सात लोगों की मौत हो गई और 30 से अधिक लोग लापता हैं। एक बचावकर्मी और स्थानीय मीडिया ने सोमवार को यह जानकारी दी। बचाव कार्य में मदद कर रहे एक ग्रामीण ने बताया कि नाव से लगभग 30 लोगों को बचा लिया गया है। </p>
<p>बता दें कि पूरा मामला रविवार का है। जब क्यौक कार द्वीप से लगभग 70-75 लोग सवार होकर म्यांमा के दक्षिणी क्षेत्र तनिनथारी के निकटवर्ती तटीय शहर म्यीक जा रहे थे। उस वक्त नाव खचाखच भरी हुई थे। रविवार रात करीब 9.30 बजे नाव क्यौक कार द्वीप से रवाना हुई और 15 मिनट बाद पलट गई। स्थानीय ग्रामीण ने सेना के डर से नाम रिवील ने करने की शर्त पर बताया कि सामान्यत: 30 से 40 यात्रियों की क्षमता वाली यह नाव लोगों और सामान से खचाखच भरी थी। उसी समय समुद्र में तेज लहरें उठ रही थीं। </p>
<p>क्यौक कार म्यांमार के सबसे बड़े शहर यांगून से लगभग 520 किलोमीटर दक्षिण में है। इसके पास म्यांमा की सेना और लोकतंत्र समर्थक गुरिल्लाओं के बीच लड़ाई चल रही है। ग्रामीण ने बताया कि नाव पर सवार अधिकतर यात्री वहीं से आए थे, जहां करीब एक सप्ताह से लड़ाई चल रही थी। आपको बता दें कि म्यांमा में फरवरी 2021 में सेना द्वारा आंग सान सूची की निर्वाचित सरकार को हटाने के बाद से हिंसा का माहौल है। जिसकी वजह से दोनो जगह पर तना-तनी रहती है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a title="'काले हिरण को सलमान खान ने मारा था', एक्स गर्लफ्रेंड सोमी अली ने किया खुलासा, बोला- मैं मांग लूंगी माफी" href="https://www.amritvichar.com/article/501109/ex-girlfriend-somi-ali-revealed-that-black-deer-was-killed-by#gsc.tab=0">'काले हिरण को सलमान खान ने मारा था', एक्स गर्लफ्रेंड सोमी अली ने किया खुलासा, बोला- मैं मांग लूंगी माफी </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/501128/seven-dead-30-missing-as-boat-sinks-in-myanmar%C2%A0</link>
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                <pubDate>Mon, 21 Oct 2024 15:39:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टनकपुर: विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बनबसा क्षेत्र के तीन युवकों को गैर राष्ट्र म्यांमार को बेचने वाला एक गिरफ्तार एक फरार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>टनकपुर/ बनबसा अमृत विचार।</strong> विदेश में नौकरी दिलाए जाने का झांसा देकर बनबसा क्षेत्र से तीन युवकों को गैर राष्ट्र  म्यांमार बेचने के मामले में बनबसा पुलिस टीम ने अभियुक्त को गुजरात से गिरफ्तार किया है। भारतीय दूतावास के माध्यम से तीनों बंधक बनाए युवकों को वापस लाया गया है।</p>
<p>मालूम हो कि इस वर्ष 10 जुलाई को  राजेन्द्र सिह सौन पुत्र राम सिह, निवासी ग्राम गुदमी भैसाझाला बनबसा चम्पावत द्वारा बनबसा थाने में दी गई तहरीर के आधार पर बताया गया कि मेरा पुत्र ललित सोन अपने दोस्तों विकास, कमलेश व तीन खटीमा के युवकों के साथ घर से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/492646/tanakpur-one-arrested-for-selling-three-youths-of-banbasa-area"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-09/whatsapp-image-2024-09-16-at-21.11.44_7efaeb39.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>टनकपुर/ बनबसा अमृत विचार।</strong> विदेश में नौकरी दिलाए जाने का झांसा देकर बनबसा क्षेत्र से तीन युवकों को गैर राष्ट्र  म्यांमार बेचने के मामले में बनबसा पुलिस टीम ने अभियुक्त को गुजरात से गिरफ्तार किया है। भारतीय दूतावास के माध्यम से तीनों बंधक बनाए युवकों को वापस लाया गया है।</p>
<p>मालूम हो कि इस वर्ष 10 जुलाई को  राजेन्द्र सिह सौन पुत्र राम सिह, निवासी ग्राम गुदमी भैसाझाला बनबसा चम्पावत द्वारा बनबसा थाने में दी गई तहरीर के आधार पर बताया गया कि मेरा पुत्र ललित सोन अपने दोस्तों विकास, कमलेश व तीन खटीमा के युवकों के साथ घर से रोजगार की तलाश में दिल्ली के लिए निकला था जहां से ये लोग बैंकाक निकल गये। तब से उनका कोई पता नहीं चल पा रहा है।</p>
<p>पुलिस ने थाना बनबसा में धारा 365 भादवि पंजीकृत किया गया। पुलिस ने गुमशुदा युवकों की बरामदगी के लिए भारत देश के साथ साथ गैर राष्ट्र् बैकाक,म्यामार में होने की संभावनाओं को देखते हुए भारतीय दूतावास से पत्राचार किया गया।</p>
<p>सोमवार को इस मामले का खुलासा करते हुए एसपी अजय गणपति ने चम्पावत स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि वादी एवं पीड़ितों के बयानो के आधार पर यह तथ्य प्रकाश में आया कि खटीमा का रहने वाला राहुल उपाध्याय ने अपने दोस्त गुजरात निवासी जय जोशी जिसका वास्तविक नाम जयदीप रामजी टोकड़िया के साथ मिलकर उत्तराखण्ड राज्य से 7 युवाओं व अन्य राज्यों के बेरोजगार युवकों को अपनी बातों में बहला फुसलाकर विदेश में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उन्हें भारत से गैर राष्ट्र बैकाक बुलाकर विदेशी कम्पनियों को 10 हजार रुपए थाई भाट व्यक्ति के हिसाब से बेच देना जहां विदेशी कम्पनियों द्वारा उन्हें म्यामार में गोपनीय स्थान पर ले जाकर उनसे स्कैमिंग का काम कराने के लिए बंधक बनाना तथा काम न करने पर उन युवकों के साथ मारपीट व दुर्व्यवहार कर जबरदस्ती काम कराना एवं बन्धक बनाये गये युवकों को वापस भारत देश भेजने के लिए उनसे भारी भरकम धनराशि की मांग कर वसूल की गयी।</p>
<p>अभियुक्त जय जोशी  वास्तविक नाम जयदीप रामजी टोकड़िया है के गुजरात में होना प्रकाश में आया। थानाध्यक्ष बनबसा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त जयदीप रामजी टोकड़िया को 13 सितंबर को गुजरात से गिरफ्तार किया गया।<br />एसपी गणपति ने बताया  की अभियुक्त द्वारा पूछताछ में स्वीकार किया गया कि उसने अपने दोस्त राहुल उपाध्याय के साथ मिलकर बनबसा क्षेत्र के 3 तथा  खटीमा क्षेत्र के 3 युवकों को अपनी बातों में बहला फुसलाकर बैकाक बुलाया था जहां से उन्हे विदेशी कम्पनियों के हाथों 10000/- थाई भाट प्रति व्यक्ति के हिसाब से बेच दिया था।</p>
<p>उक्त मुकदमे से सम्बन्धित अभियुक्त राहुल उपाध्याय का वर्तमान में दुबई भाग जाना प्रकाश में आया है, जिसके विरूद्ध गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। पुलिस टीम में बनबसा के थानाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह जगवाण,एसओजी प्रभारी मनीष खत्री,हेड कांस्टेबल जगवीर सिह, गणेश सिंह, कांस्टेबल मदन सिह,अनिल कुमार, गिरीश भट्ट शामिल थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>टनकपुर</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/492646/tanakpur-one-arrested-for-selling-three-youths-of-banbasa-area</link>
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                <pubDate>Tue, 17 Sep 2024 11:27:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सैन्य अदालत ने म्यांमार के एक पत्रकार को सुनाई आजीवन कारावास की सजा, जानिए मामला </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बैंकॉक।</strong> म्यांमार की एक सैन्य अदालत ने आतंकवाद निरोधी कानून के तहत दोषी ठहराते हुए एक स्थानीय पत्रकार को आजीवन कारावास और उसके एक सहकर्मी को 20 साल कारावास की सजा सुनाई है। मीडिया संस्थान के संपादक ने बुधवार को यह जानकारी दी। ऑनलाइन समाचार सेवा ‘दावेई वॉच’ के म्यो म्यिंट ऊ और आंग सान ऊ को दी गई सजा, फरवरी 2021 में सेना द्वारा आंग सान सू ची की निर्वाचित सरकार से सत्ता छीने जाने के बाद किसी भी पत्रकार को दी गई सबसे कठोर सजा मानी जा रही है। </p>
<p>सेना द्वारा सत्ता हथियाने के बाद जनता का भारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/488836/military-court-sentences-a-myanmar-journalist-to-life-imprisonment"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/life-imprisonment-.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बैंकॉक।</strong> म्यांमार की एक सैन्य अदालत ने आतंकवाद निरोधी कानून के तहत दोषी ठहराते हुए एक स्थानीय पत्रकार को आजीवन कारावास और उसके एक सहकर्मी को 20 साल कारावास की सजा सुनाई है। मीडिया संस्थान के संपादक ने बुधवार को यह जानकारी दी। ऑनलाइन समाचार सेवा ‘दावेई वॉच’ के म्यो म्यिंट ऊ और आंग सान ऊ को दी गई सजा, फरवरी 2021 में सेना द्वारा आंग सान सू ची की निर्वाचित सरकार से सत्ता छीने जाने के बाद किसी भी पत्रकार को दी गई सबसे कठोर सजा मानी जा रही है। </p>
<p>सेना द्वारा सत्ता हथियाने के बाद जनता का भारी विरोध देखा गया जिसके बाद से गृहयुद्ध जारी है। ‘दावेई वॉच’ के पत्रकार म्यो म्यिंट ऊ और आंग सान ऊ को पिछले दिसंबर में यांगून से लगभग 560 किलोमीटर दक्षिण में स्थित तटीय शहर म्यीक में उनके घरों से अलग-अलग गिरफ्तार किया था। सैन्य शासन ने उनके मामलों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। </p>
<p>मीडिया संस्थान ‘दावेई वॉच’ के मुख्य संपादक ‘क्याव सान मिन’ ने बुधवार को एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि फरवरी में म्यीक जेल की एक सैन्य अदालत ने आंग सान ऊ को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी, तथा मई में उसी अदालत ने म्यो म्यिंट ऊ को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, लेकिन उन्हें आगे की जानकारी नहीं मिल सकी। मीडिया की स्वतंत्रता की वकालत करने वाले पेरिस के समूह ‘रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ के अनुसार म्यांमा, दुनिया में पत्रकारों को जेल में डालने वाले देशों में से एक है, पहले स्थान पर चीन आता है। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/488756/israel-launches-large-scale-military-operation-in-west-bank-nine-palestinians">इजराइल ने वेस्ट बैंक में बड़े पैमाने पर शुरू किया सैन्य अभियान, नौ फिलिस्तीनियों की मौत...जेनिन शहर को घेरा </a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Aug 2024 10:41:52 +0530</pubDate>
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                <title>देहरादून: सीएम धामी ने किया म्यांमार के फर्जी नौकरी रैकेट मामले में विदेश मंत्रालय से राजनयिक हस्तक्षेप करने का अनुरोध</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> म्यांमार के फर्जी नौकरी रैकेट मामले में विदेश मंत्रालय से राजनयिक हस्तक्षेप करने का अनुरोध करते हुए सीएम धामी ने विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को पत्र भेजा है। इस संबंध में भारतीय दूतावास की एडवाइजरी का भी हवाला दिया है। बृहस्पतिवार को उन्होंने खुद विदेश मंत्री से इस बाबत फोन पर बात भी की।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने पत्र में मीडिया रिपोर्ट की सूचना का भी जिक्र किया है। मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी आई है कि आकर्षक नौकरी के नाम पर थाईलैंड से करीब कई भारतीय म्यांमार के फर्जी नौकरी रैकेट के हवाले कर दिए गए। इनमें</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/483775/dehradun-cm-dhami-requests-foreign-ministry-for-diplomatic-intervention-in"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/1200-675-22106169-thumbnail-16x9-hjh.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> म्यांमार के फर्जी नौकरी रैकेट मामले में विदेश मंत्रालय से राजनयिक हस्तक्षेप करने का अनुरोध करते हुए सीएम धामी ने विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को पत्र भेजा है। इस संबंध में भारतीय दूतावास की एडवाइजरी का भी हवाला दिया है। बृहस्पतिवार को उन्होंने खुद विदेश मंत्री से इस बाबत फोन पर बात भी की।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने पत्र में मीडिया रिपोर्ट की सूचना का भी जिक्र किया है। मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी आई है कि आकर्षक नौकरी के नाम पर थाईलैंड से करीब कई भारतीय म्यांमार के फर्जी नौकरी रैकेट के हवाले कर दिए गए। इनमें उत्तराखंड राज्य के 15 से अधिक पुरुष और नौ महिलाएं वहां बंधक बनाए गए हैं। विदेश मंत्री को लिखे पत्र में कहा, मैं आपको इस विषय के संदर्भ में आपातकालीन आधार पर लिख रहा हूं।</p>
<p> उत्तराखंड के 15 पुरुषों और नौ महिलाओं को म्यांमार में धोखाधड़ी वाले कॉल सेंटरों में काम करने के लिए मजबूर किया गया है। इस स्थिति ने पीड़ितों के परिवारों में काफी परेशानी और मानसिक पीड़ा पैदा की है और उत्तराखंड के लोगों में गहरा डर उत्पन्न हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मैं आपके कार्यालय से तत्काल राजनयिक हस्तक्षेप करने और आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह करने के लिए बाध्य हूं। ताकि सभी निर्दोष व्यक्तियों को सुरक्षित बचाया जा सके और वापस लाया जा सके। कहा, उत्तराखंड राज्य अपने नागरिकों के कल्याण के बारे में बहुत चिंतित है और उन्हें सुरक्षित रूप से घर वापस लाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए विदेश मंत्रालय से प्राथमिकता और तत्काल सहायता चाहता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Aug 2024 13:50:18 +0530</pubDate>
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