<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.amritvichar.com/tag/64724/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%95%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%89%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%9C" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Amrit Vichar RSS Feed Generator</generator>
                <title>राजकीय मेडिकल कॉलेज - Amrit Vichar</title>
                <link>https://www.amritvichar.com/tag/64724/rss</link>
                <description>राजकीय मेडिकल कॉलेज RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>उपनल कर्मियों को वेतन देने के लिए बजट ही नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार: </strong>डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल में कई विभागों में उपनल कर्मी काम करते हैं। इन उपनल कर्मियों के कंधे पर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, सफाई व्यवस्था से लेकर कार्यालय के कामों तक की जिम्मेदारी है लेकिन शासन से बजट नहीं आने की वजह से उपनल कर्मियों का वेतन रुका हुआ है। <br />राजकीय मेडिकल कॉलेज और उसके अधीन डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में करीब 690 उपनल कर्मचारी काम करते हैं। इसके अलावा अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में कार्यालयों और अस्पताल तथा मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था में भी उपनल कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।</p>
<p>इन कर्मचारियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/537138/no-budget-for-paying-salaries-to-subal-workers"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/cash_1684818008.webp" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार: </strong>डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल में कई विभागों में उपनल कर्मी काम करते हैं। इन उपनल कर्मियों के कंधे पर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, सफाई व्यवस्था से लेकर कार्यालय के कामों तक की जिम्मेदारी है लेकिन शासन से बजट नहीं आने की वजह से उपनल कर्मियों का वेतन रुका हुआ है। <br />राजकीय मेडिकल कॉलेज और उसके अधीन डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में करीब 690 उपनल कर्मचारी काम करते हैं। इसके अलावा अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में कार्यालयों और अस्पताल तथा मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था में भी उपनल कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।</p>
<p>इन कर्मचारियों को मार्च और अप्रैल माह का वेतन अभी तक नहीं मिला है। उपनल कर्मचारी पहले से ही कम वेतन में काम करतें हैं इस पर वेतन नहीं आने से उन्हें आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। एक उपनल कर्मचारी ने बताया कि शासन ने हमारे साथ हमेशा अन्याय किया है। हमारे नियमितिकरण में भी शासन हमेशा अड़ंगा लगाता है और अब समय से वेतन भी नहीं मिल रहा है। उपनल कर्मचारियों को 17 से 20 हजार रुपये का ही वेतन मिलता है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन से जानकारी मिली कि मार्च और अप्रैल माह का वेतन देने के लिए शासन से बजट नहीं मिला है। बजट मिलने के बाद वेतन जारी कर दिया जाएगा। इधर मई में भी अब सात तारीख हो गई है लेकिन बजट का पता नहीं है। <br /><br /><strong>उपनल कर्मचारियों को दो माह वेतन नहीं मिला है और यह मामला संज्ञान में है। शासन से बजट आने के साथ ही वेतन जारी कर दिया जाएगा।-डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/537138/no-budget-for-paying-salaries-to-subal-workers</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/537138/no-budget-for-paying-salaries-to-subal-workers</guid>
                <pubDate>Thu, 08 May 2025 11:04:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-05/cash_1684818008.webp"                         length="54270"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राहत: नहीं निकाली जाएंगी आउटसोर्स नर्सेज   </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>  हल्द्वानी, अमृत विचार</strong>: शासन की ओर से राजकीय मेडिकल कॉलेजों में नियमित नर्सेज की नियुक्ति की जा रही है।  जिसके चलते आउटसोर्स नर्सेज की नौकरी पर संकट आ गया है लेकिन अब शासन ने आदेश किया है कि आउटसोर्स नर्सेज को अन्य मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरित किया जाए।</p>
<p><br />राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी, देहरादून, श्रीनगर, रुद्रपुर और अल्मोड़ा में आउटसोर्स नर्सेज काम करतीं हैं। इनमें अब शासन नियमित नर्सेज की नियुक्ति कर रहा है। नियम के अनुसार जब किसी पद पर नियमित कर्मचारी की नियुक्ति हो जाती है तो उस पद पर तैनात आउटसोर्स कर्मचारी की सेवा स्वत: समाप्त हो</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/534207/outsourced-nurses-will-not-be-removed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/images-(68).jpeg" alt=""></a><br /><p><strong> हल्द्वानी, अमृत विचार</strong>: शासन की ओर से राजकीय मेडिकल कॉलेजों में नियमित नर्सेज की नियुक्ति की जा रही है।  जिसके चलते आउटसोर्स नर्सेज की नौकरी पर संकट आ गया है लेकिन अब शासन ने आदेश किया है कि आउटसोर्स नर्सेज को अन्य मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरित किया जाए।</p>
<p><br />राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी, देहरादून, श्रीनगर, रुद्रपुर और अल्मोड़ा में आउटसोर्स नर्सेज काम करतीं हैं। इनमें अब शासन नियमित नर्सेज की नियुक्ति कर रहा है। नियम के अनुसार जब किसी पद पर नियमित कर्मचारी की नियुक्ति हो जाती है तो उस पद पर तैनात आउटसोर्स कर्मचारी की सेवा स्वत: समाप्त हो जाती है। इस वजह से इन मेडिकल कॉलेजों में काम करने वाले आउटसोर्स नर्सेज की नौकरी पर संकट आ गया। 17 अप्रैल को चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों को पत्र भेजा और कहा कि जिन आउटसोर्स नर्सेज की नौकरी समाप्त हो रही है उन्हें मेडिकल कॉलेज में रिक्त पद के सापेक्ष स्थानांतरित कर दिया जाए। अब नर्सेज के सामने नौकरी बचाने का विकल्प आ गया है लेकिन दिक्कत यह है कि अब उन्हें उन मेडिकल कॉलेजों को छोड़ना होगा जहां पर वह अभी सेवाएं दे रहीं हैं। <br /><br /><strong>अल्मोड़ा की नर्सेज जाएंगी हरिद्वार और पिथौरागढ़</strong><br />हल्द्वानी। सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान अल्मोड़ा में तैनात आउटसोर्स नर्सेज को पिथौरागढ़ और रुद्रपुर के मेडिकल कॉलेज जाने का विकल्प दिया गया है। प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने आदेश जारी कर कहा है कि दो दिनों के अंदर आउटसोर्स नर्सेज उस मेडिकल कॉलेज की सूचना दे दें जहां उन्हें स्थानांतरण लेना है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/534207/outsourced-nurses-will-not-be-removed</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/534207/outsourced-nurses-will-not-be-removed</guid>
                <pubDate>Sat, 19 Apr 2025 11:03:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-04/images-%2868%29.jpeg"                         length="10837"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जन्म के पहले मिनट में बच्चे का सांस लेना जरूरी: डॉ. ऋतु   </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार: </strong>नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने और नवजात के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्यशाला हुई। जिसमें उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश से आए डॉक्टरों ने भी प्रतिभाग किया।  कार्यशाला का उद्घाटन राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी, एसटीएच के एमएस डॉ. जीएस तितियाल, बाल रोग विभाग की एचओडी डॉ. ऋतु रखोलिया, वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल अग्रवाल ने संयुक्त रूप से किया। </p>
<p>डॉ. ऋतु ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नवजात मृत्यु दर को साल 2030 तक एक अंक तक लाने का लक्ष्य रखा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/533297/dr-ritu-is-necessary-to-breathe-baby-in-the-first"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/whatsapp_image_2022_05_25_at_54428_pm055745_1653481825_1653481825.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार: </strong>नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने और नवजात के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्यशाला हुई। जिसमें उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश से आए डॉक्टरों ने भी प्रतिभाग किया।  कार्यशाला का उद्घाटन राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी, एसटीएच के एमएस डॉ. जीएस तितियाल, बाल रोग विभाग की एचओडी डॉ. ऋतु रखोलिया, वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल अग्रवाल ने संयुक्त रूप से किया। </p>
<p>डॉ. ऋतु ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नवजात मृत्यु दर को साल 2030 तक एक अंक तक लाने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में 25.30 प्रतिशत नवजात शिशु की मृत्यु प्रसवकालीन श्वासारोध की वजह से होती है। कहा कि मां के पेट में ऑक्सीजन एवं अन्य खाद्य पदार्थ प्लेसेंटा से बच्चों को दिए जाते हैं। जब बच्चा गर्भाशय से बाहर आता है तो पहले ही मिनट में उसका सांस लेना बहुत जरूरी होता है। सांस नहीं लेने पर बच्चे के मस्तिष्क में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। कहा कि गर्भावस्था के दौरान गर्भजल का कम होना, ज्यादा होना व गर्भवती का अत्यधिक रक्तस्राव होने पर नवजात शिशु को सांस लेने में कठिनाई होती है। नवजात शिशुओं को उन्नत तकनीकों की मदद से बचाने में मदद मिलती है। इस दौरान राममूर्ति मेडिकल कॉलेज बरेली की ब्रिगेडियर डॉ. वंदना नेगी, जौलीग्रांट मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. अल्का शुक्ला, डॉ. रवि अदलखा, डॉ. रवि सहोटा, डॉ. साक्षी ने भी अपने विचार रखे।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/533297/dr-ritu-is-necessary-to-breathe-baby-in-the-first</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/533297/dr-ritu-is-necessary-to-breathe-baby-in-the-first</guid>
                <pubDate>Mon, 14 Apr 2025 11:34:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-04/whatsapp_image_2022_05_25_at_54428_pm055745_1653481825_1653481825.jpeg"                         length="141620"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मेडिकल कॉलेज 5 डॉक्टर साक्षात्कार देने पहुंचे  </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के विभिन्न विभागों में नियुक्ति के लिए डॉक्टर पहुंचे। बुधवार को सीनियर रेजीडेंट व जूनियर रेजीडेंट पद के लिए साक्षात्कार हुए। प्राचार्य डॉ.अरुण जोशी ने बताया कि कुल 15 डॉक्टरों ने साक्षात्कार हिस्सा लिया। इसमें सीनियर रेजीडेंट के लिए पैथोलॉजी में 1 व एनाटॉमी विभाग में 1  और 13 ने जूनियर रेजीडेंट के लिए साक्षात्कार दिया। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/531241/medical-college-5-doctors-arrived-to-interview"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/maxresdefault.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के विभिन्न विभागों में नियुक्ति के लिए डॉक्टर पहुंचे। बुधवार को सीनियर रेजीडेंट व जूनियर रेजीडेंट पद के लिए साक्षात्कार हुए। प्राचार्य डॉ.अरुण जोशी ने बताया कि कुल 15 डॉक्टरों ने साक्षात्कार हिस्सा लिया। इसमें सीनियर रेजीडेंट के लिए पैथोलॉजी में 1 व एनाटॉमी विभाग में 1  और 13 ने जूनियर रेजीडेंट के लिए साक्षात्कार दिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/531241/medical-college-5-doctors-arrived-to-interview</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/531241/medical-college-5-doctors-arrived-to-interview</guid>
                <pubDate>Wed, 02 Apr 2025 19:22:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-04/maxresdefault.jpg"                         length="249949"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक्सपाइरी सामान और बिना फूड लाइसेंस के चल रहा मेडिकल कॉलेज का मेस</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार: </strong>राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में छात्रावास के लिए संचालित होने वाली तीन मेस में खाने की गुणवत्ता खराब होने की शिकायत मिलने पर प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने एक मैस में औचक निरीक्षण किया तो यहां पर खामियां मिली। सूचना देने पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने मेडिकल कॉलेज के छात्रावासों में तीन मैस का निरीक्षण किया। तीनों जगह खामियां मिलीं। एक्सपाइरी सामान से लेकर बासी खाना फ्रिज में रखा हुआ मिला। अब तीनों ही मैस संचालकों पर केस दर्ज किया जा रहा है।</p>
<p>राजकीय मेडिकल कॉलेज में जूनियर विद्यार्थियों, पीजी विद्यार्थियों के छात्रावास हैं। यहां पर तीनों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/520692/mess-of-medical-college-running-without-expiry-goods-and-food"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/img-20250205-wa0223.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार: </strong>राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में छात्रावास के लिए संचालित होने वाली तीन मेस में खाने की गुणवत्ता खराब होने की शिकायत मिलने पर प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने एक मैस में औचक निरीक्षण किया तो यहां पर खामियां मिली। सूचना देने पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने मेडिकल कॉलेज के छात्रावासों में तीन मैस का निरीक्षण किया। तीनों जगह खामियां मिलीं। एक्सपाइरी सामान से लेकर बासी खाना फ्रिज में रखा हुआ मिला। अब तीनों ही मैस संचालकों पर केस दर्ज किया जा रहा है।</p>
<p>राजकीय मेडिकल कॉलेज में जूनियर विद्यार्थियों, पीजी विद्यार्थियों के छात्रावास हैं। यहां पर तीनों ही वर्गों में अलग-अलग मेस का संचालन किया जाता है। विद्यार्थियों ने छात्रावास अधीक्षक से कई बार शिकायत करी कि तीनों ही मेस में खाने की गुणवत्ता खराब है। शिकायत प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी तक भी पहुंच गई। इस पर मंगलवार की दोपहर को अचानक प्राचार्य ने जूनियर छात्रों के मेस का औचक निरीक्षण किया। यहां उनका माथा ठनक गया। देखा कि फ्रिज में सोमवार को बनाया गया पनीर और सोया चॉप स्टोर करके रखा हुआ है। इसके अलावा एक कड़ाही में तेल डालकर प्याज भूना जा रहा है, जिससे दुर्गंध उठ रही है और साथ ही प्याज पूरी तरह से काला पड़ गया है। </p>
<p>प्राचार्य ने इसकी सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग को दी। सूचना मिलते ही कुछ देर में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभय कुमार सिंह यहां पहुंच गए। सबसे पहले उन्होंने जूनियर छात्रों के मैस का निरीक्षण किया। तो यहां पर एक्सपाइरी डेट का दूध फ्रिज में मिला। मैस प्रबंधक मोहित को कोई जबाव देते नहीं बना। यहां से खाद्य सुरक्षा विभाग ने पनीर व तेल का सैंपल लिया। इसके बाद गर्ल्स हॉस्टल के मेस पहुंचे तो यहां भी यही हाल थे। यहां एक्सपाइरी चावल मिला। मेस संचालक सरस्वती देऊपा का फूड लाइसेंस भी नहीं था। यहां से भी खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए। पीजी छात्रावास के मेस में एक्सपाइरी तिथि के मसाले मिले। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि तीनों ही मेस संचालकों पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा। साथ ही जो भी सैंपल जांच के लिए रुद्रपुर भेजे जा रहे हैं, उनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/520692/mess-of-medical-college-running-without-expiry-goods-and-food</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/520692/mess-of-medical-college-running-without-expiry-goods-and-food</guid>
                <pubDate>Wed, 05 Feb 2025 21:43:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-02/img-20250205-wa0223.jpg"                         length="79797"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसटीएच में उपचार होगा महंगा, मरीजों पर महंगाई की मार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत चिचार:</strong> राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों में एक समान यूजर चार्ज करने का निर्देश दिया है। जल्द ही यह नियम लागू हो जाएगा। इसकी मार मरीजों पर पड़ेगी। राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल में अन्य सरकारी अस्तपालों की अपेक्षा काफी सस्ता उपचार होता है। साथ ही यह कुमाऊं का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां सबसे ज्यादा मरीज आते हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में जो शुल्क बढ़ने वाले हैं, उसकी मार यहां उपचार कराने वाले मरीजों पर पड़ेगी।</p>
<p><br />एसटीएच में ओपीडी में पर्चा में केवल पांच रुपये में बनता है। अब यह 20 रुपये का हो</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/519647/treatment-in-sth-will-be-hit-by-expensive-patients"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/images-(17).jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत चिचार:</strong> राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों में एक समान यूजर चार्ज करने का निर्देश दिया है। जल्द ही यह नियम लागू हो जाएगा। इसकी मार मरीजों पर पड़ेगी। राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल में अन्य सरकारी अस्तपालों की अपेक्षा काफी सस्ता उपचार होता है। साथ ही यह कुमाऊं का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां सबसे ज्यादा मरीज आते हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में जो शुल्क बढ़ने वाले हैं, उसकी मार यहां उपचार कराने वाले मरीजों पर पड़ेगी।</p>
<p><br />एसटीएच में ओपीडी में पर्चा में केवल पांच रुपये में बनता है। अब यह 20 रुपये का हो जाएगा। यही आईपीडी का पर्चा पांच रुपये की जगह अब 50 रुपये होने की संभावना है। जनरल वार्ड में शुल्क 25 रुपये ही रहेंगे लेकिन प्राइवेट वार्ड डीलक्स 650 रुपये की जगह 1000 रुपये हो जाएगा। एंबुलेंस का भाड़ा भी बढ़ जाएगा। रेडियोलॉजी और पैथॉलोजी में भी जांच दरें बढ़ सकती हैं। अनुमान है कि 30 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी हो सकती है। हालांकि अभी अस्पताल में इसको लेकर मंथन किया जा रहा है। फिर भी संभावना है कि एसटीएच में अभी अल्ट्रासाउंड 150 रुपये का होता है। नए यूजर चार्ज लागू होने के बाद यहां अल्ट्रासाउंड 670 रुपये का हो जाएगा। प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि अभी मंथन किया जा रहा है। नई दरों को लेकर निर्णय लिया जाएगा। <br /><br /><strong>पीएचसी हल्दूचौड़ में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने की मांग</strong><br />हल्द्वानी, अमृत विचार: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हल्दूचौड़ में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को ज्ञापन भेजा है।<br />हेमंत सिंह गौनिया और गोविंद बल्लभ भट्ट ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों, कर्मचारियों और संसाधनों की कमी होने से मरीज परेशान हो रहे हैं। अगर पीएचसी हल्दूचौड़ में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर हों तो लोगों को उपचार के लिए हल्द्वानी नहीं जाना पड़ेगा। कुमाऊं आयुक्त से निवेदन किया कि आप इस मामले में हस्तक्षेप करें और अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने में अपना सहयोग दें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/519647/treatment-in-sth-will-be-hit-by-expensive-patients</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/519647/treatment-in-sth-will-be-hit-by-expensive-patients</guid>
                <pubDate>Sat, 01 Feb 2025 10:57:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-02/images-%2817%29.jpeg"                         length="9482"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों से हटेंगे मेडिकल स्टोर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार:</strong> राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन अस्पतालों में अवैध रूप से संचालित हो रहे मेडिकल स्टोरों को खाली कराया जाएगा। मामले में जिला न्यायाधीश ने मेडिकल स्टोर स्वामी की अपील को निरस्त कर दिया है।राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय, स्वामी राम कैंसर अनुसंधान संस्थान और टीबी चैस्ट विभाग में बरेली की मैसर्स वान्टेज प्राइवेट लिमिटेड फर्म मेडिकल स्टोरों को संचालित करती थी।</p>
<p>उक्त मेडिकल स्टोरों के संचालन के एवज में मेडिकल स्टोर स्वामी ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को कई सालों से किराया नहीं दिया था। जब इसकी शिकायत सिटी मजिस्ट्रेट से की गई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/512070/medical-stores-will-be-removed-from-medical-college-hospitals"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/new-project-67.webp" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार:</strong> राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन अस्पतालों में अवैध रूप से संचालित हो रहे मेडिकल स्टोरों को खाली कराया जाएगा। मामले में जिला न्यायाधीश ने मेडिकल स्टोर स्वामी की अपील को निरस्त कर दिया है।राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय, स्वामी राम कैंसर अनुसंधान संस्थान और टीबी चैस्ट विभाग में बरेली की मैसर्स वान्टेज प्राइवेट लिमिटेड फर्म मेडिकल स्टोरों को संचालित करती थी।</p>
<p>उक्त मेडिकल स्टोरों के संचालन के एवज में मेडिकल स्टोर स्वामी ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को कई सालों से किराया नहीं दिया था। जब इसकी शिकायत सिटी मजिस्ट्रेट से की गई तो सिटी मजिस्ट्रेट ने विगत वर्ष इन मेडिकल स्टोरों को खाली करने के आदेश दिए थे।</p>
<p>इस मामले में उक्त मेडिकल स्टोरों का स्वामी वाद लेकर न्यायालय की शरण में पहुंच गया। न्यायालय से 16 दिसंबर को मैसर्स वान्टेज बॉयोटेक प्राइवेट लिमिटेड की अपील को निरस्त कर दिया। न्यायालय का आदेश मिल जाने के बाद गुरुवार को सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी को पत्र लिखकर इन मेडिकल स्टोरों को खाली कराने के लिए कहा है। प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि हमारी प्राथमिकता है न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हुए अवैध रूप से संचालित हो रहे मेडिकल स्टोरों को हटाया जाए। कहा कि किराये के रूप में जो रकम बाकी है, उस रकम की रिकवरी के लिए भी कानूनी प्रक्रिया की जाएगी।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/512070/medical-stores-will-be-removed-from-medical-college-hospitals</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/512070/medical-stores-will-be-removed-from-medical-college-hospitals</guid>
                <pubDate>Thu, 19 Dec 2024 17:51:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-12/new-project-67.webp"                         length="94762"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: रैगिंग के खिलाफ कड़ा कदम: राजकीय मेडिकल कॉलेज में सीनियर छात्र का निष्कासन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> राजकीय मेडिकल कॉलेज में नए छात्रों के लिए एक सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में एमबीबीएस के एक सीनियर छात्र द्वारा जूनियर्स के साथ की गई अभद्रता का मामला सामने आया है, जिसके परिणामस्वरूप उसे छात्रावास से निष्कासित कर दिया गया है।</p>
<p>18 अक्टूबर को कॉलेज की मैस में हुई इस घटना में, सीनियर छात्र ने एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों को गालियां देते हुए अभद्र व्यवहार किया। जब जूनियर छात्रों ने इसका विरोध किया, तो वह और भी उग्र हो गया। यह सब कुछ मौके पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/500538/haldwani-takes-strict-action-against-ragging-expulsion-of-senior-student"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/images-(19).jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> राजकीय मेडिकल कॉलेज में नए छात्रों के लिए एक सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में एमबीबीएस के एक सीनियर छात्र द्वारा जूनियर्स के साथ की गई अभद्रता का मामला सामने आया है, जिसके परिणामस्वरूप उसे छात्रावास से निष्कासित कर दिया गया है।</p>
<p>18 अक्टूबर को कॉलेज की मैस में हुई इस घटना में, सीनियर छात्र ने एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों को गालियां देते हुए अभद्र व्यवहार किया। जब जूनियर छात्रों ने इसका विरोध किया, तो वह और भी उग्र हो गया। यह सब कुछ मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने देखा, जिसके चलते मामला तुरंत उच्चाधिकारियों तक पहुंचा।</p>
<p>कॉलेज प्रशासन ने रैगिंग की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। सुरक्षा कर्मियों को किसी भी अनैतिक गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया है, और एंटी रैगिंग स्क्वॉड का गठन भी किया गया है। </p>
<p>डॉ. आरजी नौटियाल, छात्रावास के मुख्य अधीक्षक, ने तुरंत जांच शुरू की और आरोप की पुष्टि होने पर सीनियर छात्र को छात्रावास संख्या दो से निष्कासित कर दिया। उन्हें नोटिस जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि अगर उन्होंने छात्रावास खाली नहीं किया, तो उनके खिलाफ एंटी रैगिंग कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें अकादमिक गतिविधियों से भी वंचित किया जा सकता है।</p>
<p>इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी छात्र के अभिभावकों को भी बुलाया गया है। यह कदम दर्शाता है कि राजकीय मेडिकल कॉलेज रैगिंग को लेकर शून्य सहिष्णुता नीति अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि नए छात्रों को सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण मिल सके।</p>
<p>यह भी पढ़ें - <a href="https://www.amritvichar.com/article/500536/danger-of-dengue-in-haldwani-seven-new-patients-confirmed-in#gsc.tab=0">हल्द्वानी में डेंगू का खतरा: एक दिन में सात नए मरीजों की पुष्टि, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप</a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/500538/haldwani-takes-strict-action-against-ragging-expulsion-of-senior-student</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/500538/haldwani-takes-strict-action-against-ragging-expulsion-of-senior-student</guid>
                <pubDate>Fri, 18 Oct 2024 19:50:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-10/images-%2819%29.jpeg"                         length="6114"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: राजकीय मेडिकल कॉलेज से 25 जनवरी को उड़ान भरेगा 'नमो ड्रोन'</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में इन दिनों 'नमो ड्रोन' को लेकर तैयारियां जोरों पर है। आगामी 25 जनवरी को ड्रोन कोटाबाग सीएचसी केंद्र से ब्लड सैंपल लेकर आएगा। इसके लिए कॉलेज प्रबंधन ने पुलिस व प्रशासन से ड्रोन उड़ाने की अनुमति मांगी है।</p>
<p>केंद्र सरकार ने सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने और आपात स्थिति में दवा पहुंचाने के लिए नमो ड्रोन डिलीवरी शुरू की है। इसके तहत उत्तराखंड के हल्द्वानी, देहरादून और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से एक साथ ड्रोन उड़ाने की तैयारी चल रही है।</p>
<p>25 जनवरी को तीनों मेडिकल कॉलेजों से ड्रोन एक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/437005/namo-drone-will-fly-from-haldwani-government-medical-college-on"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-01/image_1701494802.webp" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में इन दिनों 'नमो ड्रोन' को लेकर तैयारियां जोरों पर है। आगामी 25 जनवरी को ड्रोन कोटाबाग सीएचसी केंद्र से ब्लड सैंपल लेकर आएगा। इसके लिए कॉलेज प्रबंधन ने पुलिस व प्रशासन से ड्रोन उड़ाने की अनुमति मांगी है।</p>
<p>केंद्र सरकार ने सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने और आपात स्थिति में दवा पहुंचाने के लिए नमो ड्रोन डिलीवरी शुरू की है। इसके तहत उत्तराखंड के हल्द्वानी, देहरादून और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से एक साथ ड्रोन उड़ाने की तैयारी चल रही है।</p>
<p>25 जनवरी को तीनों मेडिकल कॉलेजों से ड्रोन एक साथ उड़ान भरकर अपने-अपने चिन्हित केंद्रों से चिकित्सा सामग्री लेकर आएंगे। हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज से ड्रोन उड़ान भरकर कोटाबाग सीएचसी केंद्र जाएगा और वहां से मरीज का ब्लड सैंपल लेकर आएगा। ड्रोन की सफल उड़ान के लिए कॉलेज प्रबंधन ने एसएसपी व डीएम को पत्र लिखकर अनुमति मांगी है। </p>
<p><br /><em><strong>ड्रोन सर्विसेज के सुचारू संचालन के लिए पुलिस व प्रशासन को पत्र लिखकर अनुमति मांगी गई है। साथ ही जैम पोर्टल से ड्रोन के लिए टेंडर भी किया गया है। शुरुआत में ड्रोन को तीन माह के लिए ट्रायल पर डेली चार्ज पर लिया जाएगा।</strong></em><br /><em><strong>- डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी</strong></em></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/437005/namo-drone-will-fly-from-haldwani-government-medical-college-on</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/437005/namo-drone-will-fly-from-haldwani-government-medical-college-on</guid>
                <pubDate>Sat, 20 Jan 2024 12:53:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-01/image_1701494802.webp"                         length="16864"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शाहजहांपुर: राजकीय मेडिकल कॉलेज में 50 बेड की बनेगी क्रिटिकल यूनिट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>शाहजहांपुर, अमृत विचार। </strong>राजकीय मेडिकल कालेज में मरीजों को बेहतर इलाज की और सुविधा मिलेगी। पचास बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट बनेगी, जगह का चयन हो गया। अब मरीजों को यहीं सर्जरी आदि की सुविधा मिलेगी। मरीजों को दिल्ली, लखनऊ आदि नहीं जाना पड़ेगा। यूनिट के बन जाने से मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी।</p>
<p>बता दें कि राजकीय मेडिकल कॉलेज 330 बेड का अस्पताल है। गंभीर मरीजों को लखनऊ, दिल्ली आदि के लिए रेफर कर दिया जाता है, जिससे मरीज और तीमारदारों को परेशानी होती है। गंभीर मरीजों का अब बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्योंकि राजकीय मेडिकल कॉलेज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/422810/shahjahanpur--50-bed-critical-unit-will-be-built-in-government-medical-college"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-12/whatsapp-image-2023-12-01-at-8.54.08-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>शाहजहांपुर, अमृत विचार। </strong>राजकीय मेडिकल कालेज में मरीजों को बेहतर इलाज की और सुविधा मिलेगी। पचास बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट बनेगी, जगह का चयन हो गया। अब मरीजों को यहीं सर्जरी आदि की सुविधा मिलेगी। मरीजों को दिल्ली, लखनऊ आदि नहीं जाना पड़ेगा। यूनिट के बन जाने से मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी।</p>
<p>बता दें कि राजकीय मेडिकल कॉलेज 330 बेड का अस्पताल है। गंभीर मरीजों को लखनऊ, दिल्ली आदि के लिए रेफर कर दिया जाता है, जिससे मरीज और तीमारदारों को परेशानी होती है। गंभीर मरीजों का अब बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्योंकि राजकीय मेडिकल कॉलेज में 50 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट बनाया जाएगा। </p>
<p>पिछले दिनों लखनऊ की टीम ने आकर राजकीय मेडिकल कॉलेज में जगह का चयन किया था। मेडिकल कॉलेज में भी स्वास्थ्य विभाग के ड्रग वेयरहाउस की जगह चयनित की गई थी। वेयरहाउस करीब दो हजार स्क्वायर मीटर में बनना है। जिला प्रशासन की तरफ से टीम ने भी भ्रमण किया था। केयर यूनिट का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। शासन से स्वीकृत मिलने पर शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। यूनिट की स्थापना होने पर कर्मचारियों की संख्या बढ़ायी जाएगी। राजकीय मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर यूनिट खुल जाने मरीजों को काफी राहत मिलेगी।</p>
<p><strong>अति गंभीर मरीजों को मिलेगा लाभ</strong><br />क्रिटिकल केयर यूनिट में अति गंभीर मरीजों का उपचार किया जाएगा। गर्भवती महिला के गंभीर होने की स्थिति में डिलीवरी टेबल, बेड, मेडिसन, सर्जरी, वेंटीलेटर बेड, डायलिसिस बेड आदि की व्यवस्था रहेसी। हालांकि अभी स्टाफ को लेकर शासन स्तर से कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हो सका है।</p>
<p>मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर यूनिट की शीघ्र बनेगी। शासन से स्वीकृत मिलने के बाद कार्य शुरु करा दिया जाएगा। केयर यूनिट बन जाने से गंभीर मरीजों का यही पर इलाज होगा। मरीज को लखनऊ-दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा।-डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज</p>
<p><strong>ये भी पढे़ं-<span style="color:rgb(224,62,45);"> <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/422808/shahjahanpur--woman-and-retired-railway-worker-died-due-to-bull-attack">शाहजहांपुर: सांड के हमले से महिला और सेवानिवृत्त रेल कर्मी की मौत</a></span></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>शाहजहाँपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/422810/shahjahanpur--50-bed-critical-unit-will-be-built-in-government-medical-college</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/422810/shahjahanpur--50-bed-critical-unit-will-be-built-in-government-medical-college</guid>
                <pubDate>Fri, 01 Dec 2023 21:01:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2023-12/whatsapp-image-2023-12-01-at-8.54.08-pm.jpeg"                         length="158695"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Haldwani News : राजकीय मेडिकल कॉलेज में 94 पद खाली, साक्षात्कार देने पहुंचा मात्र एक डॉक्टर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>राजकीय मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों (फैकल्टी) की कमी दूरी होने का नाम नहीं ले रही है। कॉलेज प्रबंधन ने विभिन्न विभागों में 94 डॉक्टरों के पदों पर रिक्तियां निकाली थीं। जिसमें मात्र 1 डॉक्टर की साक्षात्कार देने पहुंचा।</p>
<p>राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने प्रोफेसर के 10, एसोसिएट प्रोफेसर के 38 तथा असिस्टेंट प्रोफेसर के 46 पदों को भरने के लिए विज्ञप्ति निकाली थी। इसके लिए शनिवार को साक्षात्कार निर्धारित किए गए थे। </p>
<p>साक्षात्कार के लिए बनाई गई चयन समिति में हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय देहरादून के कुलपति डॉ. हेम चंद्रा, संयुक्त निदेशक प्रतिनिधि चिकित्सा शिक्षा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/371048/haldwani-news-only-one-doctor-arrived-to-interview-94-vacant"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-05/untitled-design-(25)2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>राजकीय मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों (फैकल्टी) की कमी दूरी होने का नाम नहीं ले रही है। कॉलेज प्रबंधन ने विभिन्न विभागों में 94 डॉक्टरों के पदों पर रिक्तियां निकाली थीं। जिसमें मात्र 1 डॉक्टर की साक्षात्कार देने पहुंचा।</p>
<p>राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने प्रोफेसर के 10, एसोसिएट प्रोफेसर के 38 तथा असिस्टेंट प्रोफेसर के 46 पदों को भरने के लिए विज्ञप्ति निकाली थी। इसके लिए शनिवार को साक्षात्कार निर्धारित किए गए थे। </p>
<p>साक्षात्कार के लिए बनाई गई चयन समिति में हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय देहरादून के कुलपति डॉ. हेम चंद्रा, संयुक्त निदेशक प्रतिनिधि चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र कुमार पंत व राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी शामिल रहे। </p>
<p>हैरान करने वाली बात यह है कि 94 रिक्त पदों के लिए मात्र 1 डॉक्टर ही असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर पैथोलॉजी विभाग में साक्षात्कार देने पहुंचा। प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि डॉक्टरों की कमी दूर करने के प्रयास किये जा रहे हैं। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- </strong><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/371031/haldwani-news-leopard-attacked-grandfather-grandson-seriously-injured-treatment-continues#gsc.tab=0">Haldwani News : तेंदुए ने दादा-पोते पर किया हमला, गंभीर रूप से घायल, इलाज जारी</a></p>
<div class="r-zbr7 post-meta pt-1pb-1 pl-2 pr-2">
<div>
<div class="row">
<div class="d-md-block col-md-6">
<div>
<div class="pbwidget w-ckx7 postdisplay_author"> </div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/371048/haldwani-news-only-one-doctor-arrived-to-interview-94-vacant</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/371048/haldwani-news-only-one-doctor-arrived-to-interview-94-vacant</guid>
                <pubDate>Sat, 20 May 2023 23:30:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2023-05/untitled-design-%2825%292.jpg"                         length="212247"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: मेडिकल कॉलेज की मजार, नहीं आया दावेदार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थित मजार पर मालिकाना हक को लेकर नोटिस चस्पा किया गया है। लेकिन छह दिन बीतने के बाद अब तक कोई दावेदार आगे नहीं आया है। दावेदारी के लिए आज शुक्रवार तक का समय है।<br />  </p>
<p>मेडिकल कॉलेज में स्थित मजार वर्षों पुरानी है। इसकी स्थापना कब, कैसे और किसने की इसके बारे में किसी को जानकारी नहीं है। प्रदेश में अवैध धार्मिक अवस्थापनाओं के निर्माण को लेकर चलाये जा रहे अभियान के तहत जिला प्रशासन के निर्देश पर 29 अप्रैल को कॉलेज प्रशासन मजार पर नोटिस चस्पा किया है।</p>
<p>नोटिस में मजार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/366188/claimant-did-not-come-to-the-tomb-of-haldwani-medical"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-05/06_08_2022-mbbs_student_files_molestation_case_22959806_22115652.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थित मजार पर मालिकाना हक को लेकर नोटिस चस्पा किया गया है। लेकिन छह दिन बीतने के बाद अब तक कोई दावेदार आगे नहीं आया है। दावेदारी के लिए आज शुक्रवार तक का समय है।<br /> </p>
<p>मेडिकल कॉलेज में स्थित मजार वर्षों पुरानी है। इसकी स्थापना कब, कैसे और किसने की इसके बारे में किसी को जानकारी नहीं है। प्रदेश में अवैध धार्मिक अवस्थापनाओं के निर्माण को लेकर चलाये जा रहे अभियान के तहत जिला प्रशासन के निर्देश पर 29 अप्रैल को कॉलेज प्रशासन मजार पर नोटिस चस्पा किया है।</p>
<p>नोटिस में मजार के स्वामित्व से संबंधित अभिलेख 7 दिन के अंदर कार्यालय प्राचार्य मेडिकल कॉलेज में जमा करने को कहा गया है। करीब 6 दिन बीत गए, लेकिन अभी तक कोई दावेदार नहीं पहुंचा है। शुक्रवार तक अगर कोई दावेदार नहीं पहुंचा तो कॉलेज प्रशासन रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज देगा। प्रशासन स्तर से आगे की कार्रवाई अमल में लाई जायेगी।</p>
<p><br /><strong><em>मेडिकल कॉलेज की मजार खसरा खतौनी में दर्ज है। कॉलेज प्रबंधन जो भी रिपोर्ट देगा, उस अनुसार कार्रवाई होगी।</em></strong><br /><strong><em>- ऋचा सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट</em></strong><br /><br /><strong>प्रशासन के आदेश पर नोटिस चस्पा किया गया है। अब तक किसी ने मजार से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए हैं। मामले में आगे की कार्रवाई प्रशासन करेगा।</strong><br /><strong>- डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य, </strong><strong>राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/366188/claimant-did-not-come-to-the-tomb-of-haldwani-medical</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/366188/claimant-did-not-come-to-the-tomb-of-haldwani-medical</guid>
                <pubDate>Fri, 05 May 2023 13:09:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2023-05/06_08_2022-mbbs_student_files_molestation_case_22959806_22115652.jpeg"                         length="74546"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        