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                <title>Education Department - Amrit Vichar</title>
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                <description>Education Department RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>UP:चार करोड़ सरेंडर, आठ हजार बच्चों की छात्रवृत्ति अटकी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> जनपद में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम आरटीई के तहत करीब आठ हजार बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति अब तक उनके खातों में नहीं पहुंच सकी है। हैरानी की बात यह है कि लगभग चार करोड़ की यह धनराशि समय रहते वितरित करने के बजाय 31 मार्च 2026 को सरेंडर कर दी गई।</p>
<p>शिकायतकर्ता आकांक्षा भारती की ओर से दी गई शिकायत में निजी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को पाठ्य पुस्तक और यूनिफॉर्म के लिए प्रति छात्र पांच हजार की दर से धनराशि दी जानी थी,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578611/%E2%82%B94-crore-surrendered--scholarships-for-8-000-children-stuck"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/chatra1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> जनपद में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम आरटीई के तहत करीब आठ हजार बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति अब तक उनके खातों में नहीं पहुंच सकी है। हैरानी की बात यह है कि लगभग चार करोड़ की यह धनराशि समय रहते वितरित करने के बजाय 31 मार्च 2026 को सरेंडर कर दी गई।</p>
<p>शिकायतकर्ता आकांक्षा भारती की ओर से दी गई शिकायत में निजी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को पाठ्य पुस्तक और यूनिफॉर्म के लिए प्रति छात्र पांच हजार की दर से धनराशि दी जानी थी, लेकिन चार महीने पहले फंड मिलने के बावजूद इसका भुगतान नहीं किया गया। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर दो बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ।</p>
<p>प्रकरण की शिकायत मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह से भी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से तीन दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है, जिसमें बच्चों की संख्या, भुगतान की स्थिति, बकाया कारण तथा चार करोड़ की धनराशि सरेंडर करने के निर्णय का पूरा विवरण देना होगा।</p>
<p> प्रशासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि लंबित भुगतान वाले बच्चों की पहचान कर जल्द समाधान किया जाए और आरटीई शिकायतों के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए। मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह ने कहा कि यह एक गंभीर प्रकरण है और शासन की मंशा के विपरीत कार्य किया गया है। इसमें कार्रवाई होना तय है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 16:11:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad: छात्रवृति के चार करोड़ रुपये लौटाए, मची खलबली, आठ हजार बच्च प्रभावित </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> जिले में शिक्षा विभाग की लापरवाही सामने आई है, जहां निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई 2009) के तहत करीब आठ हजार बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति अब तक उनके खातों में नहीं पहुंच सकी है। लगभग चार करोड़ रुपये की यह धनराशि समय रहते वितरित करने के बजाय 31 मार्च 2026 को सरेंडर कर दी गई।</p>
<p>शिकायतकर्ता आकांक्षा भारती की ओर से दी गई शिकायत में निजी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को पाठ्य पुस्तक और यूनिफॉर्म के लिए प्रति छात्र पांच हजार की दर से धनराशि दी जानी थी, लेकिन चार महीने पहले फंड</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578353/%E2%82%B94-crore-in-scholarship-funds-returned%E2%80%94sparks-uproar--8-000-children-affected"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/rs.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> जिले में शिक्षा विभाग की लापरवाही सामने आई है, जहां निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई 2009) के तहत करीब आठ हजार बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति अब तक उनके खातों में नहीं पहुंच सकी है। लगभग चार करोड़ रुपये की यह धनराशि समय रहते वितरित करने के बजाय 31 मार्च 2026 को सरेंडर कर दी गई।</p>
<p>शिकायतकर्ता आकांक्षा भारती की ओर से दी गई शिकायत में निजी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को पाठ्य पुस्तक और यूनिफॉर्म के लिए प्रति छात्र पांच हजार की दर से धनराशि दी जानी थी, लेकिन चार महीने पहले फंड मिलने के बावजूद इसका भुगतान नहीं किया गया। रिपोर्ट में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विमलेश का यह बयान भी सामने आया है कि जिन बच्चों को पैसा नहीं मिल सका, उन्हें अगले सत्र में दिया जाएगा। इसे विभागीय विफलता की स्वीकारोक्ति माना जा रहा है। </p>
<p>शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर दो बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ। उनका आरोप है कि उनके पुत्र, जो एक निजी विद्यालय में कक्षा सात में पढ़ते हैं, को छात्रवृत्ति नहीं मिली। कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद न तो अधिकारी मिलते हैं और न ही फोन उठाया जाता है। जिला समन्वयक पर भी अभद्र व्यवहार और लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। जबकि आरईटी अधिनियम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा में सहायता देना है, लेकिन इस तरह की लापरवाही अधिनियम की मूल भावना पर सवाल खड़े करती है।</p>
<p>मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से तीन दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है, जिसमें बच्चों की संख्या, भुगतान की स्थिति, बकाया कारण, तथा चार करोड़ की धनराशि सरेंडर करने के निर्णय का पूरा विवरण देना होगा। यह भी निर्देश दिए हैं कि लंबित भुगतान वाले बच्चों की पहचान कर जल्द समाधान किया जाए और आरटीई शिकायतों के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578353/%E2%82%B94-crore-in-scholarship-funds-returned%E2%80%94sparks-uproar--8-000-children-affected</link>
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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 14:08:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज : एक्शन में शिक्षा विभाग, अवैध संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया है और अवैध रूप से संचालित स्कूलों व कोचिंग संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। इस क्रम में 6 अप्रैल से 18 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत बिना मान्यता के संचालित स्कूलों और कोचिंग सेंटरों को चिह्नित किया जाएगा। साथ ही मान्यता प्राप्त विद्यालयों के ऐसे शिक्षकों पर भी कार्रवाई की जाएगी, जो निजी कोचिंग सेंटरों में पढ़ा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) और बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) की देखरेख में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578037/prayagraj--education-department-in-action%E2%80%94preparing-to-take-action-against-illegal-institutions"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया है और अवैध रूप से संचालित स्कूलों व कोचिंग संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। इस क्रम में 6 अप्रैल से 18 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत बिना मान्यता के संचालित स्कूलों और कोचिंग सेंटरों को चिह्नित किया जाएगा। साथ ही मान्यता प्राप्त विद्यालयों के ऐसे शिक्षकों पर भी कार्रवाई की जाएगी, जो निजी कोचिंग सेंटरों में पढ़ा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) और बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) की देखरेख में यह अभियान सख्ती से चलाया जा रहा है। 30 अप्रैल तक अभियान से संबंधित पूरी रिपोर्ट तैयार कर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज को भेजी जाएगी। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने प्रयागराज, वाराणसी सहित प्रदेश के सभी 75 जनपदों में इस अभियान को लागू करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अभियान के दौरान यह जानकारी एकत्र की जाएगी कि जनपद में कितने विद्यालय अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है, निजी कोचिंग में पढ़ाने वाले शिक्षकों की संख्या कितनी है और उनके विरुद्ध क्या कदम उठाए गए हैं। बोर्ड सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अभियान के बाद यदि कहीं प्राथमिक विद्यालयों में माध्यमिक स्तर की कक्षाएं या हाईस्कूल/इंटर कॉलेजों में प्राथमिक स्तर की अवैध कक्षाएं संचालित पाई जाती हैं, तो संबंधित डीआईओएस,बीएसए और खंड शिक्षा अधिकारी सीधे जिम्मेदार होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बिना वैधानिक मान्यता के शिक्षा देने वाले संस्थानों को तत्काल चिह्नित करने का निर्देश दिया था। इसी के अनुपालन में जिला विद्यालय निरीक्षक की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसमें डीआईओएस और खंड शिक्षा अधिकारी शामिल हैं। अभियान के तहत चिह्नित संस्थानों और संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 13:49:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शैक्षिक संस्थान लगाएंगे 44 लाख से अधिक पौधे... वर्ष 2026-27 में प्रदेश में होगा 35 करोड़ पौधों का रोपण</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मार्कण्डेय पाण्डेय, लखनऊ, अमृत विचार: </strong>पर्यावरण और पारिस्थितिकीय संतुलन को बनाए रखने के लिए वर्ष 2026-27 में प्रदेशभर में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य तय किया गया है। इसमें सभी शैक्षिक संस्थान कुल 44.2 लाख पौधों का रोपण करेंगे। भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट-2023 के अनुसार, प्रदेश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 9.96 प्रतिशत क्षेत्र वनावरण एवं वृक्षावरण से आच्छादित है। वर्ष 2021 के गणना की तुलना में वृक्षावरण और वनावरण में समेकित रूप से कुल 559.19 वर्ग किमी की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2026-2027 में प्रदेश के सभी विभाग मिलकर कुल 35 करोड़ पौधों का रोपण करेंगे।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577444/educational-institutions-will-plant-over-44-lakh-saplings----35-crore-saplings-will-be-planted-in-the-state-in-the-year-2026-27"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(43).png" alt=""></a><br /><p><strong>मार्कण्डेय पाण्डेय, लखनऊ, अमृत विचार: </strong>पर्यावरण और पारिस्थितिकीय संतुलन को बनाए रखने के लिए वर्ष 2026-27 में प्रदेशभर में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य तय किया गया है। इसमें सभी शैक्षिक संस्थान कुल 44.2 लाख पौधों का रोपण करेंगे। भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट-2023 के अनुसार, प्रदेश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 9.96 प्रतिशत क्षेत्र वनावरण एवं वृक्षावरण से आच्छादित है। वर्ष 2021 के गणना की तुलना में वृक्षावरण और वनावरण में समेकित रूप से कुल 559.19 वर्ग किमी की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2026-2027 में प्रदेश के सभी विभाग मिलकर कुल 35 करोड़ पौधों का रोपण करेंगे। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय ने अपने संबंद्ध संस्थानों को निर्देश जारी करते हुए प्रत्येक संस्थान में 500 पौधारोपण करने का लक्ष्य तय किया है।</p>
<p>प्रदेश भर में 1 जुलाई से 7 जुलाई तक वन महोत्सव मनाया जाएगा। इसी दौरान प्रदेश भर में पौधरोपण का कार्यक्रम सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर चलाएंगे। सामुदायिक भूमि, वन भूमि के अलावा किसानों की इच्छानुसार कृषि भूमि पर पौधरोपण किया जाएगा। इसके अलावा प्रमुख नदियों के किनारे, चारागाह भूमि, गौवंश शेल्टर की रिक्त भूमि पर रोपण किया जाएगा। पौधों की उपलब्धता के लिए जिला पौधरोपण समिति की बैठक से लेकर नर्सरियों में पौधों के अंकुरण, थैला भराई के समयबद्ध कार्यक्रम पहले से तय किए गए हैं।</p>
<p>पौधरोपण में स्थानीय प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाएगी। कुल पौधरोपण में 20 प्रतिशत फलदार वृक्ष इसके अलावा नीम, पाकड़, पीपल, बरगद, अर्जुन आदि को प्राथमिकता दी जाएगी। पारिस्थितिकीय तंत्र के अनुसार चंदन, खजूर, काला शीशम, गम्हार आदि पौधों का भी रोपण किया जाएगा।</p>
<h4><strong>शिक्षा विभाग के तय किए गए लक्ष्य</strong></h4>
<p><strong>-प्राथमिक शिक्षा- </strong>12.43 लाख</p>
<p><strong>-माध्यमिक शिक्षा- </strong>7.63 लाख</p>
<p><strong>-उच्च शिक्षा- </strong>18.54 लाख</p>
<p><strong>-प्राविधिक शिक्षा- </strong>5.06 लाख</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 10:57:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी में शिक्षा क्रांति का नया दौर: ‘स्कूल चलो’ अभियान तेज, डिजिटल कक्षाओं से गुणवत्ता में उछाल, रिक्त पदों को भरने के सख्त निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार : </strong>माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत सभी बच्चों को आंगनबाड़ी, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में समय पर नामांकित किया जाए और ड्रॉपआउट रोकने के लिए विशेष कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में पाठ्यपुस्तकों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।</span></p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">अपर मुख्य सचिव सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के मुख्य विकास अधिकारियों को शिक्षा विभाग की योजनाओं संबन्धी समीक्षा बैठक में संबोधित कर रहे थे। बैठक में उन्होंने प्रत्येक बच्चे का</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575374/a-new-era-of-education-revolution-in-up---school-chalo--campaign-intensifies--digital-classrooms-boost-quality--strict-instructions-to-fill-vacant-posts"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/स्कूली-बच्चे.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार : </strong>माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत सभी बच्चों को आंगनबाड़ी, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में समय पर नामांकित किया जाए और ड्रॉपआउट रोकने के लिए विशेष कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में पाठ्यपुस्तकों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।</span></p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">अपर मुख्य सचिव सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के मुख्य विकास अधिकारियों को शिक्षा विभाग की योजनाओं संबन्धी समीक्षा बैठक में संबोधित कर रहे थे। बैठक में उन्होंने प्रत्येक बच्चे का नामांकन सुनिश्चित करने, डिजिटल क्लासेस को प्रभावी बनाने और स्कूलों में समग्र शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दिया।</span></p>
<h3><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">विद्यालयों में रिक्त पदों को शीघ्र भरे</span></strong></h3>
<p>अपर मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि परियोजना अलंकार के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने तथा आवश्यक सामग्री की खरीद प्रक्रिया समय पर पूरी की जाए। इस समीक्षा बैठक में सभी अधिकारियों को स्पष्ट और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रदेश के सभी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 09:48:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शैक्षिक भ्रमण सर्वांगीण विकास में सहायक:   बीएसए, पहले चरण में 231 छात्राएं शामिल </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार। </strong>जनपद के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राओं का शैक्षिक भ्रमण गुरुवार को शुरू हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक और स्वदेश मिल्क प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पीयूष उपाध्याय ने बस को हरी झंडी दिखाकर किया। इस दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। पहले चरण में 231 छात्राएं रवाना हुईं।</p>
<p style="text-align:justify;">जनपद के 15 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की लगभग 1900 छात्राएं और शिक्षक-शिक्षिकाएं निर्धारित तिथियों में भ्रमण में शामिल होंगी। शासनादेश के तहत सुरक्षा के लिए प्रत्येक बस में दो महिला पुलिस कर्मियों और चिकित्सकीय टीम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/573456/educational-tours-help-in-all-round-development--bsa--231-girl-students-participated-in-the-first-phase"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/untitled-design-(51)3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार। </strong>जनपद के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राओं का शैक्षिक भ्रमण गुरुवार को शुरू हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक और स्वदेश मिल्क प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पीयूष उपाध्याय ने बस को हरी झंडी दिखाकर किया। इस दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। पहले चरण में 231 छात्राएं रवाना हुईं।</p>
<p style="text-align:justify;">जनपद के 15 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की लगभग 1900 छात्राएं और शिक्षक-शिक्षिकाएं निर्धारित तिथियों में भ्रमण में शामिल होंगी। शासनादेश के तहत सुरक्षा के लिए प्रत्येक बस में दो महिला पुलिस कर्मियों और चिकित्सकीय टीम की व्यवस्था की गई है। बीएसए नवीन कुमार पाठक ने कहा कि शैक्षिक भ्रमण से छात्राओं को व्यावहारिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक ज्ञान का प्रत्यक्ष अनुभव मिलता है, जो उनके सर्वांगीण विकास में सहायक है।</p>
<p style="text-align:justify;">पीयूष उपाध्याय ने बताया कि उनकी संस्था को करीब 400 बालिकाओं को स्कूल ड्रेस उपलब्ध कराने का अवसर मिला है, जो उनके आत्मविश्वास और सपनों को संबल देने का प्रयास है। इस अवसर पर डेटॉल हाइजीन एजुकेशन कार्यक्रम के प्रोजेक्ट ऑफिसर दिलीप सिंह, एमिली पॉल और डिस्ट्रिक्ट लीड अतुल तिवारी ने एक्सपोजर विजिट पर जा रही बालिकाओं को हाइजीन किट वितरित की। </p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम में जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) पुनीत मणि त्रिपाठी, ईएमआईएस इंचार्ज पंकज कुमार वर्मा, जिला समन्वयक पीएम पोषण पीयूष श्रीवास्तव, नंदन पाण्डेय, वार्डेन पूनम मिश्रा, विभा मिश्र, अभिषेक सिंह, चंद्रमौली मिश्रा, हरिशंकर मिश्रा, रामप्रकाश, राहुल शुक्ला और हृदेश कुमार सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/573447/up-tourism-shines-on-the-global-stage--itb-berlin-2026-showcases-cultural-heritage--landmark-sites--and-modern-tourism"><span class="t-red">वैश्विक मंच पर यूपी टूरिज्म का जलवा:</span> ITB Berlin-2026 में सांस्कृतिक विरासत, प्रमुख स्थलों और आधुनिक पर्यटन का भव्य प्रदर्शन </a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/573456/educational-tours-help-in-all-round-development--bsa--231-girl-students-participated-in-the-first-phase</link>
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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 19:04:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Good News: होली से पहले शिक्षा विभाग के कार्मिकों को मिलेगा वेतन, महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने जारी किया आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>होली पर्व से पहले प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों को वेतन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय, उत्तर प्रदेश की ओर से 24 फरवरी 2026 को जारी आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी कार्मिकों का वेतन 2 मार्च 2026 से पहले हर हाल में जारी कर दिया जाए।</p>
<p>महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनीका रानी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सभी कार्यालयों व निदेशालयों में कार्यरत स्थायी, संविदा, आउटसोर्स, शिक्षकीय एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की वेतन भुगतान प्रक्रिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/573387/good-news--education-department-employees-will-receive-their-salaries-before-holi--the-director-general-of-school-education-has-issued-an-order"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-03/सैलरी.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>होली पर्व से पहले प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों को वेतन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय, उत्तर प्रदेश की ओर से 24 फरवरी 2026 को जारी आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी कार्मिकों का वेतन 2 मार्च 2026 से पहले हर हाल में जारी कर दिया जाए।</p>
<p>महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनीका रानी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सभी कार्यालयों व निदेशालयों में कार्यरत स्थायी, संविदा, आउटसोर्स, शिक्षकीय एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की वेतन भुगतान प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वेतन भुगतान में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब को गंभीरता से लिया जाएगा। यदि किसी कर्मचारी का वेतन तकनीकी या दस्तावेजी कारणों से लंबित है, तो उसे तत्काल दूर कर भुगतान सुनिश्चित कराया जाए।</p>
<p>शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े करीब पांच लाख से अधिक शिक्षक और कर्मचारी कार्यरत हैं। समय से वेतन मिलने से कर्मचारियों को त्योहार की तैयारियों में राहत मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/573387/good-news--education-department-employees-will-receive-their-salaries-before-holi--the-director-general-of-school-education-has-issued-an-order</link>
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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 11:31:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बहराइच : कबाड़ी ने बेचीं छात्रों को निशुल्क वितरण वाली स्कूली पाठ्यपुस्तकें, चार लोगों पर कार्रवाई </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बहराइच।</strong> छात्रों को मुफ्त वितरण होने वाली सरकारी स्कूल की पाठ्यपुस्तकों की एक बड़ी खेप यहां एक कबाड़ी द्वारा बेच दी गई, जिसके बाद शिक्षा विभाग के चार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को जानकारी दी। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार को बताया कि 17 फरवरी को सूचना मिली कि बहराइच के दिलशाद अहमद नाम के कबाड़ी द्वारा सरकार की ओर से छात्रों को निःशुल्क बंटने वाली किताबें ट्रक पर लादी जा रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">त्रिपाठी ने कहा, ''हमने पुलिस बल के साथ टीम भेजी लेकिन तब तक ट्रक बहराइच से निकल चुका था, पीछा करके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/572364/bahraich--scrap-dealer-sells-school-textbooks-meant-for-free-distribution-to-students--action-taken-against-four-people"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-04/बेसिक-शिक्षा.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बहराइच।</strong> छात्रों को मुफ्त वितरण होने वाली सरकारी स्कूल की पाठ्यपुस्तकों की एक बड़ी खेप यहां एक कबाड़ी द्वारा बेच दी गई, जिसके बाद शिक्षा विभाग के चार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को जानकारी दी। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार को बताया कि 17 फरवरी को सूचना मिली कि बहराइच के दिलशाद अहमद नाम के कबाड़ी द्वारा सरकार की ओर से छात्रों को निःशुल्क बंटने वाली किताबें ट्रक पर लादी जा रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">त्रिपाठी ने कहा, ''हमने पुलिस बल के साथ टीम भेजी लेकिन तब तक ट्रक बहराइच से निकल चुका था, पीछा करके लखीमपुर में किताबों से लदे ट्रक को जब्त किया गया।'' उन्होंने बताया कि ट्रक में 10 टन से अधिक वजन की शिक्षा सत्र 2026-27 में बांटी जाने वाली किताबें बरामद हुई हैं। अधिकारी ने बताया कि ट्रक से बरामद कागजात के अनुसार बरामद पुस्तकें कबाड़ी द्वारा काशीपुर (उत्तराखंड) की एक कंपनी को बेची गई थीं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि बहराइच के बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह की तहरीर पर थाना रामगांव में आरोपी दिलशाद अहमद व मुरादाबाद निवासी ट्रक मालिक मोहम्मद असलम तथा अन्य संबंधित के विरुद्ध सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता के मद्देनजर एक समिति गठित कर जांच के आदेश दिए गये हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी दिलशाद अभी फरार है, पुलिस उसकी तलाश में लगी है। इस बीच, बहराइच के बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने बताया कि बहराइच में किताबों की गिनती पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि गिनती के उपरांत उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को मुफ्त बांटी जाने वाली 13595 पुस्तकें गायब मिली हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा सहायक कर्मी शफीक अहमद व आलोक कुमार के खिलाफ निलंबन की कार्यवाही की गई है। इसके अलावा निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण के लिए जिम्मेदार संविदा पर तैनात जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता आशुतोष सिंह तथा अनुदेशक अतुल कुमार सिंह की संविदा समाप्त की गयी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बहराइच</category>
                                            <category>देवीपाटन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/572364/bahraich--scrap-dealer-sells-school-textbooks-meant-for-free-distribution-to-students--action-taken-against-four-people</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/572364/bahraich--scrap-dealer-sells-school-textbooks-meant-for-free-distribution-to-students--action-taken-against-four-people</guid>
                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 20:31:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरटीई से फिर खुलेगा महंगे स्कूलों का दरवाजा : नामी निजी विद्यालयों में पढ़ सकेंगे गरीबों के बच्चे</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार :</strong> गरीबी से जूझते लेकिन नामी स्कूलों में पाल्यों को पढ़ाने की चाहत रखने वाले अभिभावकों की मुराद शिक्षा का अधिकार अधिनियम फिर पूरी करने वाला है। आवेदन प्रक्रिया 2 फरवरी से शुरु होगी। तीन चरणों में हजारों बच्चों को नामी गिरामी स्कूलों में दाखिला लेने व उच्च स्तर की पढ़ाई का मौका मिल सकेगा। </p>
<p style="text-align:justify;">बताते चलें कि निर्धनता से जूझ रहे अभिभावकों के लिए बड़े स्कूलों में पाल्यों को पढ़ाना किसी ख्वाब से कम नही लेकिन केन्द्र सरकार की शिक्षा का अधिकार अधिनियम ने माता पिता के अरमानों काे पंख लगा दिए हैं। करीब डेढ़ दशक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568609/span-classt-red-rte-will-open-the-doors-of-expensive-schools"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/आरटीई.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार :</strong> गरीबी से जूझते लेकिन नामी स्कूलों में पाल्यों को पढ़ाने की चाहत रखने वाले अभिभावकों की मुराद शिक्षा का अधिकार अधिनियम फिर पूरी करने वाला है। आवेदन प्रक्रिया 2 फरवरी से शुरु होगी। तीन चरणों में हजारों बच्चों को नामी गिरामी स्कूलों में दाखिला लेने व उच्च स्तर की पढ़ाई का मौका मिल सकेगा। </p>
<p style="text-align:justify;">बताते चलें कि निर्धनता से जूझ रहे अभिभावकों के लिए बड़े स्कूलों में पाल्यों को पढ़ाना किसी ख्वाब से कम नही लेकिन केन्द्र सरकार की शिक्षा का अधिकार अधिनियम ने माता पिता के अरमानों काे पंख लगा दिए हैं। करीब डेढ़ दशक से भी पुरानी इस योजना से अब तक हजारों बच्चे लाभान्वित हुए और जाने कितने पढ़ाई पूरी कर अब आगे बढ़ चुके हैं। इस साल फिर आईटीई ने अवसर प्रदान किया है। बाराबंकी नगर क्षेत्र के 29 वार्डों और 13 नगर पंचायतों में संचालित 242 निजी विद्यालय योजना में शामिल हैं। इन स्कूलों में 27,360 सीटें आरक्षित की गई हैं। इन सीटों पर निर्धन और वंचित परिवारों के बच्चों के लिए प्रवेश के रास्ते खुल गए हैं। प्रवेश प्रक्रिया दो फरवरी से शुरू होकर तीन चरणों में पूरी होगी। हर निजी विद्यालय में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित रखी जाएंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">पहले चरण में आवेदन 2 फरवरी से 16 फरवरी, लॉटरी 18 फरवरी व प्रवेश 20 फरवरी को होगा। दूसरे चरण में आवेदन 21 फरवरी से 7 मार्च, लॉटरी 9 मार्च तथा प्रवेश 11 मार्च को होगा, इसी तरह तीसरे चरण में आवेदन 12 मार्च से 25 मार्च, लाटरी 26 मार्च तथा प्रवेश 27 मार्च हो होगा। अभिभावक ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। जिसके लिए निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, बच्चे की फोटो, जन्म तिथि प्रमाण पत्र बीएसए या बीईओ कार्यालय में दस्तावेज़ जमा करना अनिवार्य होगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन पाठक ने बताया कि आरटीई के तहत तीन चरणों में आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। हमारा प्रयास है कि जिले का कोई भी पात्र बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।</p>
<h5>ये भी पढ़ें : <a href="https://www.amritvichar.com/article/568556/gold-silver-price--gold-and-silver-break-records----record-high-of-%E2%82%B91-58-lakh-per-10-grams--crosses--4800-in-the-global-market"><span class="t-red">Gold-Silver Price: </span>सोने-चांदी ने तोड़े रिकॉर्ड... 1.58 लाख प्रति 10 ग्राम; वैश्विक बाजार में 4800 डॉलर के पार </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 20:20:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाराबंकी शिक्षिका सुसाइड मामला : सीएम योगी ने सराहा, हेडमास्टर के तानों से हारी, कई बार की शिकायत, अनसुनी करता रहा विभाग</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> ज्ञान और संस्कार का मंदिर कहा गया विद्यालय समर्पित शिक्षिका की आख़िरी सांसों का गवाह बन गया। सबसे अहम पहलू यह कि सीएम योगी से प्रशंसित हुई शिक्षिका से हेडमास्टर के ताने और सहयोगियों की प्रताड़ना सहीं नहीं जा सकी। फिलहाल पति की तहरीर पर हेडमास्टर व सहायक अध्यापक पर मुकदमा दर्ज किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बताते चलें कि शहर कोतवाली क्षेत्र के माेहल्ला जलालपुर की रहने वाली एवं सतरिख थाना क्षेत्र स्थित उधवापुर कम्पोजिट विद्यालय में कार्यरत सहायक अध्यापिका उमा वर्मा ने स्कूल में मिल रही मानसिक प्रताड़ना से टूटकर हेडमास्टर के कार्यालय में फंदा लगाकर आत्महत्या</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568362/barabanki-teacher-suicide-case--cm-yogi-praises-her--she-succumbed-to-the-taunts-of-the-headmaster--complained-several-times"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/barabanki-teacher-suicide1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> ज्ञान और संस्कार का मंदिर कहा गया विद्यालय समर्पित शिक्षिका की आख़िरी सांसों का गवाह बन गया। सबसे अहम पहलू यह कि सीएम योगी से प्रशंसित हुई शिक्षिका से हेडमास्टर के ताने और सहयोगियों की प्रताड़ना सहीं नहीं जा सकी। फिलहाल पति की तहरीर पर हेडमास्टर व सहायक अध्यापक पर मुकदमा दर्ज किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बताते चलें कि शहर कोतवाली क्षेत्र के माेहल्ला जलालपुर की रहने वाली एवं सतरिख थाना क्षेत्र स्थित उधवापुर कम्पोजिट विद्यालय में कार्यरत सहायक अध्यापिका उमा वर्मा ने स्कूल में मिल रही मानसिक प्रताड़ना से टूटकर हेडमास्टर के कार्यालय में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस हृदयविदारक घटना ने न सिर्फ शिक्षा जगत को झकझोर दिया है, बल्कि सिस्टम की संवेदनहीनता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि उमा सहयोगियों के व्यवहार से खासी आहत थी और न सिर्फ उसने बल्कि पति की ओर से स्कूल से हटाए जाने की गुजारिश की जा चुकी थी पर विभाग ने अनसुनी कर दी। और तो और मानसिक रूप से प्रताड़ित, पीड़ित या सहयोगियों से परेशान कर्मियों की सुनवाई या काउंसिलिंग करने के लिए विभाग में कोई मंच भी नही। जिसके कारण ऐसे हादसे पहले भी सामने आए हैं और एक घटना और जुड़ गई।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/untitled7.jpg" alt="Untitled" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">उमा वर्मा सुसाइड प्रकरण में पति ऋषि कुमार वर्मा की तहरीर पर पुलिस ने विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्य सीतावती और सहायक अध्यापक सुशील कुमार वर्मा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सतरिख थाना प्रभारी डी.के. सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में जांच जारी है। साक्ष्यों के आधार पर अगर कोई दोषी मिलता है, तो उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सोशल मीडिया पर उड़ेलती थी पीड़ा </strong></h5>
<p style="text-align:justify;">उमा बच्चों को पूरे मनोयोग और ईमानदारी से पढ़ाती थी। इसका प्रमाण यह है कि छात्र-छात्राओं ने न सिर्फ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की बल्कि स्कूल के प्रोजेक्ट्स ने उच्च स्तर पर पहचान बनाई। इसी कार्य के लिए 11 नवंबर 2025 को बाराबंकी दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं उमा वर्मा की प्रशंसा की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोप है कि यही उपलब्धि कुछ लोगों को खटकने लगी। ईर्ष्या और दुर्भावना के चलते प्रधानाचार्य और एक सहायक अध्यापक ने उमा वर्मा को लगातार अपमानित करना और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। रोज़-रोज़ की फटकार, ताने और दबाव ने एक संवेदनशील शिक्षिका को अंदर से तोड़ दिया। उमा वर्मा ने अपनी पीड़ा कई बार सोशल मीडिया के जरिए भी जाहिर की थी। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>क्या बोले अधिकारी</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><em>जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक ने बताया कि प्रकरण की जांच के लिए त्रिस्तरीय जांच कमेटी बनाई गई है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><em>सतरिख थाना प्रभारी डी.के. सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में जांच जारी है। साक्ष्यों के आधार पर अगर कोई दोषी मिलता है, तो उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/568362/barabanki-teacher-suicide-case--cm-yogi-praises-her--she-succumbed-to-the-taunts-of-the-headmaster--complained-several-times</link>
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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 20:21:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP News: BLO ड्यूटी में शिक्षक... कैसे हो बच्चों की पढ़ाई! 24 जनवरी से होंगी परीक्षाएं</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में गत कई महीनो से चल रही उथल-पुथल से शिक्षा व्यवस्था बेपटरी होती जा रही है। शिक्षकों के गैर शैक्षणिक कार्यों में लगने से परिषदीय बच्चों की पढ़ाई या तो शिक्षामित्र या कुछ विद्यालयों में एक शिक्षक के भरोसे चल रही है। वर्ष 2025 में जून-जुलाई माह में हुई स्कूल पेयरिंग फिर टीईटी मुद्दा, ऑनलाइन हाजिरी के बाद अब सरप्लस समायोजन के चक्कर में शिक्षक खींचातानी में मानसिक तौर पर परेशान है जिसका असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले दो माह से चल रहे एसआईआर ड्यूटी में शिक्षक-शिक्षामित्र लगाए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567369/up-news--teachers-on-blo-duty----how-will-the-children-s-studies-continue"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(83)1.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में गत कई महीनो से चल रही उथल-पुथल से शिक्षा व्यवस्था बेपटरी होती जा रही है। शिक्षकों के गैर शैक्षणिक कार्यों में लगने से परिषदीय बच्चों की पढ़ाई या तो शिक्षामित्र या कुछ विद्यालयों में एक शिक्षक के भरोसे चल रही है। वर्ष 2025 में जून-जुलाई माह में हुई स्कूल पेयरिंग फिर टीईटी मुद्दा, ऑनलाइन हाजिरी के बाद अब सरप्लस समायोजन के चक्कर में शिक्षक खींचातानी में मानसिक तौर पर परेशान है जिसका असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले दो माह से चल रहे एसआईआर ड्यूटी में शिक्षक-शिक्षामित्र लगाए गए हैं। बीएलओ में ड्यूटी लगने से नौनिहालों की शिक्षा केवल कागजों पर चलती नजर आ रही है। कहीं एक शिक्षक, तो कहीं शिक्षामित्र के सहारे चल रहे स्कूल में बच्चे आते हैं और खेलकूद कर चले जाते हैं। जानकारों की माने तो अकेले लखनऊ में 3 हजार से अधिक शिक्षक व शिक्षामित्र बीएलओ ड्यूटी में लगाए गए हैं। शिक्षक संगठनों ने कई बार शिक्षकों को निर्वाचन ड्यूटी से हटाने की मांग की लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इसे नकारते नजर आए। इतना ही नहीं, बीएलओ के साथ शिक्षक बोर्ड परीक्षा ड्यूटी, प्रतियोगिता परीक्षाएं, पल्स पोलियो जैसे सैकड़ो गैर शैक्षणिक कार्य में लगा दिए जाते हैं जिससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>24 जनवरी से होंगी परीक्षाएं</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">परिषदीय विद्यालयों में 24 जनवरी से द्वितीय सत्र परीक्षाएं आरंभ हो रही हैं। उसके बाद 27 जनवरी से निपुण आंकलन होना है, लेकिन प्रश्न यह है कि जब विद्यालय में शिक्षक ही नहीं हैं तो परीक्षाएं और आंकलन कैसे होगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षक का मूल कार्य अध्यापन करना है किंतु आज इनसे शिक्षण कार्य के अतिरिक्त सारे गैर शैक्षणिक कार्य कराए जा रहे हैं। शिक्षक के आवाज उठाने पर अधिकारी वेतन रोकने, सस्पेंड करने जैसी मानसिक प्रताड़ना देते हैं। बच्चों की शिक्षा संवैधानिक अधिकार है लेकिन उनकी शिक्षा को प्राथमिकता न देकर अन्य कार्यों को कराया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-सुशील कुमार पाण्डेय, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/567369/up-news--teachers-on-blo-duty----how-will-the-children-s-studies-continue</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/567369/up-news--teachers-on-blo-duty----how-will-the-children-s-studies-continue</guid>
                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 11:04:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ : आठवीं कक्षा तक के स्कूल 8 तक रहेंगे बंद</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong> शीतलहर और घना कोहरा के साथ ही मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए प्री-प्राइमरी से कक्षा आठ तक संचालित समस्त विद्यालयों को 8 जनवरी तक बंद रखा जाएगा। इस आशय का आदेश जिलाधिकारी कार्यालय से जारी किया गया है। जबकि कक्षा 9 से कक्षा 12 तक की कक्षाएं सुबह 10 बजे से अपराह्न 3 बजे तक संचालित की जाएंगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पहाड़ों वाली सर्दी से कंपकपा रहा उत्तर प्रदेश</strong></p>
<p style="text-align:justify;">पहाड़ों वाली सर्दी से उत्तर प्रदेश कंपकपा रहा है। पहाड़ों पर बर्फबारी के बाद उधर से होकर आ रही तेज उत्तर पश्चिमी हवा ने कंपा दिया है। मौसम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566452/span-classt-redlucknow-span-schools-up-to-class-8th-will-remain"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-08/स्कूल-बंद.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong> शीतलहर और घना कोहरा के साथ ही मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए प्री-प्राइमरी से कक्षा आठ तक संचालित समस्त विद्यालयों को 8 जनवरी तक बंद रखा जाएगा। इस आशय का आदेश जिलाधिकारी कार्यालय से जारी किया गया है। जबकि कक्षा 9 से कक्षा 12 तक की कक्षाएं सुबह 10 बजे से अपराह्न 3 बजे तक संचालित की जाएंगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पहाड़ों वाली सर्दी से कंपकपा रहा उत्तर प्रदेश</strong></p>
<p style="text-align:justify;">पहाड़ों वाली सर्दी से उत्तर प्रदेश कंपकपा रहा है। पहाड़ों पर बर्फबारी के बाद उधर से होकर आ रही तेज उत्तर पश्चिमी हवा ने कंपा दिया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 10 जनवरी तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में कोहरे व सर्दी का ऑरेंज से यलो अलर्ट रहेगा। राजधानी समेत प्रदेशभर में ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी प्रमुख चौराहों और गांवों में अलाव जलाने के निर्देश दिए है। इस बीच विभिन्न शहरों में दिन के समय अधिकतम पारा लगभग 19 और रात में 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरने का अनुमान है।</p>
<p style="text-align:justify;">सोमवार को कई जिलों में सुबह के समय विजिबिलिटी न के बराबर पायी गई। मौसम विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक आगामी एक हफ्ते तक कोई राहत नहीं मिलने वाली है। इस दौरान सुबह और रात के वक्त घना कोहरा छाया रहेगा। लखनऊ समेत प्रदेशभर में ठंड को देखते हुए स्थानीय जिला प्रशासन ने सभी प्रमुख चौराहों और गांवों में अलाव जलाने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मंगलवार को कानपुर, इटावा, बाराबंकी, हरदोई और शाहजहांपुर जैसे जिलों में न्यूनतम तापमान काफी कम रह सकता है। इन इलाकों में पारा 3 से 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा, जबकि बाराबंकी, कानपुर जैसे शहरों में ठंड का असर सबसे अधिक दिख सकता है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिमी और तराई क्षेत्रों के कई जिलों, खासकर कानपुर, बाराबंकी और पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में घना कोहरा और शीतलहर के कारण तापमान में भारी गिरावट आई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.amritvichar.com/article/566396/good-news-for-the-youth--candidates-will-get-a-3-year-age-relaxation-in-police-constable-recruitment--cm-yogi-makes-a-big-announcement#gsc.tab=0">युवाओं के लिए खुशखबरी : सिपाही भर्ती में अभ्यर्थियों को मिलेगी उम्र में 3 साल की छूट, सीएम योगी का बड़ा ऐलान</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/566452/span-classt-redlucknow-span-schools-up-to-class-8th-will-remain</link>
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                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 21:01:58 +0530</pubDate>
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