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                <title>Revenue Department - Amrit Vichar</title>
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                <description>Revenue Department RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Moradabad: काली माता मंदिर भूमि पैमाइश की रिपोर्ट आने में होगी देरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> लालबाग स्थित प्राचीन काली माता मंदिर की जमीन की पैमाइश के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट में देरी हो गई है। पहले यह रिपोर्ट सोमवार तक आने की संभावना जताई गई थी, लेकिन अब राजस्व विभाग ने इसके बुधवार तक जारी होने की उम्मीद जताई है।</p>
<p>राजस्व विभाग की टीम ने शनिवार को राजस्व निरीक्षक ब्रह्मपाल सिंह के नेतृत्व में काली मंदिर परिसर और उससे संबंधित भूमि की पैमाइश की थी। इस दौरान अभिलेखों में दर्ज जमीन और मौके की स्थिति का मिलान किया गया था। विभाग की ओर से बताया गया था कि पूरी प्रक्रिया की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578696/delay-expected-in-the-release-of-the-kali-mata-temple-land-measurement-report"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/mandir2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> लालबाग स्थित प्राचीन काली माता मंदिर की जमीन की पैमाइश के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट में देरी हो गई है। पहले यह रिपोर्ट सोमवार तक आने की संभावना जताई गई थी, लेकिन अब राजस्व विभाग ने इसके बुधवार तक जारी होने की उम्मीद जताई है।</p>
<p>राजस्व विभाग की टीम ने शनिवार को राजस्व निरीक्षक ब्रह्मपाल सिंह के नेतृत्व में काली मंदिर परिसर और उससे संबंधित भूमि की पैमाइश की थी। इस दौरान अभिलेखों में दर्ज जमीन और मौके की स्थिति का मिलान किया गया था। विभाग की ओर से बताया गया था कि पूरी प्रक्रिया की रिपोर्ट तैयार कर सोमवार तक प्रस्तुत कर दी जाएगी। राजस्व निरीक्षक ब्रह्मपाल सिंह ने बताया कि रिपोर्ट अभी पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी है। </p>
<p>मापन से जुड़े आंकड़ों और अभिलेखों का मिलान किया जा रहा है, जिसके चलते थोड़ा समय लग रहा है। अब रिपोर्ट के बुधवार तक जारी होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट तैयार होने के बाद मंदिर की भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद या भ्रम की स्थिति से बचा जा सकेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 11:07:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad: प्राचीन काली माता मंदिर की जमीन की पैमाइश पूरी...अब रिपोर्ट का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>लालबाग स्थित प्राचीन काली माता मंदिर में शनिवार को राजस्व विभाग की टीम ने जमीन की पैमाइश की। राजस्व निरीक्षक ब्रह्मपाल सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम में लेखपाल देशराज, जितेंद्र और राकेश चौहान शामिल रहे। टीम ने सुबह से लेकर दोपहर तक मंदिर परिसर और उससे संबंधित भूमि की पैमाइश की। पैमाइश की रिपोर्ट सोमवार तक आने की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p>राजस्व निरीक्षक ब्रह्मपाल सिंह ने बताया कि यह पैमाइश जूना अखाड़े के अभिलेखों में दर्ज भूमि के आधार पर कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि अभिलेखों में मंदिर की जितनी जमीन दर्ज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578423/measurement-of-the-ancient-kali-mata-temple-land-completed----now-awaiting-the-report"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/mandir1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>लालबाग स्थित प्राचीन काली माता मंदिर में शनिवार को राजस्व विभाग की टीम ने जमीन की पैमाइश की। राजस्व निरीक्षक ब्रह्मपाल सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम में लेखपाल देशराज, जितेंद्र और राकेश चौहान शामिल रहे। टीम ने सुबह से लेकर दोपहर तक मंदिर परिसर और उससे संबंधित भूमि की पैमाइश की। पैमाइश की रिपोर्ट सोमवार तक आने की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p>राजस्व निरीक्षक ब्रह्मपाल सिंह ने बताया कि यह पैमाइश जूना अखाड़े के अभिलेखों में दर्ज भूमि के आधार पर कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि अभिलेखों में मंदिर की जितनी जमीन दर्ज है, वास्तविक स्थिति में उतनी भूमि मौजूद है या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए यह कार्रवाई की गई है। पूरी पैमाइश की रिपोर्ट तैयार कर सोमवार तक अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर दी जाएगी।</p>
<p>इस कार्रवाई को मंदिर की भूमि संबंधी स्थिति स्पष्ट करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद या भ्रम की स्थिति को दूर करने में मदद मिलेगी।<br />वहीं, मंदिर से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम भी जारी हैं। महंत महाकाल गिरि ने बताया कि रविवार को मंदिर परिसर में साधु-महात्माओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जूना अखाड़ा के प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि भी मौजूद रहेंगे।</p>
<p><strong>पैमाइश के दौरान महिलाओं ने किया विरोध</strong><br />राजस्व विभाग की टीम जब मंदिर परिसर के बाहर पैमाइश के लिए पहुंची तो आसपास की कुछ महिलाओं ने इसका विरोध किया। दरअसल, मंदिर के बाहर स्थानीय लोगों की प्रसाद, फूल और श्रृंगार सामग्री की दुकानें लगी हुई हैं। महिलाओं को आशंका थी कि पैमाइश के चलते उनके रोजगार पर असर पड़ सकता है। टीम लौटकर दोबारा मंदिर परिसर में पैमाइश के लिए आ गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 13:03:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: सीएम ग्रिड की राह से हटेंगे अवैध कब्जे, फिर लाल निशान लगाए</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> नगर निगम की निर्माण, मानचित्रकार और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने कोहाड़ापीर चौक से धर्मकांटा चौराहे तक रोड के दोनों तरफ जमीन की पैमाइश करते हुए उन स्थानों को दोबारा चिह्नित किया, जहां पहले भी निशान लगाए गए थे। नए सिरे से गहरे लाल निशान लगाकर निगम ने यह स्पष्ट किया कि सड़कों के चौड़ीकरण के बीच आने वाले किसी भी अवैध निर्माण को अब बख्शा नहीं जाएगा।</p>
<p>अधिशासी अभियंता राजीव राठी ने बताया कि दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समय के भीतर स्वयं अपने अवैध निर्माण हटा लें।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578097/illegal-encroachments-will-be-cleared-from-the-cm-grid-route--red-markings-have-been-applied-once-again"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/cm.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> नगर निगम की निर्माण, मानचित्रकार और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने कोहाड़ापीर चौक से धर्मकांटा चौराहे तक रोड के दोनों तरफ जमीन की पैमाइश करते हुए उन स्थानों को दोबारा चिह्नित किया, जहां पहले भी निशान लगाए गए थे। नए सिरे से गहरे लाल निशान लगाकर निगम ने यह स्पष्ट किया कि सड़कों के चौड़ीकरण के बीच आने वाले किसी भी अवैध निर्माण को अब बख्शा नहीं जाएगा।</p>
<p>अधिशासी अभियंता राजीव राठी ने बताया कि दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समय के भीतर स्वयं अपने अवैध निर्माण हटा लें। अगर निगम की ओर से कार्रवाई की गई तो इसका खर्च भी संबंधित व्यक्ति से वसूला जाएगा। सीएम ग्रिड योजना का उद्देश्य शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली सड़कों को मानक के अनुरूप चौड़ा करना है, ताकि भविष्य में ट्रैफिक की समस्या जड़ से खत्म हो सके। शहर के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों में कोई अवरोध स्वीकार्य नहीं होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 09:03:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फर्जी आईबी अफसर गिरफ्तार, पुलिस, शिक्षा और राजस्व विभाग में अवैध कार्य कराने का बना रहा था दवाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) के फर्जी डिप्टी डायरेक्टर को एसटीएफ ने बिजनौर से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से आईबी और एनएसए दिल्ली के फर्जी कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोप है कि गिरफ्तार अभियुक्त मनोज चौहान खुद को आईबी का अफसर बताकर पुलिस और प्रशासन के अफसरों पर अवैध कार्य कराने का दवाब बना रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">एसटीएफ प्रवक्ता के मुताबिक, सूचना मिली कि पिछले कुछ दिनों से मनोज चौहान नामक व्यक्ति खुद को आईबी का डिप्टी डायरेक्टर बता कर बिजनौर में घूम रहा है। वह पुलिस, राजस्व और शिक्षा समेत अन्य विभागों के अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570434/fake-ib-officer-arrested-for-pressuring-officials-in-the-police--education--and-revenue-departments-to-carry-out-illegal-activities"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/arest2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) के फर्जी डिप्टी डायरेक्टर को एसटीएफ ने बिजनौर से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से आईबी और एनएसए दिल्ली के फर्जी कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोप है कि गिरफ्तार अभियुक्त मनोज चौहान खुद को आईबी का अफसर बताकर पुलिस और प्रशासन के अफसरों पर अवैध कार्य कराने का दवाब बना रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">एसटीएफ प्रवक्ता के मुताबिक, सूचना मिली कि पिछले कुछ दिनों से मनोज चौहान नामक व्यक्ति खुद को आईबी का डिप्टी डायरेक्टर बता कर बिजनौर में घूम रहा है। वह पुलिस, राजस्व और शिक्षा समेत अन्य विभागों के अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों तक को फोन कर अवैध कार्य कराने का दबाव बनाता है। सभी से खुद को आईबी का डिप्टी डायरेक्टर बनाकर ही मुलाकात भी करता है। वह सफेद रंग की इंगनिस कार लेकर चलता है।</p>
<p style="text-align:justify;">एसटीएफ ने दिल्ली स्थित इंटेलीजेंस विभाग में संपर्क किया तो पता चला कि बिजनौर में किसी भी अधिकारी की तैनाती नहीं की गई है। इसके बाद एसटीएफ के एडीशनल एसपी ब्रजेश कुमार सिंह ने टीम के साथ बिजनौर में डेरा डाल दिया। शुक्रवार की रात को उन्हें पता चला कि कथित आईबी अधिकारी बिजनौर के कस्बा धामपुर स्थित साकेत बिहार कालोनी में है। एसटीएफ ने जाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">पहले तो उसने एसटीएफ को भी दबाव में लेने का प्रयास किया, लेकिन एक नहीं चली। उसके गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो वह टूट गया। उसने अपना नाम मनोज चौहान पुत्र नरेन्द्र सिंह चौहान निवासी त्रिलोकवाला, थाना नगीना बताया। मौजूदा समय में वह कस्बा धामपुर के मोहल्ला साकेत बिहार कालोनी में रह रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से दो मोबाइल, आईबी और एनएसए दिल्ली के दो फर्जी परिचय पत्र और एक कार यूपी 20 सीएच 6789 को बरामद किया है। एसटीएफ ने थाना धामपुर में मुकदमा कायम कर गिरफ्तार कर लिया।</p>
<h5 style="text-align:justify;">एमएससी पास अभियुक्त चलाता है मेडिकल एजेंसी</h5>
<p style="text-align:justify;">गिरफ्तार अभियुक्त मनोज चौहान एमएससी है। उसकी पत्नी के नाम पर अपोलो मेडीकल एजेंसी का लाइसेंस है, जिसे वह चलाता है। अभियुक्त के गांव में उसके पिता एक जूनियर हाईस्कूल चलाते हैं। उसने गांव वालों और परिचितों को बता रखा था कि वह आईबी में डिप्टी डायरेक्टर बन गया है। पढ़ा-लिखा था तो गांव वालों को भी उसकी बातों पर भरोसा हो गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/570434/fake-ib-officer-arrested-for-pressuring-officials-in-the-police--education--and-revenue-departments-to-carry-out-illegal-activities</link>
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                <pubDate>Sat, 07 Feb 2026 20:44:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्व भवनों के निर्माण को मिली रफ्तार, आधारभूत ढांचे पर फोकस, कार्मिकों के लिए बनेंगे आवास</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश में राजस्व विभाग की आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न मंडलों, जनपदों और तहसीलों में राजस्व विभाग से जुड़े कार्यालयी एवं आवासीय भवनों के निर्माण और मरम्मत कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 196.39 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिससे निर्माण कार्यों को गति मिली है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से जहां राजस्व विभाग का कार्य अधिक सुचारू और प्रभावी होगा, वहीं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569555/construction-of-revenue-buildings-gains-momentum--focus-on-infrastructure--housing-to-be-built-for-employees"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(2)14.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश में राजस्व विभाग की आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न मंडलों, जनपदों और तहसीलों में राजस्व विभाग से जुड़े कार्यालयी एवं आवासीय भवनों के निर्माण और मरम्मत कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 196.39 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिससे निर्माण कार्यों को गति मिली है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से जहां राजस्व विभाग का कार्य अधिक सुचारू और प्रभावी होगा, वहीं आम नागरिकों को भी राजस्व से जुड़ी सेवाओं में बेहतर सुविधा मिल सकेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">राजस्व प्रशासन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रदेश की कई तहसीलों में नए राजस्व भवनों का निर्माण किया जा रहा है। सोनभद्र की ओबरा तहसील, अमरोहा जनपद की अमरोहा और नौगावां सादात तहसील, सिद्धार्थनगर की नौगढ़ तहसील, औरैया की विधूना तहसील और मैनपुरी की कुरावली तहसील में निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा गाजियाबाद की लोनी और जालौन की उरई तहसील में भी राजस्व भवनों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से कुछ भवन लगभग पूर्ण हो चुके हैं, जबकि शेष कार्य शीघ्र पूरा करने की दिशा में कार्यदायी संस्थाएं तेजी से जुटी हैं। ये सभी भवन आधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगे, जहां एक ही छत के नीचे राजस्व संबंधी सभी कार्य संपादित किए जा सकेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी क्रम में गोरखपुर, मेरठ और संभल में कलेक्ट्रेट भवनों के निर्माण और मरम्मत का कार्य भी प्रगति पर है। शासन का जोर केवल कार्यालयी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाओं के विस्तार पर भी है। बाराबंकी में जिलाधिकारी आवास की मरम्मत, अयोध्या में राजस्व अधिकारियों के लिए टाइप-4 आवासों का निर्माण और बस्ती की तहसील हरैया में आवासीय भवनों के नए कार्य शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश सरकार ने नए प्रोजेक्ट्स को भी स्वीकृति दी है। महाराजगंज जनपद मुख्यालय पर बहुउद्देशीय ऑडिटोरियम हॉल के निर्माण के लिए धनराशि आवंटित की जा चुकी है और कार्य प्रारंभ हो गया है। इसके अतिरिक्त मिर्जापुर में कलेक्ट्रेट के पुनर्निर्माण, कानपुर सदर, चंदौली की पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर तथा गाजीपुर की कासिमाबाद और सेवरई तहसीलों के भवन निर्माण प्रस्तावों पर भी तेजी से कार्यवाही चल रही है। शासन का लक्ष्य है कि मजबूत अधोसंरचना के माध्यम से राजस्व प्रशासन को अधिक सक्षम, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाया जाए।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/569546/ayodhya-to-be-decorated-for-hindu-new-year--president-to-visit-on-march-19---will-offer-prayers-at-ramlala-temple"><span class="t-red">हिंदू नववर्ष पर सजेगी रामनगरी, </span>19 मार्च को अयोध्या आएंगी राष्ट्रपति...करेंगी रामलला का दर्शन-पूजन </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/569555/construction-of-revenue-buildings-gains-momentum--focus-on-infrastructure--housing-to-be-built-for-employees</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/569555/construction-of-revenue-buildings-gains-momentum--focus-on-infrastructure--housing-to-be-built-for-employees</guid>
                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 11:17:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखीमपुर खीरी: पांच हजार की रिश्वत लेते कानूनगो एंटी करप्शन के हत्थे चढ़ा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मोहम्मदी, अमृत विचार।</strong> मोहम्मदी तहसील में उस समय हड़कंप मच गया। जब एंटी करप्शन टीम ने एक कानूनगो को रिश्वत लेते हुए उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से पूरे राजस्व विभाग में खलबली मच गई और बड़ी संख्या में लेखपाल मोहम्मदी कोतवाली पहुंच गए।</p>
<p>मोहम्मदी के मोहल्ला बाजार गंज निवासी घनश्याम पाठक ने दो दिन पूर्व एंटी करप्शन विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनकी भूमि की मेड़बंदी के मामले में कानूनगो भूपेंद्र द्वारा कार्य कराने के एवज में पांच हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568717/lakhimpur-kheri-lawman-caught-taking-bribe-of-five-thousand-rupees"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/228.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मोहम्मदी, अमृत विचार।</strong> मोहम्मदी तहसील में उस समय हड़कंप मच गया। जब एंटी करप्शन टीम ने एक कानूनगो को रिश्वत लेते हुए उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से पूरे राजस्व विभाग में खलबली मच गई और बड़ी संख्या में लेखपाल मोहम्मदी कोतवाली पहुंच गए।</p>
<p>मोहम्मदी के मोहल्ला बाजार गंज निवासी घनश्याम पाठक ने दो दिन पूर्व एंटी करप्शन विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनकी भूमि की मेड़बंदी के मामले में कानूनगो भूपेंद्र द्वारा कार्य कराने के एवज में पांच हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही है। एंटी करप्शन टीम ने शिकायत की गोपनीय जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए। गुरुवार को योजनाबद्ध तरीके से एंटी करप्शन टीम मोहम्मदी पहुंची और कानूनगो भूपेंद्र को उनके आवास से हिरासत में ले लिया। इसके बाद टीम उन्हें मोहम्मदी कोतवाली ले आई, जहां करीब पांच घंटे तक पूछताछ की गई। कानूनगो की गिरफ्तारी की सूचना फैलते ही तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कई लेखपाल कोतवाली पहुंचकर जानकारी लेने लगे। बताया गया कि लेखपालों ने एंटी करप्शन टीम से बातचीत कर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने किसी भी तरह की चर्चा से इनकार करते हुए कार्रवाई को पूरी तरह साक्ष्य आधारित बताया। देर शाम आरोपी कानूनगो को मेडिकल परीक्षण के लिए मोहम्मदी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकीय जांच कराई गई। मोहम्मदी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक उमेश चंद चौरसिया ने बताया कि अभी तक मामले में कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलते ही नियमानुसार रिपोर्ट दर्ज दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। एंटी करप्शन की इस कार्रवाई के बाद तहसील परिसर में दिनभर चर्चाओं का दौर चलता रहा। वहीं आम जनता ने भ्रष्टाचार के खिलाफ इस कार्रवाई को सकारात्मक कदम बताते हुए संतोष जताया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखीमपुर खीरी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/568717/lakhimpur-kheri-lawman-caught-taking-bribe-of-five-thousand-rupees</link>
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                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 19:57:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : ट्रैक्टर ट्रॉली और डंपर से हो रहा अवैध खनन...सड़कें हो गईं जर्जर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बिथरी चैनपुर, अमृत विचार।</strong> क्षेत्र में अवैध खनन का खेल खाकी-खादी की मिलीभगत से चल रहा है। खनन और राजस्व विभाग की खामोशी पर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं। वहीं अवैध खनन में लगी ट्रैक्टर ट्राली से यह कोई पहला हादसा नहीं है। इससे पहले भी क्षेत्र में कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।</p>
<p>  क्षेत्र के बहगुलपुर, फतेहपुर, सहजनपुर, बिहारीपुर, मेहतरपुर, खजुरिया संपत समेत कई गांवों में पिछले कई महीनों से अवैध किया जा रहा है। इसके साथ खनन में लगीं ट्रैक्टर ट्रॉली और डंपर से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों की ओर से इसकी शिकायतें आईजीआरएस और लिखित रूप में</p>
<p>गुड्डू</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567065/illegal-mining-is-being-carried-out-using-tractor-trolleys-and-dumpers---the-roads-have-become-dilapidated"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/tractor.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बिथरी चैनपुर, अमृत विचार।</strong> क्षेत्र में अवैध खनन का खेल खाकी-खादी की मिलीभगत से चल रहा है। खनन और राजस्व विभाग की खामोशी पर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं। वहीं अवैध खनन में लगी ट्रैक्टर ट्राली से यह कोई पहला हादसा नहीं है। इससे पहले भी क्षेत्र में कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।</p>
<p> क्षेत्र के बहगुलपुर, फतेहपुर, सहजनपुर, बिहारीपुर, मेहतरपुर, खजुरिया संपत समेत कई गांवों में पिछले कई महीनों से अवैध किया जा रहा है। इसके साथ खनन में लगीं ट्रैक्टर ट्रॉली और डंपर से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों की ओर से इसकी शिकायतें आईजीआरएस और लिखित रूप में भी लगातार की जाती रहीं हैं, लेकिन अधिकारियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर अवैध खनन पर कार्रवाई होती तो मां बेटी की जान बच जाती। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ दिन पहले राजस्व विभाग के अधिकारी गांव में आए थे। इस बीच अवैध खनन बंद रहा मगर उनके जाते ही फिर शुरू हो गया।</p>
<p>गुड्डू ने बताया कि गांव और आसपास के गांवों में पिछले तीन साल से लगातार अवैध खनन हो रहा है। कई बार इसकी शिकायत अधिकारियों से की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। सड़कों पर गहरे गड्ढे और उड़ती धूल से लोग परेशान हैं। थानेस्वर ने बताया कि अवैध खनन में चल रहे डंपर और ट्रैक्टर ट्राली ओवरलोड मिट्टी भरकर ले जाते हैं। गांव की सड़कें जर्जर हो गयी हैं। इन पर चलना मुश्किल है। मगर जिम्मेदार खामोश हैं। रामनिवास ने बताया कि अधिकारियों से शिकायत करो तो वे कार्रवाई करने को कहते हैं, लेकिन, करते नहीं। जिसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ता है। अवैध खनन क्षेत्र की बड़ी समस्या बन चुकी है। जिसपर लगाम लगनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/567065/illegal-mining-is-being-carried-out-using-tractor-trolleys-and-dumpers---the-roads-have-become-dilapidated</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/567065/illegal-mining-is-being-carried-out-using-tractor-trolleys-and-dumpers---the-roads-have-become-dilapidated</guid>
                <pubDate>Sat, 10 Jan 2026 12:00:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फाइक एन्क्लेव : राजस्व विभाग ने तेज की सीलिंग भूमि की जांच, सीलिंग भूमि के कई गाटों पर किया गया कब्जा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>बवाल कराने के मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा खां की गिरफ्तारी के बाद उनके करीबियों की अचल संपत्तियों पर की जा रही कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग ने चर्चित फाइक एन्क्लेव कालोनी में सीलिंग भूमि की जांच तेज कर दी है। तहसील सदर की टीम से जांच कराने के बाद फिर सीलिंग भूमि को लेकर गहनता से जांच की जा रही है।</p>
<p>जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि फाइक एन्क्लेव में सीलिंग और बीडीए की भूमि के संबंध में गहनता से जांच की जा रही है। सीलिंग भूमि के कई गाटों की भूमि पर आशंकि कब्जे की बात</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566669/the-revenue-department-has-intensified-the-investigation-into-ceiling-land--and-several-plots-of-ceiling-land-have-been-encroached-upon"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/fike.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>बवाल कराने के मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा खां की गिरफ्तारी के बाद उनके करीबियों की अचल संपत्तियों पर की जा रही कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग ने चर्चित फाइक एन्क्लेव कालोनी में सीलिंग भूमि की जांच तेज कर दी है। तहसील सदर की टीम से जांच कराने के बाद फिर सीलिंग भूमि को लेकर गहनता से जांच की जा रही है।</p>
<p>जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि फाइक एन्क्लेव में सीलिंग और बीडीए की भूमि के संबंध में गहनता से जांच की जा रही है। सीलिंग भूमि के कई गाटों की भूमि पर आशंकि कब्जे की बात सामने आई है। जांच टीम अभिलेख खंगाल रही है। अभिलेखों का मिलान कराने के बाद सीलिंग भूमि पर कब्जा मिला तो उसे मुक्त कराएंगे। इस दौरान डीएम ने बताया कि एक और अवैध संपत्ति पर छह-सात दिन में कार्रवाई होगी। अवैध संपत्ति पर बुलडोजर चलेगा। रणनीति तैयार की जा रही है। शहरी क्षेत्र में कई संपत्तियां बिना नक्शे के बनी होने की वजह से सील हैं, उनमें से एक संपत्ति पर कार्रवाई होने की बात कही जा रही है।</p>
<p>दरअसल, पिछले साल अक्टूबर माह में फाइक एन्क्लेव कालोनी में तहसील सदर, बीडीए व पुलिस ने जांच की, उस दौरान यही लग रहा था कि इस बार सीलिंग भूमि पर कब्जा करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। अधिकारियों ने यही कि सीलिंग भूमि के कितने गाटे हैं, भूमि किस-किस को बेची गई, इसकी जानकारी करने के लिए बैनामों की जांच कराएंगे। इस कार्य में निबंधन विभाग के अधिकारियों का भी सहयोग लिया जाएगा। फिलहाल, सीलिंग भूमि के संबंध में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/566669/the-revenue-department-has-intensified-the-investigation-into-ceiling-land--and-several-plots-of-ceiling-land-have-been-encroached-upon</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/566669/the-revenue-department-has-intensified-the-investigation-into-ceiling-land--and-several-plots-of-ceiling-land-have-been-encroached-upon</guid>
                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 12:00:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी में राजस्व का रिकॉर्ड उछाल: जीएसटी कम होने से मांग बढ़ी, मुख्य कर-करेत्तर राजस्व वाले मदों में 1074.06 करोड़ रुपये की वृद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>उप्र. मुख्य कर-करेत्तर राजस्व वाले मदों में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम माह यानी दिसंबर में कुल 18679.38 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 के दिसंबर माह में 17605.32 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ था। इस तरह बीते वर्ष की तुलना में वर्तमान वित्तीय वर्ष के माह दिसम्बर में 1074.06 करोड़ रुपये राजस्व अधिक प्राप्त हुआ है।</p>
<p>जीएसटी के अन्तर्गत माह दिसंबर, 2025 में कुल 6563.04 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई जबकि गत वर्ष दिसंबर, 2024 के माह में प्राप्ति 6342.68 करोड़ रुपये रही थी। वैट के अन्तर्गत माह दिसंबर, 2025</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566463/record-jump-in-revenue-in-up--demand-increased-due-to-reduction-in-gst--increase-of-rs-1074-06-crore-in-main-tax-non-tax-revenue-items"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(5)4.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>उप्र. मुख्य कर-करेत्तर राजस्व वाले मदों में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम माह यानी दिसंबर में कुल 18679.38 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 के दिसंबर माह में 17605.32 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ था। इस तरह बीते वर्ष की तुलना में वर्तमान वित्तीय वर्ष के माह दिसम्बर में 1074.06 करोड़ रुपये राजस्व अधिक प्राप्त हुआ है।</p>
<p>जीएसटी के अन्तर्गत माह दिसंबर, 2025 में कुल 6563.04 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई जबकि गत वर्ष दिसंबर, 2024 के माह में प्राप्ति 6342.68 करोड़ रुपये रही थी। वैट के अन्तर्गत माह दिसंबर, 2025 में 3086.83 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई जबकि गत वर्ष माह दिसंबर, 2024 में प्राप्ति 3105.91 करोड़ रुपये रही थी।</p>
<p>वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि डीजल एवं पेट्रोल पर टैक्स उप्र. में अन्य राज्यों की तुलना में कम है। इलेक्ट्रिक वाहनों एवं एथेनाल के प्रयोग से डीजल पेट्रोल की खपत में कमी आई है। आबकारी के अन्तर्गत माह दिसम्बर, 2025 में कुल 4682.84 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई, जबकि गत वर्ष माह दिसंबर, 2024 में प्राप्ति 4141.75 करोड़ रही थी।</p>
<p>स्टाम्प तथा निबंधन के अन्तर्गत माह दिसंबर, 2025 की राजस्व प्राप्ति 2995.59 करोड़ रुपये है, जबकि गत वर्ष माह दिसंबर, 2024 में प्राप्ति 2784.96 करोड़ रही थी। परिवहन के अन्तर्गत माह दिसंबर, 2025 की राजस्व प्राप्ति 909.57 करोड़ है, जबकि गत वर्ष माह दिसंबर, 2024 में प्राप्ति 805.84 करोड़ रही थी। करेत्तर राजस्व की प्रमुख मद भू-तत्व तथा खनिकर्म के अन्तर्गत माह दिसंबर, 2025 में प्राप्ति 441.51 करोड़ रुपये है जबकि गत वर्ष माह दिसम्बर, 2024 में प्राप्ति 424.18 करोड़ रुपये रही थी।</p>
<p>सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में माह दिसंबर तक मुख्य कर राजस्व के अंतर्गत कुल 159730.88 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। जो माह दिसंबर 2025 तक निर्धारित लक्ष्य 215358.65 करोड़ के सापेक्ष 74.2 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि राज्यकर के अंतर्गत माह दिसंबर तक राजस्व प्राप्ति के निर्धारित लक्ष्य 130053.55 करोड़ के सापेक्ष 84060.96 करोड़ की प्राप्ति हुई है, जो इस अवधि तक निर्धारित लक्ष्य का 64.6 प्रतिशत है।</p>
<p>परिवहन मद में निर्धारित लक्ष्य 10092.60 करोड़ रुपये के सापेक्ष 8844.01 करोड़ की प्राप्ति हुई है, जो 87.6 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि करेत्तर राजस्व की प्रमुख मद भूतत्व एवं खनिकर्म के अंतर्गत माह दिसंबर तक राजस्व प्राप्ति के निर्धारित लक्ष्य 4200 करोड़ के सापेक्ष 2817.83 करोड़ की प्राप्ति हुई है, जो निर्धारित लक्ष्य का 67.1 प्रतिशत है।</p>
<h3><strong>आबकारी मद में निर्धारित लक्ष्य का 91.8 प्रतिशत हासिल</strong></h3>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">आबकारी मद के अंतर्गत इस अवधि तक निर्धारित लक्ष्य 43400.00 करोड़ रुपये के सापेक्ष 39826.98 करोड़ की प्राप्ति हुई है, जो निर्धारित लक्ष्य का 91.8 प्रतिशत है। स्टाम्प तथा निबंधन के अंतर्गत दिसंबर माह तक राजस्व प्राप्ति निर्धारित लक्ष्य 28525 करोड़ के सापेक्ष 24389.06 करोड़ की प्राप्ति हुई है, जो लक्ष्य का 85.5 प्रतिशत है।</span></p>
<p><strong>जीएसटी कम होने से मांग बढ़ी है, जिसके परिणामस्वरूप राजस्व प्राप्ति में बेहतर परिणाम आ रहे हैं। अनुमान है कि आने वाले समय में और बेहतर परिणाम मिलेगा।</strong></p>
<p><strong>- सुरेश कुमार खन्ना, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/566463/record-jump-in-revenue-in-up--demand-increased-due-to-reduction-in-gst--increase-of-rs-1074-06-crore-in-main-tax-non-tax-revenue-items</link>
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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 08:56:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रिश्वत लेने में राजस्व विभाग ने पुलिस को छोड़ा पीछे... चार वर्ष में 680 की हुई गिरफ्तारी, सख्ती-कार्रवाई के बाद भी  बढ़ी संख्या</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>रिश्वतखोरी के मामले में पुलिस भले ही बदनाम है। पर, सच यह है कि भ्रष्टाचार निवारण संगठन के आंकड़ों में राजस्व विभाग के कर्मचारी व अधिकारियों ने पुलिस को काफी पीछे छोड़ दिया है। पिछले चार वर्ष के आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, चार वर्ष में कुल 680 अधिकारी व कर्मचारी रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किए गये। इसमें 266 राजस्व कर्मी व अधिकारी है। जबकि 108 पुलिसकर्मियों के नाम शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">भ्रष्टाचार निवारण संगठन के आंकड़ों के मुताबिक, जमीन की नापजोख, वरासत और दाखिल-खारिज जैसे मामलों में किसानों और गरीबों से अवैध वसूली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566348/the-revenue-department-has-surpassed-the-police-in-accepting-bribes----680-arrests-made-in-four-years--the-number-increased-despite-strict-action-and-measures"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(2)3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>रिश्वतखोरी के मामले में पुलिस भले ही बदनाम है। पर, सच यह है कि भ्रष्टाचार निवारण संगठन के आंकड़ों में राजस्व विभाग के कर्मचारी व अधिकारियों ने पुलिस को काफी पीछे छोड़ दिया है। पिछले चार वर्ष के आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, चार वर्ष में कुल 680 अधिकारी व कर्मचारी रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किए गये। इसमें 266 राजस्व कर्मी व अधिकारी है। जबकि 108 पुलिसकर्मियों के नाम शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">भ्रष्टाचार निवारण संगठन के आंकड़ों के मुताबिक, जमीन की नापजोख, वरासत और दाखिल-खारिज जैसे मामलों में किसानों और गरीबों से अवैध वसूली की शिकायतें सबसे अधिक रहीं। सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की सक्रियता और एसीओ के विस्तार के बाद ग्रामीण इलाकों से शिकायतों की बाढ़ आ गई, जिसका असर सीधे राजस्व विभाग की गिरफ्तारी संख्या में दिखा। भ्रष्टाचार के मामलों में बिजली, शिक्षा, चकबंदी, स्थानीय निकाय, चिकित्सा, सिंचाई, ग्राम्य विकास, कृषि, वन, मंडी परिषद और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी पकड़े गए। चार वर्षों में बिजली विभाग के 63, शिक्षा के 29, चकबंदी के 19, स्थानीय निकाय के 17 और चिकित्सा विभाग के 16 कर्मी घूस लेते धरे गए।</p>
<h5 style="text-align:justify;">चार वर्ष में बढ़ी कार्रवाई</h5>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण और जनशिकायतों की निगरानी सख्त की गई है। गोपनीय शिकायतों की जांच के लिए एजेंसियों को मजबूत किया गया। त्वरित न्याय के उद्देश्य से एसीओ की आठ नई इकाइयों का गठन किया गया है, जबकि मंडल स्तर पर गठित 18 इकाइयों को और सशक्त किया गया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">साल दर साल बढ़ी गिरफ्तारी</h5>
<p style="text-align:justify;">भ्रष्टाचार निवारण संगठन के आंकड़ों के मुताबिक, 2022 में 81 सरकारी कर्मचारी व अधिकारी रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किये गये। वहीं, 2023 में 152, 2024 में 221 और 226 सरकारी कर्मचारी व अधिकारी रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोचे गये। आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की रफ्तार बढ़ी है तो कार्रवाई भी तेजी से हुई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़े : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/566344/lucknow--cm-yogi-pays-tribute-to-former-chief-minister-kalyan-singh--remembers-him-on-his-birth-anniversary-and-describes-his-tenure-as-a-nationalist-mission"><span class="t-red">लखनऊ :</span>पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को CM योगी ने किया नमन, जयंती पर याद करते हुए कार्यकाल को बताया राष्ट्रवादी मिशन</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/566348/the-revenue-department-has-surpassed-the-police-in-accepting-bribes----680-arrests-made-in-four-years--the-number-increased-despite-strict-action-and-measures</link>
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                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 12:15:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP: जामा मस्जिद से सटे कब्रिस्तान में 1200 से 1500 वर्ग मीटर भूमि पर कब्जा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>संभल, अमृत विचार। </strong>जामा मस्जिद से सटे कब्रिस्तान की पैमाइश के बाद प्रशासन ने भूमि पर अवैध कब्जों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। राजस्व विभाग की पैमाइश के उपरांत एक जांच समिति का गठन किया गया है, जो सात दिनों के भीतर दुकानों और मकानों के स्वामियों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच कर रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपेगी। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जहां भी अवैध कब्जा पाया जाएगा, वहां धारा 67 के तहत कार्रवाई करते हुए कब्जा हटाया जाएगा।</p>
<p>जिलाधिकारी राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत प्राप्त होने के बाद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565709/the-cemetery-adjacent-to-jama-masjid-has-been-encroached-upon--with-1200-to-1500-square-meters-of-land-being-occupied"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/sambhal.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>संभल, अमृत विचार। </strong>जामा मस्जिद से सटे कब्रिस्तान की पैमाइश के बाद प्रशासन ने भूमि पर अवैध कब्जों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। राजस्व विभाग की पैमाइश के उपरांत एक जांच समिति का गठन किया गया है, जो सात दिनों के भीतर दुकानों और मकानों के स्वामियों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच कर रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपेगी। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जहां भी अवैध कब्जा पाया जाएगा, वहां धारा 67 के तहत कार्रवाई करते हुए कब्जा हटाया जाएगा।</p>
<p>जिलाधिकारी राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत प्राप्त होने के बाद पैमाइश के लिए टीम गठित की गई थी। गाटा संख्या 32/2 में दर्ज 4780 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले कब्रिस्तान की पैमाइश के दौरान 1200 से 1500 वर्ग मीटर भूमि पर अवैध कब्जा पाया गया है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं मौके पर मौजूद रहकर पूरी कार्रवाई की मॉनिटरिंग करते रहे और पैमाइश शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। आगे की कार्रवाई तहसीलदार न्यायालय में नियमानुसार की जाएगी। डीएम ने दो टूक कहा कि अवैध कब्जा जहां भी मिलेगा, हटाया जाएगा। प्रशासन किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं करेगा।</p>
<p>पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि पैमाइश के दौरान मुरादाबाद रेंज और बरेली जोन से पुलिस फोर्स की तैनाती की गई थी। कहा कि दुकानों और मकानों के स्वामियों द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी। यदि दस्तावेज फर्जी पाए गए तो संबंधित लोगों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया जाएगा। प्रशासन के रुख को देखकर कब्रिस्तान की जमीन पर दुकान व मकान बनाने वालों में हड़कंप मचा है।</p>
<p><strong>शिकायतकर्ता ने निष्पक्ष कार्रवाई की जताई उम्मीद</strong><br />विवादित धार्मिक स्थल जामा मस्जिद से सटे कब्रिस्तान की भूमि की पैमाइश के बाद शिकायतकर्ता श्री कल्कि सेना के राष्ट्रीय संयोजक एडवोकेट सुभाष चंद्र त्यागी ने कहा है कि उन्हें इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद है। कहा कि 1989 से पहले इस भूमि पर केवल एक मकान बना था, लेकिन 1989 में मुलायम सिंह यादव की सरकार आने के बाद अवैध निर्माण शुरू हो गया। पहले अस्थायी और फिर स्थायी रूप से तीन- चार मंजिला मकान और दुकानें बना दी गईं। इन मकानों और दुकानों के नक्शे किस आधार पर पास हुए, यह भी स्पष्ट नहीं है, जबकि संबंधित भूमि कब्रिस्तान के नाम पर दर्ज है। यह भी जांच का विषय है कि इन निर्माणकर्ताओं को बैनामे किसके द्वारा किए गए।</p>
<p><strong>दुकानदारों का दावा: वर्षों से दे रहे हाउस टैक्स व वाटर टैक्स, कब्जे का आरोप निराधार</strong><br />पैमाइश के समय जब एक दुकान की नपाई की गई तो दुकानदार साजिद हुसैन ने अधिकारियों से कहा कि अवैध कब्जे के आरोप गलत हैं। वे वर्षों से हाउस टैक्स और वाटर टैक्स नियमित रूप से जमा कर रहे हैं। उनके पास सभी टैक्स की रसीद और संबंधित दस्तावेज हैं। उन्होंने कहा कि करीब 35 साल तक वह इस स्थान पर किराए पर रहे, इसके बाद उन्होंने यह जगह खरीदी थी। दुकानदारों ने स्पष्ट किया कि वे प्रशासन के आदेश का पूरा पालन कर रहे हैं और पैमाइश में पूरा सहयोग किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कब्रिस्तान इस स्थान पर नहीं है, बल्कि पिछले रोड की ओर है। ऐसे में कब्जे का आरोप निराधार है। दुकानदारों का कहना है कि वे अपने दस्तावेज जांच समिति के सामने प्रस्तुत करेंगे और जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>संभल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/565709/the-cemetery-adjacent-to-jama-masjid-has-been-encroached-upon--with-1200-to-1500-square-meters-of-land-being-occupied</link>
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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 10:05:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>काश्तकारों के नाम कैसे दर्ज है सरकारी जमीन! हाईकोर्ट ने बिठाई जांच-प्रमुख सचिव से मांगी रिपोर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> जमीनों के मुकदमें लड़ते-लड़ते काश्तकारों की एड़ियां ऐसे ही नहीं घिस जातीं! राजस्व विभाग की कारस्तानी और सही सलाह के साथ ठोस पैरवी का अभाव, उन्हें ताउम्र इस जंजाल में फंसाए रखता है। बहराइच का एक ऐसा ही मामला हाईकोर्ट पहुंचा। जो केस सीलिंग से जुड़ा है। करीब 40 बीघा सरकारी जमीन काश्तकारों के नाम दर्ज है।</p>
<p style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए जांच बिठा दी है। कोर्ट ने राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देशित किया कि इस हालात के कौन-कौन जिम्मेदार है? दो महीनों के भीतर इसकी जांच रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी जाए।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/562687/-how-is-government-land-registered-in-the-names-of-cultivators--the-high-court-has-ordered-an-inquiry-and-requested-a-report-from-the-principal-secretary"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/कोर्ट.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> जमीनों के मुकदमें लड़ते-लड़ते काश्तकारों की एड़ियां ऐसे ही नहीं घिस जातीं! राजस्व विभाग की कारस्तानी और सही सलाह के साथ ठोस पैरवी का अभाव, उन्हें ताउम्र इस जंजाल में फंसाए रखता है। बहराइच का एक ऐसा ही मामला हाईकोर्ट पहुंचा। जो केस सीलिंग से जुड़ा है। करीब 40 बीघा सरकारी जमीन काश्तकारों के नाम दर्ज है।</p>
<p style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए जांच बिठा दी है। कोर्ट ने राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देशित किया कि इस हालात के कौन-कौन जिम्मेदार है? दो महीनों के भीतर इसकी जांच रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी जाए। अब केस को थोड़ा डिटेल से समझिए। मामला बहराइच की कैसरगंज तहसील का है।</p>
<p style="text-align:justify;">अल्लापुरवा गांव के विजयभान सिंह ने 1967 में पुरवा हिसामपुर गांव के हीरालाल से 6.25 एकड़ जमीन खरीदी थी। जमीन का गाटा संख्या 295 है। अगले साल 1968 में भूमि का दाखिल खारिज हो गया और विजयभान एवं अन्य इसके मालिक बन गए। 1972 में इस क्षेत्र में सीलिंग एक्ट प्रभावी हुआ। जिन किसानों के पास अधिक जमीनें थीं-वो सीलिंग में निकल गईं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें हीरालाल की 5.53 एकड़ जमीन भी सीलिंग में निकल गई। लेकिन राजस्व विभाग ने हीरालाल की वो जमीन (गाटा संख्या 295) सीलिंग में निकाली, जिसे वह पांच साल पहले विजयभान सिंह एवं अन्य के हाथों बेच चुके थे-उसका बैनामा करा चुके थे। इस तरह वर्ष 1976 में हीरालाल की दर्शाकर, विजयभान सिंह की गाटा संख्या 295 की 5.53 एकड़ भूमि सीलिंग में निकाल दी गई। </p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-12/611.jpg" alt="6" width="1280" height="720"></img>
<strong>एडवोकेट आशीष कुमार सिंह</strong>

<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">मतलब, सीलिंग में जमीन हीरालाल की निकलनी थी। निकाली भी उनके ही नाम से गई, लेकिन उस जमीन को-जिसे वह पहले ही विजयभान सिंह को बेच चुके थे। तकनीकी रूप से जो जमीन हीरालाल की थी ही नहीं-राजस्व विभाग ने उसे हीरालाल के नाम से सीलिंग में निकाल दिया। खरीदी गई जमीन सीलिंग में निकलने की खबर से विजयभान सिंह के पैरों तले की जमीन खिसक गई। वर्ष 1980 में वह राजस्व विभाग पहुंचे। चकबंदी में केस लड़ने लगा। </p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2021 में उनका केस खारिज हो गया। चकबंदी न्यायालय ने कहा कि उन्हें सीलिंग अथॉरिटी के पास जाना चाहिए था। मतलब, विजयभान सिंह को सीलिंग के तहत केस आगे बढ़ाना था, लेकिन वह चकबंदी में पैरवी करते रहे। वर्ष 2021 में चकबंदी से केस खारिज होने के बाद अब विजयभान सिंह राहत मांगने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच पहुंचे और एडवोकेट आशीष सिंह कुमार सिंह के जरिये कोर्ट में याचिका दाखिल की।</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस आलोक माथुर की एकल बेंच ने इस प्रकरण की सुनवाई की। सरकारी वकील, एडवोकेट डॉ. कृष्ण सिंह ने राज्य सरकार का पक्ष रखा। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए इस पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि, राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव दो महीने के भीतर इस मामले की जांच करें। सरकारी जमीन, निजी लोगों के नाम कैसे दर्ज है? इसका जिम्मेदार कौन है? </p>
<p style="text-align:justify;">एडवोकेट आशीष कुमार सिंह के मुताबिक, माननीय कोर्ट ने बहुत महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। सरकार की जमीन अगर किन्हीं व्यक्ति विशेष के नाम पर दर्ज है-तो इससे धोखाधड़ी की आशंका बनी रह सकती है। अपने नाम दर्ज दिखाकर वो व्यक्ति ऐसी सरकारी जमीन की बिक्री कर सकता है, जबकि खरीददार को पता ही नहीं होगा कि उक्त भूमि सीलिंग की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Dec 2025 18:46:31 +0530</pubDate>
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