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                <title>International Women's Day - Amrit Vichar</title>
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                <description>International Women's Day RSS Feed</description>
                
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                <title>बाराबंकी : प्रो चांसलर ई. पूजा अग्रवाल को राज्यपाल ने किया सम्मानित</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय (एसआरएमयू) की प्रो चांसलर ई. पूजा अग्रवाल को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके शिक्षा के क्षेत्र में नेतृत्व और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए गए योगदान की सराहना में प्रदान किया गया। . पूजा अग्रवाल ने ‘द टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ द्वारा आयोजित “डिजिटल भागीदारी और भारत की नारी” पैनल चर्चा में बतौर विशेष पैनलिस्ट अपने विचार साझा किए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने डिजिटल युग में महिलाओं की भागीदारी और समाज व राष्ट्र के विकास में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। इस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574758/governor-honored-barabanki-pro-chancellor-e-pooja-aggarwal"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/cats76.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय (एसआरएमयू) की प्रो चांसलर ई. पूजा अग्रवाल को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके शिक्षा के क्षेत्र में नेतृत्व और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए गए योगदान की सराहना में प्रदान किया गया। . पूजा अग्रवाल ने ‘द टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ द्वारा आयोजित “डिजिटल भागीदारी और भारत की नारी” पैनल चर्चा में बतौर विशेष पैनलिस्ट अपने विचार साझा किए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने डिजिटल युग में महिलाओं की भागीदारी और समाज व राष्ट्र के विकास में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के चांसलर इं. पंकज अग्रवाल, कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी, शैक्षणिक सलाहकार आरुषी अग्रवाल और रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ.) हेमेन्द्र शर्मा ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। विश्वविद्यालय के सभी सदस्य उनके मार्गदर्शन में शिक्षा और समाज के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 21:51:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रकृति की सच्ची संरक्षिका और सृजन का जीवंत रूप नारी, अमृत विचार में जुटी नारी शक्ति ने की समाज में अपनी भूमिका पर बात, देखें Video</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong> अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अमृत विचार कार्यालय में विभिन्न क्षेत्रों में सफलता के झंडे गाड़ने वाली महिलाओं ने समाज में अपने स्थान और भूमिका पर मजबूती से अपनी बात रखी।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/muskan-dixit-(62).png" alt="MUSKAN DIXIT (62)" /></p>
<p style="text-align:justify;">गांव में महिलाओं की स्थिति पर बात की गई तो शहर में बच्चों की पिज्जा, मोमोज और अन्य फास्टफूड की तरफ बढ़ती दिलचस्पी के कारणों पर भी पक्ष रखा गया। महिलाओं ने कहा कि बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए उनके बेहतर खानपान पर ध्यान रखना भी माताओं की जिम्मेदारी है। प्रकृति के संरक्षण पर उन्होंने कहा कि आरओ से निकलने वाले वेस्ट वाटर का पेड़</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574337/woman-is-the-true-protector-of-nature-and-the-living-form-of-creation--women-power-engaged-in-amrit-vichar-talked-about-their-role-in-the-society--watch-the-video"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(54).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong> अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अमृत विचार कार्यालय में विभिन्न क्षेत्रों में सफलता के झंडे गाड़ने वाली महिलाओं ने समाज में अपने स्थान और भूमिका पर मजबूती से अपनी बात रखी।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/muskan-dixit-(62).png" alt="MUSKAN DIXIT (62)"></img></p>
<p style="text-align:justify;">गांव में महिलाओं की स्थिति पर बात की गई तो शहर में बच्चों की पिज्जा, मोमोज और अन्य फास्टफूड की तरफ बढ़ती दिलचस्पी के कारणों पर भी पक्ष रखा गया। महिलाओं ने कहा कि बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए उनके बेहतर खानपान पर ध्यान रखना भी माताओं की जिम्मेदारी है। प्रकृति के संरक्षण पर उन्होंने कहा कि आरओ से निकलने वाले वेस्ट वाटर का पेड़ पौधों में इस्तेमाल किये जाने, पर्यावरण को बचाने के लिए उनके द्वारा किये जाने वाले उपायों के साथ-साथ महिलाओं ने बताया कि बच्चों के लिए मां ही पहली शिक्षक होती है। मां ही सिखा सकती है कि नल को खुला मत छोड़ो। ब्रश करो तो उतनी ही देर पानी खोलो जितनी देर जरूरत है क्योंकि पानी बहुत बड़ी नेमत है और इसे हर हाल में बचाकर रखना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/muskan-dixit-(60).png" alt="MUSKAN DIXIT (60)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">एक महिला ने कहा कि कई बार महिलाओं के पहनावे पर सवाल उठते हैं। कहा जाता है कि महिला सही तरह से कपड़े पहने तो हालात बेहतर हो सकते हैं। इसके जवाब में महिलाएं ही सवाल उठाने लगती हैं कि छह साल की बच्ची से रेप की घटना हो जाती है तो उसमें पहनावा कहां बीच में आया लेकिन यह सब बातें अपनी जगह, बेहतर होगा कि अगर किसी महिला का पहनावा सही न हो तो दूसरी महिला ही उसे टोक दे।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/muskan-dixit-(59).png" alt="MUSKAN DIXIT (59)"></img></p>
<p style="text-align:justify;">महिला शिक्षा पर भी बात हुई। वकालत पेशे से एक महिला ने बताया कि वक्फ संपत्तियों को महिलाओं की मदद के लिए छोड़ा गया है, लेकिन बेहतर प्रबन्धन और जानकारी के अभाव में महिलाओं को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस जैसे मौके इसलिए आते हैं कि महिलाएं अपना ज्ञान इतना बढायें कि वह यह जान सकें कि उनके अधिकार क्षेत्र में क्या-क्या है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अमृत विचार की पहल को सराहा और अपने विचार को पुरजोर ढंग से उठाया।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/muskan-dixit-(58).png" alt="MUSKAN DIXIT (58)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">समाज में जो महिलाएं पढ़ी- लिखी हैं उनका दायित्व बनता है कि वह अपने आसपास की महिलाओं को जागरुक करें। जो महिलाएं घरों में कार्य करती हैं या छोटे व्यवसाय से जुड़ी हैं उनको सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ कैसे मिल सकता है इसे लेकर बताएं। उनका मार्गदर्शन करें तो बहुत बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है। <strong>-डॉ. भारती पाण्डेय, अर्थशास्त्र विभाग, श्रीजयनारायण पीजी कॉलेज</strong></p>
<p style="text-align:justify;">नारी शक्ति अपने घर-परिवार और आस पड़ोस में अच्छी आदतें विकसित करने का प्रयास करे तो बहुत बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। पर्यावरण, स्वच्छता, बचत और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का आग्रह हम अपने घर से शुरु करें तो उसका प्रभाव दूसरे लोगों पर भी पड़ेगा। यह छोटे-छोटे कदम बहुत परिणामकारी और परिवर्तन ला सकते हैं जिससे देश को विकसित किया जा सकता है। <strong>-डॉ. अनामिका चौधरी, अर्थशास्त्र विभाग, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/muskan-dixit-(57).png" alt="MUSKAN DIXIT (57)" width="1280" height="720"></img></strong></p>
<p style="text-align:justify;">महिलाएं आज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। रुढियों और कुप्रथाओं को लांघकर नारी शक्ति अब राष्ट्र के सर्वोच्च पद से लेकर जल, थल, नभ सेनाओं में विज्ञान और नवाचार सहित खेलकूद में आगे बढ़ रही है। बिना नारी शक्ति के सशक्त हुए कोई भी राष्ट्र सशक्त नहीं बन सकता। महिलाएं बच्चों का समाजीकरण कर लैंगिक चेतना जगा बेहतर समाज बना सकती हैं। कानून की जरुरत नहीं पड़ेगी। <strong>-डॉ. सुप्रिया सिंह, समाजशास्त्र विभाग, खुनखुन जी गर्ल्स कॉलेज</strong></p>
<p style="text-align:justify;">मैंने खेल की दुनिया में अपना मुकाम बनाने के लिए केडी सिंह बाबू स्टेडियम जिमनास्टिक की प्रैक्टिस शुरू की। मुझे राष्ट्रीय स्तर पर मौका नहीं मिला, इसलिए गोरखपुर के वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में सेलेक्ट होकर 11 वर्ष की आयु में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए अपना करियर का पहला नेशनल खेला और प्रदेश को मेडल दिलाया। <strong>-पूजा गुप्ता, स्पोर्ट्स टीचर, राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/muskan-dixit-(55).png" alt="MUSKAN DIXIT (55)" width="1280" height="720"></img></strong></p>
<p style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर यह आवश्यक है कि हम महिलाओं के वास्तविक सशक्तिकरण की दिशा में ठोस प्रयास करें। महिलाओं की प्रगति केवल सामाजिक सम्मान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें आर्थिक और राजनीतिक दोनों क्षेत्रों में समान अवसर और भागीदारी मिलनी चाहिए। वित्तीय समावेशन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाता है, जबकि राजनीतिक सहभागिता उन्हें निर्णय-निर्माण की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाती है। <strong>-डॉ. रुचिता सुजय चौधरी, पत्रकारिता विभाग, ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय</strong></p>
<p style="text-align:justify;">महिलाएं अपनी क्षमता को पहचानें, दुनिया का कोई ऐसा काम नहीं जो वे न कर सकें। नई पीढ़ी की महिलाओं को मेरा यही संदेश है कि वे ''वुमेन लिब्रेशन'' शब्द को सकारात्मक अर्थ में लें। भारतीय ज्ञान परंपरा में वर्णित स्त्री की कोमलता एवं शालीनता को आत्मसात करते हुए अपना लोहा मनवाएं। मन से उस नकारात्मक सोच को निकालें कि पुरुष हमारी स्वतंत्रता एवं विकास के विरोधी है। स्त्री पुरुष एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। <strong>-प्रो. रचना श्रीवास्तव, प्राचार्य एपी सेन मेमोरियल गर्ल्स पीजी कॉलेज</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/muskan-dixit-(54).png" alt="MUSKAN DIXIT (54)"></img></strong></p>
<p style="text-align:justify;">महिलाएं एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में सांस्कृतिक विरासत को हस्तांतरित करती हैं। मातृशक्ति की देवी के रूप में शक्ति, विद्या और धन के लिए आह्वान किया जाता रहा। रानी लक्ष्मीबाई, अहिल्या बाई होलकर जैसी शासिकाओं ने दृढ़ता और कुशलता से अपना राज्य चलाया। महिलाओं को शारीरिक, बौद्धिक रूप से सशक्त करना होगा जिससे एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण हो।<strong> -प्रो. मंजुला उपाध्याय, प्राचार्या, नवयुग कन्या महाविद्यालय</strong></p>
<p style="text-align:justify;">महिलाएं स्वभाव से ही प्रकृति प्रेमी होती है और उनका प्रकृति से गहरा नाता होता है। आज आवश्यक्ता है कि महिलाएं प्रकृति के संरक्षण को आगे आएं और पर्यावरण को भी अपनी चिंता का विषय बनाएं।<strong> -मधु तांबे, सचिव, जेएफ चैरिटेबल ट्रस्ट व पूर्व उपनिदेशक सूचना</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/muskan-dixit-(61).png" alt="MUSKAN DIXIT (61)" width="1280" height="720"></img></strong></p>
<p style="text-align:justify;">महिलाओं की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए अपने स्वास्थ्य पर उन्हें ध्यान देना होगा। महिलाएं स्वस्थ रहकर ही स्वस्थ परिवार और समाज का निर्माण कर सकती है। इसलिए मानसिक और शारीरिक रुप से स्वस्थ रहते हुए दूसरे को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।<strong> -डॉ. श्वेता साधवाणी</strong></p>
<p style="text-align:justify;">महिला दिवस पर हम सभी महिलाएं अपने अधिकारों और स्वतंत्रता का सम्मान करें और एक दूसरे का समर्थन करें। एक दूसरे को जागरुक करते हुए उन्हें उनके कर्तव्यों और अधिकार के प्रति जागरुक करना भी देश सेवा से कम नहीं है। <strong>-प्रो. अमिता कन्नोजिया</strong></p>
<p style="text-align:justify;">महिलाएं शक्ति हैं, महिलाएं प्रेरणा हैं, हमसभी को उनकी सफलता और योगदान का सम्मान करना चाहिए और उन्हें उत्साहित करना चाहिए। अब पहले से काफी बदलाव हुआ है और महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।<br /><strong>-रुचि सिंह, व्यापारी नेता</strong><br /><br />महिला दिवस पर हम सबको संकल्प लेना चाहिए कि हम एक साथ मिलकर समाज में महिलाओं के प्रति समानता और न्याय की दिशा में काम करें। जिससे हमारा समाज और देश विकसित और तरक्की करने की दिशा में आगे बढे़।<br /><strong>-डॉ. स्नेह लता</strong></p>
<p style="text-align:justify;">महिलाएं अब नौकरी के भरोसे नहीं बैठी हैं, व्यापार और उद्योग क्षेत्र में भी खूब आगे बढ़ रही हैं। जरूरत है कि हम सभी एक दूसरे का सहयोग करें, एक महिला दूसरी महिला को प्रोत्साहित करें और एक दूसरे का हाथ पकड़कर आगे बढ़ाए। आपस में प्रेम, सद्भाव और सहयोग बनाएंगे तो नारी शक्ति मजबूत होगी। <strong>- गीता गुप्ता, राष्ट्रीय अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार मंडल</strong></p>
<p style="text-align:justify;">-महिला दिवस एक दिन का न होकर प्रत्येक दिन महिलाओं का है। उगते से ढलते सूर्य तक बदलती कार्यो की भूमिका उसके बिना अधूरी है। महिला दिवस का दिन उसकी उपलब्धि, सहनशीलता, कर्मठता, उदारता को मान-सम्मान देने का दिन है। मां, बेटी, बहू, पत्नी के साथ प्रत्येक बेटी को भय मुक्त वातावरण मिले ऐसे संकल्प का वादा पुरुष प्रधान समाज से मिले उसका दिन है। आधी आबादी मे गिने जाने वाली महिलाओं को पुरूष के साथ, प्रेम ,सहयोग, सुरक्षात्मकता का विश्वास मिले। तब महिला दिवस की सार्थकता है।<strong> -ज्योति किरन रतन, कलाकार</strong></p>
<p style="text-align:justify;">-नारी सशक्त है। हर क्षेत्र में कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही है। कविता के माध्यम से तू अखंड है, प्रचंड है, तरंग है, शेर की दहाड़ तू, नदी का उफान है, नारी तू महान है, देश का अभिमान है कविता पाठ किया।<strong> -अनु जैन</strong></p>
<p style="text-align:justify;">-नारी शक्ति प्रकृति की सच्ची संरक्षिका और सृजन का जीवंत रूप है। वह स्वार्थ, प्रसिद्धि या अमरता की इच्छा के बिना सृजन करती है और त्याग व समर्पण का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करती है। प्रसव पीड़ा सहकर भी वह भविष्य को जन्म देती है। इसलिए समाज में उसके त्याग, स्नेह और योगदान के प्रति सम्मान व संवेदना बनाए रखना आवश्यक है।<strong> - रोमा हेमवानी, वाटर योगा एक्सपर्ट</strong></p>
<p style="text-align:justify;">-नारी शक्ति से बेहतर कोई नहीं जानता कि संसार रूपी उपवन को सींचने के लिए नदियों सी आर्द्रता भी होनी चाहिए और पेड़ों सी छाया प्रदान करने वाला सौम्य आंचल भी। लेकिन उसके इस बलिदान, समर्पण और निश्चल स्नेह के लिए उसके समाज और संतति के भीतर संवेदना, भाव और सम्मान अवश्य होना चाहिए। <strong>-चारू सिंह</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/muskan-dixit-(65).png" alt="MUSKAN DIXIT (65)" width="1280" height="720"></img></strong></p>
<p style="text-align:justify;">महिला दिवस पर हम सभी महिलाएं अपने अधिकारों और स्वतंत्रता का सम्मान करें और एक दूसरे का समर्थन करें। एक दूसरे को जागरुक करते हुए उन्हें उनके कर्तव्यों और अधिकार के प्रति जागरुक करना भी देश सेवा से कम नहीं है। <strong>- प्रो. अमिता कन्नोजिया</strong></p>
<p style="text-align:justify;">महिलाएं शक्ति हैं, महिलाएं प्रेरणा हैं, हमसभी को उनकी सफलता और योगदान का सम्मान करना चाहिए और उन्हें उत्साहित करना चाहिए। अब पहले से काफी बदलाव हुआ है और महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।<br /><strong>-रुचि सिंह, व्यापारी नेता</strong><br /><br />महिला दिवस पर हम सबको संकल्प लेना चाहिए कि हम एक साथ मिलकर समाज में महिलाओं के प्रति समानता और न्याय की दिशा में काम करें। जिससे हमारा समाज और देश विकसित और तरक्की करने की दिशा में आगे बढे़।<br /><strong>डॉ. स्नेह लता</strong><br /><br />आज भी गांवों में महिलाओं की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। वह अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नहीं हैं। एनीमिया की शिकार सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं हैं। उन्हें जागरूक करने के लिए सभी का प्रयास होना चाहिए। मैं एनजीओ के माध्यम से जागरूकता अभियान चला रही हूं।<strong>- डॉ. अर्चना श्रीवास्तव</strong><br /><br />महिलाओं का पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान है। वह बच्चों को सिखा सकती है। गीला कचरा सूखा कचरा के निस्तारण के बारे में बता सकती है। बच्चों को पानी बचाने के प्रति जागरूक करें। ब्रश करते समय बच्चों को सिखाएं कि नल खुला न रखें। मेरा मानना है कि जब हम बच्चों को छोटी-छोटी बातें सिखाएंगे तो वही आगे चलकर समाज को दिशा देंगे।<br /><strong>-ओम सिंह</strong><br /><br />मैं अपनी संस्था की मदद से मोटे अनाज को लेकर लोगों को जागरूक करती हूं। मोटे अनाज के खाद्य पदार्थ तैयार करती हूं। लोगों के इसके खाने के फायदे बताती हूं। जर्मनी में भी हमारे खाद्य पदार्थों को पसंद किया जा रहा है। जो सेहत के लिए बेहतर हैं।<br /><strong>- मनी टंडन, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/muskan-dixit-(56).png" alt="MUSKAN DIXIT (56)"></img><br /><br />समाज में आज भी महिलाओं का एक बड़ा तबका है जो मतदान में हिस्सा नहीं लेता है। आर्थिक प्रबंधन के निर्णय में उनका हस्तक्षेप नहीं चलता है। ये अधिकार उनके घर में सिर्फ पुरुषों को हैं। हम ऐसी महिलाओं को जागरूक कर उन्हें उनके अधिकारों के बारे में बताते हैं।<br /><strong>-प्राची पांडेय, राष्ट्रीय महासचिव संयुक्त व्यापार मंडल</strong><br /><br />अभी भी महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी कम है। हम सभी की तरफ से कोशिश हो कि ऐसी महिलाओं को जागरूक करें। सरकार की ओर से संचालित योजनाओं के बारे में बताएं। एक मजबूत समाज के लिए महिलाओं को सशक्त होना जरूरी है।<br /><strong>-ज्योति तिवारी, व्यापारी नेता</strong><br /><br />एक अभियान के तहत देखा गया कि गोलागंज में एक मुस्लिम बस्ती है। जहां की महिलाएं हुनरमंद तो हैं लेकिन उनके घर में सिर्फ उनके पति कि चलती है, इसलिए वह पीछे हैं। उनका कहना है कि पति इजाजत देंगे तभी काम करेंगी। मैं ऐसी महिलाओं को अपने संस्था के माध्यम से जागरूक कर रही हूं।<br /><strong>-खुशबू केसरवानी, व्यापारी नेता</strong><br /><br />प्रकृति संरक्षण महिलाओं से ही शुरू होता है। पानी संरक्षण करने के प्रति जागरूक करें। शुद्ध भोजन करें। फसलों में खाद या केमिकल न डाला जाएं। मेरा मानना है कि इसमें महिलाओं का विशेष योगदान हो सकता है। बस सतर्क रहें और समय पर ठोस निर्णय लें।<br /><strong>-ऋतुजा सिंह, बघेल</strong><br /><br />मेरा मानना है कि यदि कोई महिला अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है तो उसका कर्तव्य बनता है कि वह अन्य महिलाओं को जागरूक करें। तभी हम समाज में अपनी पहचान बना पाएंगे। इसके लिए क्षेत्र चुन सकते हैं।<br /><strong>-सुनीता चटर्जी, संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल</strong><br /><br />घर से बाहर कदम निकालते ही दोहरी जिम्मेदारी शुरू हो जाती है। घर और बाहर के काम का दबाव भी रहता है। सामंजस्य बनाकर चलना होता है। महिलाएं ठान लें तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है। महिला आपने आप में बहुत सशक्त है।<br /><strong>-डॉ. श्वेता सिंह, उपाध्यक्ष भाजपा अवध प्रांत</strong><br /><br />मेरा मानना है कि जो गुण जिस भी महिला में है वह उसे कम से कम दस लड़कियों को जरूर सिखाएं। कला का दान करें। महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए पुरुषों से ज्यादा महिलाओं का योगदान सकारात्मक बदलाव ला सकता है। मैं लड़कियों को मुफ्त में डांस और ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण देती हूं।<br /><strong>-प्रियंका वर्मा, व्यापारी नेता</strong><br /><br />आज महिलाएं किसी से कम नहीं हैं। हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर रही हैं। ऐसी महिलाओं से प्रेरणा लेने की जरूरत है। मैं समाज सेवा के साथ सिविल सर्विसेज की तैयारी भी कर रही हूं। महिलाएं लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढे़।<br /><strong>-प्रियम राज, छात्रा</strong><br /><br />महिला सशक्तिकरण का अर्थ है महिलाओं को समान अधिकार, अवसर और सम्मान देना। जब महिलाएं शिक्षित, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनती हैं, तो परिवार, समाज और देश की प्रगति तेज होती है। हमें उन्हें निर्णय लेने और अपने सपने पूरे करने का अधिकार देना चाहिए।<br /><strong>-दीक्षा वर्मा, छात्रा</strong><br /><br />मेरा मानना है कि महिलाएं हमेशा से सशक्त थीं। उसे अपनी शक्ति का अहसास नहीं था। अब महिला अग्रणी भूमिका में हैं। समाज भी अब महिलाओं को अवसर प्रदान कर रहा है। महिलाओं को अपनी जिम्मेदारियों के साथ, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना होगा।<br /><strong>-निमिषा सोनकर</strong><br /><br />महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचार के खिलाफ महिलाओं को ही आगे आना होगा। तभी हम सच्चे मायने में महिला दिवस को सार्थक कर पायेंगे। नारी केवल परिवार ही नहीं, प्रकृति की भी संरक्षक है। जिस तरह वह जीवन को जन्म देती है, उसी तरह पर्यावरण को भी सहेजने की शक्ति रखती है।<br /><strong>-डॉ. अर्पणा सिंह, डॉ. राममनोहर लोहिया लॉ यूनिवर्सिटी</strong><br /><br />महिला शिक्षित होती है, तो समाज और घर दोनों शिक्षित होता है। इससे ही स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण होता है। रही बात प्रकृति के सरंक्षण की तो आज घर से ही महिलाएं पानी बचाकर, पेड़ लगाकर और बच्चों को पर्यावरण का महत्व सिखा अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभा रही हैं।<br /><strong>-नुसरत जहां, अधिवक्ता</strong><br /><br />-महिलाएं अर्थव्यवस्था और समाज की उन्नति की असली शक्ति हैं। इसके साथ ही नारी शक्ति बदलाव की प्रेरणा भी हैं। अगर महिलाएं आगे आएं तो प्रकृति संरक्षण के आंदोलन को और मजबूती मिल सकती है।<br /><strong>-सीमा सिंह, अध्यक्ष अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याण परिषद</strong><br /><br />- महिला सशक्त है तो वह परिवार को भी सशक्त बनाएगी। इसलिए हर महिला को बच्चों की एजूकेशन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। महिलाएं स्वभावत: संवेदनशील होती हैं, इसलिए वे प्रकृति के दर्द को समझ कर जागरूकता के बल पर उसे समृद्ध कर सकती हैं।<br /><strong>-मानसी चक्रवती, संयुक्त व्यापार मंडल</strong><br /><br />-लोकतंत्र में महिलाओं को न केवल बराबरी का दर्जा मिले, बल्कि शासन प्रणाली में उनकी समान जिम्मेदारी भी हो। धरती से जुड़े हैं, इसलिए उसे सुरक्षित रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। नारी और प्रकृति दोनों ही जीवन की आधारशिला हैं।<br />उजमा सिद्दीकी<br /><strong>-अध्यक्ष संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF-%E0%A4%AB%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A5%8B.jpg" alt="कार्यालय फोटो"></img></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF-%E0%A4%AB%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A5%8B.jpg" alt="कार्यालय फोटो दो"></img></strong></p>
<div class="youtubeplayer-responsive-iframe-outer"><iframe class="youtubeplayer-responsive-iframe" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/Eho8zaSw3Yg" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 12:05:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>  भारत की जीत पर LSG मैराथन की शुरुआत, 1090 चौराहे पर टीम इंडिया के समर्थन में जुटी युवाओं की भीड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>टी-20 विश्व कप के फाइनल में टीम इंडिया की जीत की कामना और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को शहर में उत्साह और जोश के साथ एलएसजी रन–रन फॉर इंडिया का आयोजन किया गया। लखनऊ सुपर जायंट्स की देखरेख में आयोजित मैराथन की शुरुआत 1090 चौराहे से हुई, जिसमें बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रतिभागियों ने एलएसजी की नई जर्सी पहनकर फिटनेस और एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम में आरपीएसजी स्पोट्स की नेहा लोसलका ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ को रवाना किया। मैराथन तीन श्रेणियों, 10 किलोमीटर, 5 किलोमीटर और 3 किलोमीटर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574332/late-night-celebrations-in-lucknow-over-india-s-victory--with-a-crowd-of-young-people-gathered-at-1090-intersection-to-support-team-india"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/वायरल-तस्वीर-(2)2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>टी-20 विश्व कप के फाइनल में टीम इंडिया की जीत की कामना और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को शहर में उत्साह और जोश के साथ एलएसजी रन–रन फॉर इंडिया का आयोजन किया गया। लखनऊ सुपर जायंट्स की देखरेख में आयोजित मैराथन की शुरुआत 1090 चौराहे से हुई, जिसमें बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रतिभागियों ने एलएसजी की नई जर्सी पहनकर फिटनेस और एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम में आरपीएसजी स्पोट्स की नेहा लोसलका ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ को रवाना किया। मैराथन तीन श्रेणियों, 10 किलोमीटर, 5 किलोमीटर और 3 किलोमीटर में आयोजित की गई। 10 किलोमीटर की दौड़ 1090 चौराहे से शुरू होकर डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क होते हुए जनेश्वर पार्क तक पहुंची। </p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को फिटनेस के प्रति जागरूक करने के लिए जुम्बा डांस का भी आयोजन किया गया। मैराथन के विभिन्न वर्गों में धावकों ने शानदार प्रदर्शन किया। महिला वर्ग में अंशिका यादव, रूबी, हर्षिता, डॉ. क्षितिज, पूजा सिंह, निहारिका पांडेय, तान्या, कामिनी, कल्पना और पलक विजेता रहीं। वहीं पुरुष वर्ग में शुभम यादव, रवि पाल, नौशाद अली, आनंद करन, आरपी सिंह, आकाश टंडन, सक्षम, अंकित, अभय, श्रवण और उमा शंकर को ट्रॉफी प्रदान की गई। कार्यक्रम के अंत में सभी विजेताओं और रनर-अप प्रतिभागियों को मेडल और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य फिटनेस को बढ़ावा देना, महिलाओं की शक्ति का सम्मान करना और टीम इंडिया की जीत के लिए शहरवासियों को एकजुट करना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 11:31:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मिशन शक्ति का नया अध्याय! योगी सरकार जल्द लॉन्च करेगी ‘लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’, मेधावी बेटियों को मिलेगी फ्री स्कूटी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बहुत जल्द लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना लॉन्च होगी, जिसके पहले चरण में स्नातक व परास्नातक के अंतिम वर्ष की मेधावी बेटियों को लाभान्वित करेंगे। दूसरे चरण में धीरे-धीरे अन्य को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने घोषणा की कि मिशन शक्ति अभियान का अगला चरण नवरात्रि से शुरू होगा। योगी ने महिला सशक्तीकरण की योजनाएं गिनाते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में विधानसभा व संसद में भी 33 फीसदी सीटों पर बेटियां व बहनें चुनकर जाएंगी। मुख्यमंत्री रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574317/a-new-chapter-in-mission-shakti--the-yogi-government-will-soon-launch-the-%22laxmibai-scooty-scheme-%22-providing-free-scooters-to-meritorious-girls"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(47).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बहुत जल्द लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना लॉन्च होगी, जिसके पहले चरण में स्नातक व परास्नातक के अंतिम वर्ष की मेधावी बेटियों को लाभान्वित करेंगे। दूसरे चरण में धीरे-धीरे अन्य को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने घोषणा की कि मिशन शक्ति अभियान का अगला चरण नवरात्रि से शुरू होगा। योगी ने महिला सशक्तीकरण की योजनाएं गिनाते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में विधानसभा व संसद में भी 33 फीसदी सीटों पर बेटियां व बहनें चुनकर जाएंगी। मुख्यमंत्री रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">कार्यक्रय में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित करने के साथ पिंक रोजगार महाकुंभ-2026 का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में आए व्यापक बदलाव के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5-टी मॉडल—ट्रेडिशन, टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन की बड़ी भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की। इसके बाद मातृवंदना योजना समेत कई योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जोड़ा गया, जिससे देशभर की बेटियां स्वावलंबन की ओर बढ़ रही हैं।</span></p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगी प्रदर्शनी और श्रम विभाग की लघु फिल्म का भी अवलोकन किया तथा विभिन्न योजनाओं से जुड़ी महिलाओं को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य, अनिल राजभर, राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला, मनोहर लाल ‘मन्नू कोरी’, महिला कल्याण निगम की अध्यक्ष कमलावती सिंह, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता सिंह चौहान, उपाध्यक्ष अपर्णा यादव सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>बेटी के जन्म से शिक्षा तक सरकार का सहारा</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार की योजनाओं का उद्देश्य बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है और वर्तमान में प्रदेश की लगभग 27 लाख बेटियां इसका लाभ ले रही हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकार अब एक विवाह पर लगभग एक लाख रुपये खर्च कर रही है और अब तक चार लाख से अधिक बेटियों के विवाह में सरकार ने सहयोग दिया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों की धरती पर जगह नहीं</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">योगी ने कहा कि वर्ष 2017 के पहले बेटी-व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। कर्फ्यू, दंगा, पलायन, दुर्व्यवस्था, अराजकता यूपी की पहचान बन गए थे। यूपी के कई जनपदों में अभिभावक बेटियों को स्कूल नहीं भेजते थे, यदि बेटी को पढ़ाना है तो यूपी के बाहर हॉस्टल या रिश्तेदार के यहां भेज देते थे। लेकिन अब यूपी की हर बेटी खुद को सुरक्षित महसूस करती है। आज बेटियां स्कूल जा रही हैं। कोई डर-संकोच नहीं, सुरक्षा सरकार के जिम्मे है। शोहदों के इलाज के लिए यूपी पुलिस में 20 फीसदी बेटियों की भर्ती की गई। सीएम ने दो-टूक कहा कि बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों को इस धरती पर जगह नहीं मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 10:41:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ में महिलाओं की नई उड़ान... ‘वीमेन एंटरप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म’ का यूपी चैप्टर लॉन्च</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को महिला उद्यमिता को नई दिशा देने के लिए लखनऊ में वीमेन एंटरप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म का उत्तर प्रदेश स्टेट चैप्टर शुरू किया गया। नीति आयोग की इस महत्वपूर्ण पहल का उद्देश्य महिला उद्यमियों के लिए एक मजबूत और एकीकृत मंच तैयार करना है, जिससे उन्हें व्यवसाय के विस्तार के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, संसाधन और नेटवर्किंग उपलब्ध हो सके।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रसिद्ध महिला उद्यमी और समृद्धि क्रिएशन की संस्थापक सुष्मिता दत्ता ने यूपी स्टेट चैप्टर का उद्घाटन किया। गोमती नगर के विभूति खंड स्थित रोहतास समिट बिल्डिंग में यूपी इंडस्ट्रियल कंसल्टेंट्स लिमिटेड के अंतर्गत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574316/new-flight-for-women-in-lucknow----up-chapter-of--women-entrepreneurship-platform--launched"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(46).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को महिला उद्यमिता को नई दिशा देने के लिए लखनऊ में वीमेन एंटरप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म का उत्तर प्रदेश स्टेट चैप्टर शुरू किया गया। नीति आयोग की इस महत्वपूर्ण पहल का उद्देश्य महिला उद्यमियों के लिए एक मजबूत और एकीकृत मंच तैयार करना है, जिससे उन्हें व्यवसाय के विस्तार के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, संसाधन और नेटवर्किंग उपलब्ध हो सके।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रसिद्ध महिला उद्यमी और समृद्धि क्रिएशन की संस्थापक सुष्मिता दत्ता ने यूपी स्टेट चैप्टर का उद्घाटन किया। गोमती नगर के विभूति खंड स्थित रोहतास समिट बिल्डिंग में यूपी इंडस्ट्रियल कंसल्टेंट्स लिमिटेड के अंतर्गत इस स्टेट चैप्टर का कार्यालय स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से प्रदेश की महिला उद्यमियों को मेंटरशिप, वित्तीय सहायता, बाजार से जुड़ाव, नियामकीय सहयोग और नेटवर्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे अपने उद्यम को मजबूत कर सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">नीति आयोग की वीमेन एंटरप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म पहल देशभर में महिला उद्यमियों के लिए एक व्यापक इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके जरिए स्टार्टअप और पारंपरिक व्यवसायों से जुड़ी महिलाओं को मार्गदर्शन और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जाता है। राज्य सरकार की औद्योगिक नीति, स्टार्टअप नीति तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन देने वाली योजनाओं ने प्रदेश में महिला उद्यमिता के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है। ऐसे में लखनऊ में स्टेट चैप्टर स्थापित होना प्रदेश की महिला उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Tech News</category>
                                            <category>Tech Alert</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/574316/new-flight-for-women-in-lucknow----up-chapter-of--women-entrepreneurship-platform--launched</link>
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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 10:29:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand: महिलाओं ने साड़ी में लगायी रेस, नारी शक्ति और सक्रियता का दिया संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार। </strong>अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ''साड़ी गौरव मैराथन'' का आयोजन रविवार को देहरादून के जिला प्रोबेशन कार्यालय ने महिला कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड के तत्वावधान में किया। इस विशेष मैराथन में पारम्परिक भारतीय परिधान साड़ी में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। मैराथन की शुरुआत नारी निकेतन चौराहा, दून विश्वविद्यालय रोड से किया गया, जो आगे दून विश्वविद्यालय मार्ग पर 02 तथा 03 किलोमीटर की दूरी पर सम्पन्न हुई।</p>
<p>इस अवसर पर विभिन्न आयु वर्ग की महिलाओं ने पारम्परिक परिधान में दौड़ लगाकर समाज में महिलाओं की शक्ति, आत्म विश्वास और सक्रियता का संदेश दिया। कार्यक्रम की मुख्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574323/women-raced-in-saris--spreading-the-message-of-women-s-empowerment-and-activism"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/mahila.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार। </strong>अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ''साड़ी गौरव मैराथन'' का आयोजन रविवार को देहरादून के जिला प्रोबेशन कार्यालय ने महिला कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड के तत्वावधान में किया। इस विशेष मैराथन में पारम्परिक भारतीय परिधान साड़ी में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। मैराथन की शुरुआत नारी निकेतन चौराहा, दून विश्वविद्यालय रोड से किया गया, जो आगे दून विश्वविद्यालय मार्ग पर 02 तथा 03 किलोमीटर की दूरी पर सम्पन्न हुई।</p>
<p>इस अवसर पर विभिन्न आयु वर्ग की महिलाओं ने पारम्परिक परिधान में दौड़ लगाकर समाज में महिलाओं की शक्ति, आत्म विश्वास और सक्रियता का संदेश दिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष गीता खन्ना ने कहा कि महिलाएं अपनी संस्कृति और परम्पराओं को संजोते हुए हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रही हैं।</p>
<p><strong>विजेताओं को मेडल पहनाकर सम्मानित किया</strong><br />कुल 70 से अधिक महिलाओं ने इस मैराथन में भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया। प्रतियोगिता के अंतर्गत 02 किलोमीटर दौड़ में प्रथम स्थान नविता, द्वितीय स्थान रेखा चौहान तथा तृतीय स्थान मीनू तड़ियाल ने प्राप्त किया। जबकि 03 किलोमीटर दौड़ में प्रथम स्थान गीता बहुगुणा, द्वितीय स्थान रियांका तथा तृतीय स्थान ऋतु ने प्राप्त किया। सभी विजेताओं को मुख्य अतिथि द्वारा मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया।</p>
<p><strong>60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में प्रतिभाग करने वालीं मानेश्वरी भी सम्मानित</strong><br />60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में प्रतिभाग करने वाली महिला मानेश्वरी को भी उनके उत्साह एवं प्रेरणादायी सहभागिता के लिए मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य परिवीक्षा अधिकारी अंजना गुप्ता, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी राजीव नयन, विधि अधिकारी समीक्षा शर्मा समेत अधिकारी, कार्मिक व बड़ी संख्या में अन्य महिलाओं ने प्रतिभाग किया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/574323/women-raced-in-saris--spreading-the-message-of-women-s-empowerment-and-activism</link>
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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 08:06:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला दिवस पर बोलीं डिंपल यादव- मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने वाली महिलाएं समाज की असली ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मैनपुरी से सांसद डिम्पल यादव ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद साहस, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने वाली महिलाएं समाज की असली ताकत हैं। उन्होंने कहा कि कमजोर वर्ग की महिलाओं में अपार क्षमता है और यदि उन्हें उचित अवसर और सहयोग मिले तो वे समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">रविवार को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लागन उद्यमी महिला फाउंडेशन की ओर से लोलई गांव में महिला सम्मान एवं होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के कमजोर एवं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574286/dimple-yadav-said-on-women-s-day---women-who-move-forward-with-hard-work-and-confidence-are-the-real-strength-of-the-society"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/cats42.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मैनपुरी से सांसद डिम्पल यादव ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद साहस, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने वाली महिलाएं समाज की असली ताकत हैं। उन्होंने कहा कि कमजोर वर्ग की महिलाओं में अपार क्षमता है और यदि उन्हें उचित अवसर और सहयोग मिले तो वे समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">रविवार को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लागन उद्यमी महिला फाउंडेशन की ओर से लोलई गांव में महिला सम्मान एवं होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के कमजोर एवं वंचित वर्ग की उन महिलाओं को सम्मानित करना था, जो छोटे-छोटे प्रयासों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनते हुए अपने परिवार और समाज के लिए प्रेरणा बन रही हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में शामिल डिंपल यादव ने लोलई और मल्हौर क्षेत्र की महिलाओं से संवाद करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। डिंपल यादव ने इस सराहनीय पहल के लिए लागन उद्यमी महिला फाउंडेशन की पूरी टीम को बधाई दी। कार्यक्रम की आयोजक एवं फाउंडेशन की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा कि उनका लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने झांसी की रानी के साहस और संघर्ष का उदाहरण देते हुए महिलाओं को आत्मविश्वास और हौसले के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉक्टरों को भी सम्मानित किया गया। सम्मानित चिकित्सकों में डॉ. शेली महाजन, डॉ. अमित रंजन, डॉ. नेहा साहू, डॉ. ज्योति, डॉ. गुंजन तथा डॉ. हर्षा महान शामिल रहे। इसके अलावा महिला सम्मान श्रेणी के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा बहू, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तथा सामाजिक, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यवसाय और योग जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही महिलाओं को भी सम्मानित किया गया।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 19:01:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर : महिला दिवस पर बालिकाओं और महिलाओं को किया गया सम्मानित</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन धनराशि दी गई। साथ ही मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और बाल सेवा योजना के तहत चयनित बालिकाओं तथा विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र सौंपते हुए सम्मानित किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">रविवार को राजकीय बाल गृह (बालिका), स्वरूप नगर परिसर में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें विधायिका कल्याणपुर नीलिमा कटियार, सदस्य राज्य महिला आयोग पूनम द्विवेदी, मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, उप निदेशक पुनीत कुमार मिश्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रीति, जिला</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574282/kanpur--girls-and-women-were-honoured-on-women-s-day"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/cats38.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन धनराशि दी गई। साथ ही मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और बाल सेवा योजना के तहत चयनित बालिकाओं तथा विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र सौंपते हुए सम्मानित किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">रविवार को राजकीय बाल गृह (बालिका), स्वरूप नगर परिसर में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें विधायिका कल्याणपुर नीलिमा कटियार, सदस्य राज्य महिला आयोग पूनम द्विवेदी, मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, उप निदेशक पुनीत कुमार मिश्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रीति, जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास सिंह तथा निदेशक अचिन्त्य फाउंडेशन दिशा अरोड़ा आदि मौजूद रहे। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/cats39.jpg" alt="cats" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">वक्ताओं ने महिलाओं और बालिकाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। निदेशक अचिन्त्य फाउंडेशन दिशा अरोड़ा ने राजकीय बाल गृह (बालिका) की बालिकाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए अपनी संस्था की ओर से सहयोग देने की पहल की।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान जुपिटर ऑडिटोरियम, इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में मुख्यमंणत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में महिला सशक्तीकरण का आयोजन किया गया जिसका सजीव प्रसारण यूट्यूब के माध्यम से राजकीय बाल गृह (बालिका) में देखा गया। जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/574282/kanpur--girls-and-women-were-honoured-on-women-s-day</link>
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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 18:17:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी ने दीं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं, कहा- देश को प्रेरित करती हैं 'नारी शक्ति' की उपलब्धियां </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रविवार को देश भर की महिलाओं को बधाई दी और भारत के विकास में उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि 'नारी शक्ति' की उपलब्धियां देश को प्रेरित करती हैं और एक विकसित भारत की ओर इसके सफ़र को मज़बूत करती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर किये गये सिलसिलेवार पोस्ट में कहा कि महिलाएं सभी क्षेत्रों में बदलाव लाने वाली भूमिका निभा रही हैं और देश की तरक्की के केंद्र में हैं। उन्होंने लिखा, "अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मैं हमारी सभी नारी शक्ति को बधाई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574256/pm-modi-wishes-international-women-s-day--says-achievements-of--women-power--inspire-the-country"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/पीएम-मोदी-कानपुर.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रविवार को देश भर की महिलाओं को बधाई दी और भारत के विकास में उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि 'नारी शक्ति' की उपलब्धियां देश को प्रेरित करती हैं और एक विकसित भारत की ओर इसके सफ़र को मज़बूत करती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर किये गये सिलसिलेवार पोस्ट में कहा कि महिलाएं सभी क्षेत्रों में बदलाव लाने वाली भूमिका निभा रही हैं और देश की तरक्की के केंद्र में हैं। उन्होंने लिखा, "अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मैं हमारी सभी नारी शक्ति को बधाई देता हूं। हर क्षेत्र में महिलाएं पक्के इरादे, रचनात्मकता और बेमिसाल जोश के साथ भारत की तरक्की को आकार दे रही हैं। उनकी उपलब्धियां हमारे देश को प्रेरित करती हैं और विकसित भारत बनाने के हमारे सामूहिक इरादे को मज़बूत करती हैं।" ‎‎</p>
<p style="text-align:justify;">पीएम मोदी ने महिला सशक्तिकरण पर सरकार के ध्यान का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले दस सालों में शुरू की गई कई पहल और योजनाओं का मकसद अवसरों को बढ़ाना और महिलाओं को उनकी पूरी क्षमता का एहसास कराना है। उन्होंने कहा, "महिलाओं का सशक्तिकरण हमारी अलग-अलग योजनाओं और पहलों का मुख्य हिस्सा है। हम ऐसे मौके बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जिनसे हर महिला अपनी पूरी क्षमता का एहसास कर सके और भारत के विकास के सफ़र में योगदान दे सके।" </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा कि देश भर में महिलाओं की उपलब्धियां भारत के भविष्य को आकार दे रही हैं। श्री मोदी ने लिखा, "भारत की नारी शक्ति की उपलब्धियां गर्व का विषय हैं और राष्ट्र निर्माण में बदलाव लाने वाली भूमिका की एक मज़बूत याद दिलाती हैं। जैसे-जैसे भारत आगे बढ़ेगा, महिलाओं की उम्मीदें और योगदान एक मज़बूत और खुशहाल देश की ओर हमारी सामूहिक यात्रा को प्रोत्साहित करते रहेंगे।" </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने जमीनी स्तर पर महिलाओं की सफलता की कहानियों को दिखाने वाला एक वीडियो शेयर करते हुए नये भारत की नारी शक्ति हैशटैग का इस्तेमाल करके लिखा, "यह पिछले एक दशक में जमीनी स्तर पर महिलाओं की ज़िंदगी कैसे बदली है, इसकी एक झलक दिखाता है।" केंद्र सरकार ने हाल के सालों में महिलाओं के सशक्तिकरण पर केन्द्रित कई कार्यक्रम शुरू किये हैं, जिनमें वित्तीय समावेशन, उद्यमिता, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छता से जुड़े पहलें शामिल हैं। सरकार ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शासन और सशस्त्र बल जैसे क्षेत्रों में भी महिलाओं की भागीदारी पर ज़ोर दिया है। </p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि हर साल दुनिया भर में आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इसे महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों का जश्न मनाने के साथ ही दुनिया भर में महिलाओं के लिए लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के तौर पर मनाया जाता है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 13:13:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस : महिलाओं के योगदान से ही समृद्ध एवं प्रगतिशील राष्ट्र का निर्माण संभव</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>बरेली इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ एलाइड एंड हेल्थ केयर साइंसेज में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। जिसका उद्देश्य समाज में सहयोग, सेवा और सशक्तिकरण की भावना को बढ़ावा देना था।</p>
<p>कार्यक्रम में असिस्टेंट प्रो. तबस्सुम फातिमा ने कहा कि जब महिलाएं एक-दूसरे का सहयोग करती हैं और समाज के लिए सकारात्मक कार्य करती हैं, तभी सच्चे अर्थों में सशक्तिकरण संभव होता है। संस्थान के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज के हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इस दौरान विभिन्न मनोरंजक एवं रोचक गतिविधियों का आयोजन किया गया,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574261/building-a-prosperous-and-progressive-nation-is-possible-only-through-the-contribution-of-women"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/mahila-u.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>बरेली इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ एलाइड एंड हेल्थ केयर साइंसेज में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। जिसका उद्देश्य समाज में सहयोग, सेवा और सशक्तिकरण की भावना को बढ़ावा देना था।</p>
<p>कार्यक्रम में असिस्टेंट प्रो. तबस्सुम फातिमा ने कहा कि जब महिलाएं एक-दूसरे का सहयोग करती हैं और समाज के लिए सकारात्मक कार्य करती हैं, तभी सच्चे अर्थों में सशक्तिकरण संभव होता है। संस्थान के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज के हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इस दौरान विभिन्न मनोरंजक एवं रोचक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें सभी शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।</p>
<p>विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. लता अग्रवाल ने सभी को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महिलाएं समाज की सशक्त आधारशिला हैं और उनके योगदान से ही एक समृद्ध एवं प्रगतिशील राष्ट्र का निर्माण संभव है। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को महिलाओं के सम्मान और उनके उत्साहवर्धन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।</p>
<p>असिस्टेंट प्रो. सुजाता कटियार, महिमा तिवारी, गुलफशां सैफी, डॉ. सुम्बुल खान, डॉ. पूजा कटियार, उपासना यादव, स्वर्णिमा सिंह, शिखा कुमारी, फरहीन, मनीषा सक्सेना, श्रेया भारद्वाज, अम्बर आजमी, सबा नाज, मुस्कान मलिक, एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी अंकित कुमार की सक्रिय सहभागिता रही। संचालन डॉ. साक्षी भटनागर ने किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 13:09:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन इटावा में खौफनाक वारदात : जीजा ने साली को उतारा मौत के घाट, वजह जान पुलिस भी रह गई सन्न</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>इटावा। </strong>अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के कोतवाली क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक युवक ने अपनी रिश्ते की नाबालिग साली की ईंट से कुचलकर और धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। </p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार सैफई थाना क्षेत्र के नगला सुभान गांव निवासी सुनैना (16) कक्षा 11 की छात्रा थी और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में पढ़ती थी। बताया जा रहा है कि चार मार्च को होली के दिन उसका रिश्ते का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574254/horrific-incident-in-etawah-on-international-women-s-day--brother-in-law-kills-sister-in-law--police-stunned-by-the-reason"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/crime-news3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>इटावा। </strong>अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के कोतवाली क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक युवक ने अपनी रिश्ते की नाबालिग साली की ईंट से कुचलकर और धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। </p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार सैफई थाना क्षेत्र के नगला सुभान गांव निवासी सुनैना (16) कक्षा 11 की छात्रा थी और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में पढ़ती थी। बताया जा रहा है कि चार मार्च को होली के दिन उसका रिश्ते का जीजा विजय उसे अपने साथ लेकर दिल्ली चला गया था। दोनों के बीच प्रेम संबंध बताए जा रहे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">परिजनों का आरोप है कि दिल्ली में एक मंदिर में विजय ने सुनैना से शादी कर ली थी। इस संबंध में फोटो और वीडियो भी परिजनों को भेजे गए थे। शादी की जानकारी मिलने के बाद सुनैना की मां ने उससे फोन पर बात कर घर लौटने के लिए कहा। इसके बाद विजय उसे लेकर वापस इटावा आ गया।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार इटावा के कोतवाली क्षेत्र में विजय ने सुनैना की ईंट से सिर कुचलकर और धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी खुद कोतवाली पहुंचा और पुलिस को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। </p>
<p style="text-align:justify;">मृतका के पिता रघुराज सिंह ने बताया कि 4 मार्च को विजय उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और दिल्ली में उससे शादी कर ली। बाद में जब उनकी बेटी वापस आई तो उसकी हत्या कर दी गई। मृतका के भाई शिवम का कहना है कि आरोपी विजय पहले भी करीब पांच साल पहले उनकी मौसी की बेटी निशा को भगा कर शादी कर चुका है, जिससे उसका एक बेटा भी है। विजय हलवाई का काम करता था।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के बाद पुलिस ने शव को डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय संयुक्त चिकित्सालय भेज दिया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यशवंत सिंह ने बताया कि आरोपी विजय ने खुद थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>इटावा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 13:06:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस : मुश्किल हालात भी नहीं रोक पाए बेटियों के बढ़ते कदम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>शुभम शर्मा, मुरादाबाद। </strong>जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियां आ जाती हैं जो इंसान की हिम्मत और धैर्य की कठिन परीक्षा लेती हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो मुश्किलों के आगे हार मानने के बजाय उनसे लड़कर अपनी पहचान बना लेते हैं। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दो ऐसी महिलाओं की कहानी है, जिन्होंने विपरीत हालात के बावजूद अपने हौसलों को कमजोर नहीं पड़ने दिया।</p>
<p>एक ट्रेन हादसे में दोनों पैर गंवाने के बाद भी आत्मनिर्भर बनकर नया जीवन शुरू करने वाली आशा तोमर हैं, तो दूसरी ओर सीमित संसाधनों और पारिवारिक असहमति के बावजूद एथलेटिक्स में सपनों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574253/even-difficult-circumstances-could-not-stop-the-daughters--progress"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/mbd-mahila.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>शुभम शर्मा, मुरादाबाद। </strong>जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियां आ जाती हैं जो इंसान की हिम्मत और धैर्य की कठिन परीक्षा लेती हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो मुश्किलों के आगे हार मानने के बजाय उनसे लड़कर अपनी पहचान बना लेते हैं। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दो ऐसी महिलाओं की कहानी है, जिन्होंने विपरीत हालात के बावजूद अपने हौसलों को कमजोर नहीं पड़ने दिया।</p>
<p>एक ट्रेन हादसे में दोनों पैर गंवाने के बाद भी आत्मनिर्भर बनकर नया जीवन शुरू करने वाली आशा तोमर हैं, तो दूसरी ओर सीमित संसाधनों और पारिवारिक असहमति के बावजूद एथलेटिक्स में सपनों को साकार करने के लिए संघर्ष कर रही युवा खिलाड़ी आशी यादव। दोनों की कहानियां यह साबित करती हैं कि मजबूत इरादों के सामने मुश्किलें ज्यादा देर तक टिक नहीं पातीं।</p>
<p>मूल रूप से दिल्ली के शाहदरा में जन्मी आशा तोमर की शादी के बाद उनका जीवन पिलखुआ में परिवार के साथ सामान्य रूप से चल रहा था। बच्चों की परवरिश और घर-परिवार की जिम्मेदारियों में व्यस्त थीं। 31 मार्च 2022 का दिन उनके जीवन में ऐसा तूफान लेकर आया जिसने सब कुछ बदल कर रख दिया। उस दिन हुए एक दुर्भाग्यपूर्ण ट्रेन हादसे में आशा तोमर ने दोनों पैर गंवा दिए। यह हादसा केवल शारीरिक क्षति ही नहीं था, बल्कि गहरी मानसिक और भावनात्मक परीक्षा था। हादसे के बाद उन्हें लगभग आठ महीने तक दिल्ली के अस्पताल में उपचार कराना पड़ा। इलाज के बाद जब वे पिलखुआ स्थित ससुराल लौटीं तो परिस्थितियां उनके अनुकूल नहीं थीं। </p>
<p>बच्चे छोटे थे और उनकी देखभाल के लिए कोई स्थायी सहारा नहीं था। ऐसे कठिन समय में उनकी बहन कंचन चौहान सहारा बनकर आईं। कंचन उन्हें अपने साथ मुरादाबाद ले आईं और घर में जगह देने के साथ नया जीवन शुरू करने का हौसला भी दिया। शुरुआत में आशा ने एक छोटी सी टिफिन सर्विस शुरू की। मेहनत और लगन से किए गए इस काम से धीरे-धीरे उन्हें छोटे आयोजनों में भी भोजन व्यवस्था के अवसर मिलने लगे। समय के साथ उन्होंने अपने बलबूते एक छोटा कैटरिंग व्यवसाय खड़ा कर लिया और अब उन्हें नियमित रूप से ऑर्डर मिलने लगे हैं। आज आशा तोमर केवल एक उद्यमी ही नहीं, बल्कि एक शिक्षिका भी हैं। वह बहन के स्कूल में कक्षा तीन के बच्चों को पढ़ाती हैं। उन्होंने अपाहिज होकर किसी पर बोझ बनने के बजाय जिंदगी में संघर्ष की राह पकड़ी। परिणाम है कि वह दूसरों पर निर्भर न होकर बच्चों का भविष्य संवार रही है, साथ ही परेशानियों से हार मान जाने वालों के लिए उदाहरण भी प्रस्तुत कर रही हैं।</p>
<p>सपनों की दौड़ में संघर्ष से आशी ने बनाई पहचान<br />नया गांव निवासी 17 वर्षीया आशी यादव को बचपन से ही खेलों में रुचि थी। स्कूल स्तर पर प्रतियोगिता में प्रतिभाग के दौरान मिली जीत के बाद उन्होंने एथलेटिक्स में करियर बनाने का निर्णय लिया। जब उन्होंने अपने माता-पिता से खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की इच्छा जताई तो शुरुआत में परिवार ने इसका विरोध किया और पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी। लेकिन, आशी ने अपने सपनों को छोड़ने के बजाय उन्हें पूरा करने का रास्ता तलाशा। उन्होंने सहेली के घर जाने का बहाना बनाकर स्टेडियम पहुंचना शुरू किया और वहां नियमित रूप से एथलेटिक्स का प्रशिक्षण लेने लगीं।</p>
<p>लगातार अभ्यास और परिश्रम का परिणाम यह हुआ कि उन्होंने राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया। आशी ने 800 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक और 1,500 मीटर दौड़ में रजत पदक हासिल किया है। हाल ही में उन्होंने गोवा में आयोजित ओपन नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी हिस्सा लिया। हालांकि इस प्रतियोगिता में उन्हें पदक नहीं मिल सका, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेने का अनुभव उनके लिए आगे बढ़ने की नई प्रेरणा बन गया। पिता विजेंद्र यादव ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बेटी की सफलता के बाद उन्हें पहले के निर्णय पर पछतावा है और अब बेटी पर गर्व करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद आशी का लक्ष्य एथलेटिक्स में देश का नाम रोशन करना है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 12:55:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>

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