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                <title>sexual violence - Amrit Vichar</title>
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                <description>sexual violence RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बचपन में यौन हिंसा की शिकार हुईं 100 करोड़ से ज्यादा महिलाएं..., लैंसेट की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>‘द लैंसेट’ पत्रिका में प्रकाशित अनुमानों के अनुसार 2023 में दुनिया भर में 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र की एक अरब से अधिक महिलाओं ने बचपन में यौन हिंसा झेली और लगभग 60.8 करोड़ महिलाएं अंतरंग साथी द्वारा की गई हिंसा की शिकार रहीं। उप-सहारा अफ्रीका और दक्षिण एशिया में अंतरंग साथी द्वारा की गई हिंसा और यौन हिंसा दोनों की सबसे अधिक दर पाई गई। शोधकर्ताओं ने कहा कि इन क्षेत्रों में हिंसा से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव एचआईवी और अन्य दीर्घकालिक बीमारियों की उच्च दर के कारण और भी गंभीर हो जाते हैं। शोधकर्ताओं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563034/more-than-1-billion-women-were-victims-of-sexual-violence-in-childhood---shocking-lancet-report"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/muskan-dixit-(21)8.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>‘द लैंसेट’ पत्रिका में प्रकाशित अनुमानों के अनुसार 2023 में दुनिया भर में 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र की एक अरब से अधिक महिलाओं ने बचपन में यौन हिंसा झेली और लगभग 60.8 करोड़ महिलाएं अंतरंग साथी द्वारा की गई हिंसा की शिकार रहीं। उप-सहारा अफ्रीका और दक्षिण एशिया में अंतरंग साथी द्वारा की गई हिंसा और यौन हिंसा दोनों की सबसे अधिक दर पाई गई। शोधकर्ताओं ने कहा कि इन क्षेत्रों में हिंसा से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव एचआईवी और अन्य दीर्घकालिक बीमारियों की उच्च दर के कारण और भी गंभीर हो जाते हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार भारत में अंतरंग साथी द्वारा की गई हिंसा की शिकार महिलाओं की दर 23 प्रतिशत रहने का अनुमान है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि इसके अलावा अनुमान है कि 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग की 30 प्रतिशत से अधिक महिलाओं और लगभग 13 प्रतिशत पुरुषों ने बचपन में यौन हिंसा झेली। </p>
<p>शोधकर्ताओं ने ‘ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज’ (जीबीडी) शोध 2023 के आंकड़ों का विश्लेषण किया, जिसे “विभिन्न क्षेत्रों और समय के आधार पर स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान को मापने का अब तक का सबसे बड़ा और व्यापक प्रयास” माना जाता है। </p>
<p>इस जीबीडी अध्ययन का समन्वय अमेरिका की वाशिंगटन यूनिवर्सिटी ने किया था। लेखकों ने शोध में लिखा, “विश्व स्तर पर, हमने अनुमान लगाया कि 2023 तक 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की 60.8 करोड़ महिलाएं कभी न कभी अंतरंग साथी द्वारा हिंसा का शिकार हुई हैं, और 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के 1.01 अरब व्यक्तियों ने बचपन में यौन हिंसा का अनुभव किया।” </p>
<p><strong>सोर्स- भाषा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/563034/more-than-1-billion-women-were-victims-of-sexual-violence-in-childhood---shocking-lancet-report</link>
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                <pubDate>Wed, 10 Dec 2025 11:56:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान फिर हुआ बेनकाब! UNSC में बोला भारत-1971 से पूर्वी पाकिस्तान में महिलाओं के साथ जघन्य अपराध, बेरोकटोक आज भी जारी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>संयुक्त राष्ट्र।</strong> भारत ने संयुक्त राष्ट्र में एक खुली बहस के दौरान पाकिस्तान की कड़ी आलोचना करते हुए 1971 में तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान में महिलाओं के खिलाफ हुए ‘‘यौन हिंसा के जघन्य अपराधों’’ की ओर ध्यान आकर्षित किया और कहा कि यह सिलसिला ‘‘आज भी बिना किसी दंड के’’ जारी है। </p>
<p style="text-align:justify;">बहस के दौरान पाकिस्तानी प्रतिनिधि की ओर से लगाए गए ‘बेबुनियाद आरोप’ पर मंगलवार को संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए भारतीय राजनयिक एल्डोस मैथ्यू पुन्नूस ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा की 1971 की घटनाएं ‘शर्मनाक रिकॉर्ड का मामला है।’ पुन्नूस ने ‘संघर्ष क्षेत्रों में यौन हिंसा से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/550635/pakistan-exposed-again--india-said-in-unsc--heinous-crimes-against-women-in-east-pakistan-since-1971--still-continue-unabated"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/untitled-design-(26)10.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>संयुक्त राष्ट्र।</strong> भारत ने संयुक्त राष्ट्र में एक खुली बहस के दौरान पाकिस्तान की कड़ी आलोचना करते हुए 1971 में तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान में महिलाओं के खिलाफ हुए ‘‘यौन हिंसा के जघन्य अपराधों’’ की ओर ध्यान आकर्षित किया और कहा कि यह सिलसिला ‘‘आज भी बिना किसी दंड के’’ जारी है। </p>
<p style="text-align:justify;">बहस के दौरान पाकिस्तानी प्रतिनिधि की ओर से लगाए गए ‘बेबुनियाद आरोप’ पर मंगलवार को संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए भारतीय राजनयिक एल्डोस मैथ्यू पुन्नूस ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा की 1971 की घटनाएं ‘शर्मनाक रिकॉर्ड का मामला है।’ पुन्नूस ने ‘संघर्ष क्षेत्रों में यौन हिंसा से बचे लोगों के लिए जीवन रक्षक सेवाओं और सुरक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अभिनव रणनीति’ विषय पर खुली बहस में अपनी राय रखी। </p>
<h5 style="text-align:justify;">1971 से पूर्वी पाकिस्तान में महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा </h5>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तानी सेना ने 1971 में जिस तरह बेखौफ होकर पूर्वी पाकिस्तान में महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा के जघन्य अपराध किए, वह शर्मनाक है।’ भारतीय राजनयिक स्पष्टतः 1971 में पूर्वी पाकिस्तान (मौजूदा बांग्लादेश) में बड़े पैमाने पर हुए नरसंहार और बलात्कार की घटनाओं का उल्लेख कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘यह निंदनीय प्रवृत्ति आज भी बेरोकटोक और बिना किसी दंड के जारी है।’ </p>
<h5 style="text-align:justify;">हजारों कमजोर महिलाओं और लड़कियों के अपहरण</h5>
<p style="text-align:justify;">पुन्नूस ने कहा, ‘‘धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ उत्पीड़न के हथियार के रूप में हजारों कमजोर महिलाओं और लड़कियों के अपहरण, तस्करी, बाल विवाह, घरेलू दासता, यौन हिंसा और जबरन धर्मांतरण की खबरें एवं विवरण हाल ही में जारी ओएचसीएचआर रिपोर्ट में भी दिए गए हैं।’’ </p>
<h5 style="text-align:justify;">पाकिस्तान के आरोप का करारा जवाब</h5>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आरोप लगाया कि यह ‘विडंबनापूर्ण’ है कि जो लोग इन अपराधों को अंजाम देते हैं, वे अब ‘‘न्याय के चैंपियन के रूप में मुखौटा पहन रहे हैं।’ भारतीय राजनयिक ने कहा, ‘दोहरापन और पाखंड स्वयंसिद्ध है।’ पुन्नूस पाकिस्तान के इस आरोप का जवाब दे रहे थे कि कश्मीर में ‘समुदायों को दंडित करने और अपमानित करने के लिए लंबे समय से यौन हिंसा का सहारा लिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/550633/-sanctions-imposed-on-india-to-end-russia-ukraine-conflict--white-house-statement--trump-wants-to-see-the-war-end">'रूस-यूक्रेन संघर्ष समाप्त करने के लिए भारत पर लगाई पाबंदियां' व्हाइट हाउस का बयान, जंग खत्म होते देखना चाहते है ट्रंप</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/550635/pakistan-exposed-again--india-said-in-unsc--heinous-crimes-against-women-in-east-pakistan-since-1971--still-continue-unabated</link>
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                <pubDate>Wed, 20 Aug 2025 16:48:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दक्षिण एशिया के ये दो देश यौन हिंसा के मामले में आगे, चौंकाने वाले हैं आंकड़े</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>देश और विदेश में दुष्कर्म, यौन शोषण के मामले पर एक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। ‘लांसेट’ पत्रिका में प्रकाशित एक विश्लेषण से यह जानकारी सामने आई। भारत में 2023 में 18 साल से कम उम्र की 30 % से अधिक लड़कियों और 13 % लड़कों ने यौन हिंसा का अनुभव किया। अध्ययन में 1990 और 2023 के बीच 200 से अधिक देशों में बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा की व्यापकता का अनुमान लगाया गया है।</p>
<p>अनुमान में यह पता चलता है कि दक्षिण एशिया में यौन हिंसा का शिकार होने के मामले में लड़कियां शीर्ष पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/537201/these-two-countries-of-south-asia-are-ahead-in-the-case-of-sexual-violence--the-figures-are-shocking"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/news-post--(16)3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>देश और विदेश में दुष्कर्म, यौन शोषण के मामले पर एक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। ‘लांसेट’ पत्रिका में प्रकाशित एक विश्लेषण से यह जानकारी सामने आई। भारत में 2023 में 18 साल से कम उम्र की 30 % से अधिक लड़कियों और 13 % लड़कों ने यौन हिंसा का अनुभव किया। अध्ययन में 1990 और 2023 के बीच 200 से अधिक देशों में बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा की व्यापकता का अनुमान लगाया गया है।</p>
<p>अनुमान में यह पता चलता है कि दक्षिण एशिया में यौन हिंसा का शिकार होने के मामले में लड़कियां शीर्ष पर हैं जिसमें बांग्लादेश में 9.3% से लेकर भारत में 30.8 % तक लड़कियां यौन उत्पीड़न का शिकार हुई हैं। </p>
<p>बता दें कि दुनिया भर में पांच में से एक लड़की और सात में से एक लड़के के 18 साल की उम्र से पहले यौन हिंसा का अनुभव करने का अनुमान है। अमेरिका के ‘यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन’ में ‘इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन’ के शोधकर्ताओं सहित अन्य ने यह भी पाया कि उप-सहारा अफ्रीका में 18 वर्ष से कम उम्र के लड़कों के बीच यौन हिंसा की दर अधिक थी, जो कि जिम्बाब्वे में लगभग आठ प्रतिशत से लेकर पश्चिम अफ्रीकी देश कोट डिलवोइर में 28 % तक है। </p>
<p>बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य और मानवाधिकार मुद्दा बना हुआ है। यौन शोषण और उसके बाद के परिणाम मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति के जोखिम को बढ़ाते हैं तथा उनके दीर्घकालिक स्वास्थ्य पर असर डालते हैं। शोधकर्ताओं ने कहा कि मौजूदा अध्ययन सीमित संख्या में देशों के लिए अनुमान प्रस्तुत करते हैं। टीम ने यह भी कहा कि दुनिया के लगभग 70 % पुरुषों और महिलाओं ने 18 साल की उम्र से पहले किशोरावस्था और युवावस्था में यौन हिंसा का पहला अनुभव किया था।<br /> <br /><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/537167/statue-of--ardhanarishwar--displayed-in-singapore--people-of-indian-origin-donated-60-rare-artifacts">सिंगापुर में प्रदर्शित 'अर्धनारीश्वर' की प्रतिमा, भारतीय मूल के लोगों ने दीं 60 दुर्लभ कलाकृतियां </a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Special Articles</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/537201/these-two-countries-of-south-asia-are-ahead-in-the-case-of-sexual-violence--the-figures-are-shocking</link>
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                <pubDate>Thu, 08 May 2025 14:00:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीतापुर: नाबालिग को भगा ले गया था युवक, बरामदगी को गंभीर नहीं पुलिस, बेटी की तलाश में भटक रहे हैं परिजन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>महोली/सीतापुर,अमृत विचार। </strong>यौन हिंसा से जुड़े अपराधों में आरोपितों की गिरफ्तारी अथवा नाबालिग की बरामदगी को लेकर महोली पुलिस गंभीर नहीं है। मामला चाहें भुड़िया गांव के नाबालिक से दुष्कर्म के आरोपी की गिरफ्तारी का हो या बड़ागांव पुलिस चैकी क्षेत्र में बहला-फुसलाकर ले जाई गई नाबालिग की बरामदगी। पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है जबकि परिजन उचित कार्रवाई की उम्मीद में इधर-उधर भटक रहे हैं। </p>
<p>मालूम हो कि 29 अप्रैल को बड़ागांव पुलिस चैकी क्षेत्र की एक नाबालिग को गांव का ही दिनेश अपने साथ बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। नाबालिग पड़ोस गांव में हाईस्कूल की छात्रा थी।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/476117/sitapur--a-youth-had-kidnapped-a-minor--police-is-not-serious-about-recovery--family-is-wandering-in-search-of-their-daughter"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/42314.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>महोली/सीतापुर,अमृत विचार। </strong>यौन हिंसा से जुड़े अपराधों में आरोपितों की गिरफ्तारी अथवा नाबालिग की बरामदगी को लेकर महोली पुलिस गंभीर नहीं है। मामला चाहें भुड़िया गांव के नाबालिक से दुष्कर्म के आरोपी की गिरफ्तारी का हो या बड़ागांव पुलिस चैकी क्षेत्र में बहला-फुसलाकर ले जाई गई नाबालिग की बरामदगी। पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है जबकि परिजन उचित कार्रवाई की उम्मीद में इधर-उधर भटक रहे हैं। </p>
<p>मालूम हो कि 29 अप्रैल को बड़ागांव पुलिस चैकी क्षेत्र की एक नाबालिग को गांव का ही दिनेश अपने साथ बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। नाबालिग पड़ोस गांव में हाईस्कूल की छात्रा थी। इस संज्ञेय अपराध में उसके चार अन्य रिश्तेदार भी शामिल थे। लड़की के परिजन जब उसे बहुत तलाशने के बावजूद बरामद नहीं कर सके तो बड़ागांव पुलिस चैकी पहुंचे और तहरीर दी। आरोपियों के सियासी रसूख के चलते पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।</p>
<p>इस पर हताश और निराश लड़की के परिजनों ने न्यायालय की शरण ली। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद कोतवाली में मुख्य आरोपी दिनेश सहित उसके चार अन्य रिश्तेदारों के विरुद्ध मुकदमा अपराध संख्या 324/2024 धारा 363, 366 आईपीसी तथा पाॅक्सो एक्ट की धारा 16, 17 में अभियोग पंजीकृत किया गया।</p>
<p>पुलिस की कार्रवाई मुकदमा दर्ज करने तक सीमित रही। मामले को करीब दो माह का समय बीत चुका है लेकिन पुलिस अभी तक नाबालिग को बरामद नहीं कर सकी है। ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे पुलिस को नाबालिग के बालिग होने का इंतजार है, ताकि आरोपितों की मंशा पूरी हो सके। पुलिस की कार्यशैली से आहत नाबालिग के परिजन कार्रवाई के इंतजार में भटक रहे हैं।</p>
<h5>पाॅक्सो एक्ट के आरोपी की गिरफ्तारी नहीं!</h5>
<p>करीब 25 दिन पूर्व विपिन नाम के लड़के ने गांव की एक नाबालिग के साथ असलहे के बल पर उस वक्त दुष्कर्म किया था, जब वह शौच के लिए दोपहर में खेतों की ओर जा रही थी। मौके पर लड़की के चाचा के पहुंचने पर आरोपी मोबाइल और साइकिल छोड़कर भाग गया था। इस मामले में पुलिस अधिकारियों की फटकार के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस तो दर्ज किया था, लेकिन आरोपित को अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। उपरोक्त दोनों प्रकरण इस बात की तस्दीक करते हैं कि पुलिस यौन हिंसा जैसे अपराधों पर गंभीर नहीं है। उनकी सुस्ती मनचलों की हिम्मत को धार दे रही है।</p>
<p>नाबालिग की बरामदगी के प्रयास जारी हैं। लोकेशन ट्रेस होते ही आरोपितों को गिरफ्तार किया जायेगा...,<strong> उमाकांत शुक्ल, प्रभारी निरीक्षक महोली</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a title="SGPGI के डॉ. ब्रजेश त्रिपाठी लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित" href="https://www.amritvichar.com/article/476084/bhu--dr--brajesh-tripathi-of-sgpgi-honored-with-life-time-achievement-award#google_vignette">SGPGI के डॉ. ब्रजेश त्रिपाठी लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>सीतापुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/476117/sitapur--a-youth-had-kidnapped-a-minor--police-is-not-serious-about-recovery--family-is-wandering-in-search-of-their-daughter</link>
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                <pubDate>Tue, 25 Jun 2024 12:59:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संयुक्त राष्ट्र ने सूडान में यौन हिंसा पर जताई चिंता, जल्द की कार्रवाई की मांग </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>संयुक्त राष्ट्र। </strong>संयुक्त राष्ट्र की महिला इकाई ‘यूएन वुमन’ ने अफ्रीकी देश सूडान में अर्द्धसैनिक समूह और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के बीच जारी भीषण संघर्ष के महिलाओं और किशोरियों पर पड़ रहे भयानक प्रभाव पर चिंता व्यक्त की है तथा यौन हिंसा के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यूएन वुमन की कार्यकारी निदेशक सिमा बाहौस ने शुक्रवार को अपने एक बयान में कहा, "यूएन वुमन सूडान में जारी संघर्ष पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त करने में हमारे भागीदारों के साथ शामिल हो गई है।</p>
<p>  सभी संकटों की तरह, यह निश्चित रूप से सूडानी महिलाओं और किशोरियों के</p>
<p> </p>
<p>गौरतलब</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/362684/un-expresses-concern-over-sexual-violence-in-sudan--demands-immediate-action"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-04/untitled-111.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>संयुक्त राष्ट्र। </strong>संयुक्त राष्ट्र की महिला इकाई ‘यूएन वुमन’ ने अफ्रीकी देश सूडान में अर्द्धसैनिक समूह और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के बीच जारी भीषण संघर्ष के महिलाओं और किशोरियों पर पड़ रहे भयानक प्रभाव पर चिंता व्यक्त की है तथा यौन हिंसा के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यूएन वुमन की कार्यकारी निदेशक सिमा बाहौस ने शुक्रवार को अपने एक बयान में कहा, "यूएन वुमन सूडान में जारी संघर्ष पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त करने में हमारे भागीदारों के साथ शामिल हो गई है।</p>
<p> सभी संकटों की तरह, यह निश्चित रूप से सूडानी महिलाओं और किशोरियों के जीवन पर गंभीर और प्रतिकूल प्रभाव डालेगा।" उन्होंने कहा, “हम सूडान के लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं और उनका समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" बाहौस ने कहा कि सूडान में यौन दुराचार की खबरें पहले ही आनी शुरू हो गयी हैं तथा संघर्ष तेज होने के दौरान ऐसी समस्य़ाओं के और अधिक बढ़ने का डर सता रहा है।</p>
<p> ऐसे में सूडानी महिलाओं का लचीलापन आशा का स्रोत है, शांति की खोज में उनकी भूमिका तथा मानवतावादी कार्यकर्ताओं, देखभाल करने वालों और संरक्षकों के रूप में उनकी ताकत एक प्रेरणा है। उन्होंने कहा, “हमें युद्धविराम और शांति के लिए उनके आह्वान पर ध्यान देना चाहिए और उनके द्वारा किए जाने वाले हर काम में उनका समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए।" </p>
<p>गौरतलब है कि सूडान के सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) के बीच कई दिनों से जारी संघर्ष में अब तक 400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी हैं। यूएन वुमन की अपील से एक दिन पहले, संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) ने चेतावनी दी थी कि इस भीषण लड़ाई में हजारों गर्भवती महिलाएं खतरे में हैं, क्योंकि उनके लिए इस युद्ध के बीच अपने घरों से निकलकर अस्पताल जाना खतरनाक हो गया है। यूएनएफपीए का अनुमान है कि राजधानी खार्तूम में करीब 2.19 लाख गर्भवती महिलाएं हैं, जिनमें से 24 हजार महिलाओं के आगामी सप्ताहों में बच्चों को जन्म देने की उम्मीद है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/362676/canada-to-provide-new-military-aid-package-of-390-million">यूक्रेन को 3.9 करोड़ कनाडाई डॉलर का नया सैन्य सहायता पैकेज प्रदान करेगा कनाडा</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/362684/un-expresses-concern-over-sexual-violence-in-sudan--demands-immediate-action</link>
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                <pubDate>Sat, 22 Apr 2023 13:45:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priya ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरदोई: यौन हिंसा में अभियुक्त को मिली पांच साल के कारावास की सजा</title>
                                    <description><![CDATA[हरदोई। मिशन महिला शक्ति के अंतर्गत चयनित मुकदमे में वादविचारण के बाद अपर सत्र न्यायाधीश हेमेन्द्र कुमार सिंह ने महिला से यौन हिंसा के आरोप सिद्ध पाए जाने पर अभियुक्त को  अर्थदण्ड के साथ पांच वर्ष के कारावास की सजा दी है। मुकदमे में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता अमलेंद्र …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>हरदोई।</strong> मिशन महिला शक्ति के अंतर्गत चयनित मुकदमे में वादविचारण के बाद अपर सत्र न्यायाधीश हेमेन्द्र कुमार सिंह ने महिला से यौन हिंसा के आरोप सिद्ध पाए जाने पर अभियुक्त को  अर्थदण्ड के साथ पांच वर्ष के कारावास की सजा दी है।</p>
<p>मुकदमे में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता अमलेंद्र सिंह से प्राप्त जानकारी के अनुसार वादिनी 13 अक्टूबर 2017 को अपने खेत में काम करने गई थी।</p>
<p>शाम 4.30 बजे वादिनी जो कि पीड़िता भी है गांव के शिशुपाल सिंह के बाग में शौच के लिए गयी थी। तभी वहां पहले से घात लगाए अभियुक्त राममुरारी पुत्र विजयपाल निवासी ग्राम नसीरपुर थाना पचदेवरा ने पीड़िता को पकड़ लिया और आरोप के अनुसार बलात्कार किया।</p>
<p>मामला सत्र सुपुर्द होने पर वादविचारण के बाद हालांकि न्यायालय ने अभियुक्त को बलात्कार के आरोप से बरी करते हुए केवल यौन हिंसा का दोषी ठहराया और धारा 376/511 भादवि में पांच वर्ष की सजा दी। इसके अतिरिक्त तीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया जिसमें से 80 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया।</p>
<p><strong>पढ़ें- <a href="https://amritvichar.com/lucknow-body-of-six-year-old-daughter-of-a-laborer-missing-for-five-days-recovered-suspected-of-rape-and-murder/">लखनऊ: पांच दिन से लापता मजदूर की छह वर्षीय बेटी का शव बरामद, दुष्कर्म कर हत्या की आशंका</a> </strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>हरदोई</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/206067/hardoi-accused-sentenced-to-five-years-imprisonment-in-sexual-violence</link>
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                <pubDate>Fri, 22 Apr 2022 17:57:36 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्यूबा की महिला ने माराडोना पर शोषण करने का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[ब्यूनस आयर्स। दिवंगत स्टार डिएगो माराडोना के साथ रिश्ते में रही क्यूबा की महिला माविस अल्वारेज ने इस फुटबॉल खिलाड़ी के खिलाफ नशीली दवाओं की लत लगाने के साथ शारीरिक और यौन हिंसा का आरोप लगाया है। मानव तस्करी से जुड़े मामले में अर्जेटीना की अदालत में बयान दर्ज करने के लिए पहुंची इस महिला …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/136985/cuban-woman-accuses-maradona-of-exploitation"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-11/maradona.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ब्यूनस आयर्स।</strong> दिवंगत स्टार डिएगो माराडोना के साथ रिश्ते में रही क्यूबा की महिला माविस अल्वारेज ने इस फुटबॉल खिलाड़ी के खिलाफ नशीली दवाओं की लत लगाने के साथ शारीरिक और यौन हिंसा का आरोप लगाया है। मानव तस्करी से जुड़े मामले में अर्जेटीना की अदालत में बयान दर्ज करने के लिए पहुंची इस महिला ने कहा कि उनके साथ यह अत्याचार उस समय शुरू हुआ जब वह महज 16 साल की थी।</p>
<p>क्यूबा छोड़ अमेरिका में जा बसी अल्वारेज ने सोमवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि फिदेल कास्त्रो की सरकार और माराडोना के करीबी रिश्ते के कारण लगभग पांच साल के उनके रिश्ते के दौरान हुई अत्याचारों का खुलासा नहीं हो सका था। फुटबॉल के महानतम खिलाड़ियों में से एक माराडोना ने अधिक मात्रा में ड्रग के सेवन के कारण मौत की कगार पर पहुंचने के बाद खुद कास्त्रो के निमंत्रण पर कोकीन की लत के इलाज के लिए कई साल क्यूबा में बिताये थे।</p>
<p>सैतीस साल की अल्वारेज कथित मानव तस्करी की प्रारंभिक जांच में सहयोग के लिए अर्जेंटीना की न्याय प्रणाली के समक्ष गवाही देने के लिए पिछले सप्ताह ब्यूनस आयर्स पहुंची है। माराडोना की पिछले साल नवंबर में मृत्यु हो गई थी लेकिन महिला के कानूनी प्रतिनिधि पूर्व फुटबॉलर के करीबी सहयोगियों को निशाना बना रहे हैं। इसमें उनके पूर्व प्रबंधक गिलर्मो कोपोला और  2000 की दशक की शुरुआत में उनके साथ क्यूबा में रहने वाले अर्जेंटीना के उनके दोस्त शामिल है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़े-</strong></p>
<p class="post-title entry-title"><a href="https://amritvichar.com/sending-obscene-messages-bailey-will-not-participate-in-voting-on-tim-paines-future/">अश्लील मैसेज भेजने का मामला: टिम पेन के भविष्य को लेकर वोटिंग में भाग नहीं लेंगे बेली</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/136985/cuban-woman-accuses-maradona-of-exploitation</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/136985/cuban-woman-accuses-maradona-of-exploitation</guid>
                <pubDate>Tue, 23 Nov 2021 12:48:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एंटोनियो गुटेरेस ने कहा- कोविड-19 महामारी के दौरान यौन हिंसा में हुई बढ़ोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र। कोविड-19 महामारी के कारण पिछले वर्ष लिंग आधारित हिंसा में बढ़ोतरी देखी गई और कई देशों में यौन हिंसा को ‘‘युद्ध की क्रूर युक्ति’’ एवं राजनीतिक दमन के तौर पर इस्तेमाल किया गया। यह बात सोमवार को संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने एक रिपोर्ट जारी कर कही। रिपोर्ट में 18 देशों का जिक्र है …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/77715/un-chief-antonio-guterres-says-sexual-violence-increased-during-covid-19-pandemic"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-04/antonio-guterres-11.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>संयुक्त राष्ट्र।</strong> कोविड-19 महामारी के कारण पिछले वर्ष लिंग आधारित हिंसा में बढ़ोतरी देखी गई और कई देशों में यौन हिंसा को ‘‘युद्ध की क्रूर युक्ति’’ एवं राजनीतिक दमन के तौर पर इस्तेमाल किया गया। यह बात सोमवार को संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने एक रिपोर्ट जारी कर कही।</p>
<p>रिपोर्ट में 18 देशों का जिक्र है जहां के बारे में संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि उसे सत्यापित सूचना प्राप्त हुई। इसमें 52 पक्षों का जिक्र है जिन पर हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में ‘‘बलात्कार या यौन हिंसा के अन्य प्रारूप’’ का इस्तेमाल करने का ‘‘ठोस संदेह’’ है। इसमें कहा गया है कि 70 फीसदी से अधिक सूचीबद्ध पक्ष ‘‘सतत षड्यंत्रकारी हैं।’’</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र की काली सूची में शामिल अधिकतर पक्ष ‘‘राज्येतर तत्व’’ हैं, जिनमें इस्लामिक स्टेट या अल-कायदा आतंकवादी संगठनों से जुड़े चरमपंथी समूह, बागी या विपक्षी शामिल हैं। इस सूची में शामिल राष्ट्रीय सेना या पुलिस बलों को तब तक संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में शामिल होने से रोक दिया गया है जब तक कि वे हिंसा खत्म करने के लिए समयबद्ध प्रतिबद्धताएं नहीं अपनाते हैं। इसमें म्यांमा की सेना और सीमावर्ती गार्ड शामिल हैं।</p>
<p>‘‘काली सूची’’ में कांगो और दक्षिण सूडान की सरकार एवं पुलिस बल; सीरिया में सरकारी बल और खुफिया सेवाएं; सूडान में सशस्त्र बल एवं त्वरित समर्थन बल, सोमाली में सेना और पुलिस और पुंटलैंड क्षेत्र के सुरक्षा बल शामिल हैं। राज्येतर तत्वों वाले देशों में कांगो के 20 समूह; सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक के छह समूह; माली के पांच समूह; दक्षिण सूडान और सीरिया के चार-चार समूह; सूडान के दो समूह; इराक और सोमालिया तथा उसके एक-एक समूह शामिल हैं।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा, ‘‘यौन हिंसा को युद्ध की युक्ति के तौर पर इस्तेमाल किया गया, उत्पीड़न एवं आतंकवाद के माध्यम से मानवाधिकारों एवं सुरक्षा को खतरा पैदा किया गया तथा सैन्यीकरण एवं हथियारों का अंधाधुंध इस्तेमाल हुआ।’’ गुतारेस ने कहा कि इथियोपिया के टीगरे क्षेत्र में नवंबर में सरकार और टीगरे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट के बीच संघर्ष छिड़ गया जिसमें 100 से अधिक बलात्कार के मामलों के आरोप हैं।</p>
<p>गुतारेस ने कहा कि म्यांमा के सशस्त्र जातीय संघर्ष में भी यौन हिंसा की खबरें हैं। उन्होंने राखाइन, चिन और शान राज्यों में तातामडाव सुरक्षा बलों ओर जातीय बागी समूहों के यौन हिंसा में लिप्त होने की बात कही। रिपोर्ट में 2020 की घटनाएं शामिल हैं जो दो फरवरी को म्यांमा की सरकार पर सेना के काबिज होने से पहले की हैं।</p>
<p>महासचिव ने कहा कि कोविड-19 महामारी से जुड़ी आवाजाही की पाबंदियों एवं सीमित आर्थिक अवसर के कारण भी ‘‘महिलाओं की तस्करी एवं यौन हिंसा का खतरा बढ़ा।’’ उन्होंने कहा कि महामारी के कारण इराक, सीरिया और यमन में बाल विवाह की घटनाएं बढ़ीं।</p>
<p>गुतारेस ने कहा कि पश्चिमी अफ्रीकी देश कैमरून में फरवरी 2020 में अलगाववादियों के खिलाफ सेना के अभियान के दौरान 24 महिलाओं से बलात्कार हुआ और इस घटना का जुलाई तक खुलासा नहीं हुआ था। उन्होंने कहा, ‘‘बुरूंडी में विपक्षी दलों की महिलाओं को चुनाव के दौरान धमकाया गया और मनमाने तरीके से हिरासत में रखा गया।’’</p>
<p>महासचिव ने कहा कि इसी तरह सूडान में किसानों और गड़ेरियों के बीच संघर्ष के दौरान बलात्कार और सामूहिक बलात्कार की घटनाएं हुईं। गुतारेस ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से आग्रह किया कि सुनिश्चित करें कि यौन हिंसा पीड़ितों का सहयोग एवं पुनर्वास किया जा सके।</p>
<p> </p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/77715/un-chief-antonio-guterres-says-sexual-violence-increased-during-covid-19-pandemic</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/77715/un-chief-antonio-guterres-says-sexual-violence-increased-during-covid-19-pandemic</guid>
                <pubDate>Tue, 13 Apr 2021 16:48:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुजफ्फरपुर आश्रय गृह यौन हिंसा कांड: मुख्य आरोपी ठाकुर के परिवार की ईडी ने की संपत्ति कुर्क</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुजफ्फरपुर के आश्रय गृह यौन हिंसा कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर और उसकी पत्नी के विरूद्ध धनशोधन मामले में दिल्ली में स्थित उनकी 1.45 करोड़ रूपये की संपत्ति एवं एक सावधि जमा जब्त है। ईडी ने एक बयान में बताया कि पिछले साल यह बहुमंजिली इमारत कुर्क की …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुजफ्फरपुर के आश्रय गृह यौन हिंसा कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर और उसकी पत्नी के विरूद्ध धनशोधन मामले में दिल्ली में स्थित उनकी 1.45 करोड़ रूपये की संपत्ति एवं एक सावधि जमा जब्त है। ईडी ने एक बयान में बताया कि पिछले साल यह बहुमंजिली इमारत कुर्क की गयी थी और इस अंतिरम आदेश पर इस साल जनवरी और फरवरी के बीच धनशोधन रोकथाम अधिनियम के निर्णय संबंधी प्राधिकार और अपीलीय न्यायाधिकरण ने मुहर लगायी। यह संपत्ति ठाकुर की पत्नी आशा के नाम से है और पालम कॉलोनी के राजनगर प्रथम इलाके है।ईडी ने मंगलवार को उसे अपने कब्जे में ले लिया।</p>
<p>इसी मामले में एजेंसी 2.07 लाख रूपये की सावधि जमा भी जब्त कर ली जो आदर्श महिला शिल्प कला केंद्र के नाम से है। ईडी ने अक्टूबर, 2018 में ठाकुर, उसके परिवार के सदस्यों एवं अन्य के खिलाफ धनशोधन का मामला दर्ज किया था। उससे पहले, बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में उसके एनजीओ सेवा संकल्प एवं विकास समिति द्वारा संचालित आश्रय गृह में नाबालिग लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न की खबरें सामने आयी थीं।</p>
<p>एजेंसी ने कहा था कि उसकी जांच में पाया गया कि ”आश्रय गृह बहुत ही संदेहास्पद तरीके से चलाया जा रहा था और कई लड़कियों ने हिंसा एवं यौन उत्पीड़न किये जाने की शिकायत की।” ईडी ने कहा, ” आरोपी ब्रजेश ठाकुर लड़कियों के साथ बलात्कार करता था और इन वंचित एवं बेसहारा लड़कियों के साथ यौन हिंसा एवं मारपीट करता था। ठाकुर का ‘बालिका गृह’ के अन्य सदस्यों के साथ इस आश्रय गृह पर पूर्ण नियंत्रण था,” ईडी ने कहा, ” ठाकुर और अन्य ने बालिकाओं के कल्याणार्थ मिले (करीब 7.57 करोड़ रूपये) कोष/सहायता अनुदान को अन्यत्र लगाया एवं उसका गबन किया । उन्होंने इस रकम से ठाकुर और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से बहुत सी चल एवं अचल संपत्ति खरीदी ।” ईडी ने इस मामले में पटना में पीएमएलए अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Mar 2021 20:44:43 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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