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                <title>Cyber ​​fraud - Amrit Vichar</title>
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                <description>Cyber ​​fraud RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Bareilly: कॉल के बाद दो क्रेडिट कार्ड से ठगों ने कर डाली  76 हजार की शॉपिंग</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>सीबीगंज, अमृत विचार। </strong>एक व्यक्ति के दो क्रेडिट कार्ड से साइबर ठगों ने ऑनलाइन शॉपिंग कर करीब 76 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p>बिधौलिया निवासी मोहम्मद कासिम पुत्र अनीश अहमद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पास स्टेट बैंक और इंडसइंड बैंक के दो क्रेडिट कार्ड हैं। पांच मई को उनके मोबाइल पर एक ऑनलाइन कॉल आई। कॉल के कुछ देर बाद उनके एक क्रेडिट कार्ड से 28,279 रुपये और दूसरे कार्ड से 47,949 रुपये की शॉपिंग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582323/scammers-go-on-a-%E2%82%B976-000-shopping-spree-using-two-credit-cards-after-a-phone-call"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/thagi1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>सीबीगंज, अमृत विचार। </strong>एक व्यक्ति के दो क्रेडिट कार्ड से साइबर ठगों ने ऑनलाइन शॉपिंग कर करीब 76 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p>बिधौलिया निवासी मोहम्मद कासिम पुत्र अनीश अहमद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पास स्टेट बैंक और इंडसइंड बैंक के दो क्रेडिट कार्ड हैं। पांच मई को उनके मोबाइल पर एक ऑनलाइन कॉल आई। कॉल के कुछ देर बाद उनके एक क्रेडिट कार्ड से 28,279 रुपये और दूसरे कार्ड से 47,949 रुपये की शॉपिंग कर ली गई।</p>
<p>मोबाइल पर मैसेज आने के बाद उन्हें ठगी की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 09:08:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kanpur Digital Arrest : डिजिटल अरेस्ट कर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> उत्तर प्रदेश में कानपुर की पनकी थाना पुलिस और साइबर सेल के संयुक्त अभियान में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर देश भर में करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस उपायुक्त पश्चिम कासिम आबिदी ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि पनकी पुलिस एवं पश्चिम जोन साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में डिजिटल अरेस्ट गिरोह से जुड़े दो अभियुक्तों जगदीशचंद्र गुप्ता एवं रोहित भसीन को गिरफ्तार किया गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">जांच के दौरान पता चला कि अभियुक्त साइबर पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर चिन्हित किए गए संदिग्ध खातों का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/581745/kanpur-digital-arrest--two-members-of-gang-that-swindled-crores-through--digital-arrest--arrested"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/डिजिटल-अरेस्ट.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> उत्तर प्रदेश में कानपुर की पनकी थाना पुलिस और साइबर सेल के संयुक्त अभियान में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर देश भर में करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस उपायुक्त पश्चिम कासिम आबिदी ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि पनकी पुलिस एवं पश्चिम जोन साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में डिजिटल अरेस्ट गिरोह से जुड़े दो अभियुक्तों जगदीशचंद्र गुप्ता एवं रोहित भसीन को गिरफ्तार किया गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">जांच के दौरान पता चला कि अभियुक्त साइबर पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर चिन्हित किए गए संदिग्ध खातों का उपयोग कर डिजिटल अरेस्ट के माध्यम से लोगों को डराकर करोड़ों रुपये की ठगी करते थे। जांच में सामने आया कि जगदीशचंद्र गुप्ता के नाम पर "बालाजी फाउंडेशन" के नाम से आईसीआईसीआई बैंक में संचालित खाते में लगभग 10 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ, जिसमें एक ही ट्रांजैक्शन में 3.25 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। </p>
<p style="text-align:justify;">पूछताछ में खुलासा हुआ कि रोहित भसीन उसका सहयोगी है तथा नोएडा स्थित आईसीआईसीआई बैंक के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी एवं म्यूल खाते खुलवाए जाते थे। उन्होने बताया कि संबंधित बैंक कर्मचारी मुकुल वर्मा एवं धीरज, जो शाखा प्रबंधक एवं डिप्टी शाखा प्रबंधक थे, को पूर्व में गुजरात पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अभियुक्तों द्वारा 16 मोबाइल नंबरों का प्रयोग कर अलग-अलग भाषाओं में लोगों को कॉल कर डिजिटल अरेस्ट किया जाता था। </p>
<p style="text-align:justify;">जांच में यह भी ज्ञात हुआ कि गिरोह का नेटवर्क अखिल भारतीय स्तर पर सक्रिय था तथा आंध्र प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र एवं तमिलनाडु सहित आठ राज्यों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई हैं। गिरोह बैंक खातों की ट्रांजैक्शन लिमिट बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से बढ़वाकर बड़ी रकम का तत्काल आरटीजीएस एवं नेफ्ट के माध्यम से अन्य खातों में ट्रांसफर करता था। </p>
<p style="text-align:justify;">अभियुक्त जगदीशचंद्र गुप्ता पूर्व में बिजली चोरी के मामले में तथा रोहित भसीन विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों में वांछित रहा है। गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक अभिरक्षा के लिये भेजा गया है तथा इनके अन्य सहयोगियों एवं नेटवर्क की जांच कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 17:56:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand:साइबर ठगों के जाल में फंसे बुजुर्ग 20 दिन तक होते रहे टॉर्चर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार। </strong>राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में भी अब लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे है। अल्मोड़ा जिले में ठग हर रोज बड़ी संख्या में लोगों को साइबर ठगी का शिकार बना रहे है। जबकि इस साल जिले में अब तक कई लोग ठगी का शिकार होकर अपनी जमा पूंजी गवा चुके है।</p>
<p>अल्मोड़ा के सैकड़ों लोग साल में आसानी से ठगों का शिकार बन रहे हैं और अपनी जीवन भर की जमा पूंजी गवा रहे है। साइबर ठग युवा, बुजुर्ग, महिलाओं और बच्चों के अलावा पढ़े-लिखे लोगों को झांसे में ले रहे हैं। सोशल मीडिया, फोन-पे, गूगल-पे,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/581531/elderly-man-trapped-in-cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bscammers--web-tortured-for-20-days"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/cyber-crime.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार। </strong>राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में भी अब लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे है। अल्मोड़ा जिले में ठग हर रोज बड़ी संख्या में लोगों को साइबर ठगी का शिकार बना रहे है। जबकि इस साल जिले में अब तक कई लोग ठगी का शिकार होकर अपनी जमा पूंजी गवा चुके है।</p>
<p>अल्मोड़ा के सैकड़ों लोग साल में आसानी से ठगों का शिकार बन रहे हैं और अपनी जीवन भर की जमा पूंजी गवा रहे है। साइबर ठग युवा, बुजुर्ग, महिलाओं और बच्चों के अलावा पढ़े-लिखे लोगों को झांसे में ले रहे हैं। सोशल मीडिया, फोन-पे, गूगल-पे, व्हाट्सअप आदि के जरिए लोगों को अपने चंगुल में फंसाकर उनके खाते खंगाल रहे हैं। इधर, जिले के भतरौंजखान में ठगी मामले में साइबर ठगों के जाल में फंसे धारड़ गांव निवासी बुजुर्ग 20 दिन तक टॉर्चर होते रहे। इस दौरान वह हर एक घंटे में साइबर ठग को अपनी ही सुरक्षा का मैसेज करते रहे। उन्हें इस बात का एहसास कराया गया कि टीम आतंकवादियों को पकड़ने और उन्हें मामले से सुरक्षित निकालने में जुटे हुए हैं। साइबर ठगों ने उन्हें देश की सुरक्षा के नाम पर इतना भयभीत कर दिया कि वह इस बात को किसी से नहीं कह पाए और साइबर ठगों के शिकार बन गए।</p>
<p><strong>सतर्कता ही बचाव</strong><br />पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यदि कभी किसी अंजान नंबर से फोन कर किसी स्वजन के अपराध में फंसे होने, परेशानी में होने या कोई की बात करता हैं, तो सबसे पहले व्यक्ति को उससे संपर्क करना चाहिए, जो अंजान नंबर से काल कर नाम ले रहा है। इससे स्थिति साफ हो जाएगी कि स्वजन किसी परिस्थिति में फंसा है या नहीं। जिससे की साइबर ठगी से बचा जा सके। अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा साइबर ठग खुद को पुलिस अधिकारी बता कर फोन कर डिजिटल अरेस्ट कर रहे हैं, लेकिन डिजिटल अरेस्ट कुछ नहीं होता है। जागरूकता ठगों के जाल में आने से बचा जा सकता है।</p>
<p><strong>एसएसपी ने की जनमानस से अपील</strong><br />एसएसपी चंद्रशेखर घोड़के ने कहा कि पुलिस या किसी भी अन्य विभाग में डिजिटल अरेस्ट की कोई कानूनी प्रक्रिया नही है। सभी से अनुरोध है कि साइबर ठगों के झांसे में न आए। उन्होंने कहा कि यदि कभी भी किसी के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो तत्काल उसकी शिकायत हेल्प लाईन नंबर 1930 में करें। जिससे हमारी साइबर टीम आपकी धनराशि को बचाने की आवश्यक कार्रवाई जल्द कर सके।</p>
<p>साइबर ठगी से बचाव के उपाय<br />-सशक्त पासवर्ड का उपयोग करें</p>
<p>-दो-चरणीय प्रमाणीकरण का उपयोग करें<br />-संदिग्ध ईमेल और लिंक से सावधान रहें</p>
<p>-सॉफ्टवेयर और एंटीवायरस अपडेट रखें<br />-सार्वजनिक वाई-फाई का सावधानीपूर्वक उपयोग करें</p>
<p>-व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सतर्कता बरते<br />-ऑनलाइन लेनदेन में सतर्कता बरते</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/581531/elderly-man-trapped-in-cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bscammers--web-tortured-for-20-days</link>
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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 10:09:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय पत्रकारों ने जीता पुलित्जर पुरस्कार, 'डिजिटल अरेस्ट' की सच्चाई उजागर करने पर मिला सम्मान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>न्यूयॉर्क। </strong>भारतीय पत्रकार आनंद आर के और सुपर्णा शर्मा को डिजिटल निगरानी और साइबर धोखाधड़ी पर उनके काम के लिये प्रतिष्ठित पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। सोमवार को घोषित इस पुरस्कार में आनंद और शर्मा को 'इलस्ट्रेटेड रिपोर्टिंग एंड कमेंट्री' श्रेणी में यह सम्मान मिला। इस पुरस्कार को उन्होंने ब्लूमबर्ग की नताली ओबिको पियर्सन के साथ साझा किया।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलित्जर पुरस्कार की वेबसाइट के अनुसार, 'ट्रैप्ड' शीर्षक से ब्लूमबर्ग के लिए तैयार की गई यह खबर भारत की एक न्यूरोलॉजिस्ट की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी बयां करती है, जिन्हें जालसाजों ने 'डिजिटल अरेस्ट' किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">तस्वीरों और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580985/indian-journalists-win-pulitzer-prize--honored-for-exposing-the-truth-behind--digital-arrest"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(40)2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>न्यूयॉर्क। </strong>भारतीय पत्रकार आनंद आर के और सुपर्णा शर्मा को डिजिटल निगरानी और साइबर धोखाधड़ी पर उनके काम के लिये प्रतिष्ठित पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। सोमवार को घोषित इस पुरस्कार में आनंद और शर्मा को 'इलस्ट्रेटेड रिपोर्टिंग एंड कमेंट्री' श्रेणी में यह सम्मान मिला। इस पुरस्कार को उन्होंने ब्लूमबर्ग की नताली ओबिको पियर्सन के साथ साझा किया।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलित्जर पुरस्कार की वेबसाइट के अनुसार, 'ट्रैप्ड' शीर्षक से ब्लूमबर्ग के लिए तैयार की गई यह खबर भारत की एक न्यूरोलॉजिस्ट की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी बयां करती है, जिन्हें जालसाजों ने 'डिजिटल अरेस्ट' किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">तस्वीरों और शब्दों के अनूठे संगम से तैयार इस खबर ने डिजिटल निगरानी और साइबर ठगी के बढ़ते वैश्विक खतरे को बेहद प्रभावशाली तरीके से उजागर किया। कोलंबिया विश्वविद्यालय द्वारा संचालित पुलित्जर पुरस्कार पत्रकारिता, साहित्य और संगीत रचना के क्षेत्र में दिए जाने वाले सर्वोच्च सम्मानों में गिना जाता है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/580951/wherever-yogi-campaigned--his-strike-rate-was-phenomenal---road-shows-and-public-meetings-changed-the-election-atmosphere-in-west-bengal--dealing-a-major-blow-to-the-tmc"><span class="t-red">योगी ने जहां किया प्रचार, स्ट्राइक रेट धुआंधार ...</span> पश्चिम बंगाल में रोड शो-जनसभाओं से बदला चुनावी माहौल, TMC को जोरों का झटका</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/580985/indian-journalists-win-pulitzer-prize--honored-for-exposing-the-truth-behind--digital-arrest</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/580985/indian-journalists-win-pulitzer-prize--honored-for-exposing-the-truth-behind--digital-arrest</guid>
                <pubDate>Tue, 05 May 2026 16:08:02 +0530</pubDate>
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                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/untitled-design-%2840%292.jpg"                         length="86733"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर पुलिस ने किया साइबर ठगी का भंडाफोड़, आठ गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर में बर्रा थाना पुलिस ने एक संगठित साइबर फ्रॉड/डिजिटल अरेस्ट नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए आठ अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह द्वारा फर्जी जीएसटी फर्मों और बैंकिंग चैनलों के दुरुपयोग के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि गिरोह के सदस्य फर्जी जीएसटी फर्मों का पंजीकरण कराकर विभिन्न बैंकों में करंट और ट्रस्ट खाते खुलवाते थे। </p>
<p style="text-align:justify;">इन खातों के माध्यम से साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और इन्वेस्टमेंट फ्रॉड से प्राप्त धनराशि को मंगाकर उसे इधर-उधर स्थानांतरित कर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580446/kanpur-police-bust-cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bfraud-racket--eight-arrested"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/arest2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर में बर्रा थाना पुलिस ने एक संगठित साइबर फ्रॉड/डिजिटल अरेस्ट नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए आठ अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह द्वारा फर्जी जीएसटी फर्मों और बैंकिंग चैनलों के दुरुपयोग के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि गिरोह के सदस्य फर्जी जीएसटी फर्मों का पंजीकरण कराकर विभिन्न बैंकों में करंट और ट्रस्ट खाते खुलवाते थे। </p>
<p style="text-align:justify;">इन खातों के माध्यम से साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और इन्वेस्टमेंट फ्रॉड से प्राप्त धनराशि को मंगाकर उसे इधर-उधर स्थानांतरित कर ठिकाने लगाया जाता था। इस पूरे नेटवर्क में कुछ बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता भी सामने आई है, जो खातों के संचालन और निगरानी में सहयोग कर 5 से 10 प्रतिशत तक कमीशन प्राप्त करते थे। उन्होने बताया कि प्रारंभिक जांच में एक खाते के माध्यम से करीब 53 करोड़ 37 लाख रुपये, दूसरे से लगभग 66 करोड़ रुपये तथा अन्य खातों से करोड़ों रुपये के लेनदेन के साक्ष्य मिले हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त नवी मुंबई के एक साइबर थाने में दर्ज मामले से जुड़े करीब 58 करोड़ रुपये की डिजिटल ठगी की रकम भी इस नेटवर्क से संबंधित पाई गई है। इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने आठ अभियुक्तों सोनू शर्मा, सतीश पांडेय, साहिल विश्वकर्मा, धर्मेंद्र सिंह, तनिष गुप्ता, अमित सिंह, अमित कुमार और आशीष कुमार को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के नौ मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि "डिजिटल अरेस्ट" जैसे किसी भी कॉल या संदेश पर विश्वास न करें तथा किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग जानकारी या ओटीपी साझा न करें। संदिग्ध कॉल या लेनदेन की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर देने को कहा गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/580446/kanpur-police-bust-cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bfraud-racket--eight-arrested</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 16:26:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: मीशो कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर महिला से 6 लाख की ठगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> इज्जतनगर थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने मीशो कस्टमर केयर के नाम पर एक महिला को झांसे में लेकर उसके बैंक खाते से 6 लाख रुपये उड़ा लिए। थाना साइबर क्राइम में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।</p>
<p>कर्मचारी नगर निवासी मंजू कुमार पत्नी प्रकाश कुमार ने बताया कि 19 अप्रैल को उनका एक पार्सल आने वाला था, जो नहीं पहुंचा। गूगल पर मीशो कस्टमर केयर का नंबर सर्च किया, जहां उन्हें एक मोबाइल नंबर मिला। उस नंबर पर कॉल किया तो सामने वाले व्यक्ति ने खुद को मीशो का कस्टमर केयर अधिकारी बताकर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580047/woman-defrauded-of-%E2%82%B96-lakh-by-imposter-posing-as-meesho-customer-care-representative"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/thagi3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> इज्जतनगर थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने मीशो कस्टमर केयर के नाम पर एक महिला को झांसे में लेकर उसके बैंक खाते से 6 लाख रुपये उड़ा लिए। थाना साइबर क्राइम में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।</p>
<p>कर्मचारी नगर निवासी मंजू कुमार पत्नी प्रकाश कुमार ने बताया कि 19 अप्रैल को उनका एक पार्सल आने वाला था, जो नहीं पहुंचा। गूगल पर मीशो कस्टमर केयर का नंबर सर्च किया, जहां उन्हें एक मोबाइल नंबर मिला। उस नंबर पर कॉल किया तो सामने वाले व्यक्ति ने खुद को मीशो का कस्टमर केयर अधिकारी बताकर कुछ निर्देश देते हुए एक लिंक भेजा।</p>
<p>20 अप्रैल की सुबह करीब 9 बजे जैसे ही मंजू ने लिंक पर क्लिक किया, उनका मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद उनके बैंक खाते से कुल 6 लाख रुपये निकाल लिए गए। घटना के बाद पीड़िता ने ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 08:06:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: साइबर ठगों का मिला चाइनीज कनेक्शन, डॉक्टर सहित 5 गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> साइबर ठगों के बड़े गिरोह का बरेली पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। छापेमारी कर 5 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें एक डाक्टर भी शामिल है। चौका देने बाली बात ये है कि गैंग गा चाइनीज कनेक्शन भी सामने आया है। नेटवर्क के सदस्य व्हाट्सएप के जरिए देशभर में लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे।</p>
<p>सीओ शिवम आशुतोष ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि साइबर यूनिट ने गैंंग के बारे में अहम सूचनाएं जुटाईंऔर उसके बाद कार्रवाई की गई। कृष्णा कॉलोनी रोड पर खड़ी संदिग्ध कार को पकड़ा गया और उसमें सवार पांच लोगों को हिरासत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579259/chinese-link-to-cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bfraudsters-unearthed--5-arrested--including-a-doctor"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/thagi2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> साइबर ठगों के बड़े गिरोह का बरेली पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। छापेमारी कर 5 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें एक डाक्टर भी शामिल है। चौका देने बाली बात ये है कि गैंग गा चाइनीज कनेक्शन भी सामने आया है। नेटवर्क के सदस्य व्हाट्सएप के जरिए देशभर में लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे।</p>
<p>सीओ शिवम आशुतोष ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि साइबर यूनिट ने गैंंग के बारे में अहम सूचनाएं जुटाईंऔर उसके बाद कार्रवाई की गई। कृष्णा कॉलोनी रोड पर खड़ी संदिग्ध कार को पकड़ा गया और उसमें सवार पांच लोगों को हिरासत में लिया गया। उनकी पहचान शाकिब अली, राजकुमार, आशीष सिंह, डॉक्टर सचेंद्र कुमार और बबलू उर्फ माधोराम के रूप में हुई। पूछताछ में पता चला की पकड़े गए क्रिमिनल साइबर ठग रैकेट से जुड़े हैं। </p>
<p>उनके पास से लेपटॉप मिला, जिसमें कई खातों में करोड़ों के ट्रांजिक्शन का खुलासा हुआ है। पुलिस को मिली सूचनाओं के बाद गिरोह से जुड़े और भी अपराधियों की गिरफतारी की जा सकती है। गिरोह का सरगना सुमित है, जो लखनऊ में रहकर पूरे नेटवर्क को संचालित करता है। वह व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए सदस्यों को जोड़कर चीन के साइबर अपराधियों से संपर्क में था। वहीं से एपीके फाइल, गेमिंग एप और ठगी से जुड़ा डाटा उपलब्ध कराया जाता था। पुलिस उसे गिरफ्तार करती इससे पहले उसे भनक लग गई थी। जिसके चलते वह फरार हो गया। डॉक्टर के खाते से होकर अन्य तक पहुंचता था करोड़ों रुपये</p>
<p>बरेली। गिरोह से पूछताछ में अपराधी नेटवर्क का मास्टर माइंड होम्योपैथिक डॉक्टर सचेन्द्र कुमार निकला है। देशभर में की गई साइबर ठगी की रकम पहले उसके खाते में जमा कराई जाती थी। फिर दूसरे खातों में पैसा भेज दिया जाता था। नेटवर्क संचालित करने के लिए एसआर संस एंड ग्रुप्स नाम से ट्रस्ट भी बनाया गया था, जिससे खातों पर बैंकों की नजर नहीं रहती थी। गिरोह के सदस्य शाकिब अली ने साइबर ठगी तिहाड़ जेल में बंद अपराधियों से सीखे थे। </p>
<p>बाहर आने के बाद उसने सुमित, सचेंद्र और बबलू के साथ मिलकर गिरोह खड़ा किया। डॉक्टर सचेंद्र 15 प्रतिशत हिस्सा अपने पास रखता था, जबकि शेष रकम सरगना सुमित के पास जाती थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, चेकबुक, डेबिट कार्ड, आधार और पैन कार्ड की प्रतियां, ट्रस्ट के दस्तावेज के साथ ही अवैध तमंचे और कारतूस बरामद किए हैं। हालांकि कैश बहुत कम मिला है।</p>
<p><strong>22 खातों पर दर्ज थी 524 शिकायतें</strong><br />पुलिस ने बताया कि ट्रस्ट के नाम पर 22 बैंक खाते खुलवाए गए थे, जिनके जरिए देशभर में ठगी की रकम का लेनदेन किया जाता था। इन खातों को लेकर एनसीआरपी पोर्टल पर 524 शिकायतें दर्ज हैं। जांच में यह भी सामने आया कि केवल ट्रेडिंग धोखाधड़ी के जरिए ही करीब 1.55 करोड़ रुपये की ठगी कर उन्हें</p>
<p>सीओ हाईवे शिवम आशुतोष ने बताया कि फरार चल रहे सुमित पर जानकारियां है कि वह चाइना में कहां पैसा भेजता था। उसकी गिरफ्तारी के लिए भी टीमें लगाई गई है। उसकी गिरफ्तारी के बाद बहुत चीजें साफ हो जाएगी।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579259/chinese-link-to-cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bfraudsters-unearthed--5-arrested--including-a-doctor</link>
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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 11:07:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: आपकी अमरनाथ यात्रा को फीका कर सकते हैं साइबर ठग, सोशल मीडिया पर आने लगे लिंक</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> अमरनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है, वहीं साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं। 15 अप्रैल से शुरू होने वाली यात्रा से पहले सोशल मीडिया पर फर्जी लिंक और मैसेज फैलाए जा रहे हैं, जिनके जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाने की योजना है।</p>
<p>प्रेमनगर के नेहरू पार्क कॉलोनी निवासी सुप्रीम कोर्ट साइबर बार के चेयरमैन अनुज अग्रवाल ने बताया कि अमरनाथ और चारधाम यात्रा के नाम पर हर साल बड़ी संख्या में साइबर ठगी के मामले सामने आते हैं। ठग खुद को ट्रैवल एजेंट या अधिकृत संस्था का प्रतिनिधि बताकर लोगों को रजिस्ट्रेशन,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578488/cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bscammers-could-ruin-your-amarnath-yatra--links-begin-appearing-on-social-media"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/amarnath.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> अमरनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है, वहीं साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं। 15 अप्रैल से शुरू होने वाली यात्रा से पहले सोशल मीडिया पर फर्जी लिंक और मैसेज फैलाए जा रहे हैं, जिनके जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाने की योजना है।</p>
<p>प्रेमनगर के नेहरू पार्क कॉलोनी निवासी सुप्रीम कोर्ट साइबर बार के चेयरमैन अनुज अग्रवाल ने बताया कि अमरनाथ और चारधाम यात्रा के नाम पर हर साल बड़ी संख्या में साइबर ठगी के मामले सामने आते हैं। ठग खुद को ट्रैवल एजेंट या अधिकृत संस्था का प्रतिनिधि बताकर लोगों को रजिस्ट्रेशन, हेलीकॉप्टर बुकिंग और वीआईपी दर्शन के नाम पर फर्जी लिंक भेजते हैं। </p>
<p>इन लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल फोन में ‘रिमोट एक्सेस ट्रोजन (आरएटी)’ इंस्टॉल हो जाता है, जिससे ठग आपके फोन का पूरा नियंत्रण हासिल कर लेते हैं। इसके बाद बैंक डिटेल, ओटीपी और निजी जानकारी आसानी से चोरी कर ली जाती है। अनुज अग्रवाल ने कहा किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और केवल आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय स्रोतों से ही यात्रा से जुड़ी जानकारी लें। अपने टिकट को अधिकृत एजेंसी के माध्यम से ही बुक कराएं। यदि कोई संदिग्ध कॉल या मैसेज आए तो नजरअंदाज करें या इसकी सूचना साइबर हेल्पलाइन पर दें।</p>
<p>भावनाओं से खेलते है साइबर ठग<br />साइबर ठग लोगों की भावनाओं से खेलते हैं। वह ऐसे मैसेज भेजते हैं जिससे आप तुरंत उनके मैसेज पर क्लिक करते हैं। ठग इस तरीके के मैसेज भेजते हैं कहीं ये आपके बेटे की तस्वीर तो नहीं, देखिए आपकी पत्नी क्या कर रही है या आपकी बेटी का वीडियो जैसे भ्रामक संदेशों के जरिए लोगों को क्लिक करने के लिए उकसाया जा रहा है। साइबर अपराधी गैस सिलेंडर बुकिंग, कोरियर डिलीवरी और बैंक अपडेट के नाम पर भी लिंक भेज रहे हैं। इन लिंकों से हमेशा सावधान रहे। अपना ओटीपी किसी को भी न बताए।</p>
<p>एसपी सिटी मानुष परीक ने बताया कि साइबर ठगी के मामलों पर नजर रखी जा रही है और लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके लिए अलग से थाना भी बनाया गया है वहीं पर विवेचना भी होती है। ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर फोन करें।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578488/cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bscammers-could-ruin-your-amarnath-yatra--links-begin-appearing-on-social-media</link>
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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 10:03:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: नन्हे तन्मय ने कैसे पकड़ी साइबर ठगों की चालाकी, जानकर हैरान हो जाएंगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> डिजीटल अरेस्टिंग करने वाले साइबर ठगों ने डॉक्टर, इंजीनियर, समेत कई पढ़े लिखे लोगों को अपने जाल में फंसकर करोड़ों की ठगी कर ली। लेकिन आठवीं कक्षा के छात्र ने उनकी नाक में नकेल कश दिया। व्हाट्एप कॉल पर बात करते करते उसने ठगों के पीछे लिखे दीवार पर लिखे एनआईए के स्लोगन में कुछ गलत लगा। जब छात्र ने दूसरे मोबाइल पर एनआईए का लोगों देखा तो उसे पता चल गया कि यह ठगों की कॉल है।</p>
<p>इसके साथ ही साइबर ठग आपस में जनाब जनाब कहकर बात कर रहे थे। यह सुनकर उसे लगा की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578289/you-will-be-astonished-to-learn-how-little-tanmay-caught-the-cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bcrooks--deception"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/uy1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> डिजीटल अरेस्टिंग करने वाले साइबर ठगों ने डॉक्टर, इंजीनियर, समेत कई पढ़े लिखे लोगों को अपने जाल में फंसकर करोड़ों की ठगी कर ली। लेकिन आठवीं कक्षा के छात्र ने उनकी नाक में नकेल कश दिया। व्हाट्एप कॉल पर बात करते करते उसने ठगों के पीछे लिखे दीवार पर लिखे एनआईए के स्लोगन में कुछ गलत लगा। जब छात्र ने दूसरे मोबाइल पर एनआईए का लोगों देखा तो उसे पता चल गया कि यह ठगों की कॉल है।</p>
<p>इसके साथ ही साइबर ठग आपस में जनाब जनाब कहकर बात कर रहे थे। यह सुनकर उसे लगा की यह पाकिस्तान के लोग है, और फोन काट दिया। नौ घंटे की डिजीटल अरेस्टिंग के बाद परिवार थाने पहुंचा और सारी बात पुलिस को बताई।बरेली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के सुर्खा इलाके की है। सुर्खा इलाके के रहने वाले संजय कुमार, जो एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया और गंभीर आरोप लगाते हुए बातचीत शुरू की. साइबर ठगों ने संजय और उनकी पत्नि दोनों को ही डिजिटल अरेस्ट कर लिया। यह देखकर उनके बेटे तन्यम की सूझबुझ ने ठगों को समझ लिया और पुलिस को इसकी जानकारी दी। जिसके बाद परिवार ठगी का शिकार होने से बच गया।</p>
<p>शुक्रवार को एडीजी रमित शर्मा, एसएसपी अनुराग आर्य, एसपी सिटी मानुष पारिक ने तन्यम को एडीजी कार्यालय में सम्मानित किया और उनके माता-पिता से भी बातचीत की। तन्मय ने सारी बात पुलिस अफसरों को बताई। उसने बताया कि अखबार, टीवी और सोशल मीडिया से उसे साइबर ठगी के बारे में बहुत कुछ जानकारी थी। वह बार बार अपने पिता से फोन को काटने की बात कह रहा था लेकिन पिता इतने डर गए कि वह फोन नहीं काट सके। तन्मय ने बताया कि वह बड़ा होकर क्रिकेटर बनना चाहता है। लेकिन पुलिस अफसरों ने उसे बताया कि जिस तरीके काम उसने किया है। उससे वह एक अच्छा पुलिस अफसर बनकर देश प्रदेश की सेवा कर सकता है।</p>
<p><strong>पांच मिनट तक तन्मय की बात सुनते रहे अफसर</strong><br />तन्मय ने जब अपनी बात पुलिस को बताना शुरू किया तो वहां पर सन्नाटा पसर गया। सारे अफसर मासूम तन्मय को सुनते रहे। उसने अपनी उम्र से बड़ा काम किया। वह एक तरफ साइबर ठगों से बात भी करता रहा और दूसरी तरफ वह उनके बारे में गूगल से रिसर्च भी करता रहा।</p>
<p><strong>बोला फर्जी था वारंट लेटर</strong><br />तन्मय ने पुलिस अफसरों को बताया कि साइबर ठगों ने उसे जो वारंट दिखाया था। वह पूरी तरह फर्जी था। उसने नेट पर चेक किया तो पता चला की वारंट में कोर्ट की मोहर लगी होती है। जबकि उस वारंट में कोई मोहर नहीं लगी थी।</p>
<p>एडीजी जोन रमित शर्मा ने बताया कि तन्मय ने जो काम किया है वह बहुत की सराहनीय है। बच्चों को साइबर ठगी की जानकारी होनी चाहिए। इस जानकारी से परिवारों के साथ ठगी होने से रोका जा सकता है। बच्चों की जागरूकता उन्हें मजबूत बनाती है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 07:04:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: साइबर फ्रॉड का खतरा टीचर ने समझाया, मासूम तन्मय ने परिवार बचाया</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली,अमृत विचार।</strong> थाना प्रेमनगर क्षेत्र में लाखों के साइबर फ्रॉड के परिवार को बचाने वाला कक्षा आठ का छात्र तन्मय पूरे समाज की नजरों में हीरो बन गया है। तन्मय ने खतरा भांपकर प्रयास न किए होते तो मम्मी-पापा के बैंक खाते में जमा लाखों की रकम लुट जाती। यह होनहार बच्चा रामपुर गार्डन स्थित शांति इंटर कॉलेज में पढ़ता है। कॉलेज के शिक्षकों ने पढ़ाई के साथ क्लास में साइबर खतरों के बारे में सिखाया था, जो उसके काम आया और अनहोनी टल गई।</p>
<p>बरेली शहर देहात में साइबर ठगी की तमाम घटनाएं हो चुकी हैं। अज्ञात अपराधी तरह-तरह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577901/teacher-explains-the-threat-of-cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bfraud--innocent-tanmay-saves-his-family"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/crime.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली,अमृत विचार।</strong> थाना प्रेमनगर क्षेत्र में लाखों के साइबर फ्रॉड के परिवार को बचाने वाला कक्षा आठ का छात्र तन्मय पूरे समाज की नजरों में हीरो बन गया है। तन्मय ने खतरा भांपकर प्रयास न किए होते तो मम्मी-पापा के बैंक खाते में जमा लाखों की रकम लुट जाती। यह होनहार बच्चा रामपुर गार्डन स्थित शांति इंटर कॉलेज में पढ़ता है। कॉलेज के शिक्षकों ने पढ़ाई के साथ क्लास में साइबर खतरों के बारे में सिखाया था, जो उसके काम आया और अनहोनी टल गई।</p>
<p>बरेली शहर देहात में साइबर ठगी की तमाम घटनाएं हो चुकी हैं। अज्ञात अपराधी तरह-तरह से वीडियो और वॉइस कॉल या चेटिंग कर लोगों को शिकार बनाते हैं। साइबर क्रिमनिल कभी खुद को सीबीआई अफसर बताकर धमकाते हैं तो कभी एटीएस व पुलिस बनकर। कितने ही लोगों को आतंकित कर उनके बैंक खाते खाले किए जा रहे हैं। सरकार और रिजर्व बैंक लोगों को इस तरह के फ्रॉड से बचने की अपीलें कर रहे हैं। लोगों को बार-बार सचेत किया जा रहा है कि अपने बैंक अकाउंट, एटीएम पिन की जानकारी किसी के साथ भी साझा न करें, लेकिन इसके बाद भी लोग ठगों के जंजाल में फंसकर लुट रहे हैं।</p>
<p>सुरखा बानखाना मोहल्ले में रहने वालीं टीचर राशी सक्सेना के नाम से पुणे कोर्ट का फर्जी वारंट भेजकर और उनका आतंकियों से कनेक्शन बताकर ठगों ने शिकार बनाने की कोशिश की भरसक कोशिश की थी। दहशत में टीचर व उनके पति बैंक अकाउंट की डिटेल भी अपराधियों को दे चुके थे, लेकिन साइबर अपराधियों के बारे में जानकारी रखने वाले उनके बेटे तन्मय ने पूरा षडयंत्र नाकाम कर दिया। तन्मय ने पिता और पड़ोसियों को सचेत कर पुलिस न बुलवाई होती तो परिवार की खून-पसीने की कमाई के बैंक में जमा लाखों रुपये लुट जाते।</p>
<p><strong>डिजिटल अरेस्ट होने से ऐसे बचें</strong><br />0 कोई भी सरकारी एजेंसी या पुलिस कभी भी इंटरनेट कॉल नहीं करती।<br />0 वीडियो या वॉइस कॉल कर किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं किया जाता।<br />0 किसी के पास ऐसा धमकी भरा फोन आए तो तुरंत कॉल काट दें।<br />0 पुलिस, सीबीआई, एटीएस अधिकारी बताकर डराएं तो बात न करें।<br />0 किसी को भी अपने बैंक अकाउंट, एटीएम पिन के बारे में जानकारी न दें।<br />0 साइबर अपराध से बचने को पता होते ही पुलिस व कंट्रोल रूम को फोन करें।<br />0 किसी के मांगने पर मोबाइल में आया बैंक का ओटीपी भूलकर भी साझा न करें।<br />0 कुछ भी गड़बड़ लगने पर सबसे पहले परिवार के बाकी लोगों को जानकारी दें।<br />0 खाते से पैसा गायब होने पर तुरंत पुलिस व बैंक को सूचना देकर मदद लें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 12:01:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: लिंक खोलते ही खाते से कट गए 11.90 लाख, किला का व्यापारी साइबर ठगी का शिकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> किला निवासी व्यापारी साइबर ठगी का शिकार हो गया। गैस कनेक्शन बिल भुगतान की बात कहकर साइबर ठगों ने लिंक भेजा। लिंक खोलते ही उसका फोन हैक हो गया। छह बार में खाते से करीब 11.90 लाख लाख रुपये कट गए। साइबर क्राइम पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर खाते से निकाली गई रकम को होल्ड करा दिया है।</p>
<p>किला थाना क्षेत्र के सिटी स्टेशन माल गोदाम रोड निवासी सौरभ शर्मा ने बताया कि उसकी मोहन इंफा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम से फर्म है। जिसका सिविल लाइंस की आईसीआईसीआई बैंक में खाता है। फर्म के वह और उनके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577716/%E2%82%B911-90-lakh-deducted-from-account-immediately-upon-opening-link--trader-from-kila-falls-victim-to-cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bfraud"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/thagi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> किला निवासी व्यापारी साइबर ठगी का शिकार हो गया। गैस कनेक्शन बिल भुगतान की बात कहकर साइबर ठगों ने लिंक भेजा। लिंक खोलते ही उसका फोन हैक हो गया। छह बार में खाते से करीब 11.90 लाख लाख रुपये कट गए। साइबर क्राइम पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर खाते से निकाली गई रकम को होल्ड करा दिया है।</p>
<p>किला थाना क्षेत्र के सिटी स्टेशन माल गोदाम रोड निवासी सौरभ शर्मा ने बताया कि उसकी मोहन इंफा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम से फर्म है। जिसका सिविल लाइंस की आईसीआईसीआई बैंक में खाता है। फर्म के वह और उनके भाई गौरव शर्मा डायरेक्टर हैं। उन्होंने बताया कि 29 मार्च को उनके भाई गौरव शर्मा के वाट्सएप पर एक मैसेज आया।</p>
<p> जिसमें इन्द्रप्रस्थ गैस लिमिटेड द्वारा गैस कनेक्शन के बिल के भुगतान कराने के लिए कहा गया। मैसेज में हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने के लिए बताया गया। कॉल करने पर बिल भुगतान के लिए एक लिंक भेजा गया। एपीके फाइल डाउनलोड होने से फोन हैक हो गया। उसके खाते से छह बार में कुल 11 लाख 90 हजार रुपये कट गए। उसने तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/577716/%E2%82%B911-90-lakh-deducted-from-account-immediately-upon-opening-link--trader-from-kila-falls-victim-to-cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bfraud</link>
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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 17:07:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गाजीपुर में साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने तीन को दबोचा </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>गाजीपुर। </strong>साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गाजीपुर पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर देशभर में करीब 67 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में संलिप्तता का आरोप है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक (साइबर) और पुलिस उपाधीक्षक (साइबर अपराध) के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने सर्विलांस और साक्ष्य संकलन के आधार पर 3 अप्रैल 2026 को लंका मैदान के सामने फुल्लनपुर तिराहे से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई थाना साइबर क्राइम में दर्ज मुकदमा संख्या 11/2026</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577500/cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bfraud-gang-busted-in-ghazipur--police-apprehend-three"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-05/upp.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गाजीपुर। </strong>साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गाजीपुर पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर देशभर में करीब 67 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में संलिप्तता का आरोप है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक (साइबर) और पुलिस उपाधीक्षक (साइबर अपराध) के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने सर्विलांस और साक्ष्य संकलन के आधार पर 3 अप्रैल 2026 को लंका मैदान के सामने फुल्लनपुर तिराहे से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई थाना साइबर क्राइम में दर्ज मुकदमा संख्या 11/2026 (बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं) के तहत की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने बताया कि यह गिरोह जरूरतमंद लोगों को लालच देकर उनके नाम पर फर्जी (म्यूल) बैंक खाते खुलवाता था। इसके लिए आधार, पैन कार्ड और फोटो लेकर एमएसएमई प्रमाणपत्र व जीएसटी नंबर के जरिए करंट अकाउंट खोले जाते थे। इसके बाद टेलीग्राम के माध्यम से इन खातों की पूरी जानकारी यूजर आईडी, पासवर्ड, रजिस्टर्ड मोबाइल और ईमेल गिरोह के अन्य सदस्यों को भेजी जाती थी।</p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही एपीके फाइल इंस्टॉल कराकर ओटीपी और बैंक मैसेज अपने पास हासिल कर लेते थे। गिरोह क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसे बाइनेंस, कूक्वाइन आदि के माध्यम से ठगी की रकम का लेन-देन करता था और कमीशन क्रिप्टोकरेंसी में लिया जाता था। जांच में सामने आया कि गिरोह के पास 700 से अधिक म्यूल खाते थे।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोपियों के मोबाइल की जांच में एनसीआरपी पोर्टल पर देश के विभिन्न राज्यों से 75 से अधिक शिकायतें दर्ज मिलीं, जिनमें करीब 67 करोड़ रुपये की ठगी का उल्लेख है। पूछताछ में आरोपी सचिन सिंह ने करीब 2.5 करोड़ रुपये और रोहन ने लगभग 1.75 करोड़ रुपये साइबर ठगी से अर्जित करने की बात स्वीकार की है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने बताया कि इस गिरोह ने करीब दो दर्जन खातों के माध्यम से लेन-देन किया है। सभी मामलों का गहन विश्लेषण कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में साइबर मुख्यालय लखनऊ और गृह मंत्रालय को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी लालच में आकर अपने बैंक खाते, दस्तावेज या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                            <category>गाजीपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/577500/cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bfraud-gang-busted-in-ghazipur--police-apprehend-three</link>
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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 15:29:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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