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                <title>wheat crop - Amrit Vichar</title>
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                <description>wheat crop RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भूसा बनाने की मशीन से निकली चिंगारी,  22 बीघा गेहूं की फसल राख, एसडीएम ने लिया जायजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार: </strong>थाना क्षेत्र के विकासखंड भटवारा गांव में बुधवार को भूसा बनाने के दौरान मशीन से निकली चिंगारी से गेहूं की फसल में आग लग गयी। तेज पछुआ हवाओं के चलते आग तेजी से फैल गयी। आग से करीब 22 बीघा गेहूं की फसल चपेट में आ गयी। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत कर आग पर काबू पाया।</p>
<p style="text-align:justify;">भटवारा गांव के किसान खेत में भूसा तैयार कर रहे थे। इसी दौरान मशीन से चिंगारी निकली और सूखे गेहूं के खेत में आग भड़क उठी। आग की लपटों से मेवालाल, मिश्रीलाल, रामेश्वर, गुड्डु,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578877/spark-from-fodder-making-machine-turns-22-bighas-of-wheat-crop-to-ash--sdm-conducts-inspection"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/वायरल-तस्वीर-(39)8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार: </strong>थाना क्षेत्र के विकासखंड भटवारा गांव में बुधवार को भूसा बनाने के दौरान मशीन से निकली चिंगारी से गेहूं की फसल में आग लग गयी। तेज पछुआ हवाओं के चलते आग तेजी से फैल गयी। आग से करीब 22 बीघा गेहूं की फसल चपेट में आ गयी। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत कर आग पर काबू पाया।</p>
<p style="text-align:justify;">भटवारा गांव के किसान खेत में भूसा तैयार कर रहे थे। इसी दौरान मशीन से चिंगारी निकली और सूखे गेहूं के खेत में आग भड़क उठी। आग की लपटों से मेवालाल, मिश्रीलाल, रामेश्वर, गुड्डु, रामसागर, रामस्वरूप, रामसिंह, बाबादीन, रामचंद्र, नौमीलाल, संजय समेत कई अन्य किसानों की लगभग 22 बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह जल गई।</p>
<p style="text-align:justify;">आग लगते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने बाल्टियां, पाइप और ट्यूबवेल का पानी लेकर आग बुझाने की कोशिश की। इसी बीच दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पा लिया। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे एसडीएम मोहनलालगंज पवन पटेल ने स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम ने प्रभावित किसानों को उचित मुआवजे का आश्वासन दिया।</p>
<h5 style="text-align:justify;">जंगल में आग लगने से मचा हड़कंप</h5>
<p style="text-align:justify;">पुराने पारा थाना क्षेत्र में बुधवार देर शाम को शारदा नहर किनारे स्थित जंगल में अचानक आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं, जिससे आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही पारा पुलिस और दमकल मौके पर पहुंची।</p>
<p style="text-align:justify;">दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आग सूखे पत्तों में लगी थी, जो तेजी से फैल गई। गनीमत रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/578873/despite-receiving-funds--his-could-not-be-implemented--opd-registration--admission--and-discharge-processes-at-cancer-institute-fail-to-go-online"><span class="t-red">बजट मिला फिर भी लागू नहीं कर पाए HIS: </span>कैंसर संस्थान में ओपीडी पंजीकरण, भर्ती-डिस्चार्ज प्रक्रिया नहीं हो सकी ऑनलाइन</a></h5>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/578873/despite-receiving-funds--his-could-not-be-implemented--opd-registration--admission--and-discharge-processes-at-cancer-institute-fail-to-go-online"><span class="t-red">बजट मिला फिर भी लागू नहीं कर पाए HIS: </span>कैंसर संस्थान में ओपीडी पंजीकरण, भर्ती-डिस्चार्ज प्रक्रिया नहीं हो सकी ऑनलाइन</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578877/spark-from-fodder-making-machine-turns-22-bighas-of-wheat-crop-to-ash--sdm-conducts-inspection</link>
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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 13:34:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad: केंद्रों पर इंतजाम, फिर भी नहीं बढ़ रहा अन्नदाता का रुझान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>जिले में वर्तमान सत्र में गेहूं खरीद के लिए सरकारी क्रय केंद्रों पर इंतजाम होने के बाद भी अन्नदाता का रूझान नहीं बढ़ रहा है। किसान खुले बाजाार में या साहूकारों के हाथों गेहूं की उपज बेचने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं। क्योंकि उन्हें उपज का अधिक मूल्य नकद में मिल रहा है। जिससे वह खुले बाजार में गेहूं बेचने को प्राथमिकता दे रहे हैं।</p>
<p>रबी फसलों की खरीद के लिए इस बार 31 मार्च से सत्र शुरू हुआ जो 15 जून तक चलेगा। इसके लिए मुरादाबाद जिले में 69 सरकारी क्रय केंद्र बनाए गए हैं।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578698/arrangements-are-in-place-at-the-centers--yet-the-farmers--interest-remains-low"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/kisan1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>जिले में वर्तमान सत्र में गेहूं खरीद के लिए सरकारी क्रय केंद्रों पर इंतजाम होने के बाद भी अन्नदाता का रूझान नहीं बढ़ रहा है। किसान खुले बाजाार में या साहूकारों के हाथों गेहूं की उपज बेचने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं। क्योंकि उन्हें उपज का अधिक मूल्य नकद में मिल रहा है। जिससे वह खुले बाजार में गेहूं बेचने को प्राथमिकता दे रहे हैं।</p>
<p>रबी फसलों की खरीद के लिए इस बार 31 मार्च से सत्र शुरू हुआ जो 15 जून तक चलेगा। इसके लिए मुरादाबाद जिले में 69 सरकारी क्रय केंद्र बनाए गए हैं। जिसमें खाद्य विभाग के अलावा विभिन्न एजेंसियों नेफेड, यूपीएसएस आदि के क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर इलेक्ट्रानिक तौल कांटा और डस्टर, बोरे आदि का प्रबंध किया गया है, लेकिन लगभग 15 दिन होने को हैं और मुश्किल से इन केंद्रों पर 494 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है।</p>
<p> इन केंद्रों पर सरकार के द्वारा निर्धारित 2585 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद कर आधार कार्ड से लिंक बैंक खाते में धनराशि 72 घंटों अर्थात तीन दिन में हस्तांतरित की जा रही है। न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक दाम किसानों को खुले बाजार में और साहूकारों के हाथ मिल रहा है। इससे वह सरकारी क्रय केंद्रों से मुंह मोड़ रहे हैं।</p>
<p>जिला खाद्य विपणन अधिकारी विनीता मिश्रा का कहना है कि पंजीकृत किसानों से क्रय केंद्रों पर पारदर्शिता के साथ गेहूं खरीद के सभी इंतजाम केंद्रों पर किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों का बिचौलियों के हाथों शोषण रोक कर उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है। खरीद अब बढ़ रही है। किसानों से सीधे भी संपर्क करने के लिए क्रय केंद्रों के प्रभारियों और विपणन निरीक्षकों को निर्देश दिया है कि वह उन्हें सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए प्रेरित करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 13:00:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी में आग का तांडव :  फतेहपुर और प्रयागराज में गेहूं फसल जलकर खाक, मुआवजा देने की मांग </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>फतेहपुर।</strong> उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में शनिवार को आग लगने से आधा दर्जन किसानों की लगभग 25 बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि दहेली गांव के करीब आधा दर्जन किसानों ने मेहनत से गेहूं की फसल तैयार की थी। शनिवार दोपहर अचानक खेतों में आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। </p>
<p style="text-align:justify;">आग की चपेट में आकर लगभग 25 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने किसानों की मदद से किसी तरह आग पर नियंत्रण पाया। घटना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578339/fire-havoc-in-up--wheat-crops-reduced-to-ashes-in-fatehpur-and-prayagraj--demand-for-compensation-raised"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/वायरल-तस्वीर-(31)9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>फतेहपुर।</strong> उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में शनिवार को आग लगने से आधा दर्जन किसानों की लगभग 25 बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि दहेली गांव के करीब आधा दर्जन किसानों ने मेहनत से गेहूं की फसल तैयार की थी। शनिवार दोपहर अचानक खेतों में आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। </p>
<p style="text-align:justify;">आग की चपेट में आकर लगभग 25 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने किसानों की मदद से किसी तरह आग पर नियंत्रण पाया। घटना के बाद किसान नेताओं ने प्रशासन से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">शार्ट सर्किट से गेहूं की फसल स्वाहा </h5>
<p style="text-align:justify;">वही दूसरी तरफ यूपी के प्रयागराज जिले के नारीबारी क्षेत्र अंतर्गत सूरवल चंदेल गांव में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में किसानों की लगभग तीन बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलकर स्वाहा हो गई। ग्रामीणों के अनुसार खेतों के ऊपर से गुजर रहे जर्जर और ढीले विद्युत तारों में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। चिंगारी गिरते ही सूखी गेहूं की फसल में आग लग गई और तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल गई। खेतों में मौजूद किसानों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटें तेजी से फैलने के कारण उस पर तत्काल काबू नहीं पाया जा सका। </p>
<p style="text-align:justify;">सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से आग पर नियंत्रण पाया, लेकिन तब तक तीन बीघा से अधिक फसल जल चुकी थी। ग्रामीणों और किसानों ने आरोप लगाया कि हादसे के लिए बिजली विभाग की लापरवाही जिम्मेदार है। </p>
<p style="text-align:justify;">उनका कहना है कि गांव में लगे बिजली के तार काफी पुराने और जर्जर हैं तथा कई स्थानों पर नीचे लटक रहे हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। किसानों ने बताया कि इस संबंध में पहले भी कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/578335/varanasi-administration-on-alert-following-mathura-tragedy--vigilance-heightened-at-ganga-ghats--life-jackets-made-mandatory-for-tourists"><span class="t-red">मथुरा हादसे के बाद वाराणसी प्रशासन अलर्ट: </span>गंगा घाटों पर बढ़ी सतर्कता; पर्यटकों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>फतेहपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578339/fire-havoc-in-up--wheat-crops-reduced-to-ashes-in-fatehpur-and-prayagraj--demand-for-compensation-raised</link>
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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 17:03:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> प्रयागराज में किसानों के खिले चेहरे, साफ मौसम से गेहूं की कटाई और मड़ाई में आई तेजी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शनिवार सुबह मौसम साफ रहने से किसानों के चेहरे खिल उठे। पिछले कुछ दिनों से मौसम में उतार-चढ़ाव और बादलों की आवाजाही के कारण चिंतित किसान आज तेज धूप निकलने से राहत महसूस कर रहे हैं। साफ मौसम का लाभ उठाते हुए किसान गेहूं की कटाई और मड़ाई के कार्य में तेजी से जुट गए हैं। जनपद के विभिन्न गांवों में गेहूं की फसल पूरी तरह पक चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">कई स्थानों पर कटाई तेजी से चल रही है, जबकि अन्य जगहों पर कटी फसल की मड़ाई की जा रही है। खेतों में लहलहाती सुनहरी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578253/farmers-in-prayagraj-beam-with-joy--clear-weather-accelerates-wheat-harvesting-and-threshing"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/वायरल-तस्वीर-(3)10.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शनिवार सुबह मौसम साफ रहने से किसानों के चेहरे खिल उठे। पिछले कुछ दिनों से मौसम में उतार-चढ़ाव और बादलों की आवाजाही के कारण चिंतित किसान आज तेज धूप निकलने से राहत महसूस कर रहे हैं। साफ मौसम का लाभ उठाते हुए किसान गेहूं की कटाई और मड़ाई के कार्य में तेजी से जुट गए हैं। जनपद के विभिन्न गांवों में गेहूं की फसल पूरी तरह पक चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">कई स्थानों पर कटाई तेजी से चल रही है, जबकि अन्य जगहों पर कटी फसल की मड़ाई की जा रही है। खेतों में लहलहाती सुनहरी बालियां रबी फसल के अंतिम चरण की ओर संकेत कर रही हैं। सुबह होते ही किसान औजारों और मशीनों के साथ खेतों में पहुंच गए। जहां बड़े किसान हार्वेस्टर मशीनों का उपयोग कर रहे हैं, वहीं छोटे किसान पारंपरिक तरीके से दरांती द्वारा कटाई करते नजर आए। </p>
<p style="text-align:justify;">कटाई के बाद खेतों में ही मड़ाई का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है, ताकि मौसम के बदलने से पहले फसल सुरक्षित की जा सके। किसानों का कहना है कि साफ और धूप वाला मौसम उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यदि मौसम इसी तरह बना रहा तो जल्द ही पूरी फसल की कटाई और मड़ाई का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि किसानों को मौसम की अनिश्चितता का भी अंदेशा है। </p>
<p style="text-align:justify;">अचानक बारिश होने पर कटी फसल को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए किसान सुबह से लेकर देर शाम तक खेतों में जुटकर काम निपटाने में लगे हैं। गांवों में इन दिनों कृषि गतिविधियां तेज हो गई हैं। खेतों में मशीनों की आवाज, मजदूरों की चहल-पहल और किसानों की व्यस्तता से स्पष्ट है कि गेहूं की कटाई अपने अंतिम चरण में है। किसान परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर तेजी से फसल समेटने में जुटे हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/578210/inauguration-of-newly-constructed-building--enhancing-facilities-for-forest-personnel-is-the-department-s-priority-%E2%80%94-dfo"><span class="t-red">नवनिर्मित भवन का लोकार्पण:</span> वन कर्मियों की सुविधाएं बढ़ाना विभाग की प्राथमिकता- डीएफओ</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578253/farmers-in-prayagraj-beam-with-joy--clear-weather-accelerates-wheat-harvesting-and-threshing</link>
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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 10:48:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: बारिश से गेहूं की फसल को हुए नुकसान का सर्वे शुरू, डीएम ने रिपोर्ट मांगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>बुधवार को जनपद में हुई बारिश से गेहूं की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। भीगने से गेहूं का दाना भी कमजोर हो जाएगा। डीएम ने फसल को नुकसान का सर्वे शुरू करा दिया है। एडीएम एफआर के नेतृत्व में तहसीलों की राजस्व टीमें सर्वे कर रही हैं।</p>
<p>डीएम ने सभी से जल्द सर्वे रिपोर्ट मांगी है ताकि पीड़ितों को नुकसान के अनुसार मुआवजा दिलाया जा सके। डीएम ने बताया कि बुधवार को जनपद में अतिवृष्टि हुई। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार फसलों का सर्वे कराया जा रहा है। अधिकारियों को जमीनी स्तर पर सर्वे करने के निर्देश दिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578101/survey-of-damage-to-wheat-crop-caused-by-rains-begins--dm-seeks-report"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/fasal.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>बुधवार को जनपद में हुई बारिश से गेहूं की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। भीगने से गेहूं का दाना भी कमजोर हो जाएगा। डीएम ने फसल को नुकसान का सर्वे शुरू करा दिया है। एडीएम एफआर के नेतृत्व में तहसीलों की राजस्व टीमें सर्वे कर रही हैं।</p>
<p>डीएम ने सभी से जल्द सर्वे रिपोर्ट मांगी है ताकि पीड़ितों को नुकसान के अनुसार मुआवजा दिलाया जा सके। डीएम ने बताया कि बुधवार को जनपद में अतिवृष्टि हुई। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार फसलों का सर्वे कराया जा रहा है। अधिकारियों को जमीनी स्तर पर सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। </p>
<p>दरअसल, 33 प्रतिशत फसल नुकसान होने पर ही मुआवजा देने का प्रावधान है, लेकिन छोटे किसान की थोड़ी फसल नष्ट हो गई तो सर्वे में उसे शामिल किया जा सकता है। एडीएम एफआर संतोष कुमार सिंह ने भी सभी एसडीएम और तहसीलदारों को सर्वे रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578101/survey-of-damage-to-wheat-crop-caused-by-rains-begins--dm-seeks-report</link>
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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 19:27:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP: दो दिन से हो रही बारिश ने किसानों की बढ़ाई चिंता, गेहूं की फसल पर मंडराया संकट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>संभल/ओबरी। </strong>जिले में मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मंगलवार को हुई बारिश के बाद बुधवार को भी दोपहर में अचानक मौसम ने करवट ली और घने बादलों के साथ फिर से बारिश शुरू हो गई। लगातार दूसरे दिन हुई बारिश से खेतों में खड़ी और कटी पड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।</p>
<p>मंगलवार को हुई बारिश के बाद किसान सुबह से ही खेतों में भीगी गेहूं की फसल को सुखाने में जुटे हुए थे। कई किसान फसल को पलट-पलट कर धूप में सुखाने की कोशिश कर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578054/two-days-of-rain-heighten-farmers--concerns--crisis-looms-over-wheat-crop"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/gehun.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>संभल/ओबरी। </strong>जिले में मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मंगलवार को हुई बारिश के बाद बुधवार को भी दोपहर में अचानक मौसम ने करवट ली और घने बादलों के साथ फिर से बारिश शुरू हो गई। लगातार दूसरे दिन हुई बारिश से खेतों में खड़ी और कटी पड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।</p>
<p>मंगलवार को हुई बारिश के बाद किसान सुबह से ही खेतों में भीगी गेहूं की फसल को सुखाने में जुटे हुए थे। कई किसान फसल को पलट-पलट कर धूप में सुखाने की कोशिश कर रहे थे, ताकि नुकसान कम से कम हो सके। लेकिन दोपहर बाद अचानक मौसम बदलने और फिर से बारिश शुरू होने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। बारिश के चलते जनपद में गेहूं की कटाई, मड़ाई और मंडियों तक फसल की निकासी का काम भी पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई जगह खेतों में पानी भरने से फसल खराब होने का खतरा और बढ़ गया है। </p>
<p>किसान अपनी उपज को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में भी असमर्थ नजर आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि अगर केवल एक दिन की बारिश होती तो स्थिति संभाली जा सकती थी, लेकिन लगातार दूसरे दिन हुई बारिश से नुकसान की आशंका कई गुना बढ़ गई है। उनका कहना है कि अब गेहूं में नमी बढ़ने से दाने की गुणवत्ता प्रभावित होगी और दाना काला पड़ने का खतरा भी बढ़ गया है। किसानों ने आशंका जताई कि यदि गुरुवार और उसके बाद भी मौसम इसी तरह बना रहा, तो गेहूं की फसल को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। किसान मौसम साफ होने की उम्मीद के साथ अपनी फसल को बचाने के प्रयास में जुटे हैं, लेकिन लगातार बदलते मौसम ने उनकी चिंता और परेशानी दोनों बढ़ा दी हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>संभल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578054/two-days-of-rain-heighten-farmers--concerns--crisis-looms-over-wheat-crop</link>
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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 09:09:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP: बारिश ने किसानों की बढ़ाईं परेशानी, फसल भीगने से हुई खराब</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बदायूं, अमृत विचार।</strong> पिछले कई दिनों से आंधी और बारिश का मौसम बना हुआ है। अप्रैल माह में हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों को परेशानी में डाल दिया है। मंगलवार को दोपहर बाद अचानक मौसम बदल गया। तेज हवा और गरज चमक के साथ बारिश हुई। जिससे गेहूं की फसल भीग गई। साथ ही कटाई भी प्रभावित हो गई। बारिश होने के बाद कुछ देर के लिए धूप निकली। लेकिन दो घंटे बाद फिर से काले काले बादल छा गए। और हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। जो कि देर रात तक जारी रही। मौसम के जानकारों ने दस अप्रैल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577862/rain-increased-the-problems-of-farmers--crops-got-damaged-due-to-getting-wet"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/bdn.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बदायूं, अमृत विचार।</strong> पिछले कई दिनों से आंधी और बारिश का मौसम बना हुआ है। अप्रैल माह में हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों को परेशानी में डाल दिया है। मंगलवार को दोपहर बाद अचानक मौसम बदल गया। तेज हवा और गरज चमक के साथ बारिश हुई। जिससे गेहूं की फसल भीग गई। साथ ही कटाई भी प्रभावित हो गई। बारिश होने के बाद कुछ देर के लिए धूप निकली। लेकिन दो घंटे बाद फिर से काले काले बादल छा गए। और हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। जो कि देर रात तक जारी रही। मौसम के जानकारों ने दस अप्रैल तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना जताई है।</p>
<p>अप्रैल माह के शुरुआत से मौसम में लगातार बदल रहा है। रोजाना किसी न किसी समय आंधी और बारिश हो रही है। सोमवार को मौसम साफ रहने के बाद मंगलवार की दोपहर अचानक मौसम में बदल गया। देखते ही देखते आसमान में काले काले बादल घिर आए। कुछ ही देर में तेज हवाएं चलने लगी। इसके बाद बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक तेज हवा और गरज चमक के साथ बारिश हुई।</p>
<p>एक घंटे बाद मौसम साफ हो गया। और धूप खिल उठी। लेकिन शाम चार बजे से फिर मौसम का रुख बदला और हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। बूंदाबांदी देर शाम तक जारी रही। मंगलवार को दोपहर बाद हुई बारिश की वजह से खेत में गेहूं की कटाई का कार्य प्रभावित हो गया। तेज हवाओं से कटी फसल पूली उड़ने से किसान की चिंता बढ़ गई है। कटाई का काम भी रुक गया। किसानों का कहना है कि बेमौसम बरसात की वजह से गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।</p>
<p>दाना काला पडने का अंदेशा है। वहीं मौसम के बदले रुख की वजह से सड़कों पर आवाजाही कम रही। पटरी दुकान भी सामान समेट कर घर चलते बने। जिला कृषि अधिकारी मनोज रावत ने बताया कि पश्चिम विक्षोभ का असर दस अप्रैल तक बना रहेगा। इसके बाद मौसम साफ हो जाएगा। तापमान में भी वृद्धि होगी। कृषि अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बताया कि बुधवार को भी बारिश की संभावना बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>बदायूं</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/577862/rain-increased-the-problems-of-farmers--crops-got-damaged-due-to-getting-wet</link>
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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 07:11:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad: 69 केंद्रों पर गेहूं खरीद का इंतजाम, किसानों के इंतजार में दिखे प्रभारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> जिले में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत 69 गेहूं क्रय केंद्र सोमवार से सक्रिय कर दिए गए। क्रय केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं व औपचारिकताएं केंद्र प्रभारियों ने पूरे कराए। हालांकि गेहूं अभी केंद्रों पर नहीं पहुंचा है। वहीं काफी मात्रा में गेहूं की फसल खेतों में तैयार है।</p>
<p>सोमवार से 69 केंद्रों पर प्रभारी किसानों का इंतजार करते दिखे। जिला खाद्य विपणन अधिकारी विनीता मिश्रा ने बताया कि सभी केंद्रों पर किसानों से सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर गेहूं क्रय के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। आवश्यक उपकरण और अभिलेख सुनिश्चित करा दिए गए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576979/arrangements-made-for-wheat-procurement-at-69-centers--officials-in-charge-seen-awaiting-farmers"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/gehun2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> जिले में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत 69 गेहूं क्रय केंद्र सोमवार से सक्रिय कर दिए गए। क्रय केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं व औपचारिकताएं केंद्र प्रभारियों ने पूरे कराए। हालांकि गेहूं अभी केंद्रों पर नहीं पहुंचा है। वहीं काफी मात्रा में गेहूं की फसल खेतों में तैयार है।</p>
<p>सोमवार से 69 केंद्रों पर प्रभारी किसानों का इंतजार करते दिखे। जिला खाद्य विपणन अधिकारी विनीता मिश्रा ने बताया कि सभी केंद्रों पर किसानों से सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर गेहूं क्रय के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। आवश्यक उपकरण और अभिलेख सुनिश्चित करा दिए गए है, जिससे किसानों को असुविधा न हो। मुरादाबाद में 2409 किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है। जिसका सत्यापन तहसील स्तर पर प्रगति पर है। किसानों से अनुरोध है कि वह खाद्य विभाग की वेबसाइट fcs.up.gov.in अथवा किसान मित्र ऐप के माध्यम से पंजीकरण करा नजदीकी सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं का विक्रय करें।</p>
<p><strong>रामपुर में है सर्वाधिक खरीद केंद्र</strong><br />गेहूं खरीद के लिए मुरादाबाद संभाग में रामपुर में सर्वाधिक 114, मुरादाबाद में 69, संभल में 62, अमरोहा में सबसे कम 36, बिजनौर में 50 केंद्र निर्धारित किए गए हैं। संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि बिक्री के समय केन्द्रों पर स्वयं मौजूद न होने पर पंजीकरण प्रपत्र में परिवार के नामित सदस्य (माता/पिता, पति/पत्नी पुत्र/पुत्री, दामाद/पुत्रवधू, सगा भाई / सगी बहन) का विवरण व मोबाइल नंबर फीड कराना जरूरी है। बताया कि सरकारी केंद्रों पर बटाइदारों से भी गेहूं की खरीद की जाएगी। बशर्ते ऐसे पंजीकृत मूल किसान और बटाईदार के मध्य लिखित सहमति हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/576979/arrangements-made-for-wheat-procurement-at-69-centers--officials-in-charge-seen-awaiting-farmers</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/576979/arrangements-made-for-wheat-procurement-at-69-centers--officials-in-charge-seen-awaiting-farmers</guid>
                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 10:05:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand: हाथियों ने टांडा जंगल में मचाया उत्पात...गेहूं की फसल क्षतिग्रस्त व स्कूल की खिड़की तोड़ी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रुद्रपुर, अमृत विचार।</strong> विगत रात्रि पंतनगर और टांडा जंगल में हाथियों का आवाजाही नगर आयी। इस दौरान हाथियों ने पंतनगर मार्ग में हल्दी के पास गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया है, जबकि डांडा जंगल में राजकीय प्राथमिक विद्यालय टांडा में एक स्कूल में तोड़फोड़ की है।</p>
<p>हाथियों ने स्कूल की खिड़कियों में तोड़फोड़ की है। बताया जा रहा है कि जनवरी से अब तक चार बार हाथी स्कूल में तोड़फोड़ कर चुका है। वहीं हाथियों के आने से आसपास के लोगों में भय व्याप्त है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा से संपर्क करने का प्रयास किया,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576549/elephants-wreak-havoc-in-tanda-forest----wheat-crop-damaged-and-school-window-smashed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/hathi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रुद्रपुर, अमृत विचार।</strong> विगत रात्रि पंतनगर और टांडा जंगल में हाथियों का आवाजाही नगर आयी। इस दौरान हाथियों ने पंतनगर मार्ग में हल्दी के पास गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया है, जबकि डांडा जंगल में राजकीय प्राथमिक विद्यालय टांडा में एक स्कूल में तोड़फोड़ की है।</p>
<p>हाथियों ने स्कूल की खिड़कियों में तोड़फोड़ की है। बताया जा रहा है कि जनवरी से अब तक चार बार हाथी स्कूल में तोड़फोड़ कर चुका है। वहीं हाथियों के आने से आसपास के लोगों में भय व्याप्त है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन नहीं लगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>रुद्रपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/576549/elephants-wreak-havoc-in-tanda-forest----wheat-crop-damaged-and-school-window-smashed</link>
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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 10:04:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिन का पारा चढ़ा: अगेती गेहूं की वालियों में दाने सिकुड़ने का अंदेशा, ज्यादा गर्मी से पैदावार पर पड़ेगा असर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>फरवरी के महीने में दोपहर के समय तेज धूप और बढ़ते तापमान से गेहूं की अगेती फसल के लिए चिंता बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय तापमान का अधिक बढ़ना गेहूं की अगैती फसल के लिए अच्छा नहीं है। फसल में वालियां आ चुकी हैं। अधिक गर्मी होने पर वालियों में दाने सिकुड़ने की संभावना रहती है।</p>
<p>आईवाआरआई कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक रंजीत सिंह ने बताया कि नवंबर के शुरुआत में बोई गई गेहूं की फसल के लिए यह स्थिति थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। उन्होंने कहा कि पौधों में प्रकाश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/571660/early-wheat-stalks-are-expected-to-shrink--and-excessive-heat-will-impact-yields"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/gehun.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>फरवरी के महीने में दोपहर के समय तेज धूप और बढ़ते तापमान से गेहूं की अगेती फसल के लिए चिंता बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय तापमान का अधिक बढ़ना गेहूं की अगैती फसल के लिए अच्छा नहीं है। फसल में वालियां आ चुकी हैं। अधिक गर्मी होने पर वालियों में दाने सिकुड़ने की संभावना रहती है।</p>
<p>आईवाआरआई कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक रंजीत सिंह ने बताया कि नवंबर के शुरुआत में बोई गई गेहूं की फसल के लिए यह स्थिति थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। उन्होंने कहा कि पौधों में प्रकाश संश्लेषण के दौरान बनने वाला शुष्क पदार्थ तने के जायलम और फ्लोएम के माध्यम से बालियों तक पहुंचता है। यदि अधिक गर्मी हो, तो शुष्क पदार्थ का निर्माण और बालियों तक पहुंचने की प्रक्रिया बाधित होती है, जिससे दाने सिकुड़ सकते हैं और पैदावार में कमी आ सकती है।</p>
<p>उन्होंने किसानों को सुझाव दिया कि गेहूं की अगेती फसल में उचित नमी बनाए रखना बहुत जरूरी है। इसके लिए बौछारी सिंचाई के माध्यम से हल्की सिंचाई करना लाभकारी रहेगा। कहा कि खेत में जलभराव की स्थिति न बनने पाए, क्योंकि इससे हवा चलने पर फसल गिरने का खतरा बढ़ जाता है। </p>
<p>अन्य विशेषज्ञों का भी यही कहना है कि किसानों को इस समय फसल की देखभाल में सतर्क रहना होगा और तापमान में अचानक वृद्धि के कारण पैदावार पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने के लिए नियमित सिंचाई और खेत की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जिला कृषि अधिकारी डा. ऋतुषा तिवारी का कहना है कि इस वक्त गेहूं की अगेती फसल में किसानों को सावधानियां रखने की आवश्यकता है। बढ़े हुए तापमान से फसल अवधि में करीब दस दिन और उत्पादन में करीब 5 से 6 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। किसान खेत में नमी बनाए रखें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 12:12:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों को तोहफा: उन्नत बीजों की मांग पूरी करेगी सरकार, गेहूं की बोवाई के लिए क्षेत्रफल बढ़ाएगा कृषि विभाग </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>कृषि विभाग इस बार जिले में 82 हजार हेक्टेयर में गेहूं फसल की बोवाई की तैयारी कर रहा है। उपज बढ़ाने के लिए किसानों को उनकी मांग के अनुसार अधिक उत्पादन वाले उन्नत किस्म के बीज दिए जाएंगे। विभाग पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, बिहार समेत अन्य राज्यों से बीज मंगाकर किसानों को वितरित करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि विभाग ने रबी फसलों की तैयारी शुरू कर दी है। इस बार गेहूं फसल का रकबा पिछले वर्ष की अपेक्षा पांच हजार हेक्टयर बढ़ाया जाएगा। इसमें किसान सामान्य और नई किस्म के बीजों की बोवाई करेंगे। बाहर से आने वाले बीजों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/551143/gift-to-farmers--government-will-fulfill-the-demand-for-improved-seeds--wheat-will-be-sown-in-82-thousand-hectares"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/untitled-design-(4)16.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>कृषि विभाग इस बार जिले में 82 हजार हेक्टेयर में गेहूं फसल की बोवाई की तैयारी कर रहा है। उपज बढ़ाने के लिए किसानों को उनकी मांग के अनुसार अधिक उत्पादन वाले उन्नत किस्म के बीज दिए जाएंगे। विभाग पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, बिहार समेत अन्य राज्यों से बीज मंगाकर किसानों को वितरित करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि विभाग ने रबी फसलों की तैयारी शुरू कर दी है। इस बार गेहूं फसल का रकबा पिछले वर्ष की अपेक्षा पांच हजार हेक्टयर बढ़ाया जाएगा। इसमें किसान सामान्य और नई किस्म के बीजों की बोवाई करेंगे। बाहर से आने वाले बीजों पर विभाग 50 फीसदी अनुदान भी देगा। इससे लागत आधी हो जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्नत किस्म के बीज कीट-रोग मुक्त होंगे। इनके प्रयोग से लागत भी कम आएगी। विभाग द्वारा किसानाें से संपर्क करके यह जानकारी की जा रहा कि उन्हें कौन से बीजों की जरूरत है। मांग के अनुसार खरीद और वितरण की कार्ययोजना बनाई जाएगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;">10 वर्ष से कम समय वाले बांटे जाएंगे बीज</h5>
<p style="text-align:justify;">अपर जिला कृषि अधिकारी हर्षित त्रिपाठी ने बताया कि जिले में सबसे अधिक गेहूं की बोवाई होती है। किसान सामान्य रूप से करण वंदना, एचडी 3086, पूसा यशस्वी, डीबीडब्ल्यू 222 व उन्नत 343 प्रजाति के बीजों की बोवाई करते हैं। यह सभी अच्छी प्रजाति हैं। लेकिन, इस बार उनकी मांग पर 10 वर्ष से कम नई प्रजाति के बीज वितरित करेंगे। इससे लागत कम आएगी। कम सिंचाई में अच्छा उत्पादन होगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/admin/post/post/amritvichar.com/article/551138/up-t20-league--rituraj-sharma-s-explosive-innings-gave-meerut-mavericks-victory--defeated-noida-kings-by-41-runs">UP T20 League : रितुराज शर्मा की ताबड़तोड़ पारी ने मेरठ मावरिक्स दिलाई जीत, नोएडा किंग्स को 41 रनों से हराया</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Special Articles</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/551143/gift-to-farmers--government-will-fulfill-the-demand-for-improved-seeds--wheat-will-be-sown-in-82-thousand-hectares</link>
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                <pubDate>Mon, 25 Aug 2025 11:56:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखीमपुर खीरी: अग्निकांड पीड़ितों से मिलीं डीएम...आंधी-बारिश से बर्बाद फसलों का लिया जायजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। </strong>तहसील गोला के गांव खजुहा, परगना कुकरा में बुधवार को अचानक लगी भीषण आग ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। इस आगजनी की घटना में कई बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आंधी के कारण आग ने देखते ही देखते कई खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना पर प्रशासन हरकत में आया। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने खुद प्रभावित क्षेत्र में जाकर खेतों में लगी आग से हुए नुकसान का जायजा लिया। उनके साथ एडीएम संजय कुमार सिंह, तहसीलदार सुखवीर सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल, राजस्व टीम भी मौके पर मौजूद रही।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/532676/lakhimpur-kheri-fire-victims-received-review-of-crops-wasted-due"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/लखीमपुर-डीएम.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। </strong>तहसील गोला के गांव खजुहा, परगना कुकरा में बुधवार को अचानक लगी भीषण आग ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। इस आगजनी की घटना में कई बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आंधी के कारण आग ने देखते ही देखते कई खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना पर प्रशासन हरकत में आया। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने खुद प्रभावित क्षेत्र में जाकर खेतों में लगी आग से हुए नुकसान का जायजा लिया। उनके साथ एडीएम संजय कुमार सिंह, तहसीलदार सुखवीर सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल, राजस्व टीम भी मौके पर मौजूद रही।</p>
<p>डीएम ने गांव पहुंचकर पीड़ित किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को फसल क्षति का आंकलन कर रिपोर्ट तैयार कराकर तत्काल प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाया। जिले में बुधवार शाम में हुई आगजनी की घटनाओं से प्रभावित किसानों को गुरुवार को प्रशासन की तरफ से बड़ी राहत दी गई। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देश पर लखीमपुर सदर, मितौली और गोला तहसील के किसानों को फसल क्षति के एवज में सरकार द्वारा अनुमन्य धनराशि के चेक प्रदान किए गए। गोला तहसील के ग्राम खजुहा में भीषण अग्निकांड में प्रभावित फसलों के रकबे के आधार प्रभावित किसान कुलवीर कौर, ओपेंद्र सिंह, जशमेल सिंह को 50-50 हजार, सतवंत सिंह, संदीप सिंह, जसबीर कौर को 40-40 हजार, बलजीत कौर को 12,150 रुपये और हरजीत सिंह को 14,550 की अनुमन्य सहायता राशि दी गई।</p>
<p>उधर, मितौली तहसील के गांव अलियापुर व महुआढाब में आंधी-तूफान से फसलें क्षतिग्रस्त हो गईं। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री खेत खलिहान अग्निकांड दुर्घटना सहायता योजना के तहत एसडीएम रेनू मिश्रा और तहसीलदार भीमसेन ने किसान सुधा देवी को 0.390 हेक्टेयर फसल क्षति पर 11,700 रुपये और ब्रजराज सिंह को 0.150 हेक्टेयर नुकसान पर 4,500 रुपये की सहायता राशि का चेक प्रदान किया।</p>
<p>लखीमपुर तहसील सदर के ग्राम खजुहा परगना पैला तहसील लखीमपुर में बुधवार रात्रि हुए अग्निकांड में गन्ने की फसल की क्षति हुई। एसडीएम सदर अश्विनी कुमार सिंह, मंडी समिति प्रशासक अमिता यादव और तहसीलदार सुशील प्रताप सिंह ने सुशील कुमार को 3,220 रुपये व बाबूराम को 6,119 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखीमपुर खीरी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/532676/lakhimpur-kheri-fire-victims-received-review-of-crops-wasted-due</link>
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                <pubDate>Thu, 10 Apr 2025 19:04:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>

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