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                <title>महिला एवं बाल विकास मंत्री - Amrit Vichar</title>
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                <description>महिला एवं बाल विकास मंत्री RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पॉक्सो मामले के निस्तारण में औसतन 509 दिन का समय लगता है: स्मृति ईरानी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) मामलों के निस्तारण में औसतन 509 दिन का समय लगता है। उन्होंने न्यायाधीशों से सुझाव मांगे कि बच्चों के मामले में तेजी के लिए आधारभूत ढांचे में क्या होना चाहिए। पॉक्सो कानून 2012 का उद्देश्य बच्चों को यौन उत्पीड़न, यौन दुर्व्यवहार, बाल अश्लीलता समेत अन्य अपराधों से बचाना है और ऐसे अपराधों के सुनवाई के लिए विशेष अदालतों की स्थापना का प्रावधान है। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/322613/sukhwinder-singh-sukhu-can-be-the-next-chief-minister-of-himachal">सुखविंदर सिंह सुक्खू हो सकते हैं हिमाचल के अगले मुख्यमंत्री </a></span></strong></p>
<p>शनिवार को यौन अपराधों से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/322614/it-takes-an-average-of-509-days-to-dispose-of-pocso-cases--smriti-irani"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-12/smirti2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) मामलों के निस्तारण में औसतन 509 दिन का समय लगता है। उन्होंने न्यायाधीशों से सुझाव मांगे कि बच्चों के मामले में तेजी के लिए आधारभूत ढांचे में क्या होना चाहिए। पॉक्सो कानून 2012 का उद्देश्य बच्चों को यौन उत्पीड़न, यौन दुर्व्यवहार, बाल अश्लीलता समेत अन्य अपराधों से बचाना है और ऐसे अपराधों के सुनवाई के लिए विशेष अदालतों की स्थापना का प्रावधान है। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/322613/sukhwinder-singh-sukhu-can-be-the-next-chief-minister-of-himachal">सुखविंदर सिंह सुक्खू हो सकते हैं हिमाचल के अगले मुख्यमंत्री </a></span></strong></p>
<p>शनिवार को यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण पर राष्ट्रीय हितधारक परामर्श के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए, ईरानी ने कहा कि औसतन प्रत्येक सजा के तुलना में तीन निर्दोष करार दिए जाते हैं और पॉक्सो के सभी मामलों में से 56 प्रतिशत यौन उत्पीड़न के अपराधों से संबंधित हैं। मंत्री ने कहा कि पॉक्सो मामले के निस्तारण में औसतन 509 दिन लगते हैं। </p>
<p>उन्होंने कहा, मेरा आज हितधारकों और माननीय न्यायाधीशों से अनुरोध है कि क्या आप हमें बता सकते हैं कि मंत्रालय द्वारा और क्या किया जा सकता है ताकि हम अपने बच्चों के मामलों के समाधान में तेजी लाने को लेकर न्याय प्रणाली के साथ भागीदारी सुनिश्चित कर सकें। ईरानी ने कहा, मुझे आशा है कि भारत के प्रधान न्यायाधीश के मार्गदर्शन में, हम इन अंतरालों को भर सकते हैं ताकि ऐसे बच्चों में फिर से विश्वास की भावना पैदा हो।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें-<span style="color:rgb(224,62,45);"> <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/322591/isro-successfully-conducted-blow-down-test-of-trisonic-wind-tunnel">ISRO ने किया ट्राईसोनिक विंड टनल का सफल ब्लो डाउन परीक्षण</a></span></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 Dec 2022 17:56:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भुखमरी रिपोर्ट को भारत ने किया खारिज, कहा- सूचनाएं फैलाई जा रहीं गलत</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। भारत ने वैश्विक भुखमरी रिपोर्ट 2020 में देश की स्थति संबंधी आकलन को कड़ी आलोचनाओं के साथ खारिज करते हुए देश की छवि खराब करने का एक कुटिल प्रयास करार दिया है। यह भी पढ़ें- पीईटी 2022: गणित के सवालों में उलझे परीक्षार्थी, करेंट अफेयर्स ने दी राहत, दोनो पालियों में इतने हजार …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/299999/india-rejected-the-hunger-report-said-wrong-information-is-being-spread"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-10/capture-795.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारत ने वैश्विक भुखमरी रिपोर्ट 2020 में देश की स्थति संबंधी आकलन को कड़ी आलोचनाओं के साथ खारिज करते हुए देश की छवि खराब करने का एक कुटिल प्रयास करार दिया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- </strong><a href="https://amritvichar.com/pet-2022-candidates-entangled-in-maths-questions-current-affairs-gave-relief-so-many-thousand-students-absent-in-both-the-shifts/">पीईटी 2022: गणित के सवालों में उलझे परीक्षार्थी, करेंट अफेयर्स ने दी राहत, दोनो पालियों में इतने हजार परीक्षार्थी अनुपस्थित</a></p>
<p>महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने भारत में आंगनवाड़ी और गरीबों के लिए मुफ्त अनाज कार्यक्रम जैसे विशाल कार्यक्रम का हवाले देते हुए एक कड़ा बयान जारी करते हुए शनिवार को जारी इस रिपोर्ट पर कहा, ‘ भारत की छवि को धूमिल या कलंकित करने के लिए निरंतर किया जा रहा कुटिल प्रयास एक बार फिर स्‍पष्‍ट नजर आ रहा है जिसमें देश को एक ऐसे राष्ट्र के रूप में दिखाने का प्रयास है जो अपनी आबादी की खाद्य सुरक्षा और पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता है।”</p>
<p>सरकार ने पिछले वर्ष की रिपोर्ट की भी कड़ी आलोचना की थी। मंत्रालय ने कहा है, “ ऐसा प्रतीत होता है कि गलत सूचना फैलाना ही हर साल जारी किए जाने वाले ‘वैश्विक भुखमरी सूचकांक’ का विशिष्‍ट उद्देश्‍य है। ” इस रिपोर्ट को लेकर पूर्व वित्त मंत्री एवं कांग्रेस के नेता पी चिदंबरम ने प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करने वाला ट्वीट किया है और कहा है कि प्रधानमंत्री को भूख और बच्चों के कुपोषण की समस्यओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।</p>
<p>यह रिपोर्ट आयरलैंड की कन्सर्न वर्ल्डवाइड और जर्मनी की संस्था वेल्ट हंगर हिल्फे जारी करती है। शनिवार को जारी 2022 की इस रिपोर्ट में भारत को 121 देशों में काफी नीचे 107वीं रैकिंग दी गई है। पिछले साल भारत 116 देशों में 101वें स्थान पर रखा गया था। मंत्रालय ने कहा है कि वैश्विक भुखमरी सूचकांक (ग्लोबल हंगर इंडेक्स) में शामिल अल्पपोषण के अलावा तीन अन्य संकेतक मुख्य रूप से बच्चों से संबंधित हैं जिनमें बच्चों के विकास में कमी, किसी अंग का कमजोर रह जाना और 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर।</p>
<p>मंत्रालय का कहना है कि ये संकेतक भूख के अलावा पेयजल, स्वच्छता, आनुवंशिकी, पर्यावरण और भोजन के उपयोग जैसे विभिन्न अन्य कारकों के जटिल संयोग के परिणाम हो सकते हैं। बयान में कहा गया है, “बच्चों के मुख्य रूप से स्वास्थ्य संकेतकों से संबंधित संकेतकों के आधार पर भूख की गणना करना न तो वैज्ञानिक है और न ही तर्कसंगत। ” मंत्रालय का कहना है कि अल्‍पपोषित आबादी के अनुपात (पीओयू) का चौथा और सबसे महत्वपूर्ण संकेतक अनुमान दरअसल सिर्फ 3000 प्रतिभागियों के बहुत छोटे नमूने पर किए गए एक जनमत संग्रह पर आधारित है।</p>
<p>मंत्रालय ने कहा है, ‘ एफआईईएस के माध्यम से भारत जैसे विशाल देश के लिए एक छोटे से नमूने से एकत्र किए गए डेटा का उपयोग भारत के लिए पीओयू मूल्य की गणना करने के लिए किया गया है जो न केवल गलत और अनैतिक है, बल्कि यह स्पष्ट पूर्वाग्रह का भी संकेत देता है।”</p>
<p>भारत ने जुलाई 2022 में एफएओ के साथ एफआईईएस सर्वेक्षण मॉड्यूल के आंकड़ों के आधार पर ऐसे अनुमानों का उपयोग नहीं करने का मुद्दा उठाया गया था। सरकार ने कहा है कि इस रिपोर्ट लिए सर्वे में प्रतिभागियों से पूछे गए कुछ प्रश्न इस प्रकार हैं कि “पिछले 12 महीनों के दौरान, क्या कोई ऐसा समय था, जब पैसे या अन्य संसाधनों के अभाव में: आप इस बात के लिए चिंतित थे कि आपके पास खाने के लिए पर्याप्त भोजन नहीं होगा?</p>
<p>क्या आपने जितना सोचा था, उससे कम खाया? भारत का कहना है , ‘यह स्पष्ट है कि इस तरह के प्रश्न सरकार द्वारा पोषण संबंधी सहायता प्रदान करने और खाद्य सुरक्षा के आश्वासन के बारे में प्रासंगिक जानकारी के आधार पर तथ्यों की पड़ताल नहीं करते हैं।” मंत्रालय ने कहा है कि भारत सरकार दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम चला रही है जिसमें मार्च 2020 से लगभग 80 करोड़ लाभार्थियों को मुफ्त चावल/गेहूं वितरित किया जा रहा है।</p>
<p>केंद्र ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना ( पीएम-जीकेएवाई) के तहत लगभग 1121 लाख टन खाद्यान्न आवंटित किया है, जो खाद्य सब्सिडी में तकरीबन 3.91 लाख करोड़ रुपये के बराबर है। इस योजना को दिसंबर 2022 तक बढ़ा दिया गया है।</p>
<p>आंगनबाड़ी सेवाओं के तहत कोविड-19 महामारी के बाद से, 6 वर्ष तक के लगभग 7.71 करोड़ बच्चों और 1.78 करोड़ गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को पूरक पोषण प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 1.5 करोड़ से अधिक पंजीकृत महिलाओं में से प्रत्येक को उनके पहले बच्चे के जन्म पर गर्भावस्था और प्रसव के बाद की अवधि के दौरान पारिश्रमिक सहायता एवं पौष्टिक भोजन के लिए प्रत्येक को 5000 रुपये प्रदान किए गए।<span></span></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- </strong><a href="https://amritvichar.com/human-rights-commission-strict-on-sacrifice-of-two-women-sought-report-from-kerala-government/">दो महिलाओं की ‘बलि’ मामले मानवाधिकार आयोग सख्त, केरल सरकार से मांगी रिपोर्ट</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/299999/india-rejected-the-hunger-report-said-wrong-information-is-being-spread</link>
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                <pubDate>Sat, 15 Oct 2022 22:47:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब में भगवंत मान ने सभी मंत्रियों को सौंपा उनका मंत्रालय, जानें किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी?</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब। पंजाब में सीएम भगवंत मान ने सभी मंत्रियों को पोर्टफोलियो का बंटवारा कर दिया है। सीएम मान ने गृह मंत्रालय खुद अपने खाते में ही रखा है। हरपाल चीमा को पंजाब का वित्त मंत्री बनाया गया है। पंजाब में आम आदमी पार्टी ने चुनावी कैंपेन के दौरान शिक्षा को लेकर बड़े वादे किए थे। …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/189699/in-punjab-bhagwant-mann-handed-over-his-ministry-to-all-the-ministers-knowing-who-got-what-responsibility"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-03/capture-250.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पंजाब।</strong> पंजाब में सीएम भगवंत मान ने सभी मंत्रियों को पोर्टफोलियो का बंटवारा कर दिया है। सीएम मान ने गृह मंत्रालय खुद अपने खाते में ही रखा है। हरपाल चीमा को पंजाब का वित्त मंत्री बनाया गया है। पंजाब में आम आदमी पार्टी ने चुनावी कैंपेन के दौरान शिक्षा को लेकर बड़े वादे किए थे। सीएम मान ने इन वादों को पूरा करने का ज़िम्मा गुरमीत सिंह मीत हायर को सौंपा है। शिक्षा के अलावा आप ने स्वास्थ्य सुविधाओं को भी बेहतर करने का वादा किया है।</p>
<ul>
<li>डॉ विजय सिंघला को स्वास्थ विभाग सौंपा गया।</li>
<li>हरजोत एस बैंस कानून और टूरिज्म मंत्री होंगे।</li>
<li>सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय डॉ बलजीत कौर के पास गया है।</li>
<li>हरभजन सिंह बिजली मंत्री होंगे।</li>
<li>लाल चंद को फूड और सप्लाई विभाग दिया गया है।</li>
<li>ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री होंगे कुलदीप सिंह धालीवाल।</li>
<li>लालजीत सिंह भुल्लर परिवहन मंत्री बनाए गए हैं।</li>
<li>ब्रम शंकर के पास पानी के साथ-साथ आपदा मंत्रालय भी होगा।</li>
</ul>
<p><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>
<p class="post-title entry-title"><a href="https://amritvichar.com/central-government-will-help-the-students-who-have-returned-from-ukraine-to-complete-their-studies-lieutenant-governor-sinha/">केंद्र सरकार यूक्रेन से लौटे विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी करने में मदद करेगी- उपराज्यपाल सिन्हा</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Mar 2022 17:24:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली सरकार ने बच्चों के समग्र विकास के लिए शुरू किया बाल आशियाना</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। दिल्ली के महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम ने कहा कि बाल-आशियाना बच्चों की समग्र देखभाल और विकास के लिए एक आदर्श घर है जहां बच्चों को देखभाल और सुरक्षा की आवश्यकता होती है, उनको ध्यान में रखते हुए घर का पुनर्विकास और पुन: डिज़ाइन किया जाता है। गौतम ने शनिवार …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/133323/delhi-government-started-bal-aashiyana-for-holistic-development-of-children"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-11/बाल-आशियाना.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> दिल्ली के महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम ने कहा कि बाल-आशियाना बच्चों की समग्र देखभाल और विकास के लिए एक आदर्श घर है जहां बच्चों को देखभाल और सुरक्षा की आवश्यकता होती है, उनको ध्यान में रखते हुए घर का पुनर्विकास और पुन: डिज़ाइन किया जाता है।</p>
<p>गौतम ने शनिवार को यहाँ बाल दिवस की पूर्व संध्या पर बाल आशियाना के उद्घाटन अवसर पर कहा, “भारत तभी विकसित देश बन सकता है, जब गरीबों के पास अमीर लोगों के समान सुविधाएं और अवसर हों। एक आम धारणा है कि केवल वे बच्चे जिनके माता-पिता अमीर हैं, उनको ही बेहतरीन शिक्षा मिल सकती है लेकिन दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार ने इस दृष्टिकोण को बदल दिया है। अब हमारे दिल्ली सरकार के स्कूलों में एक गरीब परिवार का बच्चा भी बेहतरीन शिक्षा प्राप्त कर रहा है।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह मॉड्यूलर होम बच्चों के लिए एक मनोरंजन केंद्र एवं खेल के मैदान से सुसज्जित है। इतना ही नहीं, इस घर की खास बात यह है कि इसमें युवा वयस्कों के लिए एक कौशल प्रशिक्षण केंद्र है। एक बार जब बच्चा 18 वर्ष का हो जाता है, तो वह एक युवा वयस्क होता है। लेकिन उन्हें अभी भी देखभाल और सहयोग की जरूरत है। बड़ी दुनिया के लिए तैयार होने से पहले उन्हें अभी भी अपनी शिक्षा पूरी करने और नौकरी करने की आवश्यकता है।</p>
<p>आफ्टर केयर कार्यक्रम के माध्यम से, हम उन युवा वयस्कों को कौशल विकास और प्रशिक्षण प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं जिनके माता-पिता या परिवार नहीं है। 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद भी बच्चा हमारी संस्था की देखरेख में रहेगा। हम उन्हें इस केंद्र में न केवल आवास प्रदान करेंगे बल्कि व्यवसाय प्रशिक्षण भी देंगे ताकि वे नौकरी पा सकें। पीएचडी चैंबर फैमिली वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा संसाधन, प्रशिक्षण और कौशल विकास केंद्र इन युवा वयस्कों को मॉडल होम में व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा।<br />
इस आदर्श घर में 6-12 वर्ष की आयु के 100 बच्चों और 50 युवा वयस्कों (18 वर्ष से अधिक) के आवास की क्षमता है। लाजपत नगर के</p>
<p>कस्तूरबा निकेतन में मॉडल होम का विकास वर्ष 2017-18 में शुरू हुआ। मॉडल होम लगभग 1607 वर्ग मीटर के क्षेत्र को कवर करते हुए 1.7 एकड़ भूमि में विकसित किया गया है। परिसर में सभी बुनियादी सुविधाओं के साथ ही दो मंजिलों पर अलग शयनगृह भी हैं। भूतल और पहली मंजिल में बहुउद्देश्यीय कमरे, छात्रावास के आकार के कमरे और शौचालय, पेंट्री से जुड़े अलग कमरे हैं।</p>
<p>दोनों मंजिलों में विशाल आवास और मनोरंजक गतिविधियों के लिए एक हॉल है, जिसमें असेंबली और खेलने के लिए खुली जगह है। पहले चरण में छह से 12 साल के बच्चों को इस न्यू मॉडल होम में स्थानांतरित किया जाएगा। इन बच्चों को अलीपुर कॉम्प्लेक्स में रखा गया था। बाद में, आफ्टर केयर में लड़कों को भी मॉडल होम में एक अलग सेक्शन में एक नया सुरक्षित और स्वस्थ आवास मिलेगा। बाल कल्याण समितियों के आदेश से इस मॉडल होम में और बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा।</p>
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<p class="post-title entry-title"><a href="https://amritvichar.com/mehbooba-mufti-said-nothing-wrong-in-comparing-political-parties-with-those-who-kill-people-in-the-name-of-religion/">महबूबा मुफ्ती बोलीं- धर्म के नाम पर लोगों की हत्या करने वालों से राजनीतिक दलों की तुलना करने में कुछ गलत नहीं</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/133323/delhi-government-started-bal-aashiyana-for-holistic-development-of-children</link>
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                <pubDate>Sat, 13 Nov 2021 16:48:13 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>केंद्रीय मंत्री ईरानी ने कहा- पोषण माह का पहला हफ्ता पौधरोपण गतिविधियां बढ़ाने को समर्पित</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बुधवार को कहा कि ‘पोषण माह’ का पहला सप्ताह अन्य मंत्रालयों के साथ मिलकर पौधरोपण गतिविधियां बढ़ाने के लिए समर्पित होगा। सितंबर माह में मनाए जाने वाले पोषण माह की शुरुआत करते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने यहां अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान को ‘पोषण …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/108639/union-minister-irani-said-the-first-week-of-nutrition-month-is-dedicated-to-increase-plantation-activities"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-09/30_05_2019-smriti-irani-1_19269129.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बुधवार को कहा कि ‘पोषण माह’ का पहला सप्ताह अन्य मंत्रालयों के साथ मिलकर पौधरोपण गतिविधियां बढ़ाने के लिए समर्पित होगा। सितंबर माह में मनाए जाने वाले पोषण माह की शुरुआत करते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने यहां अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान को ‘पोषण वाटिका’ समर्पित की। पोषण वाटिका में पोषण युक्त पौधे हैं जिनका जिक्र आयुर्वेद में पोषक भोजन के लिए किया गया है।</p>
<p>ईरानी ने स्वस्थ्य जीवन के लिए परंपरागत संपूर्ण उपायों के बारे में एक छोटी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि पोषण माह का पहला हफ्ता आयुष मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय के साथ मिलकर पोषण वाटिका में पौधरोपण गतिविधियां बढ़ाने के लिए होगा।</p>
<p>मंत्री ने बताया कि 2019 में पोषण माह में देशभर में 3.66 करोड़ गतिविधियां हुईं वहीं 2020 में बड़े पैमाने पर पौधरोपण कार्यक्रम शुरू हुआ तथा आंगनवाड़ियों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पोषण-उद्यान विकसित किए गए। 2020 के पोषण माह में 12.84 लाख पौधरोपण अभियान चलाए गए। सरकार ने कुपोषण को दूर करने के लिए मार्च 2018 में पोषण अभियान की शुरुआत की थी। तब से सितंबर को पोषण माह के रूप में मनाया जाता है और अनेक विशेष गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।</p>
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                <pubDate>Wed, 01 Sep 2021 15:06:46 +0530</pubDate>
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                <title>Global Pandemic से प्रभावित बच्चों के हितों की रक्षा के लिए सभी कदम उठा रहे हैं: केंद्र</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। केंद्र ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि वह कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण प्रभावित हुए बच्चों के सर्वश्रेष्ठ हितों की रक्षा के लिए सभी कदम उठा रहा है और उसने अनाथ बच्चों के तत्काल पुनर्वास के लिए राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखा है। कोविड-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों को …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/95551/taking-all-steps-to-protect-the-interests-of-children-affected-by-global-pandemic-center"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-07/b3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> केंद्र ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि वह कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण प्रभावित हुए बच्चों के सर्वश्रेष्ठ हितों की रक्षा के लिए सभी कदम उठा रहा है और उसने अनाथ बच्चों के तत्काल पुनर्वास के लिए राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखा है।</p>
<p>कोविड-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों को लेकर चिंता व्यक्त करने वाली जनहित याचिका पर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से दायर किए गए एक हलफनामे में केंद्र ने कहा कि वह वैश्विक महामारी के दौरान बाल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की गुंजाइश एवं संभावनाओं पर राज्यों के साथ लगातार संवाद कर रहा है।</p>
<p>हलफनामे में कहा गया, ” एमडब्ल्यूसीडी के सचिव द्वारा दिनांक 30.04.2021 को मुख्य सचिवों को पत्र भेजा गया, जिसमें सभी जिलों में डीएम को निर्देश देने का अनुरोध किया गया कि वे कोविड-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों के पुनर्वास के लिए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। बच्चों के बारे में जानकारी चाइल्डलाइन 1098 के साथ साझा की जा सकती है।”</p>
<p>केंद्र ने कहा है कि किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 (जेजे अधिनियम) के तहत संकट में बच्चों की अनिवार्य रूप से देखभाल की जाती है और उन्हें संरक्षण दिया जाता है, जिसे राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन लागू करते हैं।</p>
<p>केंद्र ने कहा कि जेजे अधिनियम के तहत सेवाएं देने के लिए राज्य सरकारों / केंद्रशासित प्रदेशों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए बाल संरक्षण सेवा नामक एक केंद्र प्रायोजित योजना पहले से ही लागू की जा रही है। उसने कहा कि वैश्विक महामारी से प्रभावित बच्चों के मनोसामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए, ”संवाद – मुश्किल परिस्थितियों और संकट में बच्चों को समर्थन और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी उपचार” नामक एक राष्ट्रीय पहल और आपातकाल के लिए चौबीसों घंटे काम करने वाली चाइल्डलाइन सेवा शुरू की गई है।</p>
<p>केंद्र ने कहा है कि मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर एक परामर्श प्रमुखता से प्रदर्शित किया और वह उन बच्चों की सुरक्षा के बारे में सोशल मीडिया के माध्यम से जागरुकता पैदा कर रहा है, जिन्होंने अपने माता-पिता को कोविड-19 के कारण खो दिया है। राज्य सरकारों से भी अनुरोध किया गया है कि वे अनाथ बच्चों के संबंध में कानूनी कदम उठाने की दिशा में लोगों का मार्गदर्शन करने के लिए स्थानीय भाषाओं में सार्वजनिक नोटिस जारी करें।</p>
<p>हलफनामे में कहा गया है कि राज्य सरकारों से प्रत्येक जिले में उन बच्चों की सहायता के लिए एक चाइल्ड केयर संस्थान नामित करने का अनुरोध किया गया था, जिनके माता-पिता कोविड-19 के कारण प्रभावित हुए हैं। उच्चतम न्यायालय में वकील जितेंद्र गुप्ता ने जनहित याचिका दायर करके प्राधिकारियों को निर्देश देने का अनुरोध किया है कि वे अनाथ बच्चों के निकटतम रिश्तेदारों या चाइल्ड-केयर होम को उनका अंतरिम संरक्षण प्रदान करें।</p>
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                <pubDate>Mon, 19 Jul 2021 18:03:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दिल्ली: ये शेल्टर होम है या जेल- महिला एवं बाल विकास मंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली। दिल्ली के महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेंद्र पाल गौतम और दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कमला नगर स्थित एक शेल्टर होम का सोमवार को औचक निरीक्षण किया और वहाँ की कमियों को दूर करने के निर्देश दिये। राजेंद्र पाल गौतम ने कहा, “मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मानते हैं कि सरकारें …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/93463/delhi-is-this-a-shelter-home-or-a-jail-minister-of-women-and-child-development"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-07/मंत्री.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नयी दिल्ली।</strong> दिल्ली के महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेंद्र पाल गौतम और दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कमला नगर स्थित एक शेल्टर होम का सोमवार को औचक निरीक्षण किया और वहाँ की कमियों को दूर करने के निर्देश दिये।</p>
<p>राजेंद्र पाल गौतम ने कहा, “मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मानते हैं कि सरकारें जनता के बीच ज़मीन पर रहकर चलाई जाती हैं बड़े दफ्तरों से नहीं। हमने दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के साथ मिलकर कमला नगर के एक शेल्टर होम का निरीक्षण करने का फैसला किया। जब हम शेल्टर होम में पहुंचे तो हमने पाया की शेल्टर होम किसी जेल जैसा प्रतीत होता है। बच्चों के मनोरंजन और शिक्षा के लिए भी सुविधाओं का अभाव है।</p>
<p>केजरीवाल सरकार हर बच्चे के लिए अच्छी शिक्षा और विकास सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है। मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं की किसी भी बच्चे का भविष्य सुविधाओं के अभाव में खराब नहीं होना चाहिए।” स्वाति मालीवाल ने कहा, “शेल्टर होम में रहने वाले बच्चों को खास प्यार और स्नेह की आवश्यकता है। हम ये सुनिश्चित करना चाहते हैं की हर बच्चे का सही तरह से पुनर्वास हो सके। शेल्टर होम में हमें कई खामियां मिली और राजेंद्र पाल गौतम ने मामले में कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>वहीं, “निरीक्षण के दौरान पाया गया की शेल्टर होम में क्षमता से अधिक संख्या में बच्चियां रह रही हैं। टीम ने पाया की होम में 78 लड़कियां रह रही हैं। शेल्टर के कमरे बेहद छोटे थे और कमरों में वेंटिलेशन की कोई सुविधा नहीं थी। शेल्टर होम चारों तरफ से बंद है और पहली नज़र में ये होम किसी जेल जैसा प्रतीत होता है।</p>
<p>राजेंद्र पाल गौतम और स्वाति मालीवाल ने शेल्टर में खाना चखा और पाया कि हालांकि भोजन ठीक है लेकिन किचन में बहुत गंदगी थी। खाना बना रहे कुक्स ने न तो मास्क पहने थे न ग्लव्स। ये भी देखा गया की लड़कियों के शेल्टर में खाना बनाने आने वाले कुक पुरुष थे। बच्चियों की सुरक्षा के मद्देनजर मंत्री ने शेल्टर होम को तुरन्त महिला कुक रखने के निर्देश दिए।</p>
<p>भीषण गर्मी के समय में भी दिन के वक़्त शेल्टर के कूलर नहीं चलाये जाते और बच्चों को गरमी में रहना पड़ता है। बच्चियों के कमरे साफ नहीं थे क्योंकि कमरों की सफाई के लिए कोई अतिरिक्त स्टाफ नहीं था और बच्चों को खुद ही अपना कमरा साफ करना पड़ता है।</p>
<p>राजेंद्र पाल गौतम शेल्टर होम की हालत देखकर बेहद चिंतित हुए और उन्होंने अधिकारियों को ये सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि शेल्टर में बच्चों को साफ सुथरा और अच्छा पर्यावरण मिले एवं बच्चों की पढ़ाई और मनोरंजन को लेकर भी कदम उठाए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को कार्रवाई रिपोर्ट भी देने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jul 2021 16:25:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बरेली: महिला एवं बाल विकास मंत्री ने पूछा, कैसे बरेली में कैसे रुकेगा महिला अपराध</title>
                                    <description><![CDATA[अमृत विचार, बरेली। महिला और बच्चों के साथ सर्वाधिक अपराध होने वाले देश के सौ जनपदों में बरेली का नाम भी शामिल है। इसको लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, नई दिल्ली की ओर से सोमवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये सेमिनार आयोजित कराया गया जिसमें केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/72867/bareilly-the-minister-of-women-and-child-development-asked-how-will-the-crime-of-women-stop-in-bareilly"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-03/capture-136.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार, बरेली। </strong>महिला और बच्चों के साथ सर्वाधिक अपराध होने वाले देश के सौ जनपदों में बरेली का नाम भी शामिल है। इसको लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, नई दिल्ली की ओर से सोमवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये सेमिनार आयोजित कराया गया जिसमें केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने बरेली समेत सौ जनपदों में महिला अपराधों की समीक्षा की।</p>
<p>स्मृति ईरानी और मंत्रालय के अधिकारियों ने जिलाधिकारी नितीश कुमार और एसएसपी रोहित सिंह सजवाण से पूछा, कैसे बरेली में महिला अपराध कंट्रोल कर रहे हैं। दो साल में कितने और किस तरह के महिला अपराध सामने आए, उनके निराकरण के लिए क्या कदम उठाए गए।</p>
<p>अंकुश लगाने के लिए बनाई गई कार्ययोजना क्या है? इस पर दोनों अधिकारियों ने बताया कि लगातार महिला अपराधों से जुड़े मामलों की मॉनीटरिंग कर समीक्षा की जा रही है। जागरूकता कार्यक्रम चलवा रहे हैं। पिछले दो साल में बरेली जनपद में महिला अपराधों में कमी दर्ज की गई है।</p>
<p>एंटी रोमियो स्क्वायड, महिला हेल्पलाइन, वूमेन पावर लाइन आदि से भी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वीसी में महिला एवं बच्चों को परामर्श एवं उनकी मानसिक स्थिति को देखते हुए काउंसलर एवं काउंसलिंग की सुविधा के विषय पर चर्चा की गई।</p>
<p>महज पांच मिनट ही बरेली के लिए समय मिला जिसमें पोषण व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। सेमिनार सुबह 10 बजे से शुरू होकर 1 बजे तक चला। 12 बजे के करीब बरेली का नंबर आया। कलक्ट्रेट स्थित एनआईसी के माध्यम से जिलाधिकारी नितीश कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रोहित सिंह सजवाण, मुख्य विकास अधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, एडीएम सिटी महेंद्र कुमार सिंह, एसपी क्राइम एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार ने प्रतिभाग किया।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Mar 2021 22:50:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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