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                <title>हिंदुओं - Amrit Vichar</title>
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                <description>हिंदुओं RSS Feed</description>
                
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                <title>&amp;#8216;हिंदुओं पर हमलों&amp;#8217; के खिलाफ दिल्ली में निकाला गया &amp;#8216;संकल्प मार्च&amp;#8217;</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। दिल्ली में हिंदू संगठनों ने ‘समुदाय पर हो रहे हमलों’ के खिलाफ शनिवार को ‘संकल्प मार्च’ निकाला, जिसमें शामिल लोगों ने तिरंगा लहराते हुए ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए। मार्च मंडी हाउस इलाके से शुरू होकर जंतर मंतर पर खत्म हुआ। इस मार्च में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता तजिंदर पाल …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/245917/sankalp-march-organized-in-delhi-against-attacks-on-hindus"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-07/screenshot-2022-07-09-170947.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> दिल्ली में हिंदू संगठनों ने ‘समुदाय पर हो रहे हमलों’ के खिलाफ शनिवार को ‘संकल्प मार्च’ निकाला, जिसमें शामिल लोगों ने तिरंगा लहराते हुए ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए। मार्च मंडी हाउस इलाके से शुरू होकर जंतर मंतर पर खत्म हुआ। इस मार्च में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा और कपिल मिश्रा ने भी हिस्सा लिया।</p>
<p>उत्तरी दिल्ली के पूर्व महापौर अवतार सिंह ने कहा, ”इस ‘संकल्प मार्च’ के लिए आज कई हिंदू समूह सड़कों पर हैं। हम यहां हिंदुओं पर हमलों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए एकत्रित हुए हैं। उन्हें इस तरह से निशाना नहीं बनाया जा सकता। हमें निशाना बनाने वालों को हम छोड़ेंगे नहीं।” मार्च के कारण मध्य दिल्ली में कई सड़कों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया।</p>
<p>यातायात पुलिस ने ट्विटर पर यात्रियों को सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे के बीच सिकंदरा रोड, बाराखंभा रोड, कॉपरनिकस मार्ग, फिरोज शाह रोड, भगवान दास रोड, कस्तूरबा गांधी मार्ग, टॉलस्टॉय मार्ग, संसद मार्ग, कनॉट प्लेस, पटेल चौक और जनपथ की तरफ जाने से बचने की सलाह दी।</p>
<p><strong>ये भी पढ़े – </strong><a href="https://amritvichar.com/mp-government-issued-helpline-number-in-view-of-amarnath-accident/">MP सरकार ने अमरनाथ हादसे के मद्देनजर किया हेल्पलाइन नंबर जारी</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Jul 2022 17:10:28 +0530</pubDate>
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                <title>कश्मीर में हिंदुओं की टारगेट किलिंग के बीच बड़ा फैसला, सभी हिंदू कर्मचारियों का जिला मुख्यालयों में होगा तबादला</title>
                                    <description><![CDATA[जम्मू। जम्मू कश्मीर में हिंदुओं की टारगेट किलिंग के बीच प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए हिंदू सरकारी अधिकारियों का ट्रांसफर करने का फैसला किया है। जो भी कर्मचारी दूर दराज इलाकों में काम कर रहे हैं, उन्हें कश्मीर के जिला मुख्यालय लाने की तैयारी है. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक अहम बैठक की थी जिसमें …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/225865/big-decision-amid-target-killing-of-hindus-in-kashmir-all-hindu-employees-will-be-transferred-to-district-headquarters"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-06/capture-18.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जम्मू। </strong>जम्मू कश्मीर में हिंदुओं की टारगेट किलिंग के बीच प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए हिंदू सरकारी अधिकारियों का ट्रांसफर करने का फैसला किया है। जो भी कर्मचारी दूर दराज इलाकों में काम कर रहे हैं, उन्हें कश्मीर के जिला मुख्यालय लाने की तैयारी है. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक अहम बैठक की थी जिसमें घाटी में लगातार हो रही टारगेट किलिंग पर चर्चा की गई।</p>
<p>उसी चर्चा के बाद फैसला हुआ कि उन तमाम हिंदू कर्मचारियों का तबादला किया जाएगा, जो वर्तमान में दूर दराज के इलाकों में काम कर रहे हैं। उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन उन सभी का जिला मुख्यालय में ट्रांसफर करेगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- </strong><a href="https://amritvichar.com/delhi-airport-starts-rfid-tag-facility-will-ease-luggage-monitoring/">दिल्ली एयरपोर्ट ने आरएफआईडी टैग की सुविधा की शुरू, सामान की निगरानी में होगी आसानी</a></p>
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                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jun 2022 17:42:59 +0530</pubDate>
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                <title>धार की भोजशाला पर हिंदुओं का दावा, अदालत ने सरकार व एएसआई से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[ इंदौर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक धार शहर की भोजशाला पर हिंदू पक्ष के दावे को लेकर बुधवार को केंद्र और राज्य की सरकारों के साथ ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। इसके साथ ही भोजशाला का पुराना विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। उच्च …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/215491/hindus-claim-on-dhars-bhojshala-court-seeks-response-from-government-and-asi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-05/capture-410.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> इंदौर।</strong> मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक धार शहर की भोजशाला पर हिंदू पक्ष के दावे को लेकर बुधवार को केंद्र और राज्य की सरकारों के साथ ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। इसके साथ ही भोजशाला का पुराना विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।</p>
<p>उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ के न्यायमूर्ति विवेक रुसिया और न्यायमूर्ति अमरनाथ केशरवानी ने “हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस” नामक संगठन और हिन्दू पक्ष के अन्य लोगों की ओर से दायर दो जनहित याचिकाओं को सुनवाई के लिए मंजूर करते हुए नोटिस जारी किए। अदालत ने धार के भोजशाला परिसर की मस्जिद से जुड़ी मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी को भी नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। गौरतलब है कि भोजशाला, केंद्र सरकार के अधीन एएसआई का संरक्षित स्मारक है।</p>
<p>हिंदुओं का मानना है कि भोजशाला वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर है, जबकि मुस्लिम समुदाय इस जगह को कमाल मौला की मस्जिद बताता है। एएसआई की बरसों से जारी व्यवस्था के मुताबिक, हिंदुओं को प्रत्येक मंगलवार को भोजशाला में पूजा करने की अनुमति है, जबकि मुस्लिमों को हर शुक्रवार इस जगह नमाज अदा करने की इजाजत दी गई है।</p>
<p>याचिकाकर्ता के वकील हरिशंकर जैन ने संवाददाताओं को बताया कि भोजशाला के ऐतिहासिक तथ्य तथा तस्वीरें उच्च न्यायालय के सामने पेश करके एएसआई की इस व्यवस्था को संविधान के अलग-अलग प्रावधानों के तहत चुनौती दी गई है। उन्होंने बताया कि याचिकाओं में गुहार लगाई गई है कि हिंदुओं को समूचे भोजशाला परिसर में साल भर पूजा-पाठ का धार्मिक अधिकार दिया जाए और इसमें हर शुक्रवार नमाज अदा करने की मुस्लिमों को दी गयी अनुमति वापस ली जाए।</p>
<p>जैन ने बताया कि याचिकाओं में यह गुहार भी की गई है कि लंदन के एक संग्रहालय में रखी वाग्देवी की प्रतिमा को भारत लाकर इसे हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं के मुताबिक भोजशाला में फिर से स्थापित किया जाए। याचिकाओं में कहा गया है कि धार के राजा भोज ने इस पवित्र प्रतिमा को भोजशाला परिसर में 1034 ईस्वी में स्थापित किया था और भारत पर अपने शासन के दौरान अंग्रेज इसे 1875 में लंदन ले गए थे।</p>
<p>दोनों याचिकाओं पर 27 जून को अगली सुनवाई हो सकती है। बहरहाल, भोजशाला का विवाद नया नहीं है और धार के पुलिस-प्रशासन को इस शहर में तब-तब सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने पड़ते हैं, जब-जब सरस्वती पूजा (वसंत पंचमी) का पर्व शुक्रवार को पड़ता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- </strong><a href="https://amritvichar.com/dri-caught-a-large-consignment-of-drugs-under-special-operation-heroin-worth-rs-434-crore-seized/">स्पेशल ऑपरेशन के तहत डीआरआई ने पकड़ी ड्रग्स की बड़ी खेप, 434 करोड़ रुपए की हेरोइन जब्त</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 May 2022 18:30:19 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रायबरेली में अलविदा के दिन हिंदुओं ने किया परंपरा का निर्वाह</title>
                                    <description><![CDATA[रायबरेली। गंगा जमुनी तहजीब रायबरेली की हमेशा से विरासत रही है। यहां की परंपराएं पूरे विश्व को संदेश देती हैं। रमजान के महीने में जिले के पूरे झमई मजरे नरेंद्रपुर की मस्जिद में अलविदा के दिन की इफ्तार पार्टी धार्मिक एकता का प्रतीक है। जिसका आयोजन हिंदू समाज के लोग करते हैं। डलमऊ कोतवाली क्षेत्र …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/209509/hindus-followed-the-tradition-on-the-day-of-goodbye-in-rae-bareli"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-04/रायबरेली-3-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रायबरेली।</strong> गंगा जमुनी तहजीब रायबरेली की हमेशा से विरासत रही है। यहां की परंपराएं पूरे विश्व को संदेश देती हैं। रमजान के महीने में जिले के पूरे झमई मजरे नरेंद्रपुर की मस्जिद में अलविदा के दिन की इफ्तार पार्टी धार्मिक एकता का प्रतीक है। जिसका आयोजन हिंदू समाज के लोग करते हैं।</p>
<p>डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के इस गांव की परंपरा पुरानी है। रमजान के महीने में अलविदा के दिन शाम को मस्जिद में इफ्तार पार्टी का आयोजन हिंदू समाज के लोग करते है। शुक्रवार की शाम को हुए इफ्तार के मुख्य आयोजक देवी प्रसाद त्रिवेदी और राधेश्याम त्रिवेदी थे। इनके साथ गांव का पूरा हिंदू समाज जुटा और मुस्लिम रोजेदारों के इफ्तार के लिए व्यंजन तैयार किए गए।</p>
<p>शाम को सैकड़ों की संख्या में रोजेदारों ने इफ्तार के बाद हिंदू भाइयों की भलाई के लिए दुआ की। इस मौके पर प्रमुख रूप से मौलाना अमान उल्ला खान, सहजादे, मो नईम, कल्लन, मोबिन, मो राशिद, गुड्डू, मो फारूक,मेराज अली, बब्बन त्रिवेदी,अनिल त्रिवेदी, अनुज मिश्र, राजू पटेल और टिंकू आदि मौजूद थे।</p>
<p>यह भी पढ़ें-<strong><a href="https://amritvichar.com/ayodhya-goodbye-prayers-completed-safely-dm-and-ssp-continued-to-visit/">हल्द्वानी: अलविदा-अलविदा माहे रमजान अलविदा: अल्लाह की इबादत में झुके हजारों सिर</a></strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>रायबरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Apr 2022 19:34:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी से मिलने उनके घर पर पहुंचे अफगानिस्तान से आए हिंदू-सिख, पहनाया अफगानी साफा</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। अफगानिस्तान से सिखों और हिंदुओं के एक शिष्टमंडल ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर उनसे मुलाकात की। शिष्टमडंल ने पीएम मोदी को अफगानी साफा पहनाया। भारत में बड़ी संख्या में अफगान सिख और हिंदू रहते हैं और हाल में तालिबान द्वारा अफगानिस्तान की सत्ता हथियाने के बाद भारत सरकार ने …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/175637/delegation-of-afghan-sikhs-and-hindus-met-pm-modi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-02/afgaan.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> अफगानिस्तान से सिखों और हिंदुओं के एक शिष्टमंडल ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर उनसे मुलाकात की। शिष्टमडंल ने पीएम मोदी को अफगानी साफा पहनाया। भारत में बड़ी संख्या में अफगान सिख और हिंदू रहते हैं और हाल में तालिबान द्वारा अफगानिस्तान की सत्ता हथियाने के बाद भारत सरकार ने उनमें से अनेक को वहां से निकाला था। अफगानिस्तान में धार्मिक आधार पर उत्पीड़न झेलने वाले अल्पसंख्यकों के प्रति मोदी सरकार ने कई बार अपनी प्रतिबद्धता जताई है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़े-</strong></p>
<p><a href="https://amritvichar.com/kamal-nath-said-preparations-are-being-made-to-change-the-name-of-vyapam-for-new-fraud/">कमलनाथ बोले- व्यापमं का नाम बदलकर की जा रही नए फर्जीवाड़े की तैयारी</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/175637/delegation-of-afghan-sikhs-and-hindus-met-pm-modi</link>
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                <pubDate>Sat, 19 Feb 2022 14:19:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हिंदुओं में लड़कियों के बाल विवाह का आरंभ क्या मध्यकाल में हुआ? जानें इतिहास&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[हमें यही बताया जाता रहा है कि हिंदुओं में लड़कियों का बाल-विवाह मुसलमान आक्रांताओं के भय से मध्यकाल में आरंभ हुआ। यह मान्यता घृणा के कारण गढ़े गए अनेक ‘मिथकों’ में से एक है; क्योंकि हमारे शास्त्र दूसरी ही बात कहते हैं। विवाह के मुख्य रूप से तीन उद्देश्य बताए गए हैं: घरेलू बलि अनुष्ठान …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/145705/child-marriage-of-girls-among-hindus-started-in-medieval-period-learn-history"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-12/बाल-विवाह.jpg" alt=""></a><br /><p>हमें यही बताया जाता रहा है कि हिंदुओं में लड़कियों का बाल-विवाह मुसलमान आक्रांताओं के भय से मध्यकाल में आरंभ हुआ। यह मान्यता घृणा के कारण गढ़े गए अनेक ‘मिथकों’ में से एक है; क्योंकि हमारे शास्त्र दूसरी ही बात कहते हैं।</p>
<p>विवाह के मुख्य रूप से तीन उद्देश्य बताए गए हैं: घरेलू बलि अनुष्ठान कर्मों के माध्यम से धर्म का उन्नयन; संतानोत्पत्ति से वंशवृद्धि एवं मृत्योपरांत पूर्वजों के सुखमय जीवन की सुनिश्चितता; और रतिसुख। आदि काल में सामान्य रूप से स्त्रियों की शादी वयस्क होने के बाद हुआ करती थी। आरंभिक वैदिक काल में शादी के बाद भी वे स्वतंत्र थीं। ऋग्वेद में यदि पति जुआरी और नशेड़ी हो तो पत्नी को उसे छोड़कर किसी दूसरे पुरुष के पास चले जाने का उदाहरण मिलता है। इसके अलावा इसमें पति के मरने के बाद पत्नी के सामान्य जीवन बिताने की आजादी का भी उल्लेख है।</p>
<p>बाद में परिस्थियाँ बदल जाती हैं। स्मृतियों में वर की न्यूनतम आयु 20 और वधू की वय:संधि (10-14) से तुरत पहले की आयु बताई गई है। कट्टरपंथी वर्ग का संतानप्रेम कितना बढ़ गया था, उसे बौधायन सूत्र (संकलन काल – 800-600 ईसा पूर्व) में निहित इस घोषणा से समझा जा सकता है- जो पिता अपनी बच्ची का विवाह रज:स्राव से पहले नहीं करेगा, वह भ्रूण-हत्या (हत्या से भी बड़े अपराध) का भागी होगा और जब तक उसका विवाह नहीं कर दिया जाता, हर रज:स्राव के बाद उसके इस अपराध की संख्या बढ़ती जाएगी।</p>
<p>यह आम धारणा थी कि विवाह के समय वधू की उम्र वर की उम्र से एक तिहाई हो तो वह आदर्श विवाह है; अर्थात 24 साल के वर को आठ साल की ‘स्त्री’ से विवाह करना चाहिए। (मनुस्मृति, अध्याय-8, श्लोक-93)। इसी अध्याय के एक श्लोक (89) में यह भी है कि ऋतुमती होने के तीन वर्षों तक पिता द्वारा उसके लिए वर निश्चित करने की प्रतीक्षा करे; किंतु इस अवधि में पिता के सफल न होने पर लड़की स्वयं अपने लिए योग्य व्यक्ति से विवाह कर ले।</p>
<p>वाल्मीकि रामायण में विवाह के समय सीता की आयु को लेकर चार बार में दो किस्म की बातें कही गई हैं। पहली बार बालकांड में जनक विश्वामित्र से कहते हैं, ‘भूतल से प्रकट हुई वह कन्या क्रमश: बढ़कर सयानी हुई’ (भूतलादुत्थितां सा तु व्यवर्धत ममात्मजा)। अपनी इस अयोनिजा कन्या के विषय में मैंने यह दृढ़ निश्चय किया कि जो अपने पराक्रम से इस धनुष को चढ़ा देगा, उसी के साथ मैं इसका व्याह करूँगा। दिनों-दिन बढ़ने वाली पुत्री को कई राजाओं ने आकर माँगा। परंतु वे लोग शिवजी का धनुष हिलाने में समर्थ नहीं हो सके। यही कारण है कि मैंने आज तक किसी को अपनी कन्या नहीं दी।’(सर्ग- 66)।</p>
<p>स्पष्ट है कि सीता के सयानी होने के (एक-दो साल) बाद ही धनुष तोड़ने पर राम से विवाह हुआ होगा।<br />
दूसरी बार, अयोध्याकांड के अंतिम दो सर्गों में अत्रि के आश्रम में सीता-अनसूया संवाद में सीता का कथन है, ‘जब पिता ने देखा कि मेरी अवस्था विवाह के योग्य हो गई, तब वे बड़ी चिंता में पड़ गए’ (पतिसंयोगसुलभं वयो दृष्ट्वा तु मे पिता)।</p>
<p>तीसरी बार ब्राह्मण अतिथि बनकर आए रावण के पूछने पर सीता अपना परिचय देते हुए कहती हैं, ‘विवाह के बाद बारह वर्षों तक इक्ष्वाकुवंशी (महाराज दशरथ) के महल में पति के साथ सभी मानवोचित भोग भोगे हैं। (राम के अभिषेक के समय) मेरे महातेजस्वी पति की अवस्था पचीस साल से ऊपर थी और मेरे जन्मकाल से लेकर वनगमन-काल तक मेरी अवस्था वर्षगणना के अनुसार अठारह साल की हो गई थी (अष्टादश हि वर्षाणि मम जन्मनि गण्यते)। (अरण्यकांड, सर्ग 47, श्लोक 9-10)।<br />
इस कथन के अनुसार विवाह के समय सीता की अवस्था छह साल की थी।</p>
<p>चौथी बार का प्रसंग युद्धकांड का है जब राम सीता के चरित्र पर लांछन लगाते हुए उन्हें अस्वीकार कर के अन्यत्र चले जाने को कहते हैं। राम के आरोप भरे कड़वे कथन के उत्तर में सीता कहती हैं कि ‘बाल्यावस्था में आपने मेरा पाणिग्रहण किया है, इसकी ओर भी ध्यान नहीं दिया। आपके प्रति मेरे हृदय में जो भक्ति है और मुझमें जो शील है, वह सब आपने एक साथ भुला दिया (न प्रमाणीकृत: पाणिर्बाल्ये मम निपीडित:। मम भक्तिश्च शीलं च सर्वं ते पृष्ठत: कृतम्॥) यदि युद्धकांड में दुखी सीता की राम के सम्मुख कही गई बात को सत्य मानें तो उनका विवाह बाल्यकाल में हो गया था।</p>
<p>बाल-विवाह में वृद्धि के लिए कोई ठोस कारण नहीं मिलते। कुछ लोगों का मानना है कि मुसलमानों के डर से माता-पिता अपनी पुत्रियों का विवाह बचपन में कर दिया करते थे और अपनी पत्नियों को घर में बंद कर दिया करते थे। किंतु ऊपर के दृष्टांतों से स्पष्ट है कि ये दोनों प्रथाएँ पहले से मौजूद थीं। अत: इसे कारण मानना उचित नहीं जान पड़ता।</p>
<p>‘धार्मिक आग्रह (संतानोत्पत्ति की जरूरत) हमेशा से रहा है। शास्त्रों के अनुसार कामुकता ने भी अपनी भूमिका निभाई हो सकती है। स्त्री को प्राकृतिक रूप से कामुक माना जाता था। एक अविवाहित लड़की युवारंभ होने के साथ ही अपना प्रेमी ढूंढ़ने लगेगी, यह डर माता-पिता को लगा रहता था। हालाँकि माता-पिता उसकी कठोरतापूर्व रखवाली करते थे, किंतु अगर एक बार कौमार्य भंग हो जाय तो उसका विवाह होना असंभव होगा और माता-पिता को उसका भरण-पोषण का भार वहन करना पड़ेगा तथा अपमान झेलना होगा, यह डर लगा रहता था। माता-पिता के लिए लड़की उनके लिए भार समान थी।’ (ए एल बाशम, The Wonder, that was India, पेज-168)।</p>
<p>अनसूया से सीता ने आगे जो कहा था, उसे इसके प्रमाण में उद्धृत किया जा सकता है कि लड़की भार के समान थी, ‘जब पिता ने देखा कि मेरी अवस्था विवाह के योग्य हो गई, तब इसके लिए वे चिंता में पड़ गए। जैसे कमाए हुए धन का नाश हो जाने से निर्धन मनुष्य को बड़ा दुख होता है, उसी प्रकार मेरे विवाह की चिंता से वे बड़े दुखी हुए। संसार में कन्या के पिता को, वह भूतल पर इंद्र के ही तुल्य क्यों न हो, वर पक्ष के लोगों से, वे अपने समान या अपने से छोटी हैसियत के ही क्यों न हों, प्राय: अपमान उठाना पड़ता है।’</p>
<p><strong>-नारायण सिंह</strong></p>
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                                                            <category>इतिहास</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Dec 2021 16:37:43 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>राहुल गांधी का बयान हिंदुओं को सत्ता में लाओ, ओवेसी भड़के कहा, भारत सिर्फ हिंदुओं का नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। रविवार को जयपुर में कांग्रेस की मंहगाई हटाओ रैली का आयोजन हुआ। जिसमें राहुल गांधी ने हिंदु और हिंदुत्व को लेकर एक बयान भी दिया। जिसको लेकर ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि भारत केवल हिंदुओं का नहीं बल्कि हर भारतीय का …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/144907/rahul-gandhis-statement-bring-hindus-to-power-owaisi-incensed-said-india-is-not-only-of-hindus"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-12/राहुल-ओवेसी.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> रविवार को जयपुर में कांग्रेस की मंहगाई हटाओ रैली का आयोजन हुआ। जिसमें राहुल गांधी ने हिंदु और हिंदुत्व को लेकर एक बयान भी दिया। जिसको लेकर ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि भारत केवल हिंदुओं का नहीं बल्कि हर भारतीय का है। जिसको लेकर अब बयानवाजी शुरू हो गई है।</p>
<p><strong>क्या कहा था राहुल गांधी ने<br />
</strong>दरअसल, रैली के दौरान राहुल गांधी ने हिंदु और हिंदुत्व के बीच फर्क बताते हुए राहुल ने कहा कि हिंदुत्ववादियों को सत्ता से हटाकर हिंदुओं को वापस लाइए। उनके इस बयान के बाद ओवैसी ने कहा, ”राहुल और कांग्रेस ने हिंदुत्व की जमीन को उपजाऊ बनाया। अब वे बहुसंख्यकवाद की फसल काटने की कोशिश कर रहे हैं। हिंदुओं को सत्ता में लाना 2021 का सेक्युलर अजेंडा है।</p>
<p><strong>राहुल बोले- हिंदु वो जो सभी धर्मों का सम्मान करे</strong><br />
राहुल गांधी ने हिंदु और हिंदुत्ववादियों में अंतर समझाते हुए कहा, ”हिंदू वह है जो सभी धर्मों का सम्मान करता है, सभी को गले लगाता है और किसी से नहीं डरता। गीता, उपनिषद, रामायण, महाभारत को पढ़िए, कहां लिखा है कि गरीब और कमजोर को दबाया जाए? इतना ही नहीं, राहुल ने महंगाई के लिए हिंदुत्ववादियों को जिम्मेदार ठहराया है।</p>
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                                                            <category>Top News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Dec 2021 19:21:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Rally in Jaipur: राहुल गांधी बोले- महात्मा गांधी हिंदू थे और गोडसे हिंदुत्ववादी&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि भारतवर्ष हिंदुओं का देश है, हिंदुत्ववादियों का नहीं। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उनके तीन चार मित्रों ने सात साल में देश को बर्बाद कर दिया। गांधी ने कहा कि ‘मैं हिंदुत्ववादी नहीं, मैं हिंदू हूं।’ यहां ‘महंगाई हटाओ रैली’ को …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/144801/rally-in-jaipur-rahul-gandhi-said-mahatma-gandhi-was-a-hindu-and-godse-was-a-hindutvawadi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-12/rahul-gadhi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि भारतवर्ष हिंदुओं का देश है, हिंदुत्ववादियों का नहीं। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उनके तीन चार मित्रों ने सात साल में देश को बर्बाद कर दिया। गांधी ने कहा कि ‘मैं हिंदुत्ववादी नहीं, मैं हिंदू हूं।’</p>
<p>यहां ‘महंगाई हटाओ रैली’ को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह देश हिंदुओं का देश है, हिंदुत्ववादियों का नहीं है। देश में महंगाई है, दर्द है तो यह काम हिंदुत्ववादियों ने किया है। हिंदुत्ववादियों को किसी भी हालत में सत्ता चाहिए।</p>
<p>हिंदू और हिंदुत्ववाद को दो अलग अलग शब्द बताते हुए राहुल ने कहा कि जिस तरह से दो जीवों की एक आत्मा नहीं हो सकती, वैसे ही दो शब्दों का एक मतलब नहीं हो सकता क्योंकि हर शब्द का अलग मतलब होता है।</p>
<p>राहुल ने कहा कि मैं हिंदुत्ववादी नहीं, मैं हिंदू हूं। महात्मा गांधी हिंदू थे और गोडसे हिंदुत्ववादी। उन्होंने कहा कि हिंदू वह है जो किसी से नहीं डरता जो सबको गले लगता है। उन्होंने कहा कि देश से ‘हिंदुत्ववादियों को वापस निकालना है हिंदुओं का राज लाना है।’राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उनके तीन चार मित्रों ने देश को सात साल में बर्बाद कर दिया।</p>
<p>यह भी पढ़े-</p>
<p class="post-title entry-title"><a href="https://amritvichar.com/srinagar-mehbooba-mufti-under-house-arrest-no-permission-for-holding-pdp-youth-wing-conference/">श्रीनगर: महबूबा मुफ्ती नजरबंद, पीडीपी यूथ विंग के सम्मेलन के आयोजन को नहीं मिली अनुमति</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/144801/rally-in-jaipur-rahul-gandhi-said-mahatma-gandhi-was-a-hindu-and-godse-was-a-hindutvawadi</link>
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                <pubDate>Sun, 12 Dec 2021 16:07:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अकाल तख्त के जत्थेदार का दावा: पीएम मोदी के फैसले ने बड़ी साजिश पर फेरा पानी, सिख, सरकार और हिंदुओं को लड़ाने की हो रही थी कोशिश</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़। एक साल तक चले शांतिपूर्वक किसान आंदोलन के बाद पीएम मोदी द्वारा शुक्रवार को तीन कृषि कानून वापस लेने का फैसला सुनाया गया। पीएम मोदी के फैसले के बाद सिखों की सुप्रीम संस्था श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कुछ लोग किसान आंदोलन की आड़ में सिख वर्सेज भारत …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/136177/claim-of-jathedar-of-akal-takht-pm-modis-decision-threw-water-on-a-big-conspiracy-efforts-were-being-made-to-fight-sikhs-sarkar-and-hindus"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-11/जत्थेदार-ज्ञानी-हरप्रीत-सिंह.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>चंडीगढ़।</strong> एक साल तक चले शांतिपूर्वक किसान आंदोलन के बाद पीएम मोदी द्वारा शुक्रवार को तीन कृषि कानून वापस लेने का फैसला सुनाया गया। पीएम मोदी के फैसले के बाद सिखों की सुप्रीम संस्था श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कुछ लोग किसान आंदोलन की आड़ में सिख वर्सेज भारत सरकार और सिख वर्सेज हिंदू बनाना चाहते थे। वहीं, पीएम मोदी के तीन कृषि कानून वापस लेने के फैसले ने इन लोगों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। कानून वापस होने के कारण इक बड़ी विपदा टल गई है।</p>
<p><strong>सिख सोच, निशान और इतिहास को कर रहे थे दरकिनार</strong><br />
जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि किसान आंदोलन में कुछ किसानों के ग्रुप ऐसे थे जो सिखों की सोच, निशान, इतिहास और भावनाओं को बिल्कुल ही अलग कर रहे थे। साथ ही कुछ ग्रुप ऐसे भी थे जो भारत सरकार और हिंदूओं के बीच लड़ाई कराना चाह रहे थे।</p>
<p><strong>आंदोलन में जिन किसानों की जान गईं, उनका हमेशा अफसोस रहेगा</strong><br />
आंदोलन के दौरान कुछ जिंदगी गई हैं, उनका हमेशा अफसोस रहेगा। बहुत बड़ी मात्रा में इस आंदोलन में विदेशी सिखों का पैसा खर्च हुआ। इस आंदोलन में जो लोग शामिल हुए, वह सिख परिवार थे। सिखों ने आर्थिक मदद और सहूलियत के रूप में जी-जान से इसमें योगदान दिया। हम हमेशा चाहते हैं कि भारत के अंदर सिख अच्छे ढंग से जिंदगी बिताएं। हिंदू सिख का रिश्ता मजबूत रहे, इसके लिए हमेशा कोशिश करते रहे हैं।</p>
<p><strong>द्वेष पैदा करके राजनीतिक जमीन मजबूत करने की भी कोशिश</strong><br />
उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों के विरोध की आड़ में कुछ शरारती लोग भाईचारक बंटवारा करने की कोशिश कर रहे थे। वहीं कुछ अपनी राजनीतिक जमीन को मजबूत करने की कोशिश कर रहे थे। वह सिख भावनाओं को कमजोर करके सिख इतिहास को निशाने पर ले रहे थे। सिख निशान उन्हें चुभ रहा था। इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी की जितनी तारीफ हो, करनी बनती है।</p>
<p><strong>CM सिख या हिंदू होने को सेकेंडरी कह चुके</strong><br />
इससे पहले भी ज्ञानी हरप्रीत सिंह का एक बयान आया था कि पंजाब में CM सिख हो या हिंदू, यह सेकेंडरी है। पंजाब के पहले हिंदू CM न बन पाने के बाद कांग्रेस के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ ने उनके बयान को ट्वीट किया था। जिसमें उन्होंने कहा कि अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के इन दूरदर्शी शब्दों के लिए इससे बेहतर वक्त नहीं हो सकता था। जब संकीर्ण सोच वाले छोटे लोगों ने हाई पोजिशन पाने के लिए पंजाब को वर्ग, जाति और पहचान के आधार पर बांटने की कोशिश की।</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें…</strong></p>
<p class="post-title entry-title"><a href="https://amritvichar.com/indian-navy-warship-visakhapatnam-in-service-equipped-with-lethal-weapons-and-sensors/">भारतीय नौसेना का युद्धपोत ‘विशाखापट्टनम’ सेवा में शामिल, घातक हथियारों और सेंसर से है लैस</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Nov 2021 14:12:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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                <title>&amp;#8216;हिंदू मंदिरों के अधिकार हिंदू श्रद्धालुओं को सौंपे जाएं, संपत्ति का उपयोग सिर्फ हिंदुओं के लिए हो&amp;#8217;-मोहन भागवत</title>
                                    <description><![CDATA[नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर संघचालक मोहन भागवत ने देश में कुछ मंदिरों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए शुक्रवार को कहा कि ऐसी संस्थाओं के संचालन के अधिकार हिंदुओं को सौंपे जाने चाहिए और इनकी संपत्ति का उपयोग केवल हिंदू समुदाय के कल्याणार्थ किया जाना चाहिए। यहां रेशमीबाह में वार्षिक विजयदशमी …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/123487/rights-of-hindu-temples-should-be-handed-over-to-hindu-devotees-property-should-be-used-only-for-hindus-mohan-bhagwat"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-10/802690-mohan-bhagwat-2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नागपुर।</strong> राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर संघचालक मोहन भागवत ने देश में कुछ मंदिरों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए शुक्रवार को कहा कि ऐसी संस्थाओं के संचालन के अधिकार हिंदुओं को सौंपे जाने चाहिए और इनकी संपत्ति का उपयोग केवल हिंदू समुदाय के कल्याणार्थ किया जाना चाहिए। यहां रेशमीबाह में वार्षिक विजयदशमी उत्सव में उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत के मंदिरों पर पूरी तरह राज्य सरकार का नियंत्रण है जबकि देश में कुछ हिस्सों में मंदिरों का प्रबंधन सरकार व कुछ अन्य का श्रद्धालुओं के हाथ में है।</p>
<p>उन्होंने सरकार द्वारा संचालित माता वैष्णो देवी मंदिर जैसे मंदिरों का उदाहरण देते हुए कहा कि इसे बहुत कुशलता से चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी तरह महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के शेगांव में स्थित गजानन महाराज मंदिर, दिल्ली में झंडेवाला मंदिर, जो भक्तों द्वारा संचालित हैं, को भी बहुत कुशलता से चलाया जा रहा है। भागवत ने कहा, “लेकिन उन मंदिरों में लूट है जहां उनका संचालन प्रभावी ढंग से नहीं हो रहा है।”</p>
<p>“जहां ऐसी चीजें ठीक से काम नहीं कर रही हैं, वहां एक लूट मची हुई है। कुछ मंदिरों में शासन की कोई व्यवस्था नहीं है। मंदिरों की चल और अचल संपत्तियों के दुरुपयोग के उदाहरण सामने आए हैं।” भागवत ने कहा, “हिंदू मंदिरों की संपत्ति का उपयोग गैर-हिंदुओं के लिए किया जाता है – जिनकी हिंदू भगवानों में कोई आस्था नहीं है। हिंदुओं को भी इसकी जरूरत है, लेकिन उनके लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जाता है।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि मंदिरों के प्रबंधन को लेकर उच्चतम न्यायालय के कुछ आदेश हैं। साथ ही कहा, “शीर्ष अदालत ने कहा कि ईश्वर के अलावा कोई भी मंदिर का स्वामी नहीं हो सकता। पुजारी केवल प्रबंधक है। इसने यह भी कहा कि सरकार प्रबंधन उद्देश्यों से इसका नियंत्रण ले सकती है लेकिन कुछ समय के लिए। लेकिन उसे स्वामित्व लौटाना होगा। इसलिए इस पर उचित ढंग से निर्णय लिया जाना चाहिए।”</p>
<p>आरएसएस प्रमुख ने कहा, “और इस संबंध में भी फैसला लिया जाना चाहिए कि हिंदू समाज इन मंदिरों की देख-रेख कैसे करेगा।” आरएसएस द्वारा साझा किए गए लिखित भाषण में, भागवत ने कहा कि जाति और पंथ के बावजूद सभी भक्तों के लिए मंदिर में भगवान के दर्शन, उनकी पूजा के लिए गैर-भेदभावपूर्ण पहुंच और अवसर भी हर जगह अमल में नहीं लाए जाते, लेकिन इन्हें (गैर भेदभाव पूर्ण पहुंच और अवसर) सुनिश्चित किया जाना चाहिए।</p>
<p>भागवत ने कहा कि यह सभी के लिए स्पष्ट है कि मंदिरों की धार्मिक आचार संहिता के संबंध में कई निर्णय विद्वानों और आध्यात्मिक शिक्षकों के परामर्श के बिना ”मनमौजी ढंग से” किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज की ताकत के आधार पर मंदिरों के उचित प्रबंधन और संचालन को सुनिश्चित करते हुए एक बार फिर मंदिरों को हमारे सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन का केंद्र बनाने के लिए एक योजना तैयार करनी भी आवश्यक है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Oct 2021 20:17:43 +0530</pubDate>
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                <title>मनोज तिवारी बोले- छठ पूजा कार्यक्रम पर पाबंदी लगाए जाने से हिंदुओं की भावनाएं आहत हुईं</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद मनोज तिवारी ने बुधवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर मुसलमानों का तुष्टीकरण करने और छठ पूजा पर प्रतिबंध लगा कर हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया। केजरीवाल को लिखे एक पत्र में तिवारी ने छठ मनाने को लेकर केंद्र से दिशा-निर्देश लेने …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/122873/manoj-tiwari-said-the-sentiments-of-hindus-were-hurt-due-to-the-ban-on-chhath-puja-program"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-10/manoj-chath.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद मनोज तिवारी ने बुधवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर मुसलमानों का तुष्टीकरण करने और छठ पूजा पर प्रतिबंध लगा कर हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया। केजरीवाल को लिखे एक पत्र में तिवारी ने छठ मनाने को लेकर केंद्र से दिशा-निर्देश लेने के आम आदमी पार्टी सरकार के कदम पर भी सवाल उठाया और कहा कि अगर सरकार ‘गंभीर’ थी तो त्योहार को प्रतिबंधित करने से पहले ऐसा करना चाहिए था।</p>
<p>मनोज तिवारी ने कहा कि मुझे यह कहते हुए खेद है कि आप लगातार हिंदू समुदाय की भावनाओं को आहत करने के लिए काम कर रहे हैं और आप दिल्ली में मुस्लिम तुष्टीकरण के दोषी हैं। छठ पर प्रतिबंध के माध्यम से आपने हिंदुओं की भावनाओं को आहत किया है। उन्होंने कहा कि छठ केवल पूर्वांचलियों (पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के भोजपुरी भाषी) का त्योहार नहीं है, बल्कि भारत की सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा का एक अविभाज्य हिस्सा भी है।</p>
<p>तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री होने के नाते इस तरह का हिंदू विरोधी रवैया अपनाना आपको शोभा नहीं देता। आपकी वजह से (मुख्यमंत्री) पद की गरिमा धूमिल हो रही है। दिल्ली सरकार ने कोविड-19 के मद्देनजर सार्वजनिक स्थानों पर छठ मनाने पर रोक लगा दी है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में छठ समारोह के संबंध में केन्द्र के दिशा-निर्देशों के आधार पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़े-</strong></p>
<p class="post-title entry-title"><a href="https://amritvichar.com/union-minister-pralhad-joshi-said-there-will-be-no-coal-crisis-for-power-generation/">केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी बोले- बिजली उत्पादन के लिए नहीं होगा कोयला संकट</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Oct 2021 16:54:32 +0530</pubDate>
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                <title>पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंदुओं, ईसाइयों का जबरन धर्मांतरण कराया जा रहा है: अमेरिकी सांसद </title>
                                    <description><![CDATA[वाशिंगटन। अमेरिका के एक प्रभावशाली सांसद ने दावा किया है कि पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंदुओं और ईसाइयों का जबरन धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। उन्होंने राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन से क्षेत्र में अमेरिकी मदद सुनिश्चित करने को कहा है। सांसद ब्रैड शरमन ने यूएसएड प्रशासक सामंथा पावर के साथ कांग्रेस की …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/94547/hindus-christians-being-forcibly-converted-in-pakistans-sindh-province-us-lawmaker"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-07/sarman.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन।</strong> अमेरिका के एक प्रभावशाली सांसद ने दावा किया है कि पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंदुओं और ईसाइयों का जबरन धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। उन्होंने राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन से क्षेत्र में अमेरिकी मदद सुनिश्चित करने को कहा है। सांसद ब्रैड शरमन ने यूएसएड प्रशासक सामंथा पावर के साथ कांग्रेस की सुनवाई के दौरान श्रीलंका में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों का मुद्दा भी उठाया।</p>
<p>सुनवाई के दौरान शरमन ने कहा, ”श्रीलंका के गृह युद्ध ने देश के उत्तरी और पूर्वी हिस्से को तबाह कर दिया है… मुझे आशा है कि पाकिस्तान के दक्षिण में स्थित सिंध में उन इलाकों तक हमलोग सहायता पहुंचाएंगे।” उन्होंने कहा, ”मुझे उम्मीद है कि आप यह सुनिश्चित करेंगी कि क्षेत्र को अमेरिकी सहायता का उचित हिस्सा मिले, खासकर इसलिए क्योंकि वे हिंदू और ईसाई लड़कियों के गायब होने और उनके जबरन धर्म परिवर्तन से जूझ रहे हैं।” सामंथा पावर ने हालांकि शरमन द्वारा उठाए गए मुद्दे का सीधा जवाब नहीं दिया।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Jul 2021 11:09:17 +0530</pubDate>
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