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                <title>Shikhar - Amrit Vichar</title>
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                <description>Shikhar RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अयोध्या : राम मंदिर के शिखर पर लहराएगा भगवा ध्वज, ध्वज का रंग और प्रकार तय</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अयोध्या। </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के शिखर पर 25 नवंबर भगवा रंग का विशाल ध्वज फहरायेंगे।</p>
<p>राम मंदिर के शिखर पर लहराने वाले भगवा ध्वज का आकार 11 फिट चौड़ा और 22 फिट लंबा होगा और इस पर अयोध्या के चक्रवर्ती सम्राट महाराजा दशरथ के राज ध्वज पर अंकित वृक्ष कोविदार का राज्य चिह्न भी रहेगा। इसके साथ सूर्यवंश के प्रतीक भगवान सूर्य का चिह्न को भी स्थान मिलेगा और सनातन के प्रतीक ॐ का चिह्न भी राममंदिर के शिखर पर लहराने वाले ध्वज पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/555950/ayodhya--saffron-flag-to-fly-on-top-of-ram-temple--colour-and-type-of-flag-decided"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/cats232.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या। </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के शिखर पर 25 नवंबर भगवा रंग का विशाल ध्वज फहरायेंगे।</p>
<p>राम मंदिर के शिखर पर लहराने वाले भगवा ध्वज का आकार 11 फिट चौड़ा और 22 फिट लंबा होगा और इस पर अयोध्या के चक्रवर्ती सम्राट महाराजा दशरथ के राज ध्वज पर अंकित वृक्ष कोविदार का राज्य चिह्न भी रहेगा। इसके साथ सूर्यवंश के प्रतीक भगवान सूर्य का चिह्न को भी स्थान मिलेगा और सनातन के प्रतीक ॐ का चिह्न भी राममंदिर के शिखर पर लहराने वाले ध्वज पर अंकित होगा।</p>
<p>श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद गिरि ने रविवार को बताया कि श्रीराम मंदिर के शिखर पर लहराने वाले ध्वज के रंग, आकार और उस पर अंकित होने वाले चिह्नों को भी तय कर लिया गया है।</p>
<p>गौरतलब है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने अपनी बैठक में राम मंदिर पर ध्वजारोहण समारोह में लगने वाले ध्वज के रंग आकार और अंकित होने वाले चिह्नों को अंतिम रूप से तय करने की जिम्मेदारी ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद गिरि को सौंपी थी। उन्होंने आज संवाददाताओं से बातचीत करते हुए ध्वज के रंग आकार और अंकित होने वाले चिह्नों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Oct 2025 19:17:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या: राम मंदिर के मुख्य शिखर पर कलश स्थापित, मुख्यमंत्री योगी ने जताई प्रसन्नता</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अयोध्या, अमृत विचार।</strong> अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण ने सोमवार को एक और ऐतिहासिक पड़ाव पार कर लिया। ब्राह्मणों की उपस्थिति में वैदिक विधि-विधान के साथ मुख्य शिखर पर कलश स्थापित किया गया। यह पवित्र कार्य सुबह 9:15 बजे शुरू हुआ और 10:30 बजे शिखर पर कलश की स्थापना पूरी हुई।इस अवसर पर अयोध्या में उत्सव का माहौल रहा और स्थानीय लोगों ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया। राम मंदिर के निर्माण और अयोध्या के कायाकल्प से न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश में रामभक्ति की लहर और मजबूत हो रही है। </p>
<p>श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/533344/ayodhya--shri-ram-temple-s-peak-installed--watch-video"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/cats245.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या, अमृत विचार।</strong> अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण ने सोमवार को एक और ऐतिहासिक पड़ाव पार कर लिया। ब्राह्मणों की उपस्थिति में वैदिक विधि-विधान के साथ मुख्य शिखर पर कलश स्थापित किया गया। यह पवित्र कार्य सुबह 9:15 बजे शुरू हुआ और 10:30 बजे शिखर पर कलश की स्थापना पूरी हुई।इस अवसर पर अयोध्या में उत्सव का माहौल रहा और स्थानीय लोगों ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया। राम मंदिर के निर्माण और अयोध्या के कायाकल्प से न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश में रामभक्ति की लहर और मजबूत हो रही है। </p>
<p>श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि वैशाखी और बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की जन्म जयंती के शुभ अवसर पर यह कार्य संपन्न हुआ। अब मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वजदंड स्थापना की प्रक्रिया शुरू होगी। मंदिर निर्माण प्रगति पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि राम मंदिर का निर्माण न केवल आध्यात्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक है।</p>
<p>उन्होंने कहा की अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण देशवासियों की आस्था और संकल्प का परिणाम है। यह भारत की सनातन संस्कृति को विश्व पटल पर और सशक्त करेगा। योगी ने ट्रस्ट और निर्माण कार्य से जुड़े सभी लोगों की सराहना की और इसे 'नए भारत' की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।  अयोध्या को विश्वस्तरीय तीर्थस्थल बनाने के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। सड़क, रेल और हवाई संपर्क के साथ-साथ पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। </p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-04/cats245.jpg" alt="cats" width="1280" height="720"></img></p>
<h5><em><strong>जल्द होगी मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठा</strong></em></h5>
<p>चंपत राय ने जानकारी दी कि मंदिर परिसर से अब निर्माण मशीनें हटाई जाएंगी। प्रथम तल पर राजा राम, परकोटे और सप्तऋषियों के मंदिरों में मूर्तियों की प्रतिष्ठा का कार्य भी शीघ्र शुरू होगा। मंदिर का निर्माण कार्य निर्धारित समय पर आगे बढ़ रहा है, जिससे भक्तों में उत्साह है।</p>
<h5><em><strong>समापन की तरफ बढ़े राम मंदिर में निर्माण कार्य- नृपेन्द्र मिश्रा</strong></em></h5>
<p>राम मंदिर में निर्माण कार्य 6 माह में समापन की तरफ बढ़े, तीन आवश्यक कार्यों की शुरुआत की जा रही है। ये जानकारी राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेन्द्र मिश्रा ने दी। उन्होंने बताया कि राम मंदिर परिसर में सुरक्षा की दृष्टि से लगभग 4 किलोमीटर लंबी सुरक्षा दीवार का निर्माण शुरू किया गया है। ये 18 महीने में बनकर तैयार हो जाएगी।</p>
<p></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2025-04/video-2025-04-1.mp4" controls=""></video>
<p>इसे इंजीनियर इंडिया लिमिटेड बनाएगी। उन्होंने बताया कि बैठक में दीवार की ऊंचाई, मोटाई और स्वरूप को लेकर अंतिम निर्णय ले लिया गया है। मिट्टी के स्वाइल टेस्ट के साथ शुरू कर दिया जाएगा निर्माण। इसके अलावा यात्री सुविधा केंद्र की क्षमता बढ़ाई जाएगी। राम मंदिर परिसर में ही 10 एकड़ भूमि में बनाया जाएगा शू रैक, लगभग 62 काउंटर होंगे समान रखने के लिए उपलब्ध। राम जन्मभूमि परिसर में 10 एकड़ में साधना स्थल बनाया जायेगा, जिसमें श्रद्धालु भगवान की पूजा पाठ कर सकेंगे। कुबेर टीला और साधना स्थल की हरियाली आपस में जुड़ जायेंगे।</p>
<p>राम मंदिर परिसर की मिट्टी राम भक्तों में वितरित किए जाने को लेकर नृपेन्द्र मिश्रा ने खबरों को किया खंडन, कहा 10 एकड़ की भूमि जहां पर  साधना स्थल और पार्क बनाया जायेगा और उस स्थल पर पटाई की है आवश्यकता, वहीं पर प्रयोग की जाएगी मिट्टी। हम नहीं चाहते की मिट्टी बहार जाये। राम भक्तों की आस्था को किसी भी तरह से ठेस पहुंचे। मिट्टी पूजनीय है इसीलिए इसका का परिसर में ही प्रयोग किया जाएगा।<strong><em><br /></em></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Apr 2025 14:03:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>300 फुट ऊंचा शिखर &amp;#8220;गिरि&amp;#8221;</title>
                                    <description><![CDATA[रामायणकालीन चित्रकूट और वर्तमान चित्रकूट में जो एक चिन्ह अपरिवर्तित बचा है वह है पवित्र कामद गिरि। एक सामान्य ऊंचाई का लगभग 300 फुट ऊंचा शिखर जिसे गिरि कहे जाने का सम्मान भगवान राम के तपोबल के कारण मिला।भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण 12 वर्षों तक इस पर्वत प्रान्त व शिखर पर तप करते …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/220659/300-feet-high-peak-giri"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-05/01-1523860687.jpg" alt=""></a><br /><p>रामायणकालीन चित्रकूट और वर्तमान चित्रकूट में जो एक चिन्ह अपरिवर्तित बचा है वह है पवित्र कामद गिरि। एक सामान्य ऊंचाई का लगभग 300 फुट ऊंचा शिखर जिसे गिरि कहे जाने का सम्मान भगवान राम के तपोबल के कारण मिला।भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण 12 वर्षों तक इस पर्वत प्रान्त व शिखर पर तप करते रहे थे । अयोध्या के राजकुमार राम अपनी कोमलांगी धर्मपत्नी जनक नन्दिनी के साथ पिता के दिये 14 वर्ष के वनवास के 12 वर्ष इसी जंगल से भरे पर्वत पर बिता दिये । इस दौरान राम न तो कृषि कर्म , न आखेट कर्म , न भिक्षा कर्म कर रहे थे , तो सवाल उठता है कि भोजन और वस्त्र की व्यवस्था कैसे करते रहे होंगे ?</p>
<p>तब वहां कोई ग्राम और नगर था नहीं … भगवान राम प्रतिज्ञाबद्ध होने के कारण नगर और ग्राम में निर्वासित जीवन जी नहीं सकते थे , फिर कैसे जिए क्योंकि पर्वत पर फलदार वृक्ष भी नहीं हैं । जल धाराएं भी नहीं हैं । मुझे लगता है कि कामद गिरि से मात्र तीन किमी पर ऋषि माता अनुसूया प्रणीत मन्दाकिनी-पयस्वनी बहती हैं और उसके तट पर कुछ अकृष्ट धान्य व कन्दमूलादि पैदा होते रहे होंगे , जैसा कि ऋषि अत्रि के आश्रमवासी जीवन जीते रहे उसी तरह राम भी तपः पूर्ण जीवन जीते रहे होंगे ।</p>
<p>कामद गिरि में बन्दर और लंगर बहुत हैं । वे भी शाकाहार करते हैं अतः उनकी देखा-देखी राम और लक्ष्मण भी वनोपज एकत्रीकरण कर आहार व्यवस्था करते रहे होंगे। सीता जी को माता अनुसूया ने दिव्य साडी और वस्त्र दिये थे जो न फटते थे , न गन्दे होते थे और नित्य नवीन बने रहते थे। राम और लक्ष्मण वनवासियों की तरह लंगोट और अधोवस्त्र लपेटकर रहते रहे होंगे क्योंकि वहां कोल-भील जाति के वनवासियों के निवास और राम से उनके सौहार्द पूर्ण सम्बन्धों का उल्लेख वाल्मीकि जी ने किया है । तो न्यूनतम वस्त्रों की आवश्यकता पूर्ति भीलों से होती रही होगी – राक्षसों से सुरक्षा की एवज में वस्त्र आदि मिलते रहे होंगे ।</p>
<p>कामद गिरि में एक जगह ऐसी है जिसके पत्थरों पर चरणचिन्ह बने से लगते हैं। जनश्रुति है कि भरत मिलाप के भावपूर्ण अवसर पर जिन शिलालेखों पर राम , सीता, भरत, लक्ष्मण, जनक , कौशल्या , सुमित्रा और कैकयी खडे हुए थे वे भी सानी गयी मिट्टी की तरह मुलायम हो गयी थी और उस कारण पैरों के निशान बने हैं । लक्ष्मण ने एक पार्श्ववर्ती शिखर पर चढकर भरत के साथ आ रहे गज अश्व पंक्ति की चौकीदारी की थी उसे लक्ष्मण पहडिया बोला जाता है।</p>
<p>कामद नाथ के लिए संत तुलसीदास ने लिखा है –<br />
काभद भे गिरि राम प्रसादा , अवलोकत अपहरत विषादा ।<br />
राम को प्रसन्न करने से कामद का प्रमोशन कर उन्हे गिरि बना दिया गया , उनके अवलोकन मात्र से विषादहरण होता है ।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- </strong><a href="https://amritvichar.com/bareilly-rudrabhishek-will-be-held-in-nath-nagari-from-june-27-to-august-8/">बरेली: 27 जून से 8 अगस्त तक नाथ नगरी में होगा रुद्राभिषेक</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/220659/300-feet-high-peak-giri</link>
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                <pubDate>Sat, 21 May 2022 17:31:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ को CDS Bipin Rawat ने रक्षा क्षेत्र में बुलंदी के शिखर पर पहुंचाया, जानें कैसे&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ। देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस यानी सीडीएस (CDS) जनरल बिपिन रावत अब नहीं रहे। बुधवार को तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए हेलिकॉप्टर क्रैश में उनका निधन हो गया। रावत के साथ हेलिकॉप्टर में उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत सेना के 14 लोग सवार थे। सेनाध्यक्ष बनने से लेकर देश के पहले सीडीएस तक …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/143459/cds-bipin-rawat-took-lucknow-to-the-pinnacle-of-heights-in-the-defense-sector-know-how"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-12/bipin1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ। </strong>देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस यानी सीडीएस (CDS) जनरल बिपिन रावत अब नहीं रहे। बुधवार को तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए हेलिकॉप्टर क्रैश में उनका निधन हो गया। रावत के साथ हेलिकॉप्टर में उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत सेना के 14 लोग सवार थे।</p>
<p>सेनाध्यक्ष बनने से लेकर देश के पहले सीडीएस तक का सफर तय करते हुए जनरल बिपिन रावत का लखनऊ से एक खास लगाव हो गया। जिस 5/11 गोरखा राइफल्स में उनको कमीशन मिली। उस बटालियन के जवानों से मिलने जनरल बिपिन रावत अक्सर लखनऊ आते रहे। लखनऊ में पहली बार डिफेंस एक्सपो का आयोजन हुआ तो इसके पीछे भी जनरल रावत की अहम भूमिका रही। जनरल रावत ने ही एशिया की सबसे बड़ी मेडिकल एक्सरसाइज मार्च 2019 में लखनऊ में करायी। जनरल बिपिन रावत खुद इस एक्सरसाइज का नेतृत्व करने के लिए लखनऊ आए थे।</p>
<p>भारतीय सेना के सेनाध्यक्ष बनने के बाद जनरल बिपिन रावत लखनऊ स्थित 11 गोरखा राइफल्स रेजीमेंटल सेंटर के कर्नल कमांडेंट बन गए थे। यहां रेजीमेंटल सेंटर की स्थापना की हीरक जयंती समारोह और पुनर्मिलन समारोह में जनरल बिपिन रावत शामिल हुए थे। देश के पहले सीडीएस बनने के बाद उन्होंने 11 गोरखा राइफल्स रेजीमेंटल सेंटर के कर्नल कमांडेंट का पद छोड़ दिया। जनरल बिपिन रावत सेनाध्यक्ष बनने के बाद 9 अप्रैल 2018 को लखनऊ आए। यहां चीन की चुनौतियों से निपटने के लिए मध्य कमान मुख्यालय में ही वार गेम कांफ्रेंस में हिस्सा लिया था। कॉन्फ्रेंस को इतना गोपनीय रखा गया था कि जनरल रावत अपना विशेष विमान छोड़कर पदमावत एक्सप्रेस से दिल्ली से एक मिलिट्री सैलून में सवार होकर लखनऊ आ गए थे।</p>
<p><strong>पढ़ें- <a href="https://amritvichar.com/cds-bipin-rawat-death-tomorrow-the-body-of-cds-will-be-cremated-in-delhi-cantonment-forensic-team-reached-the-accident-site/">CDS Bipin Rawat Death: कल दिल्ली कैंटोन्मेंट में होगा सीडीएस के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार, दुर्घटनास्थल स्थल पर पहुंची फॉरेंसिंक टीम</a></strong></p>
<p>इस कॉन्फ्रेंस में पूर्वोत्तर राज्यों में चीन और कश्मीर की सुरक्षा का एक मास्टर प्लान बनाया गया। इसकी समीक्षा करने सेनाध्यक्ष जनरल रावत एक बार फिर से 25 व 26 मई 2018 को लखनऊ आए। जनरल रावत ने ही मध्य कमान मुख्यालय को और पुख्ता करने के लिए सेंट्रल थिएटर कमांड बनाने का खाका तैयार किया।</p>
<p>वायुसेना के साथ बेहतर तालमेल के कारण बीकेटी वायुसेना स्टेशन को अपग्रेड किया जा सका। जबकि मेमौरा वायुसेना स्टेशन में ड्रोन व विदेशी हमलों को विफल करने के लिए आधुनिक उपकरण लगाए थे। वायुसेना ने पिछले दिनों पूर्वांचल एक्सप्रेस पर जो विमानों की लैंडिंग की। उसकी तैयारियां भी मध्य वायुकमान मुख्यालय ने जनरल बिपिन रावत के नेतृत्व में पूरी की थी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Dec 2021 11:56:34 +0530</pubDate>
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                <title>वनडे में ओपनिंग संभालेंगे रोहित और शिखर: विराट कोहली</title>
                                    <description><![CDATA[पुणे। भारतीय कप्तान विराट कोहली ने इंग्लैंड के खिलाफ मंगलवार को होने वाले पहले वनडे की पूर्व संध्या पर यहां सोमवार को कहा कि रोहित शर्मा के साथ बाएं हाथ के बल्लेबाज शिखर धवन पारी की शुरुआत करेंगे। विराट ने इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और अंतिम टी-20 मुकाबले में रोहित के साथ पारी की शुुरुआत …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/74139/rohit-and-shikhar-to-handle-opening-in-odis-virat-kohli"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-03/virat-kohli-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> पुणे।</strong> भारतीय कप्तान विराट कोहली ने इंग्लैंड के खिलाफ मंगलवार को होने वाले पहले वनडे की पूर्व संध्या पर यहां सोमवार को कहा कि रोहित शर्मा के साथ बाएं हाथ के बल्लेबाज शिखर धवन पारी की शुरुआत करेंगे।</p>
<p>विराट ने इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और अंतिम टी-20 मुकाबले में रोहित के साथ पारी की शुुरुआत की थी, लेकिन अब उन्होंने स्पष्ट किया है कि 50 ओवर के फॉर्मेट में रोहित और शिखर की पुरानी जोड़ी ही पारी शुरू करेगी। उन्होंने कहा, ” जहां तक ओपनिंग साझेदारी का संबंध है शिखर और रोहित निश्चित रूप से पारी शुरू करेंगे।</p>
<p>जब बात एकदिवसीय क्रिकेट की होती है तो मुझे नहीं लगता कि दोनों बल्लेबाजों के एक साथ पारी शुरू करने को लेकर कोई संदेह है। पिछले कुछ वर्षाें में दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि कुछ युवा खिलाड़ी पहली बार एकदिवसीय फॉर्मेट में अपनी चुनौती रखेंगे, इसलिए मैं यह देखने को उत्सुक हूं कि ये युवा खिलाड़ी किस तरह इंग्लैंड की मजबूत टीम के खिलाफ अपनी चुनौती रखेंगे।</p>
<p>32 वर्षीय भारतीय कप्तान ने साथ ही कहा कि लोकेश राहुल पर टीम प्रबंधन को पूरा भरोसा है, हालांकि टी-20 सीरीज में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा था। राहुल को इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और निर्णायक टी-20 मुकाबले में एकादश से बाहर रखा गया है, लेकिन वनडे फॉर्मेट में वह पांचवें नंबर पर अपनी भूमिका के साथ न्याय करेंगे।</p>
<p>विराट ने साथ ही कहा, ” जब कोई खिलाड़ी किसी कठिन दौर से गुजरता है तो उसका मतलब यह नहीं है कि वह खेलना भूल गया है। मेरा मानना है कि क्रिकेट में बल्लेबाजों का काम गेंद को देखना और उस पर हिट करना है। इसके बाहर यदि कभी और कोई बात होती है तो वह सिर्फ बकवास है। हम अपने खिलाड़ियों का समर्थन करते हैं और उन्हें मानसिक मजबूती देना चाहते हैं।</p>
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                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Mar 2021 20:42:48 +0530</pubDate>
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