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                <title>Kedarnath - Amrit Vichar</title>
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                <description>Kedarnath RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर मंदिर के कपाट हुए बंद, चल विग्रह उत्सव डोली का देव निशानों के साथ 21 नवंबर को उखीमठ आगमन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>उखीमठ/ रुद्रप्रयाग। </strong>उत्तराखंड में द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर जी के कपाट मंगलवार पूर्वाह्न आठ बजे शीतकाल के लिए मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्दशी स्वाति नक्षत्र के शुभ मुहूर्त में बंद हो गये। इससे पहले सोमवार से ही मंदिर को फूलों से सजाया गया था इस अवसर पर साढ़े तीन सौ से अधिक श्रद्धालु तथा बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) कर्मचारी अधिकारी, वनविभाग एवं प्रशासन के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कपाट बंद होने की प्रक्रिया के अंतर्गत ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर खुला श्रद्धालुओं ने दर्शन किये पूजा-अर्चना अर्चना के बाद सात बजे से कपाट बंद ही प्रक्रिया शुरू हो गयी। </p>
<p>इसके पश्चात पुजारी शिवलिंग ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/560309/the-doors-of-the-second-kedarnath-temple--shri-madmaheshwar--were-closed--the-chal-vigraha-utsav-doli--carrying-the-deity-symbols--arrived-in-ukhimath-on-november-21"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/muskan-dixit-(41)12.png" alt=""></a><br /><p><strong>उखीमठ/ रुद्रप्रयाग। </strong>उत्तराखंड में द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर जी के कपाट मंगलवार पूर्वाह्न आठ बजे शीतकाल के लिए मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्दशी स्वाति नक्षत्र के शुभ मुहूर्त में बंद हो गये। इससे पहले सोमवार से ही मंदिर को फूलों से सजाया गया था इस अवसर पर साढ़े तीन सौ से अधिक श्रद्धालु तथा बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) कर्मचारी अधिकारी, वनविभाग एवं प्रशासन के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कपाट बंद होने की प्रक्रिया के अंतर्गत ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर खुला श्रद्धालुओं ने दर्शन किये पूजा-अर्चना अर्चना के बाद सात बजे से कपाट बंद ही प्रक्रिया शुरू हो गयी। </p>
<p>इसके पश्चात पुजारी शिवलिंग ने बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी/ कार्यपालक मजिस्ट्रेट विजय प्रसाद थपलियाल, बीकेटीसी सदस्य प्रह्लाद पुष्पवान एवं पंच गौंडारी हकहकूकधारियों की उपस्थिति में श्री मद्महेश्वर जी के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप दिया। स्थानीय पुष्पों एवं राख से ढ़का इसके बाद आठ सात बजे मंदिर के कपाट श्री मदमहेश्वर जी के जय घोष के साथ शीत काल हेतु बंद हो गये। कपाट बंद होने के बाद श्री मदमहेश्वर जी की चल विग्रह डोली ने अपने भंडार का निरीक्षण तथा मंदिर की परिक्रमा पश्चात ढ़ोल- दमाऊं के साथ प्रथम पड़ाव गौंडार हेतु प्रस्थान किया। </p>
<p>बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने अपने संदेश में द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर मंदिर के कपाट बंद होने के अवसर पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी। श्रद्धालुओं से अपील की है मंदिरों कपाट बंद होने तर शीतकालीन तीर्थस्थलों में दर्शन का पुण्य लाभ अर्जित करें। द्वितीय केदार मद्महेश्वर के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच इस वर्ष द्वितीय केदार मद्महेश्वर में 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किये। </p>
<p>उन्होंने बताया कि कपाट बंद होने के बाद श्री मद्महेश्वर जी की चल विग्रह डोली रात्रि प्रवास हेतु पहले पड़ाव गौंडार के लिए रवाना हो गयी है। आज जारी प्रेस विज्ञप्ति में बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि बुधवार को भगवान मदमहेश्वर जी की चल विग्रह उत्सव डोली राकेश्वरी मंदिर रांसी तथा 20 नवंबर गुरुवार को गिरिया प्रवास करेगी तथा 21 नवंबर शुक्रवार को चल विग्रह डोली शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी। विज्ञप्ति में बताया कि श्री मदमहेश्वर जी की चल विग्रह डोली के स्वागत हेतु श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में तैयारियां शुरू हो गयी हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Nov 2025 16:19:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बद्रीनाथ में नया रिकॉर्ड, श्रद्धालु 14.53 लाख के पार, अभी डेढ़ माह और चलेगी यात्रा, जानें कब बंद होंगे कपाट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार: </strong>तमाम मौसमी दुश्वारियों के बावजूद बद्रीनाथ धाम की यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह बना है। तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या ने पिछले वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बुधवार तक 14 लाख 53 हजार 827 तीर्थयात्री भगवान बद्रीविशाल के दर्शन कर चुके हैं, जबकि कपाट करीब डेढ़ माह बाद बंद होंगे। पिछले वर्ष पूरे यात्राकाल में 14.35 लाख श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंचे थे।</p>
<p>शासन-प्रशासन के कुशल यात्रा प्रबंधन ने खराब मौसम को यात्रियों की राह में रोड़ा नहीं बनने दिया और अब चारधाम यात्रा कीर्तिमान स्थापित कर रही है। मौसम के मिजाज को देखते हुए सभी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/555679/badrinath-records-a-new-record--with-14-53-lakh-pilgrims-visiting-the-shrine--the-pilgrimage-will-continue-for-another-month-and-a-half--find-out-when-the-doors-will-close"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/muskan-dixit-(35)5.png" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार: </strong>तमाम मौसमी दुश्वारियों के बावजूद बद्रीनाथ धाम की यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह बना है। तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या ने पिछले वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बुधवार तक 14 लाख 53 हजार 827 तीर्थयात्री भगवान बद्रीविशाल के दर्शन कर चुके हैं, जबकि कपाट करीब डेढ़ माह बाद बंद होंगे। पिछले वर्ष पूरे यात्राकाल में 14.35 लाख श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंचे थे।</p>
<p>शासन-प्रशासन के कुशल यात्रा प्रबंधन ने खराब मौसम को यात्रियों की राह में रोड़ा नहीं बनने दिया और अब चारधाम यात्रा कीर्तिमान स्थापित कर रही है। मौसम के मिजाज को देखते हुए सभी यात्रा रूटों और पड़ावों में चाकचौबंद व्यवस्थाएं की गई हैं। अब बर्फबारी के चलते ठंड बढ़ने पर अलाव की भी व्यवस्था कर दी गई है। सरकार के इन पुख्ता इंतजामों के चलते श्रद्धालु पूरी निश्चिन्तता के साथ चारधाम यात्रा पर पहुंच रहे हैं। बता दें कि, केदारनाथ यात्रा ने भी नया रिकॉर्ड बनाया है। इस यात्रा काल में श्रद्धालुओं की संख्या 16.56 लाख के पार पहुंच चुकी है जबकि पिछले वर्ष पूरे यात्राकाल में 16.52 लाख यात्री पहुंचे थे।</p>
<h4><strong>आज बंद होंगे हेमकुंट साहिब के कपाट</strong></h4>
<p>चमोली में स्थित श्री हेमकुंट साहिब के कपाट आज (10 अक्टूबर) शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। इस वर्ष यहां बुधवार तक 2.71 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जो अब तक की रिकॉर्ड संख्या है। समुद्रतल से करीब 15230 फीट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंट साहिब की यात्रा अत्यंत कठिन और चुनौतीपूर्ण है, इसके बावजूद यहां हर वर्ष यात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है। वर्ष 2024 में एक लाख 83 हजार 722 तीर्थयात्री हेमकुंट पहुंचे थे।</p>
<p><strong>चारधाम यात्रा : कब बंद होंगे कपाट</strong></p>
<p><strong>गंगोत्री- 22 अक्टूबर</strong><br /><strong>यमुनोत्री- 23 अक्टूबर</strong><br /><strong>केदारनाथ- 23 अक्टूबर</strong><br /><strong>बद्रीनाथ- 25 नवंबर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Oct 2025 11:50:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तराखंड में चारधाम यात्रा ने फिर पकड़ी रफ्तार, बदरीनाथ और केदारनाथ में पहुंचे रिकॉर्ड श्रद्धालु</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>देहरादून।</strong> उत्तराखंड में मानसून के दौरान आपदाओं के कारण बार-बार बाधित हुई चारधाम यात्रा बर्फबारी और लगातार खराब मौसम के बावजूद अब फिर से रफ्तार पकड़ चुकी है। केदारनाथ और बदरीनाथ मंदिर में उमड़ रहे श्रद्धालुओं की संख्या नये रिकॉर्ड कायम कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को केदारनाथ और बदरीनाथ यात्रा के संबंध में नये रिकॉर्ड बने। इसके अनुसार, केदारनाथ में जहां इस साल दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या बुधवार को 16.56 लाख के पार चली गई, वहीं बदरीनाथ में यह आंकड़ा 14.53 लाख से अधिक हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">आंकड़ों के मुताबिक, पिछला रिकॉर्ड 2024 में बना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/555648/chardham-yatra-picks-up-pace-again-in-uttarakhand--record-number-of-devotees-reach-badrinath-and-kedarnath"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/cats156.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>देहरादून।</strong> उत्तराखंड में मानसून के दौरान आपदाओं के कारण बार-बार बाधित हुई चारधाम यात्रा बर्फबारी और लगातार खराब मौसम के बावजूद अब फिर से रफ्तार पकड़ चुकी है। केदारनाथ और बदरीनाथ मंदिर में उमड़ रहे श्रद्धालुओं की संख्या नये रिकॉर्ड कायम कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को केदारनाथ और बदरीनाथ यात्रा के संबंध में नये रिकॉर्ड बने। इसके अनुसार, केदारनाथ में जहां इस साल दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या बुधवार को 16.56 लाख के पार चली गई, वहीं बदरीनाथ में यह आंकड़ा 14.53 लाख से अधिक हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">आंकड़ों के मुताबिक, पिछला रिकॉर्ड 2024 में बना था, जब पूरे यात्राकाल में 16.52 लाख से अधिक तीर्थयात्री दर्शन के लिए केदारनाथ मंदिर पहुंचे थे, जबकि बदरीनाथ के दर्शन के लिए 14.35 लाख श्रद्धालु गए थे। बुधवार को शाम सात बजे तक एक ही दिन में कुल 19,731 तीर्थयात्रियों ने चारों धाम (बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री) और हेमकुंड साहिब के दर्शन किए।</p>
<p style="text-align:justify;">बदरीनाथ मंदिर में 5,042, केदारनाथ मंदिर में 5,614, गंगोत्री धाम में 6,217 और यमुनोत्री धाम में 2,360 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए, जबकि 498 तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब पहुंचे। पांच अगस्त को धराली आपदा के बाद से अतिवृष्टि, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं के कारण चारधाम यात्रा में गिरावट का रुझान देखने को मिला था। 20 दिन के अंतराल में उत्तराखंड में आई धराली, स्यानाचट्टी, थराली सहित कई अन्य आपदाओं के कारण चारधाम यात्रा लगभग पटरी से उतर गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">सितंबर के पहले हफ्ते में भी खराब मौसम की चेतावनी के कारण यात्रा को चार दिनों तक स्थगित रखा गया था। हालांकि, पांच सितंबर के बाद तीर्थयात्रा ने धीमी गति से ही सही रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी और 10 सितंबर को एक दिन में लगभग 8,000 श्रद्धालु इन तीर्थस्थलों के दर्शन के लिए पहुंच गए।</p>
<p style="text-align:justify;">धराली आपदा से एक दिन पहले चार अगस्त तक 41.61 लाख तीर्थयात्री चारधाम यात्रा कर चुके थे। अब यात्रा के फिर से रफ्तार पकड़ने के बाद चारधाम तथा हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए इस सीजन में आने वाले कुल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर 47.39 लाख तक पहुंच गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह आंकड़ा बढ़कर 50 लाख तक पहुंच सकता है, क्योंकि चारधाम यात्रा समाप्त होने में अभी काफी समय बाकी है। केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट 23 अक्टूबर को, जबकि गंगोत्री धाम के कपाट दीवाली के अगले दिन 22 अक्टूबर को और बदरीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर को बंद होंगे। इसी के साथ इस साल की चारधाम यात्रा समाप्त हो जाएगी।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/555648/chardham-yatra-picks-up-pace-again-in-uttarakhand--record-number-of-devotees-reach-badrinath-and-kedarnath</link>
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                <pubDate>Thu, 09 Oct 2025 20:39:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चारधाम यात्रा: श्रद्धालुओं ने रचा इतिहास, अब तक 39 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने किए दर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून। </strong>उत्तराखंड में जारी चारधाम यात्रा के दौरान इस बार गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। चारधाम यात्रा में अब तक 39 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए हैं, जो एक नया रिकॉर्ड है। उत्तराखंड सरकार में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस उपलब्धि के बारे में जानकारी दी। </p>
<p>उन्होंने कहा, ‘चारधाम यात्रा के लिए गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम के लिए कुल 47 लाख 27 हजार 619 श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। साथ ही हेमकुंड साहिब के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/547128/chardham-yatra--devotees-created-history--till-now-more-than-39-lakh-pilgrims-have-visited"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/cats442.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून। </strong>उत्तराखंड में जारी चारधाम यात्रा के दौरान इस बार गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। चारधाम यात्रा में अब तक 39 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए हैं, जो एक नया रिकॉर्ड है। उत्तराखंड सरकार में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस उपलब्धि के बारे में जानकारी दी। </p>
<p>उन्होंने कहा, ‘चारधाम यात्रा के लिए गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम के लिए कुल 47 लाख 27 हजार 619 श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। साथ ही हेमकुंड साहिब के लिए 2 लाख, 16 हजार, 960 श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। चारधाम यात्रा के लिए अब तक 49 लाख, 41 हजार, 527 श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराए हैं।’</p>
<h5><strong>इस बार रिकॉर्ड संख्या में तीर्थयात्री पहुंच रहे</strong></h5>
<p>सतपाल महाराज ने बताया कि चारधाम यात्रा में इस बार रिकॉर्ड संख्या में तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं। अब तक यमुनोत्री धाम में 5 लाख, 73 हजार, 812, गंगोत्री धाम में 6 लाख, 47 हजार, 571, केदारनाथ धाम में 13 लाख, 91 हजार, 348, बदरीनाथ धाम में 11 लाख, 63 हजार, 867, और हेमकुंड साहिब में 2 लाख, 16 हजार, 305 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। कुल मिलाकर, सभी धामों में 39 लाख, 92 हजार, 903 तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा, ‘इस रिकॉर्ड को लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की योजना है, जिससे उत्तराखंड का नाम इतिहास में दर्ज हो।’</p>
<h5><strong>हरिद्वार में बनेगा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट</strong></h5>
<p>पर्यटन मंत्री ने हरिद्वार में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाए जाने को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने से इसे लंदन और न्यूयॉर्क जैसे शहरों से जोड़ा जा सकेगा। इससे विशेष रूप से भारतीय मूल के लोग अपने पूर्वजों की अस्थियों को गंगा में प्रवाहित करने के लिए आसानी से हरिद्वार पहुंच सकेंगे। उन्होंने बताया कि हरिद्वार चार धाम यात्रा का प्रवेश द्वार है, और यहां हवाई अड्डा बनने से तीर्थयात्रियों को सुविधा होगी। इसके लिए दो स्थानों को चिह्नित किया गया है, लेकिन अंतिम निर्णय लिया जाना अभी बाकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Jul 2025 19:34:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kedarnath Yatra 2025 : सोनप्रयाग स्लाइड जोन में फंसे केदारनाथ से लौटे श्रद्धालु , SDRF ने किया रेस्क्यू </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>देहरादून। </strong>उत्तराखंड में केदारनाथ से लौट रहे 40 श्रद्धालु सोनप्रयाग स्लाइड क्षेत्र में फंसे गए जिन्हें राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) ने रास्ता बनाकर सुरक्षित निकाल लिया है। रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम की तरफ जाने वाले सोनप्रयाग के पास बुधवार देर रात अचानक मलबा आने की वजह से केदारनाथ धाम से दर्शन कर लौट रहे 40 से श्रद्धालु फंस गए थे। </p>
<p style="text-align:justify;">सेनानायक, एसडीआरएफ, अर्पण यदुवंशी ने गुरुवार सुबह बताया कि केदारनाथ से दर्शन कर वापस आ रहे चालीस श्रद्वालु लैंड स्लाइड जोन में फंस गए। जिन्हें मौके पर तैनात एसडीआरएफ के जवानों ने रास्ता बनाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/544576/kedarnath-yatra-2025--devotees-returning-from-kedarnath-stranded-in-sonprayag-slide-zone--rescued-by-sdrf"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/ranveer-singh-high-security--(2)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>देहरादून। </strong>उत्तराखंड में केदारनाथ से लौट रहे 40 श्रद्धालु सोनप्रयाग स्लाइड क्षेत्र में फंसे गए जिन्हें राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) ने रास्ता बनाकर सुरक्षित निकाल लिया है। रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम की तरफ जाने वाले सोनप्रयाग के पास बुधवार देर रात अचानक मलबा आने की वजह से केदारनाथ धाम से दर्शन कर लौट रहे 40 से श्रद्धालु फंस गए थे। </p>
<p style="text-align:justify;">सेनानायक, एसडीआरएफ, अर्पण यदुवंशी ने गुरुवार सुबह बताया कि केदारनाथ से दर्शन कर वापस आ रहे चालीस श्रद्वालु लैंड स्लाइड जोन में फंस गए। जिन्हें मौके पर तैनात एसडीआरएफ के जवानों ने रास्ता बनाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। उन्होंने बताया कि रास्ता पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है, जिसकी वजह से एसडीआरएफ लगातार धाम से आ रहे श्रद्धालुओं को सुरक्षित क्षेत्र में पहुंचा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/544353/mahendra-bhatt-elected-president-of-bjp-uttarakhand-unit--became-the-first-state-president-to-be-re-nominated"> BJP उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष निर्वाचित हुए महेंद्र भट्ट, दोबारा नामित होने वाले पहले प्रदेश अध्यक्ष बने</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/544576/kedarnath-yatra-2025--devotees-returning-from-kedarnath-stranded-in-sonprayag-slide-zone--rescued-by-sdrf</link>
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                <pubDate>Thu, 03 Jul 2025 11:05:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केदारनाथ धाम के पास क्रैश हुआ हेलिकॉप्टर, 7 लोगों की मौत, CM धामी ने जताया दुख</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-1b5gpbm r-a8ghvy" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy"><strong>देहरादून, अमृत विचारः</strong> गुप्तकाशी से केदारनाथ धाम के लिए उड़ान भरने वाला आर्यन एविएशन का हेलिकॉप्टर गौरीकुंड-सोनप्रयाग के जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में 5 लोगों की मौत की खबर है, जबकि एक व्यक्ति की स्थिति अज्ञात है। रेस्क्यू टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी हैं, लेकिन ऊंचाई और खराब मौसम के कारण बचाव कार्य में देरी हो रही है।</span></span></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-1b5gpbm r-a8ghvy" dir="ltr">  </div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-1b5gpbm r-a8ghvy" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">जानकारी के अनुसार, हेलिकॉप्टर में 6 लोग सवार थे, और इसकी क्षमता से अधिक यात्रियों को ले जाया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में खराब मौसम को हादसे की मुख्य वजह बताया जा रहा है। उत्तराखंड के</span></span></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/542194/helicopter-crashes-near-kedarnath-dham--7-people-dead--rescue-operation-underway--cm-dhami-expressed-grief"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-06/2025-(48)2.png" alt=""></a><br /><div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-1b5gpbm r-a8ghvy" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy"><strong>देहरादून, अमृत विचारः</strong> गुप्तकाशी से केदारनाथ धाम के लिए उड़ान भरने वाला आर्यन एविएशन का हेलिकॉप्टर गौरीकुंड-सोनप्रयाग के जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में 5 लोगों की मौत की खबर है, जबकि एक व्यक्ति की स्थिति अज्ञात है। रेस्क्यू टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी हैं, लेकिन ऊंचाई और खराब मौसम के कारण बचाव कार्य में देरी हो रही है।</span></span></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-1b5gpbm r-a8ghvy" dir="ltr"> </div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-1b5gpbm r-a8ghvy" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">जानकारी के अनुसार, हेलिकॉप्टर में 6 लोग सवार थे, और इसकी क्षमता से अधिक यात्रियों को ले जाया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में खराब मौसम को हादसे की मुख्य वजह बताया जा रहा है। उत्तराखंड के एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने पुष्टि की कि हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ है, और अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।</span></span></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-1b5gpbm r-a8ghvy" dir="ltr"> </div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-a8ghvy r-p1pxzi" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">हादसा सुबह 5:17 बजे हुआ, जब हेलिकॉप्टर ने केदारनाथ हेलीपैड से गुप्तकाशी के लिए उड़ान भरी थी। खराब मौसम के कारण पायलट ने हार्ड लैंडिंग का प्रयास किया, जिससे हेलिकॉप्टर क्षतिग्रस्त हो गया।</span></span></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-a8ghvy r-p1pxzi" dir="ltr"> </div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-1b5gpbm r-a8ghvy" dir="ltr"><strong><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-b88u0q r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">हेलिकॉप्टर में सवार यात्रियों के नाम</span></span></span></strong></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-1b5gpbm r-a8ghvy" dir="ltr"> </div>
<ol dir="ltr" start="1">
<li>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-rjixqe r-16dba41" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3">राजवीर (पायलट)</span></span></div>
</li>
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<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-rjixqe r-16dba41" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3">विक्रम रावत (बीकेटीसी निवासी, रासी, ऊखीमठ)</span></span></div>
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<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-rjixqe r-16dba41" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3">विनोद देवी (उत्तर प्रदेश)</span></span></div>
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<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-rjixqe r-16dba41" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3">तृष्टि सिंह  (उत्तर प्रदेश)</span></span></div>
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<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-rjixqe r-16dba41" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3">राजकुमार सुरेश (गुजरात)</span></span></div>
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<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-rjixqe r-16dba41" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3">श्रद्धा जयसवाल (महाराष्ट्र)</span></span></div>
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<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-rjixqe r-16dba41" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3">राशि (महाराष्ट्र)</span></span></div>
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</ol>
<p><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><strong>सीएम धामी ने जताया दुख</strong></span></span></p>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-a8ghvy r-p1pxzi" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-b88u0q r-a8ghvy"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">मुख्यमंत्री धामी ने जताया शोक</span></span><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy"> मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "रुद्रप्रयाग में हेलिकॉप्टर दुर्घटना का समाचार अत्यंत दुखद है। एसडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन और अन्य रेस्क्यू टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। बाबा केदार से सभी यात्रियों की सकुशलता की प्रार्थना करता हूं।"</span></span></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-a8ghvy r-p1pxzi" dir="ltr"> </div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-a8ghvy r-p1pxzi" dir="ltr">
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/pushkardhami/status/1934078259547001108">https://twitter.com/pushkardhami/status/1934078259547001108</a></blockquote>
<span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">

</span></span></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-a8ghvy r-p1pxzi" dir="ltr"> </div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-a8ghvy r-p1pxzi" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि यह दुर्घटना गौरीकुंड के जंगलों के ऊपर हुई। इस दुर्घटना में मरने वालों में पायलट और एक शिशु भी शामिल है। उन्होंने बताया कि सुबह लगभग साढ़े पांच बजे हेलीकॉप्टर ने केदारनाथ से गुप्तकाशी के लिए उड़ान भरी और अचानक यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया।</span></span></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-a8ghvy r-p1pxzi" dir="ltr"> </div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-a8ghvy r-p1pxzi" dir="ltr">
<p><strong>चारधाम में हेलीकॉप्टर सेवा पर तत्काल प्रभाव से रोक </strong></p>
<p>यूकाडा और DGCA ने संयुक्त रूप से हेलीकॉप्टर सेवा पर रोक लगा दी है। रुद्रप्रयाग में हुए हादसे के बाद एहतियातन बड़ा फैसला लिया गया है।अगले आदेश तक चारधाम यात्रा में हेलीकॉप्टर सेवा नहीं चलेगी। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने ये बड़ा कदम उठाया हैं।</p>
</div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-a8ghvy r-p1pxzi" dir="ltr"> </div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-a8ghvy r-p1pxzi" dir="ltr"><strong><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">खराब मौसम है कारण</span></span></strong></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-a8ghvy r-p1pxzi" dir="ltr"> </div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-a8ghvy r-p1pxzi" dir="ltr"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">रजवार ने कहा कि ऐसा अनुमान है कि खराब मौसम के कारण दृश्ता कम होने की वजह से यह हादसा हुआ। उन्होंने बताया कि राहत और बचाव दल भेजे गये हैं। इससे पहले, आठ मई को उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री धाम जा रहा एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें छह लोगों की मौत हो गयी थी। सात जून को भी केदारनाथ जा रहे एक हेलीकॉप्टर को उड़ान भरते ही तकनीकी खराबी आ जाने के कारण सड़क पर आपात लैंडिंग करनी पड़ी थी जिसमें पायलट को चोटें आयीं थी, लेकिन उसमें सवार पांच श्रद्धालु सुरक्षित बच गए थे। </span></span></div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-a8ghvy r-p1pxzi" dir="ltr"> </div>
<div class="css-146c3p1 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-37j5jr r-a023e6 r-16dba41 r-1adg3ll r-a8ghvy r-p1pxzi" dir="ltr"><strong><strong><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3"><span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3 r-a8ghvy">यह भी पढ़ेः <a title="'आसमान में नहीं उड़ेंगे '171' संख्या के विमान', Air India और AI एक्सप्रेस ने किया बड़ा ऐलान" href="https://www.amritvichar.com/article/542122/-minutes-with-number--171--will-not-fly-in-the-sky---air-india-and-ai-express-made-a-big-announcement#gsc.tab=0">'आसमान में नहीं उड़ेंगे '171' संख्या के विमान', Air India और AI एक्सप्रेस ने किया बड़ा ऐलान</a></span></span></strong></strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/542194/helicopter-crashes-near-kedarnath-dham--7-people-dead--rescue-operation-underway--cm-dhami-expressed-grief</link>
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                <pubDate>Sun, 15 Jun 2025 08:33:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केदारनाथ धाम में फिर हुआ हादसा, हेली एम्बुलेंस हुआ क्रैश, लैंडिंग के दौरान टूटा टेल रोट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रुद्रप्रयाग/देहरादून, अमृत विचारः </strong>केदारनाथ धाम में शनिवार को एक मरीज को रेस्क्यू करने पहुंचे संजीवनी हेली एंबुलेंस की आपातकाल लैंडिंग करनी पड़ी। पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। हेली एम्बुलेंस में एम्स, ऋषिकेश से आई मेडिकल टीम भी सवार थी।</p>
<p>सफल आपातकाल लैंडिंग के चलते पायलट सहित मेडिकल की टीम सुरक्षित है। जिला पर्यटन विकास अधिकारी एवं नोडल अधिकारी, हेली सेवा, राहुल चौबे ने बताया कि श्री केदारनाथ धाम में दर्शन को पहुंची एक महिला श्रद्धालु को सांस लेने में अधिक समस्या होने लगी। तबियत ज्यादा बिगड़ती देख राज्य सरकार की हेली एंबुलेंस सेवा संजीवनी की मदद ली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/538488/helicopter-crashes-in-kedarnath--accident-happened-during-landing"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/20253.mp4" alt=""></a><br /><p><strong>रुद्रप्रयाग/देहरादून, अमृत विचारः </strong>केदारनाथ धाम में शनिवार को एक मरीज को रेस्क्यू करने पहुंचे संजीवनी हेली एंबुलेंस की आपातकाल लैंडिंग करनी पड़ी। पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। हेली एम्बुलेंस में एम्स, ऋषिकेश से आई मेडिकल टीम भी सवार थी।</p>
<p>सफल आपातकाल लैंडिंग के चलते पायलट सहित मेडिकल की टीम सुरक्षित है। जिला पर्यटन विकास अधिकारी एवं नोडल अधिकारी, हेली सेवा, राहुल चौबे ने बताया कि श्री केदारनाथ धाम में दर्शन को पहुंची एक महिला श्रद्धालु को सांस लेने में अधिक समस्या होने लगी। तबियत ज्यादा बिगड़ती देख राज्य सरकार की हेली एंबुलेंस सेवा संजीवनी की मदद ली गई। हेली में एम्स से मेडिकल टीम भी साथ केदारनाथ पहुंच रही थी, जिसमें एक डॉक्टर एवं एक नर्सिंग स्टाफ शामिल था।</p>
<p>केदारनाथ के मुख्य हेलीपैड पर लैंडिंग से पहले ही हेली में कुछ तकनीकी खराबी आ गई। जिसे समय पर भांपते हुए पायलट ने हेलीपैड से ठीक पहले समतल स्थान पर लैंडिंग करना उचित समझा। लैंडिंग के दौरान हेली एम्बुलेंस का टेल रोटर टूट गया। पायलट की सूझबूझ से सफल आपातकाल लैंडिंग हो सकी और हेली में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं। हालांकि हेली का टेल रोटर टूट गया है। इस पूरे मामले की तकनीकी जांच डीजीसीए द्वारा की जाएगी जिसके उपरांत तकनीकी खामी की सही जानकारी मिल सकेगी। </p>
<p><strong>देखें वीडियो</strong></p>
<p><strong></strong></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2025-05/20253.mp4" controls=""><strong></strong></video><strong></strong>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/538461/the-country-united-against-terrorism--these-seven-all-party-delegations-will-give-the-message-of-india-s-tough-stand-to-the-world">शशि थरूर, कनिमोझी, सुप्रिया सुले समेत ये 7 सांसद दुनिया के सामने खोलेंगे पाकिस्तान की पोल, मोदी सरकार ने सौंपी जिम्मेदारी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 May 2025 12:33:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देहरादून: केदारनाथ में टेंट संचालिका से छेड़खानी, मुकदमा दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> केदारनाथ में एक महिला टेंट संचालिका के साथ उसके टेंट में घुसकर छेड़खानी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने महिला से अपने बयान कोर्ट में दर्ज कराने को कहा है, जिससे कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सके। केदारनाथ बेस कैंप में टेंट संचालन करने वाली नागजई गांव निवासी विजयलक्ष्मी पंवार ने पुलिस को तहरीर दी। </p>
<p>महिला के चिल्लाने पर आरोपी द्वारा उसे जान से मारने की धमकी दी गई। महिला का कहना है कि आसपास के लोगों ने उसे बचाया और आरोपी को पुलिस के सुपुर्द किया। महिला का कहना है कि उसके द्वारा पुलिस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/500876/case-registered-against-tent-operator-for-molestation-in-dehradun-kedarnath"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-04/छेड़खानी.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> केदारनाथ में एक महिला टेंट संचालिका के साथ उसके टेंट में घुसकर छेड़खानी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने महिला से अपने बयान कोर्ट में दर्ज कराने को कहा है, जिससे कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सके। केदारनाथ बेस कैंप में टेंट संचालन करने वाली नागजई गांव निवासी विजयलक्ष्मी पंवार ने पुलिस को तहरीर दी। </p>
<p>महिला के चिल्लाने पर आरोपी द्वारा उसे जान से मारने की धमकी दी गई। महिला का कहना है कि आसपास के लोगों ने उसे बचाया और आरोपी को पुलिस के सुपुर्द किया। महिला का कहना है कि उसके द्वारा पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया गया है, पर कुछ लोगों के द्वारा उस पर शिकायत वापस लेने का दवाब बनाया जा रहा है। कहा कि आरोपी से उन्हें और उनके परिवार को खतरा है। पूर्व में भी वह उनके साथ गाली-गलौज भी कर चुका है।</p>
<p>इधर, पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध कुमार घिल्डियाल ने बताया कि महिला की तहरीर पर कोतवाली सोनप्रयाग में आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया है।</p>
<p>यह भी पढ़ें - <a href="https://www.amritvichar.com/article/500858/four-accused-arrested-in-the-case-of-murder-of-missing#gsc.tab=0">हरिद्वार में लापता संत महंत गोविंददास की हत्या का मामला: चार आरोपी गिरफ्तार</a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/500876/case-registered-against-tent-operator-for-molestation-in-dehradun-kedarnath</link>
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                <pubDate>Sun, 20 Oct 2024 12:38:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देहरादून: केदारनाथ पहुंची गोल्फ इलेक्ट्रिक कार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br /><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> केदारनाथ धाम में थार के बाद अब जरूरतमंद और बुजुर्ग यात्रियों के लिए गोल्फ इलेक्ट्रिक कार चलाने की तैयारी की जा रही है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने धाम में इलेक्ट्रिक कार मंगाई है।</p>
<p>शनिवार को गौचर हवाई पट्टी से वायुसेना के मालवाहक चिनूक हेलिकाप्टर से एक इलेक्ट्रिक कार को धाम पहुंचा दिया गया है। इस इको फ्रेंडली कार से बुजुर्ग और जरूरतमंद तीर्थयात्री हेलिपैड से मंदिर तक आसानी से पहुंच सकेंगे। दरअसल, पिछले दिनों केदारनाथ धाम में दो थार एसयूवी पहुंचाई गईं थीं।</p>
<p>डीजल से संचालित होने वाली कारों के धाम में पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/486729/golf-electric-car-reached-dehradun-kedarnath"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/capture45.png" alt=""></a><br /><p><br /><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> केदारनाथ धाम में थार के बाद अब जरूरतमंद और बुजुर्ग यात्रियों के लिए गोल्फ इलेक्ट्रिक कार चलाने की तैयारी की जा रही है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने धाम में इलेक्ट्रिक कार मंगाई है।</p>
<p>शनिवार को गौचर हवाई पट्टी से वायुसेना के मालवाहक चिनूक हेलिकाप्टर से एक इलेक्ट्रिक कार को धाम पहुंचा दिया गया है। इस इको फ्रेंडली कार से बुजुर्ग और जरूरतमंद तीर्थयात्री हेलिपैड से मंदिर तक आसानी से पहुंच सकेंगे। दरअसल, पिछले दिनों केदारनाथ धाम में दो थार एसयूवी पहुंचाई गईं थीं।</p>
<p>डीजल से संचालित होने वाली कारों के धाम में पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई थी। माना जा रहा कि इसी को देखते हुए बीकेटीसी ने धाम में इको फ्रेंडली कार चलाने की योजना बनाई है। शनिवार को एक गोल्फ इलेक्ट्रिक कार धाम पहुंच गई, मौसम साफ होने पर दूसरी कार को धाम भेजा जाएगा। एसडीएम रुद्रप्रयाग आशीष घिल्डियाल ने बताया, शनिवार को डीजल व कंप्रेशर मशीन के साथ गोल्फ कार को केदारनाथ धाम पहुंचाया गया है। अभी एक और कार भेजी जानी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Aug 2024 14:34:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देहरादून: केदारनाथ आपदा:  29 जगहों पर क्षतिग्रस्त हुए 19किमी पैदल मार्ग को 260 मजदूरों ने किया दुरुस्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> आखिरकार 15 दिनों बाद बारिश के कहर से क्षतिग्रस्त केदारनाथ पैदल मार्ग भक्तों के लिए खुल गया है। केदारनाथ पैदल मार्ग को मजदूरों ने कड़ी मेहनत के बाद दुरुस्त कर दिया है। जिससे 15 दिन बाद पैदल मार्ग से यूपी, गुजरात और हरियाणा से कुछ तीर्थ यात्री केदारनाथ धाम पहुंचे। 260 मजदूरों ने आपदा से 29 जगहों पर क्षतिग्रस्त हुए 19 किलोमीटर पैदल मार्ग को 15 दिन में दुरुस्त किया। </p>
<p>बता दें कि 31 जुलाई की रात केदारनाथ पैदल मार्ग पर आई त्रासदी के कारण जगह-जगह ध्वस्त हो गया था। जिसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/486328/dehradun-kedarnath-disaster-260-laborers-repaired-19-km-footpath-damaged"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/bb1r0m0t.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> आखिरकार 15 दिनों बाद बारिश के कहर से क्षतिग्रस्त केदारनाथ पैदल मार्ग भक्तों के लिए खुल गया है। केदारनाथ पैदल मार्ग को मजदूरों ने कड़ी मेहनत के बाद दुरुस्त कर दिया है। जिससे 15 दिन बाद पैदल मार्ग से यूपी, गुजरात और हरियाणा से कुछ तीर्थ यात्री केदारनाथ धाम पहुंचे। 260 मजदूरों ने आपदा से 29 जगहों पर क्षतिग्रस्त हुए 19 किलोमीटर पैदल मार्ग को 15 दिन में दुरुस्त किया। </p>
<p>बता दें कि 31 जुलाई की रात केदारनाथ पैदल मार्ग पर आई त्रासदी के कारण जगह-जगह ध्वस्त हो गया था। जिसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की निगरानी और डीएम सौरभ गहरवार के नेतृत्व में चले रेस्क्यू अभियान में हजारों श्रद्धालुओं एवं स्थानीय जनता को हेली सेवा के साथ पैदल आवाजाही से सुरक्षित निकाला गया।</p>
<p>इसके बाद तेजी से काम होने के चलते अब पैदल मार्ग को दुरुस्त किया गया है। यहां एक-दो जगह पर ही परेशानी है, जहां पर जवान यात्रियों को रास्ता पार करा रहे हैं। ऐसे में पैदल चलकर धाम पहुंच रहे देश के विभिन्न राज्यों के भक्तों में भी खुशी देखने को मिल रही है। </p>
<p>पैदल मार्ग पर सैकड़ों की संख्या में लोनिवि गुप्तकाशी के मजदूर मार्ग का ट्रीटमेंट करने में लगे हुए हैं। इसके अलावा सोनप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग को भी दुरुस्त करने का काम तेजी से चल रहा है। यहां भी जल्द ही वाहनों की आवाजाही शुरू की जाएगी। बता दें कि यात्रा शुरू होने से अब तक 10 लाख 93 हजार 632 श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। इन दिनों 150 से 200 के करीब तीर्थ यात्री केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं। हेली सेवा भी संचालित हो रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Aug 2024 15:23:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुद्रप्रयाग: केदारनाथ पैदल मार्ग में रोज नई मुश्किलें...अब अस्थाई पुल बहा, पैदल मार्ग से ही किया जा रहा रेस्क्यू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रुद्रप्रयाग, अमृत विचार। केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग में फंसे तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए सोनप्रयाग में मंदाकिनी नदी पर जो पैदल पुल तैयार किया गया था वह भारी बारिश की भेंट चढ़ गया। बारिश की वजह से मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। </p>
<p>जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नन्दन रजवार का कहना है कि आज 210 लोगों का पैदल मार्ग रेस्क्यू किया जा रहा है। लेकिन पुल बहने से अब समस्या खड़ी हो गई है। एक तरफ मौसम खराब होने की वजह से कम विजिबिलिटी चलते हेली सेवाओं से अब तक रेस्क्यू शुरू नहीं किया जा सका है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/484728/new-difficulties-every-day-in-rudraprayag-kedarnath-walking-route-now"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/kd-380x214.jpg" alt=""></a><br /><p>रुद्रप्रयाग, अमृत विचार। केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग में फंसे तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए सोनप्रयाग में मंदाकिनी नदी पर जो पैदल पुल तैयार किया गया था वह भारी बारिश की भेंट चढ़ गया। बारिश की वजह से मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। </p>
<p>जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नन्दन रजवार का कहना है कि आज 210 लोगों का पैदल मार्ग रेस्क्यू किया जा रहा है। लेकिन पुल बहने से अब समस्या खड़ी हो गई है। एक तरफ मौसम खराब होने की वजह से कम विजिबिलिटी चलते हेली सेवाओं से अब तक रेस्क्यू शुरू नहीं किया जा सका है। वहीं, विपरीत परिस्थितियों के बीच पैदल मार्ग से रेस्क्यू अभियान जारी है। </p>
<p>आज केदारनाथ से 231 लोगों को सकुशल सोनप्रयाग पहुंचा दिया है जबकि 516 लोग जंगलचट्टी पहुंच गए हैं। केदारनाथ धाम में अब भी डेढ़ हजार से अधिक लोग मौजूद हैं, जिसमें कुछ यात्री शामिल हैं। वहीं, अब तक 12 हजार यात्रियों को निकाला गया है। पहले चरण में 231 लोगों को केदारनाथ से छानी कैंप पहुंचने के बाद रेस्क्यू दल के जवानों ने भूस्खलन प्रभावित लिंचोली से गौरीकुंड पहुंचाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>चमोली</category>
                                            <category>पौड़ी गढ़वाल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Aug 2024 11:21:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुद्रप्रयाग: केदारनाथ में मौसम साफ होते ही रेस्क्यू ऑपरेशन फिर हुआ शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रुद्रप्रयाग, अमृत विचार।</strong> केदारनाथ पैदल मार्ग में फंसे लोगों को मौसम साफ होते ही एक बार फिर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी कर दिया गया है। एमआई 17 और चिनूक से एयर लिफ्ट रेस्क्यू शुरू हो गया है। चारधाम हेलीपैड पर यात्रियों को उतारा जा रहा है जबकि चिनूक गौचर हवाई पट्टी पर यात्रियों को उतारेगा। सुबह नौ बजे तक 133 लोगों को केदारनाथ से एमआई एवं चिनूक एव छोटे हेलिकॉप्टर की मदद से सुरक्षित एयर लिफ्ट कर रेस्क्यू किए जा चुके हैं।</p>
<p>31 जुलाई को हुई अतिवृष्टि से केदारनाथ मार्ग को भारी नुकसान पहुंचा है। गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक 16</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/484321/rescue-operation-started-again-as-soon-as-the-weather-cleared"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/capture10.png" alt=""></a><br /><p><strong>रुद्रप्रयाग, अमृत विचार।</strong> केदारनाथ पैदल मार्ग में फंसे लोगों को मौसम साफ होते ही एक बार फिर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी कर दिया गया है। एमआई 17 और चिनूक से एयर लिफ्ट रेस्क्यू शुरू हो गया है। चारधाम हेलीपैड पर यात्रियों को उतारा जा रहा है जबकि चिनूक गौचर हवाई पट्टी पर यात्रियों को उतारेगा। सुबह नौ बजे तक 133 लोगों को केदारनाथ से एमआई एवं चिनूक एव छोटे हेलिकॉप्टर की मदद से सुरक्षित एयर लिफ्ट कर रेस्क्यू किए जा चुके हैं।</p>
<p>31 जुलाई को हुई अतिवृष्टि से केदारनाथ मार्ग को भारी नुकसान पहुंचा है। गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक 16 किमी का मार्ग है, इसमें 10 जगह मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। लोक निर्माण विभाग की टीम मार्ग को खोलने में जुटी है। लोनिवि की रिपोर्ट के अनुसार जो स्थितियां हैं उनमें मार्ग को पूर्व की दशा में लाने में करीब एक महीने का समय लग सकता है। वहीं, सेना ने मोर्चा संभालते हुए मंदाकिनी नदी पर अस्थायी ट्राली स्थापित कर दी है। साथ ही वैकल्पिक पुल का निर्माण भी शुरू कर दिया है। गौरीकुंड में घोड़ा पड़ाव के पास लगभग 15 मीटर लंबाई में रास्ता पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। यहां पर लोनिवि श्रमिक वैकल्पिक मार्ग स्थापित करने में जुटे हैं।</p>
<p>गौरीकुंड से छोड़ी तक मार्ग पर बोल्डर आने से कुछ जगह आंशिक और कुछ जगह काफी नुकसान हुआ है। छोड़ी से चीरबासा में मलबा आया है, चीरबासा के पास सड़क नष्ट हो गई है। भैरव मंदिर के पास छह मीटर मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। जंगल चट्टी में दो स्थान पर मार्ग पूरी तरह नष्ट हो गया है, यहां भी लोनिवि की टीम मार्ग को ठीक कर रही है। महादेव फॉल से भीमबली तक कुछ स्थान पर बोल्डर आने से आंशिक रूप से बाधित हुआ है।</p>
<p>भीमबली से रामबाड़ा तक मार्ग चार स्थान, रामबाड़ा से लिनचोली तक पांच स्थानों पर मार्ग पूरी तरह टूट गया है, दोनों जगह लोनिवि की टीम वैकल्पिक मार्ग बनाने में जुटी है। टीएफ प्वाइंट में भी मार्ग पूरी तरह टूट गया है। यहां पर 25 श्रमिक वैकल्पिक मार्ग बनाने में जुटे हैं। कुबेर ग्लेशियर में भी मार्ग लगभग पूरी तरह टूट गया है। यहां भी वैकल्पिक मार्ग बनाने को लेकर कार्य हो रहा है।</p>
<p>गौरीकुंड से सोनप्रयाग मार्ग को भी नुकसान पहुंचा है। इस मार्ग को ठीक करने की कोशिश में एनएच जुटा है। दूसरी तरफ मशीन पहुंचाने के लिए वैकल्पिक मार्ग समेत अन्य विकल्पों को भी देखा जा रहा है। लोनिवि ने जो रिपोर्ट भेजी है, उसमें कहा गया है कि मार्ग को खोलने के लिए कई जगह कटिंग का काम हो गया है। पर जो फिलहाल स्थितियां हैं, उसमें एक अनुमान के हिसाब से पूर्व की दशा में मार्ग को लाने में एक महीने तक का समय लग सकता है।</p>
<p>केदारघाटी में व्यवस्थाएं सुधारने को सेना के जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया है। रविवार को 6-ग्रेनिडियर यूनिट के सीओ कर्नल हितेश वशिष्ठ के नेतृत्व में सेना की एक टुकड़ी सोनप्रयाग पहुंच चुकी है। जिसने मंदाकिनी नदी पर अस्थायी ट्राली स्थापित करने के साथ ही वैकल्पिक पुल का निर्माण शुरू कर दिया है। चार दिन में अब तक कुल 10374 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>पौड़ी गढ़वाल</category>
                                            <category>टिहरी गढ़वाल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Aug 2024 11:50:59 +0530</pubDate>
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