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                <title>Rudraprayag - Amrit Vichar</title>
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                <description>Rudraprayag RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पंचकेदार के शीतकालीन यात्रा का शुभारंभ, श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>रुद्रप्रयाग। </strong>रुद्रप्रयाग के पंचकेदार गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर में गुरुवार को शीतकालीन यात्रा का विधिवत एवं मंत्रोच्चारण के साथ भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर जीएमवीएन ऊखीमठ परिसर से लेकर ओंकारेश्वर मंदिर तक महिला मंगल दल, युवा मंगल दल तथा विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा मनोहारी कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं की झलक दिखाई दी और मार्गभर श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। </p>
<p style="text-align:justify;">मंदिर प्रांगण में भी भारी संख्या में भक्तजन मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, बद्री-केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण तथा जिलाधिकारी ने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/562294/the-panch-kedarnath-winter-pilgrimage-begins--with-a-large-crowd-of-devotees"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/2026-(27).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रुद्रप्रयाग। </strong>रुद्रप्रयाग के पंचकेदार गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर में गुरुवार को शीतकालीन यात्रा का विधिवत एवं मंत्रोच्चारण के साथ भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर जीएमवीएन ऊखीमठ परिसर से लेकर ओंकारेश्वर मंदिर तक महिला मंगल दल, युवा मंगल दल तथा विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा मनोहारी कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं की झलक दिखाई दी और मार्गभर श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। </p>
<p style="text-align:justify;">मंदिर प्रांगण में भी भारी संख्या में भक्तजन मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, बद्री-केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण तथा जिलाधिकारी ने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर शीतकालीन यात्रा का शुभारंभ किया। सुश्री नौटियाल ने कहा कि वे भगवान ओंकारेश्वर से क्षेत्र तथा प्रदेश के सभी लोगों की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचकर यात्रा का शुभारंभ कर चुके हैं। इस वर्ष भी उसी उत्साह और भव्यता के साथ यात्रा का आरम्भ किया गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस बार पिछले वर्ष की तुलना में अधिक संख्या में श्रद्धालु भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन करने आएँगे। जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने कहा कि आज से शीतकालीन यात्रा का विधिवत शुभारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि यात्रा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी गई हैं। सड़क, पेयजल, विद्युत, पार्किंग एवं सुरक्षा के सभी प्रबंधों को समय रहते दुरुस्त किया गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि शीतकालीन यात्रा का सीधा लाभ जिले की स्थानीय आर्थिकी पर पड़ता है तथा यात्रा से स्थानीय लोगों की आजीविका भी सुदृढ़ होती है। श्री ओंकारेश्वर मंदिर के मुख्य पुजारी शिवशंकर लिंग ने कहा कि यह मंदिर पंचकेदार की गद्दी स्थली है। यहाँ दर्शन करने से भगवान केदारनाथ के दर्शन का ही पुण्य प्राप्त होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में ओंकारेश्वर मंदिर पहुँचकर पुण्य अर्जित करने का आह्वान किया।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़े : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/562029/helicopter-service-for-the-famous-purnagiri-dham-yatra--helipad-approved-in-chuka--boosting-employment-and-the-economy"><span class="t-red">प्रसिद्ध पूर्णागिरी धाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा:</span> चूका में हेलीपैड को मंजूरी, रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Dec 2025 15:54:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Cloud Burst: रुद्रप्रयाग, चमोली जनपदों में बादल फटने से फंसे कई लोग, CM धामी ने जताया दुख </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून।</strong> उत्तराखंड में गुरुवार और शुक्रवार की मध्य रात्रि में जनपद रुद्रप्रयाग और जनपद चमोली के कुछ क्षेत्रों में बादल फटने (अतिवृष्टि) की घटना हुई जिसमें कुछ परिवार फंसने की खबर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन घटनाओं पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने बाबा केदार से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना की है। </p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/pushkardhami/status/1961246341809819902">https://twitter.com/pushkardhami/status/1961246341809819902</a></blockquote>
<p>
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<p>मुख्यमंत्री धामी ने शुक्रवार सुबह एक्स पर लिखा, "जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार क्षेत्र के अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक और जनपद चमोली के देवाल क्षेत्र में बादल फटने के कारण मलबा आने से कुछ परिवारों के फंसे होने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/551533/cloud-burst--many-people-stranded-due-to-cloudburst-in-rudraprayag--chamoli-districts--cm-dhami-expressed-grief"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/muskan-dixit-(3)18.png" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून।</strong> उत्तराखंड में गुरुवार और शुक्रवार की मध्य रात्रि में जनपद रुद्रप्रयाग और जनपद चमोली के कुछ क्षेत्रों में बादल फटने (अतिवृष्टि) की घटना हुई जिसमें कुछ परिवार फंसने की खबर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन घटनाओं पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने बाबा केदार से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना की है। </p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/pushkardhami/status/1961246341809819902">https://twitter.com/pushkardhami/status/1961246341809819902</a></blockquote>
<p>

</p>
<p>मुख्यमंत्री धामी ने शुक्रवार सुबह एक्स पर लिखा, "जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार क्षेत्र के अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक और जनपद चमोली के देवाल क्षेत्र में बादल फटने के कारण मलबा आने से कुछ परिवारों के फंसे होने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है और इस संबंध में निरंतर अधिकारियों से संपर्क में हूं। आपदा सचिव और जिलाधिकारियों से बात कर बचाव कार्यों के प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक निर्देश दिए हैं। बाबा केदार से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं।" विस्तृत विवरण की प्रतीक्षा है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/551531/pm-modi-japan-visit--prime-minister-narendra-modi-arrived-in-japan--received-a-warm-welcome">PM Modi Japan Visit: जापान पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, हुआ जोरदार स्वागत</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>चमोली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/551533/cloud-burst--many-people-stranded-due-to-cloudburst-in-rudraprayag--chamoli-districts--cm-dhami-expressed-grief</link>
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                <pubDate>Fri, 29 Aug 2025 09:24:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी के खुले कपाट, विधि-विधान से पूजा के बाद 500 लोगों ने किये दर्शन  </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>रूद्रप्रयाग, अमृत विचार। </strong>पंचकेदारों में प्रतिष्ठित तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी के कपाट शुक्रवार पूर्वाह्न 10.15 बजे विधि विधान से खुल गये है। प्रसिद्ध कथावाचक व्यास आचार्य लंबोदर मैठाणी, श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) प्रबंधक बलबीर नेगी की उपस्थिति में आचार्य पुजारी विजय भारत मैठाणी तथा अन्य पुजारी गणों ने कपाट खोलने की प्रक्रिया पूरी की। </p>
<p style="text-align:justify;">श्री तुंगनाथ जी के स्य़भू शिवलिंग को समाधि रूप से श्रृंगार रूप दिया गया। इस अवसर पर 500 से अधिक लोगों ने बाबा तुंगनाथ जी के दर्शन किये। इस अवसर पर मंदिर को फूलों से सजाया गया था। बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विजय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/536220/the-doors-of-the-third-kedarnath-shri-tungnath-ji-opened--500-people-took-darshan-after-the-worship-as-per-rituals"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/news-post--(10).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रूद्रप्रयाग, अमृत विचार। </strong>पंचकेदारों में प्रतिष्ठित तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी के कपाट शुक्रवार पूर्वाह्न 10.15 बजे विधि विधान से खुल गये है। प्रसिद्ध कथावाचक व्यास आचार्य लंबोदर मैठाणी, श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) प्रबंधक बलबीर नेगी की उपस्थिति में आचार्य पुजारी विजय भारत मैठाणी तथा अन्य पुजारी गणों ने कपाट खोलने की प्रक्रिया पूरी की। </p>
<p style="text-align:justify;">श्री तुंगनाथ जी के स्य़भू शिवलिंग को समाधि रूप से श्रृंगार रूप दिया गया। इस अवसर पर 500 से अधिक लोगों ने बाबा तुंगनाथ जी के दर्शन किये। इस अवसर पर मंदिर को फूलों से सजाया गया था। बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट खुलने पर सभी श्रद्धालुओं को बधाई दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">श्री तुंगनाथ जी के कपाट खुलने के अवसर पर आचार्य लंबोदर मैठाणी, मक्कू मठ में मठापति रामप्रसाद मैठाणी, पूर्व मंदिर अधिकारी भूपेंद्र मैठाणी, मंदिर समिति प्रबंधक बलबीर नेगी, ग्राम प्रधान विजय पाल, क्षेत्र समिति सदस्य जयबीर नेगी,पुजारी, रविंद्र मैठाणी सहित चंद्र मोहन मैठाणी, मुकेश मैठाणी, विनोद मैठाणी, अतुल मैठाणी, अजय मैठाणी सहित चंद्र मोहन बजवाल, आलोक एवं बड़ी संख्या में हक हकूकधारी तथा श्रद्धालु मौजूद रहे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/535952/lakhs-of-devotees-took-a-dip-on-maha-salab-triveni">अक्षय तृतीया पर उमड़ा ‘महा सैलाब’, त्रिवेणी घाट पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/536220/the-doors-of-the-third-kedarnath-shri-tungnath-ji-opened--500-people-took-darshan-after-the-worship-as-per-rituals</link>
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                <pubDate>Fri, 02 May 2025 14:43:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुद्रप्रयाग: इस गांव के लोगों ने कर दिया फेरी वालों का प्रवेश वर्जित, पकड़े जाने पर 5 हजार का जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रुद्रप्रयाग, अमृत विचार।</strong> एक बार फिर केदारघाटी के कई गांव में फेरी वालों का प्रवेश वर्जित जैसे बोर्ड लगे नजर आ रहे हैं। इससे पूर्व भी गांवों में कई बोर्ड लगे नजर आ रहे थे जिनमें फेरी वाले, गैर हिंदू और रोहिंग्याओं के प्रवेश पर रोक लगाने संबंधी बोर्ड लगाए गए थे। </p>
<p>इधर अब जखोली ब्लॉक के ग्राम पंचायत कांडा-भरदार के ग्रामीणों ने फेरी करने वाले और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। इस संबंध में गांव की सीमा में तीन अलग-अलग स्थानों पर बाकायदा सूचना बोर्ड भी लगा दिए हैं। ग्राम पंचायत मेदनपुर ने भी बाहरी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/495752/rudraprayag-people-of-this-village-barred-entry-of-hawkers-and"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/capture2.png" alt=""></a><br /><p><strong>रुद्रप्रयाग, अमृत विचार।</strong> एक बार फिर केदारघाटी के कई गांव में फेरी वालों का प्रवेश वर्जित जैसे बोर्ड लगे नजर आ रहे हैं। इससे पूर्व भी गांवों में कई बोर्ड लगे नजर आ रहे थे जिनमें फेरी वाले, गैर हिंदू और रोहिंग्याओं के प्रवेश पर रोक लगाने संबंधी बोर्ड लगाए गए थे। </p>
<p>इधर अब जखोली ब्लॉक के ग्राम पंचायत कांडा-भरदार के ग्रामीणों ने फेरी करने वाले और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। इस संबंध में गांव की सीमा में तीन अलग-अलग स्थानों पर बाकायदा सूचना बोर्ड भी लगा दिए हैं। ग्राम पंचायत मेदनपुर ने भी बाहरी लोगों के गांव में प्रवेश पर रोक लगा दी है।</p>
<p>बीते सितंबर माह में केदारघाटी के कई गांवों में फेरी वाले, गैर हिंदू और रोहिंग्या के गांवों में प्रवेश और व्यापार करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया था। इन गांवों की सीमा पर सूचना पट्ट भी लगाए गए थे। सूचना पर पुलिस ने इन गांवों में लगे आपत्तिजनक बोर्ड हटा दिए थे। बाद में बाहरी लोगों के गांव में प्रवेश पर रोक लगा दी थी।</p>
<p>तब ग्रामीणों कहना था कि, बाहरी लोग फेरी, मोबाइल सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान की मरम्मत के नाम पर गांवों में पहुंच रहे हैं। ऐसे में ग्राम पंचायत स्तर पर यह पहल की गई है। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद सूचना बोर्ड को संशोधित कर बाहरी और फेरी वालों के गांवों में प्रवेश व व्यापार पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई।पांच हजार रुपये लगेगा जुर्मानाअब, जखोली विकासखंड के कांडा-भरदार में बाहरी और फेरी वालों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। इस संबंध में गांव की सीमा में तीन तरफ सूचना बोर्ड लगाए गए हैं। </p>
<p>इस संबंध में ग्राम पंचायत कांडा के ग्राम प्रधान अमित रावत ने बताया कि ग्रामीणों की सहमति पर सूचना बोर्ड लगाए गए हैं। बीते दिनों पहाड़ के अलग-अलग कस्बों में घटित घटनाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। जो भी फेरी वाला या अन्य बाहरी गांव में घूमता पाया जाएगा, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया जाएगा।</p>
<p>पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध घिल्डियाल का कहना है कि ग्राम पंचायत अपने सीमा क्षेत्र में बाहरी लोगों के प्रवेश को वर्जित करने के लिए इस तरह के सूचना बोर्ड लगाने के लिए स्वतंत्र है। कहीं पर भी किसी धर्म विशेष या किसी जाति, समुदाय को अंकित कर कोई भी बोर्ड या सूचना चस्पा नहीं की जा सकती है, ऐसे मामलों में कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>चमोली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/495752/rudraprayag-people-of-this-village-barred-entry-of-hawkers-and</link>
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                <pubDate>Wed, 02 Oct 2024 13:38:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुद्रप्रयाग: बारिश के चलते केदारनाथ यात्रा पर ब्रेक, भूस्खलन का बड़ा खतरा, प्रशासन अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रुद्रप्रयाग, अमृत विचार।</strong> बारिश के चलते केदारनाथ यात्रा पर ब्रेक लग गया है। आज सुबह से यात्रा को सोनप्रयाग से रोक दिया गया है। बारिश से भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। आपको बता दें कि अभी तक भूस्खलन व अतिवृष्टि से यात्रियों व स्थानीय नागरिकों समेत 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। </p>
<p>सोनप्रयाग से केदारनाथ तक हाईवे और पैदल मार्ग भूस्खलन की दृष्टि से अति संवेदनशील है और जानमाल की क्षति का खतरा बना है। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर बीते 21</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/491507/due-to-rain-in-rudraprayag-there-is-a-big-risk"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-09/capture26.png" alt=""></a><br /><p><strong>रुद्रप्रयाग, अमृत विचार।</strong> बारिश के चलते केदारनाथ यात्रा पर ब्रेक लग गया है। आज सुबह से यात्रा को सोनप्रयाग से रोक दिया गया है। बारिश से भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। आपको बता दें कि अभी तक भूस्खलन व अतिवृष्टि से यात्रियों व स्थानीय नागरिकों समेत 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। </p>
<p>सोनप्रयाग से केदारनाथ तक हाईवे और पैदल मार्ग भूस्खलन की दृष्टि से अति संवेदनशील है और जानमाल की क्षति का खतरा बना है। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर बीते 21 जुलाई को तड़के चार बजे चीरबासा में भारी भूस्खलन की चपेट में आने से तीन यात्रियों की मौत हो गई थी।</p>
<p>इस दौरान पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर और टनों मलबा गिरा था, जिससे पांच यात्री घायल भी हो गए थे। इसके बाद बीते 31 जुलाई की देर शाम को भीमबली से लिनचोली के बीच अतिवृष्टि से हजारों यात्री फंस गए थे। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड सहित स्थानीय लोगों के द्वारा 13 हजार से अधिक लोगों का रेस्क्यू किया गया।<br />फिलहाल सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच दोतरफा आवाजाही पर रोक लगाने के निर्देश दिए। कहा कि, बारिश होने की स्थिति में यात्रियों की आवाजाही को रोकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>चमोली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Sep 2024 12:04:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रुद्रप्रयाग:  MI-17 हेलिकॉप्टर से लिफ्ट कर ले जाया जा रहा हेलिकॉप्टर नदी में गिरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रुद्रप्रयाग, अमृत विचार। </strong>केदारनाथ में एक हेलिकॉप्टर नदी में जा गिरा। दरअसल, कुछ दिन पहले हेलिकॉप्टर खराब हो गया था, जिसकी रिपेयरिंग होनी थी। MI-17 हेलिकॉप्टर से इस हेलिकॉप्टर को लिफ्ट किया जा रहा था। तभी थारु कैंप के पास वायर टूटने से हेलिकॉप्टर नीचे नदी में गिर गया।</p>
<p>बीती 24 मई को लैंडिंग के दौरान तकनीकी खराबी आने से जिस हेलिकॉप्टर की आपात लैंडिंग करानी पड़ी थी वो आज शनिवार सुबह क्रैश हो गया। हेली को ठीक करने के लिए वायु सेना के एमआई 17 हेलिकॉप्टर की मदद से हैंग करके गौचर हवाई पट्टी पहुंचाया जा रहा था। इस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/489299/rudraprayag-helicopter-being-lifted-by-mi-17-helicopter-fell-into-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/image_search_1725082659185_copy_1200x675.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रुद्रप्रयाग, अमृत विचार। </strong>केदारनाथ में एक हेलिकॉप्टर नदी में जा गिरा। दरअसल, कुछ दिन पहले हेलिकॉप्टर खराब हो गया था, जिसकी रिपेयरिंग होनी थी। MI-17 हेलिकॉप्टर से इस हेलिकॉप्टर को लिफ्ट किया जा रहा था। तभी थारु कैंप के पास वायर टूटने से हेलिकॉप्टर नीचे नदी में गिर गया।</p>
<p>बीती 24 मई को लैंडिंग के दौरान तकनीकी खराबी आने से जिस हेलिकॉप्टर की आपात लैंडिंग करानी पड़ी थी वो आज शनिवार सुबह क्रैश हो गया। हेली को ठीक करने के लिए वायु सेना के एमआई 17 हेलिकॉप्टर की मदद से हैंग करके गौचर हवाई पट्टी पहुंचाया जा रहा था। इस दौरान एमआई 17 डिसबैलेंस होने लगा। खतरे को भांपते हुए पायलट ने खाली स्थान देखते हुए हेली को घाटी में ड्रॉप कर दिया। तेज हवा के कारण हेलिकॉप्टर पेंडुलम की तरह हिलने लगा, एयरफोर्स का कहना है कि पायलट को आभास हो गया था कि हेलीकॉप्टर गिर सकता है, और एमआई 17 को नुकसान हो सकता है, इसलिए पायलट ने उसे सुरक्षित स्थान पर ड्रॉप कर दिया</p>
<p>जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि 24 मई 2024 को क्रिस्टल एविएशन कंपनी में तकनीकी खराबी आने के कारण पायलट की सूझबूझ से हेली को केदारनाथ हेलीपैड से कुछ दूरी पहले ही आपात स्थिति में लैंडिंग कराई गई थी। पायलट की सूझबूझ से हेली में सवार सभी यात्रियों की सुरक्षित लैंडिंग हुई थी।</p>
<p>पर्यटन अधिकारी ने बताया कि शनिवार को हेली को ठीक करवाने के लिए गौचर हवाई पट्टी ले जाने की योजना थी, जिसके अनुसार सुबह सात बजे करीब वायु सेना के एमआई 17 हेलिकॉप्टर से क्रिस्टल एविएशन के हेली को हैंग कर गौचर पहुंचाया जाना था। थोड़ा दूरी पर आते ही हेली के भार एवं हवा के प्रभाव से एमआई 17 का बैलेंस बिगड़ने लगा, जिसके चलते थारू कैंप के नजदीक पहुंचने पर एमआई 17 से हेलिकॉप्टर को ड्रॉप करना पड़ा। हेली में कोई यात्री या समान नहीं था। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम स्थिति का मुआयना कर रही है। उन्होंने सभी लोगों से अपील की है कि हेली क्रैश में किसी के हताहत होने संबंधित अफवाह न फैलाई जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>चमोली</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Aug 2024 14:44:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रुद्रप्रयाग: 2013 में केदारनाथ आपदा के बाद Doppler Radar लगाए जाने की घोषणा...घोषणा ही रह गई...</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रुद्रप्रयाग, अमृत विचार।</strong> जून 2013 की आपदा के बाद क्षेत्र में मौसम के सटीक पूर्वानुमान के लिए डॉप्लर रडार लगाए जाने के लिए शासन ने घोषणा तो की थी जो घोषणा तक ही रह गया और मामला निविदा से आगे नहीं बढ़ सका। सरकार ने इस भीषण आपदा से भी कोई सबक नहीं लिया और हालात सामान्य होते ही मामला ठंड़े बस्ते में चला गया।</p>
<p>अगर इस वक्त धाम में अर्ली वार्निंग सिस्टम होता तो बीते दिनों आई आपदा से पूर्व ही सुरक्षा उपाय किए जा सकते थे, इससे हजारों लोगों की जान खतरे में नहीं पड़ती। समुद्रतल से 11750</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/484952/after-the-kedarnath-disaster-in-rudraprayag-2013-the-announcement-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/capture23.png" alt=""></a><br /><p><strong>रुद्रप्रयाग, अमृत विचार।</strong> जून 2013 की आपदा के बाद क्षेत्र में मौसम के सटीक पूर्वानुमान के लिए डॉप्लर रडार लगाए जाने के लिए शासन ने घोषणा तो की थी जो घोषणा तक ही रह गया और मामला निविदा से आगे नहीं बढ़ सका। सरकार ने इस भीषण आपदा से भी कोई सबक नहीं लिया और हालात सामान्य होते ही मामला ठंड़े बस्ते में चला गया।</p>
<p>अगर इस वक्त धाम में अर्ली वार्निंग सिस्टम होता तो बीते दिनों आई आपदा से पूर्व ही सुरक्षा उपाय किए जा सकते थे, इससे हजारों लोगों की जान खतरे में नहीं पड़ती। समुद्रतल से 11750 फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ तीन तरफ से पहाड़ियों से घिरा संकरा घाटी क्षेत्र है। मेरु-सुमेरु पर्वत की तलहटी पर स्थित केदारनाथ मंदिर के दोनों तरफ मंदाकिनी व सरस्वती नदी बहती हैं। बीच में एक टापू है जो हिमस्खलन जोन है। केदारनाथ से चार किमी पीछे चोराबाड़ी व कंपेनियन ग्लेशियर हैं, जिस कारण यहां पल-पल में मौमस बदलता रहता है। </p>
<p>यहां कब मूसलाधार बारिश आ जाए, कुछ कहना मुश्किल है। जून 2013 की आपदा का कारण भी मूसलाधार बारिश ही थी। जिससे चोराबाड़ी ताल तक बादल फट गया था और मंदाकिनी नदी में सामान्य दिनों की अपेक्षा हजारों क्यूसेक पानी बढ़ गया था, जो तबाही का कारण बना। </p>
<p>आपदा के बाद, शासन स्तर पर केदारनाथ में डॉप्लर रडार लगाने की बात कही गई थी। जिससे मौसम का सटीक पूर्वानुमान मिल सके और इस तरह की मुश्किलों से निपटने के लिए पहले से इंतजाम किए जा सकें। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने डॉप्लर रडार लगाने के लिए ग्लोबल स्तर पर निविदा प्रक्रिया की बात भी कही थी, लेकिन एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी केदारनाथ क्षेत्र में अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित नहीं हो सका।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि केदारनाथ में डॉप्लर रडार स्थापित होता तो बीते 31 जुलाई को पैदल मार्ग पर बादल फटने के बाद उपजे हालात से निपटने के लिए शासन, प्रशासन को इतनी कड़ी मशक्कत नहीं करनी पड़ती। क्योंकि डॉप्लर रडार से कम से कम तीन दिन के मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी मिल जाती, इससे लोगों को पहले ही निचले इलाकों में भेजने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता। लेकिन फिलहाल स्थिति यह है कि केदारनाथ में बारिश, बर्फबारी, तापमान तक की सही जानकारी के लिए उपकरण नहीं लगे हैं।</p>
<p>वाडिया संस्थान देहरादून ने रामबाड़ा और चोराबाड़ी में ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन टॉवर (एडब्ल्यूएस) स्थापित किए गए थे। इन टॉवर की मदद से क्षेत्र में होने वाली बारिश, बर्फबारी, मंदाकिनी नदी के जल प्रवाह, ग्लेशियर के पिघलने की गति, ग्लेशियर से पानी का स्राव के बारे में जानकारी मिलती थी।</p>
<p>इन आंकड़ों के आधार पर वाडिया द्वारा इस क्षेत्र के मौसम में होने वाले परिवर्तन का अध्ययन भी किया जाता रहा था। जून 2013 की आपदा में रामबाड़ा में लगा एडब्लूएस ध्वस्त हो गया था। वहीं, चोराबाड़ी ताल के समीप लगा एडब्ल्यूएस वर्षों तक खराब ही पड़ा रहा, बाद में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। बहरहाल प्रदेश सरकार को तुरंत इस ओर कदम उठाना चाहिए ताकि भविष्य में और जोखिम न उठाना पड़े।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>पौड़ी गढ़वाल</category>
                                            <category>टिहरी गढ़वाल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Aug 2024 13:26:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुद्रप्रयाग: केदारनाथ पैदल मार्ग में रोज नई मुश्किलें...अब अस्थाई पुल बहा, पैदल मार्ग से ही किया जा रहा रेस्क्यू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रुद्रप्रयाग, अमृत विचार। केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग में फंसे तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए सोनप्रयाग में मंदाकिनी नदी पर जो पैदल पुल तैयार किया गया था वह भारी बारिश की भेंट चढ़ गया। बारिश की वजह से मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। </p>
<p>जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नन्दन रजवार का कहना है कि आज 210 लोगों का पैदल मार्ग रेस्क्यू किया जा रहा है। लेकिन पुल बहने से अब समस्या खड़ी हो गई है। एक तरफ मौसम खराब होने की वजह से कम विजिबिलिटी चलते हेली सेवाओं से अब तक रेस्क्यू शुरू नहीं किया जा सका है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/484728/new-difficulties-every-day-in-rudraprayag-kedarnath-walking-route-now"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/kd-380x214.jpg" alt=""></a><br /><p>रुद्रप्रयाग, अमृत विचार। केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग में फंसे तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए सोनप्रयाग में मंदाकिनी नदी पर जो पैदल पुल तैयार किया गया था वह भारी बारिश की भेंट चढ़ गया। बारिश की वजह से मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। </p>
<p>जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नन्दन रजवार का कहना है कि आज 210 लोगों का पैदल मार्ग रेस्क्यू किया जा रहा है। लेकिन पुल बहने से अब समस्या खड़ी हो गई है। एक तरफ मौसम खराब होने की वजह से कम विजिबिलिटी चलते हेली सेवाओं से अब तक रेस्क्यू शुरू नहीं किया जा सका है। वहीं, विपरीत परिस्थितियों के बीच पैदल मार्ग से रेस्क्यू अभियान जारी है। </p>
<p>आज केदारनाथ से 231 लोगों को सकुशल सोनप्रयाग पहुंचा दिया है जबकि 516 लोग जंगलचट्टी पहुंच गए हैं। केदारनाथ धाम में अब भी डेढ़ हजार से अधिक लोग मौजूद हैं, जिसमें कुछ यात्री शामिल हैं। वहीं, अब तक 12 हजार यात्रियों को निकाला गया है। पहले चरण में 231 लोगों को केदारनाथ से छानी कैंप पहुंचने के बाद रेस्क्यू दल के जवानों ने भूस्खलन प्रभावित लिंचोली से गौरीकुंड पहुंचाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>चमोली</category>
                                            <category>पौड़ी गढ़वाल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/484728/new-difficulties-every-day-in-rudraprayag-kedarnath-walking-route-now</link>
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                <pubDate>Wed, 07 Aug 2024 11:21:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुद्रप्रयाग: केदारघाटी में रेस्क्यू का छठा दिन,  मौसम बन रहा बाधक</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रुद्रप्रयाग, अमृत विचार।</strong> केदारनाथ पैदल मार्ग में आई आपदा का आज छठा दिन है, मौसम खराब होने के चलते रेस्क्यू में बाधा आ रही है। विजिबिलिटी कम होने के चलते  हेली सेवाओं से अब तक रेस्क्यू शुरू नहीं किया जा सका है। फिलहाल करीब 150 स्थानीय लोगों को केदारनाथ से भीमबली के लिए एनडीआरएफ एव एसडीआरएफ की देखरेख में रवाना किया गया है।</p>
<p>जंगलचट्टी से भी 161 लोगों को एनडीआरएफ चीरबासा लेकर पहुंच चुकी है। वहीं सोनप्रयाग में मंदाकिनी नदी पर सेना द्वारा बनाए गए पैदल पुल का निर्माण पूरा होने से भी रेस्क्यू एव राहत कार्यों में बड़ी राहत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/484575/sixth-day-of-rescue-in-rudraprayag-kedar-valley-weather-is"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/capture14.png" alt=""></a><br /><p><strong>रुद्रप्रयाग, अमृत विचार।</strong> केदारनाथ पैदल मार्ग में आई आपदा का आज छठा दिन है, मौसम खराब होने के चलते रेस्क्यू में बाधा आ रही है। विजिबिलिटी कम होने के चलते  हेली सेवाओं से अब तक रेस्क्यू शुरू नहीं किया जा सका है। फिलहाल करीब 150 स्थानीय लोगों को केदारनाथ से भीमबली के लिए एनडीआरएफ एव एसडीआरएफ की देखरेख में रवाना किया गया है।</p>
<p>जंगलचट्टी से भी 161 लोगों को एनडीआरएफ चीरबासा लेकर पहुंच चुकी है। वहीं सोनप्रयाग में मंदाकिनी नदी पर सेना द्वारा बनाए गए पैदल पुल का निर्माण पूरा होने से भी रेस्क्यू एव राहत कार्यों में बड़ी राहत मिली है। विभिन्न स्थानों पर पीडब्लूडी की टीम की निगरानी में पैदल यात्रा मार्गों का निर्माण शुरू हो गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>चमोली</category>
                                            <category>पौड़ी गढ़वाल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Aug 2024 14:11:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुद्रप्रयाग: केदारनाथ में मौसम साफ होते ही रेस्क्यू ऑपरेशन फिर हुआ शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रुद्रप्रयाग, अमृत विचार।</strong> केदारनाथ पैदल मार्ग में फंसे लोगों को मौसम साफ होते ही एक बार फिर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी कर दिया गया है। एमआई 17 और चिनूक से एयर लिफ्ट रेस्क्यू शुरू हो गया है। चारधाम हेलीपैड पर यात्रियों को उतारा जा रहा है जबकि चिनूक गौचर हवाई पट्टी पर यात्रियों को उतारेगा। सुबह नौ बजे तक 133 लोगों को केदारनाथ से एमआई एवं चिनूक एव छोटे हेलिकॉप्टर की मदद से सुरक्षित एयर लिफ्ट कर रेस्क्यू किए जा चुके हैं।</p>
<p>31 जुलाई को हुई अतिवृष्टि से केदारनाथ मार्ग को भारी नुकसान पहुंचा है। गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक 16</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/484321/rescue-operation-started-again-as-soon-as-the-weather-cleared"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/capture10.png" alt=""></a><br /><p><strong>रुद्रप्रयाग, अमृत विचार।</strong> केदारनाथ पैदल मार्ग में फंसे लोगों को मौसम साफ होते ही एक बार फिर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी कर दिया गया है। एमआई 17 और चिनूक से एयर लिफ्ट रेस्क्यू शुरू हो गया है। चारधाम हेलीपैड पर यात्रियों को उतारा जा रहा है जबकि चिनूक गौचर हवाई पट्टी पर यात्रियों को उतारेगा। सुबह नौ बजे तक 133 लोगों को केदारनाथ से एमआई एवं चिनूक एव छोटे हेलिकॉप्टर की मदद से सुरक्षित एयर लिफ्ट कर रेस्क्यू किए जा चुके हैं।</p>
<p>31 जुलाई को हुई अतिवृष्टि से केदारनाथ मार्ग को भारी नुकसान पहुंचा है। गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक 16 किमी का मार्ग है, इसमें 10 जगह मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। लोक निर्माण विभाग की टीम मार्ग को खोलने में जुटी है। लोनिवि की रिपोर्ट के अनुसार जो स्थितियां हैं उनमें मार्ग को पूर्व की दशा में लाने में करीब एक महीने का समय लग सकता है। वहीं, सेना ने मोर्चा संभालते हुए मंदाकिनी नदी पर अस्थायी ट्राली स्थापित कर दी है। साथ ही वैकल्पिक पुल का निर्माण भी शुरू कर दिया है। गौरीकुंड में घोड़ा पड़ाव के पास लगभग 15 मीटर लंबाई में रास्ता पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। यहां पर लोनिवि श्रमिक वैकल्पिक मार्ग स्थापित करने में जुटे हैं।</p>
<p>गौरीकुंड से छोड़ी तक मार्ग पर बोल्डर आने से कुछ जगह आंशिक और कुछ जगह काफी नुकसान हुआ है। छोड़ी से चीरबासा में मलबा आया है, चीरबासा के पास सड़क नष्ट हो गई है। भैरव मंदिर के पास छह मीटर मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। जंगल चट्टी में दो स्थान पर मार्ग पूरी तरह नष्ट हो गया है, यहां भी लोनिवि की टीम मार्ग को ठीक कर रही है। महादेव फॉल से भीमबली तक कुछ स्थान पर बोल्डर आने से आंशिक रूप से बाधित हुआ है।</p>
<p>भीमबली से रामबाड़ा तक मार्ग चार स्थान, रामबाड़ा से लिनचोली तक पांच स्थानों पर मार्ग पूरी तरह टूट गया है, दोनों जगह लोनिवि की टीम वैकल्पिक मार्ग बनाने में जुटी है। टीएफ प्वाइंट में भी मार्ग पूरी तरह टूट गया है। यहां पर 25 श्रमिक वैकल्पिक मार्ग बनाने में जुटे हैं। कुबेर ग्लेशियर में भी मार्ग लगभग पूरी तरह टूट गया है। यहां भी वैकल्पिक मार्ग बनाने को लेकर कार्य हो रहा है।</p>
<p>गौरीकुंड से सोनप्रयाग मार्ग को भी नुकसान पहुंचा है। इस मार्ग को ठीक करने की कोशिश में एनएच जुटा है। दूसरी तरफ मशीन पहुंचाने के लिए वैकल्पिक मार्ग समेत अन्य विकल्पों को भी देखा जा रहा है। लोनिवि ने जो रिपोर्ट भेजी है, उसमें कहा गया है कि मार्ग को खोलने के लिए कई जगह कटिंग का काम हो गया है। पर जो फिलहाल स्थितियां हैं, उसमें एक अनुमान के हिसाब से पूर्व की दशा में मार्ग को लाने में एक महीने तक का समय लग सकता है।</p>
<p>केदारघाटी में व्यवस्थाएं सुधारने को सेना के जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया है। रविवार को 6-ग्रेनिडियर यूनिट के सीओ कर्नल हितेश वशिष्ठ के नेतृत्व में सेना की एक टुकड़ी सोनप्रयाग पहुंच चुकी है। जिसने मंदाकिनी नदी पर अस्थायी ट्राली स्थापित करने के साथ ही वैकल्पिक पुल का निर्माण शुरू कर दिया है। चार दिन में अब तक कुल 10374 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>पौड़ी गढ़वाल</category>
                                            <category>टिहरी गढ़वाल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Aug 2024 11:50:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुद्रप्रयाग: केदारनाथ में राहत एवं बचाव कार्य जारी, 1500 से अधिक लोग अभी भी फंसे</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रुद्रप्रयाग, अमृत विचार।</strong> केदारनाथ पैदल मार्ग पर बादल फटने के बाद से रेस्क्यू जारी है। करीब 150 लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। अब तक 6,980 लोगों का रेस्क्यू हो चुका है। शुक्रवार को 2980 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। 599 को हेलिकॉप्टर से लाया गया है। जबकि 1500 से अधिक लोग अभी भी फंसे होने की सूचना है। अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग पर विभिन्न पड़ावों पर फंसे हुए लोगों का रेस्क्यू जारी है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि रेस्क्यू टीम द्वारा थारू कैंप के पास बड़े पत्थरो में दबे शव</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/483993/relief-and-rescue-work-continues-in-rudraprayag-kedarnath-more-than"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/kedarnath-rescue.webp" alt=""></a><br /><p><strong>रुद्रप्रयाग, अमृत विचार।</strong> केदारनाथ पैदल मार्ग पर बादल फटने के बाद से रेस्क्यू जारी है। करीब 150 लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। अब तक 6,980 लोगों का रेस्क्यू हो चुका है। शुक्रवार को 2980 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। 599 को हेलिकॉप्टर से लाया गया है। जबकि 1500 से अधिक लोग अभी भी फंसे होने की सूचना है। अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग पर विभिन्न पड़ावों पर फंसे हुए लोगों का रेस्क्यू जारी है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि रेस्क्यू टीम द्वारा थारू कैंप के पास बड़े पत्थरो में दबे शव को निकला गया। जिसके पास से दो मोबाइल व अन्य सामग्री प्राप्त हुई है।</p>
<p>शव की पहचान शुभम कश्यप निवासी सहारनपुर के रूप में हुई है। शव व प्राप्त सामग्री को चौकी लिनचोली के सुपुर्द किया गया। तत्पश्चात टीम द्वारा लापता लोगों की तलाश के लिए थारू कैंप, छोटी लिनचोली में सर्चिंग की गई। सर्चिंग के दौरान थारू कैंप में एक मोबाइल प्राप्त हुआ, जिसे चौकी लिनचोली के सुपुर्द कर दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>चमोली</category>
                                            <category>पौड़ी गढ़वाल</category>
                                            <category>टिहरी गढ़वाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 03 Aug 2024 16:39:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुद्रप्रयाग: केदारनाथ में राहत एवं बचाव कार्य में आई तेजी, इन नंबरों पर कॉल कर ले सकते हैं अपनों की जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रुद्रप्रयाग, अमृत विचार।</strong> केदारनाथ धाम में आई आपदा के बाद बचाव एवं राहत कार्य में तेजी आई है हलांकि बार-बार मौसम खराब होने से थोड़ी बाधा उत्पन्न हो रही है मगर हालातों पर काफी हद तक काबू कर लिया गया है।</p>
<p>वहीं अपनों की तलाश में लोग पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां का हाल भयभीत करने वाला है। कई यात्री घायल हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है। रेस्क्यू का आज दूसरा दिन है और आज दूसरे दिन अभी तक 480 को लोगों का हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया है, जबकि 1500 यात्रियों का पैदल मार्ग से सुरक्षित लाया गया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/483804/relief-and-rescue-work-has-increased-in-rudraprayag-kedarnath-you"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/capture5.png" alt=""></a><br /><p><strong>रुद्रप्रयाग, अमृत विचार।</strong> केदारनाथ धाम में आई आपदा के बाद बचाव एवं राहत कार्य में तेजी आई है हलांकि बार-बार मौसम खराब होने से थोड़ी बाधा उत्पन्न हो रही है मगर हालातों पर काफी हद तक काबू कर लिया गया है।</p>
<p>वहीं अपनों की तलाश में लोग पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां का हाल भयभीत करने वाला है। कई यात्री घायल हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है। रेस्क्यू का आज दूसरा दिन है और आज दूसरे दिन अभी तक 480 को लोगों का हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया है, जबकि 1500 यात्रियों का पैदल मार्ग से सुरक्षित लाया गया है। केदारनाथ में बादल फटने की खबर से परिजनों में एक अजीब से डर छाया है, लोग अपनों की सुरक्षा की दुआएं कर रहे हैं।</p>
<p>परिजनों की सुविधा के लिए पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। रुद्रप्रयाग पुलिस के कंट्रोल रूम के नम्बर <span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>7579257572 </strong></span>व पुलिस कार्यालय में व्यवस्थित लैंडलाइन नम्बर<span style="color:rgb(248,6,6);"><strong> 01364-233387 </strong></span>को हेल्पलाइन नम्बर के तौर पर शुरू किया गया है। इन नम्बरों के व्यस्त रहने पर आपातकालीन नम्बर 112 पर कॉल करके आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।</p>
<p>सीएम धामी ने प्रदेश के आपदाग्रस्त क्षेत्रों में भारतीय वायु सेना द्वारा एचएडीआर ( ह्यूमैनिटेरियन असिस्टेंट एंड डिजास्टर रिलीफ) ऑपरेशन शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आभार जताया। भारतीय वायु सेना द्वारा<strong> चिनूक और Mi-17 V5</strong> हेलिकॉप्टर को गौचर में तैनात किया गया है। आपदाग्रस्त क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी आई है। सीएम ने कहा कि जवानों द्वारा युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अभी तक 5000 से अधिक लोगों को सकुशल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा चुका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>चमोली</category>
                                            <category>पौड़ी गढ़वाल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/483804/relief-and-rescue-work-has-increased-in-rudraprayag-kedarnath-you</link>
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                <pubDate>Fri, 02 Aug 2024 14:57:10 +0530</pubDate>
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