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                <title>Principal Secretary - Amrit Vichar</title>
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                <description>Principal Secretary RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>शाकुम्भरी देवी कॉरिडोर का प्रमुख सचिव ने किया निरीक्षण, मानक के अनुरूप कार्य न करने पर जताई नाराजगी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित मां शाकुम्भरी देवी सिद्धपीठ मंदिर में निर्माणाधीन पर्यटन कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत बाउंड्री वॉल का कार्य मानक के अनुरूप न पाए जाने पर प्रदेश के प्रमुख सचिव ने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को इसे एक माह के भीतर ठीक कराने के निर्देश दिए। </p>
<p style="text-align:justify;">नोडल अधिकारी एवं प्रमुख सचिव, कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग उत्तर प्रदेश शासन तथा जनपद के नोडल अधिकारी रविंद्र ने सोमवार को मां शाकुम्भरी देवी सिद्धपीठ मंदिर में निर्माणाधीन पर्यटन विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। </p>
<p style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580163/principal-secretary-inspects-shakumbhari-devi-corridor--expresses-displeasure-over-failure-to-adhere-to-standards"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/cats273.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित मां शाकुम्भरी देवी सिद्धपीठ मंदिर में निर्माणाधीन पर्यटन कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत बाउंड्री वॉल का कार्य मानक के अनुरूप न पाए जाने पर प्रदेश के प्रमुख सचिव ने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को इसे एक माह के भीतर ठीक कराने के निर्देश दिए। </p>
<p style="text-align:justify;">नोडल अधिकारी एवं प्रमुख सचिव, कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग उत्तर प्रदेश शासन तथा जनपद के नोडल अधिकारी रविंद्र ने सोमवार को मां शाकुम्भरी देवी सिद्धपीठ मंदिर में निर्माणाधीन पर्यटन विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। </p>
<p style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान उन्होंने पर्यटन कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सोविनियर शॉप, टॉयलेट ब्लॉक, टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर और मल्टीलेवल पार्किंग की भौतिक प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बाउंड्री वॉल निर्माण में पीसीसी कार्य को पार्टवाइज किए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और इसे मानक के अनुरूप पुनः एक माह के भीतर ठीक कराने को कहा।</p>
<p style="text-align:justify;">निरीक्षण में टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर का कार्य स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप पाया गया। सरिया और ईंटों की गुणवत्ता भी संतोषजनक मिली। मल्टीलेवल कार पार्किंग का निर्माण कार्य भी संतोषजनक पाया गया। नोडल अधिकारी ने कहा कि मां शाकुम्भरी देवी सिद्धपीठ मंदिर में निर्माणाधीन पर्यटन विकास परियोजनाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इन्हें समयबद्धता तथा गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परियोजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान, मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मेरठ</category>
                                            <category>सहारनपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 21:53:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ :कर्मचारियों की पीड़ा नहीं सुन रहा विभाग, मंत्री से फिर लगाई गुहार</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong> उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ ने एक बार फिर नगर विकास मंत्री और प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है। यह पत्र निकाय कर्मचारियों की समस्याओं की जानकारी देने के लिए लिखा गया है। साथ ही इस पत्र के जरिये यह भी बताया गया है कि अभी तक कर्मचारियों की मांग नहीं पूरी हो पाई है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, कर्मचारियों की मांगों को लेकर लंबे समय से महासंघ संघर्ष कर रहा है, आन्दोलन, ज्ञापन और पत्राचार के जरिये कर्मचारियों की समस्या उठा चुका है, लेकिन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की तरफ से कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563200/span-classt-redlucknow-spandepartment-is-not-listening-to-the-plight-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-05/कर्मचारी-संगठन.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong> उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ ने एक बार फिर नगर विकास मंत्री और प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है। यह पत्र निकाय कर्मचारियों की समस्याओं की जानकारी देने के लिए लिखा गया है। साथ ही इस पत्र के जरिये यह भी बताया गया है कि अभी तक कर्मचारियों की मांग नहीं पूरी हो पाई है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, कर्मचारियों की मांगों को लेकर लंबे समय से महासंघ संघर्ष कर रहा है, आन्दोलन, ज्ञापन और पत्राचार के जरिये कर्मचारियों की समस्या उठा चुका है, लेकिन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की तरफ से कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया गया। अक्टूबर माह में भी महासंघ ने धरना दिया था, क्रमिक अनशन भी किया, उसके बाद सचिव नगर विकास की तरफ से आश्वासन मिला कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जायेगा, लेकिन 10 सूत्रीय मांग पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शशि कुमार मिश्र ने कहा कि समय रहते यदि उचित कदम नहीं उठाया गया, तो 15 जनवरी को बाद कभी भी आंदोलन शुरू हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">शशि कुमार मिश्र ने बताया कि निकाय कर्मचारियो की सेवा सम्बन्धी व अन्य मांगो का समाधान एक लम्बे समय से नगर विकास व निदेशालय स्तर पर लम्बित होने के कारण कर्मचारियो को समय से उनके लाभ नही प्राप्त हो रहा है, जिसके कारण ऐसे कर्मचारियो को जहां आर्थिक क्षति हो रही । वहीं उनकी सेवाऔ पर बहुत बुरा असर हो रहा, यह कर्मचारी 15-20 वर्षों की लम्बी सेवाएं पूर्ण करने के बाद लगातार बिना किसी लाभ के सेवानिवृत हो रहे,जिनकी पीड़ा वर्तमान सरकार में कोई नही देख रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">महासंघ लगातार लगभग 7-8 वर्षो से संघर्ष करता आ रहा, प्रदेश सरकार के वह आदेश जिनका लाभ प्रदेश के सभी विभागो में लगभग मिल चुका,परन्तु खेद है कि वर्ष 2001 तक के कार्यरत पूरे प्रदेश में मात्र 315 कर्मचारियो का विनियमतीकरण करने सम्बधी जारी आदेश वर्ष फरवरी 2016 का अनुपालन नगर विकास विभाग द्वारा नहीं किया जा सका, वही वर्ष सितम्बर 2021 में जारी दुसरा आदेश  जिनमें कार्यरत तदर्थ/धारा 108 के कर्मचारियो का विनियमितीकरण करने सम्बन्धी आदेश का भी अनुपालन नहीं हो सका।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.amritvichar.com/article/563195/election-commission-s-big-decision--sir-deadline-extended-in-5-states-including-up--know-when-the-forms-can-be-filled#gsc.tab=0">चुनाव आयोग का बड़ा फैसला : यूपी समेत 6 राज्यों में बढ़ाई SIR की समय सीमा, अब इस दिन तक भरे जाएंगे फॉर्म</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/563200/span-classt-redlucknow-spandepartment-is-not-listening-to-the-plight-of</link>
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                <pubDate>Thu, 11 Dec 2025 17:55:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>काश्तकारों के नाम कैसे दर्ज है सरकारी जमीन! हाईकोर्ट ने बिठाई जांच-प्रमुख सचिव से मांगी रिपोर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> जमीनों के मुकदमें लड़ते-लड़ते काश्तकारों की एड़ियां ऐसे ही नहीं घिस जातीं! राजस्व विभाग की कारस्तानी और सही सलाह के साथ ठोस पैरवी का अभाव, उन्हें ताउम्र इस जंजाल में फंसाए रखता है। बहराइच का एक ऐसा ही मामला हाईकोर्ट पहुंचा। जो केस सीलिंग से जुड़ा है। करीब 40 बीघा सरकारी जमीन काश्तकारों के नाम दर्ज है।</p>
<p style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए जांच बिठा दी है। कोर्ट ने राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देशित किया कि इस हालात के कौन-कौन जिम्मेदार है? दो महीनों के भीतर इसकी जांच रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी जाए।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/562687/-how-is-government-land-registered-in-the-names-of-cultivators--the-high-court-has-ordered-an-inquiry-and-requested-a-report-from-the-principal-secretary"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/कोर्ट.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> जमीनों के मुकदमें लड़ते-लड़ते काश्तकारों की एड़ियां ऐसे ही नहीं घिस जातीं! राजस्व विभाग की कारस्तानी और सही सलाह के साथ ठोस पैरवी का अभाव, उन्हें ताउम्र इस जंजाल में फंसाए रखता है। बहराइच का एक ऐसा ही मामला हाईकोर्ट पहुंचा। जो केस सीलिंग से जुड़ा है। करीब 40 बीघा सरकारी जमीन काश्तकारों के नाम दर्ज है।</p>
<p style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए जांच बिठा दी है। कोर्ट ने राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देशित किया कि इस हालात के कौन-कौन जिम्मेदार है? दो महीनों के भीतर इसकी जांच रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी जाए। अब केस को थोड़ा डिटेल से समझिए। मामला बहराइच की कैसरगंज तहसील का है।</p>
<p style="text-align:justify;">अल्लापुरवा गांव के विजयभान सिंह ने 1967 में पुरवा हिसामपुर गांव के हीरालाल से 6.25 एकड़ जमीन खरीदी थी। जमीन का गाटा संख्या 295 है। अगले साल 1968 में भूमि का दाखिल खारिज हो गया और विजयभान एवं अन्य इसके मालिक बन गए। 1972 में इस क्षेत्र में सीलिंग एक्ट प्रभावी हुआ। जिन किसानों के पास अधिक जमीनें थीं-वो सीलिंग में निकल गईं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें हीरालाल की 5.53 एकड़ जमीन भी सीलिंग में निकल गई। लेकिन राजस्व विभाग ने हीरालाल की वो जमीन (गाटा संख्या 295) सीलिंग में निकाली, जिसे वह पांच साल पहले विजयभान सिंह एवं अन्य के हाथों बेच चुके थे-उसका बैनामा करा चुके थे। इस तरह वर्ष 1976 में हीरालाल की दर्शाकर, विजयभान सिंह की गाटा संख्या 295 की 5.53 एकड़ भूमि सीलिंग में निकाल दी गई। </p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-12/611.jpg" alt="6" width="1280" height="720"></img>
<strong>एडवोकेट आशीष कुमार सिंह</strong>

<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">मतलब, सीलिंग में जमीन हीरालाल की निकलनी थी। निकाली भी उनके ही नाम से गई, लेकिन उस जमीन को-जिसे वह पहले ही विजयभान सिंह को बेच चुके थे। तकनीकी रूप से जो जमीन हीरालाल की थी ही नहीं-राजस्व विभाग ने उसे हीरालाल के नाम से सीलिंग में निकाल दिया। खरीदी गई जमीन सीलिंग में निकलने की खबर से विजयभान सिंह के पैरों तले की जमीन खिसक गई। वर्ष 1980 में वह राजस्व विभाग पहुंचे। चकबंदी में केस लड़ने लगा। </p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2021 में उनका केस खारिज हो गया। चकबंदी न्यायालय ने कहा कि उन्हें सीलिंग अथॉरिटी के पास जाना चाहिए था। मतलब, विजयभान सिंह को सीलिंग के तहत केस आगे बढ़ाना था, लेकिन वह चकबंदी में पैरवी करते रहे। वर्ष 2021 में चकबंदी से केस खारिज होने के बाद अब विजयभान सिंह राहत मांगने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच पहुंचे और एडवोकेट आशीष सिंह कुमार सिंह के जरिये कोर्ट में याचिका दाखिल की।</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस आलोक माथुर की एकल बेंच ने इस प्रकरण की सुनवाई की। सरकारी वकील, एडवोकेट डॉ. कृष्ण सिंह ने राज्य सरकार का पक्ष रखा। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए इस पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि, राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव दो महीने के भीतर इस मामले की जांच करें। सरकारी जमीन, निजी लोगों के नाम कैसे दर्ज है? इसका जिम्मेदार कौन है? </p>
<p style="text-align:justify;">एडवोकेट आशीष कुमार सिंह के मुताबिक, माननीय कोर्ट ने बहुत महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। सरकार की जमीन अगर किन्हीं व्यक्ति विशेष के नाम पर दर्ज है-तो इससे धोखाधड़ी की आशंका बनी रह सकती है। अपने नाम दर्ज दिखाकर वो व्यक्ति ऐसी सरकारी जमीन की बिक्री कर सकता है, जबकि खरीददार को पता ही नहीं होगा कि उक्त भूमि सीलिंग की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Dec 2025 18:46:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छात्रवृत्ति वितरण तैयारियों की ढिलाई पर प्रमुख सचिव सख्त, कहा-किसी भी पात्र को नहीं रहने दिया जाएगा वंचित</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर,अमृत विचार। </strong>प्रमुख सचिव, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग सुभाष चन्द्र शर्मा ने दशमोत्तर छात्रवृत्ति (कक्षा 11-12 को छोड़कर) से संबंधित शिक्षण संस्थानों के साथ समीक्षा बैठक की जिसमें अधिकारियों द्वारा बताया गया कि कुल 397 शिक्षण संसथानों में केवल 152 संस्थानों का मास्टर डेटा बेस लॉक हुआ है। इसपर प्रमुख सचिव ने नाराजगी जताई और कहा कि छात्रवृत्ति में विलंब स्वीकार नहीं है। </p>
<p style="text-align:justify;">शनिवार को नवीन सभागार में प्रमुख सचिव की बैठक हुई जिसमें जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह और मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन सहित उच्च शिक्षा, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, दिव्यांगजन कल्याण और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधिकारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/558246/the-principal-secretary-is-strict-on-the-laxity-in-scholarship-distribution-preparations--saying-no-eligible-person-will-be-left-out"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/untitled-design-(21).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर,अमृत विचार। </strong>प्रमुख सचिव, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग सुभाष चन्द्र शर्मा ने दशमोत्तर छात्रवृत्ति (कक्षा 11-12 को छोड़कर) से संबंधित शिक्षण संस्थानों के साथ समीक्षा बैठक की जिसमें अधिकारियों द्वारा बताया गया कि कुल 397 शिक्षण संसथानों में केवल 152 संस्थानों का मास्टर डेटा बेस लॉक हुआ है। इसपर प्रमुख सचिव ने नाराजगी जताई और कहा कि छात्रवृत्ति में विलंब स्वीकार नहीं है। </p>
<p style="text-align:justify;">शनिवार को नवीन सभागार में प्रमुख सचिव की बैठक हुई जिसमें जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह और मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन सहित उच्च शिक्षा, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, दिव्यांगजन कल्याण और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में प्रमुख सचिव ने छात्रवृत्ति से संबंधित कार्यों की प्रगति का बिंदुवार मूल्यांकन किया और स्पष्ट कहा कि छात्रवृत्ति वितरण में देरी अस्वीकार्य है, किसी भी पात्र छात्र को इसका लाभ मिलने से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सभी संस्थानों को समय सारिणी के अनुरूप कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए।</p>
<h5 style="text-align:justify;">397 संस्थानों में से केवल 152 ने किया डेटा लॉक</h5>
<p style="text-align:justify;">प्रमुख सचिव को बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में कुल 397 शिक्षण संस्थान हैं जिनमें से अबतक केवल 152 संस्थानों का मास्टर डेटा बेस लॉक हुआ है जबकि 245 संस्थानों का डेटा अभी पेंडिंग है। विश्वविद्यालयों/अफिलिएटिंग एजेंसियों में भी केवल 67 संस्थानों का डेटा लॉक किया गया है। इस पर प्रमुख सचिव ने नाराजगी जताई और निर्देश दिए कि 25 नवम्बर 2025 तक सभी संस्थान डेटा लॉक कर लें तथा 5 दिसम्बर 2025 तक विश्वविद्यालय फीस और सीट लॉक की प्रक्रिया पूरी करें।</p>
<h5 style="text-align:justify;">24 जनवरी और 16 मार्च को छात्रवृत्ति वितरण</h5>
<p style="text-align:justify;">प्रमुख सचिव ने बताया कि दशमोत्तर छात्रवृत्ति का वितरण दो चरणों में किया जाएगा। पहला चरण 24 जनवरी 2026 और दूसरा चरण 16 मार्च 2026 को होगा। इससे छात्रों को समय पर धनराशि प्राप्त होगी और छात्रवृत्ति पोर्टल पर भार भी कम होगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;">20,396 आवेदनों में मात्र 4,530 वेरिफाई</h5>
<p style="text-align:justify;">प्रमुख सचिव को बताया गया कि जिले में सभी वर्गों के कुल 20,396 छात्रों के आवेदन फाइनल सबमिट हो चुके हैं। इनमें से 4,530 आवेदन वेरिफाई और 94 आवेदन अग्रसारित किए गए हैं। प्रमुख सचिव ने संस्थानों को चेतावनी देते हुए कहा कि एक सप्ताह के भीतर सभी आवेदनों को अग्रसारित किया जाए, अन्यथा देरी के लिए संस्थान स्वयं जिम्मेदार होंगे। सारिणी की समीक्षा करते हुए प्रमुख सचिव ने निर्देश दिया कि 2 नवम्बर 2025 तक सभी लंबित आवेदन अग्रसारित किए जाएं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय समय पर परीक्षा परिणाम घोषित करें, ताकि किसी छात्र को परिणाम के अभाव में छात्रवृत्ति से वंचित न रहना पड़े।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><br />ये भी पढ़े :</h5>
<h6 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/558238/katarniaghat-opens-for-tourists-from-today--see-these-wild-animals--get-accommodation-and-other-facilities"><span class="t-red">आज से पर्यटकों के लिए खुल गया कतर्नियाघाट:</span> इन जंगली जानवरों का करें दीदार, ठहरने से लेकर इन सुविधाओं का मिलेगा लाभ </a></h6>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/558246/the-principal-secretary-is-strict-on-the-laxity-in-scholarship-distribution-preparations--saying-no-eligible-person-will-be-left-out</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/558246/the-principal-secretary-is-strict-on-the-laxity-in-scholarship-distribution-preparations--saying-no-eligible-person-will-be-left-out</guid>
                <pubDate>Sat, 01 Nov 2025 18:26:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP : दिवाली बाद शुरू होगी फिल्म 'रिकवरी' की शूटिंग, प्रमुख सचिव से मिले मुकेश जे भारती व मंजू भारती </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> एक साथ पांच फिल्मों के पोस्टर लॉन्च कर चुके अभिनेता मुकेश जे भारती रिकवरी फिल्म से यूपी में शूटिंग का आगाज करने जा रहे हैं। लिहाजा यूपी में शूटिंग शुरू करने से पहले उन्होंने प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह एवं सूचना संजय प्रसाद से लखनऊ में मुलाकात की। उनके साथ विवेक फिल्म प्रोडक्शन हाउस की निर्माता मंजू भारती भी मौजूद रहीं। </p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-09/mukesh2.jpg" alt="MUKESH2" width="1200" height="1080" /></p>
<p>अभिनेता मुकेश जे भारती ने बताया कि लखनऊ में मुलाकात के दौरान प्रमुख सचिव संजय प्रसाद के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने उत्तर प्रदेश में शूटिंग के दौरान हर संभव सहयोग का आश्वशन दिया।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/554258/the-shooting-of-the-film--recovery--will-begin-after-diwali--mukesh-j-bharti-and-manju-bharti-met-the-principal-secretary"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/mukesh.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> एक साथ पांच फिल्मों के पोस्टर लॉन्च कर चुके अभिनेता मुकेश जे भारती रिकवरी फिल्म से यूपी में शूटिंग का आगाज करने जा रहे हैं। लिहाजा यूपी में शूटिंग शुरू करने से पहले उन्होंने प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह एवं सूचना संजय प्रसाद से लखनऊ में मुलाकात की। उनके साथ विवेक फिल्म प्रोडक्शन हाउस की निर्माता मंजू भारती भी मौजूद रहीं। </p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-09/mukesh2.jpg" alt="MUKESH2" width="1920" height="1080"></img></p>
<p>अभिनेता मुकेश जे भारती ने बताया कि लखनऊ में मुलाकात के दौरान प्रमुख सचिव संजय प्रसाद के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने उत्तर प्रदेश में शूटिंग के दौरान हर संभव सहयोग का आश्वशन दिया। रिकवरी फिल्म की पटकथा को समझते हुए कहानी की खूब तारीफ की। साथ ही कहा कि कहानी आम जनता को एक दिशा देगी। फिल्म की शूटिंग उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में की जाएगी। जिसमें लखनऊ और बरेली प्रमुख केंद्र में रहेंगे।</p>
<p>मुकेश जे भारती ने बताया कि उत्तर प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति बढ़ावा देने की फिल्म नीति की हर निर्माता लाभ ले इस पर गहन विमर्श हुआ। प्रमुख सचिव ने मुकेश जे भारती को उनकी आगामी फिल्मों के लिए अग्रिम बधाई दी। निर्माता मंजू भारती ने सहयोग के लिए प्रमुख सचिव संजय प्रसाद का शुक्रिया अदा लिया।</p>
<p>मुकेश जे भारती ने बताया कि फिल्म की शूटिंग वह दिवाली के बाद बरेली में शुरू करेंगे। जिसमें फिल्म रिकवरी के साथ फिल्म केतन और बीना की शूटिंग भी की जाएगी। बरेली में फिल्म की शूटिंग के दौरान सुरक्षा की मांग भी उन्होंने प्रमुख सचिव से की है। जिस पर प्रमुख सचिव की तरफ से आश्वासन मिला।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Sep 2025 16:01:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> लखनऊ : भ्रष्टाचार के आरोप में कानपुर के एसीएमओ समेत तीन डॉक्टर निलंबित, डफरिन अस्पताल की सीएमएस समेत कई पर विभागीय कार्रवाई शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> स्वास्थ्य विभाग में लग रहे आरोपों और शिकायतों के बाद राज्य सरकार द्वारा जबरदस्त कार्रवाई हुई है। भ्रष्टाचार के आरोप में कानपुर नगर के अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एसीएमओ) समेत एटा के दो चिकित्सकों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा राजधानी लखनऊ में वीरांगना अवंती बाई महिला अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षिका डॉ.रेनू पंत को आरोप पत्र देते हुए, कानपुर नगर के चीफ फार्मासिस्ट और बांदा व हमीरपुर के एक-एक डॉक्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गयी है।</p>
<p style="text-align:justify;">उप्र मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर डॉक्टर व अन्य के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी स्वास्थ्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/547418/following-departmental-action-started-on-many-including-cms-of-suspended"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-09/ब्रजेश-पाठक.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> स्वास्थ्य विभाग में लग रहे आरोपों और शिकायतों के बाद राज्य सरकार द्वारा जबरदस्त कार्रवाई हुई है। भ्रष्टाचार के आरोप में कानपुर नगर के अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एसीएमओ) समेत एटा के दो चिकित्सकों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा राजधानी लखनऊ में वीरांगना अवंती बाई महिला अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षिका डॉ.रेनू पंत को आरोप पत्र देते हुए, कानपुर नगर के चीफ फार्मासिस्ट और बांदा व हमीरपुर के एक-एक डॉक्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गयी है।</p>
<p style="text-align:justify;">उप्र मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर डॉक्टर व अन्य के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव ने गुरुवार को शुरू कर दी है। प्रमुख सचिव ने बताया कि कानपुर नगर में एसीएमओ के पद पर रहते हुए डॉ.सुबोध प्रकाश यादव ने अपने पद का दुरूपयोग किया है। नवम्बर 2024 में डॉ. सुबोध ने चीफ फार्मासिस्ट अवनीश कुमार शुक्ला, डॉ. वन्दन सिंह, वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी के साथ मिलकर सप्लायरों से साठगांठ कर वित्तीय अनियमिततायें बरती हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि इस संबंध में जांच के दौरान सीबीआई ने नियम विरूद्ध तरीके से 1.60 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान करने का कुचक्र रचने की पुष्टि की, जिसके बाद मुख्य चिकित्साधिकारी ने जाँच कराई। जाँच में दोषी पाये जाने पर उप मुख्यमंत्री ने डॉ. सुबोध प्रकाश यादव को निलम्बित करने के आदेश दिए। साथ ही विभागीय कार्रवाई की गयी है, आरोपी चीफ फार्मासिस्ट एवं वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी के विरुद्ध भी जल्द ही कार्रवाई की जायेगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>मेडिकल परीक्षण में पास करने के लिए घूसखोरी</strong></p>
<p style="text-align:justify;">प्रमुख सचिव ने बताया कि मथुरा में उप्र पुलिस आरक्षी भर्ती प्रकिया में गठित मेडिकल पैनल के डॉक्टर सदस्यों पर मेडिकल परीक्षण पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से धन वसूली करने के आरोप लगे थे। प्रथम दृष्टया जांच में जिला चिकित्सालय में तैनात आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. हरि नारायण प्रभाकर व जिला चिकित्सालय एटा में तैनात डॉ. राहुल वाष्णेय को निलम्बित करने के साथ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>डफरिन की प्रमुख अधीक्षिका समेत कई के खिलाफ विभागीय कार्रवाई</strong></p>
<p style="text-align:justify;">उपमुख्यमंत्री से जनता दर्शन में लोगों ने वीरागना अवन्ती महिला चिकित्सालय (डफरिन) के खिलाफ शिकायतें की थीं। उप मुख्यमंत्री लखनऊ में मण्डलीय अपर निदेशक, से अस्पताल का अचानक निरीक्षण कर जाँच करायी। शुरुआती जाँच में गम्भीर अनियमितताएं एवं उच्चादेशों की अवहेलना के आरोप सही मिले। जिसके बाद प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रेनू पंत को आरोप पत्र देकर विभागीय कार्रवाई किये जाने के निर्देश प्रमुख सचिव को दिये गये हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि बदायूँ जिला चिकित्सालय में तैनात डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव पर मुख्य चिकित्साधिकारी, बाँदा के पद पर रहते हुए आशा चयन प्रकिया में अनियमितता बरतने के आरोप लगे थे। मामला विधान सभा के पटल पर उठाया गया था। उप मुख्यमंत्री ने मामले की जाँच कराई, दोष सिद्ध होने पर डॉ. श्रीवास्तव को आरोप पत्र देकर विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश प्रमुख सचिव को दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि हमीरपुर जिला चिकित्सालय में नेत्र सर्जन डॉ. अनिल कुमार सिंह को कर्तव्यों एवं दायित्वों के प्रति उदासीनता बरतने के आरोपों का स्पष्टीकरण न देने पर विभागीय कार्रवाई संस्तुति की गयी है। इसके अलावा सीतापुर में फर्श पर प्रसूता व नवजात शिशु के लेटे जाने का वायरल वीडियो को लेकर उप मुख्यमंत्री ने जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि एसीएमओ, कानपुर नगर द्वारा चीफ फार्मासिस्ट एवं वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी के साथ मिलकर आर्थिक लाभ हेतु वित्तीय अनियमितता किए जाने संबंधी प्रकरण में एसीएमओ को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई संस्थित की गई है। तथा चीफ फार्मासिस्ट एवं वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.amritvichar.com/article/547380/cm-yogi-gave-a-subtle-warning-to-mp-ravi-kishan--said--if-the-drain-is-missed-then">CM योगी ने सांसद रवि किशन को इशारों- इशारों में दी चेतावनी, कहा- नाला चोक हुआ तो...</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/547418/following-departmental-action-started-on-many-including-cms-of-suspended</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/547418/following-departmental-action-started-on-many-including-cms-of-suspended</guid>
                <pubDate>Thu, 24 Jul 2025 20:29:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: कृषि विभाग में फिर निकला घोटाले का जिन्न, प्रमुख सचिव ने तलब की रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>कृषि विभाग में हुए घोटाले की फाइल एक बार फिर खुल गई है। शासन तक मामला पहुंचने पर खलबली मची है। प्रमुख सचिव ने उप कृषि निदेशक कार्यालय में तैनात तकनीकी सहायक मयंक यादव के खिलाफ किसानों से जुड़ी योजनाओं में लाखों का अनुदान निजी खाते में ट्रांसफर कराने समेत गई गंभीर अनियमितताओं की जांच के संबंध में डीएम से स्पष्ट आख्या तलब की है।</p>
<p>इसके बाद डीएम ने आनन-फानन में उप कृषि निदेशक अभिनंदन सिंह से प्रकरण से जुड़ी फाइल तलब की है। वहीं, तत्कालीन डीएम रविंद्र सिंह के आदेश के बाद भी मयंक के खिलाफ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/546885/principal-secretary-summoned-the-scam-again-in-the-agriculture-department"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/कृषि-घोटाला.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>कृषि विभाग में हुए घोटाले की फाइल एक बार फिर खुल गई है। शासन तक मामला पहुंचने पर खलबली मची है। प्रमुख सचिव ने उप कृषि निदेशक कार्यालय में तैनात तकनीकी सहायक मयंक यादव के खिलाफ किसानों से जुड़ी योजनाओं में लाखों का अनुदान निजी खाते में ट्रांसफर कराने समेत गई गंभीर अनियमितताओं की जांच के संबंध में डीएम से स्पष्ट आख्या तलब की है।</p>
<p>इसके बाद डीएम ने आनन-फानन में उप कृषि निदेशक अभिनंदन सिंह से प्रकरण से जुड़ी फाइल तलब की है। वहीं, तत्कालीन डीएम रविंद्र सिंह के आदेश के बाद भी मयंक के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रहे जांच अधिकारी भी लपेटे में आ गए हैं।</p>
<p>बता दें, बहेड़ी की पंजाब कॉलोनी निवासी राज कमल ने बीते दिसंबर माह में लखनऊ में मुख्यमंत्री के जनता दर्शन कार्यक्रम में की थी। इसमें उप कृषि निदेशक कार्यालय में तैनात तकनीकी सहायक मयंक पर सरकारी योजनाओं में जमकर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाए थे। कहा गया था कि साल 2011 में मयंक की बीटीएम के पद पर आलमपुर जाफराबाद में तैनाती हुई थी।</p>
<p>अगले ही साल सपा की सरकार बनी तो उसने कृषि विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं पर कब्जा कर लिया। 2017 में गड़बड़ी की शिकायतों पर तत्कालीन मंडलायुक्त ने उसकी सेवाएं समाप्त कीं, लेकिन जोड़तोड़ कर वह बदायूं में उप कृषि निदेशक कार्यालय में लग गया। इसके बाद वर्ष 2023 में उसने फिर सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से बिलवा स्थित उप कृषि निदेशक कार्यालय में एनएफएसएम योजना में तैनाती करा ली। आरोप है कि मयंक ने करीब चार लाख रुपये की सब्सिडी अधिकारियों से साठगांठ कर अपने खाते में डलवाई है। शिकायतकर्ता ने ट्रेजरी से मयंक के खाते में भेजी गई अनुदान की धनराशि के साक्ष्य भी दिए थे, लेकिन यह मामला दबा दिया गया।</p>
<p><strong>प्रभाव ऐसा कि सीडीओ की बनाई कमेटी ने भी खड़े कर दिए थे हाथ</strong><br />जनवरी 2025 में मुख्य सचिव के आदेश पर तत्कालीन डीएम रविंद्र कुमार ने सीडीओ जगप्रवेश को मामले की जांच कराने का निर्देश दिया। डीसी एनआरएलएम और माध्यमिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी को जांच सौंपी गई थी। यह जांच पूरी होती इससे पहले ही राजनीतिक दखल ने मयंक को बचा लिया। इस बीच फिर शिकायतकर्ता ने शासन में शिकायत की। तीन दिन पहले प्रमुख सचिव कृषि ने डीएम को फोन किया और तत्काल मयंक प्रकरण में स्पष्ट आख्या मांगी। इसके बाद आनन-फानन में घोटाले से जुड़ी फाइल को तलाशने में महकमा लग गया।</p>
<p><strong>फाइलों में आग लगवाने वाले बाबू भी रडार पर</strong><br />उप कृषि निदेशक कार्यालय में अराजकता के महौल का अंदाजा तो इससे लगाया जा सकता है कि विभागीय योजनाओं में घोटाला उजागर होने के डर से पिछले साल दो बाबुओं ने उप कृषि निदेशक कार्यालय में रखी अलमारी में ही आग लगा दी थी। इस घटनाक्रम को लेकर कई दिन तक हल्ला मचा रहा। यहां तक कि दोनों बाबुओं का तबादला करने के लिए शासन में लिखा गया, लेकिन वह बच निकले और कार्यालय में ही जमे हुए हैं।</p>
<p>उप कृषि निदेशक अभिनंदन सिंह ने बताया कि मयंक यादव के खिलाफ पहले से ही जांच चल रही है। डीएम ने इस प्रकरण में अब तक क्या कार्रवाई हुई और क्या प्रकरण है, इसकी जानकारी मांगने के साथ प्रकरण से जुड़ी फाइल तलब की थी। जो डीएम कार्यालय भेज दी गई है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/546885/principal-secretary-summoned-the-scam-again-in-the-agriculture-department</link>
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                <pubDate>Mon, 21 Jul 2025 10:13:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अभिनेता मुकेश जे भारती व निर्माता मंजू भारती ने प्रमुख सचिव पर्यटन से की मुलाकात</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> फिल्म अभिनेता मुकेश जे भारती और निर्माता मंजू भारती इन दिनों लखनऊ में हैं। जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन और संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम से मुलाकात की।</p>
<p>अभिनेता मुकेश जे भारती ने बताया कि बैठक के दौरान भारतीय कला, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के महत्व पर प्रमुख सचिव के साथ प्रेरक संवाद हुआ। सिनेमा के जरिए यूपी की सांस्कृतिक धरोहर को लोगों तक पहुंचाने के बारे में चर्चा हुई। वहीं राज्य की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान का परिचय देने वाली कॉफी टेबल बुक 'उत्तर प्रदेश' प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम मुकेश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/546337/actor-mukesh-j-bharti-and-producer-manju-bharti-meet-principal"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/मुकेश-जे-भारती.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> फिल्म अभिनेता मुकेश जे भारती और निर्माता मंजू भारती इन दिनों लखनऊ में हैं। जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन और संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम से मुलाकात की।</p>
<p>अभिनेता मुकेश जे भारती ने बताया कि बैठक के दौरान भारतीय कला, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के महत्व पर प्रमुख सचिव के साथ प्रेरक संवाद हुआ। सिनेमा के जरिए यूपी की सांस्कृतिक धरोहर को लोगों तक पहुंचाने के बारे में चर्चा हुई। वहीं राज्य की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान का परिचय देने वाली कॉफी टेबल बुक 'उत्तर प्रदेश' प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम मुकेश जे भारती व मंजू भारती भेंट की। अभिनेता मुकेश जे भारती ने कहा ही आज की युवा पीड़ी को भारतीय संस्कृति से सहज अवगत करने के लिये सिनेमा एक मजबूत माध्यम है। </p>
<p>निर्माता मंजू भारती ने कहा कि हमारी संस्कृति हमारी सबसे बड़ी ताकत है। मंजू भारती ने प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम को अपनी आने वाली पांच फिल्मों से अवगत कराया जिनकी शूटिंग बहुत जल्द उत्तर प्रदेश में की जानी है। खास बात ये कि मंजू भारती ने बताई की उनकी आगामी फिल्म जो बरेली में शूट होने जा रही है उसका बरेली का झुमका गीत पर्यटन को और बढ़ाने काम करेगा। प्रमुख सचिव ने ने मुकेश जे भारती का व मंजू भारती को लखनऊ आने पर शुभकामनाएं देते हुए बेहत भविष्य के लिए कामना की ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Jul 2025 16:24:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> स्वास्थ्य विभाग में तबादले नहीं, ग्रेड वन के 670 डॉक्टरों को मिला प्रमोशन</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार । </strong>स्वास्थ्य विभाग में अनुरोध पर होने वाले तबादलों की आश लगाए डॉक्टरों की उम्मीदों पर पानी फिर गया, लेकिन वर्षो बाद विभाग में ग्रेड वन के पहली बार प्रोन्नति पाने वाले डॉक्टरों में हर्ष का माहौल है, ग्रेड वन के 670 डॉक्टरों को ग्रेड टू में प्रोन्नति मिल गई। वहीं तमाम डॉक्टरों का वर्षों से प्रोन्नति का इंतजार जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा अनुभाग आठ से प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा के अनुमोदन उपरांत ग्रेड टू में प्रोन्नति पाने वाले डॉक्टरों की तीन सूची जारी हुई हैं। पहली सूची वर्ष 2021-22 में रिक्त पदों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/542424/there-are-no-transfers-in-the-health-department--670-grade-one-doctors-got-promotions"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-10/प्रमोशन-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार । </strong>स्वास्थ्य विभाग में अनुरोध पर होने वाले तबादलों की आश लगाए डॉक्टरों की उम्मीदों पर पानी फिर गया, लेकिन वर्षो बाद विभाग में ग्रेड वन के पहली बार प्रोन्नति पाने वाले डॉक्टरों में हर्ष का माहौल है, ग्रेड वन के 670 डॉक्टरों को ग्रेड टू में प्रोन्नति मिल गई। वहीं तमाम डॉक्टरों का वर्षों से प्रोन्नति का इंतजार जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा अनुभाग आठ से प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा के अनुमोदन उपरांत ग्रेड टू में प्रोन्नति पाने वाले डॉक्टरों की तीन सूची जारी हुई हैं। पहली सूची वर्ष 2021-22 में रिक्त पदों के सापेक्ष जारी हुई। </p>
<p style="text-align:justify;">पहली सूची में 562 डॉक्टरों को शामिल किया गया है, जबकि वर्ष 2022-23 में 43 डॉक्टर शामिल हैं, इनमें नौ डॉक्टर दिव्यांग हैं। प्रोन्नति पाए वर्ष 2023-24 के रिक्त पदों के सापेक्ष 65 डॉक्टरों की तीसरी सूची जारी की गयी है। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग उप्र. के प्रांतीय सचिव डॉ.अमित सिंह का कहना है कि ग्रेड वन में 3620 पद के सापेक्ष करीब 6949 डॉक्टर सेवारत हैं, साल 2012 से प्रोन्नति नहीं मिली है, जिसकी वजह से ग्रेड वन में प्रोन्नति की आस लगाए हजारों डॉक्टर हैं, मात्र 670 डॉक्टरों को प्रोन्नति से विभाग का ढांचा नहीं सुधरेगा, प्रोन्नति सभी को देनी चाहिए ।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/542379/akhilesh-yadav-gave-a-big-message-to-muslims-before-up-elections--made-serious-allegations-against-bjp">अखिलेश यादव ने यूपी चुनाव से पहले मुस्लिमों को दिया बड़ा संदेश, BJP पर लगाया गंभीर आरोप</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/542424/there-are-no-transfers-in-the-health-department--670-grade-one-doctors-got-promotions</link>
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                <pubDate>Mon, 16 Jun 2025 21:57:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मत्स्य पालन इंस्पेक्टर निलंबित, मीटिंग से थे नदारद, प्रमुख सचिव ने की कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव अमित कुमार घोष ने इटावा के मत्स्य इंस्पेक्टर हिमांशु यादव को निलंबित कर दिया है। मत्स्य इंस्पेक्टर पर यह कार्रवाई बैठक में शामिल न होने के कारण की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, कानपुर में मत्स्य और दूध विकास कार्यों की मंगलवार को समीक्षा बैठक सर्किट हाउस में चल रही थी। यह बैठक प्रमुख सचिव पशुपालन की अगुवाई में होनी थी, लेकिन बैठक शुरू होने के बाद इटावा के मत्स्य इंस्पेक्टर हिमांशु यादव नहीं पहुंचे, जिसके कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया है। हिमांशु इटावा में मत्स्य निदेशक कार्यालय में तैनात हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बताया जा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/541727/fisheries-inspector-suspended-meeting-was-missed-by-principal-secretary"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/निलंबित1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव अमित कुमार घोष ने इटावा के मत्स्य इंस्पेक्टर हिमांशु यादव को निलंबित कर दिया है। मत्स्य इंस्पेक्टर पर यह कार्रवाई बैठक में शामिल न होने के कारण की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, कानपुर में मत्स्य और दूध विकास कार्यों की मंगलवार को समीक्षा बैठक सर्किट हाउस में चल रही थी। यह बैठक प्रमुख सचिव पशुपालन की अगुवाई में होनी थी, लेकिन बैठक शुरू होने के बाद इटावा के मत्स्य इंस्पेक्टर हिमांशु यादव नहीं पहुंचे, जिसके कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया है। हिमांशु इटावा में मत्स्य निदेशक कार्यालय में तैनात हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि प्रमुख सचिव पशुपालन की अध्यक्षता में आयोजित मत्स्य और दुग्ध विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में हिमांशु यादव की गैरमौजूदगी को गंभीर अनुशासनहीनता माना गया है, जिसके बाद उनके निलंबन की कार्रवाई हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/541716/raja-raghuvanshi-murder-case--sonam-confessed-the-truth--said--i-got-my-husband-raja-raghuvanshi-killed--meghalaya-police-made-a-big-revelation">Raja Raghuvanshi Murder Case: सोनम ने कबूला सच, कहा- मैंने ही कराया पति राजा रघुवंशी का कत्ल, मेघालय पुलिस का बड़ा खुलासा</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>इटावा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/541727/fisheries-inspector-suspended-meeting-was-missed-by-principal-secretary</link>
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                <pubDate>Wed, 11 Jun 2025 16:11:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निर्माणाधीन पुलिस चौकी पर प्रमुख सचिव से मांगा हलफनामा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज।</strong> इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुंढ़ापांडे थाना क्षेत्र के हाईवे पर निर्माणाधीन पुलिस चौकी के मामले में मुरादाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के अधिवक्ता द्वारा दाखिल अनुपालन हलफनामे से असंतुष्ट होकर प्रमुख सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन से शपथपत्र दाखिल करने को कहा है। </p>
<p>उक्त आदेश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने सिराज मुस्तफा की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। कोर्ट ने इस बात पर आश्चर्य प्रकट किया कि चौकी के निर्माण की जिम्मेदारी कोई भी विपक्षी नहीं ले रहा है, इसलिए सचिव से इस मुद्दे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/536244/allahabad-high-court-sought-affidavit-from-the-principal-secretary-on-the-under-construction-police-post"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/कोर्ट20.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज।</strong> इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुंढ़ापांडे थाना क्षेत्र के हाईवे पर निर्माणाधीन पुलिस चौकी के मामले में मुरादाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के अधिवक्ता द्वारा दाखिल अनुपालन हलफनामे से असंतुष्ट होकर प्रमुख सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन से शपथपत्र दाखिल करने को कहा है। </p>
<p>उक्त आदेश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने सिराज मुस्तफा की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। कोर्ट ने इस बात पर आश्चर्य प्रकट किया कि चौकी के निर्माण की जिम्मेदारी कोई भी विपक्षी नहीं ले रहा है, इसलिए सचिव से इस मुद्दे पर जांच कर हलफनामा अपेक्षित है, जिससे पुलिस चौकी के निर्माण का रहस्य उजागर हो सके। </p>
<p>बता दें कि पिछली सुनवाई में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुरादाबाद द्वारा दी गई जानकारी में कोर्ट को बताया गया कि पुलिस चौकी का निर्माण स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत किया गया है जबकि गुरुवार को सुनवाई के दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी, स्मार्ट सिटी योजना के द्वारा दाखिल शपथ पत्र में उल्लिखित है कि पुलिस चौकी का निर्माण स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत नहीं किया जा रहा है और इसका उनसे कोई सरकार नहीं है। </p>
<p>इसके साथ ही मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने भी पहले ही इस संदर्भ में किसी भी तरह की जानकारी अथवा स्वीकृति से इनकार किया है, इसलिए कोर्ट ने विपक्षी संख्या एक अर्थात प्रमुख सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग से इस संबंध में जांच कर शपथपत्र दाखिल करने को कहा है, जिसमें यह खुलासा किया जाए कि कौन सी एजेंसी सार्वजनिक सड़क पर पुलिस चौकी का निर्माण कर रही है और किस प्राधिकरण के तहत यह निर्माण हो रहा है। </p>
<p>मामले को जुलाई, 2025 के दूसरे सप्ताह में नए सिरे से सूचीबद्ध करने का आदेश दिया गया है, साथ ही मामले में पूर्व पारित अंतरिम आदेश जारी रहेगा। मालूम हो कि याची के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि चूंकि भूमि राजस्व रिकॉर्ड में पीडब्ल्यूडी रोड के रूप में दर्ज है और इसलिए इस पर कोई निर्माण करने की अनुमति नहीं है। इसका उपयोग केवल सड़क के रूप में किया जा सकता है। याची ने यह भी बताया कि निर्माण याची की चहारदीवारी और गेट से मात्र 10 फीट की दूरी पर है, इसलिए निर्माण के कारण उसे अपने प्लॉट पर आने-जाने में भी समस्या हो रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/536244/allahabad-high-court-sought-affidavit-from-the-principal-secretary-on-the-under-construction-police-post</link>
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                <pubDate>Fri, 02 May 2025 16:20:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>RBI के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बने PM मोदी के प्रधान सचिव </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>आरबीआई (RBI) के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास को <strong> </strong>केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। दास सरकार ने  प्रधानमंत्री मोदी का प्रधान सचिव -2  के पद पर नियुक्त किया है। बता दें इससे पहले शक्तिकांत दास आरबीआई गवर्नर के रूप में 6 साल तक अपनी सेवाएं देने के बाद दिसंबर, 2024 में रिटायर हुए थे। </p>
<p>गुजरात कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी पीके मिश्रा इस समय प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव के रूप में कार्यरत हैं। एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, तमिलनाडु कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दास का कार्यकाल प्रधानमंत्री के कार्यकाल तक या अगले आदेश तक होगा।</p>
<p>आदेश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/523970/former-rbi-governor-shaktikanta-das-got-a-big-responsibility-appointed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/cats425.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>आरबीआई (RBI) के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास को <strong> </strong>केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। दास सरकार ने  प्रधानमंत्री मोदी का प्रधान सचिव -2  के पद पर नियुक्त किया है। बता दें इससे पहले शक्तिकांत दास आरबीआई गवर्नर के रूप में 6 साल तक अपनी सेवाएं देने के बाद दिसंबर, 2024 में रिटायर हुए थे। </p>
<p>गुजरात कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी पीके मिश्रा इस समय प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव के रूप में कार्यरत हैं। एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, तमिलनाडु कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दास का कार्यकाल प्रधानमंत्री के कार्यकाल तक या अगले आदेश तक होगा।</p>
<p>आदेश में कहा गया, ''मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने शक्तिकांत दास, आईएएस (सेवानिवृत्त) को प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव - 2 के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दी है। उनकी नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगी।'' दास ने एक सिविल सेवक के रूप में मुख्य रूप से वित्त, कराधान, निवेश और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में काम किया। वह भारतीय रिजर्व बैंक के 25वें गवर्नर बने और उन्होंने भारत के जी20 शेरपा तथा 15वें वित्त आयोग के सदस्य के रूप में भी काम किया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Feb 2025 17:46:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
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