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                <title>Tender process - Amrit Vichar</title>
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                <description>Tender process RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर को मिली बड़ी रफ्तार,  वसंतकुंज में बनेगा 127 करोड़ की लागत से ग्रीन डिपो</title>
                                    <description><![CDATA[-वसंतकुंज में मेट्रो डिपो निर्माण का पहला बड़ा सिविल टेंडर जीएचवी इंडिया को
-127 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा ग्रीन डिपो]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/584371/lucknow-metro-s-east-west-corridor-gains-momentum---green-depot--to-be-built-in-vasant-kunj-at-a-cost-of-%E2%82%B9127-crore"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/untitled-design-(2)8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचारः </strong>उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) ने लखनऊ मेट्रो के प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के क्रियान्वयन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए वसंतकुंज में बनने वाले मेट्रो डिपो के निर्माण का ठेका जीएचवी इंडिया कंपनी को प्रदान कर दिया है। यह ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का पहला प्रमुख सिविल टेंडर है, जिसके आवंटन के साथ परियोजना को नई गति मिलने की उम्मीद है।</p>
<p style="text-align:justify;">यूपीएमआरसी की ओर से जारी खुली निविदा प्रक्रिया में कुल पांच कंपनियों ने भाग लिया था। लगभग 150 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस कार्य के लिए तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन के बाद जीएचवी इंडिया को सफल बोलीदाता घोषित किया गया। डिपो का निर्माण लगभग 127 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि वसंतकुंज में बनने वाला यह डिपो मेट्रो ट्रेनों के रखरखाव, निरीक्षण और स्टेबलिंग का प्रमुख केंद्र होगा। इसे ट्रांसपोर्ट नगर स्थित मौजूदा डिपो की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां पिट व्हील लेथ मशीन, ऑटोमैटिक सिंक्रोनाइज्ड पिट जैक, मोबाइल जैक मशीन, बोगी टर्न टेबल, ऑटोमैटिक ट्रेन वाशिंग प्लांट, इलेक्ट्रिक बोगी शंटर तथा री-रेलिंग एवं रेस्क्यू वाहन जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं स्थापित की जाएंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए डिपो को ग्रीन डिपो के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें जीरो डिस्चार्ज प्रणाली, ड्यूल प्लंबिंग नेटवर्क, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) की व्यवस्था होगी। उपचारित जल का पुनः उपयोग किया जाएगा, जिससे जल संरक्षण और संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित होगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/584361/the-struggle-to-return-home--crowds-of-candidates-at-railway-stations-and-bus-terminals-following-the-police-constable-recruitment-exam"><span class="t-red">घर लौटने की जंग, </span>पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा के बाद स्टेशन-बस अड्डों पर अभ्यर्थियों की भीड़, देखें तस्वीर</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/584371/lucknow-metro-s-east-west-corridor-gains-momentum---green-depot--to-be-built-in-vasant-kunj-at-a-cost-of-%E2%82%B9127-crore</link>
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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 13:16:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: निगम की बोर्ड बैठक में निर्माण से जुड़े टेंडरों पर बखेड़ा, विकास से ज्यादा भ्रष्टाचार खी गूंज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> नगर निगम की बोर्ड बैठक मंगलवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई, जहां विकास की चर्चा से ज्यादा निर्माण विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और टेंडर प्रक्रिया में ''''खेल'''' के आरोपों पर बखेड़ा खड़ा हुआ। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, सपा पार्षदों ने जनहित के मुद्दों पर घेरना शुरू कर दिया। आरोप-प्रत्यारोप और शोर-शराबे के बीच महापौर ने केवल बजट पर बोलने की अनुमति देने की बात कही, जिससे माहौल और गरमा गया भारी गहमागहमी और लोकतंत्र की हत्या जैसे नारों के बीच आखिर में नगर निगम ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 1100 करोड़ रुपये</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579575/uproar-over-construction-tenders-at-the-corporation-s-board-meeting--echoes-of-corruption-drown-out-the-discourse-on-development"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/board.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> नगर निगम की बोर्ड बैठक मंगलवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई, जहां विकास की चर्चा से ज्यादा निर्माण विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और टेंडर प्रक्रिया में ''''खेल'''' के आरोपों पर बखेड़ा खड़ा हुआ। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, सपा पार्षदों ने जनहित के मुद्दों पर घेरना शुरू कर दिया। आरोप-प्रत्यारोप और शोर-शराबे के बीच महापौर ने केवल बजट पर बोलने की अनुमति देने की बात कही, जिससे माहौल और गरमा गया भारी गहमागहमी और लोकतंत्र की हत्या जैसे नारों के बीच आखिर में नगर निगम ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 1100 करोड़ रुपये का बजट पास कर दिया।</p>
<p>बोर्ड बैठक में सबसे पहले पार्षद सतीश कातिब मम्मा ने अधूरे एजेंड़ा देने पर नाराजगी जताई और कहा कि हर बार की बैठक में इस बार इसको लेकर अंदेखी की गई। सपा पार्षद दल के नेता गौरव सक्सेना ने सीधे तौर पर निर्माण विभाग को भ्रष्टाचार का अड्डा करार दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता के विकास के लिए आने वाला पैसा फाइलों में ही दम तोड़ रहा है। सवाल उठाया कि जहां महापौर कैंप कार्यालय के सौंदर्यीकरण के लिए 10 बार टेंडर निकल सकते हैं, वहीं वार्डों की टूटी सड़कों और नालियों के लिए टेंडर प्रक्रिया महीनों तक क्यों लटकी रहती है। उन्होंने नगर आयुक्त की उस जांच का हवाला भी दिया जिसमें निर्माण कार्यों के सैंपल फेल पाए गए थे। बैठक में अन्य पाषर्दों की कोहड़ापीर अतिक्रमण अभियान को लेकर भी तीखी बहस हुई। वहीं, जब महापौर ने बिना पूरी चर्चा के बजट पास करने की कोशिश की, तो सपा पार्षदों ने सदन में हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। जिसके बाद मजबूरन महापौर को चर्चा दोबारा शुरू करानी पड़ी। बैठक में नगर आयुक्त संजीव मौर्य, अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय, मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी समेत अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ग्रिड योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई।</p>
<p><strong>आवारा कुत्तों पर खर्च हुए 36 लाख, फिर भी नहीं थमी संख्या</strong><br />सदन में आवारा कुत्तों का मुद्दा भी काफी गर्माया रहा। पार्षद अब्दुल क्यूम मुन्ना ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब तक कुत्तों के बधियाकरण पर 36 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन नतीजा सिफर है। उन्होंने सदन में मौजूद सभी पार्षदों से पूछा कि क्या कुत्तों की संख्या कम हुई है? इस पर सभी ने एक सुर में सहमति जताई कि कुत्तों का आतंक और संख्या तेजी से बढ़ रही है।</p>
<p><strong>टैक्स विभाग की ''''कुर्सियों'''' पर जमे कर्मियों पर सवाल</strong><br />पार्षद राजेश अग्रवाल ने भ्रष्टाचार की जड़ पर चोट करते हुए कहा कि टैक्स विभाग में आउटसोर्सिंग पर तैनात कर्मी लंबे समय से एक ही कुर्सी पर जमे हुए हैं। इनकी मिलीभगत से विभाग में मनमानी चल रही है। उन्होंने मांग की कि पारदर्शिता लाने के लिए इन कर्मियों का पटल परिवर्तन किया जाए और उन्हें दूसरे विभागों में भेजा जाए, ताकि भ्रष्टाचार की चेन को तोड़ा जा सके।</p>
<p><strong>मालियों से कराई जा रही पेंटिंग, पार्कों की सुध कौन लेगा</strong><br />पार्षद सतीश कातिब मम्मा ने पार्कों के रखरखाव की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिन मालियों की जिम्मेदारी पार्कों को संवारने की है, उनसे दीवारों की पेंटिंग का काम लिया जा रहा है। यह संसाधनों का दुरुपयोग है। इसके साथ ही उन्होंने बोर्ड बैठक के एजेंडे की तकनीकी खामियों और प्रपत्र-बी को शामिल न किए जाने पर भी कड़ा विरोध दर्ज कराया।</p>
<p><strong>120 करोड़ से सुधरेंगी सड़कें, 30 हजार नई लाइटों से रोशन होंगे वार्ड</strong><br />शहर की बदहाल सड़कों को सुधारने और नए निर्माण के लिए सबसे अधिक 120 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सभी 80 वार्डों को रोशन करने के लिए 30 हजार नई स्ट्रीट लाइटों की खरीद के लिए 20 करोड़ स्वीकृत हुए हैं। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 15 करोड़ आवंटित किए गए हैं। हर घर तक शुद्ध पानी और सीवर लाइन पहुंचाने के लक्ष्य के साथ 10 करोड़ का शुरुआती फंड रखा गया है। इसके अलावा शहर के 330 पार्कों के कायाकल्प और ''''ग्रीन बरेली'''' अभियान के लिए 10 करोड़ की राशि तय की गई है। आवारा कुत्तों की नसबंदी और नंदीशाला के संचालन जैसे कार्यों के लिए भी करोड़ों का अलग से प्रावधान है। पिछले 600 करोड़ रुपये के लक्ष्य को बढ़ाते हुए इस बार 750 करोड़ रुपये की आय का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579575/uproar-over-construction-tenders-at-the-corporation-s-board-meeting--echoes-of-corruption-drown-out-the-discourse-on-development</link>
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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 10:01:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गोवंश संरक्षण पर योगी सरकार सख्त : निगरानी के लिए सभी मंडलों में तैनात किए गए नोडल अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश सरकार ने निराश्रित गोवंश की देखभाल को लेकर व्यवस्था और कड़ी कर दी है। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने सभी 18 मंडलों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करते हुए उन्हें गौशालाओं की निगरानी और व्यवस्थाओं की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी है। </p>
<p style="text-align:justify;">रविवार को अपने आवास पर अधिकारियों के साथ बैठक में धर्मपाल सिंह ने कहा कि 30 मार्च तक भूसा और साइलेज की टेंडर प्रक्रिया हर हाल में पूरी की जाए, ताकि आने वाले समय में चारे की कमी न हो। टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576043/yogi-government-takes-strict-stance-on-cow-protection--nodal-officers-deployed-in-all-divisions-for-monitoring"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(9)8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश सरकार ने निराश्रित गोवंश की देखभाल को लेकर व्यवस्था और कड़ी कर दी है। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने सभी 18 मंडलों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करते हुए उन्हें गौशालाओं की निगरानी और व्यवस्थाओं की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी है। </p>
<p style="text-align:justify;">रविवार को अपने आवास पर अधिकारियों के साथ बैठक में धर्मपाल सिंह ने कहा कि 30 मार्च तक भूसा और साइलेज की टेंडर प्रक्रिया हर हाल में पूरी की जाए, ताकि आने वाले समय में चारे की कमी न हो। टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि वे स्वयं गोरखपुर और वाराणसी मंडलों का निरीक्षण करेंगे, जबकि अन्य मंडलों की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है। मंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी गो-आश्रय स्थलों पर भूसा बैंक की व्यवस्था विकसित की जाए, जिसमें कम से कम दो महीने का चारा सुरक्षित रखा जाए। साथ ही गौशालाओं में रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया को भी व्यवस्थित और अद्यतन करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में यह भी तय किया गया कि गोवंश के लिए भूसा, हरा चारा, चोकर, स्वच्छ पानी, बिजली और दवाओं की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी गौशाला में कोई पशु भूखा या प्यासा न रहे। गर्मी के मौसम को देखते हुए पशुओं को लू और तेज धूप से बचाने के लिए विशेष इंतजाम करने को कहा गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में हरे चारे की निरंतर आपूर्ति के लिए स्थानीय किसानों से समझौते करने और समाज के सहयोग को भी बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही सरकार ने गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर वहां चारा उत्पादन बढ़ाने की योजना पर भी तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">गोवंश आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने भरोसा दिलाया कि सभी निर्देशों का पालन करते हुए गोशालाओं में सालभर चारे और देखभाल की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/576043/yogi-government-takes-strict-stance-on-cow-protection--nodal-officers-deployed-in-all-divisions-for-monitoring</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/576043/yogi-government-takes-strict-stance-on-cow-protection--nodal-officers-deployed-in-all-divisions-for-monitoring</guid>
                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 17:24:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand: टेंडर प्रक्रिया पूरी, अगले सप्ताह से चलेंगे 20 नए कूड़ा वाहन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर निगम की डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था मजबूत होगी। अगले सप्ताह से 20 नई कूड़ा गाड़ियों का संचालन शुरू होगा। जिसके बाद नए वार्डों में जरूरत के अनुसार इनको चलाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि नगर निगम को करीब दो माह पहले ही डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था मजबूत करने के लिए 25 नए वाहन मिल चुके थे, लेकिन टेंडर प्रक्रिया में देरी के कारण इनका संचालन शुरू नहीं हो सका।</p>
<p>  एक बार टेंडर प्रक्रिया निरस्त होने के बाद फिर से टेंडर जारी किया गया था। जिसकी प्रक्रिया शनिवार को पूरी हो</p>
<p>इनमें</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574267/tender-process-complete--20-new-garbage-vehicles-to-run-from-next-week"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/nagar.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर निगम की डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था मजबूत होगी। अगले सप्ताह से 20 नई कूड़ा गाड़ियों का संचालन शुरू होगा। जिसके बाद नए वार्डों में जरूरत के अनुसार इनको चलाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि नगर निगम को करीब दो माह पहले ही डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था मजबूत करने के लिए 25 नए वाहन मिल चुके थे, लेकिन टेंडर प्रक्रिया में देरी के कारण इनका संचालन शुरू नहीं हो सका।</p>
<p> एक बार टेंडर प्रक्रिया निरस्त होने के बाद फिर से टेंडर जारी किया गया था। जिसकी प्रक्रिया शनिवार को पूरी हो गई और टेंडर आवंटित कर दिया गया है। नए क्षेत्रों में नियमित कूड़ा कलेक्शन नहीं होने और पुराने वाहनों के खराब होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम को शासन से कुल 55 नए वाहनों की मंजूरी मिली है, जिसमें पहले चरण में 25 वाहन मिल चुके हैं। </p>
<p>इनमें से 20 वाहन चलाए जाएंगे। नगर आयुक्त परितोष वर्मा ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अगले सप्ताह से वाहनों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल ने बताया कि वाहनों के संचालन के लिए रूट मैपिंग तैयार की जा रही है। बड़े वार्डों में दो और छोटे वार्डों में एक वाहन चलाया जाएगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/574267/tender-process-complete--20-new-garbage-vehicles-to-run-from-next-week</link>
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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 07:00:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राहत की खबर: मुरादाबाद से बरेली सिक्स लेन की टेंडर प्रकिया पूरी, मार्च के अंत में शुरू होगा निर्माण</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से मुरादाबाद से बरेली सिक्स लेन निर्माण की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। वहीं फोरलेन बनने से से संभल से लेकर अनूपशहर तक आवागमन और सुगम होगा। मार्च के अंत में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।</p>
<p>मंगलवार को एनएचएआई के साइट इंजीनियर शांतनु सिंह ने बताया कि मुरादाबाद से बरेली सिक्स लेन के निर्माण कार्य की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। संभल मार्ग से लेकर अनूपशहर तक फोरलेन बनने से संभल, अनूपशहर सहित आसपास के क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा और यातायात सुगम होगा। पिछले दो महीने कंपनियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/573942/tender-process-for-moradabad-to-bareilly-six-lane-road-completed--construction-to-begin-at-the-end-of-march"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/sadak.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से मुरादाबाद से बरेली सिक्स लेन निर्माण की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। वहीं फोरलेन बनने से से संभल से लेकर अनूपशहर तक आवागमन और सुगम होगा। मार्च के अंत में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।</p>
<p>मंगलवार को एनएचएआई के साइट इंजीनियर शांतनु सिंह ने बताया कि मुरादाबाद से बरेली सिक्स लेन के निर्माण कार्य की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। संभल मार्ग से लेकर अनूपशहर तक फोरलेन बनने से संभल, अनूपशहर सहित आसपास के क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा और यातायात सुगम होगा। पिछले दो महीने कंपनियों के साथ एस्टीमेट व टेंडर प्रक्रिया में समय लग रहा था। </p>
<p>अब सारी कागजी औपचारिकता एनएचएआई की ओर से पूरी कर ली गई है। वहीं मुरादाबाद से बरेली तक राष्ट्रीय राजमार्ग को सिक्स लेन बनाने की लिए कार्यदायी संस्था की ओर से टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। एस्टीमेट की पहली किस्त मार्च के महीने में कार्यदायी संस्था को मिलने की संभावना है। इस दोनों परियोजनाओं से आवागमन तेज होगा। जिससे जाम की समस्या दूर होगी और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 13:02:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: नाथ कॉरीडोर...नौ महीने में नहीं तैयार हुई एक भी फोकस वॉल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>पर्यटन विभाग नाथ नगरी को सुंदर बनाने के लिए 19 स्थानों पर बनने वाली 20 फोकस वॉलों में से एक को भी पूरा नहीं करा सका है। नौ महीने का समय बीतने के बावजूद छह स्थानों का चयन ही नहीं किया जा सका है। अभी सिर्फ 13 फोकस वॉलों का निर्माण चल रहा है, जबकि एक फोकस वॉल का काम शुरू होना बाकी है। अधिकारी फोकस वॉल निर्माण के लिए 6 स्थानों के चयन को भटक रहे हैं। कई स्थान बदलने के बावजूद भी अभी तक जगह का निर्धारण नहीं कर सके हैं।</p>
<p>पर्यटन विभाग नाथ कॉरीडोर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568279/nath-corridor---not-a-single-focus-wall-has-been-completed-in-nine-months"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/nath1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>पर्यटन विभाग नाथ नगरी को सुंदर बनाने के लिए 19 स्थानों पर बनने वाली 20 फोकस वॉलों में से एक को भी पूरा नहीं करा सका है। नौ महीने का समय बीतने के बावजूद छह स्थानों का चयन ही नहीं किया जा सका है। अभी सिर्फ 13 फोकस वॉलों का निर्माण चल रहा है, जबकि एक फोकस वॉल का काम शुरू होना बाकी है। अधिकारी फोकस वॉल निर्माण के लिए 6 स्थानों के चयन को भटक रहे हैं। कई स्थान बदलने के बावजूद भी अभी तक जगह का निर्धारण नहीं कर सके हैं।</p>
<p>पर्यटन विभाग नाथ कॉरीडोर में भगवान शंकर के प्रतीक चिन्हों को उकेरते हुए 19 स्थानों पर 20 फोकस वॉल निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया था। इसके लिए 4.97 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गयी थी। करीब 2.45 करोड़ रुपये अवमुक्त भी कर दिए गए। फोकस वॉल निर्माण का कार्य 25 अप्रैल 2025 से शुरू करा दिया गया। कार्यदायी संस्था को 24 अक्टूबर 2026 तक कार्य पूर्ण करने का समय दिया गया है। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम सभी स्थानों के फोकस वॉल कार्यों की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर चुका है। विभाग नौ महीने बीतने पर भी अभी तक एक भी फोकस वॉल का कार्य पूर्ण नहीं कर सका है। 12 स्थानों पर 13 फोकस वॉल निर्माणाधीन हैं, जबकि एक स्थान पर अभी काम शुरू नहीं हो पाया है।</p>
<p>वहीं प्रशासन 6 स्थानों को चयनित नहीं कर पा रहा है। पूर्व में चयनित सभी 6 स्थलों इन्वर्टिस तिराहा बड़ा बाईपास, रेलवे स्टेशन, मिनी बाईपास इज्जतनगर रेलवे स्टेशन, झुमका तिराहा बड़ा बाईपास, पर्यटन कार्यालय रोहिला होटल वॉल, नियर एयरपोर्ट मयूर वन चेतना केंद्र पर फोकस वॉल बनाने की सहमति नहीं बन सकी है। इन छह फोकस वॉलों के लिए नए स्थानों का चयन करके रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गयी है। जिला पर्यटन अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि फोकस वॉल का काम लगातार जारी है। कुछ स्थलों को परिवर्तित किया गया है। नये स्थानों की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गयी है। निर्देश मिलते ही वहां भी कार्य शुरू करा दिया जायेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 16:13:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: टेंडर में अटका नए बस अड्डे का भवन का निर्माण, अब अगले साल मई तक होगा पूरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> मिनी बाईपास पर नए रोडवेज बस अड्डे के भवन निर्माण का कार्य अब भी टेंडर प्रक्रिया में फंसा हुआ है। निर्माण कार्य में लगातार देरी और परियोजना का अधूरा रह जाना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है। अधिकारियों के अनुसार, अब दूसरी बार टेंडर निकालने की तैयारी चल रही है, ताकि निर्माण कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सकें। वहीं, परिवहन विभाग के लिए राहत भरी खबर यह है कि बस स्टैंड के अधूरे निर्माण को लेकर सीएम डैशबोर्ड की रैकिंग पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए शासन ने इसे पूरा करने की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/564247/the-construction-of-the-new-bus-terminal-building-is-stalled-due-to-tender-issues-and-will-now-be-completed-by-may-next-year"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/bus3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> मिनी बाईपास पर नए रोडवेज बस अड्डे के भवन निर्माण का कार्य अब भी टेंडर प्रक्रिया में फंसा हुआ है। निर्माण कार्य में लगातार देरी और परियोजना का अधूरा रह जाना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है। अधिकारियों के अनुसार, अब दूसरी बार टेंडर निकालने की तैयारी चल रही है, ताकि निर्माण कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सकें। वहीं, परिवहन विभाग के लिए राहत भरी खबर यह है कि बस स्टैंड के अधूरे निर्माण को लेकर सीएम डैशबोर्ड की रैकिंग पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए शासन ने इसे पूरा करने की समय सीमा बढ़ाकर मई 2026 तक कर दी है।</p>
<p>इज्जत नगर में रोडवेज के नए बस अड्डे के निर्माण के लिए पांच साल पहले केंद्रीय कारागार की 2.285 हेक्टेयर भूमि परिवहन निगम को हस्तांतरित की गई थी। शासन से उसी वित्तीय वर्ष में 16.72 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दे दी थी। साथ ही निर्माण कराने की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड को दी, लेकिन एक साल तक बजट ही जारी नहीं हो सका। मार्च 2021 में तीन करोड़ रुपये का बजट आवंटित होने के बाद कार्य आरंभ हुआ। दूसरी किस्त अगस्त 2023 में दो करोड़, इसके बाद मार्च 2025 में तीसरी किस्त 3.90 करोड़ रुपये जारी की गई। हर बार किस्त आने पर टेंडर कराकर काम शुरू कराया गया। 8.90 करोड़ रुपये की लागत से पांच साल में 75 प्रतिशत काम पूरा करने का दावा किया गया।</p>
<p>वहीं, सितंबर में शासन से 6.98 करोड़ का बजट आवंटित किया गया, लेकिन कार्यदायी संस्था अभी तक टेंडर की प्रक्रिया में ही उलझी है। बीते सोमवार को मुख्यालय पर टेंडर खोलने का समय था, लेकिन एक ही टेंडर पड़ने पर कोरम पूरा नहीं हो पाने से रि-टेंडर कराने की प्रक्रिया अपनाने की बात कही गई है। इधर, परिवहन निमग के अफसर इस बात से परेशान थे कि 31 दिसंबर 2025 तक काम पूरा करने की तारीख सीएम डैश बोर्ड पर नियत की गई थी।</p>
<p>इसकी वजह से मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की रैकिंग पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था। आए दिन होने वाली समीक्षा बैठक में अफसरों को सुननी पड़ती। इसको लेकर शासन में पत्र लिखा गया। इसका संज्ञान लेकर दो दिन पहले अपर प्रबंध निदेशक राम सिंह वर्मा ने सीएम डैश बोर्ड पर निर्माण की मियाद बढ़ाकर मई 2026 कर दी है। आरएम दीपक चौधरी का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा करने की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था की है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Dec 2025 12:09:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: जाम से निपटने में निगम भी देगा यातायात पुलिस का साथ</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> शहर में जाम प्रमुख समस्याओं में से एक है। इसको लेकर अब नगर निगम और यातायात पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करने की योजना बनाई है। शहर की व्यस्त सड़कों पर खड़े बेतरतीब वाहनों को सीज करने के लिए नगर निगम टोईंग वाहनों की खरीद करने जा रहा है। वाहन खरीद के लिए टेंडर प्रकिया जल्द आरंभ की जाएगी।</p>
<p>निगम अधिकारियों के अनुसार, बीते दिनों कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कमिश्नर ने शहर में जाम की समस्या के लिए नो पार्किंग जोन में वाहन खड़े करने और अतिक्रमण के खिलाफ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563047/the-municipal-corporation-will-also-assist-the-traffic-police-in-dealing-with-traffic-congestion"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/jam.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> शहर में जाम प्रमुख समस्याओं में से एक है। इसको लेकर अब नगर निगम और यातायात पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करने की योजना बनाई है। शहर की व्यस्त सड़कों पर खड़े बेतरतीब वाहनों को सीज करने के लिए नगर निगम टोईंग वाहनों की खरीद करने जा रहा है। वाहन खरीद के लिए टेंडर प्रकिया जल्द आरंभ की जाएगी।</p>
<p>निगम अधिकारियों के अनुसार, बीते दिनों कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कमिश्नर ने शहर में जाम की समस्या के लिए नो पार्किंग जोन में वाहन खड़े करने और अतिक्रमण के खिलाफ व्यापक रूप से अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। मंडलायुक्त के आदेश के बाद नगर नगर निगम हरकत में आया है और नो पार्किंग जोन खड़े वाहनों को सीज करके कार्रवाई करने के लिए 80 लाख रुपये से दो टोईंग वाहन खरीदेगा। इन वाहनों के आने के बाद नगर निगम के अधिकारी यातायात पुलिस के साथ मिलकर जाम का सबब बनने वाले वाहनों के खिलाफ अभियान शुरू करेंगे। इस माह के अंत तक दोनों वाहनों की खरीद की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।</p>
<p><strong>इन चौराहों पर सर्वाधिक दिक्कत</strong><br />शहर के पटेल चौक, राजेंद्र नगर, श्यामगंज से सैटेलाइट रोड, विकास भवन रोड, डीडीपुरम, कुतुबखाना समेत शहर के एक दर्जन से अधिक इलाके ऐसे हैं जहां बड़ी संख्या में सड़कों पर वाहनों का जमावड़ा रहता है। अभियान की शुरुआत इन इलाकों से ही की जाएगी।</p>
<p>नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि दो टोईंग वाहनों की खरीद की जा रही है। इसकी प्रक्रिया आरंभ होने वाली है। यातायात पुलिस के सहयोग से निगम की टीम भी इस अभियान में शामिल रहेगी। इस प्रयास से काफी हद तक जाम की समस्या से लोगों को राहत मिलेगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Dec 2025 15:04:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: निजी हाथों में होगी 5 वार्डों की सफाई...नगर निगम ने कवायद की शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> नगर निगम लगातार शहर को स्मार्ट बनाने के लिए प्रयासरत है। इसी क्रम में अब शहर में पांच वार्डों की सफाई को भी प्राइवेट हाथों में देने की तैयारी निगम में चल रही है। 3 वार्डों की टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर एजेंसी को जिम्मेदारी दे दी गई है, वहीं दो वार्डों के लिए भी व्यवस्था निजी हाथों में देने के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है।</p>
<p>उप नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. नैन सिंह ने बताया कि निगम क्षेत्र में 80 वार्ड हैं। 30 वार्डों की सफाई व्यवस्था पहले से निजी हाथों में है। अब रहपुरा चौधरी,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/560389/cleaning-of-5-wards-will-be-done-in-private-hands----municipal-corporation-has-started-the-exercise"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/nagar-nigam.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> नगर निगम लगातार शहर को स्मार्ट बनाने के लिए प्रयासरत है। इसी क्रम में अब शहर में पांच वार्डों की सफाई को भी प्राइवेट हाथों में देने की तैयारी निगम में चल रही है। 3 वार्डों की टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर एजेंसी को जिम्मेदारी दे दी गई है, वहीं दो वार्डों के लिए भी व्यवस्था निजी हाथों में देने के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है।</p>
<p>उप नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. नैन सिंह ने बताया कि निगम क्षेत्र में 80 वार्ड हैं। 30 वार्डों की सफाई व्यवस्था पहले से निजी हाथों में है। अब रहपुरा चौधरी, चौधरी मोहल्ला, मलूकपुर, नई बस्ती और रबड़ी टोला की सफाई व्यवस्था निजी हाथों में देने की तैयारी निगम ने कर ली है। </p>
<p>इन वार्डों में काम कर रहे निगम के करीब 80 नियमित सफाई कर्मचारियों को ऐसे वार्डों में समायोजित किया जाएगा, जहां 20 से कम कर्मचारी हैं। बताया कि तीन वार्डों के लिए एजेंसी का चयन कर लिया गया है अन्य दो वार्डों की टेंडर प्रक्रिया भी आगामी सप्ताह तक पूरी कर ली जाएगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/560389/cleaning-of-5-wards-will-be-done-in-private-hands----municipal-corporation-has-started-the-exercise</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Nov 2025 09:09:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> विदेशी बाजार में बढ़ा Kanpur के लेदर बाइबल कवर की मांग, भारत ने ईएफटीए देशों से किये TEPA पर हस्ताक्षर </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> शहर में गंगा में गिर रहे 14 नाले 2027 तक पूरी तरह से टैप्ड होंगे। नालों को बंद करने के लिए 138.11 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने के बाद अब अनटैप्ड नालों के इंटरसेप्शन और डायवर्जन के लिये जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। जलनिगम के अधिकारियों के अनुसार नालों के टैप्ड होने से शहर में गंगा में नालों के गिरने की समस्या खत्म होगी। इससे गंगा का पानी दूषित होने से बचेगा।<br />  <br />जलनिगम ने सभी अनटैप्ड नालों के टैपिंग कार्य के लिये डीपीआर बनाई थी। जिसपर अनुमानित खर्च 152.02 करोड़ रुपये आने की संभावना थी। जिसे शासन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/560011/14-drains-flowing-into-the-ganga-to-be-fully-tapped-by-2027--dpr-ready--tender-being-finalized"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/untitled-design-(24)4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> शहर में गंगा में गिर रहे 14 नाले 2027 तक पूरी तरह से टैप्ड होंगे। नालों को बंद करने के लिए 138.11 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने के बाद अब अनटैप्ड नालों के इंटरसेप्शन और डायवर्जन के लिये जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। जलनिगम के अधिकारियों के अनुसार नालों के टैप्ड होने से शहर में गंगा में नालों के गिरने की समस्या खत्म होगी। इससे गंगा का पानी दूषित होने से बचेगा।<br /> <br />जलनिगम ने सभी अनटैप्ड नालों के टैपिंग कार्य के लिये डीपीआर बनाई थी। जिसपर अनुमानित खर्च 152.02 करोड़ रुपये आने की संभावना थी। जिसे शासन के निर्देश पर जलनिगम ने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) को मंजूरी के लिये पत्र भेजा। इन सबके बीच शासन ने 138.11 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी है। </p>
<p style="text-align:justify;">जलनिगम के अनुसार डीपीआर के अनुमोदन व धन आवंटन की स्वीकृति के बाद निविदा को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सब कुछ समय पर हुआ तो जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। जलनिगम के परियोजना अधिकारी मोहित चक के अनुसार सब कुछ ठीक रहा तो 2 वर्षों में कार्य पूरा हो जायेगा। </p>
<p style="text-align:justify;">शहर में कुल 33 नाले हैं</p>
<p style="text-align:justify;">शहर में कुल 33 नाले हैं। 27 नाले कानपुर नगर में और 6 नाले बिटूर में स्थित हैं। कानपुर नगर के 27 नालों में से 18 नाले गंगा नदी एवं 9 नाले पाण्डु नदी से संबंधित है। गंगा नदी के 18 नालों में 11 नाले टैप्ड, 6 अनटैप्ड एवं 1 नाला बरसाती है। इसी प्रकार पाण्डु नदी के 9 नालों में से 4 नाले टैप्ड, 3 नाले अनटैप्ड एवं 2 नाले आंशिक टैप्ड हैं। अभी अनटैप्ड नालों के सीवेज का शोधन नगर निगम, कानपुर द्वारा बायोरिमेडियेशन के जरिये कराया जा रहा है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">इन नालों से नदियां हो रहीं प्रदूषित</h4>
<p style="text-align:justify;">शहर में अभी रानीघाट नाला, गोलाघाट, सतीचौरा, डब्का, मदारपुर व किशनपुर 6 नाले अनटैप हैं, जिससे गंदगी गंगा में गिरती है। इसके अलावा 2 आंशिक टैप्ड परमिया व गुप्तारघाट नाले से ओवरफ्लो होकर सीवेज गंगा नदी मे मिलता है। वहीं पांडु नदी में 3 अनटैप्ड नाले पिपौरी, अर्रा, सागरपुरी नाला गिर रहा है। पांडु नदी में आंशिक टैप्ड 3 नाले हलवाखाड़ा, पनकी थर्मल व गन्दा नाला ओवरफ्लो होकर गिरता है।</p>
<h5 class="post-title"><span class="t-red">ये भी पढ़े :</span></h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/560006/demand-for-kanpur-s-leather-industry-is-growing-in-the-foreign-market--india-has-signed-tepa-with-efta-countries"><span class="t-red">विदेशी बाजार में बढ़ रही Kanpur के लेदर का बाइबल कवर</span>, भारत ने ईएफटीए देशों से किये TEPA पर हस्ताक्षर</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Nov 2025 18:46:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर में जाजमऊ गंगापुल की मरम्मत के लिए नहीं मिल पा रहा ठेकेदार.. नए साल में होगा काम, टेंडर प्रक्रिया के लिए मांगे गए आवेदन  </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर, अमृत विचार। </strong>भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा दावे किए जा रहे थे कि अक्टूबर माह में जाजमऊ गंगापुल पर मरम्मत का कार्य शुरू हो जाएगा, लेकिन ऐसा अभी तक हो नहीं सका है। पुल की मरम्मत के लिए अभी टेंडर प्रक्रिया ही नहीं पूरी हो सकी है। वहीं, एनएचएआई द्वारा की गई टेंडर प्रक्रिया में मरम्मत के लिए कंपनियों ने रूचि नहीं ली। इस वजह से अब दोबारा टेंडर डाले गए है। टेंडर प्रक्रिया नवंबर माह की शुरुआत में पूरी होने के बाद नए साल से पुल मरम्मत का कार्य हो सकेगा। </p>
<p style="text-align:justify;">कानपुर को उन्नाव से जोड़ने के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/556194/a-contractor-cannot-be-found-to-repair-the-jajmau-ganga-bridge-in-kanpur--work-will-begin-in-the-new-year--with-applications-invited-for-the-tender-process"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/untitled-design-(36)3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर, अमृत विचार। </strong>भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा दावे किए जा रहे थे कि अक्टूबर माह में जाजमऊ गंगापुल पर मरम्मत का कार्य शुरू हो जाएगा, लेकिन ऐसा अभी तक हो नहीं सका है। पुल की मरम्मत के लिए अभी टेंडर प्रक्रिया ही नहीं पूरी हो सकी है। वहीं, एनएचएआई द्वारा की गई टेंडर प्रक्रिया में मरम्मत के लिए कंपनियों ने रूचि नहीं ली। इस वजह से अब दोबारा टेंडर डाले गए है। टेंडर प्रक्रिया नवंबर माह की शुरुआत में पूरी होने के बाद नए साल से पुल मरम्मत का कार्य हो सकेगा। </p>
<p style="text-align:justify;">कानपुर को उन्नाव से जोड़ने के लिए वर्तमान में जाजमऊ गंगापुल पुल पर वाहनों का संचालन हो रहा है, जिसमे करीब दो से ढ़ाई लाख वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं, जिसमे बाइक, कार, टेंपों, ऑटो, बस, ट्रक व डंपर आदि वाहन शामिल है। पुल करीब 54 साल पुराना होने की वजह से पुल पर कई जगह गड्ढे हो गए हैं और कंपन बढ़ रहा है। इसलिए पुल की मजबूती आंकने के लिए एनएचएआई ने दिल्ली से सीएसआईआर से 10 इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की टीम को जांच के लिए बुलाया था। अगस्त 2024 को इंजीनियरों की टीम ने तीन दिनों तक पुल की जांच कर पुल में लगी बेयरिंग खराब होने की पुष्टि की। </p>
<p style="text-align:justify;">बीते सात सालों में एनएचएआई ने तीन बार बेयरिंग की मरम्मत कराई, लेकिन ओवरलोडिंग के कारण पुल धीरे-धीरे कमजोर होता जा रहा है। इसलिए एनएचएआई ने हमीरपुर यमुना पुल की तरह जाजमऊ गंगापुल की मरम्मत कराने का निर्णय लिया है। इस संबंध में एनएचएआई ने तैयारी शुरू की और अक्टूबर माह में मरम्मत कराने की योजना बनाई थी। लेकिन यह योजना अभी तक धरातल में नहीं उतर सकी है। मरम्मत के लिए एनएचएआई की टेंडर प्रक्रिया में ठेकेदारों ने दिलचस्पी नहीं ली। इसलिए दोबारा टेंडर डाले गए हैं। अक्टूबर माह के अंत या नवंबर माह की शुरुआत में टेंडर खोले जाएंगे और ठेका आवंटित होगा। तब इसके बाद नए साल से मरम्मत कार्य शुरू हो सकेगा। </p>
<h5 style="text-align:justify;">हर पिलर में लगी है चार बेयरिंग </h5>
<p style="text-align:justify;">जाजमऊ गंगापुल 20 पिलर पर टीका हुआ है, इसके प्रत्येक पिलर में चार बेयरिंग लगी है। सीएसआइआर की टीम ने सभी बेयरिंग की जांच कर पुल की मरम्मत का सुझाव दिया है। पुल में दरारों को खत्म करने और कोठियों की स्लैब को बनाकर पुल को मजबूत करने की संस्तुति की गई है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज यादव ने के मुताबिक गंगापुल की मरम्मत के लिए टेंडर डाले गए थे। इसमें कंपनियां नहीं आईं हैं, अब दोबारा रीटेंडरिंग कराई गई है। टेंडर खुलने के एक या दो महीने में मरम्मत कार्य शुरू करा दिया जाएगा।</p>
<p><strong>ये भी पढ़े : </strong></p>
<h6 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/556174/a-mother-was-about-to-kill-her-newborn-and-throw-her-into-a-canal--police-arrested-her-on-information-from-villagers">नवजात की हत्या कर नहर में फेंकने जा रही थी मां, ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने किया गिरफ्तार</a></h6>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/556194/a-contractor-cannot-be-found-to-repair-the-jajmau-ganga-bridge-in-kanpur--work-will-begin-in-the-new-year--with-applications-invited-for-the-tender-process</link>
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                <pubDate>Tue, 14 Oct 2025 18:26:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: आवारा कुत्तों की आबादी पर लगेगा नियंत्रण, एनिमल बर्थ सेंटर को शुरू करने की तैयारी तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> नगर निगम ने शहरवासियों के लिए मुसीबत बने आवारा कुत्तों की आबादी पर अंकुश लगाने की तैयारी कर ली है। नदौसी में बने एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर के जरिए आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करना है। इसको लेकर संचालन एजेंसी भी तय कर ली गई, लेकिन पूरे प्रदेश में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर को एक साथ शुरू किया जाना है। इसके लिए शासन से हरी झंडी मिलने का इंतजार है।</p>
<p>नदौसी में बने एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर को चालने के लिए टेंडर प्रकिया पूरी कर ली गई है। इसके संचालन के लिए एजेंसी को जिम्मेदारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/548721/bareilly-stray-dog-population-will-be-controlled-by-control-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/आवारा-कुत्ते.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> नगर निगम ने शहरवासियों के लिए मुसीबत बने आवारा कुत्तों की आबादी पर अंकुश लगाने की तैयारी कर ली है। नदौसी में बने एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर के जरिए आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करना है। इसको लेकर संचालन एजेंसी भी तय कर ली गई, लेकिन पूरे प्रदेश में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर को एक साथ शुरू किया जाना है। इसके लिए शासन से हरी झंडी मिलने का इंतजार है।</p>
<p>नदौसी में बने एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर को चालने के लिए टेंडर प्रकिया पूरी कर ली गई है। इसके संचालन के लिए एजेंसी को जिम्मेदारी दी गई है। नगर निगम के अधिकारी दावा कर रहे है कि पूरे प्रदेश में तैयार एबीसी को एक साथ शुरू करने की योजना नगर विकास विभाग ने बनाई है। शासन से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। शासन से अनुमति मिलते ही एबीसी को शुरू कर दिया जाएगा। ताकि कुत्तों की नसबंदी करके उनकी आबादी को नियंत्रित किया जाएगा।</p>
<p>नगर निगम अफसरों का दावा है कि करीब 1.85 करोड़ रुपये की लागत से बने एनिमल बर्थ कंट्रोल एंड डॉग केयर सेंटर में आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनके बधियाकरण के बाद करीब चार से पांच दिनों तक निगरानी में रखा जाएगा। यहां पर 10 सामुदायिक कैनेल बनाए गए हैं। एक कैनेल में 10-10 की संख्या में कुत्तों को रखा जाएगा</p>
<p><strong>पालतू कुत्तों को माउथ गार्ड न पहनाने पर लगेगा जुर्माना</strong><br />बरेली: नगर निगम ने कुत्तों का पालने को लेकर नया प्रस्ताव तैयार किया गया है, जो बोर्ड की बैठक में पेश किया जाएगा। मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डा.भानु प्रकाश ने बताया कि कुत्ते पालने का शौक रखने वालों को अब जिम्मेदारी निभानी होगी। कुत्ते के साथ बाहर निकलने पर यदि मालिक के पास स्कूप नहीं मिला या कुत्ते ने माउथ गार्ड नहीं पहना होगा, तो जुर्माना लगाया जाएगा। इस व्यवस्था से न सिर्फ लोगों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी भी कम होगी। कुत्ते और अन्य पशुओं को पालने के लिए कुछ सख्त नियम बनाए गए हैं, बोर्ड की बैठक में इन्हें पास कराने के बाद लागू किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/548721/bareilly-stray-dog-population-will-be-controlled-by-control-of</link>
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                <pubDate>Mon, 04 Aug 2025 09:14:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
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