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                <title>Chaitra Navratri - Amrit Vichar</title>
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                <description>Chaitra Navratri RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Chaitra Navratri : चैत्र नवरात्र की नवमी पर सीएम योगी ने किया कन्या पूजन, अपने हाथों कराया भोजन </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>गोरखपुर। </strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व  गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने वासंतिक (चैत्र) नवरात्र की नवमी पर शुक्रवार को गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुसार कन्या पूजन किया। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/84.jpg" alt="8" width="1200" height="720" /></p>
<p>बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर के अन्न क्षेत्र में आयोजित कन्या पूजन अनुष्ठान में दुर्गा स्वरूपा नौ कन्याओं के चरण पखारे, उनका विधि-विधान से पूजन किया, चुनरी ओढ़ाई, आरती उतारी और श्रद्धापूर्वक भोजन कराया। </p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/GorakhnathMndr/status/2037441878728352195">https://twitter.com/GorakhnathMndr/status/2037441878728352195</a></blockquote>
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<p>उन्होंने दक्षिणा और उपहार देकर उनका आशीर्वाद भी लिया। परंपरा के तहत मुख्यमंत्री ने बटुक पूजन भी किया। इस अवसर पर मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ सहित कई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576655/on-the-ninth-day-of-chaitra-navratri--cm-yogi-performed--kanya-pujan--and-personally-served-food-with-his-own-hands"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/84.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>गोरखपुर। </strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व  गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने वासंतिक (चैत्र) नवरात्र की नवमी पर शुक्रवार को गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुसार कन्या पूजन किया। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/84.jpg" alt="8" width="1280" height="720"></img></p>
<p>बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर के अन्न क्षेत्र में आयोजित कन्या पूजन अनुष्ठान में दुर्गा स्वरूपा नौ कन्याओं के चरण पखारे, उनका विधि-विधान से पूजन किया, चुनरी ओढ़ाई, आरती उतारी और श्रद्धापूर्वक भोजन कराया। </p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/GorakhnathMndr/status/2037441878728352195">https://twitter.com/GorakhnathMndr/status/2037441878728352195</a></blockquote>
<p>

</p>
<p>उन्होंने दक्षिणा और उपहार देकर उनका आशीर्वाद भी लिया। परंपरा के तहत मुख्यमंत्री ने बटुक पूजन भी किया। इस अवसर पर मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ सहित कई संत और मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोग उपस्थित रहे। कन्या पूजन से पहले प्रातःकालीन सत्र में मंदिर के शक्तिपीठ में मां सिद्धिदात्री की विधि-विधान से आराधना भी की गई।  </p>
<h5><strong>5 साल की बच्ची ने सीएम योगी को गिफ्ट किया बुलडोजर टॉय</strong></h5>
<p>गोरखपुर में सीएम को 5 साल की बच्ची ने बुलडोजर टॉय गिफ्ट किया। योगी ने बच्ची के साथ बुलडोजर पकड़कर फोटो खिंचवाई। फिर बच्ची को वापस लौटाते हुए कहा कि अब इसे ले जाओ। मन लगाकर पढ़ाई करना। बच्ची का नाम यशस्विनी है। वह परिवार के साथ कानपुर से गोरखनाथ मंदिर आई थी। सीएम ने इसके भी पांव पखारे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 16:37:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाराबंकी : अष्टमी-रामनवमी के संयोग पर मंदिरों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, घरों में  भी हुआ पूजन</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> चैत्र नवरात्र की अष्टमी और रामनवमी के पावन संयोग पर गुरुवार को जिले भर में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस वर्ष दुर्गाष्टमी और रामनवमी का शुभ संयोग एक ही दिन पड़ने से पर्व का महत्व और बढ़ गया। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं और मां दुर्गा के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। भक्तों ने विधि-विधान से हवन-पूजन कर मां दुर्गा की आराधना की।</p>
<p style="text-align:justify;">घरों और मंदिरों में कन्या पूजन का विशेष आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने छोटी कन्याओं को मां</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576593/barabanki--a-surge-of-devotees-floods-temples-on-the-auspicious-confluence-of-ashtami-and-ram-navami--prayers-also-offered-in-homes"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/027.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> चैत्र नवरात्र की अष्टमी और रामनवमी के पावन संयोग पर गुरुवार को जिले भर में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस वर्ष दुर्गाष्टमी और रामनवमी का शुभ संयोग एक ही दिन पड़ने से पर्व का महत्व और बढ़ गया। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं और मां दुर्गा के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। भक्तों ने विधि-विधान से हवन-पूजन कर मां दुर्गा की आराधना की।</p>
<p style="text-align:justify;">घरों और मंदिरों में कन्या पूजन का विशेष आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने छोटी कन्याओं को मां का स्वरूप मानकर उनका पूजन कर भोजन कराया और उपहार भेंट किए। मंदिरों में रामचरित मानस का पाठ भी किया गया। शहर के गुलरियागार्दा स्थित बड़ी माता मंदिर, रसूलपुर का छोटी माता मंदिर, दूधेश्वर महादेव मंदिर, सत्यप्रेमीनगर स्थित संतोषी माता मंदिर, पूर्वी देवी मंदिर, मुड़कटी देवी मंदिर सहित ज्वाला देवी और नैना देवी जैसे ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही।</p>
<p style="text-align:justify;">भक्त माता रानी के जयकारे लगाते हुए दर्शन के लिए घंटों कतारों में खड़े रहे। मंदिरों में महिलाओं ने भक्ति गीत गाकर माहौल को और भक्तिमय बना दिया। मां महागौरी को चुनरी अर्पित की गई और देवी मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया। शहर के कई मंदिरों में देवी मां की आकर्षक झांकियां सजाई गईं, जिसकी छटा देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। श्रद्धालुओं ने पहले घरों में हवन-पूजन करने के बाद मंदिरों में जाकर माता रानी के दर्शन किए और बाद में कन्या भोज का आयोजन कर परंपराओं का श्रद्धा के साथ निर्वहन किया।</p>
<p style="text-align:justify;">पंडित नित्यानंद बाजपेई ने बताया कि रामचरितमानस के बालखण्ड में वर्णन मिलता है कि, भगवान राम का जन्म चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अभिजीत मुहूर्त यानी दोपहर के समय हुआ था। यही कारण है कि राम नवमी मनाने के लिए मध्याह्न काल को देखा जाता है, जोकि गुरुवार को पड़ी। इसलिए गुरुवार को ही राम जन्मोत्सव मनाया जाना उत्तम था। हालांकि कई लोग उदयातिथि को मान्यता देते हैं। ऐसे में वे शुक्रवार को राम नवमी का पर्व मनाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 20:29:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> ईंधन भंडार को लेकर भारत सरकार का बड़ा अपडेट:  अफवाह से बचे, देश के पास 60 दिन का है स्टॉक </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश के पास लगभग 60 दिनों का ईंधन भंडार है और पेट्रोल, डीजल या रसोई गैस (एलपीजी) की कोई कमी नहीं है। सरकार ने ईंधन की कमी की खबरों को 'जानबूझकर फैलाया गया गलत सूचना अभियान' बताया, जिसका उद्देश्य लोगों में दहशत पैदा करना है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि देश भर के सभी पेट्रोल पंप पर पर्याप्त स्टॉक है और वे सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। </p>
<h5 style="text-align:justify;">मंत्रालय ने बयान में कहा </h5>
<p style="text-align:justify;">पेट्रोल या डीजल की कोई राशनिंग नहीं की जा रही है। मंत्रालय ने बयान में कहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576559/major-update-from-the-government-of-india-regarding-fuel-reserves--beware-of-rumors%E2%80%94the-country-holds-60-days--worth-of-oil-and-gas-reserves"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/वायरल-तस्वीर-(43)8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश के पास लगभग 60 दिनों का ईंधन भंडार है और पेट्रोल, डीजल या रसोई गैस (एलपीजी) की कोई कमी नहीं है। सरकार ने ईंधन की कमी की खबरों को 'जानबूझकर फैलाया गया गलत सूचना अभियान' बताया, जिसका उद्देश्य लोगों में दहशत पैदा करना है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि देश भर के सभी पेट्रोल पंप पर पर्याप्त स्टॉक है और वे सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। </p>
<h5 style="text-align:justify;">मंत्रालय ने बयान में कहा </h5>
<p style="text-align:justify;">पेट्रोल या डीजल की कोई राशनिंग नहीं की जा रही है। मंत्रालय ने बयान में कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों के परिशोधन के मामले में दुनिया में चौथे और पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक भारत, घरेलू ईंधन की उपलब्धता को संरचनात्मक रूप से सुनिश्चित करता है और 150 से अधिक देशों को परिष्कृत ईंधन की आपूर्ति करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">बयान के अनुसार, ''प्रत्येक भारतीय रिफाइनरी (जो कच्चे तेल को पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन में परिवर्तित करती है) 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर चल रही है।'' अगले 60 दिन के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति भारतीय पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">आपूर्ति में कोई कमी नहीं</h5>
<p style="text-align:justify;">इसमें कहा गया है कि भारत के पास कुल 74 दिन की कच्चे तेल और ईंधन भंडारण क्षमता है। मंत्रालय ने कहा, ''पश्चिम एशिया संकट के 27वें दिन भी, हमारे पास अभी लगभग 60 दिन का वास्तविक भंडार (जिसमें कच्चे तेल का भंडार, उत्पाद भंडार और रणनीतिक भंडारण शामिल है) है।'' बयान के अनुसार, ''वैश्विक स्तर पर चाहे जो भी हो, प्रत्येक भारतीय नागरिक की जरूरतों को पूरा करने लिए लगभग दो महीने की स्थिर आपूर्ति उपलब्ध है।'' </p>
<p style="text-align:justify;">मंत्रालय ने कहा कि दो माह की कच्चे तेल की खरीद पहले ही सुनिश्चित होने की वजह से अगले कुछ माह तक भारत के लिए समस्या नहीं है और ऐसी आपूर्ति की स्थिति में रणनीतिक भंडारण में रखी मात्रा का महत्व गौण हो जाता है। बयान के अनुसार, ''देश में भंडार के समाप्त या अपर्याप्त होने के किसी भी दावे को पूरी तरह से खारिज कर देना चाहिए।'' </p>
<p style="text-align:justify;">मंत्रालय ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव के बावजूद कच्चे तेल की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है। जो भी व्यवधान उत्पन्न हो रहा है, उसकी भरपाई वैकल्पिक स्रोतों से अधिक आपूर्ति के जरिये हो रही है। भारतीय रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से अधिक पर काम कर रही हैं और अगले 60 दिन के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">बयान के अनुसार, घरेलू उत्पादन में वृद्धि और आयात आवश्यकताओं में कमी के कारण एलपीजी की आपूर्ति भी पर्याप्त है। कई देशों से अतिरिक्त कार्गो सुरक्षित कर लिए गए हैं, जिससे निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है। सरकार ने चेतावनी दी, ''सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट और कमी या आपातकालीन उपायों के मनगढ़ंत दावे अनावश्यक चिंता पैदा करने के लिए फैलाए जा रहे हैं। इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/576540/g7-meeting--external-affairs-minister-jaishankar-on-a-visit-to-france--to-participate-in-meeting-with-g7-partner-nations"><span class="t-red">G7 Meeting : </span>फ्रांस दौरे पर विदेश मंत्री जयशंकर, जी7 सहयोगी देशों के साथ बैठक में लेंगे हिस्सा</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/576559/major-update-from-the-government-of-india-regarding-fuel-reserves--beware-of-rumors%E2%80%94the-country-holds-60-days--worth-of-oil-and-gas-reserves</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/576559/major-update-from-the-government-of-india-regarding-fuel-reserves--beware-of-rumors%E2%80%94the-country-holds-60-days--worth-of-oil-and-gas-reserves</guid>
                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 16:55:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Chaitra Navratri : चैत्र नवरात्रि की महाअष्टमी आज, देवी मंदिरों में श्रद्धा का सैलाब </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>चैत्र नवरात्रि की महाअष्टमी के पावन अवसर पर तीर्थराज प्रयागराज शक्ति भक्ति में सराबोर नजर आया। ब्रह्म मुहूर्त से ही शहर के प्रमुख शक्तिपीठों और देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आदि शक्तिपीठ अलोपशंकरी, ललिता देवी और कल्याणी देवी मंदिरों में भोर से ही 'जय माता दी' के उद्घोष गूंजते रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">ललिता देवी मंदिर में महाअष्टमी के अवसर पर माता का विशेष श्रृंगार किया गया। प्रातः आरती के बाद जैसे ही मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए, दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं। भक्तों ने नारियल, चुनरी, फल और मिष्ठान्न अर्पित कर सुख-समृद्धि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576527/chaitra-navratri--maha-ashtami-of-chaitra-navratri-falls-today--a-surge-of-devotion-sweeps-through-goddess-temples"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/0134.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>चैत्र नवरात्रि की महाअष्टमी के पावन अवसर पर तीर्थराज प्रयागराज शक्ति भक्ति में सराबोर नजर आया। ब्रह्म मुहूर्त से ही शहर के प्रमुख शक्तिपीठों और देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आदि शक्तिपीठ अलोपशंकरी, ललिता देवी और कल्याणी देवी मंदिरों में भोर से ही 'जय माता दी' के उद्घोष गूंजते रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">ललिता देवी मंदिर में महाअष्टमी के अवसर पर माता का विशेष श्रृंगार किया गया। प्रातः आरती के बाद जैसे ही मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए, दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं। भक्तों ने नारियल, चुनरी, फल और मिष्ठान्न अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस वर्ष महाअष्टमी पर सर्वार्थसिद्धि योग और रवि योग का संयोग बनने से पूजा का महत्व और बढ़ गया।</p>
<p style="text-align:justify;">अष्टमी तिथि 25 मार्च दोपहर 1:51 बजे से प्रारंभ होकर 26 मार्च सुबह 11:49 बजे तक रही, जिसके चलते सुबह के समय पूजन विशेष फलदायी माना गया। मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की आराधना को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह रहा। शहर में घर-घर कन्या पूजन का आयोजन हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने नौ कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका पूजन किया और हलवा-पूरी व चने का प्रसाद वितरित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">त्योहार के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। प्रमुख मंदिरों और चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया तथा भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई। दर्शन-पूजन का सिलसिला देर रात तक जारी रहने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 13:34:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चैत्र नवरात्री:  मां नंदादेवी भक्तों को सपने में देती हैं दर्शन </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">अल्मोड़ा में स्थित मां नंदा देवी का पावन मंदिर हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र है। यहां स्थापित मां नंदा देवी को शैलपुत्री का रूप माना जाता है। अल्मोड़ा की नंदा देवी चंद वंश राजाओं की कुलदेवी हैं, जो आज भी अपने भक्तों को सपने में दर्शन देती हैं और उनकी मनोकामना पूरी करती हैं। पुजारी तारा दत्त जोशी बताते हैं कि यह मंदिर प्राचीन काल का है और माता की मूर्ति की स्थापना इस प्रांगण में करीब 200 साल पहले की गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले नंदा देवी को मल्ला महल में पूजा जाता था। उसके बाद इस प्रांगण में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576271/chaitra-navratri--mother-nanda-devi-appears-to-devotees-in-dreams"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/वायरल-तस्वीर-(12)12.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अल्मोड़ा में स्थित मां नंदा देवी का पावन मंदिर हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र है। यहां स्थापित मां नंदा देवी को शैलपुत्री का रूप माना जाता है। अल्मोड़ा की नंदा देवी चंद वंश राजाओं की कुलदेवी हैं, जो आज भी अपने भक्तों को सपने में दर्शन देती हैं और उनकी मनोकामना पूरी करती हैं। पुजारी तारा दत्त जोशी बताते हैं कि यह मंदिर प्राचीन काल का है और माता की मूर्ति की स्थापना इस प्रांगण में करीब 200 साल पहले की गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले नंदा देवी को मल्ला महल में पूजा जाता था। उसके बाद इस प्रांगण में माता की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई। तब से लेकर आज तक यहां माता की पूजा-अर्चना की जाती है। उन्होंने बताया कि इस मंदिर में हर महीने हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं के द्वारा यह भी कहा जाता है कि माता ने उन्हें सपने में आकर दर्शन दिए, जिसके बाद वह इस मंदिर तक पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि चंद वंशज राज परिवार मां नंदादेवी को अपनी कुल देवी के रूप में पूजन करते है। <br /> <br />200 अशर्फियों को गलाकर हुई मंदिर की स्थापना :  नंदादेवी मंदिर समिति संयोजक अर्जुन बिष्ट ने बताया कि 1670 में बाज बहादुर चंद बधानगढ़ से नंदादेवी की स्वर्ण प्रतिमा अल्मोड़ा लाए थे। 1699 में राजा ज्ञानचंद भी बधानकोट से एक स्वर्ण प्रतिमा अल्मोड़ा लाए। 1710 में राजा जगत चंद को बधानकोट विजय के अवसर पर नंदादेवी की प्रतिमा प्राप्त नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने अपने खजाने से 200 अशर्फियों को गलाकर नंदादेवी की प्रतिमा का निर्माण कराया और इन्हें मल्ला महल स्थित नंदादेवी मंदिर में प्रतिष्ठित कराया। </p>
<p style="text-align:justify;">जिस परिसर में वर्तमान नंदादेवी मंदिर स्थित है, वहां पर 1690-91 में तत्कालीन नरेश उद्योत चंद ने दो शिव मंदिर उद्योत चंद्रेश्वर और पार्वती चंद्रेश्वर बनाए। अंग्रेजी शासनकाल में 1815 में तत्कालीन कमिश्नर ट्रेल ने उन्हें उद्योत चंद्रेश्वर मंदिर में रखवा दिया। इसके बाद कमिश्नर ट्रेल उनकी आंखों की रोशनी अचानक काफी कम हो गई। कुछ लोगों की सलाह पर उन्होंने अल्मोड़ा आकर 1816 में नंदादेवी का मंदिर बनवाकर (वर्तमान मंदिर) वहां नंदादेवी की मूर्ति स्थापित कराई। उसके बाद उनके आंखों की रोशनी लौट आई।<br /> <br />मंदिरों में खजुराहो कलाकृति: नंदादेवी मंदिर अल्मोड़ा की मंदिर की निर्माण शैली भी काफी पुरानी है। यहां उद्योत चंद्रेश्वर मंदिर की स्थापना 17 वीं शताब्दी के अंत में मानी जाती है। उद्योत चंद्रेश्वर मंदिर के ऊपरी हिस्से में एक लकड़ी का छज्जा है। मंदिर में बनी कलाकृति खजुराहो मंदिरों की तर्ज पर है। ये मंदिर संरक्षित श्रेणी में शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">चंद वंशज करते हैं तांत्रिक पूजा : अल्मोड़ा में मां नंदा की पूजा-अर्चना तारा शक्ति के रूप में तांत्रिक विधि से करने की परंपरा है। पहले से ही विशेष तांत्रिक पूजा चंद शासक व उनके परिवार के सदस्य करते आए हैं। वर्तमान में चंद वंशज नैनीताल के पूर्व सांसद स्व. केसी सिंह बाबा का परिवार राजा के रूप में पूजा में बैठते हैं।-रमेश जड़ौत , अल्मोड़ा </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>अंतस</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/576271/chaitra-navratri--mother-nanda-devi-appears-to-devotees-in-dreams</link>
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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 11:00:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ-अयोध्या मार्ग पर ट्रैफिक अलर्ट,  रामनवमी मेले के चलते कई मार्गों पर बदलाव, इन रास्तों पर भारी वाहनों पर रोक </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>चैत्र रामनवमी के चलते लखनऊ से गुजरने वाले कई मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। पुलिस उपायुक्त यातायात रवीन त्यागी ने बताया कि डायवर्जन 24 से 27 मार्च के बीच मालवाहक भारी वाहन, ट्रक, डीसीएम, ट्रैक्टर आदि बड़े वाहन लखनऊ-अयोध्या मार्ग पर प्रतिबंधित रहेंगे। यातायात से संबंधित समस्या आने पर कंट्रोल रूम नंबर 94544405155 पर संपर्क कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस उपायुक्त के अनुसार सीतापुर रोड से आने वाली बसें, बड़े-भारी वाहन बाराबंकी-अयोध्या की तरफ नहीं जा सकेंगे। ये वाहन इन्दौराबाग किसानपथ अंडरपास (सीतापुर रोड) से किसान पथ होते हुए सुलतानपुर रोड(चांदसराय) से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576404/traffic-diversions-on-lucknow-ayodhya-route--changes-on-several-roads-due-to-ram-navami-fair--ban-on-heavy-vehicles-on-these-routes"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/वायरल-तस्वीर-(6)14.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>चैत्र रामनवमी के चलते लखनऊ से गुजरने वाले कई मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। पुलिस उपायुक्त यातायात रवीन त्यागी ने बताया कि डायवर्जन 24 से 27 मार्च के बीच मालवाहक भारी वाहन, ट्रक, डीसीएम, ट्रैक्टर आदि बड़े वाहन लखनऊ-अयोध्या मार्ग पर प्रतिबंधित रहेंगे। यातायात से संबंधित समस्या आने पर कंट्रोल रूम नंबर 94544405155 पर संपर्क कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस उपायुक्त के अनुसार सीतापुर रोड से आने वाली बसें, बड़े-भारी वाहन बाराबंकी-अयोध्या की तरफ नहीं जा सकेंगे। ये वाहन इन्दौराबाग किसानपथ अंडरपास (सीतापुर रोड) से किसान पथ होते हुए सुलतानपुर रोड(चांदसराय) से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे होते हुए जा सकेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">सीतापुर रोड से आने वाली बसें, बड़े, भारी वाहनों को बाराबंकी-अयोध्या की तरफ रोक रहेगी। ये वाहन बाजपुर किसानपथ अंडरपास (हरदोई रोड) से किसान पथ होते हुए सुलतानपुर रोड (चांदसराय) से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे होते हुए जा सकेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">कानपुर से आने वाली बसें, बड़े, भारी वाहन बाराबंकी-अयोध्या की तरफ नहीं जा सकेंगे। ये वाहन जुनाबगंज मोड़, मोहनलालगंज कस्बा तिराहा से दाहिने बछरावां से हैदरगढ़ से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे होते हुए जा सकेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">-आगरा एक्सप्रेस-वे से भारी वाहन खुशहालगंज किसानपथ अंडरपास से किसान पथ होते हुए सुलतानपुर रोड (चांदसराय) से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे होते हुए जा सकेंगे।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/576399/ram-navami-2026--special-significance-of-the-havan-marking-the-conclusion-of-chaitra-navratri--find-out-when-ashtami-and-navami-will-be-celebrated"><span class="t-red">Ram Navami 2026 :</span> चैत्र नवरात्री समापन पर हवन का विशेष महत्व, जानिए कब मनाई जाएगी अष्टमी और नवमी </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/576404/traffic-diversions-on-lucknow-ayodhya-route--changes-on-several-roads-due-to-ram-navami-fair--ban-on-heavy-vehicles-on-these-routes</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/576404/traffic-diversions-on-lucknow-ayodhya-route--changes-on-several-roads-due-to-ram-navami-fair--ban-on-heavy-vehicles-on-these-routes</guid>
                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 12:31:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वाराणसी : मां श्रृंगार गौरी के दर्शन-पूजन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी।</strong> आध्यात्मिक नगरी काशी में चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन मां श्रृंगार गौरी की आराधना को समर्पित है। इस पावन अवसर पर काशीवासी तथा देश-विदेश से आए श्रद्धालु परंपरागत रूप से मां श्रृंगार गौरी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में उपस्थित होते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि मां श्रृंगार गौरी का स्थान ज्ञानवापी परिसर की पश्चिमी दीवार पर स्थित है। वर्ष में केवल इस एक दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुलूस के रूप में यहां पहुंचते हैं। जुलूस का पूरा मार्ग निर्धारित है, जिसमें भक्त पहले गणपति के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576017/varanasi--crowds-of-devotees-throng-for-the--darshan--and-worship-of-mother-shringar-gauri"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/cats158.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी।</strong> आध्यात्मिक नगरी काशी में चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन मां श्रृंगार गौरी की आराधना को समर्पित है। इस पावन अवसर पर काशीवासी तथा देश-विदेश से आए श्रद्धालु परंपरागत रूप से मां श्रृंगार गौरी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में उपस्थित होते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि मां श्रृंगार गौरी का स्थान ज्ञानवापी परिसर की पश्चिमी दीवार पर स्थित है। वर्ष में केवल इस एक दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुलूस के रूप में यहां पहुंचते हैं। जुलूस का पूरा मार्ग निर्धारित है, जिसमें भक्त पहले गणपति के दर्शन करते हैं और फिर हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 से न्यास ने इस पूजन की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली है। श्रद्धालुओं को नारियल, चुनरी, फलाहारी हलवा (प्रसाद), डमरू आदि की व्यवस्था न्यास की ओर से की जा रही है। इसके अलावा, अंदर फोटोग्राफी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि किसी प्रकार का विवाद या अतिरिक्त मांग से कोई असुविधा न हो। </p>
<p style="text-align:justify;">विश्व भूषण मिश्र ने कहा कि यह परंपरा 40 वर्षों से अधिक पुरानी है, इसलिए इसे परंपरा के रूप में स्वीकार किया जाता है और इसमें कोई विवादास्पद पहलू नहीं है। यह सुगमतापूर्वक संचालित हो रही है तथा न्यास पूरे सहयोग से इसे संपन्न करा रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि दक्षिणमुखी हनुमान जी के पास हनुमान चालीसा पाठ की व्यवस्था के लिए न्यास ने भव्य पंडाल सजाया है, जिसमें राम दरबार स्थापित किया गया है। यहां हनुमान जी की मूर्ति स्थापित है तथा सुंदरकांड पाठ के लिए पूर्ण व्यवस्था की गई है। अर्चकों द्वारा दिन भर सुंदरकांड का नियमित पाठ चल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">श्रद्धालु भी यहां बैठकर हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड का पाठ कर सकते हैं। उनके लिए बैठने, पेयजल तथा अन्य सभी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास भगवान विश्वनाथ के प्रति श्रद्धा रखने वाले सभी श्रद्धालुओं का सत्कार करने के लिए सदैव तत्पर एवं दृढ़ संकल्पित है। यह आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता तथा परंपराओं के संरक्षण का जीवंत प्रतीक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/576017/varanasi--crowds-of-devotees-throng-for-the--darshan--and-worship-of-mother-shringar-gauri</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/576017/varanasi--crowds-of-devotees-throng-for-the--darshan--and-worship-of-mother-shringar-gauri</guid>
                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 13:52:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिशन शक्ति : सरकारी विद्यालयों में सजी नवदुर्गा, 2.33 लाख बच्चों ने गढ़े शक्ति के प्रतीक</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>चैत्र नवरात्रि की शुरुआत के साथ 'मिशन शक्ति' के छठे चरण के पहले दिन उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में आस्था, रचनात्मकता और सामाजिक चेतना का संगम देखने को मिला। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रदेश के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में नवदुर्गा के नौ स्वरूपों पर आधारित पोस्टर निर्माण और विचार-विमर्श कार्यक्रम आयोजित किए गए। </p>
<p style="text-align:justify;">इस अभियान के तहत लगभग 2.33 लाख बच्चों ने शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री के स्वरूपों पर आकर्षक पोस्टर तैयार किए। इन रचनात्मक गतिविधियों में शक्ति, साहस, करुणा और आत्मनिर्भरता के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575771/mission-shakti--navdurga-adorns-government-schools--2-33-lakh-children-craft-symbols-of-shakti"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/324.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>चैत्र नवरात्रि की शुरुआत के साथ 'मिशन शक्ति' के छठे चरण के पहले दिन उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में आस्था, रचनात्मकता और सामाजिक चेतना का संगम देखने को मिला। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रदेश के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में नवदुर्गा के नौ स्वरूपों पर आधारित पोस्टर निर्माण और विचार-विमर्श कार्यक्रम आयोजित किए गए। </p>
<p style="text-align:justify;">इस अभियान के तहत लगभग 2.33 लाख बच्चों ने शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री के स्वरूपों पर आकर्षक पोस्टर तैयार किए। इन रचनात्मक गतिविधियों में शक्ति, साहस, करुणा और आत्मनिर्भरता के भावों को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">विद्यालय परिसरों में प्रदर्शित कृतियों ने न केवल बच्चों की सृजनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित किया, बल्कि नारी शक्ति के प्रति उनकी सकारात्मक सोच को भी दर्शाया। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि 'मिशन शक्ति' के माध्यम से राज्य सरकार बालिकाओं को सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि नवदुर्गा के स्वरूपों के माध्यम से बच्चों को नारी शक्ति के विभिन्न आयामों से परिचित कराना एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नवदुर्गा के प्रत्येक स्वरूप से जुड़े गुण साहस, संयम, सेवा, ज्ञान और नेतृत्व के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, स्वाभिमान और अधिकारों जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। </p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि 'मिशन शक्ति' केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि लैंगिक समानता को बढ़ावा देने का व्यापक सामाजिक अभियान है। इस दौरान बालिकाओं ने आत्मविश्वास के साथ अपने विचार व्यक्त किए और विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने का संकल्प व्यक्त किया। स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बालिकाओं में आत्मविश्वास, आत्मबल और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 20:15:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा हमला, कहा- सनातन विरोधियों से दूरी बना रही है युवा पीढ़ी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या। </strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब लोग नए वर्ष पर परिवार के साथ मंदिरों में दर्शन-पूजन को प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी उन स्थानों से दूरी बना रही है, जहां सनातन परंपरा के विरोध की गतिविधियां होती हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन गुरुवार को द्रौपदी मुर्मु ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में 'श्रीराम यंत्र' की विधिवत प्रतिष्ठापना की। इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, संत-महात्मा और हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को भारतीय नवसंवत्सर की शुभकामनाएं दीं और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575755/cm-yogi-launches-sharp-attack-on-opposition-in-ayodhya--says--%22the-younger-generation-is-distancing-itself-from-opponents-of-sanatan-%22"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/muskan-dixit1.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या। </strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब लोग नए वर्ष पर परिवार के साथ मंदिरों में दर्शन-पूजन को प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी उन स्थानों से दूरी बना रही है, जहां सनातन परंपरा के विरोध की गतिविधियां होती हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन गुरुवार को द्रौपदी मुर्मु ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में 'श्रीराम यंत्र' की विधिवत प्रतिष्ठापना की। इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, संत-महात्मा और हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को भारतीय नवसंवत्सर की शुभकामनाएं दीं और अयोध्या धाम की आध्यात्मिक महत्ता का उल्लेख किया। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि सरयू का पावन जल इस नगरी को निरंतर पवित्र करता है और यहां आयोजित धार्मिक अनुष्ठान रामराज्य की अनुभूति कराते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और अशांति का माहौल है, वहीं अयोध्या में इस प्रकार के आयोजन भारत की सांस्कृतिक शक्ति और आध्यात्मिक विरासत को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि "हम ऐसे समय में श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना के साक्षी बन रहे हैं, जब विश्व अशांत है, और यह हमारे लिए रामराज्य की अनुभूति का क्षण है।" </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आस्था को अंधविश्वास बताकर उसका अपमान किया गया, जबकि स्वयं सत्ता में रहने वाले लोग नोएडा जाने जैसे मिथकों का पालन करते रहे। उन्होंने कहा कि सदियों के संघर्ष के बाद श्रीराम जन्मभूमि का भव्य स्वरूप सामने आया है, जो देश की आस्था का प्रतीक है। </p>
<p style="text-align:justify;">योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आज 'राष्ट्र मंदिर' का स्वरूप ले चुका है और यह रामराज्य की आधारशिला है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों-अयोध्या, काशी, प्रयागराज और मथुरा-वृंदावन में कुल 156 करोड़ श्रद्धालु-पर्यटक पहुंचे, जो राज्य की बढ़ती आध्यात्मिक पहचान को दर्शाता है। </p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राम मंदिर आंदोलन से जुड़े संतों, रामभक्तों और कारीगरों का अभिनंदन किया तथा दिवंगत अशोक सिंघल सहित सभी योगदानकर्ताओं को नमन किया। इस अवसर पर अमृतानंदमयी समेत कई संत-महात्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/575755/cm-yogi-launches-sharp-attack-on-opposition-in-ayodhya--says--%22the-younger-generation-is-distancing-itself-from-opponents-of-sanatan-%22</link>
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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 17:31:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चैत्र नवरात्र पर मैनपुरी में उमड़ा आस्था का सैलाब,  शीतला माता मंदिर में गूंजे जय माता दी के जयकारें </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मैनपुरी। </strong>उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में गुरुवार को नवरात्र के प्रथम दिन मां शैलपुत्री के दर्शन के लिए भोर से ही प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शहर के प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर में सुबह से ही भक्तों का जनसैलाब देखने को मिला। श्रद्धालु लंबी कतारों में लगकर दर्शन की प्रतीक्षा करते नजर आए। घंटों की गूंज और "जय माता दी" के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। </p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस प्रशासन द्वारा मंदिर परिसरों एवं प्रमुख चौराहों पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। महिला श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महिला पुलिस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575747/a-deluge-of-devotion-sweeps-through-mainpuri-during-chaitra-navratri--chants-of--jai-mata-di--reverberate-at-the-sheetla-mata-temple"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/वायरल-तस्वीर-(44)4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मैनपुरी। </strong>उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में गुरुवार को नवरात्र के प्रथम दिन मां शैलपुत्री के दर्शन के लिए भोर से ही प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शहर के प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर में सुबह से ही भक्तों का जनसैलाब देखने को मिला। श्रद्धालु लंबी कतारों में लगकर दर्शन की प्रतीक्षा करते नजर आए। घंटों की गूंज और "जय माता दी" के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। </p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस प्रशासन द्वारा मंदिर परिसरों एवं प्रमुख चौराहों पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। महिला श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महिला पुलिस बल की भी तैनाती की गई है। भीड़ प्रबंधन एवं सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए पुलिस अधीक्षक नगर अरुण कुमार तथा क्षेत्राधिकारी सिटी संतोष कुमार ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। </p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने बैरिकेडिंग एवं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन एवं पुलिस पिकेट भी लगाए गए हैं। प्रशासन की मुस्तैदी के चलते भारी भीड़ के बावजूद श्रद्धालु शांतिपूर्ण ढंग से दर्शन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार शीतला माता मंदिर में गहरी आस्था के चलते जिले भर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  :</h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/575746/crowds-of-devotees-during-chaitra-navratri--long-queues-outside-major-temples-in-mathura-and-varanasi--up-police-personnel-deployed-for-security"><span class="t-red">चैत्र नवरात्रि पर भक्तों की भीड़, </span>मथुरा-वाराणसी के प्रमुख मंदिरों के बाहर लंबी कतारें, सुरक्षा में लगें यूपी पुलिस के जवान</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मैनपुरी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/575747/a-deluge-of-devotion-sweeps-through-mainpuri-during-chaitra-navratri--chants-of--jai-mata-di--reverberate-at-the-sheetla-mata-temple</link>
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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 16:37:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चैत्र नवरात्रि पर भक्तों की भीड़,  मथुरा-वाराणसी के प्रमुख मंदिरों के बाहर लंबी कतारें, सुरक्षा में लगें यूपी पुलिस के जवान </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मथुरा/वाराणसी। </strong>चैत्र नवरात्रि के बृहस्पतिवार से शुरू होते ही उत्तर प्रदेश के मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी और मथुरा व वाराणसी के प्रमुख मंदिरों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मथुरा में श्रद्धालुओं ने मंदिरों में नारियल, फूल और चुनरी चढ़ाई। रामनवमी 27 मार्च को मनायी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि कुछ मंदिरों में अमावस्या के कारण एक दिन बाद उत्सव शुरू होगा। श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने बताया कि रामनवमी तक प्रतिदिन नवाह पारायण पाठ और शतचंडी पाठ का आयोजन किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं वाराणसी में भी सुबह से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575746/crowds-of-devotees-during-chaitra-navratri--long-queues-outside-major-temples-in-mathura-and-varanasi--up-police-personnel-deployed-for-security"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/वायरल-तस्वीर-(43)5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मथुरा/वाराणसी। </strong>चैत्र नवरात्रि के बृहस्पतिवार से शुरू होते ही उत्तर प्रदेश के मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी और मथुरा व वाराणसी के प्रमुख मंदिरों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मथुरा में श्रद्धालुओं ने मंदिरों में नारियल, फूल और चुनरी चढ़ाई। रामनवमी 27 मार्च को मनायी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि कुछ मंदिरों में अमावस्या के कारण एक दिन बाद उत्सव शुरू होगा। श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने बताया कि रामनवमी तक प्रतिदिन नवाह पारायण पाठ और शतचंडी पाठ का आयोजन किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं वाराणसी में भी सुबह से ही मंदिरों में भारी भीड़ देखी गई और भक्त देवी गौरी के विभिन्न रूपों की पूजा करते नजर आए। पुलिस ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है और पुलिसकर्मियों की तैनाती सहित विस्तृत सुरक्षा-व्यवस्था की गई है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  :</h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/575740/special-rituals-at-baba-vishwanath-dham-for-chaitra-navratri--offerings-sent-to-mukhanirmalika-gauri-and-vishalakshi-temples"><span class="t-red">चैत्र नवरात्र पर बाबा विश्वनाथ धाम में विशेष अनुष्ठान, </span>मुखनिर्मालिका गौरी व विशालाक्षी मंदिर को भेजे गए उपहार </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                            <category>मथुरा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/575746/crowds-of-devotees-during-chaitra-navratri--long-queues-outside-major-temples-in-mathura-and-varanasi--up-police-personnel-deployed-for-security</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/575746/crowds-of-devotees-during-chaitra-navratri--long-queues-outside-major-temples-in-mathura-and-varanasi--up-police-personnel-deployed-for-security</guid>
                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 16:32:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: मुख्यमंत्री ने नवरात्र के बाद बरेली आने पर जताई सहमति</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बरेलीवासियों को छह हजार करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात देने चैत्र नवरात्र के बाद बरेली आएंगे। वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने बुधवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। </p>
<p>इस दौरान मुख्यमंत्री ने चैत्र नवरात्र के बाद बरेली आने की सहमति जताते हुए डॉ अरुण कुमार को लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम की तैयारियां कराने और परियोजनाओं का पूर्व में निरीक्षण करने के निर्देश दिए। वनमंत्री के अनुसार मुख्यमंत्री मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल के प्रथम सप्ताह में आ सकते हैं।</p>
<p>वन मंत्री डॉ अरुण कुमार ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575744/the-chief-minister-expressed-his-willingness-to-visit-bareilly-after-navratri"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/uoy.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बरेलीवासियों को छह हजार करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात देने चैत्र नवरात्र के बाद बरेली आएंगे। वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने बुधवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। </p>
<p>इस दौरान मुख्यमंत्री ने चैत्र नवरात्र के बाद बरेली आने की सहमति जताते हुए डॉ अरुण कुमार को लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम की तैयारियां कराने और परियोजनाओं का पूर्व में निरीक्षण करने के निर्देश दिए। वनमंत्री के अनुसार मुख्यमंत्री मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल के प्रथम सप्ताह में आ सकते हैं।</p>
<p>वन मंत्री डॉ अरुण कुमार ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान बरेली के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण कई परियोजनाओं पर चर्चा की। वन मंत्री ने मुख्यमंत्री को 21 मार्च को राष्ट्रीय वन दिवस पर लखनऊ में हाेने वाले बड़े कार्यक्रम के साथ बरेली आगमन को आमंत्रित किया। इस पर मुख्यमंत्री ने जल्द बरेली आने की सहमति दी। वनमंत्री का कहना है कि मुख्यमंत्री प्रस्तावित दौरे के दौरान विशाल जनसभा को संबोधित करने के साथ ही विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। उनका यह दौरा बरेली जिले के विकास को नई गति देने वाला साबित होगा।</p>
<p>इधर, मुख्यमंत्री के बरेली आगमन पर करीब छह हजार करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास कराने का कार्यक्रम है। पुलिस-प्रशासन मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर कई दिनों से तैयारियां पूरी करने में जुटे हैं। बरेली विकास प्राधिकरण की ग्रेटर बरेली, रामायण वाटिका, औद्योगिक टाउनशिप सहित कई परियोजनाओं का मुख्यमंत्री लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री रामायण वाटिका देखने भी जा सकते हैं, ऐसी संभावना को देखते हुए बीडीए के अफसर तैयारी करने में जुटे हैं। डीएम अविनाश सिंह दो दिन पहले कह चुके हैं कि जिला प्रशासन की तैयारियां पूरी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 16:09:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
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