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                <title>Somvati Amavasya - Amrit Vichar</title>
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                <description>Somvati Amavasya RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Vat Savitri Vrat 2025: इस तारीख को मनाई जाएगी वट सावित्री व्रत और साेमवती अमावस्या, अभी नोट करें शुभ मुहूर्त और विधि</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की अमावस्या को वट सावित्री व्रत रखा जाता है। इस बार वट सावित्री व्रत यानी बरगदाही 26 मई सोमवार को है। ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि सावित्री ने यमराज से पति सत्यवान के प्राण छुड़ाकर पुनजीर्वित करा लिया था। अखंड सुहाग की कामना से सुहागिनें व्रत रखकर वट वृक्ष की पूजा करती हैं। वट वृक्ष की जड़ों में ब्रह्माजी, तने में विष्णु जी और डालियों व पत्तियों में भगवान शिव का वास माना जाता है। </p>
<p style="text-align:justify;">अमावस्या तिथि की शुरुआत 26 मई को दोपहर 12:11 बजे से 27 मई को सुबह 8 : 31</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/539260/vat-savitri-vrat-2025--vat-savitri-vrat-and-somvati-amavasya-will-be-celebrated-on-this-date--note-the-auspicious-time-and-method-now"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/news-post-15.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की अमावस्या को वट सावित्री व्रत रखा जाता है। इस बार वट सावित्री व्रत यानी बरगदाही 26 मई सोमवार को है। ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि सावित्री ने यमराज से पति सत्यवान के प्राण छुड़ाकर पुनजीर्वित करा लिया था। अखंड सुहाग की कामना से सुहागिनें व्रत रखकर वट वृक्ष की पूजा करती हैं। वट वृक्ष की जड़ों में ब्रह्माजी, तने में विष्णु जी और डालियों व पत्तियों में भगवान शिव का वास माना जाता है। </p>
<p style="text-align:justify;">अमावस्या तिथि की शुरुआत 26 मई को दोपहर 12:11 बजे से 27 मई को सुबह 8 : 31 बजे तक रहेगी। ज्येष्ठ अमावस्या को तिथि दोपहर के समय में वट वृक्ष का पूजन करना श्रेष्ठ है। वट सावित्री व्रत के दिन चन्द्रमा कृतिका नक्षत्र और मेष राशि में दिन में 1:40 तक रहेगा। इसके उपरान्त वृषभ राशि का संयोग बना रहे है। बुध आदित्य योग और मालव्य योग भी बनेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">व्रत विधान-- प्रातःकाल स्नान आदि के बाद बांस की टोकरी में सप्त धान्य रख कर ब्रह्मा जी की मूर्ति की स्थापना कर फिर सावित्री की मूर्ति की स्थापना करते हैं। दूसरी टोकरी में सत्यवान और सावित्री की मूर्तियों की स्थापना करके टोकरी को वट वृक्ष के नीचे जाकर ब्रह्मा, सत्यवान व सावित्री की पूजा करके वट (बरगद) की जड़ में जल देते हैं। वट वृक्ष (बरगद) के नीचे बैठ कर सावित्री और सत्यवान की कथा भी सुननी चाहिए। पूजन विधि-पूजा में जल, मौली, रोली, कच्चा सूत, भीगा चना, फूल तथा धूप से पूजन करते है। वट वृक्ष पूजन में तने पर कच्चा सूत लपेट कर 7, 21 अथवा 108 परिक्रमा का विधान है लेकिन न्यूनतम सात बार परिक्रमा अवश्य करनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/539049/mansarovar-yatra-will-start-between-june-and-august-know-the">जून से अगस्त के बीच शुरू होगी मानसरोवर यात्रा, जानिए खर्च और सफर से जुड़ी पूरी जानकारी </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/539260/vat-savitri-vrat-2025--vat-savitri-vrat-and-somvati-amavasya-will-be-celebrated-on-this-date--note-the-auspicious-time-and-method-now</link>
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                <pubDate>Fri, 23 May 2025 11:13:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बदायूं : सोमवती अमावस्या पर आस्था से सराबोर रहा गंगा घाट, लगी रही भीड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बदायूं, अमृत विचार।</strong> पौष माह की सोमवती अमावस्या पर शीतलहर के बीच गंगाघाट पूरे दिन आस्था से सराबोर रहा। स्थानीय लोगों के साथ राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत आसपास के जिलों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। घाट पर ही पूजा-अर्चना कर दान दक्षिणा कदी। श्रद्धालुओं के द्वारा घाट पर हर-हर गंगे का जयघोष किया जाता रहा। </p>
<p>कछला गंगा घाट पर शीतलहर के बीच सोमवार तड़के से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। निजी वाहनों, बसों और ट्रेन समेत ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाने के बाद सबसे पहले सूर्यदेव को अर्घ्य दिया। गंगा स्नान के बाद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/514021/badaun-ganga-ghat-was-drenched-with-faith-on-somvati-amavasya"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/890.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बदायूं, अमृत विचार।</strong> पौष माह की सोमवती अमावस्या पर शीतलहर के बीच गंगाघाट पूरे दिन आस्था से सराबोर रहा। स्थानीय लोगों के साथ राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत आसपास के जिलों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। घाट पर ही पूजा-अर्चना कर दान दक्षिणा कदी। श्रद्धालुओं के द्वारा घाट पर हर-हर गंगे का जयघोष किया जाता रहा। </p>
<p>कछला गंगा घाट पर शीतलहर के बीच सोमवार तड़के से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। निजी वाहनों, बसों और ट्रेन समेत ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाने के बाद सबसे पहले सूर्यदेव को अर्घ्य दिया। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना करने के बाद संतों समेत पुरोहितों को दक्षिणा भेंट की। साथ ही प्रसाद का वितरण किया। घाट के अलावा आश्रमों में महिलाओं ने कीर्तन किया। राजस्थान और मध्यप्रदेश के अलावा मथुरा, एटा, कासगंज, बदायूं और बरेली जिले के श्रद्धालुओं ने भी गंगा में डुबकी लगाई। राजस्थान के श्रद्धालुओं ने अपने रीति-रिवाज के अनुरूप अनुष्ठान कराए। राजस्थान निवासी श्रद्धालु सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान को विशेष मानते हैं, इसलिए घाट पर उनकी संख्या सर्वाधिक थी। विद्वानों के अनुसार पौष माह की सोमवती अमावस्या फलदायी होती है। सोमवती अमावस्या पर गंगा में  स्नान के बाद पूजन का कई गुना अधिक पुण्य श्रद्धालुओं को मिलता है। <br /><br /><strong>सोमवती अमावस्या पर चोर रहे सक्रिय</strong><br />सोमवती अमावस्या पर सैकड़ों की संख्या पर लोग गंगा स्नान करने पहुंचे। गंगा घाट पर चोरों का गिरोह भी सक्रिय रहा। उनके द्वारा कई श्रद्धालुओं का सामान चोरी कर लिया गया। राजस्थान प्रांत धौलपुर निवासी हरीओम के बैग पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया। ग्वालियर जनपद के गोविंद पुरी निवासी कपिल शर्मा के साथ गंगा स्नान करने की आई महिला का पर्स चोरी हो गया। पीड़ितों ने कछला चौकी पर तहरीर दी। पीड़ितों के द्वारा दी गई तहरीर के बाद चौकी इंचार्ज ने मोबाइल पर सर्विलांस पर लगवा दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बदायूं</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Dec 2024 20:51:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखीमपुर खीरी: सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं के लिए शिव मंदिर जाने का रास्ता कराया जा रहा साफ</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>गोला गोकर्णनाथ, अमृत विचार। </strong>सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं के सुविधार्थ पौराणिक शिव मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर धर्मशालाओं, मंदिरों के ध्वस्तीकरण का मलवा हटवाकर रास्ता साफ कराया गया है, जिससे उन्हें शिव मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक, पूजन, अर्चन करने में कोई असुविधा न इसके लिए बल्ली भी लगाई गई हैं। </p>
<p>छोटी काशी के पौराणिक शिव मंदिर पर प्रत्येक माह की पूर्णिमा और अमावस्या पर भीड़ होती है। आज सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर रविवार को प्रशासन ने जेसीबी से शिव मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर मलवा हटवाकर रास्ता साफ करवा दिया है। नगर, दूर दराज से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/513828/lakhimpur-kheri-the-way-for-devotees-to-go-to-shiva"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/लखीमपुर-मंदिर.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>गोला गोकर्णनाथ, अमृत विचार। </strong>सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं के सुविधार्थ पौराणिक शिव मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर धर्मशालाओं, मंदिरों के ध्वस्तीकरण का मलवा हटवाकर रास्ता साफ कराया गया है, जिससे उन्हें शिव मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक, पूजन, अर्चन करने में कोई असुविधा न इसके लिए बल्ली भी लगाई गई हैं। </p>
<p>छोटी काशी के पौराणिक शिव मंदिर पर प्रत्येक माह की पूर्णिमा और अमावस्या पर भीड़ होती है। आज सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर रविवार को प्रशासन ने जेसीबी से शिव मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर मलवा हटवाकर रास्ता साफ करवा दिया है। नगर, दूर दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को शिव मंदिर में पूजन, अर्चन करने में कोई समस्या न हो इसको ध्यान में रखते हुए पौराणिक शिव मंदिर कमेटी के अध्यक्ष जनार्दन गिरि ने प्रशासन से रविवार रात तक रास्ता साफ कराने को कहा था, जिसके चलते मशीनों, डंपर, ट्रैक्टर ट्रालियों से मलवा हटवाने, रास्ते का समतलीकरण कराने का कार्य शाम तक चलता रहा। शिव मंदिर कॉरिडोर के सौंदर्यकरण के लिए कराए जा रहे ध्वस्तीकरण के चलते इस बार श्रद्धालु गोकर्णतीर्थ में जल न होने के चलते स्नान नहीं कर पाएंगे, हालांकि नगर पालिका ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त पानी की टोटियों की व्यवस्था कराई है। सौंदर्यकरण अभियान के चलते गोकर्ण तीर्थ की सीढ़ियां, चार धर्मशालाओं, जिला पंचायत, नगर पालिका की 20 दुकानों, एक सुलभ शौचालय और पौराणिक शिव मंदिर के निकट बने कई मंदिरों को ढहा दिया गया है। साथ ही शिव मंदिर मार्ग के निकट बैठने वाले मालियों के चबूतरो को भी ढहा दिया गया है, गोकर्ण तीर्थ के घाटों पर बैठने वाले पंडों को भी हटा दिया गया है, जिससे सोमवार को सोमवती अमावस्या पर माली गोकर्ण तीर्थ के किनारे अस्थाई व्यवस्था कर श्रद्धालुओं के लिए डाली, फूल, प्रसाद आदि की व्यवस्था करेंगे। तीर्थ में पड़े पंडों के तख्तों पर श्रद्धालु भगवान सत्यनारायण की कथा आदि सुनकर दान पुण्य कर सकेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखीमपुर खीरी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/513828/lakhimpur-kheri-the-way-for-devotees-to-go-to-shiva</link>
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                <pubDate>Sun, 29 Dec 2024 19:19:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इस दिन मनाई जाएगी सोमवती अमावस्या, स्नान के बाद करें दान: अपनी राशि के बारे में जानिए...</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> सोमवती अमावस्या पौष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को है यह साल 2024 की अंतिम अमावस्या है पंचांग के अनुसार, सोमवती अमावस्या 30 दिसंबर सोमवार को है। इस दिन स्नान के बाद दान करने का विधान है सोमवती अमावस्या पर दान करने से पितृ ऋण, देव ऋण और ऋषि ऋण से मुक्ति पा सकते हैं सोमवती अमावस्या पर अन्न का दान करने से पितृ दोष या पितृ ऋण से मुक्त हो सकते हैं पितर खुश होकर आशीर्वाद देंगे।</p>
<p>संस्थापक अध्यक्ष ज्योतिष सेवा संस्थान के आचार्य पवन तिवारी ने बताया कि अमावस्या के दिन सफेद वस्तुओं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/512948/somvati-amavasya-will-be-celebrated-on-this-day-donate-after"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/pavan-tiwari-(1).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> सोमवती अमावस्या पौष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को है यह साल 2024 की अंतिम अमावस्या है पंचांग के अनुसार, सोमवती अमावस्या 30 दिसंबर सोमवार को है। इस दिन स्नान के बाद दान करने का विधान है सोमवती अमावस्या पर दान करने से पितृ ऋण, देव ऋण और ऋषि ऋण से मुक्ति पा सकते हैं सोमवती अमावस्या पर अन्न का दान करने से पितृ दोष या पितृ ऋण से मुक्त हो सकते हैं पितर खुश होकर आशीर्वाद देंगे।</p>
<p>संस्थापक अध्यक्ष ज्योतिष सेवा संस्थान के आचार्य पवन तिवारी ने बताया कि अमावस्या के दिन सफेद वस्तुओं का दान करना पितरों के लिए अच्छा माना जाता है इस दिन आप अन्न और सफेद वस्त्र का दान पितृ ऋण से मुक्ति के लिए करें इसके अलावा राशि अनुसार दान करने से आपके ग्रह मजबूत होंगे और आपको उनका शुभ फल प्राप्त होगा।</p>
<p><strong>मेष:</strong> मेष का का स्वामी ग्रह मंगल है, इसलिए आप सोमवती अमावस्या पर लाल वस्त्र, केसर, तांबा, लाल फल आदि का दान कर सकते हैं।</p>
<p><strong>वृषभ:</strong> सोमवती अमावस्या पर वृष राशि के लोग चांदी, चावल, सफेद रंग के कपड़े, इत्र आदि का दान करें शुक्र का शुभ फल आपको प्राप्त होगा।</p>
<p><strong>मिथुन:</strong> मिथुन राशि के लोग बुध ग्रह से जुड़ी वस्तुएं, जिनका रंग हरा हो, उनका दान करें सोमवती अमावस्या पर हरे फल, हरा चारा, हरे कपड़े, कांसे के बर्तन आदि का दान करना चाहिए।</p>
<p><strong>कर्क:</strong> सोमवती अमावस्या के दिन कर्क राशि वाले भी सफेद वस्त्र, दूध, शक्कर, चावल, सफेद वस्त्र आदि का दान करें पितरों के साथ चंद्रमा का भी आशीर्वाद आपको प्राप्त होगा।</p>
<p><strong>सिंह:</strong> सिंह राशि के स्वामी ग्रह सूर्य हैं, इसलिए आप सोमवती अमावस्या पर केसर, तांबा, लाल चंदन, लाल फूल, लाल फल, लाल वस्त्र आदि का दान करें।</p>
<p><strong>कन्या:</strong> आप भी सोमवती अमावस्या पर हरी सब्जियां, हरे फल, हरे रंग के कपड़े, कांसे के बर्तन, पन्ना आदि का दान कर सकते हैं आपको बुध का शुभ प्रभाव देखने को मिलेगा।</p>
<p><strong>तुला:</strong> सोमवती अमावस्या को तुला राशि के लोग मोती, इत्र, सफेद कपड़े, चावल, चीनी आदि का दान करें शुक्र के शुभ प्रभाव से घर में खुशहाली आएगी।</p>
<p><strong>वृश्चिक:</strong> वृश्चिक राशि के लोग सोमवती अमावस्या पर मंगल की वस्तुएं जैसे केसर, लाल रंग के फल या फूल, लाल कपड़ा, तांबा आदि का दान करें लाभ मिलेगा।</p>
<p>धनु:धनु राशि के स्वामी देव गुरु बृहस्पति हैं आप सोमवती अमावस्या के दिन केला, पीला कपड़ा, हल्दी, सोना, पीतल की वस्तुएं, धार्मिक पुस्तकें आदि दान करें।</p>
<p><strong>मकर:</strong> मकर राशि के स्वामी ग्रह शनि देव हैं आप सोमवती अमावस्या पर नीले रंग के कपड़े, काला तिल, काला कंबल, लोहा आदि का दान करें।</p>
<p><strong>कुंभ: </strong>शनि देव पर कुंभ वालों की भी कृपा होती है ये लोग अमावस्या के दिन काला कपड़ा, उड़द, शमी के फूल, लोहा, स्टील के बर्तन आदि का दान करें।</p>
<p><strong>मीन:</strong> आपके भी स्वामी ग्रह गुरु हैं आप भी सोमवती अमावस्या के दिन हल्दी, गुड़, घी, पीले रंग के कपड़े, सोना, पीतल के बर्तन आदि का दान करें।</p>
<p><strong>सोमवती अमावस्या 2024 मुहूर्त</strong></p>
<p>सोमवती अमावस्या तिथि की शुरूआत: 30 दिसंबर, प्रातः 4:01 बजे से सोमवती अमावस्या तिथि की समाप्ति: 31 दिसंबर, प्रातः3:56 बजे पर </p>
<p><strong>ब्रह्म मुहूर्त: </strong>सुबह 05:24 बजे से सुबह 06:19 बजे तक</p>
<p><strong>अभिजीत मुहूर्त:</strong> दोपहर 12:03 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक<br /><strong>अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त:</strong> 07:13 ए एम से 08:31 ए एम तक<br /><strong>शुभ-उत्तम मुहूर्त:</strong> 09:49 ए एम से 11:06 ए एम तक</p>
<p><strong>श्राद्ध का समय:</strong> सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/512940/mahakumbh-2024-those-going-to-mahakumbh-will-have-to-buy#gsc.tab=0">Mahakumbh 2024: महाकुंभ जाने वालों के लिए विशेष रंगीन टिकट लेनी होगी, कानपुर के श्रद्धालुओं इस कलर की ले सकेंगे टिकट</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/512948/somvati-amavasya-will-be-celebrated-on-this-day-donate-after</link>
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                <pubDate>Tue, 24 Dec 2024 15:35:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कासगंज: सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, गूंजे हर हर गंगे के जयकारे</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कासगंज/सोरों, अमृत विचार।</strong> सोमवती अमावस्या पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया। भोर की किरण के साथ ही शुरू हुआ गंगा स्नान देर शाम तक जारी रहा। श्रद्धालुओं ने हर हर गंगे के साथ डुबकी लगाकर बच्चों के मुंडन संस्कार एवं पूजा अर्चना की। गंगा घाट हर हर गंगे के जयकारों से गूंजने लगे‌। सुबह से लेकर देर रात तक गंगा घाटों पर स्नानार्थियों की भीड़ लगी रही।</p>
<p>सोमवती अमावस्या की पूर्व संध्या पर रविवार से ही गंगा घाटों पर राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात के स्नानार्थियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/489659/on-the-occasion-of-kasganj-somvati-amavasya-chants-of-har"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-09/१३४६.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कासगंज/सोरों, अमृत विचार।</strong> सोमवती अमावस्या पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया। भोर की किरण के साथ ही शुरू हुआ गंगा स्नान देर शाम तक जारी रहा। श्रद्धालुओं ने हर हर गंगे के साथ डुबकी लगाकर बच्चों के मुंडन संस्कार एवं पूजा अर्चना की। गंगा घाट हर हर गंगे के जयकारों से गूंजने लगे‌। सुबह से लेकर देर रात तक गंगा घाटों पर स्नानार्थियों की भीड़ लगी रही।</p>
<p>सोमवती अमावस्या की पूर्व संध्या पर रविवार से ही गंगा घाटों पर राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात के स्नानार्थियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। सोमवार की सुबह भोर की किरण के साथ ही श्रद्धालुओं ने स्नान शुरू किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने गंगा मैया की पूजा अर्चना की। दुग्ध और जलाभिषेक कर चूनर ओढ़ाई। पितरों को तर्पण किया। बच्चों के मुंडन संस्कार कराए। सोरों की हरिपदी गंगा, लहरा गंगा घाट, पटियाली के कादरगंज गंगा घाट एवं कछला गंगा नदी के घाट पर देर शाम तक स्नानार्थियों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। तमाम श्रद्धालुओं ने कुष्ठ रोगियों को भोजन कराया। जरूरतमंदों को कंबल, अन्न, खाद्य सामग्री दान देकर पुण्य कमाया। घरों में भी महिलाओं ने उपवास रखा और पूजा अर्चना की। महिलाओं ने तुलसी, बरगद, पीपल के वृक्षों का पूजन किया। परिवार के कल्याण की कामना की।</p>
<p><strong>घाटों पर रही तैनात पुलिस</strong><br />सोरों की हरिपदी गंगा, लहरा गंगा घाट, पटियाली के कादगरंज गंगा घाट एवं कछला घाट पर स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए महिला एवं पुरुष पुलिस की तैनाती की गई थी। किसी प्रकार की कोई अनहोनी न हो, इसके लिए नाव और तैराकों को भी तैनात किया गया था। कासगंज से कछला तक मार्ग पर पुलिस पिकेट तैनात थी। वहीं पुलिस की मोबाइल गाड़ियां भी गश्त करती रहीं।</p>
<p><strong>वाहनों का रहा दबाव नहीं लगा जाम</strong><br />कासगंज से लेकर कछला तक स्नानार्थियों के वाहनों का दबाव रहा। लेकिन यातायात पुलिस द्वारा वाहनों के मार्ग डायवर्ट करने से जाम की स्थिति नहीं बनी। सोरों कस्बे में कासगंज गेट पर जाम की स्थिति देखी गई, लेकिन लोगों को परेशानी न हो इसके लिए पुलिस जाम खुलवाने के लिए मशक्कत करती रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कासगंज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/489659/on-the-occasion-of-kasganj-somvati-amavasya-chants-of-har</link>
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                <pubDate>Mon, 02 Sep 2024 12:24:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कासगंज: सोमवती अमावस्या पर श्रदालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, बच्चों के कराए मुंडन संस्कार </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>सोरोंजी/कासगंज, अमृत विचार। </strong>सोमवती अमावस्या पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया। सोमवार भोर की किरण के साथ शुरू हुआ गंगा स्नान देर शाम तक जारी रहेगा। श्रद्धालुओं ने गंगा घाट पर हर हर गंगे के साथ डुबकी लगाकर बच्चों के मुंडन संस्कार एवं पूजा अर्चना की। सोमवती अमावस्या की पूर्व संध्या पर रविवार से ही गंगा घाटों पर राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात के स्नानार्थियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। </p>
<p>सोमवार की सुबह भोर की किरण के साथ ही श्रद्धालुओं ने स्नान शुरू किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने गंगा मैया की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/489629/kasganj--on-somvati-amavasya--devotees-took-a-holy-dip-and-performed-the-tonsure-ceremony-of-their-children"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-09/cats38.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>सोरोंजी/कासगंज, अमृत विचार। </strong>सोमवती अमावस्या पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया। सोमवार भोर की किरण के साथ शुरू हुआ गंगा स्नान देर शाम तक जारी रहेगा। श्रद्धालुओं ने गंगा घाट पर हर हर गंगे के साथ डुबकी लगाकर बच्चों के मुंडन संस्कार एवं पूजा अर्चना की। सोमवती अमावस्या की पूर्व संध्या पर रविवार से ही गंगा घाटों पर राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात के स्नानार्थियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। </p>
<p>सोमवार की सुबह भोर की किरण के साथ ही श्रद्धालुओं ने स्नान शुरू किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने गंगा मैया की पूजा अर्चना की। दुग्ध और जलाभिषेक कर चूनर ओढ़ाई। पितरों को तर्पण किया। बच्चों के मुंडन संस्कार कराए। सोरों की हरिपदी गंगा, लहरा गंगा घाट, पटियाली के कादरगंज गंगा घाट एवं कछला गंगा नदी के घाट पर स्नानार्थियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-09/cats39.jpg" alt="cats" width="1280" height="720"></img></p>
<p>गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने कुष्ठ रोगियों को भोजन कराया। जरूरतमंदों को कंबल, अन्न, खाद्य सामग्री दान देकर पुण्य कमाया। घरों में भी महिलाओं ने उपवास रखा और पूजा अर्चना की। महिलाओं ने तुलसी, बरगद, पीपल के वृक्षों का पूजन किया। परिवार के कल्याण की कामना की।</p>
<h5>घाटों पर रही तैनात पुलिस</h5>
<p>सोरों की हरिपदी गंगा, लहरा गंगा घाट, पटियाली के कादगरंज गंगा घाट एवं कछला घाट पर स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए महिला और पुरुष पुलिस की तैनाती की गई है। किसी प्रकार की कोई अनहोनी न हो, इसके लिए नाव और तैराकों को भी तैनात किया गया है। कासगंज से लेकर कछला तक मार्गों पर पुलिस पिकेट तैनात है। वहीं पुलिस की मोबाइल गाड़ियां भी गश्त कर रही है। </p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-09/cats40.jpg" alt="cats" width="1280" height="720"></img></p>
<h5>वाहनों का रहा दबाव, नहीं लगा जाम</h5>
<p>कासगंज से लेकर कछला तक स्नानार्थियों के वाहनों का दबाव है,  लेकिन यातायात पुलिस द्वारा वाहनों के मार्ग डायवर्ट करने से जाम की स्थिति नहीं बनी। सोरों कस्बे में कासगंज गेट पर जाम की स्थिति देखी गई, लेकिन लोगों को परेशानी न हो इसके लिए पुलिस जाम खुलवाने के लिए मशक्कत करती रही।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/489533/up-pps-transfer--37-pps-officers-transferred-in-up--see-list#goog_rewarded">UP PPS Transfer: 37 अपर पुलिस अधीक्षक इधर से उधर ,DSP से पदोन्नत हुए अधिकारियों का भी हुआ तबादला</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कासगंज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/489629/kasganj--on-somvati-amavasya--devotees-took-a-holy-dip-and-performed-the-tonsure-ceremony-of-their-children</link>
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                <pubDate>Mon, 02 Sep 2024 10:23:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोमवती अमावस्या: पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की लगी कतार, दे रहे दान  </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बहराइच, अमृत विचार। </strong>सोमवती अमावस्या को लेकर जिले में बुधवार को मंदिरों में श्रद्धालुओं के भेद रहे सभी ने भगवान शिव के साथ अन्य देवताओं की पूजा अर्चना कर पुण्य दान किया। </p>
<p>हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या का काफी महत्व है। इस बार बुधवार को सोमवती अमावस्या पड़ा है। जिसके चलते श्रद्धालु सुबह से ही क्षेत्र के मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। खैरीघाट थाना क्षेत्र में स्थित बुढ़वा बाबा शिव मंदिर में सुबह पांच से ही महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की लाइन लग गई। स्नान करने के बाद मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/464416/there-is-a-queue-of-devotees-giving-donations-for-somvati"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-05/5---2024-05-08t105051.171.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बहराइच, अमृत विचार। </strong>सोमवती अमावस्या को लेकर जिले में बुधवार को मंदिरों में श्रद्धालुओं के भेद रहे सभी ने भगवान शिव के साथ अन्य देवताओं की पूजा अर्चना कर पुण्य दान किया। </p>
<p>हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या का काफी महत्व है। इस बार बुधवार को सोमवती अमावस्या पड़ा है। जिसके चलते श्रद्धालु सुबह से ही क्षेत्र के मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। खैरीघाट थाना क्षेत्र में स्थित बुढ़वा बाबा शिव मंदिर में सुबह पांच से ही महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की लाइन लग गई। स्नान करने के बाद मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जल अर्पित कर पूजा अर्चना की। इसी तरह उर्रा में स्थित का कारीकोट मंदिर, हुजूरपुर, जरवल, नवाबगंज और अन्य क्षेत्रों में स्थित मंदिर में श्रद्धालुओं ने पहुंच कर भगवान की पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की। </p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-05/6---2024-05-08t105151.699.jpg" alt="6 - 2024-05-08T105151.699"></img></p>
<p>छावनी स्थित पंचायती राम जानकी मंदिर के पुजारी राधा कृष्ण पाठक ने बताया कि सोमवती अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है उन्होंने बताया कि मानता के अनुसार इस दिन स्नान कर दान पुण्य पितरों के नाम किया जाता है। पितरों के नाम दान पुण्य और श्राद्ध करने से फलों की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही पितर प्रसन्न होते हैं और पूर्वजों के आशीर्वाद से काम भी पूरे होते हैं। मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस की सुरक्षा भी लगाई गई है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें -<a href="https://www.amritvichar.com/article/464413/lucknow-municipal-corporation-will-make-40-model-booths-two-mini#gsc.tab=0">लखनऊ नगर निगम बनाएगा 40 मॉडल बूथ, हर वार्ड में बनेंगे दो मिनी मॉडल पोलिंग स्टेशन</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बहराइच</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/464416/there-is-a-queue-of-devotees-giving-donations-for-somvati</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/464416/there-is-a-queue-of-devotees-giving-donations-for-somvati</guid>
                <pubDate>Wed, 08 May 2024 10:52:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोमवती अमावस्या: संगम पर जुटी भीड़, महिलाओं ने पति की लंबी उम्र के लिए रखा व्रत </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार। </strong>सोमवार को सोमवती अमावस्या के मौके पर व्रती महिलाओं ने संगम में स्नान किया। गंगा यमुना और अदृश्य सरस्वती की बहती धारा में आस्था की डुबकी लगाकर पति की लंबी उम्र की कामना की। महिलाओं ने पहले संगम स्नान किया फिर भगवान शिव और पार्वती की विधि विधान से पूजा की। चैत्र की पहली अमावस्या पर बड़ी संख्या में महिलाएं पति के साथ संगम पहुंची। पुण्य अर्जित कर पितरों को भी तर्पण किया। नवरात्र के ठीक एक दिन पहले  सोमवती अमावस्या स्नान पड़ने से इस व्रत और स्नान का बड़ा महत्व माना गया है। </p>
<p>बता दे कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/456695/crowd-gathered-on-somvati-amavasya-sangam-women-kept-fast-for"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-04/24---2024-04-08t205110.982.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार। </strong>सोमवार को सोमवती अमावस्या के मौके पर व्रती महिलाओं ने संगम में स्नान किया। गंगा यमुना और अदृश्य सरस्वती की बहती धारा में आस्था की डुबकी लगाकर पति की लंबी उम्र की कामना की। महिलाओं ने पहले संगम स्नान किया फिर भगवान शिव और पार्वती की विधि विधान से पूजा की। चैत्र की पहली अमावस्या पर बड़ी संख्या में महिलाएं पति के साथ संगम पहुंची। पुण्य अर्जित कर पितरों को भी तर्पण किया। नवरात्र के ठीक एक दिन पहले  सोमवती अमावस्या स्नान पड़ने से इस व्रत और स्नान का बड़ा महत्व माना गया है। </p>
<p>बता दे कि नवरात्र मंगलवार से शुरू हो रहा है। महिलाओं के साथ-साथ नवरात्र का यह व्रत बड़ी संख्या में पुरुष भी रखते हैं। शहर के मंदिरों में साफ - सफाई कर देवी मां का स्वागत किया जा रहा है। मंगलवार की भोर से ही मंदिरों के कपाट खोल दिए जाएंगे। आलोप शंकरी मंदिर, कल्याणी देवी सहित ललिता देवी मंदिर और अन्य बड़े मंदिरों में सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें - <a href="https://www.amritvichar.com/article/456690/illegal-recovery-in-the-name-of-prayagraj-parking-devotees-including#gsc.tab=0">प्रयागराज: पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली, कंडक्टर-चालक समेत श्रृद्धालुओं को पीटा</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/456695/crowd-gathered-on-somvati-amavasya-sangam-women-kept-fast-for</link>
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                <pubDate>Mon, 08 Apr 2024 20:51:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोमवती आमावस्या: सुहागिनों ने मांगा अखंड सौभाग्य का आर्शीवाद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रामसनेहीघाट/ बाराबंकी, अमृत विचार। </strong>तहसील रामसनेहीघाट क्षेत्र अंतर्गत गांवों और कस्बों में सोमवार को सोमवती अमावस्या पर महिलाओं द्वारा पीपल वृक्ष की पूजा व परिक्रमा कर पति के दीर्घायु होने की कामना की।</p>
<p>सोमवती अमावस्या पर पीपल वृक्ष की पूजा करने के लिए महिलाओं ने स्नान करने के बाद अपने-अपने घरों में विभिन्न प्रकार के पकवान बनाए और पूजन सामग्री लेकर घरों के पास स्थित पीपल के वृक्षों पर गई और महिलाओं ने विधि विधान से पीपल के वृक्ष की पूजा कर परिक्रमा लगाते हुए पतियों के लंबी उम्र की कामना किया। </p>
<p>ममता साहू ने बताया कि किवदंती है कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/456640/somvati-amavasya-married-women-sought-blessings-of-akhand-saubhagyavati"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-04/13---2024-04-08t182041.463.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रामसनेहीघाट/ बाराबंकी, अमृत विचार। </strong>तहसील रामसनेहीघाट क्षेत्र अंतर्गत गांवों और कस्बों में सोमवार को सोमवती अमावस्या पर महिलाओं द्वारा पीपल वृक्ष की पूजा व परिक्रमा कर पति के दीर्घायु होने की कामना की।</p>
<p>सोमवती अमावस्या पर पीपल वृक्ष की पूजा करने के लिए महिलाओं ने स्नान करने के बाद अपने-अपने घरों में विभिन्न प्रकार के पकवान बनाए और पूजन सामग्री लेकर घरों के पास स्थित पीपल के वृक्षों पर गई और महिलाओं ने विधि विधान से पीपल के वृक्ष की पूजा कर परिक्रमा लगाते हुए पतियों के लंबी उम्र की कामना किया। </p>
<p>ममता साहू ने बताया कि किवदंती है कि एक कन्या का विवाह नहीं हो रहा था, तब उसके अभिभावकों को बताया कि यदि अन्य महिला अपना सुहाग कन्या को दे तो उसका विवाह हो सकता है। अभिभावकों के अनुरोध व कन्या की सेवा पर जब सोना नाम की महिला ने कन्या को अपना सुहाग दिया तो महिला के पति की मौत हो गई। महिला जब कन्या के घर से वापस लौट रही थी, तब उसने पीपल के वृक्ष की पूजा कर परिक्रमा की तो उसका पति पुन: जीवित हो गया, तभी से सोमवती अमावस्या की कथा प्रचलित हो गई है। सोमवती अमावस्या पर व्रत रखकर पीपल वृक्ष की पूजा व परिक्रमा करने वाली महिलाओं ने पूरे दिन तेल का स्पर्श नहीं किया।</p>
<p><strong>पीपल की पूजा कर की कामना  </strong><br />तहसील रामनगर के कस्बा व गाँव में विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु की कामना व घर में सुख-समृद्धि के लिए पीपल के वृक्ष की विधि पूर्वक पूजा अर्चना की। यूनियन इंटर के पास मंदिर पर सुबह से ही महिलाओं की भीड़ जुट गयी। पीपल के वृक्ष की पूजा अर्चना कर अटल सुहाग की कामना करती रही। सोमवती अमावस्या पर विवाहित महिलाओं ने व्रत रहकर पीपल के वृक्ष की दूध, जल, फूल आदि से पूजा करने के साथ ही वृक्ष के चारों ओर 108 बार धागा लपेट कर परिक्रमा करते हुए पति के लम्बी उम्र की कामना की, और एक दूसरे के मांग में सिंदूर लगाकर अखंड सौभाग्य की दुआ मांगी।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें -<a href="https://www.amritvichar.com/article/456585/bareilly-news-mata-rani-will-be-adorned-in-the-starry#gsc.tab=0">Bareilly News: मथुरा-वृंदावन की सितारों वाली पोशाकों से सजेंगी माता रानी, नवरात्रि को लेकर बाजार गुलजार</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/456640/somvati-amavasya-married-women-sought-blessings-of-akhand-saubhagyavati</link>
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                <pubDate>Mon, 08 Apr 2024 18:21:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोमवती अमावस्या पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हरिद्वार, अमृत विचार। </strong>सोमवती अमावस्या पर आज सुबह से ही हरिद्वार में गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। हरकी पैड़ी के ब्रह्म कुंड से लेकर गंगा के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालु गंगा स्नान कर रहे है। इस बार सोमवती अमावस्या का स्नान बहुत ही दुलर्भ संयोग के साथ पड़ा है।</p>
<p>इंद्र योग में इस दिन स्नान, दान करने से पितृ तो प्रसन्न होते ही हैं उनका आशीर्वाद बना रहता है। ज्योतिषाचार्यों की माने तो इस दिन समस्त शिव परिवार और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा अर्चना का विधान है। इसमें सभी को परिवार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/456538/flood-of-faith-in-haridwar-on-somvati-amavasya"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-04/capture29.png" alt=""></a><br /><p><strong>हरिद्वार, अमृत विचार। </strong>सोमवती अमावस्या पर आज सुबह से ही हरिद्वार में गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। हरकी पैड़ी के ब्रह्म कुंड से लेकर गंगा के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालु गंगा स्नान कर रहे है। इस बार सोमवती अमावस्या का स्नान बहुत ही दुलर्भ संयोग के साथ पड़ा है।</p>
<p>इंद्र योग में इस दिन स्नान, दान करने से पितृ तो प्रसन्न होते ही हैं उनका आशीर्वाद बना रहता है। ज्योतिषाचार्यों की माने तो इस दिन समस्त शिव परिवार और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा अर्चना का विधान है। इसमें सभी को परिवार समेत गंगा स्नान और देव दर्शन करने चाहिए। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की अमावस्या तिथि आठ अप्रैल की सुबह तीन बजकर 31 मिनट पर शुरू हो गया है और इस तिथि का समापन इसी दिन मध्य रात्रि 11 बजकर 50 मिनट पर होगा।</p>
<p>सोमवती अमावस्या बहुत ही दुर्लभ योग बना है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए और पितरों का तर्पण भी करना चाहिए। ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। सोमवती अमावस्या के विशेष दिन पर समस्त शिव परिवार और माता लक्ष्मी को चावल की खीर का भोग अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और देवी-देवता प्रसन्न मुद्रा में मनोवांछित फल की कामना को पूरा करते हैं।</p>
<p>हरिद्वार में आज रात से भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है स्नान पर्व के लिए रूट प्लान भी जारी कर दिया गया है। यहां होटल, आश्रम और धर्मशाला सब पूरी तरह पैक हो चुके हैं। सोमवती अमावस्या को लेकर हालांकि जिला प्रशासन ने 29 जोन और 39 सेक्टर में बांटकर सोमवती अमावस्या को संपन्न करने का पूरा प्लान तैयार किया था। यही नहीं नजीबाबाद से आने वाले वाहनों के लिए पंजाब और हरियाणा से आने वाले वाहनों के लिए अलग व्यवस्था की है। साथ ही सिडकुल क्षेत्र से आने वाले वाहनों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। वाहनों का दबाव बढ़ने पर ऑटो विक्रम व ई रिक्शा को डायवर्ट किया गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हरिद्वार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Apr 2024 13:42:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कासगंज: सोमवती अमावस्या को लेकर रूट डायवर्ट, घर से निकलने से पहले पढ़ें पूरी खबर</title>
                                    <description><![CDATA[DEMO IMAGE]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/456031/route-diverted-due-to-kasganj-somvati-amavasya-read-full-news"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-04/8645120.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>कासगंज, अमृत विचार: </strong>सोमवती अमावस्या सोमवार 8 अप्रैल को है। अमावस्या को लेकर तैयारियां की गई हैं। जहां एक और तीर्थ नगरी में पुरोहितों ने तैयारी की है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस और प्रशासन भी तैयारी में जुट गया है। रूट डायवर्ट कर दिए गए हैं। रविवार शाम से ही डाइवर्जन प्रभावी कर दिया जाएगा। यातायात पुलिस विशेष व्यवस्था संभालेगी।</p>
<p>गंगा स्नान पर्व को देखते हुए जिले में रूट डायवर्जन की व्यवस्था लागू की गई है। यह डायवर्जन रविवार शाम छह बजे से शुरू होकर सोमवार शाम छह बजे तक लागू रहेगा। सोमवती अमावस्या पर लहरा गंगा घाट और कछला गंगा घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगास्नान को पहुंचेंगे। एसपी अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में यह व्यवस्था प्रभावी की गई है। </p>
<p>जनपद अलीगढ़ से बरेली-बदायूं की ओर जाने वाले सभी प्रकार के भारी वाहनों को हजारा नहर पुल से डायवर्ट कर मामो बाईपास होते हुए गोरहा नहर पुल से निकाला जाएगा। यह वाहन सहावर गंजडुंडवारा से सिकंदरपुर वैश्य क्षेत्र के कादरगंज गंगापुल को पार करते हुए बदायूं जनपद की सीमा में प्रवेश करेंगे। हाथरस से बदायूं-बरेली की ओर जाने वाले सभी प्रकार के वाहनों को नदरई तिराहा से डायवर्ट कर सौरभ ढाबा एटा रोड अमरपुर बाईपास से निकाला जाएगा। यह वाहन चाड़ी तिराहा से सहावर गंजड़ुंडवारा कादरगंज गंगापुल होते हुए बदायूं की ओर जाएंगे। </p>
<p>एटा से बरेली-बदायूं की ओर जाने वाले वाहनों को सौरभ ढाबा अमरपुर बाईपास रूट से सहावर, गंजडुंडवारा, सिकंदरपुर वैश्य थानो क्षेत्रों के मार्गों से निकाला जाएगा। बदायूं से कासगंज की ओर आने वाले भारी वाहनों को दोपहिया रोड नगरिया से सहावर, अमांपुर, सिढ़पुरा होते हुए एटा जनपद की ओर प्रवेश कराया जाएगा।</p>
<p>पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने का प्रयास किया गया है। रूट डायवर्ट किए गए हैं। पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रहेगी<strong>---लक्ष्मण सिंह, यातायात प्रभारी।</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/455873/kasganj-sahab-should-be-allowed-to-read-fatiha-on-his">कासगंज: साहब...पिता की कब्र पर फातिहा पढ़ने की दी जाए इजाजत, जेल में बंद अब्बास की ओर से SC में दाखिल की गई याचिका </a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कासगंज</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Apr 2024 15:21:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरिद्वार में ये रहेगा ट्रैफिक प्लान, दिवाली और सोमवती अमावस्या को रखें ध्यान....</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हरिद्वार, अमृत विचार।</strong> 12 नवंबर को दीपावली और अगले दिन 13 नवंबर को सोमवती अमावस्या पर स्नान पर्व मनाया जाएगा। दोनों दिन भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए यातायात पुलिस ने शहर के लिए यातायात और डायवर्जन प्लान तैयार किया है। अलग-अलग जगहों पर पार्किंग और भीड़ बढ़ने पर संबंधित रूट तय कर दिए गए हैं।</p>
<p>सोमवती अमावस्या स्नान पर्व के तहत 12 नवंबर सुबह से 13 नवंबर की रात 12 बजे तक हरिद्वार शहर क्षेत्र में सभी भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने यातायात व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/417641/this-will-be-the-traffic-plan-in-haridwar-keep-in"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-11/www.edevbhoomi.com-39.webp" alt=""></a><br /><p><strong>हरिद्वार, अमृत विचार।</strong> 12 नवंबर को दीपावली और अगले दिन 13 नवंबर को सोमवती अमावस्या पर स्नान पर्व मनाया जाएगा। दोनों दिन भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए यातायात पुलिस ने शहर के लिए यातायात और डायवर्जन प्लान तैयार किया है। अलग-अलग जगहों पर पार्किंग और भीड़ बढ़ने पर संबंधित रूट तय कर दिए गए हैं।</p>
<p>सोमवती अमावस्या स्नान पर्व के तहत 12 नवंबर सुबह से 13 नवंबर की रात 12 बजे तक हरिद्वार शहर क्षेत्र में सभी भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने यातायात व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। एसपी यातायात अजय गणपति कुंभार ने बताया कि यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए स्थानीय वाहनों का डायवर्जन भी रहेगा।ऑटो, विक्रम, ई-रिक्शा के लिए डायवर्जन- देहरादून व ऋषिकेश की तरफ से आने वाले ऑटो, विक्रम को जयराम मोड से यू-टर्न कर वापस भेजा जाएगा।</p>
<p>- ज्वालापुर से आने वाले ऑटो, विक्रम व ई-रिक्शा शिवमूर्ति तिराहा से तुलसी चौक से देवपुरा तिराहे से वापस जाएंगे।<br />- जगजीतपुर से आने वाले ऑटो, विक्रम व ई-रिक्शा सिंहद्वार से वापस जाएंगे। <br />कनखल से आने वाले ऑटो-विक्रम, ई-रिक्शा तुलसी चौक से वापस जाएंगे।<br />- BHEL की तरफ से आने वाले विक्रम, ऑटो, ई-रिक्शा भगत सिंह चौक होते हुए टिबड़ी फाटक, पुराना रानीपुर मोड़ से ऋषिकुल तिराहा अंदर से वापस जाएंगे। हिल बाईपास से आने वाले ऑटो, विक्रम व ई-रिक्शा बिल्वकेश्वर तिराहे से वापस जाएंगे। ट्रैफिक का दबाव बढ़ने पर देहरादून व ऋषिकेश की तरफ से आने वाले ऑटो, विक्रम को जयराम मोड़ से यू-टर्न कर वापस भेजा जाएगा।<br />- ज्वालापुर से आने वाले ऑटो, विक्रम, ई-रिक्शा शिवमूर्ति तिराहा से तुलसी चौक से देवपुरा तिराहे से वापस जाएंगे।<br />- चंडी चौक से वाल्मीकि चौक से शिवमूर्ति चौक तक जीरो जोन रहेगा। शिवमूर्ति चौक से हरकी पैड़ी तक जीरो जोन रहेगा।<br />- भीमगोड़ा बैरियर से हरकी पैड़ी तक जीरो जोन रहेगा।शहर के अंदर धनतेरस से दीपावली तक की योजना<br />- जटवाड़ा पुल, हरिलोक की तरफ से आने वाले सभी फोर व्हीलर, ई-रिक्शा, विक्रम, कार आदि दुर्गा चौक से आर्यनगर चौक से बाएं होते हुए अंडर पास से पहले दाहिनी तरफ बनी रेलवे की पार्किंग में पार्क होंगे।<br />- दोपहिया वाहन श्रीराम चौक से पहले दाहिनी तरफ बनी पेड पार्किंग में पार्क होंगे।<br />- कनखल, खन्नानगर, आर्यनगर की तरफ से रेल चौकी, कटहरा बाजार जाने वाले समस्त दोपहिया, चारपहिया वाहन भी आर्यनगर चौक से दाहिनी तरफ से अंडरपास से पहले दाहिनी तरफ बनी ज्वालापुर रेलवे स्टेशन की पार्किंग में पार्क होंगे।<br />- शिवलोक, रानीपुर मोड़, शिवालिकनगर व ऋषिकुल की तरफ से आने वाले सभी दोपहिया, चारपहिया वाहन रानीपुर मोड़ से भगत सिंह चौक से ज्वालापुर रेलवे स्टेशन के सामने से होते हुए ज्वालापुर इंटर कॉलेज मैदान की पार्किंग में पार्क होंगे।<br />- भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।बाहरी वाहनों के लिए यह यातायात व्यवस्था रहेगी लागू<br />- दिल्ली-मेरठ-मुजफ्फरनगर से हरिद्वार आने वाले वाहन अलकनंदा, दीनदयाल, पंतद्वीप व चमगादड़ टापू में खड़े किए जाएंगे।- यातायात का दबाव बढ़ने पर वाहनों को सिंहद्वार से देशरक्षक तिराहा, श्रीयंत्र पुलिया से बैरागी कैंप पार्किंग भेजा जाएगा।<br />- पंजाब व हरियाणा से हरिद्वार आने वाले वाहनों को अलकनंदा, दीनदयाल व पंतद्वीप और चमगादड़ टापू में पार्क किया जाएगा।<br />- नजीबाबाद से स्नान के लिए आने वाले छोटे वाहन दीनदयाल व चमगादड़ टापू और बड़े वाहन गौरीशंकर नीलधारा पार्किंग में खड़े होंगे।<br />- देहरादून व ऋषिकेश से आने वाले वाहन मोतीचूर पार्किंग में खड़े कराए जाएंगे।<br />- सिडकुल व शिवालिकनगर की ओर से आने वाले वाहन शिवालिकनगर चौक, भगत सिंह चौक, रानीपुर मोड़, प्रेमनगर आश्रम चौक से सर्विस लेन से ऋषिकुल मैदान पार्किंग में खड़े कराए जाएंगे।<br />- दिल्ली की तरफ से आने वाली सभी पर्यटक बस व ट्रैक्टर-ट्रॉली को ऋषिकुल मैदान, सेफ पार्किंग, हरिराम इंटर कॉलेज में पार्क किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हरिद्वार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Nov 2023 14:42:23 +0530</pubDate>
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