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                <title>road widening - Amrit Vichar</title>
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                <description>road widening RSS Feed</description>
                
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                <title>Bareilly: चौड़ीकरण की भेंट चढ़ रहे ''त्रिशूल'' डिजाइन वाले पोल, सीएम ग्रिड योजना के तहत खोदाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> नाथ कॉरिडोर के तहत लाखों की लागत से लगाए गए त्रिशूल व डमरू डिजाइन वाले पोल सड़क चौड़ीकरण की भेंट चढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (सीएम ग्रिड) योजना के तहत चौड़ीकरण का काम शुरू होते ही नगर निगम ने इन त्रिशूल डिजाइन वाले पोलों के साथ कीमती टाइल्स को उखाड़ना शुरू कर दिया है। कुदेशिया पुल से जीआरएम मार्ग पर चल रही इस तोड़फोड़ ने न केवल परियोजना पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि स्थानीय जनता व व्यापारियों में भी आक्रोश पैदा कर दिया है।</p>
<p>नाथ कॉरिडोर शहर की सबसे चर्चित परियोजनाओं में शामिल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/581951/-trishul--designed-poles-fall-victim-to-road-widening--excavation-underway-as-part-of-cm-grid-scheme"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/jk.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> नाथ कॉरिडोर के तहत लाखों की लागत से लगाए गए त्रिशूल व डमरू डिजाइन वाले पोल सड़क चौड़ीकरण की भेंट चढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (सीएम ग्रिड) योजना के तहत चौड़ीकरण का काम शुरू होते ही नगर निगम ने इन त्रिशूल डिजाइन वाले पोलों के साथ कीमती टाइल्स को उखाड़ना शुरू कर दिया है। कुदेशिया पुल से जीआरएम मार्ग पर चल रही इस तोड़फोड़ ने न केवल परियोजना पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि स्थानीय जनता व व्यापारियों में भी आक्रोश पैदा कर दिया है।</p>
<p>नाथ कॉरिडोर शहर की सबसे चर्चित परियोजनाओं में शामिल रहा है। करीब 232 करोड़ रुपये की इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर के सात प्राचीन शिव मंदिरों को आपस में जोड़कर पर्यटन और आस्था का नया गलियारा तैयार करना था। इसके तहत सड़कों को भव्य धार्मिक थीम पर सजाया गया, जिसमें भगवान शिव के प्रतीक त्रिशूल और डमरू वाली एलईडी लाइटें मुख्य आकर्षण थीं। </p>
<p>अब आलम यह है कि पोल और महंगी टाइल्स लगाने के दौरान जिस सौंदर्यीकरण को अफसरों ने शहर की नई सांस्कृतिक पहचान बताया गया था, उसे कुछ ही महीनों के भीतर विकास के दूसरे चरण के नाम पर मलबे में तब्दील किया जा रहा है। कार्यदायी संस्था की इस लापरवाही से सरकारी खजाने का जो नुकसान हो रहा है, वह साफ दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों में इसको लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि सड़क चौड़ीकरण की योजना पहले से ही पाइपलाइन में थी तो सौंदर्यीकरण करने की आवश्यकता ही क्या थी।</p>
<p> मुख्य अभियंता नगर निगम मनीष अवस्थी ने बताया कि शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़कों का चौड़ीकरण अनिवार्य है। बेहतर कनेक्टिविटी और आवागमन को सुगम बनाने के लिए कई स्थानों पर पुराने ढांचों और बिजली पोल को हटाया जा रहा है। मुख्य लक्ष्य सड़क की चौड़ाई बढ़ाना है, ताकि जनता को जाम से स्थायी राहत मिल सके।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 16:02:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Bareilly:बिनावर तक 37 किमी के सड़क में 11 डायवर्जन, कैसे दौड़ें वाहन, पास होकर भी दूर हुआ गंगा एक्सप्रेस वे</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> बरेली-मथुरा रोड पर चौड़ीकरण की कहानी भी अजीब नजर आ रही है। न तो काम रफ्तार पकड़ रहा और न वाहन ही निर्धारित स्पीड को छू पा रहे हैं। सड़क की हालत ऐसी है कि बिनावर गंगा एक्सप्रेस एंट्री प्वाइंट तक 37 किमी की दूर में 11 डायवर्जन झेलने पड़ रहे हैं। इसकी वजह से एक लेन में दोनों ओर का ट्रैफिक दौड़ाया जा रहा है। हादसों का डर सता रहा है। जाम भी लग रहा है। 30 मिनट का सफर डेढ़-डेढ़ घंटे में पूरा हो रहा है। हाइवे चौड़ीकरण कार्य धीमी गति से चलता देख हर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/581576/11-diversions-on-the-37-km-stretch-leading-to-binawar--how-are-vehicles-supposed-to-move--the-ganga-expressway-feels-distant--despite-being-so-close"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/rty1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> बरेली-मथुरा रोड पर चौड़ीकरण की कहानी भी अजीब नजर आ रही है। न तो काम रफ्तार पकड़ रहा और न वाहन ही निर्धारित स्पीड को छू पा रहे हैं। सड़क की हालत ऐसी है कि बिनावर गंगा एक्सप्रेस एंट्री प्वाइंट तक 37 किमी की दूर में 11 डायवर्जन झेलने पड़ रहे हैं। इसकी वजह से एक लेन में दोनों ओर का ट्रैफिक दौड़ाया जा रहा है। हादसों का डर सता रहा है। जाम भी लग रहा है। 30 मिनट का सफर डेढ़-डेढ़ घंटे में पूरा हो रहा है। हाइवे चौड़ीकरण कार्य धीमी गति से चलता देख हर कोई सिस्टम को कोस रहा हे।</p>
<p>मथुरा-वृंदावन और आगरा, अलीगढ़ कनेक्टिंग रूट होने की वजह से बदायूं-कासगंज रोड पर पहले से ही ट्रैफिका का काफी दबाव था। गंगा एक्सप्रेस वे शुरू हो जाने की वजह से बरेली-पीलीभीत से रोज बड़ी संख्या में वाहन बिनावर एंट्री प्वाइंट का रुख कर रहे हैं। चौड़ीकरण कार्य जारी होने के चलते बदायूं रोड पर जगह-जगह डावर्जन कर वाहन गुजारे जा रहे हैं। अमृत विचार की पड़ताल में सामने आया कि बदायूं रोड पर रामगंगा पुल से थोड़ा आगे बढ़कर चाढ़पुर, कोनी, मकरंदपुर, भोलापुर, भमोरा, सिरोही, रसूलपुर और बरेखड़ा सहित 11 जगहों पर डायवर्जन रिकॉर्ड किए गए हैं। कई स्थान</p>
<p>कहीं धार्मिक स्थलों के विस्थापन का पेंच फंसा है, तो कहीं कार्यदायी संस्था की ढिलाई से काम अटका है। सड़क की खस्ताहाली और धूल के गुबार के बीच जगह-जगह बेतरतीब डायवर्जन से रोज वाहन सवार परेशान रहे हैं। स्कूली गाड़ियों से पढ़ने जाने वाले बच्चे भी मुश्किल झेल रहे हैं। राहगीरों का कहना है कि पहले बरेली से बिनावार तक का सफर पहले 30-35 मिनट में आसानी से पूरा हो जाता था, लेकिन अब डेढ़ से भी ज्यादा लग रहा है। परेशान लोग शासन-प्रशासन और एनएचएआई से चौड़ीकरण कार्य में तेजी लाने की गुहार लगा रहे हैं, ताकि जितना जल्दी हो, आफत से पीछा छूट सके। तब तक डाइवर्जन प्वाइंटस पर यातायात सुचारू बनाए रखने को पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाए जाने की मांग भी उठाई जा रही है।</p>
<p>सोनू, दुकानदार ने बताया कि बदायूं रोड पर बेतरतीब डायवर्जन की वजह से हर वक्त धूल उड़ती रहती है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया है। एनएचएआई को कम से कम पानी का छिड़काव तो करना ही चाहिए। </p>
<p>नेमचंद्र मौर्य के मुताबिक अक्सर काम से बरेली से बदायूं जाना होता है। इस हाईवे पर डायवर्जन इतने ऊबड़-खाबड़ हैं कि बाइक चलाना दूभर है। बरेली से बदायूं तक एक घंटे का सफर दो घंटे में पूरा होता है।</p>
<p>गृहणी बेबी मौर्य ने बताया कि परिवार के साथ मथुरा जा रहे थे, लेकिन रास्ते की हालत देखकर पछता रहे। धूल और जाम ने तो परिवार के लोगों की हालत ही बेहद खराब कर दी। साइन बोर्ड भी ठीक से नहीं लगे हैं।</p>
<p>ट्रक चालक अर्जुन का कहना है कि ड्राइवर होने के नाते हर खासकर रात के समय में मुड़ते समय डर लगा रहता है। डायवर्जन बहुत संकरे हैं। जरा सी चूक हुई तो जाम लग जाता है और फिर घंटों निकलना मुश्किल है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 14:00:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : वो भी क्या दिन थे...जब मन मोहती थी हरियाली की चादर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> वो भी क्या दिन थे...यह जुमला आज उन राहगीरों की जुबां पर अक्सर सुनने को मिलता है जो बरेली के नैनीताल, पीलीभीत या बीसलपुर हाईवे से गुजरते हैं। करीब एक दशक पहले तक इन सड़कों का नजारा किसी जन्नत से कम नहीं था। घने पुराने पेड़ों की टहनियां सड़क के ऊपर मिलकर एक प्राकृतिक सुरंग बना देती थीं। सूरज की तपिश जमीन तक नहीं पहुंच पाती थी और ठंडी हवा का झोंका राहगीरों की थकान मिटा देता था। आज वही सड़कें विकास की दौड़ में अपनी पहचान खो चुकी हैं और कंक्रीट के तपते जाल में बदल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579666/bareilly-those-were-the-days-when-the-blanket-of-greenery"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/568.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> वो भी क्या दिन थे...यह जुमला आज उन राहगीरों की जुबां पर अक्सर सुनने को मिलता है जो बरेली के नैनीताल, पीलीभीत या बीसलपुर हाईवे से गुजरते हैं। करीब एक दशक पहले तक इन सड़कों का नजारा किसी जन्नत से कम नहीं था। घने पुराने पेड़ों की टहनियां सड़क के ऊपर मिलकर एक प्राकृतिक सुरंग बना देती थीं। सूरज की तपिश जमीन तक नहीं पहुंच पाती थी और ठंडी हवा का झोंका राहगीरों की थकान मिटा देता था। आज वही सड़कें विकास की दौड़ में अपनी पहचान खो चुकी हैं और कंक्रीट के तपते जाल में बदल गई हैं। इतिहास और विकास की बात करें तो नैनीताल हाईवे और पीलीभीत रोड के चौड़ीकरण की परियोजनाओं ने बरेली के पर्यावरण को सबसे गहरी चोट पहुंचाई।</p>
<p>साल 2016 से 2022 के बीच हुए बड़े निर्माण कार्यों, विशेषकर नैनीताल हाईवे के फोरलेन होने और पीलीभीत रोड के सिक्सलेन विस्तारीकरण के दौरान हजारों की संख्या में 50 से 100 साल पुराने नीम, पीपल, पाकड़ और शीशम के पेड़ जमींदोज कर दिए गए। बीसलपुर रोड पर भी कुछ साल पहले तक आम और यूकेलिप्टस के झुरमुट हुआ करते थे, जिन्हें सड़क चौड़ी करने के नाम पर प्रशासन ने कुल्हाड़ी के हवाले कर दिया। आज इन हाईवे पर सफर करते हुए हरियाली की वो चादर सिर्फ यादों के एल्बम में बची है। इसका असर भी अब साफ दिखने लगा है। गर्मी के मौसम में इन हाईवे पर तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक महसूस होता है। आलम यह है कि आज बरेली की इन प्रमुख सड़कों पर हरियाली की चादर की जगह वीरानगी नजर आती है। डिवाइडरों पर लगे सजावटी पौधे केवल दिखावे की वस्तु बनकर रह गए हैं, जो न तो पर्याप्त ऑक्सीजन दे पाते हैं और न ही चिलचिलाती धूप से बचाव करते हैं। राहगीर अब उन पुराने दिनों को याद करते हैं जब सफर लंबा होने के बावजूद थकान नहीं होती थी।</p>
<p><strong>खेतों का व्यावसायिक इस्तेमाल भी एक बड़ी वजह</strong><br />सड़कों के वीरान होने के पीछे सिर्फ हाईवे का चौड़ीकरण ही एकमात्र कारण नहीं है, बल्कि सड़कों के किनारे स्थित खेतों का व्यावसायिक इस्तेमाल भी एक बड़ी वजह बनकर उभरा है। कुछ साल पहले तक पीलीभीत और नैनीताल हाईवे के किनारे लहलहाती फसलें और बाग हुआ करते थे, जो वातावरण में नमी और ठंडक बनाए रखते थे। लेकिन, मुनाफे की होड़ में किसानों ने सड़क किनारे की इन बेशकीमती जमीनों को बेच दिया, जहां अब बड़े पैमाने पर प्लांटिंग कर दी गई है। हरियाली को काटकर वहां कंक्रीट के जंगल और कॉलोनियां बसाई जा रही हैं।</p>
<p>आज इस सड़क पर धूप देखकर यकीन नहीं होता कि कभी यहां दिन में भी अंधेरा रहता था। बीसलपुर रोड के दोनों ओर इतने घने नीम और पीपल के पेड़ थे कि उनकी टहनियां आपस में हाथ मिलाती थीं। हम लोग दोपहर में भी बिना छाते के मीलों पैदल चल लेते थे। अब तो कंक्रीट की ऐसी तपिश है कि सड़क पर पैर रखना मुश्किल है। <strong>-डा. जगत सिंह, ग्रीन पार्क।</strong></p>
<p>पहले सवारी का इंतजार करते वक्त हम किसी भी पेड़ के नीचे ऑटो खड़ा कर सुस्ता लेते थे। बीसलपुर रोड पर इतने घने आम के बाग और पेड़ थे कि पंखे की ज़रूरत नहीं पड़ती थी। अब तो पूरा रास्ता वीरान पड़ा है। पेड़ कटने के बाद गर्मी इतनी बढ़ गई है कि दोपहर में ऑटो के अंदर भट्टी जैसी तपिश महसूस होती है। <strong>-नैपाल सिंह, केसरपुर।</strong></p>
<p>वो भी क्या दिन थे, जब इस हाईवे को ''ग्रीन टनल'' कहा जाता था। बरेली से बहेड़ी के बीच हज़ारों पुराने पेड़ थे जो सर्दियों में कोहरे और गर्मियों में धूप को रोकते थे। सरकार ने सड़क तो शानदार बना दी, पर वो रूह गायब कर दी जो इन रास्तों में जान फूंकती थी। हमने आने वाली पीढ़ी के लिए छांव नहीं, बल्कि सिर्फ गर्म डामर की सड़कें छोड़ी हैं।<strong>-सूरज, भोजीपुरा।</strong></p>
<p>मैं इस शहर का पुराना बाशिंदा हूं। मैंने पीलीभीत रोड पर पेड़ों को बड़ा होते देखा था। आज सड़क किनारे के खेत बिक गए तो काफी हद तक जगह सड़क चौड़ीकरण की परियोजनाओं में चली गईं। यह बात सही है कि विकास जरूरी है, पर क्या पुराने पेड़ों के साथ तालमेल नहीं बिठाया जा सकता था। आज की चकाचौंध में हम उस हरियाली की कीमत भूल गए हैं। <strong>-वेदप्रकाश, मुडिया अहमदनगर।</strong></p>
<p>मुझे याद है जब मैं साइकिल से अपनी ड्यूटी पर जाता था, तो पीलीभीत रोड की ठंडी हवा मेरी सारी थकान मिटा देती थी। शीशम और पाकड़ के उन पेड़ों पर हजारों पक्षियों का बसेरा था। सड़क चौड़ी करने के लिए जब कुल्हाड़ी चली, तो सिर्फ पेड़ नहीं गिरे, बल्कि विकास की इस अंधी दौड़ में हमने अपनी सबसे बड़ी दौलत खो दी है।<strong>-भूपेंद्र सिंह।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 11:05:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: बड़ा खुलासा...100 साल पुराने नक्शों ने बिगाड़ा कई रसूखदारों का खेल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> सीएम ग्रिड योजना के तहत कोहाड़ापीर से जीआरएम स्कूल तक सड़क चौड़ीकरण ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। अतिक्रमण की गुत्थी सुलझाने के लिए जब नगर निगम ने 1920 के शहरी रिकॉर्ड और 1936 के राजस्व मानचित्रों के पन्ने पलटे, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दशकों पुराने इन दस्तावेजों से मिलान करने पर पता चला कि वर्तमान में सड़क पर खड़ी कई आलीशान इमारतें और दुकानें असल में सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाई गई हैं।</p>
<p>अधिकारियों के मुताबिक सर्वे में सबसे हैरान करने वाली बात यह निकलकर सामने आई है कि जीआरएम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579472/major-revelation----100-year-old-maps-upset-the-game-for-several-influential-figures"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/bul3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> सीएम ग्रिड योजना के तहत कोहाड़ापीर से जीआरएम स्कूल तक सड़क चौड़ीकरण ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। अतिक्रमण की गुत्थी सुलझाने के लिए जब नगर निगम ने 1920 के शहरी रिकॉर्ड और 1936 के राजस्व मानचित्रों के पन्ने पलटे, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दशकों पुराने इन दस्तावेजों से मिलान करने पर पता चला कि वर्तमान में सड़क पर खड़ी कई आलीशान इमारतें और दुकानें असल में सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाई गई हैं।</p>
<p>अधिकारियों के मुताबिक सर्वे में सबसे हैरान करने वाली बात यह निकलकर सामने आई है कि जीआरएम के सामने बीडीए से विधिवत नक्शा पास करा चुके भवन भी अवैध निर्माण की जद में हैं। कई भवनों का निर्माण स्वीकृत मानचित्र के दायरे से बाहर सड़क क्षेत्र तक फैल गया है। इतना ही नहीं, विकास प्राधिकरण की ओर से खुद बेचे गए कुछ प्लॉट और दुकानों के हिस्से भी पुराने रिकॉर्ड के आधार पर अतिक्रमण की श्रेणी में पाए गए हैं, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, इस विसंगति ने प्रशासन और संपत्ति स्वामियों के बीच असमंज की स्थिति पैदा कर दी है।</p>
<p>इस प्रोजेक्ट में जीआरएम स्कूल का हिस्सा भी बाधा बना हुआ है। इसको लेकर सभी की निगाहें आज यानी मंगलवार शाम चार बजे होनी वाली बैठक पर टिकी हैं। यह बैठक अपर नगर आयुक्त कार्यालय में बुलाई गई है। इस बैठक में तय होगा कि शहर के विकास के लिए सड़क को चौड़ा करने और मौजूदा निर्माणों के बीच कैसे तालमेल बिठाया जाए, ताकि सीएम ग्रिड योजना परवान चढ़ सके। अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार राठी के अनुसार, सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को साक्ष्यों और रिकॉर्ड के साथ तलब किया गया है। इस बैठक में तय होगा कि अवैध निर्माण को ढहाने के लिए बुलडोजर कब चलेगा और प्रोजेक्ट को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए क्या रणनीति अपनाई जाएगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 14:16:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: लाल निशान पर रार, 22 को होगा फैसला, व्यापारियों से संयुक्त बैठक के बाद ही चलेगा बुलडोजर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> कोहाड़ापीर चौक से नैनीताल रोड पर सड़क चौड़ीकरण के लिए 400 से अधिक भवनों पर लगाए गए ''लाल निशानों'' ने व्यापारियों की रातों की नींद उड़ा दी है। इस गतिरोध को खत्म करने के लिए अब नगर निगम, बीडीए व व्यापारियों के बीच 22 अप्रैल को निर्णायक संयुक्त बैठक होगी। इसके बाद साफ होगा कि कौन सा निर्माण जायज है और कौन सा अवैध। फिर बुलडोजर की कार्रवाई शुरू होगी।</p>
<p>दरअसल, सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे कार्य में विवाद की मुख्य जड़ नगर निगम का वह 100 साल पुराना नक्शा है, जिसे आधार बनाकर लाल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579217/standoff-over--red-mark---verdict-on-the-22nd--bulldozers-to-roll-only-after-a-joint-meeting-with-traders"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/red.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> कोहाड़ापीर चौक से नैनीताल रोड पर सड़क चौड़ीकरण के लिए 400 से अधिक भवनों पर लगाए गए ''लाल निशानों'' ने व्यापारियों की रातों की नींद उड़ा दी है। इस गतिरोध को खत्म करने के लिए अब नगर निगम, बीडीए व व्यापारियों के बीच 22 अप्रैल को निर्णायक संयुक्त बैठक होगी। इसके बाद साफ होगा कि कौन सा निर्माण जायज है और कौन सा अवैध। फिर बुलडोजर की कार्रवाई शुरू होगी।</p>
<p>दरअसल, सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे कार्य में विवाद की मुख्य जड़ नगर निगम का वह 100 साल पुराना नक्शा है, जिसे आधार बनाकर लाल निशान लगाए गए हैं। रुहेलखंड उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार मेहरोत्रा, दिनेश चंद्र सक्सेना आदि व्यापारियों ने बीते दिनों इस संबंध में डीएम, बीडीए वीसी और नगर आयुक्त से शिकायत की थी। इसके अलावा वन मंत्री डा. अरुण कुमार से कैंप कार्यालय पर भेंट की थी। उनका कहना था कि 1920 में यह इलाका महज एक जंगल था। </p>
<p>इस क्षेत्र का वास्तविक शहरी विकास 1985 के बाद हुआ है और उनके पास बीडीए से स्वीकृत वैध नक्शे मौजूद हैं। अगर सदी पुराने नक्शे को मानक माना गया, तो रामपुर बाग, राजेंद्र नगर और डेलापीर जैसे बरेली के सबसे पॉश इलाके भी अतिक्रमण की जद में आ जाएंगे, जिससे पूरे शहर में अफरातफरी मच जाएगी। बताते हैं कि कि 22 अप्रैल की बैठक में केवल चर्चा नहीं, बल्कि व्यापारियों के पास मौजूद स्वीकृत नक्शे का मिलान नगर निगम के दावों से किया जाएगा। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य का कहना है कि प्रशासन का प्रयास है कि सड़क चौड़ीकरण की राह में आने वाली बाधाओं को सुलझाया जाए। इसलिए व्यापारियों की शंकाओं को दूर करने के लिए संयुक्त बैठक होगी। इसके बाद बुलडोजर एक्शन को लेकर फैसल लिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 10:06:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीएम ग्रिड योजना: कलम दवात होगा शिफ्ट, जीआरएम का गेट और बाउंड्री भी टूटेगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत सड़क चौड़ीकरण की राह में जो भी अतिक्रमण आएगा, उसे तोड़ा जाएगा। कोहाड़ापीर चौराहे पर नगर निगम की ओर से बनायी गयी कलम दवात भी शिफ्ट की जाएगी। इसके साथ ही पेट्रोल पंप की भूमि की भी जांच हाेगी। इन दोनों की वजह से चौराहे पर ट्रैफिक में व्यवधान पड़ रहा है। जीआरएम गेट व उसकी बाउंड्री भी अतिक्रमण की जद में आने के कारण तोड़ी जाएगी।</p>
<p>कमिश्नर भूपेंद्र एस. चौधरी ने सोमवार को नगर आयुक्त को फोन कर सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत सड़क चौड़ीकरण की राह में आने वाले अतिक्रमण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578681/the--kalam-dawat--structure-will-be-relocated--the-grm-gate-and-boundary-wall-will-also-be-demolished"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/yo.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत सड़क चौड़ीकरण की राह में जो भी अतिक्रमण आएगा, उसे तोड़ा जाएगा। कोहाड़ापीर चौराहे पर नगर निगम की ओर से बनायी गयी कलम दवात भी शिफ्ट की जाएगी। इसके साथ ही पेट्रोल पंप की भूमि की भी जांच हाेगी। इन दोनों की वजह से चौराहे पर ट्रैफिक में व्यवधान पड़ रहा है। जीआरएम गेट व उसकी बाउंड्री भी अतिक्रमण की जद में आने के कारण तोड़ी जाएगी।</p>
<p>कमिश्नर भूपेंद्र एस. चौधरी ने सोमवार को नगर आयुक्त को फोन कर सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत सड़क चौड़ीकरण की राह में आने वाले अतिक्रमण को हटाने की प्रगति जानी। कमिश्नर ने नगर आयुक्त से कोहाड़ापीर चौराहे पर स्थित कलम दवात के बारे में पूछा। नगर आयुक्त ने कहा कि इसे शिफ्ट किया जा रहा है। कमिश्नर ने कोहाड़ापीर चौराहे से नैनीताल रोड पर कुदेशिया पुल तक अतिक्रमण की जद में आने वाली दुकानें, प्रतिष्ठान की जानकारी ली। </p>
<p>जीआरएम का गेट व बाउंड्री भी तोड़े जाने की बात कही। कमिश्नर को बताया गया कि इस मार्ग पर करीब 300 से ज्यादा अतिक्रमण हैं जो चिह्नित कर लिए हैं। डेढ़ सौ से ज्यादा दुकानदारों को नोटिस भेजे गए हैं। अन्य को भी भेजे जा रहे हैं। कमिश्नर ने नगर आयुक्त को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क चौड़ीकरण की राह में आने वाली किसी भी बाधा को जल्द हटाएं। किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। पैमाइश के बाद कार्रवाई कराएं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 11:20:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad: सड़क चौड़ीकरण अधूरा, एक साइड गहरी होने से हादसे का डर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कांठ, अमृत विचार। </strong>लोक निर्माण विभाग द्वारा मुरादाबाद हरिद्वार हाईवे पर सड़क चौड़ीकरण का कार्य अधर में छोड़ने पर सड़क की एक साइड गहरी हो गई है। जिसके कारण जाम लगने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>लगभग 6 माह पूर्व लोक निर्माण विभाग ने सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू किया था। जो सहसपुर बॉर्डर से छजलैट तक होना है। पुराने रोडवेज पर कांठ से मुरादाबाद दिशा की ओर एक तरफ चौड़ीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। पुराने रोडवेज से रसूलपुर रेलवे क्रासिंग तक की साइड में चौड़ीकरण का कार्य नहीं हुआ है। इस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569391/road-widening-is-incomplete--and-one-side-is-dangerously-deep--raising-fears-of-accidents"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/up2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कांठ, अमृत विचार। </strong>लोक निर्माण विभाग द्वारा मुरादाबाद हरिद्वार हाईवे पर सड़क चौड़ीकरण का कार्य अधर में छोड़ने पर सड़क की एक साइड गहरी हो गई है। जिसके कारण जाम लगने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>लगभग 6 माह पूर्व लोक निर्माण विभाग ने सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू किया था। जो सहसपुर बॉर्डर से छजलैट तक होना है। पुराने रोडवेज पर कांठ से मुरादाबाद दिशा की ओर एक तरफ चौड़ीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। पुराने रोडवेज से रसूलपुर रेलवे क्रासिंग तक की साइड में चौड़ीकरण का कार्य नहीं हुआ है। इस तरफ भूड़ टीवा मंदिर से रसूलपुर रेलवे क्रासिंग तक सड़क की खुदाई कर बजरी बिछा दी है। जो वर्षा के कारण जगह-जगह बैठने से गड्ढे भी हो गए हैं।</p>
<p>अब एक साइड गहरी होने के कारण अनेक लोडेड वाहनों के पहिए एक और बैठने से वाहन का संतुलन बिगड़ जाता है और वाहन फंसने के कारण घंटे जाम लगा रहता है। गन्ने से भरे ट्रक पलटने का भय बना रहता है। लोक निर्माण विभाग को एसडीएम कांठ ने आवश्यक स्थान पर सड़क चौड़ीकरण कार्य शीघ्र करने के निर्देश दिए थे।</p>
<p><strong>वन विभाग से एनओसी नहीं ले पाया लोक निर्माण विभाग</strong><br />रसूलपुर रेलवे क्रॉसिंग से छजलैट तक का मार्ग वनसंरक्षित क्षेत्र में आता है। लोक निर्माण विभाग वन विभाग से अभी तक एनओसी नहीं ले पाया है। कुछ समय पूर्व लोक निर्माण विभाग ने वन विभाग को एनओसी दिए बिना पूरा चोरी छिपे शुरू कर दिया था। जिस पर वन विभाग के डिप्टी रेंजर ने जेसीबी को सीज कर दिया था। डिप्टी वन रेंजर पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण का कार्य बिना एनओसी दिए करना असंभव है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:08:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : जाम से नहीं जूझेंगे लोग, बीडीए ने आरंभ किया मार्ग का चौड़ीकरण</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> एयरपोर्ट कनेक्टिविटी सुदृढ़ करने और लोगों को जाम के झाम से मुक्ति दिलाने के लिए बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने बैरियर 2 से बड़े बाईपास मार्ग तक चौड़ीकरण का कार्य गुरुवार से शुरू कर दिया है। इस कार्य का उद्घाटन बीडीए उपाध्यक्ष डॉ मनिकंडन ए. ने किया। वहीं मार्ग को निरीक्षण कर गुणवत्ता पूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए।</p>
<p>इस संबंध में बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए ने बताया कि चौड़ीकरण का कार्य पूर्ण होने पर होने से शहर की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ता और सुगमता मिलेगी। शहर में निरंतर बढ़ रहे यातायात दबाव के चलते शहर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565959/bareilly-people-will-not-face-traffic-jam-bda-has-started"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/166.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> एयरपोर्ट कनेक्टिविटी सुदृढ़ करने और लोगों को जाम के झाम से मुक्ति दिलाने के लिए बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने बैरियर 2 से बड़े बाईपास मार्ग तक चौड़ीकरण का कार्य गुरुवार से शुरू कर दिया है। इस कार्य का उद्घाटन बीडीए उपाध्यक्ष डॉ मनिकंडन ए. ने किया। वहीं मार्ग को निरीक्षण कर गुणवत्ता पूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए।</p>
<p>इस संबंध में बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए ने बताया कि चौड़ीकरण का कार्य पूर्ण होने पर होने से शहर की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ता और सुगमता मिलेगी। शहर में निरंतर बढ़ रहे यातायात दबाव के चलते शहर में आने-जाने वाले नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित और सुचारू यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस परियोजना को प्राधिकरण की नगरीय अवस्थापना निधि के अंतर्गत स्वीकृत किया गया है। इसके अतिरिक्त, बरेली एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को और अधिक सशक्त एवं सुगम बनाने के लिए भी यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। इस मार्ग के चौड़ीकरण से पीलीभीत, लखनऊ एवं अन्य प्रमुख मार्गों से आने-जाने वाले वाहनों को सुगम आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। वहीं इस कार्य को गुणवत्ता व समयबद्धता के साथ ही पूर्ण कराने के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/565959/bareilly-people-will-not-face-traffic-jam-bda-has-started</link>
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                <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 11:17:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : सेटेलाइट से त्रिशूल तिराहा तक आठ लेन सड़क पर मंथन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> शहर के यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पीलीभीत बाईपास रोड के आठ लेन के विकास की योजना पर एक बार फिर मंथन शुरू कर दिया है। मंडायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने गुरुवार को आयुक्त सभागार में सेटेलाइट चौराहा से त्रिशूल तिराहा तक सड़क के चौड़ीकरण के संबंध में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की।</p>
<p>लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन भगत सिंह ने बताया कि करीब 11.3 किलोमीटर लंबी सड़क को छह लेन में चौड़ीकरण किए जाने के लिए विद्युत विभाग और वन विभाग के साथ संयुक्त सर्वे कराया जा चुका है। सर्वे के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565956/churning-on-eight-lane-road-from-bareilly-satellite-to-trishul"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/165.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> शहर के यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पीलीभीत बाईपास रोड के आठ लेन के विकास की योजना पर एक बार फिर मंथन शुरू कर दिया है। मंडायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने गुरुवार को आयुक्त सभागार में सेटेलाइट चौराहा से त्रिशूल तिराहा तक सड़क के चौड़ीकरण के संबंध में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की।</p>
<p>लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन भगत सिंह ने बताया कि करीब 11.3 किलोमीटर लंबी सड़क को छह लेन में चौड़ीकरण किए जाने के लिए विद्युत विभाग और वन विभाग के साथ संयुक्त सर्वे कराया जा चुका है। सर्वे के उपरांत प्राक्कलन तैयार कर लिया गया है। उक्त मार्ग की चौड़ाई लगभग 200 फीट (61 मीटर) है। इस पर मंडलायुक्त ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए आठ लेन सड़क और सर्विस रोड निर्माण की संभावना पर जोर दिया। इसके लिए विद्युत विभाग, वन विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम को विस्तृत सर्वे कर प्रारंभिक प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि आने वाले वर्षों में यातायात की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।<br />बीडीए उपाध्यक्ष डा. मनिकंडन ए. के अनुसार पीलीभीत रोड के साथ बीडीए की ओर से डोहरा रोड के चौड़ीकरण की भी योजना बनाई जा रही है। इस मार्ग के चौड़ृीकरण से रामगंगा नगर आवासीय योजना और ग्रेटर बरेली का आवागमन काफी सुलभ हो जाएगा। इसके लिए सर्विस रोड को भी पूरी तरह आमजन के लिए खुला रखा जाएगा। संयुक्त सर्वे के बाद सेटेलाइट से बैरियर टू तक आठ लेन मार्ग भी बिना भूमि अधिग्रहण के किया जाएगा। इसके लिए पीडब्ल्यूडी पहले ही पर्याप्त भूमि की उपलब्धतता बता चुका है। बैठक में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, डीएफओ दीक्षा भंडारी, लोक निर्माण विभाग और विद्युत विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।</p>
<p><strong>सिक्सेलन का पहले ही भेजा जा चुका है प्रस्ताव</strong><br />सेटेलाइट से पीलीभीत बाईपास पर जाम की स्थिति बढ़ती जा रही है। इस समस्या का निदान कराने के लिए इस रोड को सिक्सलेन में परिवर्तित कराने के लिए लोक निर्माण विभाग ने 7.420 किमी सड़क चौड़ीकरण और सृदृढ़ीकरण कराने के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पिछले वित्तीय वर्ष में ही भेज दिया था, लेकिन स्वीकृत नहीं हो पाने से इस साल दोबारा भेजा गया। बाद में इसमें वन विभाग का छह करोड़ रुपये का प्रस्ताव सम्मिलित करते हुए फिर संशोधित एस्टीमेट भेजा गया है। यह प्रस्ताव बीडीए की ओर से भी भेजा जा चुका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 09:44:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर : नौबस्ता-हमीरपुर रोड चौड़ीकरण का टेंडर दो बार फेल, अब नए वर्ष में फिर से होगा जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> नौबस्ता-हमीरपुर रोड पर लगने वाले जाम से लाखों लोगों को मुक्ति दिलाने के लिए मार्ग का 8.15 करोड़ रुपये से चौड़ीकरण किया जाना है, लेकिन कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने निर्माण के संबंध में दो बार टेंडर जारी किए थे, लेकिन तकनीकी कारणों की वजह से टेंडर फाइनल नहीं हो सका। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि नए वर्ष में टेंडर फाइनल होने और मेट्रो का कार्य पूरा होने के बाद सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">नौबस्ता चौराहा से लेकर गल्लामंडी तक जाम के काफी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/564582/kanpur--the-tender-for-the-widening-of-the-naubasta-hamirpur-road-has-failed-twice--it-will-be-re-issued-in-the-new-year"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/0310.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> नौबस्ता-हमीरपुर रोड पर लगने वाले जाम से लाखों लोगों को मुक्ति दिलाने के लिए मार्ग का 8.15 करोड़ रुपये से चौड़ीकरण किया जाना है, लेकिन कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने निर्माण के संबंध में दो बार टेंडर जारी किए थे, लेकिन तकनीकी कारणों की वजह से टेंडर फाइनल नहीं हो सका। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि नए वर्ष में टेंडर फाइनल होने और मेट्रो का कार्य पूरा होने के बाद सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">नौबस्ता चौराहा से लेकर गल्लामंडी तक जाम के काफी हालात बने रहते हैं, जिसकी वजह से वाहन सवार लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर संबंधित क्षेत्र के लोग इस जाम की समस्या से काफी परेशान है। करीब पांच लाख लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई ) ने नौबस्ता से लेकर बिनगवां तक सड़क को पांच किलोमीटर तक फोरलेन करने का फैसला लिया है, जिसके संबंध में एनएचएआई के अधिकारी सर्वे कर चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों के मुताबिक दोनों ओर अभी सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर है, इसे बढ़ाकर दोनों तरफ 10-10 मीटर किया जाएगा। सड़क चौड़ी होने के बाद मार्ग पर जाम की समस्या पर लगाम लगेगी और यात्रा सुगम होगी। सड़क चौड़ीकरण के संबंध में एनएचएआई ने दो बार टेंडर डाले थे, लेकिन तकनीकी कारणों की वजह से वह फाइनल नहीं हो सका है। इसलिए अब एनएचएआई नए वर्ष में फिर से टेंडर जारी करेगा। टेंडर में जो कंपनी मानक के तहत फिट बैठेगी, उसको निर्माण की जिम्मेदारी दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज यादव ने बताया कि नौबस्ता-हमीरपुर रोड चौड़ीकरण के लिए टेक्निकल बिड की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। मेट्रो ने अभी इस सड़क को हैंडओवर नहीं किया है, क्योंकि मेट्रो द्वारा अभी निर्माण कार्य किया जा रहा है। सड़क हैंडओवर के संबंध में कागजी कार्रवाई अब शुरू हो गई है। इसके अलावा सड़क चौड़ीकरण के संबंध में टेंडर फाइनल होने के बाद कार्य शुरू किया जाएगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>इन क्षेत्र के लोगों को होगा अधिक लाभ</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">नौबस्ता चौराहा से पांच किलोमीटर बिनगवां तक हमीरपुर रोड चौड़ीकरण से किदवई नगर, नौबस्ता, पुरानी बस्ती, धरीपुरवा, बसंत विहार, आवास विकास हंसपुरम, दमोदर नगर, तौधकपुर, मछरिया, खाड़ेपुर, अर्रा, आनंद विहार, दासू कुआं, पशुपति नगर, केशव नगर, उस्मानपुर, रमईपुर, जरौली, कर्रही व बर्रा विश्व बैंक समेत शहर की लाखों आबादी को लाभ मिलेगा। सड़क चौड़ीकरण होने से नौबस्ता चौराहा से गल्लामंडी, बिनगवां के अलावा रमईपुर, घाटमपुर, बिधनू व पतारा आने व जाने वाले लोगों को काफी आसानी होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 19:51:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी में सड़क चौड़ीकरण की शुरुआत:  एडीबी की मदद से होगा सुधार का काम, पहले चरण का काम शुरू  </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>हल्द्वानी।</strong> उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में अब सड़क चौड़ीकरण और जल निकासी व्यवस्था में बड़े बदलाव की शुरुआत होने जा रही है। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की सहायता से नगर की लगभग 16.5 किलोमीटर सड़कों और प्रमुख चौराहों का चौड़ीकरण, पुनर्निर्माण और प्रबंधन सुधार का काम किया जाएगा। यह परियोजना हल्द्वानी को स्मार्ट और व्यवस्थित ट्रैफिक सिस्टम देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। </p>
<p style="text-align:justify;">एडीबी परियोजना के तहत सड़क और चौराहों के पुनर्विकास का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जा रहा है। पहले चरण में तीनपानी से बरेली रोड तक के हिस्से पर काम शुरू होगा।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/557440/road-widening-begins-in-haldwani--improvement-work-will-be-done-with-adb-assistance--first-phase-begins"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/untitled-design-(16)12.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हल्द्वानी।</strong> उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में अब सड़क चौड़ीकरण और जल निकासी व्यवस्था में बड़े बदलाव की शुरुआत होने जा रही है। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की सहायता से नगर की लगभग 16.5 किलोमीटर सड़कों और प्रमुख चौराहों का चौड़ीकरण, पुनर्निर्माण और प्रबंधन सुधार का काम किया जाएगा। यह परियोजना हल्द्वानी को स्मार्ट और व्यवस्थित ट्रैफिक सिस्टम देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। </p>
<p style="text-align:justify;">एडीबी परियोजना के तहत सड़क और चौराहों के पुनर्विकास का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जा रहा है। पहले चरण में तीनपानी से बरेली रोड तक के हिस्से पर काम शुरू होगा। इस खंड में सड़क चौड़ीकरण के साथ-साथ जल निकासी की आधुनिक व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से शहर को राहत मिल सके। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण के लिए आवश्यक सर्वे और डिज़ाइन का कार्य पूरा किया जा चुका है। </p>
<p style="text-align:justify;">अब टेंडर प्रक्रिया के बाद फील्ड स्तर पर काम शुरू किया जाएगा। परियोजना के तहत शहर के कई प्रमुख चौराहों को पुन: डिज़ाइन किया जाएगा जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति में सुधार और पैदल यात्रियों की सुविधा बढ़ाई जा सकेगी। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन प्रत्यूष कुमार ने बताया कि हल्द्वानी में ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। एडीबी की परियोजना के तहत जिन सड़कों को चयनित किया गया है, उनमें मुख्य रूप से बरेली रोड, तीनपानी रोड, नैनीताल रोड और टीपी नगर क्षेत्र शामिल हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इन सड़कों पर चौड़ीकरण के साथ-साथ जल निकासी, डिवाइडर और सिग्नल सिस्टम को भी अपग्रेड किया जाएगा। हमारा प्रयास है कि यह काम जल्द से जल्द पूरा हो ताकि जनता को बेहतर यातायात सुविधा मिल सके। शहरवासियों का कहना है कि यदि यह परियोजना समय पर पूरी होती है, तो हल्द्वानी में ट्रैफिक व्यवस्था और बारिश के दौरान होने वाली परेशानियों से काफी राहत मिलेगी। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : </strong></p>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/557292/corbett-national-park-is-a-top-choice-for-tourists----aqi-in-cities-reaches-dangerous-levels--with-large-numbers-of-people-flocking-to-nature"><span class="t-red">पर्यटकों की पहली पसंद कॉर्बेट नेशनल पार्क... </span>खतरनाक स्तर पर महानगरों का AQI, प्रकृति में पहुंच रहे भारी संख्या में लोग </a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/557440/road-widening-begins-in-haldwani--improvement-work-will-be-done-with-adb-assistance--first-phase-begins</link>
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                <pubDate>Sun, 26 Oct 2025 16:17:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वाराणसी में चला बुलडोजर: सड़क चौड़ीकरण के लिए  तोड़े गए दुकान और मकान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाराणसी। </strong>उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रविवार को पुलिस लाइन से कचहरी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के लिए बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गयी। इस दौरान यातायात को परिवर्तित करने के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया गया। सदंहा से कचहरी मार्ग के चौड़ीकरण कार्य के तहत दुकानदारों और मकान मालिकों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अनुसार, चिह्नित लोगों को मुआवजा भी प्रदान किया गया है। </p>
<p>अतिक्रमण हटाने से पहले ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से क्षेत्र का आकलन किया गया था। पूर्व ओलंपियन हॉकी खिलाड़ी मोहम्मद शाहिद के मकान पर भी बुलडोजर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/554659/bulldozers-in-varanasi--shops-and-houses-demolished-for-road-widening"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/cats448.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाराणसी। </strong>उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रविवार को पुलिस लाइन से कचहरी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के लिए बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गयी। इस दौरान यातायात को परिवर्तित करने के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया गया। सदंहा से कचहरी मार्ग के चौड़ीकरण कार्य के तहत दुकानदारों और मकान मालिकों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अनुसार, चिह्नित लोगों को मुआवजा भी प्रदान किया गया है। </p>
<p>अतिक्रमण हटाने से पहले ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से क्षेत्र का आकलन किया गया था। पूर्व ओलंपियन हॉकी खिलाड़ी मोहम्मद शाहिद के मकान पर भी बुलडोजर चला। हालांकि परिजनों ने अधिकारियों से बातचीत किया तो अधिकारियों का कहना था कि मुआवजा दिया जा चुका है। </p>
<p>इसलिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। यह मार्ग अक्सर जाम की समस्या से जूझता है और वीवीआईपी आवागमन के लिए महत्वपूर्ण है। पुलिस लाइन से कचहरी मार्ग पर वीवीआईपी मूवमेंट होता है। लोक निर्माण विभाग ने सभी प्रभावित पक्षों को पहले से नोटिस देकर कार्रवाई की जानकारी दे दी थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/554659/bulldozers-in-varanasi--shops-and-houses-demolished-for-road-widening</link>
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                <pubDate>Sun, 28 Sep 2025 16:39:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        