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                <title>Qutubkhana Market - Amrit Vichar</title>
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                <description>Qutubkhana Market RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Bareilly: शास्त्री मार्केट में गिरा दुकान का छज्जा, बाजार बंद होने के कारण टला बड़ा हादसा... देखिए वीडियो</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> गुरुवार को कुतुबखाना स्थित शास्त्री मार्केट में बड़ा हादसा टल गया। एक दुकान का छज्जा गिरने के बाद अफरा-तफरी का माहौल हो गया। जिस दुकान का छज्जा गिरा है वो एक क्रॉकरी शॉप बताई जा रही है।</p>
<p></p>
<p>मामला गुरुवार सुबह का बताया जा रहा है। आदित्य भसीन व सुनील भसीन शास्त्री मार्केट में क्रॉकरी शॉप चलाते हैं। उनकी दुकान का छज्जा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। आसपास के लोगों ने दुकानदार को सूचना दी तो वह भी मौके पर पहुंचे। किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।</p>
<p>शास्त्री मार्केट कुतुबखाना के व्यस्त बाजार के बीचो-बीच</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/549160/bareilly-a-big-accident-averted-due-to-the-closure-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/दुकान-का-छज्जा.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> गुरुवार को कुतुबखाना स्थित शास्त्री मार्केट में बड़ा हादसा टल गया। एक दुकान का छज्जा गिरने के बाद अफरा-तफरी का माहौल हो गया। जिस दुकान का छज्जा गिरा है वो एक क्रॉकरी शॉप बताई जा रही है।</p>
<p></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2025-08/whatsapp-video-2025-08-07-at-3.05.01-pm.mp4" controls=""></video>
<p>मामला गुरुवार सुबह का बताया जा रहा है। आदित्य भसीन व सुनील भसीन शास्त्री मार्केट में क्रॉकरी शॉप चलाते हैं। उनकी दुकान का छज्जा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। आसपास के लोगों ने दुकानदार को सूचना दी तो वह भी मौके पर पहुंचे। किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।</p>
<p>शास्त्री मार्केट कुतुबखाना के व्यस्त बाजार के बीचो-बीच मौजूद है। हर समय यहां व्यापारियों को खरीदारों का जमावड़ा रहता है। गनीमत रही कि गुरुवार होने के कारण सभी दुकानें बंद थीं। नहीं तो बड़ा हादसा भी हो सकता था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Aug 2025 15:43:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली: कुतुबखाना बाजार में भरभराकर गिरा जर्जर भवन, बाल-बाल बचे लोग</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार: </strong>कुतुबखाना बाजार में मनिहारन चौराहे के पास शनिवार रात आठ बजे करीब दो सौ वर्ष पुराना दो मंजिला भवन भरभराकर गिर गया। भवन गिरने की आवाज सुनते ही भगदड़ मच गई। हादसे में किसी को चोट नहीं लगी। मलबे में एक ठेला और बाइक दबकर क्षतिग्रस्त हो गई।</p>
<p>आसपास के लोगों ने बताया कि भवन खुर्शीद के भवन के नाम से जाना जाता है। खुर्शीद की मौत के बाद इसकी देखभाल उनके भाई शहीद और शाहबाद निवासी वसीम कर रहे हैं। इसमें वर्तमान में साबुन और अन्य सामान की एजेंसी है। वसीम ने बताया कि शनिवार रात</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/531829/bareilly--a-dilapidated-building-collapsed-in-qutubkhana-market--people-narrowly-escaped"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/सायन-और-नीला-ग्रंज-संगीत-youtube-थंबनेल---2025-04-06t094342.689.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार: </strong>कुतुबखाना बाजार में मनिहारन चौराहे के पास शनिवार रात आठ बजे करीब दो सौ वर्ष पुराना दो मंजिला भवन भरभराकर गिर गया। भवन गिरने की आवाज सुनते ही भगदड़ मच गई। हादसे में किसी को चोट नहीं लगी। मलबे में एक ठेला और बाइक दबकर क्षतिग्रस्त हो गई।</p>
<p>आसपास के लोगों ने बताया कि भवन खुर्शीद के भवन के नाम से जाना जाता है। खुर्शीद की मौत के बाद इसकी देखभाल उनके भाई शहीद और शाहबाद निवासी वसीम कर रहे हैं। इसमें वर्तमान में साबुन और अन्य सामान की एजेंसी है। वसीम ने बताया कि शनिवार रात करीब 8 बजे वह दुकान का शटर बंद कर रहे थे। शटर पर जोर लगाने से भवन भरभराकर गिरने लगा तो वह तुरंत वहां से भागे। </p>
<p>तब तक आगे का पूरा हिस्सा जमीन पर तेज आवाज के साथ गिर गया। भवन गिरते ही भगदड़ मच गई और लोग दूर को भाग गए। वहां पर लगा जूस का ठेला और एक बाइक मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे की सूचना पर कोतवाली इंस्पेक्टर अमित पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इंस्पेक्टर अमित पांडेय ने बताया कि भवन गिरने से किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। भवन काफी पुराना और जर्जर हालत में था।</p>
<p><strong>1825 में हुआ था भवन का निर्माण</strong><br />वसीम ने बताया खुर्शीद के पूर्वजों ने भवन का निर्माण वर्ष 1825 में कराया था। पूर्वजों का इंतकाल होने के बाद खुर्शीद इस भवन की देखभाल करने लगे थे। खुर्शीद की मौत के बाद उनके भाई सईद और वह भवन की देखभाल कर रहे थे।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें-<span style="color:rgb(224,62,45);"> </span></strong><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/531827/bareilly--farmer-crossing-the-track-gets-hit-by-a-train--dies">बरेली: ट्रेन की चपेट में आया ट्रैक पार कर रहा किसान, कटकर मौत</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Apr 2025 09:44:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Preeti Kohli]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली का मशहूर पलंग तोड़ हलवा...नाम तो सुना ही होगा पर अब जानिए इसकी सच्चाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> शहर के बीचो-बीच मौजूद कतुबखाना बाजार के क्या कहने। दिन में इस बाजार से जरूरत का कोई भी सामान लेना हो तो चले आएं। मगर शाम ढलते ही यहां पंडित जी के खास हलवे का चर्चा मिलेगा। यूं कहें तो इसे खाने वाले जितनी तादाद में नहीं उससे कहीं ज्यादा हलवे को लेकर सुनी सुनाई बातें लोगों के बीच मशहूर हैं। जी हां हम पलंगतोड़ हलवे की ही बात कर रहे हैं। ये नाम सुनकर हलवे का स्वाद भले ही आपको याद आया हो या नहीं लेकिन एक शरारती मुस्कान आपके चेहरे पर जरूर आ गई होगी। </p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/505828/you-must-have-heard-the-name-of-bareillys-famous-palang"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/83.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> शहर के बीचो-बीच मौजूद कतुबखाना बाजार के क्या कहने। दिन में इस बाजार से जरूरत का कोई भी सामान लेना हो तो चले आएं। मगर शाम ढलते ही यहां पंडित जी के खास हलवे का चर्चा मिलेगा। यूं कहें तो इसे खाने वाले जितनी तादाद में नहीं उससे कहीं ज्यादा हलवे को लेकर सुनी सुनाई बातें लोगों के बीच मशहूर हैं। जी हां हम पलंगतोड़ हलवे की ही बात कर रहे हैं। ये नाम सुनकर हलवे का स्वाद भले ही आपको याद आया हो या नहीं लेकिन एक शरारती मुस्कान आपके चेहरे पर जरूर आ गई होगी। <strong><em>पेश है प्रीति कोहली की खास रिपोर्ट...</em></strong></p>
<p>कुतुबखाना चौराहा से चंद कदम की दूरी पर शास्त्री मार्केट के आगे हर रात सजता है पंडित जी का मिष्ठान भंडार। बर्फी, मिल्क केक, कलाकंद, मिल्क बादाम शेक जैसे लजीज मिष्ठान पंडित जी के ठेले पर आपको मिल जाएंगे। मगर असल में पंडित जी का परिवार सालों से जिस चीज के लिए मशहूर है वो है पलंगतोड़ हलवा। पंडित दिनेश चंद्र शर्मा का ये हलवा खाने के लिए केवल शहर से ही नहीं बल्कि दूर-दराज के इलाकों से लोग आते हैं। हालांकि ये बात अलग है कि खाने वालों की तादाद से ज्यादा हलवे की चर्चा अधिक है। पंडित दिनेश शर्मा के मुताबिक हर दिन पलंगतोड़ हलवे के 20 से 25 ग्राहक तो आ ही जाते हैं। हलवे का नाम पलंगतोड़ क्यों पड़ा इसको लेकर पंडित जी कोई स्पष्ट जवाब तो नहीं देते मगर उनका कहना है कि हलवे को खाने से शरीर में ताकत आती है। वहीं बहुत सारे लोग हलवे की तासीर को मर्दाना ताकत बढ़ाने के नजरिए से भी देखते हैं। लेकिन अमृत विचार ऐसे किसी दावे की पुष्टि नहीं करता।<iframe class="youtubeplayer-responsive-iframe" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/MVx3NFSTKRs" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></p>
<p><strong>1933 से आज तक बिक रहा पलंग तोड़ हलवा</strong><br />पंडित दिनेश चंद्र शर्मा का परिवार इस काम में सालों से लगा हुआ है। एक दो नहीं बल्कि पंडित जी अपने परिवार की चौथी पीढ़ी हैं जो इस काम को आगे बढ़ा रहे हैं। वह बताते हैं कि चार पीढ़ियों पहले उनके परदादा ने ये काम शुरू किया था। इस मिष्ठान भंडार की स्थापना 1933 में की गई थी। सारी मिठाईयां खुद से ही घर पर तैयार करते हैं। पूरी शुद्धता के साथ इनको तैयार किया जाता है।</p>
<p><strong>नए-नए दूल्हा की पहली पसंद पलंग तोड़ हलवा </strong><br />पलंगतोड़ हलवा यूं तो बादाम का हलवा होता है, लेकिन इसके साथ कई और मेवा व गोंद से मिलाकर इसे तैयार किया जाता है। पंडित जी का कहना है कि यूं तो हर उम्र का शख्स इसको खा सकता है लेकिन उनके पास आने वाले ज्यादातर ग्राहक वो होते हैं जिनकी नई-नई शादी हुई होती है। वैसे पंडित जी की बातों से इतर इसमें कोई शक नहीं कि नए नवेले दूल्हा में हलवे को खाने का उत्साह ज्यादा रहता है। </p>
<p><strong>देर रात तक आते हैं हलवे के खरीदार</strong><br />पंडित दिनेश चंद्र शर्मा ने बताया कि इस हलवे में दो तरह की क्वालिटी वह तैयार करते हैं। जिसमें एक 1200 रुपए प्रति किलो व दूसरा 1800 रुपए प्रति किलो मिलता है। शाम 7:30 के से देर रात 12: 30 तक शास्त्री मार्केट के बाहर ठेला लगाते हैं। ठेले की लोकप्रियता का आलम ये है कि रात भर लोगों के आने का सिलसिला चलता रहता है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें - <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/505775/bareilly-dead-body-took-out-a-loan-of-20-lakhs">Bareilly: मुर्दे ने बैंक से निकाला 20 लाख का लोन, SSP ने मामले की जांच एसपी सिटी को सौंपी</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Nov 2024 16:57:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली: कुतुबखाना मंडी में खरीदारी को उमड़ी भीड़, गलियां हो गईं जाम</title>
                                    <description><![CDATA[बरेली, अमृत विचार। 35 घंटे तक बरेली में लाकडाउन लगने की घोषणा होने के बाद शनिवार शाम कुतुबखाना सब्जी मंडी में खरीदारी करने को भीड़ टूट पड़ी। सैकड़ों की संख्या में लोग सब्जी, राशन समेत अन्य जरूरी चीजें खरीदने पहुंचे। इस वजह से मंडी की गलियों में जाम लग गया। पैदल निकलना तक मुश्किल हो …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>35 घंटे तक बरेली में लाकडाउन लगने की घोषणा होने के बाद शनिवार शाम कुतुबखाना सब्जी मंडी में खरीदारी करने को भीड़ टूट पड़ी। सैकड़ों की संख्या में लोग सब्जी, राशन समेत अन्य जरूरी चीजें खरीदने पहुंचे। इस वजह से मंडी की गलियों में जाम लग गया। पैदल निकलना तक मुश्किल हो गया।</p>
<p>कोई सब्जी लेकर जा रहा था तो कोई आटा और चावल खरीदकर ले गया। आलू और प्याज जमकर खरीदा गया। यही स्थिति श्यामगंज मंडी की रही। यहां भी बड़ी संख्या में लोग सब्जियां खरीदने पहुंचे। शहर के लोगों को डर सता रहा है कि अभी 35 घंटे का लाकडाउन लगा है कहीं इसे समय सीमा आगे बढ़ी तो संकट में पड़ जाएंगे।</p>
<p><strong>डेलापीर मंडी में बगैर पास के आढ़तियों को नहीं मिलेगी अनुमति</strong><br />
कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए डेलापीर मंडी समिति ने बाहर से फल और सब्जी लेकर आने वाले आढ़तियों को पास जारी कर दिए हैं। बिना पास के किसी को भी मंडी के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। शनिवार को मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए मंडी में लाउडस्पीकर के माध्यम से एलान कराया गया है। शहर की डेलापीर मंडी में फल, आलू, प्याज और सब्जी की खरीद और बिक्री के लिए भारी संख्या में कारोबारी रोज ही आते हैं। शहर के तमाम क्षेत्रों में संक्रमितों के निकलने के बाद भी उन क्षेत्रों से कोई आढ़ती मंडी पहुंच जाते हैं।</p>
<p>पिछली साल लाकडाउन के दौरान भी डेलापीर सब्जी मंडी में बड़ी संख्या में हजारों की भीड़ खरीदारी को जुटी थी। इसी को देखते हुए रविवार को लागू होने वाले लाकडाउन के दौरान लोगों को सब्जी मिलती रहे, इसके लिए आढ़तियों को पास जारी किए गए हैं। मंडी सचिव अनिल कुमार ने बताया कि इस बार मंडी में अधिक भीड़ जमा न हो, इसके लिए आढ़तियों को पास जारी किए गए हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/78471/bareilly-shopping-crowds-crowded-streets-become-jammed-in-qutubkhana-mandi</link>
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                <pubDate>Sat, 17 Apr 2021 22:47:08 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
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