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                <title>world environment day - Amrit Vichar</title>
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                <description>world environment day RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>यूपी ने तोड़ा चीन का रिकॉर्ड... बन रहा 'हरित प्रदेश', 9 वर्षों में लगाए 242 करोड़ पौधे, पर्यावरण संरक्षण के लिए योगी सरकार का मिशन</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊः </strong>उत्तर प्रदेश 'हरित प्रदेश' बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते 9 वर्षों में प्रदेश में 242.13 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। वर्ष 2026 के वर्षाकाल में 35 करोड़ से अधिक पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के साथ ही राज्य में कुल पौधरोपण का आंकड़ा 277 करोड़ के पार पहुंच जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">वन विभाग के अनुसार, 2008 से 2016 के बीच जहां केवल 65.27 करोड़ पौधे लगाए गए थे, वहीं 2017 के बाद इस अभियान ने जनआंदोलन का रूप ले लिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576408/uttar-pradesh-is-becoming-a--green-state---242-crore-saplings-planted-in-9-years--cm-yogi-sets-a-target-of-35-crore-by-2026"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(43)7.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊः </strong>उत्तर प्रदेश 'हरित प्रदेश' बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते 9 वर्षों में प्रदेश में 242.13 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। वर्ष 2026 के वर्षाकाल में 35 करोड़ से अधिक पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के साथ ही राज्य में कुल पौधरोपण का आंकड़ा 277 करोड़ के पार पहुंच जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">वन विभाग के अनुसार, 2008 से 2016 के बीच जहां केवल 65.27 करोड़ पौधे लगाए गए थे, वहीं 2017 के बाद इस अभियान ने जनआंदोलन का रूप ले लिया है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश का वनाच्छादन भी 559.19 वर्ग किलोमीटर बढ़ा है। वर्ष 2025 में 9 जुलाई को एक ही दिन में 37.21 करोड़ पौधे लगाकर उत्तर प्रदेश ने नया कीर्तिमान स्थापित किया था। इसी क्रम में वर्ष 2026 के लिए भी व्यापक तैयारी शुरू कर दी गई है। विभागीय स्तर पर 52 करोड़ से अधिक पौधों को पौधशालाओं में तैयार किया जा रहा है, ताकि लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल की जा सके। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हर वर्ष 5 जून, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अपने जन्मदिन की शुरुआत पौधरोपण से करते हैं और इसे जनभागीदारी से जोड़ते हैं। सरकार ने पौधरोपण को जनआंदोलन बनाने के लिए स्कूली बच्चों, युवाओं, महिलाओं और सामाजिक संगठनों को भी इससे जोड़ा है। इसी कड़ी में 1 से 7 जुलाई 2025 के बीच जन्मे 18,348 बच्चों को 'ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट' प्रदान किए गए। अभिभावकों को पौधे देकर उनके संरक्षण का संकल्प भी दिलाया गया। वाराणसी के सुजाबाद-डोमरी क्षेत्र में आयोजित वृहद पौधरोपण कार्यक्रम में एक घंटे में 2,51,446 पौधे लगाकर उत्तर प्रदेश ने चीन का आठ वर्ष पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस उपलब्धि को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने प्रमाणित किया है। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश सरकार ने बजट में सामाजिक वानिकी योजना के लिए 800 करोड़ रुपये, पौधशाला प्रबंधन के लिए 220 करोड़ रुपये तथा प्रतिकारात्मक वन रोपण योजना के लिए 189 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। </p>
<p style="text-align:justify;">पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने के लिए प्रदेश के 18,000 से अधिक गांवों में 'ग्रीन चौपाल' का गठन किया गया है। इन चौपालों के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर लोगों को पौधरोपण और संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक प्रदेश के हरित आवरण को 15 प्रतिशत तक बढ़ाना है, जिसके लिए व्यापक स्तर पर जनसहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 14:39:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्लास्टिक प्रदूषण रोकने का संकल्प, विश्व पर्यावरण दिवस पर राजधानी में अलग-अलग जगहों पर किया आयोजन </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान व इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ़ एनवायर्नमेंटल बॉटनिस्ट्स द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश वन निगम के जनरल मेनेजर संजय के. पाठक मुख्य अतिथि थे। जबकि क्लेम्सन यूनिवर्सिटी, साउथ कैरोलिना, यूएसए के प्रो. पुनीत के. द्विवेदी, समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सीएसआईआर एनबीआरआई के निदेशक डॉ. एके शासनी ने समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर प्रो. पुनीत के. द्विवेदी ने संयुक्त राज्य अमेरिका में संरक्षण रिजर्व कार्यक्रम भारत के लिए संभावित सबक पर एक व्याख्यान भी दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ़</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/540956/pledge-to-stop-plastic-pollution--organized-events-at-different-places-in-the-capital-on-world-environment-day"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-06/news-post--(1)4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान व इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ़ एनवायर्नमेंटल बॉटनिस्ट्स द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश वन निगम के जनरल मेनेजर संजय के. पाठक मुख्य अतिथि थे। जबकि क्लेम्सन यूनिवर्सिटी, साउथ कैरोलिना, यूएसए के प्रो. पुनीत के. द्विवेदी, समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सीएसआईआर एनबीआरआई के निदेशक डॉ. एके शासनी ने समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर प्रो. पुनीत के. द्विवेदी ने संयुक्त राज्य अमेरिका में संरक्षण रिजर्व कार्यक्रम भारत के लिए संभावित सबक पर एक व्याख्यान भी दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ़ एनवायर्नमेंटल बॉटनिस्ट्स ने अपना 30वां स्थापना दिवस भी मनाया। डॉ. शासनी ने प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने, प्रदूषण निवारण के लिए पौधों की पहचान करने के लिए सीएसआईआर एनबीआरआई द्वारा की जा रही विभिन्न पहलों पर भी प्रकाश डाला। संजय कुमार पाठक ने कहा कि आज के दौर में प्लास्टिक प्रदूषण बहुत चिंताजनक है, इसलिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा हाल के वर्षों पर्यावरण दिवस के अवसर पर में प्लास्टिक प्रदूषण पर आधारित थीम को अधिक महत्व दिया गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">समारोह के विशिष्ट अतिथि प्रो. द्विवेदी ने अपने व्याख्यान में अमेरिका की भूमि संरक्षण पहलों के बारे में बताया, जिनका उपयोग भारत द्वारा स्थायी कृषि और पर्यावरण नीतियों के लिए किया जा सकता है। इससे पहले आईएसईबी के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक एवं सचिव डॉ. सौमित कुमार बेहरा ने संस्थान और इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ एनवायर्नमेंटल बॉटनिस्ट्स (आईएसईबी) की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि एनबीआरआई और आईएसईबी तीन दशकों से अधिक समय से पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन पर काम कर रहे हैं। समारोह के अंत में आईएसईबी के एमेरिटस वैज्ञानिक एवं संयुक्त सचिव डॉ. आरडी त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पर्यावरण बचाना है तो प्लास्टिक से दूरी बनाना होगा</strong></p>
<p style="text-align:justify;">आईईटी लखनऊ में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन थीम पर मनाया गया। इस मौके पर संस्थान के निदेशक प्रो. विनीत कंसल द्वारा छात्र-छात्राओं को प्लास्टिक के रीसाइक्लिंग व रीयूज की महत्ता पर जोर दिया गया। विशिष्ट व्याख्याता डॉ. प्रदीप कुमार ने प्लास्टिक के प्रयोग के दुष्प्रभाव से अवगत करवाया व जागरूकता अभियानों की जरुरत पर बल दिया। </p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. अरुण कुमार ने जल, थल व वायुमंडल को बचाने के लिए प्रत्येक नागरिक की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रो. नीलम श्रीवास्तव ने जलीय जीव एवं घरेलू बेजुबान जानवर किस तरह प्लास्टिक वेस्ट से प्रभावित हो रहे है इस पर चिंता व्यक्त की व छोटे उद्योग जो प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन पर कार्य कर रहे उनकी सराहना की।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>प्लास्टिक हटाओ पर्यावरण बचाओ पर निकाली गई जागरूकता रैली</strong></p>
<p style="text-align:justify;">साउथ सिटी वीमेन्स एसोसिएशन के तत्वावधान में साउथ सिटी कालोनी में प्लास्टिक हटाओ, पर्यावरण बचाओ, पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ के नारे के साथ एक जागरुकता रैली निकाली गई। अंबेडकर यूनिवर्सिटी रोड से शुरु होकर एक पार्क में समाप्त हुई। रैली में बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों ने हाथों में पर्यावरण बचाओ अभियान और पेड़ लगाओ के नारों के प्लेकार्ड ले रखे थे। </p>
<p style="text-align:justify;">रास्ते में इस संबंध में पर्चे बांटे गए तथा लोगों से प्लास्टिक का उपयोग न करने का आह्वान किया गया। सी ब्लॉक के पार्क में महिलाओं को पर्यावरण पर काम करने वाली संस्था ने पौधे भेंट में दिए। पार्क में एक सभा हुई जिसको संबोधित करते हुए स्थानीय निवासी नीना अवनीश ने कहा कि आज हम अपने पर्यावरण को नष्ट करने के लिए स्वयं जिम्मेदार हैं। मधु गर्ग ने कहा कि विकास के नाम पर जिस प्रकार जंगलों को ख़त्म किया जा रहा है। अल्पना, सीमा, मधुलिका चंदेल, मीता पाल, नीलू ने भी प्लास्टिक का उपयोग न करने तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/540889/ganga-dussehra-celebrated-all-over-india--devotees-throng-holy-ghats-with-great-devotion#gsc.tab=0">गंगा दशहरा को लेकर पूरे भारत में जश्न, पवित्र घाटों पर श्रद्धालुओं की उमड़ी आस्था की भीड़ </a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Special Articles</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Jun 2025 11:08:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पर्यावरण संरक्षण को लेकर 'किताबी-दिखावटी सैद्धांतिकता' से ऊपर उठें : अखिलेश यादव</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार : </strong>समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण को 'हमारा पहला परिवार' बताते हुए लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए 'किताबी-दिखावटी सैद्धांतिकता' से ऊपर उठकर आगे बढ़ने और ईमानदारीपूर्ण नजरिया अपनाने का आग्रह किया। यादव ने 'एक्स' पर एक लम्बी पोस्ट में जोर देकर कहा कि पर्यावरण संरक्षण को किताबी प्रतिबद्धताओं या प्रतीकात्मक भावों तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि उसे प्रकृति के मूर्त और अमूर्त पहलुओं को संरक्षित करने के उद्देश्य से वास्तविक कार्रवाई में तब्दील किया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ''प्रिय पर्यावरणवंशियों, पर्यावरण ही प्रथम परिवार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/540895/akhilesh-yadav-should-rise-above-book-rich-theoretics-for-environmental-protection"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-06/अखिलेश-यादव.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार : </strong>समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण को 'हमारा पहला परिवार' बताते हुए लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए 'किताबी-दिखावटी सैद्धांतिकता' से ऊपर उठकर आगे बढ़ने और ईमानदारीपूर्ण नजरिया अपनाने का आग्रह किया। यादव ने 'एक्स' पर एक लम्बी पोस्ट में जोर देकर कहा कि पर्यावरण संरक्षण को किताबी प्रतिबद्धताओं या प्रतीकात्मक भावों तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि उसे प्रकृति के मूर्त और अमूर्त पहलुओं को संरक्षित करने के उद्देश्य से वास्तविक कार्रवाई में तब्दील किया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ''प्रिय पर्यावरणवंशियों, पर्यावरण ही प्रथम परिवार है। पर्यावरण संरक्षण हमारा प्राकृतिक धर्म है।'' सपा प्रमुख ने कहा, ''आज पर्यावरण दिवस है। ये दिन है पर्यावरण के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता, वचनबद्धता और किताबी-दिखावटी सैद्धांतिकता से ऊपर उठकर कर्मठता के स्तर पर परिधिमय प्राकृतिक आवरण को बचाये-बनाए रखने का।'' यादव ने कहा, ''एक पर्यावरण हमारे आसपास होता है और एक वो भी होता है, जो हमारे देखने-छूने व अन्य इंद्रियों की क्षमताओं से परे होता है। हमें उसे भी बचाना है तभी ये धरा-धरती जीवनदायिनी बनी रहेगी।” पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “एक पर्यावरण हमारे अंदर भी होता है और वो होता है, भावनाओं, संवेदनाओं और सहनशीलता का पर्यावरण, जो हमसे विविधताओं को स्वीकार करवाता है और औरों के साथ जीना सिखाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">एकरंगी को बहुरंगी बनाता है। यही आंतरिक पर्यावरण मानव होने की कसौटी होता है। यही हमें सकारात्मकता से भरता है, यही हमारी सोच और हमारे विचार का क्षितिज बड़ा करता है।'' उन्होंने कहा, ''इसी के आधार पर हम देश, काल, समय की सीमा से परे जाना सीखते हैं और ऐसे काम करने के लिए प्रेरित होते हैं जिनका लाभ देश-दुनिया के समाज को युगों-युगों तक मिलता है।” यादव के मुताबिक, जब ये आंतरिक पर्यावरण संरक्षित होता है, तभी बाहरी पर्यावरण संरक्षित हो सकता है और इसके मूल में करुणा और प्रेम होता है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ''पर्यावरण एक साझी विरासत है इसीलिए ये किसी एक का ही नहीं, किसी एक पीढ़ी का ही नहीं बल्कि सबका मिला-जुला दायित्व है।</p>
<p style="text-align:justify;">ये वर्तमान के लाभ-हानि के तराज़ू पर तौलने का मुद्दा नहीं है बल्कि पृथ्वी के प्राकृतिक भविष्य के लिए किया गया प्रयासों और संसाधनों का सर्वथा सार्थक निवेश है।'' उन्होंने कहा, ''पर्यावरण ही मानवीय एकता का सबसे साक्षात और बुनियादी आधार है।आइए हम पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन के लिए हाथ बढ़ाएं और हाथ मिलाएं, मेलमिलाप व मेलजोल से अंदर-बाहर की विविधताओं से युक्त सौहार्द को बढ़ाएं, सबको गले लगाएं और आनेवाली पीढ़ियों के लिए कुछ बेहतर दुनिया दे जाएं।'' पर्यावरण के मुद्दों के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र की पहल पर वर्ष 1972 से 'विश्व पर्यावरण दिवस' हर साल पांच जून को मनाया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:- <span style="color:rgb(186,55,42);"><a style="color:rgb(186,55,42);" href="https://www.amritvichar.com/article/540894/gonda-crime-news-electricity-contractor-abducted-assistant-manager-and-left#gsc.tab=0">Gonda Crime News : बिजली ठेकेदार ने सहायक प्रबंधक को अगवा कर पीटा, तीन किमी दूर छोड़ा</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/540895/akhilesh-yadav-should-rise-above-book-rich-theoretics-for-environmental-protection</link>
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                <pubDate>Thu, 05 Jun 2025 17:40:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vinay Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: पेड़ों पर चल रही आरी तो पर्यावरण योद्धा निभा रहे दरख्तों से यारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अंकित चौहान, अमृत विचार। </strong>भले ही घर में दो सदस्य हों लेकिन लोग बड़े-बड़े मकान बना रहे हैं, इतना ही नहीं, जिधर भी नजर घुमाओ धड़ल्ले से बड़ी-बड़ी इमारतें बनाई जा रहीं है, लेकिन कंक्रीट के जंगल को बसाने में हरियाली पर आरी चला रहे हैं। जबकि इस दौर में पेड़ों को संरक्षण देने के साथ प्रकृति को संवारने की भी जरूरत है। ऐसे हालात में ऐसे भी योद्धा हैं, जो कई सालों से पर्यावरण संरक्षण को लेकर दूसरे को जागरूक करने के लिए प्रयास कर रहे हैं।</p>
<p><strong>छात्रों और तीमारदारों के दर्द से मिली सीख, अब मिल रही ठंडी</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/540876/bareilly-saws-running-on-trees-then-the-environmental-warriors-are"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-06/हरियाली.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अंकित चौहान, अमृत विचार। </strong>भले ही घर में दो सदस्य हों लेकिन लोग बड़े-बड़े मकान बना रहे हैं, इतना ही नहीं, जिधर भी नजर घुमाओ धड़ल्ले से बड़ी-बड़ी इमारतें बनाई जा रहीं है, लेकिन कंक्रीट के जंगल को बसाने में हरियाली पर आरी चला रहे हैं। जबकि इस दौर में पेड़ों को संरक्षण देने के साथ प्रकृति को संवारने की भी जरूरत है। ऐसे हालात में ऐसे भी योद्धा हैं, जो कई सालों से पर्यावरण संरक्षण को लेकर दूसरे को जागरूक करने के लिए प्रयास कर रहे हैं।</p>
<p><strong>छात्रों और तीमारदारों के दर्द से मिली सीख, अब मिल रही ठंडी छांव</strong><br />वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अनुपम शर्मा ने 2015-16 में बतौर एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर राजश्री मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ज्वाइन किया। वहां अस्पताल में मरीज भर्ती होने आते थे, उनके साथ आए तीमारदार भीषण गर्मी में ठंडक की आस में कॉलेज में जगह-जगह एक दो पेड़ दिखने पर उनके नीचे बैठ जाते थे, साथ ही जो छात्र-छात्राएं कॉलेज में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे, वह भी हॉस्टल से कड़ी धूप में छाता लगाए कॉलेज पहुंचते थे, डॉ. अनुपम ने बताया कि चूंकि बचपन से ही पर्यावरण के प्रति लगाव था, मन में ये सब दृश्य देखकर टीस उठी कि कॉलेज को ही हरा-भरा बनाया जाए। करीब 8 साल पहले शुरूआत में कुछ छायादार पेड़ निजी खर्च से खरीद कर लाए और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की अनुमति से परिसर में पेड़ लगाना आरंभ कर दिया। बताया कि अब तक वह कॉलेज परिसर में 500 से अधिक पेड़ लगा चुके हैं 8 साल पहले जो पेड़ लगाए वो अब बड़े छायादार हो गए हैं। डॉ. अनुपम की इस पहल को देखकर कॉलेज प्रबंधन ने उन्हें पांच मालियों की टीम और जो भी पेड़ लगाने की वह इच्छा जाहिर करते हैं कॉलेज प्रबंधन फौरन मुहैया कराता है। वहीं उनके प्रयास को देखकर छात्र-छात्राएं व अन्य स्टाफ भी उनकी इस मुहिम में शामिल हो गया है।</p>
<p><strong>पर्यावरण के प्रति ऐसी लगन कि राष्ट्रपति से मिला सम्मान</strong><br />शिक्षक को छात्र का भाग्य विधाता कहा गया है, लेकिन अगर शिक्षक छात्र हित के संकल्प के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित हो जाए तो उनका व्यक्तित्व और भी व्यापक हो जाता है। ऐसे ही शिक्षकों में शामिल हैं शहर के सिटी सब्जी मंडी के पास रहने वाली अर्चना राजपूत। वर्तमान में वह शहर के जीजीआईसी कॉलेज में अंग्रेजी की प्रवक्ता हैं, लेकिन शिक्षा पूरी होने के बाद उन्होंने जीजीआईसी कॉलेज में वर्ष 1997 में बतौर शारीरिक शिक्षिका के पद पर ज्वाइनिंग की। मन में पर्यावरण सरंक्षण की ललक थी तो 2002-03 में जब राष्ट्रीय सेवा योजना सत्र का आरंभ हुआ तो उन्हें कार्यक्रम अधिकारी की जिम्मेदारी मिली, उनके मन की ललक को धरातल पर उतारने का ये बेहतर समय था उन्होंने देर न करते हुए कॉलेज परिसर में जगह-जगह पौधरोपण करना आरंभ कर दिया। अर्चना राजपूत ने बताया कि पर्यावरण के प्रति उनका समर्पण देखते हुए वर्ष 2014 से वर्ष 2024 के अक्टूबर तक एनएसएस की कार्यक्रम अधिकारी रहीं इस दौरान उन्होंने कॉलेज परिसर में एक खाली स्थान में 200 पौधे लगाए जो कि अब छायादार पेड़ बन चुके हैं ये खाली स्थान अब एनएसएस उद्यान के नाम से जाना जाता है। अर्चना राजपूत की ओर से पर्यावरण संरक्षण के प्रति वर्ष 2018-19 में किए गए उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रपति की ओर से सम्मानित किया गया। अर्चना ने बताया कि राष्ट्रपति की ओर से देश भर से राष्ट्रीय सेवा योजना में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 कार्यक्रम अधिकारियों को चुना जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Jun 2025 16:00:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>World Environment Day 2025: रणदीप हुड्डा ने पत्नी लिन लैशराम संग 500 से ज्यादा पेड़ लगाकर मनाया विश्व पर्यावरण दिवस</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई ।</strong> बॉलीवुड स्टार ,फिल्ममेकर और पर्यावरण प्रेमी रणदीप हुड्डा ने विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर अपनी अभिनेत्री और उद्यमी पत्नी लिन लैशराम के साथ मिलकर मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध कान्हा नेशनल पार्क के पास गांववालों के साथ पेड़ लगाकर जंगलों के संरक्षण के लिए एक अहम कदम उठाया। रणदीप, जो एक बेहतरीन वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर भी हैं, हमेशा पर्यावरण संरक्षण का समर्थन करते आए हैं। उन्होंने इस खास दिन को भारत की प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण और विस्तार के लिए एक योगदान के रूप में चुना। उनकी वन्यजीवों के प्रति लगाव और पर्यावरण संरक्षण में गहरी आस्था ने उन्हें</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/540871/world-environment-day-2025--randeep-hooda-celebrated-world-environment-day-by-planting-more-than-500-trees-with-wife-lin-laishram"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-06/news-post--(22)3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई ।</strong> बॉलीवुड स्टार ,फिल्ममेकर और पर्यावरण प्रेमी रणदीप हुड्डा ने विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर अपनी अभिनेत्री और उद्यमी पत्नी लिन लैशराम के साथ मिलकर मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध कान्हा नेशनल पार्क के पास गांववालों के साथ पेड़ लगाकर जंगलों के संरक्षण के लिए एक अहम कदम उठाया। रणदीप, जो एक बेहतरीन वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर भी हैं, हमेशा पर्यावरण संरक्षण का समर्थन करते आए हैं। उन्होंने इस खास दिन को भारत की प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण और विस्तार के लिए एक योगदान के रूप में चुना। उनकी वन्यजीवों के प्रति लगाव और पर्यावरण संरक्षण में गहरी आस्था ने उन्हें हमेशा से इसके लिए प्रेरित किया है। </p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर रणदीप ने कहा, “विश्व पर्यावरण दिवस सिर्फ कैलेंडर पर एक तारीख नहीं है। यह हमें याद दिलाता है कि हमने प्रकृति को जो नुकसान पहुंचाया है, उसे ठीक करने के लिए हमारे पास ज़्यादा वक्त नहीं है। जंगल हमारे ग्रह के फेफड़े हैं, और इनके बिना वह समृद्ध जैव विविधता नहीं बच पाएगी, जिसे हम अक्सर हल्के में ले लेते हैं। मेरा वन्यजीवों से जुड़ाव हमेशा आध्यात्मिक रहा है और हर बार कान्हा आने पर इस ज़िम्मेदारी की अहमियत और भी बढ़ जाती है।” रणदीप ने कहा, 'पेड़ लगाना एक छोटा काम लग सकता है, लेकिन इसका असर बहुत बड़ा होता है। </p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/RandeepHooda/status/1930526612120105108">https://twitter.com/RandeepHooda/status/1930526612120105108</a></blockquote>
<p style="text-align:justify;">

</p>
<p style="text-align:justify;">एक पेड़ हमें छांव, खाना, ऑक्सीजन और संतुलन देता है। ठीक वैसे ही जैसे प्रकृति हमें बिना किसी स्वार्थ के सब कुछ देती है। मेरी पत्नी लिन और मैं खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि हम इस खूबसूरत इकोसिस्टम की रक्षा के लिए थोड़ा सा योगदान दे पा रहे हैं। जंगल और वन्यजीव एक-दूसरे पर निर्भर हैं, और दोनों का साथ में फलना-फूलना ज़रूरी है। मैं सभी से अपील करता हूं कि सिर्फ इस दिन को ही नहीं, बल्कि हर दिन प्रकृति की रक्षा का संकल्प लें। हमें प्रकृति की जरूरत है। प्रकृति को हमारी नहीं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/540856/hina-khan-wedding--hina-khan-surprised-fans-by-becoming-a-bride--got-married-to-her-boyfriend-rocky-jaiswal">Hina Khan Wedding: हिना खान ने दुल्हन बनकर फैंस को दिया सरप्राइज, अपने ब्वायफैंड रॉकी जायसवाल संग शादी रचाई </a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/540871/world-environment-day-2025--randeep-hooda-celebrated-world-environment-day-by-planting-more-than-500-trees-with-wife-lin-laishram</link>
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                <pubDate>Thu, 05 Jun 2025 15:14:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व पर्यावरण दिवस पर कच्छ की बहनों का तोहफा, PM मोदी ने प्रधानमंत्री आवास पर लगाया सिंदूर का पौधा, बताया नारी शक्ति का प्रतीक </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली।</strong>  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बृहपस्पतिवार को अपने आवास पर ‘सिंदूर’ का एक पौधा लगाया जो उन्हें 1971 के युद्ध के दौरान उल्लेखनीय साहस दिखाने वाली महिलाओं के एक समूह ने भेंट किया था। भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इस ऑपरेशन के मद्देनजर इस पौधे को लगाने का विशेष महत्व है। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘1971 के युद्ध में साहस और पराक्रम की अद्भुत मिसाल पेश करने वाली कच्छ की वीरांगना माताओं-बहनों ने हाल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/540861/a-gift-from-the-sisters-of-kutch-on-world-environment-day--pm-modi-planted-a-vermilion-plant-at-the-prime-minister-s-residence--called-it-a-symbol-of-women-power"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-06/news-post--(19)3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बृहपस्पतिवार को अपने आवास पर ‘सिंदूर’ का एक पौधा लगाया जो उन्हें 1971 के युद्ध के दौरान उल्लेखनीय साहस दिखाने वाली महिलाओं के एक समूह ने भेंट किया था। भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इस ऑपरेशन के मद्देनजर इस पौधे को लगाने का विशेष महत्व है। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘1971 के युद्ध में साहस और पराक्रम की अद्भुत मिसाल पेश करने वाली कच्छ की वीरांगना माताओं-बहनों ने हाल में गुजरात के दौरे पर मुझे सिंदूर का पौधा भेंट किया था। विश्व पर्यावरण दिवस पर आज मुझे उस पौधे को नयी दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास में लगाने का सौभाग्य मिला है।’ </p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/narendramodi/status/1930505695041892418">https://twitter.com/narendramodi/status/1930505695041892418</a></blockquote>
<p style="text-align:justify;">

</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने इन महिलाओं से वादा किया था कि वह अपने 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर यह पौधा लगाएंगे। मोदी ने कहा, ‘‘यह पौधा हमारे देश की नारीशक्ति के शौर्य और प्रेरणा का सशक्त प्रतीक बना रहेगा।’ पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में नौ आतंकवादी ढांचों पर सटीक हमले किए थे जिसके बाद पाकिस्तान ने आठ, नौ और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया। भारतीय पक्ष ने हवाई अड्डों, वायु रक्षा प्रणालियों, कमान एवं नियंत्रण केंद्रों और रडार स्थलों सहित कई प्रमुख पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचाकर पाकिस्तानी हमलों का कड़ा जवाब दिया। </p>
<p style="text-align:justify;">विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने 10 मई को घोषणा की कि भारत और पाकिस्तान के बीच भूमि, वायु और समुद्र में सभी प्रकार की सैन्य कार्रवाइयों को रोकने को लेकर सहमति बन गई है। पहलगाम हमले में आतंकवादियों ने पर्यटकों को निशाना बनाने से पहले उनकी धार्मिक पहचान पूछी थी। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। सिंदूर पारंपरिक रूप से विवाहित हिंदू महिलाओं द्वारा लगाया जाता है जिसका भारतीय परंपरा के अनुसार वैवाहिक जीवन में धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। </p>
<p style="text-align:justify;">मोदी ने ‘एक्स’ पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में कहा कि वैश्विक जलवायु की सुरक्षा के लिए प्रत्येक देश को स्वार्थ से ऊपर उठना होगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के विश्व पर्यावरण दिवस की विषय वस्तु प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करना है और भारत पिछले चार-पांच साल से इस दिशा में लगातार काम कर रहा है। मोदी ने कहा कि संसाधनों का सोच-समझकर उपयोग करने और टिकाऊ जीवनशैली अपनाने की वकालत करने वाला ‘मिशन लाइफ’ दुनिया भर में एक जन आंदोलन बन रहा है। उन्होंने कहा कि लाखों लोगों ने अपने दैनिक जीवन में अपशिष्ट कम करने, पुनः उपयोग करने और पुनर्चक्रण के मंत्र को अपनाया है। </p>
<p style="text-align:justify;">मोदी ने पृथ्वी की रक्षा करने और इसके समक्ष आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए प्रयास तेज करने का बृहस्पतिवार को आह्वान किया। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘आइए, इस विश्व पर्यावरण दिवस पर हम अपने ग्रह की रक्षा करने और हमारे सामने मौजूद चुनौतियों से निपटने की दिशा में अपने प्रयासों को और तेज करें। मैं उन सभी लोगों की भी सराहना करता हूं जो हमारे पर्यावरण को हरा-भरा और बेहतर बनाने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं।’’ संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 1973 से पांच जून को प्रतिवर्ष संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) के नेतृत्व में मनाया जाने वाला विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने का सबसे बड़ा वैश्विक मंच है। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/540858/corona-cases-are-increasing-in-india--total-number-of-active-cases-reached-4866--7-more-patients-died">भारत में बढ़ रहे कोरोना के आकड़े, कुल सक्रिय मामलों की संख्या 4866 पहुंची, 7 और मरीजों की मौत </a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/540861/a-gift-from-the-sisters-of-kutch-on-world-environment-day--pm-modi-planted-a-vermilion-plant-at-the-prime-minister-s-residence--called-it-a-symbol-of-women-power</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/540861/a-gift-from-the-sisters-of-kutch-on-world-environment-day--pm-modi-planted-a-vermilion-plant-at-the-prime-minister-s-residence--called-it-a-symbol-of-women-power</guid>
                <pubDate>Thu, 05 Jun 2025 14:10:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>World Environment Day: विश्व पर्यावरण दिवस पर CM योगी ने रोपा बिल्व वृक्ष का पौधा, 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का किया शुभारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ। </strong>विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर बिल्व वृक्ष (बेल) का पौधा रोपित कर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का शुभारंभ किया। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 53वां जन्मदिवस भी है। </p>
<p>इस अवसर पर उन्होने कहा “आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण और पावन दिन है। गंगा दशहरा की पावन तिथि है। आज ही के दिन महाराज भगीरथ की कठोर तपस्या के बाद मां गंगा धरती पर उतरी थीं जो दुनिया के सबसे बड़े भूभाग को अपनी जलधारा से सिचिंत करती है और उपजाऊ बनाती हैं। महाराज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/540823/world-environment-day--on-world-environment-day--cm-yogi-planted-a-bilva-tree--launched-the-campaign--one-tree-in-the-name-of-mother"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-06/cats64.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ। </strong>विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर बिल्व वृक्ष (बेल) का पौधा रोपित कर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का शुभारंभ किया। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 53वां जन्मदिवस भी है। </p>
<p>इस अवसर पर उन्होने कहा “आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण और पावन दिन है। गंगा दशहरा की पावन तिथि है। आज ही के दिन महाराज भगीरथ की कठोर तपस्या के बाद मां गंगा धरती पर उतरी थीं जो दुनिया के सबसे बड़े भूभाग को अपनी जलधारा से सिचिंत करती है और उपजाऊ बनाती हैं। महाराज भगीरथ के बाद इस कार्य को अविरल और निर्मल गंगा के नाम पर नमामि गंगे परियोजना के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को दिया है। हम इसके लिए पीएम मोदी के आभारी हैं।” </p>
<p>उन्होने कहा “आज विश्व पर्यावरण दिवस भी है पूरी दुनिया पर्यावरण के कठिन चुनौतियों से जूझ रही है। ये चुनौती मनुष्य द्वारा ही निर्मित चुनौती है और इसके समाधान का मार्ग भी मनुष्य को ही उठाना पड़ेगा और इसलिए प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे भारतवासियों को आह्वान किया है कि इन चुनौतियों का सामना करने के लिए हमें प्रकृति के साथ एक समन्वय और संवाद बनाना पड़ेगा। </p>
<p>इस समन्वय और संवाद का नाम उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' दिया। आज उत्तर प्रदेश में इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई है। 'एक पेड़ मां के नाम' ये कार्यक्रम आज से लेकर लगातार चलेगा और 23 जून को यदि मानसून प्रदेश में आ जाता है तो इसका एक वृहद रूप प्रदेश में देखने को मिलेगा।” </p>
<p>सीएम योगी ने कहा “ इस साल भी 35 करोड़ से अधिक वृक्षारोपण का लक्ष्य हम लोगों ने इस बार भी रखा है ये क्रम 15 अगस्त तक लगातार चलेगा।” इस अवसर पर वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, वन राज्यमंत्री केपी मलिक ने मुख्यमंत्री को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं तथा स्मृति चिह्न भेंट किया। </p>
<p>इस दौरान मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव (वन/पर्यावरण) अनिल कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक/विभागाध्यक्ष सुनील कुमार चौधरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुराधा वेमुरी, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रचार-प्रसार) पीपी सिंह, लखनऊ की मुख्य वन संरक्षक रेनू सिंह आदि की मौजूदगी रही। मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा “ माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः। विश्व पर्यावरण दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं! आइए, विश्व पर्यावरण दिवस के पुनीत अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के प्रति संकल्पित हों।”</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/myogiadityanath/status/1930496949372715265">https://twitter.com/myogiadityanath/status/1930496949372715265</a></blockquote>
<p>

</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Jun 2025 11:07:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>World Environment Day: विश्व पर्यावरण दिवस पर PM मोदी ने पृथ्वी की रक्षा के प्रयासों को और तेज करने की अपील की </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पृथ्वी की रक्षा करने और इसके समक्ष आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए प्रयास तेज करने का विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बृहस्पतिवार को आह्वान किया।</p>
<p>पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिख, ‘‘आइए, इस विश्व पर्यावरण दिवस पर हम अपने ग्रह की रक्षा करने और हमारे सामने मौजूद चुनौतियों से निपटने की दिशा में अपने प्रयासों को और तेज करें। मैं उन सभी लोगों की भी सराहना करता हूं जो हमारे पर्यावरण को हरा-भरा और बेहतर बनाने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं।’’ </p>
<p>संयुक्त राष्ट्र के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/540810/world-environment-day--on-world-environment-day--pm-modi-appealed-to-further-intensify-efforts-to-protect-the-earth"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/मोदी.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पृथ्वी की रक्षा करने और इसके समक्ष आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए प्रयास तेज करने का विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बृहस्पतिवार को आह्वान किया।</p>
<p>पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिख, ‘‘आइए, इस विश्व पर्यावरण दिवस पर हम अपने ग्रह की रक्षा करने और हमारे सामने मौजूद चुनौतियों से निपटने की दिशा में अपने प्रयासों को और तेज करें। मैं उन सभी लोगों की भी सराहना करता हूं जो हमारे पर्यावरण को हरा-भरा और बेहतर बनाने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं।’’ </p>
<p>संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) के नेतृत्व में 1973 से पांच जून को प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने का सबसे बड़ा वैश्विक मंच है।  </p>
<p> </p>
<p><strong>पर्यावरण संरक्षण के लिए धनखड़ ने किया सामूहिक कार्रवाई का आह्वान</strong></p>
<p>उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण के लिए सामूहिक कार्रवाई का आह्वान किया है। श्री धनखड़ ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रकृति संरक्षण के प्रति अपने समर्पण को एक बार फिर व्यक्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी जीवों का जीवन पृथ्वी के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। उपराष्ट्रपति ने कहा, ''सभी लोगों को सभी के लिए स्वच्छ, हरित और जीवंत भविष्य के लिए प्रकृति के अनुकूल जीवन शैली और पर्यावरणीय न्याय के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करनी चाहिए।''  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/540810/world-environment-day--on-world-environment-day--pm-modi-appealed-to-further-intensify-efforts-to-protect-the-earth</link>
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                <pubDate>Thu, 05 Jun 2025 09:20:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>World Environment Day : ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के अंतर्गत बरगद का पौधा लगायेंगे PM मोदी, कई राज्यों के CM होंगे शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुवार को यहां एक विशेष वृक्षारोपण अभियान के तहत बरगद का पौधा लगायेंगे। प्रधानमंत्री यहां भगवान महावीर वनस्थली पार्क में एक विशेष वृक्षारोपण पहल के तहत वृक्षारोपण करेंगे। मोदी ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के अंतर्गत बरगद का पौधा लगायेंगे। यह ‘अरावली ग्रीन वॉल परियोजना’ का हिस्सा होगा, जिसका उद्देश्य 700 किलोमीटर लंबी अरावली श्रृंखला को फिर से वनों से परिपूर्ण करना है। </p>
<p style="text-align:justify;">यह परियोजना दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और गुजरात सहित चार राज्यों के 29 जिलों में अरावली पर्वत श्रृंखला के आसपास पांच किलोमीटर के बफर क्षेत्र में हरियाली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/540787/world-environment-day--pm-modi-will-plant-a-banyan-tree-under-the-initiative--one-tree-in-the-name-of-mother---cms-of-many-states-will-participate"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-06/news-post--(33)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुवार को यहां एक विशेष वृक्षारोपण अभियान के तहत बरगद का पौधा लगायेंगे। प्रधानमंत्री यहां भगवान महावीर वनस्थली पार्क में एक विशेष वृक्षारोपण पहल के तहत वृक्षारोपण करेंगे। मोदी ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के अंतर्गत बरगद का पौधा लगायेंगे। यह ‘अरावली ग्रीन वॉल परियोजना’ का हिस्सा होगा, जिसका उद्देश्य 700 किलोमीटर लंबी अरावली श्रृंखला को फिर से वनों से परिपूर्ण करना है। </p>
<p style="text-align:justify;">यह परियोजना दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और गुजरात सहित चार राज्यों के 29 जिलों में अरावली पर्वत श्रृंखला के आसपास पांच किलोमीटर के बफर क्षेत्र में हरियाली का विस्‍तार करने की एक प्रमुख पहल है। इसका उद्देश्य वनीकरण, पुनर्वनीकरण और जल निकायों के जीर्णोद्धार के माध्यम से अरावली की जैव विविधता को बढ़ावा देना है। इसका उद्देश्य क्षेत्र की मिट्टी की उर्वरता, जल उपलब्धता और जलवायु अनुकूलता में सुधार करना भी है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह परियोजना स्थानीय समुदायों को रोजगार और आय सृजन के अवसर प्रदान करते हुये लाभान्वित भी करेगी। इसके अलावा मोदी दिल्ली सरकार की सतत परिवहन पहल के तहत 200 इलेक्ट्रिक बसों को भी हरी झंडी दिखायेंगे। यह न केवल स्वच्छ शहरी गतिशीलता को बढ़ावा देगा, बल्कि पारिस्थितिक संतुलन के प्रति राष्ट्र के सामूहिक दायित्‍व का भी प्रतीक होगा। </p>
<p style="text-align:justify;">पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि परियोजना की शुरुआत के अवसर पर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के मुख्यमंत्री उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत अरावली पर्वत शृंखला में आने वाले 29 जिलों में लगभग 1,000 नर्सरियां विकसित की जाएंगी। सरकार के अनुसार, यह पहल क्षेत्र में वायु प्रदूषण से निपटने में महत्वपूर्ण होगी और इससे 2030 तक 2.5 से 3 अरब टन कार्बन डाइऑक्साइड के समतुल्य अतिरिक्त कार्बन सोखने की क्षमता विकसित करने तथा 2.6 करोड़ हेक्टेयर बंजर भूमि को पुनः उपजाऊ बनाने जैसे जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी। </p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने मार्च 2023 में ‘अरावली ग्रीन वॉल’ पहल पेश की थी। इस परियोजना का लक्ष्य गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली में लगभग 64.5 लाख हेक्टेयर भूमि को शामिल करते हुए पांच किलोमीटर चौड़ा ‘हरित पट्टी बफर जोन’ स्थापित करना है, जिसके भीतर की लगभग 42 फीसदी (27 लाख हेक्टेयर) भूमि बंजर है। </p>
<p style="text-align:justify;">अरावली पर्वतमाला मरुस्थलीकरण के खिलाफ एक प्राकृतिक अवरोध के रूप में काम करती है, थार रेगिस्तान के विस्तार को रोकती और दिल्ली, जयपुर तथा गुरुग्राम जैसे शहरों की रक्षा करती है। अरावली की पहाड़ियां चंबल, साबरमती और लूनी जैसी महत्वपूर्ण नदियों का स्रोत भी हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके जंगलों, घास के मैदानों और आर्द्रभूमि में लुप्तप्राय पौधों और जानवरों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं। हालांकि, वनों की कटाई, खनन, पशुचारण और मानव अतिक्रमण के कारण मरुस्थलीकरण की स्थिति और खराब हो रही है, जलभृतों को नुकसान पहुंच रहा है, झीलें सूख रही हैं तथा वन्यजीवों को पोषित करने की क्षेत्र की क्षमता प्रभावित हो रही है। कुल अवक्रमित क्षेत्र का 81 प्रतिशत राजस्थान में, 15.8 प्रतिशत गुजरात में, 1.7 प्रतिशत हरियाणा में और 1.6 प्रतिशत दिल्ली में है। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/540784/caste-census-data-2027--caste-census-will-be-done-in-two-phases-in-the-country--date-revealed--starting-with-hill-states#gsc.tab=0">Caste Census Data 2027: देश में दो चरणों में होगी जातिगत जनगणना, सामने आई तारीख, पहाड़ी राज्यों के साथ शुरुआत </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Special Articles</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/540787/world-environment-day--pm-modi-will-plant-a-banyan-tree-under-the-initiative--one-tree-in-the-name-of-mother---cms-of-many-states-will-participate</link>
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                <pubDate>Wed, 04 Jun 2025 18:45:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तराखंड: पर्यावरण संरक्षण के लिए ट्रेनी आईएफएस अधिकारियों ने निकाली साइकिल रैली </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून।</strong> इन्दिरा गाँधी राष्‍ट्रीय वन अकादमी, देहरादून में विश्‍व पर्यावरण दिवस के अवसर पर की जा रही गतिविधियों की श्रृंखला में, शनिवार को 55वें आरआर के भारतीय वन सेवा परिवीक्षार्थियों (ट्रेनी आईएफएस ऑफिसर्स) द्वारा 14 किमी की साइकिलिंग का आयोजन किया गया। इस रैली का मुख्‍य उद्देश्‍य जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए पर्यावरण-अनुकूल आदतों को बढ़ावा देना था। साथ ही, इसके माध्‍यम से साइकल को अपनाने का संदेश भी दिया गया। जो न केवल कार्बन उत्‍सर्जन में कमी लाने का माध्‍यम है, अपितु यह एक स्‍वाथ्‍यवर्धक जीवनचर्या को भी बढ़ावा देती है। </p>
<p>अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्‍त</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/472087/trainee-ifs-officers-take-out-cycle-rally-for-uttarakhand-environment"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/demo-image-v-(47)1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून।</strong> इन्दिरा गाँधी राष्‍ट्रीय वन अकादमी, देहरादून में विश्‍व पर्यावरण दिवस के अवसर पर की जा रही गतिविधियों की श्रृंखला में, शनिवार को 55वें आरआर के भारतीय वन सेवा परिवीक्षार्थियों (ट्रेनी आईएफएस ऑफिसर्स) द्वारा 14 किमी की साइकिलिंग का आयोजन किया गया। इस रैली का मुख्‍य उद्देश्‍य जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए पर्यावरण-अनुकूल आदतों को बढ़ावा देना था। साथ ही, इसके माध्‍यम से साइकल को अपनाने का संदेश भी दिया गया। जो न केवल कार्बन उत्‍सर्जन में कमी लाने का माध्‍यम है, अपितु यह एक स्‍वाथ्‍यवर्धक जीवनचर्या को भी बढ़ावा देती है। </p>
<p>अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्‍त करने वाले इन ट्रेनी आईएफएस ने संदेश दिया कि जलवायु परिवर्तन को रोकने की दिशा में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को अपनाने, प्‍लास्टिक के उपयोग में कमी जाने तथा ऊर्जा संरक्षण जैसे छोटे-छोटे कदमों से हम पृथ्‍वी को भविष्‍य की पीढि़यों के लिए संरक्षित करने के लिए बड़े बदलाव ला सकते हैं। इसमें हर किसी का छोटे-से-छोटा प्रयास भी महत्‍वपूर्ण सिद्ध होगा। उल्लेखनीय है कि अकादमी द्वारा जून, 2015 में ही अपने परिसर में सिंगल-यूज प्‍लास्टिक, प्‍लास्टिक कटलरी, प्‍लास्टिक स्‍टेशनरी आदि के प्रयोग को प्रतिबंधित कर दिया गया था। </p>
<p>इस संदर्भ में कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी अमित रोहेला ने बताया कि इससे पूर्व पांच जून को विश्‍व पर्यावरण दिवस पर अकादमी के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा स्‍वच्‍छता शपथ ली गई। संपूर्ण कार्यालयों एवं आवासीय परिसर में सफाई अभियान चलाया गया। जिसमें सभी अधिकारियों, कार्मिकों और प्रशिक्षु अधिकारियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। अब इस श्रृंखला में पौधारोपण कार्यक्रम तथा संभाषण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर अकादमी के अपर निदेशक, राज कुमार बाजपेयी, अपर प्राध्‍यापक अमित कुमार, जीपी नरवणे, स्‍पोर्ट्स अधिकारी कुणाल अंग्रिश, 55वें आरआर के आईएफएस प्रशिक्षु और कर्मचारी उपस्थित थे। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <span style="color:rgb(186,55,42);"><a class="post-title-lg" style="color:rgb(186,55,42);" href="https://www.amritvichar.com/article/472070/a-total-of-394-cadets--including-39-foreign-cadets--became-part-of-the-army-as-soon-as-they-took-their-final-step">39 विदेशी कैडेटों के साथ कुल 394 कैडेट अंतिम पग रखते ही बने सेना के अंग</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/472087/trainee-ifs-officers-take-out-cycle-rally-for-uttarakhand-environment</link>
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                <pubDate>Sat, 08 Jun 2024 19:39:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishal Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly News: विकास के लिए पेड़ों की बलि, तो क्या ऐसे बचाया जाएगा पर्यावरण</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>एक तरफ तो बुधवार को विश्व पर्यावरण दिवस पूरे देश में मनाया गया। लोगों से पेड़ लगान की अपील की गई तो दूसरी तरफ एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें बड़ी तादाद में काटे गए पेड़ सड़क किनारे पड़े नजर आए। कुछ लोगों ने यह वीडियो चिपको बरेली ग्रुप में भी शेयर कर दिया तो पर्यावरण प्रेमी सवाल खड़े करने लगे।</p>
<p>वीडियो नवाबगंज के पास का बताया जा रहा है। यहां पेड़ बरेली-सितारगंज मार्ग के चौड़ीकरण को काटे जा रहे हैं। अब लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या हजारों पेड़ों की बलि चढ़ाकर पर्यावरण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/471455/bareilly-news-if-trees-are-sacrificed-for-development-will-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/्रर5555.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>एक तरफ तो बुधवार को विश्व पर्यावरण दिवस पूरे देश में मनाया गया। लोगों से पेड़ लगान की अपील की गई तो दूसरी तरफ एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें बड़ी तादाद में काटे गए पेड़ सड़क किनारे पड़े नजर आए। कुछ लोगों ने यह वीडियो चिपको बरेली ग्रुप में भी शेयर कर दिया तो पर्यावरण प्रेमी सवाल खड़े करने लगे।</p>
<p>वीडियो नवाबगंज के पास का बताया जा रहा है। यहां पेड़ बरेली-सितारगंज मार्ग के चौड़ीकरण को काटे जा रहे हैं। अब लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या हजारों पेड़ों की बलि चढ़ाकर पर्यावरण को बचाया जाएगा।</p>
<p>दरअसल, 71 किलीमीटर लंबे बरेली सितारगंज मार्ग को अर्से से चौड़ा करने का प्रोजेक्ट चल रहा है। चौड़ीकरण को लेकर पेड़ों का कटान वन निगम की तरफ से शुरू कर दिया गया है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार लगभग ढाई हजार पेड़ इस सड़क पर काटे जाने हैं, हालांकि एनएचएआई की तरफ से इसको लेकर पूर्व अनुमति ली गई थी। सर्वे करने के बाद वन विभाग की तरफ से पेड़ों के कटान की अनुमति दी गई थी। </p>
<p>पूरे मामले पर नवाबगंज के वन रेंजर केके मिश्रा ने बताया कि एक महीने पहले ही पेड़ों के कटान का काम शुरू हो गया था। उधर एनएचएआई के परियोजना निदेशक बीपी पाठक ने बताया कि ढाई हजार पेड़ काटने की अनुमति ली गई है। जिसमें से लगभग 800 पेड़ अब तक काटे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि पेड़ों के कटान के कारण फिलहाल चौड़ीकरण का कार्य बीच में ही रुका हुआ है।</p>
<p><strong>पर्यावरण प्रेमियों ने उठाए सवाल</strong><br />पेड़ों के कटान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पर्यावरण प्रेमी संजीव महरोत्रा ने चिपको ग्रुप में वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि एक तरफ तो पेड़ लगाने की मुहिम चल रही है तो दूसरी तरफ बेदर्दी के साथ पेड़ काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह का काम बंद होना चाहिए। वहीं, पर्यावरण प्रेमी निकिता ने भी वीडियो पर कमेंट कर लिखा कि इस तरह के काम पर शर्म आनी चाहिए।</p>
<p><strong>ये भी पढे़ं- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/471402/bareilly--a-young-man-committed-suicide-by-hanging-himself-under-suspicious-circumstances--his-family-refused-to-tell-anything">बरेली: संदिग्ध परिस्थिति में युवक ने फंदा लगाकर की आत्महत्या, परिजनों ने कुछ भी बताने से किया इंकार</a></span></strong></p>
<p><strong><span style="color:rgb(224,62,45);"> </span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                <pubDate>Thu, 06 Jun 2024 09:29:43 +0530</pubDate>
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                <title>Bareilly News: अमृत विचार की पौधा वितरण मुहिम को लोगों का मिला साथ</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>अमृत विचार की ओर से बुधवार सुबह गांधी उद्यान में आयोजित निशुल्क पौधा वितरण कार्यक्रम में लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया। इस दौरान पौधे बांटने के साथ लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। लोगों ने इन पौधों के वृक्ष बनने तक उनकी देखभाल करने की जिम्मेदारी ली।</p>
<p>गांधी उद्यान में टहलने आए लोगों को नीबू, अनार, जामुन, आम, अमरुद, गुलमोहर, नीम, बेलपत्र समेत फलदार, औषधीय, धार्मिक महत्व वाले पौधे वितरित किए गए। पौधे ले जाने वाले लोगों ने संकल्प लिया कि वे इनकी सही ढंग से देखभाल करेंगे।</p>
<p>पशु चिकित्सक आकाश गंगवार ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/471466/bareilly-news-amrit-vichars-plant-distribution-campaign-got-peoples-support"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/पुककुु.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>अमृत विचार की ओर से बुधवार सुबह गांधी उद्यान में आयोजित निशुल्क पौधा वितरण कार्यक्रम में लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया। इस दौरान पौधे बांटने के साथ लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। लोगों ने इन पौधों के वृक्ष बनने तक उनकी देखभाल करने की जिम्मेदारी ली।</p>
<p>गांधी उद्यान में टहलने आए लोगों को नीबू, अनार, जामुन, आम, अमरुद, गुलमोहर, नीम, बेलपत्र समेत फलदार, औषधीय, धार्मिक महत्व वाले पौधे वितरित किए गए। पौधे ले जाने वाले लोगों ने संकल्प लिया कि वे इनकी सही ढंग से देखभाल करेंगे।</p>
<p>पशु चिकित्सक आकाश गंगवार ने कहा कि हमें वह हर संसाधन पर्यावरण से उपलब्ध होते हैं, जो किसी सजीव प्राणी को जीने के लिए जरूरी है। लिहाजा, इनका संरक्षण बेहद जरूरी है। गुरुकुल नेशनल अकादमी के निदेशक राहुल चौहान ने कहा कि इस बार विश्व पर्यावरण की थीम भूमि बहाली, मरुस्थलीकरण और सूखा लचीलापन है।</p>
<p>पवित्र मेंथ के सीएमडी निहाल सिंह ने कहा कि पर्यावरण का अर्थ संपूर्ण प्राकृतिक परिवेश से है, लिहाजा इसका संरक्षण जनभागीदारी से ही होगा। मनोज, बब्लू, शफीका, सौरभ यादव, बीना आदि लोगों ने अमृत विचार मुहिम में शामिल होकर पेड़ लगाने का संकल्प लिया।</p>
<p>सभी को ऐसे पौधे लगाने चाहिए जो अधिक से अधिक ऑक्सीजन दें एवं फलदार हों। हमने तो अपने प्रोजेक्ट का नाम ही मैंगो ट्री अपार्टमेंट रखा है। जिसमें आम के साथ लीची का पेड़ पहले से मौजूद है। भवन संरचना भी इस प्रकार है कि पेड़ों को काटना न पड़े।<strong>-भावेश अग्रवाल, डायरेक्टर, नंदी हाइट्स</strong></p>
<p>हर वर्ष पांच जून का दिन विश्व भर में पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन सभी को पर्यावरण बचाने की शपथ लेनी चाहिए। छोटा पौधा ही एक दिन वृक्ष बनता है जो समाज के लिए फलदायी साबित होता है।<strong>-अरविंद कुमार, डायरेक्टर, एमविएंस कूलिंग</strong></p>
<p>आज हम सभी मिलकर विश्व पर्यावरण दिवस मना रहे हैं। यह एक महत्वपूर्ण दिन है, जो हमें हमारे प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को समझने के लिए जागरूक करता है। हमें यह समझना होगा कि हमारी प्रकृति हमारे सुरक्षित और स्वस्थ जीवन के लिए कितनी महत्वपूर्ण है।<strong>-डॉ. पुलकित अग्रवाल</strong></p>
<p>विश्व पर्यावरण दिवस एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है। हमें यह समझना होगा कि जब तक हम पेड़ नहीं लगाएंगे तब तक पर्यावरण को संरक्षित नहीं कर पाएंगे। अमृत विचार ने जो पौधा वितरण कार्यक्रम किया है, मैं ऐसे कार्य की सराहना करता हूं।<strong>-रवि अग्रवाल, निदेशक जीएम फार्मेसी</strong></p>
<p><strong>ये भी पढे़ं- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/471402/bareilly--a-young-man-committed-suicide-by-hanging-himself-under-suspicious-circumstances--his-family-refused-to-tell-anything">बरेली: संदिग्ध परिस्थिति में युवक ने फंदा लगाकर की आत्महत्या, परिजनों ने कुछ भी बताने से किया इंकार</a></span></strong></p>
<p><strong><span style="color:rgb(224,62,45);"> </span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Jun 2024 22:50:25 +0530</pubDate>
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