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                <title>भूखंड - Amrit Vichar</title>
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                <description>भूखंड RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>हल्द्वानी: सीसीटीवी से होगी खाली भवन और भूखंडों की निगरानी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> बढ़ते महिला अपराधों के बीच जिलाधिकारी वंदना सिंह ने कड़ा कदम उठाया है। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट और जिले के सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वह अपने क्षेत्र के खाली भवन और भूखंडों को चिन्हित करें। साथ ही मकान स्वामी से उक्त भवन व भूखंडों की निगरानी सुनिश्चित कराएं। </p>
<p>जिलाधिकारी ने बताया कि पिछले दिनों जन समस्या निराकरण शिविरों, स्थल भ्रमण और बालिकाओं की सुरक्षा के संबंध में आयोजित कार्यशालाओं के दौरान यह संज्ञान में आया कि शहरी क्षेत्र में आबादी और कॉलोनियों के बीच खाली पड़े भवन और भूखंड नशेड़ियों और शोहदों का अड्डा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/491084/haldwani-cctv-will-monitor-vacant-buildings-and-plots"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/सीसीटीवी-कैमरे.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> बढ़ते महिला अपराधों के बीच जिलाधिकारी वंदना सिंह ने कड़ा कदम उठाया है। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट और जिले के सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वह अपने क्षेत्र के खाली भवन और भूखंडों को चिन्हित करें। साथ ही मकान स्वामी से उक्त भवन व भूखंडों की निगरानी सुनिश्चित कराएं। </p>
<p>जिलाधिकारी ने बताया कि पिछले दिनों जन समस्या निराकरण शिविरों, स्थल भ्रमण और बालिकाओं की सुरक्षा के संबंध में आयोजित कार्यशालाओं के दौरान यह संज्ञान में आया कि शहरी क्षेत्र में आबादी और कॉलोनियों के बीच खाली पड़े भवन और भूखंड नशेड़ियों और शोहदों का अड्डा बन चुके हैं। भूस्वामी अपनी प्रॉपर्टी की देखभाल नहीं कर रहे हैं। यहां लगने वाला जमघट आने-जाने वाली बच्चियों, लड़कियों व महिलाओं को तंग और अभद्र टिप्पणियां करते हैं। जिस कारण क्षेत्र में भय का माहौल और महिलाओं में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।</p>
<p>जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट और जिले के सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वह अपने क्षेत्रान्तर्गत पुलिस व नगर निकायों से समन्वय करते हुए उक्त प्रकार के भूखंडों को चिह्नित करें। साथ ही सम्बन्धित भू-स्वामियों को सूचित करें कि वह अपने भवन या भूखंड पर तारबाड़, सीसीटीवी, पर्याप्त लाइटिंग आदि सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करें। इसके लिए एक संयुक्त टीम इन क्षेत्रों का निरन्तर निरीक्षण कर यह देखेगी कि भू-स्वामी निर्देशों का पालन कर रहे हैं या नहीं। निर्देशों का पालन न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Sep 2024 13:08:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुद्रपुर: फिर जारी हुई सामिया बिल्डर भूखंड की नीलामी की सूचना</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><strong>रुद्रपुर, अमृत विचार।</strong> काशीपुर हाईवे स्थित सामिया इंटरनेशनल बिल्डर्स की मुसीबत बढ़ती ही जा रही है। करोड़ों का बकाया अदायगी नहीं होने पर तहसील प्रशासन ने तीसरी बार नीलामी अधिसूचना जारी कर दी है और इस बार सार्वजनिक स्थानों पर नोटिस चस्पा किए हैं। साथ ही नीलामी की गाइडलाइन भी जारी कर दी है। अब देखना यह है कि क्या इस बार तहसील प्रशासन नीलामी प्रक्रिया को सफल बना पाएगी।</p>
<p class="MsoNormal">तहसीलदार दिनेश कुटोला की ओर से जारी नोटिस में कहा कि गया है कि सामिया इंटरनेशनल बिल्डर्स पर भूसंपदा मद के तहत 3.80 करोड़ से अधिक का बकाया था। जिस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/487800/rudrapur-again-issued-notice-of-auction-of-samia-builder-plot"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/meaning-of-auction.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><strong>रुद्रपुर, अमृत विचार।</strong> काशीपुर हाईवे स्थित सामिया इंटरनेशनल बिल्डर्स की मुसीबत बढ़ती ही जा रही है। करोड़ों का बकाया अदायगी नहीं होने पर तहसील प्रशासन ने तीसरी बार नीलामी अधिसूचना जारी कर दी है और इस बार सार्वजनिक स्थानों पर नोटिस चस्पा किए हैं। साथ ही नीलामी की गाइडलाइन भी जारी कर दी है। अब देखना यह है कि क्या इस बार तहसील प्रशासन नीलामी प्रक्रिया को सफल बना पाएगी।</p>
<p class="MsoNormal">तहसीलदार दिनेश कुटोला की ओर से जारी नोटिस में कहा कि गया है कि सामिया इंटरनेशनल बिल्डर्स पर भूसंपदा मद के तहत 3.80 करोड़ से अधिक का बकाया था। जिस पर अतिरिक्त ब्याज लगकर 31 मई तक दस फीसदी संग्रह व्यय सहित 4 करोड़ 65 लाख 70 हजार 095 रुपये हो गया है। बिल्डर की संपत्ति ग्राम दानपुर तहसील रुद्रपुर के अधीन है। बिल्डर की 0.5177 हेक्टेयर भूमि का 9 हजार प्रति वर्ग मीटर नीलामी दर रखी गई है। जो कि बकाया धनराशि के करीब है।</p>
<p class="MsoNormal">नोटिस के अनुसार तीसरी नीलामी तहसील परिसर में होगी। तहसीलदार ने गाइडलाइन जारी करते हुए बताया कि बोली लगाने वाला व्यक्ति पहले बकाया धनराशि का एक चौथाई रुपया जमा करेगा। बकाये की शेष धनराशि बोली स्वीकृत होने के दौरान अदा की जाएगी और सबसे बड़ी बोली को ही प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही धनराशि जमा होने के बाद ही विक्रय प्रमाण जारी होगा। इसके अलावा कई स्थानों पर 5 सितंबर को नीलामी की सूचना को भी सार्वजनिक कर दिया है।</p>
<p class="MsoNormal"><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>स्थगन आदेश का पत्र जल्द दिया जाएगा तहसील प्रशासन को</strong></span></p>
<p class="MsoNormal">सामिया इंटरनेशनल बिल्डर्स के वाइस प्रेसिडेंट मोहम्मद आसिम ने बताया कि 12 अगस्त को न्यायालय द्वारा खसरा संख्या 385 पर स्थगन आदेश दिया गया है। रेरा बिल्डर्स की रिकवरी तहसील प्रशासन को चले जाने के कारण राजस्व बकाया हो गया था। कारण अचानक कारोबार में गिरावट आ गई थी और बकाया बढ़ता गया।</p>
<p class="MsoNormal">उन्होंने बताया कि प्रकरण का नोटिस आने के बाद तत्काल सामिया ग्रुप द्वारा तीन से चार करोड़ का भुगतान भी किया है और जल्द ही अदायगी की प्रक्रिया अक्टूबर माह में शुरू हो जाएगी। नीलामी भूखंड पर लोगों की रजिस्ट्री और दाखिल हो चुका है। न्यायालय के आदेश की जानकारी तहसील प्रशासन को नहीं हो पाई होगी। जल्द ही स्थगन आदेश का पत्र तहसील में दे दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>रुद्रपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Aug 2024 17:59:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुद्रपुर: राज्य सरकार के भूखंड से हो गई करोड़ों की मिट्टी की खुदाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> रुद्रपुर, अमृत विचार।</strong> किच्छा बाईपास मार्ग पर राज्य सरकार की भूमि पर माफियाओं द्वारा मिलीभगत कर करोड़ों की मिट्टी खुदाई का करने का मामला सामने आया है। मिट्टी खुदाई का मामला संज्ञान में आते ही डीएम के आदेश पर नायब तहसीलदार ने अपनी टीम के साथ मौका मुआयना किया और खुदाई स्थल की नपाई कर जांच शुरू कर दी है। वहीं शिकायतकर्ता ने निगम पर भूमि की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।</p>
<p>बताते चलें कि बीएचईएल की पूर्वी दिशा में सरकार भूखंड पड़ा हुआ। जिसकी निगरानी तत्कालीन नगर पालिका और वर्तमान नगर निगम के सुपुर्द किया गया था। बताया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/446747/soil-worth-crores-excavated-from-rudrapur-state-government-plot"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-02/download-(40).jpeg" alt=""></a><br /><p><strong> रुद्रपुर, अमृत विचार।</strong> किच्छा बाईपास मार्ग पर राज्य सरकार की भूमि पर माफियाओं द्वारा मिलीभगत कर करोड़ों की मिट्टी खुदाई का करने का मामला सामने आया है। मिट्टी खुदाई का मामला संज्ञान में आते ही डीएम के आदेश पर नायब तहसीलदार ने अपनी टीम के साथ मौका मुआयना किया और खुदाई स्थल की नपाई कर जांच शुरू कर दी है। वहीं शिकायतकर्ता ने निगम पर भूमि की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।</p>
<p>बताते चलें कि बीएचईएल की पूर्वी दिशा में सरकार भूखंड पड़ा हुआ। जिसकी निगरानी तत्कालीन नगर पालिका और वर्तमान नगर निगम के सुपुर्द किया गया था। बताया जा रहा है कि इस भूमि में से दक्षिण दिशा में 15 एकड़ की भूमि निगम द्वारा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए छोड़ दी गयी थी।</p>
<p>जिस पर किसी भी प्रकार का कूड़ा कचरा नहीं डाला जा सकता था। पिछले एक माह के अंदर मिट्टी माफियाओं ने मिलीभगत कर 15 एकड़ के भूखंड में से लगभग दो एकड़ की समतल भूमि से मिट्टी की खुदाई कर करोड़ों रुपये का लाभ प्राप्त कर लिया। इसकी भनक जिला प्रशासन व नगर निगम प्रशासन को नहीं हुई।</p>
<p>जब शिकायतकर्ता एवं पूर्व सभासद रामबाबू को इसकी भनक लगी तो पूर्व सभासद ने मौके का वीडियो बनाकर जिलाधिकारी से मामले की शिकायत दर्ज की। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम उदयराज सिंह के आदेश पर नायब तहसीलदार और पटवारियों की एक टीम ने खबर वायरल होने के बाद सोमवार की शाम को ही मौका मुआयना किया और मंगलवार को भी टीम ने मौका मुआयना कर भूखंड की नपाई शुरू कर दी।</p>
<p>टीम ने पूरे भूखंड की पैमाइश कर रिपोर्ट बनानी शुरू कर दी है, जबकि स्थानीय लोगों का कहना था कि देर रात को जेसीबी के जरिए मिट्टी खुदाई का कार्य चोरी छिपे होता है और खुदाई नियम विरुद्ध है। उन्होंने बताया कि एक माह के अंदर करीब 500 से अधिक डंपर मिट्टी की ढुलाई कर चुके हैं। ऐसे में अनुमान लगाया जा सकता है कि मिट्टी माफियाओं ने करोड़ों की मिट्टी बेचकर सरकार को चूना लगा दिया है। जब इस प्रकार में नगर निगम प्रशासन से पूछा गया तो उन्होंने अनभिज्ञता जताई।</p>
<p><em><strong>किच्छा बाईपास मार्ग स्थित करीब 15 एकड़ की भूमि को अभी तक नगर निगम ने फ्री होल्ड तक नहीं किया है। ऐसे में बिना सरकार की अनुमति और जिला प्रशासन के संज्ञान के बिना बड़े पैमाने पर मिट्टी खुदान का मामला सरकारी भूमि की मिट्टी को खुर्दबुर्द करने के समान है, जबकि मिट्टी खुदाई के कारण होने वाले गड्ढों को कूडा कचरा डालकर भरा जा रहा है। ताकि करोडों के घोटालें पर पर्दा डाला जा सके। प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं हुई, मामला हाईकोर्ट तक जाएगा।</strong></em><br /><em><strong>-रामबाबू, पूर्व सभासद एवं शिकायतकर्ता।</strong></em></p>
<p><br /><strong>नगर निगम अपनी जमीन से मिट्टी खुदाई कर वैडिंग जोन में डलवा रहा है और निगम प्रशासन की देखरेख में मिट्टी की खुदाई की गई है। ऐसे में पूर्व सभासद के आरोप निराधार हैं और किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार या मिट्टी खनन का प्रकरण नहीं है। जांच होने के बाद मामले साफ हो जाएगा। निगम अपने दायित्वों के प्रति गंभीर है।</strong><br /><strong>-नरेश दुर्गापाल, एमएनए, नगर निगम</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>रुद्रपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Feb 2024 19:23:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली: आवास विकास परिषद की रोक के बावजूद बेच डाले 5.57 करोड़ के भूखंड</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> उप्र आवास एवं विकास परिषद की ओर से रोक लगाए जाने के बावजूद आजाद सहकारी आवास समिति के सचिव ने सदर तहसील के गांव शेरपुर में 5.57 करोड़ कीमत के कई भूखंड बेच डाले। इस मामले में चार महीने पुरानी जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने दोबारा जांच के लिए दो अधिकारियों की समिति गठित की है। आयकर आयुक्त को भी पत्र लिखकर बैनामों की आयकर संबंधी जांच कराने की सिफारिश की है।</p>
<p><strong>ये भी पढे़ं- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/329771/bareilly--bike-fell-from-bridge-in-fog--one-youth-died--another-injured">बरेली: कोहरे में पुल से गिरी बाइक, एक युवक की मौत, दूसरा घायल</a></span></strong></p>
<p>इन भूखंडों की खरीदफरोख्त पर न्यायालय सहकारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/329773/bareilly--plots-worth-5-57-crores-were-sold-despite-the-prohibition-of-housing-development-council"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-01/bh5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> उप्र आवास एवं विकास परिषद की ओर से रोक लगाए जाने के बावजूद आजाद सहकारी आवास समिति के सचिव ने सदर तहसील के गांव शेरपुर में 5.57 करोड़ कीमत के कई भूखंड बेच डाले। इस मामले में चार महीने पुरानी जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने दोबारा जांच के लिए दो अधिकारियों की समिति गठित की है। आयकर आयुक्त को भी पत्र लिखकर बैनामों की आयकर संबंधी जांच कराने की सिफारिश की है।</p>
<p><strong>ये भी पढे़ं- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/329771/bareilly--bike-fell-from-bridge-in-fog--one-youth-died--another-injured">बरेली: कोहरे में पुल से गिरी बाइक, एक युवक की मौत, दूसरा घायल</a></span></strong></p>
<p>इन भूखंडों की खरीदफरोख्त पर न्यायालय सहकारी न्यायाधिकरण उप्र आवास एवं परिषद का भी स्थगनादेश था लेकिन उसे भी नजरंदाज कर दिए जाने का आरोप है। इस मामले में चार महीने पहले सहायक निबंधक सहकारिता मित्रसेन वर्मा और तत्कालीन एसीएम प्रथम प्रदीप कुमार रमन ने जांच की थी। दोनों अफसरों की संयुक्त जांच रिपोर्ट के मुताबिक गांव शेरपुर के भूखंड संख्या 41 और 45 समेत कई कीमती भूखंडों का नियम विरुद्ध ढंग से बैनामा कर दिया गया।</p>
<p>जांच रिपोर्ट में इसे आपराधिक कृत्य बताते हुए समिति के सचिव और दूसरे पदाधिकारियों की भूमिका पर संदेह जताया गया था और बैनामों को विधि शून्य कराने की सिफारिश की गई थी। जांच रिपोर्ट में कहा गया था कि समिति को आर्थिक क्षति पहुंचाने के इस मामले में विधिक कार्रवाई करने के लिए मूल विभाग उप्र आवास एवं विकास परिषद प्राधिकृत है।</p>
<p>दोनों अधिकारियों की सात पेज की जांच रिपोर्ट के मुताबिक 325 वर्ग मीटर के भूखंड-ए, 325 वर्ग मीटर के भूखंड 41 बी, 501.67 वर्ग मीटर के भूखंड 45, 427.29 वर्ग मीटर और 109.62 वर्ग मीटर के भूखंड संख्या शून्य को 5.578 करोड़ हजार रुपये में बेचा गया। अब डीएम शिवाकान्त द्विवेदी ने 28 दिसंबर को दोबारा जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित की है। </p>
<p>इसमें अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व और सहायक महानिरीक्षक स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन को नामित किया गया है। डीएम ने 5 अगस्त को जारी संयुक्त जांच रिपोर्ट में वर्णित विक्रय पत्रों की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया है और एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी है। डीएम ने आयकर आयकर आयुक्त को भी पत्र लिखकर विक्रय पत्रों की आयकर संबंधी जांच कराने की भी सिफारिश की है।</p>
<p><strong>ये भी पढे़ं- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/329765/bareilly--wheels-of-more-than-two-dozen-buses-stopped-in-the-fog--passengers-faced-problems">बरेली: कोहरे में थमे दो दर्जन से अधिक बसों के पहिये, यात्रियों ने झेली दिक्कतें</a></span></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/329773/bareilly--plots-worth-5-57-crores-were-sold-despite-the-prohibition-of-housing-development-council</link>
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                <pubDate>Sun, 01 Jan 2023 23:47:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली: मॉडल टाउन में 250 प्लाट की जगह 350 भूखंड, अपार्टमेंट भी बना डाले</title>
                                    <description><![CDATA[बरेली, अमृत विचार। सहकारी आवास समिति बनाकर भूमि और धन की बंदरबांट करने का जब से आडिट कराने का हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है तब से सोसाइटी में घपला करने वालों की नींद उड़ी है। प्रशासन को आडिट कराकर हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश करनी है। इसके लिए तैयारी भी हो गई है। इस बीच शहर …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">बरेली, अमृत विचार। </span></strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">सहकारी आवास समिति बनाकर भूमि और धन की बंदरबांट करने का जब से आडिट कराने का हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है तब से सोसाइटी में घपला करने वालों की नींद उड़ी है। प्रशासन को आडिट कराकर हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश करनी है। इसके लिए तैयारी भी हो गई है। इस बीच शहर की पॉश कालोनी में शुमार हो चुकी माॅडल टाउन कालोनी में हुई घपलेबाजी तो जगजाहिर होकर यहां के सचिव को बर्खास्त भी किया जा चुका है। लैंड आडिट में इस कालोनी की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।</span></p>
<p>नोएडा में भी ट्विन टावर का निर्माण भी ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी बनाकर किया गया, लेकिन निर्माण में हाउसिंग सोसाइटी के नियमों का पालन नहीं किया गया। तभी शिकायत के बाद कोर्ट में चले मामले के बाद सुप्रीम कोर्ट ने नियम विरुद्ध बने टावर पर कार्रवाई का निर्देश दिया था। मॉडल टाउन की सहकारी समिति में हुए घपले की शिकायत भी इसी कालोनी के निवासी अजय सूरी ने की थी। इस पर आवास विकास परिषद ने समिति के सचिव को बर्खास्त करने के निर्देश दिए।</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">अब इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रदेश की सभी सभी सहकारी आवास समितियों के लैंड आडिट कराने के आदेश के बाद सोसाइटी संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। वीरसावरकर नगर कालोनी हो या बन्नूवाल कालोनी,जांच में सभी में कई कमियां सामने आएंगी। मॉडल टाउन की बात करें तो यहां की सोसाइटी के लैंड आडिट में नियमों की जमकर अनदेखी सामने आएगी। सोसाइटी संचालकों ने खूब मनमानी की और अपनी करतूतों पर पर्दा भी डालने का काम किया । अमृत विचार ने भी मॉडल टाउन कालोनी में हुई अनियमितता को उजागर किया था।</span></p>
<p>रिफ्यूजी सहकारी आवास समिति ( माडल टाउन ) ने 1950 में एक लाख 79 हजार 908 वर्ग गज भूमि 68 हजार 988 रुपये में नगर निगम से खरीदी थी। समिति का उद्देश्य था कि पाकिस्तान से आए शरणार्थियों को यहां बसाना। इसके लिए सोसाइटी के ले आउट में 250 भूखंड बनाए गए। शुरुआत में सब ठीक था लेकिन बाद में इसमें छल और कूटरचित कार्यवाही होने लगी और यहां तक सड़क की जमीन को भी बेच दिया गया।</p>
<p><strong>मल्टीस्टोरी अपार्टमेंट भी बिना अनुमति के निर्मित</strong></p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">सहकारी आवास समिति की कालोनी में शुरुआत से ही कहीं भी अपार्टमेंट्स बनाने की कोई योजना नहीं थी। लेकिन अब इस कालोनी में अपार्टमेंट्स हैं। हालत यह है कि 250 भूखंडों वाली यह कालोनी लगभग 300 से ज्यादा भूखंडों वाली कालोनी बन गई है। यहां भूखंड संख्या ए- 109 एवं इसके पीछे भूखंड संख्या बी-124, बी-125, तथा ए-107 और बी-121 पर मल्टीस्टोरी अपार्टमेंट बिना अनुमति के निर्मित कर लिए गए है। गुरु गोविंद सिंह इंटर कॉलेज के सामने पार्किंग व दुकानों को अवैधानिक रूप से बेच दिया गया। जहां इस समय मकान बन गये हैं। इसी स्कूल के सामने पार्क का 60 फीसदी भूखंड भी बेच डाला गया है।</span></p>
<p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">सड़क भी बेच डाली</span></strong></p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">समिति के नक्शे में पश्चिम दिशा में सड़क की चौड़ाई 60 फिट दर्शाई गई जबकि यहां जिन भूखंडों की रजिस्ट्री की गई उसमें सड़क की चौड़ाई 36 फीट दर्शाई गई। यानी 24 फीट सड़क की जगह बेच दी गई। स्टेडियम रोड पर आवंटित भूखंड के पश्चिमी दिशा में लगभग 28 हजार 800 वर्ग फीट जगह बेच दी गई। इसके लिए तो बिना अनुमति के ले आउट में भी परिवर्तन कर दिया गया।</span></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें – </strong><a href="https://amritvichar.com/bareilly-sweetness-dissolving-bitterness-in-the-lives-of-sugarcane-farmers/">बरेली: गन्ना किसानों के जीवन में कड़वाहट घोल रही मिठास</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/276587/bareilly-350-plots-instead-of-250-plots-in-model-town-build-apartments-too</link>
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                <pubDate>Mon, 05 Sep 2022 00:19:35 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उन्नाव : चेयरमैन समेत चार पर जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज, फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंच किया साक्ष्य संकलन</title>
                                    <description><![CDATA[उन्नाव।  नगर के मोहल्ला पीरजादगान निवासी हसनैन वकाई ने सफीपुर कोतवाली में तहरीर देकर कस्बे के ही निवासी कुछ लोगों को देर रात घर के बाहर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। जिसमें चेयरमैन व पिता पुत्रों समेत चार लोगों को नामित किया गया है। हसनैन वकाई ने तहरीर में बताया कि मंगलवार की …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/219275/unnao-four-including-chairman-booked-for-murderous-attack-forensic-team-reached-the-spot-and-collected-evidence"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-05/फायरिंग-उन्नाव.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>उन्नाव।  </strong>नगर के मोहल्ला पीरजादगान निवासी हसनैन वकाई ने सफीपुर कोतवाली में तहरीर देकर कस्बे के ही निवासी कुछ लोगों को देर रात घर के बाहर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। जिसमें चेयरमैन व पिता पुत्रों समेत चार लोगों को नामित किया गया है।</p>
<p>हसनैन वकाई ने तहरीर में बताया कि मंगलवार की रात को तकरीबन 1ः30 बजे लखनऊ से लौट कर वह अपने घर पहुंचे। गाड़ी खड़ी करने के लिए गैराज का दरवाजा खोलते ही पीछे से आए कार सवार दो लोगों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। किसी तरह भाग वह व उनका भाई सुरक्षित जगह पहुंचा और पुलिस को हमले की सूचना दी।</p>
<p>पुलिस का कहना है मामला दर्ज कर लिया गया है। घटना की जांच की जा रही है। बुधवार को फारेंसिक टीम ने भी बताए गए स्थल पर पहुंच कर साक्ष्य संकलन किया। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी अंजनी कुमार राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच पड़ताल की जा रही है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि तहरीर के आधार पर चेयरमैन नसीम अहमद पर साजिश रचने व सईद अहमद पुत्र अजीज अहमद तथा उनके पुत्रों जहीर अहमद व फरीद अहमद कर घटना को अंजाम देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। प्रभारी निरीक्षक सफीपुर चंद्रकांत सिंह ने बताया की आरोपियों में सईद अहमद व फरीद अहमद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।</p>
<p>फोरेंसिक टीम को मिले फायरिंग के साक्ष्य: घटना के बाद मौका ए वारदात की जांच करने गए फारेंसिंक दल को मौके पर खोखे पड़े मिले। इसके अलावा वहां दीवार पर भी गोलियों के चिन्ह मिले हैं। टीम को सीसीटीवी फुटेज में कार से उतरे दो व्यक्ति फायर करते भी दिखाई दिए हैं<strong>।</strong></p>
<p><strong>पुराने भूखंड के अवैध कब्जे के विरोध की भी रही चर्चा</strong></p>
<p>फायरिंग के इस मामले में चेयरमैन को नामित करने के बाद नगर वासियों में तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। कुछ लोग यह भी कहते नजर आए कि सरकारी संपत्ति के बचाव के लिए एक पुराने भूखंड पर हो रहे अवैध कब्जे का मुखर विरोध करना चेयरमैन को भारी पड़ गया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/azamgarh-youth-got-shot-due-to-harsh-firing-stampede-in-procession-case-registered/">आजमगढ़: हर्ष फायरिंग में युवक को लगी गोली, बारात में मची भगदड़, मुकदमा दर्ज,</a></strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>उन्नाव</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 May 2022 21:52:27 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बरेली: दो दिन में 378 संपत्तियां बेचकर बीडीए ने कमाए 179 करोड़</title>
                                    <description><![CDATA[बरेली, अमृत विचार। बीडीए ने दो दिन में विभिन्न सेक्टरों में भूखंड, व्यावसायिक भूखंड, फ्लैट बेचकर 179 करोड़ की आय प्राप्त की है। इसमें रामगंगा नगर आवासीय योजना के तहत 378 संपत्तियां शामिल हैं। बरेली विकास प्राधिकरण की रामगंगा नगर आवासीय योजना में भूखंड लेने का क्रेज जनता के साथ साथ सरकारी व गैर सरकारी …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/205101/bareilly-bda-earned-179-crores-by-selling-378-properties-in-two-days"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-04/701-2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> बीडीए ने दो दिन में विभिन्न सेक्टरों में भूखंड, व्यावसायिक भूखंड, फ्लैट बेचकर 179 करोड़ की आय प्राप्त की है। इसमें रामगंगा नगर आवासीय योजना के तहत 378 संपत्तियां शामिल हैं। बरेली विकास प्राधिकरण की रामगंगा नगर आवासीय योजना में भूखंड लेने का क्रेज जनता के साथ साथ सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों में भी बढ़ रहा है।</p>
<p>इसके लिए लगातार आवेदन किए जा रहे हैं। योजना में प्राधिकरण ने छोटे बड़े मध्यम हर श्रेणी के आवासीय और व्यावसायिक भूखंड की व्यवस्था की है। आवासीय प्लाटों के अतिरिक्त पूर्व में रामगंगा नगर आवासीय योजना में सीमा सुरक्षा बल, भारतीय जीवन बीमा निगम, राजश्री टण्डन विश्वविद्यालय को भूमि आवंटित की जा चुकी है। आयकर विभाग, स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया, अर्बन को-आपरेटिव बैंक आदि के द्वारा भूमि आवंटन के लिए आवेदन प्रेषित किए गए हैं, जिनमें प्राधिकरण स्तर पर आवंटन की कार्यवाही की जा रही है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>
<p class="post-title entry-title"><a href="https://amritvichar.com/bareilly-shehjils-cousins-wife-said-husband-is-pressurizing-hijab/">बरेली: शहजिल के चचेरे भाई की पत्नी बोली- हिजाब का दबाव बना रहे पति</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Apr 2022 21:22:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुरादाबाद : करूला नाले पर भू-माफिया का कब्जा, डेढ़ साल पहले भी नगर निगम ने अभियान चलाकर हटाया था अतिक्रमण</title>
                                    <description><![CDATA[मुरादाबाद, अमृत विचार। पंडित नगला से गुजर रहे करूला नाले पर में एक बार फिर भू-माफिया ने कब्जा करना शुरू कर दिया है। कुछ लोगों ने नाले को पाट कर भूखंड की बिक्री भी शुरू कर दी है। ऐसे हालात में 22 फुट चौड़े इस नाले की चौड़ाई इस समय महज आठ फुट रह गई …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/188999/moradabad-land-mafia-occupied-karula-drain"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-03/karula-nala-huva-patla-2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>पंडित नगला से गुजर रहे करूला नाले पर में एक बार फिर भू-माफिया ने कब्जा करना शुरू कर दिया है। कुछ लोगों ने नाले को पाट कर भूखंड की बिक्री भी शुरू कर दी है। ऐसे हालात में 22 फुट चौड़े इस नाले की चौड़ाई इस समय महज आठ फुट रह गई है। करीब डेढ साल पहले भी इस नाले पर इसी तरह से कब्जा था, हालांकि उस समय स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद नगर निगम ने अभियान चलाकर इसे कब्जामुक्त कराया था।</p>
<p>स्थानीय पार्षद प्रतिनिधि डॉ. नासिर ने बताया कि नगर निगम ने उस समय भले ही स्थानीय लोगों के दबाव में अभियान चलाकर नाले को कब्जामुक्त करा लिया था, लेकिन यहां दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए कोई इंतजाम नहीं किया। ऐसे हालात में उस कार्रवाई के कुछ ही दिन बाद दोबारा से भूमाफिया सक्रिय हो गए और नाले को पाटना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों के मुताबिक इस समय नाले नाला और उसके आसपास स्थित नगर निगम की करीब 8400 वर्ग मीटर जमी पर भूमाफिया का कब्जा हो गया है। कई बार इस संबंध में नगर निगम में शिकायत दी, यहां तक कि सीएम पोर्टल पर भी शिकायत दी गई। बावजूद इसके अभी तक निगम अधिकारियों ने इस नाले को कब्जामुक्त कराने के लिए कोई प्रयास नहीं किया है।</p>
<p><strong>डेयरी फार्म की आड़ में गलशहीद के पास किराए के प्लाट पर कब्जा</strong><br />
मुरादाबाद। दस सराय की साबुन फैक्ट्री के पास एक महिला का प्लाट किराए पर लेकर कब्जाने का मामला सामने आया है। कटघर थाने में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित प्लाट मालिक ने सोशल मीडिया के जरिए पुलिस और यूपी पुलिस से न्याय की गुहार की है। वहीं, मामले की जानकारी मिलने पर एसएसपी ने कटघर थाना प्रभारी से रिपोर्ट मांगी है। महिला ने बताया कि वह गलशहीद थानांतर्गत कटार शहीद किंग मेडिकल क्षेत्र की रहने वाली है। उसने तीन साल पहले असालतपुरा निवासी गुलनवाज को अपना साबुन फैक्ट्री के पास स्थित प्लाट डेयरी फार्म खोलने के लिए किराए पर दिया था। पीड़िता ने बताया कि पहले साल तो आरोपी उन्हें समय पर किराया देता रहा, लेकिन दूसरे साल से उसने किराया देना बंद कर दिया। काफी तगादा करने के बाद जब उसने अपना प्लाट खाली करने को कहा तो आरोपी ने अब प्लाट छोड़ने से मना कर दिया है। पीड़िता ने बताया कि उसने कई बार कटघर थाने में आरोपी के खिलाफ शिकायत दी है, लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती। ऐसे मे पीड़िता ने अब अपने एक रिश्तेदार की मदद से सोशल मीडिया के जरिए पुलिस में शिकायत दी है। उधर, एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि पीड़िता की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए कटघर थाना प्रभारी से रिपोर्ट तलब की है। इसमें जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>छोटे -छोटे भूखंडों की बिक्री शुरू</strong><br />
भूमाफिया ने नाले की जमीन पर अतिक्रमण कर ना केवल प्लाटिंग की है, बल्कि छोटे छोटे के लिए रास्ता बनाते हुए उसकी बिक्री भी शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक इस जमीन पर काटे गए बीस से अधिक प्लाटों पर नींव और बाउंड्रीवॉल भी खड़ी हो चुकी है।</p>
<p><strong>नाले पर अतिक्रमण से गहरा सकती है समस्या</strong><br />
करूला नाला शहर का सबसे बड़ा नाला है और आधे से अधिक शहर का गंदा पानी इसी नाले के जरिए बाहर निकलता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक यदि इसी गति से यहां अवैध कब्जा होता रहा तो बहुत जल्द यह नाला चोक हो जाएगा। ऐसे हालात में शहर के अंदर जगह जगह सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या हो सकती है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/legislative-council-elections-satpal-saini-became-effective-from-organizational-capital/">विधान परिषद चुनाव : सांगठनिक पूंजी से सतपाल सैनी हो गए असरदार, मुरादाबाद-बिजनौर क्षेत्र से 22 लोगों ने खरीदे हैं नामांकन पत्र</a></strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 20 Mar 2022 11:21:03 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बरेली: रामगंगा नगर में फिर खुला भूखंडों का पंजीकरण, बीडीए ने अब की 100 करोड़ की एफडी</title>
                                    <description><![CDATA[बरेली, अमृत विचार। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने एक बार फिर से रामगंगा नगर आवासीय योजना के सेक्टर 4, 5,10,11 और 12 में भूखंडों की ब्रिक्री प्रकिया खोल दी है। रामगंगा नगर आवासीय योजना में अपनी जमीन लेने के लिए लोगों को यह एक अच्छा मौका है। वीडीए वीसी जोगिंदर सिंह ने बताया कि इन …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/187465/bareilly-registration-of-plots-open-again-in-ramganga-nagar-bda-now-fd-of-100-crores"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-03/18e35a58-b5ec-4820-a78e-6906ef2b3e51.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने एक बार फिर से रामगंगा नगर आवासीय योजना के सेक्टर 4, 5,10,11 और 12 में भूखंडों की ब्रिक्री प्रकिया खोल दी है। रामगंगा नगर आवासीय योजना में अपनी जमीन लेने के लिए लोगों को यह एक अच्छा मौका है। वीडीए वीसी जोगिंदर सिंह ने बताया कि इन भूखंडों के लिए 14 मार्च से रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए गए है। जो कि 5 अप्रैल तक किए जाएंगे। इसके बाद इन भूखंडों के रजिस्ट्रेशन रोक दिए जाएंगे।</p>
<p><strong>किस सेक्टर में कितने भूखंड?</strong><br />
बीडीए वीसी जोगिंदर सिंह ने बताया कि सेक्टर 4,5,10 व 12 में कुल 185 भूखंड हैं। एक भूखंड की कीमत 53 लाख है। यह भूखंड 200 वर्ग मीटर में होगा। इसके पंजीकरण के लिए 5.30 लाख रूपए धनराशि रखी गई है। वहीं, सेक्टर 4,5 और 11 में कुल 92 भूखंड हैं। एक भूखंड 112.50 वर्ग मीटर का है। एक की कीमत 29 लाख 81 हजार 250 रुपये है। इसकी रजिस्ट्रेशन फीस 2 लाख 98 हजार 125 रुपये तय की गई है। हालांकि पूरे भूखंड की कीमत 4 लाख 47 हजार 188 रुपये है।</p>
<p>ठीक इसी तरह से सेक्टर 5,11 व 12 में 162 वर्ग मीटर के 266 भूखंड है। एक की कीमत 42.93 लाख है। जबकि इसकी पंजीकरण फीस 2 लाख 29 हजार 300 रुपये है। सेक्टर 10 में 284 वर्ग मीटर के 84 भूखंड है। एक की कीमत 76.32 लाख है। इसी रजिस्ट्रेशन फीस 7 लाख 63 हजार 200 है। वहीं बात करें सेक्टर 12 में भूखंडों की। तो यहां पर 150 वर्ग मीटर के कुल 16 भूखंड है। जिसमें से एक की कीमत 39.75 लाख रूपए तय की गई है। इसकी पंजीकरण फीस 3 लाख 97 हजार 500 रुपये है। इसकी तरह से सेक्टर 5,10 में भूखंडों की संख्या 28 है। इसका एक भूखंड 450 वर्ग मीटर का है। एक भूखंड की कीमत 1 करोड़ 19 लाख 25 हजार है। जिसकी पंजीकरण फीस 11 लाख 92 हजार 500 है।</p>
<p><strong>बीडीए अब तक कर चुका 400 करोड़ की एफडी</strong><br />
बीडीए वीसी जोगिंदर सिंह ने बताया कि अब तक वह बीडीए की तरफ से कुल करीब 400 करोड़ रुपए की एफडी कर चुके है। जिसमें से 100 करोड़ रुपए की एफडी मंगलवार को उन्होंने की है। इस तरह से जो बीडीए अभी तक घाटे में चल रहा था। वहीं बीडीए अब करोड़ों के फायदे में है। उन्होंनें कहा है कि अभी इसी तरह से आगे और भी एफडी होती रहेंगी।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>
<p class="post-title entry-title"><a href="https://amritvichar.com/bareilly-vaccination-of-children-will-start-from-tomorrow-first-only-in-district-hospital/">बरेली: कल से शुरू होगा बच्चों का वैक्सीनेशन, पहले सिर्फ जिला अस्पताल में लगेगी</a></p>
<p> </p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Mar 2022 18:54:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली: मेगा फूड पार्क तैयार, 2445 रुपये प्रति वर्ग मीटर से भूखंड खरीदें</title>
                                    <description><![CDATA[बरेली, अमृत विचार। सात साल के बाद मेगा फूड पार्क में खाद्य प्रसंस्करण की इकाइयां लगाने का रास्ता साफ हो गया। विद्युत व्यवस्था, सड़कें समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ मयूर माहेश्वरी ने पार्क में इकाइयां लगाने के लिए उद्यमियों को आमंत्रित किया है। 30 नवंबर …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/139873/bareilly-mega-food-park-ready-buy-plot-at-rs-2445-per-square-meter"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-12/food-park.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> सात साल के बाद मेगा फूड पार्क में खाद्य प्रसंस्करण की इकाइयां लगाने का रास्ता साफ हो गया। विद्युत व्यवस्था, सड़कें समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ मयूर माहेश्वरी ने पार्क में इकाइयां लगाने के लिए उद्यमियों को आमंत्रित किया है। 30 नवंबर से भूखंड आवंटन कराने की प्रक्रिया शुरू हो गयी। निवेश मित्र के जरिए उद्यमी भूखंड आवंटन कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।</p>
<p>भूखंड खरीद के लिए 2445 रुपये प्रति वर्ग मीटर का रेट खोला है। 600 वर्ग मीटर, 800 वर्ग मीटर, 1000 वर्ग मीटर, 2400 वर्ग मीटर और 3400 वर्ग मीटर से भी बड़े भूखंड पार्क में उपलब्ध हैं। इकाइयां लगने के साथ बरेली मंडल के अलावा उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जनपद के लोगों के लिए रोजगार के रास्ते भी खुलेंगे। सीईओ ने अपने विभागीय यूपीसीडा के अधिकृत टि्वटर पर भी मेगा फूड पार्क में भूखंड के लिए आमंत्रण की सूचना ग्राफिक्स के साथ शेयर की है।</p>
<p><strong>उत्तराखंड के निवेशकों के लिए उपयुक्त लोकेशन</strong><br />
बहेड़ी के मुड़िया मुकर्रमपुर गांव के पास स्थित मेगा फूड पार्क उत्तराखंड के निवेशकों के लिए भी उपयुक्त बताया जा रहा है। यह पार्क बरेली एयरपोर्ट से 55 किलोमीटर, बहेड़ी तहसील से 8 किमी, नैनीताल रोड (एसएच-37) से पहुंच, किच्छा रेलवे स्टेशन से 10 किमी पर है। बहेड़ी का काफी क्षेत्र ऊधमसिंहनगर की सीमा से लगा हुआ है।</p>
<p><strong>सपा सरकार में मुड़िया मुकर्रमपुर गांव के पास रखी गई थी नींव</strong><br />
बहेड़ी तहसील के मुड़िया मुकर्रमपुर गांव के पास सीलिंग की 250 एकड़ जमीन पर मेगा फूड पार्क की नींव सात साल पहले सपा शासनकाल में रखी गयी थी लेकिन सरकार बदलने के बाद कई साल तक मेगा फूड पार्क की सुध नहीं ली गयी। पार्क की कुछ भूमि पर अतिक्रमण भी हो गया था। यूपीसीडा के अधिकारियों ने प्रशासन के सहयोग से किसी तरह से अतिक्रमण हटवाया था।</p>
<p>यूपीसीडा के सीईओ मयूर माहेश्वरी ने फूड पार्क को विकसित कराने के लिये शासन स्तर पर पहल की। इसके साथ रीजनल मैनेजर संतोष कुमार ने स्थानीय स्तर पर मॉनीटरिंग कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करायीं। तब इसे विकसित करने की तैयारी तेज हुईं थीं।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Dec 2021 01:11:29 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सेंट्रल विस्टा: न्यायालय ने भूखंड के भूमि उपयोग में बदलाव को चुनौती देने वाली याचिका की खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने उस भूखंड के भूमि उपयोग में बदलाव को चुनौती देने वाली एक याचिका को मंगलवार को खारिज कर दिया, जहां लुटियंस दिल्ली में महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा परियोजना के हिस्से के रूप में उपराष्ट्रपति का नया आधिकारिक आवास बनेगा। न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति सी टी रविकुमार …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/136979/central-vista-court-dismisses-petition-challenging-change-in-land-use-of-plot"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-11/390638-supreme-court-of-india-02-11.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> उच्चतम न्यायालय ने उस भूखंड के भूमि उपयोग में बदलाव को चुनौती देने वाली एक याचिका को मंगलवार को खारिज कर दिया, जहां लुटियंस दिल्ली में महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा परियोजना के हिस्से के रूप में उपराष्ट्रपति का नया आधिकारिक आवास बनेगा।</p>
<p>न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति सी टी रविकुमार की पीठ ने कहा कि संबंधित अधिकारियों द्वारा पर्याप्त स्पष्टीकरण दिये गये हैं जो भूखंड के भूमि उपयोग में परिवर्तन को सही ठहराते हैं। पीठ ने कहा कि हमें इस मामले की और जांच करने का कोई कारण नहीं मिला और इसलिए इस याचिका को खारिज करके पूरे विवाद को खत्म कर रहे हैं।</p>
<p>सितंबर 2019 में घोषित सेंट्रल विस्टा पुनरुद्धार परियोजना में 900 से 1,200 सांसदों के बैठने की क्षमता वाले एक नए त्रिकोणीय संसद भवन की परिकल्पना की गई है, जिसका निर्माण अगस्त, 2022 तक किया जाना है, जब देश अपना 75 वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा।</p>
<p>राष्ट्रीय राजधानी में राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक तीन किलोमीटर की दूरी तक फैली परियोजना के तहत 2024 तक सामान्य केंद्रीय सचिवालय का निर्माण किया जाना है। शीर्ष अदालत भूखंड संख्या एक के भूमि उपयोग को मनोरंजन क्षेत्र से आवासीय क्षेत्र में बदलने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़े-</strong></p>
<p class="post-title entry-title"><a href="https://amritvichar.com/tripura-violence-case-trinamools-petition-to-be-heard-in-supreme-court-today/">त्रिपुरा हिंसा मामला: सुप्रीम कोर्ट में तृणमूल की याचिका पर आज होगी सुनवाई</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/136979/central-vista-court-dismisses-petition-challenging-change-in-land-use-of-plot</link>
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                <pubDate>Tue, 23 Nov 2021 12:38:19 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बरेली: 99 साल की लीज पर उद्योग लगाने को औद्योगिक आस्थान में खरीदें भूखंड</title>
                                    <description><![CDATA[बरेली, अमृत विचार। औद्योगिक इकाई लगाने के लिए भूखंड ढूंढ रहे उद्यमियों के लिए औद्योगिक आस्थानों में भूखंड खरीदने का फिर मौका मिला है। 99 साल की लीज पर उन्हें मीरगंज, भोजीपुरा व शेरगढ़ में भूखंड उपलब्ध हैं। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह के निर्देश पर संयुक्त आयुक्त उद्योग ऋ षि रंजन गोयल ने भूखंड खरीदने को …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/129163/bareilly-buy-plot-in-industrial-place-to-set-up-industry-on-lease-of-99-years"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-11/lease.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> औद्योगिक इकाई लगाने के लिए भूखंड ढूंढ रहे उद्यमियों के लिए औद्योगिक आस्थानों में भूखंड खरीदने का फिर मौका मिला है। 99 साल की लीज पर उन्हें मीरगंज, भोजीपुरा व शेरगढ़ में भूखंड उपलब्ध हैं। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह के निर्देश पर संयुक्त आयुक्त उद्योग ऋ षि रंजन गोयल ने भूखंड खरीदने को आवेदन करने के लिए फिर तारीख बढ़ाई है।</p>
<p>10 दिसंबर तक उद्यमी भूखंड के लिए आवेदन कर सकते हैं। भूखंड खरीदने के लिए प्रति वर्ग मीटर की दर से रेट भी निर्धारित कर दिए हैं। इससे पहले कोविड काल की दूसरी लहर में उद्योग विभाग ने भूखंडों की बिक्री के लिए विज्ञप्ति निकाली थी लेकिन मीरगंज और भोजीपुरा के लिए तो आवेदन आए लेकिन शेरगढ़ के लिए किसी ने आवेदन नहीं किया था।</p>
<p><strong>सबसे महंगा भूखंड औद्योगिक आस्थान भोजीपुरा में</strong><br />
औद्योगिक आस्थान भोजीपुरा में तीन बड़े और आठ छोटे भूखंड खाली हैं। 2640 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से भूमि लीज पर दी जाएगी। मिनी औद्योगिक आस्थान मीरगंज में सात छोटे भूखंड 1050 रुपये प्रति वर्ग मीटर और शेरगढ़ में 22 भूखंड 225 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से लीज पर दिए जाएंगे।</p>
<p><strong>परियोजना रिपोर्ट, आर्थिक संसाधनों के साथ करें आवेदन</strong><br />
संयुक्त आयुक्त उद्योग ऋ षि रंजन गोयल ने बताया कि उद्योग स्थापना के लिए इच्छुक उद्यमी कार्यालय उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र से इस संबंध में पूर्ण जानकारी ले सकते हैं। इस संबंध में उन्हें अपनी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, उपलब्ध आर्थिक संसाधनों के विवरण के साथ आवेदन पत्र कार्यालय में जमा कर सकते हैं। पूर्व में आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 6 जुलाई तय की गयी थी। जिसे आगे बढ़ा दिया गया है। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Nov 2021 01:08:26 +0530</pubDate>
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