<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.amritvichar.com/tag/80003/south-asia" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Amrit Vichar RSS Feed Generator</generator>
                <title>south asia - Amrit Vichar</title>
                <link>https://www.amritvichar.com/tag/80003/rss</link>
                <description>south asia RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दक्षिण एशिया में लैंगिक अंतर घटा, लेकिन रोजगार में महिलाएं पीछे... लखनऊ विश्वविद्यालय के शोध में हुआ खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>दक्षिण एशियाई देशों में दो दशकों में लैंगिक असमानता में धीरे-धीरे कमी आई है, लेकिन महिलाओं की श्रम बाजार में भागीदारी अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। लखनऊ विश्वविद्यालय के शोध “साउथ एशिया’ जेंडर डिवाइड: स्ट्रक्चरल एंड सोशल बैरियर्स” में कई तथ्यों का खुलासा किया गया है। विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. रोली मिश्रा और विष्णु कुमार ने अपने शोध में दावा किया है कि करीब 20 वर्षो में दक्षिण एशियाई देशों में लैंगिक भेदभाव में कमी आई है।</p>
<p>शोधकर्ताओं ने लैंगिक अंतर को समझने के लिए “जेंडर डिस्पैरिटी इंडेक्स (जीडीआई)” नामक एक नया सूचकांक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574427/gender-gap-narrows-in-south-asia--but-women-lag-behind-in-employment----research-from-lucknow-university-reveals"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(5)3.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>दक्षिण एशियाई देशों में दो दशकों में लैंगिक असमानता में धीरे-धीरे कमी आई है, लेकिन महिलाओं की श्रम बाजार में भागीदारी अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। लखनऊ विश्वविद्यालय के शोध “साउथ एशिया’ जेंडर डिवाइड: स्ट्रक्चरल एंड सोशल बैरियर्स” में कई तथ्यों का खुलासा किया गया है। विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. रोली मिश्रा और विष्णु कुमार ने अपने शोध में दावा किया है कि करीब 20 वर्षो में दक्षिण एशियाई देशों में लैंगिक भेदभाव में कमी आई है।</p>
<p>शोधकर्ताओं ने लैंगिक अंतर को समझने के लिए “जेंडर डिस्पैरिटी इंडेक्स (जीडीआई)” नामक एक नया सूचकांक विकसित किया है। यह सूचकांक स्वास्थ्य, शिक्षा और श्रम बाजार में भागीदारी जैसे तीन प्रमुख क्षेत्रों में पुरुषों और महिलाओं के बीच अंतर को मापता है। अध्ययन के अनुसार 2003 से 2022 के बीच बेहतर मातृ स्वास्थ्य सेवाएं, जीवन प्रत्याशा में वृद्धि और बाल मृत्यु दर में कमी आई है। यह अध्ययन भारत समेत पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, श्रीलंका, भूटान, नेपाल और मालदीव में लैंगिक असमानताओं का विश्लेषण पर आधारित है।</p>
<h3><strong>मालदीव, भूटान और श्रीलंका का बेहतर प्रदर्शन</strong></h3>
<p>मालदीव, भूटान और श्रीलंका लैंगिक असमानता कम करने में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले देशों के रूप में सामने आए हैं। इन देशों ने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में लगातार निवेश किया है, जिससे महिलाओं के लिए अवसरों का विस्तार हुआ और विकास के बेहतर परिणाम सामने आए।</p>
<h3><strong>भारत, बांग्लादेश और नेपाल मध्यम श्रेणी में</strong></h3>
<p>भारत, बांग्लादेश और नेपाल सूचकांक में मध्यम श्रेणी में आते हैं, जहां लैंगिक अंतर में कुछ सुधार देखने को मिला है। भारत में जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना और विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों ने महिलाओं के स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार लाने में योगदान दिया है। इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू किया गया जेंडर इन्क्लूजन फंड भी शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया है।</p>
<h3><strong>पाकिस्तान और अफगानिस्तान में स्थिति चिंताजनक</strong></h3>
<p>शोध में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान में लैंगिक असमानता अपेक्षाकृत अधिक बनी हुई है। इसके पीछे पितृसत्तात्मक सामाजिक संरचना, लड़कियों के लिए सीमित शैक्षणिक अवसर और महिलाओं की आवाजाही व रोजगार पर सामाजिक और संस्थागत बाधा प्रमुख कारण हैं। विशेष रूप से अफगानिस्तान लैंगिक असमानता के मामले में सबसे नीचे स्थान पर है।</p>
<h3><strong>श्रम बाजार में महिलाओं की भागीदारी सबसे बड़ी चुनौती</strong></h3>
<p>अध्ययन में यह भी रेखांकित किया गया है कि स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार के बावजूद महिलाओं की लेबर मार्केट में भागीदारी अभी भी दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी चुनौती है। घरेलू काम और देखभाल की जिम्मेदारियों को महिलाओं का दायित्व मानने वाली सामाजिक धारणा, पर्याप्त चाइल्डकेयर सुविधाओं की कमी और सुरक्षा संबंधी चिंताएँ महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को सीमित करती हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/574427/gender-gap-narrows-in-south-asia--but-women-lag-behind-in-employment----research-from-lucknow-university-reveals</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/574427/gender-gap-narrows-in-south-asia--but-women-lag-behind-in-employment----research-from-lucknow-university-reveals</guid>
                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 09:40:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/muskan-dixit-%285%293.png"                         length="450334"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: MJPRU का एशिया और दक्षिण एशिया में बजा ढंका...रैंकिंग हासिल कर रचा इतिहास </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली अमृत विचार। </strong>रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग एजेंसी की एशियन यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2025 में एशिया स्तर पर 901-950 और दक्षिण एशिया स्तर पर 297वीं रैंक प्राप्त की है। यह रैंकिंग विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और शोधकार्यों में निरंतर प्रगति का प्रमाण है।रैंकिंग में एशिया के विभिन्न देशों के साथ भारत के लगभग 294 विश्वविद्यालयों ने प्रतिभाग किया था, जिनमें से रुविवि ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर एशिया के शीर्ष 1000 विश्वविद्यालयों में स्थान प्राप्त किया है। विश्वविद्यालय ने स्टाफ विद पीएचडी में 94.5 अंक और 179 वीं रैंक प्राप्त की है, जो अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/558794/mjpru-made-history-by-achieving-rankings-in-asia-and-south-asia"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/mjpru.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली अमृत विचार। </strong>रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग एजेंसी की एशियन यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2025 में एशिया स्तर पर 901-950 और दक्षिण एशिया स्तर पर 297वीं रैंक प्राप्त की है। यह रैंकिंग विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और शोधकार्यों में निरंतर प्रगति का प्रमाण है।रैंकिंग में एशिया के विभिन्न देशों के साथ भारत के लगभग 294 विश्वविद्यालयों ने प्रतिभाग किया था, जिनमें से रुविवि ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर एशिया के शीर्ष 1000 विश्वविद्यालयों में स्थान प्राप्त किया है। विश्वविद्यालय ने स्टाफ विद पीएचडी में 94.5 अंक और 179 वीं रैंक प्राप्त की है, जो अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। वहीं एक्सचेंज स्टूडेंट मानक में 57.2 अंक, इंटरनेशनल रिसर्च नेटवर्क में 33.3 अंक, पेपर प्रति फैकल्टी में 14.4 अंक,</p>
<p>उद्धरण प्रति पेपर में 18.4 अंक और विद्यार्थी-शिक्षक अनुपात में 15.7 अंक प्राप्त किए हैं। कुल औसत स्कोर 17.5 अंक रहा है। विश्वविद्यालय ने विशेष रूप से शोधगुणवत्ता, फैकल्टी योग्यता और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दिखाई है। विश्वविद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि को सामूहिक परिश्रम, नवाचार पूर्ण शोध दृष्टिकोण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के निरंतर प्रयासों का परिणाम बताया। कुलपति प्रो. केपी सिंह ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह हमारे विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के निरंतर समर्पण का परिणाम है। हमें गर्व है कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने एशियाई स्तर पर अपनी सशक्त पहचान बनाई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/558794/mjpru-made-history-by-achieving-rankings-in-asia-and-south-asia</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/558794/mjpru-made-history-by-achieving-rankings-in-asia-and-south-asia</guid>
                <pubDate>Thu, 06 Nov 2025 15:09:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-11/mjpru.jpg"                         length="311882"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>QS Asia University Rankings 2026 : क्यूएस एशिया रैंकिंग्स-2026 में सीएसजेएमयू का रहा बेहतर प्रदर्शन, भारत में 156वां स्थान मिला </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानुपर, अमृत विचार।</strong> छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) को क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स-2026 और क्यूएस साउथ एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स-2026 में स्थान प्राप्त हुआ है। विश्वविद्यालय को एशिया में 901–950 रैंक बैंड, दक्षिण एशिया में 297वां स्थान और भारत में 156वां स्थान मिला, जो इसकी बढ़ती अकादमिक प्रतिष्ठा और क्षेत्रीय प्रभाव का प्रमाण है। सीएसजेएमयू ने यह फिर से वैश्विक उच्च शिक्षा परिदृश्य में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है।</p>
<p>सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो.विनय पाठक के मुताबिक क्यूएस एशिया रैंकिंग्स-2026 में एशिया की कुल 1,529 विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन किया गया, जिनमें से 294 भारत से थीं। विशेष रूप से एशिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/558607/qs-asia-university-rankings-2026--csjmu-performed-well-in-the-qs-asia-rankings-2026--find-out-the-rank-it-got"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/cats96.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानुपर, अमृत विचार।</strong> छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) को क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स-2026 और क्यूएस साउथ एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स-2026 में स्थान प्राप्त हुआ है। विश्वविद्यालय को एशिया में 901–950 रैंक बैंड, दक्षिण एशिया में 297वां स्थान और भारत में 156वां स्थान मिला, जो इसकी बढ़ती अकादमिक प्रतिष्ठा और क्षेत्रीय प्रभाव का प्रमाण है। सीएसजेएमयू ने यह फिर से वैश्विक उच्च शिक्षा परिदृश्य में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है।</p>
<p>सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो.विनय पाठक के मुताबिक क्यूएस एशिया रैंकिंग्स-2026 में एशिया की कुल 1,529 विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन किया गया, जिनमें से 294 भारत से थीं। विशेष रूप से एशिया से 554 और भारत से 137 नए संस्थानों की भागीदारी हुई, जिससे प्रतिस्पर्धा और भी तीव्र हो गई। इसके बावजूद सीएसजेएमयू ने अपनी सशक्त स्थिति बनाए रखी। 2026 संस्करण में सीएसजेएमयू ने एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में 37.9 फीसदी संस्थानों को पीछे छोड़ दिया है, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 14.0 फीसदी ही था। </p>
<p>बताया कि विश्वविद्यालय का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला संकेतक अकादमिक प्रतिष्ठा रहा, जबकि सबसे अधिक सुधार अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क में देखा गया, जो इसके बढ़ते वैश्विक सहयोग और अनुसंधान दृश्यता को रेखांकित करता है। क्यूएस रैंकिंग्स विश्व के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय मूल्यांकन ढांचों में से एक हैं। क्यूएस  एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स विभिन्न मापदंडों पर संस्थानों का आकलन करती है, जिनके संकेतक मिलकर शिक्षण गुणवत्ता, अनुसंधान उत्पादकता, अकादमिक प्रभाव और अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण को दर्शाते हैं। </p>
<p><strong>क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग के फायदें </strong><br />क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग सीएसजेएमयू की वैश्विक अकादमिक स्थिति को सुदृढ़ करती है। यह शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार में विश्वविद्यालय की गुणवत्ता को प्रदर्शित करती है और उसकी अंतरराष्ट्रीय दृश्यता को बढ़ाती है।</p>
<p>इससे विश्वविद्यालय की डिग्रियों की वैश्विक मान्यता और विश्वास में वृद्धि होती है। छात्रों इससे बेहतर करियर अवसर, उच्च रोजगार योग्यता और वैश्विक अकादमिक आदान-प्रदान का अवसर मिलेंगे। वहीं, विश्वविद्यालय के लिए यह अधिक अनुसंधान सहयोग, वित्त पोषण के अवसर और प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ साझेदारी का मार्ग प्रशस्त करता है।</p>
<p><strong>पैरामीटर    क्यूएस- 2026</strong><br />एशिया यूनिवर्सिटी रैंक बैंड   - 901–950 (कुल 1529 में से)<br />दक्षिण एशिया रैंक  - 297<br />भारत रैंक     - 156 (कुल 294 में से)<br />कुल प्रकाशित संस्थान  -     एशिया में 1529 और भारत में 294<br />नए प्रतिभागी संस्थान - भारत में 137 और एशिया में 554<br />सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन संकेतक  - अकादमिक प्रतिष्ठा <br />सबसे अधिक सुधार संकेतक  -     अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क <br />एशिया में पीछे छोड़े गए संस्थान (%) - 2025 में 14 फीसदी से बढ़कर 2026 में 37.9 फीसदी</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/558607/qs-asia-university-rankings-2026--csjmu-performed-well-in-the-qs-asia-rankings-2026--find-out-the-rank-it-got</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/558607/qs-asia-university-rankings-2026--csjmu-performed-well-in-the-qs-asia-rankings-2026--find-out-the-rank-it-got</guid>
                <pubDate>Tue, 04 Nov 2025 20:06:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-11/cats96.jpg"                         length="188285"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>SAFF Women's Championship 2025: भारत ने जीता  सैफ चैंपियनशिप 2025 का खिताब, नेपाल को 5-0 से रौंदा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली/थिम्पू। </strong>दक्षिण एशियाई फुटबॉल में भारत का दबदबा जारी रहा। अंडर-17 महिला टीम ने चांगलिमथांग स्टेडियम में नेपाल को 5-0 से हराकर एक मैच शेष रहते सैफ अंडर-17 महिला चैंपियनशिप 2025 का खिताब जीत लिया। एआईएफएफ द्वारा जारी बयान के अनुसार, "भारत ने शुक्रवार, 29 अगस्त, 2025 को थिम्पू के चांगलिमथांग स्टेडियम में नेपाल को 5-0 से हराकर दक्षिण एशिया में एक बार फिर अपना दबदबा कायम किया और शानदार अंदाज में सैफ अंडर-17 महिला चैंपियनशिप 2025 का खिताब अपने नाम किया। यंग टाइग्रेसेस हाफ-टाइम तक 3-0 से आगे थी।" </p>
<p>बयान में कहा गया, "इस जीत से भारत के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/551679/saff-women-s-championship-2025--india-won-the-saff-championship-2025-title--defeated-nepal-5-0"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/muskan-dixit17.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली/थिम्पू। </strong>दक्षिण एशियाई फुटबॉल में भारत का दबदबा जारी रहा। अंडर-17 महिला टीम ने चांगलिमथांग स्टेडियम में नेपाल को 5-0 से हराकर एक मैच शेष रहते सैफ अंडर-17 महिला चैंपियनशिप 2025 का खिताब जीत लिया। एआईएफएफ द्वारा जारी बयान के अनुसार, "भारत ने शुक्रवार, 29 अगस्त, 2025 को थिम्पू के चांगलिमथांग स्टेडियम में नेपाल को 5-0 से हराकर दक्षिण एशिया में एक बार फिर अपना दबदबा कायम किया और शानदार अंदाज में सैफ अंडर-17 महिला चैंपियनशिप 2025 का खिताब अपने नाम किया। यंग टाइग्रेसेस हाफ-टाइम तक 3-0 से आगे थी।" </p>
<p>बयान में कहा गया, "इस जीत से भारत के पांच मैचों में 15 अंक हो गए हैं और वह तालिका में शीर्ष पर अजेय बढ़त बनाए हुए है। दूसरे स्थान पर काबिज बांग्लादेश की दिन की शुरुआत में हुई हार (मेजबान भूटान के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ) के बावजूद भारत ने खिताब पक्का कर लिया।" पर्ल फर्नांडीस (15वें, 43वें) और दिव्यानी लिंडा (79वें, 90वें 2वें) दोनों ने दो-दो गोल किए। नीरा चानू लोंगजाम (5वें) ने भी एक अन्य गोल किया। शुरुआती सीटी बजते ही भारत ने एकतरफा प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के अनुसार, नीली जर्सी वाली टीमें लगातार आगे बढ़ती रहीं और गेंद भारत के हाफ में मुश्किल से ही पहुंच पाई। नेपाल को अपने हाफ में ही रोके रखा और गोलकीपर मुन्नी के एंड से खेल को दूर रखा। </p>
<p>बयान में कहा गया है, "शुरू में ही गोल के दरवाजे खुल गए, पांच मिनट बाद ही नीरा चानू ने सेट-पीस से गोल करके गेंद को नेट में पहुंचाकर माहौल बना दिया। फिर उन्होंने 15वें मिनट में पर्ल फर्नांडीस के लिए बॉक्स में एक बेहतरीन क्रॉस डालकर टीम को बढ़त दिलाई, जिन्होंने संयम से गोल किया।" भारत के आक्रमणों पर प्रकाश डालते हुए, इसमें कहा गया है, "भारत ने अपनी तेज चालों और सहज आदान-प्रदान से दबाव बनाना जारी रखा। हाफ-टाइम से ठीक पहले, 43वें मिनट में, दिव्यानी का एक खूबसूरत क्रॉस पर्ल के पास पहुंचा, जिन्होंने उसे आसानी से गोल में पहुंचा दिया।" <br />दूसरे हाफ की शुरुआत खराब रही, कई मौके, ऑफसाइड और नज़दीकी चूकें हुईं, लेकिन आखिरकार भारत ने फिर से गोल कर दिया। बयान में आगे कहा गया है कि 79वें मिनट में श्वेता रानी ने एक गहरा क्रॉस दिया जिसे बोनिफिलिया शुलाई ने गोल की ओर फ्लिक किया, जिससे दिव्यानी लिंडा ने लाइन पर गोल का फायदा उठाया। एआईएफएफ ने एक बयान में कहा, "इसके बाद भारत ने मैच का अंत शानदार तरीके से किया और अतिरिक्त समय में दिव्यानी ने अनीता डुंगडुंग के क्रॉस को गोल में बदलकर एक बार फिर अपनी क्षमता का परिचय दिया।" <br />ट्रॉफी पक्की होने, इतने ही मैचों में पाँच जीत, 27 गोल और एक भी गोल न खाने के साथ, भारत अब रविवार, 31 अगस्त को बांग्लादेश के खिलाफ चैंपियनशिप के अपने आखिरी मैच में उतरेगा। बयान में कहा गया है कि खिताब का निर्णायक मुकाबला माने जाने वाले इस मुकाबले से यंग टाइग्रेसेस के लिए टूर्नामेंट में अजेय रहने का मौका मिलेगा। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः  <a href="https://www.amritvichar.com/article/551676/rcb-will-give-financial-assistance-of-rs-25-lakh-each-to-the-families-of-the-victims-of-bengaluru-stampede--11-people-died">बेंगलुरु भगदड़ के पीड़ित परिवारों को RCB देगा 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, 11 की हुई थी मौत</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/551679/saff-women-s-championship-2025--india-won-the-saff-championship-2025-title--defeated-nepal-5-0</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/551679/saff-women-s-championship-2025--india-won-the-saff-championship-2025-title--defeated-nepal-5-0</guid>
                <pubDate>Sat, 30 Aug 2025 14:58:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-08/muskan-dixit17.png"                         length="1115489"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूरे दक्षिण एशिया में आलू-शकरकंद की मांग पूरी करेगा आगरा, अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र की स्थापना पर कैबिनेट में मुहर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> आगरा अब पूरे दक्षिण एशिया में आलू और शकरकंद की मांग पूरी करेगा। आगरा में अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना को 111 करोड़ रु. की मंजूरी मिली है। यह जानकारी कृषि विदेश व्यापार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने गुरुवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में दी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि, आगरा के सींगना स्थित राजकीय औद्यानिक प्रक्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र, लीमा (पेरू) के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना के प्रस्ताव को भारत सरकार के केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/543732/agra-will-fulfill-the-demand-of-potato-and-sweet-potato-in-entire-south-asia--cabinet-approves-establishment-of-international-potato-centre"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-06/news-post--(11)18.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> आगरा अब पूरे दक्षिण एशिया में आलू और शकरकंद की मांग पूरी करेगा। आगरा में अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना को 111 करोड़ रु. की मंजूरी मिली है। यह जानकारी कृषि विदेश व्यापार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने गुरुवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में दी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि, आगरा के सींगना स्थित राजकीय औद्यानिक प्रक्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र, लीमा (पेरू) के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना के प्रस्ताव को भारत सरकार के केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के लिए 111 करोड़ रु.की स्वीकृति प्रदान की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि इससे न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे एशिया क्षेत्र को कृषि अनुसंधान व तकनीकी नवाचार का लाभ मिलेगा। मंत्री ने कहा कि यह केंद्र आलू व शकरकंद की उन्नत, पोषणसमृद्ध और जलवायु अनुकूल किस्मों के विकास, कटाई के बाद प्रबंधन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, विपणन, और रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण आयामों में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने में सहायक होगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;">एक शाखा चीन में है और दूसरी शाखा आगरा में</h5>
<p style="text-align:justify;">कृषि विदेश व्यापार राज्यमंत्री ने कहा कि आलू की उत्पत्ति जिस देश पेरू में हुई, वहीं के अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र की यह शाखा अब आगरा में स्थापित की जा रही है। एशिया में अब तक इसकी केवल एक शाखा चीन में है और दूसरी शाखा आगरा में खुलना उत्तर भारत और राज्य के किसानों के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 2300 कोल्ड स्टोरेज संचालित हैं। आगरा और आसपास के क्षेत्रों में ही 1000 से अधिक कोल्ड स्टोरेज स्थित हैं, जो इस क्षेत्र को आलू उत्पादन और भंडारण का सबसे उपयुक्त केंद्र बनाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/542622/major-accident-on-agra-lucknow-expressway--bus-rams-into-truck-parked-at-toll--2-dead--30-injured">आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा, टोल पर खड़े ट्रक में जा घुसी बस, 2 की मौत 30 घायल</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आगरा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/543732/agra-will-fulfill-the-demand-of-potato-and-sweet-potato-in-entire-south-asia--cabinet-approves-establishment-of-international-potato-centre</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/543732/agra-will-fulfill-the-demand-of-potato-and-sweet-potato-in-entire-south-asia--cabinet-approves-establishment-of-international-potato-centre</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Jun 2025 11:57:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-06/news-post--%2811%2918.jpg"                         length="209063"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दक्षिण एशिया के ये दो देश यौन हिंसा के मामले में आगे, चौंकाने वाले हैं आंकड़े</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>देश और विदेश में दुष्कर्म, यौन शोषण के मामले पर एक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। ‘लांसेट’ पत्रिका में प्रकाशित एक विश्लेषण से यह जानकारी सामने आई। भारत में 2023 में 18 साल से कम उम्र की 30 % से अधिक लड़कियों और 13 % लड़कों ने यौन हिंसा का अनुभव किया। अध्ययन में 1990 और 2023 के बीच 200 से अधिक देशों में बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा की व्यापकता का अनुमान लगाया गया है।</p>
<p>अनुमान में यह पता चलता है कि दक्षिण एशिया में यौन हिंसा का शिकार होने के मामले में लड़कियां शीर्ष पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/537201/these-two-countries-of-south-asia-are-ahead-in-the-case-of-sexual-violence--the-figures-are-shocking"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/news-post--(16)3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>देश और विदेश में दुष्कर्म, यौन शोषण के मामले पर एक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। ‘लांसेट’ पत्रिका में प्रकाशित एक विश्लेषण से यह जानकारी सामने आई। भारत में 2023 में 18 साल से कम उम्र की 30 % से अधिक लड़कियों और 13 % लड़कों ने यौन हिंसा का अनुभव किया। अध्ययन में 1990 और 2023 के बीच 200 से अधिक देशों में बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा की व्यापकता का अनुमान लगाया गया है।</p>
<p>अनुमान में यह पता चलता है कि दक्षिण एशिया में यौन हिंसा का शिकार होने के मामले में लड़कियां शीर्ष पर हैं जिसमें बांग्लादेश में 9.3% से लेकर भारत में 30.8 % तक लड़कियां यौन उत्पीड़न का शिकार हुई हैं। </p>
<p>बता दें कि दुनिया भर में पांच में से एक लड़की और सात में से एक लड़के के 18 साल की उम्र से पहले यौन हिंसा का अनुभव करने का अनुमान है। अमेरिका के ‘यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन’ में ‘इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन’ के शोधकर्ताओं सहित अन्य ने यह भी पाया कि उप-सहारा अफ्रीका में 18 वर्ष से कम उम्र के लड़कों के बीच यौन हिंसा की दर अधिक थी, जो कि जिम्बाब्वे में लगभग आठ प्रतिशत से लेकर पश्चिम अफ्रीकी देश कोट डिलवोइर में 28 % तक है। </p>
<p>बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य और मानवाधिकार मुद्दा बना हुआ है। यौन शोषण और उसके बाद के परिणाम मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति के जोखिम को बढ़ाते हैं तथा उनके दीर्घकालिक स्वास्थ्य पर असर डालते हैं। शोधकर्ताओं ने कहा कि मौजूदा अध्ययन सीमित संख्या में देशों के लिए अनुमान प्रस्तुत करते हैं। टीम ने यह भी कहा कि दुनिया के लगभग 70 % पुरुषों और महिलाओं ने 18 साल की उम्र से पहले किशोरावस्था और युवावस्था में यौन हिंसा का पहला अनुभव किया था।<br /> <br /><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/537167/statue-of--ardhanarishwar--displayed-in-singapore--people-of-indian-origin-donated-60-rare-artifacts">सिंगापुर में प्रदर्शित 'अर्धनारीश्वर' की प्रतिमा, भारतीय मूल के लोगों ने दीं 60 दुर्लभ कलाकृतियां </a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Special Articles</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/537201/these-two-countries-of-south-asia-are-ahead-in-the-case-of-sexual-violence--the-figures-are-shocking</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/537201/these-two-countries-of-south-asia-are-ahead-in-the-case-of-sexual-violence--the-figures-are-shocking</guid>
                <pubDate>Thu, 08 May 2025 14:00:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-05/news-post--%2816%293.jpg"                         length="128758"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वच्छ ऊर्जा आयात करने की भारत की प्रतिबद्धता से जलविद्युत विकास के लिए ‘नया द्वार’ खुला:  नेपाल के पीएम प्रचंड</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>काठमांडू। </strong>नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’ ने कहा है कि अगले दस वर्षों में नेपाल से 10,000 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा आयात करने की भारत की प्रतिबद्धता ने दक्षिण एशिया में जलविद्युत विकास के लिए एक ‘नया द्वार’ खोल दिया है। उन्होंने शुक्रवार को दक्षिण एशिया के लिए विश्व बैंक के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मार्टिन रायसर के साथ एक बैठक के दौरान यह टिप्पणी की। </p>
<p>प्रचंड ने कहा कि जलविद्युत उत्पादन में वृद्धि से हरित और स्वच्छ ऊर्जा के विकास में मदद मिलेगी और इस क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में मदद मिलेगी। सिंहदरबार में प्रधानमंत्री</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/377271/india-s-commitment-to-import-clean-energy-has-opened-a--new-door--for-hydropower-development--nepal-s-pm-prachanda"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-06/image-337.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>काठमांडू। </strong>नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’ ने कहा है कि अगले दस वर्षों में नेपाल से 10,000 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा आयात करने की भारत की प्रतिबद्धता ने दक्षिण एशिया में जलविद्युत विकास के लिए एक ‘नया द्वार’ खोल दिया है। उन्होंने शुक्रवार को दक्षिण एशिया के लिए विश्व बैंक के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मार्टिन रायसर के साथ एक बैठक के दौरान यह टिप्पणी की। </p>
<p>प्रचंड ने कहा कि जलविद्युत उत्पादन में वृद्धि से हरित और स्वच्छ ऊर्जा के विकास में मदद मिलेगी और इस क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में मदद मिलेगी। सिंहदरबार में प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई बैठक में उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम जलविद्युत के विकास की ओर अपना ध्यान केंद्रित करते हैं तो दुनिया के लोगों को भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाभ होगा।’’ </p>
<p>उन्होंने कहा कि सिर्फ नेपाल ही नहीं बल्कि भारत और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देश भी नेपाल में जलविद्युत विकास से लाभान्वित होंगे। प्रचंड ने हाल में भारत यात्रा के दौरान दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ अपनी बैठक को याद किया, जहां मोदी ने अगले दस वर्षों में नेपाल से 10,000 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा आयात करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी। </p>
<p>प्रचंड ने कहा, ‘‘इसने जलविद्युत विकास के लिए एक नया द्वार खोल दिया है।’’ प्रचंड ने 31 मई से 3 जून तक भारत का दौरा किया। दिसंबर 2022 में पदभार ग्रहण करने के बाद प्रचंड की यह पहली आधिकारिक विदेश यात्रा थी। रायसर और प्रचंड ने नेपाल और विश्व बैंक के बीच छह दशकों से अधिक के सहयोग को याद किया। प्रधानमंत्री के करीबी सूत्रों के अनुसार उन्होंने जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों और हरित विकास की संभावनाओं सहित विकास प्रक्रिया से संबंधित देश की चुनौतियों पर चर्चा की। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:<span style="color:rgb(224,62,45);">- <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/377196/islamic-state-claims-responsibility-for-suicide-bombing-at-condolence-meeting-in-northeast-afghanistan">IS ने ली उत्तर-पूर्व अफगानिस्तान में शोकसभा पर हुए आत्मघाती बम हमले की जिम्मेदारी</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/377271/india-s-commitment-to-import-clean-energy-has-opened-a--new-door--for-hydropower-development--nepal-s-pm-prachanda</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/377271/india-s-commitment-to-import-clean-energy-has-opened-a--new-door--for-hydropower-development--nepal-s-pm-prachanda</guid>
                <pubDate>Sat, 10 Jun 2023 20:40:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2023-06/image-337.jpg"                         length="89016"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Priya ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मध्य और दक्षिण एशिया के सबसे प्रदूषित 15 शहरों में से 12 भारत में हैं: रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> मध्य और दक्षिण एशिया में वर्ष 2022 के 15 सबसे प्रदूषित शहरों में से 12 भारत में हैं और भिवाड़ी देश का सबसे प्रदूषित शहर है। एक नई रिपोर्ट में यह दावा किया गया। स्विस संस्था आईक्यूएयर की मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022 में भारत में पीएम2.5 का वार्षिक औसत स्तर 53.3 माइक्रो ग्राम प्रति घनमीटर था, जो 2021 के औसत स्तर 58.1 से थोड़ा कम है।</p>
<p>पिछले साल मध्य और दक्षिण एशिया के 15 सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में 12 शहर भारत में हैं और भिवाड़ी देश का सबसे प्रदूषित शहर है जहां पीएम2.5 का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/351172/12-out-of-15-most-polluted-cities-in-central-and"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-03/08_11_2022-polluted_cities_news_23190458.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> मध्य और दक्षिण एशिया में वर्ष 2022 के 15 सबसे प्रदूषित शहरों में से 12 भारत में हैं और भिवाड़ी देश का सबसे प्रदूषित शहर है। एक नई रिपोर्ट में यह दावा किया गया। स्विस संस्था आईक्यूएयर की मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022 में भारत में पीएम2.5 का वार्षिक औसत स्तर 53.3 माइक्रो ग्राम प्रति घनमीटर था, जो 2021 के औसत स्तर 58.1 से थोड़ा कम है।</p>
<p>पिछले साल मध्य और दक्षिण एशिया के 15 सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में 12 शहर भारत में हैं और भिवाड़ी देश का सबसे प्रदूषित शहर है जहां पीएम2.5 का वार्षिक स्तर 92.7 माइक्रो ग्राम प्रति घनमीटर था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इस रिपोर्ट में शामिल भारत के करीब 60 प्रतिशत शहरों में पीएम 2.5 का वार्षिक स्तर कम से कम सात बार विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दिशानिर्देश से अधिक रहा। भारतीय शहरों में पीएम2.5 में परिवहन क्षेत्र का योगदान 20 से 35 प्रतिशत तक है। रिपोर्ट के अनुसार पराली जलाना भी एक बड़ी चुनौती है, लेकिन यह कुछ क्षेत्रों तक ही सीमित है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/351173/will-bring-laws-to-protect-land-rights-of-people-of-jammu-and-kashmir-if-voted-to-power--ghulam-nabi-azad">सत्ता में आने पर जम्मू-कश्मीर के लोगों के भूमि अधिकारों की रक्षा के लिए कानून लाएंगे: गुलाम नबी आजाद</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/351172/12-out-of-15-most-polluted-cities-in-central-and</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/351172/12-out-of-15-most-polluted-cities-in-central-and</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Mar 2023 17:25:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2023-03/08_11_2022-polluted_cities_news_23190458.jpg"                         length="25358"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vikas Babu]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इमरान खान ने की मांग, अमेरिकी राजनयिक डोनाल्ड लू को किया जाए बर्खास्त</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने अमेरिका के मध्य एवं दक्षिण एशिया से जुड़े मामलों के सहायक विदेश सचिव डोनाल्ड लू को ”उनके अहंकार एवं बुरे व्यवहार” के कारण पद से हटाने की मांग की है। मीडिया में आई एक खबर में यह जानकारी दी गई है। इमरान का दावा है कि पाकिस्तान …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/222079/imran-khan-demands-that-us-diplomat-donald-lu-be-sacked"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-05/untitled-5-16.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>इस्लामाबाद।</strong> पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने अमेरिका के मध्य एवं दक्षिण एशिया से जुड़े मामलों के सहायक विदेश सचिव डोनाल्ड लू को ”उनके अहंकार एवं बुरे व्यवहार” के कारण पद से हटाने की मांग की है। मीडिया में आई एक खबर में यह जानकारी दी गई है। इमरान का दावा है कि पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन की कथित अमेरिका समर्थित साजिश में लू केंद्रीय भूमिका में थे, जिसके चलते पिछले महीने अविश्वास प्रस्ताव के जरिये उनकी सरकार को गिरा दिया गया।</p>
<p>उन्होंने लू पर अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत रहे असद मजीद को धमकाने का आरोप लगाया। इमरान ने कहा कि लू ने असद से कहा था कि यदि अविश्वास प्रस्ताव के जरिये उन्हें सत्ता से हटाने में कामयाबी नहीं मिली तो पाकिस्तान को इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे।</p>
<p>पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान ने यह आरोप भी लगाया कि अविश्वास प्रस्ताव पेश किए जाने से पहले धमकी दी गई थी और बाद में सिलसिलेवार घटनाएं शुरू हुईं, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें अपदस्थ कर दिया गया, क्योंकि स्थानीय लोग और विदेशी साजिशकर्ता इस साजिश में शामिल हो गए थे।</p>
<p>‘द डॉन’ अखबार की खबर के अनुसार, इमरान ने सोमवार को सीएनएन के कार्यक्रम ‘कनेक्ट द वर्ल्ड’ में एक विशेष साक्षात्कार के दौरान अपने दावों को दोहराया। उन्होंने लू को बर्खास्त करने की अपील भी की। कार्यक्रम के मेजबान बेकी एंडरसन ने जब इमरान से पूछा कि क्या उन्होंने इस मुद्दे को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति (जो बाइडन) या विदेश मंत्री (एंटोनी ब्लिंकन) से संपर्क किया है तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।</p>
<p>बजाय इसके इमरान ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) की बैठक में एक आपत्ति पत्र जारी करने का फैसला लिया गया था, साथ ही पाकिस्तान और वाशिंगटन में अमेरिका के इस कदम को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया था।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <a class="post-title the-subtitle" href="https://amritvichar.com/nursery-admission-directorate-of-education-has-sought-applications-for-last-years-vacant-seats/">नर्सरी दाखिला: शिक्षा निदेशालय ने पिछले साल की रिक्त सीट के लिए मांगे आोवेदन</a></strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/222079/imran-khan-demands-that-us-diplomat-donald-lu-be-sacked</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/222079/imran-khan-demands-that-us-diplomat-donald-lu-be-sacked</guid>
                <pubDate>Tue, 24 May 2022 15:53:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2022-05/untitled-5-16.jpg"                         length="52702"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व बैंक ने पाकिस्तान की वृद्धि का अनुमान घटाकर 4.3 फीसदी किया,  पिछले वर्ष से है एक फीसदी कम</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद। विश्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए पाकिस्तान की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 4.3 फीसदी कर दिया जो पिछले वर्ष के मुकाबले करीब एक फीसदी कम है। उसने कहा कि निवर्तमान सरकार द्वारा ऊर्जा सब्सिडी देने का अंतिम समय पर जो फैसला लिया गया उससे बजट पर अतिरिक्त भार पड़ा और …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/201997/world-bank-cuts-pakistans-growth-forecast-to-4-3-percent-one-percent-less-than-last-year"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-04/untitled-30-3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>इस्लामाबाद।</strong> विश्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए पाकिस्तान की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 4.3 फीसदी कर दिया जो पिछले वर्ष के मुकाबले करीब एक फीसदी कम है। उसने कहा कि निवर्तमान सरकार द्वारा ऊर्जा सब्सिडी देने का अंतिम समय पर जो फैसला लिया गया उससे बजट पर अतिरिक्त भार पड़ा और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के कार्यक्रम के लिए जोखिम पैदा हुआ।</p>
<p>विश्व बैंक में दक्षिण एशिया क्षेत्र के लिए मुख्य अर्थशास्त्री हैंस टिमर ने ‘दक्षिण एशिया में आर्थिक ध्यान को पुन: आकार देने वाले नियम: आगे का नया रास्ता’ नाम की रिपोर्ट बुधवार को जारी की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने कर छूट हटाने और ईंधन पर कर बढ़ाने के आईएमएफ के साथ अपने समझौते का पहले तो पालन किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि लेकिन घरेलू स्तर पर ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और राजनीति में विपक्ष के दबाव के कारण पाकिस्तान सरकार को फरवरी में बिजली और ईंधन की कीमतों पर राहत देनी पड़ीं डॉन अखबार की खबर में टिमर के हवाले से कहा गया, ‘‘पाकिस्तान सरकार के इन कदमों से घरेलू कीमतों में उतार-चढ़ाव भले कम हुआ हो लेकिन इससे सरकार का बजट का भार बढ़ गया।’’ टिमर ने कहा, ‘‘चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि घटकर 4.3 फीसदी रहने का अनुमान है जो पिछले वर्ष 5.6 फीसदी थी और अगले वर्ष इसके महज चार फीसदी रहने का अनुमान है।’’</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <a class="post-title the-subtitle" href="https://amritvichar.com/ipl-2022-rohit-sharma-completed-10000-runs-in-t20/">IPL 2022 : रोहित शर्मा ने T20 में पूरे किए 10 हजार रन, विराट कोहली के बाद ऐसा करने वाले बने दूसरे भारतीय</a></strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/201997/world-bank-cuts-pakistans-growth-forecast-to-4-3-percent-one-percent-less-than-last-year</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/201997/world-bank-cuts-pakistans-growth-forecast-to-4-3-percent-one-percent-less-than-last-year</guid>
                <pubDate>Thu, 14 Apr 2022 15:36:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2022-04/untitled-30-3.jpg"                         length="81338"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत में अगले दो दशकों में 2,000 से अधिक विमानों की जरूरत होगी- दिग्गज विमान विनिर्माता एयरबस</title>
                                    <description><![CDATA[हैदराबाद। दिग्गज विमान विनिर्माता एयरबस का मानना है कि भारत में विमानन परिदृश्य बेहतर होने से यहां पर अगले दो दशकों में 2,210 नए विमानों की जरूरत पड़ने वाली है। एयरबस के एयरलाइन विपणन प्रमुख (भारत एवं दक्षिण एशिया) ब्रेंट मैकब्रैटनी ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि भारत में अगले दो दशकों में …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/191051/india-will-need-more-than-2000-aircraft-in-next-two-decades-airbus"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-03/capture-333.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हैदराबाद।</strong> दिग्गज विमान विनिर्माता एयरबस का मानना है कि भारत में विमानन परिदृश्य बेहतर होने से यहां पर अगले दो दशकों में 2,210 नए विमानों की जरूरत पड़ने वाली है। एयरबस के एयरलाइन विपणन प्रमुख (भारत एवं दक्षिण एशिया) ब्रेंट मैकब्रैटनी ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि भारत में अगले दो दशकों में बड़ी संख्या में नए विमानों की जरूरत पैदा होगी।</p>
<p>इनमें से 1,770 विमान छोटे आकार के होने चाहिए जबकि 440 विमान मध्यम एवं बड़े आकार वाले चाहिए। मैकब्रैटनी ने कहा कि भारतीय विमानन परिदृश्य के विस्तार की संभावनाओं को देखते हुए उसे वर्ष 2040 तक 34,000 अतिरिक्त पायलट और 45,000 तकनीकी स्टाफ की भी जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि भारत में हवाई परिवहन के अगले दो दशकों में 6.2 प्रतिशत की दर से बढ़ने की संभावना है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>
<p class="post-title entry-title"><a href="https://amritvichar.com/minor-girl-sexually-assaulted-by-unknown-person-in-a-private-school-in-pune/">पुणे के एक निजी स्कूल में अज्ञात व्यक्ति द्वारा नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/191051/india-will-need-more-than-2000-aircraft-in-next-two-decades-airbus</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/191051/india-will-need-more-than-2000-aircraft-in-next-two-decades-airbus</guid>
                <pubDate>Thu, 24 Mar 2022 12:17:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2022-03/capture-333.jpg"                         length="39763"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कुपोषण पर चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[आज कुपोषण अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय है। दक्षिण एशिया में भारत कुपोषण के मामले में सबसे बुरी हालत में है। देश में कोविड-19 वैश्विक महामारी के मद्देनजर यह मामला और महत्वपूर्ण हो गया है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार भारत में हर साल कुपोषण के कारण मरने वाले पांच साल से कम उम्र …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/125877/concern-over-malnutrition"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-10/baby3.jpg" alt=""></a><br /><p>आज कुपोषण अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय है। दक्षिण एशिया में भारत कुपोषण के मामले में सबसे बुरी हालत में है। देश में कोविड-19 वैश्विक महामारी के मद्देनजर यह मामला और महत्वपूर्ण हो गया है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार भारत में हर साल कुपोषण के कारण मरने वाले पांच साल से कम उम्र वाले बच्चों की संख्या दस लाख से भी ज्यादा है। ‘नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे’ की रिपोर्ट बताती है कि देश में कुपोषण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।</p>
<p>इंडिया फूड बैंकिंग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 189.2 मिलियन लोग कुपोषित हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारत में 14 प्रतिशत जनसंख्या कुपोषित है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुपोषण की वजह से 13 राज्यों के 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की लंबाई सामान्य से कम है। यह स्थिति नागरिकों के भोजन एवं जीवन के अधिकार समेत कई मौलिक अधिकारों का हनन है।</p>
<p>उच्चतम न्यायालय ने भुखमरी और कुपोषण से निपटने के लिए दो वर्ष पहले देशभर में सामुदायिक रसोइयां स्थापित करने की योजना बनाने का समर्थन किया था। शीर्ष अदालत ने एक जनहित याचिका पर इस संबंध में हलफनामे दायर करने के उसके आदेश का पालन नहीं करने पर छह राज्यों पर पिछले साल 17 फरवरी को पांच-पांच लाख रुपए का अतिरिक्त जुर्माना लगाया था। यह जुर्माना मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, ओडिशा, गोवा और दिल्ली पर लगाया गया था।</p>
<p>शुक्रवार को प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ से अधिवक्ता आशिमा मंडला ने कहा कि कुपोषण के कारण पांच साल से कम आयु के 69 प्रतिशत बच्चों ने अपना जीवन गंवा दिया और अब समय आ गया है कि राज्यों में सामुदायिक रसोई स्थापित करने के लिए कदम उठाएं जाएं। मामले में सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी। कुपोषण इस प्रकार एक जटिल समस्या है, जो बच्चों को सबसे अधिक प्रभावित करता है। हम ब्राजील से सीख सकते हैं, जहां भूख और कुपोषण को राष्ट्रीय लज्जा माना जाता है। यह वास्तव में घरेलू खाद्य असुरक्षा का सीधा परिणाम है।</p>
<p>किसानों के नगदी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के कारण खाद्य संकट और गहरा सकता है। हाल ही में जनवितरण प्रणाली को समाप्त करने के सरकार के प्रयास इस ओर इशारा करते हैं। कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए समाज और घर में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करना होगा। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने, गुणवत्ता पूर्ण पानी की पहुंच बढ़ाने और स्वच्छता पर ध्यान देना होगा। केंद्र को सार्वजनिक वितरण योजना के बाहर रह गए लोगों के लिए राष्ट्रीय फूड ग्रिड तैयार कराना चाहिए।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/125877/concern-over-malnutrition</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/125877/concern-over-malnutrition</guid>
                <pubDate>Sat, 23 Oct 2021 01:46:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2021-10/baby3.jpg"                         length="54707"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        