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                <title>देवभूमि - Amrit Vichar</title>
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                <description>देवभूमि RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने किया 38वें राष्ट्रीय खेलों का भव्य समापन     </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार, हल्द्वानी।</strong> केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में अंतरराष्ट्रीय  स्टेडियम गोलापार, हल्द्वानी में 38वें राष्ट्रीय खेल का समापन समारोह आयोजित किया गया। भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी. ऊषा ने 38वें राष्ट्रीय खेल के समापन की घोषणा की। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह मंत्री ने प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले सर्विसेज, महाराष्ट्र और हरियाणा को सम्मानित किया।  </p>
<p><strong>उत्तराखंड के हर जिले में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार</strong></p>
<p>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखण्ड के चारों धामों के देवी देवताओं को प्रणाम करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री  धामी ने उत्तराखंड के हर जिले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/522417/union-home-minister-shah-concluded-the-38th-national-games"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/1542621f-1649-451f-b1db-f96818058ff1.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार, हल्द्वानी।</strong> केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में अंतरराष्ट्रीय  स्टेडियम गोलापार, हल्द्वानी में 38वें राष्ट्रीय खेल का समापन समारोह आयोजित किया गया। भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी. ऊषा ने 38वें राष्ट्रीय खेल के समापन की घोषणा की। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह मंत्री ने प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले सर्विसेज, महाराष्ट्र और हरियाणा को सम्मानित किया।  </p>
<p><strong>उत्तराखंड के हर जिले में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार</strong></p>
<p>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखण्ड के चारों धामों के देवी देवताओं को प्रणाम करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री  धामी ने उत्तराखंड के हर जिले में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो गया है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री ने देवभूमि को राष्ट्रीय खेलों के नक्शे पर 25वें स्थान से 7वें स्थान पर लाने का कार्य किया है। राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के विजेता खिलाड़ियों ने देवभूमि को खेल भूमि बनाया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने सभी उत्तराखंड के विजेता खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। </p>
<p><strong>उत्तराखंड की मेजबानी का देशभर में गुणगान</strong></p>
<p>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड की आयोजन समिति एवं खेल संगठनों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए पूरे देश में उत्तराखंड की तारीफ हो रही है। पूरा देश उत्तराखंड द्वारा की गई शानदार व्यवस्थाओं के गुणगान कर रहा है। भौगोलिक कठिनाइयों के बावजूद उत्तराखंड राज्य ने मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में इस कार्य को कुशलतापूर्वक सम्पन्न किया है। उन्होंने 38वें राष्ट्रीय खेल के सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हार और जीत का खेल से मतलब नहीं है। जीत का जज्बा और हार से निराश न होना, ये खेल का संदेश है। हारने वाले खिलाड़ियों के लिए अगली बार मेडल लाने का मौका है। </p>
<p><br />केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में 38वें राष्ट्रीय खेलों में इको- फ्रेंडली प्रैक्टिसेज एवं इको फ्रेंडली गेम को धरातल में उतारा गया है। खिलाड़ियों के नाम पर पौधारोपण किया गया। राष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ियों द्वारा कई नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए गए हैं, इन रिकॉर्डों से अंतरराष्ट्रीय खेलों में भी भारत के लिए पदक की उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा राष्ट्रीय खेलो की यह मशाल उत्तराखंड से अब मेघालय जाएगी। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने यह निर्णय लिया है कि नॉर्थ ईस्ट के सभी राज्यों में कुछ खेलों के आयोजन से पूरे नॉर्थ ईस्ट को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने मेघालय के मुख्यमंत्री संगमा को आगामी राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी। </p>
<p><strong>हार से लें जीत की प्रेरणा</strong></p>
<p>केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के वातावरण में सकारात्मक बदलाव आया है। देश भर के कई जिलों में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर, कोचिंग की व्यवस्था, खिलाड़ियो को प्रोत्साहन और पारदर्शी चयन के माध्यम से आज विश्व के खेल पटल पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है।  केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा भारत के खेलों का भविष्य उज्ज्वल है। खेलों में हर बार नए कीर्तिमान स्थापित हो इसकी व्यवस्था केंद्रीय खेल मंत्री ने की है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मोदी ने फिट इंडिया और खेलो इंडिया के माध्यम से युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाया है। खेल हमें हारने के बाद जितने के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।</p>
<p><strong>प्रधानमंत्री को खेल मित्र मानता है हर खिलाड़ी</strong></p>
<p><strong>केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा</strong> कि सफलता सिर्फ शारीरिक क्षमता से नहीं बल्कि दृढ़ निश्चय और मजबूत मन से प्राप्त होती है। अथक परिश्रम और निरंतर प्रयास खिलाड़ियों को आगे ले जाएगी। इन सभी के माध्यम से खिलाड़ी मेडल तक की यात्रा तय कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए। आज हर खिलाड़ी प्रधानमंत्री मोदी को खेल मित्र के रूप में मानता है। उन्होंने कहा 2014 में खेल बजट 800 करोड़ था, जो 2025 - 26 में खेल बजट 3800 करोड़ तक पहुंचाया है। अंतरराष्ट्रीय मंचों में भी हमारे खिलाड़ियों ने तिरंगे का मान बढ़ाया है। खिलाड़ियों के मेडल से पता लगता है कि देश में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और जीतने की भूख में बढ़ोतरी हुई है। <br /> <br /><strong>केंद्रीय खेल एवं युवा मामलों के मंत्री मनसुख मांडविया ने </strong>38 राष्ट्रीय खेलों के शानदार आयोजन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के आयोजना के बाद देवभूमि उत्तराखण्ड खेलभूमि भी बन गई है। उन्होंने इस राष्ट्रीय खेल में पदक प्राप्त करने वाले सभी खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश स्पोर्ट्स हब बने इसकी शुरूआत आज से हुई है। </p>
<p><strong>भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी. ऊषा </strong>ने कहा कि बहुत कम समय मिलने के बावजूद भी उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय खेल की हर स्पर्धा का शानदार आयोजन हुआ। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में खेल और खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई। खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने कहा कि खिलाड़ियों ने संकल्प से शिखर तक को आत्मसात कर उत्तराखण्डियों को गर्व से अभिभूत किया। राज्य की रजत जयंती को स्वर्णिम बनाया है। हमारे खिलाड़ियों ने उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में आगे बढ़ाया है। उत्तराखंड की जनता ने राष्ट्रीय खेल के महा आयोजन को सफल बनाया है</p>
<p><strong>इस अवसर पर मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद  महेन्द्र भट्ट, सांसद अजय भट्ट सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि,गणमान्य नागरिक,खेलों से जुड़े खिलाड़ी,शासन के अधिकारी आदि उपस्थित थे।इससे पूर्व मुख्य अतिथि का हल्द्वानी सेना हैलीपैड से गौलापार तक स्थानीय  लोक कलाकारों, लोक संस्कृति, सास्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भव्य स्वागत किया गया।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Feb 2025 19:31:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देवभूमि व वीरभूमि के साथ अब खेलभूमि बना उत्तराखंड</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार, देहरादून। </strong>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को टिहरी झील कोटी कॉलोनी में 38वें राष्ट्रीय खेलों के अन्तर्गत आयोजित कयाकिंग-कैनोइंग प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने 1000 मीटर हीट कयाकिंग मेन्स प्रतियोगिता में स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक विजेताओं को मेडल और सोविनियर से सम्मानित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री की पत्नी गीता धामी भी मौजूद रहीं। उक्त प्रतियोगिता में उत्तराखंड के प्रभात कुमार ने स्वर्ण पदक, एसएससीबी ने रजत तथा दिल्ली ने कांस्य पदक जीता।</p>
<p>  </p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि, वीरभूमि के बाद अब खेलभूमि के रूप में स्थापित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/521952/uttarakhand-now-becomes-sportsman-with-devbhoomi-and-veer-bhoomi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/img-20250212-wa0089.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार, देहरादून। </strong>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को टिहरी झील कोटी कॉलोनी में 38वें राष्ट्रीय खेलों के अन्तर्गत आयोजित कयाकिंग-कैनोइंग प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने 1000 मीटर हीट कयाकिंग मेन्स प्रतियोगिता में स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक विजेताओं को मेडल और सोविनियर से सम्मानित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री की पत्नी गीता धामी भी मौजूद रहीं। उक्त प्रतियोगिता में उत्तराखंड के प्रभात कुमार ने स्वर्ण पदक, एसएससीबी ने रजत तथा दिल्ली ने कांस्य पदक जीता।</p>
<p> </p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि, वीरभूमि के बाद अब खेलभूमि के रूप में स्थापित हो रहा है। राज्य में 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करना पहला और सुखद अनुभव है। 28 जनवरी से 38वें राष्ट्रीय खेलों का भव्य आयोजन हो रहा है। सारी खेल प्रतियोगिताएं उत्तराखण्ड के 11 अलग-अलग स्थानों पर आयोजित की गई, खिलाड़ियों के लिए सारे खेल ट्रैक बनाए गए तथा कोई भी खेल उपकरण बाहर से नहीं लाए गए। जहां 37वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड 25वें स्थान पर रहा था वहीं अब हमारा राज्य 38वें राष्ट्रीय खेलों में 7 स्थान पर है।</p>
<p> </p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी झील ऊर्जा उत्पादन के साथ ही पर्यटन और साहसिक खेलों के लिए अन्यन्त अनुकूल है। यह वाटर स्पोर्ट्स का बहुत बड़ा हब बनेगा। यहां पर पहले भी राष्ट्रीय/अन्र्तराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गई हैं और आगे भी खेलों का क्रम सालभर चलता रहे यह प्रयास किए जाएंगे। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा स्थानीय आर्थिकी को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, प्रदेश को ड्रग्स फ्री करने का संकल्प लिया गया है, निश्चित ही यह दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। उन्होंने अन्य राज्यों से आये खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों को देवभूमि उत्तराखण्ड के विभिन्न पर्यटक स्थलों का भ्रमण पर जाने की बात कही।</p>
<p> </p>
<p>टिहरी झील में 38वें राष्ट्रीय खेल के अन्तर्गत तीन दिवसीय कयाकिंग कैनोइंग प्रतियोगियों में 16 राज्यों के 160 खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं, जिनमें उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उड़ीसा, मणिपुर, कर्नाटक, केरल, पंजाब, चंडीगढ़, एसएससीबी आदि के 80 महिला खिलाड़ी एवं 80 पुरुष खिलाड़ी शामिल हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Feb 2025 09:55:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देवभूमि में बाहुबली प्रदर्शन शर्मनाक और अक्षम्य: हाईकोर्ट  </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नैनीताल, अमृत विचार: </strong>हाईकोर्ट ने खानपुर में निर्दलीय विधायक उमेश कुमार और पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन के बीच मारपीट और गोलीबारी की घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए टिप्पणी की है कि देवभूमि में बाहुबली प्रदर्शन शर्मनाक व अक्षम्य है। साथ ही, हरिद्वार के जिलाधिकारी (डीएम) व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए।</p>
<p>  वर्तमान व पूर्व विधायक के बीच सरेआम हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी और अपशब्दों के प्रयोग के वीडियो व समाचार प्रिंट एवं इलेक्टॉनिक मीडिया की सुर्खियां बनने से उत्तराखंड की छवि खराब होने से चिंतित हाईकोर्ट के अवकाशकालीन पीठ</p>
<p><strong>हाईकोर्ट</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/518927/bahubali-performance-in-devbhoomi-shameful-and-unforgivable-high-court"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/high-court-uttarakhand-shift-nainital-to-haldwani-98993533.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नैनीताल, अमृत विचार: </strong>हाईकोर्ट ने खानपुर में निर्दलीय विधायक उमेश कुमार और पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन के बीच मारपीट और गोलीबारी की घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए टिप्पणी की है कि देवभूमि में बाहुबली प्रदर्शन शर्मनाक व अक्षम्य है। साथ ही, हरिद्वार के जिलाधिकारी (डीएम) व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए।</p>
<p> वर्तमान व पूर्व विधायक के बीच सरेआम हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी और अपशब्दों के प्रयोग के वीडियो व समाचार प्रिंट एवं इलेक्टॉनिक मीडिया की सुर्खियां बनने से उत्तराखंड की छवि खराब होने से चिंतित हाईकोर्ट के अवकाशकालीन पीठ के न्यायाधीश न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने घटना का स्वतः संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अश्विनी कुमार उपाध्याय बनाम यूनियन ऑफ इंडिया में पारित आदेशों का पालन न होने पर चिंता व्यक्त की। इस आदेश में राजनीति  का अपराधीकरण रोकने को लेकर दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। </p>
<p><strong>हाईकोर्ट में पेश हुए डीएम, एसएसपी</strong><br />हाईकोर्ट के निर्देश पर मंगलवार दोपहर बाद डीएम और एसएसपी हरिद्वार वर्चुअल माध्यम से हाईकोर्ट में पेश हुए। कोर्ट को बताया कि, वर्तमान व पूर्व विधायक दोनों को गिरफ्तार किया गया। प्रणव सिंह जेल में हैं और उमेश कुमार जमानत पर हैं। दोनों आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं और उनको दी गई सुरक्षा हटाने की सरकार समीक्षा कर रही है। दोनों के खिलाफ विभिन्न न्यायालयों में 19-19 मुकदमे लंबित हैं।</p>
<p><strong>12 को दें शपथ पत्र के साथ रिपोर्ट</strong><br />हाईकोर्ट ने सुनवाई की अगली तिथि 12 फरवरी नियत करते हुए डीएम व एसएसपी को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही, दोनों के खिलाफ चल रहे मुकदमों, आपराधिक रिकॉर्ड, 25 व 26 जनवरी 2025 को हुई घटनाओं की वीडियो क्लिप, आरोपियों के खिलाफ की गई कार्यवाही रिपोर्ट आदि शपथ पत्र के साथ कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jan 2025 18:44:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: हिमालयी राज्यों में देवभूमि की महिलाओं की स्थिति दोयम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड की महिलाओं की स्थिति बेहतर नहीं है। कुछ मामलों में 10 हिमालयी राज्यों में सबसे निचले पायदान पर है। राज्य गठन के बाद भी महिलाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर कोई भी सरकार बेहतर काम नहीं कर पाई है। जिस वजह से ये शर्मनाक आंकड़ा हमारे सामने हैं। <br /><br /><strong>शिक्षा के मामले में पिछड़ गईं देवभूमि की महिलाएं</strong><br />हल्द्वानी। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी की गई पिछली रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड में छह साल से ऊपर की महिलाएं जो कभी स्कूल गईं हों, ऐसी महिलाओं का प्रतिशत 75.2</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/417094/status-of-women-of-devbhoomi-secondary-in-haldwani-himalayan-states"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-11/capture19.png" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड की महिलाओं की स्थिति बेहतर नहीं है। कुछ मामलों में 10 हिमालयी राज्यों में सबसे निचले पायदान पर है। राज्य गठन के बाद भी महिलाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर कोई भी सरकार बेहतर काम नहीं कर पाई है। जिस वजह से ये शर्मनाक आंकड़ा हमारे सामने हैं। <br /><br /><strong>शिक्षा के मामले में पिछड़ गईं देवभूमि की महिलाएं</strong><br />हल्द्वानी। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी की गई पिछली रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड में छह साल से ऊपर की महिलाएं जो कभी स्कूल गईं हों, ऐसी महिलाओं का प्रतिशत 75.2 है वहीं उत्तराखंड से अच्छी स्थिति मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, मणिपुर, हिमाचल राज्यों की है। उत्तराखंड इस मामले में 10 राज्यों में 9वें नंबर पर है। उत्तराखंड महिलाओं को स्कूल भेजने के मामले में केवल अरूणाचल प्रदेश से ही आगे है। 15 से 49 साल की महिलाओं में साक्षरता के मामले में उत्तराखंड की हिमालयी राज्यों में स्थिति थोड़ी बेहतर है। इसे मामले में उत्तराखंड त्रिपुरा, जम्मू-कश्मीर, अरूणाचल प्रदेश से आगे है।<br /><br /><strong>नवजातों को बचाने में भी हम सबसे पिछड़े राज्यों में </strong><br />हल्द्वानी। हिमालयी राज्यों में नवजातों को बचाने के मामले में उत्तराखंड की सबसे बुरी स्थिति है। उत्तराखंड में प्रति 1000 शिशु जन्म दर पर औसतन  39.1 बच्चों की मौत हो जाती है। हमसे आगे सभी हिमालयी राज्य है। इस मामले में हिमालयी राज्यों में सबसे बेहतरीन स्थिति सिक्किम की है। सिक्किम में प्रति 1000 शिशु जन्म दर पर औसतन 11.2 बच्चों की मौत होती है। <br /><br /><strong>परिवार में निर्णय लेने पर पांचवें नंबर पर</strong><br />हल्द्वानी। एनएफएचएस की रिपोर्ट के अनुसार परिवार में निर्णय लेने के मामले में उत्तराखंड की महिलाएं हिमालयी राज्यों में पांचवें नंबर पर हैं। उत्तराखंड में 91 प्रतिशत महिलाएं घरेलू निर्णयों में भाग लेतीं हैं। सबसे बेहतरीन स्थिति नागालैंड की महिलाओ की है। वहां ये प्रतिशत 98.8 है। अरूणाचल प्रदेश में 87 प्रतिशत और जम्मू कश्मीर में 81.6 प्रतिशत के साथ ये आंकड़ा सबसे कम है। <br /><br /></p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2023-11/capture19.png" alt="Capture"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Nov 2023 12:41:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तराखंड: देवों की झील देवरिया...जहां आकर मिट जाएगी आपकी थकान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>उत्तराखंड, अमृत विचार। </strong>देवभूमि के रुद्रप्रयाग में पहाड़ों के बीच में स्थित एक मनोरम झील है। हर वर्ष लाखों पर्यटक इस झील के लिए ट्रैक करते हैं। यह झील अपने धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। इस झील के पास में पंचकेदार में से एक तुंगनाथ मंदिर भी स्थित है जहां ट्रेक करके पहुंचा जा सकता है। इस झील का मुख्य आकर्षण इसके पानी में बनते आसपास के पहाड़ों की चोटियों के प्रतिबिम्ब हैं जिसे देखने दूर-दूर से सैलानी यहां आते हैं। इसके साथ ही इसका संबंध देवताओं व महाभारत काल से भी है।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2023-07/devoria-tal-1536x1028.jpg" alt="devoria-tal-1536x1028" /></p>
<p>देवरिया झील उखीमठ के पास सारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/388758/deoria-the-lake-of-the-gods-of-uttarakhand-where-your"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-07/deoriatal.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>उत्तराखंड, अमृत विचार। </strong>देवभूमि के रुद्रप्रयाग में पहाड़ों के बीच में स्थित एक मनोरम झील है। हर वर्ष लाखों पर्यटक इस झील के लिए ट्रैक करते हैं। यह झील अपने धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। इस झील के पास में पंचकेदार में से एक तुंगनाथ मंदिर भी स्थित है जहां ट्रेक करके पहुंचा जा सकता है। इस झील का मुख्य आकर्षण इसके पानी में बनते आसपास के पहाड़ों की चोटियों के प्रतिबिम्ब हैं जिसे देखने दूर-दूर से सैलानी यहां आते हैं। इसके साथ ही इसका संबंध देवताओं व महाभारत काल से भी है।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2023-07/devoria-tal-1536x1028.jpg" alt="devoria-tal-1536x1028"></img></p>
<p>देवरिया झील उखीमठ के पास सारी गांव से 2 से 3 किलोमीटर ऊपर स्थित है। समुंद्र तल से इसकी ऊंचाई 2,438 मीटर (8,000 फीट) है। यहां पहुंचने के लिए आपको पहले सारी गांव पहुंचना होगा जो तुंगनाथ जाते समय चोपता के रास्ते में पड़ता हैं। इस गाँव से 2 से 3 किलोमीटर ऊपर ट्रेक करके इस सुंदर झील तक पहुंचा जा सकता है।कुछ लोग चोपता से तुंगनाथ मंदिर का ट्रेक करते हैं तो कुछ देवरिया ताल झील से भी वहां पहुंचते हैं। चोपता से तुंगनाथ का ट्रेक छोटा है तो वही देवरिया ताल से इसे करने में 3 से 4 दिन का समय लग जाता है। देवरिया ताल से तुंगनाथ के ट्रेक का इस्तेमाल मुख्यतया ट्रेवल व ट्रैकिंग कंपनियों के द्वारा किया जाता हैं।</p>
<p>इस झील से जुड़ीं दो कथाएं जुड़ी हुई हैं, सनातन धर्म के अनुसार स्वर्ग लोक में देवी-देवता निवास करते हैं तथा वे समय-समय पर पृथ्वी की यात्रा पर आया करते हैं। मान्यता है कि इंद्र देव व बाकि देवता इसी देवरिया ताल झील में स्नान किया करते थे। इसी कारण इसका नाम देवों की झील या देवरिया ताल पड़ा। इसी के साथ इसका दूसरा नाम इंद्र सरोवर भी है अर्थात देव इंद्र के स्नान करने का सरोवर। </p>
<p>मान्यता यह भी है कि पांडवों को द्यूत खेल के बाद 13 वर्ष का वनवास काल मिला था और इस दौरान यक्ष ने पांचों पांडवों से प्रश्न इसी झील के पास पूछे थे। एक अलग मान्यता के अनुसार यक्ष ने पांडवों से प्रश्न पाकिस्तान के कटासराज मंदिर के सरोवर में पूछे थे। देवरिया ताल के निर्माण के लिए भी पांडवों का योगदान बताया गया है। एक और मान्यता के अनुसार, जब पांडवों को प्यास लगी थी तब भीम ने अपनी शक्ति से देवरिया ताल झील का निर्माण किया था जिससे सभी पांडवों की प्यास बुझी थी। इसी के साथ यक्ष भी इसी झील में निवास करते हैं, ऐसी मान्यता भी प्रचलित है। </p>
<p>देवरिया ताल के आसपास घने जंगल, असंख्य वृक्ष, रंग-बिरंगे पुष्प व पशु-पक्षी देखने को मिलते हैं। इसे उत्तराखंड का बुग्याल क्षेत्र भी कहा जाता है। झील का पानी एक दम साफ है जिसमें आसपास के पहाड़ों की चोटियों के प्रतिबिंब स्पष्ट रूप से दिखता है। यहां से नीलकंठ, केदारनाथ, कालानाग, बंदरपूँछ इत्यादि चोटियों के प्रतिबिम्ब भी देखने को मिलते हैं। </p>
<p>देवरिया ताल पहुंचना बहुत आसान और सुगम है सबसे पहले आपको सारी गांव पहुंचना होगा क्योंकि यहीं से झील का सबसे छोटा और मुख्य ट्रेक शुरू होता हैं। यहां से देवरिया झील बस 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है जिसे पूरा करने में लगभग 1 से 2 घंटे का समय लगता है। ट्रेक ज्यादा मुश्किल भी नही है और रास्ते में आप घने जंगलों से होते हुए निकलते हैं जहां सुगंधित पुष्प व कई तरह के पक्षियों के चहचहाहट सुनने को मिलेगी। </p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2023-07/img35.jpg" alt="Img35"></img></p>
<p>यहां पर रुकने के लिए अपना टेंट व खाना आदि साथ लेकर आये क्योंकि ज्यादातर कैंप ट्रेवल कंपनियों के द्वारा पहले से बुक किये गए लोगों को ही दिए जाते हैं। इसके अलावा आप देवरिया ताल घूमकर वापस नीचे सरी गांव में आ सकते हैं। यहां स्थानीय लोगों के द्वारा किराया लेकर होमस्टे की सुविधा भी दी जाती है। इसके अलावा आप वापस उखीमठ जा सकते हैं जहां आपको सरकारी विश्रामगृह, बड़े होटल, हॉस्टल, लॉज इत्यादि सभी सुविधाएं आसानी से मिल जाएं गी।</p>
<p>देवरिया ताल सैलानियों के लिए 12 महीने खुला रहता है यहां आप कभी भी आ सकते हैं। मुख्यतया लोग मई से नवंबर के बीच में यहां आते हैं क्योंकि उस समय हल्की ठंड पड़ती है और तुंगनाथ मंदिर भी खुला रहता है। यदि आप बर्फबारी का मजा लेना चाहते हैं तो दिसंबर से फरवरी के महीने में यहां जा सकते हैं। इस दौरान यहां भीषण बर्फबारी होती है और लगभग 10-10 फुट तक बर्फ जम जाती है। इस समय सारी गाँव से चोपता तक का रास्ता भी बंद हो जाता है जिस कारण तुंगनाथ मंदिर भी बंद हो जाता है।</p>
<p>हालांकि सारी गांव से देवरिया ताल होते हुए तुंगनाथ मंदिर और फिर चंद्रशिला पहाड़ी पहुंचा जा सकता है क्योंकि यह रास्ता वर्षभर खुला रहता है। देवरिया ताल से आप तुंगनाथ मंदिर, चंद्रशिला पीक, चोपता गांव, उखीमठ के मंदिर, कस्तूरी मृग अभ्यारण्य, रुद्रनाथ मंदिर,अनुसूया माता मंदिर, कल्पेश्वर महादेव मंदिर, गोपीनाथ मंदिर, कालीमठ, गौरीकुंड, मनसा देवी मंदिर भी घूमने जा सकते हैं। तो अब देर किस बात की मौसम के हालात को देखते हुए आप निकल पढ़िए एक शानदार ट्रैक पर।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>Tourism</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Jul 2023 17:09:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: देवभूमि में लैंड जिहाद बर्दाश्त नहीं, सरकार की ओर से होगी सख्त कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> देवभूमि उत्तराखंड में लैंड जिहाद पर भाजपा का रवैया सख्त होता दिख रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बाद केंद्रीय रक्षाराज्य मंत्री अजय भट्ट ने भी लैंड जिहाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। </p>
<p class="MsoNormal">केंद्रीय रक्षाराज्य मंत्री भट्ट ने कहा कि भाजपा की सरकार किसी के भी खिलाफ नहीं है लेकिन तुष्टिकरण की आड़ में लैंड जिहाद नहीं होने दिया जाएगा। चाहे किसी भी धर्म, संप्रदाय, पंथ या जाति का व्यक्ति है, उसने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किया है तो यह गलत है इसके खिलाफ सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p class="MsoNormal">उन्होंने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/358959/land-jihad-will-not-be-tolerated-in-haldwani-devbhoomi-strict"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-04/land_jihad.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> देवभूमि उत्तराखंड में लैंड जिहाद पर भाजपा का रवैया सख्त होता दिख रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बाद केंद्रीय रक्षाराज्य मंत्री अजय भट्ट ने भी लैंड जिहाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। </p>
<p class="MsoNormal">केंद्रीय रक्षाराज्य मंत्री भट्ट ने कहा कि भाजपा की सरकार किसी के भी खिलाफ नहीं है लेकिन तुष्टिकरण की आड़ में लैंड जिहाद नहीं होने दिया जाएगा। चाहे किसी भी धर्म, संप्रदाय, पंथ या जाति का व्यक्ति है, उसने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किया है तो यह गलत है इसके खिलाफ सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p class="MsoNormal">उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक भावनाओं को ढाल बनाकर वन, नजूल, राजस्व या अन्य सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। इससे पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी लैंड जिहाद को जड़ से उखाड़ फेंकने का दावा किया था। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1 हजार से अधिक मजारों का सर्वे किया था जब उनके नीचे खोदा गया तो कोई अवशेष नहीं मिला था। सीएम ने भी चेतावनी दी थी कि ऐसे लोग स्वयं अतिक्रमण हटा लें वरना  उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Apr 2023 17:49:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रामनगर:  G 20 - बयां करने लगी है दीवारों पर उकेरी तस्वीरें देवभूमि की संस्कृति                </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रामनगर, अमृत विचार।</strong> जी 20 सम्मेलन में आने वाले अतिथियो को जगह जगह  उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक एवम समाजिक परिवेश का ताना बाना दीवारों पर उकेरे गए चित्रों के माद्यम से भी देखने को मिलेगा। सरकारी सम्पत्तियों पर जगह जगह शानदार वाल पेंटिंग का काम भी इस समय युद्ध स्तर पर जारी है।</p>
<p>जी सम्मेलन की तैयारियों के सिलसिले में रामनगर विधानसभा के अनेक क्षेत्रों की तस्वीर बदलती साफ नजर आने लगी है। कल तक  जो दीवारें सूनी सूनी दिख रही थी वह आज रंग रोगन होने के साथ साथ अलग अलग चित्रों से भर दिए जाने से सबको अपनी ओर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/350329/ramnagar-g-20-pictures-engraved-on-the-walls-have"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-03/whatsapp-image-2023-03-12-at-17.06.30.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रामनगर, अमृत विचार।</strong> जी 20 सम्मेलन में आने वाले अतिथियो को जगह जगह  उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक एवम समाजिक परिवेश का ताना बाना दीवारों पर उकेरे गए चित्रों के माद्यम से भी देखने को मिलेगा। सरकारी सम्पत्तियों पर जगह जगह शानदार वाल पेंटिंग का काम भी इस समय युद्ध स्तर पर जारी है।</p>
<p>जी सम्मेलन की तैयारियों के सिलसिले में रामनगर विधानसभा के अनेक क्षेत्रों की तस्वीर बदलती साफ नजर आने लगी है। कल तक  जो दीवारें सूनी सूनी दिख रही थी वह आज रंग रोगन होने के साथ साथ अलग अलग चित्रों से भर दिए जाने से सबको अपनी ओर आकर्षित करती दिखाई देने लगी है।</p>
<p>या यूं कहें कि बेजान दीवारों पर बने चित्रों को देखकर लगने लगा है कि जैसे यह अभी जीवंत होकर बोलने लगेंगी। इतना ही नही अभी तैयारियों का यह आधा काम हुआ है। शासन प्रसाशन पूरी तरह अतिथियो के स्वागत सत्कार के साथ साथ क्षेत्र की सुंदरता को चार चांद लगाने में कोई कसर नही छोड़ना चाहता। रामनगर से ढिकुली को जाने वाला मार्ग हो, या बाजपुर  बन्नाखेड़ा बाया बैलपड़ाव मार्ग हो, हर जगह के दिन बहुरने लगे है । रामनगर महाविद्यालय की दीवारों के बाहर खूबसूरत पेंटिंग के जरिए दर्शायी जा रही उत्तराखंड की संस्कृति ने रामनगर को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध कर दिया है।</p>
<p>रामनगर कि शहरी जनता का सैरगाह कहे जाने वाला  कोसी बैराज अप्रत्याशित रूप से अपनी खूबसूरती में इजाफा करने जा रहा है। क्या केंद्र, क्या प्रदेश की सरकार दोनों सरकारों के आला अधिकारियों  की निगाहें रामनगर में होने वाले जी20 सम्मेलन पर टिकी है। बता दे कि इस सम्मेलन में 75 विदेशी ओर 25 भारतीयों के शामिल होने की पुष्टि हो चुकी है।</p>
<p>कोसी नदी पर बने बाई पास पुल के समीप,इसमें रामनगर से ढिकुली को जाने वाले मार्ग पर जो भी अतिक्रमण था सब  हटाया गया है। बोर्ड ,होटल्स, स्कूल ,मार्ग के किनारे स्थित भवनों पर बेहतरीन रंगाई पुताई की जाने लगी है। सड़को के काया कल्प की भी तैयारी भी होने लगी है। अब लोग कहने लगे है काश ऐसे सम्मेलन रामनगर में साल में एक बार होते रहते तो कितना अच्छा होता।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>रामनगर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Mar 2023 17:18:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली : उत्तरायणी मेले का हुआ आगाज, देखिए देवभूमि की संस्कृति से रू-ब-रू करातीं तस्वीरें </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> उत्तराखंड की संस्कृति को करीब से देखने का इंतजार आज खत्म हो गया। बरेली क्लब में उत्तरायणी जनकल्याण समिति द्वारा आयोजित तीन दिवसीय उत्तरायणी मेले की बड़े ही हर्षोल्लास के साथ औपचारिक शुरुआत हो गई है। बता दें कि कार्यक्रम में पहुंचे मुख्य अतिथि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के माथे पर तिलक लगाकर उत्तराखंड की परंपरा के अनुसार स्वागत किया गया। जिसके बाद राज्यपाल ने गोल्ज्यू महाराज के जयकारों के बीच फीता काटकर उत्तरायणी मेले का विधि-विधान  से उद्घाटन किया। इस मौके पर कैंट से बीजेपी विधायक संजीव अग्रवाल समेत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/333350/bareilly-uttarayani-fair-begins-see-the-pictures-that-make-you-face-to-face-with-the-culture-of-devbhoomi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-01/51.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> उत्तराखंड की संस्कृति को करीब से देखने का इंतजार आज खत्म हो गया। बरेली क्लब में उत्तरायणी जनकल्याण समिति द्वारा आयोजित तीन दिवसीय उत्तरायणी मेले की बड़े ही हर्षोल्लास के साथ औपचारिक शुरुआत हो गई है। बता दें कि कार्यक्रम में पहुंचे मुख्य अतिथि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के माथे पर तिलक लगाकर उत्तराखंड की परंपरा के अनुसार स्वागत किया गया। जिसके बाद राज्यपाल ने गोल्ज्यू महाराज के जयकारों के बीच फीता काटकर उत्तरायणी मेले का विधि-विधान  से उद्घाटन किया। इस मौके पर कैंट से बीजेपी विधायक संजीव अग्रवाल समेत तमाम नेता और अधिकारीगण मौजूद रहे। </p>
<p>अगर बात करें मेला परिसर की तो यहां ज्यादातर उत्तराखंड से आए व्यापारियों द्वारा स्टॉल लगाए गए हैं, जहां उत्तराखंड की संस्कृति से रू-ब-रू कराती तमाम वस्तुएं उपलब्ध हैं, इसके साथ ही यहां पर तरह-तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी कराए जा रहे हैं। </p>
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<p dir="ltr" lang="zxx" xml:lang="zxx"><a href="https://t.co/hL2OTAW3Bt">pic.twitter.com/hL2OTAW3Bt</a></p>
— Amrit Vichar (@AmritVichar) <a href="https://twitter.com/AmritVichar/status/1613844607800070149?ref_src=twsrc%5Etfw">January 13, 2023</a></blockquote>

</div>
<p>

</p>
<p>वहीं मेले के उद्घाटन से पहले शहर के बीचों-बीच स्थित कोतावली के सामने डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क में विधायक संजीव अग्रवाल ने उत्तरायणी मेले के शुभारंभ से पहले रंगयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रंगयात्रा में उत्तराखंड से आए तमाम कलाकार विशेष परिधान पहनकर बरेली के चौक-चौराहों पर पहाड़ी संस्कृति की छटा बिखरते नजर आए। रंगयात्रा में शामिल कलाकार सिर से लेकर पैर तक रंग-बिरंगे सुसज्जित वस्त्र-आभूषण पहने हुए थे। </p>
<p>जिनके सिर पर पगड़ी, पैरों में घुंघरू और श्रृंगार के साथ ही चेहरे पर गजब की भाव-भंगिमाएं कला को प्रदर्शित कर रही थीं। रंगयात्रा में कलाकर जगह-जगह एक-दूसरे के ऊपर खड़े होकर पिरामिड बना रहे थे। इसके साथ ही नृतक और नृत्यांगनाएं यहां पहाड़ के लोकनत्य छोलिया से शहरवासियों का मनोरंजन करा रहे थे।<br /><br /><br /><img src="https://www.amritvichar.com/media/2023-01/55.jpg" alt="55"></img><br /><img src="https://www.amritvichar.com/media/2023-01/51.jpg" alt="5"></img><br /><img src="https://www.amritvichar.com/media/2023-01/34.jpg" alt="3"></img><img src="https://www.amritvichar.com/media/2023-01/210.jpg" alt="2"></img><img src="https://www.amritvichar.com/media/2023-01/138.jpg" alt="1"></img><img src="https://www.amritvichar.com/media/2023-01/whatsapp-image-2023-01-13-at-3.58.44-pm.jpeg" alt="WhatsApp Image 2023-01-13 at 3.58.44 PM"></img><img src="https://www.amritvichar.com/media/2023-01/whatsapp-image-2023-01-13-at-3.58.43-pm-(1).jpeg" alt="WhatsApp Image 2023-01-13 at 3.58.43 PM (1)"></img><img src="https://www.amritvichar.com/media/2023-01/whatsapp-image-2023-01-13-at-3.58.43-pm.jpeg" alt="WhatsApp Image 2023-01-13 at 3.58.43 PM"></img><img src="https://www.amritvichar.com/media/2023-01/whatsapp-image-2023-01-13-at-3.58.42-pm.jpeg" alt="WhatsApp Image 2023-01-13 at 3.58.42 PM"></img><img src="https://www.amritvichar.com/media/2023-01/whatsapp-image-2023-01-13-at-3.58.41-pm.jpeg" alt="WhatsApp Image 2023-01-13 at 3.58.41 PM"></img><img src="https://www.amritvichar.com/media/2023-01/whatsapp-image-2023-01-13-at-3.58.38-pm.jpeg" alt="WhatsApp Image 2023-01-13 at 3.58.38 PM"></img><br /><br /></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/333335/bhagat-singh-koshyari-inaugurated-bareilly-three-day-uttarayani-fair-watch-video#gsc.tab=0">बरेली: तीन दिवसीय उत्तरायणी मेले का आगाज, भगत सिंह कोश्यारी ने किया शुभारंभ, देखें Video</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/333350/bareilly-uttarayani-fair-begins-see-the-pictures-that-make-you-face-to-face-with-the-culture-of-devbhoomi</link>
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                <pubDate>Fri, 13 Jan 2023 16:43:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Himanshu Bhakuni]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नैनीताल: किराए में वृद्धि पर सभासद और सफाईकर्मी आमने-सामने</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नैनीताल, अमृत विचार।</strong> नगर पालिका के आवासों में लंबे समय से किराए पर रह रहे लोगों के आवासों का किराया तीन हजार रुपये प्रति माह किए जाने के फैसले के बाद अब नगर पालिका के सभासद और देवभूमि सफाई कर्मचारी संघ आमने-सामने आ गया है। </p>
<p>शुक्रवार को बड़ा बाजार क्षेत्र के सभासद मोहन नेगी ने पालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर किराए में वृद्धि के फैसले को वापस लेने की मांग की थी। सभासद का कहना था कि पालिका गरीब तबके के लोगों से अधिक किराया ले रही है।</p>
<p>लिहाजा पूर्व की भांति किराया लिया जाए अन्यथा उनके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/331883/nainital--councilor-and-sweeper-face-to-face-on-increase-in-rent"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-01/किराया-वृद्धि.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नैनीताल, अमृत विचार।</strong> नगर पालिका के आवासों में लंबे समय से किराए पर रह रहे लोगों के आवासों का किराया तीन हजार रुपये प्रति माह किए जाने के फैसले के बाद अब नगर पालिका के सभासद और देवभूमि सफाई कर्मचारी संघ आमने-सामने आ गया है। </p>
<p>शुक्रवार को बड़ा बाजार क्षेत्र के सभासद मोहन नेगी ने पालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर किराए में वृद्धि के फैसले को वापस लेने की मांग की थी। सभासद का कहना था कि पालिका गरीब तबके के लोगों से अधिक किराया ले रही है।</p>
<p>लिहाजा पूर्व की भांति किराया लिया जाए अन्यथा उनके द्वारा पालिका में प्रदर्शन किया जाएगा। सभासद के पत्र के बाद अब देवभूमि सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धर्मेश प्रसाद और महासचिव सोनू सहदेव ने पालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी के नाम पत्र जारी कर कहा है कि पालिका द्वारा किराए में की गई वृद्धि पालिका के हित में है।</p>
<p>लिहाजा जल्द से जल्द पालिका बोर्ड की ओर से लिए गए फैसले को लागू किया जाए। अगर कोई भी व्यक्ति पालिका बोर्ड के फैसले का विरोध और पालिका में प्रदर्शन करेगा तो उसका कर्मचारी मुंहतोड़ जवाब देंगे।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/331883/nainital--councilor-and-sweeper-face-to-face-on-increase-in-rent</link>
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                <pubDate>Sun, 08 Jan 2023 19:10:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Babita Patwal]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देहरादून: देवभूमि का प्रत्येक क्षेत्र विशेष ऊर्जा से भरपूर: धामी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार। </strong>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नैसर्गिक सौंदर्य से पूरित देवभूमि उत्तराखंड का प्रत्येक क्षेत्र एक विशेष प्रकार की ऊर्जा लिए हुए है। नए वर्ष के आगमन के साथ मसूरी विंटर लाइन कार्निवल का आयोजन देश-विदेश के पर्यटकों तथा विभिन्न राज्यों से आए लोक कलाकारों आदि के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। </p>
<p>मुख्यमंत्री धामी ने सोमवार को मसूरी विंटर लाइन कार्निवल 2022 का शुभारंभ करते हुए कार्निवाल में आयोजित  सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अवलोकन किया। उन्होंने स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत  कार्यक्रमों की सराहना की तथा लोक कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/327865/every-area-of-%E2%80%8B%E2%80%8Bdehradun-devbhoomi-is-full-of-special-energy"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-12/cm_dhami__1662967363.webp" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार। </strong>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नैसर्गिक सौंदर्य से पूरित देवभूमि उत्तराखंड का प्रत्येक क्षेत्र एक विशेष प्रकार की ऊर्जा लिए हुए है। नए वर्ष के आगमन के साथ मसूरी विंटर लाइन कार्निवल का आयोजन देश-विदेश के पर्यटकों तथा विभिन्न राज्यों से आए लोक कलाकारों आदि के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। </p>
<p>मुख्यमंत्री धामी ने सोमवार को मसूरी विंटर लाइन कार्निवल 2022 का शुभारंभ करते हुए कार्निवाल में आयोजित  सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अवलोकन किया। उन्होंने स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत  कार्यक्रमों की सराहना की तथा लोक कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वप्रसिद्ध मसूरी का यह विंटर कार्निवाल पर्यटन व लोक संस्कृति का अनूठा संगम है। मसूरी विंटर कार्निवाल उत्तराखंडवासियों के लिए ही नहीं बल्कि उत्तराखंड आए सभी पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र है। विंटर कार्निवाल के माध्यम से राज्य के कलाकारों को अपनी प्रतिभा  प्रस्तुत करने का भी सुनहरा अवसर प्राप्त हो रहा है। देश-विदेश से आए प्रसिद्ध कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से इसे और भी अधिक मनोहारी बनाने का काम कर रहे हैं।<br /> </p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि  हम सभी के लिए गौरव की बात है कि पहाड़ों की रानी मसूरी ने विश्व पर्यटन के मानचित्र पर अपनी एक विशिष्ट पहचान स्थापित की है। प्रतिवर्ष लाखों पर्यटक मसूरी की ओर रुख करते हैं। सर्दियों में भी चांदी सी चमकती बर्फ का आनंद लेने के लिए अनेकों सैलानी मसूरी के आस-पास बड़ी संख्या में उमड़ते हैं। </p>
<p><strong>21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड </strong><br />सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड आध्यात्मिक केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त हुआ है। डबल इंजन की सरकार उत्तराखंड में पर्यटन विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का बताया है जिसमें राज्य के पर्यटन व सांस्कृतिक महोत्सवों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। हम पर्यटन तथा पर्यटक दोनों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए नित नई योजनाओं को लागू कर रहे हैं। विंटर कार्निवाल जैसे कार्यक्रम सरकार के "पर्यटन विकास के अभियान" को सफल बनाने में अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/327865/every-area-of-%E2%80%8B%E2%80%8Bdehradun-devbhoomi-is-full-of-special-energy</link>
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                <pubDate>Mon, 26 Dec 2022 18:20:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देहरादून: नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ चार दिवसीय छठ पर्व</title>
                                    <description><![CDATA[देहरादून, अमृत विचार। बिहार का लोकप्रिय पर्व छठ अब देश-विदेश में भी मनाया जाने लगा है। इसकी मान्यता इतनी है कि देवभूमि में रहने वाले पूर्वांचलियों से प्रभावित होकर यहां की महिलाएं भी इसमें बढ़चढ़कर भाग ले रही हैं। शुक्रवार को नहाय खाय के साथ छठ महापर्व की शुरुआत हो गई है। चार दिवसीय महापर्व …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/305955/dehradun-four-day-chhath-festival-started-with-bathing"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-10/-1-e1666936496301.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> बिहार का लोकप्रिय पर्व छठ अब देश-विदेश में भी मनाया जाने लगा है। इसकी मान्यता इतनी है कि देवभूमि में रहने वाले पूर्वांचलियों से प्रभावित होकर यहां की महिलाएं भी इसमें बढ़चढ़कर भाग ले रही हैं। शुक्रवार को नहाय खाय के साथ छठ महापर्व की शुरुआत हो गई है। चार दिवसीय महापर्व के लिए नदी के घाटों पर साफ-सफाई हो चुकी है। साथ ही छठ मैया की स्थापना कर दी गई है। सुबह स्नान के बाद कद्दू और चने की दाल से बनी सब्जी के साथ चावल का भोग ग्रहण करने के बाद छठ पर्व का व्रत शुरू हो गया है।<img class="wp-image-604409 aligncenter" src="https://www.amritvichar.com/media/2022-10/%E0%A4%9B%E0%A4%A0-2-300x169.jpeg" alt="" width="341" height="192"></img></p> <p>लगभग 36 घंटे के निर्जला व्रत के बाद शनिवार शाम को ‘खरना’ का आयोजन होगा। खरने में गुड़ और दूध से बनी खीर खाई जाती है। खीर को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। प्रसाद ग्रहण करने के बाद व्रती लोग रविवार शाम डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगे और सोमवार सुबह उगते सूरज को अर्घ्य दिया जाएगा। इसके बाद छठ पूजा संपन्न होगी और व्रती लोग अपना व्रत खोलेंगे। कोरोना के बाद यह पहली बार है कि धूमधाम से छठ पूजा का आयोजन किया जा रहा है। इस बार छठ पूजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/305955/dehradun-four-day-chhath-festival-started-with-bathing</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/305955/dehradun-four-day-chhath-festival-started-with-bathing</guid>
                <pubDate>Fri, 28 Oct 2022 11:25:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तराखंड: बिना रजिस्ट्रेशन देवभूमि में प्रवेश नहीं कर सकेंगे कांवड़िये, पुलिस ने जारी किया ये लिंक</title>
                                    <description><![CDATA[हल्द्वानी,अमृत विचार। देवभूमि हरिद्वार में दो साल बाद हो रही कांवड़ यात्रा शुरू हो रही है। राज्य में चारधाम और श्री हेमकुंड साहिब यात्रा की तरह इस बार से कांवड़ यात्रा में भी रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को अनिवार्य किया जा रहा है। इस निर्णय को कई मायनों में अहम समझा जा रहा है। उत्तराखंड और उत्तर …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/246599/uttarakhand-kanwariyas-will-not-be-able-to-enter-devbhoomi-without-registration-police-released-this-link"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-07/19_06_2022-sawankanwaryatra-e1657465528583.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी,अमृत विचार।</strong> देवभूमि हरिद्वार में दो साल बाद हो रही कांवड़ यात्रा शुरू हो रही है। राज्य में चारधाम और श्री हेमकुंड साहिब यात्रा की तरह इस बार से कांवड़ यात्रा में भी रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को अनिवार्य किया जा रहा है। इस निर्णय को कई मायनों में अहम समझा जा रहा है।</p>
<p>उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के इस बड़े धार्मिक आयोजन की शुरुआत 14 जुलाई से होने जा रही है, जो 26 जुलाई तक चलेगी। श्रावण मास की यह कांवड़ यात्रा कितनी चुनौतीपूर्ण है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस बार लगभग 4 करोड़ कांवड़ियों के आने की सम्भावना है, जबकि वर्ष 2019 में 3 करोड़ कांवड़िये आये थे। कोरोना संक्रमण के चलते पिछले दो साल से कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित थी। कांवड़ियों की इस बड़ी संख्या को देखते हुए कांवड़ मेला क्षेत्र को 12 सुपर जोन, 31 जोन और 133 सेक्टरों में बांटा गया है।</p>
<p>सुरक्षा व्यवस्था में 12 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी लगाए जाएंगे। कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों द्वारा लाठी-डंडे, भाले व अन्य हथियार आदि लेकर चलने पर प्रतिबंध लगाया गया है जबकि डीजे का शोर भी नियमों के दायरे में रहेगा।<br />
अब जो नया फैसला लिया गया है, उसके अनुसार कांवड़ियों को यात्रा शुरू करने से पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा। <span style="color:#ff6600;"><strong>उत्तराखंड पुलिस ने पोर्टल पर इसका रजिस्ट्रेशन लिंक https://policecitizenportal.uk.gov.in/Kavad भी जारी किया है।</strong> </span>उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार का कहना है कि रजिस्ट्रेशन साइट शनिवार को ही जारी कर दी गई है। सभी कांवड़िये पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करके ही कांवड मेले में आएं, जिससे उन्हें यात्रा में कोई असुविधा न हो।</p>
<h2>इस कांवड़ यात्रा में यह भी तैयारी/प्रस्ताव</h2>
<p>– उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड के सीमावर्ती प्रवेश बिंदुओं पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की जा रही है<br />
– इसकी फीड हरिद्वार स्थित कंट्रोल रूम से भी शेयर की जाएगी<br />
– डीजे एवं कांवड़ शिविरों में बजने वाले गानों की निगरानी की जाएगी<br />
– कांवड़ यात्रा मार्ग पर नॉन वेज एवं शराब की दुकानें न हों<br />
– कांवड़िये यात्रा से पूर्व अपने संबंधित थाने में सूचना दर्ज कराएंगे<br />
– ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण हेतु यूनिफार्म योजना बनाने की सलाह<br />
– सुरक्षा की दृष्टि से संपूर्ण यात्रा मार्ग सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन की निगरानी में रहेगा<br />
– अंतर्राज्यीय बैरियरों/चौक पोस्ट- चिड़ियापुर बैरियर, नारसन चेकपोस्ट, लखनौता चेक पोस्ट, काली नदी बैरियर एवं गोवर्धन चेक पोस्ट पर संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सीमावर्ती प्रदेशों के साथ संयुक्त चेकिंग होगी।</p>
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                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हरिद्वार</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 Jul 2022 20:35:47 +0530</pubDate>
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