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                <title>Darkness - Amrit Vichar</title>
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                <description>Darkness RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अयोध्या: 35 गांव में 9 घंटे तक छाया रहा अंधेरा, 33 केवी का तार टूट जाने से सप्लाई बाधित हुई</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पूरा बाजार/अयोध्या, अमृत विचार। </strong>दर्शन नगर से रसूलाबाद पावर हाउस विद्युत सप्लाई देने वाली 33 केवी लाइन का तार टूट जाने से 35 गांव में 9 घंटे तक शनिवार रात सप्लाई ठप रही। उमस भरी गर्मी में लोग तड़पते रहे। शनिवार की शाम करीब छह बजे से विद्युत सप्लाई बंद हो गई और रात में दो बजे के करीब बहाल हुई। </p>
<p>ऐमीआलापुर के प्रधान रामजीत निषाद, संजय दुबे, हरिशंकर तिवारी एडवोकेट, राजेश चौबे, रसूलाबाद के पूर्व प्रधान बलराम दुबे, नीरज राणा, मुन्ना दुबे बताते हैं कि शाम छह बजे के आसपास बिजली चली गई। विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/489518/ayodhya--35-villages-remained-in-darkness-for-9-hours--power-supply-disrupted-due-to-breakage-of-33-kva-wire"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/बिजली-गुल-लोगो.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पूरा बाजार/अयोध्या, अमृत विचार। </strong>दर्शन नगर से रसूलाबाद पावर हाउस विद्युत सप्लाई देने वाली 33 केवी लाइन का तार टूट जाने से 35 गांव में 9 घंटे तक शनिवार रात सप्लाई ठप रही। उमस भरी गर्मी में लोग तड़पते रहे। शनिवार की शाम करीब छह बजे से विद्युत सप्लाई बंद हो गई और रात में दो बजे के करीब बहाल हुई। </p>
<p>ऐमीआलापुर के प्रधान रामजीत निषाद, संजय दुबे, हरिशंकर तिवारी एडवोकेट, राजेश चौबे, रसूलाबाद के पूर्व प्रधान बलराम दुबे, नीरज राणा, मुन्ना दुबे बताते हैं कि शाम छह बजे के आसपास बिजली चली गई। विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी फोन नहीं उठा रहे थे। अवर अभियंता राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि दर्शन नगर 132 के पीछे 33 केवीए का तार टूट जाने से सप्लाई बाधित हुई थी।</p>
<p><em><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/489504/accused-of-gang-rape-of-student-in-bhu-campus-released#gsc.tab=0">BHU परिसर में छात्रा से सामूहिक बलात्कार के आरोपी जेल से रिहा, विपक्ष ने सरकार को घेरा</a></strong></em></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Sep 2024 15:54:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अल्मोड़ा: सल्ट ब्लॉक में ब्लैक आउट, अंधेरे में कटी रात</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार।</strong> जिले के सल्ट विकास खंड में शुक्रवार की शाम से बिजली आपूर्ति ठप है। जिस कारण सैकड़ों गांवों और कस्बों में ब्लैक आउट की स्थिति बनी हुई है। बिजली न होने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रूक-रूक कर हो रही बारिश से बिजली विभाग की पेट्रोलिंग टीम फॉल्ट नहीं ढूंढ़ पा रही है। </p>
<p>बारिश और तेज हवाओं के कारण शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे से सल्ट विकास खंड में बत्ती गुल हो गई। जिस कारण पूरी रात ब्लॉक के सैंकड़ों गांव अंधेरे में रहे। शनिवार को भी मौसम का मिजाज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/447690/night-spent-in-blackout-darkness-in-almora-salt-block"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-03/0801-india-power-outage-economic-political-costs.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार।</strong> जिले के सल्ट विकास खंड में शुक्रवार की शाम से बिजली आपूर्ति ठप है। जिस कारण सैकड़ों गांवों और कस्बों में ब्लैक आउट की स्थिति बनी हुई है। बिजली न होने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रूक-रूक कर हो रही बारिश से बिजली विभाग की पेट्रोलिंग टीम फॉल्ट नहीं ढूंढ़ पा रही है। </p>
<p>बारिश और तेज हवाओं के कारण शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे से सल्ट विकास खंड में बत्ती गुल हो गई। जिस कारण पूरी रात ब्लॉक के सैंकड़ों गांव अंधेरे में रहे। शनिवार को भी मौसम का मिजाज ठीक न होने के कारण दिनभर बिजली की आपूर्ति ठप रही। इससे जहां सरकारी, गैर सरकारी कार्यालयों में कामकाज प्रभावित रहा।</p>
<p>वहीं घरों में लोगों और व्यापारियों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी। बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण अभी भी विकास खंड के डेढ़ सौ से अधिक गांव और कस्बे अंधेरे में डूबे हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि लाइनों में फॉल्ट आने के कारण सब स्टेशनों तक बिजली नहीं पहुंच पा रही है।</p>
<p>लगातार बारिश के कारण पेट्रोलिंग टीम लाइनों की मरम्मत नहीं कर पा रही है। मौसम ठीक होने के बाद ही बिजली की आपूर्ति सुचारू की जा सकेगी। इधर जिले के लमगड़ा, सोमेश्वर, भैंसियाछाना, धौलादेवी व स्याल्दे के अनेक गांवों में बिजली की आपूर्ति न होने से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Mar 2024 19:18:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: साढ़ू के बाप को मारना था, अंधेरे में मार डाला साढ़ू</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> रामपुर रोड पर कत्था फैक्ट्री के बाहर हुए ब्लाइंड अमित हत्याकांड का चौंकाने वाला खुलासा हुआ। हत्या करने वाला कोई नहीं बल्कि अमित का ही साढ़ू अरुण था। अरुण, अमित के पिता सुमेर की हत्या करना चाहता था, लेकिन अंधेरे में उसने अपने ही साढ़ू अमित को पाटल से काटकर मौत के घाट उतार दिया। 26 नवंबर से फरार चल रहे अरुण को पुलिस ने मय आलाकत्ल गिरफ्तार कर लिया है। </p>
<p>पुलिस बहुउद्देशीय भवन में मामले का खुलासा करते एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने बताया कि कत्था फैक्ट्री के पास रहने वाले सुमेर कश्यप कत्था फैक्ट्री के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/423708/had-to-kill-haldwani-brother-in-laws-father-killed-the-brother-in-law-in"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-09/मर्डर.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> रामपुर रोड पर कत्था फैक्ट्री के बाहर हुए ब्लाइंड अमित हत्याकांड का चौंकाने वाला खुलासा हुआ। हत्या करने वाला कोई नहीं बल्कि अमित का ही साढ़ू अरुण था। अरुण, अमित के पिता सुमेर की हत्या करना चाहता था, लेकिन अंधेरे में उसने अपने ही साढ़ू अमित को पाटल से काटकर मौत के घाट उतार दिया। 26 नवंबर से फरार चल रहे अरुण को पुलिस ने मय आलाकत्ल गिरफ्तार कर लिया है। </p>
<p>पुलिस बहुउद्देशीय भवन में मामले का खुलासा करते एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने बताया कि कत्था फैक्ट्री के पास रहने वाले सुमेर कश्यप कत्था फैक्ट्री के बाहर खाने का ठेला लगाते थे। घटना के रोज वह बेटे अमित (30 वर्ष) को ठेले की जिम्मेदारी सौंप कर किसी काम से चले गए थे। तभी अचानक बिजली चली गई और पीछे से आए एक व्यक्ति ने अमित के सिर, चेहरे और गर्दन पर पाटल से कई वारकर मौत के घाट उतार दिया।</p>
<p>पुलिस ने पड़ताल शुरू की तो पता लगा कि घटना के रोज ही अमित के घर के पास देवबंधु विहार कत्था फैक्ट्री में किराए पर रहने वाला अरुण कश्यप पुत्र गोपाल कश्यप गायब है, लेकिन घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी में भागते दिख रहे आरोपी की अरुण से पहचान नहीं हो सकी। तलाश में जुटी उत्तराखंड में कई जिलों की खाक छानी। अंत में मूलरूप से पीलीभीत उत्तर प्रदेश के रहने वाले अरुण को डी क्लास तल्ली हल्द्वानी स्थित हनुमान मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल पाटल भी बरामद कर लिया। </p>
<p>पूछताछ में हत्यारोपी अरुण ने बताया कि वह मृतक अमित के पिता सुमेर से बदला लेना चाहता था। वह उसे अपने पिता के लापता होने और भाई की मौत का जिम्मेदार मानता है। आरोपी की पत्नी मृतक की सगी साली है और उसकी पत्नी का मृतक के घर आना जाना है। वह अपनी पत्नी और मृतक पर शक भी करता था। आरोपी को डर था कि मृतक का पिता उसकी हत्या कर सकता है। इसलिये आरोपी ने सुमेर को ही रास्ते से हटाने की योजना बना डाली। योजना के तहत उसने घटना को अंजाम भी दे डाला, लेकिन अंधेरे की वजह से सुमेर के बजाय सुमेर के बेटे और अपने साढ़ू अमित की हत्या कर दी। </p>
<p><strong>गुडवर्क करने वाली टीम को मिला इनाम</strong><br />हल्द्वानी : एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने गुडवर्क करने वाली टीम को ढाई हजार रुपये इनाम की घोषणा की है। टीम में कोतवाल हरेंद्र चौधरी, एसएसआई महेंद्र प्रसाद, टीपीनगर चौकी प्रभारी सुशील जोशी, मंडी चौकी प्रभारी विजय मेहता, मंगलपड़ाव चौकी प्रभारी जगदीप नेगी, राजपुरा चौकी प्रभारी नरेंद्र कुमार, गन्ना सेंटर चौकी प्रभारी त्रिभुवन सिंह, एसआई बबिता, कां.तारा सिंह, नवीन राणा, बंशीधर जोशी, धनश्याम रौतेला, टेक्निकल टीम में हे.कां.इसरार नबी, राजेश सिंह व अनिल टम्टा थे। </p>
<p><strong>तीन दिन पता लगा, गलत आदमी मार दिया</strong><br />हल्द्वानी : घटना को अंजाम देने के बाद अरुण निशान शोरूम के बगल वाली उसी गली में भागा, जहां वो पत्नी के साथ किराए पर रहता था, लेकिन वह घर नहीं गया। मोबाइल स्विच ऑफ करने के बाद जंगल के रास्ते वह अपने रिश्तेदारों के घर पहुंच गया। वह किच्छा में भी एक रिश्तेदार के घर गया। चूंकि मोबाइल बंद था तो उसे कुछ पता नहीं लगा। रिश्तेदार ने अमित की हत्या की बात अरुण को बताई तो वह सन्न रह गया। उसे अफसोस हुआ कि जिसे मारने के लिए वह गया था, उसकी बजाय उसके बेटे की हत्या कर दी। </p>
<p><strong>मंगलपड़ाव से 250 में खरीदा था पाटल</strong><br />हल्द्वानी : अरुण को लगता था कि साढ़ू के पिता सुमेर की वजह से उसका अपना परिवार खत्म हो गया और दांपत्य जीवन भी खराब हो गया। इसी खुन्नस में वह सुमेर को मार डालना चाहता था। बताया जाता है कि 26 नवंबर की सुबह ही अरुण ने अचानक हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम तक पहुंचाने में जुट गया। वह मंगलपड़ाव पहुंचा और 250 रुपये का नया पाटल खरीद लाया। पाटल खरीदते हुए मिली सीसीटीवी फुटेज को पुलिस अहम सुबूत मान रही है। उसने सुबह से शराब पीनी शुरू की और शाम ढलते ही हत्या कर दी।   </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Dec 2023 11:41:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: 20 साल से अव्यवस्था का अंधेरा, वार्ड 6 में व्यवस्थाएं अस्त-व्यस्त</title>
                                    <description><![CDATA[न स्ट्रीट लाइट, न सीवर लाइन, सड़क पर हिचकोले खा रही जनता                                                                                                         आलम ये कि 20 साल में अपनी गली तक दुरुस्त नहीं कर सके पार्षद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/401228/darkness-of-chaos-since-20-years-arrangements-in-ward-6"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-09/street-light-complain-now-24-by-7-42289329.webp" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिनिधि चुने जाते हैं। ऐसे में जब बार-बार एक ही परिवार को विकास का मौका मिले और विकास फिर भी आस लगाए बैठा रहे तो इसे क्या कहें। ये बात वार्ड 6 की, जहां व्यवस्थाएं अस्त-व्यस्त हैं और पिछले 20 साल से जनता अव्यवस्था के अंधेरे में रहने को मजबूर है।</p>
<p>बगैर स्ट्रीट लाइट के गलियां और सड़कें अंधेरे में डूबी हैं। गड्ढों में सड़क तलाशी जा रही है और पूरी सड़क पर फैली गिट्टियां लोगों को कभी भी सड़क पर गिराने को आमादा है। आलम यह है कि नैनीताल रोड किनारे बसे इस वार्ड में अभी तक सीवर लाइन भी घरों तक नहीं पहुंच पाई। </p>
<p>नगर निगम स्थित वार्ड-6 यानी सुभाषनगर में कुली गार्डन, टेलीफोन कॉलोनी, इंद्रजीत गार्डन, गुरुनानकपुरा व गोविंदपुरा के इलाके शामिल हैं। वर्षों बाद भी सुभाषनगर के अधिकांश हिस्सों में सड़क, सीवर लाइन व लाइट की सुविधा नही हैं। वार्ड में करीब 6 हजार की आबादी निवास करती है और करीब 5 हजार मतदाता हैं। इसके बाद भी यहां की करीब 40 फीसदी आबादी आज भी मूलभूत सुविधाओं से दूर है।</p>
<p>डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन तो हो रहा है, लेकिन नगर निगम के सफाई कर्मचारी अकसर कई हिस्सों में झाड़ू लगाना ही भूल जाते है। कई दिनों तक कचरे का ढेर लगा रहता है। जनता की शिकायत ये है कि समस्याओं से निर्वाचित पार्षद को बार-बार अवगत कराया गया, लेकिन स्थायी हल नहीं निकल पाया। बुधवार को अमृत विचार की टीम ने वार्ड की पड़ताल की तो लोगों ने बड़े ही साफगोई से अपनी बात रखी।</p>
<p><strong>वार्ड-6 सुभाषनगर </strong><br />आबादी-  6 हजार<br />मतदाता- 5 हजार     </p>
<p><strong>गुहार लगाई बार-बार, फिर भी समस्याओं का अंबार</strong></p>
<p>लंबे समय से सुभाषनगर कॉलोनी, ठंडी सड़क समेत कई हिस्सों की सड़क खस्ताहाल हो गई है, लेकिन इसके बाद भी मरम्मत नहीं कराई जा रही है। ठंडी सड़क की स्थिति वर्तमान समय में सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढे में सड़क है, ये पता कर पाना मुश्किल हैं। जबकि पार्षद गुरुनानक इलाके में निवास करते है, बावजूद इसके बाद भी यहां की सड़क की मरम्मत नहीं कराई जा सकी। सड़क पर डामरीकरण गायब है और पूरी सड़क पर गिट्टी के छर्रे ही बचे हुए हैं। समस्या से निजात पाने के लिए लोग कई बार प्रशासन, जनप्रतिनिधि व नगर निगम के जिम्मेदारों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। </p>
<p><strong>5 हजार स्ट्रीट लाइट लगाई, गई कहां पता नहीं</strong></p>
<p>वार्ड के कई हिस्सों में अभी भी स्ट्रीट लाइट नहीं पहुंच पाई है। जबकि नगर निगम के जिम्मेदारों का दावा है की निगम के लगभग सभी वार्डों में 5 हजार स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं, लेकिन जब अमृत विचार की टीम जमीनी हकीकत पता करने पहुंची तो वार्ड कुछ और ही तस्वीर बयां करता दिखा। इसमें कुली गार्डन, सुभाष नगर, गुरुनानक पुरा समेत कई क्षेत्र शामिल हैं। रात के अंधेरे में यहां के लोगों के सामने घरों व कॉलोनियों से बाहर निकलने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। लंबे समय से समस्या होने के बाद भी स्थायी पार्षद लोगों को इससे निजात नहीं दिला पा रहे है। </p>
<p><br />कई बार स्थानीय पार्षद से गुरुनानक कॉलोनी की सड़क व स्ट्रीट लाइट की समस्या से अवगत करा चूका हूं। लेकिन इसके बाद भी सुनने को कोई तैयार नहीं है। कॉलोनी में लाइट न होने से रात के अंधेरे में आवारा कुत्तों के हमले का डर सताता रहता हैं।<em> -कुंदन सिंह मेहरा</em></p>
<p>सीवर लाइन कॉलोनी में न पहुंच पाने से टैंकों की सफाई कराने में दिक्कत बनी रहती है, टैंको सफाई के लिए अतिरिक्त शुल्क अदा करना पड़ता है। जबकि अन्य इलाकों में सीवर लाइन पहुंच गई, लेकिन अभी कुछ हिस्से सीवर लाइन पड़ने का इंतजार जनता कर रहे हैं।<em> -राजेंद्र सिंह</em></p>
<p>वार्ड में विकास कार्य की बात करें तो अभी भी कई हिस्से विकास से अछूते हैं। विगत वर्षों की समीक्षा करें तो पूरे वार्ड में अभी केवल 60 फीसदी तक ही कार्य हो पाए है। इसके बाद भी यहां के लोग वार्ड में एक ही नेता को पिछले कई दशकों से वोट देते चले आए हैं।<em> -एसके उप्रेती</em></p>
<p>सुभाषनगर वार्ड निगम के किसी भी वार्ड से विकास कार्यों के मामले में पीछे नहीं है। विगत कई सालों में अनेक कार्य क्षेत्र में हुए हैं। इसमें अमृत योजना, सीवर लाइन व सड़क के कार्य शामिल है। विकास के बल पर ही जनता ने मुझे बार-बार सेवा करने का मौका दिया और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीतता आया हूं। <em>-नरेंद्रजीत सिंह कोहली, पार्षद  </em></p>
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<h6 class="tag_h1 node_title"><span style="color:rgb(224,62,45);background-color:rgb(255,255,255);"><strong>यह भी पढ़ें: काशीपुर: जालसाजों ने महिला के अकाउंट से उड़ाये 1 लाख 65 हजार</strong></span></h6>
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<h3 class="tag_h3 node_subtitle"> </h3>
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                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/401228/darkness-of-chaos-since-20-years-arrangements-in-ward-6</link>
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                <pubDate>Thu, 07 Sep 2023 11:30:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बहराइच: दो सप्ताह से गोकुलपुर गांव की बिजली गुल, अंधेरे में रहने को मजबूर हैं लोग</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार, मुर्तिहा/ बहराइच।</strong> जंगल से सटे गोकुलपुर गांव में दो सप्ताह से अंधेरा छाया हुआ है। गांव के लोगों ने बताया कि तकनीकी खामी को दूर करने में बिजली विभाग नाकाम है। जिसके चलते लोग अंधेरे में रहने को विवश हैं। जंगल से सटा गांव होने के चलते वन्य जीवों के खतरे की आशंका बनी रहती है।</p>
<p>मिहिपुरवा विकास खंड अंर्तगत ग्राम पंचायत गोकुलपुर गांव जंगल से सटा हुआ है। गांव में दो सप्ताह पूर्व एचटी लाइन लटक गई थी। इसकी जानकारी गांव के लोगों पावर हाउस मोतीपुर के अधिकारियों से की, लेकिन शिकायत के कई दिन बीत गए।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/324207/bahraich-people-are-forced-to-live-in-darkness-due-to"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-12/17-(11).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार, मुर्तिहा/ बहराइच।</strong> जंगल से सटे गोकुलपुर गांव में दो सप्ताह से अंधेरा छाया हुआ है। गांव के लोगों ने बताया कि तकनीकी खामी को दूर करने में बिजली विभाग नाकाम है। जिसके चलते लोग अंधेरे में रहने को विवश हैं। जंगल से सटा गांव होने के चलते वन्य जीवों के खतरे की आशंका बनी रहती है।</p>
<p>मिहिपुरवा विकास खंड अंर्तगत ग्राम पंचायत गोकुलपुर गांव जंगल से सटा हुआ है। गांव में दो सप्ताह पूर्व एचटी लाइन लटक गई थी। इसकी जानकारी गांव के लोगों पावर हाउस मोतीपुर के अधिकारियों से की, लेकिन शिकायत के कई दिन बीत गए। कर्मचारी तकनीकी खामी को दूर करने नहीं पहुंचे। जिसके चलते दो सप्ताह से बिजली आपूर्ति बाधित है। </p>
<p>गांव निवासी अजय यादव, प्रदीप यादव, बुधराम, अशोक कुमार और शिव कुमार ने बताया कि जंगल से सटा गांव होने के चलते वन्य जीवों के हमले का खतरा अंधेरे में बढ़ जाता है। लेकिन बिजली विभाग इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जिससे गांव के लोग अंधेरे में रह रहे हैं। दो हजार की आबादी बिजली और पानी के लिए तरस रही है। सभी ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर तार सही कर बिजली आपूर्ति बहाल किए जाने की मांग की है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें - <a href="https://www.amritvichar.com/article/324197/mahant-raju-das-furious-over-ayodhya-pathan-film-said#gsc.tab=0">अयोध्या: पठान Film को लेकर भड़के महंत राजू दास, बोले- थिएटर में लगे पिक्चर तो फूंक दो</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बहराइच</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Dec 2022 17:45:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या: किताबें बीआरसी में डंप, अंधकार में बच्चों का भविष्य </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार, मिल्कीपुर, अयोध्या। </strong>बेसिक शिक्षा विभाग परिषदीय स्कूलों में पढ़ने बच्चों को भले ही किताब उपलब्ध कराने का दावा कर रहा हो, लेकिन ब्लॉक रिसोर्स सेंटर (बीआरसी)  पर डंप पड़ी किताबें कुछ और ही हकीकत बयां कर रही हैं। आलम यह है कि अफसरों की लापरवाही से किताबें बच्चों तक नहीं पहुंच रही है। </p>
<p>मिल्कीपुर शिक्षा क्षेत्र में 145 परिषदीय स्कूल व 1 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय हैं। सत्र के शुरुआत में ही इन बच्चों को किताब उपलब्ध कराने का नियम है, लेकिन किताबों के टेंडर प्रक्रिया और फिर छपाई में हुई देरी के चलते 4 महीने तक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/312748/ayodhya--books-dumped-in-brc--children-s-future-in-darkness"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-11/untitled(4)2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार, मिल्कीपुर, अयोध्या। </strong>बेसिक शिक्षा विभाग परिषदीय स्कूलों में पढ़ने बच्चों को भले ही किताब उपलब्ध कराने का दावा कर रहा हो, लेकिन ब्लॉक रिसोर्स सेंटर (बीआरसी)  पर डंप पड़ी किताबें कुछ और ही हकीकत बयां कर रही हैं। आलम यह है कि अफसरों की लापरवाही से किताबें बच्चों तक नहीं पहुंच रही है। </p>
<p>मिल्कीपुर शिक्षा क्षेत्र में 145 परिषदीय स्कूल व 1 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय हैं। सत्र के शुरुआत में ही इन बच्चों को किताब उपलब्ध कराने का नियम है, लेकिन किताबों के टेंडर प्रक्रिया और फिर छपाई में हुई देरी के चलते 4 महीने तक बच्चों को किताबें नहीं मिल पाई। </p>
<p>सितंबर के शुरुआत में आपूर्ति शुरू हुई तो यह उम्मीद जगी थी की आधे सत्र के पहले बच्चों को किताबें मुहैया करा दी जाएगी। शासन स्तर से किताब आवंटित होने के बाद जिला मुख्यालय भेजी गई वहां से ब्लॉक बीआरसी कार्यालय भेजी गई स्कूलों तक किताब पहुंचाने की जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारियों को सौंपी गई थी। </p>
<p>लेकिन अफसरों की लापरवाही के चलते यह किताबें बीआरसी कार्यालय पहुंचकर डंप हो गई है। अध्यापकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अभी सभी किताबें विद्यालयों में उपलब्ध नहीं हैं, किताबें आ-जा रही हैं। वहीं जब खंड शिक्षा अधिकारी मिल्कीपुर इंदिरा देवी को फोन किया गया तो उन्होंने फोन उठाया और जैसे ही किताबों के संबंध में जानकारी चाही गई उन्होंने तुरंत फोन काट दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Nov 2022 21:19:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुद्रपुर: अधंकार में डूबा शहर, लोगों ने पावर हाउस में काटा हंगामा</title>
                                    <description><![CDATA[रुद्रपुर, अमृत विचार। पिछले दो दिन से विद्युत कटौती के कारण शुक्रवार रात को पूरा शहर अंधकार में डूब गया। देर रात तक विद्युत आपूर्ति नहीं होने पर भड़के लोगों ने नवोदय पावर हाउस पर जमकर हंगामा काटा। जिसको लेकर कार्मिकों से तीखी नोकझोंक भी हुई। वहीं, हंगामे की भनक लगते ही विद्युत अधिकारियों ने …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>रुद्रपुर, अमृत विचार।</strong> पिछले दो दिन से विद्युत कटौती के कारण शुक्रवार रात को पूरा शहर अंधकार में डूब गया। देर रात तक विद्युत आपूर्ति नहीं होने पर भड़के लोगों ने नवोदय पावर हाउस पर जमकर हंगामा काटा। जिसको लेकर कार्मिकों से तीखी नोकझोंक भी हुई। वहीं, हंगामे की भनक लगते ही विद्युत अधिकारियों ने फोन बंद कर दिए। हंगामे के बाद रात बारह बजे के बाद बिजली आंख मिचौली करती रही।</p>
<p>शुक्रवार की सुबह नौ बजे से विद्युत विभाग द्वारा पूरे शहर की विद्युत आपूर्ति ठप कर दी। जैसे तैस लोगों ने इस उम्मीद के साथ दिन गुजरा की। शायद शाम ढलते ही बिजली सुचारु हो जाएगी। मगर, बिजली नहीं आई। देर रात तक इंतजार करते करते आखिर कार लोगों का गुस्सा फूंट पड़ा और लोग व्यापारी नेता संजय जुनेजा और पूर्व विधायक के भाई संजय ठुकराल के साथ रात बारह बजे नवोदय पावर हाउस पर आ धमके और जमकर हंगामा काटा।</p>
<p>काफी देर चली नोकझोक के बाद अधिकारियों ने अपने फोन बंद कर दिए तो कार्मिकों ने विद्युत आपूर्ति सुचारु की। जैसे ही गुस्साएं लोग अपने घरों को गए। तो कुछ देर बिजली रही और उसके बाद बिजली आंख मिचौली शुरू हो गई। पूरे दिन लाइट नहीं होने से घरों की व्यवस्थाएं चरमरा गई।</p>
<p>लोगों को पेयजल दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, निजि एवं सरकारी कार्यालयों में भी कामकाज पर प्रभाव पड़ा। इस मौके पार्षद प्रतिनिधि शैलेंद्र रावत, पार्षद रंजीत सागर, हरीश अरोरा,मनोज छाबड़ा, राजन राठौर,सूरज झाम,रोहित जग्गा, राकेश गुलाटी आदि मौजूद रहे।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Uncategorized</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>रुद्रपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/287735/rudrapur-the-city-shrouded-in-darkness-people-created-ruckus-in-the-power-house</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/287735/rudrapur-the-city-shrouded-in-darkness-people-created-ruckus-in-the-power-house</guid>
                <pubDate>Sat, 24 Sep 2022 19:00:21 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आधा दर्जन से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टरों का भविष्य अंधकार में, सीनियर रेजिडेंट के पद पर नहीं मिली नियुक्ति</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ। अभी कुछ दिन पूर्व चिकित्सा शिक्षा विभाग की तरफ से विशेषज्ञ डाक्टरों की काउंसलिंग करा कर प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कालेजों में सीनियर रेजीडेंट शिप के लिए भेजा गया था। इसी के तहत अम्बेडकर नगर में स्थित महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कालेज में भी कुछ डाक्टरों को काउंसलिंग के बाद एसआर शिप के लिए …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/280755/the-future-of-more-than-half-a-dozen-specialist-doctors-is-in-the-dark"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-09/untitled-34.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ।</strong> अभी कुछ दिन पूर्व चिकित्सा शिक्षा विभाग की तरफ से विशेषज्ञ डाक्टरों की काउंसलिंग करा कर प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कालेजों में सीनियर रेजीडेंट शिप के लिए भेजा गया था। इसी के तहत अम्बेडकर नगर में स्थित महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कालेज में भी कुछ डाक्टरों को काउंसलिंग के बाद एसआर शिप के लिए भेजा गया था।</p>
<p>आरोप है कि पहले तो नियुक्ति देने के नाम पर ही मेडिकल कालेज प्रशासन ने इन चिकित्सकों को परेशान किया। बाद में ज्वाइनिंग दी लेकिन सीनियर रेजीडेंट के तौर पर नहीं बल्कि डिमास्ट्रेट के तौर पर,ऐसे में नियुक्ति के लिए पहुंचे डॉक्टरों ने सीनियर रेजीडेंट के पद पर ही ज्वाइन करने की बात कही। जिस पर अम्बेडकर नगर स्थित मेडिकल कालेज प्रशासन तैयार नहीं है। मेडिकल कालेज प्रशासन नियमों का हवाला दे रहा है।</p>
<p>दरअसल,अनिवार्य शासकीय सेवा बाण्ड के तहत प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कालेजों में एमडी अथवा एमएस कर चुके डॉक्टरों को दो साल की सीनियर रेजीडेंट शिप करनी थी,उसी के तहत काउंसलिंग करा कर डॉक्टरों को महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कालेज भी भेजा गया था। लेकिन वहां पर कुछ विभागों में एसआर की सीट न होने की बात कह कर डिमास्ट्रेट के पद पर नियुक्ति दी,जिस पर विशेषज्ञ डॉक्टरों ने ज्वाइन करने से मना कर दिया।</p>
<p>डॉक्टरों का कहना है कि डिमास्ट्रेट के पद पर एमबीबीएस करने के बाद कार्य किया जाता है,जब हमने एमडी कर रखी है, तो हम डिमास्ट्रेट के पद पर कैसे ज्वाइन करें। बताया जा रहा है कि जब चिकित्सक कालेज में प्रिंसिपल से बात करने जाते हैं,तो उनसे अभद्रता की जाती है। डॉक्टरों का तो यहां तक कहना है कि आगरा व कन्नौज मेडिकल कालेज में सीटें नहीं थी,लेकिन उसके बाद भी नियुक्ति दी गयी।</p>
<p>लेकिन अम्बेडकर नगर मेडिकल कालेज में एसआर शिप के लिए नियुक्ति नहीं मिली,जिससे हमकों आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं इस मामले में मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डॉ.संदीप कौशिक से बात की गयी,तो उन्होंने बताया कि नियमों के तहत ही नियुक्ति दी जा रही है,जिन विभागों में एसआर की सीट नहीं हैं,वहां पर एसआर कैसे नियुक्त किये जा सकते हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://amritvichar.com/vacancy-out-in-aiims-rae-bareli-can-apply-till-this-date/">एम्स रायबरेली में निकली वैकेंसी, इस डेट तक कर सकते हैं आवेदन</a></strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/280755/the-future-of-more-than-half-a-dozen-specialist-doctors-is-in-the-dark</link>
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                <pubDate>Mon, 12 Sep 2022 16:30:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बहराइच: गर्मी से आमजन को मिली छुट्टी, दिन में छाया अंधेरा, धूल भरी आंधी के साथ शुरू हुई बूंदाबांदी</title>
                                    <description><![CDATA[बहराइच। सोमवार दोपहर में अचानक मौसम बदल गया। धूल भरी आंधी के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। इससे जहां आम लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। वहीं गर्मी से जिलेवासियों को निजात मिली। तराई के बहराइच जनपद में सोमवार को कड़ी धूप हुई। दोपहर 12.30बजे मौसम अचानक बदल गया। धूल भरी तेज हवाएं चलने लगीं। …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/221513/bahraich-the-general-public-got-a-holiday-from-the-heat-the-shadow-was-dark-in-the-day-drizzle-started-with-dust-storm"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-05/amrit-vichar-2022-05-23t134418.283.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बहराइच।</strong> सोमवार दोपहर में अचानक मौसम बदल गया। धूल भरी आंधी के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। इससे जहां आम लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। वहीं गर्मी से जिलेवासियों को निजात मिली।</p>
<p>तराई के बहराइच जनपद में सोमवार को कड़ी धूप हुई। दोपहर 12.30बजे मौसम अचानक बदल गया। धूल भरी तेज हवाएं चलने लगीं। धूल उड़ने से लोगों को आवागमन में काफी दिक्कत हुई। लगभग 15 मिनट तक तेज हवाएं चलीं। इसके बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई।</p>
<p>बारिश होने से तापमान में गिरावट आई। साथ ही गर्मी से परेशान लोगों को निजात मिली। सवा एक बजे के आसपास बूंदाबांदी बारिश में तब्दील हो गई। बादल गड़गड़ाने लगे।</p>
<p>हालांकि दरगाह मेले में आए मेलार्थियों को काफी परेशानी हुई। मौसम वैज्ञानिक एमपी सिंह ने बताया कि शाम तक तेज बारिश होने की संभावना है। बाइक और छोटे चार पहिया वाहन सवार लोग संभालकर बारिश में यात्रा करें।</p>
<p><strong>पढ़ें- <a href="https://amritvichar.com/up-there-was-stormy-rain-in-lucknow-then-roads-were-closed-due-to-falling-trees-in-meerut-rain-alert-issued-in-23-districts/">यूपी: लखनऊ में हुई तूफान भरी बारिश, तो मेरठ में पेड़ गिरने से बंद हुए रास्ते, 23 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी</a></strong></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बहराइच</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 May 2022 13:45:28 +0530</pubDate>
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                <title>बरेली: आज 10 मिनट तक होगा ब्लैक आउट, इज्जतनगर के आसपास रहेगा अंधेरा, सायरन भी बजेगा</title>
                                    <description><![CDATA[अमृत विचार, बरेली। आईवीआरआई कैंपस तथा सामने वाली रोड डेलापीर मोड़ से इज्जत नगर ओवरब्रिज तक 30 अप्रैल यानि आज 10 मिनट तक ब्लैक आउट होगा। इस दौरान इज्जतनगर के आसपास अंधेरा रहेगा और सायरन भी बजेगा। उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा राकेश कुमार मिश्रा ने बताया है कि दुश्मन राष्ट्र के हवाई हमलों से अपने …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/209643/bareilly-today-there-will-be-a-black-out-for-10-minutes-there-will-be-darkness-around-izzatnagar-siren-will-also-sound"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-04/capture-848.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">अमृत विचार, बरेली। </span></strong>आईवीआरआई कैंपस तथा सामने वाली रोड डेलापीर मोड़ से इज्जत नगर ओवरब्रिज तक 30 अप्रैल यानि आज 10 मिनट तक ब्लैक आउट होगा। इस दौरान इज्जतनगर के आसपास अंधेरा रहेगा और सायरन भी बजेगा। उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा राकेश कुमार मिश्रा ने बताया है कि दुश्मन राष्ट्र के हवाई हमलों से अपने क्षेत्र के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान तथा जनमानस को सुरक्षित रखने के लिए ब्लैक आउट का अभ्यास/ प्रदर्शन किया जाता है।</p>
<p>इसी क्रम में कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह के निर्देश में आईवीआरआई एवं उसके आसपास क्षेत्र में ब्लैक आउट का अभ्यास प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट से सटे आईवीआरआई कैम्पस तथा सामने वाली रोड डेलापीर मोड़ से इज्जतनगर ओवर ब्रिज तक 30 अप्रैल को रात 11 बजे से 11ः10 बजे (10 मिनट) तक ब्लैक आउट होगा। उन्होंने कहा कि ब्लैक आउट के समय स्ट्रीट लाइट और प्रतिबंधित क्षेत्र की लाइटें भी बंद कराई जाएंगी और लोगों से घरों के बाहर माचिस व लाइट का प्रयोग न करें।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मोबाइल और फ्लैश लाइट का इस्तेमाल भी न किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रकाश प्रतिबन्ध (सड़क व घरों में) आईवीआरआई कैम्पस, आस-पास के क्षेत्र में, ब्लैक आउट के समय नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवक चिन्हित स्थानों व गलियों में सायरन के साथ डियूटीरत रहेंगे। उन्होंने कहा कि ब्लैक आउट के दौरान एयर फोर्स द्वारा हवाई भ्रमण किया जाना भी प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि ऑल क्लियर के उपरांत काल्पनिक हवाई हमले से बचाव का अभ्यास/प्रदर्शन भी आयोजित किए जाएंगे।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- </strong><a href="https://amritvichar.com/bareilly-divisional-veterinary-office-building-is-looking-at-the-path-of-repair-the-roof-drips-in-the-rain-the-plaster-falls-by-leaving/">बरेली: मंडलीय पशु चिकित्सा कार्यालय भवन देख रहा मरम्मत की राह, बारिश में टपकती है छत, छूटकर गिरता है प्लास्टर</a></p>
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                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Apr 2022 04:45:43 +0530</pubDate>
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                <title>रायबरेली: एक साल से सौ घरों को नहीं नसीब हो रही बिजली, अंधेरे में गुजर रहीं रातें&amp;#8230;.</title>
                                    <description><![CDATA[ऊंचाहार/रायबरेली। 24 घंटे के अंदर खराब ट्रांसफॉर्मर को बदलने का दावा सूबे का निजाम करता है, किंतु इसकी हकीकत देखनी हो तो ऊंचाहार के खोजनपुर गांव को देखना होगा। जहां करीब एक साल से सौ घरों में रोशनी नहीं पहुंची हैं। ग्रामीणों की सुविधा के लिए खोजनपुर गांव के एक ईंट भट्ठे के पास 25 …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/192699/rae-bareli-there-is-no-light-in-a-hundred-houses-for-a-year-nights-are-passing-in-the-dark"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-03/untitled4-20.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ऊंचाहार/रायबरेली।</strong> 24 घंटे के अंदर खराब ट्रांसफॉर्मर को बदलने का दावा सूबे का निजाम करता है, किंतु इसकी हकीकत देखनी हो तो ऊंचाहार के खोजनपुर गांव को देखना होगा। जहां करीब एक साल से सौ घरों में रोशनी नहीं पहुंची हैं। ग्रामीणों की सुविधा के लिए खोजनपुर गांव के एक ईंट भट्ठे के पास 25 केवीए का ट्रांसफॉर्मर लगाया गया है। जो करीब एक साल से खराब पड़ा है। जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते उपभोक्ताओं की शिकायत के बावजूद भी ट्रांसफॉर्मर बदला नहीं गया है। जिसके चलते ग्रामीणों में खासा आक्रोश व्याप्त है।</p>
<p>ग्रामीण भोला प्रसाद, समसाद अहमद, मो हाफिज, घनश्याम, मथुरा, सोहनलाल, अरुण पाल, बब्लू पाल, पप्पू मिश्रा, आदि ने बताया कि करीब पचास घरों की विद्युत आपूर्ति के लिए खोजन पुर गांव के एक ईंट भट्ठे के पास 25 केवीए का ट्रांसफॉर्मर लगाया गया है। जो करीब एक वर्ष पूर्व खराब हो गया। उपभोक्ताओं ने इसकी लिखित शिकायत उपखंड अधिकारी से लेकर अधिशासी अभियंता व 1912 के टोलफ्री नंबर पर दी। जिसके बाद अधिकारियों द्वारा जल्द ट्रांसफॉर्मर बदलने का भरोसा दिलाया।</p>
<p>एक साल का लंबा समय गुजर जाने के बाद भी ट्रांसफॉर्मर बदला नहीं गया। नतीजा उपभोक्ताओं ने बांस बल्लियों के सहारे दूसरे ट्रांसफॉर्मर से बिजली का कनेक्शन लेकर बिजली जला रहे हैं। जो किसी भी समय घातक साबित हो सकता है। इस बाबत विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता दिलीप कुमार ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर जलने की जानकारी नहीं है। जांच कराकर अतिशीघ्र ट्रांसफॉर्मर को बदलवाया जाएगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://amritvichar.com/barabanki-holi-festival-to-remove-differences-and-bring-each-other-closer-holi-meeting-ceremony-of-jaiswal-society/">बाराबंकी: होली मनभेद दूर करने और एक दूसरे को करीब लाने का पर्व, जायसवाल समाज का होली मिलन समारोह</a></strong></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>रायबरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 27 Mar 2022 17:06:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रायबरेलीः करोड़ों खर्च के बाद भी गांव के गलियारों में अंधेरा, जानें वजह?</title>
                                    <description><![CDATA[रायबरेली। गांव की गलियों व मोहल्लों में रात के अंधेरे में दुधिया रोशनी बिखेरने को अनेक निधियों से ग्राम पंचायत व जनप्रतिनिधियों के माध्यम से स्ट्रीट लाइट व सोलर लाइटें लगाई गई हैं। हाल यह है कि सोलर लाइट बंद पड़ी हैं। जिससे गलियारों में अंधेरा है। इन सोलर लाइक लगवाने का मकसद था कि …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/136337/rae-bareli-even-after-spending-crores-there-is-darkness-in-the-corridors-of-the-village-know-the-reason"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-11/amrit-vichar-2021-11-21t190041.297.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रायबरेली।</strong> गांव की गलियों व मोहल्लों में रात के अंधेरे में दुधिया रोशनी बिखेरने को अनेक निधियों से ग्राम पंचायत व जनप्रतिनिधियों के माध्यम से स्ट्रीट लाइट व सोलर लाइटें लगाई गई हैं। हाल यह है कि सोलर लाइट बंद पड़ी हैं। जिससे गलियारों में अंधेरा है। इन सोलर लाइक लगवाने का मकसद था कि शहरों के तर्ज पर गांव की सड़कों पर यह लाइटें उजाला रखेंगी जिससे गांवों में होने वाली चोरियों व लोगो के उजाले की व्यवस्था बेहतर रहे।</p>
<p>ग्राम पंचायतों व जनप्रतिनिधियों से की निधि का करोड़ों रुपया भी लग गया लेकिन सिस्टम के लचर रवैया व अधिकारियों के बंदरबाट की वजह से गांव में लगी सोलर स्ट्रीट लाइट चंद दिनों में जी खराब हो जाती हैं लेकिन इसके एवज में करोड़ों रुपए निकल जाते हैं। ग्राम पंचायत से लेकर जिला पंचायत व सांसद निधि से गांव-गांव में स्ट्रीट लाइट, सोलर पैनल लगाने में लाखों रुपये खर्च कर दिए गए है। लेकिन चंद महीने बाद ही यह लाइट बेकार हो जाती है और गांव में लगी सोलर लाइट शोपीस बन कर रह जाती है। इस दौरान न कोई अधिकारी और न ही कोई जनप्रतिनिधि ध्यान देता है।</p>
<p><strong>कमीशन का खेल है हावी</strong></p>
<p>लाइटों के बिगड़ने का सबसे बड़ा कारण यह रहता है कि जो भी लाइट देता है वह पहले ही कमीशन ले लेता है। जिससे सोलर लाइट बनाने वाली फैक्ट्री जैसे तैसे बना कर दे देती है क्योंकि उसे पता होता है कि दोबारा कोई शिकायत लेकर नहीं आएगा। ज्यादातर ग्राम सभाओं में बड़े पैमाने पर कमीशन का खेल चल रहा है कई प्रधानों ने तो विकास की डोर को ही ठेकेदारों के हाथ में दे दी है। खीरो विकास खण्ड की बात करें.तो 60 ग्राम सभाओं में करोड़ों रुपये की सोलर व स्ट्रीट लाइट लगाई गई है लेकिन ज्यादातर खराब पड़ी है, जिनका पुरसाहाल लेने वाला कोई नहीं है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://amritvichar.com/jaunpur-incident-shows-the-hollowness-of-yogis-claims-cpi-ml/">जौनपुर की घटना योगी के दावों के खोखलेपन को बताती है : भाकपा माले</a></strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>रायबरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Nov 2021 19:04:36 +0530</pubDate>
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