<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.amritvichar.com/tag/85367/nia-court" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Amrit Vichar RSS Feed Generator</generator>
                <title>NIA Court - Amrit Vichar</title>
                <link>https://www.amritvichar.com/tag/85367/rss</link>
                <description>NIA Court RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>NIA Court : एनआईए कोर्ट ने अल-कायदा से जुड़े तीन कट्टरपंथियों को सुनाई सजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/नई दिल्ली। </strong>लखनऊ की एक विशेष एनआईए अदालत ने 2021 के अल-कायदा से जुड़े कट्टरपंथ और भर्ती मामले में तीन और आरोपियों को सजा सुनाई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अदालत ने सोमवार को आरोपी मुसीरुद्दीन उर्फ राजू (लखनऊ) और मिन्हास अहमद उर्फ मिन्हास (लखनऊ), तथा तौहीद अहमद शाह उर्फ सोबू शाह (बडगाम) को पांच साल के कठोर कारावास से लेकर आजीवन कारावास तक की अलग-अलग जेल की सजा सुनायी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी और अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन तीनों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए),</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578727/nia-court--nia-court-sentences-three-al-qaeda-linked-radicals"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/आजीवन-कारावास-की-सजा.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/नई दिल्ली। </strong>लखनऊ की एक विशेष एनआईए अदालत ने 2021 के अल-कायदा से जुड़े कट्टरपंथ और भर्ती मामले में तीन और आरोपियों को सजा सुनाई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अदालत ने सोमवार को आरोपी मुसीरुद्दीन उर्फ राजू (लखनऊ) और मिन्हास अहमद उर्फ मिन्हास (लखनऊ), तथा तौहीद अहमद शाह उर्फ सोबू शाह (बडगाम) को पांच साल के कठोर कारावास से लेकर आजीवन कारावास तक की अलग-अलग जेल की सजा सुनायी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी और अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन तीनों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया। मामले के तीन अन्य आरोपियों शकील, मोहम्मद मुस्तकीम और मोहम्मद मोईद को आर्म्स एक्ट के तहत अपना अपराध स्वीकार करने के बाद पहले ही दोषी ठहराया जा चुका था। एनआईए ने 2022 में दो चार्जशीट के जरिए सभी छह आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किये थे। </p>
<p style="text-align:justify;">यह मामला मूल रूप से उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा जुलाई 2021 में उत्तर प्रदेश एंटी टेररिज्म स्क्वॉड द्वारा प्रतिबंधित अल-कायदा आतंकवादी संगठन के सदस्य मुसीरुद्दीन और मिन्हास की गिरफ्तारी के बाद दर्ज किया गया था। जांच में पाया गया कि ये दोनों लखनऊ में अल-कायदा (एक्यूआईएस) के एक मॉड्यूल के रूप में 'अंसार गजवत-उल-हिंद' (एजीएच) स्थापित करने के लिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने में शामिल थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इस साजिश का उद्देश्य 2021 के स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले राजधानी लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देना था। एनआईए की जांच में सामने आया कि मिन्हास को तौहीद और एक अन्य आरोपी आदिल नबी तेली उर्फ मूसा ने कट्टरपंथी बनाया था। जांच में यह भी पता चला कि मुसीरुद्दीन ने मिन्हास के कहने पर 'बैयत' (निष्ठा की शपथ) ली थी। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद, देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश के तहत मुसीरुद्दीन और मिन्हास ने शकील, मुस्तकीम और मोईद की मदद से हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री इकट्ठा की थी। गौरतलब है कि आरोपी मूसा, जो लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन टीआरएफ से जुड़ा था, मार्च 2022 में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578727/nia-court--nia-court-sentences-three-al-qaeda-linked-radicals</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/578727/nia-court--nia-court-sentences-three-al-qaeda-linked-radicals</guid>
                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 17:41:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-03/%E0%A4%86%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%B5%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%9C%E0%A4%BE.jpg"                         length="108389"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Malegaon Blast Case: साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित समेत सभी सातों आरोपी बरी, कोर्ट ने सुनाया फैसला, जानें क्या कहा...</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुंबई। </strong>मुंबई की एक विशेष अदालत ने सितंबर 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत सभी सातों आरोपियों को बृहस्पतिवार को बरी कर दिया। इस विस्फोट में छह लोग मारे गए थे और 101 अन्य घायल हुए थे। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के मामलों की सुनवाई के लिए नियुक्त विशेष न्यायाधीश ए के लाहोटी ने अभियोजन पक्ष के मामले और जांच में कई खामियों को उजागर किया और कहा कि आरोपी व्यक्ति संदेह का लाभ पाने के हकदार हैं।</p>
<p>मुंबई से लगभग 200 किलोमीटर दूर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/548241/malegaon-blast-case--court-s-decision-may-come-today-in-malegaon-bomb-blast-case--know-who-are-the-accused-including-sadhvi-pragya"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/cats580.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई। </strong>मुंबई की एक विशेष अदालत ने सितंबर 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत सभी सातों आरोपियों को बृहस्पतिवार को बरी कर दिया। इस विस्फोट में छह लोग मारे गए थे और 101 अन्य घायल हुए थे। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के मामलों की सुनवाई के लिए नियुक्त विशेष न्यायाधीश ए के लाहोटी ने अभियोजन पक्ष के मामले और जांच में कई खामियों को उजागर किया और कहा कि आरोपी व्यक्ति संदेह का लाभ पाने के हकदार हैं।</p>
<p>मुंबई से लगभग 200 किलोमीटर दूर मालेगांव शहर में 29 सितंबर 2008 को एक मस्जिद के पास एक मोटरसाइकिल में लगाए गए विस्फोट उपकरण में विस्फोट होने से छह लोगों की मौत हो गयी थी और 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे। न्यायाधीश ने फैसला पढ़ते हुए कहा कि मामले को संदेह से परे साबित करने के लिए कोई ‘‘विश्वसनीय और ठोस’’ सबूत नहीं है। अदालत ने कहा कि इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधान लागू नहीं होते। </p>
<p>अदालत ने यह भी कहा कि यह साबित नहीं हुआ है कि विस्फोट में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल ठाकुर के नाम पर पंजीकृत थी, जैसा कि अभियोजन पक्ष ने दावा किया था। उसने कहा कि यह भी साबित नहीं हुआ है कि विस्फोट कथित तौर पर मोटरसाइकिल पर लगाए गए बम से हुआ था। इससे पहले सुबह, जमानत पर रिहा सातों आरोपी दक्षिण मुंबई स्थित सत्र अदालत पहुंचे जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गयी है।</p>
<p>इस मामले के आरोपियों में ठाकुर, पुरोहित, मेजर (सेवानिवृत्त) रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी शामिल थे। उन सभी पर यूएपीए और भारतीय दंड संहिता तथा शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आतंकवादी कृत्य करने का आरोप था। अभियोजन पक्ष का दावा था कि विस्फोट दक्षिणपंथी चरमपंथियों द्वारा स्थानीय मुस्लिम समुदाय को आतंकित करने के इरादे से किया गया था।  </p>
<h5><strong>मैं जिंदा हूं क्योंकि मैं एक सन्यासी हूं- साध्वी प्रज्ञा</strong></h5>
<p>NIA कोर्ट में जज को संबोधित करते हुए साध्वी प्रज्ञा सिंह ने कहा, "मैंने शुरू से ही कहा था कि जिन्हें भी जांच के लिए बुलाया जाता है, उनके पीछे कोई न कोई आधार ज़रूर होना चाहिए। मुझे जांच के लिए बुलाया गया और मुझे गिरफ़्तार करके प्रताड़ित किया गया। इससे मेरा पूरा जीवन बर्बाद हो गया। मैं एक साधु का जीवन जी रही थी लेकिन मुझ पर आरोप लगाए गए और कोई भी हमारे साथ खड़ा नहीं हुआ। मैं ज़िंदा हूं क्योंकि मैं एक सन्यासी हूं। उन्होंने साज़िश करके भगवा को बदनाम किया। आज भगवा की जीत हुई है, हिंदुत्व की जीत हुई है और ईश्वर दोषियों को सज़ा देगा। हालांकि, भारत और भगवा को बदनाम करने वालों को आपने ग़लत साबित नहीं किया है।"</p>
<h5><strong>इसी ब्लास्ट से भगवा आतंकवाद जैसे शब्दों को जन्म हुआ था</strong></h5>
<p>मामले में पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित (रि) सहित सात लोग आरोपी बनाए गए हैं। मामला देश के अति संवेदनशील मामलों में से एक है, क्योंकि मालेगांव ब्लास्ट के बाद से ही हिंदू आतंकवाद और भगवा आतंकवाद जैसे शब्दों का जन्म हुआ। बता दें, ब्लास्ट केस में कुल 12 लोगों पर आरोप लगे थे लेकिन स्पेशल एनआईए कोर्ट में केस शुरू होने से पहले ही पांच लोगों को बरी कर दिया गया था।  </p>
<h5><strong>19 अप्रैल को सुरक्षित रखा था आदेश</strong></h5>
<p>19 अप्रैल को अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था. शुरुआत में सातों आरोपियों को फैसले के लिए आठ मई को पेश होने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, बाद में फैसला 31 जुलाई के लिए पुननिर्धारित कर दिया गया। </p>
<h5><strong>हेमंत करकरे ने की थी इस मामले में जांच</strong></h5>
<p>केस की जांच का प्रारंभिक संचालन एटीएस के विशेष महानिरीक्षक हेमंत करकरे कर रहे थे। बाद में 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों के दौरान वे शहीद हो गए थे। मामले में एटीएस ने 2009 में अपना आरोपपत्र दायर किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/548241/malegaon-blast-case--court-s-decision-may-come-today-in-malegaon-bomb-blast-case--know-who-are-the-accused-including-sadhvi-pragya</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/548241/malegaon-blast-case--court-s-decision-may-come-today-in-malegaon-bomb-blast-case--know-who-are-the-accused-including-sadhvi-pragya</guid>
                <pubDate>Thu, 31 Jul 2025 12:13:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-07/cats580.jpg"                         length="189127"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कासगंज: चंदन गुप्ता हत्याकांड...दोनों बरी आरोपियों को कोर्ट से जमानती वारंट, हाईकोर्ट में 19 मई को सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कासगंज, अमृत विचार।</strong> 26 जनवरी 2018 को तिरंगा रैली के दौरान कासगंज में दंगा हुआ। चंदन की गुप्ता की गोली लगने से मौत हो गई थी। सात दिन तक शहर सुलगता रहा। मामले की सुनवाई एनआईए कोर्ट में हुई। 28 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा हुई। दो आरोपियों को बरी किया गया। अब दोनों बरी किए गए आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किए हैं। इस मामले में 19 मई को सुनवाई होनी तय की गई है।</p>
<p>26 जनवरी 2018 को तिरंगा रैली दंगे 30 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मामला लखनऊ की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/534832/kasganj-chandan-gupta-killers-acquitted-accused-hearing-in-bailable-warrant"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/चंदन-गुप्ता2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कासगंज, अमृत विचार।</strong> 26 जनवरी 2018 को तिरंगा रैली के दौरान कासगंज में दंगा हुआ। चंदन की गुप्ता की गोली लगने से मौत हो गई थी। सात दिन तक शहर सुलगता रहा। मामले की सुनवाई एनआईए कोर्ट में हुई। 28 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा हुई। दो आरोपियों को बरी किया गया। अब दोनों बरी किए गए आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किए हैं। इस मामले में 19 मई को सुनवाई होनी तय की गई है।</p>
<p>26 जनवरी 2018 को तिरंगा रैली दंगे 30 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मामला लखनऊ की  एनआईए कोर्ट में चल रहा था। कोर्ट ने दो आरोपी असीम कुरैशी, नसरूदीन को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया था, जबकि 28 लोगों को आजीवन करावास की सजाई सुनाई। पीड़ित पक्ष चंदन गुप्ता के पिता सुशील गुप्ता ने दोनों के खिलाफ हाईकोर्ट में  क्रिमिनल अपील दायर कर दी। हाईकोर्ट ने इस अपील पर सुनवाई करते हुए दोनों के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने के निर्देश दिए हैं। मामले में अगली सुनवाई 19 मई को मुकर्रर कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कासगंज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/534832/kasganj-chandan-gupta-killers-acquitted-accused-hearing-in-bailable-warrant</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/534832/kasganj-chandan-gupta-killers-acquitted-accused-hearing-in-bailable-warrant</guid>
                <pubDate>Tue, 22 Apr 2025 22:09:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-04/%E0%A4%9A%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%A8-%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE2.jpg"                         length="474927"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Tahawwur Rana: मुंबई आतंकी हमले का मुख्य आरोपी तहव्वुर राणा का विमान दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड, कोर्ट में हुई पेशी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड तहव्वुर हुसैन राणा को वर्षों की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार गुरूवार को यहां पहुंचने पर हिरासत में लिया। राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पित कर आज शाम विशेष विमान से यहां लाया गया।</p>
<p>मुंबई आंतकी हमलों के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को बृहस्पतिवार रात दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया। राणा को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के विशेष न्यायाधीश चंद्रजीत सिंह के समक्ष पेश किया गया।</p>
<p>वरिष्ठ अधिवक्ता दयान कृष्णन और विशेष सरकारी अभियोजक नरेन्द्र मान ने एनआईए का प्रतिनिधित्व किया। दिल्ली विधिक सेवा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/532670/tahawwur-rana-reached-india-the-main-accused-in-the-mumbai"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/demo-image-v---2025-04-09t154839.3501.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड तहव्वुर हुसैन राणा को वर्षों की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार गुरूवार को यहां पहुंचने पर हिरासत में लिया। राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पित कर आज शाम विशेष विमान से यहां लाया गया।</p>
<p>मुंबई आंतकी हमलों के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को बृहस्पतिवार रात दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया। राणा को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के विशेष न्यायाधीश चंद्रजीत सिंह के समक्ष पेश किया गया।</p>
<p>वरिष्ठ अधिवक्ता दयान कृष्णन और विशेष सरकारी अभियोजक नरेन्द्र मान ने एनआईए का प्रतिनिधित्व किया। दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिवक्ता पीयूष सचदेवा अदालत में राणा का प्रतिनिधित्व करेंगे। राणा को जेल वैन, बख्तरबंद विशेष वाहन और एक एम्बुलेंस सहित कई वाहनों के काफिले में अदालत लाया गया।</p>
<p>राणा को अदालत में पेश करने से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मीडियाकर्मियों और आम लोगों को अदालत परिसर से बाहर कर दिया। पुलिस ने मीडियाकर्मियों से कहा कि वह सुनिश्चित कर रही है कि अदालत परिसर पूरी तरह से खाली रहे। </p>
<p>एनआईए ने आज शाम को एक वक्तव्य जारी कर कहा कि उसने लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार राणा को सफलतापूर्वक प्रत्यर्पित करने में सफलता हासिल कर ली है। भारत-अमेरिका प्रत्यर्पण संधि के तहत शुरू की गई कार्यवाही के चलते राणा को अमेरिका में न्यायिक हिरासत में रखा गया था। राणा द्वारा प्रत्यर्पण को रोकने के लिए सभी कानूनी रास्ते आजमाने के बाद आखिरकार उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी हो गयी।</p>
<p>वक्तव्य में कहा गया है कि कैलिफोर्निया के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने 16 मई 2023 को उसके प्रत्यर्पण का आदेश दिया था। इसके बाद राणा ने नौवीं सर्किट कोर्ट ऑफ अपील में कई मुकदमे दायर किए, जिनमें से सभी को खारिज कर दिया गया। इसके बाद उसने एक रिट , दो बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाएं और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक आपातकालीन आवेदन दायर किया लेकिन उसे भी खारिज कर दिया गया।</p>
<p>भारत द्वारा अंततः अमेरिकी सरकार से वांछित आतंकवादी के लिए आत्मसमर्पण वारंट प्राप्त करने के बाद दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण कार्यवाही शुरू की गई। एनआईए ने स्काई मार्शल, यूएसडीओजे की सक्रिय सहायता से पूरी प्रत्यर्पण प्रक्रिया के दौरान अन्य भारतीय खुफिया एजेंसियों, एनएसजी के साथ मिलकर काम किया, जिसमें भारत के विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने मामले को सफल निष्कर्ष तक ले जाने के लिए अमेरिका में अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय किया।</p>
<p>राणा पर डेविड कोलमैन हेडली उर्फ ​​दाउद गिलानी और नामित आतंकवादी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और हरकत-उल-जिहादी इस्लामी (एचयूजेआई) के गुर्गों के साथ-साथ पाकिस्तान स्थित अन्य सह-षड्यंत्रकारियों के साथ मिलकर 2008 में मुंबई में हुए विनाशकारी आतंकवादी हमलों की साजिश रचने का आरोप है। इन हमलों में कुल 166 लोग मारे गए और 238 से अधिक घायल हुए। भारत सरकार द्वारा गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत लश्कर ए तैयबा और एचयूजेआई दोनों को आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है।</p>
<p><strong>तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण पर पाकिस्तान की पहली प्रतिक्रिया</strong><br />तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण के पर पाकिस्तान की तरफ से पहला बयान आया है। पाकिस्तान ने तहव्वुर राणा से खुद को अलग किया है। पाकिस्तान विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा, "तहव्वुर राणा ने पिछले दो दशकों में अपने पाकिस्तानी दस्तावेजों का नवीनीकरण नहीं कराया है, उसकी कनाडाई नागरिकता बहुत साफ है। बता दें कि पाकिस्तान खुद को इसलिए अलग कर रहा है क्योंकि तहव्वुर राणा पाकिस्तानी सेना/आईएसआई का अंदरूनी सूत्र है, जो अब मुंबई 26/11 हमलों की साजिश में पाकिस्तान की प्रत्यक्ष भूमिका के बारे में खुलासा करेगा।</p>
<p>तहव्वुर हुसैन राणा के प्रत्यर्पण पर शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा, "एक मुंबईकर के तौर पर मुझे बहुत खुशी है कि उसका (तहव्वुर हुसैन राणा) प्रत्यर्पण किया जा रहा है। यह 2019 से प्रधानमंत्री मोदी की लगातार बातचीत का नतीजा है, जब उन्होंने उसके प्रत्यर्पण के संबंध में अमेरिका को एक राजनयिक नोट सौंपा था... यह जीत उन सभी नागरिकों की है, जिन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को 26/11 हमले में खोया है... प्रधानमंत्री मोदी की सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सभी साजिशकर्ताओं को करारा जवाब मिले और शिवसेना से हमारी मांग यही होगी कि तहव्वुर राणा को सजा-ए-मौत मिले।"</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/532647/cm-rekha-gupta-clarified-her--thulla--statement--said-there-was-no-intention-to-hurt-policemen">सीएम रेखा गुप्ता ने ‘ठुल्ला’ वाले बयान पर दी सफाई, बोलीं -पुलिसकर्मियों को आहत करने का नहीं था कोई इरादा </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/532670/tahawwur-rana-reached-india-the-main-accused-in-the-mumbai</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/532670/tahawwur-rana-reached-india-the-main-accused-in-the-mumbai</guid>
                <pubDate>Thu, 10 Apr 2025 18:34:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-04/demo-image-v---2025-04-09t154839.3501.jpg"                         length="195546"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कासगंज: चंदन गुप्ता हत्याकांड पर कोर्ट के फैसले को हिंदू संगठनों ने बताया ऐतिहासिक</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमांपुर, अमृत विचार।</strong> बहुचर्चित चंदन हत्याकांड में लंबे इंतजार के बाद एनआईए कोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने को लेकर विहिप और बजरंग दल के नेताओं ने शनिवार को हर्ष व्यक्त किया। इस फैसले को ऐतिहासिक और स्वागत योग्य बताते हुए सत्य की जीत बताई।<br />  <br />अमांपुर कस्बे में विहिप, बजरंग दल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियो व कार्यकताओं ने चंदन गुप्ता हत्या कांड में लखनऊ की एनआईए कोर्ट द्वारा दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद पदाधिकारियों ने हर्ष जताया हैं। सात साल बाद आए चंदन गुप्ता हत्याकांड में 28 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनना एक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/514816/hindu-organizations-called-the-courts-decision-on-kasganj-chandan-gupta"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/76.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमांपुर, अमृत विचार।</strong> बहुचर्चित चंदन हत्याकांड में लंबे इंतजार के बाद एनआईए कोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने को लेकर विहिप और बजरंग दल के नेताओं ने शनिवार को हर्ष व्यक्त किया। इस फैसले को ऐतिहासिक और स्वागत योग्य बताते हुए सत्य की जीत बताई।<br /> <br />अमांपुर कस्बे में विहिप, बजरंग दल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियो व कार्यकताओं ने चंदन गुप्ता हत्या कांड में लखनऊ की एनआईए कोर्ट द्वारा दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद पदाधिकारियों ने हर्ष जताया हैं। सात साल बाद आए चंदन गुप्ता हत्याकांड में 28 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनना एक ऐतिहासिक फैसला है। पदाधिकारियों ने कोर्ट का आभार व्यक्त किया। नगर संघचालक राकेश पाराशर ने बताया कि लंबे इंतजार के बाद दोषियों को आखिरकार सजा हो गई। यह फैसला सत्य की जीत है। जिसका सभी हिन्दूवादी संगठन स्वागत करते हैं। हर्ष व्यक्त करने वालों में प्रधानाचार्य जागन सिंह सोलंकी, रामनरायन मित्तल, राकेश पाराशर, विजयप्रकाश गुप्ता, धीरज गुप्ता, गौरव गुप्ता, पुष्पेंद्र वर्मा, अवधेश सर्राफ, आकाश गुप्ता सर्राफ, रामखिलाड़ी उपाध्याय, डॉ. शिवांशू अग्रवाल, आदित्य नंदन, पुष्पेंद्र कुमार, सोनू गुप्ता, चेतन सोलंकी, नीरज गुप्ता, विकास दादा, पृथ्वीराज चौहान, सुखवीर चौहान, लक्ष्मण शर्मा, अंशुल वर्मा, राहुल जौहरी, आशीष चौहान, अभिषेक सर्राफ, मोहनलाल शाक्य, आयुष भारद्वाज, रोहित पाल, शिवम सोलंकी, कृष्णा आर्य, मनु गुप्ता, रोहित माहेश्वरी, प्रियांशू, दीपक, ध्रुव आदि स्वयंसेवक मौजूद रहे।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें - <a href="https://www.amritvichar.com/article/514814/kasganj-resentment-among-traders-against-online-trading-this-demand-from">कासगंज: ऑनलाइन ट्रेडिंग का खिलाफ व्यापारियों में आक्रोश, प्रधानमंत्री से की ये मांग</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कासगंज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/514816/hindu-organizations-called-the-courts-decision-on-kasganj-chandan-gupta</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/514816/hindu-organizations-called-the-courts-decision-on-kasganj-chandan-gupta</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Jan 2025 17:31:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-01/76.jpg"                         length="706083"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चंदन गुप्ता हत्याकांड:  NIA कोर्ट का बड़ा फैसला, 28 दोषियों को उम्रकैद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> साल 2018 में 26 जनवरी को कासगंज जिले में चंदन गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह हत्या तिरंगा यात्रा के दौरान की गई थी। जिसके बाद दंगा भड़क गया था। इस मामले में शुक्रवार को एनआईए कोर्ट ने हत्याकांड में 28 दोषियों को दोषी मानते हुये उम्रकैद की सजा सुनाई है।</p>
<p>दरअसल, एनआईए कोर्ट ने गुरुवार को इस मामले में सुनवाई करते हुये हत्याकांड में 28 आरोपियों को दोषी मानते हुये फैसला सुरक्षित रखा था, जबकि 2 लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था। आज सभी 28 दोषियों को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/514614/chandan-gupta-murder-case--big-decision-of-nia-court--life-imprisonment-to-28-accused"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/demo-image-v---2025-01-03t150659.402.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> साल 2018 में 26 जनवरी को कासगंज जिले में चंदन गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह हत्या तिरंगा यात्रा के दौरान की गई थी। जिसके बाद दंगा भड़क गया था। इस मामले में शुक्रवार को एनआईए कोर्ट ने हत्याकांड में 28 दोषियों को दोषी मानते हुये उम्रकैद की सजा सुनाई है।</p>
<p>दरअसल, एनआईए कोर्ट ने गुरुवार को इस मामले में सुनवाई करते हुये हत्याकांड में 28 आरोपियों को दोषी मानते हुये फैसला सुरक्षित रखा था, जबकि 2 लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था। आज सभी 28 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुना दी गई है। </p>
<p>करीब सात साल पहले हुये इस हत्याकांड में मृतक चंदन के पिता ने कासगंज थाने में 20 नामजद समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिसका फैसला आज आ गया है। 28 आरोपियों को दोषी मानते हुये कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। </p>
<p><strong>जानिये घटना के बारे में</strong><br />साल 2018 में 26 जनवरी को शहर में कुछ युवा उत्सव मना रहे थे। इस दौरान मोटर साइकिल से उन्होंने तिरंगा यात्रा निकाली थी और वंदेमातरम व भारत माता की जय के नारे लगा रहे थे, लेकिन उनका यह उत्सव कुछ उपद्रवी  तत्वों को पसंद नहीं आया।</p>
<p>बताया जा रहा है कि यह तिरंगा यात्रा जैसे ही शहर के बड्डूनगर इलाके में पहुंची, उपद्रवी तत्वों ने फायरिंग और पथराव शुरू कर दिया। जिसमें चंदन गुप्ता की गोली लगने से मौत हो गई। उधर जैसे ही चंदन की मौत की सूचना फैली, उसके बाद शहर में दंगे शुरू हो गये। तनाव इतना बढ़ा कि प्रशासन को कर्फ्यू लगाना पड़ा। </p>
<p>इस घटना के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी वसीम, नसीम, और सलीम समेत लगभग 117 लोगों को गिरफ्तार किया। वहीं इस मामले में जांच कर रही एसआईटी की टीम ने 24 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। बाद में चंदन गुप्ता के पिता सुनील गुप्ता ने हाईकोर्ट से केस लखनऊ ट्रांसफर करने की अपील की, जिसके बाद केस की लखनऊ कोर्ट में सुनवाई होने लगी, करीब सात साल पुराने इस मामले में कोर्ट ने 28 दोषियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/514416/28-accused-found-guilty-in-chandan-gupta-murder-case--big-decision-of-nia-court">चंदन गुप्ता हत्याकांड में 28 आरोपी दोषी करार, दो बरी, NIA कोर्ट कल सुनायेगी सजा</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>कासगंज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/514614/chandan-gupta-murder-case--big-decision-of-nia-court--life-imprisonment-to-28-accused</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/514614/chandan-gupta-murder-case--big-decision-of-nia-court--life-imprisonment-to-28-accused</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jan 2025 15:07:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-01/demo-image-v---2025-01-03t150659.402.jpg"                         length="113957"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चंदन गुप्ता हत्याकांड में 28 आरोपी दोषी करार, दो बरी, NIA कोर्ट कल सुनायेगी सजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>साल 2018 में 26 जनवरी को कासगंज जिले में चंदन गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह हत्या तिरंगा यात्रा के दौरान की गई थी। जिसके बाद दंगा भड़क गया था। इस मामले में गुरुवार को एनआईए कोर्ट ने हत्याकांड में 28 आरोपियों को दोषी मानते हुये फैसला सुरक्षित रखा है, जबकि 2 लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है। बताया जा रहा कि इस मामले में कल यानी शुक्रवार को सजा सुनाई जायेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">करीब 7 साल पुराने मामले में चंदन के पिता ने कासगंज थाने में 20 नामजद समेत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/514416/28-accused-found-guilty-in-chandan-gupta-murder-case--big-decision-of-nia-court"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/cats28.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>साल 2018 में 26 जनवरी को कासगंज जिले में चंदन गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह हत्या तिरंगा यात्रा के दौरान की गई थी। जिसके बाद दंगा भड़क गया था। इस मामले में गुरुवार को एनआईए कोर्ट ने हत्याकांड में 28 आरोपियों को दोषी मानते हुये फैसला सुरक्षित रखा है, जबकि 2 लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है। बताया जा रहा कि इस मामले में कल यानी शुक्रवार को सजा सुनाई जायेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">करीब 7 साल पुराने मामले में चंदन के पिता ने कासगंज थाने में 20 नामजद समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिसका फैसला आज आ गया है। 28 आरोपियों पर दोष सिद्ध हुआ है। यह फैसला आने के बाद कासगंज जिले में पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>जानिये घटना के बारे में</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">साल 2018 में 26 जनवरी को शहर में कुछ युवा उत्सव मना रहे थे। इस दौरान मोटर साइकिल से उन्होंने तिरंगा यात्रा निकाली थी और वंदेमातरम व भारत माता की जय के नारे लगा रहे थे, लेकिन उनका यह उत्सव कुछ उपद्रवी  तत्वों को पसंद नहीं आया।</p>
<p style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि यह तिरंगा यात्रा जैसे ही शहर के बड्डूनगर इलाके में पहुंची, उपद्रवी तत्वों ने फायरिंग और पथराव शुरू कर दिया। जिसमें चंदन गुप्ता की गोली लगने से मौत हो गई। उधर जैसे ही चंदन की मौत की सूचना फैली, उसके बाद शहर में दंगे शुरू हो गये। तनाव इतना बढ़ा कि प्रशासन को कर्फ्यू लगाना पड़ा। </p>
<p style="text-align:justify;">इस घटना के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी वसीम, नसीम, और सलीम समेत लगभग 117 लोगों को गिरफ्तार किया। वहीं इस मामले में जांच कर रही एसआईटी की टीम ने 24 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। बाद में चंदन गुप्ता के पिता सुनील गुप्ता ने हाईकोर्ट से केस लखनऊ ट्रांसफर करने की अपील की, जिसके बाद केस की लखनऊ कोर्ट में सुनवाई होने लगी, करीब सात साल पुराने इस मामले में कोर्ट ने 28 आरोपियों को दोषी करार देने के साथ ही कल के लिए फैसला सुरक्षित कर लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>चप्पे चप्पे पर रही पुलिस</strong></p>
<p style="text-align:justify;">चंदन हत्याकांड में कोर्ट द्वारा सुनवाई होने और फैसला 3 दिसंबर को सुनाए जाने को लेकर शहर में पुलिस अलर्ट रही। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रो में पुलिस ने पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। जगह जगह पुलिस तैनात रही।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>शहर में चर्चाएं तेज</strong></p>
<p style="text-align:justify;">आठ वर्ष बाद शहर में हर किसी के जहन में चंदन हत्याकांड की चर्चाएं तेज हो गईं। इस फैसले को लेकर लोगों की नजरें टिकी हुई थीं। लोग सरगर्मी से इंतजार कर रहे थे। होटल, ढाबों, चाय की दुकानो पर दिन भर चर्चाएं रही। 28 आरोपियों पर दोष सिद्ध हुआ है।  दो आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य न मिलने से दोष मुक्त किए गए हैं। शुक्रवार को एएनआई कोर्ट दोषियों को सजा सुनायेगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>भारत माता का जयघोष करने पर बेटे को मारी गोली</strong></p>
<p style="text-align:justify;">मृतक चंदन के पिता सुनील गुप्ता ने कहा कि बहुत अच्छा हुआ है। न्यायपालिका से हमको यहीं उम्मीद थी न्याय मिलेगा। सत्य की जीत हुई है। हमारी आत्माओ को संतुष्टि मिली है। उसका सिर्फ यही दोष था कि 26 जनवरी पर भारत माता के जयघोष लगा रहा था। इसी बात का लेकर आरोपियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/514360/diljit-dosanjh-met-pm-modi--singer-said--2025-has-started-well#gsc.tab=0">पीएम मोदी से मिले दिलजीत दोसांझ, सिंगर बोले- साल 2025 की शानदार शुरुआत</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>कासगंज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/514416/28-accused-found-guilty-in-chandan-gupta-murder-case--big-decision-of-nia-court</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/514416/28-accused-found-guilty-in-chandan-gupta-murder-case--big-decision-of-nia-court</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Jan 2025 13:14:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-01/cats28.jpg"                         length="121631"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP धर्मांतरण मामला: उमर गौतम और मौलाना कलीम सिद्दीकी समेत 12 को उम्रकैद, 4 लोगों को 10-10 साल की सजा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ। </strong>  उत्तर प्रदेश के लखनऊ में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की विशेष अदालत ने अवैध धर्म परिवर्तन के मामले में दोषी करार दिये गये मोहम्मद उमर गौतम और मौलाना कलीम सिद्दीकी समेत 12 लोगों को बुधवार को उम्रकैद और चार अन्य दोषियों को10-10 वर्ष कैद की सजा सुनायी। अदालत ने सभी को मंगलवार को दोषी करार दिया था और बुधवार को सजा का ऐलान किया गया।</p>
<p>अदालत द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने मोहम्मद उमर गौतम, मौलाना कलीम सिद्दीकी, इरफान शेख, सलाउद्दीन जैनुद्दीन शेख, प्रकाश रामेश्वर कावड़े उर्फ आदम, भुप्रिय बन्दो उर्फ अर्सलान मुस्तफा, कौशर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/491623/up-conversion-case--12-including-umar-gautam-and-maulana-kalim-siddiqui-sentenced-to-life-imprisonment--4-people-sentenced-to-10-years-each"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-09/cats259.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ। </strong> उत्तर प्रदेश के लखनऊ में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की विशेष अदालत ने अवैध धर्म परिवर्तन के मामले में दोषी करार दिये गये मोहम्मद उमर गौतम और मौलाना कलीम सिद्दीकी समेत 12 लोगों को बुधवार को उम्रकैद और चार अन्य दोषियों को10-10 वर्ष कैद की सजा सुनायी। अदालत ने सभी को मंगलवार को दोषी करार दिया था और बुधवार को सजा का ऐलान किया गया।</p>
<p>अदालत द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने मोहम्मद उमर गौतम, मौलाना कलीम सिद्दीकी, इरफान शेख, सलाउद्दीन जैनुद्दीन शेख, प्रकाश रामेश्वर कावड़े उर्फ आदम, भुप्रिय बन्दो उर्फ अर्सलान मुस्तफा, कौशर आलम, फराज वाबुल्लाशाह, धीरज गोविंद राव जगताप, सरफराज अली जाफरी, काजी जहांगीर और अब्दुल्ला उमर को भारतीय दंड संहिता की धारा 121 ए (राष्ट्रद्रोह) के तहत आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी।</p>
<p>आदेश के मुताबिक, मामले में बाकी चार अभियुक्तों मोहम्मद सलीम, राहुल भोला, मन्नू यादव तथा कुणाल अशोक चौधरी को ‘उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन (प्रतिषेध) अधिनियम’ की धारा-पांच के तहत 10-10 वर्ष की कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी गयी। उप निरीक्षक विनोद कुमार ने 20 जून 2021 को इस मामले में लखनऊ के एटीएस थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी।</p>
<p>इन सभी आरोपियों पर तत्कालीन भारतीय दंड संहिता की धारा 417, 120 बी, 121ए, 123, 153ए, 153बी, 295ए और 298 के साथ ही उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 की धारा 3/5/8 के तहत आरोप लगाए गए थे। विशेष लोक अभियोजक एमके सिंह के मुताबिक, उमर गौतम और मामले के अन्य अभियुक्त एक साजिश के तहत धार्मिक उन्माद, वैमनस्य और नफरत फैलाकर देशभर में अवैध धर्मांतरण का गिरोह चला रहे थे।</p>
<p>उनके तार दूसरे देशों से भी जुड़े हैं। सिंह ने बताया कि इसके लिए आरोपी हवाला के जरिए विदेशों से धन भेजे जाने के मामले में भी लिप्त थे। वे आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं और दिव्यांगों को लालच देकर और उन पर अनुचित दबाव बनाकर बड़े पैमाने पर उनका धर्म परिवर्तन करा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, मोहम्मद उमर गौतम को मुफ्ती काजी जहांगीर आलम कासमी के साथ 20 जून 2021 को दिल्ली के जामिया नगर से गिरफ्तार किया गया था।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि वे एक संगठन का संचालन कर रहे थे जो उत्तर प्रदेश में मूक- बधिर छात्रों और गरीब लोगों को इस्लाम में धर्मांतरित कराने में शामिल था और इस बात की आशंका है कि इसके लिए उन्हें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से धन मिलता था। मौजूदा पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार उस समय एटीएस के अपर पुलिस महानिदेशक का दायित्व संभाल रहे थे।</p>
<p>उन्होंने बताया था कि उमर गौतम पहले हिंदू था लेकिन उसने मुस्लिम धर्म स्वीकार कर लिया और धर्मांतरण कराने में सक्रिय हो गया। उन्होंने उमर के हवाले से बताया था कि उसने करीब एक हजार गैर मुस्लिम लोगों को इस्लाम में धर्मांतरित कराया और उनकी मुस्लिमों से शादी कराई है। यह अभियान जामिया नगर में स्थित इस्लामिक दावा सेंटर नामक संस्था के जरिये चलाया जा रहा था। </p>
<div class="youtubeplayer-responsive-iframe-outer"><iframe class="youtubeplayer-responsive-iframe" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/EuxVkIYDAaI" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></div>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a class="post-title" href="https://www.amritvichar.com/article/491518/standing-with-the-forces-that-are-breaking-the-country-has">'देश को तोड़ने वाली ताकतों के साथ खड़े होना राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की आदत बन गई है', आरक्षण वाले बयान पर अमित शाह का पलटवार</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/491623/up-conversion-case--12-including-umar-gautam-and-maulana-kalim-siddiqui-sentenced-to-life-imprisonment--4-people-sentenced-to-10-years-each</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/491623/up-conversion-case--12-including-umar-gautam-and-maulana-kalim-siddiqui-sentenced-to-life-imprisonment--4-people-sentenced-to-10-years-each</guid>
                <pubDate>Wed, 11 Sep 2024 18:47:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-09/cats259.jpg"                         length="124038"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Tahkwada Attack Case: NIA कोर्ट का बड़ा फैसला, चार नक्सलियों को आजीवन कारावास...15 जवान हुए थे शहीद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> एक ऐतिहासिक फैसले में एनआईए अदालत ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया। जहां छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में एक विशेष अदालत ने 2014 में हुए घातक माओवादी हमले के मामले में चार नक्सलियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस घटना में 15 सुरक्षाकर्मियों और एक व्यक्ति की मृत्यु हुई थी।</p>
<p>राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के विशेष लोक अभियोजक दिनेश पाणिग्रही ने बताया कि विशेष न्यायाधीश (एनआईए) जगदलपुर, डीआर देवांगन की अदालत ने सोमवार को चार दोषियों --महादेव नाग, कवासी जोगा, मणि राम मदिया और दयाराम बघेल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। </p>
<p>पाणिग्रही ने बताया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/443225/tahkwada-attack-case-nia-courts-big-decision-life-imprisonment-to"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-02/nia.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> एक ऐतिहासिक फैसले में एनआईए अदालत ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया। जहां छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में एक विशेष अदालत ने 2014 में हुए घातक माओवादी हमले के मामले में चार नक्सलियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस घटना में 15 सुरक्षाकर्मियों और एक व्यक्ति की मृत्यु हुई थी।</p>
<p>राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के विशेष लोक अभियोजक दिनेश पाणिग्रही ने बताया कि विशेष न्यायाधीश (एनआईए) जगदलपुर, डीआर देवांगन की अदालत ने सोमवार को चार दोषियों --महादेव नाग, कवासी जोगा, मणि राम मदिया और दयाराम बघेल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। </p>
<p>पाणिग्रही ने बताया कि 11 मार्च 2014 को सुकमा जिले के तोंगपाल थाना क्षेत्र के अंतर्गत टहकवाड़ा गांव के करीब हथियारबंद नक्सलियों ने सीआरपीएफ और राज्य पुलिस के संयुक्त दल पर हमला कर दिया था जिसमें 15 सुरक्षाकर्मी और एक नागरिक की मृत्यु हो गई थी। इनमें सीआरपीएफ के 11 और राज्य पुलिस के चार जवान शामिल थे। </p>
<p>विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि घटना के बाद तोंगपाल पुलिस ने नक्सली नेता सोनाधर, शंकर, गणेश उइके, विनोद, सुमित्रा और प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) के लगभग 200 अन्य सक्रिय नक्सलियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। उन्होंने बताया कि बाद में एनआईए ने मामले को अपने हाथ में ले लिया था। पाणिग्रही ने बताया कि मामले में शामिल कई आरोपियों में से इन चारों को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया था। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <span style="color:rgb(186,55,42);"><a style="color:rgb(186,55,42);" href="https://www.amritvichar.com/article/443083/violence-is-taking-place-in-the-country-and-hatred-is">देश में हिंसा हो रही है और नफरत फैलाई जा रही, लोगों के साथ 24 घंटे हो रहा अन्याय... राहुल गांधी का दावा</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/443225/tahkwada-attack-case-nia-courts-big-decision-life-imprisonment-to</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/443225/tahkwada-attack-case-nia-courts-big-decision-life-imprisonment-to</guid>
                <pubDate>Tue, 13 Feb 2024 19:01:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-02/nia.jpg"                         length="139489"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ISIS के दो आतंकियों को NIA कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा, कानपुर में की थी शिक्षक की हत्या</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ। </strong>विशेष एनआईए/एटीएस अदालत ने कानपुर में एक शिक्षक की हत्या करने के आरोपी आईएसआईएस के दो आतंकवादियों को गुरुवार को फांसी की सजा सुनायी। अदालत ने इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) के इन दोनों को इस साल पांच सितंबर को ही दोषी करार दिया था, लेकिन फैसला आज सुनाया गया। </p>
<p>विशेष अदालत के न्यायाधीश दिनेश कुमार मिश्रा ने अपने फैसले में कहा कि दोषियों आतिफ मुजफ्फर और फैसल का कृत्य दुर्लभतम मामलों की श्रेणी में आता है लिहाजा वे मौत की सजा के हकदार हैं। अदालत ने दोषी ठहराये गये आईएसआईएस के दोनों आतंकवादियों पर 11 लाख</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/403289/nia-court-awarded-death-sentence-to-two-isis-terrorists-who-had-murdered-a-teacher-in-kanpur"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-09/coart.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ। </strong>विशेष एनआईए/एटीएस अदालत ने कानपुर में एक शिक्षक की हत्या करने के आरोपी आईएसआईएस के दो आतंकवादियों को गुरुवार को फांसी की सजा सुनायी। अदालत ने इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) के इन दोनों को इस साल पांच सितंबर को ही दोषी करार दिया था, लेकिन फैसला आज सुनाया गया। </p>
<p>विशेष अदालत के न्यायाधीश दिनेश कुमार मिश्रा ने अपने फैसले में कहा कि दोषियों आतिफ मुजफ्फर और फैसल का कृत्य दुर्लभतम मामलों की श्रेणी में आता है लिहाजा वे मौत की सजा के हकदार हैं। अदालत ने दोषी ठहराये गये आईएसआईएस के दोनों आतंकवादियों पर 11 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। </p>
<p>न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा ''मृतक रमेश बाबू शुक्ला की हत्या सामान्य श्रेणी में नहीं आती क्योंकि दोषियों द्वारा उनकी हत्या प्रतिबंधित आतंकवादी समूह आईएसआईएस के साथ प्रतिबद्धता दिखाने के लिए की गई थी। यह हत्या इस बात को सुनिश्चित करने के बाद की गयी कि शुक्ला गैर-मुस्लिम थे।'' अदालत ने आगे कहा, ''दोषियों की मृतक से कोई दुश्मनी नहीं थी और न ही मृतक ने मुसलमानों के खिलाफ कोई आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।</p>
<p> इस हत्या का मकसद गैर मुस्लिमों में आतंक पैदा करना था।'' गौरतलब है कि 24 अक्टूबर 2016 को कानपुर के चकेरी क्षेत्र में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य रमेश बाबू शुक्ला की हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने जनेऊ से उनके हिंदू होने की पुष्टि करने के बाद उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक के बेटे अक्षय शुक्ला ने मुकदमा दर्ज कराया था। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की दलीलों के दौरान यह बात सामने आई कि आठ मार्च 2017 को भोपाल-उज्जैन ट्रेन में बम विस्फोट हुआ था। उस मामले में आतिफ मुजफ्फर और दानिश को गिरफ्तार किया गया था। </p>
<p>मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 14 मार्च, 2017 को मामले की जांच एनआईए को सौंप दी थी। जांच के दौरान आतिफ ने कुबूल किया था कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर शिक्षक रमेश बाबू शुक्ला की हत्या की थी। भोपाल-उज्जैन ट्रेन बम धमाके वाले दिन आईएसआईएस के एक आतंकी और इस मामले के आरोपी मोहम्मद सैफुल्लाह को लखनऊ में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया गया था। उसके घर से आठ बंदूकें और कई कारतूस बरामद किये गये थे। फोरेंसिक जांच में पता चला था कि रमेश बाबू शुक्ला के शरीर से बरामद गोली सैफुल्लाह के घर से बरामद बंदूक से चली थी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/403287/sp-mla-irfan-solanki-s-brother-rizwan-gets-big-relief--high-court-grants-conditional-bail#gsc.tab=0">सपा विधायक इरफान सोलंकी के भाई रिजवान को मिली बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने दी सशर्त जमानत</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/403289/nia-court-awarded-death-sentence-to-two-isis-terrorists-who-had-murdered-a-teacher-in-kanpur</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/403289/nia-court-awarded-death-sentence-to-two-isis-terrorists-who-had-murdered-a-teacher-in-kanpur</guid>
                <pubDate>Thu, 14 Sep 2023 20:33:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2023-09/coart.jpg"                         length="70036"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जम्मू-कश्मीर में एनआईए की अदालत ने पांच आतंकवादियों को किया भगोड़ा घोषित </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>श्रीनगर।</strong> जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने विभिन्न आतंकवादी अपराधों और निशाना बनाकर हत्या किए जाने के अपराध में शामिल पांच आतंकवादियों को सोमवार को भगोड़ा घोषित किया और उन्हें अदालत या जांच एजेंसी के समक्ष आत्मसमर्पण करने को कहा।</p>
<p>पुलिस के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘एनआईए अधिनियम के तहत मामलों की सुनवाई करने वाली कुलगाम की विशेष अदालत ने विभिन्न आतंकवादी अपराध और पिछले साल कुलगाम जिले में शिक्षिका रजनी बाला एवं बैंक प्रबंधक विजय कुमार सहित कई लोगों को निशाना बनाकर हत्या किए जाने के मामले में शामिल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/371678/five-terrorists-declared-absconders-by-nia-court-in-jammu-and"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-05/demo(10).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>श्रीनगर।</strong> जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने विभिन्न आतंकवादी अपराधों और निशाना बनाकर हत्या किए जाने के अपराध में शामिल पांच आतंकवादियों को सोमवार को भगोड़ा घोषित किया और उन्हें अदालत या जांच एजेंसी के समक्ष आत्मसमर्पण करने को कहा।</p>
<p>पुलिस के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘एनआईए अधिनियम के तहत मामलों की सुनवाई करने वाली कुलगाम की विशेष अदालत ने विभिन्न आतंकवादी अपराध और पिछले साल कुलगाम जिले में शिक्षिका रजनी बाला एवं बैंक प्रबंधक विजय कुमार सहित कई लोगों को निशाना बनाकर हत्या किए जाने के मामले में शामिल पांच सक्रिय आतंकवादियों को दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 82 के तहत भगोड़ा घोषित किया।’’</p>
<p>प्रवक्ता ने कहा, ‘‘विशेष जांच इकाई (एसआईयू), कश्मीर के अनुरोध पर खरबतापोरा रत्नीपोरा पुलवामा निवासी अर्जुमंद गुलजार उर्फ हमजा भूरा, चाकी चोलेंद शोपियां निवासी बिलाल अहमद भट, चाकी चोलेंद शोपियां निवासी समीर अहमद शेख उर्फ कामरान भाई, चोटीपोरा शोपियां निवासी आबिद रमजान शेख और फ्रिसल कुलगाम निवासी बासित अमीन भट को भगोड़ा घोषित किया गया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भगोड़ा घोषित करने का आदेश जारी करने से पहले अदालत ने सभी पांचों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किए थे। पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि आतंकवादियों के संबंधित गांवों में प्रमुख स्थानों पर आदेश पढ़कर सुनाए गए और आदेशों की प्रतियां उनके घरों और गांवों में चिपका दी गईं। उन्होंने कहा कि पांचों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू करने से पहले अदालत ने उन्हें अपने या जांच एजेंसी के सामने आत्मसमर्पण करने का मौका दिया है। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/371669/nitish-kumar-discussed-with-mallikarjun-kharge-rahul-gandhi-decision-on"><span style="color:rgb(186,55,42);">मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के साथ नीतीश कुमार ने की चर्चा, विपक्षी दलों की बैठक की तिथि एक-दो दिनों में</span></a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/371678/five-terrorists-declared-absconders-by-nia-court-in-jammu-and</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/371678/five-terrorists-declared-absconders-by-nia-court-in-jammu-and</guid>
                <pubDate>Mon, 22 May 2023 19:09:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2023-05/demo%2810%29.jpg"                         length="164649"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल-उज्जैन ट्रेन ब्लास्ट मामले में आईएस के सात आतंकवादियों को मौत की सजा, एक को उम्रकैद, NIA Court का फैसला </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश में सिलसिलेवार बम धमाकों की साजिश रचने के आरोप में एनआईए-एटीएस अदालत ने मंगलवार को इस्लामिक स्टेट ऑफ़ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) के सात आतंकवादियों को मौत की सजा और एक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन सूत्रों ने बताया कि विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी की अदालत ने मोहम्मद फैसल, गौर मोहम्मद खान, मोहम्मद अजहर, आतिफ मुजफ्फर, मोहम्मद दानिश, सैयद मीर हसन और आसिफ इकबाल उर्फ ​​रॉकी को मृत्युदंड की सजा सुनाई जबकि मोहम्मद आतिफ ईरानी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।</p>
<p>राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रवक्ता ने बताया कि सिलसिलेवार बम धमाकों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/347252/breaking-news--seven-is-terrorists-sentenced-to-death--sentenced-by-special-judge-of-nia-court"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-02/1501.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश में सिलसिलेवार बम धमाकों की साजिश रचने के आरोप में एनआईए-एटीएस अदालत ने मंगलवार को इस्लामिक स्टेट ऑफ़ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) के सात आतंकवादियों को मौत की सजा और एक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन सूत्रों ने बताया कि विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी की अदालत ने मोहम्मद फैसल, गौर मोहम्मद खान, मोहम्मद अजहर, आतिफ मुजफ्फर, मोहम्मद दानिश, सैयद मीर हसन और आसिफ इकबाल उर्फ ​​रॉकी को मृत्युदंड की सजा सुनाई जबकि मोहम्मद आतिफ ईरानी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।</p>
<p>राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रवक्ता ने बताया कि सिलसिलेवार बम धमाकों की साजिश में शामिल कुल नौ आतंकियों में एक सैफुल्ला को सात मार्च 2017 को लखनऊ के हाजी कॉलोनी में आतंकवादी निरोधक दस्ते (एटीएस) ने एक मुठभेड़ में मार गिराया था। एनआईए की अदालत ने 24 फरवरी को आतंकवादी गतिविधियों की साजिश रचने के मामले में आठ लोगों को दोषी ठहराया था।</p>
<p>प्रवक्ता ने कहा कि सजायाफ्ता आईएसआईएस के गुर्गों को 2017 में कानपुर साजिश मामले में आईपीसी की विभिन्न धाराओं, गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा, “आठ आरोपियों के खिलाफ एटीएस पुलिस थाने में आठ मार्च 2017 को दर्ज किया गया था जबकि बाद में एनआईए ने 14 मार्च 2017 को फिर से मामला दर्ज किया था।</p>
<p>एनआईए की जांच में पता चला कि आरोपियों ने कुछ आईईडी तैयार किए थे जिन्हें प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर लगाने की असफल कोशिश की गयी थी। इस सिलसिले में लखनऊ में उनके हाजी कॉलोनी स्थित ठिकाने से जब्त की गई एक नोटबुक में संभावित लक्ष्यों और बम बनाने के विवरण के बारे में हाथ से लिखे कुछ नोट्स पाए गए थे।</p>
<p>प्रवक्ता ने कहा आतंकियों के इस गुट ने कथित तौर पर विभिन्न स्थानों से अवैध हथियार, विस्फोटक और अन्य सामान एकत्र किए थे। एक आरोपी आतिफ मुजफ्फर ने यह भी खुलासा किया था कि उसने विभिन्न इंटरनेट स्रोतों से सामग्री एकत्र करने के बाद आईईडी बनाने की तकनीकों पर जानकारी हासिल की थी। जांच से यह भी पता चला है कि भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में आतिफ,मोहम्मद दानिश, सैयद मीर हसन और मोहम्मद सैफुल्ला ने आईईडी रखा था। सात मार्च 2017 को ट्रेन में हुए विस्फोट में 10 लोग घायल हो गए थे। इस मामले की जांच भी एनआईए ने की थी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आईएसआईएस की इस साजिश का पता तब चला जब कानपुर निवासी मुख्य आरोपी मोहम्मद फैसल को ट्रेन विस्फोट में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। फैसल से की गयी पूछताछ के बाद उसके दो सहयोगियों, गॉस मोहम्मद खान उर्फ ​​​​करण खत्री और अजहर खान उर्फ ​​​​अजहर खलीफा को 9 मार्च, 2017 को गिरफ्तार किया गया।</p>
<p>प्रवक्ता ने कहा कि जांच अपने हाथ में लेने के बाद एनआईए ने इस मामले में पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।<br />उनकी पहचान कानपुर निवासी आतिफ मुजफ्फर, मोहम्मद दानिश, आसिफ इकबाल उर्फ ​​रॉकी और मोहम्मद आतिफ उर्फ ​​आतिफ इराकी और कन्नौज के सैयद मीर हुसैन के रूप में हुई थी। 31 अगस्त 2017 को गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों के खिलाफ एनआईए ने चार्जशीट दायर की थी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मामले की जांच में स्पष्ट रूप से पता चला है कि आरोपी आईएसआईएस के सदस्य थे और उन्होंने इस्लामिक स्टेट और उसके नेता अबू बकर अल-बगदादी के प्रति निष्ठा की शपथ ली थी। आतिफ समूह का अमीर (नेता) था और डॉ जाकिर नाइक के प्रचार से प्रभावित था। प्रवक्ता ने कहा कि आरोपी आईएसआईएस की विचारधारा का प्रचार करने और भारत में उसकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए साथ आए थे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/347247/lucknow--fraud-of-five-lakh-rupees-from-retired-colonel--fir-lodged#gsc.tab=0">लखनऊ: रिटायर्ड कर्नल से पांच लाख रुपये की ठगी, प्राथमिकी दर्ज</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/347252/breaking-news--seven-is-terrorists-sentenced-to-death--sentenced-by-special-judge-of-nia-court</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/347252/breaking-news--seven-is-terrorists-sentenced-to-death--sentenced-by-special-judge-of-nia-court</guid>
                <pubDate>Tue, 28 Feb 2023 20:37:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2023-02/1501.jpg"                         length="29949"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        