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                <title>Forest Division - Amrit Vichar</title>
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                <description>Forest Division RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Uttrakhand: फाटों जोन में रेस्क्यू की गई बाघिन सुरक्षित जंगल लौटी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रामनगर, अमृत विचार।</strong> तराई पश्चिम वन प्रभाग के फाटों जोन में बीते दिनों घायल मिली एक बाघिन को उपचार के बाद जंगल में छोड़ दिया गया, जबकि छोई क्षेत्र में घायलावस्था में मिली दूसरी बाघिन की उपचार के दौरान मौत हो गई।जानकारी के अनुसार, फाटों जोन में भ्रमण पर आए कुछ पर्यटकों ने एक बाघिन की घायल अवस्था की तस्वीरें खींची थीं।</p>
<p>  बाघिन की गर्दन के आसपास काफी संख्या में चोट के निशान थे। इस पर वन विभाग ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। रेंजर कृपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि शुक्रवार रात लगभग नौ बजे वन्यजीव चिकित्सक ने बाघिन को</p>
<p>वहीं,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578441/the-tigress-rescued-in-the-phato-zone-has-safely-returned-to-the-forest"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/baghin1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रामनगर, अमृत विचार।</strong> तराई पश्चिम वन प्रभाग के फाटों जोन में बीते दिनों घायल मिली एक बाघिन को उपचार के बाद जंगल में छोड़ दिया गया, जबकि छोई क्षेत्र में घायलावस्था में मिली दूसरी बाघिन की उपचार के दौरान मौत हो गई।जानकारी के अनुसार, फाटों जोन में भ्रमण पर आए कुछ पर्यटकों ने एक बाघिन की घायल अवस्था की तस्वीरें खींची थीं।</p>
<p> बाघिन की गर्दन के आसपास काफी संख्या में चोट के निशान थे। इस पर वन विभाग ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। रेंजर कृपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि शुक्रवार रात लगभग नौ बजे वन्यजीव चिकित्सक ने बाघिन को वन परिसर के पास स्थित वाटर हॉल में ट्रैंक्यूलाइज किया, जिसके बाद मौके पर ही उसका उपचार किया गया। उन्होंने बताया कि आपसी संघर्ष में बाघिन के शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं। उपचार के बाद उसे जंगल में छोड़ दिया गया है। बाघिन के स्वास्थ्य पर निगरानी के लिए छह कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं।</p>
<p>वहीं, तराई पश्चिम वन प्रभाग के डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्या ने बताया कि लगभग 15 दिन पूर्व छोई क्षेत्र से घायल अवस्था में एक अन्य बाघिन को रेस्क्यू कर उपचार के लिए सेंटर में लाया गया था। यह बाघिन आपसी संघर्ष में बुरी तरह घायल थी। उपचार के दौरान संक्रमण (इन्फेक्शन) के कारण उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि बाघिन के शव का पोस्टमार्टम कर उसे नियमानुसार नष्ट कर दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 12:06:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand: वन विभाग ने अवैध खनन कर रहे छह वाहन पकड़े</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रामनगर।</strong> प्रभागीय वनाधिकारी, तराई पश्चिमी वन प्रभाग, प्रकाश आर्या के निर्देश पर वन सुरक्षा बल और रामनगर रेंज स्टाफ की संयुक्त गस्त के दौरान अवैध खनन कर रहे छह वाहन पकड़े गए।</p>
<p>जुड़का क्षेत्र से एक डंपर, दो ट्रैक्टर और दो ट्रैक्टर ट्रॉली को बिना अभिवहन पास और रॉयल्टी के खनन करते हुए पकड़ा गया। वहीं, गुलजारपुर बंद क्षेत्र से एक और डंपर अवैध खनन करते हुए पकड़ा गया। पकड़े गए सभी वाहनों को वन अभिरक्षा में रखा गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए गुलजारपुर चौकी परिसर में सुरक्षित खड़ा किया गया है। डीएफओ प्रकाश आर्या ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577737/the-forest-department-seized-six-vehicles-engaged-in-illegal-mining"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/khanan.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रामनगर।</strong> प्रभागीय वनाधिकारी, तराई पश्चिमी वन प्रभाग, प्रकाश आर्या के निर्देश पर वन सुरक्षा बल और रामनगर रेंज स्टाफ की संयुक्त गस्त के दौरान अवैध खनन कर रहे छह वाहन पकड़े गए।</p>
<p>जुड़का क्षेत्र से एक डंपर, दो ट्रैक्टर और दो ट्रैक्टर ट्रॉली को बिना अभिवहन पास और रॉयल्टी के खनन करते हुए पकड़ा गया। वहीं, गुलजारपुर बंद क्षेत्र से एक और डंपर अवैध खनन करते हुए पकड़ा गया। पकड़े गए सभी वाहनों को वन अभिरक्षा में रखा गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए गुलजारपुर चौकी परिसर में सुरक्षित खड़ा किया गया है। डीएफओ प्रकाश आर्या ने बताया कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 19:32:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखीमपुर खीरी: गन्ना के खेत में पिता के साथ चारा लेने गई युवती पर बाघ के हमले में घायल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बेहजम, अमृत विचार।</strong> दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैगलगंज वन रेंज के तहत फरधान थाना क्षेत्र के कैमा खादर गांव में गुरुवार सुबह बाघ ने एक युवती पर हमला कर दिया। इससे वह घायल हो गई। घायल को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने उसे छुट्टी दे दी। घटना के बाद से क्षेत्र में बाघ की दहशत फैल गई। किसान और ग्रामीणों ने खेतों की तरफ जाना बंद कर दिया है।</p>
<p>गांव कैमा खादर निवासी प्रिया वर्मा अपने पिता राजेश के साथ खेत में गई थी. वह सुबह करीब 10 बजे जानवरों के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/552963/lakhimpur-kheri-injured-in-a-tiger-attack-on-a-woman"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/बाघ.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बेहजम, अमृत विचार।</strong> दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैगलगंज वन रेंज के तहत फरधान थाना क्षेत्र के कैमा खादर गांव में गुरुवार सुबह बाघ ने एक युवती पर हमला कर दिया। इससे वह घायल हो गई। घायल को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने उसे छुट्टी दे दी। घटना के बाद से क्षेत्र में बाघ की दहशत फैल गई। किसान और ग्रामीणों ने खेतों की तरफ जाना बंद कर दिया है।</p>
<p>गांव कैमा खादर निवासी प्रिया वर्मा अपने पिता राजेश के साथ खेत में गई थी. वह सुबह करीब 10 बजे जानवरों के लिए गन्ने की हरी पत्ती तोड़ कर इकट्ठा कर रही थी। इस बीच वहां छिपे बैठे बाघ ने उस पर हमला कर दिया। प्रिया की चीख पुकार सुनकर सुनकर पिता व आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शोर शराबा कर किसी तरह प्रिया को बाघ के चंगुल से बचाया। घटना के बाद समूचे इलाके में हड़कंप मच गया। परिजन घायल प्रिया को जिला अस्पताल मोतीपुर ले कर पहुंचे और उसे भर्ती कराया। </p>
<p>जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे छुट्टी दे दी। बाघ के हमले की जानकारी मिलने पर मैगलगंज रेंज के वन क्षेत्राधिकारी केके सागर, डिप्टी रेंजर उमेश प्रताप चौहान, वन दरोगा उमेश वर्मा और अन्य स्टाफ मौके पर पहुंचा। टीम ने क्षेत्र में गहन कांबिंग शुरू की है। वन क्षेत्राधिकारी केके सागर ने बताया कि यह बाघ 15 दिनों से इलाके में घूम रहा है। एक सप्ताह पहले इसके पगचिह्न बेहजम क्षेत्र के लालपुर और सरैया गांव में मिले थे। बाघ लगातार इधर-उधर विचरण कर रहा है और किसी एक जगह स्थायी रूप से नहीं ठहर रहा। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि टाइगर दिखने पर तुरंत सूचना दें। विभाग इसकी लोकेशन ट्रैक कर पकड़ने के लिए सक्रिय है।</p>
<p>वन विभाग के पिंजड़े में तीन शावकों के साथ कैद हुई मादा तेंदुआ<br />थाना खीरी की पुलिस चौकी नकहा के गांव केवलपुरवा निवासी पूर्व प्रधान प्रकाश चंद्र उर्फ मोतीलाल पर हमला करने वाली मादा तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के शिकंजे में आ गई। वन विभाग ने पिंजड़ा लगाकर उसे पकड़ लिया, जिसे वनरेंज शारदानगर ले जाया गया है। पशु चिकित्सकों के स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद उच्चाधिकारी जहां बताएंगे। उसे वहां छोड़ा जाएगा। तीन शावकों के साथ गन्ने के खेत में बैठी मादा तेंदुआ ने खेत देखने जा रहे पूर्व प्रधान पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। </p>
<p>घटना के बाद मौके पर पहुंचे शारदानगर वन रेंजर अभय कुमार मल्ल ने पिंजड़ा लगाया था। साथ ही उसकी निगरानी के लिए टीमें लगाई थीं। गुरुवार को मादा तेंदुआ अपने तीन शावकों के साथ पिंजड़े में फंस गई। सूचना पाकर वन विभाग की टीम के साथ चौकी प्रभारी नकहा गौरव कुमार भी मौके पर पहुंच गए। वन विभाग की टीम पिंजड़े को लेकर शारदानगर वनरेंज पहुंची। रेंजर ने बताया कि तेंदुआ और उसके तीनों शावकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद उसे जहां कहा जाएगा। वहां ले जाकर छोड़ा जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखीमपुर खीरी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Sep 2025 18:27:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखीमपुर खीरी: खेत में काम कर रहे बुजुर्ग पर झपटा बाघ...वन विभाग से खफा ग्रामीणों का हंगामा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बिलहरी, अमृत विचार। </strong>दक्षिण खीरी वन प्रभाग की महेशपुर रेंज क्षेत्र के गांव मूड़ा जवाहर में शनिवार दोपहर को अपने अन्य दो भाईयों के साथ गन्ना जोताई करने गये एक वृद्ध पर बाघ ने हमला कर गंभीर घायल कर दिया। आनन फानन में परिजनों और ग्रामीणों ने घायल को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोला पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे लखीमपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया।</p>
<p>हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव मूड़ा जवाहर निवासी मुन्नालाल (63) पुत्र गेंदनलाल अपने छोटे भाई किशोरीलाल, स्वामी दयाल के साथ शनिवार की सुबह नौ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/533093/the-uproar-of-the-villagers-angry-with-the-baghavan-department"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/घायल.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बिलहरी, अमृत विचार। </strong>दक्षिण खीरी वन प्रभाग की महेशपुर रेंज क्षेत्र के गांव मूड़ा जवाहर में शनिवार दोपहर को अपने अन्य दो भाईयों के साथ गन्ना जोताई करने गये एक वृद्ध पर बाघ ने हमला कर गंभीर घायल कर दिया। आनन फानन में परिजनों और ग्रामीणों ने घायल को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोला पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे लखीमपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया।</p>
<p>हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव मूड़ा जवाहर निवासी मुन्नालाल (63) पुत्र गेंदनलाल अपने छोटे भाई किशोरीलाल, स्वामी दयाल के साथ शनिवार की सुबह नौ बजे गांव के पश्चिम सरायन नदी के निकट गन्ने के खेत की जोताई कर रहे थे। दोपहर 12.30 बजे झाड़ियों में छिपे बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया। इस बीच मुन्नालाल के भाइयों ने शोर मचाया। शोर सुनकर तमाम ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, जिन्होंने साहस दिखाते हुए बाघ को वहां से खदेड़ा। इसके बाद घायल को तुरंत एंबुलेंस से गोला सीएचसी भेजा गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरां ने हालत गंभीर भांपकर मुन्नालाल को जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि गांव में गश्त बढ़ाई जाए और बाघ को जल्द से जल्द पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न दोहराई जाएं।</p>
<p>वन विभाग से खफा ग्रामीणों ने लगाया जाम<br />बाघ के हमले की सूचना देने पर भी दो घंटे बाद तक जब कोई वनकर्मी  नहीं पहुंचा, तो गुस्साए ग्रामीणों ने गोला, सिकंद्राबाद रोड पर जाम लगा दिया। जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम की सूचना पर मोहम्मदी सीओ अरुण कुमार, गोला इंस्पेक्टर चंद्रशेखर सिंह, हैदराबाद एसओ प्रवीर गौतम दलबल के साथ मौके पर पहुंचे, जिन्होंने गुस्साए ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि आए दिन बाघ के हमले की घटनाए हो रही हैं लेकिन वन अधिकारी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।</p>
<p>घायल के पौत्र और ग्रामीणों को हैदराबाद थाना प्रभारी प्रवीर गौतम ने बल प्रयोग कर धक्का मुक्की कर जाम लगा रहे लोगों को घसीटकर अपनी गाड़ी मे बिठाने लगे। इतने में ग्रामीण उग्र होकर भड़क गये इस पुलिस और ग्रामीणो में जमकर झडप हुई। सीओ मोहम्मदी अरुण कुमार के समझाने बुझाने पर ग्रामीण शांत हुए। घटना की सूचना पाकर तहसीलदार सुखवीर सिंह ने ग्रामीण को समझाया और हर संभव मदद करने को कहा। उन्होंने आश्वासन दिया कि घायल हुए वृद्ध का समुचित इलाज कराया जायेगा। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ कई दिनों से गांव के आसपास घूम रहा है, बावजूद इसके वन विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।</p>
<p>वन क्षेत्राधिकारी महेशपुर रेंज निर्भय प्रताप शाही ने बताया कि घायल को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। वन विभाग की टीम उसकी स्थिति की जानकारी के लिए भेजी गई है, जबकि अन्य कर्मचारी घटनास्थल पर निगरानी कर रहे हैं। बाघ की गतिविधियों पर विभाग लगातार नजर बनाए हुए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखीमपुर खीरी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/533093/the-uproar-of-the-villagers-angry-with-the-baghavan-department</link>
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                <pubDate>Sat, 12 Apr 2025 20:12:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रामनगर: तराई पश्चिमी एवं रामनगर वन प्रभाग में कल से होगी गिद्धों की गणना</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रामनगर, अमृत विचार।</strong> वन प्रभाग ने कार्बेट फाउंडेशन के साथ गिद्धों के संरक्षण की कवायद शुरू कर दी है। दर्द निवारक डाइक्लोफेनेक का दंश झेल रहे विलुप्तप्राय गिद्धों के संरक्षण के लिए कॉर्बेट फाउंडेशन ने तराई पश्चिमी एवं रामनगर वन प्रभाग के सहयोग से पहल की है। संस्था पहले दोनों वन प्रभागों में गिद्धों की मौजूदगी का डाटा जुटाएगी। दोनों वन प्रभागों के वनकर्मी सोमवार को सभी संभावित स्थानों में गिद्धों की गणना करेंगे। </p>
<p>रविवार को ईको टूरिज्म सेंटर चूनाखान में दोनों वन प्रभागों के वनकर्मियों को गिद्ध संरक्षण के गुर सिखाए गए। कार्यक्रम के दौरान कार्बेट फाउंडेशन के  उपनिदेशक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/407509/vultures-will-be-counted-from-tomorrow-in-ramnagar-terai-western"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-10/jodbeer-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रामनगर, अमृत विचार।</strong> वन प्रभाग ने कार्बेट फाउंडेशन के साथ गिद्धों के संरक्षण की कवायद शुरू कर दी है। दर्द निवारक डाइक्लोफेनेक का दंश झेल रहे विलुप्तप्राय गिद्धों के संरक्षण के लिए कॉर्बेट फाउंडेशन ने तराई पश्चिमी एवं रामनगर वन प्रभाग के सहयोग से पहल की है। संस्था पहले दोनों वन प्रभागों में गिद्धों की मौजूदगी का डाटा जुटाएगी। दोनों वन प्रभागों के वनकर्मी सोमवार को सभी संभावित स्थानों में गिद्धों की गणना करेंगे। </p>
<p>रविवार को ईको टूरिज्म सेंटर चूनाखान में दोनों वन प्रभागों के वनकर्मियों को गिद्ध संरक्षण के गुर सिखाए गए। कार्यक्रम के दौरान कार्बेट फाउंडेशन के  उपनिदेशक डॉ. हरेंद्र बर्गली ने कहा कि लोगों द्वारा जाने-अनजाने में इस्तेमाल की गई दर्द निवारक डाइक्लोफेनेक दवा के कारण गिद्धों की 95 फीसदी आबादी काल कवलित हो गई है। 80 के दशक तक 4 करोड़ गिद्ध पिछले 20 सालों में 50 हजार तक सिमट गए हैं। पर्यावरण संरक्षण में गिद्ध महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</p>
<p>प्रोजेक्ट ऑफिसर दीप्ति पटवाल एवं नेहा रैक्वाल ने कहा कि हमें लोगों को जागरूक करना होगा कि वे मवेशियों के लिए डाइक्लोफेनेक की जगह मेलॉक्सिकैम का इस्तेमाल करें। एसडीओ प्रदीप कुमार धौलाखंडी ने कहा कि वनकर्मियों को जंगल में मृत पड़े या फेंके गए मवेशियों की नियमित रूप से निगरानी करनी होगी।</p>
<p>इस दौरान गिद्धों की पहचान एवं गणना के गुर भी सिखाए गए। कार्यशाला में प्रशिक्षु एसडीओ आयशा बिष्ट, रेंजर ललित जोशी, ख्याली राम, लक्ष्मण सिंह मर्तोलिया, जेपी डिमरी, ललित कुमार, कृपाल बिष्ट, मुकेश जोशी, आरसी ध्यानी समेत डिप्टी रेंजर, वन दरोगा व वन रक्षक मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/407509/vultures-will-be-counted-from-tomorrow-in-ramnagar-terai-western</link>
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                <pubDate>Sun, 01 Oct 2023 18:42:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात: कुएं में गिरने से शेर-शेरनी की मौत, वन विभाग ने पोस्टमार्टम के लिए भेजे शव </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमरेली (गुजरात)।</strong> गुजरात के अमरेली जिले में गिर वन संभाग में एक खुले कुएं में गिरने से एक शेर और शेरनी की मौत हो गई। एक वन अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। गिर (पूर्व) के वन उप संरक्षक (डीसीएफ) राजदीप सिंह झाला ने बताया कि शेर-शेरनी की उम्र पांच से नौ साल के बीच थी और वे इलाके में घूम रहे थे तभी वे शुक्रवार सुबह खंभा तालुका में कोटदा गांव में एक किसान के कुएं में गिर गए। </p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘किसान को जैसे ही घटना की सूचना मिली उसने हमें सूचित किया। हालांकि जब तक वन विभाग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/331499/gujarat--lion-lioness-died-after-falling-into-the-well--forest-department-sent-dead-body-for-postmortem"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-01/zoo.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमरेली (गुजरात)।</strong> गुजरात के अमरेली जिले में गिर वन संभाग में एक खुले कुएं में गिरने से एक शेर और शेरनी की मौत हो गई। एक वन अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। गिर (पूर्व) के वन उप संरक्षक (डीसीएफ) राजदीप सिंह झाला ने बताया कि शेर-शेरनी की उम्र पांच से नौ साल के बीच थी और वे इलाके में घूम रहे थे तभी वे शुक्रवार सुबह खंभा तालुका में कोटदा गांव में एक किसान के कुएं में गिर गए। </p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘किसान को जैसे ही घटना की सूचना मिली उसने हमें सूचित किया। हालांकि जब तक वन विभाग की बचाव टीम घटनास्थल पर पहुंचती तब तक शेर और शेरनी की डूबने से मौत हो गई थी। शवों को कुएं से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अधिकारी ने कहा कि 2007-08 के बाद से गिर पूर्वी संभाग में कम से कम 11,748 कुओं में मुंडेर बनाकर उन्हें सुरक्षित किया गया है ताकि पशुओं को उनमें गिरने से रोका जा सके।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a class="post-title-lg" style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/331485/air-india-ceo-apologizes-for-urinating-in-flight--crew-pilot-removed-from-duty%C2%A0">Air India के CEO ने विमान में पेशाब करने की घटना के लिए मांगी माफी, चालक दल-पायलट को ड्यूटी से हटाया गया</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/331499/gujarat--lion-lioness-died-after-falling-into-the-well--forest-department-sent-dead-body-for-postmortem</link>
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                <pubDate>Sat, 07 Jan 2023 15:38:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishal Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: वन विभाग के नाक के नीचे चंदन ले उड़े तस्कर</title>
                                    <description><![CDATA[हल्द्वानी, अमृत विचार। पुलिस और वन विभाग की लापरवाही के चलते लालकुआं में चंदन तस्करों के हौसले बढ़ते ही जा रहे है। बीती रात लालकुआं मुख्य बजार स्थित तराई केन्द्रीय वन प्रभाग टांडा रेंज में कुछ तस्करों ने चंदन का पेड़ काट दिया। हैरानी की बात यह है कि आवासीय कॉलोनी के परिसर के बीचों …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/305211/haldwani-smugglers-flew-sandalwood-under-the-nose-of-the-forest-department"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-10/-e1666785010750.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> पुलिस और वन विभाग की लापरवाही के चलते लालकुआं में चंदन तस्करों के हौसले बढ़ते ही जा रहे है। बीती रात लालकुआं मुख्य बजार स्थित तराई केन्द्रीय वन प्रभाग टांडा रेंज में कुछ तस्करों ने चंदन का पेड़ काट दिया। हैरानी की बात यह है कि आवासीय कॉलोनी के परिसर के बीचों बीच स्थित लगा चंदन का पेड़ कट गया और किसी को भनक तक नहीं लगी। सूचना पर वन विभाग टीम ने मौके का मुआयना किया।</p>
<p>बताते चले कि इससे पहले भी चंदन तस्करों ने वन विभाग की नर्सरी और आवसीय परिसर में चंदन के पेड़ काटे थे। तस्कारों द्वारा लालकुआं मुख्य बजार स्थित टांडा रेंज के तहत वर्कशॉप कि आवसीय कॉलोनी में लगे चंदन के पेड़ को काटने से वन विभाग पर सवाल खड़े हो गए हैं। क्षेत्र में चंदन तस्करों के बढ़ते आतंक से वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>लालकुआं</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Oct 2022 17:20:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: वन डिवीजन में बाघों की गिनती शुरू, विभिन्न तरीकों से होगी बाघों की गणना</title>
                                    <description><![CDATA[हल्द्वानी, अमृत विचार। वन विभाग ने हल्द्वानी वन डिवीजन में बाघों की गणना शुरू कर दी है। यह गणना 24 अक्टूबर तक की जाएगी। वन अधिकारियों के अनुसार, हल्द्वानी वन डिवीजन के कई हिस्सों में बाघ की गणना अधूरी रह गई थी। इस वजह से वन डिवीजन में बाघों की सटीक संख्या का पता नहीं …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/303007/haldwani-counting-of-tigers-started-in-forest-division-counting-of-tigers-will-be-done-in-different-ways"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-10/-2-e1666269693785.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> वन विभाग ने हल्द्वानी वन डिवीजन में बाघों की गणना शुरू कर दी है। यह गणना 24 अक्टूबर तक की जाएगी। वन अधिकारियों के अनुसार, हल्द्वानी वन डिवीजन के कई हिस्सों में बाघ की गणना अधूरी रह गई थी। इस वजह से वन डिवीजन में बाघों की सटीक संख्या का पता नहीं चल पा रहा था। वन विभाग ने छूटे हुए जंगलों में बाघों की गणना शुरू कर दी है। गणना साइन पैट्रोलिंग और ट्रांजिट लाइन मैथड से की जाएगी।</p>
<p>साइन पैट्रोलिंग के तहत फील्ड स्टाफ तीन दिन रोजाना पांच किमी गश्त करेगा। इस गश्त के दौरान बाघ के पग मार्क, मल-मूत्र, पेड़-पौधे पर निशान, सीधे देखना आदि किया जाएगा। फिर 23 से 24 अक्टूबर तक ट्रांजिट लाइन मैथड से गणना होगी। इसमें फील्ड स्टाफ जंगलों की ट्रांजिट लाइन में रोजाना दो किमी गश्त करेंगे। इस दौरान बाघ के चिन्ह आदि देखे जाएंगे। फिर इसकी रिपोर्ट बनाकर भारतीय वन्यजीव संस्थान को भेजी जाएगी।</p>
<p><strong>हल्द्वानी वन डिवीजन में कई हिस्सों में बाघों की गणना छूट गई थी। अब इस गणना को पूरा करने के लिए 20 से 24 अक्टूबर तक साइन और ट्रांजिट लाइन मैथड से गणना की जा रही है। – बाबूलाल, डीएफओ हल्द्वानी</strong></p>
<p><strong>नंधौर में फील्ड स्टाफ का अवकाश रद्द </strong></p>
<p>डीएफओ बाबूलाल ने बताया कि दिवाली पर्व के मद्देनजर फील्ड स्टाफ के अवकाश रद्द कर दिए गए हैं। सभी को उल्लू के शिकार की आशंका के मद्देनजर अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। नंधौर अभ्यारण्य में खास निगरानी के लिए कहा गया है।</p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/303007/haldwani-counting-of-tigers-started-in-forest-division-counting-of-tigers-will-be-done-in-different-ways</link>
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                <pubDate>Fri, 21 Oct 2022 01:00:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: गौला एसडीओ बनीं डॉ. शिप्रा</title>
                                    <description><![CDATA[हल्द्वानी, अमृत विचार। तराई पूर्वी वन डिवीजन में गौला एसडीओ के पद पर डॉ. शिप्रा की नियुक्ति हुई है। उनका मसूरी वन डिवीजन से यहां तबादला हुआ है। बता दें कि एसडीओ ध्रुव सिंह मर्तोलिया को उत्तरकाशी जनपद में टिहरी डैम डिवीजन के डीएफओ पद पर तबादला होने के बाद यह पद रिक्त था। हालांकि …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> तराई पूर्वी वन डिवीजन में गौला एसडीओ के पद पर डॉ. शिप्रा की नियुक्ति हुई है। उनका मसूरी वन डिवीजन से यहां तबादला हुआ है।</p>
<p>बता दें कि एसडीओ ध्रुव सिंह मर्तोलिया को उत्तरकाशी जनपद में टिहरी डैम डिवीजन के डीएफओ पद पर तबादला होने के बाद यह पद रिक्त था। हालांकि प्रदीप धौलखंडी को कुछ समय के लिए चार्ज मिला था, लेकिन उनके तबादले के बाद वह उनकी तैनाती हुई है।</p>
<p>डॉ. शिप्रा ने बताया कि उनकी प्राथमिकता सब डिवीजन में जैव विविधता का संरक्षण और संवर्द्धन करने के साथ ही जंगलों की सुरक्षा है। मानव वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम और वन विभाग व जनता के बीच की दूरी को समाप्त करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने बताया कि अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध खनन और अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/278089/haldwani-dr-shipra-became-gaula-sdo</link>
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                <pubDate>Wed, 07 Sep 2022 17:43:45 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: तराई केंद्रीय वन डिवीजन की भाखड़ा रेंज में चाल-खाल की आड़ में मिट्टी गायब</title>
                                    <description><![CDATA[हल्द्वानी, अमृत विचार। तराई केंद्रीय वन डिवीजन की भाखड़ा रेंज में चाल-खाल की आड़ में मिट्टी गायब होने, प्लांटेशन फेल होने समेत कई अनियमितताएं मिलने पर रेंजर तनुजा परिहार को डीएफओ कार्यालय से अटैच कर दिया है। हल्द्वानी रेंजर को उनका जिम्मा सौंपा गया है। वन अधिकारियों के अनुसार, तराई केंद्रीय वन डिवीजन में जल …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/236025/haldwani-in-the-bhakra-range-of-terai-central-forest-division-the-soil-disappeared-under-the-guise-of-trick-skin"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-06/images-7.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> तराई केंद्रीय वन डिवीजन की भाखड़ा रेंज में चाल-खाल की आड़ में मिट्टी गायब होने, प्लांटेशन फेल होने समेत कई अनियमितताएं मिलने पर रेंजर तनुजा परिहार को डीएफओ कार्यालय से अटैच कर दिया है। हल्द्वानी रेंजर को उनका जिम्मा सौंपा गया है।</p>
<p>वन अधिकारियों के अनुसार, तराई केंद्रीय वन डिवीजन में जल संरक्षण और वन्यजीवों को पानी मुहैया कराने के लिए जंगलों में चाल-खाल बनाए गए थे। इसी क्रम में भाखड़ा रेंज में भी चाल-खाल बनाए गए थे। जब भाखड़ा रेंज के जंगलों में चाल-खाल का भौतिक सत्यापन किया गया तो चाल-खाल की मिट्टी भी मौके पर नहीं पाई गई। इसके अलावा रेंज में प्लांटेशन भी फेल था। पौधारोपण में भी लापरवाही बरती गई थी। वहीं, कई काम ऐसे थे जिनका मार्च में भुगतान ले लिया गया था लेकिन जून बीतने को अभी तक काम नहीं हुआ था। जब काम नहीं हुआ था फिर भी भुगतान लिया जाना वित्तीय अनियमितता में हैं। रेंज में कई खामियां सामने आईं। जो सीधे तौर पर रेंजर तनुजा परिहार की लापरवाही दर्शाती हैं। ऐसे में रेंजर तुनजा परिहार को डीएफओ कार्यालय से अटैच कर दिया गया है। हल्द्वानी रेंजर यूआर आर्य को भाखड़ा रेंज का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया है। वहीं, रेंजर के खिलाफ चार्जशीट प्रमुख वन संरक्षक को भेज दी गई है। अब पीसीसीएफ ही इस प्रकरण में जांच अधिकारी नियुक्त करेंगे।</p>
<p><strong>चाल-खाल की खुदाई में मिट्टी मौके पर नहीं मिली। रेंज में प्लांटेशन भी फेल था इसके अलावा मार्च में जिन कार्यों का भुगतान लिया गया था वो कार्य भी भौतिक रूप से नहीं हुए थे। इस पर रेंजर तनुजा परिहार को डीएफओ दफ्तर से अटैच किया गया है। रेंजर के खिलाफ चार्जशीट हॉफ को भेजी है।</strong></p>
<ul>
<li><strong>डॉ. अभिलाषा सिंह, डीएफओ तराई केंद्रीय वन डिवीजन हल्द्वानी</strong></li>
</ul>
<p> </p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jun 2022 18:26:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हल्द्वानी: तराई पूर्वी वन डिवीजन के 13 दैनिक वेतन भोगी होंगे स्थायी</title>
                                    <description><![CDATA[हल्द्वानी, अमृत विचार। तराई पूर्वी वन डिवीजन के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। 20 सालों से ज्यादा समय से सेवाएं दे रहे 13 कर्मचारियों को स्थायी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कागजी कार्रवाई हो गई है अब मेडिकल होने के बाद सभी स्थायी हो जाएंगे। तराई पूर्वी वन डिवीजन की …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> तराई पूर्वी वन डिवीजन के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। 20 सालों से ज्यादा समय से सेवाएं दे रहे 13 कर्मचारियों को स्थायी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कागजी कार्रवाई हो गई है अब मेडिकल होने के बाद सभी स्थायी हो जाएंगे।</p>
<p>तराई पूर्वी वन डिवीजन की विभिन्न रेंजों में 13 कर्मचारी 20 सालों से अधिक समय से दैनिक वेतन भोगी के तौर पर काम कर रहे हैं। वन विभाग ने इन कर्मचारियों को पक्का करने का फैसला किया है। इनको समूह घ के पदों पर स्थायी करने के आदेश जारी हो गए हैं। अब इन कर्मचारियों का शारीरिक परीक्षण होगा। मेडिकल में पास होने पर इन कर्मचारियों को समूह घ के विभिन्न पदों पर स्थायी कर दिया जाएगा। यदि ये कर्मचारी शैक्षिक योग्यता रखते होंगे तो इन्हें समूह ग के पदों पर पदोन्नति भी दी जाएगी।</p>
<p>डीएफओ संदीप कुमार ने बताया कि डिवीजन में 20 सालों से अधिक समय से सेवाएं दे रहे 13 दैनिक वेतनभोगियों को समूह घ के पदों पर स्थायी किया जा रहा है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jun 2022 18:42:21 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: पांच डिवीजनों के 122 वन कर्मी कर रहे 22 रास्तों पर पहरेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[हल्द्वानी, अमृत विचार। ग्रामीणों को जंगलों में जाने से रोकने के लिए पांच वन डिवीजनों का 122 कर्मचारी बसानी से काठगोदाम तक 22 रास्तों पर मुस्तैदी से डटे हुए हैं। वहीं, आदमखोर बाघ अभी भी वन विभाग की पकड़ से दूर है। रामनगर वन डिवीजन की फतेहपुर वन रेंज में आदमखोर बाघ या बाघिन ने …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/202125/haldwani-122-forest-personnel-of-five-divisions-guarding-22-roads"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-04/650x_2018021817525330.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> ग्रामीणों को जंगलों में जाने से रोकने के लिए पांच वन डिवीजनों का 122 कर्मचारी बसानी से काठगोदाम तक 22 रास्तों पर मुस्तैदी से डटे हुए हैं। वहीं, आदमखोर बाघ अभी भी वन विभाग की पकड़ से दूर है।</p>
<p>रामनगर वन डिवीजन की फतेहपुर वन रेंज में आदमखोर बाघ या बाघिन ने आतंक मचाया हुआ है। अभी तक छह लोग इसका शिकार हो चुके हैं। फिर भी लोग मॉर्निंग वॉक, घास और लकड़ी लेने के लिये जंगलों में जा रहे हैं। इस पर वन विभाग ने बेल बसानी से काठगोदाम तक जंगल में जाने वाले 22 रास्तों पर 122 कर्मचारी की नियुक्ति की है। ये कर्मचारी सुबह छह बजे से शाम 5:30 बजे तक रास्तों पर पहरेदारी कर रहे हैं।</p>
<ul>
<li>बाघ के लिए चार मचानों पर रात भर जाग रहे वन कर्मी</li>
</ul>
<p>बाघ को ट्रैंकुलाइज करने के बाद पकड़ने के लिए वन विभाग ने चार मचान बनाये हैं। तीन मचानों में जाम नगर से आए पशु चिकित्सकों व वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम और एक मचान पर फतेहपुर वन रेंज के कर्मी मचान पर डटे हुए हैं। वे शाम छह बजे मचान पर पहुंच जाते हैं और रात भर इंतजार करते हैं। लेकिन, बाघ फिर भी पकड़ में नहीं आ रहा है।</p>
<p><strong>हाथी गश्त हुई बंद</strong></p>
<p>फतेहपुर के जंगलों में बाघ की तलाश के लिए हाथी की गश्त बंद हो गई है। दरअसल, वन कर्मी दिन भर रास्तों में पहरेदारी और रात्रि में मचान पर डटे हुए हैं। इस वजह से हाथी गश्त बंद हो गई है। दरअसल, बाघ की तलाश के लिए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से आशा और गोमती दो हथिनियां मंगाई गई थी। इनमें गोमती बीमार होने की वजह से पहले ही वापस जा चुकी है। अब आशा से भी गश्त नहीं हो रही है। आशा को स्वस्थ्य रखने के लिए मॉर्निंग वॉक पर भेजा जा रहा है।</p>
<p><em><strong>अभी तक बाघ को पकड़ने में सफलता नहीं मिली है। गुरुवार को तो बाघ ट्रैपिंग कैमरा में भी नहीं दिखाई दिया। बाघ को पकड़ने के लिए मचान से निगरानी जारी है।</strong></em></p>
<ul>
<li><em><strong>केआर आर्य, रेंजर फतेहपुर वन रेंज, रामनगर वन डिवीजन</strong></em></li>
</ul>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/202125/haldwani-122-forest-personnel-of-five-divisions-guarding-22-roads</link>
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                <pubDate>Thu, 14 Apr 2022 18:55:47 +0530</pubDate>
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