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                <title>Rehabilitation University - Amrit Vichar</title>
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                <description>Rehabilitation University RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>लखनऊ में छात्रों का खूनी संघर्ष: पुनर्वास विश्वविद्यालय और पॉलिटेक्निक के बीच पथराव, कई गाड़ियों में तोड़फोड़, आधा दर्जन से अधिक घायल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ,</span> काकोरी, </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार: </strong>पारा के मोहान रोड स्थित राजकीय गोविंद बल्लभ पंत पॉलिटेक्निक परिसर में छात्रों और डॉ. शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच जमकर बवाल हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों की ओर से ईंट-पत्थर चलने लगे। घटना के दौरान परिसर में खड़ी कई मोटरसाइकिलें क्षतिग्रस्त हो गईं। मारपीट में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि छात्र राहुल त्यागी और शिवा राव के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद डॉ शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय के दर्जनों छात्रों को बुला लिया गया, जिससे मामला और</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570217/bloody-student-clashes-in-lucknow--stone-pelting-between-rehabilitation-university-and-polytechnic--several-vehicles-vandalized--over-half-a-dozen-injured"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/muskan-dixit-(1)3.png" alt=""></a><br /><p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ,</span> काकोरी, </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार: </strong>पारा के मोहान रोड स्थित राजकीय गोविंद बल्लभ पंत पॉलिटेक्निक परिसर में छात्रों और डॉ. शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच जमकर बवाल हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों की ओर से ईंट-पत्थर चलने लगे। घटना के दौरान परिसर में खड़ी कई मोटरसाइकिलें क्षतिग्रस्त हो गईं। मारपीट में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि छात्र राहुल त्यागी और शिवा राव के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद डॉ शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय के दर्जनों छात्रों को बुला लिया गया, जिससे मामला और उग्र हो गया।</span></p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-02/muskan-dixit-(2)3.png" alt="MUSKAN DIXIT (2)" width="1280" height="720"></img></span></p>
<p>हमले में पुनर्वास विश्वविद्यालय के बी-फॉर्मा तृतीय वर्ष के छात्र गौरव द्विवेदी का सिर फट गया, बीकॉम द्वितीय वर्ष के आदित्य मिश्रा के हाथ में चोट आई। बीपीओ प्रथम वर्ष के दिव्यांग छात्र हर्षित पांडेय को नाम पूछने के बाद जातिसूचक टिप्पणी करते हुए पीटा गया, जिससे उनके हाथ में गंभीर चोट आई। बीटेक तृतीय वर्ष के छात्र आदर्श सिंह के पैर में चोट आई है। वहीं पिंक सिटी में रेस्टोरेंट संचालक हिमांशु सिंह और बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र अखंड राय भी हमले में घायल हुए। मारपीट व तोड़फोड़ में अखंड राय की बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। आरोप है कि हमलावरों ने एक स्कूटी की डिग्गी तोड़कर उसमें रखे तीन मोबाइल फोन, एक घड़ी, कीमती चश्मा और करीब पांच हजार रुपये निकाल लिए।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-02/muskan-dixit-(3)3.png" alt="MUSKAN DIXIT (3)" width="1280" height="720"></img></p>
<p><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">बवाल के दौरान कुछ छात्रों ने तीन वाहनों में आग लगाने का भी प्रयास किया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लाठियां भांजकर हालात काबू में किए, लेकिन इस दौरान उग्र छात्रों ने पुलिस पर भी ईंट-पत्थर फेंके। जवाबी लाठीचार्ज के बाद स्थिति को पुलिस ने संभाला। छात्रों का आरोप है कि उन्होंने पहले एंटी-रैगिंग के डायरेक्टर जय प्रकाश से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद प्रधानाचार्य केके श्रीवास्तव से भी गुहार लगाई गई, जहां उन्हें बाहर जाने को कहकर केवल पॉलिटेक्निक के एक छात्र से अकेले में बात करने की बात कही गई। मोहान रोड पुलिस चौकी प्रभारी ओम प्रकाश तिवारी ने बताया कि छात्रों के बीच आपसी विवाद हुआ था। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं मिली है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 08:51:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिव्यांगों के लिए बड़ी राहत! पुनर्वास विश्वविद्यालय अब खुद बनाएगा कृत्रिम अंग के पार्ट्स, बाजार पर निर्भरता खत्म</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कृत्रिम अंग के पार्ट्स खुद बनाएगा पुनर्वास विश्वविद्यालय<br />अब तक खुले बाजार से खरीदे जाते थे कृत्रिम अंग के किट</p>
<p>CIPET के सहयोग से विश्वविद्यालय अपने परिसर में बनाएगा अंग<br />फोटो-  में बैठक में जानकारी देते हुए।</p>
<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>दिव्यांगों के सशक्तिकरण की दिशा में डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय एक और बड़ी पहल करने जा रहा है। शिक्षा में दिव्यांगों को 50 प्रतिशत आरक्षण देने वाला विश्वविद्यालय अब दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंगों के कई भागों का निर्माण अपने परिसर में करेगा। सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सिपेट) और पुनर्वास विश्वविद्यालय के बीच इसे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568524/big-relief-for-disabled-people-rehabilitation-university-will-now-make"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(58)7.png" alt=""></a><br /><p>कृत्रिम अंग के पार्ट्स खुद बनाएगा पुनर्वास विश्वविद्यालय<br />अब तक खुले बाजार से खरीदे जाते थे कृत्रिम अंग के किट</p>
<p>CIPET के सहयोग से विश्वविद्यालय अपने परिसर में बनाएगा अंग<br />फोटो-  में बैठक में जानकारी देते हुए।</p>
<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>दिव्यांगों के सशक्तिकरण की दिशा में डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय एक और बड़ी पहल करने जा रहा है। शिक्षा में दिव्यांगों को 50 प्रतिशत आरक्षण देने वाला विश्वविद्यालय अब दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंगों के कई भागों का निर्माण अपने परिसर में करेगा। सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सिपेट) और पुनर्वास विश्वविद्यालय के बीच इसे लेकर जल्दी ही समझौता ज्ञापन (एमओयू) होने जा रहा है। इसके बाद विश्वविद्यालय परिसर में सिपेट के सहयोग से कृत्रिम पैर का पंजा सहित अन्य पार्ट्स की निर्माण प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।</p>
<h3><strong>कैड-कैम और थ्रीडी प्रिंटिंग का प्रशिक्षण</strong></h3>
<p>सिपेट में आयोजित दो दिवसीय थ्रीडी प्रिंटिंग और कम्प्यूटर एडेड डिजाइन (कैड) आधारित स्किल अपग्रेडेशन ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान विश्वविद्यालय और सिपेट के अधिकारियों के बीच विस्तार से बातचीत हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीन एकेडमिक्स प्रो. वीके सिंह रहे। सिपेट लखनऊ के जॉइंट डायरेक्टर एवं हेड विवेक कुमार सिंह, हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. यशवंत वीरोदय, सिपेट के टेक्निकल ऑफिसर कृष्ण प्रताप सिंह और विवि के कृत्रिम अंग एवं पुनर्वास केंद्र के कार्यशाला प्रबंधक डॉ. रणजीत सिंह भी मौजूद रहे।</p>
<p>मंगलवार को विश्वविद्यालय के एमपीओ और बीपीओ पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को कैड-कैम और थ्रीडी प्रिंटिंग की तकनीकी ट्रेनिंग दी गई, जिससे वे डिजिटल तकनीक के माध्यम से आधुनिक कृत्रिम अंग तैयार कर सकें। ट्रेनिंग का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगार, एंटरप्रेन्योरशिप और स्टार्टअप के लिए भी तैयार करना है।<br />अब तक बाजार से खरीदे जाते थे कृत्रिम अंग</p>
<p>अब तक विश्वविद्यालय को दिव्यांगों के लिए कृत्रिम अंगों के पार्ट्स ओपन मार्केट से खरीदने पड़ते थे। लेकिन सिपेट के साथ हुए एमओयू के बाद कई प्रमुख कृत्रिम अंग अब विश्वविद्यालय परिसर में ही तैयार किए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार इसे तैयार करने में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रहेगी।<br />निशुल्क मिलेंगे कृत्रिम अंग</p>
<p>विश्वविद्यालय के कृत्रिम अंग एवं पुनर्वास केंद्र की ओर से दिव्यांगजनों को नि:शुल्क कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जाते हैं। इससे यह पहल न केवल तकनीकी बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विश्वविद्यालय परिसर में निर्माण होने के बाद भी कृत्रिम अंग निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा कृत्रिम अंग निर्माण में छात्रों में शोध को बढ़ावा देने का प्रयास भी किया जाएगा।<br />कोट</p>
<p>"विश्वविद्यालय का उद्देश्य शिक्षा के साथ दिव्यांगजनों के जीवन को आसान और आत्मनिर्भर बनाना है। थ्रीडी प्रिंटिंग और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृत्रिम अंगों की गुणवत्ता बेहतर होगी और दिव्यांगों को समय पर सहायता मिल सकेगी। इससे हमारे विद्यार्थी भी तकनीकी रूप से दक्ष होंगे और रोजगार व स्टार्टअप की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।"<br /><strong>-आचार्य संजय सिंह, कुलपति, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 10:51:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अटल, मालवीय और अंबेडकर में थीं कई समानताएं, पुनर्वास विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ कार्यक्रम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और महामना मदन मोहन मालवीय की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कुलपति आचार्य संजय सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी, महामना मदन मोहन मालवीय और डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों में कई समानताएं थीं। तीनों ही शिक्षा, साहित्य और राजनीति के क्षेत्र में दूरदर्शी चिंतक रहे और देश को नई दिशा देने का कार्य किया।</p>
<p>कुलपति ने कहा कि महामना मदन मोहन मालवीय के डिसेंट नोट में भारत की तत्कालीन स्थिति, अंग्रेजों द्वारा किए गए शोषण और देश की उन्नति के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565084/atal--malaviya-and-ambedkar-had-many-similarities--program-organized-at-rehabilitation-university"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/muskan-dixit-(42)12.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और महामना मदन मोहन मालवीय की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कुलपति आचार्य संजय सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी, महामना मदन मोहन मालवीय और डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों में कई समानताएं थीं। तीनों ही शिक्षा, साहित्य और राजनीति के क्षेत्र में दूरदर्शी चिंतक रहे और देश को नई दिशा देने का कार्य किया।</p>
<p>कुलपति ने कहा कि महामना मदन मोहन मालवीय के डिसेंट नोट में भारत की तत्कालीन स्थिति, अंग्रेजों द्वारा किए गए शोषण और देश की उन्नति के लिए आवश्यक बिंदुओं का गहन उल्लेख मिलता है, जिसे आज की पीढ़ी को अवश्य पढ़ना चाहिए।</p>
<p>इस अवसर पर अटल ऑडिटोरियम सभागार के समक्ष स्थापित अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। इसके बाद विश्वविद्यालय परिसर स्थित केंद्रीय पुस्तकालय में महामना मदन मोहन मालवीय और अटल बिहारी वाजपेयी के चित्रों पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित की गई।</p>
<p>कार्यक्रम में अधिष्ठाता शैक्षिक प्रो. वीके सिंह, डायरेक्टर रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो. अश्वनी कुमार दुबे, निदेशक भर्ती प्रकोष्ठ प्रो. संजीव गुप्ता, अध्यक्ष हिंदी विभाग प्रो. यशवंत वीरोदय, ब्रेल प्रेस इंचार्ज डॉ. विजय शंकर शर्मा, डॉ. रणजीत कुमार, डॉ. बृजेश राय, डॉ. शशि सौरभ, असिस्टेंट रजिस्ट्रार बृजेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/565084/atal--malaviya-and-ambedkar-had-many-similarities--program-organized-at-rehabilitation-university</link>
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                <pubDate>Sat, 27 Dec 2025 11:24:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बौद्धिक दिव्यांग बच्चों का कल्याण सभी की जिम्मेदारी... पुनर्वास विवि में राष्ट्रीय अभिभावक सम्मेलन में बोले कर्नाटक के राज्यपाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के समग्र कल्याण की जिम्मेदारी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने गार्जियनशिप से जुड़ी प्रक्रियाओं में अभिभावकों को सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही परिवार संगठन द्वारा तीन दशकों से किए जा रहे कार्यों की सराहना की और नीति-निर्माण में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।</p>
<p>राज्यपाल, शनिवार को लखनऊ स्थित डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय संस्थान बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण द्वारा आयोजित दो दिवसीय 31 वें राष्ट्रीय अभिभावक सम्मेलन 2025 का उद्घाटन करने के बाद संबोधित कर रहे थे। दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/561672/the-welfare-of-children-with-intellectual-disabilities-is-everyone-s-responsibility----karnataka-governor-said-at-the-national-parents--conference-at-rehabilitation-university"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/muskan-dixit-(7)23.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के समग्र कल्याण की जिम्मेदारी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने गार्जियनशिप से जुड़ी प्रक्रियाओं में अभिभावकों को सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही परिवार संगठन द्वारा तीन दशकों से किए जा रहे कार्यों की सराहना की और नीति-निर्माण में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।</p>
<p>राज्यपाल, शनिवार को लखनऊ स्थित डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय संस्थान बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण द्वारा आयोजित दो दिवसीय 31 वें राष्ट्रीय अभिभावक सम्मेलन 2025 का उद्घाटन करने के बाद संबोधित कर रहे थे। दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि दिव्यांगजनों की शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास के लिए प्रदेश सरकार लगातार कार्य कर रही है। विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री सलाहकार अवनीश अवस्थी ने समाज से अपील की कि वे बौद्धिक दिव्यांगजन को अवसर प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने में सहयोग करें। </p>
<p>सम्मेलन का आयोजन पैरिवार – नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ पेरेंट्स ऑर्गेनाइजेशंस के सहयोग से तथा डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय और यू.पी. पेरेंट्स एसोसिएशन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर मेजर बी. वी. रामकुमार, राज्य दिव्यांगजन आयुक्त प्रो. हिमांशु शेखर झा और विश्वविद्यालय के कुलसचिव रोहित सिंह उपस्थित रहे।</p>
<h3><strong>पैरिवार राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 से सम्मानित हुए</strong></h3>
<p>सम्मेलन में ‘पैरिवार’ की वार्षिक रिपोर्ट 2024–25 तथा सौम्या उपाध्याय ‘तताई’ की पुस्तक “ हु न्यू द फार्गोटन यू ” का विमोचन किया गया। साथ ही रोशनी सोसायटी हल्द्वानी, परिवार पलक्कड़ और मेसेनी पोंग पोंगें को पैरिवार राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया। स्पेशल ओलंपिक्स वर्ल्ड गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आठ बौद्धिक दिव्यांग पैराअथलीटों को भी सम्मानित किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/561672/the-welfare-of-children-with-intellectual-disabilities-is-everyone-s-responsibility----karnataka-governor-said-at-the-national-parents--conference-at-rehabilitation-university</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/561672/the-welfare-of-children-with-intellectual-disabilities-is-everyone-s-responsibility----karnataka-governor-said-at-the-national-parents--conference-at-rehabilitation-university</guid>
                <pubDate>Sun, 30 Nov 2025 10:16:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP News: नाइजीरियाई पैराबैडमिंटन में पुनर्वास विश्वविद्यालय छात्रों ने रचा इतिहास, मेडल जीतकर विश्वविद्यालय के छात्रों ने लहराया तिरंगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> अफ्रीका के नाइजीरिया में आयोजित प्रथम आबिया पैरा बैडमिन्टन चैम्पियनशिप में डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के छात्रों ने स्वर्ण और कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। पुरुष युगल (SU-5) मुकाबले में राहुल कुमार और उनके साथी राहुल विमल ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। वहीं, महिला शटलर कनक सिंह जादौन ने (SL-4) महिला सिंगल्स, डबल्स और मिक्स्ड डबल्स मुकाबलों में दो कांस्य पदक पर कब्जा किया।</p>
<p>विदेशी धरती पर छात्रों की इस सफलता से विश्वविद्यालय में जश्न का माहौल है। विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य संजय सिंह ने राहुल और कनक की उपलब्धियों पर प्रसन्नता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/557228/up-news--rehabilitation-university-students-created-history-in-nigerian-parabadminton--university-students-hoisted-the-tricolor-after-winning-medals"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/muskan-dixit-(22)11.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> अफ्रीका के नाइजीरिया में आयोजित प्रथम आबिया पैरा बैडमिन्टन चैम्पियनशिप में डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के छात्रों ने स्वर्ण और कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। पुरुष युगल (SU-5) मुकाबले में राहुल कुमार और उनके साथी राहुल विमल ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। वहीं, महिला शटलर कनक सिंह जादौन ने (SL-4) महिला सिंगल्स, डबल्स और मिक्स्ड डबल्स मुकाबलों में दो कांस्य पदक पर कब्जा किया।</p>
<p>विदेशी धरती पर छात्रों की इस सफलता से विश्वविद्यालय में जश्न का माहौल है। विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य संजय सिंह ने राहुल और कनक की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की और आशा जताई कि विश्वविद्यालय जल्द ही पैरा खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएगा।</p>
<p>एमबीए की छात्रा कनक सिंह जादौन और एमए हिंदी के छात्र राहुल कुमार ने अपनी खेल क्षमता का प्रदर्शन किया। प्रो. पी. राजीवनयन, निदेशक, क्रीड़ा एवं योग प्रकोष्ठ ने कहा, “आने वाले वर्षों में विश्वविद्यालय बैडमिंटन के साथ ही जूडो और एथलेटिक्स में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को स्थापित करने में सफल होगा।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Oct 2025 10:23:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कुलाधिपति और कुलपति मेडल से विभूषित हुए विद्यार्थी, पुनर्वास विश्वविद्यालय में 166 पदक किए गए वितरित</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में शैक्षिक सत्र 2024-25 में विभिन्न संकायों के अन्तर्गत कुल 2113 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई जिसमें 962 छात्राएं और 1151 छात्र हैं। इसके अलावा राज्यपाल व कुलाधिपति ने 143 मेधावी विद्यार्थियों को 166 पदकों से अलंकृत किया गया। 143 विद्यार्थियों में 76 पदक छात्राओं को और 67 पदक छात्रों को दिए गए।</p>
<p>पहली बार कुल 166 पदकों में 27 दिव्यांग विद्यार्थियों ने 41 पदक प्राप्त कर रिकार्ड कायम किया है। समारोह में 22 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि से भी विभूषित किया गया। समारोह में रजत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/553522/students-were-honoured-with-chancellor-and-vice-chancellor-medals--166-medals-were-distributed-in-rehabilitation-university"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/cats289.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में शैक्षिक सत्र 2024-25 में विभिन्न संकायों के अन्तर्गत कुल 2113 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई जिसमें 962 छात्राएं और 1151 छात्र हैं। इसके अलावा राज्यपाल व कुलाधिपति ने 143 मेधावी विद्यार्थियों को 166 पदकों से अलंकृत किया गया। 143 विद्यार्थियों में 76 पदक छात्राओं को और 67 पदक छात्रों को दिए गए।</p>
<p>पहली बार कुल 166 पदकों में 27 दिव्यांग विद्यार्थियों ने 41 पदक प्राप्त कर रिकार्ड कायम किया है। समारोह में 22 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि से भी विभूषित किया गया। समारोह में रजत सिंहल, शिखा वर्मा, अभिषेक तिवारी, लवली, अर्पित चौरसिया और परमात्मा कुमार को कुलाधिपति व कुलपति मेडल दिया गया। लवली को डॉ. शकुंतला मिश्रा स्वर्ण पदक से भी विभूषित किया गया। जबकि दिव्यांग श्रेणी में परमात्मा कुमार को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। </p>
<p>स्वर्ण पदक पाने वालों में कुलदीप चौरसिया जिन्हें मुख्यमंत्री स्वर्णपदक दिया गया। समीर कुमार, साधना कुमारी को मुख्यमंत्री स्वर्ण मेडल, द़ष्टिबाधित श्रेणी में रानू तिवारी को स्वर्ण पदक, रिया मरियम को स्वर्ण, प्रशांत गौर, प्रिया यादव, अंकित गुप्ता, आराधना चौरसिया को स्वर्ण पदकों से नवाजा गया। जबकि दीपांकर पाण्डेय को मुलायम सिंह यादव स्वर्ण पदक दिया गया।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/GovernorofUp/status/1967977236981748048">https://twitter.com/GovernorofUp/status/1967977236981748048</a></blockquote>
<p>

</p>
<h5><strong>दीक्षांत समारोह की उपलब्धियां</strong></h5>
<ul>
<li>कुल 166 पदक</li>
<li>81 स्वर्ण पदक (छात्राएं 45.68 प्रतिशत एवं छात्र 54.32 प्रतिशत)</li>
<li>छात्राओं को कुल 37 स्वर्ण पदक वितरित किए गए।</li>
<li>छात्रों को कुल 44 स्वर्ण पदक वितरित किए गए।</li>
<li>व्यक्ति के रूप में कुल 65 छात्र-छात्राओं में से 31 छात्राएं एवं 34 छात्रों को स्वर्ण पदक</li>
<li>43 रजत पदक (छात्राएं 53.49 प्रतिशत व छात्र 46.51 प्रतिशत)</li>
<li>छात्राओं को कुल 23 रजत पदक वितरित किए गए।</li>
<li>छात्रों को कुल 20 रजत पदक वितरित किए गए।</li>
<li>व्यक्ति के रूप में कुल 40 छात्र/छात्राओं में से 22 छात्राएं एवं 18 छात्रों को रजत पदक</li>
<li>42 कांस्य पदक (छात्राएं 61.9 प्रतिशत व छात्र 38.10 प्रतिशत)</li>
<li>छात्राओं को कुल 26 कांस्य पदक वितरित किए गए।</li>
<li>छात्रों को कुल 16 कांस्य पदक वितरित किए गए।</li>
<li>व्यक्ति के रूप में कुल 38 छात्र/छात्राओं में से 23 छात्राएं एवं 15 छात्रों को कांस्य पदक</li>
<li>कुल 166 पदकों में से 27 दिव्यांग विद्यार्थियों ने 41 पदक प्राप्त किये, जिसमें 10 दिव्यांग छात्राएं व 17 दिव्यांग छात्र हैं।</li>
</ul>
<h5><strong>दिव्यांगता के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बने : राज्यपाल</strong></h5>
<p>कुलाधिपति व राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि मुझे खुशी है कि दिव्यांगजनों के लिए विशेष मेडल की व्यवस्था की गई है। यह विश्वविद्यालय एक विशिष्ट विश्वविद्यालय है जहां के दिव्यांग विद्यार्थी अपने भौतिक अवरोधों को तोड़ते हुए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा एवं खेल के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।</p>
<p>जिसके दृष्टिगत दृष्टिबाधित, श्रवण बाधित एवं अन्य प्रकार के दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अलग से कुलाध्यक्ष स्वर्ण पदक, मुख्यमंत्री स्वर्ण पदक एवं कुलपति स्वर्ण पदक की व्यवस्था की गई है। मेरी कामना है कि यह संस्था एक विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय का रूप ले और राष्ट्रीय, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर दिव्यांगता के क्षेत्र में ‘सेंटर फॉर एक्सीलेंस’ बने।</p>
<h5><strong>कुलपति ने प्रस्तुत किया विवरण</strong></h5>
<p>कुलपति प्रो. संजय सिंह ने कहा कि नवसृजित भेषज विज्ञान संकाय (फैकेल्टी ऑफ फ़ार्मास्यूटिकल सांइसेज) एवं अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय (फैकेल्टी आफॅ इंजीनियरिंग एण्ड टेकनोलॉजी) और 2 विभागों संस्कृत विभाग एवं योग विभाग सहित कुल 10 संकाय और 35 विभाग कार्य कर रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अन्तर्गत सत्र 2025-26 से चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम लागू कर दिया गया है, जिससे हमारे प्रोग्राम एवं कोर्सेज में भी वृद्धि हुई है।</p>
<p>विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने पैरा खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। स्पोर्ट्स पॉलिसी के क्रियान्वयन के फलस्वरूप इस वर्ष प्रादेशिक, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विद्यार्थियों ने कुल 60 पदक जीते हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष विद्यार्थियों ने लगभग दोगुने मेडल प्राप्त किए हैं।</p>
<h5><strong>सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं छात्र</strong></h5>
<p>मुख्य अतिथि एस गोविंद राजू ने छात्रों से सरकारी योजनाओं का सदुपयोग करने लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। यह भी कहा कि ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है लेकिन बुद्धिमत्ता को हासिल करना पड़ता है। विशिष्ट अतिथि राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार, पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि 11 लाख 32 हजार 254 दिव्यांगजनों की भरण-पोषण राशि 300 से बढ़ाकर 1000 रुपए प्रति माह की है। यूपी में 8 हजार 863 दिव्यांगजनों को दुकान बनाकर दी गई। 55 डे केअर सेन्टर और 28 समेकित विद्यालय खोले गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/553522/students-were-honoured-with-chancellor-and-vice-chancellor-medals--166-medals-were-distributed-in-rehabilitation-university</link>
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                <pubDate>Tue, 16 Sep 2025 21:32:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्वस्तर पर सेंटर फॉर एक्सीलेंस बनेगा पुनर्वास विश्वविद्यालय, दिव्यागों के लिए दुनिया का सर्वश्रेष्ठ संस्थान बनाने की हो रही पहल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय दिव्यांगों के लिए प्रदेश और देश का ही नहीं इसे विश्व स्तरीय संस्थान विकसित करने की योजना है। दिव्यांगों के लिए विश्वस्तर पर सर्वश्रेष्ठ सेंटर फार एक्सीलेंस बनाए जाने की योजना है। कुलपति आचार्य संजय सिंह ने एक साक्षात्कार में बताया कि विश्वविद्यालय दिव्यांगों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। विश्वविद्यालय आने वाले दिनों में दुनिया भर के दिव्यागों के लिए सेंटर फॉर एक्सीलेंस बनेगा।</p>
<p>कुलपति आचार्य संजय सिंह ने बातचीत में बताया कि दिव्यांगों के भौतिक पुनर्वासन एवं दिव्यांगजनों को निशुल्क अंग प्रदान किए जाने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/548342/rehabilitation-university-will-become-a-center-for-excellence-at-the-world-level--initiative-is-being-taken-to-make-it-the-best-institute-in-the-world-for-the-disabled"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/muskan-dixit-(12).png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय दिव्यांगों के लिए प्रदेश और देश का ही नहीं इसे विश्व स्तरीय संस्थान विकसित करने की योजना है। दिव्यांगों के लिए विश्वस्तर पर सर्वश्रेष्ठ सेंटर फार एक्सीलेंस बनाए जाने की योजना है। कुलपति आचार्य संजय सिंह ने एक साक्षात्कार में बताया कि विश्वविद्यालय दिव्यांगों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। विश्वविद्यालय आने वाले दिनों में दुनिया भर के दिव्यागों के लिए सेंटर फॉर एक्सीलेंस बनेगा।</p>
<p>कुलपति आचार्य संजय सिंह ने बातचीत में बताया कि दिव्यांगों के भौतिक पुनर्वासन एवं दिव्यांगजनों को निशुल्क अंग प्रदान किए जाने हेतु विश्वविद्यालय में 'कृत्रिम अंग एवं पुनर्वास केन्द्र' स्थापित है। इस केंद्र द्वारा पंजीकरण और निशुल्क परामर्श सेवा के माध्यम से अब तक 7021 दिव्यांग लाभान्वित हो चुके है। साथ ही अबतक इस केंद्र द्वारा 4892 दिव्यांगों को निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं उपकरण प्रदान किये गये हैं। इस दिशा में दो नवीन ईकाई जिसमें आधुनिक माड्यूलर कृत्रिम अंग और आधुनिक विपाटन (स्पिल्टिंग) तकनीक की सुविधा दिव्यांगजनों हेतु प्रारम्भ की गई है।</p>
<h4><strong>थ्रीडी प्रिटिंग तकनीक से बनते हैं कृत्रिम अंग</strong></h4>
<p>विश्वविद्यालय का कृत्रिम अंग निर्माण कार्यशाला 3डी प्रिन्टिंग तकनीक का प्रयोग करता है। दिव्यांगजनों को बेहतर सुविधा प्रदान करते हुए दिव्यांगता के क्षेत्र में उन्नत अनुसंधान को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय ने पहल कर रहा है।</p>
<h4><strong>1149 श्रवण बाधितों का हुआ इलाज</strong></h4>
<p>विश्वविद्यालय में स्थापित डेफ कॉलेज द्वारा श्रवण बाधितों, ऑटिस्टिक बच्चों, सेरिब्रल पाल्सी से ग्रसित बच्चे एवं विभिन्न वाणी बाधित के मरीजों हेतु नैदानिक सेवायें भी प्रदान की जा रही है। अब तक कुल 1149 श्रवण बाधितों का इलाज हो चुका है। प्रति माह लगभग 450-600 बच्चों की स्पीच लैंग्वेज थेरेपी संचालित होती है।</p>
<p>-मैं अपनी आंखे बंद कर उनके लिए चला, मैंने टेलीविजन की आवाज बंद कर के मूक दृश्यों को समझने की चेष्टा की। तब मैं समझ पाया की इनको कितने दर्द से गुजरना पड़ता है। यह विश्वविद्यालय स्पेशल लोगों के लिए कार्य कर रहा है, इसके लिए इसके शिक्षकों और समूचे विश्वविद्यालय को स्पेशल स्टेटस मिलना चाहिए।</p>
<p><strong>आचार्य संजय सिंह, कुलपति, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/548330/new-rules--from-upi-to-lpg-cylinder-prices--know-what-all-has-changed-from-today">New Rules: UPI से लेकर एलपीजी सिलेंडर की कीमतों तक, जानें आज से क्या-क्या बदला? </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/548342/rehabilitation-university-will-become-a-center-for-excellence-at-the-world-level--initiative-is-being-taken-to-make-it-the-best-institute-in-the-world-for-the-disabled</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/548342/rehabilitation-university-will-become-a-center-for-excellence-at-the-world-level--initiative-is-being-taken-to-make-it-the-best-institute-in-the-world-for-the-disabled</guid>
                <pubDate>Fri, 01 Aug 2025 10:24:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुनर्वास विश्वविद्यालय में बीटेक की 50% सीटों पर सीधा प्रवेश, AKTU पूल काउंसलिंग में शामिल होगा विकल्प, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> डॉ. शकुंतला मिश्र राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में 480 बीटेक की सीटों में आधे पर सीधे प्रवेश मिलेगा। इस वर्ष बीटेक की आधी सीटों पर प्रवेश को लेकर बदलाव किया गया है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि आधी सीटों पर अपने स्तर से प्रवेश के लिए एकेटीयू की पूल काउंसलिंग का सहारा लिया जाएगा। पुनर्वास विश्वविद्यालय में इस बार काउंसलिंग में 100 प्रतिशत प्रवेश सीयूईटी के माध्यम से हो रहे हैं।</p>
<p>बीटेक विषय में प्रवेश के लिए ज्यादातर छात्र (जेईई) की भी परीक्षा देते हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय अपने यहां की आधी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/541102/direct-admission-to-50--seats-of-b-tech-in-rehabilitation-university--option-will-be-included-in-aktu-pool-counseling--know-the-whole-matter"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-06/2025-(12)5.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> डॉ. शकुंतला मिश्र राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में 480 बीटेक की सीटों में आधे पर सीधे प्रवेश मिलेगा। इस वर्ष बीटेक की आधी सीटों पर प्रवेश को लेकर बदलाव किया गया है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि आधी सीटों पर अपने स्तर से प्रवेश के लिए एकेटीयू की पूल काउंसलिंग का सहारा लिया जाएगा। पुनर्वास विश्वविद्यालय में इस बार काउंसलिंग में 100 प्रतिशत प्रवेश सीयूईटी के माध्यम से हो रहे हैं।</p>
<p>बीटेक विषय में प्रवेश के लिए ज्यादातर छात्र (जेईई) की भी परीक्षा देते हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय अपने यहां की आधी सीटों पर सीयूईटी से प्रवेश लेने का निर्णय लिया है। एकेटीयू में पूल काउंसलिंग से पुनर्वास विश्वविद्यालय अपनी आधी सीटें भरेगा। पूल काउंसलिंग में एकेटीयू के अन्य संबद्ध कॉलेजों की तरह शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय भी च्वाइस फिलिंग में एक विकल्प के रूप में छात्रों को दिखेगा। छात्र वहां से च्वाइस लॉक कर विश्वविद्यालय में प्रवेश ले सकेंगे। अगर किसी छात्र को वहां दाखिला नहीं मिलता है, तो वह सीधे काउंसलिंग के माध्यम से सेट के सपोर्ट पर भी विश्वविद्यालय में दाखिला ले सकेंगे।</p>
<p>पुनर्वास विश्वविद्यालय के प्रवक्ता यशवंत वीरोदय ने बताया कि कैंपस में 480 सीटों पर बीटेक के दाखिले हो रहे हैं। इसमें कंप्यूटर साइंस की सबसे ज्यादा 120 सीटें हैं। जबकि इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिक, सिविल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की 60-60 सीटों पर प्रवेश होंगे। इसके अलावा बीटेक की लेटर एंट्री की भी सीटें हैं। जिसमें 48 सीटों पर दाखिले लिए जाएंगे और हर ट्रेड की 10 फ़ीसदी सीटों पर लैटरल एंट्री के एडमिशन होने हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/541106/sultanpur--two-youths-died-due-to-bolero-overturning--two-are-in-critical-condition">सुलतानपुर: बोलेरो पलटने से दो युवकों की मौत, दो की हालत गंभीर</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/541102/direct-admission-to-50--seats-of-b-tech-in-rehabilitation-university--option-will-be-included-in-aktu-pool-counseling--know-the-whole-matter</link>
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                <pubDate>Sat, 07 Jun 2025 11:27:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुनर्वास विश्वविद्यालय के छात्रों का आंदोलन रंग लाया, बदली सेमेस्टर एग्जाम की डेट</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के छात्र पिछले चार दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की ज्यादातर मांगों को स्वीकार कर लिया है जिसके बाद छात्रों ने आंदोलन समाप्त कर दिया है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमित कुमार राय से वार्ता के पश्चात विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं का धरना समाप्त हो गया। विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. वीके सिंह द्वारा निर्गत आदेश व कुलानुशासक प्रो. सीके दीक्षित की पहल पर छात्रों ने गेट का ताला खोल दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">अब मिड सेमेस्टर परीक्षा की जो परीक्षा 1 से 9 मार्च तक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/531686/the-agitation-of-the-students-of-rehabilitation-university-bore-fruit--the-date-of-the-semester-examination-was-changed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/chaitra-navratri-2025--महाअष्टमी-पर-करें-कन्यापूजन,-नवरात्री-पर-बरसेगी-माता-की-कृपा-(3).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के छात्र पिछले चार दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की ज्यादातर मांगों को स्वीकार कर लिया है जिसके बाद छात्रों ने आंदोलन समाप्त कर दिया है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमित कुमार राय से वार्ता के पश्चात विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं का धरना समाप्त हो गया। विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. वीके सिंह द्वारा निर्गत आदेश व कुलानुशासक प्रो. सीके दीक्षित की पहल पर छात्रों ने गेट का ताला खोल दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">अब मिड सेमेस्टर परीक्षा की जो परीक्षा 1 से 9 मार्च तक प्रस्तावित थी वह अब 27 अप्रैल से सेमेस्टर व अन्तिम सेमेस्टर परीक्षा के साथ संपन्न कराई जाएंगी। इसके लिए समस्त प्रश्न-पत्रों में सेक्शन-डी अनिवार्य रूप से उपलब्ध होगा, जिसे विद्यार्थीगण 30 मिनट के अतिरिक्त समय के अन्तर्गत प्रश्नपत्र हल करेंगे। 1 से 3 अप्रैल तक संचालित मिड सेमेस्टर परीक्षा में जो विद्यार्थी परीक्षा में उपस्थित रहे है, उन्हें भी सेक्शन डी सुविधा उपलब्ध होगी यदि वह संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष से सम्बन्घित अध्यापक के माध्यम से औपचारिक रूप से विकल्प का चयन करते हैं। इसी के साथ 4 अप्रैल से आयोजित होने वाली मिड सेमेस्टर को स्थगित कर दी गई है। हालांकि एसाइनमेन्ट, प्रेजेन्टेशन पहले से घोषित समय के अनुसार किए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/531683/national-pg-college-will-have-an-agreement-with-cii-today#gsc.tab=0">नेशनल पीजी कॉलेज में आज लगेगा रोजगार मेला, सीआईआई के साथ किया समझौता</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/531686/the-agitation-of-the-students-of-rehabilitation-university-bore-fruit--the-date-of-the-semester-examination-was-changed</link>
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                <pubDate>Sat, 05 Apr 2025 12:08:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुनर्वास विश्वविद्यालय में छात्रों का धरना, मिड सेमेस्टर और सेमेस्टर परीक्षा साथ कराने को लेकर भड़ते छात्र</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रहा। छात्रों ने विश्वविद्यालय के दोनों दरवाजों पर तालाबंदी कर दिया है। मिड सेमेस्टर की परीक्षा को सेमेस्टर की परीक्षा के साथ कराने को लेकर छात्र आंदोलित हैं। छात्रों का कहना है कि लगातार मांग करने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन हमारी जायज मांगों को तत्काल स्वीकार करें और नोटिस जारी कर दे अन्यथा आंदोलन जारी रहेगा।</p>
<p>पुनर्वास विश्विद्यालय में छात्र मिड सेमेस्टर की परीक्षा को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/531475/students-furious-over-the-mid-semester-and-semester-examination-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/2025-(4)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रहा। छात्रों ने विश्वविद्यालय के दोनों दरवाजों पर तालाबंदी कर दिया है। मिड सेमेस्टर की परीक्षा को सेमेस्टर की परीक्षा के साथ कराने को लेकर छात्र आंदोलित हैं। छात्रों का कहना है कि लगातार मांग करने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन हमारी जायज मांगों को तत्काल स्वीकार करें और नोटिस जारी कर दे अन्यथा आंदोलन जारी रहेगा।</p>
<p>पुनर्वास विश्विद्यालय में छात्र मिड सेमेस्टर की परीक्षा को सेमेस्टर परीक्षा के साथ ही कराने की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। शुक्रवार को छात्रों ने रजिस्ट्रार व कुलसचिव के समक्ष अपनी मांगे रखी थी कि मिड सेमेस्टर में भी राइटर को पैसे देने की सुविधा दी जाए। परीक्षा को स्थगित करके 16 अप्रैल के बाद किया जाए। छात्रों की मांग नहीं माने जाने के बाद मंगलवार को छात्रों ने गेट पर तालाबंदी करके मिड सेमेस्टर परीक्षा का बहिष्कार किया। पूरे दिन धरना देने के बाद रात 10 बजे नोटिस जारी किया गया था जिसमें मिड सेमेस्टर में भी लेखक को पैसे देने और जो छात्र चाहे तो मिड सेमेस्टर अभी दे या सेमेस्टर परीक्षा के साथ दे। अब छात्रों का कहना है कि हमारी मांगों को विश्वविद्यालय प्रशासने आधा अधूरा स्वीकार किया है। सभी के लिए एक साथ परीक्षा कराए जाने को लेकर छात्रों का धरना जारी है। छात्रों का कहना है कि यदि कुछ छात्र पहले और कुछ छात्र बाद में परीक्षा देंगे तो शिक्षक उनके साथ बदले की भावना के साथ व्यवहार करेंगे इसलिए सभी की एकसाथ परीक्षा कराई जाए।</p>
<p><strong>शिक्षकों को भी नहीं घुसने दिया</strong></p>
<p>विश्विद्यालय के दोनों गेट पर छात्रों ने तालाबंदी कर दी है। इस दौरान जो शिक्षक बाहर से आए और विश्वविद्यालय में प्रवेश करना चाहते थे उनको भी छात्रों ने घंटों तक प्रवेश नहीं दिया। छात्रों का कहना है कि जब तक प्रशासन मिड और सेमेस्टर परीक्षा एक साथ कराने की मांग नहीं मान लेगा तब तक छात्रों का धरना जारी रहेगा।</p>
<p><strong>छात्र की पिटाई से छात्रों में आया उबाल</strong></p>
<p>आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान बीएड के एक छात्र शारदा को शिक्षक द्वारा पिटाई किए जाने के बाद छात्रों का गुस्सा बढ़ गया। छात्रों ने बताया कि विजय शंकर शिक्षक ने छात्र के सीने में मुक्का मारा। जिसके बाद वह गिर पड़ा। आनन-फानन में छात्र को एम्बुलेंस द्वारा अस्पताल भिजवाया गया। शिक्षक द्वारा छात्र की पिटाई की खबर सुनने के बाद छात्रों का गुस्सा बढ़ गया।</p>
<p><strong>श्रवणबधित छात्रों के लेखक को मानदेय की मांग</strong></p>
<p>जो छात्र दोनों हाथ से विकलांग हैं या अपने हाथों से खुद परीक्षा लिखने में सक्षम नहीं हैं उनके लेखक को भी पैसे दिए जाने की मांग छात्र कर रहे हैं। छात्रों ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने कई बार यह मांग रख चुके हैं लेकिन खोखला आश्वासन ही मिलता है। अस्थि विकलांग छात्रों ने कहा कि हमारे ऊपर लेखक का आर्थिक बोझ आ जाता है। एक पेपर लिखवाने के लिए तीन सौ रूपए से पांच सौ रुपए तक देने पड़ते हैं लेकिन विश्वविद्यालय सिर्फ दृष्टिबाधित छात्रों के लेखक को ही पैसे देता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/531473/electricity-engineers-will-go-on-indefinite-strike-to-protest-against">ऊर्जा निगमों के निजीकरण के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे बिजली अभियंता, 9 अप्रैल को निकालेंगे रैली</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/531475/students-furious-over-the-mid-semester-and-semester-examination-of</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/531475/students-furious-over-the-mid-semester-and-semester-examination-of</guid>
                <pubDate>Fri, 04 Apr 2025 11:30:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब कोहरे में भी उड़ान भर सकेंगे विमान: पुनर्वास विवि और विमान पत्तन प्राधिकरण ने कोहरे में देखने वाले उपकरण का लिया पेटेंट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> अब विमानों को टेक ऑफ करने और लैडिंग में कोहरा बाधा नहीं बनेगा। न ही पायलट को विजिबिलिटी की कोई समस्या होगी। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय और भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण की संयुक्त शोध टीम मानव रहित और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से युक्त ऐसा ड्रोन बनाया है जो विमान के आते ही हवाई अड्डे के ऊपर आसमान को कुछ देर के लिए कोहरा मुक्त कर देगा। </p>
<p>इसके लिए हवाई अड्डे के तीन तरफ से आपस में जुड़े ड्रोन कोहरे की सघनता के हिसाब से अल्ट्रावायलट किरणों को उत्सर्जन करेंगे। विश्वविद्यालय की टीम ने दो वर्ष के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/523341/now-planes-can-fly-even-in-fog--rehabilitation-university-and-airport-authority-have-patented-the-device-for-seeing-in-fog"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/cats387.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> अब विमानों को टेक ऑफ करने और लैडिंग में कोहरा बाधा नहीं बनेगा। न ही पायलट को विजिबिलिटी की कोई समस्या होगी। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय और भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण की संयुक्त शोध टीम मानव रहित और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से युक्त ऐसा ड्रोन बनाया है जो विमान के आते ही हवाई अड्डे के ऊपर आसमान को कुछ देर के लिए कोहरा मुक्त कर देगा। </p>
<p>इसके लिए हवाई अड्डे के तीन तरफ से आपस में जुड़े ड्रोन कोहरे की सघनता के हिसाब से अल्ट्रावायलट किरणों को उत्सर्जन करेंगे। विश्वविद्यालय की टीम ने दो वर्ष के शोध में फार्मूला विकसित किया। इसे यूनाईटेड किंगडम से पेटेंट भी प्राप्त हो गया है। </p>
<p>पुनर्वास विश्वविद्यालय के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के सहायक प्राध्यापक दिनेश कुमार निषाद, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के सहायक महाप्रबंधक डॉ. सैफुल्लाह खालिद और धर्मेंद्र प्रकाश के साथ मिधुन चक्रवर्ती, शशि कांत गुप्ता और अल्केश अग्रवाल ने मिलकर इस नई आधुनिक तकनीक को अंजाम दिया है।</p>
<p>यह अभिनव तकनीक कोहरे से निपटने के लिए कई प्रकार के विशेष ड्रोन का उपयोग करती है। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सीडिंग सिस्टम है, ये वायुमंडल में विशेष कणों का छिड़काव कर दृश्यता को बढ़ा देता है। स्वचालित कोहरा निवारण प्रणाली उन्नत एल्गोरिदम का उपयोग करती है। मल्टी-स्पेक्ट्रल इमेजिंग सिस्टम वास्तविक समय में कोहरे का पता लगाता है और मैपिंग करता है। अल्ट्रा वायलेट किरणों से युक्त ड्रोन प्रणाली कोहरे को प्रभावी ढंग से नष्ट करती है।</p>
<h5><em><strong>सात तकनीक पर मिला पेटेंट</strong></em></h5>
<p>1-एआई-संचालित यूएवी सीडिंग सिस्टम जिसमें वायुमंडलीय दृश्यता बढ़ाने के लिए विशेष कणों का स्वचालित छिड़काव होगा।<br />2-स्वचालित कोहरा निवारण यूएवी जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा कोहरे का स्वचालित निवारण होगा।<br />3-हाइब्रिड यूएवी इसके तहत एआई-आधारित उड़ान अनुकूलन द्वारा कोहरा निवारण।<br />4-बहुउद्देशीय मौसम यूएवी इसमें मौसम संबंधी आंकड़ों का संग्रहण और प्रसार होगा।<br />5-.मल्टी-स्पेक्ट्रल इमेजिंग डिवाइस जिसमें वास्तविक समय में कोहरे का पता लगाया जाएगा, मैपिंग होगी।<br />6-पोर्टेबल यूवी रे जनरेटर यूएवी इमके तहत वायुमंडलीय संशोधन के लिए पोर्टेबल यूवी किरण उत्पादक।<br />7-एकीकृत यूवी रे यूएवी कोहरा निवारण के लिए एकीकृत यूवी किरण प्रणाली।<br />8-हाईप्रेसेसन यूवी रे इमीशन आपरेशन फॉर ड्रोन<br />9-एआई कंट्रौल्ड यूवी रे डिस्ट्रीव्यूशन आपरेटस<br />10-ऑटोनामस फाग आइडेंटीटी</p>
<h5><em><strong>यहां पर होगा प्रयोग</strong></em></h5>
<p>इस प्रौद्योगिकी का उपयोग हवाई अड्डों पर विमानों की सुरक्षित लैंडिंग, राजमार्गों पर यातायात सुरक्षा, रेल परिवहन में दृश्यता बढ़ाने और शहरी क्षेत्रों में कोहरे से होने वाली समस्याओं के समाधान में किया जा सकता है।</p>
<p>उत्तरप्रदेश सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी काउंसिल ने इसके लिए हमे फंड उपलब्ध कराया था। करीब दो साल के कठिन मेहनत के बाद कोहरे की सघनता पता लगाने, उसे खत्म करने के लिए उसी मात्रा में अल्ट्रावायलेट किरण उत्पादन, इसके बाद ड्राई आईस सीओटू का छिड़काव करने वाले आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस युक्त ड्रोन बनाए गए हैं... <strong>डॉ. दिनेश निषाद, इलेक्ट्रीकल इंजिनियरिंग विभाग।</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/523335/humanity-shamed-in-bahraich--mother-rejects-newborn-baby-girl--police-admits-her-in-hospital#gsc.tab=0">बहराइच में इंसानियत शर्मसार: नवजात बच्ची को मां ने ठुकराया, पुलिस चौकी के निकट फेंका, पुलिसकर्मियों ने अस्पताल में कराया भर्ती</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/523341/now-planes-can-fly-even-in-fog--rehabilitation-university-and-airport-authority-have-patented-the-device-for-seeing-in-fog</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Feb 2025 09:32:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुनर्वास विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने उड़ाया मानव रहित विमान, कानपुर IIT में वायुगतिकी कार्यक्रम में किया परीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने मंगलवार को रिमोड से संचालित होने वाला मानव रहित विमान छोटा विमान उड़ाया। ड्रोन के आकार के विमान का परीक्षण विद्यार्थियों ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर में हुए वायु गतिकी कार्यक्रम में किया। परीक्षण अभियांत्रिकी व प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रो सीके दीक्षित के निर्देशन में किया गया।</p>
<p>वायु गतिकी प्रारूप कार्यशाला में उत्तर जोन के लगभग 150 कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की 500 टीमों ने ऑनलाइन क्विज के माध्यम से प्रतिभाग किया। इसमें 20 कॉलेजों की 25 टीमों का चयन किया। इसमें पुनर्वास विश्वविद्यालय के बीटेक द्वितीय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/517824/rehabilitation-university-students-flew-unmanned-aircraft"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/untitled-design-(27)3.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने मंगलवार को रिमोड से संचालित होने वाला मानव रहित विमान छोटा विमान उड़ाया। ड्रोन के आकार के विमान का परीक्षण विद्यार्थियों ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर में हुए वायु गतिकी कार्यक्रम में किया। परीक्षण अभियांत्रिकी व प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रो सीके दीक्षित के निर्देशन में किया गया।</p>
<p>वायु गतिकी प्रारूप कार्यशाला में उत्तर जोन के लगभग 150 कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की 500 टीमों ने ऑनलाइन क्विज के माध्यम से प्रतिभाग किया। इसमें 20 कॉलेजों की 25 टीमों का चयन किया। इसमें पुनर्वास विश्वविद्यालय के बीटेक द्वितीय वर्ष के पांच विद्यार्थियों को भी चयनित किया गया। इसमें कंप्यूटर साइंस विभाग से आयुष चौरसिया व शिवांगी मिश्रा, इलेक्ट्रॉनिक्स व कम्युनिकेशन विभाग से महिमा अवस्थी और वरुण मिश्रा, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग ब्रांच से कशिश सिंह शामिल किए गए। कुलपति प्रो. संजय सिंह और निदेशक, अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान प्रो सीके दीक्षित ने छात्रों को उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः </strong><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/517823/green-buildings-will-be-built-in-the-country-too-engineer">देश में भी बनेंगी ग्रीन बिल्डिंग, AKTU तैयार कर रहा इंजीनियर</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jan 2025 11:27:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
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