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                <title>भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग - Amrit Vichar</title>
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                <description>भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>CCI के आदेश के बाद Google ने भारत में Play Billing प्रणाली पर लगाई रोक</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। गूगल (Google) ने भारत में डिजिटल वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के लिए प्ले बिलिंग प्रणाली को रोकने का फैसला किया है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के हालिया फैसलों के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। कंपनी ने साथ ही कहा कि वह सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। ये भी …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/308153/google-bans-play-billing-system-in-india-after-cci-order"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-11/google-1666761296.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> गूगल (Google) ने भारत में डिजिटल वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के लिए प्ले बिलिंग प्रणाली को रोकने का फैसला किया है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के हालिया फैसलों के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। कंपनी ने साथ ही कहा कि वह सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://amritvichar.com/meta-released-a-big-update-for-facebook-users-will-now-be-able-to-share-reels-in-groups/">मेटा ने फेसबुक के लिए बड़ा अपडेट किया जारी, यूजर्स अब ग्रुपों में शेयर कर सकेंगे रील्स</a></strong></p>
<p>सीसीआई ने पिछले महीने प्ले स्टोर नीतियों के संबंध में गूगल पर 936.44 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। नियामक ने कंपनी को अनुचित व्यावसायिक प्रथाओं को रोकने और साथ ही एक निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रतिस्पर्धा विरोधी मसलों को हल करने का निर्देश भी दिया था।</p>
<p>गूगल ने कहा, सीसीआई के हालिया फैसले के बाद, हम भारत में उपयोगकर्ताओं द्वारा डिजिटल सामान और सेवाओं की खरीद के लेनदेन के लिए गूगल प्ले की बिलिंग प्रणाली को रोक रहे हैं। कंपनी ने हालांकि कहा कि वह अपने कानूनी विकल्पों की समीक्षा कर रही है और यह एंड्रायड तथा प्ले में निवेश जारी रखेगी।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://amritvichar.com/google-play-store-removed-these-13-apps-you-can-also-delete-them-immediately/">Google Play Store ने हटाए ये 13 Apps, आप भी कर दें तुरंत डिलीट</a></strong></p>
<p> </p>
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                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Nov 2022 11:00:23 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Google पर दूसरी बार एक्शन, भारत ने फिर लगाया 935 करोड़ रुपये का जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। दूनिया की सबसे बड़ी सर्च इंजन गूगल (Google) की मुश्किलें थमने का नाम ही नही ले रही हैं। इसकी मनमानी रोकने के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग यानी सीसीआई ने एक बार फिर जुर्माना लगाया है। प्ले स्टोर नीतियों में अपनी दबदबे की स्थिति का दुरुपयोग करने के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने गूगल …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/304813/action-on-google-for-the-second-time-india-again-fined-rs-935-crore"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-10/capture-11101.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> दूनिया की सबसे बड़ी सर्च इंजन गूगल (Google) की मुश्किलें थमने का नाम ही नही ले रही हैं। इसकी मनमानी रोकने के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग यानी सीसीआई ने एक बार फिर जुर्माना लगाया है। प्ले स्टोर नीतियों में अपनी दबदबे की स्थिति का दुरुपयोग करने के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने गूगल पर 936.44 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। अक्टूबर माह में दूसरी बार है जब गूगल पर इस तरह की कार्रवाई हुई है।</p>
<p>सीसीआई ने बयान में कहा कि उसने गूगल को निर्देश दिया है कि वह एक निर्धारित समयसीमा के भीतर अपने आचरण में सुधार करे। एक हफ्ते से भी कम समय में यह दूसरा मौका है, जब गूगल के खिलाफ सीसीआई ने बड़ा फैसला किया है। इससे पहले नियामक ने 20 अक्टूबर को एंड्रॉयड मोबाइल उपकरणों के संबंध में कई बाजारों में अपनी दबदबे की स्थिति का दुरुपयोग करने के लिए गूगल पर 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://amritvichar.com/texas-sues-google-for-collecting-biometric-data-without-consent/">बिना सहमति बायोमेट्रिक डेटा एकत्र करने के लिए टेक्सास ने Google पर दायर किया मुकदमा</a></strong></p>
<p>सीसीआई के चेयरमैन अशोक कुमार गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि नियामक जुर्माना लगाने और इसकी मात्रा तय करने में व्यावहारिक रहा है। उन्होंने कहा कि सीसीआई की कार्रवाई व्यापार और आर्थिक वास्तविकताओं से अलग नहीं होती हैं। गुप्ता लगभग चार वर्षों तक नियामक के शीर्ष पर रहने के बाद मंगलवार को पद छोड़ देंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि डिजिटल बाजारों को प्रभावी ढंग से विनियमित करने के लिए ढांचे की व्यवहार्यता पर विचार किया जाना चाहिए। सीसीआई डिजिटल बाजार में उचित प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहा है। आयोग ने पिछले बृहस्पतिवार को एंड्रॉयड मोबाइल फोन के संबंध में कई बाजारों में अपनी प्रभावी स्थिति के दुरुपयोग के लिए गूगल के खिलाफ एक बड़ा आदेश पारित किया था। एंड्रॉयड मामले से संबंधित फैसले पर गूगल की टिप्पणियों के बारे में पूछने पर गुप्ता ने कुछ कहने से इनकार किया। आयोग ने पिछले बुधवार को अनुचित व्यावसायिक व्यवहार के लिए मेकमायट्रिप, गोआईबीबो और ओयो पर कुल 392 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।</p>
<p>उन्होंने बताया, ‘हम सीसीआई में डिजिटल बाजारों में प्रतिस्पर्धा की चिंताओं पर विचार कर रहे हैं।’ उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि डिजिटल बाजारों को प्रभावी ढंग से विनियमित करने के लिए एक ढांचे की व्यवहार्यता पर बारीकी से विचार करने की जरूरत है।</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, ‘यह देखते हुए कि भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र है, जिसमें प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप सभी क्षेत्रों में प्रभावी हैं। यहां यह पूरी तरह से उचित होगा कि हम, भारत में उन रूपरेखाओं के साथ भी जुड़े रहें, जिन्हें हमारे समकक्षों द्वारा विकसित किया जा रहा है।’</p>
<p>बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के संबंध में देश में प्रतिस्पर्धा कानून के बारे में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भारत में प्रतिस्पर्धा कानून विकास के एक बहुत ही महत्वपूर्ण क्षण में है। गुप्ता ने कहा कि दुनियाभर में प्रतिस्पर्धा एजेंसियों से सीखने और अनुभवों के आदान-प्रदान के लिए सहयोग करने की जरूरत है।</p>
<p>इससे पहले सीसीआई की ओर से करीब 1338 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इस तरह, गूगल (Google) पर महीने में अब तक 2300 करोड़ रुपये के करीब जुर्माना लगाया जा चुका है।</p>
<p><strong>गूगल ने दी थी प्रतिक्रिया<br />
</strong>सीसीआई की पहली कार्रवाई पर सर्च इंजन गूगल की प्रतिक्रिया भी आई थी। कंपनी ने कहा था, “सीसीआई का निर्णय भारतीय उपभोक्ताओं और व्यवसायों के लिए एक बड़ा झटका है। यह एंड्रॉइड की सुरक्षा सुविधाओं पर भरोसा करने वाले भारतीयों के लिए गंभीर सुरक्षा जोखिम के अवसर दे रहा है। यह फैसला भारतीयों के लिए मोबाइल उपकरणों की लागत बढ़ा रहा है।” इसके साथ ही गूगल ने फैसले की समीक्षा करने की बात कही थी।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://amritvichar.com/will-review-cci-decision-for-next-steps-google-fined-rs-1337-crore-in-india-google/">Google ने जुर्माने पर दी सफाई, कहा- भारतीय ग्राहकों के लिए बड़ा झटका</a></strong></p>
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                                                            <category>Top News</category>
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                <pubDate>Tue, 25 Oct 2022 18:19:24 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भारत में गूगल पर लगा 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना, जानें वजह</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने गूगल पर 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। एंड्रॉयड मोबाइल उपकरण क्षेत्र में कई बाजार में अपनी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग करने को लेकर यह कार्रवाई की गई है। इसके अलावा, सीसीआई ने प्रमुख इंटरनेट कंपनी को अनुचित कारोबारी गतिविधियों को रोकने और बंद करने का निर्देश …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/302933/google-fined-rs-1337-76-crore-in-india-know-the-reason"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-10/capture-1068.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने गूगल पर 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। एंड्रॉयड मोबाइल उपकरण क्षेत्र में कई बाजार में अपनी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग करने को लेकर यह कार्रवाई की गई है। इसके अलावा, सीसीआई ने प्रमुख इंटरनेट कंपनी को अनुचित कारोबारी गतिविधियों को रोकने और बंद करने का निर्देश दिया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- </strong><a href="https://amritvichar.com/chief-minister-gehlot-hit-back-at-rathore-said-bjp-leaders-should-read-history/">मुख्यमंत्री गहलोत ने राठौड़ पर पलटवार कहा- भाजपा नेताओं को पढ़ना चाहिए इतिहास</a></p>
<p>आयोग ने बृहस्पतिवार को जारी विज्ञप्ति में कहा कि गूगल को एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने कामकाज के तरीके को संशोधित करने का निर्देश भी दिया गया है। सीसीआई ने अप्रैल 2019 में देश में एंड्रॉयड आधारित स्मार्टफोन के उपभोक्ताओं की शिकायतों के बाद मामले की विस्तृत जांच का आदेश दिया था।</p>
<p>एंड्रॉयड दरअसल स्मार्टफोन और टैबलेट के मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) द्वारा स्थापित एक ओपन-सोर्स, मोबाइल ऑपरेटिंग प्रणाली है। अनुचित व्यावसायिक प्रथाओं के आरोप मोबाइल एप्लिकेशन डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट (एमएडीए) और एंटी फ्रैगमेंटेशन एग्रीमेंट (एएफए) जैसे दो समझौतों से संबंधित हैं।</p>
<p>नियामक ने कहा कि अनुचित कारोबारी गतिविधियों को रोकने का आदेश जारी करने के अलावा एंड्रॉयड मोबाइल उपकरण पारिस्थितिकी तंत्र में कई बाजारों में अपनी प्रमुख स्थिति का दुरुपयोग करने को लेकर गूगल पर 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सीसीआई ने कहा कि एमएडीए के तहत गूगल मोबाइल सूट (जीएमएस) को अनिवार्य रूप से पहले से इंस्टॉल करना उपकरण निर्माताओं पर अनुचित स्थिति थोपने के बराबर है, और इस तरह यह प्रतिस्पर्धा कानून का उल्लंघन करता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://amritvichar.com/there-was-a-ruckus-over-the-video-of-jp-nadda-grave-smriti-irani-said-wisdom-opposite-to-destruction/">जेपी नड्डा की ‘कब्र’ के वीडियो को लेकर मचा बवाल, स्मृति ईरानी बोलीं- विनाश काले विपरीत बुद्धि!</a></strong></p>
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                <pubDate>Thu, 20 Oct 2022 21:24:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>SONY-ZEE विलय सौदे को प्रतिस्पर्धा आयोग की सशर्त मंजूरी, CCI ने ट्वीट कर दी जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने मंगलवार को मीडिया कंपनियों सोनी और जी के विलय को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दे दी। विलय के बाद बनने वाली इकाई देश के बड़े मीडिया समूह में से एक होगी। सीसीआई ने ट्विटर पर लिखा है कि उसने कुछ संशोधन के साथ सौदे को मंजूरी दी …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/293637/competition-commissions-conditional-approval-for-sony-zee-merger-deal-cci-tweeted-information"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-10/capture-202.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने मंगलवार को मीडिया कंपनियों सोनी और जी के विलय को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दे दी। विलय के बाद बनने वाली इकाई देश के बड़े मीडिया समूह में से एक होगी। सीसीआई ने ट्विटर पर लिखा है कि उसने कुछ संशोधन के साथ सौदे को मंजूरी दी है। प्रस्तावित विलय की घोषणा पिछले साल सितंबर में की गयी थी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- </strong><a href="https://amritvichar.com/jio-will-start-testing-of-5g-service-from-tomorrow-free-service-will-be-available-in-these-four-cities/">कल लॉन्च होगा JIO का TRUE 5G बीटा ट्रायल, इन चार शहरों में मिलेगी फ्री सर्विस</a></p>
<p>आयोग ने कहा कि उसने जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लि. (जी) और बांग्ला एंटरटेनमेंट प्राइवेट लि. (बीईपीएल) के कल्वेर मैक्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लि. (सीएमई) के साथ विलय को कुछ संशोधन के साथ मंजूरी दी है। कल्वेर मैक्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लि. को पूर्व में सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया प्राइवेट लि. के नाम से जाना जाता था। फिलहाल मंजूरी का पूरा ब्योरा नहीं मिला है।</p>
<p>सूत्रों ने कहा कि नियामक शुरू में इस निष्कर्ष पर पहुंचा था कि इस सौदे का प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उसके बाद दोनों पक्षों को नोटिस जारी किये गये थे। उसके फलस्वरूप दोनों पक्षों ने स्वेच्छा से कुछ प्रस्ताव दिये, जिसे नियामक ने स्वीकार कर लिया। एक निश्चित सीमा से अधिक के विलय के लिये सीसीआई से मंजूरी की जरूरत होती है।</p>
<p>जी लि. ने बयान में कहा, ‘‘प्रस्तावित विलय से सभी पक्षों के लिये सृजित होने वाले मूल्य को देखते हुए कंपनी ने नियामक के दिशानिर्देश के अनुसार कुछ कदम की पेशकश की है।’’ कंपनी ने यह भी कहा कि इस मामले में विस्तृत ब्योरे की प्रतीक्षा है। सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया ने कहा कि विलय के लिये सीसीआई से मिली मंजूरी से उसे खुशी है। कंपनी ने कहा, ‘‘अब हमें विलय के बाद नई कंपनी शुरू करने के लिये अन्य नियामकीय मंजूरी का इंतजार है…।’’</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- </strong><a href="https://amritvichar.com/sebi-bans-gautam-thapar-for-five-years-fines-rs-30-15-crore-on-11-entities/">सेबी ने गौतम थापर पर पांच साल का लगाया प्रतिबंध,11 इकाइयों पर 30.15 करोड़ रुपये का जुर्माना</a></p>
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                                                            <category>Top News</category>
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                <pubDate>Tue, 04 Oct 2022 22:29:31 +0530</pubDate>
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                <title>अमेजन की याचिका पर एनसीएलएटी ने सीसीआई, फ्यूचर कूपन्स को जारी किए नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के हाल के आदेश को चुनौती देने वाली ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन की याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए सीसीआई और फ्यूचर कूपन्स को नोटिस जारी किए। सीसीआई ने अपने आदेश में फ्यूचर समूह की कंपनी फ्यूचर कूपन्स प्रालि (एफसीपीएल) के साथ …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/159435/nclat-issues-notices-to-cci-future-coupons-on-amazons-plea"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-01/amo...jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के हाल के आदेश को चुनौती देने वाली ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन की याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए सीसीआई और फ्यूचर कूपन्स को नोटिस जारी किए। सीसीआई ने अपने आदेश में फ्यूचर समूह की कंपनी फ्यूचर कूपन्स प्रालि (एफसीपीएल) के साथ सौदे को लेकर दी गयी दो साल से अधिक पुरानी मंजूरी को निलंबित कर दिया है।</p>
<p>अपीलीय न्यायाधिकरण ने सीसीआई और एफसीपीएल को अगले दस दिन के भीतर जवाब देने और अमेजन से इस पर प्रत्युत्तर देने को कहा है। एनसीएलएटी इस मामले पर अब दो फरवरी को सुनवाई करेगा। अमेजन की याचिका पर न्यायामूर्ति एम वेणुगोपाल और न्यायमूर्ति वी पी सिंह की दो सदस्यीय पीठ ने सुनवाई की।</p>
<p>प्रतिस्पर्धा आयोग ने पिछले महीने फ्यूचर रिटेल लि. की प्रवर्तक फ्यूचर कूपन्स प्राइवेट लि. में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने को लेकर अमेजन के सौदे को 2019 में दी गयी मंजूरी को निलंबित कर दिया था। साथ ही ई-वाणिज्य कंपनी पर 202 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। सीसीआई ने सौदे को निलंबित करते हुए कहा था कि अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी ने मंजूरी के लिये आवेदन देते समय सूचना को छिपाया।</p>
<p><strong>ये भी पढ़े-</strong></p>
<p class="post-title"><a href="https://amritvichar.com/covid-19-cases-increased-in-delhi-health-minister-satyendar-jain-released-the-death-figures/">दिल्ली में कोविड-19 के मामले बढ़े, स्वास्थ्य मंत्री ने जारी किए मौत के आंकड़े…</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Jan 2022 13:45:08 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>फेसबुक-व्हाट्सऐप को राहत, गोपनीयता नीति के मामले में जवाब दाखिल करने के लिए मिला समय</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की दो नोटिसों पर फेसबुक और व्हाट्सऐप की जवाब दाखिल करने की समय सीमा बढ़ा दी। आयोग ने त्वरित संदेश ऐप की नयी गोपनीयता नीति की जांच के आदेश दिये हैं। व्हाट्सऐप और फेसबुक ने सीसीआई के क्रमशः चार और आठ जून, 2021 …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/155359/facebook-whatsapp-got-time-to-file-reply-in-the-matter-of-relief-privacy-policy"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-01/facebook.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की दो नोटिसों पर फेसबुक और व्हाट्सऐप की जवाब दाखिल करने की समय सीमा बढ़ा दी। आयोग ने त्वरित संदेश ऐप की नयी गोपनीयता नीति की जांच के आदेश दिये हैं। व्हाट्सऐप और फेसबुक ने सीसीआई के क्रमशः चार और आठ जून, 2021 के नोटिस को चुनौती दी है, जिसमें उनसे जांच के उद्देश्य से कुछ जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने कहा कि डेटा संरक्षण विधेयक को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। इसके साथ ही इसने कार्यवाही 30 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी। दो-सदस्यीय पीठ एकल न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ फेसबुक और व्हाट्सऐप की अपील पर सुनवाई कर रही है।</p>
<p>एकल न्यायाधीश ने सीसीआई के आदेश के खिलाफ याचिकाओं को निरस्त कर दिया था। व्हाट्सऐप की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने दलील दी थी कि डेटा संरक्षण विधेयक संसद में पेश किया गया था और अदालत ने पहले 11 अक्टूबर, 2021 तक नोटिस का जवाब दाखिल करने का समय दिया था, लेकिन उसके बाद इसे बढ़ाया नहीं जा सका क्योंकि मामले की सुनवाई नहीं हो सकी।</p>
<p>सीसीआई की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अमन लेखी ने दलील दी कि डेटा संरक्षण विधेयक इस विवाद के लिए अ”प्रासंगिक” है और यह मामला ‘गोपनीयता’ से संबंधित नहीं है, बल्कि प्रतिस्पर्धा अधिनियम के प्रावधानों के दुरुपयोग से है। इस बीच, फेसबुक इंडिया के वकील ने दलील दी कि उन्होंने एक आवेदन दायर कर मामले में पक्षकार बनाने का अनुरोध किया है। हालांकि, अदालत ने उन्हें एक नई याचिका दायर करने का निर्देश दिया।</p>
<p><strong>ये भी पढ़े-</strong></p>
<p class="post-title"><a href="https://amritvichar.com/bulli-bai-case-mallikarjun-kharge-said-this-is-the-result-of-bjps-repeated-dehumanization-of-minorities/">बुल्ली बाई मामला: मल्लिकार्जुन खड़गे बोले- यह भाजपा के अल्पसंख्यकों के बार-बार अमानवीकरण का है परिणाम</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/155359/facebook-whatsapp-got-time-to-file-reply-in-the-matter-of-relief-privacy-policy</link>
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                <pubDate>Mon, 03 Jan 2022 17:36:05 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सीसीआई ने अदालत से कहा- गूगल की याचिका कार्रवाई को विफल करने का प्रयास है</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि गोपनीय जांच संबंधी सूचना के कथित तौर पर लीक के खिलाफ गूगल की याचिका पूरी तरह से गलत है और यह उसके द्वारा एंड्रायड स्मार्टफोन समझौतों से संबंधित कार्रवाई को विफल करने की कोशिश है। सीसीआई का प्रतिनिधित्व करते हुए …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/116373/cci-told-the-court-googles-petition-is-an-attempt-to-thwart-the-action"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-09/delhi-high-court-34.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि गोपनीय जांच संबंधी सूचना के कथित तौर पर लीक के खिलाफ गूगल की याचिका पूरी तरह से गलत है और यह उसके द्वारा एंड्रायड स्मार्टफोन समझौतों से संबंधित कार्रवाई को विफल करने की कोशिश है। सीसीआई का प्रतिनिधित्व करते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एन वेंकटरमन ने कहा कि आयोग गोपनीयता बनाए रखने के कानूनी दायित्व के साथ खड़ा है और स्पष्ट किया कि निकाय के तरफ से कोई चूक नहीं हुई।</p>
<p>एक सरकारी निकाय के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं और (गूगल के हलफनामे में) एक शब्द नहीं है कि ऐसा कब और कैसे किया गया… वे कार्यवाही को विफल करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर वे इससे नाराज हैं, तो उन्हें (मीडिया) के खिलाफ मुकदमा दायर करना चाहिए। वेंकटरमन ने कहा कि वे इस प्रक्रिया को विफल करना चाहते हैं। उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि गूगल के एक अधिकारी ने सीसीआई अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा कि हम आप पर मुकदमा करेंगे।</p>
<p>न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने कहा कि वह गूगल द्वारा सीधे प्राधिकरण से संपर्क करने को उचित नहीं मानती हैं। न्यायाधीश ने कहा कि अगर वह देश में काम करना चाहते हैं, तो उन्हें कानून जानना होगा। मैं इसकी सराहना नहीं करता.. अगर उन्हें अपने ऊपर पक्का भरोसा है, तो उन्हें रजिस्ट्रार (सीसीआई के) को पत्र लिखना चाहिए। गूगल का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कथित रूप से लीक की गई जानकारी केवल महानिदेशक के पास थी।</p>
<p>गूगल ने बृहस्पतिवार को सीसीआई द्वारा उसके खिलाफ की गई जांच की गोपनीय रिपोर्ट के लीक होने के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील की थी। पिछले हफ्ते आई रिपोर्टों में कहा गया था कि सीसीआई की जांच शाखा महानिदेशक ने पाया है कि एंड्रायड के संबंध में गूगल अनुचित व्यावसायिक प्रथाओं में शामिल है।</p>
<p>गूगल ने कहा कि हम इस बात से बहुत चिंतित हैं कि महानिदेशक की रिपोर्ट, जिसमें हमारे एक चालू मामले की गोपनीय जानकारी शामिल है, सीसीआई के पास से मीडिया में लीक हो गई। गूगल के एक प्रवक्ता ने बयान में कहा कि गोपनीय जानकारी की रक्षा करना किसी भी सरकारी जांच के लिए बुनियादी जरूरत है और हम आगे किसी भी गैरकानूनी खुलासे को रोकने के अपने कानूनी अधिकार का पालन कर रहे हैं। मामले की अगली सुनवाई 27 सितंबर को होगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़े-</strong></p>
<p class="post-title entry-title"><a href="https://amritvichar.com/center-said-in-court-twitter-appointed-officers-following-it-rules/">केंद्र ने अदालत में कहा- ट्वीटर ने आईटी नियमों का अनुपालन करते हुए की अधिकारियों की नियुक्ति</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/116373/cci-told-the-court-googles-petition-is-an-attempt-to-thwart-the-action</link>
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                <pubDate>Fri, 24 Sep 2021 16:16:07 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>गूगल ने गोपनीय रिपोर्ट के लीक होने पर सीसीआई के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। गूगल ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा उसके खिलाफ की गई जांच की गोपनीय रिपोर्ट के लीक होने के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील की है। गूगल ने एक बयान में कहा कि इस कवायद का मकसद सीसीआई की जांच शाखा को मिली किसी भी गोपनीय जानकारी …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/115977/google-appeals-in-delhi-high-court-against-cci-for-leak-of-confidential-report"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-09/google-1-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> गूगल ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा उसके खिलाफ की गई जांच की गोपनीय रिपोर्ट के लीक होने के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील की है। गूगल ने एक बयान में कहा कि इस कवायद का मकसद सीसीआई की जांच शाखा को मिली किसी भी गोपनीय जानकारी को गैरकानूनी रूप से बाहर आने से रोकना है। गूगल ने कहा कि उसे अभी तक यह गोपनीय रिपोर्ट नहीं मिली है।</p>
<p>प्रौद्योगिकी कंपनी ने आगे कहा, ”गूगल ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दायर कर इस मामले के समाधान की मांग की है और विशेष रूप से भरोसे के उल्लंघन पर आपत्ति जताई, जिससे गूगल और उसके सहयोगियों को नुकसान पहुंचाता है।” पिछले हफ्ते आई रिपोर्टों में कहा गया था कि सीसीआई की जांच शाखा महानिदेशक ने पाया है कि एंड्रायड के संबंध में गूगल अनुचित व्यावसायिक प्रथाओं में शामिल है।</p>
<p>गूगल ने कहा, ”हम इस बात से बहुत चिंतित हैं कि महानिदेशक की रिपोर्ट, जिसमें हमारे एक चालू मामले की गोपनीय जानकारी शामिल है, सीसीआई के पास से मीडिया में लीक हो गई।” गूगल के एक प्रवक्ता ने बयान में कहा, ”गोपनीय जानकारी की रक्षा करना किसी भी सरकारी जांच के लिए बुनियादी जरूरत है और हम आगे किसी भी गैरकानूनी खुलासे को रोकने के अपने कानूनी अधिकार का पालन कर रहे हैं।” प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी ने पूरी तरह से सहयोग किया और पूरी जांच प्रक्रिया में गोपनीयता बनाए रखी। प्रवक्ता ने कहा, ”हम उन संस्थानों से समान स्तर की गोपनीयता की उम्मीद करते हैं, जिनसे हम जुड़े हुए हैं।”</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/115977/google-appeals-in-delhi-high-court-against-cci-for-leak-of-confidential-report</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Sep 2021 16:06:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्रासिम इंडस्ट्रीज को लेकर बोला भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग- अपनी वर्चस्वपूर्ण स्थिति का दुरुपयोग किया</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने कहा है कि ग्रासिम इंडस्ट्रीज ने अपने ग्राहकों से भेदभावपूर्ण कीमत वसूल कर, बाजार तक पहुंच ना देकर और उन पर पूरक दायित्व थोपकर एक खास स्टेपल फाइबर की आपूर्ति में अपनी वर्चस्वपूर्ण स्थिति का दुरुपयोग किया है। छह अगस्त के एक आदेश के अनुसार, आयोग ने कंपनी …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/102945/competition-commission-of-india-said-about-grasim-industries-misused-its-dominant-position"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-08/cci1.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने कहा है कि ग्रासिम इंडस्ट्रीज ने अपने ग्राहकों से भेदभावपूर्ण कीमत वसूल कर, बाजार तक पहुंच ना देकर और उन पर पूरक दायित्व थोपकर एक खास स्टेपल फाइबर की आपूर्ति में अपनी वर्चस्वपूर्ण स्थिति का दुरुपयोग किया है। छह अगस्त के एक आदेश के अनुसार, आयोग ने कंपनी को ऐसे कामों में शामिल होना रोकने और बंद करने का निर्देश दिया, जिनसे प्रतिस्पर्धा अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है।</p>
<p>सीसीआई ने कहा कि कंपनी ने भारत में अपने ग्राहकों से भेदभावपूर्ण कीमत वसूल कर, बाजार तक पहुंच ना देकर और उन पर पूरक दायित्व थोपकर स्पिनरों (सूत कातने वाले) को वीएसएफ आपूर्ति के महत्वपूर्ण बाजार में अपनी वर्चस्वपूर्ण स्थिति का दुरुपयोग किया है। ग्रासिम इंडस्ट्रीज ने नौ अगस्त को दायर की गयी एक नियामकीय सूचना में कहा, हालांकि कंपनी को अभी तक उक्त आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन उसका मानना ​​​​है कि गुण दोष के आधार पर उसके पास अपील के लिए पर्याप्त आधार हैं।</p>
<p>नियामक ने यह देखते हुए कि मार्च 2020 में समान व्यवहार के संबंध में पारित एक आदेश के माध्यम से कंपनी पर पहले ही 301.61 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है, उसपर कोई वित्तीय जुर्माना नहीं लगाया। आयोग ने कहा कि ग्रासिम इंडस्ट्रीज देश में विस्कोस स्टेपल फाइबर (वीएसएफ) की एकमात्र उत्पादक है और भारत में स्पिनरों को इसकी आपूर्ति के महत्वपूर्ण बाजार में उसकी वर्चस्वपूर्ण स्थिति है। देश में स्पिनरों के लिए वीएसएफ का एकमात्र अन्य स्रोत आयात का माध्यम है, जो आर्थिक रूप से व्यवहार्य विकल्प नहीं है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/102945/competition-commission-of-india-said-about-grasim-industries-misused-its-dominant-position</link>
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                <pubDate>Thu, 12 Aug 2021 13:55:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Amazon और Flipkart को झटका, SC ने सरकारी जांच में हस्तक्षेप करने से किया इंकार</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने ई-कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों- एमेजन और फ्लिपकार्ट को बड़ा झटका देते हुए उनके खिलाफ भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की जांच में हस्तक्षेप से सोमवार को इंकार कर दिया। प्रतिस्पर्धा कानून के उल्लंघन के लिए इन दोनों कंपनियों के खिलाफ सीसीआई की जांच चल रही है। मुख्य न्यायाधीश एन वी …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/102075/shock-to-amazon-and-flipkart-sc-refuses-to-interfere-in-government-probe"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-08/filpkart.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> उच्चतम न्यायालय ने ई-कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों- एमेजन और फ्लिपकार्ट को बड़ा झटका देते हुए उनके खिलाफ भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की जांच में हस्तक्षेप से सोमवार को इंकार कर दिया। प्रतिस्पर्धा कानून के उल्लंघन के लिए इन दोनों कंपनियों के खिलाफ सीसीआई की जांच चल रही है।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश एन वी रमन, न्यायमूर्ति विनीत सरन और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की खंडपीठ ने इस मामले में कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया। हालांकि, न्यायालय ने दोनों कंपनियों को जांच में शामिल होने के लिए चार हफ्ते का समय दिया है।</p>
<p>दोनों कंपनियों ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उच्च न्यायालय ने गैर-प्रतिस्पर्धी कारोबार के लिए दोनों कंपनियों के खिलाफ सीसीआई द्वारा शुरू की गयी प्रारंभिक जांच (पीई) में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।</p>
<p>न्यायमूर्ति रमन ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की, “हमें (उच्च न्यायालय के) आदेश में हस्तक्षेप का कोई कारण नजर नहीं आता। (जांच में शामिल होने का) समय आज (नौ अगस्त) को समाप्त होने को ध्यान में रखते हुए हम चार सप्ताह की अवधि बढ़ा रहे हैं।</p>
<p>हमें अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी बड़ी कंपनियों से अपेक्षा करते हैं कि वह स्वेच्छा से जांच में शामिल हों।” वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम ने अमेजन की ओर से दलीलें पेश की, जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने फ्लिपकार्ट का पक्ष रखा। सीसीआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए।</p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Aug 2021 16:38:58 +0530</pubDate>
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