1. वारी चोरा, मेघालय

वारी चोरा एक छोटी घाटी है जिसमें ऊंचे घाटियों के बीच में एक पहाड़ी नदी बहती है। स्थानीय गारो बोली में, " वारी " का अनुवाद " नदी " में किया जाता है । वारी चोरा का अर्थ कुछ हद तक गहरी नदी होता है।

2. शिलांग, मेघालय

मेघालय की राजधानी शिलांग को ‘उत्तर पूर्व का स्कॉटलैंड’ भी कहा जाता है। यहां बारह महीने शानदार मौसम रहता है। यहां के पहाड़ और खूबसूरत हरियाली की वजह यहां का मौसम ऑसम रहता है। यहां स्थित शिलांग पीक, लेडी हैदरी पार्क, कैलांग रॉक, वार्डस झील और मीठा झरना देख सकते हैं।

3. चेरापूंजी, मेघालय

यहां के प्रमुख आकर्षणों में है ‘नोहकालकाई झरना’। जिसकी ऊंचाई लगभग 1100 फीट है। यह भारत का सबसे ऊंचा झरना है। इसके अलावा चेरापूंजी में एक 200 फीट की अखंड चट्टान से बनी विशाल संरचना है, जो पलटी हुई टोकरी जैसी लगती है। पहाड़ियों और मैदान के बीच खड़ी यह चट्टान देखने वालों के लिए आश्चर्य का विषय है। बताते चलें कि चेरापूंजी का नाम बदलकर अब सोहरा कर दिया गया है।

4. नाथू ला पास, सिक्किम

नाथू ला पास पर ट्रैकिंग नार्थ ईस्ट टूरिज़्म के प्रमुख आकर्षणों में से एक है क्योंकि यह हर उस यात्री को एक स्फूर्तिदायक आनंद दे जाता है जो इसका अनुभव करते हैं। कहते हैं कि यहां पहाड़ों को महसूस किया जा सकता है। साथ ही यह जगह बेस्ट इको पॉइंट के लिए भी जानी जाती है।

5. दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल

सिक्किम की तरह ही दार्जिलिंग भी पड़ाहों और घने जंगलों से घिरा हिल स्टेशन है। दार्जिलिंग में आप टी एस्टेट (चाय के बगान), मोनेस्ट्री, बतासिया गार्डन, कंचनजंगा व्यू पॉइंट, महाकाल मंदिर, तेनजिंग रॉक, रोप वे और दुनिया का 14वां और भारत का सबसे ऊंचाई पर मौजूद घूम रेलवे स्टेशन देख सकते हैं। दार्जिलिंग से आप कुसॉन्ग और भारत-नेपाल का बार्डर मिरिक भी देख सकते हैं।