यह मंदिर गुजरात के द्वारका में स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। द्वारका से इस मंदिर की दूरी 17 मील है। मान्यता है कि भगवान शिव को नागों के देवता के समान माना जाता है।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर में होने वाली भस्म आरती विश्व भर में प्रसिद्ध है। ऐसे में सावन इस मंदिर के दर्शन के लिए एक बार जरूर जाएं।
यह मंदिर वाराणसी में स्थित है, जो भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। माना जाता है कि काशी भगवान शिव के त्रिशूल पर टिकी हुई है।
यह झारखंड के संथाल परगना में स्थित है। धार्मिक पुराणों को चिताभूमि के रूप में होती है। मान्यता ये भी है कि इस मंदिर का जुड़ाव रावण से है।
इस ज्योतिर्लिंग को 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। मान्यता ये भी है कि ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने से ब्रह्म हत्या जैसे पाप धुल जाते हैं।
यह उत्तराखंड के हिमालय की गोद में स्थित है। इसका निर्माण कत्यूरी शैली पत्थरों से बना है।
यह मंदिर गुजरात के सौराष्ट्र में स्थित अरब सागर के तट पर स्थित है। सोमनाथ में पवित्र कुंड है जिसे पापनाशक तीर्थ कहा जाता है।
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