1- अध्ययन

मोनाश विश्वविद्यालय ने आनुवांशिक मॉडल का इस्तेमाल कर एक अध्ययन किया है, जिसमें पाया गया है कि अपनी गर्भावस्था की शुरुआत में सेब और जड़ी-बूटियों का सेवन करने वाली महिलाएं अपने बच्चों व पोते-पोतियों के मस्तिष्क के स्वास्थ्य की रक्षा कर सकती हैं।

2- अध्ययन मे पाया गया

अध्ययन में पाया गया कि एक गर्भवती महिला का आहार ना केवल उसके बच्चे के बल्कि उसके पोते-पोतियों के मस्तिष्क को भी प्रभावित कर सकता है।

3- सेब और जड़ी-बूटिया

अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि सेब और जड़ी-बूटियों जैसे तुलसी, गुलमेंहदी (रोजमेरी), अजवायन और तेजपात में मौजूद एक निश्चित अणु ने मस्तिष्क को ठीक से काम करने में मदद की।

4- वरिष्ठ प्रोफेसर ने कहा

किसी समस्या के कारण तंत्रिका कोशिकाएं ‘एक्सॉन’ कमजोर हो जाती हैं, तो मस्तिष्क की शिथिलता और ‘न्यूरोडीजेनेरेशन’ की समस्या पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम ने एक कमजोर ‘एक्सॉन’ वाले आनुवंशिक मॉडल का उपयोग किया जो जानवरों की उम्र बढ़ने के साथ टूट जाते हैं।