1- फास्टैग

भारत में लगातार एक्सप्रेस-वे और हाइवे बेहतर होते जा रहे है इस के साथ ही फास्टैग का उपयोग भी बढ़ रहा है। लेकिन कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें फास्टैग में बैलेंस कम होने के बाद टोल पर परेशानी होती है। जिसके कारण टोल पर लंबी लाइन लग जाती है।

2- फास्टैग में कम बैलेंस

फास्टैग में बैलेंस कम होने पर अगर टोल पर पहुंचते हैं तो कई बार फास्टैग ब्लैकलिस्ट हो जाता है। जिससे वाहन सवार को परेशानी होती है। कई बार ऐसा होने पर समय भी खराब होता है और इसके साथ ही टोलकर्मियों की ओर से दो गुना टोल वसूला जाता है।

3- ऐसे काम करता है फास्टैग

फास्टैग को बैंक के साथ लिंक कराना पड़ता है वहीं कुछ फास्टैग को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से रिचार्ज किया जाता है। जिसके बाद RFID के उपयोग से टोल टैक्स पर फास्टैग से पेमेंट हो जाती है।