ज्यादा बैठने दे सकता है नुकसान

जो लोग बहुत अधिक बैठते हैं उनमें टाइप 2 मधुमेह, हृदय रोग और कुछ प्रकार के कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के विकसित होने और उनका जीवन कम होने की आशंका बढ़ जाती है। लंबे समय तक बैठे रहने से मांसपेशियों, हड्डियों में, खासकर गर्दन और पीठ में दर्द संबंधी शिकायत बढ़ जाती है। उन लोगों को अधिक बैठने से और भी ज्यादा नुकसान हो सकता है जो बहुत कम व्यायाम करते हैं या एक मानक स्तर तक शारीरिक गतिविधियां नहीं करते।

2- लंबे समय तक खड़े रहना भी हानिकारक है

लंबे समय तक खड़े रहना मस्कुलोस्केलेटल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। लंबे समय तक खड़े रहने से मांसपेशियों में थकान, पैरों में सूजन, नसों में समस्या और पीठ के निचले हिस्से और कूल्हों, घुटनों, टखनों तथा पैरों में दर्द और परेशानी जैसे लक्षण हो सकते हैं। हाल के शोध से पता चलता है कि एक बार में लगातार खड़े होने की समय-सीमा लगभग 40 मिनट निर्धारित करने से देर तक खड़े रहने से मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होने की संभावना कम हो जाएगी।

3- लंबे समय तक बैठने के बीच विश्राम लें

बैठे-बैठे काफी समय होने पर बीच में खड़े होने या आसपास चहलकदमी करने से आपके शरीर में रक्तप्रवाह, हृदय की सेहत, मानसिक सेहत और जीवन की अवधि बढ़ सकती है। मॉडलिंग अध्ययनों से पता चलता है कि प्रतिदिन एक घंटे बैठने की जगह एक घंटे खड़े रहने से मोटापा, वसा और कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार होता है। जब बैठने की जगह टहला जाए या मध्यम से लेकर कठिन गतिविधियां की जाएं तो फायदा अधिक होगा।

4- ‘सिट-स्टैंड’ डेस्क से जुड़े साक्ष्य

‘सिट-स्टैंड’ डेस्क, डेस्क से जुड़े काम करने वाले कर्मियों के बीच कार्यदिवस के दौरान बैठने के समय को प्रभावी ढंग से कम कर सकती हैं। ‘सिट-स्टैंड’ डेस्क उपयोगकर्ता लंबे समय तक खड़े रहने के बजाय बैठने और खड़े होने की मुद्राओं को बदलते रहना पसंद करते हैं। हालांकि, खड़े होकर काम करने की नई आदत विकसित करने की सबकी अपनी क्षमता हो सकती है और कई लोग एक समय बाद देर तक बैठकर काम करने के अपने पिछले तरीके पर लौट आते हैं।