1- बैटरी के लिए योजना

केंद्रीय बिजली मंत्री आर के सिंह ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में बैटरी के लिये एक और उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना लाने पर विचार कर रही है। इसका मकसद बैटरी की लागत में कमी लाकर इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है।

2- OMI Foundation

सिंह ने यहां ओएमआई फाउंडेशन के 'ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) रेडी इंडिया डैशबोर्ड' कार्यक्रम में कहा, ‘‘हम भंडारण मात्रा या बैटरी संख्या बढ़ाने के लिये एक और पीएलआई योजना लेकर आ रहे हैं।’’ नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का भी दायित्व संभालने वाले सिंह ने कहा कि बैटरी की मात्रा बढ़ने के साथ भंडारण की कीमत में भी कमी आएगी। भंडारण की कीमत तभी कम होगी जब मात्रा बढ़ाएंगे। यही कारण है कि भंडारण के लिये उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना है।

3- कम दूरी तक सफर कर पाने की क्षमता

उन्होंने कहा कि उच्च लागत और ईवी के कम दूरी तक सफर कर पाने की क्षमता इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने के रास्ते में कुछ प्रमुख मुद्दे हैं। सरकार ने मई 2021 में 18,100 करोड़ रुपये के अनुमानित व्यय के साथ उन्नत रसायन सेल (एसीसी) बैटरी के विनिर्माण के लिये पीएलआई योजना को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य 45,000 करोड़ रुपये के विदेशी और घरेलू निवेश को आकर्षित करना था।

4- 50 हजार मेगावाट क्षमता

इस योजना का मकसद बैटरी भंडारण के क्षेत्र में 50 हजार मेगावाट क्षमता सृजित करना है। मंत्री ने कहा, ‘‘एक देश के रूप में हमारे लिए इलेक्ट्रिक परिवहन व्यवस्था को अपनाना काफी महत्वपूर्ण है। एक शक्ति (अर्थव्यवस्था) के रूप में उभरने की एक शर्त यह है कि आप ऊर्जा पर आश्रित नहीं हो सकते। यह इलेक्ट्रिक वाहन की ओर बढ़ने का हमारा प्राथमिक कारण है।’’ उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने से देश में कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।